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ज्योतिष चेतावनी: अगर दिखें ये संकेत, तो समझ लें कुंडली में ग्रह हो गया है अशुभ

ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है. यह ग्रह भ्रम, मायाजाल, अचानक होने वाली घटनाओं और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जुड़ा होता है. जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की स्थिति अशुभ या कमजोर हो जाती है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. ज्योतिषियों के अनुसार राहु का प्रभाव व्यक्ति के मानसिक व्यवहार, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में अगर जीवन में कुछ खास संकेत बार-बार दिखाई देने लगें, तो यह समझना चाहिए कि कुंडली में राहु की स्थिति ठीक नहीं है. आइए जानते हैं वे कौन-से संकेत हैं, जो राहु के अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. बार-बार गलत फैसले लेना अगर किसी व्यक्ति को बार-बार गलत निर्णय लेने की आदत हो जाए या वह जल्दबाजी में ऐसे फैसले लेने लगे, जिनसे नुकसान उठाना पड़े, तो यह राहु के अशुभ प्रभाव का संकेत हो सकता है. राहु भ्रम पैदा करता है, जिससे व्यक्ति सही और गलत में फर्क करने में कठिनाई महसूस करता है. मानसिक भ्रम और अनावश्यक डर राहु के खराब होने पर व्यक्ति के मन में बिना वजह डर, चिंता और अस्थिरता बढ़ सकती है. कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि कोई दबाव या तनाव लगातार बना हुआ है. मानसिक उलझन और बेचैनी भी राहु के प्रभाव से जुड़ी मानी जाती है. अचानक नुकसान या रुकावटें ज्योतिष के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के काम बार-बार बनते-बनते बिगड़ जाएं, अचानक आर्थिक नुकसान हो जाए या बिना कारण रुकावटें आने लगें, तो यह भी राहु की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है. राहु अचानक बदलाव और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है. गलत संगति की ओर झुकाव कुंडली में राहु के खराब होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है. नकारात्मक लोगों का साथ, गलत आदतों की ओर झुकाव या ऐसे फैसले जो जीवन को गलत दिशा में ले जाएं, ये सभी संकेत राहु के प्रभाव से जुड़े माने जाते हैं. बार-बार विवाद और तनाव अगर व्यक्ति के जीवन में बिना वजह विवाद बढ़ने लगें, रिश्तों में तनाव रहने लगे या लोग अचानक विरोध करने लगें, तो ज्योतिष में इसे भी राहु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. राहु भ्रम और टकराव की स्थितियां पैदा कर सकता है. राहु के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम? ज्योतिष शास्त्र में राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.     नियमित रूप से राहु मंत्र का जाप करना, जरूरतमंद लोगों को दान देना और जीवन में सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी माना जाता है.     इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाना, गलत संगति से बचना और संयमित व्यवहार रखना भी राहु के प्रभाव को संतुलित करने में मददगार माना जाता है.     ज्योतिष के अनुसार जब व्यक्ति अपने विचारों और कर्मों को सकारात्मक दिशा देता है, तो ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं.  

राजधानी दिल्ली में MP की निधि और ज्योति ने पाया सम्मान, देशभर में इन दोनों का नाम हुआ मशहूर

छतरपुर  राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित पंचायतों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में छतरपुर जिले की दो महिला सरपंचों ने सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व किया। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) में आयोजित इस कार्यक्रम में सशक्त पंचायत नेत्री अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत ईशानगर की सरपंच निधि मिश्रा (बीकन लीडर) और ग्राम पंचायत गोरा की सरपंच ज्योति मिश्रा ने भाग लिया। उनके साथ जनपद पंचायत बड़ामलहरा के सीईओ ईश्वर सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला सरपंचों को सम्मानित किया गया। साथ ही महिला एवं बालिका हितैषी पंचायत के तहत गांवों में किए गए कार्यों और बदलावों पर आधारित शॉर्ट फिल्म दिखाई गई। इस दौरान महिला सरपंचों ने अपनी पंचायतों में महिला और बालिका हित में किए गए कार्यों, सामने आने वाली चुनौतियों और अपने अनुभवों को साझा किया। यह सम्मेलन पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मध्यप्रदेश, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएस) और यूएनएफपीए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य पंचायतों में महिला नेतृत्व को मजबूत करना और उन्हें महिला व बालिका हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से जमीनी लोकतंत्र मजबूत होता है और विकास की प्राथमिकताएं पानी, पोषण, स्वच्छता और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर केंद्रित होती हैं। सम्मेलन में पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने महिला नेतृत्व की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महिलाएं पंचायतों का नेतृत्व करती हैं तो ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ती है और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बनती है। कार्यक्रम में महिला नेतृत्व की क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस चर्चा की अध्यक्षता युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने की। वहीं आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के विकास विषय पर आयोजित पैनल चर्चा की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन ने की।

‘बिहान’ का असर: सेंट्रिंग प्लेट कारोबार से धमतरी की ग्रामीण महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

रायपुर. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।  “बिहान” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनकर आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें। धमतरी जिले में “बिहान” योजना के अंतर्गत 58 महिला सदस्यों को सेंट्रिंग प्लेट निर्माण एवं किराये के व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। इनमें धमतरी विकासखंड की 27, कुरूद की 15, मगरलोड की 7 तथा नगरी विकासखंड की 9 महिलाएं शामिल हैं। इन समूहों को प्रकरण तैयार कर आरएफ मद से 15 हजार रुपये, सीआईएफ से 60 हजार रुपये तथा बैंक ऋण के रूप में 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। प्राप्त राशि से महिलाओं के समूहों ने 59 हजार 300 वर्गफीट सेंट्रिंग प्लेट की खरीदी की है। इन प्लेटों को महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य शासकीय निर्माण कार्यों और स्थानीय बाजार में 20 से 25 रुपये प्रति वर्गफीट के किराये पर उपलब्ध करा रही हैं। इससे उन्हें नियमित रूप से अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। समूह की महिलाओं ने न केवल स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि नियमित बचत करते हुए समय पर ऋण की अदायगी भी कर रही हैं। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और समाज में उनकी प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। ग्रामीण गरीबी की चुनौती को दूर करने के लिए आजीविका को बढ़ावा देना है ताकि वे गरीबी से बाहर आ सकें। जिला पंचायत धमतरी द्वारा इन स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग के साथ तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया है, जिससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। “बिहान” से जुड़कर महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं और अपने परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि जब महिलाएं संगठित होकर कार्य करती हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा और विकास की संभावनाएं स्वतः खुल जाती हैं।

“सीएम योगी ने हनुमानगढ़ी और रामलला मंदिर में मत्था टेका, विकास कार्यों की समीक्षा की”

 अयोध्या गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। इसके बाद सीएम योगी ने श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के चरणों में शीश झुकाया। उन्होंने श्रीराम मंदिर परिसर के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। उन्होंने यहां विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। यहां से निकल कर मुख्यमंत्री श्रीराम मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीरामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी योजनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संतों से भी की मुलाकात, पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री यहां सबसे पहले महंत प्रेमदास जी महाराज से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अन्य संतों से भी मिलकर उनका हालचाल जाना। इससे पहले मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री/कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रामचंद्र यादव, चंद्रभानु पासवान, अमित सिंह चौहान, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आदि मौजूद रहे।

संजू सैमसन के बराबर चमका ये स्टार, डिविलियर्स बोले– असली हीरो उसी को मानता हूं

नई दिल्ली भारत ने 2026 टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट के बीच में एक हार के बाद टीम ने शानदार वापसी की और फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने अपने ‘360 शो’ में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट किसे मिलना चाहिए इस पर एक बड़ी बात कही है। हालांकि, यह खिताब आधिकारिक तौर पर संजू सैमसन को मिला, लेकिन डिविलियर्स का मानना है कि जसप्रीत बुमराह इस पुरस्कार के उतने ही बड़े दावेदार थे। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, लेकिन मुझे लगा कि उनके और बुमराह के बीच यह बहुत ही करीबी मुकाबला था।” सबसे अहम क्षणों में बुमराह ने की गेंदबाजी बुमराह के योगदान पर बात करते हुए डिविलियर्स ने बताया कि बुमराह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जो उन्हें इस पुरस्कार के लिए दावेदार बनाता था। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “मेरे लिए खेल के कुछ ऐसे महत्वपूर्ण क्षण और महत्वपूर्ण ओवर थे जो बुमराह ने फेंके, जिनके कारण मुझे लगा कि शायद उन्हें इस पुरस्कार में और अधिक महत्व मिलना चाहिए था या उन्हें इसके और करीब होना चाहिए था।” डिविलियर्स के अनुसार, विशेष रूप से सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े दबाव वाले मैचों में बुमराह ने अविश्वसनीय ओवर फेंके और वह एक अलग ही स्तर पर नजर आए। उन्होंने बुमराह को अपने पूरे करियर में सामना किए गए शीर्ष तीन गेंदबाजों में से एक करार दिया। सबसे मुश्किल वक्त में संजू ने प्रदर्शन किया दूसरी ओर, डिविलियर्स ने संजू सैमसन के शानदार प्रदर्शन की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के साथ मिलकर भारतीय बल्लेबाजी की मजबूत नींव रखी। उन्होंने बताया कि सैमसन ने तब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जब उसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबलों में। डिविलियर्स ने सैमसन के करियर के उतार-चढ़ाव और इसमें सचिन तेंदुलकर की मेंटर के रूप में भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सैमसन के पास वह फायरपावर है जिसने टीम के संतुलन को बेहतर बनाया और बड़े स्कोर बनाने में मदद की। टीम इंडिया यह विश्व कप डिजर्व करती थी डिविलियर्स ने बुमराह के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें एक डाउन-टू-अर्थ (विनम्र) और अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि बुमराह बिना किसी दिखावे के मैदान पर उतरते हैं और अपना काम बखूबी अंजाम देते हैं। हालांकि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का चयन एक कठिन फैसला था, लेकिन डिविलियर्स ने टीम इंडिया को उनकी जीत के लिए बधाई देते हुए उन्हें पूरी तरह से हकदार विजेता बताया।

बेचैन मन को शांत करने का उपाय, नित्यानंद चरण दास ने बताए जीवन के मंत्र

जीवन में हर इंसान मुश्किल हालातों से गुजरता है। कोई वही परिस्थिति देखकर टूट जाता है, तो कोई उसी स्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लेता है। फर्क हालात में नहीं, बल्कि मन की स्थिति में होता है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, ‘जीवन पहले नहीं बदलता, मन बदलता है। और जब मन बदलता है, तो जीवन अपने आप बदलने लगता है।’ भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करे और स्वयं का पतन ना करे। क्योंकि मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही उसका शत्रु।’ यह श्लोक हमें सिखाता है कि हमारा सबसे बड़ा सहारा और सबसे बड़ी चुनौती- दोनों हमारा मन ही है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि एक ही परिस्थिति दो लोगों के लिए बिल्कुल अलग परिणाम दे सकती है। इसका कारण है- मन का नजरिया।     जब मन कमजोर होता है, तब हर स्थिति समस्या लगती है।     जब मन संतुलित होता है, वही स्थिति चुनौती बन जाती है। कमजोर मन की पहचान जब मन कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों से घबरा जाता है। नकारात्मक सोच हावी रहती है। डर, असुरक्षा और तुलना मन को नियंत्रित करने लगती है। ऐसे में व्यक्ति हालात को दोष देता है- कभी लोगों को, कभी किस्मत को और कभी भगवान को। कमजोर मन समाधान नहीं, सिर्फ शिकायत खोजता है। संतुलित मन की ताकत संतुलित मन हालात से भागता नहीं, बल्कि उन्हें समझता है। ऐसा मन जानता है कि हर चुनौती कुछ सिखाने आई है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, संतुलित मन वाला व्यक्ति यह नहीं पूछता कि ‘मेरे साथ ही ऐसा क्यों?’, बल्कि यह पूछता है कि ‘इससे मुझे क्या सीख मिल सकती है?’ यही सोच व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है। मन को कैसे बनाएं अपना मित्र?     आत्मनिरीक्षण करें: अपने विचारों को रोज देखें, परखें और सुधारें।     शास्त्रों का अध्ययन: गीता जैसे ग्रंथ मन को दिशा देते हैं।     सकारात्मक संगति: जैसा संग होगा, वैसा ही मन बनेगा।     ध्यान और प्रार्थना: ये मन को शांत और स्थिर बनाते हैं।     स्वीकार करना सीखें: हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती, यह स्वीकार करना भी शक्ति है। जीवन मंत्र: जीवन की परिस्थितियां अक्सर हमारे बस में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अगर मन कमजोर है, तो जीवन बोझ बन जाता है। और अगर मन संतुलित है, तो वही जीवन साधना बन जाता है। इसलिए जैसा नित्यानंद चरण दास कहते हैं- पहले मन को समझिए, जीवन अपने आप समझ में आने लगेगा।

ईरान ने अमेरिका से युद्ध खत्म करने की दी बात, तीन शर्तें ट्रंप के लिए बनी चुनौती

वाशिंगटन ईरान के खिलाफ जारी युद्ध अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है. पेंटागन के शुरुआती अनुमान के मुताबिक जंग के पहले छह दिनों में ही अमेरिकी टैक्सपेयर्स के कम से कम 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं. इस बीच ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने का ऑफर रखा है. लेकिन इसके साथ उन्होंने तीन शर्तें भी रखी हैं. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा संघर्ष तभी खत्म हो सकता है जब ईरान के ‘वैध अधिकारों’ को मान्यता दी जाए. उन्होंने साफ किया कि किसी भी समाधान के लिए ईरान की मुख्य मांगों को स्वीकार करना जरूरी होगा। ईरान ने युद्ध खत्म करने की क्या शर्तें रखीं? पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है. उन्होंने दोहराया कि ईरान का मानना है कि मौजूदा संघर्ष की शुरुआत ‘जायनिस्ट शासन और अमेरिका’ की कार्रवाई से हुई. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि इस संकट के समाधान के लिए तीन अहम बातें जरूरी हैं।     ईरान के वैध अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए.     युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई यानी मुआवजा दिया जाए.     भविष्य में ईरान पर हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए. अमेरिका ईरान से जीत गया- ट्रंप एक तरफ जब पेंटागन कह रहा है कि अरबों डॉलर हर रोज इस युद्ध में खर्च हो रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ ट्रंप जीत का दावा कर रहे हैं. केंटकी में एक रैली करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध अमेरिका जीत चुका है. हालांकि उन्होंने आगे बताया कि ऑपरेशन खत्म नहीं होगा. वहीं उन्होंने दावा किया कि अब तक 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए गए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका काम पूरा होने तक अभियान जारी रखेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई है। युद्ध में अब तक कितनी मौत? अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे. इसके बाद से दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों पर हमले किए. रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में 1,200 से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है. दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों पर हमले किए, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं।

रूस से तेल आयात में 50% की वृद्धि, भारत ने युद्ध के संकट में बढ़ाई आयात की मात्रा

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाली आपूर्ति ठप होने से देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है। रूस बना संकटमोचक, कच्चे तेल के आयात में उछाल ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने मार्च महीने में रूस से कच्चे तेल की खरीद में 50 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है. फरवरी में जहां भारत रूस से 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल खरीद रहा था, वहीं मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का 88% आयात करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता था. इस रास्ते के बंद होने के बाद भारत ने तेजी से अपनी निर्भरता रूस की ओर स्थानांतरित की है। LPG का असली संकट: क्यों खाली हो रहे हैं सिलेंडर? कच्चे तेल की आपूर्ति को तो रूस के जरिए काफी हद तक संभाल लिया गया है, लेकिन रसोई गैस का संकट अभी भी बरकरार है. विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अपनी जरूरत का लगभग 55-60% LPG आयात करता है. इस आयातित गैस का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज की खाड़ी से होकर आता है. युद्ध के कारण इस समुद्री मार्ग से आवाजाही लगभग बंद है. भारत प्रतिदिन करीब 10 लाख बैरल LPG की खपत करता है, लेकिन घरेलू उत्पादन केवल 40-45% ही है। आम जनता और व्यापार पर असर गैस की इस किल्लत का सबसे बुरा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ा है. मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे महानगरों में लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या उन्होंने अपना मेन्यू सीमित कर दिया है. कई जगहों पर लोग अब पुराने समय की तरह लकड़ी के चूल्हों या इलेक्ट्रिक इंडक्शन का सहारा ले रहे हैं। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू किया है और रिफाइनरियों को उत्पादन 25% बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. केप्लर के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले हफ्ते भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. तेल का विकल्प तो मिल गया है, लेकिन LPG की आपूर्ति को सुचारू करना एक बड़ी कूटनीतिक और लॉजिस्टिक चुनौती है।

“महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं संगीता सिंह, आधार सेवाओं से हासिल की आत्मनिर्भरता

आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा आत्मनिर्भर बनी संगीता सिंह  महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल संगीता  सिंह                           रायपुर स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज दर पर ऋण और कौशल विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे महिलाएं छोटी-छोटी आजीविका गतिविधियां (जैसे- खेती, पशुपालन, सिलाई, आधार से जुड़ी सेवाएं ) शुरू कर सकें। इस मिशन के अंतर्गत महिलाएं सशक्त बनकर न केवल परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि वे आत्मनिर्भर होकर सामाजिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं।             ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जब महिलाओं को सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में बदलाव लाती हैं बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जिला मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम दुधाशी की निवासी श्रीमती संगीता सिंह की कहानी भी महिला सशक्तिकरण की ऐसी ही प्रेरक मिसाल है, जिन्होंने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से एक नई पहचान बनाई है। बीसी सखी के रूप में शुरू हुआ सफ              संगीता सिंह ने वर्ष 2021 में बीसी सखी के रूप में अपने कार्य की शुरुआत की। उनके माध्यम से गांव के लोगों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलने लगा। पहले जहां ग्रामीणों को पैसे निकालने या बैंक से जुड़े कार्यों के लिए दूर शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होने लगीं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बचने लगा और गांव के लोगों को बड़ी सुविधा मिली। स्वयं सहायता समूह से मिली आर्थिक मजबूती              संगीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने बिहान योजना के अंतर्गत अपने स्वयं सहायता समूह से 68 हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी आर्थिक सहयोग से उन्होंने बीसी सखी के रूप में अपना कार्य शुरू किया। शुरुआत में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अपनी मेहनत, लगन और सेवा भावना से उन्होंने धीरे-धीरे गांव के लोगों का विश्वास जीत लिया। आज गांव के लोग उन्हें भरोसे के साथ अपनी बैंकिंग सेवाओं के लिए संपर्क करते हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला आधार किट             संगीता सिंह के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन को देखते हुए मनेन्द्रगढ-चिरमिरी-भरतपुर के जिला प्रशासन ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया। आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधार सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से जिले में पांच नए आधार केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी पहल के तहत संगीता सिंह को लैपटॉप सहित आधार किट प्रदान की गई। जिला प्रशासन की ओर से ईडीएम श्री नारायण केवर्त ने उन्हें यह आधार किट सौंपा। अब गांव में ही मिलेंगी आधार सेवाएं            आधार किट मिलने के बाद संगीता सिंह अब अपने गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी। इनमें नया आधार पंजीयन, आधार अपडेट तथा अन्य आवश्यक कार्य शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर या ब्लॉक मुख्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने गांव के पास ही सुविधाएं मिल सकेंगी। अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा           संगीता सिंह की सफलता की कहानी पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मनिर्भरता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। उनकी उपलब्धि यह भी साबित करती है कि महिलाएं केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम           जिला प्रशासन की यह पहल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को भी मजबूत कर रही है। संगीता सिंह जैसी महिलाएं आज ग्रामीण भारत में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सही अवसर मिल जाए तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है। बिहान योजना का उद्देश्य गरीबों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए मजबूत संस्थाएं बनाकर और उन्हें वित्तीय और आजीविका सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक पहुंच प्रदान करके गरीबी कम करने को बढ़ावा देना है।

लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ पर CM साय का जोर, प्रशिक्षु न्यायाधीशों से की मुलाकात

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों को न्यायिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ है। आने वाले समय में आप सभी के कंधों पर समाज और न्याय व्यवस्था से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आप सभी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए इन जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि न्याय पालिका आमजन के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है।  इस अवसर पर विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सांवत, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की संचालक निधि शर्मा तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा: JEE Main 2026 Session-2 के फॉर्म शुरू, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

नई  दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उन छात्रों को एक बार फिर राहत दी है जो तकनीकी कारणों या किसी अन्य वजह से जेईई मेन 2026 (JEE Main 2026) के दूसरे सत्र के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। एनटीए ने घोषणा की है कि सेशन 2 के लिए ऑनलाइन आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी गई है। यह उन उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो देश के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) और अन्य तकनीकी संस्थानों में एडमिशन पाना चाहते हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा एनटीए के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, यह सुविधा बहुत ही सीमित समय के लिए उपलब्ध कराई गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह आवेदन का अंतिम अवसर हो सकता है, इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना फॉर्म सबमिट कर दें। विंडो खुलने की तिथि: 12 मार्च 2026 से आवेदन की अंतिम तिथि: 13 मार्च 2026 (रात 9 बजे तक) आवेदन शुल्क भुगतान: उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन मोड (क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई) के माध्यम से परीक्षा शुल्क जमा करना होगा। क्यों जरूरी है सत्र-2 का आवेदन? जेईई मेन सत्र-2 उन छात्रों के लिए एक दूसरा और महत्वपूर्ण अवसर है जो अपनी रैंक में सुधार करना चाहते हैं या सत्र-1 की परीक्षा में किसी कारणवश बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। यह परीक्षा न केवल आईआईटी (IITs) और एनआईटी (NITs) जैसे टॉप संस्थानों में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड हेतु पात्रता निर्धारित करती है, बल्कि यह देश के कई अन्य केंद्रीय और तकनीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले का आधार भी है। कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:     सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर जाएं। 2. होमपेज पर दिए गए ‘JEE Main 2026 Session 2 Registration’ लिंक पर क्लिक करें। 3. यदि आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो ‘New Registration’ पर जाएं। यदि आप पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो सीधे अपने एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करें। 4. आवेदन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत विवरण और परीक्षा केंद्र का चुनाव सावधानीपूर्वक भरें। 5. अपनी नई फोटो और फोटो स्कैन करके अपलोड करें। 6. अंत में, निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से करें। 7. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका एक प्रिंटआउट अपने पास संभाल कर रखें, क्योंकि इसकी आवश्यकता काउंसलिंग के दौरान पड़ सकती है। महत्वपूर्ण सुझाव और सावधानियां एनटीए ने स्पष्ट किया है कि आवेदन फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी वही दें, जिसे आप पूरी एडमिशन प्रक्रिया के दौरान उपयोग कर सकें। गलत जानकारी भरने या अधूरा फॉर्म सबमिट करने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। परीक्षा से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही नजर रखें। यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्या आती है, तो आप एनटीए के हेल्पडेस्क पर ईमेल या फोन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। तैयारी के लिए शेष समय का उपयोग सत्र-2 की परीक्षा आने वाले अप्रैल 2026 महीने में आयोजित होने वाली है। जिन छात्रों ने सत्र-1 दिया है, वे अपनी पिछली गलतियों का विश्लेषण करें और कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान दें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास और मॉक टेस्ट देना आपकी तैयारी को मजबूती देगा।  

नोएडा फैक्ट्री में आग की भीषण लपटें, 30 लोग झुलसे, 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

नोएडा  नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो। शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

आत्मनिर्भरता की मिसाल: मां लक्ष्मी महिला समूह का AC मुर्गी फार्म, 10,000 चूजों से हो रही मोटी कमाई

महासमुंद/रायपुर. महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम एम.के. बाहरा की जय माँ लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। आजीविका मिशन 150 के द्वितीय चरण के अंतर्गत समूह द्वारा स्थापित 10,000 चूजों की क्षमता वाले एयर कंडीशनर मुर्गी फार्म का शुभारम्भ जिला स्काउट गाइड के अध्यक्ष श्री एतराम साहू एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार के द्वारा किया गया। समूह की अध्यक्ष युगेश्वरी साहू बताती है कि समूह की सदस्य महिलाएं पहले मुख्य रूप से खेती-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनके पास आय का स्थायी साधन और पर्याप्त संसाधन नहीं थे, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगा। समूह की सभी सदस्याओं ने मिलकर आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। युगेश्वरी बताती है कि समूह को एनआरएलएम के तहत 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने छोटे स्तर पर मुर्गी फार्म की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये प्राप्त किए तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये का ऋण लिया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने क्रमशः 2 लाख रुपये और 5 लाख रुपये का उद्यम ऋण भी प्राप्त किया। आजीविका को और विस्तारित करने के उद्देश्य से समूह ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर आधुनिक एसी मुर्गी फार्म की स्थापना की। इस कार्य में अध्यक्ष युगेश्वरी साहू के पति सुरेश साहू के मार्गदर्शन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज इस मुर्गी फार्म से समूह को लगभग 80 से 90 हजार रुपये तक मासिक आय प्राप्त हो रही है। इससे समूह की महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी सुधार आया है। इस व्यवसाय के माध्यम से समूह की सदस्याएं आत्मनिर्भर बनी है। साथ ही अन्य सदस्यों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बढ़ी हुई आय से वे अपने परिवार के पालन-पोषण, स्वास्थ्य, बच्चों की उच्च शिक्षा तथा जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सक्षम हो रही हैं। समूह की सदस्याओं का कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका शुरू करने का साहस, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला है। वे इस व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं तथा राज्य शासन एवं बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त की हैं।

LPG की किल्लत पर राहुल गांधी का कटाक्ष, बोले- संसद से नरेंद्र और देश से सिलेंडर दोनों गायब

नई दिल्ली कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दलों ने आज ईरान युद्ध के कारण देश में गहराए एलपीजी संकट को लेकर संसद भवन के बाद प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस संकट के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। संसद के मकर द्वार के निकट कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद एकत्र हुए और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन के बाद ”मोदी जी एलपीजी” के नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम पर कटाक्ष किया। राहुल लिखते हैं, ‘संसद से नरेंदर गायब, देश से सिलेंडर गायब’ आपको बता दें कि संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने गैस सिलेंडर की आकृति वाली तख्तियां भी ले रखी थीं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि ईंधन संकट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन वह ख़ुद अलग कारणों से घबराए हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रसोई गैस की किल्लत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोगों से नहीं घबराने की अपील कर रहे हैं, जबकि वह खुद अलग कारणों से घबराए हुए हैं। राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से कहा, ”प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन खुद प्रधानमंत्री बिल्कुल अलग वजहों से घबराए हुए हैं। वह अदाणी मामले, ‘एप्सटीन फाइल’ के कारण घबराए हुए हैं।” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं और देश से कह रहे हैं कि घबराओ मत, जबकि वह खुद घबराए हुए हैं। आपको बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण रसोई गैस की किल्लत के बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से नहीं घबराने की अपील की थी और जनहित की रक्षा का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था, ”मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि हम केवल सही और सत्यापित जानकारी ही फैलाएं।”  

“पूर्व IPL ऑलराउंडर जेवोन सर्ल्स सस्पेंड, ICC ने लिया मैच फिक्सिंग के आरोप पर एक्शन”

मुंबई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के उल्लंघन के मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए वेस्टइंडीज के फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर जेवोन सर्ल्स (Javon Searles) को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. आईसीसी के मुताबिक सर्ल्स को एंटी-करप्शन कोड का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है. यह मामला 2023-24 में बारबाडोस में खेले गए Bim10 लीग से जुड़ा हुआ है।  इस टूर्नामेंट के दौरान कथित तौर पर मैच के नतीजे और खेल की स्थिति को प्रभावित करने की साजिश रची गई थी. सिर्फ जेवोन सर्ल्स ही नहीं, बल्कि इस मामले में टाइटन्स टीम के मालिक चितरंजन राठौड़ और टीम अधिकारी ट्रेवोन ग्रिफिथ भी जांच के घेरे में आए हैं. राठौड़ और ग्रिफिथ को भी अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है. ICC और क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने तीनों के खिलाफ एंटी करप्शन कोड के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की है।  सर्ल्स IPL में इस टीम के लिए खेले जेवोन सर्ल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व किया. आईपीएल 2018 में जेवोन सर्ल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए 4 मैच खेलकर 2 विकेट झटके हैं. फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर सर्ल्स ने वेस्टइंडीज का अंडर-19 लेवल पर प्रतिनिधित्व किया. हालांकि वो वेस्टइंडीज के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल पाए।  आईसीसी की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार तीनों व्यक्तियों पर एंटी-करप्शन कोड की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. चितरंजन राठौड़ पर क्रिकेट वेस्टइंडीज के एंटी करप्शन कोड के तहत तीन आरोप लगाए गए हैं. जबकि जेवोन सर्ल्स पर चार आरोप दर्ज किए गए हैं। ट्रेवोन ग्रिफिथ पर चार आरोप क्रिकेट वेस्टइंडीज के एंटी करप्शन कोड के तहत और एक आरोप ICC एंटी-करप्शन कोड के तहत लगाया गया है. इन आरोपों में मैच फिक्सिंग की साजिश, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को भ्रष्ट गतिविधियों के लिए उकसाना, और एंटी करप्शन जांच में सहयोग ना करना शामिल है। आईसीसी के अनुसार तीनों पर Bim10 लीग 2023/24 के मैचों के नतीजों, प्रगति या अन्य पहलुओं को अनुचित तरीके से प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप है. इसके अलावा खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ को भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करने और जांच में सहयोग ना करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं. जेवोन सर्ल्स और ट्रेवोन ग्रिफिथ पर यह भी आरोप है कि उन्होंने संदिग्ध प्रस्तावों या संपर्कों की जानकारी क्रिकेट वेस्टइंडीज को नहीं दी, जो एंटी करप्शन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। तीनों को 14 दिनों के भीतर आरोपों का जवाब देने का मौका दिया गया है. इस दौरान एंटी करप्शन यूनिट मामले की जांच जारी रखेगी. यह मामला पहले से चल रही एक बड़ी जांच का हिस्सा है. इससे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाड़ी आरोन जोन्स को भी क्रिकेट वेस्टइंडीज और आईसीसी एंटी करप्शन कोड के उल्लंघन के पांच मामलों में आरोपित किया गया था।

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