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MP में कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की, विदिशा बनेगा कांग्रेस की प्रयोगशाला

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस कमजोर क्षेत्रों में विदिशा मॉडल लागू करेगी, जिसके तहत 650 पंचायतों और वार्डों में समितियां वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन और इलेक्शन मैनेजमेंट का काम देखेंगी। यह मॉडल उन क्षेत्रों में लागू होगा जहां कांग्रेस पिछले 20 सालों से सत्ता से बाहर है और संगठन कमजोर है। इस मॉडल में एक्सपर्ट्स कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम करेंगे और 30 जून तक वेरिफिकेशन का काम पूरा किया जाएगा। कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन मीटिंग करेंगे पटवारी इसके बाद जुलाई में जीतू पटवारी कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन मीटिंग करेंगे और फिर भोपाल और नर्मदापुरम में भी यह मॉडल शुरू किया जाएगा। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पिछले 20 सालों से सत्ता से बाहर है, सिर्फ 15 महीनों को छोड़कर पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। 2020 में हुए दलबदल के बाद कई क्षेत्रों में कांग्रेस का संगठन बेहद नाजुक स्थिति में है। अब कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के लिए विदिशा मॉडल का सहारा ले रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संगठनात्मक रूप से सबसे कमजोर जिले विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। पहले जानिए क्या है विदिशा मॉडल पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने संगठनात्मक रूप से सबसे कमजोर जिले विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 70 एक्सपर्ट्स को चुनकर विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों के हर ग्राम पंचायत और वार्ड में भेजा गया। एक्सपर्ट्स ने पंचायत और वार्ड में सबसे पहले कांग्रेस की कमजोरी की वजहों को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद पंचायत और वार्ड समिति के लिए वैचारिक रूप से मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटे। बातचीत के बाद पंचायत और वार्ड समिति का गठन किया। इन समितियों के सदस्य अब गांव और वार्ड में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। फर्जी वोटर्स की पहचान से लेकर वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन और चुनाव की तैयारी में ये समिति काम करेगी। विदिशा जिले में समितियों के गठन के बाद अब इस मॉडल पर प्रदेश के दूसरे जिलों में काम किया जाएगा। समितियों का डेटा ऑनलाइन हुआ दर्ज कांग्रेस ने विदिशा जिले की पंचायत और वार्ड समितियों का गठन करने के बाद ऑनलाइन डेटा अपलोड भी किया है। इसमें समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है। अब इन समितियों के वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आगे संगठन के काम को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाएगा। वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा विदिशा जिले की पंचायतों और वार्डों में बनाई गई समितियों के वेरिफिकेशन का काम 30 जून तक चलेगा। इसके लिए पीसीसी में एक कॉल सेंटर बनाया जा रहा है। जहां से सभी समितियों के अध्यक्ष सहित तमाम सदस्यों से टेलीफोनिक बातचीत कर सत्यापन किया जाएगा। टिफिन मीटिंग करेंगे जीतू पटवारी विदिशा जिले में गठित हुई पंचायत और वार्ड समिति के अध्यक्षों के साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जुलाई के महीने में टिफिन मीटिंग करेंगे। विधानसभा वार होने वाली टिफिन मीटिंग में सभी कार्यकर्ता अपने-अपने घर से भोजन बनवाकर टिफिन लेकर आएंगे और एक जगह पीसीसी चीफ सभी अध्यक्षों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और भोजन करेंगे। अब भोपाल और नर्मदापुरम में होगा काम शुरू विदिशा जिले के बाद कांग्रेस अब इस मॉडल पर भोपाल और नर्मदापुरम संभाग की उन विधानसभाओं में इसपर काम शुरू करेगी। जहां कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। कांग्रेस का मानना है कि इन दोनों संभागों में कांग्रेस की स्थिति सुधारने की सबसे ज्यादा जरूरत है। विदिशा से हुई पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कामले ने बताया- कांग्रेस पार्टी ने बहुत महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट के लिए विदिशा जिले को चुना था। पार्टी में इस बात की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी कि संगठन में किस तरह से संगठन में बदलाव करना चाहिए। कैसे कांग्रेस पार्टी की जमीनी स्तर पर शुरुआत कर सकते हैं। हमारे अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पर जोर दिया। 70 एक्सपर्ट्स को काम पर लगाया इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए 70 एक्सपर्ट्स को चुनकर विदिशा जिले की पांचों विधानसभा सीटों के हर ग्राम पंचायत और वार्ड में भेजा गया। एक्सपर्ट्स ने पंचायत और वार्ड में सबसे पहले कांग्रेस की कमजोरी की वजहों को लेकर रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद पंचायत और वार्ड समिति के लिए वैचारिक रूप से मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटे गए। बातचीत के बाद पंचायत और वार्ड समिति का गठन किया गया। इन समितियों के सदस्य अब गांव और वार्ड में कांग्रेस के लिए काम करेंगे। ऑनलाइन डेटा भी किया अपलोड फर्जी वोटर्स की पहचान से लेकर वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन और चुनाव की तैयारी में ये समिति काम करेगी। विदिशा जिले में समितियों के गठन के बाद अब इस मॉडल पर प्रदेश के दूसरे जिलों में काम किया जाएगा। कांग्रेस ने विदिशा जिले की पंचायत और वार्ड समितियों का गठन करने के बाद ऑनलाइन डेटा अपलोड भी किया है। इसमें समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के नाम, मोबाइल नंबर सहित तमाम जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई है। अब इन समितियों के वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आगे संगठन के काम को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया जाएगा।

लगातार बढ़ रही मुंबई में रियल एस्टेट की कीमतें, दुबई को भी पीछे छोड़ा

 मुंबई  मुंबई में प्रॉपर्टी कीमतें अब दुबई से भी 20 फीसदी ज्यादा हो गई हैं, लेकिन भारतीय खरीदार इससे विचलित नहीं हुए हैं.   Wisdom Hatch के अक्षत श्रीवास्तव ने बताया कि मुंबई का बढ़ता हुआ प्रॉपर्टी मार्केट वैश्विक तर्क को क्यों चुनौती देता है और बुनियादी ढांचे की समस्याओं के बावजूद खरीदारों को आकर्षित करता रहता है. अक्षत श्रीवास्तव कहते हैं- “मुंबई का रियल एस्टेट बढ़ता जा रहा है, क्योंकि भारतीय किसी भी कीमत पर खरीदने को तैयार हैं.”  उन्होंने कहा कि भारत का प्रॉपर्टी मार्केट भावनाओं और स्थानीय मांग से प्रेरित है. भले ही दुबई बेहतर मूल्य दे, यहां लोग उसी में निवेश करना पसंद करते हैं जिसे वे समझते हैं.’ कोविड के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में आई तेजी उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र COVID के बाद तेजी से आगे बढ़ रहा. नवीनतम 1 फाइनेंस हाउसिंग टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) के अनुसार, भारत के शीर्ष शहरों में घरों की कीमतें औसतन 48% बढ़ गई हैं. यह इंडेक्स, जो RERA-पंजीकृत लेनदेन आंकड़ों पर आधारित है, दर्शाता है कि आवास बाजार महामारी के बाद से मजबूत रूप से उबर आया है. मुंबई सबसे महंगा मुंबई भारत का सबसे महंगा रियल एस्टेट बनकर उभरा है, जिसकी औसत कीमतें ₹26,975 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं. एक आंकड़ा जो न केवल अन्य भारतीय शहरों को बल्कि दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों को भी पीछे छोड़ देता है.  शहर की लगातार बुनियादी ढांचे की समस्याओं के बावजूद, प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं. श्रीवास्तव इसका कारण सांस्कृतिक मनोविज्ञान और अनौपचारिक वित्तीय प्रथाओं का मिश्रण बताते हैं. वो कहते हैं- ‘यह खरीदारों के लिए सुविधा बढ़ाता है, क्योंकि वे उस काले धन का इस्तेमाल कर सकते हैं. बहुत सारे खरीदार हैं जो किसी भी कीमत पर खरीदने को तैयार हैं”. उन्होंने कहा कि जहां दुबई जैसे प्रॉपर्टी मार्केट पारदर्शी हैं और वैश्विक खरीदारों को आकर्षित करते हैं, वहीं मुंबई का हाउसिंग मार्केट स्थानीय मांग और गहरे विश्वास पर फलता-फूलता है. एक भारतीय सबसे ज्यादा भारत में ही प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है. रियल एस्टेट बहुत हद तक स्थानीय है. महंगी प्रॉपर्टी में दुबई रह गया पीछे!  दुबई में महंगे फ्लैट मिलते हैं तो अपनी सोच बदल लीजिए। अपने देश के एक शहर ने महंगी अल्ट्रा-लग्जरी प्रॉपर्टी के मामले में दुबई को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, इससे मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों भी पीछे रह गए हैं। यह शहर कोई और नहीं बल्कि एनसीआर का गुरुग्राम है। अल्ट्रा-लग्जरी प्रॉपर्टी के मामले में गुरुग्राम काफी आगे निकल गया है। देश में इस समय लग्जरी हाउसिंग प्रॉपर्टी की मांग काफी बढ़ रही है। साल 2024 में काफी लोगों ने करोड़ों रुपये के फ्लैट सहित दूसरे हाउसिंग प्रोजेक्ट खरीदे। ऐसे में देखा जाए तो साल 2024 भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक सुपर-लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट की मांग गुरुग्राम से लेकर मुंबई तक हो रही है। गुरुग्राम निकला आगे लग्जरी रियल एस्टेट कैटेगरी में गुरुग्राम ने मुंबई और दुबई को कड़ी टक्कर दी है। दिसंबर 2024 तक गुरुग्राम का DLF कैमेलियास प्रोजेक्ट भारत की रियल एस्टेट सुर्खियों में सबसे आगे रहा। इस प्रोजेक्ट में कई महंगे-महंगे सौदे हुए। ऐसे में ग्रुरुग्राम ने अल्ट्रा-लक्जरी सेगमेंट में मुंबई और दुबई दोनों को पीछे छोड़ दिया है। ओआरएएम डेवलपमेंट्स के सीएमडी प्रदीप मिश्रा के मुताबिक DLF कैमेलियास में 16,290 वर्ग फुट के पेंटहाउस को एक कारोबारी ने 190 करोड़ में खरीदा। यह कीमत 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट के बराबर है। ऐसे में कैमेलियास भारत के सबसे महंगे हाई-राइज कॉन्डोमिनियम के रूप में सबसे आगे रहा। कहां कितनी कीमत? मुंबई में जुहू को सबसे पॉश इलाका माना जाता है। ओआरएएम डेवलपमेंट्स के मुताबिक यहां प्रॉपर्टी की औसतन कीमत 55 हजार से 60 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट है। वहीं मालाबर हिल में यह कीमत 50 हजार से 55 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट है। वहीं बात अगर दुबई की करें तो यहां की सिलिकॉन ओएसिस में प्रॉपर्टी की औसत कीमत 40 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट है। दुबई में पाम जुमेरह (Palm Jumeirah) काफी चर्चित जगह है। यहां समुद्र के ऊपर कॉलोनी बनी है। यहां पर प्रॉपर्टी की कीमत सबसे ज्यादा है जिसकी शुरुआत करीब एक लाख रुपये प्रति वर्ग फुट जो 10 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट तक जाती है। गुरुग्राम कितना आगे? महंगी प्रॉपर्टी के मामले में देखें तो अभी गुरुग्राम दुबई को कड़ी टक्कर दे रहा है। कुछ मामले में तो यह दुबई से भी आगे निकल गया है। वहीं देश में अभी सबसे महंगी प्रॉपर्टी गुरुग्राम में ही बिकी है। जानकारों के मुताबिक गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमत आने वाले समय में और तेजी से बढ़ सकती है।

प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, दस दिन में शुरू होगी डीपीसी प्रक्रिया

भोपाल   कैबिनेट से पदोन्नति नियम 2025 को मंजूरी मिलने से नौ वर्ष बाद अब अधिकारियों-कर्मचारियों के पदोन्नति की तैयारी प्रारंभ हो गई है। सबसे पहले मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नत किए जाएंगे। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग वरिष्ठता के हिसाब से सूची तैयार कर रहा है। प्रयास यही है कि जून में ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाए। डेढ़ साल में दो बार पदोन्नति करने की तैयारी है। एक सप्ताह में अधिसूचित कर लागू होंगे नियम पदोन्नति नियम एक सप्ताह में अधिसूचित कर लागू कर दिए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चूंकि नियम हमने तैयार किए हैं, इसलिए सबसे पहले इनका क्रियान्वयन भी हम ही कर रहे हैं। इससे सभी विभागों को प्रक्रिया भी समझ आ जाएगी। मंत्रालयीन सेवा संवर्ग में हर स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति होगी। लगभग सभी कर्मचारी पदोन्नत होंगे। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति बनाई जाएगी। वरिष्ठता के आधार पर सूची तैयार होगी दस पद हैं तो कुल 24 लोगों की एक जनवरी 2025 की स्थिति में वरिष्ठता के आधार पर सूची तैयार होगी। सेवा अभिलेख के आधार पर नए नियम से पात्रता निर्धारित कर पदोन्नति दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर कर्मचारी पदोन्नत पदों का वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए इसमें कोई परेशानी भी नहीं होगी। पदोन्नति के लिए पदों की गणना संवर्ग के हिसाब से होगी। पदोन्नति भी पहले आरक्षित पदों के लिए होगी सबसे पहले अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 20 और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 16 प्रतिशत पद अलग किए जाएंगे। पहले पदोन्नति भी आरक्षित पदों के लिए होगी। इसके बाद अनारक्षित पदों पर पदोन्नति की जाएगी। इसमें सभी कर्मचारी शामिल होंगे। प्रथम श्रेणी के पदों पर योग्यता सह वरिष्ठता और शेष पदों पर वरिष्ठता सह उपयुक्तता का फार्मूला रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अधीन होगी पदोन्नति प्रक्रिया नई डीपीसी प्रक्रिया को सशर्त माना जाएगा, क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। जीएडी का कहना है कि कोर्ट में रिवर्ट के मामलों को लेकर भी सरकार अपना पक्ष रखेगी और कैविएट दाखिल करेगी, ताकि भविष्य में कोई निर्णय बिना पक्ष सुने न हो। सभी विभागों को दी जाएगी ट्रेनिंग जीएडी के अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले सामान्य प्रशासन विभाग अपनी डीपीसी करेगा। इसके बाद अन्य विभागों के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें निम्न बिंदुओं की जानकारी दी जाएगी। पदों की गणना कैसे हो, नये नियमों के पैरा की व्याख्या, वर्गवार आरक्षण व्यवस्था का अनुपालन और मेरिट और सीनियरिटी के नियम के बारे में बताया जाएगा। आरक्षित वर्ग को कैसे मिलेगा लाभ अनुसूचित जाति (अजा) को 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (अजजा) को 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान कैडर स्तर पर लागू होगा। यदि आरक्षित कोटे के पद भरे जा चुके हैं, तब पात्र अजा/अजजा वर्ग के व्यक्ति को अनारक्षित श्रेणी में स्थान मिल सकता है। भविष्य की डीपीसी में उस पद को आरक्षित कोटा में ही गिना जाएगा। अनारक्षित वर्ग के लिए चयन प्रक्रिया प्रत्येक पद के लिए दो गुना + 4 अभ्यर्थी बुलाए जाएंगे। जैसे 10 पद खाली हैं तो 24 लोग चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे। पद भरने की प्राथमिकता में पहले अजजा, फिर अजा और अंत में अनारक्षित वर्ग को लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति नियमों को अंतिम रूप देने से पहले 27 ड्राफ्ट तैयार किए गए थे। अंततः मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से चर्चा कर कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियम को अधिसूचित किया जाएगा। जीएडी का दावा है कि यह नया नियम सभी वर्गों को समान अवसर सुनिश्चित करता है। आरक्षित पदों की संख्या हो जाएगी कम नए नियम में सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है। सूत्रों के अनुसार अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को प्रदेश में शासकीय सेवाओं में जो आरक्षण निर्धारित है, वह पदोन्नति में भी मिलेगा यानी 36 प्रतिशत। शेष पद अनारक्षित वर्ग के रहेंगे। इसमें आरक्षित वर्ग भी शामिल रहता है। आरक्षित वर्ग के पद भरने के बाद अनारक्षित वर्ग में सभी शामिल होंगे। आरक्षित वर्ग के अधिकारी-कर्मचारी को अनारक्षित श्रेणी से पदोन्नति मिलने पर आगे संवर्ग की गणना में उन्हें आरक्षित कोटे का ही माना जाएगा और आगे चलकर उनकी संख्या कोटे में कम हो जाएगी। पदोन्नति देने के लिए होगा प्रशिक्षण ‘पदोन्नति की प्रक्रिया के संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। दरअसल, नए नियमों में कई प्रविधान किए गए हैं, जिसके बारे में सभी को बारी-बारी से बताया जाएगा। हम प्रयास कर रहे हैं कि जून में ही मंत्रालय संवर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति कर दी जाएगी। सितंबर-अक्टूबर में वर्ष 2026 के लिए फिर पदोन्नत करेंगे। इस प्रकार डेढ़ वर्ष में दो बार पदोन्नति हो जाएगी।’ – संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल

दमोह में किसान प्रहलाद पटेल ने हिमाचल के सेब की खेती कर लोगों को हैरत में डाल दिया

टीकमगढ़  बुंदेलखंड के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। हिमाचल प्रदेश के हरमन शर्मा ने एक ऐसा सेब का पौधा विकसित किया है जो 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी फल दे सकता है। इस खोज से बुंदेलखंड के किसानों की किस्मत बदल गई है। उन्हें इस उपलब्धि के लिए पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया है। हरमन 99 सेब की किस्म बुंदेलखंड के कई जिलों में खूब पैदा हो रही है। किसान इसकी खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। 50 डिग्री सेल्सियस में देता है फल हिमाचल प्रदेश के हरमन शर्मा ने कई सालों की मेहनत के बाद एक खास किस्म के सेब के पौधे को विकसित किया। यह पौधा 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी फल दे सकता है। इस खोज के लिए भारत सरकार ने उन्हें पहले राष्ट्रपति सम्मान दिया। फिर 2024-25 में पद्मश्री से सम्मानित किया। बुंदेलखंड में हरमन 99 सेब की किस्म अब खूब पैदा हो रही है। इन जिलों में हो रहा उत्पादन बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हरमन 99 सेब का उत्पादन हो रहा है। टीकमगढ़ के किसान सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि उन्होंने 2021 में ऑनलाइन इस पौधे को मंगाया था। पिछले 3 सालों से उनके पेड़ लगातार फल दे रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के उद्यानिकी विभाग की मदद से सेब का उत्पादन शुरू किया था। हर साल उन्हें अच्छा उत्पादन मिल रहा है। 22 पेड़ से की शुरुआत सुरेंद्र राजपूत ने 22 पेड़ ऑनलाइन मंगाए थे। आज वे सभी 22 पेड़ जिंदा हैं और उनमें फल लग रहे हैं। बुंदेलखंड में तापमान 40 से 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। लेकिन इस पौधे पर इसका कोई असर नहीं होता। इसका उत्पादन अच्छा होता है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ में करीब 25 से 30 किलो सेब का उत्पादन होता है। यह फल मई के आखिर और जून के पहले हफ्ते में आता है। उस समय कश्मीर का सेब आना बंद हो जाता है। इसलिए बुंदेलखंड में सेब का अच्छा दाम मिलता है। इस मौसम में सेब की कीमत 250-300 रुपए किलो है। जनवरी में सूख जाता है पेड़ सुरेंद्र राजपूत ने बताया कि जनवरी में पेड़ सूख जाता है। इसके बाद उसकी कटाई की जाती है। जितनी अच्छी कटाई होगी, उतना ही फल पेड़ में लगेगा। इसके बाद फूलों की क्रॉसिंग कराई जाती है। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी करना पड़ता है। वे पिछले 3 सालों से लगातार सेब का उत्पादन कर रहे हैं और बाजार में बेच रहे हैं। थोक में 200 रुपए किलो बिकता किसान सुरेंद्र राजपूत बताते हैं कि जब कश्मीर का सेब बाजार में आना बंद हो जाता है, तो बुंदेलखंड का सेब सबसे ज्यादा दिखता है। गर्मियों में होने वाले सेब का स्वाद मीठा होता है और रंग भी अच्छा होता है। इसलिए इसका थोक रेट ₹200 तक बिक जाता है। बुंदेलखंड में उत्पादन होने से बाजार में इसकी मांग बढ़ रही है। यह सेब ताजा होता है। कश्मीर से आने में समय लगता है। गर्मियों में यह सेब तुरंत बाजार में पहुंच जाता है। इसलिए इसका मुनाफा भी अच्छा होता है। इन बातों का रखना होगा ध्यान सुरेंद्र राजपूत का कहना है कि बुंदेलखंड में सेब का उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। अगर कोई किसान इसकी खेती करना चाहता है, तो उसे कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। पौधा लगाते समय ध्यान रखना जरूरी है कि उसे कम मात्रा में पानी दें। कीटनाशक दवा का छिड़काव करें, ताकि दीमक न लगे। 2 साल बाद फल देने लगता है। जब पेड़ बड़ा हो जाए और जनवरी में सूख जाए, तो उसकी डालियों की कटाई करें। अगर मधुमक्खी नहीं है, तो फूलों की क्रॉसिंग भी एक दूसरे फूल से करनी पड़ती है। इससे फल का उत्पादन अच्छा होता है। हिमाचल के हरमन शर्मा ने किया है रिसर्च हिमाचल के बिलासपुर जिले के रहने वाले हरमन शर्मा ने कई सालों तक रिसर्च के बाद एक ऐसा पौधा बनाया जो 60 डिग्री के तापमान पर भी पैदा होता है और फल देता है। जब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में यह सेब सफल हुआ, तो भारत सरकार ने उन्हें पहले राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया। इस पौधे का नाम भी उन्हीं के नाम पर है, हरमन 99। इसके बाद वर्ष 2024-25 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा रिसर्च किए गए इस पौधे ने अब बुंदेलखंड के किसानों की तस्वीर और तकदीर बदल दी है।

आज शुक्रवार 20 जून 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज अगर आप दूसरों की बातों में आकर निवेश करेंगे तो आर्थिक नुकसान होने की संभावना नजर आ रही है। पारिवारिक परेशानी आपकी आज प्राथमिकता देनी चाहिए। सिंगल जातकों के लिए आज शादी-विवाह के लिए प्रपोजल आ सकते हैं। आपका आत्मविश्वास अधिक रहेगा। वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के आपके प्रयास रंग लाएंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। वृषभ राशि- आज वृषभ राशि वालों को व्यापारिक सफलता मिल सकती है। आज आपको अपनी संतान के कारण आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। आज आपका लवर आपके सामने अपनी फीलिंग्स खुलकर शेयर नहीं कर पाएगा, जिससे आप परेशान हो सकते हैं। वर्कप्लेस पर मुश्किल समय सहयोगियों की समय पर मदद से बीत जाएगा। जीवनसाथी के साथ आपकी बहस हो सकती है, लेकिन रात तक सब बीत जाएगा। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए बहुत ज्यादा एनर्जी वाला दिन नहीं है और आप छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाएंगे। आज आपको धन के मामले में सफलता मिल सकती है। कोई दोस्त अपनी निजी परेशानियों को सुलझाने के लिए आपसे सलाह ले सकता है। आज आप खाली समय में अकेले वक्त बिताना पसंद करेंगे। जीवनसाथी के साथ तनाव पैदा हो सकता है। व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। कर्क राशि- आज आपकी सेहत आपको परेशान कर सकती है। आर्थिक रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह के निवेश से बचें, वरना आर्थिक परेशानी हो सकती है। घर के किसी बड़े-बुजुर्ग की सलाह धन की स्थिति में सुधार लाने वाली सिद्ध हो सकती है। जीवनसाथी आपके कमिटमेंट की तारीफ करेगा। अपनों का साथ मिलेगा। सिंह राशि- आपका गुस्सैल स्वभाव आपको किसी और परेशानी में डाल सकता है। जीवन में कठिन समय के दौरान पैसा आपको बचाए रखने में मदद करेगा। इसलिए आज से ही अपने पैसे को निवेश और बचाने पर विचार करें, नहीं तो परेशानी हो सकती है। अपनी संतान के लिए प्लानिंग बनाने का बेहतरीन दिन है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यस्थल पर दक्षता में सुधार के लिए अपने कौशल स्तर में सुधार करने की कोशिश करें। कन्या राशि- आज आपकी सेहत में सुधार होगा। अगर आप थोड़ा अतिरिक्त पैसा कमाने के तरीके खोज रहे हैं तो सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में निवेश करें। घरेलू मामलों और लंबित घरेलू कामों को निपटाने के लिए अनुकूल दिन है। कार्यस्थल पर आज कोई आपके साथ कुछ अच्छा व्यवहार कर सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ वाकई एक बेहतरीन शाम गुजार सकते हैं। तुला राशि- आज आप कोई भी कदम आगे बढ़ाने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। व्यापार में विस्तार मिल सकता है। आपका जिद्दी स्वभाव आपके माता-पिता की शांति खराब कर सकता है। रोमांटक लाइफ अच्छी रहेगी।आज खाली समय में आप ऐसे काम करेंगे जिनकी आप प्लानिंग बनाते थे और उन्हें करने के बारे में सोचते थे लेकिन नहीं कर पा रहे थे। आप अपने जीवनसाथी के साथ आज एक बार फिर पुराने खूबसूरत रोमांटिक दिनों को याद करेंगे। वृश्चिक राशि- आज आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होने की संभावना है। अगर आपने किसी व्यक्ति को पैसा उधार दिया था तो आज वह पैसा आपको वापस मिलने की उम्मीद है। अपनी ओर से कुछ किए बिना दूसरों का ध्यान आकर्षित करने का यह उत्तम दिन है। प्यार के आनंद का अनुभव करने वाला कोई मिल सकता है। कार्यस्थल पर प्रोफेशनल रवैया आपको तारीफ दिलाएगा। धनु राशि- आज का दिन आपके लिए बेहतरीन रहने वाला है जो आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराएंगे। अगर आप आर्थिक मामले में फंसे थे तो आज कोर्ट आपके पक्ष में फैसला सुनाएगा। आपको आर्थिक लाभ होगा। वैवाहिक जीवन में मुश्किल दौर के बाद आज आपको खुशी मिलेगी। व्यापारियों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव रहने वाला है। मकर राशि- आज आपको किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार निश्चित हो सकती है। यह खुद को जाहिर करने और क्रिएटिव नेचर के प्रोजेक्ट पर काम करने का भी अच्छा समय है। आज आप किसी ऑफिस सहकर्मी के साथ शाम बिता सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपका साथ देगा। व्यापारिक सफलता मिलेगी। कुंभ राशि- आज दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करने से आप फिट रहेंगे। आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। व्यापारिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आएंगे। परिवार के सदस्यों का हंसमुख स्वभाव घर के माहौल को खुशनुमा बना देगा। अपने लव लाइफ में कड़वी छोटी-छोटी बातों को भूल जाएं। आपके नियमित वैवाहिक जीवन के लिए दिन खास है, आज आप सचमुच कुछ बेहतर अनुभव करेंगे। मीन राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहने वाली है। आपको आर्थिक लाभ होने की संभावना है। घर में कुछ बदलाव आपको ज्यादा भावुक बना सकते हैं लेकिन आप अपनी फीलिंग्स पर काबू रखें। आज आप जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। व्यापार में स्थिति अच्छी होगी।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात कर कई मुद्दों पर की चर्चा

सेंट पीटर्सबर्ग केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात की और ट्रांसपोर्ट, कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेयर अर्थ मेटल जैसे मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देश के दिग्गज लीडर्स के बीच यह मुलाकात रूस के सबसे बड़े शहरों में एक सेंट पीटर्सबर्ग में हुई है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,”रूस के उपप्रधानमंत्री अलेक्सी ओवरचुक से मुलाकात की। ट्रांसपोर्ट, कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रेयर अर्थ मेटल सहित सहयोग के प्रमुख मुद्दों को लेकर चर्चा की।” सेंट पीटर्सबर्ग में भारत की कॉन्सुलेट जनरल की ओर से की गई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (एसपीआईईएफ 2025) में भाग लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं। एसपीआईईएफ 2025, 18 जून को शुरू हो चुकी है और यह 21 जून तक चलेगी। रूस जाने से पहले रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 17 जून को हरियाणा के मानेसर में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड प्लांट में देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन किया था। मारुति सुजुकी के प्लांट में नया गति शक्ति कार्गो टर्मिनल ऑटोमोबाइल परिवहन की लॉजिस्टिक्स दक्षता को काफी हद तक बढ़ाता है। मानेसर प्लांट 10 किलोमीटर के रेल लिंक के माध्यम से पाटली रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है, जो हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचआरआईडीसी) द्वारा विकसित किए जा रहे 121.7 किलोमीटर लंबे हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर का हिस्सा है। इस 10 किलोमीटर के लिंक के निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें एचआरआईडीसी ने 684 करोड़ रुपए का योगदान दिया और शेष राशि मारुति सुजुकी द्वारा दी गई। इस गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की लोडिंग क्षमता 4.5 लाख ऑटोमोबाइल प्रति वर्ष के साथ भारत में सबसे अधिक है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव आया है। 2014 से पहले भारतीय रेलवे का वार्षिक बजट 24,000 से 25,000 करोड़ रुपए था, जो कि बढ़कर अब 2.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है।

यूपी में पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं, 234 अपराधियों को मार गिराया गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से अपराधियों की शामत आई हुई है। पिछले आठ सालों में औसतन हर दिन छह एनकाउंटर हो रहे हैं। इन एनकाउंटर में 234 अपराधियों को मार गिराया गया है। 9202 अपराधी इस दौरान घायल हुए हैं। इनमें से ज्यादातर को पुलिस ने लंगड़ा कर दिया है। गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। बयान के अनुसार आठ सालों में पुलिस के साथ मुठभेड़ की 14,741 घटनाएं हुईं। इनमें 30,293 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अपराधियों से मुकाबला करते हुए 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 1700 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के हवाले से बयान में कहा गया कि प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में हुई। यहां पुलिस ने 4,183 कार्रवाई की। इनमें 7,871 अपराधी पकड़े गए जबकि 2,839 अपराधी घायल हो गए। इस दौरान 77 कुख्यात अपराधी मौके पर ही मारे गए। इस दौरान 452 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि वाराणसी ज़ोन में मुठभेड़ की 1,041 घटनाएं हुईं, जिनमें 2,009 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 26 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस दौरान 605 अपराधी और 96 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन मुठभेड़ मामले में दूसरे स्थान पर है। बयान के मुताबिक इस संबंध में आगरा जोन राज्य में तीसरे स्थान पर है। यहां 2,288 मुठभेड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 5,496 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 715 अपराधी घायल हुए जबकि 19 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 56 पुलिसकर्मी घायल हुए। बयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्ष में राज्य पुलिस ने “अपराधी या तो जेल में होगा या प्रदेश से बाहर” के संकल्प को धरातल पर उतारा। इससे अपराधियों में भय और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसमें कहा गया है कि यही वजह है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।  

रूस के उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिका को इजरायल को सीधे सैन्य सहायता देने के खिलाफ चेतावनी दी

मॉस्को इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग में रूस की भी एंट्री हो गई है। रूस ने ईरान का समर्थन करते हुए अमेरिका को खुली धमकी दे डाली है। रूस के उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिका को इजरायल को सीधे सैन्य सहायता देने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हम वॉशिंगटन को इस तरह के काल्पनिक विकल्पों के खिलाफ भी चेतावनी देते हैं। यह एक ऐसा कदम होगा जो पूरी स्थिति को पूरी तरह से अस्थिर कर देगा।” रूस ने कहा कि यह कदम अत्यंत खतरनाक होगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि ईरानी परमाणु बुनियादी ढांचे पर इजरायली हमलों का मतलब है कि दुनिया तबाही से मिलीमीटर दूर है। वहीं, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को इस संभावना पर चर्चा करने से इनकार कर दिया कि इजरायल और अमेरिका ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार देंगे और कहा कि ईरानी लोग तेहरान में नेतृत्व के इर्द-गिर्द एकजुट हो रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुले तौर पर अनुमान लगाया है कि इजरायल के सैन्य हमलों के परिणामस्वरूप ईरान में शासन परिवर्तन हो सकता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जानता है कि खामेनेई कहां छिपे हैं, लेकिन वॉशिंगटन उन्हें अभी नहीं मारने जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि अगर इजरायल अमेरिका की सहायता से खामेनेई को मार देता है, तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होगी, पुतिन ने कहा, “मैं इस संभावना पर चर्चा भी नहीं करना चाहता। मैं नहीं करना चाहता।” पुतिन ने कहा कि इजरायल ने मॉस्को को आश्वासन दिया है कि ईरान में बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दो और रिएक्टर बनाने में मदद करने वाले रूसी विशेषज्ञों को हवाई हमलों में कोई नुकसान नहीं होगा। पुतिन ने कहा कि मॉस्को के ईरान के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और रूस परमाणु ऊर्जा में ईरान के हितों को सुनिश्चित कर सकता है। पुतिन ने कहा कि वह ट्रंप और नेतन्याहू के संपर्क में थे, और उन्होंने संघर्ष को हल करने के लिए मॉस्को के विचारों से अवगत कराया था।  

देश में कोविड-19 के एक्टिव मामलों में अब लगातार गिरावट देखी जा रही है: संस्थान के निदेशक डॉ. नवीन कुमार

नई दिल्ली  कोरोना वायरस के नए ‘सिंगापुर वेरिएंट’ की भारत में पुष्टि के बीच ICMR-NIV ने देशवासियों को राहत की खबर दी है। संस्थान के निदेशक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि देश में कोविड-19 के एक्टिव मामलों में अब लगातार गिरावट देखी जा रही है और फिलहाल जो वेरिएंट्स फैल रहे हैं, उनके लक्षण सामान्य और हल्के हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि कोविड पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसका असर उतना घातक नहीं है जितना पहले देखा गया था। ऐसे में घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. कुमार ने कहा, “हम कोविड के वेरिएंट्स की जीनोमिक जांच और डायग्नोसिस कर रहे हैं। सिंगापुर और उसके आसपास के देशों में मामलों की बढ़ोतरी के बाद हमने देखा कि वही वेरिएंट भारत में भी पिछले 5-6 हफ्तों से देखा जा रहा है। हमने इस पर अपनी निगरानी और टेस्टिंग बढ़ा दी है।” भारत में अभी कौन-कौन से वेरिएंट एक्टिव? ICMR-NIV के अनुसार, भारत में इस समय JN.1, LF.7, XFG और NB.1.8.1 जैसे ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट्स सक्रिय हैं। डॉ. कुमार के मुताबिक, “हमने इन सभी वेरिएंट्स को आइसोलेट कर लिया है और अभी तक इनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखे हैं। ज़्यादातर संक्रमण हल्के ही हैं।” सरकार की तैयारी ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने ANI से बातचीत में कहा कि सरकार तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दे रही है, जिसमें संक्रमण की गति और केसों में तेजी, क्या वायरस हमारी प्राकृतिक या वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी से बच निकल रहा है? क्या ये वेरिएंट पहले से ज्यादा गंभीर हैं या फिर ओमिक्रॉन जैसे हल्के हैं, शामिल हैं। उन्होंने कहा, “फिलहाल ज़्यादातर मामलों में लक्षण ओमिक्रॉन जैसे ही हल्के और सामान्य हैं।” सरकार की रणनीति डॉ. बहल ने यह भी बताया कि अगर कोई नया वेरिएंट उभरता है, तो सरकार के पास दो विकल्प हैं- एक मौजूदा वैक्सीन की प्रभावशीलता की जांच करना और दूसरा विशेष रूप से नए वेरिएंट को टारगेट कर नई वैक्सीन बनाना। उन्होंने आगे कहा, “हमारी वैक्सीन डेवलपमेंट क्षमता तैयार है और ज़रूरत पड़ने पर नई वैक्सीन जल्द विकसित की जा सकती है। अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है।”  

शशि थरूर ने यह स्वीकार किया है कि पार्टी नेतृत्व में कुछ नेताओं से उनके मतभेद हैं, लेकिन कांग्रेस, उसके कार्यकर्ता बहुत प्रिय हैं

तिरुवनंतपुरम कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य शशि थरूर ने गुरुवार को यह स्वीकार किया है कि पार्टी नेतृत्व में कुछ नेताओं से उनके मतभेद हैं, लेकिन नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के मद्देनजर वह इस बारे में बात नहीं करेंगे। थरूर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस, उसके मूल्य और उसके कार्यकर्ता उन्हें बहुत प्रिय हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने 16 वर्ष तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ निकटता से मिलकर काम किया है और वह उन्हें अपना करीबी मित्र एवं भाई मानते हैं। थरूर ने कहा, ”हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व में कुछ लोगों से मेरी राय अलग है। आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं, क्योंकि उनमें से कुछ मुद्दे सार्वजनिक हैं और आपने (मीडिया ने) इस बारे में खबरें दी हैं।” उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके मतभेद राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हैं या प्रदेश नेतृत्व के साथ। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने संकेत दिया कि वह उपचुनाव के नतीजों के बाद उन मतभेदों के बारे में बात कर सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान का हिस्सा क्यों नहीं थे, तो थरूर ने कहा कि उन्हें इसके लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जबकि पिछले साल वायनाड में हुए उपचुनाव सहित अन्य उपचुनावों के दौरान आमंत्रित किया जाता रहा है। उन्होंने कहा, ”मैं वहां नहीं जाता, जहां मुझे आमंत्रित नहीं किया गया हो।” उन्होंने साथ ही कहा कि वह चाहते हैं कि पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रचार अभियान के प्रयास सफल हों और नीलांबुर से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) उम्मीदवार की जीत हो। थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में कहा कि इस दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में प्रतिनिधिमंडलों की विभिन्न देशों की यात्राओं और वहां हुई चर्चाओं को लेकर बात हुई। उन्होंने कहा, ”घरेलू राजनीति के किसी मामले पर चर्चा नहीं हुई।” उन्होंने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के केंद्र के निमंत्रण को स्वीकार करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि जब वह संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष बने थे, तब उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि उनका ध्यान भारत की विदेश नीति एवं उसके राष्ट्रीय हित पर है, न कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विदेश नीति पर। उन्होंने कहा, ”मैंने अपना रुख नहीं बदला है। जब राष्ट्र से जुड़ा कोई मुद्दा सामने आता है तो हम सभी का कर्तव्य होता है कि हम देश के लिए काम करें और बोलें। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान मैंने जो कहा, वह मेरी अपनी राय थी।” थरूर ने कहा, ”मेरी सेवाएं केंद्र ने मांगी थीं। वास्तव में, मेरी पार्टी ने ये (सेवाएं) नहीं मांगी, इसलिए मैंने एक भारतीय नागरिक के रूप में अपना कर्तव्य गर्व से निभाया।”  

मंत्री राजपूत ने किया दीक्षांत समारोह स्थल का निरीक्षण

भोपाल  डाॅ.सर हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में 33वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगें। जिसको लेकर आयोजन की पूर्व संध्या पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद राजपूत ने विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता तथा विश्वविद्यालय प्रबंधन के साथ दीक्षांत समारोह स्थल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि हमारा यह सौभाग्य है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रथम बार सागर पधार रहे हैं। जिसको लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बहुत अच्छी तैयारियां की है। साथ ही हम सभी लोगों ने भी श्री गडकरी के स्वागत के लिए तैयार की है। मंत्री श्री राजपूत ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की तैयारियों को लेकर संतुष्टि प्रकट करते हुए दीक्षांत समारोह स्थल तथा विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता डाॅ. सुखदेव मिश्रा, वीरेंद्र पाठक, नेवी जैन सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन कमेटी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

बिलासपुर हाई कोर्ट में मोबाइल ले जाने पर लगा बैन, उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनीष कुमार ठाकुर ने आदेश जारी कर हाई कोर्ट में मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। निर्देश के बाद भी लेकर जाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश में लिखा है कि पक्षकार व वादीगण, जो अपने मामलों की कार्यवाही के दौरान न्यायालय कक्ष में उपस्थित रहना चाहते हैं, उन्हें सख्त निर्देश दिया जाता है कि वे मोबाइल फोन, इलेक्टॉनिक उपकरण (स्विच-ऑफ मोड में भी) न ले जाएं। न्यायालय की कार्यवाही के किसी भी भाग को रिकॉर्ड न करें। रजिस्ट्रार जनरल ने हिदायत दी है कि उपरोक्त निर्देशों का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (न्यायालय कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग) नियम, 2022 के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वकीलों और क्लर्कों के लिए नियम लागू रजिस्ट्रार जनरल ने जारी आदेश में याचिकाकर्ताओं के अलावा पक्षकारों को साफतौर पर मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लेकर न आने की हिदायत दी है। खासकर कोर्ट रूम की कार्यवाही के बाद मोबाइल स्वीच ऑफ करने के बाद भी लेकर ना आने कहा है। रजिस्ट्रार जनरल ने यही आदेश हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों के लिए भी जारी कर दिया है। आदेश में रजिस्ट्रार जनरल ने साफ लिखा है कि सभी अधिवक्ताओं व क्लर्कों से उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा है। हाई कोर्ट में मोबाइल साइलेंट मोड में रखने की हिदायत पहले से ही है। खासकर कोर्ट रूम की कार्रवाई के दौरान अगर आप कोर्ट रूम में उपस्थित हैं तो मोबाइल को साइलेंट मोड में रखना होगा। मोबाइल की घंटी बजने पर कोर्ट की कार्रवाई बाधित होती है। इस नियम व निर्देशों का पालन अधिवक्ता व क्लर्क पहले से ही करते आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में कोर्ट रूम के भीतर मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ऑन कर ले जाने के कारण यह स्थिति बनी है। चीफ जस्टिस के निर्देश के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किया है।

पीएम मोदी ने बताया- क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 शिक्षा जगत के लिए अच्छी खबर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। पीएम मोदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक एक्स पोस्ट को रीट्वीट करते हुए लिखा, “क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी 2026 रैंकिंग हमारे शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत अच्छी खबर लेकर आई है। हमारी सरकार भारत के युवाओं के लाभ के लिए अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।” धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा, “वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ 54 उच्च शिक्षा संस्थानों में शामिल होने के साथ भारत ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी 2026 रैंकिंग में एक नया मुकाम हासिल किया है। साल 2014 में सिर्फ 11 संस्थानों से अब 54 तक, यह लगभग पांच गुना वृद्धि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए परिवर्तनकारी शैक्षिक सुधारों को दर्शाती है। मुझे विश्वास है कि अनुसंधान, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीयकरण पर एनईपी पर जोर के साथ आने वाले समय में और अधिक भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान वैश्विक उत्कृष्टता हासिल करेंगे।” आपको बता दें, गुरुवार को जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में कुल 54 भारतीय संस्थानों को शामिल किया गया है, जो भारत के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली शीर्ष रैंक वाला भारतीय संस्थान बनकर उभरा है, जो वैश्विक स्तर पर 150वें स्थान से 123वें स्थान पर पहुंच गया है, जो अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। शिक्षा मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “आईआईटी दिल्ली भारत के शीर्ष रैंक वाले संस्थान के रूप में अग्रणी है। यह क्यूएस रैंकिंग में संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक ऊंचाई है।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने क्यूएस रैंकिंग में प्रतिनिधित्व में 390 प्रतिशत की आश्चर्यजनक वृद्धि दर्ज की है, जो जी-20 देशों में सबसे तेज है। पिछले साल की रैंकिंग में भारत का शीर्ष संस्थान आईआईटी बॉम्बे इस साल 118वें स्थान से फिसलकर 129वें स्थान पर आ गया है। इस वर्ष भारत के लगभग 48 प्रतिशत विश्वविद्यालयों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। वैश्विक शीर्ष 100 में पांच भारतीय संस्थानों ने भी स्थान प्राप्त किया है।

बाजार से गायब हुए 5, 10 और 20 रुपए के सिक्के

बिलासपुर न्यायधानी के बाजारों में इन दिनों नकदी विशेषकर सिक्कों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। पांच, 10 और 20 रुपये के सिक्के अचानक गायब होते जा रहे हैं। दिवाली तक जो सिक्के सहजता से मिल जाते थे, वे अब बैंकों और दुकानों में दुर्लभ हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि आरबीआई द्वारा करेंसी चेस्ट में भेजे गए सिक्के भी जनता तक नहीं पहुंच पा रहे। इस संकट के पीछे कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर सिक्कों की जमाखोरी की आशंका जताई जा रही है, जिससे छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोलबाजार, बृहस्पति बाजार, रेलवे मार्केट बुधवारी, तेलीपारा और पुराना बस स्टैंड जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में सिक्कों की कमी से छोटे लेन-देन प्रभावित हो रहे हैं। चाय विक्रेता से लेकर ऑटो चालक तक, सभी को खुले पैसे की जरूरत होती है, लेकिन सिक्के न मिलने के कारण लेन-देन में असहजता बढ़ रही है। आरबीआई ने हाल ही में करेंसी चेस्ट को सिक्कों की आपूर्ति की थी, लेकिन वे सिक्के बाजार तक नहीं पहुंच पाए। बैंक सूत्रों का कहना है कि कुछ संस्थाएं या व्यक्ति जानबूझकर बड़ी मात्रा में सिक्के जमा कर रहे हैं, जिससे नकदी का कृत्रिम संकट बन रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो व्यापार की गति और जनता का भरोसा दोनों प्रभावित होंगे। आरबीआई से सिक्कों की आपूर्ति हुई है, लेकिन कुछ बैंक शाखाएं सिक्कों का वितरण धीमा कर रही हैं। वहीं बाजार में कुछ लोग जमाखोरी कर रहे हैं। हमने इस बारे में बैंकर्स से चर्चा भी की है। छोटे व्यापारियों और आम लोगों को प्राथमिकता के साथ सिक्के उपलब्ध कराए जाएं। अगर किसी तरह की जमाखोरी की पुष्टि होती है, हम पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। ललित अग्रवाल समन्वयक, बैंकर्स क्लब बिलासपुर।

छात्र वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए फिर खोले द्वार, वीजा के लिए नई रखी शर्त

वाशिंगटन  अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा कि वह छात्र वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए निलंबित प्रक्रिया को फिर से शुरू कर रहा है, लेकिन अब सभी आवेदकों को सरकारी समीक्षा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘अनलॉक’ रखने होंगे। विभाग ने कहा कि वाणिज्य दूतावासों के अधिकारी उन पोस्ट और संदेशों पर नजर रखेंगे जिन्हें अमेरिका, उसकी सरकार, संस्कृति, संस्थानों या संस्थापक सिद्धांतों के लिए शत्रुतापूर्ण माना जा सकता है। बुधवार को सार्वजनिक किए गए एक नोटिस में, विभाग ने कहा कि उसने छात्र वीजा प्रक्रिया के निलंबन के अपने मई के आदेश को रद्द कर दिया है, लेकिन कहा कि नए आवेदक जो अपने सोशल मीडिया अकाउंट को ‘सार्वजनिक’ करने और उनकी समीक्षा करने की अनुमति देने से इनकार करते हैं, उनके आवेदन को खारिज किया जा सकता है। उसने कहा कि ऐसा करने से इनकार करना इस बात का संकेत हो सकता है कि वे बचने या अपनी ऑनलाइन गतिविधि को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले महीने अमेरिका में अध्ययन करने की उम्मीद कर रहे विदेशी छात्रों के लिए नए वीजा साक्षात्कारों की समय-सारणी को अस्थायी रूप से रोक दिया था, क्योंकि वह सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधि पर निगरानी का विस्तार करने की तैयारी कर रहा था।   दुनिया भर के छात्र उत्सुकता से अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों द्वारा वीजा साक्षात्कार के लिए समय देने की प्रक्रिया फिर से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि शिक्षण वर्ष की शुरुआत से पहले उनके पास यात्रा की बुकिंग करने और आवास की व्यवस्था करने के लिए कम समय बचा है। बुधवार दोपहर को, टोरंटो में 27 वर्षीय एक पीएचडी छात्र को अगले सप्ताह वीजा साक्षात्कार के लिए समय दिया गया। इस चीनी छात्र को जुलाई के अंत में शुरू होने वाली एक शोध इंटर्नशिप के लिए अमेरिका की यात्रा करने की उम्मीद है। चीन, भारत, मेक्सिको और फिलीपीन के छात्रों ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किया है कि वे वीजा बुकिंग वेबसाइटों पर नजर रख रहे हैं और विदेश विभाग की प्रेस ब्रीफिंग को बारीकी से देख रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि साक्षात्कार के लिए समय आवंटित करने की प्रक्रिया पुन: कब शुरू हो सकती है। वीजा प्रक्रिया को फिर से शुरू करते हुए विदेश विभाग ने वाणिज्य दूतावासों से उन छात्रों को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा, जो उन कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, जहां विदेशी छात्रों की संख्या 15 प्रतिशत से कम है। यह जानकारी अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर दी।    

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