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मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में सेन समाज महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बालोद में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपये की घोषणा मुख्यमंत्री सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सेन समाज प्रगतिशील समाज है, इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में इस समाज का योगदान अतुलनीय है। यह समाज छत्तीसगढ़ की तरक्की और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित सेन समाज के महिला जिला अध्यक्षों एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बालोद नगर में सेन समाज के सामाजिक भवन हेतु 20 लाख रूपये की स्वीकृति घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सेन महाराज की तैल्यचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित एवं दीप प्रज्वलन कर किया।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि किसी भी समाज मे परिवर्तन के लिए शिक्षा बहुत आवश्यक है। आज समाज में महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार को इसका लाभ मिलता है। सशक्त महिला से ही सशक्त समाज एवं सशक्त समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। हमारी सरकार का दृढ़ विश्वास है कि महिलाएँ समाज निर्माण की आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सेन समाज के प्रतिभाओं जैसे स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी सहित अनेक लोगों के योगदान का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेन समाज सामाजिक विसंगतियों को दूर करने के लिए सार्थक कदम उठा रहा है, यह प्रसन्नता का विषय है। हमारी सरकार सेन समाज के विकास और उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। महिलाओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं,जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही है। हमारी सरकार आने के बाद हमने मोदी की गारंटी में शामिल महतारी वंदन योजना को लागू किया। आज प्रदेश की 70 लाख महिलाएँ इससे लाभान्वित हो रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा केन्द्र द्वारा संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरुआत कर लिंगानुपात में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा और समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का उद्देश्य रखा गया है। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से हम उनकी शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर सेन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, कलाकारों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का साल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ सर्व सेन समाज प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

गंभीर की जगह लक्ष्मण नहीं तो कौन? इंग्लैंड में टीम इंडिया के मुख्य कोच पर चौंकाने वाला खुलासा

लंदन  वीवीएस लक्ष्मण को पिछले दो दिनों से इंग्लैंड में भारतीय टीम के आसपास देखा गया है, लेकिन उनकी मौजूदगी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में लक्ष्मण के इंग्लैंड दौरे को लेकर अलग-अलग बातें कही जा रही हैं, लेकिन एक बात तय है कि उन्हें बीसीसीआई ने टीम इंडिया के साथ किसी भी आधिकारिक भूमिका में इंग्लैंड नहीं भेजा है.  लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु में BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े हुए हैं और भारतीय क्रिकेट सिस्टम का अहम हिस्सा हैं. माना जा रहा है कि वह इंग्लैंड में भारतीय टीम के कोचों से बातचीत कर सकते हैं और वहां खेलने को लेकर कुछ अहम सुझाव दे सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं. खबर है कि वह एक-दो दिन में इंग्लैंड से वापस भी लौट सकते हैं.  लक्ष्मण ने इंग्लैंड में कुल 34 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें 11 टेस्ट मैच शामिल हैं जो उन्होंने तीन अलग-अलग दौरों पर (2002, 2007 और 2011) खेले. इसके अलावा, उन्होंने 2007 और 2009 में लंकाशर के लिए 16 काउंटी मैच खेले थे. बाकी 7 मैच उन्होंने इंडिया की टूरिंग टीम के लिए खेले जो आम तौर पर इंग्लिश काउंटी या ‘लायन्स’ टीम के खिलाफ होते हैं.  बीसीसीआई के एक सूत्र ने क्रिकबज से कहा- वो किसी अन्य काम से इंग्लैंड गए हैं, भारतीय टीम के साथ उनकी कोई आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं है. वो लॉजेन (स्विट्जरलैंड) से लंदन आए हैं. एक और सूत्र ने कहा- टीम इंड‍िया का टारगेट इंग्लैंड में जीत हासिल करना है. हो सकता है लक्ष्मण ने कोच और सेलेक्टर्स से बात की हो या प्रैक्टिस मैच भी देखा हो, लेकिन उनका इस टीम के साथ कोई रोल नहीं है.  एक तीसरे सूत्र ने बताया-वो पहले स्विट्जरलैंड गए थे, फिर लंदन सिर्फ खिलाड़ियों से मिलने और समय बिताने पहुंचे थे. यह उनके प्लान का हिस्सा था. जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण स्विट्जरलैंड में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने गए थे, लक्ष्मण ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया.  लक्ष्मण की लंदन में मौजूदगी इस वजह से भी चर्चा में रही क्योंकि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर इस समय टीम के साथ नहीं हैं. वह अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण दिल्ली लौटे हुए हैं. सूत्रों की मानें तो गंभीर अगले तीन दिनों में  या शायद सोमवार तक टीम से वापस जुड़ सकते हैं.  एक सूत्र ने बताया- गंभीर पहले टेस्ट से पहले जरूर टीम से जुड़ेंगे. उन्होंने डॉक्टरों से अपनी मां की तबीयत को लेकर सलाह ली है. उनकी हालत बेहतर हुई है लेकिन वो अब भी ICU में हैं. गंभीर जल्दी ही अपनी वापसी की योजना बनाएंगे.  पहला टेस्ट मैच 20 जून से लीड्स में खेला जाएगा. भारत ने अभी हाल ही में इंडिया ए के खिलाफ बेकेनहैम में एक अभ्यास मैच खेला है. टीम को 16 जून को रेस्ट करेगी और 17 जून को लीड्स के लिए रवाना होगी.  भारत और इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का इत‍िहास  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट : 136,  भारत जीता: 35, इंग्लैंड जीता:  51, ड्रॉ: 50  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (इंग्लैंड में)   कुल टेस्ट: 67, भारत जीता: 9, इंग्लैंड जीता: 36, ड्रॉ: 22  भारत इंग्लैंड के बीच कुल टेस्ट (भारत में)  कुल टेस्ट: 69, भारत जीता: 26, इंग्लैंड जीता:15, ड्रॉ: 28 भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, जैकब बथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स. इंग्लैंड दौरे के लिए 18 सदस्यीय भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (उप-कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), अभिमन्यु ईश्वरन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर, वॉशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव. भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल  पहला टेस्ट: 20-24 जून, 2025 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 2-6 जुलाई, 2025 – एजबेस्टन, बर्मिंघम तीसरा टेस्ट: 10-14 जुलाई, 2025 – लॉर्ड्स, लंदन चौथा टेस्ट: 23-27 जुलाई, 2025 – ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर पांचवां टेस्ट: 31 जुलाई-4 अगस्त, 2025 – द ओवल, लंदन  

बुलंदशहर में कार में लगी आग, अंदर फंसे 5 लोग जिंदा जले

बुलंदशहर  यूपी के बुलंदशहर में बुधवार सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बदायूं से दिल्‍ली जा रही एक कार पुलिया से टकरा गई। कार में आग लगने से अंदर बैठे पांच लोग जिंदा जल गए। एक महिला गंभीर रूप से जल गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्‍पताल में भर्ती कराया है। बचाव कार्य चल रहा है। ये घटना जहांगीराबाद इलाके में सुबह साढ़े नौ बजे हुई। बताया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी आ गई थी। सीओ रामकरण सिंह ने बताया कि कार सवार लोग सहसवान जनपद बदायूं से शादी समारोह से वापस मालवीय नगर दिल्ली जा रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के कारणों का पता चल सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में तुरंत आग लग गई। लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचित करने का प्रयास कर रही है। हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने सरकार से इस सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। नींद की झपकी बनी हादसे की वजह: पुलिस इस दर्दनाक हादसे की वजह कार कार चालक को नींद की झपकी का आना बताया जा रहा है. हालांकि, परिवार का कहना है कि बाइक को बचाने के चक्कर में कार पुलिया से टकराकर खाई में गिरी और आग के हवाले हो गई. हादसे के बाद जीजा-साले के परिवार के 5 सदस्यों की दर्दनाक मौत से हर तरफ मातम पसरा हुआ है. फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. 

आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित

रायपुर : मुख्यमंत्री ने सार्थक एवं रक्षक अभियान का किया शुभारंभ बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल-  मुख्यमंत्री आयोग के 15 वें स्थापना दिवस पर पुलिस जवान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राएं हुईं सम्मानित   रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के 15 वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए सार्थक एवं रक्षक अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य के सुदूर अंचलों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सार्थक एवं रक्षक जैसे नये अभियान जनमानस में बच्चों के अधिकारों के लिए जागरूक करने में कारगर सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के सुदूर अंचल खासकर बस्तर एवं सरगुजा संभाग में कम उम्र में ही बच्चे कामकाज की तलाश में अन्य शहरों के तरफ चले जा जाते हैं, पर जानकारी के अभाव में कई बार शोषण के शिकार हो जाते हैं। आयोग की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें रोजगार से जोड़ते हुए शासन की योजनाओं से लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बच्चों और युवाओं पर केन्द्रित अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। हमारी सरकार गांव-गांव तक स्कूल, कॉलेज, कोचिंग की सुविधा मुहैया करा रही है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास, नालन्दा परिसर एवं दिल्ली में ट्राईबल यूथ हॉस्टल जैसे कार्यों के माध्यम से छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने आयोग की कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरतलब है कि सार्थक अभियान बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने एवं रक्षक अभियान विश्वविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण कानूनों की विशेष जानकारी प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। आयोग के स्थापना दिवस समारेाह में बाल अधिकारों की जागरूकता के लिए बेहतर कार्य करने वाले पुलिस के जवानों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की नई मार्गदर्शिका बुकलेट, रक्षक बुकलेट एवं गुड टच, बेड टच सेफ टच, मानव तस्करी, एवं शिक्षा के अधिकार पर आधारित कार्टून पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।  इस अवसर पर विधायक सर्वसुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आयोग से जुड़े संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भारतीय नौसेना को आज मिलेगा शैलो वाटर क्राफ्ट INS अर्णाला, उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर डिएक्टिवेट करेगा

विशाखापत्तनम भारतीय नौसेना 18 जून 2025 को अपने पहले पनडुब्बी रोधी शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) ‘अर्णाला’ को शामिल करेगी. यह समारोह विशाखापत्तनम नौसेना डॉकयार्ड में होगा, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान होंगे. यह युद्धपोत आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है. भारत की समुद्री ताकत को बढ़ाएगा.  ‘अर्णाला’ क्या है? ‘अर्णाला’ भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है, जो 16 ASW-SWC जहाजों की श्रृंखला का हिस्सा है. इसे कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और L&T शिपबिल्डर्स ने मिलकर बनाया है.     लंबाई: 77 मीटर     वजन: 1,490 टन से ज्यादा     इंजन: डीजल इंजन और वॉटरजेट का अनोखा मिश्रण, जो इसे भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा ऐसा युद्धपोत बनाता है. ये कॉर्वेट श्रेणी का जंगी जहाज है. यह अधिकतम 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगा.      डिलीवरी: 8 मई 2025 को नौसेना को सौंपा गया.     स्वदेशी सामग्री: 80% से ज्यादा हिस्से भारत में बने हैं. यह जहाज महाराष्ट्र के वसई के पास ऐतिहासिक अर्णाला किले के नाम पर है, जो 1737 में मराठों ने बनाया था. जैसे किला दुश्मनों से रक्षा करता था, वैसे ही ‘अर्णाला’ समुद्र में भारत की रक्षा करेगा. 12,622 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के तहत 16 युद्धपोत बनाए जाएंगे.  ‘अर्णाला’ की खासियतें ‘अर्णाला’ को तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे लड़ने के लिए बनाया गया है. इसकी खासियतें हैं…     पनडुब्बी रोधी ऑपरेशन: पनडुब्बियों का पता लगाने और नष्ट करने की क्षमता.     खोज और बचाव: समुद्र में फंसे लोगों को बचाने के लिए तैयार.     कम तीव्रता वाले मिशन: छोटे समुद्री खतरों से निपटने में सक्षम.     उन्नत सिस्टम: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), L&T, महिंद्रा डिफेंस, और MEIL जैसे भारतीय कंपनियों के हथियार और सेंसर.     बख्तरबंद ढांचा: मजबूत हल (पतवार), जो समुद्री चुनौतियों को सहन कर सकता है.     हथियार: अत्याधुनिक तोपें और सेंसर, जो पुराने किलों की तोपों की तरह काम करते हैं. इसकी रेंज 3300 किलोमीटर है. इस युद्धपोत पर 7 अधिकारियों समेत 57 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें एएसडब्लू कॉम्बैट सूइट लगा है, जो दुश्मन के हमलों से टकराने के लिए हथियारों को तैयार करेगा. उनपर नजर रखेगा. इसपर चार तरह के मैनेजमेंट सिस्टम लगे हैं, जो जंग के समय युद्धपोत को सही-सलामत रखने में मदद करेंगे.  इस युद्धपोत पर एक आरबीयू-6000 एंटी सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगा होगा. यह 213 मिलिमीटर की एंटी-सबमरीन रॉकेट सिस्टम है, जो दुश्मन की पनडुब्बियों के ऊपर ताबड़तोड़ रॉकेट फायरिंग करता है. इसके अलावा इस पर 6 हल्के वजन वाले एएसडब्लू टॉरपीडो लगाए जाएंगे. साथ ही एंटी-सबमरीन समुद्री बारूदी सुरंगें रहेंगी.  आईएनएस अरनाला पर 30 मिलिमीटर की एक CRN-91 नेवल गन होगी. यह एक ऑटोमैटिक गन होती है, जो हर मिनट 550 गोलियां दाग सकती है. यानी दुश्मन का जहाज छलनी हो जाएगा. इसकी रेंज 4 किलोमीटर है. इसके अलावा 2 ओएफटी 12.7 मिलिमीटर एम2 स्टेब्लाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन लगी होगी. यह भारतीय नौसेना का वाटर जेट प्रोपल्शन पावर्ड सिस्टम से लैस सबसे बड़ा युद्धपोत होगा.   अर्णाला का प्रतीक और डिज़ाइन     डिज़ाइन: नीले रंग की पृष्ठभूमि पर एक ऑगर शेल (घोंघे का खोल), जो मजबूती और सटीकता का प्रतीक है. यह शेल समुद्र की चुनौतियों में जीवित रहने की ताकत दिखाता है.     नाम: नीचे देवनागरी लिपि में ‘अर्णाला’ लिखा है.     नारा: “अर्णवे शौर्यम्” (समुद्र में शौर्य), जो जहाज के साहस और ताकत को दर्शाता है.     ऑगर शेल की तरह ‘अर्णाला’ भी समुद्र में मजबूत, सतर्क और दुश्मनों पर सटीक हमला करने में सक्षम है.  ऐतिहासिक प्रेरणा: अर्णाला किला ‘अर्णाला’ का नाम महाराष्ट्र के अर्णाला किले से लिया गया है. यह किला 1737 में मराठा नेता चिमाजी अप्पा ने बनवाया था.  स्थान: वसई से 13 किमी उत्तर में, वैतरणा नदी के मुहाने पर.  उद्देश्य: उत्तरी कोंकण तट की रक्षा करना. मजबूती: किले ने कई हमलों का सामना किया, जैसे ‘अर्णाला’ जहाज समुद्री खतरों का सामना करेगा. जहाज का बख्तरबंद हल किले की मजबूत दीवारों जैसा है. इसके हथियार और सेंसर पुरानी तोपों की जगह लेते हैं. ‘अर्णाला’ भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है, जो 18 जून 2025 को विशाखापत्तनम में शामिल होगा. 80% स्वदेशी और 55 MSMEs के योगदान से बना यह जहाज आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है. इसका ऑगर शेल क्रेस्ट और “अर्णवे शौर्यम्” नारा समुद्र में साहस दिखाता है. ‘अर्णाला’ भारत की तटीय रक्षा को मजबूत करेगा और हिंद महासागर में ताकत बढ़ाएगा. भारतीय नौसेना के पास क्या-क्या है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय नौ सेना के पास कुल 20 पनडुब्बियां हैं। इनमें 2 परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, एक परमाणु-संचालित अटैकर पनडुब्बी, 17 ट्रेडिशनल डीजल-इलेक्ट्रिक अटैकर पनडुब्बियां हैं। 13 विध्वंसक (Destroyers) जहाज हैं। इनके अलावा 15 फ्रिगेट्स, 18 कॉर्वेट्स, एक उभयचर परिवहन डॉक (INS जलाश्व), 4 टैंक लैंडिंग जहाज, 8 लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी, एक माइन काउंटरमेजर जहाज और 30 गश्ती जहाज हैं। भारतीय नौसेना का लक्ष्य 2035 तक 175 जहाजों की नौसेना बनाना है, जिसमें 50 जहाज वर्तमान में निर्माणाधीन हैं।  

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी

रायपुर छत्तीसगढ़ पुलिस एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आज ‘‘महिला एवं बाल केन्द्रित नवीन कानून’’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम के मार्गदर्शन संपन्न हुआ।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की अपेक्षा पुलिस से होती है और उन अपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारी महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि आज हम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायेंगे तो कानून व्यवस्था खराब होगी। उन्होंने कहा कि कानून ही एक मात्र ऐसा रास्ता है जिससे परेशानी को समय से पहले रोका जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी अपने जिले में ऐसी कार्रवाई करें जिससे पूरी दुनिया सीख ले। उन्होंने कहा कि सुरक्षा है तो जीवन है, उन्नति है, खुशियां है, संसाधन है। पूरे समाज में  पुलिस ही एक मात्र ऐसी संस्था है, जिसके अधिकारी व कर्मचारी समाज सेवा में अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं। आज इस महत्वपूणग् विषय पर जो कार्यशाला आयोजित की गई। यहां से काफी सारी चीजें सीखने को मिलेंगी। पुलिस की ताकत कानून की किताब से है और इसमें जो प्रावधान हैं, उसे दृढ़ता के साथ लागू करने की अपेक्षा करता हूं।  कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए अपराध अनुसंधान एवं नारकोटिक्स के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने महिला एवं बाल सुरक्षा की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस एवं राज्य शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए नवीन महिला थाना, महिला हेल्पडेस्क, परिवार परामर्श केन्द्र, एन्टी ह्यूमेन ट्रेफिकिंग यूनिट द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने कार्यशाला में कहा कि नवीन कानून में महिला एवं बाल अपराधों को प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए एक पृथक से अध्याय बनाया गया है और बहुत ही शुरूआती धाराओं में इस अपराध को रखा गया, जो यह बताता है कि महिला को न्याय दिलाया जाना कितना महत्वपूर्ण है। नवीन कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है, किन्तु असली चुनौती न्यू क्रिमिनल लॉ को उसके रियल स्प्रिट में पूरी तरह से लागू किया जाना है। साक्ष्य को घटनास्थल से कैसे हम कोर्ट तक पहुंचा पायें इस हेतु हमारे विवेचनाधिकारी को पूरे प्रक्रिया की समझ होनी चाहिए, ताकि बचाव पक्ष को कोई अवसर न मिल सके और इस दिशा में यह कार्यशाला बहुत उपयोगी होगी। यूनिसेफ, छत्तीसगढ़ प्रुमख विलियम ने कहा कि यूनिसेफ एवं छत्तीसगढ़ पुलिस बाल संरक्षण की दिशा में काफी लंबे समय कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि समाज में चाईल्ड प्रोटेक्टिव वातवरण निर्मित करने की दिशा में चाईल्ड फ्रेण्डली प्रोसिजर को अपनाये जाने की आवश्यकता है। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सौ से अधिक थानों में विकसित चाईल्ड फ्रेण्डली थानों का भी जिक्र किया।  कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला एवं सर्वाेच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अनंत अस्थाना को विशेष रूप से आमंत्रित किए गए थे। कार्यशाला में विभिन्न जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक स्तर के नोडल अधिकारी एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी सहित 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया।  इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ओ.पी. पाल, अंकित गर्ग, अमरेश मिश्रा, धुु्रव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती मिलना कुर्रे, श्रीमती पारूल माथुर, गिरिजाशंकर जायसवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल एवं पुलिस मुख्यालय व यूनिसेफ के अन्य अधिकारी, कर्मचारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि योग शरीर का रोग मिटाकर इसे विकार मुक्त करता है। स्वस्थ काया के लिए सबको रोज योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पुरातन योग पद्धति को अब अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है और इसीलिए सिर्फ भारत में नहीं, वरन् पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 21 जून को होने वाले आयोजन की तैयारी को लेकर समीक्षा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे हर्षोल्लास और मनोयोग से मनाया जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दिन वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के लिए ऐसे स्थल का चयन करने के निर्देश दिए, जो ऊपर से कवर्ड (शेडयुक्त) हो और उसमें अधिकतम प्रतिभागी भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास में सबकी सहभागिता हो सिर्फ बच्चे ही नहीं, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं सभी शामिल हों। योगाभ्यास कार्यक्रम की समुचित एवं सुनियोजित तैयारियां की जाएं। योगाभ्यास स्थल पर पानी का जमाव न होने पाए, कार्यक्रम स्थल तक सहज पहुंच और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास कार्यक्रम यथासंभव स्कूल, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज या ऐसी अन्य शिक्षण संस्थाओं के कवर्ड कैम्पस में आयोजित किए जाएं। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, बैतूल विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्री डी.पी. आहूजा ने बताया कि इस वर्ष केन्द्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (“Yoga For One Earth, One Health”) तय की गई है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को सुबह 6.00 से 6.20 बजे तक स्थानीय कार्यक्रम एवं जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन होंगे। सुबह 6.20 से 6.30 बजे तक भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 6.30 से 7.00 बजे तक विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण किया जायेगा। सुबह 7.00 से 7.45 बजे तक सामान्य योग प्रोटोकॉल का सामूहिक योगाभ्यास सभी प्रतिभागियों द्वारा किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि जिला स्तरीय कार्यक्रम मंत्रीगण, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं विधायक के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालयों में किए जाएंगे। सभी शासकीय कर्मचारियों की योगाभ्यास में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शासकीय विभागों की अधीनस्थ संस्थाओं में तथा विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाना प्रस्तावित हैं। ग्राम स्तरीय कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में योगाभ्यास कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्य कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा ग्रामों तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश का वितरण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की ग्राम जल और स्वच्छता समितियों द्वारा भी योगाभ्यास का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास के अधीन प्रदेश के आगनबाड़ियों में तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में भी योगाभ्यास कार्यक्रम होंगे। प्रमुख सचिव आयुष ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के 10 प्रमुख पर्यटन स्थलों क्रमश: अमरकंटक (मंदिर समूह में), भीमबेटका (गुफाओं पार्किंग क्षेत्र के सामने), भोपाल (कमलापति पैलेस में), ग्वालियर (मानसिंह महल के पास), खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह में), ओरछा, सांची (स्तूप नंबर एक के पास, लाइट एंड साउंड शो क्षेत्र में), माण्डु (जहाज महल के सामने) तथा महेश्वर में भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। प्रमुख सचिव आयुष श्री आहूजा ने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 21 जून के मुख्य कार्यक्रम को योग संगम के रूप में मनाया जाएगा। योग पार्क में सार्वजनिक उद्यानों को योग पार्क के रूप में उन्नत कर यहां सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योग समावेश के तहत दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों के लिए विशेष योग कार्यक्रम किए जाएंगे। हरित योग के तहत प्रतिष्ठित प्राकृतिक स्थलों पर योग सत्र का आयोजन कर पौधरोपण एवं स्वच्छता अभियान के कार्यक्रम भी किए जाएंगे।  

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई

रायपुर : रेत के अवैध भंडारण पर ग्राम बरबसपुर में बड़ी कार्रवाई 43 निजी भू स्वामियों से 54 लाख रुपए अर्थदण्ड  शासकीय भूमि में 14 स्थानों पर अवैध रेत भंडारित करने वालों को एक करोड़ 64 लाख रुपए का जुर्माना खनिज विभाग द्वारा की गई जब्ती की कार्रवाई रायपुर रेत खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खजिन विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। संयुक्त टीम द्वारा 15 जून को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम बरबसपुर में अवैध रेत भण्डारण का ग्राम सरपंच, कोटवार एवं ग्रामवासियों के समक्ष जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम बरबसपुर में 43 भू-स्वामियों के निजी भूमि एवं 14 शासकीय भूमि में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जाना पाया गया। जिसमें भूमिस्वामियों पर 54 लाख रुपए से अधिक का अर्थदण्ड तथा शासकीय भूमि पर रेत के अवैध भण्डारण के मामले में 1 करोड़ 64 लाख 25 हजार रुपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।  

रोजगार व स्वरोजगार मेला 24 जून को, विभिन्न कंपनियाँ आ रही हैं भर्ती करने

ग्वालियर जिला रोजगार कार्यालय एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र तथा शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्थान बिरलानगर ग्वालियर के सहयोग से युवकों और युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 24 जून को प्रातः 11 बजे से एक दिवसीय रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेटिंसशिप युवा संगम का आयोजन जिला रोजगार कार्यालय रेडीमेड गारमेंट पार्क, गदाईपुरा “कार्यालय परिसर” ग्वालियर में सांयकाल 4 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार की प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती कर युवाओं का चयन करेंगी। साथ ही जिला व्यापार एवं उद्यद्योग केन्द्र ग्वालियर द्वारा युवाओं को स्वरोजगार प्रदाय करने हेतु ऋण प्रकरण तैयार कर ऋण प्रदाय किया जावेगा।  उप संचालक जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा संगम में विभिन्न कम्पनियां भाग ले रहीं हैं, इनमें कन्टेम्परेरी सर्विसेज कॉर्पोरेशन इंडिया प्रावेट लिमिटेड (सी.एस.सी. इंडिया सिक्योरिटी गार्ड/सुपरवाइजर) इन्दौर, सुप्रीम प्राइवेट लिमिटेड मालनपुर भिण्ड, क्विक आईटी सॉल्यूशन इन कंसल्टेंसी ग्वालियर, अग्निस्टोका टेक्नोलॉजी ग्वालियर, एल० आई० सी० ग्वालियर, टाटा मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड गुजरात, टाटा इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड पुणे, बजाज आटो प्राइवेट लिमिटेड पुणे, आई सेक्ट ग्वालियर, आर० डी० एम० पब्लिक कॉन्वेट स्कूल बरूआ ग्वालियर, दैनिक भास्कर ग्वालियर, विजन प्लस प्राइवेट लिमिटेड नोयड़ा, शिवशक्ति बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड भोपाल, धूत ट्रांसमिशन प्राइवेट लिमिटेड झंझर व आयसर अकेडमी शिवपुरी आदि शामिल हैं।  रोजगार मेले में 18 वर्ष से 60 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। नौकरी के लिये चयनित युवाओं को 10 हजार से 35 हजार रूपए तक वेतन देय होगा। इन कंपनियों द्वारा बाउंसर, पर्यवेक्षक, सशस्त्र गार्ड, सुरक्षा सुरक्षा गार्ड, लेडी गार्ड, ट्रेनी वर्कर, मशीन ऑपरेटर अस्सिटेंट मैनेजर, रिलेशनशिप मैनेजर, डिप्टी मैनेजर इलेक्ट्रीशियन, बिजननेस डबलमेंट ऑफिसर, अभिकर्ता, अप्रेटिंस ट्रेनी, शिक्षक, चैट कार्यकारी, सैल्स मार्केटिंग, असेंबली ऑपरेटर, गुणवता जांचकर्ता उत्पादन, ऑटोमोटिव टेक्निशियन इत्यादि पदों की भर्ती विभिन्न क्षेत्र के सेक्टर के लिये की जायेगी।  प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिये युवाओं को समग्र आईडी, रोजगार पंजीयन क्रमांक, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित प्रमाण-पत्र व बायोडाटा के साथ उपस्थित होना होगा। रोजगार मेले में उपस्थित होने वाले युवक-युवतियों के लिये कार्यालय द्वारा कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

ग्रामीण रंग, पर्यटन संग उत्सव आज , ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को किया जायेगा पुरस्कृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्रामीण पर्यटन से स्वरोजगार व आर्थिक उन्नति को प्रोत्साहित करने के लिये आज सुबह 11 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” राज्य स्तरीय उत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण पर्यटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हितधारकों और सहयोगियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला ने “ग्रामीण पर्यटन” के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, विरासत, तीज-त्योहार, पर्व और स्वादिष्ट खान-पान का अनुभव ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे करीब से देखने को मिलता है। आज के समय में पर्यटक शांति की तलाश में मध्यप्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश की रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन वेबसाइट की ई-लॉन्चिंग भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे। सर्वश्रेष्ठ 6 होमस्टे (3 ग्रामीण, 3 नगरीय), विकास में ग्रामीण पर्यटन के उत्कृष्ट योगदान देने वाले 16 पर्यटन ग्रामों के सरपंचों, 8 परियोजना सहयोगी संस्थाओं और 10 जिला कलेक्टर्स को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर 14 नवीन होमस्टे का उद्घाटन और 60 पर्यटन गांवों के होमस्टे मालिकों को किट वितरित की जाएगी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने, आजीविका के अवसर सृजित करने, महिलाओं और वंचित वर्गों को सशक्त बनाने तथा होमस्टे क्लस्टर और पर्यटक ग्रामों में पर्यटन अधोसंरचना में सुधार के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (पतंजलि) के बीच एमओयू किया जाएगा। ऊर्जा दक्ष एलईडी या सौर चलित स्ट्रीट लाइट्स की 61 पर्यटक गांवों में स्थापना के लिए एमपीटीबी और सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड के बीच एमओयू होगा। प्रदेश में पर्यटन, फिल्म निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिये मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के बीच ग्रामीण होमस्टे को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सशक्त बनाने और उन्हें ओटीए प्लेटफॉर्म्स ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसी पर जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और मध्यप्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के बीच एमओयू होगा। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि उत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिभागी और संस्थाएं आर्ट एंड क्राफ्ट के उत्कृष्ट उत्पादों जैसे क्लेआर्ट, माड़ना, चितेरा, बैम्बू शिल्प, हैण्डब्लॉक, गोंड पेंटिंग, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट टैक्सटाइल्स आदि का प्रदर्शन करेंगे। यह एक दिवसीय प्रदर्शनी आमजन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी। “ग्रामीण रंग, पर्यटन संग” उत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन केंद्रित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। ग्रामीण पर्यटन परियोजना मध्यप्रदेश के 37 जिलों के कुल 100 ग्रामों में संचालित की जा रही है। इनमें से 63 ग्रामों में कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और अब तक 294 होमस्टे निर्माण पूर्ण हो चुके हैं, जिनमें से 241 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र के हितधारक, परियोजना सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच, होम स्टे संचालक एवं महिलाएं उपस्थित रहेंगे।  

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दिन 20 जून को मुख्यमंत्री सुरक्षा फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। मंगलवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। बयान में कहा गया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे केवल रफ्तार के साथ आवागमन सुगमता का ही माध्यम नहीं बनेगा, बल्कि इस एक्सप्रेसवे पर सड़क व यात्री सुरक्षा के भी बेहतर इंतजाम रहेंगे। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एटीएमएस होगा लागू यात्री सुरक्षा के लिहाज से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दिन 20 जून को मुख्यमंत्री सुरक्षा फ्लीट को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। जबकि आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा के लिए यहां लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर एटीएमएस (एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) भी लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा बनवाए गए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर यात्री सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जिस सुरक्षा फ्लीट की शुरुआत करेंगे, उसमें पांच इनोवा, पांच कैम्पर, चार एम्बुलेंस, दो क्रेन और एक हाइड्रा वाहन शामिल हैं। एक्सप्रेसवे पर हाइड्रा वाहन किया जाएगा तैनात यूपीडा के नोडल सुरक्षा अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि यूपीडा के इनोवा वाहन की पैट्रोलिंग आठ-आठ घंटे की पाली में लगातार होती रहेगी। हर वाहन में चार सेवानिवृत्त सैनिकों की ड्यूटी रहेगी। कैम्पर वाहन पीछे से खुले रहते हैं और इसमें ट्रैफिक कोन, रस्सी, रेडियम स्ट्रिप आदि की उपलब्धता रहती है। किसी स्थान पर किसी वाहन के खराब होने पर या दुर्घटना होने पर ये वाहन तुरंत जाकर ट्रैफिक कोन, रस्सी और रेडियम स्ट्रिप से कवर कर देंगे ताकि अन्य वाहनों को कोई दिक्कत न हो। इसके अलावा 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर हर 45 किलोमीटर (किमी) पर मार्ग के दोनों तरफ एक-एक एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी ताकि आकस्मिक चिकित्सकीय जरुरत यात्रियों को तत्परता से अस्पताल भेजा जा सके। किसी वाहन में अचानक खराबी आने पर उसे सड़क से हटाने के लिए हर 45 किमी पर क्रेन और पूरे एक्सप्रेसवे के लिए एक हाइड्रा वाहन को तैनात किया जाएगा। निगरानी के लिए एक्सप्रेसवे पर हर पांच किमी पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे यात्री और मध्यम मालवाहक वाहनों को क्रेन से और बड़े मालवाहक वाहनों को सड़क से नजदीक के चैनेज से उतार दिया जाएगा क्योंकि नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के दिशानिर्देश के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर खराब वाहनों को खड़ा नहीं किया जा सकता। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर आने वाले समय में एटीएमएस भी लागू करने की तैयारी है। इस प्रणाली के तहत एक्सप्रेसवे पर हर पांच किमी पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। इसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाती है। इसके अलावा एटीएमएस में रफ्तार सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर नजर रखने के स्पीड कैमरे और एनपीआर (नम्बर प्लेट रीडर) की व्यवस्था भी होती है। एक्सप्रेसवे पर रफ्तार सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल जानकारी संबंधित जिले के एआरटीओ के पास चली जाती है।

जय शाह ने कहा- डब्ल्यूटीसी का नया चक्र टेस्ट क्रिकेट को और भी ज्यादा रोमांचक बनाएगा

दुबई बीते हफ्ते दक्षिण अफ्रीका ने लॉर्ड्स के मैदान पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 चक्र का फाइनल जीता। अब डब्ल्यूटीसी के नए चरण की शुरुआत पर आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं। नए चक्र की शुरुआत से ठीक पहले आईसीसी ने शाह के हवाले से एक प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें उन्होंने कहा, “विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण लॉर्ड्स में शानदार तरीके से संपन्न हुआ। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने एक बेहतरीन मुकाबला खेला। अब हम अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं। यह चैंपियनशिप टेस्ट फॉर्मेट को और भी अधिक जीवंत बनाएगी। नौ प्रतिस्पर्धी देशों में से चार डब्ल्यूटीसी के शुरुआती तीन चक्रों में फाइनल तक पहुंच चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा, “खिलाड़ियों और फैंस के लिए कॉन्टेक्स्ट लाना, साथ ही उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा, लॉर्ड्स में बड़ी संख्या में लोगों का आना टेस्ट क्रिकेट की निरंतर लोकप्रियता का सबूत है। मैं इसके लिए सदस्य बोर्डों को धन्यवाद देना चाहता हूं। इसके साथ ही खिलाड़ियों को 2027 में अगले फाइनल के लिए अपनी यात्रा शुरू करने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” डब्ल्यूटीसी चक्र 2025-27 की शुरुआत 17 जून से हो चुकी है। गाले में बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा है। इसके बाद 20 जून से भारत-इंग्लैंड की टीमें भी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। भारत और इंग्लैंड आने वाले हफ्तों में हेडिंग्ले, एजबेस्टन, लॉर्ड्स, ओल्ड ट्रैफर्ड और द ओवल में आमने-सामने होंगे। ऑस्ट्रेलियाई टीम 25 जून से अपने नए चक्र की शुरुआत करने जा रही है। कंगारू टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट खेलने हैं। इस टीम ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के हाथों खिताब जीतने का मौका गंवाया है। पिछले चक्रों की तरह इस बार भी नौ टीमें डब्ल्यूटीसी में हिस्सा लेंगी। प्रत्येक देश दो साल की अवधि के दौरान छह अन्य टीमों के साथ खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया घरेलू मैदान पर 11 मैच खेलेगा। इसमें इस साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ चार टेस्ट शामिल हैं। इतने ही मैच उसे बाहरी मैदान पर खेलने हैं। इंग्लैंड अपने मैदान पर 11 टेस्ट और बाहरी मैदान पर 10 टेस्ट खेलेगा। ये टीम दिसंबर 2026 में तीन टेस्ट के दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी। वहीं, भारत इस चक्र में 18 मैच खेलेगा, जो घरेलू और बाहरी मैदान पर बराबर-बराबर होंगे।पिछले दो संस्करणों में इस्तेमाल की गई अंक प्रतिशत प्रणाली लीडरबोर्ड निर्धारित करेगी। इसमें टीमों को जीत के लिए 12 अंक, टाई के लिए छह अंक और ड्रॉ के लिए चार अंक मिलेंगे।  

सिंधु जल संधि ​रद्द होने से PAK में गंभीर जल संकट, पाकिस्तान में आएगी आपदा

नई दिल्ली  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान की ओर जाने वाले सिंधु नदी के पानी के बहाव में कटौती कर दी है। इससे पाकिस्तान के सिंध प्रांत में फसलों की बुआई पर असर पड़ रहा है। पानी की कमी से वहां के किसान परेशान हैं। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया हुआ है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी इस वक्त किसानों को मिलने वाले सिंधु के जल में पिछले साल के मुकाबले कमी देखी जा रही है। इस समय खरीफ की बुआई का समय है और अगर समय पर यह काम नहीं हो पाया तो फिर खेती पूरी तरह से चौपट होने की आशंका है। पिछले साल के मुकाबले दोनों प्रांतों को मिला कम पानी पाकिस्तान सरकार के इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (IRSA) की रिपोर्ट के अनुसार इस साल 16 जून को सिंधु नदी से सिंध प्रांत को 1.33 लाख क्यूसेक पानी मिला। पिछले साल इसी दिन 1.6 लाख क्यूसेक पानी मिला था। यानी यह लगभग 17% की कमी है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को भी इस साल पिछली बार से थोड़ा कम पानी मिला है। इस साल उसे 1.26 लाख क्यूसेक पानी मिला है, जबकि पिछले साल 1.29 लाख क्यूसेक पानी मिला था। यह 2.25% की कमी है।    खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ा असर इंडस वॉटर ट्रीटी के पूर्व आयुक्त और केंद्रीय जल आयोग के पूर्व प्रमुख एके बजाज ने पाकिस्तान में आए इस जल संकट को लेकर बात की.उनका कहना था कि पाकिस्तान में सिंधु नदी से जुड़ी नदियों और जलाशयों में पानी कम बचा है. इससे वहां के किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है.पाकिस्तान में इन दिनों खरीफ फसलों की बुवाई चल रही है.ऐसे में पानी के संकट का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी पड़ रहा है. मुश्किल यह है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मॉनसून जून के आखिरी में या जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंचता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगले तीन हफ्ते में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पानी का संकट और बड़ा हो सकता है. भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान से इंडस रिवर सिस्टम से जुड़ी नदियों के जलस्तर के बारे में जानकारी शेयर करना बंद कर दिया है. ऐसे में जब मॉनसून सीजन के दौरान  इंडस रिवर सिस्टम से जुड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ेगा तो इससे पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा और बड़ा हो सकता है. ऐसे में पाकिस्तान को आपदा झेलनी पड़ सकती है. भारत ने स्थगित किया सिंधु जल समझौता भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. भारत-पाकिस्तान ने यह संधि 1960 में की थी.इसके तहत सिंधु वाटर सिस्टम की तीन पूर्वी नदियों का पानी भारत इस्तेमाल कर सकता है. वहीं तीन पश्चिमी नदियों के पानी पर पाकिस्तान को अधिकार दिया गया था. पाकिस्तानी नदियों-जलाशयों में खत्म होने लगा पानी रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में सिंधु नदी से जुड़ी नदियों और जलाशयों में कम पानी बचा है। खरीफ की फसलों की बुआई का समय है और ऐसे में पानी की कमी किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। मानसून आने में अभी कम से कम दो हफ्ते बाकी हैं, इसलिए स्थिति और खराब हो सकती है। सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद भारत ने पाकिस्तान को नदियों के जल स्तर की जानकारी देना भी बंद कर दिया है। इससे पाकिस्तान को बाढ़ की तैयारी करने में मुश्किल हो सकती है। अगर भारत में नदियों का जल स्तर बढ़ता है तो पाकिस्तान को बाढ़ से निपटने में परेशानी हो सकती है। 1960 में हुई भारत-पाकिस्तान सिंधु जल संधि क्या है सिंधु जल संधि 1960 में हुई थी। यह संधि भारत और पाकिस्तान के बीच कई तनावों के बावजूद बनी रही। लेकिन, 22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इसे निलंबित कर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। विश्व बैंक ने इस संधि को कराने में मदद की थी। संधि के अनुसार, भारत को सिंधु नदी की तीन पूर्वी सहायक नदियों – रावी, ब्यास और सतलुज के जल पर पूरा अधिकार है। वहीं, पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों,सिंधु, झेलम और चिनाब से लगभग 135 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी मिलता रहा है। ये सभी नदियां भारत से पाकिस्तान की ओर बहती हैं। पाकिस्तान ने संधि के निलंबन पर आपत्ति जताई है। लेकिन, भारत का कहना है कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’ मतलब, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक पानी साझा नहीं किया जा सकता।

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा

उत्तर बस्तर कांकेर  छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कांकेर जिले  में ’मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। उक्त संबंध में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा बताया गया कि जिले में औसतन 1200-1300 मिमी वार्षिक वर्षा होती है, फिर भी जिले में जल संकट की स्थिति बनी रहती हे। इसके पीछे अनियमित मानसून, पहाड़ी क्षेत्रों में तीव्र सतही जल बहाव और घटती भूजल पुनर्भरण जैसे कारण है। यह संकट अति गंभीर है, जहां अत्यधिक जल बहाव, मिट्टी में नमी बनाए रखने की क्षमता का कम होना और क्षतिग्रस्त जलग्रहण क्षेत्र, अनियमित मानसून कृषि को अलाभकारी बना देती है। उन्होंने बताया कि इस वर्षा ऋतु जल संरक्षण का अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का लक्ष्य है, इसके लिए जिले की सभी 454 ग्राम पंचायतों में 02 से 05 जून तक चार दिवसीय उन्मुखीकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोज़ित किया गया। कार्यक्रम में जिले के सभी 454 ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों, बिहान समूह के सदस्यों और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण और जल संचयन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी द्वारा बताया गया कि मोर गांव, मोर पानी की मुख्य विशेषता यह है कि यह सामुदायिक नेतृत्व वाली योजना है। इस अभियान में योजनाओं का निर्माण और कार्यान्वयन स्थानीय समुदाय के नेतृत्व में होता है। इसी प्रकार वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण के तहत जल प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकां का उपयोग किया जाता है। युक्तधारा पोर्टल का उपयोग करके डेटा इकट्ठा किया जाता है, जो बेहतर योजना और निगरानी में मदद करता है। वाटरवेल पोर्टल का उपयोग जल स्रोतों की निगरानी या प्रबंधन के लिए किया जाता है। उन्होंने आगे यह भी बताया कि भौगोलिक सूचना प्रणाली के ओपन सोर्स टूल्स का उपयोग मानचित्रण और स्थानिक विश्लेषण में सहायक होता है। साथ ही योजनाओं का अभिसरण विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ लाकर एकीकृत परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया जाता है। क्षमता निर्माण और संस्थागत सशक्तीकरण व्यक्तियों की क्षमताओं को बढ़ाने और स्थानीय संस्थाओं को मजबूत करने का लक्ष्य है। जल संरक्षण के प्रयासों को सीधे लोगों की आजीविका सुधारने से जोड़ा गया है। इसके लिए निरंतर निगरानी लागू की गई पहल की लगातार निगरानी और मूल्यांकन किया जाता है। मोर गांव मोर पानी अभियान एक समग्र, समुदाय केंद्रित और तकनीकी रूप से उन्नत दृष्टिकोण अपनाकर जल संरक्षण और प्रबंधन को सुनिश्चित कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिले में लगातार विकास हो रहा है, जिला प्रशासन के प्रयास से जिले को जल संकट से जल्द ही निदान मिल जाएगा। अपेक्षित परिणाम – बेहतर जल सुरक्षा और मृदा प्रबंधन के तहत जल संचयन और भूमि उपचार के माध्यम से कृषि उत्पादकता और जल उपलब्धता बढ़ेगी। इसी प्रकार स्थायी परिसंपत्ति निर्माण से टिकाउ जल संरचनाओं और प्राकृतिक संसाधन प्रणालियों का निर्माण होगा। आजीविका संवर्धन से बेहतर जल उपलब्धता और आजीविका परिसंपत्तियों से ग्रामीण रोजगार और आय में वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय और स्वामित्व का सुदृढ़ीकरण से पंचायती राज संस्थाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों की क्षमता में वृद्धि होगी, इससे स्थानीय विकास कार्यों में उनकी भागीदारी और नेतृत्व मजबूत होगा और वे अपने गांव के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।

आरोपी पर पत्नी की अदला-बदली, रेप और गैंगरेप के आरोप, हाईकोर्ट ने कहा- जमानत देना सही नहीं

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसे शख्स को जमानत देने से इनकार किया है जिस पर पत्नी को ‘पार्टनर स्वैप’ के लिए मजबूर करने का आरोप है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी की तस्वीर लगा उसके साथ सेक्स का ऑफर दिए जाने का भी आरोप है। कोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जमानत नहीं दी कि यह ‘सामान्य वैवाहिक विवाद के आरोपों’ का केस नहीं है।  रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस गिरीश कथपालिया जिस शख्स की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे उस पर बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, शारीरिक शोषण, क्रूरता और आपराधिक धोखाधड़ी जैसे आरोप हैं। 9 जून को दिए आदेश में कोर्ट ने कहा, ‘FIR में लगाए गए आरोप रूढ़िवादी वैवाहिक विवाद के नहीं हैं। कोर्ट ने महिला के इस आरोप पर विचार किया कि उसका देवर उसे गलत तरीके से छूकर उसका यौन उत्पीड़न करता था। महिला ने जब इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने उसे इस अपमान को अनदेखा करने के लिए कहा। अदालत ने एफआईआर का हवाला दिया, ‘जिसमें दर्ज किया गया था कि पति “ब्लेड से उसके हाथों को चोट पहुंचाता था और घायल हाथों से उसे रसोई का काम करवाता था” और साथ ही “उस पर पत्नी की अदला-बदली के लिए सहमत होने का दबाव बनाने लगा था और इस उद्देश्य के लिए, वह उसे एक होटल में ले गया जहां उसके दोस्तों ने उसके साथ छेड़छाड़ की, इसलिए वह भाग गई”। उस व्यक्ति पर महिला की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने और “उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने” के अलावा “लोगों को पैसे के लिए उसके साथ यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने” का भी आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने कहा कि “गंभीर आरोपों” के अलावा, महिला ने बलात्कार और सामूहिक बलात्कार के अपराधों का आरोप लगाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष अपना बयान भी दर्ज कराया। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, ऐसा प्रतीत होता है कि इससे पहले, जब अग्रिम जमानत दी गई थी, तो आरोपी ने अभियोक्ता से संपर्क किया था और टेक्स्ट चैट का आदान-प्रदान किया था, जिसकी प्रतियां रिकॉर्ड में हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण होगा कि उन टेक्स्ट चैट को आरोपी ने एक नए सिम कार्ड के माध्यम से एक काल्पनिक नाम के तहत बनाया था, लेकिन जांच में, उक्त सिम उसके नाम पर पंजीकृत पाया गया।”

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