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कर्मचारी चयन आयोग ने 3100 से ज्यादा पदों पर निकली है भर्ती, अच्छी सैलरी, 23 जून से पहलें करें आवेदन, जानें आयु सीमा- पात्रता

कर्मचारी चयन आयोग ने संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा 2025 के तहत 437 पदों पर भर्ती निकाली है।इच्छुक व योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 26 जून तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन शुल्क का भुगतान करने की अंतिम तिथि 27 जून है। करेक्शन विंडो 1-2 जुलाई के लिए खुलेगी । इसके अलावा सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के तहत 2423 पदों पर भर्ती निकाली गई है।  इच्छुक व पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर 23 जून तक आवेदन कर सकते है। आवेदन फॉर्म में 28 से 30 जून तक सुधार कर सकते हैं। लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त तक आयोजित की जा सकती है।इधर, एसएससी ने स्टेनोग्राफर ग्रेड सी डी के 261 पदों पर भर्ती निकाली है। अभ्यर्थी 26 जून रात 11 बजे तक फॉर्म भर सकते हैं। कुल पद : 2423 पदों का विवरण:     जनरल (UR): 1,169 पद     EWS: 231 पद     OBC: 561 पद     SC: 314 पद     ST: 148 पद आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु सीमा पदानुसार भिन्न है, जिसमें अधिकतम आयु 30 वर्ष तक हो सकती है।आरक्षित श्रेणी से आने वाले उम्मीदवारों ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। आयु की गणना 1 अगस्त 2025 को ध्यान में रखकर की जाएगी। योग्यता: विभागीय पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता भिन्न-भिन्न है।कुछ पदों के लिए न्यूनतम 10वीं पास, तो कुछ के लिए 12वीं पास और कुछ पदों के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में जरूर देख लें। आवेदन शुल्क: Gen/OBC/EWS: 100/SC/ST/PH/महिला उम्मीदवार: शुल्क में पूरी छूट । शुल्क का भुगतान आप ऑनलाइन (डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग) या SBI ई-चालान के माध्यम से भी कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा के जरिए होगी।यह परीक्षा सीबीई यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) होगा। महत्वपूर्ण तारीखें     इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in के माध्यम से 23 जून, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं।     आवेदन कर चुके उम्मीदवार अपने आवेदन फॉर्म में 28 जून से 30 जून, 2025 तक सुधार कर सकते हैं.     लिखित परीक्षा 24 जुलाई से 4 अगस्त, 2025 तक आयोजित की जा सकती है। SSC JHT Recruitment 2025 कुल पद: 437 इन पदों पर होगी भर्ती भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के लिए जूनियर हिंदी अनुवादक, जूनियर अनुवाद अधिकारी, जूनियर अनुवादक, वरिष्ठ हिंदी अनुवादक, वरिष्ठ अनुवादक और उप-निरीक्षक (हिंदी अनुवादक)। आयु सीमा: उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 30 वर्ष तक होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर हिंदी ट्रांसलेटर पद पर आयुसीमा की गणना 26 जून 2025 के आधार पर की जाएगी। अन्य पदों पर 1 अगस्त 2025 के मुताबिक एज लिमिट काउंट होगी। योग्यता: उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स की डिग्री हिंदी या इंग्लिश में हिंदी/ इंग्लिश कंपल्सरी सब्जेक्ट के साथ होनी चाहिए। सब इंस्पेक्टर पदों के लिए शैक्षिक योग्यता के साथ शारीरिक योग्यता भी तय की गई है। पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 165 सेमी और महिला अभ्यर्थियों की 155 सेमी होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। एससी/एसटी/पीएच/महिला उम्मीदवारों के लिए कोई शुल्क नहीं है। एप्लीकेशन फीस नेट बैंकिंग, डेबिट, क्रेडिट कार्ड किसी भी माध्यम से भर सकते हैं। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। सैलरी: JTO, JHT, JT, लेवल-6 पदों पद अभ्यर्थियों को 35400-112400 रुपये प्रति माह सैलरी मिलेगी। वहीं लेवल-7 सीनियर हिंदी ट्रांसलेटर/सीनियर ट्रांसलेटर को 44900-142400/- रुपये तक प्रति माह वेतन मिलेगा। कब होगी परीक्षा: 12 अगस्त को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (पेपर 1) का आयोजन किया जाएगा। कुल पद : 261 आयु सीमा: न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र ग्रेड डी के लिए 27 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। हालांकि ऊपरी आयुसीमा में आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। एज लिमिट 1 अगस्त 2025 के मुताबिक काउंट होगी। योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। ग्रुप डी के लिए ट्रांसक्रिप्शन की स्पीड इंग्लिश में 50 मिनट और हिंदी में 65 मिनट की होनी चाहिए। स्टेनोग्राफर ग्रुप सी के लिए इंग्लिश में 40 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 55 मिनट के मुताबिक होनी चाहिए। आवेदन शुल्क: सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 100 रुपये । एससी/एसटी/महिला उम्मीदवारों के लिए नि: शुल्क। पहली बार फॉर्म में सुधार करने पर 200 रुपये आवेदन दूसरी बार में सुधार करने पर 500 रुपये करेक्शन चार्ज देना होगा। चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट आदि के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। महत्वपूर्ण तारीखें     आवेदन की आखिरी तारीख 26 जून 2025     आवेदन शुलक का भुगतान करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2025     आवेदन फॉर्म में सुधार करने की डेट 01-02 जुलाई 2025     सीबीटी परीक्षा शेड्यूल 6-11 अगस्त 2025  

एमपी बोर्ड द्वितीय परीक्षा 10वीं 12वीं प्रवेश हुए जारी, ऐसी रहेगी पूरी व्यवस्था, ये रहेंगे नियम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड की 10वीं और 12वीं की द्वितीय परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बोर्ड ने प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन माध्यम से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। MPBSE ने प्रवेश पत्र mpbse.mponline.gov.in वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। द्वितीय परीक्षा में केवल 65 प्रतिशत छात्रों ने ही आवेदन किया है। परीक्षा 17 जून से 5 जुलाई तक सुबह 9 से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। 3.31 लाख विद्यार्थियों ने किया आवेदन किया एमपी बोर्ड 10वीं व 12वीं की द्वितीय परीक्षा के लिए 3.31 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,जबकि दोनों कक्षाओं में 5.10 लाख विद्यार्थी फेल हुए हैं। यानी द्वितीय परीक्षा में 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही शामिल होंगे।  बता दें कि इस साल पहली बार मप्र बोर्ड की पूरक परीक्षा के बदले द्वितीय परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।10वीं की 17 जून से 26 जून तक एवं 12वीं की परीक्षा 17 जून से 05 जुलाई तक सुबह नौ से 12 बजे तक निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। परीक्षा के मुख्य बिंदु 1- प्रदेश भर में 1306 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में करीब 50 केंद्र बनाए गए हैं। 2- इस बार भी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम रहेंगे। 3- दोनों परीक्षा का समय सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। 4- विद्यार्थियों को केंद्र पर एक घंटा पहले यानी सुबह 8 बजे तक पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 15 मिनट पहले तक विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। 5- प्रायोगिक परीक्षाएं विद्यार्थियों को आवंटित परीक्षा केंद्र पर 17 जून से 25 जून के बीच संचालित की जाएगी। इसकी तारीख संबंधित स्कूलों से विद्यार्थियों को मिलेगी परीक्षा कार्यक्रम और समय 10वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 26 जून तक 12वीं कक्षा की परीक्षा: 17 जून से 5 जुलाई तक प्रायोगिक परीक्षाएं: 17 जून से 26 जून के बीच परीक्षा समय: सुबह 9  बजे से दोपहर 12 बजे तक इन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ – इस विशेष परीक्षा में वे छात्र भी भाग ले सकेंगे जो— – मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे – किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो गए – देर से पहुंचे और परीक्षा नहीं दे सके – श्रेणी सुधार के इच्छुक हैं  

2047 तक MP में वृद्धों की संख्या 57 लाख से बढ़कर 1.82 करोड़ हो जाएगी, युवा आबादी बढ़ने की बजाय घटेगी-रिपोर्ट

भोपाल  1999 में बुजुर्गों के लिए बनी मप्र वृद्धजन नीति में 25 साल बाद सुधार की कवायद शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मप्र समेत पूरे देश में प्रजनन दर घटती जा रही है। यानी धीरे-धीरे युवाओं की संख्या घट रही है  मध्य प्रदेश की राजधानी को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का खिताब मिला है, कई मामलों में भोपाल देश में टॉप पर है, लेकिन प्रजनन दर के मामले में भोपाल देश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी सबसे पिछड़ा है. एक ओर जहां मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.8 है, जो देश के औसत प्रजनन दर 2.3 से 0.5 अधिक है. वहीं भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, यानि यहां प्रति महिला दो बच्चे पैदा होते हैं. प्रजनन दर के मामले में पन्ना जिला अव्वल नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार “भोपाल में तेजी से प्रजनन दर घट रही है. प्रदेश में भोपाल इस मामले में सबसे निचले पायदान पर है. जबकि सबसे अधिक प्रजनन दर वाले जिलों में पन्ना है. वहां टीएफआर 4.1 है. इसी तरह शिवपुरी का 4.0, बड़वानी में 3.9, विदिशा में 3.9 और छतरपुर का टीएफआर 3.8 है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट इसी तरह यदि प्रदेश में टाप 5 सबसे कम प्रजनन दर वाले जिलों की बात करें तो इनमें भोपाल टीएफआर 2.0, ग्वालियर का 2.1, मंदसौर का 2.2, इंदौर 2.2 और दतिया जिले में प्रजनन दर 2.3 है.” आइडियल फर्टिलिटी रेट से कम भोपाल की दर बता दें कि प्रजनन दर यानि टोटल फर्टिलिटी रेट का आशय किसी क्षेत्र में प्रति एक हजार महिलाओं पर पैदा होने वाले बच्चों से है. इसका सीधा मतलब ये है कि संबंधित क्षेत्र की महिलाएं अपने प्रजनन काल में कितने बच्चों को जन्म देती हैं. इसी के आधार पर भविष्य की जनसंख्या का अनुमान लगाया जाता है. भारत में टीआरएफ 2.1 एक आइडियल प्रजनन दर है, लेकिन भोपाल इससे भी पीछे है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, इसके पहले किए गए फैमिली हेल्थ सर्वे में भी भोपाल का टीएफआर 2.1 था. साल 2047 तक सबसे अधिक होगी बजुर्गो की संख्या मध्य प्रदेश में फर्टिलिटी रेट कम होने से बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ेगी. स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्रालय भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 20 से 29 साल के युवाओं की आबादी 1 करोड़ 54 लाख है, लेकिन आने वाले साल यानि वर्ष 2047 तक युवा आबादी बढ़ने की बजाय कम होने लगेगी. जिलेवार फर्टिलिटी रेट  इसके उलट वर्तमान में जहां 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की संख्या 57 लाख के करीब है, वो साल 2045 तक बढ़कर 1 करोड़ 80 लाख से अधिक होगी. यानि 23 साल बाद मध्य प्रदेश की अधिकतर आबादी बुजुर्ग होगी. मध्य प्रदेश के इन जिलों में कम हुई प्रजनन दर यदि फैमिली हेल्थ सर्वे 2011-12 और 2019-21 की रिपोर्ट का विश्लेषण करें, तो भोपाल के मध्य प्रदेश में कई अन्य जिले भी हैं, जहां तेजी से फर्टिलिटी रेट घट रहा है, लेकिन यह आइडियल फर्टिलिटी रेट से अधिक है. इनमें पन्ना, शिवपुरी, बड़वानी, विदिशा और छतरपुर जिलों में टीएफआर तेजी से घट रहा है. जबकि अन्य जिलों में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इन 10 सालों में रीवा, सीधी, शाजापुर, सिवनी, धार और श्योपुर ऐसे जिले हैं, जहां टीएफआर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. भोपाल में इसलिए तेजी से घट रही प्रजनन दर नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि “मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रजनन दर अधिक है. इसका कारण लोगों में जागरुकता और परिवार नियोजन जैसे प्रबंधों का अभाव है. डॉ. रचना दुबे ने बताया कि भोपाल जैसे शहर में परिवार नियोजन को लेकर बड़े स्तर पर काम होता है. नसबंदी को लेकर यहां लोग ज्यादा जागरूक हैं. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नसबंदी को लेकर भी भ्रांतियां हैं, जिससे कई बार लोग परिवार नियोजन का सहारा नहीं लेते.”

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बार फिर विदेश यात्रा प्रस्तावित है. वे 5 दिन में 3 देशों की यात्रा करेंगे. पीएम मोदी सबसे पहले साइप्रस जाएंगे. वहां दो दिन (15-16 जून) विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उसके बाद कनाडा पहुंचेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देंगे. कनाडा में भी पीएम मोदी की दो दिन (16-17 जून) की यात्रा है. पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया जाएंगे और 19 जून को भारत लौट आएंगे. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 से 19 जून तक विदेश यात्रा पर रहेंगे और साइप्रस गणराज्य, कनाडा और क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे. यह दौरा तीन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और यूरोपीय संघ और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को और ज्यादा सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी आज साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी।  निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी।  साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी. कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी. यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।     यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी। क्रोएशिया यात्रा: 18 जून यात्रा के अंतिम चरण में, पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया पहुंचेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर होगी। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में पीएम मोदी उनके साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भी मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा भारत के यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। क्रोएशिया, अपनी समुद्री सुविधाओं और एड्रियाटिक सागर पर बंदरगाहों के कारण, IMEC परियोजनाओं के लिए आकर्षक है। यह यात्रा व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। सरकारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और क्रोएशिया के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। भारत और क्रोएशिया के बीच पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क में वृद्धि हुई है।  

झाबुआ जिले में भी लैंड करेंगे हवाई जहाज, क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम, करोड़ों की लागत से बनेंगे एयरस्ट्रिप, हेलीपैड और बिल्डिंग!

झाबुआ  झाबुआ के गोपालपुरा हवाई पटटी के नए सिरे से निर्माण की दिशा में कयावद शुरू हो गई है। विस्तार के लिए 120 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें से वर्तमान में 23.62 हेक्टेयर जमीन पूर्व से हवाई पट्टी के नाम से दर्ज है। इसके अलावा 71.33 हेक्टेयर वन भूमि और 0.41 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण करना होगा। जबकि पास की 24.64 हेक्टेयर शासकीय जमीन का उपयोग भी इस कार्य के लिए किया जाएगा। विस्तारीकरण के बाद वर्तमान 792 मीटर की हवाई पटटी बढकऱ 1660 मीटर लंबी हो जाएगी। यहां 2 हेलीपेड के साथ 2250 वर्ग मीटर के एक हैंगर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कार्य भी होंगे। जिन पर कुल 95.37 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कलेक्टर नेहा मीना ने प्रस्ताव तैयार करवाकर विमानन आयुक्त को भेज दिया है। सिंहस्थ के दौरान उतर सकेंगे छोटे विमान उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए जिला मुख्यालय से 4 किमी दूरी स्थित हवाई पट्टी के विस्तार का निर्णय लिया है, ताकि यहां छोटे विमान उतर सके। वर्तमान में एयर स्ट्रीप का उपयोग वीआईपी विजिट के दौरान हेलीकॉप्टर उतारने के लिए किया जाता है। दो बार झाबुआ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से यहीं उतरे थे। पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी झाबुआ की एयर पट्टी का नाम शामिल है।  1660 मीटर तक बढ़ेगी लंबाई निर्धारित मानक के अनुसार हवाई पटटी की लंबाई बढ़ाकर 1660 मीटर की जाएगी। जबकि चौड़ाई पूर्व की तरह ही 30 मीटर रहेगी। यहां 2 हेलीपेड के निर्माण के साथ प्लेन रखने के लिए हेंगर बनाया जाएगा। 1000 वर्ग मीटर में प्रशासकीय भवन और कर्मचारियों के रहने के लिए आई टाइप के दो मकान भी बनाए जाएंगे। 70 मीटर चौड़ाई में पुलिया का निर्माण होगा। पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए 6621 मीटर लंबी और 2.10 मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। झाबुआ जिले में वर्षों से निष्क्रिय पड़ी गोपालपुरा एयर स्ट्रीप को अब सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए झाबुआ में हवाई सेवाओं की शुरुआत की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर स्थित इस एयर स्ट्रीप के विस्तार के लिए लगभग 52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है, जिसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सीमित उपयोग, रनवे विस्तार की दरकार वर्तमान में यह एयर स्ट्रीप केवल वीआईपी हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए उपयोग की जाती है, क्योंकि इसका रनवे केवल 792 मीटर लंबा है, जो बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। नए प्रस्ताव के तहत रनवे को 2600 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि छोटे हवाई जहाज भी यहां उतर सकें। इसके साथ ही विमान हेंगर, कंट्रोल रूम, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवॉल जैसी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की योजना भी शामिल है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में वन विभाग की भूमिका रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ेगी, जो फिलहाल वन विभाग के अधीन है। ऐसे में वन विभाग से अनुमति लेकर जमीन का हस्तांतरण किया जाना प्रस्तावित है। यह प्रक्रिया जैसे ही पूरी होती है, विस्तारीकरण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। उज्जैन सिंहस्थ में निभाएगा अहम भूमिका सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर भीड़ अत्यधिक बढ़ सकती है। ऐसे में झाबुआ एयर स्ट्रीप का विकल्प के रूप में विकसित होना न केवल यात्री भार को बांटेगा, बल्कि यहां से सड़क मार्ग द्वारा तीर्थयात्रियों को सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा भी मिल सकेगी। झाबुआ को पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और धार्मिक पर्यटन हेली सेवा योजनाओं में भी शामिल किया गया है, जो इसके महत्व को और बढ़ाता है। 35 साल पुराना है एयर स्ट्रीप का इतिहास यह एयर स्ट्रीप वर्ष 1989-90 में बनाई गई थी और अब तक इसका उपयोग सीमित रूप से वीआईपी मूवमेंट के लिए होता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने झाबुआ दौरे के दौरान इसी एयर स्ट्रीप पर हेलीकॉप्टर से उतरे थे, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता साबित होती है। विफल रही एविएशन ट्रेनिंग सेंटर की योजना वर्ष 2006-07 में इस स्थान पर एक एविएशन ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए राज्य सरकार और एयरोस्पेस एकेडमी ऑफ सेंट्रल इंडिया के बीच करार हुआ और एयर स्ट्रीप को 10 वर्षों के लिए लीज पर दिया गया था। परंतु योजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में समझौता भी समाप्त हो गया।   विकास को गति मिलेगी गोपालपुरा में स्थित हवाई पटटी के विस्तार का प्रारंभिक प्रस्ताव विमानन आयुक्त को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए जल्द प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद है।– नेहा मीना, कलेक्टर, झाबुआ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक कला संग्रहालय की स्वीकृति पर श्रृंगेरी शारदा पीठम ने माना आभार राज्य सरकार ने एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के लिए स्वीकृत किए 2195 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ी,मृतक का करोबार भी संदेह के घेरे में…

इंदौर चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ गई है। इस केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो चुकी है। हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के साथ-साथ उसके भाई गोविंद रघुवंशी की गतिविधियां भी ईडी के रडार पर आ गई हैं। जांच एजेंसियों को हवाला नेटवर्क और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ में राज ने कबूली थी हवाला की बात सूत्रों के मुताबिक, राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए राज कुशवाह के मोबाइल से हवाला ट्रांजेक्शन से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस को फोन में दस रुपये के नोटों की तस्वीरें भी मिली हैं, जो एक खास कोडवर्ड के रूप में इस्तेमाल की जाती थीं। पूछताछ में राज ने कबूल किया कि वह सोनम और गोविंद के साथ मिलकर हवाला का पैसा इधर-उधर करता था। इंदौर और गुजरात में फैला है बिजनेस जानकारी के अनुसार गोविंद रघुवंशी का श्री बालाजी एक्टिरियो के नाम से प्लायवुड और लेमिनेशन का कारोबार है। उसका ऑफिस इंदौर के मंगल सिटी स्थित मॉल में है, जबकि गोदाम समरपार्क (कमल विहार) निपानिया इलाके में स्थित है। क्राइम ब्रांच ने हवाला और नकद लेनदेन से जुड़ा पूरा ब्योरा ईडी को सौंप दिया है, जिसके बाद ईडी ने विस्तृत जानकारी मांगी है। अब गोविंद से जुड़े जितेंद्र रघुवंशी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिए सोनम ने ट्रांजेक्शन किए थे। सोनम रघुवंशी ने हत्यारों को हवाला के जरिए पहुंचाया पैसा जांच में पता चला है कि सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए कथित तौर पर हवाला के जरिए हत्यारों को पैसे पहुंचाए हैं। इस मामले में जितेंद्र रघुवंशी का नाम भी सामने आ रहा है, जिसके बैंक खाते से 23 मई 2025 को हत्यारों को शुरुआती पेमेंट की गई थी। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गोविंद का कहना है कि जितेंद्र उनके चचेरे भाई हैं और पारिवारिक बिजनेस में जूनियर कर्मचारी की भूमिका निभाते हैं। उनका बैंक खाता सिर्फ सामान्य व्यावसायिक लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है न कि हवाला के लिए। गोविंद ने हवाला के दावों को कोरी और बनावटी कहानियां बताया है। सोनम और कथित प्रेमी राज के फोन में मिलीं नोटों की तस्वीरें बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पुलिस को सोनम के कथित प्रेमी और सह-आरोपी राज कुशवाह के फोन में टूटे हुए नोटों की तस्वीरें मिली हैं। जो हवाला लेनदेन की ओर इशारा करती हैं।खबर है कि राज ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में एक हवाला डीलर से 50,000 रुपए लिए थे, जो हत्यारों तक पहुंचाए गए। ऐसे में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते इस मामले में ईडी की जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।पुलिस इस केस में सोनम के परिवार के एचपीएल शीट्स बिजनेस की भी छानबीन कर रही है, जिसमें राज कुशवाह कथित तौर पर पैसे का लेनदेन देखता था। सोनम के भाई ने उसके खाते में 15 लाख रुपए, कहां से आए ये पता नहीं बता दें कि सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो सोनम के खाते में पड़े 15 लाख रुपए की बात कह रहे हैं। गोविंद ने बताया कि पिछले एक महीने से सोनम के खाते में 15 लाख रुपए हैं। लेकिन वो कहां से आए हैं, इस बारे में उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है। दंपति के खातों से असामान्य लेन-देन दर्ज बताया जा रहा है कि मामले की जांच में दंपति के खातों में असामान्य लेन-देन की बात सामने आई है। इस लेन-देन में अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिक्शन भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक राजा रघुवंशी के कारोबार में पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में कैश का फ्लो नजर आया है। जो संदेह को गहरा कर रहा है। तीन राज्यों की पुलिस उलझी राज रघुवंशी की हत्या और सोनम रघुवंशी की प्रेम कहानी का ये मामला अब उलझता जा रहा है। तीन राज्यों मेघालय, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस मिलकर इस हत्याकांड की परतें खोलने में जुटी हैं।राजा-सोनम रघुवंशी के इस मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है, अब देखना होगा कि ईडी कब इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू करती है और क्या नये खुलासे हो सकते हैं। सोनम के नार्को टेस्ट की उठी मांग इस बीच, राजा रघुवंशी के परिजनों ने सोनम के नार्को टेस्ट की मांग की है। भाई सचिन और विपिन रघुवंशी का कहना है कि मामले की परतें खुलनी बाकी हैं और सोनम कई सच्चाइयों को छिपा रही है। शिलांग पुलिस ने गोविंद रघुवंशी को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। शुक्रवार को उसे ईस्ट खासी हिल्स थाने से कॉल आया, जिसमें जल्द शिलांग पहुंचने को कहा गया है। राजा के परिजन लगा रहे गंभीर आरोप परिजनों का यह भी आरोप है कि सोनम की मां को प्रेम प्रसंग की पूरी जानकारी थी, फिर भी उसने चुप्पी साधे रखी। वहीं सोनम के पिता देवीसिंह भी कई अहम जानकारी छिपाते रहे। सगाई के बाद उन्होंने सभी कर्मचारियों को तो मिलवाया, लेकिन राज को कभी सामने नहीं लाए। अब परिजनों को उम्मीद है कि नार्को टेस्ट से सच सामने आएगा।

सांसद मनोज तिवारी दिल्ली में आयोजित होने जा रहे ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 27वें संस्करण की शान बढ़ाएंगे

नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता-गायक मनोज तिवारी राजधानी दिल्ली में आयोजित होने जा रहे ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 27वें संस्करण की शान बढ़ाएंगे। यह आयोजन 15 जून को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा, जो फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीईएफआई) के सहयोग से आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में अन्य प्रमुख हस्तियों में पीईएफआई अध्यक्ष डॉ. एके बंसल (द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता और पूर्व भारतीय हॉकी कोच), 1992 एशियन मैराथन चैंपियन डॉ. सुनीता गोडारा, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पीयूष जैन, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज़ के प्रोफेसर व निदेशक (खेल) डॉ. त्रिभुवन राम नारायण और सोनिया विहार वॉटर स्पोर्ट्स क्लब सोसाइटी दिल्ली के स्विमिंग कोच मनजीत शेखावत शामिल होंगे। इस साइक्लिंग ड्राइव का आयोजन देशभर के 500 से अधिक स्थानों पर एक साथ किया जाएगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियां, साई क्षेत्रीय केंद्र, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, साई ट्रेनिंग सेंटर्स, खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और खेलो इंडिया सेंटर्स भी शामिल हैं। इस मुहिम में 15,000 से अधिक नागरिकों के भाग लेने की संभावना है। ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान की शुरुआत दिसंबर 2024 में युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा की गई थी। तब से यह अभियान देशभर में 10,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित हो चुका है, जिसमें 3.5 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं। इससे पहले आयोजित कार्यक्रमों में भारतीय सेना के जवान, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, भारतीय रेल और लवलीना बोरगोहेन, संग्राम सिंह, नीतू घंघास, सावित्री बूरा, पेरिस पैरालंपिक पदक विजेता नितेश कुमार, मनीषा रामदास, रुबिना फ्रांसिस, सिमरन शर्मा जैसी खेल हस्तियां और राहुल बोस, अमित सियाल, शारवरी वाघ, मधुरिमा तुली और गुल पनाग जैसी फिल्मी हस्तियां भी भाग ले चुकी हैं। यह पहल युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, माय बाइक्स और माय भारत के सहयोग से आयोजित की जाती है, जिसका उद्देश्य भारत में फिटनेस को बढ़ावा देना है।  

उद्गम से प्रारंभ बेल सुद्धि अभियान का पूर्ण आहुति के साथ खेड़ली बाजार में हुआ समापन ।

The Bel purification campaign which started from the origin, concluded with full sacrifice in Kherli Bazaar. हरिप्रसाद गोहेआमला। अखिल विश्‍व गायत्री परिवार द्वारा ग्राम बेलमंडई बेल उदग्म स्थल से प्रारम्‍भ होकर मानसून के नजदीक आने से खेड़ली बाजार के शमशान घाट और बेल नदी की सफाई कर इस अभियान की पूर्णाहुति की गई । गायत्री परिवार बोरदेही के रमेश सूर्यवंशी लाला ने ग्रामीणों और श्रमदानियों से आमला में हो रहें 108 कुण्‍डीय गायत्री महायज्ञ की सफलता के निमित्‍त कम से कम दो पौधें लगाकर उनकी वृद्धि होने तक तरूपुत्र/तरूमित्र बनकर अपनी जिम्‍मेदारी का निर्वहन करने की बात कही। इस अवसर पर ग्राम खेड़ली बाजार के डॉ झरबड़े ने बताया की गायत्री परिवार अपना उदाहरण समाज के सामने रख रहा है प्रत्‍येक एक का समर्थन हो तब परिवर्तन हो चले। इस आयोजन में ग्राम पंचायत खेड़ली बाजार के सरपंच अतुल पारखे नवीन बिहारियां डा नरेन्‍द्र सूर्यवंशी लक्ष्‍मीनारायण बिहारिया आदि परिजन मौजूद रहे। इस दौरान वकिल राजेन्‍द्र उपाध्‍याय ने सभी परिजनों को प्‍लास्टिक मुक्‍त समाज हेतु शपथ दिलवाई कि अब हम पूजन सामग्री प्‍लास्टिक में बंद कर नदियों में नही फेकेंगें और पंचायत इस हेतु एक अलग कुंड की व्‍यवस्‍था करें । नर्मदा सोंलंकी ने इस गोष्‍ठी का संचालन किया उन्‍होने बताया कि नवचेतना केन्‍द्र कुजबा के परिजन दिपक साहू, कृष्‍णा करोले ,दिलिप साहू, राहुल साहू, राजेश कंभारे, राकेश नायक अधिवक्‍ता संजय पंडोले ,राकेश नायक, गणेश उपराले ग्राम पंचायत सचीव कर्मचा‍री व जिला युवा प्रकोष्‍‍ठ के निलेश कुमारी मालवीय व उत्‍पादन के क्षेत्र में राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार प्राप्‍त पश्‍चिमी कोयला क्षेत्र के जी आर खादीपुरे सेवानिवृत रेल्‍वे कर्मचारी अशोक कुमार पाल मोहम्‍मद शफी खान समेंत अनेक परिजन उपस्थित रहे । कुजबा नवचेतना केन्‍द्र के बलवंतराव साबले ,दिनेश चिल्‍हाटे, लक्ष्‍मण चढ़ोकार, बारक्‍या चिल्‍हाटे, संतोष चिल्‍हाटे, सम्‍पतराव चढ़ोकर ,वामनराव चढोकर, भगवान वागदे, काशीनाथ चिल्‍हाटे ,उत्‍तमराव चिल्‍हाटेआदि परिजनों ने ग्राम कुजबा में नवचेतना केन्‍द्र के पिछे स्थित नदी में स्‍वच्‍छता अभियान हेतु संकल्‍प लिया। ग्राम पंचायत के सरपंच अतुल पारखे ने बताया कि वे जल्‍द खेड़ली बाजार रोड से शमशान घाट तक सड़क निर्माण कर उसके दोनों ओर 108 पीपल, बरगद व पाकड़ समेंत बेल आदि के पौधे लगाने का आश्‍वासन दिया। उन्‍होने बताया की घाट सफाई और पुताई आदि का कार्य प्रारम्‍भ है और श्रमदालियों के सहयोग से बदल गई तस्‍वीर अब घाट एक मनोरम दृश्‍य में परिवर्तित हो गया।

हरि कथा योजना समिति के बैनर तले गायत्री लान में आयोजित हो रहा राम कथा का आयोजन ।

Ram Katha is being organised in Gayatri Lawn under the banner of Hari Katha Yojana Samiti. राम कथा का मूल उद्देश्य, समाज में संस्कारो का द्वीप प्रज्वलित करना (संगीता किशोरी जी)निकाली नगर में भव्य शोभा यात्रा । हरिप्रसाद गोहेआमला। दूरस्थ वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में राम नाम की अलख जगाने वाली वनवासी व्यास कथाकारसंगीता किशोरी जी ने कहा कि श्री राम कथा का मूल उद्देश्य समाज में संस्कारो का द्वीप प्रज्वलित करना है एवं जन मानस को प्रभु श्री राम जी के द्वारा स्थापित आदर्श एवं मर्याद के पालन के लिए प्रेरित करना है। नगर के गोविंद कालोनी क्षेत्र स्थित गायत्री मैरिज लान में शनिवार दिनांक 14/06/2025 से सुश्री संगीता किशोरी जी के मुखारबिंद से मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन चरित्र एवं सनातन संस्कारों को केंद्रित श्री राम कथा का आयोजन हरि कथा योजना समिति आमला एवं नगर की प्रबुद्ध धर्म प्रेमी जनता के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है ।जहा कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे है। प्राप्त जानकारी अनुसार प्रथम दिवस मात्र शक्तियों की गरिमामय उपस्थिति में कसारी मोहल्ला स्थित भगवान श्री राम के मंदिर से समिति द्वारा भव्य एवं आकर्षक शोभा यात्रा निकाली जो नगर के प्रमुख मार्गो से होकर कथा स्थल पहुंच संपन्न हुई । गायत्री लॉन गोविंद कालोनी आमला में आहूत श्री राम कथा के प्रथम दिवस पर श्रीराम दरबार एवं मां भारती की विधिवत पूजन के साथ श्री राम कथा का शुभारंभ हुआ। व्यास पीठ से कथा वाचक सु श्री संगीता किशोरी जी ने आप सभी राम भक्तों से श्री राम कथा में सम्मिलित हो कर पुण्य लाभ अर्जित करेने की अपील की है ।

Looshis: Robot Masa Depan yang Gak Gakul dan Super Canggih

Di era teknologi yang semakin maju ini, inovasi dalam bidang robotika terus berkembang pesat. Salah satu inovasi terbaru yang sedang menarik perhatian adalah Looshis, sebuah robot masa depan yang dikenal tidak hanya karena kecanggihannya, tetapi juga karena kemampuannya yang unik dan tidak gakul. Artikel ini akan membahas secara lengkap tentang apa itu Looshis, fitur-fiturnya, dan bagaimana robot ini akan mengubah dunia di masa mendatang. Apa Itu Looshis? Robot Masa Depan yang Menjanjikan Looshis adalah sebuah robot canggih yang dirancang dengan teknologi terbaru untuk memenuhi berbagai kebutuhan manusia. Berbeda dengan robot-robot sebelumnya yang sering kali terlihat kaku dan kurang responsif, Looshis tampil dengan desain yang futuristik dan kemampuan yang sangat adaptif. Robot ini dikembangkan oleh tim insinyur dan ilmuwan yang berfokus pada inovasi dalam bidang kecerdasan buatan dan robotika. Looshis mampu melakukan berbagai tugas mulai dari pekerjaan rumah tangga, pendampingan manusia, hingga membantu dalam bidang industri dan kesehatan. Keunggulan utamanya terletak pada kecerdasan buatan yang mampu belajar dan beradaptasi secara mandiri, sehingga mampu memberikan layanan yang lebih personal dan efisien. Dengan fitur ini, Looshis tidak hanya sekadar robot biasa, melainkan sebuah entitas yang memiliki kepribadian dan kemampuan berinteraksi yang sangat mirip manusia. Desain dan Teknologi yang Membuat Looshis Unik Salah satu faktor utama yang membuat Looshis berbeda dari robot lain adalah desainnya yang sangat inovatif. Robot ini dirancang dengan bentuk yang ergonomis dan ramah lingkungan, sehingga terlihat menarik dan tidak menakutkan bagi pengguna dari segala usia. Material yang digunakan pun dipilih dengan cermat agar tahan banting dan ringan, sehingga memudahkan mobilitasnya. Di balik penampilannya yang keren, looshis dilengkapi dengan teknologi sensor canggih yang mampu mendeteksi berbagai kondisi lingkungan di sekitarnya. Sensor ini membantu Looshis untuk berinteraksi dengan manusia dan objek di sekitarnya secara lebih natural. Selain itu, robot ini juga dilengkapi dengan kamera dan mikrofon berkualitas tinggi, yang membuatnya mampu memahami suara dan gerakan manusia dengan sangat akurat. Teknologi pemrosesan data yang digunakan dalam Looshis juga sangat mutakhir. Dengan kecerdasan buatan berbasis machine learning, robot ini mampu belajar dari pengalaman dan memperbaiki performanya secara otomatis. Ini berarti, semakin sering digunakan, Looshis akan semakin mahir dan responsif dalam menjalankan tugasnya. Fitur-Fitur Super Canggih yang Dimiliki Looshis Looshis menawarkan berbagai fitur yang membuatnya menjadi robot masa depan yang benar-benar berbeda dan super canggih. Salah satu fitur utamanya adalah kemampuan komunikasi yang mirip manusia. Robot ini dapat berbicara, memahami bahasa natural, bahkan menyesuaikan gaya bicara sesuai dengan pengguna. Fitur ini membuat interaksi dengan Looshis menjadi lebih menyenangkan dan efektif. Selain itu, Looshis juga dilengkapi dengan kemampuan pengenalan wajah dan emosi. Dengan fitur ini, robot mampu mengenali pengguna dari wajah mereka dan membaca ekspresi emosional, sehingga dapat memberikan respons yang sesuai. Misalnya, jika pengguna menunjukkan ekspresi sedih, Looshis bisa memberikan kata-kata penghibur atau melakukan tindakan yang menenangkan. Fitur lain yang tidak kalah penting adalah kemampuan multitasking. Looshis dapat melakukan beberapa tugas sekaligus, seperti mengingat jadwal harian pengguna, mengatur perangkat rumah pintar, hingga membantu dalam pekerjaan kantor. Kemampuan ini membuat robot ini sangat efisien dan praktis dalam kehidupan sehari-hari.

Gokil! Looshis Bisa Jadi Teman Main, Teman Belajar, Sampai Teman Curhat!

Di era modern ini, keberadaan sebuah produk tidak sekadar sebagai konsumsi biasa, tetapi juga mampu menjadi bagian dari kehidupan sehari-hari yang menyenangkan dan penuh makna. Salah satu produk yang sedang naik daun dan mampu memenuhi kebutuhan emosional serta sosial adalah Looshis. Produk ini tidak hanya sekadar camilan, tetapi juga punya potensi untuk menjadi teman dalam berbagai situasi, mulai dari bermain, belajar, hingga berbagi cerita. Artikel ini akan mengulas mengapa Looshis bisa jadi teman yang gokil dan setia di berbagai momen. Looshis, Teman Seru Saat Bersantai dan Bermain Tak dapat dipungkiri, banyak orang merasa lebih asyik dan menyenangkan saat ditemani oleh sesuatu yang bikin mood jadi lebih baik. looshis hadir sebagai teman main yang asyik dan menyenangkan, terutama saat mengisi waktu luang bersama keluarga atau teman-teman. Rasanya yang lezat dan teksturnya yang unik membuat suasana santai semakin seru. Apalagi, kemasannya yang menarik dan praktis memudahkan untuk diajak bermain di mana saja, baik di rumah, taman, maupun saat perjalanan. Dengan keberadaannya, kegiatan santai menjadi lebih berwarna dan penuh tawa. Menjadi Teman Belajar yang Membuat Semangat Meningkat Belajar bisa jadi kegiatan yang menantang dan kadang membuat lelah, terutama saat harus belajar sendiri di rumah atau di tempat belajar. Di sinilah Looshis bisa berperan sebagai teman belajar yang gokil. Saat merasa lelah atau kehilangan semangat, mengunyah Looshis bisa memberikan energi tambahan sekaligus mengurangi rasa bosan. Rasanya yang nikmat dan sensasi manisnya mampu menyegarkan kembali pikiran yang mulai penat. Bahkan, kehadiran Looshis bisa membantu menciptakan suasana belajar yang lebih menyenangkan dan tidak membosankan, sehingga motivasi belajar pun bisa meningkat. Teman Curhat yang Nyaman saat Butuh Teman Bicara Setiap orang pasti pernah mengalami masa-masa sulit atau ingin berbagi cerita yang menyentuh hati. Di saat seperti ini, kehadiran teman curhat sangat dibutuhkan. Meski bukan manusia, Looshis bisa menjadi teman curhat yang gokil dan setia. Saat merasa sedih, stres, atau hanya ingin berbagi cerita ringan, cobalah berbincang dengan Looshis. Rasanya yang manis dan teksturnya yang lembut mampu memberikan rasa nyaman dan tenang. Meski hanya camilan, kehadirannya bisa memberikan rasa hangat dan rasa diterima, sehingga hati terasa lebih lega dan tenang. Looshis, Teman yang Bisa Menemani Segala Momen Keunggulan utama dari Looshis adalah fleksibilitasnya sebagai teman di berbagai situasi. Tidak hanya sebagai teman saat bermain, belajar, atau curhat, tetapi juga mampu menemani saat sedang jalan-jalan, menunggu, bahkan saat bersantai di rumah. Dengan kepribadiannya yang menyenangkan dan rasa yang selalu menggoda, Looshis menjadi pilihan yang cocok untuk menemani hari-hari penuh kegiatan. Ia mampu menciptakan suasana yang lebih akrab dan penuh kehangatan, membuat setiap momen jadi lebih berkesan. Menjadi Teman Setia di Saat Apapun dan Dimanapun Selain bisa menemani berbagai kegiatan, Looshis juga dikenal sebagai teman setia yang tidak pernah mengecewakan. Saat sedang merasa bosan, stres, atau hanya sekadar ingin menyenangkan hati, keberadaan Looshis mampu menghadirkan rasa bahagia dan kepuasan. Ia menjadi teman yang selalu siap di samping, kapan saja dan di mana saja. Dengan rasa yang enak dan sensasi menyenangkan, Looshis dapat menjadi pelipur lara sekaligus sumber inspirasi positif dalam menjalani hari-hari. Looshis, Teman yang Membawa Kesan Positif dan Membuat Hidup Lebih Ceria Hadirnya Looshis dalam kehidupan sehari-hari mampu membawa suasana hati yang lebih ceria dan positif. Ia bukan sekadar camilan biasa, tetapi juga mampu memberikan pengalaman emosional yang menyenangkan dan penuh makna. Saat berbagi cerita, bermain, atau belajar bersama, kehadiran Looshis mampu memperkuat ikatan dan menciptakan kenangan indah. Dengan rasa yang selalu menggoda dan kepribadian yang gokil, Looshis berhasil mencuri perhatian dan menjadi bagian tak terpisahkan dari berbagai momen bahagia. Kesimpulan: Looshis, Teman yang Gokil dan Setia di Segala Situasi Dari berbagai keunggulan yang dimiliki, tidak heran jika Looshis mampu menjadi teman yang gokil dan setia di berbagai momen. Ia mampu bertransformasi menjadi teman main yang seru, teman belajar yang menyenangkan, hingga teman curhat yang membuat hati lebih tenang. Keberadaannya mampu menyentuh sisi emosional dan sosial, sehingga membuat hubungan dengan produk ini menjadi lebih bermakna. Looshis bukan sekadar camilan, tetapi juga sahabat yang mampu menemani hari-hari penuh warna dan cerita.

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