LATEST NEWS

रायपुर के कामाख्या मंदिर में 5 दिवसीय अंबुवाची महोत्सव

 रायपुर हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य, आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तब अंबुवाची योग का संयोग बनता है। अंबुवाची योग में असम स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या देवी के मंदिर में माता का रजस्वला दिवस मनाया जाता है। कामाख्या मंदिर की तर्ज पर राजधानी के देवेंद्र नगर के समीप फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर में भी पांच दिवसीय अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। इस साल पांच दिवसीय योग महोत्सव 22 जून से 26 जून तक मनाया जाएगा। चार दिनों तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। मंदिर के बाहर ही भजन, सत्संग और विशेष पूजन किया जाएगा। देवेंद्र नगर, फाफाडीह मार्ग पर नारायणा अस्पताल के पहले फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर स्थित है। मंदिर की स्थापना 58 साल पहले की गई थी। मंदिर के पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, ग्रीष्मकाल समाप्त होने और मानसून प्रारंभ होने के पहले के संधिकाल में सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। अंबूवाची योग में धरती माता और मां कामाख्या का रजस्वला दिवस मनाए जाने की मान्यता है। असम स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में देशभर से तांत्रिकगण और श्रद्धालु दर्शन, पूजन करने जाते हैं। पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, जब सूर्य आद्रा के नक्षत्र में प्रवेश करता है, अंबूवाची योग का संयोग बनता है। अंबूवाची योग में असम स्थित मां कामाख्या के मंदिर में माता का रजस्वला महोत्सव मनाया जाता है। 22 जून को गौरी गणेश कलश, कच्छप, नौ कलश चक्र, नवग्रह, चर्तुदिक शिवलिंग, चौसठ योगिनी, षोडशमातृका, सप्तघृत मातृका, क्षेत्रपाल चक्र, वास्तु चक्र, पंच लोकपाल, दस दिगपाल का पूजन किया जाएगा। रात्रि में मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। 22 से 24 जून तक मंदिर के बाहर जसगीत, दुर्गा सप्तशती पाठ, सुंदर कांड का पाठ होगा। 25 जून की रात्रि में मंदिर का पट खोला जाएगा। षोडषोपचार स्नान के बाद शृंगार किया जाएगा। 26 को दोपहर एक बजे हवन के बाद कलशयात्रा निकाली जाएगी। माता की पालकी फोकटपारा से होते हुए देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र से वापस मंदिर पहुंचेगी। छोटी कन्याओं का पूजन किया जाएगा। माता को भोग अर्पित कर महाभंडारे में प्रसादी वितरण होगा।

म.प्र. लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के संबंध में कैवियट दायर

भोपाल  सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 म.प्र. राजपत्र में 19 जून 2025 को अधिसूचित किया गया है। इस संभावना के दृष्टिगत राज्य के किसी संघ या शासकीय सेवक द्वारा म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 नियम अथवा नियम के किसी भी प्रावधान पर स्थगन लेने के लिए उच्च न्यायालय, मुख्य खंडपीठ जबलपुर / खंडपीठ इंदौर / खंडपीठ ग्वालियर में रिट याचिका दायर की जा सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि यदि मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 या उसके किसी भी प्रावधान को चुनौती दी जाती है तो उसकी अग्रिम प्रति महाधिवक्ता कार्यालय जबलपुर / इंदौर / ग्वालियर को उपलब्ध कराई जाये। उक्त आशय की जानकारी देते हुए उप सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि उच्च न्यायालय मुख्य खंडपीठ जबलपुर / खंडपीठ इंदौर / खंडपीठ ग्वालियर में मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा कैवियट दायर की जा रही है।  

पुरी जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी सौगात, रथयात्रा के लिए छत्तीसगढ़ से चलेगी स्पेशल ट्रेन

रायपुर रथयात्रा महापर्व 2025 के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने विशेष पहल की है. श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा गोंदिया से कटक और वापसी के लिए TOD (Train on Demand) स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है. यह विशेष ट्रेन 08893/08894 नंबर से चलेगी और कुल 10 ट्रिप्स में यात्रियों को रथयात्रा दर्शन के लिए सुविधा देगी. ट्रेन संचालन का शेड्यूल 08893 (गोंदिया से कटक) 26 जून, 28 जून, 30 जून, 2 जुलाई और 5 जुलाई 2025 08894 (कटक से गोंदिया) 28 जून, 29 जून, 1 जुलाई, 3 जुलाई और 7 जुलाई 2025 गोंदिया से कटक के लिए ट्रेन दोपहर 1.30 बजे रवाना होगी. ये ट्रेन डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, लखौली, महासमुंद होते हुए कटक पहुंचेगी. वापसी में ये ट्रेन 08894 नंबर के साथ चलेगी. ये ट्रेन कटक, भुवनेश्वर, संबलपुर, टिटलागढ़ होते हुए अपने गंतव्य स्थान गोंदिया पहुंचेगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शतरंज खिलाड़ी सुश्री दिव्या देशमुख को दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लंदन में आयोजित वर्ल्ड टीम ब्लिट्ज चैम्पियनशिप-2025 के सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करने पर सुश्री दिव्या देशमुख को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। नागपुर निवासी शतरंज खिलाड़ी सुश्री देशमुख ने सेमीफाइनल के दूसरे चरण में विश्व की नंबर-1 खिलाड़ी होउ यिफान के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि भारत की बेटी दिव्या देशमुख भविष्य में सफलता के नित-नए कीर्तिमान गढ़े और देशवासियों को गौरव की अनुभूति करवाएं।  

केंद्रीय गृह मंत्री शाह 22 और 23 जून को छत्तीसगढ़ प्रवास पर, नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी करेंगे भूमिपूजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NSFU) खुल रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने 22 और 23 जून को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान नवा रायपुर में यूनिवर्सिटी कैंपस का भूमिपूजन करेंगे. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 40 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. लगभग साढ़े 3 सौ करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय बनेगा. भवन बनने के पहले यूनिवर्सिटी में इसी शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई शुरू हो जाएगी, जिसके लिए ट्रांजिट कैंपस का भी गृह मंत्री शुभारंभ करेंगे. उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने प्रवास के दौरान प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. हालांकि, बैठक के लिए स्थान अभी तय नहीं किया गया है. इसके साथ शाह शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपंजे के परिजनों के अलावा बस्तर में जवानों से मुलाकात करेंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी त्रियंबिका गौड़ को जन्मदिन की शुभकामनाएं

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार को इंदौर स्थित ग्रैंड सेरेटन होटल पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ की पौत्री त्रियंबिका एकलव्य सिंह गौड़ के जन्मदिन समारोह में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालिका त्रियंबिका को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।  

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्यपाल डेका रायपुर में तो सीएम साय जशपुर के कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर छत्तीसगढ़ में प्रत्येक जिले में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इस अवसर पर रायपुर में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका तो वहीं जशपुर में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे. सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होने वाले जिलेवार कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी की है. इसमें डिप्टी सीएम अरुण साव मुंगेली के होने वाले कार्यक्रम में, तो वहीं डिप्टी सीएम विजय शर्मा कवर्धा में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे.

घर में लगाए सोलर संयंत्र, केंद्र के साथ राज्य सरकार भी देगी सब्सिडी

रायपुर घर की छत में सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर उपभोक्ताओं की केंद्र सरकार के अनुदान के अलावा अब राज्य सरकार भी अपनी तरफ से सब्सिडी देगी. 1 किलोवॉट क्षमता वाले प्लांट के लिए कुल 45,000 रुपए दिए जाएंगे, जिसमें 30,000 रुपए केंद्र और 15,000 रुपए राज्य सरकार देगी. इसी तरह सोलर प्लांट की क्षमता 2 किलोवॉट, 3 किलोवॉट और अधिक के आधार पर सब्सिडी राशि तय की गई है. हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे. इस निर्णय से राज्य सरकार पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ और 2026-27 में 210 विष्णुदेव साय कैबिनेट के अन्य निर्णय जशपुर जिले में महिला स्व-राज्य के डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास- आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है. अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था विवेकानंद इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एंड सर्विसेज, छत्तीसगढ़ (विश्वास) को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में मर्ज करने का अनुमोदन किया गया. उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94,290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया. सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘जशप्योर’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं. इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा सीएसआईडीसी को हस्तांतरित करने का अनुमोदन किया गया. राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए ‘स्टेट मिनरल ‘एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट’ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया. अनुकंपा नियुक्त कैबिनेट ने अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. खासकर नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में संवेदनशीलता बरतते हुए पात्र सदस्य को पुलिस विभाग के अलावा किसी भी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी. इसके पहले अनुकंपा नियुक्ति उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक का निधन हुआ है. एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए नया प्रावधान किया गया है.

8th Pay Commission: इस दिन से बढ़ जाएगी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी! सैलरी-पेंशन का स्ट्रक्चर, NPS और CGHS योगदान पर क्या होगा असर

नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. इस साल की शुरुआत में ही केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को हरी झंडी दे दी , जो 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है. इससे देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.  8वें वेतन आयोग से सैलरी और पेंशन में कितनी होगी बढ़ोतरी? 8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. ऐसे में सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स जानना चाहते हैं कि उनकी सैलरी और पेंशन में कितना इजाफा होगा.आइए जानते हैं कि नए वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं. इसके साथ ही ये भी जानेंगे कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लिए ये बदलाव क्यों खास माना जा रहा है. बेसिक सैलरी और पेंशन में भारी इजाफा इस आयोग में सबसे अहम बात फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है, जिसकी मदद से नई बेसिक सैलरी  और पेंशन  (Salary and Pension Hike)  तय होती है. 7वें वेतन आयोग में ये फैक्टर 2.57 था, लेकिन अब इसे 2.86 तक बढ़ाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है, तो 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 51,480 रुपये हो सकती है. वहीं, पेंशन 9,000 से बढ़कर करीब 25,740 रुपये हो सकती है.इस तरह सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बंपर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. 8वें वेतन आयोग में क्या होगा बदलाव? 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर में कई बड़े बदलाव ला सकता है। बेसिक सैलरी के अलावा, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी बदलाव की उम्मीद है। यह इस पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी की पोस्टिंग किस शहर में है और उसका काम किस तरह का है। मतलब कि उन्हें दफ्तर में काम करना रहता है, या काम के सिलसिले में भागदौड़ करनी रहती है। इस वजह से, एक ही वेतन ग्रेड के दो कर्मचारी भी अलग-अलग कुल वेतन (Total Salary) पा सकते हैं, क्योंकि उनके भत्ते अलग-अलग होंगे। NPS और CGHS योगदान पर असर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): अभी केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10 प्रतिशत योगदान करते हैं, जबकि सरकार 14 प्रतिशत योगदान देती है। 8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के बाद, ये दोनों योगदान राशि भी बढ़ेंगी। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS): CGHS की सदस्यता शुल्क सैलरी स्लैब पर आधारित होती है। जैसे ही बेसिक सैलरी बढ़ेगी, CGHS के शुल्क भी नए सैलरी स्ट्रक्चरके अनुसार रिवाइज होंगे। किस ग्रेड में कितनी बढ़ेगी सैलरी? प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 के आधार पर ग्रेड के हिसाब से सैलरी में इजाफा भी अलग-अलग हो सकता है। आइए समझते हैं कि रिवाइज्ड सैलरी स्ट्रक्चर कैसा दिख सकता है: ग्रेड 2000 (लेवल 3): इस ग्रेड में बेसिक सैलरी ₹57,456 तक बढ़ सकती है। HRA और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों को मिलाकर, कुल मासिक वेतन (ग्रॉस सैलरी) करीब ₹74,845 हो सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद अनुमानित इन-हैंड सैलरी लगभग ₹68,849 रहने की संभावना है। ग्रेड 4200 (लेवल 6): इस ग्रेड में संशोधित बेसिक वेतन ₹93,708 तक हो सकता है। कुल ग्रॉस सैलरी, भत्तों सहित, ₹1,19,798 के आसपास हो सकती है। डिडक्शन के बाद अनुमानित नेट मासिक सैलरी करीब ₹1,09,977 हो सकती है। ग्रेड 5400 (लेवल 9): इस वेतन ग्रेड में बेसिक वेतन ₹1,40,220 तक बढ़ सकता है। भत्तों को जोड़ने पर कुल वेतन ₹1,81,073 तक जा सकता है। कटौतियों के बाद इन-हैंड वेतन करीब ₹1,66,401 होने की संभावना है। ग्रेड 6600 (लेवल 11): इस ग्रेड में संशोधित बेसिक वेतन ₹1,84,452 हो सकता है। सभी भत्तों को मिलाकर, मासिक कुल आय ₹2,35,920 तक हो सकती है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद इन-हैंड सैलरी करीब ₹2,16,825 हो सकती है। अलग-अलग लेवल पर कितनी बढ़ेगी सैलरी? 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग पे लेवल पर कितनी सैलरी मिल सकती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं:     लेवल 3 (ग्रेड पे 2000): बेसिक सैलरी लगभग 57,456 रुपये, कुल सैलरी 74,845 रुपये, डिडक्शन के बाद इनहैंड सैलरी करीब 68,849 रुपये     लेवल 6 (ग्रेड पे 4200): बेसिक सैलरी करीब 93,708 रुपये, कुल सैलरी 1,19,798 रुपये, इनहैंड सैलरी लगभग 1,09,977 रुपये     लेवल 9 (ग्रेड पे 5400): बेसिक सैलरी 1,40,220 रुपये, कुल सैलरी 1,81,073 रुपये, इनहैंड करीब 1,66,401 रुपये     लेवल 11 (ग्रेड पे 6600): बेसिक 1,84,452 रुपये, कुल सैलरी 2,35,920 रुपये, इनहैंड सैलरी करीब 2,16,825 रुपये अलाउंस में भी होगा बदलाव बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे भत्तों में भी इजाफा होगा. ये इस पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी किस लोकेशन में पोस्टेड हैं और उनका ट्रैवल कितना होता है. इसी वजह से एक ही ग्रेड के दो कर्मचारियों की कुल सैलरी अलग-अलग हो सकती है. NPS और CGHS में कितना बढ़ेगा कॉन्ट्रीब्यूशन? नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में अभी कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और डीए का 10% योगदान करते हैं, जबकि सरकार 14% देती है. बेसिक सैलरी बढ़ने से ये योगदान भी बढ़ेगा. सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की फीस भी सैलरी के स्लैब से जुड़ी होती है. ऐसे में बेसिक सैलरी में इजाफा होने से CGHS की मासिक कटौती भी बढ़ सकती है. क्यों खास है ये बदलाव? 8वां वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ाने का काम नहीं करेगा, बल्कि इससे जुड़े सभी खर्चों, सुविधाओं और कर्मचारियों की आर्थिक प्लानिंग पर भी असर पड़ेगा. खासकर रिटायरमेंट प्लानिंग, होम लोन EMI, टैक्स सेविंग और इंश्योरेंस जैसे मामलों में ये बढ़ी हुई सैलरी लोगों को नई राहत दे सकती है.

Vi ने कंपनी ने AST SpaceMobile से हाथ मिलाया, जाने क्यों खास है ये पार्टनरशिप

मुंबई  भारतीय सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में एक और प्लेयर की एंट्री हो रही है. Vi और AST SpaceMobile ने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया है. दोनों मोबाइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में काम करेंगे. खासकर उस जगहों पर जो अभी भी कनेक्टेड नहीं हैं. AST SpaceMobile ने हाल में स्पेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क टेक्नोलॉजी का डेमो दिखाया है.  कंपनी ने स्पेस से एक स्टैंडर्ड मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पहली वीडियो और वॉयस कॉल की है. इस सफलता ने असल जीवन में कंपनी के स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क की क्षमता को दिखाया है. इस नेटवर्क को ऐसे डिजाइन किया गया है कि आप अपने स्मार्टफोन से सीधे इसे इस्तेमाल कर सकते हैं.  क्यों खास है ये पार्टनरशिप? AST SpaceMobile की एक प्रमुख खासियत नेटवर्क को सीधे स्मार्टफोन से कनेक्ट करना है. इसके लिए आपको किसी स्पेशल सॉफ्टवेयर, डिवाइस सपोर्ट या अपडेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस स्पेस बेस्ड सेल्युलर ब्रांडबैंड इकोसिस्टम से Vi की मौजूदा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का ऑप्शन मिलेगा.  दोनों कंपनियों के बीच हुए इस समझौते के तहत AST SpaceMobile का काम डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और सैटेलाइट नेटवर्क को मैनेज करना होगा. वहीं दूसरी तरफ Vi टेरेस्ट्रियल नेटवर्क इंटीग्रेशन, ऑपरेशन स्पेक्ट्रम और भारत में मार्केट एक्सेस का काम संभालेगी.  इस कोलैबोरेशन से भारत दुनिया के स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन में पहली लाइन में पहुंच जाएगा. इसके अलावा Vi और AST SpaceMobile साथ मिलकर अलग-अलग सेक्टर के लिए कमर्शियल ऑफरिंग (कस्टमर्स, एंटरप्राइसेस और IoT एप्लिकेशन) प्लान करेंगे.  सैटेलाइट कनेक्टिविटी है अगला पड़ाव  बता दें कि भारत में Starlink लंबे समय से एंट्री की कोशिश में है. कंपनी को हाल में भारत में अपनी सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है. स्टारलिंग के अलावा जियो और एयरटेल भी भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन लाने के लिए काम कर रहे हैं. जल्द ही हमें स्पेशल के जरिए कनेक्टिविटी मिलने लगेगी, जिससे दूर-दराज के इलाकों में नेटवर्क बेहतर होगा. Jio-Airtel के साथ Starlink का धमाका, बदलेगा भारत का डिजिटल नक्शा अब भारत में भी घर बैठे आसमान से इंटरनेट की सुविधा मिलने वाली है. एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink को भारत सरकार से लाइसेंस मिल गया है. इस कदम को भारत के डिजिटल डेवलपमेंट में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद इस बात की जानकारी दी और कहा कि ये भारत के लिए कनेक्टिविटी का अगला फ्रंटियर होगा. अब पहाड़ों, जंगलों और गांवों में भी फास्ट इंटरनेट कनेक्शन मिलना पॉसिबल हो जाएगा. सिंधिया और SpaceX की मीटिंग सिंधिया ने Starlink की कंपनी SpaceX की प्रेसिडेंट और COO ग्विन शॉटवेल से मुलाकात की और दोनों के बीच काफी पॉजिटिव बातचीत हुई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत की डिजिटल उड़ान को और ऊंचा ले जाने के लिए सैटेलाइट कम्युनिकेशन में सहयोग के कई अवसर हैं. Starlink क्या है? Starlink एक सैटेलाइट-बेस्ड इंटरनेट सर्विस है, जिसे एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने शुरू किया है. ये टेक्नोलॉजी लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में घूमने वाले हजारों छोटे सैटेलाइट्स के जरिए फास्ट और कम लेटेंसी वाला इंटरनेट देती है. Starlink धरती से करीब 550 किलोमीटर ऊपर सैटेलाइट्स से इंटरनेट भेजता है. ये पारंपरिक सैटेलाइट सिस्टम से ज्यादा तेज और भरोसेमंद माना जाता है. इसका खास फायदा दूर-दराज के इलाकों को मिलेगा, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचना मुश्किल होता है. Airtel और Jio भी Starlink के साथ मार्च 2025 में Jio और Airtel ने Starlink के साथ साझेदारी का ऐलान किया था. अब भारत में Starlink को इन्हीं दोनों कंपनियों के जरिए बढ़ाया जाएगा. Jio Starlink का इंस्टॉलेशन, कस्टमर सपोर्ट और एक्टिवेशन भी देखेगा. Starlink का डिवाइस अब Jio और Airtel के स्टोर्स पर मिलने लगेगा. ये सर्विस खासकर स्कूलों, हॉस्पिटल्स, गांवों और बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित होगी.  

मप्र-महाराष्ट्र सीमा पर डेढ़ किमी का जमीनी विवाद सुलझा, जानें कैसे…

भोपाल  मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर एक रास्ता काफी लंबे समय से बंद था। जिसके 40 सालों बाद मामला अब जाकर सुलझ गया है। यह रास्ता कहीं और से नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के लोनी गांव और महाराष्ट्र के जलगांव जिले की रावेर तहसील के चोरवड़ गांव को आपस में जोड़ता है। क्या है पूरा मामला दोनों राज्यों के किसानों ने 4-4 फीट जमीन पर फसल लगाकर रास्ता रोक लिया था। जिसके चलते डेढ़-दो किलोमीटर के करीब का रास्ता बंद हो गया था। इसी को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में एक किसान की शिकायत के बाद बुरहानपुर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया। ऐसे ही जलगांव कलेक्टर के द्वारा भी मामला संज्ञान में लिया गया। बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि महाराष्ट्र से ग्राम लोनी की सीमा लगी है। जबकि महाराष्ट्र के रावेर तहसील के ग्राम चोरवड़ की सीमा शुरू होती है।दोनों राज्यों के किसानों के आवागमन के लिए शासकीय रिकॉर्ड में दो किमी का रास्ता था, लेकिन अतिक्रमण होने के कारण किसानों को कृषि उपकरण एवं वाहन ले जाने में परेशानियां हो रही थी। जिसके बाद बुरहानपुर कलेक्टर और जलगांव कलेक्टर के निर्देश पर बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया और रावेर तहसीलदार बंडु कापसे लोनी गांव पहुंचे और किसानों से मामले पर चर्चा की। दोनों राज्यों की राजस्व टीम ने पहुंचकर सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर खेतों की नपती करते हुए रास्ते पर पाए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई की। जिससे दोनों राज्यों के करीब 50 किसानों को खेतों में ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रक सहित कृषि उपकरण ले जाने में आसानी होगी। विवाद की स्थिति न हो इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस बल भी शामिल किया गया। जिसके बाद आपसी सहमति के बाद एक किसान के द्वारा स्वयं से ही केले की फसल को जेसीबी से हटवा दिया। किसान सुनील महाजन ने कहा कि शासकीय रास्ते पर अतिक्रमण होने से फसल तक लगाई जा रही थी। जिसको लेकर कही बाद शिकायतें होने के बाद भी निराकरण नहीं हो रहा था। खेतों तक वाहन नहीं जाने से मजबूरी में अधिक मजदूरों के माध्यम से उपज बाहर लाने से चार गुना अधिक मजदूरी चुकानी पड़ रही थी। रास्ता साफ होने से खेतों तक ट्रक ,ट्रेक्टर ट्रॉली वाहन आसानी से पहुंचेंगे जिससे किसानों को फायदा होगा।

उच्च न्यायालय ने पत्नी की बिना सहमति ली गई व्हाट्सएप चैट साक्ष्य के रूप में मंजूर

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि पति-पत्नी के बीच व्हाट्सएप पर हुई बातचीत को पारिवारिक मामलों में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। भले ही ये बातचीत बिना किसी एक पार्टनर की मर्जी के हासिल की गई हो। जस्टिस आशीष श्रोती ने ये फैसला एक महिला की याचिका पर दिया। महिला ने फैमिली कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने महिला के पति को तलाक के मामले में व्हाट्सएप चैट पेश करने की इजाजत दी थी। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक मामलों को सुलझाने के लिए किसी भी सबूत को माना जा सकता है, भले ही वो भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत मान्य न हो। ये है मामला ये मामला एक पति-पत्नी से जुड़ा है। उनकी शादी दिसंबर 2016 में हुई थी और अक्टूबर 2017 में उनकी एक बेटी हुई। बाद में पति ने तलाक के लिए अर्जी दी। उसने आरोप लगाया कि पत्नी ने उसके साथ क्रूरता की और उसका किसी और के साथ संबंध है। अपने आरोपों को साबित करने के लिए, पति ने व्हाट्सएप मैसेज पेश किए। उसने बताया कि ये मैसेज उसने पत्नी के फोन में एक हिडन एप्लीकेशन के जरिए निकाले थे। इन चैट से लग रहा था कि पत्नी का किसी और के साथ अफेयर है। पत्नी ने लगाई थी याचिका इसके जवाब में, पत्नी ने हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 9 के तहत याचिका दायर की। उसने कहा कि वो अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसने व्हाट्सएप चैट के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। पत्नी का कहना था कि ये चैट उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन है, जो उसे आर्टिकल 21 के तहत मिली है। उसने ये भी कहा कि ये सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का भी उल्लंघन है। पत्नी के वकील ने कुछ पुराने फैसलों का हवाला दिया, जिनमें कोर्ट ने गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए पर्सनल कम्युनिकेशन को सबूत के तौर पर मानने से इनकार कर दिया था। पत्नी की आपत्तियों को किया खारिज लेकिन हाई कोर्ट ने पत्नी की आपत्तियों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 14 के तहत, कोर्ट किसी भी ऐसे मटेरियल को स्वीकार कर सकते हैं जो पारिवारिक विवादों को सुलझाने में मदद करे। भले ही वो भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत मान्य न हो। जस्टिस श्रोती ने कहा कि फैमिली कोर्ट सबूतों के नियमों में थोड़ी ढील देते हैं। क्योंकि पारिवारिक मामले निजी और संवेदनशील होते हैं। वहीं, जस्टिस श्रोती ने सुप्रीम कोर्ट के कुछ पुराने फैसलों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई सबूत गैरकानूनी तरीके से भी हासिल किया गया है, तो भी उसे माना जा सकता है अगर वो मामला से जुड़ा हुआ है और असली है। कोर्ट ने माना कि प्राइवेसी का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन ये पूरी तरह से नहीं है। इसे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार के साथ संतुलित करना होगा। जस्टिस श्रोती ने कहा कि जब आर्टिकल 21 के तहत दो अधिकार आपस में टकराते हैं- प्राइवेसी और निष्पक्ष सुनवाई- तो निष्पक्ष सुनवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आर्टिकल 122 का भी जिक्र किया कोर्ट ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 122 का भी जिक्र किया। ये धारा आम तौर पर पति-पत्नी के बीच बातचीत को सुरक्षित रखती है, लेकिन अगर पति-पत्नी के बीच कानूनी विवाद है तो ये लागू नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली, बॉम्बे और राजस्थान जैसे कई हाई कोर्ट ने पारिवारिक मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड के इस्तेमाल का समर्थन किया है। सबूत की अभी जांच होगी जस्टिस श्रोती ने ये भी साफ किया कि सबूत को स्वीकार करने का मतलब ये नहीं है कि वो साबित हो गया है। सबूत को अभी भी वेरिफाई करना होगा। उन्होंने फैमिली कोर्ट को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। जैसे कि सबूत की सच्चाई की पुष्टि करना, जरूरत पड़ने पर इन-कैमरा सुनवाई करना और मर्यादा बनाए रखना। कोर्ट ने ये भी कहा कि गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए सबूत को स्वीकार करने से उस व्यक्ति को सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई से सुरक्षा नहीं मिलती है। फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा कोर्ट ने महिला की याचिका को खारिज कर दिया और फैमिली कोर्ट के अप्रैल 2023 के आदेश को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि सबूत को स्वीकार करने के लिए ये जरूरी है कि वो मामला से जुड़ा हुआ हो, न कि उसे कैसे हासिल किया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे सबूत को रोकने से फैमिली कोर्ट एक्ट के मकसद के खिलाफ होगा।

पुरी रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने के नियम, जानें प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के रथ की खास बातें

पुरी  हर साल ओडिशा में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा में देश भर से लोग पहुंचते हैं. इस बार जगन्नाथ रथ यात्रा शुरुआत 27 जून से होने जा रही है. पुरी में होने वाले इस उत्सव का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृितक विरासत को दिखाता है, जो टूरिस्टों के आकर्षक का भी केंद्र हैं. अगर आप भी इस साल रथ यात्रा में शामिल होना चाहते हैं तो जानिए यहां कैसे जाएं?  हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 26 जून दोपहर 1 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 27 जून सुबह 11 बजकर 19 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, यह पर्व 27 जून को मनाया जाएगा. रथ यात्रा नौ दिनों तक चलेगी और 5 जुलाई 2025 को समाप्त होगी. कैसे जाएं पुरी अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो आपको पुरी रेलवे स्टेशन जाना होगा, जो देश के करीब सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है. वहीं यात्रा के दौरान कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं. पुरी रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 2 किलोमीटर के करीब है. यहां से आप ऑटो या रिक्शा लेकर जा सकते हैं. अगर आपको हवाई सफर करना है, तो करीबी एयरपोर्ट भुवनेश्वर में है. जो पुरी से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. एयरपोर्ट से आप बस या टैक्सी की मदद से पुरी तक जा सकते हैं.  पुरी में होटल और धर्मशाला के कई ऑप्शन मौजूद हैं, मंदिर के आसपास कई होटल हैं, जिनका बजट एक हजार से शुरू होता है. वहीं 500 रुपये में आपको धर्मशाला मिल जाएगा. मंदिर में दर्शन का समय सुबह 5 बजे से रात के 9 बजे तक का है. दिन में साढ़े 11 बजे से एक बजे तक भोग और विशेष पूजा के लिए दर्शन बंद रहता है. मंदिर में अगर भीड़ हो तो दर्शन करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है. जून और जुलाई के महीने में रथ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनिया भर से भक्त यहां आते हैं. रथ यात्रा से 15 दिन पहले मंदिर में दर्शन बंद हो जाता है.   रथ यात्रा के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कई इंतजाम किए जाते हैं. पुरी रेलवे स्टेशन के बाहर निशुल्क कैंप भी लगाए जाते हैं जहां तीर्थयात्री रह सकते हैं.  कैसे पहुंचें पुरी? जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचना होगा। पुरी उड़ीसा में स्थित है। आप हवाई मार्ग से सफर कर रहे हैं तो पुरी से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट भुवनेश्वर में है। भुवनेश्वर का बीजू पटनाटक इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत के कई शहरों से सीधी उड़ान के माध्यम से जुड़ा है। आप भुवनेश्वर एयरपोर्ट पहुंचकर टैक्सी या बस के जरिए 60 किमी की दूरी तय करके पुरी पहुंच सकते हैं।  बजट में सफर के लिए रेल यात्रा का विकल्प भी अपना सकते हैं। पुरी रेलवे स्टेशन देशभर से जुड़ा हुआ है। पुरी रेलवे स्टेशन से जगन्नाथ मंदिर और रथ यात्रा स्थल की दूरी लगभग ढाई से तीन किमी है। सड़क मार्ग से यात्रा के लिए भुवनेश्वर और कोणार्क से पुरी के लिए नियमित सरकारी और निजी बसें मिलती हैं। NH-316 द्वारा सड़क मार्ग भी सरल है। पुरी रथ यात्रा के लिए टिप्स पहले से बुकिंग रथ यात्रा में भारत ही नहीं विदेश से भी श्रद्धालु आते हैं। रथ यात्रा के दौरान काफी भीड़ होती है और मंदिर के पास के होटल बुक हो जाते हैं। ऐसे में पहले से परिवहन यानी ट्रेन या फ्लाइट का टिकट बुक कर लें। साथ ही होटल या धर्मशाला की बुकिंग भी पहले से ही कर लें ताकि आपको वहां पहुंचने या रहने में असुविधा न हो। मौसम समझें  जून के अंत में पुरी में गर्मी और बारिश दोनों हो सकते हैं। मौसम का पता लगाकर उसके अनुसार ही आरामदायक कपड़े और छाता साथ रखें।  सावधान रहें रथ यात्रा के दौरान भीड़ को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। अगर स्वास्थ्य समस्या है तो दूर से यात्रा देखें। इसके साथ ही अपनी कीमती सामान की देखरेख भी करें।  मोबाइल ऐप का उपयोग रथ यात्रा से जुड़ी सभी जानकारी Shree Jagannatha Dham ऐप पर उपलब्ध रहेगी। इस ऐप से आप दर्शन, लाइन स्थिति, आवास और महाप्रसाद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रथ यात्रा क्यों निकाली जाती है? पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने पुरी नगर दर्शन की इच्छा जताई. तब भगवान जगन्नाथ और बलभद्र ने उन्हें रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया और रास्ते में वे अपनी मौसी के घर भी कुछ दिन ठहरे. तभी से यह परंपरा हर साल रथ यात्रा के रूप में निभाई जाती है. रथ यात्रा का महत्व ऐसा माना जाता है कि रथ यात्रा में शामिल होने या इसका साक्षात दर्शन करने से हजार यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. पुरी का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है और यह यात्रा भक्तों को मोक्ष की ओर ले जाने वाली मानी जाती है. जानें प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के रथ की खास बातें जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक है। यह यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू होती है और दशमी तिथि तक चलती है। इस साल यह यात्रा 27 जून से शुरू होगी। 9 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 5 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि जब भगवान जगन्नाथम बलभद्र और सुभद्रा जी की प्रतिमा को रथ में बैठाकर यात्रा निकाली जाती है, तो इसे भक्त खींचते हैं। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा में रथ खींचने वाले भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप भी अगर इस साल भगवान जगन्नाथ जी का रथ खींचना चाहते हैं, तो आपको रथ खींचने से जुड़े नियम जरूर जान लेने चाहिए। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा कहां से निकलती है तीन रथों को मोटी रस्सियों से खींचा जाता है। यह रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक जाती है। रथों को खींचकर चार किलोमीटर की दूरी तय की जाती है। हर व्यक्ति को रथ खींचने का अवसर मिलता है। कुछ … Read more

योग दिवस की थीम एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिये योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शिक्षण संस्थाओं में होगा सामूहिक योग 21 जून के लिये लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये दिशा निर्देश योग दिवस की थीम एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिये योग भोपाल  प्रदेश में ग्यारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून 2025 को प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक योग प्रदर्शन के लिये लोक शिक्षण संचालनालय ने दिशा निर्देश जारी किये है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिये योग” रखी गई है। दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक योग प्रदर्शन के लिये आयुष मंत्रालय के कॉमन योग प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 के आयोजन से संबंधित अतिरिक्त जानकारी, जिसमें ब्रांडिंग किट, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित आवश्यक सहायक सामग्री, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 10 प्रमुख कार्यक्रमों से संबंधित व्यापक पाठ्य सूचना और लिंक की जानकारी दिशा निर्देश के साथ भेजी गयी है। संपूर्ण प्रदेश में योग कार्यक्रम के लिये निर्धारित पल प्रतिपल समय सारणी के अनुसार आयोजित किया जायेगा।  मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के उद्बोधन कार्यक्रमों का सीधा प्रसार प्रसारण एनआईसी द्वारा प्रदाय लिंक के माध्यम से किया जायेगा। दिशा निर्देश में कहा गया है कि योग के मूल सिद्धांतों और इसके लाभों को बताने के लिये विद्यालयों में कार्यक्रम स्थल पर योग विशेषज्ञों को आमंत्रित कर योग व्याख्यान करायें। स्कूल शिक्षा विभाग के सामूहिक योग कार्यक्रम के ‍लिये राज्य नोडल अधिकारी संयुक्त संचालक लोक शिक्षण श्री एचएन नेमा को बनाया गया है। उनका मोबाईल नबंर 9406952232 है।  

सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई

पीएम जनमन अभियान छिंदवाड़ा में 1067 भारिया परिवारों को मिले पक्के आवास जनजाति वर्ग का समग्र उत्थान मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई  सामग्री की सामूहिक खरीद पर भी की एक करोड़ की बचत भोपाल  प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत छिंदवाड़ा के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में निवासरत 1067 भारिया जनजाति के परिवारों को पक्के आवास आवंटित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना को मध्यप्रदेश में शत प्रतिशत मूर्तरूप दिया जायेगा। जिला प्रशासन द्वारा आवास आवंटन के साथ ही सामूहिक खरीदी के नवाचार से एक करोड़ रूपये की बचत भी संभव हुई है। प्रधानमंत्री जनमन अभियान के तहत छिन्दवाड़ा को कुल 5825 आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके अंतर्गत चौरई, हर्रई, तामिया, अमरवाड़ा, जुन्नारदेव एवं परासिया जनपद के दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत भारिया हितग्राहियों को योजना का लाभ देना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। ग्रामों की दूर-दराज़ स्थिति (जिला मुख्यालय से 100-125 कि.मी.) के कारण स्थानीय भवन सामग्री विक्रेताओं द्वारा महंगे दाम और कम गुणवत्ता वाली सामग्री हितग्राहियों को दिये जाने से भी आवास निर्माण में बाधा थी। इससे कई परिवारों ने आवास निर्माण में रुचि ही लेना बंद कर दिया था। इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने अधिकारियों के साथ स्वयं मौका स्थल का भ्रमण कर हितग्राहियों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने जनपद पंचायतों के अमले, सहायक यंत्री, और ग्राम पंचायतों के सरपंच आदि से सामूहिक चर्चा की जिसमें ग्रामवासियों और सामग्री विक्रेताओं के साथ संवाद स्थापित कर कम दर पर उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। नवाचार से हुई एक करोड़ की बचत जिला प्रशासन द्वारा जनपद स्तर पर थोक विक्रेताओं से संपर्क कर भवन निर्माण सामग्री की दरों को भी पूर्व निर्धारित किया गया। सीमेंट, ईंट, गिट्टी, सरिया, सेंटरिंग आदि निर्माण सामग्री स्थानीय दरों से 2 से 55 रूपये तक सस्ती दरों पर हितग्राहियों के ग्रामों में ही थोक में पहुँचाई गई। इस नवाचार से न केवल परिवहन लागत बची, बल्कि समय पर सामग्री मिलने से अधिकांश हितग्राहियों ने 2 माह से भी कम समय में अपने पक्के आवास तैयार कर लिए। इस पहल से 1067 परिवारों को 99,21,443 रूपये की सीधी बचत हुई, यानी प्रति परिवार लगभग 9,298 रूपये की औसत बचत हुई। साथ ही 1052 आवासों का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है और शेष 508 आवास शीघ्र पूर्ण होने की स्थिति में है। बिचौलियों से मिली मुक्ति नवाचार न केवल योजनांर्गत लक्ष्य प्राप्ति में सहायक बना, बल्कि इससे हितग्राहियों को ठगने वाले बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाई गई। अब जिले के अन्य नवीन स्वीकृत आवासों में भी इसी मॉडल को अपनाने की योजना है।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet