LATEST NEWS

योगी आदित्यनाथ ने किया मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण, सुधार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण  31 मई तक पूरा करें विश्वविद्यालय का निर्माणः मुख्यमंत्री ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो मीरजापुर-सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं के लिए रोजगारपरक, नवाचार व कौशलयुक्त होः मुख्यमंत्री   सीएम योगी ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाया मौलिश्री का पौधा, वर्षाकाल में वन विभाग के साथ वृहद पौधरोपण अभियान चलाने का निर्देश  लखनऊ/मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने 31 मई तक विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा करने, विश्वविद्यालय के अंदर सड़कों का निर्माण करने और परिसर में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता और समयबद्धता का हर हाल में पालन होना चाहिए।  ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि यहां ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े। इसका लाभ मीरजापुर, सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं को प्राप्त हो। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा है। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से इस पर कार्यवाही का निर्देश दिया।  निर्माण कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को समयबद्धता व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। हमारी सरकार ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर मीरजापुर के युवाओं के लिए विश्वविद्यालय देकर बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया है। इसके निर्माण में हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा रोपा और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि आगामी वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बड़ी संख्या में पौधे प्राप्त करें। शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों को साथ लेकर विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हरियाली बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने पुष्पगुच्छ व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) महेंद्र अग्रवाल, आयुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार, कुलसचिव श्री राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक महेंद्र कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।

असम चुनाव से पहले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा, क्या है वजह?

गुवाहाटी   असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लिया है. असम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. प्रद्युत बोरदोलोई असम के कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के काफी करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा. उनके इस्तीफे वाले पत्र में लिखा है कि वह बहुत दुख के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. वहीं, असम के लिए कांग्रेस के प्रभारी का कहना है कि वह कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा. उन्होंने इस्तीफे में लिखा, ‘आज बहुत दुख के साथ मैं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राइमरी मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहा हूं.’ पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी से अलविदा कहा। बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी. डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने की संभावना काफी मजबूत है। भाजपा में शामिल होने की अटकलें वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। प्रद्युत बोरदोलोई लंबे समय से कांग्रेस के वफादार नेता रहे हैं. वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। अलग राह की वजह क्या हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में असम में कांग्रेस की लगातार हार और 2021 विधानसभा चुनाव में महज 29 सीटों पर सिमटने से पार्टी के कई नेताओं में असंतोष बढ़ा था. बोरदोलोई ने भी पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर असहमति जताई थी. इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत असंतोष के अलावा असम की बदलती राजनीतिक हवा और भाजपा की बढ़ती ताकत को भी कारण माना जा रहा है। भाजपा 2026 से सत्ता में भाजपा 2016 से लगातार असम की सत्ता में है और 2024 लोकसभा चुनाव में राज्य की 14 में से 9 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को महज 3 सीटें मिली थीं. ऐसे में बोरदोलोई जैसे प्रभावशाली नेता का भाजपा में जाना पार्टी को डिब्रूगढ़ और ऊपरी असम में और मजबूती दे सकता है। असम में कब वोटिंग और रिजल्ट बता दें कि असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।

सेप्टिक टैंक बना मौत का गड्ढा: रायपुर में 3 स्वीपर की दर्दनाक मौत, परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर. राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में मंगलवार की रात दर्दनाक हादसा हो गया. सफाई करने सिवरेज टैंक में उतरे तीन लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी हुई. मौके पर जमकर हंगामा हुआ और मृतकों के परिजन भीड़ अंदर घुस आई. मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए. जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीनों मजदूरों को अंदर उतारा गया था. इसी दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस की वजह से एक-एक कर तीनों की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. खर्च बचाने नियमों की अनदेखी का आरोप घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को सिवरेज टैंक में उतारा गया. अस्पताल प्रबंधन ने खर्च बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की. प्रशिक्षित कर्मचारियों की बजाय सामान्य मजदूरों से सफाई कराई गई. अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन दरअसल, सिवरेजटैंक की सफाई बेहद जोखिम भरा काम होता है, जिसे आमतौर पर नगर निगम या प्रशिक्षित टीम द्वारा आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ किया जाता है. इसमें गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा साधनों का उपयोग अनिवार्य होता है. घटना के बाद परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है. अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है. बताया जा रहा है कि मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में बढ़ रही हैं हवाई सेवाएं

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि “वन रूट वन फेयर” के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

प्लेन यात्रा में पसंदीदा सीट पर अब अतिरिक्त पैसे नहीं चुकाने होंगे, नया बदलाव

 नई दिल्ली भारत में हवाई यात्रियों को जल्द ही छिपे हुए खर्चों से बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि सरकार ने सीट चुनने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगाने और सभी एयरलाइंस में यात्रियों के अधिकारों को और मज़बूत करने के लिए कदम उठाए हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह तय करें कि किसी भी फ़्लाइट में करीब 60 फीसदी सीटें चुनने के लिए मुफ़्त में उपलब्ध हों. इसका मतलब है कि वेब चेक-इन या सीट सिलेक्शन के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले एक्स्ट्रा शुल्क पर लगाम लगेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी इस आदेश का मकसद हवाई यात्रा को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाना है। कई एयरलाइंस टिकट बुक करने के बाद या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले रही थीं. नए निर्देश का मकसद इस तरह एक्टिविटीज पर लगाम लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है। साथ बैठेंगे एक ही बुकिंग वाले यात्री मंत्रालय ने एयरलाइंस से यह भी तय करने को कहा है कि एक ही PNR पर सफर करने वाले यात्री साथ बैठें और हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें ही अलॉट हों. इससे उन परिवारों और ग्रुप्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के पास सीटें पाने के लिए ज़्यादा पैसे देने पड़ते थे। एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, खेल के सामान और म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की सुविधा पारदर्शी और यात्री-अनुकूल तरीके से देनी होगी. उनसे यह भी कहा गया है कि वे पालतू जानवरों को ले जाने के बारे में साफ़ नीतियां प्रकाशित करें; यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों के अधिकारों और पारदर्शिता पर ज़ोर सरकार ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, खासकर तब जब उड़ान में देरी हो, उड़ान रद्द हो जाए या यात्रियों को बोर्डिंग से रोक दिया जाए. एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म और एयरपोर्ट्स के काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ़-साफ़ दिखाना होगा. ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच स्थापित करने के लिए यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी दी जानी चाहिए। भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है. यहां के हवाई अड्डों पर रोज़ाना पांच लाख से ज़्यादा यात्री आते-जाते हैं. ऐसे में मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यात्रियों को सुविधाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मंत्रालय ने ‘UDAN यात्री कैफ़े’ जैसी पहलों का ज़िक्र किया है, जहां हवाई अड्डों पर किफ़ायती खाना और मुफ़्त Wi-Fi की सुविधा मिलती है।

अमेरिका ने 23 क्विंटल का बम गिराकर होर्मुज के हमलावरों पर किया हमला, ट्रंप ने खेल पलटा

वाशिंगटन  ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है. जी हां, इसी सिलसिले में अमेरिका ने होर्मुज के पास 23 क्विंटल के खतरनाक बमों की बमबारी की है. इस बमबारी का मकसद होर्मुज के पास स्थित ईरानी मिसाइल साइटों को ध्वस्त करना था. ताकि होर्मुज के दरवाजे को समुद्री व्यापार के लिए खोला जा सके. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. इसके मुताबिक, ईरान की इन क्रूज मिसाइलों से होर्मुज से होने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा था। दरअसल, अमेरिकी फोर्स ने कई 5000 पाउंड वजन वाले गहराई तक घुसने वाले बम गिराए. यानी अमेरिका ने करीब 23 क्विंटल के बम से ईरान के मिसाइल भंडार पर हमला किया है. ये बम ईरान के मजबूत बनाए गए मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों पर गिराए गए, जो समुद्र किनारे बने थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी सफलता की जानकारी दी। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ‘कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित ईरान की मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया. इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों से इस जलडमरूमध्य में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था.’ इसका मतलब है कि अमेरिका इस कार्रवाई को सफल मान रहा है। क्यों दुनिया के लिए खास है होर्मुज गौरतलब है कि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए बहुत अहम है. यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. अगर ये रास्ता बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू जाती हैं. अभी इस होर्मुज के कारण पूरी दुनिया में खलबली है. कारण कि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग चल रही है. ईरान ने बदला लेते हुए होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरान लगातार होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट करने के लिए मिसाइलें, ड्रोन और माइन्स का इस्तेमाल कर रहा है. इस खौफ से ईंधन वाले जहाज पार नहीं कर पा रहे हैं. इससे तेल के टैंकर रुक गए और दुनिया भर में तेल संकट खड़ा हो गया है। होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल पर अटैक क्यों? होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है. कारण कि ईरान ने भारत समेत एशिया के कुछ देशों को छूट तो दी है, मगर अमेरिका और यूरोप के लिए पूरी तरह से होर्मुज का दरवाजा बंद कर रखा है. ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार नाटो और अन्य देशों से होर्मुज खोलने में मदद मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देश भी जहाज भेजें.  लेकिन कई सहयोगी देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिका अकेले ही ये काम कर सकता है. यहा कारण है कि अब अमेरिका अकेले ही होर्मुज को खुलवाने में जुट गया है. आज का यह एक्शन इसी का नतीजा है। अमेरिका ने गेम पलटना शुरू किया पहले अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर भी हमले किए थे. वहां मिलिट्री टारगेट नष्ट किए गए, लेकिन तेल सुविधाओं को बचाया गया. ट्रंप ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तेल सुविधाएं भी निशाना बनाई जा सकती हैं. अब ये नया हमला ट्रंप की रणनीति का हिस्सा लगता है. होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को तबाह करके ट्रंप ने गेम पलट दिया है. अमेरिका के इस एक्शन से होर्जुम में ईरान का खतरा कम हो जाएगा. ईरान की मिसाइलें नष्ट होने से होर्मुज का दरवाजा फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका ने किस बम से किया अटैक अमेरिका का ये हमला बंकर-बस्टर बमों से किया गया. ये बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत ठिकानों को तबाह कर देते हैं. अमेरिका ने 5000 पाउंड यानी करीब 23 क्विंटल बमों से अटैक किया. ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन ये साफ है कि अमेरिका ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने पर जोर दे रहा है. अगर अमेरिका का यह दावा सही है तो दुनिया भर के व्यापारियों और तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है. अगर होर्मुज खुल गया तो तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी और कीमतें गिरेंगी. वैसे भी ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगियों के बिना भी इस रास्ते को सुरक्षित रखेगा. बता दें कि 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है। क्या है ये बंकर बस्टर बम और क्यों है इसकी इतनी चर्चा? अब सवाल उठता है कि ये बंकर बस्टर बम आखिर बला क्या है? आम भाषा में समझें तो ये ऐसे बम हैं जो जमीन या कंक्रीट की मोटी दीवारों को भेदकर गहराई में छिपे दुश्मनों का काल बन जाते हैं. 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसे बम की कीमत करीब 2.88 लाख डॉलर होती है. हालांकि, अमेरिका के पास इससे भी बड़े 30,000 पाउंड वाले बम हैं, लेकिन फिलहाल ईरान के इन मिसाइल ठिकानों को मिट्टी में मिलाने के लिए ये 5,000 पाउंड यानी 2200 किलो वाले बम ही काफी थे। पूरी कहानी का दूसरा पहलू ये भी है कि इस जंग के पीछे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी हाथ माना जा रहा है, जो महीनों से अमेरिका को इस रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहे थे. लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह उनकी अपनी फीलिंग थी कि ईरान से खतरा बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया. दूसरी तरफ, ईरान आज भी अपनी बात पर अड़ा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है और उसका बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल, हालात ये हैं कि पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज के इस रास्ते पर टिकी हैं. अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाकर ये साफ कर दिया है कि वो पीछे हटने वाला नहीं है. अब देखना ये होगा कि ईरान इस बंकर बस्टर हमले का क्या … Read more

राजेंद्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री से मिलकर की सौजन्य भेंट, राजनीतिक वार्ता का सिलसिला शुरू

मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर – रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने  शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।                इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री  साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।        उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।         इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

राज्यव्यापी अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों में न्योता भोज कार्यक्रम, पोषण और शिक्षा पर जोर

आंगनबाड़ी केन्द्रों में न्योता भोज कार्यक्रम : पोषण, शिक्षा और जनभागीदारी का राज्यव्यापी अभियान प्रदेशभर में 9,763 न्योता भोज आयोजित, 1.83 लाख से अधिक बच्चे हुए लाभान्वित  रायपुर आंगनबाड़ी केन्द्रों में संचालित ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम प्रदेश में पोषण, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप शुरू की गई इस पहल के तहत अब समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। राज्य स्तर पर जनवरी से फरवरी 2026 तक कुल 9,763 न्योता भोज आयोजनों के माध्यम से 1,83,927 बच्चों को लाभान्वित किया गया है, जो इस योजना की व्यापक सफलता को दर्शाता है। जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 884 आयोजन हुए, जिनमें 18,703 बच्चे लाभान्वित हुए। वहीं कोरबा में 720 आयोजनों के माध्यम से 13,944 बच्चों, रायगढ़ में 690 आयोजनों से 9,835 बच्चों तथा कांकेर में 636 आयोजनों से 7,915 बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। इसी प्रकार धमतरी में 606 आयोजन कर 11,228 बच्चों, महासमुंद में 415 आयोजनों के माध्यम से 7,302 बच्चों तथा जांजगीर-चांपा में 439 आयोजनों से 10,518 बच्चों को लाभ पहुंचाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के नागरिक, जनप्रतिनिधि, दानदाता एवं पालक अपने विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य पारिवारिक खुशियों—पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के साथ भोजन साझा कर रहे हैं। इससे बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार मिल रहा है, साथ ही समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी बढ़ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले अधिकांश बच्चे ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं। ऐसे में ‘न्योता भोज’ जैसे प्रयास उनके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल कुपोषण को कम करने की दिशा में कारगर साबित हो रही है, बल्कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के प्रति बच्चों और अभिभावकों का आकर्षण भी बढ़ा रही है। शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अपने सामाजिक एवं पारिवारिक अवसरों को आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ साझा कर इस अभियान को और मजबूत बनाएं।

योगी सरकार का सशक्त मॉडल: टैक्स से जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य स्पष्ट

उत्तर प्रदेश की नई वित्तीय नीति: जनता के काम में सीधे खर्च हो रहा पैसा योगी सरकार का बेहतरीन मॉडल, टैक्स से सीधे जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य तय कहां से पैसा आया और कहां खर्च हुआ, अब सब कुछ है स्पष्ट गो कल्याण, सड़क, खेती और विरासत को मिल रहा सीधा लाभ लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में एक स्पष्ट और व्यावहारिक बदलाव किया है। अब टैक्स को केवल राजस्व इकट्ठा करने का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि उसे सीधे किसी खास उद्देश्य से जोड़कर खर्च किया जा रहा है। सरल शब्दों में समझें तो कौन सा पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, यह अब स्पष्ट दिख रहा है। यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया हुआ टैक्स किस काम में लग रहा है। इस पूरी नीति का सीधा मतलब है कि टैक्स अब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विकास का साधन बन चुका है। उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि अगर योजना स्पष्ट हो, तो हर रुपये का सही उपयोग करके समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति तीनों को एक साथ मजबूत किया जा सकता है। गो कल्याण सेस: छोटा टैक्स, बड़ा असर राज्य सरकार ने आबकारी से जुड़े राजस्व पर 0.5% का गो कल्याण सेस लगाया है। यह टैक्स शराब की बिक्री से जुड़ा है। आम उपभोक्ता पर इसका बहुत कम असर पड़ता है, लेकिन पूरे राज्य से यह मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाता है। इस पैसे को सीधे आवारा गोवंश की देखभाल में खर्च किया जाता है। प्रदेश में बने गोवंश आश्रय स्थल में हजारों पशुओं को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। दरअसल, कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण किसानों की पशुओं पर निर्भरता कम हुई है, जिससे आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी। अब इस सेस के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया गया है। हर सेक्टर का पैसा उसी सेक्टर में लग रहा उत्तर प्रदेश ने एक और स्पष्ट नीति अपनाई है और वो ये कि जिस सेक्टर से राजस्व आता है, उसी सेक्टर के विकास में उसका उपयोग किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें: 1. रियल एस्टेट: धार्मिक और पर्यटन विकास संपत्ति की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। इससे पर्यटन बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है और विरासत सुरक्षित हो रही है। 2. खनन: सिंचाई और पानी की व्यवस्था खनन से मिलने वाला पैसा गांवों में सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारने में लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। 3. एक्सप्रेसवे: गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मिलने वाला टोल छोटी सड़कों (फीडर रोड) के निर्माण में खर्च हो रहा है, जिससे दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ रहे हैं। 4. मंडी शुल्क: किसानों की सुरक्षा मंडी से मिलने वाली फीस का उपयोग फसल सुरक्षा और किसान योजनाओं में किया जा रहा है। अब टैक्स का उपयोग साफ दिख रहा इस नई नीति की सबसे बड़ी ताकत है, स्पष्टता। अब लोगों को साफ दिखता है कि शराब की बिक्री से मिला पैसा गो कल्याण में लग रहा है। टोल टैक्स का पैसा सड़क और कनेक्टिविटी में, प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा धार्मिक और पर्यटन विकास में निवेश हो रहा है। इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है, क्योंकि टैक्स अब “कहां गया” का सवाल नहीं, बल्कि “यहीं लगा” का जवाब देता है। तेजी से विकास की मजबूत तैयारी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य है 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और खेती, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। राज्य के बजट में पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी तीनों में तेजी आ रही है। दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है। मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है। जैसे, जहां पर्यटन ज्यादा है, वहां पर्यटन से मिलने वाले टैक्स को पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने में खर्च किया जा सकता है। औद्योगिक राज्यों में उद्योगों से जुड़े शुल्क को पर्यावरण सुधार पर लगाया जा सकता है। वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, हर राज्य अपनी जरूरत और स्थिति के अनुसार टैक्स को विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम हासिल कर सकता है।

यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ेगा निवेश, तीन कंपनियों को आवंटित की गई ज़मीन

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में बड़े निवेश की रफ्तार तेज, तीन कंपनियों को भूमि आवंटन योगी सरकार की औद्योगिक नीति का असर, तीनों कंपनियों से आएगा 3,400 करोड़ रुपये से अधिक निवेश ट्रैक्टर, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और ड्राई फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट लगेंगी, सृजित होंगे 5,700 से ज्यादा रोजगार के अवसर लखनऊ/नोएडा  उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में तीन बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है। यह आवंटन इन्वेस्ट यूपी की संस्तुति पर किया गया है, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत हुआ है। इन परियोजनाओं से कुल 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा और लगभग 5,700 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। एस्कॉर्ट्स कुबोटा से मिलेगा बड़ा निवेश और रोजगार एस्कॉर्ट्स कुबोटा लि. (M/s Escorts Kubota Limited) को सेक्टर-10 में 154 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां ट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में लगभग 2,029 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 4,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट प्रदेश में कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई मजबूती देगी। सीएनएच इंडस्ट्रियल से कृषि मशीनरी सेक्टर को बढ़ावा सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया प्रा लि (M/s CNH Industrial India Pvt. Ltd.) को सेक्टर-8डी में 100 एकड़ भूमि दी गई है। कंपनी यहां ट्रैक्टर निर्माण यूनिट स्थापित करेगी, जिसमें 1,219.81 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस प्रोजेक्ट से लगभग 1,200 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह निवेश उत्तर प्रदेश को कृषि मशीनरी निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा। सन ऑर्गेनिक से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर मजबूत सन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज प्रा लि (M/s Sun Organic Industries Pvt. Ltd.) को सेक्टर-8डी में 30,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां ड्राई फ्रूट प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट लगाएगी। इस परियोजना में करीब 225.16 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 569 लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा निवेश का भरोसा प्रदेश में बढ़ते निवेश को योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों, सिंगल विंडो सिस्टम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का परिणाम माना जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है, जहां बड़ी कंपनियां निवेश के लिए आगे आ रही हैं। इन सभी परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को बल मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना है। यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में हो रहा यह निवेश उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आदिवासी खेलों का महाकुंभ बस्तर में, 1150 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे जीत के जज्बे के साथ

जगदलपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के प्रथम संस्करण के तहत बस्तर एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर उभरने जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 25 मार्च से 6 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस बड़े आयोजन के अंतर्गत जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में 30 मार्च से 2 अप्रैल के बीच एथलेटिक्स (दौड़-कूद) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ को व्यापक पहचान इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 1150 खिलाड़ी, प्रशिक्षक, प्रबंधक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे। प्रतिभागियों का आगमन 28 मार्च से शुरू हो जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में खेलों का उत्साह बढ़ेगा। इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है। बस्तर जैसे आदिवासी अंचल में इस स्तर के आयोजन को खेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। परिसर का व्यापक सुधार किया जा रहा खिलाड़ियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए क्रीड़ा परिसर का व्यापक सुधार किया जा रहा है। खेल मैदान, दौड़ ट्रैक, दर्शक दीर्घा, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है, ताकि प्रतिभागियों को बेहतर वातावरण मिल सके। देशभर के प्रतिभागियों के सामने अपनी परंपरा को प्रस्तुत करेगा बस्तर इसके अलावा सुरक्षा, परिवहन, आवास और चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देगा, बल्कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य को भी देशभर के प्रतिभागियों के सामने प्रस्तुत करेगा।

रायपुर में लू का कहर, स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव—सुबह जल्दी खुलेंगे, दोपहर से पहले छुट्टी

रायपुर. तेज धूप और गर्मी को देखते हुए रायपुर जिले में भी स्कूल का समय बदल दिया गया है। जिले के समस्त शासकीय और निजी स्कूल अब सुबह 7.30 बजे से पूर्वान्ह 11.30 बजे तक संचालित होंगे। परीक्षा और कार्यालयीन समय यथावत रहेगा। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण कई जिलों में स्कूल का समय बदल गया है। मंगलवार को रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने भी गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय बदलने का आदेश जारी किया। जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय द्वारा जारी आदेश के अनुसार रायपुर जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय स्कूल एक पाली वाले सोमवार से शनिवार तक प्रातः 7.30 बजे से पूर्वान्ह 11.30 तक संचालित होंगे। इसी तरह ऐसे स्कूल जो दो पाली में संचालित हो रहे हैं, वहां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों का संचालन पूर्वान्ह 11.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक होगा। परीक्षा और कार्यालयीन समय में किसा प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यह आदेश 20 मार्च से प्रभावशील होगा। बता दें कि इन दिनों कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा चल रही है। इसके बाद स्थानीय कक्षाओं पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, छठवीं, सातवीं और 9वीं-11वीं की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, भारतीय संस्कृति में मानवता और सहअस्तित्व की गहरी जड़ें

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े 7 देशों के युवा प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास आए उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्यप्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, लंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्यप्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्यप्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्यप्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर  मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।  

रंगों में बसी एकता की भावना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में की शिरकत

मुख्यमंत्री युवा योजना से बदली तकदीर, लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर ‘ग्लैम हाउस’ के जरिए ब्यूटी बिजनेस में बनाई अलग पहचान   यूनिसेक्स सैलून और एकेडमी से अन्य महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार लखनऊ ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के माध्यम से योगी सरकार ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान कर युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को नए पंख देने का काम कर रही है। इसी योजना का लाभ लेकर योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को लखनऊ की रहने वाली खुशी गुप्ता ने धरातल पर उतारकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंने न सिर्फ ब्यूटी बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान खुशी गुप्ता ने बताया कि वे लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं। उनकी मेकअप और ब्यूटी पार्लर में रुचि है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स भी किया। उनको ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर योजना की जानकारी ली और एक हफ्ते का उद्यमिता प्रशिक्षण भी लिया। इस योजना के तहत उनको 4.5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह पूरी तरह ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त था। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने से सैलून का इंटीरियर और वेंडर्स का भुगतान किया। लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में 2025 में ‘ग्लैम हाउस’ के नाम से यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी की शुरुआत की। खुशी आज न सिर्फ हर महीने लाखों रुपए कमा रहीं है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहीं हैं।   ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से प्रदेश के युवा बन रहे उद्यमी  योगी सरकार ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रही है। योजना के तहत ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाती है। आज खुशी जैसी प्रदेश की हजारों महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रहीं हैं। खुशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

सीएम ने की स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना

मुख्यमंत्री ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन चैत्र नवरात्रि से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी  सीएम ने की स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना कॉरिडोर का किया अवलोकन, बच्चों को दी चॉकलेट लखनऊ/मीरजापुर गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मां को लाल चुनरी अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की और मंदिर की परिक्रमा भी की। मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि की तैयारियों का जायजा लिया, प्रशासन को चैत्र नवरात्रि व रामनवमी में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने और मंदिर प्रांगण के साथ ही आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने विंध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को बच्चे भी दिखाई दिए। उन्होंने बच्चों के पास पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल पूछा और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की सीख दी और उन्हें चॉकलेट भी दी।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, विधायक रत्नाकर मिश्र, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet