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नया रायपुर के सेक्टर 17 में तेज रफ्तार अनयंत्रित होकर स्ट्रीट पोल में जा भिड़ी, युवक की मौत

रायपुर राजधानी में फिर से रफ्तार का कहर देखने को मिला है। नया रायपुर के सेक्टर 17 में तेज रफ्तार अनयंत्रित होकर स्ट्रीट पोल में जा भिड़ी। टक्कर के बाद कार के पुर्जे काफी दूर तक जा गिरे। वाहन पूरी तरह जलकर जलकर खाक हो गई। कार चला रहे युवक गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान मृतक के अलावा दो युवक भी सवार थे। दोनों को गंभीर चोटें आई है। कार सवार सभी युवक शराब के नशे में धुत्त थे। मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, नया रायपुर में शदाणी दरबार निवासी युवक गौतम सतवानी नवा रायपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार में कार दौड़ा रहा था। कार में गौतम के साथ प्रियांशु सचदेव और अविराज सवार थे। उनकी कार सेक्टर 17 में अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में स्ट्रीट पोल से टकरा गई। हादसे में गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं प्रियांशु और अविराज दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। हादसा इतना भीषण था कि कार के पुर्जे बिखर कर 30 फीट जा दूर गिरे हैं। स्ट्रीट पोल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद कार में देखते ही देखते आग लग गई, जिसके चलते वाहन जलकर खाक हो गई। सूचना पर पुलिस घटनास्थल में पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

यूपी में 529 लेखपालों की पदोन्नति की गई है, अब वो इस पदोन्नति के साथ ही राजस्व निरीक्षक बन गए

लखनऊ यूपी में 529 लेखपालों की पदोन्नति की गई है. अब वो इस पदोन्नति के साथ ही राजस्व निरीक्षक बन गए है. उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश के 529 लेखपालो को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नत करने का फैसला किया है. जिसके फेवर में आदेश भी निर्गत कर दिया गया है. राजस्व परिषद की कमिश्नर और सचिव आईएएस मनीषा त्रिघाटिया ने 529 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति का आदेश जारी किया है. UP के सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गये आदेश में पदोन्नति पाने वाले राजस्व निरीक्षकों को नई तैनाती के लिए तत्काल कार्यमुक्त कर पद पर ज्वाइनिंग का आदेश दिया है.

बुधनी में देश का पहला कृषि केंद्र खुलेगा, जहां पुरुष और महिला कृषकों को हाईटेक ड्रोन खेती के गुण सिखाए जाएंगे

भोपाल केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान केंद्र से मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात मिली है. सीहोर जिले के बुधनी में देश का पहला कृषि केंद्र खुलेगा. जहां पुरुष और महिला कृषकों को हाईटेक ड्रोन खेती के गुण सिखाए जाएंगे. बता दें कि प्रशिक्षण के पहले चरण में 20 सीटें उपलब्ध होंगी. इसके लिए आवेदक को कम से कम 10वीं पास होना आवश्यक है. आवेदन करने के लिए संबंधित विभाग या कार्यालय से संपर्क करना होगा. कृषि केंद्र से प्रशिक्षित किसान नई तकनीकों का प्रयोग कर अपनी आय को और बढ़ा सकते हैं. साथ ही खेती के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं. क्योंकि आज के समय में किसानों के लिए ड्रोन खेती एक महत्वपूर्ण तकनीक बन चुकी है. जो फसलों की निगरानी, छिड़काव और फसल निरीक्षण में मददगार है. इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल गुणवत्ता भी बेहतर होगी.

ऐसे रख सकते हैं आप अपने स्मार्टफोन का ध्यान

अब स्मार्टफोन तो सभी प्रयोग करते होंगे. कुछ समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने के बाद कुछ न कुछ परेशानियां आने लगती हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं होता की यह परेशानियां फोन के सॉफ्टवेयर की वजह से आए बल्कि इसका कारण हमारी लापरवाही होती है. जैसे कभी हमारा फोन पानी में चला जाता है तो कभी गिरने या किसी और कारण से इसकी स्क्रीन टूट जाती है या स्क्रैच आ जाता है. अब इन परेशानियों के लिए आपको पैसे खर्चने की जरुरत नहीं. आइए जानते हैं कि कैसे इसका घर पर ही समाधान किया जा सकता है- -अगर आपका फोन गिर गया है या किसी कारणवश उसपर स्क्रैच आ गए हैं, तो कॉटन पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लेकर हल्के हाथ से स्क्रीन पर लगाएं. स्क्रैच धीरे धीरे कम हो जाएंगे और डिसप्ले साफ नजर आएगा. -यदि आपका फोन मैटेलिक फ्रेम और बैक कवर वाला है और उसपर स्क्रैच पड़ गए हैं तो सैंडपेपर से उन स्क्रैचेज को कम किया जा सकता है. सैंडपेपर को हल्के हाथ से स्क्रैचेज पर घिसने से स्क्रैच कम हो जाएंगे. -अगर आपका फोन पानी में गिर गया है तो उसकी बैटरी तुरंत निकाल दें और बैटरी को सूखे चावल के कटोरे में 24 से 48 घंटे तक रख कर छोड़ दें. इससे फोन के इंटरनल पार्ट्स सूख जाएंगे. -फोन को सूखाने का एक तरीका और भी है. फोन पर सिलिका जेल पैक लगा दीजिए. सिलिका जेल पैक से क्ैस्त् को ड्राई रखा जाता है. -पावर बैंक की इफिशिएंसी कम होने लगी है, तो इसका भी समाधान है. इसके लिए पावर बैंक को महीने में कम से कम एक बार पूरी तरह से चार्ज जरुर करें और उसे पूरी तरह से डिसचार्ज भी होने दें. इससे पावर बैंक इफिशिएंसी बढ़ जाएगी. -हैडफोन जैक और यूएसबी पोर्ट को साफ करने के लिए टूथपिक के सिरे में रुई लगाकर साफ कीजिए. इससे वहां जमी डस्ट साफ हो जाएगी. -सिग्नल कम आते हैं. सिग्नल न मिलने से परेशान हैं. ये है समाधान. वाईफाई राउटर के पास सोडा कैन या एलुमिनियम फॉइल लगा दीजिए. सिग्नल थोड़े बेहतर हो जाएंगे.  

विपक्ष की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए 10 मई की शाम सीजफायर की घोषणा की गई. इसके बाद भी बॉर्डर से सटे कई इलाकों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमला किया जा रहा है. इसी बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. विपक्ष की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी है. उन्होंने लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी, मैं विपक्ष के सर्वसम्मति से किए गए अनुरोध को दोहराता हूं कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए.   पिछले सारे घटनाक्रम पर सामूहिक चर्चा जरूरी चिट्ठी में राहुल ने आगे लिखा है कि लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और आज के युद्ध विराम पर चर्चा करना बहुत जरूरी है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने की थी. यह आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का भी एक अवसर होगा. मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरता से और तेज़ी से विचार करेंगे. सीजफायर के बाद ही विपक्ष ने की थी विशेष सत्र की मांग सीजफायर के बाद से ही विपक्ष के नेता संसद के विशेष सत्र की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी इसको लेकर पीएम मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. विपक्ष का कहना है कि सीजफायर की घोषणा होने के बाद इस पर सामूहिक रूप से चर्चा होना बहुत जरूरी है.  

भारत-पाकिस्तान सीमा पर आतंकियों को ढेर करने वाले अग्निवीर मुरली नाइक को अंतिम विदाई, परिवार को मिलेंगे ₹1.65 करोड़!

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान सीमा रेखा (LoC) पर आतंकियों को ढेर करके अग्निवीर मुरली नाइक ने कर्तव्य की राह पर अपने प्राणों की आहुति दे दी. आज जब उनका पार्थिव शरीर गृहनगर गोरंटला मंडल के कल्लिथंडा गांव, आंध्र प्रदेश पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई. देश के लिए मुरली नाइक के सर्वोच्च बलिदान पर नेताओं, अधिकारियों और नागरिकों ने समान रूप से भावभीनी श्रद्धांजलि दी. बचपन से देखा था देश सेवा का सपना अग्निवीर मुरली नाइक, जिनका जन्म 8 अप्रैल 2002 को हुआ, ने बचपन से ही देश सेवा का सपना देखा था. 2022 के दिसंबर में, 20 वर्ष की आयु में, उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती होकर अपने सपने को साकार किया. नासिक में 6 महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने असम में 1 साल तक सेवा की और वर्तमान में पंजाब में तैनात थे. आंध्र प्रदेश के शिक्षा और आईटी मंत्री नारा लोकेश ने अग्निवीर मुरली नाइक के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. बेहद भावुक होकर मंत्री ने शहीद जवान के शोकाकुल माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और आश्वासन दिया कि सरकार इस दुखद समय में उनके साथ खड़ी रहेगी. परिवार से बात करते हुए मंत्री लोकेश ने कहा, “राज्य मुरली नाइक की बहादुरी के सम्मान में नतमस्तक है. राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.”   राज्य के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद, वंगालापुडी अनिता और सविता, सांसद बी.के. पार्थसारथी, पूर्व मंत्री पल्ले रघुनाथ रेड्डी और कलावा श्रीनिवासुलु, विधायक पल्ले सिंधुरा रेड्डी, एम.एस. राजू और जे.सी. प्रभाकर रेड्डी समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि मुरली नाइक को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. अग्निवीर मुरली नाइक के बलिदान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि उनके परिवार को भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत क्या लाभ मिलेंगे, विशेष रूप से, क्या उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा? क्योंकि उनकी मृत्यु जंग के दौरान ड्यूटी करते हुई है. उनके परिवार को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी? आइए जानते हैं. अग्निपथ योजना क्या है? दरअसल, भारत सरकार की अग्निपथ योजना, जो 2022 में शुरू हुई, सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जाता है. इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है. अग्निपथ योजना भारतीय सेना, नौसेना, और वायुसेना में युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने की एक अनूठी स्कीम है, जिसकी शुरुआत 14 जून 2022 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी. अग्निपथ योजना का उद्देश्य इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा, ऊर्जावान, और तकनीक-प्रवीण बनाना है. इस योजना के तहत 17.5 से 23 वर्ष की आयु के युवा ‘अग्निवीर’ के रूप में भर्ती होते हैं. चार साल की सेवा में 6 महीने का कठिन प्रशिक्षण और 3.5 साल की तैनाती शामिल होती है. चार साल बाद, 25% अग्निवीरों को उनकी योग्यता के आधार पर स्थायी सैनिक के रूप में चुना जाता है, जबकि बाकी को ‘सेवा निधि’ पैकेज और स्किल सर्टिफिकेट के साथ समाज में पुनर्वास के लिए तैयार किया जाता है. क्या मुरली नाइक को शहीद का दर्जा मिलेगा? भारत सरकार की नीति के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को आधिकारिक रूप से ‘शहीद’ का दर्जा नहीं दिया जाता, क्योंकि यह शब्द सरकारी दस्तावेजों में परिभाषित नहीं है. हालांकि, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के समान सम्मान और मुआवजा मिलता है. उदाहरण के लिए, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे हालिया संघर्षों में अग्निवीरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, और उनकी वीरता को सेना द्वारा सराहा गया. ड्यूटी पर वीरगति को प्राप्त होने वाले अग्निवीर जवान मुरली नाइक के मामले में, उनके परिवार को वित्तीय सहायता और सम्मान मिलेगा, भले ही ‘शहीद’ शब्द का औपचारिक उपयोग न हो. ड्यूटी पर मृत्यु होने पर मुरली नाइक के परिवार को क्या मिलेगा? ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को निम्नलिखित सहायता मिलेगी: बीमा राशि: 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर. अनुग्रह राशि: 44 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि. सेवा निधि और कॉर्पस फंड: मृत्यु के समय तक जमा कॉर्पस फंड और सेवा निधि, जिसमें ब्याज शामिल है (लगभग 10-12 लाख रुपये). शेष वेतन: चार साल की सेवा के बचे हुए कार्यकाल का पूरा वेतन (लगभग 13 लाख रुपये). अतिरिक्त सहायता: सशस्त्र बल युद्ध हताहत कोष से 8 लाख रुपये और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन से 30,000 रुपये. कुल मिलाकर, परिवार को 1.65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिल सकती है. अग्निवीर को कितनी सैलरी और भत्ते मिलते हैं? वेतन और भत्ते: पहले साल में मासिक वेतन 30,000 रुपये (21,000 रुपये इन-हैंड, 9,000 रुपये कॉर्पस फंड में) होता है, जो चौथे साल में बढ़कर 40,000 रुपये (28,000 रुपये इन-हैंड, 12,000 रुपये कॉर्पस फंड) हो जाता है. इसके अतिरिक्त, जोखिम, कठिनाई, राशन, और यात्रा भत्ते भी मिलते हैं. सेवा निधि पैकेज: चार साल की सेवा के बाद, 11.71 लाख रुपये का टैक्स-मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा, जिसमें सरकार और अग्निवीर का कॉर्पस फंड योगदान शामिल है. जीवन बीमा: 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर हर अग्निवीर को प्रदान किया जाता है. स्किल सर्टिफिकेट: सेवा के दौरान मिले प्रशिक्षण को शिक्षा मंत्रालय स्नातक स्तर के क्रेडिट के रूप में मान्यता देता है, और इग्नू के विशेष डिग्री प्रोग्राम के तहत 50% क्रेडिट मिलता है.  

हापुड़ में एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला, सेना के जवानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया

हापुड़ उत्तर प्रदेश के हापुड़ से देशप्रेम से ओतप्रोत एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया है. यहां सेना के जवानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया. यहां एक ढाबे पर भोजन करने पहुंचे सैनिक जैसे ही रवाना हुए, वहां मौजूद लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच फूल बरसाए. जवानों ने कहा कि वे बॉर्डर पर जा रहे हैं. इस पूरे दृश्य का वीडियो सामने आया है. लोग इन वीर सपूतों को सलाम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला. यहां भारतीय सेना के जवानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया. ये जवान यहां एक ढाबे पर भोजन करके निकले थे, उसी दौरान लोगों ने उन पर फूल बरसाए. जवानों ने बताया कि वे बॉर्डर पर जा रहे हैं. इस दौरान लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए. इस दौरान का वीडियो सोशल भी सामने आया है. देशभक्ति से ओतप्रोत यह वीडियो हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र के एक ढाबे का है. यहां कुछ लोग भोजन कर रहे थे, तभी भारतीय सेना के जवानों का एक दल ढाबे पर पहुंचा और सभी ने मिलकर भोजन किया. जवान जैसे ही भोजन कर ढाबे से निकलने लगे, वहां मौजूद लोगों ने उन्हें देख ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए और पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया.   इस भावुक क्षण में न केवल जवानों का मनोबल ऊंचा हुआ, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में गर्व और सम्मान की चमक दिखाई दी. जवानों ने लोगों को बताया कि वे ड्यूटी पर जा रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि आम लोग अपने सैनिकों का सम्मान कर रहे हैं. भारतीय सेना के त्याग और समर्पण को दिल से नमन कर रहे हैं. यह वीडियो वायरल हो रहा है, और लोग इन भावुक कर देने वाले पलों को देख गर्व प्रकट कर रहे हैं.  

यदि भारत के साथ बातचीत होती है, तो कश्मीर, सिंधु जल संधि चर्चा का हिस्सा हो सकते: पाक के रक्षा मंत्री

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन चले खतरनाक सैन्य तनाव के बाद शनिवार को जब सीजफायर की घोषणा हुई, तब दोनों देशों ने राहत की सांस ली. इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि भविष्य में भारत के साथ बातचीत होती है, तो कश्मीर, सिंधु जल संधि (IWT) और आतंकवाद जैसे बड़े मुद्दे उस चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं. एक टेलीविज़न चैनल को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, “ये तीन अहम मुद्दे हैं जिन पर चर्चा हो सकती है. हम सीजफायर पर कायम रहेंगे. ” उनका इशारा भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही विवादित विषयों की ओर था, जिन पर पहले भी कई बार बातचीत हुई लेकिन कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला. दोनों देशों के बीच हुआ है सीजफायर यह बयान उस वक्त आया है जब भारत और पाकिस्तान ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने का “समझौता” किया है. हालांकि पाकिस्तान ने इसे सीजफायर समझौता बताया, वहीं भारत ने इसे केवल “आपसी समझ” करार दिया है.   पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर यह सीजफायर स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम साबित होता है, तो इसे सकारात्मक संकेत माना जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाज़ी होगी. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी लॉन्चपैड्स पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया. सहयोगी देशों की तारीफ आसिफ ने उम्मीद जताई कि समय के साथ शांति की संभावनाएं बन सकती हैं. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भारत और खासकर उसकी नेतृत्वकारी राजनीति एक दिन पूरे दक्षिण एशिया के भविष्य को अपने दलगत हितों से ऊपर रखेगी.” पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने उन देशों की भी तारीफ की, जिन्होंने मौजूदा संकट में कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद की. इनमें चीन, तुर्किये, अज़रबैजान और खाड़ी देशों का विशेष उल्लेख किया गया. भारत की ओर से अभी तक ख्वाजा आसिफ के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान पाकिस्तान की रणनीतिक सोच में एक नरमी और शांति के लिए तैयार दिखाने की कोशिश हो सकती है, खासकर तब जब देश आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव से जूझ रहा है.

लॉन्च के बाद अलग हुए नोज और बूस्टर, इससे संकेत मिलता है कि ब्रह्मोस सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य को निशाना बनाया

बीकाने विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राह्मोस मिसाइल के ये हिस्से-बूस्टर और नोज़ कैप लॉन्च के तुरंत बाद अलग हो जाते हैं और ज़मीन पर गिर जाते हैं. इस बार ये टुकड़े भारत के ही क्षेत्र में आकर गिरे, जो यह संकेत देता है कि मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर सफलतापूर्वक रवाना हुई. राजस्थान के बीकानेर के नजदीक एक खेत में ब्रह्मोस मिसाइल का बूस्टर और नोज कैप मिलने से सनसनी फैल गई.ग्रामीणों ने बताया कि रात में आसमान में तेज रोशनी के साथ जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद यह मलबा खेत में गिरा.  भारत ने ब्राह्मोस मिसाइल को पाकिस्तान के बहावलपुर में अपने लक्ष्य पर निशाना साधने के लिए इस्तेमाल किया था. जैसे ही मिसाइल को लॉन्च किया गया तो तुरंत ही इसके बूस्टर और नोज कैप बाहर निकल गए. इससे यह संकेत मिलता है कि ब्रह्मोस बहावलपुर में सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य को निशाना बनाया. इससे पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम की भी पोल खुल गई जो इतनी तैयारी और समय होने के बावजूद ब्रह्मोस को रोकने में फिर से विफल रहा.   लॉन्च के बाद अलग हो जाते हैं नोज और बूस्टर गांव के लोगों ने रात को एक तेज़ चमक और ज़ोरदार धमाके की आवाज़ देखी-सुनी थी, जिसके बाद अगली सुबह खेत में यह भारी भरकम धातु का सिलेंडरनुमा ढांचा पाया गया. इसके बाद अगले दिन यहां लोगों की भीड़ जुट गई. विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राह्मोस मिसाइल के ये हिस्से-बूस्टर और नोज़ कैप लॉन्च के तुरंत बाद अलग हो जाते हैं और ज़मीन पर गिर जाते हैं. इस बार ये टुकड़े भारत के ही क्षेत्र में आकर गिरे, जो यह संकेत देता है कि मिसाइल अपने लक्ष्य की ओर सफलतापूर्वक रवाना हुई. इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान ब्राह्मोस जैसे हाई-स्पीड, सटीक हथियारों को इंटरसेप्ट करने में पूरी तरह विफल रहा है, चाहे उसके पास तैयारी का समय हो या न हो.

ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत आपने ऑपरेशन सिंदूर में देखी होगी, अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान वालों से पूछ लो : CM योगी

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस इंड्यूटियल कॉरिडोर में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का वर्जुअली उद्घाटन किया. इस दौरान कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल थे. इस यूनिट को हर साल 80 से 100 मिसाइलों के प्रोडक्शन के लिए डिजाइन किया गया है. इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होगी. उसको उसी भाषा में जवाब देना होगा. हमने ब्रह्मोस मिसाइल के लिए दो सौ एकड़ जमीन दी. अब यहां ब्रह्मोस बनना शुरू होगा. ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत आपने ऑपरेशन सिंदूर में देखी होगी, अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान वालों से पूछ लो कि ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत क्या है? उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि कोई भी आतंक घटना अब युद्ध मानी जाएगी और याद रखना आतंकवाद को जब तक हम पूरी तरह कुचलेंगे नहीं, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा. अब समय आ गया है इसको कुचलने के लिए हम सभी को एक स्वर से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे भारत को पूरे उत्तर प्रदेश को मिलकर अभियान के साथ जुड़ना होगा.   उन्होंने कहा कि आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होने वाली. जो प्यार की भाषा मानने वाले नहीं हैं, उनको उनकी भाषा में जवाब देने के लिए तैयार होना होगा. इस दिशा में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया को एक संदेश दे दिया है. लखनऊ में शुरू की गई एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी से हर साल 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन किया जाएगा. इसके अलावा हर साल 100 से 150 Next Generation की ब्रह्मोस मिसाइलों का भी निर्माण किया जाएगा. ये मिसाइलें एक साल के अंदर तैयार कर दी जाएंगी. अभी तक सुखोई जैसे लड़ाकू विमान सिर्फ एक ब्रह्मोस मिसाइल ही ले जा सकते हैं, लेकिन अब वे Next Generation की तीन ब्रह्मोस मिसाइलें ले जा सकेंगे. Next Generation की ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता 300 किलोमीटर से अधिक होगी और इसका वजन 1,290 किलोग्राम होगा, जबकि वर्तमान ब्रह्मोस मिसाइल का वजन 2,900 किलोग्राम है. लखनऊ में 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोडक्शन यूनिट ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण करेगी, जिसकी मारक क्षमता 290 से 400 किलोमीटर है और इसकी अधिकतम गति मैक 2.8 है. भारत और रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस मिसाइल को जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है. यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ गाइडेंस सिस्टम को फॉलो करती है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 के वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर पहल के हिस्से के रूप में प्रोडक्शन यूनिट की घोषणा की गई थी. इसके बाद साल 2021 में इसकी आधारशिला रखी गई थी. ब्रह्मोस मिसाइलें भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई हैं और इन्हें भारत के डिफेंस सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कार्यक्रम में टाइटेनियम और सुपर अलॉयज मैटीरियल प्लांट (स्ट्रैटेजिक मैटीरियल टेक्नोलॉजी कॉम्प्लेक्स) का भी शुभारंभ किया गया. इसमें एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का प्रोडक्शन जाएगा. इसके अलावा रक्षा परीक्षण अवसंरचना सिस्टम (डीटीआईएस) की आधारशिला रखी गई. डीटीआईएस का उपयोग रक्षा उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन के लिए किया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई 80 हेक्टेयर भूमि पर निर्मित ब्रह्मोस प्रोडक्शन यूनिट साढ़े तीन वर्षों में पूरी हुई. यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में छह नोड हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी और चित्रकूट शामिल है. इसका उद्देश्य प्रमुख रक्षा निवेशों को आकर्षित करना है. तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश ऐसा कॉरिडोर स्थापित करने वाला दूसरा राज्य है.  

प्रेमपुरा घाट की है जहां पर युवक दोस्तों के साथ नहाने गया था, तालाब में डूबने से मेडिकल छात्र की मौत

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दर्दनाक हादसा हो गया। तालाब में डूबने से मेडिकल के एक छात्र की मौत हो गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। दरअसल घटना प्रेमपुरा घाट की है जहां पर युवक दोस्तों के साथ नहाने गया था। युवक विवेक शर्मा खुशीलाल मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। छात्र हॉस्टल के अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। दोस्तों के मना करने के बावजूद छात्र विवेक घाट से आगे बढ़ा और फिर डूब गया। 12 घंटे की सर्चिंग के बाद गोताखोरों ने शव को बाहर निकाल लिया है। मृतक विवेक शर्मा भिंड जिले का रहने वाला था।विवेक शर्मा को तैरना आता था लेकिन तालाब में अत्यधिक काई जम जाने की वजह से वह तैर नहीं सका और गहरे पानी में डूब गया। उनकी मौत से जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हला है वहीं हॉस्टल में भी शोक का माहौल है।

दिग्विजय सिंह बोले- हमें दुख है कि युद्ध विराम की घोषणा होने के बाद पाकिस्तान द्वारा भारत पर मिसाइल दागे गए, जो उचित नहीं

गुना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि युद्ध विराम की घोषणा के बाद पाकिस्तान का मिसाइल दागना गलत है। इस पर सख्ती से रोक लगना चाहिए। राज्यसभा सदस्य सिंह रविवार सुबह शहर के हड्डी मिल क्षेत्र में भू-माफिया से पीड़ित आदिवासी परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान वे मीडिया से अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे। दिग्विजय ने कहा कि हर समस्या का निदान बातचीत है, जबकि युद्ध तो आखिरी विकल्प होता है। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का गढ़ बन चुका है। वहां की सरकार आतंकवादियों को पैसे का लालच देकर ट्रेनिंग देती है, जिसके बाद उन्हें आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करती है।   युद्ध विराम की घोषणा के बाद भी मिसाइल दागी यह सब बातें अब साफ होकर उजागर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश देश भी स्वीकार कर चुके हैं कि पाकिस्तान पूरी तरह आतंकियों का गढ़ बन चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दुख है कि युद्ध विराम की घोषणा होने के बाद पाकिस्तान द्वारा भारत पर मिसाइल दागे गए, जो उचित नहीं है। इस पर सख्ती से रोक लगाई जाना चाहिए। युद्ध के समय विपक्ष के भारत सरकार के साथ खड़े होने के सवाल पर सिंह ने कहा कि जब देश संकट में हो, तो सभी को राजनीति से परे होना चाहिए। हम भारत सरकार और सेना के साथ खड़े हैं और जरूरत में पूरा समर्थन करेंगे।

भारतीय वायुसेना ने दिया बड़ा अपडेट, लक्ष्य हासिल लेकिन अब भी जारी है ऑपरेशन सिंदूर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन की युद्ध जैसी स्थिति के बाद शनिवार को सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। वहीं भारतीय वायुसेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है। वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए हैं। राष्ट्र के हित में यह ऑपरेशन बहुत ही आक्रामक ढंग से चलाया गया। हालांकि यह ऑपरेशन अब भी जारी है। आगे इसकी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। वायुसेना अफवाहों और अप्राणित जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह देती है। गौरतलब है कि इस ऑपरेशन के दौरान वायु सेना के प्लेटफार्म और उसके पायलटो के संबंध में अलग अलग तरह की विवादास्पद जानकारियां साझा की जा रही है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा शीर्ष अधिकारियों के साथ रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक सैन्य कार्रवाई रोकने पर भारत और पाकिस्तान के बीच सहमति बनने के एक दिन बाद हुई। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और सेना के तीनों अंगों के प्रमुख शामिल हुए। भारत ने पाकिस्तान पर सहमति की शर्तों का उल्लंघन करने का शनिवार रात आरोप लगाया था और उससे इस तरह के उल्लंघन से बचने के लिए उचित कदम उठाने तथा स्थिति से ‘‘गंभीरता और जिम्मेदारी’’ के साथ निपटने का आह्वान किया था। स्थिति अब शांत हो गई है लेकिन कई सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग कई दिनों तक जारी रही गोलाबारी और ड्रोन संबंधी घटनाओं के कारण अब भी आशंकित हैं। बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को मासूम पर्यटकों पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद पूरे देश में रोष था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेनाओं को पूरी छूट दे दी। इसके बाद सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकियों के 9 ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया।  

राजधानी दिल्ली में 15 दिन बंद रहेगी यह सड़क, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में काठिया बाबा मार्ग पर स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस से लेकर बुराड़ी के विजय चौक तक 15 दिन गाड़ियों की आवाजाही बंद रहेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस संबंध में एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर लोगों से वैकल्पिक रास्तों से निकलने को कहा है। इसके साथ ही यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, काठिया बाबा मार्ग (स्वरूप नगर-बुरारी रोड) पर पीडब्ल्यूडी की टीम द्वारा मरम्मत और री-कार्पेटिंग के काम के चलते 10 मई 2025 से 15 दिन के लिए स्वरूप नगर एसडीएम ऑफिस (एनएच-44 पर नाला के पास) और विजय चौक (बुराड़ी साइड) के बीच वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इससे ट्रैफिक जाम हो सकता है और इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों को असुविधा हो सकती है। इन वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल की सलाह • एसडीएम ऑफिस स्वरूप नगर नाला रोड से यात्री सीसी रोड के माध्यम से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) की ओर जा सकते हैं, फिर झंडा चौक से बुराड़ी चौक तक जा सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, बुराड़ी पहुंचने के लिए झंडा चौक से विजय चौक तक का मार्ग चुनें। • विजय चौक से यात्री गुरुद्वारा रोड से होते हुए गुर्जर चौक के रास्ते झंडा चौक से भलस्वा लैंडफिल (कूड़ा-खट्टा) और फिर नाला तक का रास्ता अपना सकते हैं। यात्रियों के लिए सामान्य निर्देश • प्रभावित मार्ग से जाने से बचें और सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। • इस अवधि के दौरान धैर्य और सहयोग बनाए रखें। • ट्रैफिक नियमों का पालन करें और मुख्य मोड़ बिंदुओं पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मियों और मार्शलों/गार्डों के निर्देशों का पालन करें। • सड़क पर भीड़भाड़ कम करने के लिए कृपया सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। • अपने वाहनों को केवल तय पार्किंग क्षेत्रों में ही पार्क करें। • सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए सड़क किनारे पार्किंग से बचें। • वाहन चालकों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें। ट्रैफिक नियमों का पालन करें और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के साथ सहयोग करें। प्रमुख चौराहों पर तैनात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। • दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के माध्यम से अपडेट रहें।  

मोदी सरकारी की युद्ध नीति की सराहना की है, कांग्रेस के वरिष्ठ पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम भी कर रहे

नई दिल्ली 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद देशभर में बदले और बड़ी सैन्य कार्रवाई की मांग उठने लगी। भारतीय सैनिकों ने पहले आतंकी ठिकानों को बर्बाद किया। उसके बाद पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ण युद्ध की जगह संतुलित और रणनीतिक तरीके से जवाब दिया है। इसकी तारीफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम भी कर रहे हैं। उन्होंने एक लेख के जरिए मोदी सरकारी की युद्ध नीति की सराहना की है। पी चिदंबरम लिखते हैं- प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी 16 सितंबर 2022 को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से कहा था, “यह युद्ध का युग नहीं है।” यह वक्तव्य वैश्विक स्तर पर सराहा गया और भारत की छवि को एक शांतिप्रिय राष्ट्र के रूप में मजबूत किया। इसी सोच के तहत भारत ने इस बार भी संयम बरता। 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने सीमित सैन्य कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कुल 9 ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। इन हमलों में आतंकवादी संगठनों द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया। भारत की इस कार्रवाई में किसी नागरिक या पाकिस्तान की सैन्य संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भारत युद्ध नहीं, परन्तु न्याय चाहता है। इसके बावजूद पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी के जरिए जवाब मिला। 8 मई को पाकिस्तान ने मिसाइल, ड्रोन और वायुसेना का इस्तेमाल करते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसका भारत ने फिर से मापी गई और प्रभावी प्रतिक्रिया दी। भारत की कार्रवाई के बावजूद यह मानना भूल होगी कि आतंकी संगठन पूरी तरह खत्म हो गए हैं। इन संगठनों का नेतृत्व अभी भी सक्रिय है और पाकिस्तान में उन्हें लगातार समर्थन मिलता रहा है। जब तक पाकिस्तान की सेना और ISI आतंकवाद को बढ़ावा देते रहेंगे, भारत के लिए खतरा बना रहेगा। इस संघर्ष में कुछ भारतीय नागरिकों की जान गई है और कुछ सैन्य नुकसान भी हुआ है। पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमान गिराने के दावे को उसके ही रक्षा मंत्री बीबीसी इंटरव्यू में प्रमाणित नहीं कर सके, जिससे पाकिस्तान की स्थिति हास्यास्पद हो गई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब तक कश्मीर में तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं। उरी, पुलवामा और अब पहलगाम। हर बार सरकार ने सीमित परंतु निर्णायक जवाब दिया है। इस बार सरकार ने नक्शे और वीडियो जारी कर पारदर्शिता का परिचय भी दिया। दो युवा महिला सैन्य अधिकारियों को मीडिया ब्रीफिंग में शामिल करना इस दिशा में एक सराहनीय कदम था। हालांकि, प्रधानमंत्री की ओर से 24 अप्रैल और 7 मई को हुई सर्वदलीय बैठकों में अनुपस्थित रहना और अभी तक पहलगाम या पीड़ित परिवारों का दौरा न करना आलोचना का कारण बन रहा है। इसकी तुलना मणिपुर संकट के दौरान उनकी अनुपस्थिति से की जा रही है। पाकिस्तान की दुविधा अब गेंद पाकिस्तान के पाले में है। यदि पाकिस्तान तनाव बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ा तो उसे वैश्विक निंदा झेलनी पड़ सकती है, विशेषकर OIC जैसे मंचों पर। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अगर युद्ध चाहिए, तो भारत तैयार है। समझदारी इसी में है कि पाकिस्तान अब इस मामले को यहीं समाप्त करे, आतंकियों पर लगाम लगाए और तनावपूर्ण शांति की ओर बढ़े। लेकिन सवाल यही है कि पाकिस्तान में सत्ता वास्तव में किसके हाथ में है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की कमजोर सिविल सरकार या सेना और ISI के हाथों की कठपुतली?  

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