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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से बदली शामबती बघेल की जिंदगी

रायपुर बस्तर के बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम जैबेल की निवासी अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला  शामबती बघेल ने अपनी मेहनत और शासन की योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  शामबती बघेल ने बताया कि उनके परिवार में कुल छह सदस्य हैं। परिवार के पास सीमित कृषि भूमि होने के कारण केवल खेती से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उन्होंने अपने पति श्री रतन बघेल के सहयोग से गांव में ही एक छोटा सा किराना दुकान शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद पूंजी की कमी के कारण दुकान चलाने में परेशानी आने लगी। इसी दौरान बकावंड में आयोजित जनसमस्या शिविर में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर के अधिकारियों से उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर कार्यालय जाकर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।  गांव के मुख्य मार्ग पर उनका घर होने और आसपास किराना दुकान नहीं होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए लगभग 10 किलोमीटर दूर बकावंड जाना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए शामबती बघेल ने किराना दुकान को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए दो लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। दिसंबर 2022 में पंजाब नेशनल बैंक की जैबेल शाखा द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत उन्हें दो लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस राशि से उन्होंने अपने किराना दुकान को व्यवस्थित रूप से संचालित करना शुरू किया।        शामबती बघेल ने बताया कि अब उन्हें दुकान चलाते हुए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं। उन्होंने समय पर पूरी ऋण राशि का भुगतान भी कर दिया है। वर्तमान में उनकी दुकान से प्रतिदिन लगभग एक हजार से डेढ़ हजार रुपये तक की बिक्री होती है, जिससे उन्हें रोजाना करीब 500 से 700 रुपये की आमदनी हो रही है।      आज उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी बेहतर हो गई है। परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं और गांव के लोगों को भी घर के पास ही आवश्यक सामान उपलब्ध हो रहा है। शामबती बघेल आज आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं। वह अपने चार बच्चों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे रही हैं और बड़ी बेटी कुंजवती बघेल को बकावंड कॉलेज में कॉमर्स में दाखिला करवाया है तो मंझले बेटे नेत्र बघेल को गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ा रही हैं। दो छोटे बेटे जसवंत और देवांश गांव के उच्च प्राथमिक शाला में 8 वीं एवं तीसरी में पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही शामबत्ती खेती-किसानी को भी नई दिशा देकर अब रबी सीजन में मक्का की खेती कर रही हैं।

महानिदेशक डॉ. कोठारी बोले, सफलता पाने के लिए समय का सही प्रबंधन आवश्यक

सफलता के लिये समय का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक : महानिदेशक डॉ. कोठारी मैपकास्ट में एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम का हुआ समापन युवाओं में नवाचार एवं स्टार्ट-अप संस्कृति को मिला प्रोत्साहन भोपाल मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा है कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए “आई कैन” की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। डॉ. कोठारी ने बताया कि परिषद विज्ञान एवं नवाचार के लगभग 18 क्षेत्रों जैसे कृषि, वेटनरी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आईटी में तकनीकी परामर्श, संस्थागत सहयोग, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही परिषद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है, जिससे उनके नवाचारों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। डॉ. कोठारी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह सप्ताह तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई टूल्स और उद्यमिता कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विकास करते हुए उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव डिजिटल टूल्स, ग्राफिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रदेश में एआई आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नए अवसर सृजित करने की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। प्रतिभागी श्री प्रतीक बाघरे ने कहा कि मार्केटिंग, इंडिया फर्स्ट की अवधारणा और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर आयोजित सत्र अत्यंत लाभकारी रहे। साथ ही आईआईआईएफआर भोपाल के शैक्षणिक भ्रमण से स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागी श्री राहुल तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार और तकनीक के उपयोग से जुड़े अनेक नए आयाम सीखने को मिले तथा समन्वयकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं श्री उदित वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में डॉ. प्रवीण विद्यार्थी, श्री अवनीश शर्मा, सुश्री तन्या चतुर्वेदी एवं श्री रविंद्र कोरेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  

वन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज, अवैध लकड़ी से भरा ट्रैक्टर जब्त

रायपुर वन तस्करों पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध लकड़ी से भरा ट्रैक्टर जप्त छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कवर्धा परियोजना मंडल ने वन अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन और हल्दू की लकड़ी का अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को जप्त किया है। यह कार्रवाई पंडरिया परिक्षेत्र के कुकदूर क्षेत्र में की गई।            वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 मार्च की रात लगभग 11:45 बजे वन विकास निगम की टीम संरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक पी एफ/1467 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान डालामौहा से भेड़ागढ़ बैगापारा की कच्ची सड़क पर बिना नंबर प्लेट का एक संदिग्ध ट्रैक्टर आता हुआ दिखाई दिया। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रैक्टर में सागौन और हल्दू की लकड़ी लदा हुआ पाया गया, जिसका परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज के किया जा रहा था।          वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1), 41, 42 तथा छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 18353/12 विगत 06 मार्च को दर्ज किया है।           प्राप्त कार्रवाई के दौरान स्वराज ट्रैक्टर (मॉडल 735 एफई को जप्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7.5 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा ट्रैक्टर से सागौन और हल्दू की लकड़ी सहित कुल लगभग 0.667 घन मीटर वनोपज बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रूपए आंकी गई है। प्रकरण की सूचना प्राप्त होते ही प्राधिकृत अधिकारी एवं उपमंडल प्रबंधक, कवर्धा ने माननीय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट को जानकारी दे दी है। साथ ही भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52(4) के तहत वाहन को राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वाहन की जप्ती की सूचना क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भी भेज दी गई है, ताकि वाहन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण न हो सके।            यह कार्रवाई सुनील कुमार, मंडल प्रबंधक, कवर्धा परियोजना मंडल के निर्देशन तथा दीपिका सोनवानी, उपमंडल प्रबंधक बोड़ला के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में जागेश गोंड, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी पंडरिया, रंजीत कुमार पटेल सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, जसपाल सिंह मरकाम क्षेत्ररक्षक और स्थानीय सुरक्षा श्रमिकों का विशेष योगदान रहा।          वन विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों में वनों की अवैध कटाई और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

द्रौपदी मुर्मु पर टिप्पणी को लेकर CM विष्णु देव साय ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान जरूरी: आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान देश कभी स्वीकार नहीं करेगा : मुख्यमंत्री द्रौपदी मुर्मु पर टिप्पणी को लेकर CM विष्णु देव साय ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सु ममता बनर्जी को कड़ा पत्र लिखकर भारत की माननीय राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में हुए व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया यह व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था, आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार पूरी दुनिया में सम्मानित रहे हैं। मतभेद को कभी भी मनभेद में न बदलने की हमारी संस्कृति रही है, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन न किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही और उनका अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य सरकार के व्यवहार को लेकर स्वयं राष्ट्रपति जी को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत चिंताजनक है और इससे पश्चिम बंगाल जैसे प्रतिष्ठित राज्य की छवि को भी ठेस पहुंची है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी जनजातीय समाज की महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि वंचित और जनजातीय समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सु ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर देश और समाज से क्षमा मांगते हुए अपनी भूल स्वीकार करें तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए देश को आश्वस्त करें। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतीक हैं और उनके सम्मान से ही लोकतंत्र की गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा यह विषय पूरे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाना आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक, मुख्यमंत्री ने की अध्यक्षता

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन, आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति एससीआर में व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य, कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना का होगा तेजी से विकास निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं एससीआर के काम, मुख्यमंत्री ने प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन – SCR) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री  साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली बैठक अत्यंत सार्थक रही है और विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजधानी रायपुर और आसपास के शहर तेजी से विकसित होते हुए एक बड़े शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं, इसलिए महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्र शामिल होंगे। यह क्षेत्र बड़े महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा। बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति और प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का विधिवत चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध रूप से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ  चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

LPG संकट: केवल दो दिन की गैस बची, रेस्तरां और होटल में चिल्लाते हालात

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है. पश्चिम एशिया में जारी इस तनाव के बीच क्रूड ऑयल के दाम में तेजी के साथ ही एलपीजी सप्‍लाई में भी द‍िक्‍कत की खबरें आ रही हैं. कई लोगों की शिकायत है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाने के बावजूद 4-5 दिनों तक एलपीजी सिलेंडर उन्हें नहीं मिल पाई है. रसोई गैस की सप्लाई में दिक्कत की खबरों के सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पूरे देश में केंद्र सरकार ने ईसीए यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है. केंद्र सरकार ने एलपीजी और सीएनजी की आपूर्ति तय करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और कुछ उद्योगों को सीमित गैस आपूर्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर आम आदमी पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक उथल-पुथल के समय जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि तेल की क़ीमतें स्थिर हैं, ये बात लोगों तक पहुंचाएं और ये भी बताएं कि देश में तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भारत ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम इस संकट को ध्यान में रखकर तैयार किया है, इसे भी जनता तक पहुंचाया जाए। भारत सरकार ने दावा किया है कि इस जंग का तेल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और देश में घरेलू उपभोक्ता के लिए गैस की कोई कमी नहीं है. सरकार की तरफ से बताया गया कि भारत में फ़िलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर ही रहेंगे वो नहीं बढ़ेंगे. वहीं गैस क़ीमतों में हुआ 60 रुपये का इजाफा मौजूदा हालत की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की अंडरकवरी की वजह से बढ़े हैं। दरअसल इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान की जंग के चलते मिडिल ईस्ट के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में आई बाधाओं के चलते पिछले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार को ही इजाफा किया गया था. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई। तमिलनाडु में एलपीजी की कमी से बंद होने के कगार पर एक लाख रेस्तरां तमिलनाडु होटल ओनर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि राज्यभर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के कारण अगले दो दिनों के भीतर लगभग एक लाख रेस्तरां बंद हो सकते हैं. एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाना पकाने की गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. वेंकटसुब्बू ने कहा कि व्यावसायिक खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में व्यवधान का असर कई जिलों के रेस्टोरेंट पर पड़ना शुरू हो गया है. अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बड़े रेस्टोरेंट से लेकर छोटे चाय-स्टॉलों तक, सभी को अपना संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से रेस्तरांओं पर निर्भर हैं, जबकि अन्य 50 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर हैं. अगर गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो पूरा उद्योग संकट में आ जाएगा। घरेलू यूजर्स के लिए रसोई गैस की कमी नहीं, कमर्शियल ग्राहकों के लिए एलपीजी डिलीवरी बंद- गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन कर्नाटक के हुबली में गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के नेता सुरेशा ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पहले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर लेने का अंतराल 21 दिन था, जिसे अब 4 दिन बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. यानी अब ग्राहक 25 दिन बाद गैस सिलेंडर ले सकेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमर्शियल ग्राहकों के लिए गैस की डिलीवरी फिलहाल बंद कर दी गई है. इस फैसले से होटल और कैटरिंग कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है. हुबली कैटरिंग एसोसिएशन के प्रमुख रत्नाकर शेट्टी ने कहा कि गैस सप्लाई की समस्या इस समय बहुत गंभीर हो गई है. उन्होंने कहा, ‘अचानक गैस सप्लाई बंद हो जाने से हमें बहुत परेशानी हो रही है और कारोबार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. हमारा व्यवसाय सिर्फ हमारी रोज़ी-रोटी नहीं है, बल्कि करीब 150 लोग हमारे साथ काम करते हैं और उनकी आजीविका भी इसी पर निर्भर है।  एलपीजी सप्लाई के लिए एक्शन में सरकार, लागू किया ईसीए, कैसे खत्म होगी रसोई गैस की किल्लत पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस सप्लाई में आई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) के तहत आदेश जारी कर घरेलू रसोई के लिए पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस, परिवहन के लिए एलपीजी और सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. आदेश में कहा गया है कि केंद्र ने आकलन किया है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एलएनजी के शिपमेंट में रुकावट पैदा हुई है और आपूर्तिकर्ताओं ने फोर्स मेज्योर का ऐलान किया है, जिसके तहत प्राकृतिक गैस को पहले प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भेजा जाएगा. केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजीका उत्पादन अधिकतम करने और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलपीजी पूल में भेजने का निर्देश दिया है। एलपीजी गैस संकट में घिरे होटल-रेस्टोरेंट, एक-दो दिन में बंद करना पड़ सकता है किचन हैदराबाद में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर इन दिनों गैस संकट का असर दिखने लगा है. शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे किचन चलाना भी मुश्किल हो रहा है. कई रेस्टोरेंट और होटल मालिकों का कहना है कि उनके पास गैस का बेहद कम स्टॉक बचा है. अगर हालात नहीं सुधरे तो वे सिर्फ एक-दो दिन तक ही किचन जारी रख पाएंगे।  ‘लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी…’ रसोई गैस संकट पर पीयूष गोयल का दिलासा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा दिलाया … Read more

146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत, 58 करोड़ रुपये स्टार्टअप्स को वितरित

स्टार्टअप हब बनता उत्तर प्रदेश, नवाचार को मिल रहा संस्थागत समर्थन स्टार्टअप इंडिया मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या प्रदेश में 20 हजार के पार  146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत, 58 करोड़ रुपये स्टार्टअप्स को वितरित तीन हजार से अधिक स्टार्ट इन यूपी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स, योगी सरकार की नीतियों से स्थानीय उद्यमिता को मिल रही रफ्तार लखनऊ  उत्तर प्रदेश तेजी से देश के उभरते हुए स्टार्टअप हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार की नीतियों, संस्थागत ढांचे और वित्तीय प्रोत्साहन के कारण प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को नया बल मिला है। उत्तर प्रदेश में 20 से अधिक स्टार्टअप, “इंडिया मान्यता प्राप्त” स्टार्टअप्स सक्रिय हैं, जो प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाते हैं। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रदेश में स्टार्ट इन यूपी पहल के अंतर्गत भी उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक तीन हजार से अधिक स्टार्टअप्स को इसके तहत मान्यता मिल चुकी है। प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति और प्रोत्साहन योजनाओं ने स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को मजबूत आधार दिया है। इन पहल के माध्यम से युवाओं को अपने नवाचार को व्यवसाय में बदलने के लिए जरूरी सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में इन्क्यूबेशन नेटवर्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।  प्रदेश में वर्तमान में 76 मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं, जो नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। ये इन्क्यूबेटर विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी संगठनों के साथ मिलकर स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण से ही सही दिशा देने का काम कर रहे हैं। इससे नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है और युवाओं को अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने का भी अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में उन्नत तकनीक और अनुसंधान आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी गई है। इन सेंटरों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, एग्रीटेक और अन्य उभरते क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संस्थागत ढांचे से प्रदेश में टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है। वित्तीय सहायता के मामले में भी सरकार की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक 146 करोड़ रुपये के इंसेंटिव स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 58 करोड़ रुपये की राशि स्टार्टअप्स को वितरित भी की जा चुकी है। यह वित्तीय सहयोग स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और सेवाओं के विकास, बाजार विस्तार और तकनीकी उन्नयन में मदद कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत नीति ढांचा, संस्थागत समर्थन और वित्तीय प्रोत्साहन किसी भी राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्तर प्रदेश में इन सभी क्षेत्रों में समानांतर रूप से काम किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और नवाचार को नई दिशा मिल रही है।

एसीएस स्वास्थ्य की अध्यक्षता में समिति गठित

एसीएस स्वास्थ्य की अध्यक्षता में समिति गठित समग्र स्वास्थ्य योजना का अंतिम प्रारूप का करेगी निर्धारण भोपाल राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए प्रस्तावित समग्र स्वास्थ्य योजना के अंतिम प्रारूप, नीति निर्धारण के साथ ही कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों से परामर्श कर योजना को मंत्रि-परिषद के समक्ष अनुमोदन के लिए अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार समिति में अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग सदस्य जबकि आयुक्त लोक स्वास्थ्य सदस्य-सचिव होंगे। समिति प्रस्तावित योजना के सभी आवश्यक तत्वों जैसे पात्रता, कवरेज, वित्तीय माडल, क्रियान्वयन संरचना तथा हितधारकों के परामर्श को समाहित कर विस्तृत योजना दस्तावेज तैयार करेगी, जिसे मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।  

अपनी जड़ों से जोड़ती है मातृभाषा, भावनाओं की सबसे सशक्त भाषा: डेका

रायपुर राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया राज्यपाल  रमेन डेका ने आज संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के तहत आयोजित आइडियाथॉन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है। उन्होंने मातृभाषा की समृद्धि और विकास पर बल देते हुए कहा कि मातृभाषा से हम सब का आत्मीय जुड़ाव होता है। किसी अनजान जगह पर जब हम किसी मातृभाषी से मिलते है तो उनसे तुरंत एक स्नेह के बंधन मे बंध जाते हैं।  हमारा देश अपनी समृद्ध संस्कृति और विविध भाषाओं के लिए जाना जाता है। हमारा देश बहुभाषी होते हुए भी आपस में एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। इसमें संस्कृत भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी प्राचीनतम भाषा संस्कृत है। अगर बारीेकी से अध्ययन किया जाए तो आप देखेंगे कि संस्कृत भाषा शब्द सभी भारतीय भाषाओं-हिन्दी, तमिल, तेलूगु, बंगाली, असमिया आदि में सम्मिलित है। हमारी सांस्कृतिक विविधता ही हमारी सबसे बड़ी विशेषता है।  डेका ने कहा कि संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास करते समय उन्हें प्रसन्नता हो रही है, सिंधी भाषा संवर्धन की दिशा में यह उल्लेखनीय कदम है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय में सिंधी भाषा में एक वर्ष का डिप्लोमा एवं स्नातकोत्तर (एम.ए.) पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जो भाषा को जीवित रखने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होेंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं एवं बोलियां बोली जाती है। इनमें से एक सिंधी भाषा है, जिसमें साहित्य और संस्कृति निरंतर प्रवाहमान है। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद सिंधी समाज के लोग भारत देश का हिस्सा बनकर रह रहे है, सिंधी समाज के लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर आज संपन्नता हासिल की और समाज ने देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का ऐसा कोई राज्य नहीं होगा जहां  सिंधी भाषी न रहते हांे। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना अच्छी बात है लेकिन जिस प्रदेश में हम रहते है। वहां की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। तभी समाज में समरसता आती है। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं का इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध रहा है। भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक अस्मिता हैं। राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी भाषाएं मिलकर सांस्कृतिक सम्पन्नता को अभिव्यक्त करती हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हमारा कर्तव्य है। हमें मातृभाषाओं तथा भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। इनका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। आधुनिक तकनीकी से जोड़ने का प्रयास भी आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियों तक इन भाषाओं में समाहित ज्ञान-विज्ञान, इतिहास-विरासत, साहित्य एवं कला-संस्कृति आदि को सहज रूप में हस्तांतरित किया जा सके  उन्होंने कार्यक्रम में गत वर्ष के आइडियाथॉन विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया। इस अवसर पर शदाणी दरबार के पीठाधीश संत  युधीष्ठीर लाल जी महाराज, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद नई दिल्ली से प्रोफेसर सुनील बाबूराव कुलकर्णी, रायपुर शहर के विधायक  पुरंदर मिश्रा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं और सिंधी समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

मिस इंडिया रह चुकी संजना गणेशन का ग्लैमरस लुक सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

मुंबई जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी परफॉरमेंस से सभी का दिल जीत लिया है. फाइनल मैच में वह मैन ऑफ न मैच भी रहे. पूरे टूर्नामेंट में वह कमाल के फॉर्म में रहे. जहां एक तरफ बुमराह मैदान में कमाल दिखा रहे हैं तो वहीं उनके फैंस उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर भी जानने के लिए उत्सुक रहते हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें तो, जसप्रीत ने 4 साल पहले स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट संजना गणेशन के साथ शादी की थी. बुमराह और संजना ने लव मैरिज की थी. आईपीएल 2020 के बीच में, जसप्रीत ने अपनी लेडी लव संजना को प्रपोज किया था. आइए उनकी खूबसूरत लव स्टोरी के बारे में आपको बताते हैं।  ऐसे हुई पहली मुलाकात TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह पहली बार अपनी लेडी लव, संजना गणेशन से IPL के 2013-2014 सीजन में मिले थे, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की. सालों बाद, यह कपल इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान फिर से मिला. हालांकि, पॉपुलर स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और प्रेज़ेंटर संजना ने उनके शर्मीले नेचर का गलत मतलब निकाला. उन्हें लगा कि जसप्रीत शायद किसी रिलेशनशिप में हैं. लेकिन जब दोनों ने एक-दूसरे से बात की तो चीजें सुलझ गईं।  स्काई स्पोर्ट्स के साथ एक इंटरव्यू में, जसप्रीत बुमराह ने बताया कि उसने संजना को कई बार देखा था, लेकिन उन्हें एक ही प्रॉब्लम थी. जसप्रीत ने बताया कि वे एक-दूसरे को घमंडी मानते थे, इसलिए उनकी कोई बात नहीं होती थी. उन्होंने बताया कि 2019 वर्ल्ड कप के दौरान उनकी पहली बार संजना से बात हुई थी. वह इवेंट कवर कर रही थीं. दोनों दोस्त बन गए और खूब बातें करने लगे।  एक्ट्रेस को टक्कर दे जाता है संजना का स्टाइल कई क्रिकेटर की वाइफ एक्ट्रेस हैं। पर जब वो मैदान में संजना के साथ दिखती हैं तो पिछड़ जाती हैं। संजना को आप जब भी देखेंगे, वो कुछ ऐसा पहनी दिखेंगी कि बाकी सारे उनके सामने कमजोर पड़ जाएंगे। इस बार भी डीवा ने बैक टू बैक जो ड्रेसेस पहनी। उन्हें देखकर हर कोई संजना से फैशन गोल्स ले सकता है। संजना सोशल मीडिया पर अच्छी- खोसी फैन फॉलोइंग रखती हैं। और, अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इस बार भी 34 साल की डीवा ने बैक टू बैक सुपर स्टाइलिश ड्रेसेस पहनकर ग्लैमरस और क्लासी लुक्स फ्लेक्स किए हैं। संजना ने एक साथ कई सारे लुक्स दिखाए। और, उनके किसी भी लुक में कमी ढूंढ पाना मुश्किल है। क्योंकि वो हमेशा ही ऐसे आउटफिट्स चुनती हैं कि उनके सामने फिर कोई नहीं टिक पाता है। 1 बेटे की मां संजना के इन स्टाइलिश लुक्स से हर कोई इंस्पिरेशन ले सकता है। आप भी देखें उनकी फोटोज। बालकनी में किया था प्रपोज हरभजन सिंह और गीता बसरा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान, जसप्रीत बुमराह और उनकी अब पत्नी, संजना गणेशन ने अपनी सगाई के पलों को याद किया. UAE में IPL 2020 के बीच में, बुमराह ने संजना को प्रपोज़ करने का प्लान बनाया था. लेकिन, सिक्योरिटी की वजह से हालात मुश्किल हो गए. लेकिन फिर बुमराह ने IPL अधिकारियों की मदद से अपनी सगाई के लिए एक परफेक्ट सीन अरेंज कर लिया. जसप्रीत ने केक रखा, कमरे में सब कुछ सजाया, और रिंग तैयार रखी. बालकनी को भी कैंडिल्स से सजाया और फिर अपनी लेडीलव को बालकनी में प्रपोज किया।  2021 में की शादी दो साल तक डेटिंग करने के बाद, जसप्रीत ने 15 मार्च, 2021 को गोवा में एक प्राइवेट सेरेमनी में संजना से शादी कर ली. उन्होंने अपनी शादी में सिख रीति-रिवाजों को फॉलो किया. इस सेरेमनी में कपल के करीबी दोस्त और परिवार वाले शामिल हुए. 4 सितंबर, 2023 को, कपल के पहले बच्चे का स्वागत किया, जिसका नाम अंगद रखा गया। 

छोटे पर्दे से बॉलीवुड तक: श्रेया घोषाल की आवाज ने ऐसे जीता संजय लीला भंसाली का दिल

मुंबई, आठवीं कक्षा में जहां बच्चों को यह नहीं पता होता है कि आगे 10वीं के बाद किस स्ट्रीम में जाना है, उस वक्त एक बच्ची बॉलीवुड में राज करने के सपने देख रही थी। उसे नहीं पता था कि उसकी आवाज बॉलीवुड की पहचान बन जाएगी और कोटा के छोटे से गांव से निकलकर वो हिंदी सिनेमा पर अपनी अमिट छाप छोड़ेगी। हम बात कर रहे हैं श्रेया घोषाल की, जो 12 मार्च को अपना 41वां जन्मदिन मना रही है। कहा जाता है कि मां ही बच्चों की पहली गुरु होती है और श्रेया के साथ भी ऐसा ही था। श्रेया की मां बहुत अच्छा गाती थी और यही कारण था कि वे अपनी बेटी को संगीत की तालीम देने के पक्ष में भी। उन्होंने श्रेया को 6 साल की छोटी उम्र में ही संगीत की तालीम दिलानी शुरू कर दी थी और वे स्कूल के वार्षिक समारोह में अपनी आवाज से सबको मंत्रमुग्ध कर देती थी। इसके बाद उन्होंने पद्मश्री स्वर्गीय कल्याणजी भाई और स्वर्गीय मुक्ता भिडेजी से प्रशिक्षण प्राप्त किया। बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि श्रेया साइंस की स्टूडेंट थी, लेकिन संगीत के जुनून को आगे ले जाने के लिए उन्होंने 12 तक साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई के बाद आर्ट्स का चुनाव कर संगीत का प्रशिक्षण लिया। हालांकि तब तक उनकी आवाज बॉलीवुड में छा चुकी थी और संजय लीला भंसाली ने टीवी पर एक प्रोग्राम को देखकर श्रेया का चुनाव देवदास के लिए किया था। श्रेया घोषाल ने बचपन में म्यूजिक रियलिटी शो ‘सारेगामापा’ में हिस्सा लिया था और फाइनल तक पहुंची थी। ऐसे में एक दिन अपनी मां के साथ टीवी देखते संजय लीला भंसाली ने पहली बार श्रेया को गाते हुए सुना था। उस वक्त भंसाली हम दिल दे चुके सनम बना रहे थे और उनके दिमाग में देवदास को बनाने का विचार था। तब श्रेया की आवाज सुनकर उन्होंने उन्हें पारो की आवाज के लिए चुना था। इतना ही नहीं, निर्देशक ने ‘सारेगामापा’ के जरिए ही सिंगर से संपर्क किया था और देवदास का ‘बैरी पिया’ गाना दिया था। उस वक्त श्रेया मात्र साढे पंद्रह साल की थीं। खास बात यह रही कि पहले ही गाने से श्रेया की जिंदगी बदल गई और पहले ही गाने ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलवा दिया। ‘बैरी पिया’ का गाना श्रेया के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं था क्योंकि उनका बैकग्राउंड शास्त्रीय संगीत से जुड़ा था। हालांकि रिकॉर्डिंग वाले दिन प्रैक्टिस के दौरान पहली ही बार में उन्होंने गाने को रिकॉर्ड कर लिया था। उन्हें माइक पर प्रैक्टिस करने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने इतना अच्छा गाया कि भंसाली ने उन्हें गले लगा लिया। इस मौके के बाद श्रेया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हिंदी समेत 20 से ज़्यादा भाषाओं में गाने भी गाए। उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा गाना गाने वाली फीमेल सिंगर के तौर पर दर्ज है। उन्होंने हिंदी सिनेमा के लिए मैं तेनू समझावां, मनवां लागे, सुन रहा है न तू, जादू है नशा है और तुझमें रब दिखता है जैसे कई रोमांटिक गाने गाए हैं।  

FUEL क्राइसिस के बीच इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए बड़ी डील, कंपनी ने की घोषणा

मुंबई पश्चिमी एशिया में जंग के बादल गहराते जा रहे हैं. तेल के कुओं के आसपास तनाव बढ़ा तो दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे वक्त में जब पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर हर देश को सता रहा है, ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. इसी कड़ी में VinFast ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।  वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक (Trade Gas for Electric) नाम से एक नया कैंपेन शुरू किया है. यह प्रोग्राम एक साथ कई एशियाई बाजारों में लागू किया जा रहा है, जिनमें वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं. इस स्कीम के तहत अगर ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल गाड़ी को एक्सचेंज कर नई VinFast इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों को 5 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा।  कंपनी के मुताबिक यह छूट पहले से चल रहे ऑफर्स के ऊपर दी जाएगी. यानी ग्राहकों को एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ता और आसान हो सकता है।  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की मोबिलिटी यूनिट ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (GSM) ने अपनी राइड-हेलिंग सर्विसेज में भी छूट का ऐलान किया है. 11 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच Xanh SM (वियतनाम) और Green SM (इंडोनेशिया) की सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट का फायदा मिलेगा।  कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करना और भी किफायती बनेगा. साथ ही ज्यादा लोग इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की ओर मुखर होंगे. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि यह प्रोग्राम फिलहाल लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए शुरू किया गया है, लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में फ्यूल प्राइस में इजाफा बना रहता है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  VinFast में ग्लोबल सेल्स की डिप्टी सीईओ डुओंग थी थू ट्रांग का कहना है कि, ‘ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक’ प्रोग्राम दुनिया भर में बदलती इकोनॉमिकल और जियो-पॉलिटिकल कंडिशन को देखते हुए शुरू किया गया है. ऐसे में विनफास्ट ग्रीन इकोसिस्टम के जरिए एक सॉल्यूशन लेकर आया है. इससे लोगों के डेली लाइफ में फ्यूल प्राइसेस का असर कम होगा साथ ही पॉल्यूशन पर भी लगाम लगेगी।  VinFast की कारें विनफास्ट के इंडियन पोर्टफोलियो में फिलहाल दो कार मॉडल हैं और दोनों ही SUV सेगमेंट में आते हैं. कंपनी की सबसे सस्ती कार VinFast VF6 है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 17.29 लाख रुपये रखी गई है. वहीं लाइनअप की सबसे महंगी कार VinFast VF7 है, जिसकी कीमत करीब 26.79 लाख रुपये तक जाती है. आने वाले समय में कंपनी दो नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें Limo Green और VF3 शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन मॉडलों के आने से इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कम्पटीशन और बढ़ेगा। 

अवैध गैस रिफिलिंग पर जगदलपुर में बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में सिलेंडर जब्त

रायपुर बस्तर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में सिलेंडर जप्त किया है। इसी कड़ी में कलेक्टर  आकाश छिकारा के निर्देश पर मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने शहर के दीनदयाल उपाध्याय वार्ड में एक बड़ी कार्रवाई की।          खाद्य नियंत्रक  घनश्याम राठौर से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग को राउतपारा स्थित बालाजी केयर हॉस्पिटल के पास अवैध भंडारण की पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर टीम ने प्रशांत महाजन नामक व्यक्ति के घर पर आकस्मिक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान घर के भीतर गैस सिलेंडरों का बड़ी मात्रा में भंडारा पाया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। अधिकारियों ने मौके से कुल 24 नग घरेलू गैस सिलेंडर और 10 नग कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा, सिलेंडरों से अवैध रूप से गैस की चोरी और रिफिलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले 03 नग रिफिलिंग पाइप भी जप्त किए गए हैं।       प्रशासन का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण घरेलू गैस की सीमित आपूर्ति का लाभ उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर गैस बेचने की फिराक में हैं। इसी कालाबाजारी को रोकने और आम जनता को सुचारू रूप से गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन अब कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई को खाद्य विभाग के अनुभवी अधिकारियों की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें खाद्य निरीक्षक  शेख अब्दुल कादिर,  उमेश चौधरी,  हेमंत ब्रह्मभट्ट एवं  पायल वर्मा शामिल रहे। विभाग ने जप्त सामग्री को कब्जे में लेकर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।

सिर्फ 7 घरेलू नुस्खों से काले होंठ होंगे गुलाबी, महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं

होंठ चेहरे की खूबसूरती को और भी निखारते हैं, लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल, ज्यादा कैफीन लेना, धूम्रपान, डिहाइड्रेशन, सन एक्सपोजर और केमिकल वाले लिपस्टिक की वजह से होंठ काले पड़ने लगते हैं। महंगे प्रॉडक्ट्स अक्सर टेम्परेरी असर देते हैं, लेकिन ये इनसे होंठों को नुकसान हो सकता है।इनकी तुलना में घरेलू नुस्खे सुरक्षित होते हैं और लंबे समय तक फायदा पहुंचाते हैं। आइए जानते हैं कुछ घरेलू उपाय जो आपके काले होंठों को फिर से नेचुरली गुलाबी और खूबसूरत बना सकते हैं। कैसे बनाएंं होंठों को नेचुरली गुलाबी?     शहद और नींबू- शहद होंठों को मॉइश्चराइज करता है और उनमें नमी बनाए रखता है,जबकि नींबू की प्राकृतिक ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होंठों का कालापन कम करती हैं। एक चम्मच शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर होंठों पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद वॉश करें।     गुलाब की पंखुड़ियां- गुलाब की पंखुड़ियां होंठों को नेचुरल गुलाबी रंग लेकर आती हैं। इसके लिए गुलाब की पंखुड़ियों को कुछ देर दूध में भिगोकर पेस्ट बना लें और इसे होंठों पर लगाएं। लगभग 15 मिनट तक लगाए रखने के बाद इसे वॉश करें।     चीनी और ऑलिव ऑयल स्क्रब- डेड स्किन की वजह से होंठ अक्सर बेजान और काले लगते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए एक चम्मच चीनी में आधा चम्मच जैतून का तेल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इस मिक्सचर से होंठों पर हल्के हाथों से दो-तीन मिनट मसाज करें और फिर वॉश करें।     चुकंदर का रस- चुकंदर में मौजूद नेचुरल रेड पिगमेंट होंठों को गुलाबी बनाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है। इसके लिए रात को सोने से पहले चुकंदर का रस होंठों पर लगाएं और रातभर इसे लगा रहने दें। सुबह उठकर वॉश करें।     एलोवेरा जेल- एलोवेरा जेल अपने हाइड्रेटिंग और हीलिंग गुणों के लिए जाना जाता है। ताजा एलोवेरा जेल को होंठों पर लगाएं और लगभग 20 मिनट तक लगा रहने दें। चाहें तो दिनभर में इसे बार-बार भी लगाया जा सकता है।     नारियल तेल- नारियल तेल होंठों के लिए नेचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है। इसे रात में सोने से पहले होंठों पर लगाकर हल्की मालिश करें। नारियल तेल होंठों के ड्राइनेस को दूर करता है और उन्हें नेचुरली सॉफ्ट और पिंक बनाए रखता है। दिन में भी इसे नेचुरल लिप बाम की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।     हल्दी और दूध- हल्दी में स्किन को ब्राइट करने वाले तत्व होते हैं और दूध होंठों को पोषण देता है। एक चुटकी हल्दी में थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे होंठों पर 5 मिनट तक लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। इसके बाद वॉश करें।  

एसआई भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे 15.75 लाख अभ्यर्थी, परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

त्योहारों और पुलिस भर्ती परीक्षा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री सख्त, कानून-व्यवस्था व व्यवस्थाओं पर विशेष सतर्कता के निर्देश त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों, समाज विरोधी गतिविधियों व नई परंपरा की अनुमति नहीं: मुख्यमंत्री एसआई भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे 15.75 लाख अभ्यर्थी, परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन को देखते हुए सुचारु रहे ट्रैफिक व्यवस्था, कहीं जाम या अव्यवस्था न हो: मुख्यमंत्री प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की तैनाती सुनिश्चित हो, सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए: मुख्यमंत्री नवरात्र के दौरान प्रमुख शक्तिपीठों में सुगम दर्शन, सुरक्षा, स्वच्छता व पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो: मुख्यमंत्री प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति और वितरण सामान्य, कहीं भी अभाव नहीं कहीं भी किसी प्रकार की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बने, जमाखोरी व कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्कता और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14-15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र तथा 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। ऐसे में यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के कारण आमजन को असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि समाज-विरोधी अथवा राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अन्य जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता, और गोपनीयता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें तथा इंटेलिजेंस तंत्र पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहे। परीक्षा से पूर्व सभी जिलों में व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास कराया जाए तथा सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात रहे और जिला प्रशासन भर्ती बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए। चैत्र नवरात्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर), ललिता देवी (सीतापुर) सहित प्रमुख शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। अयोध्या में 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करे। मुख्यमंत्री ने मीरजापुर, बलरामपुर, सीतापुर, अयोध्या, मथुरा और सहारनपुर के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान से तैयारियों की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 19 मार्च को ही माननीय राष्ट्रपति जी का अयोध्या और मथुरा आगमन प्रस्तावित है। इसके दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में पेट्रोल- डीजल की उपलब्धता की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि वर्तमान में प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति और वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कहीं भी किसी प्रकार की घबराहट या कृत्रिम संकट की स्थिति न बनने पाए। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी फील्ड में उतर कर निरीक्षण करते रहें। मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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