शहडोल में ‘पुनर्जन्म’ जैसी घटना: 120 जूल इलेक्ट्रिक शॉक से महिला की लौटी धड़कनें
शहडोल जिला अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की तत्परता से एक महिला को नई जिंदगी मिली। दिल की धड़कन रुकने के बाद डिफिब्रिलेटर शॉक देने पर मरीज का हृदय दोबारा धड़कने लगा। इस सफल उपचार के बाद डॉक्टरों और परिजनों ने राहत की सांस ली। गंभीर हालत में भर्ती करवाया गया था सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के फीमेल वार्ड में भर्ती कराया गया था। उस समय मरीज का ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था और उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक डॉ. वसीम खान ने बिना देर किए महिला को आईसीयू में शिफ्ट कर डिफिब्रिलेटर शॉक देने का निर्णय लिया। उपचार शुरू करने से पहले परिजनों को मरीज की स्थिति और संभावित जोखिम के बारे में जानकारी दी गई और लिखित सहमति ली गई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आपातकालीन उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान महिला को इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया और जरूरी इमरजेंसी दवाओं के साथ उसकी लगातार निगरानी की गई। कुछ ही देर बाद डिफिब्रिलेटर शॉक का असर हुआ और मरीज का दिल, जो कुछ समय के लिए रुक गया था, फिर से धड़कने लगा।