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अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद बोले ओम बिरला: संसद की गरिमा सबसे ऊपर

नई दिल्ली लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला पर विपक्ष के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसपर दो दिनों तक सुनवाई हुई। इसके बाद संसद ने इसे ध्वनि मत से खारिज कर दिया। इसके बाद आज उन्होंने पहली बार संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं है, उन्होंने सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी को बराबर मौका दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई सांसद संसद की मर्यादा को भंग करते हैं तो तब उन्हें कठोर कदम उठाते हैं। आपको बता दें कि ओम बिरला इस पूरे अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई के दौरान खुद को स्पीकर की कुर्सी से दूर रखा था। आज जब वह बोल रहे थे तो उन्होंने हर उन आरोपों के जवाब देने की कोशिश की, जो उनके खिलाफ लगाए गए थे। ओम बिरला ने कहा, ‘सबको बराबर बोलने का मौका दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर दो दिनों तक चर्चा हुई। यह 140 करोड़ जनता का सदन है। सदन को नियमों से चलाने की कोशिश की। निष्पक्षता का ध्यान रखा। मेरे पर विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगे। संसदीय व्यवस्था में मेरा अटूट भरोसा रहा है। सदन में सहमति और असहमति की परंपरा रही है। मैंने प्रत्येक सदस्य की बात को गंभीरता से सुना। मैं समर्थन और आलोचना करने वाले सभी सांसदों का आभार प्रकट करता हूं। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है। निष्पक्षता से चलाया संसद अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा, मैंने हमेशा यह प्रयास किया है कि लोकसभा में प्रत्येक सदस्य नियमों के अनुसार अपने विचार रखें, इसके लिए सभी को समय देने का प्रयास किया है। मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन, संतुलन और नियमों के साथ संचालित हो। मैंने अपने नैतिक कर्तव्य का पालन करते हुए अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के साथ ही लोकसभा की कार्यवाही के संचालन से खुद को अलग कर लिया। सदन से ऊपर नहीं नेता प्रतिपक्ष ओम बिरला ने कहा, ”कुछ सदस्यों का मानना था कि नेता प्रतिपक्ष सदन से ऊपर हैं और किसी भी विषय पर बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा विशेषाधिकार किसी को नहीं है और चाहे प्रधानमंत्री हों, मंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या अन्य सदस्य, सभी को नियम के अनुसार ही बोलने का अधिकार है। ये नियम सदन ने ही बनाए हैं और मुझे विरासत में मिले हैं।” स्पीकर ने कहा कि सदन द्वारा मुझ पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं, इस विश्वास को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा के साथ निभाऊंगा।  

लकड़ी के अवैध परिवहन पर वन विभाग की कार्रवाई, वाहन जब्त

रायपुर अवैध परिवहन करते पिकअप वाहन जप्त छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक के निर्देशानुसार वन क्षेत्रों में वनों की अवैध कटाई, अतिक्रमण और अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त की जा रही है। इसी क्रम में कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर की टीम ने गश्ती के दौरान अवैध लकड़ी परिवहन पर कार्रवाई की। परिक्षेत्र भैंसाझार के कक्ष क्रमांक पी-1604 में पलाश प्रजाति की 02 नग जलाऊ चट्टा लकड़ी को महिंद्रा पिकअप वाहन से अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। वन विभाग की टीम ने वाहन को पकड़कर पिकअप वाहन क्रमांक सीजी-05 एबी- 8843 को जप्त कर लिया।       इस मामले में आरोपी अमृत लाल धीवर, पिता नरोत्तम प्रसाद धीवर, निवासी गिरजाबंध, नवागांव, तहसील रतनपुर, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 41(2)(ख) और 52 के तहत प्रकरण क्रमांक 80/3991, दिनांक 10 मार्च 2026 दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह और मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू के नेतृत्व में की गई।     अभियान में सहायक परियोजना क्षेत्रपाल अश्वनी मेहरा, अरुण कुमार सिंह, तोषपाल साहू, गोविंदा वर्मा तथा क्षेत्ररक्षक कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, कृपानंद जॉगड़े, कार्तिकराम धुर्वे सहित अन्य कर्मचारियों ने सहयोग किया। प्रबंध संचालक  प्रेम कुमार ने वन अपराध के विरुद्ध की गई इस त्वरित कार्रवाई के लिए टीम को बधाई दी है। साथ ही प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए इसी प्रकार सतर्क रहकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वन सुरक्षा और संवर्धन में अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख आगामी गोपनीय प्रतिवेदन में भी किया

दिनदहाड़े डकैती से दहशत: खंडवा में मजदूरों को बंधक बनाकर बंदूक और नकदी ले गए बदमाश

खंडवा नर्मदानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पामाखेड़ी में गुरुवार सुबह दिनदहाड़े डकैती की वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई। काले रंग की कार से आए सात से आठ नकाबपोश बदमाशों ने जयंती माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष ललित-वासुदेव सोलंकी के खेत पर बने मकान में धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर पर मौजूद तीन मजदूरों को रस्सी से बांधकर कमरे में बंद कर दिया और इत्मीनान से वारदात को अंजाम दिया। बदमाश घर से 12 बोर की लायसेंसी बंदूक और 1.60 लाख रुपये नकदी ले गए। जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब छह से साढ़े छह बजे के बीच की है।उस समय मकान मालिक ललित सोलंकी अपने परिवार के साथ देवास जिले के सतवास में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए हुए थे।घर पर दो खेतीहर मजदूर मौजूद थे।इसी दौरान काले रंग की कार से आए नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर मजदूरों को पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया। तीसरा मजदूर तो आया तो उसे बना लिया बंधक इसी बीच ललित सोलंकी का एक नौकर पशुओं का दूध निकालने के लिए वहां पहुंचा तो बदमाशों ने उसे भी पकड़कर बांध दिया। तीनों मजदूरों को मकान के पीछे बने कमरे में बंद कर दिया गया।इसके बाद बदमाशों ने घर के अंदर तलाशी ली और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया। बदमाश अपने साथ एक 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक और करीब एक लाख साठ हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चौथा मजदूर पहुंचा तब लगी डकैती की सूचना     घटना की जानकारी तब सामने आई जब सोलंकी का एक अन्य मजदूर पशुओं को खोलकर खेत ले जाने के लिए पहुंचा।     उसने बंधे मजदूरों को देखा और तुरंत इसकी सूचना ललित सोलंकी को दी।     इसके बाद सोलंकी ने नर्मदानगर थाने में डकैती की सूचना दी।     सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास खींची पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।     खंडवा से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।     पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। सात-आठ माह पहले भी लूट का प्रयास बताया जा रहा है कि ललित सोलंकी अपने खेत में बने मकान में परिवार के साथ रहते हैं। करीब सात-आठ महीने पहले भी अज्ञात बदमाशों ने यहां लूट का असफल प्रयास किया था। सुबह के समय हुई इस डकैती की घटना से पामाखेड़ी और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।पुलिस का कहना है कि आरोपितों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।  

पैक्स एवं विपणन सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण हेतु कमेटी गठन के दिए निर्देश

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग की वर्तमान गतिविधियों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) और विपणन सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का अध्ययन कर उनके संचालन, संरचना और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव देगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। मंत्री  सारंग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को “कृषि कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, ऐसे में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष को ध्यान में रखते हुए सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए पैक्स की सदस्यता बढ़ाने के उद्देश्य से अप्रैल माह में प्रदेशभर में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाए, जिसके तहत लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और किसानों को संस्थागत सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। मंत्री  सारंग ने खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के माध्यम से पैक्स के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बन सकेगी। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर घमासान, डायरेक्टर ने कहा — ‘मेरे साथ विश्वासघात, यह लव जिहाद’

खरगोन महाकुंभ में वायरल होने के बाद चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले के आज प्रेमी फरमान खान से विवाह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कोई बगावत नहीं बल्कि ‘लव जिहाद’ का मामला है। उन्होंने दावा किया कि मोनालिसा के करियर को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी, लेकिन घटनाक्रम ने उन्हें मानसिक रूप से आहत कर दिया है। केरल में पुलिस सुरक्षा और मंदिर में शादी अभिनेत्री बनने की राह पर चल रही मोनालिसा ने अपने प्रेमी फरमान खान के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित थम्पानूर पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस से मदद मांगी और बाद में मंदिर में जाकर आज उससे शादी कर ली। बताया जा रहा है कि मोनालिसा और फरमान खान के बीच करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के माध्यम से बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। महाकुंभ से लेकर फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ तक का सफर मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि महाकुंभ के दौरान मोनालिसा का वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने उसकी सादगी और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर उसे अपनी फिल्म में अभिनेत्री बनाने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि उस समय देश-दुनिया में इस निर्णय का स्वागत हुआ था। हालांकि, उनके अनुसार कुछ विरोधियों को यह बात पसंद नहीं आई और उन पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। निर्देशक का संघर्ष और व्यक्तिगत निवेश उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए भी उन्होंने अपनी फिल्म की कहानी लिखी और बाद में फिल्म पूरी की। मिश्रा का दावा है कि मोनालिसा के करियर को बनाने के लिए उन्होंने काफी आर्थिक और व्यक्तिगत प्रयास किए, यहां तक कि फिल्म को पूरा करने के लिए उन्होंने बड़ा कर्ज भी लिया। मिश्रा ने यह भी कहा कि मोनालिसा का पारिवारिक जीवन काफी जटिल रहा है और उसने कई बार अपने निजी संघर्षों के बारे में उनसे चर्चा की थी। उनके अनुसार मोनालिसा अपने परिवार की परिस्थितियों को लेकर भावुक रहती थी और कई बार उसने अपनी भावनाएं उनसे साझा की थीं। विश्वासघात और षड्यंत्र का दावा निर्देशक ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मोनालिसा को उनके प्रभाव से दूर करने की कोशिश की और उसे अलग दिशा में प्रभावित किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को उन्होंने मोनालिसा की पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए जोड़ा था, उनमें से कुछ ने बाद में उनके विश्वास को तोड़ा। मिश्रा के अनुसार वर्तमान घटनाक्रम ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जिस लड़की को उन्होंने आगे बढ़ाने की कोशिश की, आज उसी के फैसले ने उन्हें जवाब देने की स्थिति में नहीं छोड़ा है। पारदी समुदाय से इंटरनेट सेंसेशन बनने की कहानी मोनालिसा भोंसले मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर के वार्ड नंबर 9 में अपने परिवार के साथ रहती हैं। वह पारदी समुदाय से संबंध रखती हैं, जो पारंपरिक रूप से अलग-अलग जगहों पर घूमकर रुद्राक्ष और पत्थर की मालाएं बेचने का काम करता है। इस समुदाय को करीब चार दशक पहले इस वार्ड में बसाया गया था। प्रयागराज के महाकुंभ में रुद्राक्ष की माला बेचते समय उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद वह इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। उनकी लोकप्रियता से प्रभावित होकर फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी नई फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ में मुख्य अभिनेत्री के रूप में साइन किया। उन्होंने जी-जान लगाकर मोनालिसा को अभिनय सीखने में भी भरपूर मदद की।  

सोनू निगम को देखते ही मुस्कुराईं दिव्या दत्ता, फोटो शेयर कर जताई खुशी

मुंबई, अभिनेत्री दिव्या दत्ता इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज ‘चिरैया’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में अभिनेत्री की मुलाकात मशहूर गायक सोनू निगम से हुई। इस मुलाकात की जानकारी अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर शेयर की। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में सोनू को खास दोस्त से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि दोनों की मुलाकात एक खास यात्रा के दौरान हुई। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई सेल्फी में दोनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। कैप्शन में दिव्या ने लिखा, “जब सफर के दौरान अचानक अपनी सबसे अच्छी दोस्त से मुलाकात हो जाए, तो पूरा सफर जैसे संगीत से भर जाता है। है ना? “ दिव्या के कैप्शन से साफ पता चल रहा है कि दोनों की दोस्ती काफी गहरी और पुरानी है। जहां दिव्या अभिनय के क्षेत्र में बड़ा नाम हैं, वहीं सोनू भी गायिकी में खास मुकाम रखते हैं। फैंस को दोनों की पोस्ट काफी पसंद आ रही है। वे कमेंट सेक्शन पर दोनों की जमकर तारीफ कर रहे हैं और दोनों की दोस्ती की सराहना कर रहे हैं। अभिनेत्री जल्द ही वेब सीरीज ‘चिरैया’ लेकर आ रही हैं। यह सीरीज घरेलू अन्याय और वैवाहिक संबंधों में सहमति जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल उठाती है कि क्या शादी करने भर से जीवनभर की सहमति मिल जाती है। इसी के साथ ही, निर्देशक शशांत शाह ने सीरीज के जरिए स्पष्टता से एक मैसेज दिया है कि शादी कोई लाइसेंस नहीं है और चुप्पी कभी सहमति नहीं मानी जा सकती। शशांत शाह द्वारा निर्देशित सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में नजर आएंगी, जो कुरीति पर सवाल उठाने के साथ-साथ अपनों से ही लड़ती दिखेंगी। वहीं, इसमें संजय मिश्रा भी अहम किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टिन्नू आनंद और सरिता जोशी जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। यह सीरीज एसवीएफ एंटरटेनमेंट द्वारा बनाई गई है और जियो हॉटस्टार पर एक्सक्लूसिव तौर पर स्ट्रीम होगी।  

IPL Schedule Update: पहले चरण में जयपुर नहीं, दूसरे राउंड में सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेलेंगे मैच

जयपुर. राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आ रही है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का बिगुल 28 मार्च से बजने जा रहा है। लेकिन गुलाबी नगरी जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में फिलहाल चौके-छक्कों की गूंज सुनाई नहीं देगी। बता दें कि बीसीसीआई द्वारा जारी पहले फेज के 20 मैचों के शेड्यूल में जयपुर को एक भी मैच की मेजबानी नहीं मिली है। जयपुर में मैच न होने की सबसे बड़ी वजह SMS स्टेडियम की जर्जर हालत और सुरक्षा मानकों में कमी को माना जा रहा है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स ने स्टेडियम का विस्तृत सर्वे करवाया था। सर्वे की 700 पन्नों की रिपोर्ट में स्टेडियम के ढांचे और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन ने सरकार और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से सुरक्षा की लिखित जिम्मेदारी लेने को कहा था। हालांकि, मुख्य सचिव और खेल सचिव ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर मरम्मत और सुरक्षा का भरोसा दिलाया है, लेकिन पहले फेज के लिए जयपुर को ‘अनफिट’ ही माना गया। राजस्थान रॉयल्स का शेड्यूल जयपुर में मैच न होने के कारण राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती ‘होम मैच’ असम के गुवाहाटी में खेलेगी। आईपीएल के 19वें सीजन के शुरुआती कार्यक्रम पर एक नजर… तारीख    मुकाबला    वेन्यू (मैदान) 30 मार्च    राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स    गुवाहाटी 04 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs गुजरात टाइटंस    अहमदाबाद 07 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस    गुवाहाटी 10 अप्रैल    राजस्थान रॉयल्स vs आरसीबी    गुवाहाटी क्या दूसरे फेज में जयपुर को मिलेगा मौका? फिलहाल 28 मार्च से 12 अप्रैल तक का ही शेड्यूल जारी हुआ है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि यदि इस बीच स्टेडियम की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाता है, तो आईपीएल के दूसरे फेज में जयपुर को कुछ मैचों की मेजबानी मिल सकती है। राज्य सरकार और खेल विभाग लगातार बीसीसीआई के संपर्क में हैं, ताकि राजस्थान के फैंस को अपने घरेलू मैदान पर संजू सैमसन की टीम को खेलते देखने का मौका मिल सके। राजस्थान रॉयल्स अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन के खिलाफ गुवाहाटी के बारापारा स्टेडियम में खेलेगी।

बिलासपुर में अवैध गैस कारोबार पर कार्रवाई, छापे में 55 सिलेंडर बरामद

बिलासपुर शहर में गैस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। कोनी क्षेत्र में गुडाखू फैक्ट्री के सामने वाली गली में संचालित एक अवैध रिफिलिंग सेंटर पर खाद्य विभाग ने छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मौके से 55 खाली और भरे हुए गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। जानकारी के अनुसार आरोपी श्रवण साहू किराए के मकान में डंप यार्ड बनाकर पिछले डेढ़ साल से गैस का अवैध कारोबार कर रहा था। वह घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटी टंकियों में भरता था और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। खाद्य विभाग को मिली थी सूचना खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि कोनी इलाके में गैस की अवैध रिफिलिंग कर कालाबाजारी की जा रही है। सूचना के आधार पर सहायक जिला खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी के नेतृत्व में टीम ने किराए के मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान वहां बड़ी संख्या में सिलेंडर पाए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी का मुख्य निशाना हॉस्टल में रहने वाले छात्र थे। वह 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर 5 किलो की छोटी टंकियों में भरता था और उन्हें छात्रों को सप्लाई करता था। घनी आबादी वाले क्षेत्र में यह अवैध कारोबार पिछले डेढ़ साल से चल रहा था। एक ही व्यक्ति के पास 55 सिलेंडर मिलने से गैस वितरण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग अब उन डिलीवरी बॉय और एजेंसियों की पहचान कर रहा है, जिनके जरिए आरोपी तक इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर पहुंचे।  

Rajasthan Assembly में बड़ा बदलाव: 49 साल बाद बढ़ेगी MLA सीटों की संख्या

जयपुर. राजस्थान की राजनीति में आने वाले समय में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले 49 सालों से स्थिर रही विधानसभा सीटों की संख्या में अब भारी इजाफा होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के अनुसार, आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद प्रदेश में विधायकों की संख्या 200 से बढ़कर 270 हो सकती है। जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्पीकर देवनानी ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विधानसभा में 280 विधायकों के बैठने की क्षमता वाला हॉल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सदन में केवल 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना जल्द ही देश में जनगणना होने वाली है, जिसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्थान में लगभग 70 नई सीटें जुड़ने की संभावना है। हमने भविष्य को देखते हुए स्ट्रक्चर तैयार कर लिया है, ताकि सदन छोटा न पड़े। -वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष राजस्थान में सीटों का गणित: 1952 से अब तक राजस्थान में आखिरी बार सीटों का विस्तार 1977 में हुआ था। तब से लेकर अब तक जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन सीटों की संख्या 200 पर ही टिकी रही। वर्ष    विधानसभा चुनाव    कुल सीटें    क्या हुआ बदलाव? 1952    पहला चुनाव    160    पहली बार सीटों का निर्धारण 1957    दूसरा चुनाव    176    16 सीटों की बढ़ोतरी 1967    विधानसभा चुनाव    184    8 सीटें और बढ़ाई गईं 1977    विधानसभा चुनाव    200    आखिरी बार संख्या में वृद्धि संसद की तर्ज पर बनेगा ‘सेंट्रल हॉल’ विधानसभा परिसर को आधुनिक और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की है। सेंट्रल हॉल: दिल्ली की संसद की तरह यहां भी एक भव्य सेंट्रल हॉल बनेगा। सुविधाएं: यहां सभी दलों के विधायक एक साथ बैठकर अनौपचारिक चर्चा कर सकेंगे। साथ ही चाय, नाश्ते और भोजन की विशेष व्यवस्था होगी। विधान परिषद हॉल का उपयोग विधानसभा परिसर में पहले से ही विधान परिषद के लिए एक ढांचा (स्ट्रक्चर) मौजूद है। सीटों की संख्या बढ़ने पर इस हॉल को मुख्य सदन की तरह विकसित कर उपयोग में लाया जाएगा। परिसीमन से कैसे बदलेगा सियासी नक्शा? सीटों की संख्या बढ़ने का सीधा असर राजस्थान की राजनीति और भूगोल पर पड़ेगा। 70 नई सीटें बनने से प्रदेश के कई युवा और नए नेताओं के लिए विधानसभा पहुंचने की राह आसान होगी। परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर कई सामान्य सीटें SC/ST के लिए आरक्षित हो सकती हैं, जबकि कुछ वर्तमान आरक्षित सीटें सामान्य हो सकती हैं। कई बड़े विधानसभा क्षेत्रों को काटकर दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक पकड़ में बदलाव आएगा। अगला कदम क्या है? परिसीमन की प्रक्रिया परिसीमन आयोग के गठन और जनगणना की रिपोर्ट आने के बाद ही शुरू होगी। माना जा रहा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

टीम इंडिया के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी तय, मसूरी में 14 मार्च को लेंगे सात फेरे

मसूरी भारतीय क्रिकेट टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव गुरुवार दोपहर पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचे। यहां 14 मार्च को वह अपने बचपन की दोस्त वंशिका के साथ सात फेरे लेंगे। लाइब्रेरी बाजार क्षेत्र स्थित होटल सेवॉय में शुक्रवार और शनिवार को शादी की रस्में होनी हैं। होटल सेवाय में होंगे कार्यक्रम बता दें भारतीय क्रिकेट टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के शादी के बंधन में बंधने की तारीख नजदीक आ गई है। वह 14 मार्च शनिवार को मसूरी में अपने बचपन की दोस्त वंशिका के साथ सात फेरे लेंगे। वैवाहिक कार्यक्रम लाइब्रेरी बाजार स्थित होटल सेवाय में होगा। होटल के सारे कमरे बुक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, होटल सेवाय में 13 और 14 मार्च के लिए सभी कमरे बुक किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मेहमानों के लिए होटल जेडब्लू मैरियट में भी कमरे बुक किए गए हैं। पहले नवंबर में होनी थी शादी शादी समारोह में सूर्य कुमार यादव, जय शाह सहित भारतीय टीम के अन्य खिलाड़ियों के आने की भी संभावना है। यह शादी पहले नवंबर में होनी वाली थी, लेकिन कुलदीप यादव के मैचों में व्यस्तता के कारण इसे टाल दिया गया था। जून 2025 में हुई थी सगाई कुलदीप यादव और वंशिका की सगाई जून 2025 में हुई थी। बताया जा रहा है कि रिसेप्शन 17 मार्च को लखनऊ एक होटल में होगा। उसमें भी क्रिकेटर, राजनेता, बालीवुड और बीसीसीआइ से जुड़े लोग आ सकते हैं।  

मंत्री राजवाड़े के विभागों को 11,763 करोड़ रुपये का अनुदान, पारित हुई मांगें

मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए लगभग 11 हजार 763 करोड़ रुपये की अनुदान मांगें पारित समाज के अंतिम व्यक्ति तक के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध :  राजवाड़े महतारी वंदन योजना से राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित  समाज कल्याण का बजट पिछले 5 वर्षों की तुलना में 59 प्रतिशत अधिक प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी को पूरा करने बेटियों के भविष्य के लिए रानी दुर्गावती योजना होगी शुरू  नशा मुक्ति के लिए सामाजिक सहयोग से चलेगा अभियान, वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल के लिए “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर की होगी स्थापना रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए 11 हजार 762 करोड़ 53 लाख रूपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं है। इनमें महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 10,162 करोड़ 53 लाख रूपए तथा समाज कल्याण विभाग के लिए 1600 करोड़ रूपए से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है।  महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है।  राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। यह योजना राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित हुई है। इसके तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 25 किश्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। इससे महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है और उनके जीवन में स्वावलंबन लाने का काम किया है। राजवाड़े ने सदन में कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 120 करोड़ रुपये तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये तथा पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। राजवाड़े ने कहा कि किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए ’किशोरी बालिका योजना’ के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्राओं की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ’शुचिता योजना’ के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।  राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोेदी जी के गारंटी को पूरा करने राज्य सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए ’रानी दुर्गावती योजना’ प्रारंभ करने जा रही है। इस योजना के तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हेें 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए इस वर्ष के बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पोषण अभियान के संचालन के लिए 125 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान रखा गया है।  राजवाड़े ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं की सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर, सखी निवास और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए भी बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। समाज कल्याण विभाग सदन को जानकारी देते हुए राजवाड़े ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो पिछले पांच वर्षों की तुलना में लगभग 59 प्रतिशत अधिक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत प्रदेश में लगभग 21 लाख 76 हजार हितग्राहियों को पेंशन का लाभ डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके लिए 1402 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों केे देखभाल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य में “सियान गुड़ी” डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा वृद्धाश्रमों के संचालन के लिए 6 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के लिए 20 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष विद्यालयों के संचालन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण तथा पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही उभयलिंगी कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुंचाना है। इन्हीं बातों को ध्येय में रखकर हमारी सरकार सेवा, संवेदना और संकल्प के साथ समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

Iran-US War: FBI की चेतावनी के बाद अमेरिका में सुरक्षा बढ़ी, ईरान के हमले की आशंका

तेहरान  ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से पश्चिम एशिया में भीषण जंग छिड़ चुकी है। बौखलाए ईरान ने इजरायल के साथ साथ सऊदी अरब, बहरीन, UAE और कतर जैसे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को लगातार निशाना बनाया है। अब खबर है कि ईरान सीधा अमेरिका पर ही हमला बोल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया पर हमला करने की योजना बना रहा है। अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने हाल ही में कैलिफोर्निया के पुलिस डिपार्टमेंट को चेतावनी दी है कि ईरान पश्चिमी तट पर ड्रोन के जरिए अमेरिकियों पर हमला कर सकता है। फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक FBI के अधिकारियों ने एक अलर्ट जारी किया है जिसमें अमेरिकी सरकार को चेतावनी दी गई है कि युद्ध जारी रहा तो ईरान के बदले के लिए तैयार रहें। अलर्ट पर कैलिफोर्निया रिपोर्ट में ABC न्यूज की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें फरवरी के आखिर में भेजे गए अलर्ट के मुताबिक, “हमें हाल ही में जानकारी मिली है कि फरवरी 2026 की शुरुआत में, ईरान कथित तौर पर अमेरिकी होमलैंड के तट पर एक अनजान जहाज से UAV का इस्तेमाल करके अचानक हमला करने की सोच रहा था। अगर US ईरान पर हमला करता है तो ईरान कैलिफोर्निया को निशाना बना सकता है।” जानकारी के मुताबिक राज्य इसे लेकर हाई अलर्ट पर है। डोनाल्ड ट्रंप को भी दी थी धमकी इससे पहले ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी अपनी जान बचाने की चेतावनी दी थी। ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप को धमकी दी। अली लारिजानी ने बीते मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ”ईरान जैसा बलिदानी राष्ट्र तुम्हारी खोखली धमकियों से नहीं डरता। तुमसे बड़े भी ईरान को खत्म नहीं कर सके। सावधान रहें, कहीं खुद आपका सफाया ना हो जाए।” ईरान ने रखी शर्तें इस बीच ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 3 शर्तें रख दी हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को कहा है कि अमेरिका को ईरान के अधिकारों को मान्यता देनी ही होगी और यह गारंटी देनी होगी कि देश पर भविष्य में हमले नहीं होंगे। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में, पेजेशकियन ने कहा कि जंग का हल सिर्फ इन शर्तों के जरिए ही निकलेगा। पेजेशकियन ने लिखा, “इस जंग को, जिसे यहूदियों और अमेरिका ने शुरू किया है, को खत्म करने का एक मात्र तरीका है, ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, युद्ध का हर्जाना देना और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की अंतर्राष्ट्रीय गारंटी देना।”

भारत मंडपम में महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम होगा: आयुक्त भोंडवे

महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास के संगम का साक्षी बनेगा भारत मंडपम: आयुक्त  भोंडवे नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित महोत्सव में मध्यप्रदेश की 300 अमृत मित्र महिलाएँ होंगी सम्मिलित केंद्रीय मंत्री  खट्टर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को करेंगे सम्मानित भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग द्वारा शहरी महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1,028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में ‘जल गुणवत्ता परीक्षण’ जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये समूह सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के ‘वुमन फॉर ट्रीज़’ कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं उनकी सुरक्षा का दायित्व का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। अमृत मित्र महोत्सव में मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ उत्साहपूर्वक भाग लेंगी। इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों की अमृत मित्र महिलाएँ भी सम्मिलित हो रही हैं। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा अमृत 2.0 के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करने के लिये शुक्रवार 3 मार्च को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘भारत मंडपम’ में “अमृत मित्र महोत्सव” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।इस राष्ट्रीय समागम में देशभर से ‘अमृत मित्र’ के रूप में कार्यरत स्व-सहायता समूह की महिलाएँ, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। उत्कृष्टता का सम्मान केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री  मनोहर लाल खट्टर अमृत मित्र पहल के अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह आयोजन उत्कृष्ट कार्य करने वालों के कार्यों को पहचान दिलाएगा। साथ ही महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा कि अमृत मित्र पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का एक प्रेरक उदाहरण है। आयुक्त  भोंडवे ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी। 

“आदि कैलाश यात्रा 1 मई से शुरू, 30 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे पिछले साल, इस बार भी उम्मीदें हैं बड़ी

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में भगवान शिव के धाम की प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा इस वर्ष आठ मई को प्रदेश के तीन स्थानों से शुरू होगी. यात्रा की नोडल एजेंसी ‘कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड’ (केएमवीएन) के महाप्रबंधक विजयनाथ शुक्ला ने बताया कि हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालुओं के कुल 15 जत्थे आदि कैलाश की यात्रा करेंगे.उन्होंने बताया हल्द्वानी से होने वाली आदि कैलाश यात्रा आठ दिन की होगी. टनकपुर से छह दिन और धारचूला से यात्रा पांच दिन में संपन्न होगी. विजयनाथ शुक्ला ने बताया यात्रा का पहला चरण 10 जून को समाप्त होगा. आदि कैलाश यात्रा को पीएम मोदी ने दिया बढ़ावा: अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के आने से पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर आते थे. 2023 में मोदी के यहां आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28,000 पहुंच गई. पिछले साल यह आंकड़ा 36,000 को पार कर गया. उत्तराखंड में आदि कैलाश यात्रा 1 मई से शुरू करने की तैयारी है. मौसम अनुकूल रहा तो प्रशासन अप्रैल के आखिरी सप्ताह से इनर लाइन परमिट जारी कर सकता है. पिछले साल यहां 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे. ऐसे में इस बार और बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद है. आदि कैलाश पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र की व्यास घाटी में स्थित है. नवंबर से मार्च तक यहां भारी बर्फबारी के कारण आवागमन बंद रहता है. सुरक्षा कारणों के चलते व्यास घाटी में छियालेख से आगे जाने के लिए इनर लाइन परमिट अनिवार्य होता है. जिसे तहसील प्रशासन जारी करता है. आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट धारचूला स्थित एसडीएम कार्यालय से ऑफलाइन लिया जा सकता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी होते हैं. यात्रा के लिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा है. आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है. साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद इस धार्मिक स्थल को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान मिली. इसके बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड दौरे के दौरान आदि कैलाश क्षेत्र का भ्रमण किया था. तब उन्होंने पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश और पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की, साथ ही कुमाऊं के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में भी दर्शन किए थे. आदि कैलाश उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में भारत की सीमा के भीतर स्थित है, इसलिए यहां की यात्रा अपेक्षाकृत आसान मानी जाती है. इसके लिए केवल इनर लाइन परमिट, मेडिकल जांच और स्थानीय प्रशासन की अनुमति जरूरी होती है. सड़क बनने के बाद अब श्रद्धालु धारचूला, गुंजी और जोलिंगकोंग तक वाहनों से पहुंचकर पार्वती सरोवर और गौरी कुंड के साथ आदि कैलाश के दर्शन कर सकते हैं. कैलाश पर्वत तिब्बत (चीन) में स्थित है और उसके पास पवित्र मानसरोवर झील है. वहां की यात्रा अंतरराष्ट्रीय होने के कारण पासपोर्ट-वीजा और भारत सरकार की आधिकारिक प्रक्रिया से होकर गुजरती है. यह यात्रा अधिक कठिन मानी जाती है.

भरतपुर में दुकानों पर रेड मार्किंग से हड़कंप, संभावित कार्रवाई को लेकर व्यापारी परेशान

भरतपुर. भरतपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई स्थानों पर फ्लाइओवर तो कहीं सड़क को 6 लेन करने के लिए करोड़ों रुपए मंजूर किए हैं। इससे आने वाले समय में शहर की सूरत तो बदल जाएगी, लेकिन वर्तमान में सरकार के इन प्रोजेक्ट्स से व्यापारियों की नींद उड़ चुकी है। सड़क चौड़ाईकरण के नाम पर होने वाले भूमि अधिग्रहण से इनके व्यापार चौपट होते नजर आ रहे हैं। भरतपुर शहर के रेडक्रास सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 120 किया जा रहा है। इसकी लम्बाई करीब 1100 मीटर है। इस दायरे में करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठान टूटेंगे। इसके लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 5.50 करोड़ रुपए की निविदा का वर्क ऑर्डर जारी करते हुए कार्य पूरा होने की अवधि एक वर्ष निर्धारित की है। वहीं अतिक्रमण में आने वाले प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे का निर्धारण नहीं किया है। ऐसे में कई व्यापारियों के तो पूरे प्रतिष्ठान टूट रहे हैं। इससे व्यापारियों की नींद पूरी तरह उड़ने से कोई मानसिक तनाव का शिकार होकर आत्महत्या की दहलीज पर खड़ा है। दो घंटे का इंतजार, आयुक्त ने नहीं की मुलाकात क्षेत्र का व्यापारी वर्ग बुधवार को जब अपनी समस्याएं सुनाने के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण पहुंचा। प्राधिकरण में करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी आयुक्त ने उनकी समस्याएं सुनना तो दूर मुलाकात करना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में सभी व्यापारी आयुक्त के निजी सहायक को अपना ज्ञापन देकर मायूस ही प्राधिकरण से लौटे। हालांकि शाम को व्यापारियों को आयुक्त की ओर से वापस बुलाया गया। जहां इस मुद्दे को लेकर बात की गई। ऐसा होगा सड़क का स्वरूप सड़क की चौड़ाई को 80 फीट से 120 फीट किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी। सड़क के बीच में करीब एक मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इस पर सौन्दर्यीकरण की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण होगा। दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं 18.5 फीट की दुकान है और 30 फीट तक निशान लगाए हैं। इस किराना की दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं है। मेरे बच्चों का भी यही रोजगार है। दुकान टूटने से पीढ़ियों तक का रोजगार चौपट होगा। – ओमप्रकाश, किराना व्यापारी …पूरी दुकान ही टूट जाएगी पुश्तों से हलवाई का काम करते आ रहे हैं। दुकान की गहराई 22 फीट है, लेकिन निशान 24 फीट तक लगे हैं। ऐसे में पूरी दुकान ही टूट जाएगी। व्यापारियों के आगे रोजी का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। – मुकेश, हलवाई मुआवजा की कोई चर्चा नहीं कई वर्षों से सीमेंट-बजरी का व्यापार कर रहे हैं। अब सड़क चौड़ी होने से 26 फीट दुकान टूटेगी। प्राधिकरण ने निशान लगा दिए हैं, लेकिन मुआवजा की कोई चर्चा नहीं है। अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं करते। – धर्मेंद्र, सीमेंट व्यापारी आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं 30 फीट की मेडिकल की दुकान है। इसमें से 29 फीट तक तोड़ने का निशान लगा है। अब दुकान केवल एक फीट की रह जाएगी। ऐसे में क्या व्यापार होगा। आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आता। -चन्द्र किशोर सिंगल, मेडिकल व्यापारी व्यापारियों ने बनाएंगे सामंजस्य यह सड़क विभिन्न मापों में है इसलिए कहीं से कम और कहीं से अधिक हिस्सा अतिक्रमण में शामिल है। व्यापारियों के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता और पटवारी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। पैमाइश के बाद ही मुआवजा निर्धारित होगा। वहीं आपसी सामंजस्य बनाने के लिए व्यापारियों के साथ बातचीत की जा रही है। हमारा उद्देश्य कम से कम परेशानी के काम पूरा करना है। – बहादुर सिंह, एक्सईएन, भरतपुर विकास प्राधिकरण

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