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श्रीलंकाई नौसेना ने विशेष अभियान के तहत 11 भारतीय मछुआरों को अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में किया गिरफ्तार

कोलंबो श्रीलंकाई नौसेना ने गुरुवार को विशेष अभियान के तहत उत्तरी क्षेत्र में डेल्फ़्ट द्वीप के समीप 11 भारतीय मछुआरों को कथित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया और उनकी ट्रॉलर को जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए मछुआरों को कांकासनथुराई बंदरगाह लाया गया है, जहां उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए मैलाडी के मत्स्य निरीक्षक को सौंपा जाएगा। श्रीलंकाई नौसेना नियमित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों पर नजर रखती है और इस तरह की कार्रवाइयां करती है। मछुआरों की समस्या भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों के बीच समुद्री सीमा का उल्लंघन एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। पाक जलडमरूमध्य, जो तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करता है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए समृद्ध मछली पकड़ने का क्षेत्र है। अक्सर, मछुआरे अनजाने में एक-दूसरे के जलक्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गिरफ्तारियाँ और नौकाओं की जब्ती होती है। अतीत को कुछ घटनाएं हाल ही में, श्रीलंकाई नौसेना ने जनवरी 2025 में 8 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था और उनकी दो नौकाएँ जब्त की थीं। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में, श्रीलंकाई अधिकारियों ने इस वर्ष अब तक 537 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने की सूचना दी थी। भारतीय उच्चायोग ने इन मछुआरों की शीघ्र रिहाई का आग्रह किया था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया था। मछुआरों का यह मुद्दा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण बना हुआ है, और इसे सुलझाने के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है वॉकिंग, लेकिन न करें ये गलतियां

वॉकिंग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में मदद करता है, बल्कि दिल की सेहत, मेंटल हेल्थ और ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है । हालांकि, अगर वॉक करते समय कुछ गलतियां की जाएं, तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर दिल के लिए। आइए जानते हैं ऐसी 8 गलतियों  के बारे में जो वॉक करते वक्त दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बहुत तेज या बहुत धीमी गति से चलना वॉक करते समय स्पीड का सही होना जरूरी है। बहुत धीमी गति से चलने पर शरीर की सही तरीके से एक्सरसाइज नहीं हो पाती है, जबकि अचानक बहुत तेज चलने से हार्ट रेट बढ़ सकता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ सकता है। वॉक करने की सही स्पीड वह है, जिसमें आप आराम से बात कर सकें, लेकिन गाना न गा पाएं। वॉर्म-अप और कूल-डाउन न करना बिना वॉर्म-अप के अचानक तेज चलना शुरू करने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है। इसी तरह, वॉक खत्म करने के बाद अचानक रुक जाने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इसलिए वॉक करने से पहले और बाद में 5-10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या धीमी वॉकिंग जरूर करें। गलत पोश्चर में चलना झुककर या गलत तरीके से चलने से रेस्पिरेशन पर असर पड़ता है, जिससे दिल तक भरपूर ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता। सीधे खड़े होकर, कंधे ढीले रखते हुए और हाथों को स्विंग करते हुए चलें। सही मात्रा में पानी न पीना डिहाइड्रेशन ब्लड को गाढ़ा बना देता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वॉक से पहले, बीच में और बाद में पानी पीते रहें, खासकर गर्मियों में। भारी नाश्ता करके चलना वॉक से ठीक पहले हैवी या तला-भुना खाने से पाचन तंत्र पर जोर पड़ता है और दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है। हल्का और पौष्टिक नाश्ता लें, जैसे फल या ड्राई फ्रूट्स।  प्रदूषण भरे इलाके में वॉक करना धूल-प्रदूषण या ट्रैफिक वाली सड़क पर वॉक करने से फेफड़ों और दिल पर बुरा असर पड़ता है। हमेशा हरियाली वाली जगहों पर ही वॉक करें, जहां आस-पास धूल और धुआं कम हो। ओवरएक्सर्ट करना अगर आपको सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या सीने में दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। जरूरत से ज्यादा वॉक करना दिल के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट डिजीज वालों के लिए। नियमितता न बनाए रखना कभी-कभार लंबी वॉक करने के बजाय रोजाना 30-40 मिनट की नियमित रूप से वॉक करें। अनियमित वॉकिंग से दिल की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।

नवरात्र व्रत में मखाना खाने से शरीर में बनी रहेगी एनर्जी

इस बार 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हाे रहा है। इसका समापन 6 अप्रैल को होगा। नवरात्र में 9 दि‍नों तक मां दुर्गा के व‍िभ‍िन्‍न स्‍वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र व्रत में खानपान का व‍िशेष ध्‍यान रखने की सलाह दी जाती है ताक‍ि शरीर में एनर्जी बनी रहे। आपको कमजोरी भी महसूस न हो। वैसे तो व्रत में कई तरह की चीजें खाई जाती हैं। इनमें आलू, साबूदाना, कुट्टू के आटे की पूड़ी, हरी सब्‍ज‍ियां और फल-मेवे शाम‍िल होते हैं। उन्‍हीं में से मखाना भी एक है। यह एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो आपको पूरे द‍िन तरोताजा रखेगा। आपके शरीर में एनर्जी की कमी नहीं होने देगा। अगर आप इसे व्रत के दौरान खाते हैं तो इससे आपको कुछ और खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल व्रत के दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसे मखाना आसानी से पूरा कर सकता है। आइए जानते हैं व्रत में मखाना खाने से सेहत को क्‍या फायदे म‍िल सकते हैं। मखाने में भरपूर पोषण मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है और व्रत के दौरान कमजोरी महसूस नहीं होने देता है। इसके अलावा इसे पचाना भी बेहद आसान होता है। लंबे समय तक बनी रहेगी एनर्जी व्रत में अक्सर एनर्जी डाउन होने से कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में मखाना आपको ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है और शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। डाइजेशन को रखे दुरुस्‍त व्रत के दि‍नों में अक्सर पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, लेकिन मखाने में मौजूद फाइबर पेट को स्वस्थ रखता है। यह कब्ज और अपच की समस्या को दूर करता है। हड्डियों को बनाए मजबूत मखाने में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। व्रत में ज्‍यादातर कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन कम हो जाता है, ऐसे में मखाना हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद करते हैं। द‍िल को रखे सेहतमंद मखाने में कोलेस्ट्रॉल, सोडियम और फैट की मात्रा कम होती है, जिससे यह द‍िल के ल‍िए बेहतरीन दवा का काम करता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को स्वस्थ बनाए रखता है। ऐसे डाइट में शाम‍िल करें मखाना     रोस्टेड मखाना     मखाने की खीर     मखाने का चिवड़ा     सिंपल स्नैक  

गुजरात से हैरान करने वाला मामला, 40 छात्रों ने ब्लेड से काटे हाथ

गुजरात गुजरात से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गुजरात के एक प्राइमरी स्कूल में 40 छात्रों ने ब्लेड से अपने हाथ काट लिए। पांचवीं से आठवीं कक्षा के 40 छात्रों के हाथों पर ब्लेड से बने जख्मों के निशान मिले। घटना से स्कूल और गांव में अफरा-तफरी मच गई। अभिभावकों ने इसकी ग्राम पंचायत में शिकायत दर्ज की और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल गुजरात के अमरेली जिले के मुंजियासर प्राथमिक स्कूल में 40 छात्रों के हाथ पर कटे का निशाना मिला था। बच्चों के हाथ ब्लेड से काटे गए थे। सभी बच्चे पांचवीं से आठवीं कक्षा के छात्र हैं। सामूहिक रूप से बच्चों के हाथ ब्लेड से कटने का मामला सामने आने के बाद स्कूल और गांव में अफरा-तफरी मच गई। नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन जवाब न मिलने पर उन्होंने ग्राम पंचायत में शिकायत दर्ज की और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए धारी के सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) जयवीर गढ़वी ने स्कूल पहुंचे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और बच्चों से पूछताछ कर घटना का सच उजागर किया। ASP ने खुलासा किया कि बच्चों ने Truth and Dare खेल के खुद के हाथ ब्लेड से काटे थे। ASP ने खुलासा किया कि सातवीं कक्षा के एक छात्र ने खेल के दौरान दूसरों को चुनौती दी कि जो अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाएगा, उसे 10 रुपए मिलेंगे। जो ऐसा नहीं करेगा, उसे 5 रुपए देने होंगे। इस चुनौती के चलते 40 से अधिक बच्चों ने पेंसिल शार्पनर की ब्लेड से अपने हाथों पर निशान बना लिए। इसकी सूचना जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DPEO) को दी गई है। मामले की जांच जारी पुलिस ने साफ किया कि यह घटना Truth and Dare खेल से संबंधित है, न कि किसी ऑनलाइन गेम से। बच्चों ने खेल के दौरान एक-दूसरे के हाथों पर शार्पनर की ब्लेड से निशान बनाए। अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्कूल प्रशासन ने दी थी हिदायत जांच से यह भी पता चला कि स्कूल प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने पर बच्चों को घर पर कुछ न बताने की सख्त हिदायत दी थी। उन्हें कहा गया कि अगर कोई हाथ के निशानों के बारे में पूछे, तो कह दें कि खेलते समय गिरने से चोट लगी। हालांकि, एक अभिभावक को सच का पता चल गया और उसने स्कूल में जाकर पूछताछ की। इसके बाद प्रशासन ने अभिभावकों के साथ बैठक बुलाई।

हाथों पर रचाएं खूबसूरत मेहंदी

नई दिल्ली चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक पवित्र त्योहार है, जो नए साल और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। नवरात्रि के मौके पर महिलाएं और लड़कियां मेहंदी लगाना बहुत पसंद करती हैं। मेहंदी न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। मेहंदी को सोलह शृंगार का अहम हिस्सा है। इसलिए सुहागन महिलाएं नवरात्रि पर खासतौर से मेहंदी लगाती हैं। अगर आप भी इस चैत्र नवरात्रि पर मेहंदी लगाना चाहती हैं, तो हम यहां कुछ खास मेहंदी डिजाइन बता रहे हैं, जो इस खास मौके के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी दुर्गा से जुड़े प्रतीकों वाली मेहंदी लगाना बहुत शुभ माना जाता है। आप अपने हाथों पर स्वास्तिक, कलश, त्रिशूल या दुर्गा मां की आकृति बना सकती हैं। इन डिजाइन्स को हथेली के बीचों-बीच या उंगलियों पर उकेरा जा सकता है। फूल-पत्तियों वाली ट्रेडिशनल मेहंदी पारंपरिक भारतीय मेहंदी में फूल, पत्तियां और जालीदार पैटर्न बहुत लोकप्रिय हैं। चैत्र नवरात्रि पर आप गुलाब, कमल या मोगरे के फूलों की डिजाइन चुन सकती हैं। इन्हें हाथों और पैरों पर बेहद खूबसूरती से उकेरा जा सकता है। मांडला पैटर्न अगर आप मॉडर्न और यूनिक मेहंदी पसंद करती हैं, तो मांडला (Mandala) डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। ये डिजाइन हाथों पर बेहद खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देते हैं। पंखुड़ियों वाली मेहंदी चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में मनाई जाती है, इसलिए फूलों और पंखुड़ियों से जुड़ी मेहंदी डिजाइन बिल्कुल सही रहेगी। आप अपनी उंगलियों पर छोटी-छोटी पंखुड़ियां बनवा सकती हैं या हथेली पर एक बड़ा फूल डिजाइन करवा सकती हैं। ओम और मंत्रों वाली मेहंदी धार्मिक महत्व वाली मेहंदी में आप “ओम नमः शिवाय”, “दुर्गा माता की जय” या अन्य मंत्रों को शामिल कर सकती हैं। इन्हें सुंदर कैलिग्राफी के साथ हाथों पर उकेरा जा सकता है। पीकॉक (मोर) डिजाइन मोर भारतीय संस्कृति में सौंदर्य और अनुग्रह का प्रतीक है। नवरात्रि पर मोर की आकृति वाली मेहंदी लगाना बहुत लकी माना जाता है। आप मोर के पंखों को हथेली या हाथ के पिछले हिस्से पर बनवा सकती हैं। मिनिमलिस्टिक मेहंदी अगर आप साधारण पर स्टाइलिश मेहंदी पसंद करती हैं, तो मिनिमल डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें छोटे-छोटे फूल, बेल-बूटे या डॉट्स शामिल हो सकते हैं। यह डिजाइन कामकाजी महिलाओं के लिए भी बिल्कुल सही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बनाया , महादेव सट्टा खिलाने वालों को मोदी और शाह का संरक्षण

 रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई छापे पर कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया कि जो महादेव सट्टा खिलाने के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उसके घर सीबीआई का छापा पड़ेगा. महादेव सट्टा खिलाने वाले सभी को मोदी और शाह का संरक्षण प्राप्त है. मामले में वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे. महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, महामंत्री मल्कित सिंह गैदू, पूर्व मंत्री शिव डहरिया, पूर्व विधायक सत्य नारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के साथ प्रेस वार्ता के जरिए अपना पक्ष रखा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कल पूरे देश में सीबीआई का छापा पड़ा. इसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे के रूप में देखा जा सकता है. पहली बार 2018 में एसपी-कलेक्टर कांफ्रेंस में मैंने निर्देश दिया कि कार्रवाई होनी चाहिए. कारवाई में 200 से अधिक गिरफ्तारियों हुई, 2000 से अधिक खाते सील हुए, गैजेट्स जब्त हुए. 2020 में बने कानून को मार्च 2022 में कड़ा किया गया. बड़े बदलाव किए गए, ऑनलाइन बेटिंग को भी कानून के दायरे में लाया गया. जुआ-सट्टा को रोकने का उद्देश्य था. उन्होंने कहा कि महादेव एप मामले में कार्रवाई कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में जब्ती और गिरफ़्तारियां की. छह महीने बाद ईडी ने इंटरफेयर किया, कुछ गिरफ्तारियां हुई. इसे रवि उपल और सौरभ चंद्राकर दुबई से संचालित कर रहे थे, लेकिन आज तक इनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई. हमने भारत सरकार को इनकी गिरफ़्तारी के लिए पत्र लिखा. ऑनलाइन बेटिंग के लिए गूगल को राज्य सरकार ने पत्र लिखा, गूगल ने एप हटाया भी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बीच शुभम सोनी प्रकट हुआ, उसका वीडियो जारी हुआ. लेकिन पुलिस ने नहीं, बीजेपी ने उसका वीडियो जारी किया. वीडियो में शुभम सोनी ने कहा मैं इसका मालिक हूं. असीम दास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक ड्राइवर के घर से, जो राशन कार्ड से अनाज लेता है, करोड़ों रुपए मिले. इसे क्या कहा जाए पूर्व मंत्री बीजेपी के बड़े नेता की गाड़ी. कुछ दिन पहले बीजेपी के नेता ने सीबीआई के डायरेक्टर को चिट्ठी लिखी, जिसकी लिखावट सीबीआई की लगती है. भूपेश बघेल ने कहा कि जब से सरकार बदली है, तब से सट्टे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई. सीबीआई को सौंपने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है. गृह मंत्री को हमने कहा कि दुबई से लोगों को गिरफ्तार करके लाया जाए, लेकिन इन्हें राजनीति करनी है. बीते हफ्ते में दुबई से गिरफ़्तार कर छत्तीसगढ़ लाने का दावा किया गया था, लेकिन आरटीआई से पता चला कि ऐसी कोई गिरफ़्तारी की जानकारी नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नई सरकार बनी है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सीबीआई को सौंपने के बाद से अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है. इसका मतलब सरकार प्रोटेक्शन मनी ले रही है. प्रदीप मिश्रा अभी छत्तीसगढ़ में हैं, उनसे मामले में पूछताछ क्यों नहीं होती. इतने सेलिब्रिटी उनके कार्यक्रम में गये थे, उनसे पूछताछ क्यों नहीं हो रही है. हमने कानून बनाया, कार्रवाई की, अब ये कार्रवाई करने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि हमने ईडी-सीबीआई को पूरी तरह सहयोग किया. कल एक भी महिला अफसर घर पर नहीं थीं. 9.15 बजे रात को अधिकारी निकले. मेरे घर में पत्नी, बहू, बेटियाँ हैं, एक भी महिला अफसर मौजूद नहीं थे. बिना महिला पुलिस अधिकारी के बहू-बेटे के घर में जाँच की गई. हम पत्र लिखेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विष्णुदेव जी को सत्ता की कितनी लत है. हसदेव कट गया, केडिया फैक्ट्री से बैन हैट गया. पॉवर प्लांट यहां लगेंगे. सत्ता का लत, सरकार आने से पहले ही उन्हें लग गई है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि महादेव सट्टा कब बंद कर रहे है. वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे.

शैम्पू करने से पहले जान ले आपके बालों के लिए क्या है सही

कहीं ऐसा तो नहीं कि आप हर दिन शैम्पू करके अपने बालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, या फिर हफ्ते में सिर्फ एक बार शैम्पू करने से आपके बाल ज्यादा गंदे और कमजोर हो रहे हैं? बालों की सही देखभाल हर किसी के लिए जरूरी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत शैम्पू रूटीन की वजह से बाल कमजोर, रूखे और डैमेज हो सकते हैं? कई लोग सोचते हैं कि रोजाना शैम्पू करने से स्कैल्प क्लीन और हेल्दी रहती है, जबकि कुछ का मानना है कि अक्सर शैम्पू करने से बालों की नेचुरल नमी खत्म हो जाती है। लेकिन असल में सच क्या है? क्या आपके बालों को रोजाना धोना चाहिए या हफ्ते में एक-दो बार शैम्पू करना ही सही रहेगा? इसका जवाब आपके हेयर टाइप, लाइफस्टाइल और स्कैल्प की जरूरत पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके बालों के लिए कौन-सा तरीका ज्यादा सही रहेगा और बाल धोने का सही नियम क्या है । क्या रोजाना शैम्पू करना सही है? अगर आपको लगता है कि रोजाना शैम्पू करने से बाल हेल्दी और मजबूत रहेंगे, तो यह पूरी तरह सही नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों को रोजाना शैम्पू की जरूरत होती है, खासकर जिनकी स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली होती है या जो हर दिन जिम जाते हैं, लेकिन अगर आपके बाल पहले से ही कमजोर और ड्राई हैं, तो रोजाना शैम्पू करने से वे और ज्यादा रूखे और बेजान हो सकते हैं।     ऑयली स्कैल्प को क्लीन रखता है: जिन लोगों के बाल बहुत जल्दी ग्रीसी हो जाते हैं, उन्हें रोजाना शैम्पू करने से फायदा हो सकता है।     पसीने और धूल-मिट्टी को हटाता है: अगर आप रोजाना बाहर जाते हैं, तो शैम्पू करने से बालों में जमी गंदगी साफ हो जाती है।     फ्रेश और हेल्दी फील होता है: हर दिन बाल धोने से स्कैल्प साफ रहती है और बाल हेल्दी दिखते हैं। रोजाना शैम्पू करने के नुकसान     बालों की नेचुरल नमी खत्म हो सकती है, जिससे ड्रायनेस और हेयर फॉल बढ़ सकता है।     रोज शैम्पू करने से स्कैल्प ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस कर सकती है, जिससे बाल जल्दी ग्रीसी लग सकते हैं।     अगर हार्श केमिकल वाला शैम्पू यूज कर रहे हैं, तो बाल जल्दी डैमेज हो सकते हैं। किन लोगों को रोजाना शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ऑयली स्कैल्प वाले लोग     जिम जाने वाले या ज्यादा पसीना आने वाले लोग     धूल-मिट्टी में ज्यादा रहने वाले लोग हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के फायदे अगर आपके बाल ड्राई, घुंघराले या ज्यादा डैमेज हो चुके हैं, तो रोजाना शैम्पू करना आपके बालों के लिए सही नहीं है। कम शैम्पू करने से स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।     बालों की नैचुरल नमी बनी रहती है, जिससे वे हेल्दी और चमकदार दिखते हैं।     हेयर फॉल कम होता है, क्योंकि बार-बार शैम्पू करने से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।     बालों की ग्रोथ बेहतर होती है, क्योंकि स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं।     अगर बाल कलर-ट्रीटेड हैं, तो उनका रंग ज्यादा दिनों तक टिकता है। हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के नुकसान     अगर स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली है, तो हफ्ते में एक बार शैम्पू करना काफी नहीं होगा।     धूल-मिट्टी और पसीना जमा होने से स्कैल्प में डैंड्रफ और खुजली हो सकती है।     अगर बाल जल्दी गंदे हो जाते हैं, तो कम शैम्पू करने से वे चिपचिपे और बेजान लग सकते हैं। किन लोगों को हफ्ते में एक बार शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ड्राई और घुंघराले बाल वाले लोग     पतले और जल्दी टूटने वाले बालों वाले लोग     कलर किए हुए या केमिकल ट्रीटमेंट वाले बाल आखिर कौन-सा तरीका सही है?     अगर आपके बाल बहुत ऑयली हैं, तो हर दूसरे दिन हल्का शैम्पू करें।     अगर बाल ड्राई और डैमेज्ड हैं, तो हफ्ते में 1-2 बार ही शैम्पू करें।     हमेशा सल्फेट-फ्री और माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें, ताकि बालों की नमी बनी रहे।     शैम्पू के साथ कंडीशनर और हेयर ऑयलिंग को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।  

ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर दे कर 19 लाख रुपए ठगे

  बिलासपुर आप Telegram डाउनलोड कर लीजिए… आपको इससे फायदा होगा… अगर आपसे भी कोई लड़की ये बात कहे तो जरा सावधान हो जाइयेगा… क्योंकि ऐसे ही झांसे में आकर आकर छत्तीसगढ़ के युवक के साथ जो हुआ वो आपको जानना जरूरी है. ऑनलाइन जॉब के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर बिलासपुर के युवक से 19 लाख 38 हजार 731 रुपए ऑनलाइन जमा करवा लिया. इसके बाद पीड़ित को कोई मुनाफा नहीं दिया गया और न ही जमा पैसे को वापस किया गया. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज किया है.  बिलासपुर के सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक शुभम विहार निवासी उत्तम सिंह श्रोवाणी पिता स्व. फिरत राम (45) के मोबाइल पर 23 फरवरी को ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर मैसेज आया. मैसेज करने वाली ने अपना नाम पार्वती, वर्तमान निवास मुंबई, मूल निवासी कोची (केरल) बताया. अपनी कंपनी का नाम रेडफाइन जिसे अमेरिका की रियल एस्टेट कंपनी होने का दावा किया. कंपनी का भारत में कारोबार रेंट डॉट कॉम के माध्यम से ऑनलाइन होना बताया गया, जिसमें एक दिन में किराए के केवल 75 मकानों को रिव्यु देने की बात की गई. 10 हजार रुपए लगाकर रोजाना 3 हजार रुपए प्रेफिट का लालच दिया. इसके बाद पीड़ित उत्तम सिंह ने 7 मार्च से 9 मार्च 25 की अवधि में 4 किश्तों में 51 हजार 241 रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा साझा किया. कंपनी की तरफ से 3 किश्तों में 70 हजार 817 रूपए का भुगतान उसी दिन कार्य समाप्ति पर मेरे बैंक खाते में कर दिया गया था. 10 अक्टूबर को कंपनी का एनिवर्सरी बताया गया और कार्य शुरू करने के लिए न्यूनतम 1 लाख रुपये जमा करना अनिवार्य बताया गया. साथ ही ज्यादा प्रफिट मिलने का लालच दिया गया. कार्य करने के लिए सुरक्षा का हवाला देकर वेबसाइट का अलग अलग लिंक समय समय पर दिया जाता था. पीड़ित युवक ने 10 मार्च 25 को 1 लाख रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा दिए गए बैंक खाता में जमा कर ऑनलाइन कार्य प्रारंभ कर दिया गया. कार्य के दौरान पीड़ित को चैप्टर लीज (कूपन) मिला, उसके बारे में बताया गया कि 2 लाख 25 हजार 59 रुपए और जमा करने होंगे, तभी आगे के कार्य कर सकेंगे. इसके बाद प्रफिट 7 गुना मिलेगा. 11 मार्च की सुबह राशि जमा कर दी गई. दूसरा दिन दोबारा कूपन भेजा गया. इसके एवज में 4 लाख 53 हजार 224 रुपए जमा कराया. इस पर 30 गुना प्रफिट का लालच दिया गया. इसेक बाद फिर से 11 लाख 60 हजार 448 रुपए जमा करने के लिए कस्टमर सपोर्ट शिवा प्रकाश (सीनियर व एडमिन), एजेंट पार्वती, अन्य सीनियर टेलीग्राम मेम्बर व एडमिन लोगों के द्वारा लगातार दबाव बनाया गया. इसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी के बारे में पता चला. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है. पैसे वापस करने गिड़गिड़ाता रहा युवक पीड़ित उत्तम सिंह ने टेलीग्राम मैसेज, व्हाट्सएप मैसेज, व्हाट्सएप कॉल आदि के माध्यम से इन्वेस्ट की हुई राशि को वापस करने के लिए निवेदन किया. उन्होंने कोई फायदा भी नहीं लेने की बात कही, लेकिन किसी भी सीनियर, एडमिन या कस्टमर सपोर्ट द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया. जमा राशि वापस नहीं की गई.

भिलाई स्टील प्लांट में फिर लगी आग, मची अफरा-तफरी

दुर्ग भिलाई इस्पात संयंत्र के कोकोवन डिपार्टमेंट में आज सुबह फिर आग लगने से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना से बीएसपी प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान हुआ है. बीएसपी के दमकल कर्मियों ने 5 गाड़ी पानी की मदद से लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. फिलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. वहीं बीएसपी प्रबंधन हमेशा की तरह इस घटना को छिपाने में लगा रहा. बता दें कि हाल ही में भिलाई स्टील प्लांट में फिर आग लगी थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था. बताया जा रहा है कि कोकोवन बैटरी के 9 और 10 के पीछे कन्वेयर बेल्ट नम्बर 4 में आग लगी थी, जिससे बेल्ट लगभग 70 से 80 मीटर बेल्ट जलकर खाक हो गया. बेल्ट को घुमाने में लगे मशीन और केबल भी जलकर खाक हो गए. विभाग के सूत्रों ने बताया कि कोकोवन बैटरी में कोयले के जलने के दौरान उसे ठंडा करने के बाद उसमें नेप्था लिक्विड का छिड़काव किया जाता जाता है. इसके बाद उसे कन्वेयर बेल्ट में पावडर बनाने के लिए दूसरे डिपार्टमेंट में ले जाया जाता है. इसी दौरान कोयले की आग से यह आग लगी है. इसमें नाइट शिफ्ट वाले ड्यूटी कर्मचारी की लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि जब बेल्ट पूरी तरह जलकर गिर गया तब जाकर दमकल को इसकी सूचना दी गई, जबकि आग को बढ़ने में दो से 3 घंटे का समय लगा होगा.

मलेशिया हॉकी महासंघ ने दिया बड़ा झटका, कर्ज के चलते पाकिस्तान को अजलान शाह कप मे नहीं मिलेगी एंट्री

हैदराबाद सुल्तान अजलान शाह कप 2025 का आयोजन नवंबर में हो सकता है, उससे पहले मलेशिया हॉकी महासंघ ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दे दिया है. क्योंकि मलेशिया ने कर्ज न चुका पाने की वजह से आगामी सुल्तान अजलान शाह कप के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है. बता दें कि पाकिस्तान पिछले साल इस टूर्नामेंट का उपविजेता रहा था. पूर्व अधिकारियों की वजह से पाकिस्तानी कर्ज में डूबा पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के एक सूत्र का कहना है कि, ‘पीएचएफ के एक पूर्व अधिकारी ने पिछले अजलान शाह कप के दौरान कुछ गलत निर्णय लिए, जिसके कारण पीएचएफ मलेशियाई हॉकी महासंघ (MHF) के कर्ज में डूब गया’. उनका ये भी कहना है कि पीएचएफ के अधिकारी एमएचएफ के साथ मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में निमंत्रण मिल जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान के मलेशियाई महासंघ के साथ अच्छे संबंध हैं.’ मलेशियाई आयोजक पाकिस्तान हॉकी टीम की मौजूदा स्थिति और समय पर बकाया न चुका पाने से खुश नहीं थे, इसलिए उन्होंने पिछले साल के उपविजेता पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया. भारत के छह साल के अंतराल के बाद खेलने की उम्मीद बता दें कि पिछले साल फाइनल में पाकिस्तान को हराकर अजलान शाह कप जीतने वाला जापान भी कहीं और मैच होने के कारण टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगा, लेकिन लगातार दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत के छह साल के लंबे अंतराल के बाद टूर्नामेंट में भाग लेने की उम्मीद है. सुल्तान अजलान शाह कप का इतिहास बताते चलें कि सुल्तान अजलान शाह कप का नाम मलेशिया के नौवें राजा के नाम पर रखा गया है, जिन्हें हॉकी बहुत पसंद थी. जिसका उद्घाटन संस्करण 1983 में खेला गया था. पहले ये टूर्नामेंट 2 साल पर खेला जाता था लेकिन 1998 से इस टूर्नामेंट का आयोजन हर साल होने लगा. टूर्नामेंट के पहले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी जबकि भारत तीसरे स्थान पर रहा था. ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड 10 बार (1983, 1998, 2004, 2005, 2007, 2011, 2013, 2014, 2016, 2018) यह टूर्नामेंट जीता है. इसके बाद भारत (1985, 1991, 1995, 2009, 2010) पांच बार और पाकिस्तान ने तीन बार (1999, 2000, 2003) ट्रॉफी जीता है.

सीबीआई की छापेमारी को लेकर बड़ा सवाल, हमने ही कार्रवाई की तो हम पर संरक्षण का आरोप कैसे? : भूपेश बघेल

रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप को लेकर सीबीआई की छापेमारी को लेकर सवाल खड़ा किया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि जब हमने ही कार्रवाई की तो हम पर संरक्षण का आरोप कैसे? ये कैसी जाँच है? पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा है कि महादेव एप के बारे में देश में कोई नहीं जानता था. मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस सरकार में ही 74 FIR दर्ज हुई हैं. 200 से अधिक गिरफ़्तारी हुई हैं. 2000 से अधिक बैंक खाते सीज किए गए. हमारी सरकार में ही गूगल को पत्र लिखकर प्ले स्टोर से इस एप को हटाया गया. वहीं ईडी पर निशाना साधते हुए कहा कि ईडी ने झूठी खबर छपवाई कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई में गिरफ़्तार हो गए हैं, लेकिन वे वहाँ शिवकथा की जजमानी करते पाए गए. तो ये कैसी जाँच है? षड्यंत्र रचने की जताई आशंका इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेशबघेल ने पोस्ट में कहा कि CBI अधिकारियों ने न तो मेरे रायपुर स्थित शासकीय आवास में सूचना दी, और न ही भिलाई निवास में कोई सूचना दी. मेरी अनुपस्थिति में मेरे शासकीय आवास में बिना मुझे सूचना दिए प्रवेश करना पूर्णतः अनाधिकृत है. क्या भाजपा अब सीबीआई के माध्यम से कोई षड्यंत्र रच रही है?

कल रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन , 305 पदों पर नकली भर्ती

रायगढ़ बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है. 28 मार्च 2025 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायगढ़ में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा. इस कैंप में 305 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें कई निजी कंपनियां भाग लेंगी. यह प्लेसमेंट कैंप सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा, जहां इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपने मूल प्रमाण पत्रों और रिज्यूम के साथ उपस्थित होकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं. विस्तृत जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र रायगढ़ से प्राप्त की जा सकती है. इन पदों पर होगी भर्ती प्राप्त जानकारी के अनुसार मे.मुथुट माइक्रोफिन लिमिटेड रायपुर में रिलेशनशिप ऑफिसर, मे.फिजिक्स वाला ढिमरापुर रोड रायगढ़ में क्लास इंचार्ज, काउंसलर, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, मे.चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्रा.लिमिटेड रायगढ़ में सीआरई (कस्टमर रिलेशनशिप एक्जीक्यूटिव), मे.अपराजिता सर्विसेस ढिमरापुर रोड रायगढ़ में वर्कशॉप मैनेजर, मैकेनिक, सेल्स मैनेजर, सेल्समैन, मे.एसबी टे्रडर्स कबीर चौक कोरबा में ड्राईवर(कैम्पर, बोलेरो), मे.शिवशक्ति एग्रीटेक तेलीबांधा रायपुर में सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव, मे.सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लि.तराईमाल गेरवानी रायगढ़ में सीआरओ (डीआरआई), जूनियर कैमेस्टि/असिस्टेंट कैमिस्ट, फिटर (डीआरआई), सीनियर फिटर (डीआरआई), फील्ड ऑपरेटर (डीआरआई) तथा टे्रनी एवं मे.पावर लाइन एक्सेसरिज भानपुरी रायपुर में टेक्नीशियन एवं अनस्कील्ड के रिक्त पदों पर भर्ती होगी.

MIC की पहली बैठक, .50 करोड़ का स्ट्रीट लाइट टेंडर किया निरस्त के बाद हंगामा

बिलासपुर बिलासपुर नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (MIC) की पहली बैठक हुई। जिसमें सड़क, नाली, पानी और लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 37 प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बिलासपुर नगर निगम के नए कार्यकाल की पहली एमआईसी बैठक में ही स्ट्रीट लाइट टेंडर को लेकर हंगामा हुआ। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने टेंडर पर आपत्ति जताई, जिस पर सदस्यों से चर्चा के बाद 5.50 करोड़ रुपए के इस टेंडर को निरस्त कर दिया गया। दरअसल, शहर की सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए नगर निगम ने 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर 2.31 प्रतिशत बिलो रेट पर जांजगीर की उदयश्री ग्रुप कंपनी को दिया गया था। बैठक में विजय ताम्रकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रदेश में आमतौर पर 20 से 25 प्रतिशत बिलो रेट पर काम होता है। ऐसे में इस टेंडर से निगम को लगभग 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उनकी आपत्ति के बाद बैठक में गर्मागर्म बहस हुई। पेयजल सहित 37 प्रस्ताव पास नवनिर्वाचित महापौर पूजा विधानी की अध्यक्षता में यह पहली एमआईसी बैठक बुधवार शाम 5 बजे विकास भवन के दृष्टि सभागार में आयोजित हुई। इसमें कुल 37 प्रस्ताव पारित किए गए। गर्मी को देखते हुए बैठक में शहर में पानी की आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने तथा सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। भाजपा ही लगाती है शहर में स्ट्रीट लाइट स्ट्रीट लाइट के ठेके को लेकर हुई बहस के बीच यह चर्चा होती रही कि शहरभर में स्ट्रीट लाइट का काम भाजपा का एक वरिष्ठ नेता, गोलबाजार के एक फर्म के नाम से टेंडर लेकर करता है। टेंडर भी इसी कारण निरस्त किया गया ताकि नेताजी को टेंडर मिल सके।

जल गंगा संवर्धन अभियान :पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता

प्रधानमंत्री मोदी का जल संरक्षण अभियान अब मध्यप्रदेश में बनेगा जन आंदोलन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 मार्च से होगा प्रारंभ होकर 30 जून तक चलेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान” पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन सहित 12 से अधिक विभागों की अभियान में होगी सहभागिता पानीदार प्रदेश बनने की ओर बढ़ता देश का हृदय प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षिप्रा तट से करेंगे प्रदेशव्यापी जल संरक्षण अभियान की शुरुआत अभियान में तैयार किए जाएंगे 1 लाख जलदूत मुख्यमंत्री हर दिन एक जल संरचना का लोकार्पण करेंगे तीन माह लगातार चलेगा अभियान भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित है, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा से मध्यप्रदेश सरकार जल गंगा जल संवर्धन महा अभियान प्रारंभ करने जा रही है। हमारी धरा के कुल जल का केवल एक छोटा हिस्सा ही पीने योग्य स्वच्छ जल के रूप में उपलब्ध है। पृथ्वी के कुल जल का लगभग 97 प्रतिशत महासागरों में खारा जल है, जो पीने योग्य नहीं है। शेष 3 प्रतिशत मीठा जल है, लेकिन इसमें से भी अधिकांश हिमखंडों और बर्फ की चोटियों में जमा है। सिर्फ 0.5 प्रतिशत से भी कम पानी झीलों, नदियों और भूजल के रूप में उपलब्ध है, जिसे हम उपयोग कर सकते हैं। पृथ्वी पर स्वच्छ और पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत ही सीमित है और इसे संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार ने जल बचाने के लिए कदम बढ़ाये हैं। जल बचाने लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल संकट को खत्म करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है। नागरिकों के सहयोग से जल संरक्षण अभियान बनेगा जन-आंदोलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क … Read more

सिंगरौली में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई

 सिंगरौली  मध्य प्रदेश में गुरुवार को सिंगरौली जिले में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। झटके इतने हल्के थे कि कई लोगों को यह महसूस नहीं हुए, हालांकि कुछ लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर था।हालांकि कई स्थानों पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था। सिंगरौली और आसपास के जिलों में काफी लोगों ने भूकंप के झटके को महसूस किया तो कुछ को धरती की कंपन का अहसास नहीं हुआ। जिन लोगों को भूकंप महसूस हुआ वे तुरंत घरों से बाहर निकल आए। लोग एक दूसरे से भूकंप की चर्चा करने लगे। प्रशासन को कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता वाले भूकंपों को हल्के दर्जे में गिना जाता है। इतनी तीव्रता के भूकंप में नुकसान की आशंका ना के बराबर होती है। हालांकि, हल्के से हल्का भूकंप भी लोगों को डरा जरूर देता है। क्यों आता है भूकंप? दरअसल, पृथ्वी की चार प्रमुख परतें हैं, जिसे इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहते हैं। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है। जब ये प्लेट्स अपनी जगह से खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इस जगह पर सबसे ज्यादा भूकंप का असर रहता है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता अगर ज्यादा होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं। भूकंप के दौरान क्या करें?     भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात को लेकर सावधान रहे कि भूकंप कितनी तीव्रता के साथ आ सकता है। इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है।     धीरे-धीरे कुछ कदमों तक की हलचल करें, जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।  

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