LATEST NEWS

ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत, डीजल के लिए पड़ोसी देशों ने की मदद की मांग: MEA

नई दिल्ली मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत से उसके पड़ोसी देशों ने खास गुजारिश की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका ने डीजल आपूर्ति का अनुरोध भारत से किया है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि भारत अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लेगा। जायसवाल ने कहा, “भारत रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख निर्यातक है, विशेषकर अपने पड़ोसियों के लिए—जैसे बांग्लादेश सरकार से डीजल आपूर्ति के लिए अनुरोध प्राप्त हुआ है।” बांग्लादेश से भारत के पुराने रिश्तों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, “उनके साथ हमारे जन-केंद्रित और विकासोन्मुख दृष्टिकोण को देखते हुए, 2007 से नुमालीगढ़ रिफाइनरी से हम विभिन्न माध्यमों—जैसे जलमार्ग, रेलमार्ग, और बाद में भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन—से डीजल की आपूर्ति कर रहे हैं। अक्टूबर 2017 में नुमालीगढ़ रिफाइनरी और बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के बीच हाई-स्पीड डीजल आपूर्ति को लेकर एक समग्र बिक्री-खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किया गया था। यह 2007 से जारी है।” उन्होंने कहा कि हमें बांग्लादेश के अलावा मालदीव और श्रीलंका से भी अनुरोध प्राप्त हुआ है। भारत विचार कर रहा है, लेकिन हम अपनी ऊर्जा आवश्यकता और डीजल की उपलब्धता को देखते हुए आगे बढ़ेंगे।” एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों के कई नेताओं से बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने “संवाद और कूटनीति के जरिए जल्द शांति बहाल करने पर जोर दिया,” जिससे हमारे नागरिक लौट सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में नागरिकों को होने वाले नुकसान से बचाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) में हमारे कई नागरिक रहते हैं। भारत का स्पष्ट मत रहा है कि किसी देश की संप्रभुता या अखंडता के उल्लंघन को हम सही नहीं मानते हैं।

5 लाख रुपये के ब्याज-गारंटी मुक्त लोन ने साकार किया सपना

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर उद्योग-व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को उनके सपने पूरे करने में अहम योगदान निभा रही हैं। गोरखपुर की अनिता मद्धेशिया की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो समाज की बेड़ियों को तोड़कर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। इनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा और समर्थन से महिलाएं अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।  प्ले स्कूल खोलने का सपना किया साकार मुख्यमंत्री युवा योजना को लेकर अनिता मद्धेशिया ने बताया कि उन्होंने जिला उद्योग केंद्र (DIC) में संपर्क किया और योजना की जानकारी ली। आवेदन के बाद मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से उनको 5 लाख रुपये का ब्याज-गारंटी मुक्त लोन मिला। अनिता ने इस योजना का लाभ लेते हुए एएस प्लेवे क्लासेज ‘A.S. Playway Classes’ नाम से प्ले-स्कूल शुरू किया। आज वह स्वयं एक सफल उद्यमी बनकर अपने साथ 4 अन्य युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं और समाज को एक बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना से सशक्त, आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सहयोग और महिलाओं के लिए चलाई गई महत्वाकांक्षी योजनाओं से अनिता मद्धेशिया जैसी हजारों महिलाएं आज सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री युवा योजना सरकार की एक पहल है, जिससे राज्य के युवा उद्यमिता का सपना पूरा कर रहे हैं। योगी सरकार इस योजना के माध्यम से शिक्षित और कुशल युवाओं को अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाना चाहती है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा। इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ब्याज व गारंटी मुक्त 5 लाख रूपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इच्छुक युवा अपने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर योजना की पूर्ण जानकारी लेकर उद्यमी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

चैट लीक विवाद में रश्मिका सख्त, 8 साल पुरानी बातचीत वायरल होने पर दी लीगल एक्शन की धमकी

  मुंबई रश्मिका मंदाना इन दिनों अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बीच वह एक और मामले को लेकर चर्चा में आ गई हैं। उन्होंने गुरुवार को इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, जो आठ साल पहले की एक लीक हुई निजी बातचीत को फैला रहे हैं। रश्मिका का इल्जाम एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, एक्ट्रेस ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाने, उन्हें परेशान करने और उन पर जान-बूझकर हमले करने का एक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बातों को बार-बार संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और व्यूज हासिल करने के लिए नफरत फैलाने वाली झूठी कहानियां गढ़ी गईं। बिना सहमति के रिकॉर्ड की गई बातचीत रश्मिका मंदाना ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि जो ऑडियो वायरल किया जा रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक प्राइवेट बातचीत का हिस्सा लग रहा है। इसे शायद उसमें शामिल लोगों की सहमति के बिना रिकॉर्ड और शेयर किया गया है। नजरअंदाज करना हुआ मुश्किल रश्मिका ने खुलासा किया कि पिछले आठ वर्षों से उन्होंने ऑनलाइन कुछ लोगों की तरफ से फैलाई गई गलत जानकारी और उत्पीड़न को झेला है। दर्द सहने के बावजूद उन्होंने धैर्य और चुप्पी बनाए रखना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों की घटनाओं ने उस सीमा को पार कर दिया जिसे वह अब नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने इस बात पर भी निराशा जताई कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबियों को बेवजह परेशानी हुई है, जबकि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। रश्मिका ने दी 24 घंटे की मोहलत इस क्लिप को फैलाना भ्रामक और मानहानि वाला बताते हुए, रश्मिका ने इन्फ्लुएंसर्स और इस कंटेंट को शेयर करने वाले लोगों से इसे तुरंत हटाने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मटेरियल को फैलाने वालों को 24 घंटे की मोहलत दी गई है, ऐसा न होने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। आवाज उठाने और एक्शन लेने का फैसला हल्के में नहीं लिया गया है, बल्कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और शांति की रक्षा के लिए यह जरूरी है। रश्मिका ने अदा किया शुक्रिया रश्मिका ने आखिर में लिखा, ‘उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने इन वर्षों में मुझे दया, समझ और प्यार के साथ सपोर्ट किया है। मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं। मैं आपसे प्यार करती हूं और चाहती हूं कि आप ये जानें कि कोई भी अनजान व्यक्ति यह तय नहीं करेगा और न ही कर सकता है कि हमें कैसे जीना है। चुनाव हमारा है। हमें ही करना होगा।’ किस बारे में ऑडियो क्लिप? यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कई साल पहले की, कथित तौर पर उनकी और उनकी मां के बीच हुई एक बातचीत ऑनलाइन लीक हो गई। लीक हुई बातचीत की ऑडियो कथित तौर पर 2018 की है। यह उस समय की बात है जब रश्मिका और कन्नड़ अभिनेता-फिल्म निर्माता रक्षित शेट्टी ने अपनी सगाई तोड़ी थी।

अखिलेश यादव ने की अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात, शंकराचार्य विवाद को लेकर भाजपा पर विपक्ष आक्रामक

लखनऊ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए। यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े। 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं। हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का। अखाड़ों को लिखेंगे पत्र शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए। संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।  

हौसले ने बदली तकदीर : मुर्गी पालन से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम जमथान की सकून मौर्या

रायपुर मजबूत इरादे, मेहनत और सही अवसर मिलने पर साधारण परिस्थितियों में रहने वाला व्यक्ति भी सफलता की नई कहानी लिख सकता है। मनेन्द्रगढ-भरतपुर-चिरमिरी जिले के ग्राम जमथान की निवासी  सकून मौर्या ने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और स्व-सहायता समूह के सहयोग से यही कर दिखाया है। आज वे मुर्गी पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर मिला नया आत्मविश्वास       साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली सकून मौर्या पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहती थीं। इसी दौरान वे महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने कुछ नया करने का निर्णय लिया। बैंक सहायता से शुरू किया मुर्गी पालन        समूह के सहयोग और मार्गदर्शन से उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग करते हुए उन्होंने मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में यह एक छोटा प्रयास था, लेकिन अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस कार्य को धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। मुर्गी पालन से मिली आर्थिक मजबूती आज मुर्गी पालन उनके परिवार की आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 93 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे अपने परिवार की आवश्यकताओं को पहले से बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं। अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा सकून मौर्या की सफलता को देखकर गांव की कई महिलाएं भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। उनका कहना है कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली। सकून मौर्या की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत और संकल्प से जीवन की दिशा बदल सकती हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।

सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की भी ली जानकारी

अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

गंभीर-पाटिल के रिश्तों में दरार! संदीप पाटिल बोले- अब बात तो दूर, मेरी तरफ देखते भी नहीं

नई दिल्ली बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि गौतम गंभीर लंबे समय से उनसे बात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम से ड्रॉप होने के बाद से गंभीर उनसे बात नहीं करते हैं। बात करना तो दूर, उनकी तरफ देखते तक नहीं हैं गौतम गंभीर का 2006 से 2012 तक भारतीय क्रिकेट में अपना ही रुतबा रहा। वह 2007 और 2011 की विश्व विजेता टीमों का हिस्सा रहे। वैसे तो उन्होंने नवंबर 2016 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था लेकिन सही मायनों में तो 2013 में ही वह एक तरह से टीम इंडिया से बाहर हो चुके थे। संदीप पाटिल ने विकी लालवानी शो पर कहा कि उनकी अगुआई में चयन समिति ने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज चेहरों युवराज सिंह, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंदर सहवाग और यहां तक कि महान सचिन तेंदुलकर पर भी कठिन फैसले लिए थे लेकिन इनमें से गंभीर ही हैं जो अभी तक उस चीज को नहीं भुला पाए हैं। पाटिल ने कहा, ‘जब आप चयन समिति की कुर्सी पर बैठे होते हैं तब आप कुछ बड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार होते हैं। आप खिलाड़ियों के साथ अपनी दोस्ती या घनिष्ठता को नहीं देख रहे होते हैं। सचिन जब 14 साल के थे तब से उनके साथ मेरी अच्छी घनिष्ठता रही है। वह मेरे अंडर खेले हैं, साथ मेरे साथ खेले हैं। जब कभी भी मैं उन्हें कुछ टेक्स्ट करता हूं तो वह तुरंत जवाब देते हैं। मैं हाल ही में एक फ्लाइट में युवराज सिंह से मिला, बहुत गर्मजोशी से मिले। यहां तक कि वीरेंदर सहवाग भी। वे सभी मुझसे अच्छी तरह बात करते हैं। गंभीर को छोड़कर। वह मुझे बहुत प्रिय थे। यहां तक कि आज भी हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन वह मुझे नाराज हैं जो ठीक भी है। यहां तक कि मैं भी जब टीम से निकाला गया तब चयन समिति से नाराज हुआ था। मैंने पाकिस्तान में 100 किए थे। कोटला में इंग्लैंड के खिलाफ दोनों पारियों में सबसे ज्यादा रन बनाए लेकिन तब भी ड्रॉप कर दिया गया। उसके बाद फिर कभी टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला।’ गंभीर की टीम से छुट्टी के बाद शिखर धवन का रास्ता साफ हुआ जिन्होंने मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया और शानदार 187 रन बनाए। रोहित शर्मा के साथ मिलकर शिखर धवन ने वनडे और टी20 में भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी में से एक बनाई जबकि गंभीर नजरअंदाज होते रहे। वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते रहे और बाद में दिल्ली कैपिटल्स में लौटे और आखिरकार 2018 में हर तरह के क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। संदीप पाटिल ने कहा कि गंभीर अब भी उनसे खफा हैं। उन्होंने कहा, ‘गंभीर अब भी खफा हैं। उन्होंने मुझसे कभी बात नहीं की। हम बहुत सारे अलग-अलग शो पर एक साथ आए। हम एक ही कमरे में बैठे लेकिन गौतम ने मेरी तरफ देखा भी नहीं। ठीक है। हर बार जब मैं उनके पास जाकर ‘Hi’ कहा तो उन्होंने कभी भी उसका जवाब नहीं दिया। एक बार भी नहीं देखा। लेकिन ठीक ही है।’ पुराने दिनों में गौतम गंभीर के साथ अपने गर्मजोशी भरे रिश्तों का जिक्र करते हुए पाटिल ने कहा, ‘हम टूर्स पर साथ में टेनिस खेले। हमारे बीच में बहुत ही शानदार तालमेल थी। जब मुझे कोच के पद से हटाया गया था तब गौती मुझे हर दो हफ्ते में एक बार कॉल करते थे। वह वैसे थे। गौतम अपने करियर को लेकर बहुत गंभीर थे और अपनी बैटिंग और अप्रोच पर फोकस बनाए रखते थे। कोई भी क्रिकेटर उस स्टेज पर खेल नहीं छोड़ना चाहता जब आप अच्छा कर रहे होते हैं। कोई भी ड्रॉप होना नहीं चाहता। लक्ष्मण, द्रविड़ शांति से रिटायर हो गए। सहवाग एक अच्छा जश्न चाहते थे लेकिन वैसा नहीं हुआ।’  

होटल-ढाबों में घरेलू गैस का दुरुपयोग पकड़ा गया, बीजापुर में प्रशासन का छापा

बीजापुर/दंतेवाड़ा जिले में होटल और ढाबों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के तहत अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल ने टीम के साथ जिला मुख्यालय बीजापुर में संचालित होटल और ढाबों का औचक निरीक्षण किया। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों और ढाबा मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें और केवल व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल करें। अधिकारियों ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस का उपयोग नियमों के विरुद्ध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं विशेषकर एलपीजी गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता से जुड़ी शिकायतों और सुझावों की निगरानी के लिए उत्तम कुमार भारती, सहायक खाद्य अधिकारी बीजापुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। दंतेवाड़ा में गैस का पर्याप्त स्टॉक दंतेवाड़ा में गैस सिलेंडर की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर खाद्य अधिकारी सुश्री वेणुका ध्रुव ने विराम लगाया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की गई है, ताकि गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी की स्थिति न बने।  

एनएचएआई के टोल प्लाजा का परीक्षण कर निर्धारित किया जा रहा स्टाम्प देय

लखनऊ, योगी सरकार प्रदेश के राजस्व संग्रह व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टाम्प एवं निबंधन विभाग विशेष अभियान चलाकर अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण, लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण और विभिन्न संस्थाओं से देय स्टाम्प शुल्क की वसूली पर जोर दे रहा है। अभियान का उद्देश्य राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। स्टाम्प दरों का कराया जा रहा व्यापक सर्वे प्रदेश भर के विकास प्राधिकरणों,  आवास विकास परिषद,  यूपीएसआईडीसी तथा अन्य संस्थाओं की अपंजीकृत संपत्तियों का विशेष अभियान के तहत पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विकास प्राधिकरणों और सरकारी एजेंसियों से जुड़े समझौतों और परियोजनाओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्धारित स्टाम्प शुल्क का भुगतान समय पर हो। इसके साथ ही स्टाम्प दरों का भी व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य प्रदेश में संपत्तियों की अद्यतन और वास्तविक न्यूनतम बाजार दरों को मूल्यांकन सूची में शामिल करना है, ताकि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता आए और बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप दरें तय की जा सकें। सर्किल दर सूची के सरलीकरण और मानकीकरण का प्रारूप पहले ही जारी किया जा चुका है।  जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से मिलेगा 100 करोड़ का राजस्व विभाग की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए विभिन्न जिलों में विशेष कार्ययोजनाएं भी बनाई गईं हैं। मुरादाबाद में एमडीए की सहायक और गोविंदपुरम आवासीय योजनाओं से लगभग 22 करोड़ रुपये, वाराणसी में वीडीए की गंजारी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से करीब 40 करोड़ रुपये तथा गोरखपुर में जीडीए की न्यू टाउनशिप योजना से लगभग 100 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है। इसके अलावा जीआईडीए के लीज और फ्रीहोल्ड विलेखों से लगभग 50 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इन सभी स्रोतों से मार्च 2026 तक करीब 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। एनएचएआई के टोल प्लाजा से 72 करोड़ का स्टाम्प देय निर्धारित एनएचएआई के टोल प्लाजा से जुड़े मामलों की भी गहन समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में एनएचएआई के कुल 123 टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों के बीच हुए समझौतों का परीक्षण कर लगभग 72 करोड़ रुपये की स्टाम्प देयता निर्धारित की गई है। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में वाद दर्ज किए गए हैं और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद में एक मामले का निस्तारण करते हुए लगभग 70 लाख रुपये की वसूली की गई है, जबकि कुशीनगर में दो मामलों में लगभग 52 लाख रुपये की वसूली की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश के कई जिलों में विकास प्राधिकरणों और निजी कॉलोनाइजरों की अपंजीकृत संपत्तियों के पंजीकरण के माध्यम से भी राजस्व बढ़ाने की योजना है। गौतमबुद्धनगर में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामलों से लगभग 93 करोड़ रुपये का राजस्व की संभावना है। वहीं, मेरठ में निजी बिल्डरों की अपंजीकृत संपत्तियों और आरआरटीएस परियोजना से लगभग 252 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इसी तरह गाजियाबाद में जीडीए की हरनंदीपुरम आवासीय योजना और यूपीएसआईडीसी की मोदीनगर परियोजना से लगभग 153 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति की संभावना जताई गई है। इसी तरह बरेली में बीडीए की पीलीभीत आवासीय योजना से करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

युकी भांबरी-आंद्रे गोरान्सन का दमदार प्रदर्शन, इंडियन वेल्स ओपन के सेमीफाइनल में एंट्री

नई दिल्ली भारत के युकी भांबरी और उनके स्वीडिश जोड़ीदार आंद्रे गोरान्सन गुरुवार सुबह इंडियन वेल्स ओपन के सेमीफाइनल में पहुंच गए। भांबरी और गोरानसन की जोड़ी ने ऑस्ट्रियाई-इटैलियन जोड़ी अलेक्जेंडर एर्लर और एंड्रिया वावसोरी को हराया। भांबरी और गोरान्सन ने एर्लर और वावसोरी पर 6-3, 7-6(2) से जीत दर्ज की। यह एटीपी मास्टर्स 1000 लेवल पर भांबरी का पहला सेमीफाइनल है, इससे पहले वह मास्टर्स 1000 लेवल पर दो बार डबल्स क्वार्टर-फाइनल में पहुंच चुके हैं।वह इससे पहले दो बार इंडियन वेल्स 2025 (गोरान्सन के साथ) और मियामी मास्टर्स 2025 (नूनो बोर्गेस के साथ) में क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। युकी भांबरी और आंद्रे गोरान्सन की जोड़ी ने अभी तक टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया है। राउंड ऑफ 16 में, भांबरी और गोरानसन ने सैंडर एरेंड्स और जिरी लेहेका की जोड़ी को 6-4, 6-4 से हराया, इससे पहले उन्होंने डेविड पेल और फैब्रिस मार्टिन की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराकर अपने कैंपेन की शानदार शुरुआत की थी। अब उनका सामना खाचानोव/रूबलेव और रिंडरकनेच/वाचेरोट के विजेताओं से होगा, और फाइनल में जगह बनाना दांव पर है। पिछले महीने, भांबरी एटीपी रैंकिंग 20वें नंबर पर पहुंचे थे। यह उनकी सबसे ऊंची रैंकिंग है। वह रोहन बोपन्ना के बाद टॉप 20 में जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष डबल्स खिलाड़ी बन गए। गोरानसन के साथ मिलकर, भांबरी ने साल के पहले ग्रैंड स्लैम, मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन में शानदार प्रदर्शन किया, और तीसरे राउंड में पहुंचकर जरूरी रैंकिंग पॉइंट्स हासिल किए ताकि वह इस दहलीज को पार कर सकें। भांबरी 2025 सीजन से लगातार आगे बढ़ रहे हैं। वह न्यूजीलैंड के माइकल वीनस के साथ यूएस ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, जहां उन्हें चौथी सीड वाली ब्रिटिश जोड़ी जो सैलिसबरी और नील स्कुप्स्की ने एक सेट और ब्रेक की बढ़त के बाद बहुत कम अंतर से हराया था। मार्च 2025 में, भांबरी ने ऑस्ट्रेलिया के एलेक्सी पोपिरिन के साथ मिलकर दुबई टेनिस चैंपियनशिप में अपना पहला एटीपी 500 खिताब जीता। यह जोड़ी एक सेट से पीछे होने के बाद वापस आई और चार मैच पॉइंट बचाकर यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन के डबल्स चैंपियन हैरी हेलियोवारा और हेनरी पैटन को एक रोमांचक फाइनल में 3-6, 7-6 (12), 10-8 से हराया।  

धोनी बनाम युवराज विवाद पर सच्चाई आई सामने, पूर्व क्रिकेटर ने बताई अंदर की बात

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता Sandeep Patil ने एक लंबे समय से चल रहे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि MS Dhoni का Yuvraj Singh को भारतीय टीम से बाहर करने के फैसले में कभी कोई हाथ नहीं था। पाटिल ने बताया कि अपने चयनकर्ता कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी धोनी को युवराज को ड्रॉप करने की मांग करते नहीं सुना। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब युवराज के पिता लगातार धोनी पर आरोप लगाते रहे हैं। चयन बैठकों में कभी नहीं उठी ऐसी मांग संदीप पाटिल ने एक इंटरव्यू में कहा कि चयन समिति की बैठकों, विदेशी दौरों या मैचों के दौरान कभी भी धोनी ने युवराज सिंह को टीम से बाहर करने की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि वह इस बात को पूरी जिम्मेदारी के साथ रिकॉर्ड पर कह सकते हैं कि धोनी ने ऐसा कोई सुझाव या दबाव नहीं बनाया। पाटिल के अनुसार, धोनी का चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का स्वभाव भी नहीं था और वह चयन समिति के फैसलों का सम्मान करते थे। धोनी को था चयन समिति पर पूरा भरोसा पाटिल ने आगे कहा कि धोनी हमेशा चयनकर्ताओं के निर्णयों का सम्मान करते थे। उन्होंने बताया कि टीम के कप्तान के तौर पर धोनी को चयन समिति की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा था और वह आमतौर पर टीम चयन के मामलों में ज्यादा दखल नहीं देते थे। इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि युवराज सिंह को टीम से बाहर करने का फैसला चयनकर्ताओं की रणनीति और उस समय के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया होगा। योगराज सिंह लगातार लगाते रहे हैं आरोप दूसरी ओर युवराज सिंह के पिता Yograj Singh कई बार सार्वजनिक रूप से धोनी को अपने बेटे के करियर में गिरावट के लिए जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। योगराज ने कई इंटरव्यू में यह कहा कि धोनी के कारण ही युवराज को टीम से बाहर किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह इस मामले में धोनी को कभी माफ नहीं करेंगे। एक इंटरव्यू में योगराज सिंह ने कहा था कि धोनी ने उनके बेटे के साथ गलत किया और इससे युवराज का करियर प्रभावित हुआ। उन्होंने यहां तक कहा कि युवराज सिंह जैसा खिलाड़ी फिर से देखने को शायद ही मिले और वह चार-पांच साल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल सकते थे। उनके इस बयान ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा पैदा की थी। पाटिल ने कहा – पिता का भावुक होना स्वाभाविक संदीप पाटिल ने योगराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक पिता का अपने बेटे के लिए भावुक होना बिल्कुल स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में आरोप गलत व्यक्ति पर लगाए जा रहे हैं। पाटिल के अनुसार, चयन प्रक्रिया कई पहलुओं को ध्यान में रखकर होती है और किसी एक व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

युद्ध की मार रसोई तक: ईरान संकट से दिल्ली के होटल-ढाबों में महंगाई, मेन्यू से हटे दाल मखनी-कबाब

ईरान ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे गैस संकट का असर राजधानी के होटलों पर देखने को मिल रहा है। होटल ईंधन बचाने के लिए कई तरह के बदलाव कर रहे हैं। खासतौर पर धीमी आंच पर पकाने वाले पकवान जैसे कबाब और दाल मखनी को मेन्यू से अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। वहीं, अधिकतर होटल-ढाबों में खाना-पीना महंगा हो चुका है। लागत में इजाफे की वजह से ग्राहकों को चाय से रोटी तक के लिए अधिक कीमत देनी पड़ रही है। दाल मखनी और गलौटी कबाब जैसी डिशेज जिन्हें 8 से 12 घंटे तक धीमी आंच पर पकाना पड़ता है, उन्हें कई रेस्तरां ने अस्थायी रूप से अनुपलब्ध कर दिया है। गैस आधारित तंदूरों का उपयोग सीमित कर दिया गया है। कई होटलों में अब केवल पीक ऑवर्स (रात 8 से 11 बजे) में ही तंदूरी डिशेज परोसी जा रही हैं। होटलों ने अपने 10-15 पन्नों के विस्तृत मेन्यू को छोटा करके 2-3 पन्नों का लिमिटेड मेन्यू कर दिया है। फोकस उन डिशेज पर है जो सॉते या स्टीमिंग तकनीक से जल्दी बन जाती हैं, क्योंकि इनमें गैस की खपत कम होती है। कई प्रीमियम डाइनिंग आउटलेट्स अब कोल्ड ऐपेटाइज़र सलाद और सैंडविच जैसी चीजों को प्रमोट कर रहे हैं जिन्हें पकाने की आवश्यकता नहीं होती। इससे उनकी गैस की निर्भरता कम हो रही है। बड़े होटलों ने भारी कमर्शियल इंडक्शन प्लेट्स, एयर फ्रायर्स और इलेक्ट्रिक ओवन का इस्तेमाल 40% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, इससे बिजली के बिल में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन गैस की अनिश्चितता से बचने का यह एकमात्र तरीका बचा है। इससे उनका ब्रांड का नाम कायम रहेगा। होटलों में लाइव कुकिंग काउंटर (जहां शेफ सामने खाना बनाते थे) ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र होते थे, उन्हें फिलहाल बंद कर दिया है क्योंकि वहां गैस की बर्बादी अधिक होती है। रेहड़ी-पटरी व छोटे ढाबों पर आजीविका का संकट यह वर्ग स्ट्रीट फूड संस्कृति का आधार है। इन्हें रोजाना नकद में सिलेंडर लेना पड़ता है। आपूर्ति कम होने से वेंडर्स छोटे दुकानदारों के बजाय बड़े होटलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सिलेंडर न मिलने पर कई रेहड़ी वाले अवैध रिफिलिंग (छोटे 5 किलो के अवैध सिलेंडर) का सहारा ले रहे हैं। गैस की कीमत बढ़ने से रोज़ाना की बचत में ₹200-₹400 की कमी आई है। 7 रुपये वाली रोटी 9 की हुई गैस सिलेंडर आपूर्ति प्रभावित होने से द्वारका मोड़ इलाके में एक रेस्तरां ने रोटी के दाम में अचानक दो रुपये की बढ़ोतरी कर दी। रेस्तरां मालिक का कहना था कि गैस का दाम बढ़ने के चलते रोटी का दाम भी बढ़ाना पड़ रहा है। द्वारका मोड़ इलाके में रहने वाले आकाश कुमार ने बताया कि अक्सर ऑफिस से देर से आने पर वह सब्जी तो घर में बनाते हैं लेकिन रोटी रेस्तरां से मंगा लेते हैं। उनके करीब स्थित एक रेस्तरां में तवा रोटी उन्हें सात रुपये के दर से पड़ती है, अब अचानक मालिक ने दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, नोएडा में एक चाय विक्रेता ने बताया कि उन्होंने 10 रुपये वाली चाय की कीमत अब 15 रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि जो सिलेंडर उन्हें 1000 रुपये में मिल जाता था उसके लिए अब 2500 रुपये देने पड़े हैं। इस वजह से कीमत में इजाफा करना पड़ा है। ढाबा बंद होने की कगार पर कनॉट प्लेस स्थित सिंधिया हाउस के पास एक तंग गली में स्थित ढाबा अब बंद होने की कगार पर है। यह ढाबा ऑफिस कर्मचारियों, टैक्सी ड्राइवरों और दूसरे रोजगार से जुड़े लोगों के लिए सस्ता और स्वादिष्ट भोजन का प्रमुख ठिकाना है, लेकिन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई रुकने से मालिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ढाबा मालिक ने बताया कि उनके यहां रोजाना दो सिलेंडर की खपत होती है, लेकिन अब सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। स्टॉक में सिर्फ एक सिलेंडर बचा है, जिसके बाद रसोई ठप हो जाएगी। यहां भोजन करने पहुंचे मेरठ के गोविंद प्रसाद ने कहा कि वे मार्केटिंग के जॉब में हैं, लिहाजा सुबह मेरठ से जल्दी निकलने के कारण टिफिन नहीं लाते, दोपहर में यह ढाबा ही सहारा है। यदि बंद हुआ तो महंगे रेस्टोरेंट में खाना या घर से पैक करना पड़ेगा, जो मुश्किल होगा। टैक्सी ड्राइवर वीरू मौर्या ने बताया कि मंडी हाउस के अन्य ढाबों में भी रेट बढ़ गए हैं। समारोह में खाने के मेन्यू में कटौती की सरोजिनी नगर में स्थित सामुदायिक भवन में अलग-अलग दिनों में शादी समारोह हैं। एलपीजी गैस संकट के बीच बैंक्वेट हॉल में भी परेशानी बढ़ गई है। हलवाइयों ने खाने के मेन्यू में कटौती कर दी है। पिलंजी गांव के रहने वाले रोहन ने बताया कि शुक्रवार को उनके भाई की रिसेप्शन पार्टी है। वहीं, गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक रुपये देने पर भी कोई सिलेंडर देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि घर पर मेहमान आ रहे हैं। लेकिन, अचानक आए एलपीजी संकट ने पूरी तैयारी बिगाड़ दी है। रोहन ने बताया कि उन्होंने जिसे खाने का ठेका सौंपा था, उन्होंने अंतिम मौके पर सिलेंडर की कमी होने पर तय मेन्यू तैयार करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि 30 से 40 फीसदी मेन्यू में कटौती की गई है।

शहडोल में ‘पुनर्जन्म’ जैसी घटना: 120 जूल इलेक्ट्रिक शॉक से महिला की लौटी धड़कनें

शहडोल जिला अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की तत्परता से एक महिला को नई जिंदगी मिली। दिल की धड़कन रुकने के बाद डिफिब्रिलेटर शॉक देने पर मरीज का हृदय दोबारा धड़कने लगा। इस सफल उपचार के बाद डॉक्टरों और परिजनों ने राहत की सांस ली। गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया था सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के फीमेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उस समय मरीज का ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक डॉ. वसीम खान ने बिना देर किए महिला को आईसीयू में शिफ्ट कर डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय लिया। उपचार शुरू करने से पहले परिजनों को मरीज की स्थिति और संभावित जोखिम के बारे में जानकारी दी गई और लिखित सहमति ली गई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान महिला को इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया और जरूरी इमरजेंसी दवाओं के साथ उसकी लगातार निगरानी की गई। कुछ ही देर बाद डिफिब्रिलेटर शॉक का असर हुआ और मरीज का दिल, जो कुछ समय के लिए रुक गया था, फिर से धड़कने लगा।  

मंदिर में आये श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

लखनऊ/बलरामपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार प्रातः तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री गोशाला गए, जहां उन्होंने गायों को गुड़ व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर व गोशाला की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। सीएम योगी दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को बलरामपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां पाटेश्वरी मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे। जन प्रतिनिधियों से भी किया संवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार सुबह विधायक पलटूराम, कैलाश नाथ शुक्ल, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, नगर पालिका चेयरमैन धीरेन्द्र प्रताप सिंह आदि ने मुलाक़ात की। मुख्यमंत्री ने सभी का कुशलक्षेम जाना, फिर कहा कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के उचित निराकरण पर जोर दें और सरकार की योजनाओं से पात्र लोगों को लाभान्वित भी कराएं।

पावर बैंक का असली कमाल: सिर्फ चार्जिंग नहीं, इन 5 तरीकों से भी कर सकते हैं उपयोग

नई दिल्ली क्या आपको भी लगता है कि पावर बैंक का इस्तेमाल सिर्फ फोन या दूसरे डिवाइसेज को चार्ज करने के लिए होता है? अगर हां, तो आपको अंदाजा नहीं कि आपका पावर बैंक क्या-क्या काम कर सकता है। भले पावर बैंक बैटरी से लैस एक गैजेट हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे डिवाइस को चार्ज करने के लिए किया जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल एक पावर सोर्स के तौर पर भी हो सकता है। जिस पल आप पावर बैंक को पावर सोर्स की तरह इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, इसके इस्तेमाल की ढेरों संभावनाएं खुल जाती है। आपको जानकर शायद हैरानी हो कि आप चाहें तो पावर बैंक की मदद से यूएसबी फैन, लाइट और यहां तक कि सिक्योरिटी कैमरा तक चला सकते हैं। पावर बैंक को बनाएं लैंप पावर बैंक सिर्फ डिवाइस चार्ज करने के लिए नहीं होता। बाजार में यूएसबी लाइट्स मिल जाती हैं, जो आपके लिए नाइट लैंप के तौर पर काम आ सकती हैं। वहीं आप कैंपिंग के दौरान भी इसे लैंप बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, तो एक पावरबैंक और यूएसबी लाइट के सेट को गाड़ी में भी रख सकते हैं। इसे आप जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी लैंप के तौर पर भी इस्तेमाल कर पाएंगे। पावर बैंक से खाएं ठंडी हवा जिस तरह से बाजार में यूएसबी लाइट्स उपलब्ध हैं. वैसे ही आप मार्केट से यूएसबी फैन भी खरीद सकते हैं। इन्हें पावरबैंक में लगाकर आप ठंडी हवा खा सकते हैं। इन्हें काम करते हुए टेबल पर रखा जा सकता है या फिर किचन में गर्मी में चेहरे की ओर करके ठंडी हवा खाई जा सकती है। पावर बैंक को बनाएं हीटर बाजार में ऐसी कई जैक्ट्स या दस्ताने मिल जाते हैं, जिन्हें अगर पावर बैंक से कनेक्ट कर दिया जाए, तो वह आपको ठंडक में गर्म रख सकते हैं। इनका इस्तेमाल आप बाइक राइडिंग के दौरान या ठंडे इलाकों में घूमते हुए कर सकते हैं। पावर बैंक से रखें नजर आज मार्केट में ऐसे कई सीसीटीवी कैमरा उपलब्ध हैं, जो कि यूएसबी के जरिए कनेक्ट हो जाते हैं। अगर आप किसी ऐसी जगह कैमरा इंस्टॉल करना चाह रहे हैं, जहां प्लग पास नहीं है, तो इस तरह के छोटे कैमरे आप पावर बैंक की मदद से भी चला सकते हैं। हालांकि इसके लिए हर दो से तीन दिन में आपको पावर बैंक चार्ज करना पड़ेगा लेकिन इमरजेंसी में और कुछ देर का काम निकालने के लिए पावरबैंक आपकी काफी मदद कर सकते हैं। पावरबैंक से पाएं फोटोग्राफी में मदद अगर आप फोटोग्राफी करते हैं या रील्स बनाते हैं और आप लाइट्स पर खर्चा करने की सोच रहे हैं, तो बेहतर रहेगा कि आप यूएसबी वाली रिंग लाइट और पावर बैंक का कॉम्बो इस्तेमाल करें। इसके जरिए आप बेहतर लाइट्स के साथ वीडियो कॉल, फोटोग्राफी या रील्स बना सकते हैं। इस तरह पावर बैंक एक पावर सोर्स के तौर पर इस्तेमाल किया जाए, तो डिवाइस चार्ज करने से ज्यादा बहुत कुछ कर सकता हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet