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19 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, और किसे रहना होगा सतर्क

मेष 19 मार्च के दिन रोमांटिक मामलों को सुलझाएं। नए काम आपको बिजी रखेंगे। ऑफिस में अपनी काबिलियत साबित करने के मौके भी ढूंढें। लाइफ में पैसों से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन आज हेल्थ अच्छी रहेगी। वृषभ 19 मार्च के दिन लव अफेयर में सरप्राइज पाने के लिए तैयार रहें। आज अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर ईगो का असर न पड़ने दें। पैसे के मामलों को ध्यान से संभालें। आपकी हेल्थ भी अच्छी रहेगी। मिथुन 19 मार्च के दिन कोई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम भी नहीं आएगी। काम पर नए चैलेंज लें और आज अपने लवर के साथ ज्यादा समय बिताने के बारे में सोचें। आपकी मेहनत फाइनेंशियल मैनेजमेंट में मदद करेगी। हेल्थ अच्छी रहेगी। कर्क 19 मार्च के दिन एक शानदार लव लाइफ आपका इंतजार कर रही है। इसी तरह, आपका वर्कप्लेस कोऑपरेटिव और मजेदार रहेगा, जिससे आप सबसे अच्छा रिजल्ट दे पाएंगे। पैसे के मामले में सुरक्षित इन्वेस्टमेंट पर विचार करें। सिंह 19 मार्च के दिन छोटी-छोटी जीत पर ध्यान दें। अपने टास्क को लेकर शांत, दयालु और क्लियर रहें। धीरे-धीरे प्लान बनाएं, और लंबे समय तक चलने वाली तरक्की के लिए लगातार कदम उठाएं। अपनी गलतियों से सीखें। कन्या 19 मार्च के दिन कोई छोटा नोट पढ़ें और कोई नया आसान आइडिया आजमाएं, जिससे काम या खेल आसान हो जाए। आज ध्यान से प्लानिंग करने का सही समय है। परिवार या कोई एक काम चुनें, एक क्लियर और आसान प्लान बनाएं। तुला 19 मार्च के दिन अच्छे रिजल्ट्स देख सकते हैं। आपके सेफ आइडिया अब लगातार तरक्की और आने वाले दिनों के लिए बढ़ता कॉन्फिडेंस ला सकते हैं। शांति से आगे बढ़ते रहें। लाइफ में रोमांस बना रहेगा। वृश्चिक 19 मार्च के दिन नई सीख मजेदार और प्रोडक्टिव लग सकती है। छोटे-छोटे एक्सपेरिमेंट आपकी स्किल बढ़ाने और रोज के काम आसान बनाने में मदद करते हैं। आज के दिन शांत और खुश रहें। आप चीजें मैनेज कर सकते हैं। धनु 19 मार्च के दिन आपकी एनर्जी स्टेबल महसूस होगी। एक क्लियर लक्ष्य चुनें और छोटे-छोटे प्लान किए हुए कदम उठाएं। दोस्तों से गाइडेंस मांगें, चुनाव करते समय विनम्र रहें। आज के दिन कोई आसान काम पूरा करें। मकर 19 मार्च के दिन शांति से कदम उठाएं। जरूरी काम तय करें। आज के दिन परिवार की मदद करें। एक छोटा प्लान बनाएं ताकि बिना स्ट्रेस या जल्दी बदलाव के लगातार तरक्की हो और पलों का मजा लें सकें। कुंभ 19 मार्च के दिन अपने आइडिया शेयर करें। छोटे-छोटे, लगातार कदम स्ट्रेस कम कर सकते हैं। दोस्ताना मदद से प्रैक्टिकल कदम बेहतर नतीजे देंगे। सब्र रखें और खुद पर मेहरबान रहें। छोटे बदलावों पर भरोसा करें। मीन 19 मार्च के दिन छोटे-छोटे काम निपटाने के लिए अपने तेज दिमाग का इस्तेमाल करें। एक आसान प्लान आजमाएं, नोट्स लिखें। आज के दिन दोस्तों के साथ आइडिया शेयर करें। दोस्ताना सवाल पूछें।

ईरान को झटका? IDF हमले में खुफिया मंत्री खतिब के ढेर होने का इजरायली दावा

तेल अवीव इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि ईरान के एक और शीर्ष नेता की एयर स्ट्राइक में मौत हो गई है। उनके अनुसार, मंगलवार रात हुए हमले में खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब मारे गए। इजरायली रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ने काट्ज का बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। हालांकि, ईरान ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। कार्ट्ज ने कहा है कि बुधवार को ‘बड़े सरप्राइज’ मिलने की उम्मीद है। मीडिया ने इजराइल काट्ज के बयान के हवाले से बताया कि ईरान के खुफिया मंत्री, इस्माइल खतिब, बीती रात तेहरान में एक इजरायली हवाई हमले में मारे गए; उन्होंने यह भी कहा कि आज “बड़े सरप्राइज” मिलने की उम्मीद है। उन्होंने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “आज के दिन, सभी मोर्चों पर बड़े सरप्राइज मिलने की उम्मीद है, जिससे ईरान और लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमारी लड़ाई और तेज हो जाएगी।” उन्होंने कहा, “ईरान में हमलों की तीव्रता बढ़ रही है। ईरान के खुफिया मंत्री खतिब को भी बीती रात मार गिराया गया।” काट्ज ने कहा कि उन्होंने और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “आईडीएफ को किसी भी शीर्ष ईरानी अधिकारी को (मार गिराने) का अधिकार दे दिया है… जिसके लिए अब किसी अतिरिक्त मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।” इससे पहले इजरायली मीडिया ने सूत्रों के आधार पर खतिब के मारे जाने की जानकारी दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान पर हुए हालिया हवाई हमलों में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब को निशाना बनाया गया। साथ में ये भी कहा था कि इस ऑपरेशन के नतीजों का अभी आकलन किया जा रहा है और यह स्पष्ट नहीं है कि हमले में क्या नुकसान हुआ या लक्ष्य सफल हुआ या नहीं। एक दिन पहले ही इजरायल ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी को निशाना बनाया था, जिसमें दोनों अधिकारियों की मौत हो गई थी।

आयुष मंत्री परमार ने बैतूल जिला आयुष विंग का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को बैतूल में जिला चिकित्सालय जिला आयुष विंग का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंत्री  परमार ने पंचकर्म, शिरोधारा सहित विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों का अवलोकन किया। आयुष मंत्री  परमार ने सिकल सेल यूनिट के साथ आयुर्वेद एवं होम्योपैथी दवाओं के वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को दवाओं का वितरण सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने कहा कि आयुष औषधियों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए तथा आवश्यकता अनुसार समय पर मांग प्रस्तावित की जाए। निरीक्षण के दौरान मंत्री  परमार ने आयुष विंग में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने कहा कि जिले में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को दृढ़ता से स्थापित करते हुए, उनका प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर मुलताई विधायक  चंद्रशेखर देशमुख, घोड़ाडोंगरी विधायक मती गंगाबाई उईके तथा जिला आयुष अधिकारी  योगेश चौकीकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

‘दुनिया जाने सच्चाई’ : अफगान विदेश मंत्री का राजनयिकों को निर्देश, पाकिस्तान के हमले पर घेरा

काबुल अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बुधवार को विदेशों में स्थित अफगान दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के राजनयिकों संग वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राजनयिकों को काबुल के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिए। यह बैठक पाकिस्तान द्वारा एक नशा मुक्ति अस्पताल पर की गई घातक बमबारी की घटना के बाद हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। अफगान विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में मंत्री ने पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता के खिलाफ की गई आक्रामकता और हाल की घटनाओं के बारे में जानकारी साझा की। काबुल द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “उन्होंने इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवीय सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मुत्ताकी ने सभी प्रतिनिधिमंडलों के अधिकारियों को देश की ताजा स्थिति के संबंध में इस्लामिक अमीरात के रुख को अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाने की अपील की।” बयान में आगे कहा गया, “देश के विदेश मंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल को इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के स्पष्ट रुख, नीति और भविष्य की कार्रवाइयों के संबंध में आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन दिया। बैठक का समापन पाकिस्तानी शासन की बमबारी में मारे गए शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुआ।” मंगलवार को, मुत्ताकी ने काबुल पर पाकिस्तानी हवाई हमले को मानवीय और इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से ज्यादा लोग मारे गए और 260 से ज्यादा घायल हो गए; इनमें से अधिकतर एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवा रहे मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जान-बूझकर नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। काबुल में विभिन्न संगठनों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों से बात करते हुए, मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमले ने समाज के सबसे कमजोर तबकों में से एक को निशाना बनाया—ऐसे लोग जो नशे की लत के इलाज के लिए उपचार ले रहे थे। उन्होंने कहा कि फरवरी से लगातार हो रहे हमलों, जिनमें अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में नागरिक इलाकों पर किए गए हमले भी शामिल हैं, ने कूटनीतिक समाधानों पर भरोसे को कम कर दिया है। एरियाना न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अफगान सेना “उसी अनुपात में और वैध” रक्षात्मक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगी; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और अपने क्षेत्र की रक्षा जरूर करेगा। मुत्ताकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के हमले की निंदा करने का आग्रह किया, और चेतावनी दी कि इस्लामाबाद द्वारा लगातार तनाव बढ़ाने से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने और प्रमुख आर्थिक व विकास पहलों पर बुरा असर पड़ने का खतरा है। इस बीच, अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत और विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने बुधवार को, काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले की तत्काल, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

मुख्य सचिव जैन से आईज़ीआई वेंचर्स के संस्थापक ने की भेंट

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन से बुधवार को मंत्रालय में आईज़ीआई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक  इशान हैडन ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में ड्रोन इको-सिस्टम को और मजबूत करने, संभावित नई साझेदारियों को विकसित करने तथा इस क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस पहल से “मेक इन इंडिया” और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को सशक्त करते हुए मध्यप्रदेश में उन्नत ड्रोन तकनीक के विकास, स्थानीय रोजगार सृजन और इंडस्ट्री इको-सिस्टम को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आईज़ीआई कंपनी भारत में नैनो और माइक्रो श्रेणी के ड्रोन सेगमेंट में मध्यप्रदेश सरकार की ड्रोन नीति के तहत राज्य में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस की शुरुआत कर रही है। आईज़ीआई मध्यप्रदेश में इस स्तर पर ड्रोन निर्माण शुरू करने वाली शुरुआती कंपनी है। ये उन्नत ड्रोन सर्विलांस, टेक्नीकल मिशन, इंफ्रा-स्ट्रक्चर निरीक्षण, सर्वेक्षण तथा विभिन्न औद्योगिक और सुरक्षा उपयोगों के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये ड्रोन जीपीएस-डिनाइड (जीपीएसडिनाइड) परिस्थितियों में भी प्रभावी रूप से संचालन करने में सक्षम होंगे, जिससे इनका उपयोग रक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में और अधिक महत्वपूर्ण होगा।  

आदि और अंत से परे है सनातन : कंगना रनौत का बड़ा बयान

मुंबई  बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने हाल ही में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। समिति के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा। अब केवल वही गैर-हिंदू मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे, जो प्रवेश से पहले सनातन धर्म में आस्था का औपचारिक शपथ पत्र जमा करते हैं, जिससे मंदिर में दर्शन की अनुमति मिलेगी। फैसले को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए अभिनेत्री सारा अली खान का नाम जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और अगर एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा। अभिनेत्री अक्सर केदारनाथ के दर्शन के लिए जाती रहती हैं। साल 2018 में उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान इस स्थान से विशेष लगाव हो गया था। बुधवार को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने संसद परिसर आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सारा को यह कहने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे भी सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं और अगर बद्रीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करना चाहती हैं, तो वे लिखित रूप में दें। यहां पर सभी लोग सनातनी हैं, क्योंकि जन्म से ही हम इस परंपरा से जुड़े हुए हैं। ‘सनातन’ का अर्थ है, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत। कंगना ने आगे कहा कि सारे अन्य धर्म कुछ ही साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सत्य है और अनादि-अनंत है, तो मुझे लगता है कि सारा को शपथ पत्र देने में कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए। अभिनेत्री ने आगे लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का संसद में व्यवहार अमर्यादित है। कंगना ने कहा, “वे तू-तड़ाक करके बोलते हैं। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो अनुचित शब्द इस्तेमाल करते हैं, जो बहुत अनकम्फर्टेबल फील करवाते हैं।” संसद पहुंचा ‘सरके चुनर तेरी’ सॉन्ग विवाद, अश्विनी वैष्णव बोले- गाने पर लगाया बैन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि नोरा फतेही के विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ पर बैन लगा दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी उचित पाबंदियों के दायरे में ही होनी चाहिए, जो समाज और संस्कृति का सम्मान करती हों। लोकसभा में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह से असीमित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, ‘इस गाने पर बैन लगा दिया गया है। हमें बोलने की आजादी के तहत तय की गई उचित पाबंदियों के हिसाब से ही काम करना चाहिए। बोलने की आजादी पूरी तरह से असीमित नहीं हो सकती; इसे समाज और संस्कृति के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।’ दरअसल, यह मुद्दा निचले सदन में समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने उठाया था। उन्होंने सरकार से इस विवादित गाने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था।   क्या है गाने पर विवाद? इस गाने में एक्ट्रेस नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। यह गाना आने वाली कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का है। ऑनलाइन रिलीज होते ही यह गाना एक बड़े विवाद में घिर गया था। कई दर्शकों ने इसके लिरिक्स को अब तक का सबसे अश्लील और इसके सीन को काफी सेक्शुअल बताते हुए इस पर आपत्ति जताई। इस गाने का हिंदी वर्जन इसी हफ्ते की शुरुआत में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। गाने पर विरोध तेज होने पर इसे बाद में हटा दिया गया। हालांकि  कन्नड़, मलयालम, तेलुगु और तमिल भाषाओं वाले वर्जन अभी भी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। यह फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली है और ये एक पैन इंडिया रिलीज है। इस गाने के ओरिजिनल लिरिक्स कन्नड़ भाषा में फिल्म के डायरेक्टर प्रेम ने लिखे थे। हिंदी वर्जन के गीतकार रकीब आलम ने इस विवाद से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने तो बस ओरिजिनल बोलों को ट्रांसलेट किया था।  

बदलती तकनीक के साथ आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए भी होमगार्डस सक्षम बनें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा या मानव निर्मित दुर्घटना के समय नुकसान को कम से कम करना और जनजीवन को पुनः पटरी पर लाना महत्वपूर्ण होता है। संकट के समय में धैर्य और साहस बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसी घड़ी में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों की तत्परता और सेवा भावना समाज के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है। हमारे लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश में 82 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की एक विशाल और अनुशासित शक्ति विद्यमान है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में सिविल डिफेंस की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश में कोविड जैसे कठिन काल और आतंकी हमलों के विरूध हुई ठोस कार्रवाइयों से सिविल डिफेंस सिस्टम अधिक समर्थ बना है। हमारे सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स प्राकृतिक आपदाओं जैसे- बाढ़, भूस्खलन, अग्निकांड और राहत-बचाव के कार्यों में निरंतर प्रशिक्षित हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में नागरिक सुरक्षा का इतिहास लंबा है। वर्ष 1968 में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर से आरंभ हुई यह यात्रा आज वट वृक्ष बन चुकी है। आज प्रदेश में मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा के 82 हजार से अधिक वॉलेंटियर्स हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी समागम- 2026 को होमगार्ड परेड ग्राउंड पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत आपदा में बचाव के तरीकों के डेमोंसट्रेशन का अवलोकन किया। मध्यप्रदेश सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर्स ने बाढ़ के दौरान रबर बोट तैयार करने, उपलब्ध संसाधनों से फ्लोटिंग रॉफ्ट तैयार करने, रोप ब्रिज निर्माण, मुश्किल वक्त में सीपीआर देने की प्रक्रिया और हवाई हमलों के दौरान बचाव के तरीकों और रोप रेस्क्यू का प्रदर्शन किया। इंदौर सिविल डिफेंस की बेटियों ने सेल्फ डिफेंस का प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा वॉलेंटियर्स को नागरिक सुरक्षा जैकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डीजी होमगार्ड श्रीमती श्रीवास्तव ने इस अवसर पर स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण देना आवश्यक है। इस दिशा में की जा रही पहल की उन्होंने सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रमुख मार्गों के आसपास के थाना स्टॉफ को सड़क हादसे के घायलों की जान बचाने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण देने की आवयकता बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों का जीवन सुरक्षित करने के लिए ‘राहवीर योजना’ और ‘पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ जैसी सुविधाओं की शुरुआत की है। मध्यप्रदेश यह पहल करने वाला देश का प्रथम राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्य जीवों के साथ निडरता का वातावरण बना है। हमारे अभयारण्यों में टाइगर और चीतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वन्य जीव प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा के लिए भी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक के बदलते दौर में नई कठिनाइयां भी सामने आ रही हैं। उन्होंने बीती रात इंदौर में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल के चार्जर से आग लगने और बाद में डिजिटल डोर लॉक नहीं खुलने से कई नागरिकों की मृत्यु हो गई। होम गार्ड्स एवं सिविल डिफेंस, तेजी से बदलती तकनीक के साथ आ रही ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए भी स्वयं को सक्षम बनाएं। होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवी समागम-2026 में 5 जिलों के 780 वॉलेंटियर्स शामिल हुए हैं। इन वॉलेंटियर्स को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्वयंसेवक आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के सजग प्रहरी हैं, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, यातायात सुरक्षा और सिविल डिफेंस की विभिन्न सेवाओं पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें आपदा के समय जीवन रक्षा, सम्पत्ति क्षति का न्यूनीकरण, उत्पादन बनाए रखना, जनमानस का मनोबल ऊंचा रखना, प्राथमिक उपचार, भीड़ नियंत्रण, राहत वितरण, संचार सहायता और मनोसामाजिक सहायता प्रदान करने का प्रशिक्षण विशेष रूप से दिया जाता है। देश के प्रत्येक नागरिक को सिविल डिफेंस वॉलेंटियर होना आवश्यक है। एसडीआरएफ, होम गार्ड एवं सिविल डिफेंस के डीआईजी श्री मनीष अग्रवाल ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर भी सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स तैयार हैं। सीनियर डिविजनल ऑफिसर श्री कमलेंद्र परिहार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में डिफेंस वालेंटियर्स, डिवीजन वार्डन आदि उपस्थित थे। सभी जिलों के सूचना केंद्रों में उपस्थित स्वयंसेवकों ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।  

ईवी सुरक्षा पर सवाल: भारत में रोज़ 25 हादसे, तीन साल में आग लगने के पीछे क्या वजहें

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार अल-सुबह जबरदस्त हादसा हुआ। यहां बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान आग लग गई। यह आग देखते ही देखते इतनी बड़ी हो गई कि तीन मंजिल का पूरा मकान इसकी चपेट में आ गया। इस हादसे में आठ लोगों की जलकर मौत हो गई। वहीं, तीन लोगों को बचाया गया, जिनकी स्थिति गंभीर है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। दरअसल, यह ईवी से जुड़ा कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि समय-समय पर इलेक्ट्रिक कारों, दोपहिया वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं में पहले भी जान गई हैं। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की घटनाओं का आंकड़ा क्या है? ईवी आमतौर पर इतनी आसानी से आग क्यों पकड़ लेते हैं? इसके अलावा मौसम के बदलाव और तापमान का ईवी की आग से क्या संबंध है? क्या सरकार की तरफ से ईवी हादसों की जांच और आगे हादसे रोकने से जुड़े दिशा-निर्देश भी बनाए गए हैं? आइये जानते हैं… भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाओं के क्या आंकड़े? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (eDAR) पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों यानी 2023 से 2025 में देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी कुल 23,865 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन कुल दुर्घटनाओं में से इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की महज 26 घटनाएं दर्ज हुई हैं। ‘ इन आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर दिन ईवी से जुड़ी औसतन करीब 25 दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। वहीं, आग लगने की घटनाओं के औसतन महज तीन केस ही दर्ज हुए हैं। इसके अलावा, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में भी इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। इनमें फरवरी में यूपी के हापुड़ में एक ईवी में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसमें कंपनी ने बैटरी की खराबी से इनकार किया था। इसी तरह जनवरी में गाजियाबाद में एक ईवी में आग लगने की घटना प्रमुख थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना में ईवी में आग चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट के बाद लगी थी। इसके अलावा 2025 में दिल्ली के शहादरा में ई-व्हीकल के चार्जिंग पॉइंट में आग लगने से कई ई-रिक्शा जल गए थे। ऐसी ही कुछ घटनाएं लगभग हर वर्ष देखी जाती रही हैं। खास बात यह है कि ईवी में आग की अधिकतर घटनाएं इनके चार्जिंग में लगे होने के दौरान हुईं। इन चार-पहिया वाहनों से लेकर दो-पहिया तक के जलने की घटनाएं शामिल हैं। क्यों इलेक्ट्रिक वाहनों में अचानक लग जाती है आग? मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों में आधुनिक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) होता है, जो कार के फुल चार्ज होने पर ऑटोमैटिक रूप से पावर सप्लाई को काट देता है, इसलिए तकनीकी रूप से इन्हें सुरक्षित माना जाता है। इसके बावजूद अचानक आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। इसकी एक वजह बैटरी की खराब क्वालिटी या चार्जिंग इन्फ्रास्ट्र्क्चर की खराबी हो सकता है। क्या गर्मी से लग सकती है ईवी में आग? अक्सर लोग मानते हैं कि गर्मियों के अधिक तापमान के कारण ईवी में आग लगती है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक गलतफहमी मानते हैं। असल में, 99% बैटरी की आग शॉर्ट सर्किट के कारण होती है। शॉर्ट सर्किट से अनियंत्रित करंट बहता है और बैटरी के सेल का तापमान 100°C से ऊपर चला जाता है। इस स्थिति को ‘थर्मल रनअवे’ कहते हैं। इस स्थिति में बैटरी अपने आप और ज्यादा गर्म होने लगती है और आग बेकाबू हो जाती है, जिससे धमाके और जहरीली गैसें निकल सकती हैं। क्या बैटरी की खराबी हो सकती है वजह? बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने की एक अहम वजह सेल क्वालिटी का खराब होना, बैटरी का कमजोर डिजाइन और खराब बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम हो सकता है, जहां सॉफ्टवेयर सही तरीके से बैटरी सेल्स को मैनेज नहीं कर पाता। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कुछ निर्माता उत्पादों के डिजाइन पर पर्याप्त समय नहीं दे रहे हैं। और क्या हो सकती हैं ईवी में आग लगने की वजह? ईवी मालिक अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो बड़े हादसों का कारण बनती हैं। कई बार वे साधारण एक्सटेंशन कॉर्ड का इस्तेमाल करते हैं जो लगातार 15 एम्पियर (15A) या उससे ज्यादा का भारी लोड नहीं झेल पाते और पिघल जाते हैं। इसके अलावा बिना प्रॉपर अर्थिंग वाले सॉकेट का इस्तेमाल करने से शॉर्ट सर्किट का करंट सीधे कार या चार्जर को नुकसान पहुंचा सकता है, जो कि आग का कारण बनता है। जानकारों के मुताबिक, अगर प्लग सॉकेट में ढीला रहता है तो वहां स्पार्किंग होती है, जो धीरे-धीरे प्लग को जला देती है। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से दिए गए चार्जर की जगह सस्ते और लोकल चार्जर का इस्तेमाल करना भी आग लगने का एक बड़ा कारण है। दुनियाभर में ईवी में आग लगने की एक बड़ी वजह यह भी रही है कि लंबे समय तक चलने के तुरंत बाद बैटरी के सेल गर्म रहते हैं। ऐसे में बिना बैटरी को ठंडा होने का समय दिए उसे तुरंत चार्जिंग पर लगा देना जोखिम भरा हो सकता है और आग की वजह बन सकता है। चार्जिंग पॉइंट की खराबी का ईवी हादसों पर क्या असर? इंदौर की घटना में चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट को ईवी में आग लगने का कारण माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट से पैदा हुई चिंगारी ईवी तक पहुंच गई और इससे इलेक्ट्रिक कार जल उठी। आइबेरिया में अलायंज कमर्शियल के अधिकारी राफेल रिओबो के मुताबिक, किसी ईवी के जीवन में सबसे ज्यादा जोखिम भरा समय उसकी ड्राइविंग नहीं, बल्कि चार्जिंग का समय होता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत मामलों में आग कार की बैटरी से नहीं, बल्कि दीवार के सॉकेट, पुरानी वायरिंग या खराब एक्सटेंशन कॉर्ड से शुरू होती है। लगातार कई घंटों तक हाई-वोल्टेज करंट बहने की वजह से घर के कमजोर तार गर्म होकर पिघल जाते हैं, जो शॉर्ट सर्किट का बड़ा … Read more

शासकीय नर्सरियों को बनाया जायेगा आदर्श नर्सरी : मंत्री कुशवाह

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रदेश की शासकीय नर्सरियों को आदर्श नर्सरी के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये विभाग द्वारा विस्तृत कार्य योजना तैयार की गयी है। वर्तमान में प्रदेश के 55 जिलों में 300 रोपणी/प्रक्षैत्र संचालित किये जा रहे हैं। इनमें उच्च गुणवत्ता की पौध-रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। मंत्री  कुशवाह ने बैतूल जिले में शासकीय उद्यान कम्पनी गार्डन का निरीक्षण कर इसे आधुनिक बनाने के निर्देश दिये। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें किसान भाइयों को परम्परागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों फल, फूल, सब्जियों के उत्पादन के लिये प्रेरित किया जा रहा है जिससे कि किसान भाइयों को उत्तम गुणवत्ता के पौध और बीज प्राप्त हो सकें। मंत्री  कुशवाह ने प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों के जिले की 10 नर्सरियों को हाईटेक नर्सरी के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बैतूल की कम्पनी गार्डन शासकीय नर्सरी को और अधिक आकर्षक और फल-फूलों से समृद्ध बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मंत्री  कुशवाह नर्सरी का सघन निरीक्षण किया तथा वहाँ उपलब्ध पौधों, फलों और उपकरणों के विषय में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।  

IPL 2026 का आगाज़: Virat Kohli की एंट्री, 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad से भिड़ेगी Royal Challengers Bengaluru

हैदराबाद आईपीएल 2026 से पहले विराट कोहली भारत लौट आए हैं, उनके साथ अनुष्का शर्मा भी हैं। विराट जल्द ही RCB कैंप से जुड़कर नए सीजन की तैयारी शुरू करेंगे। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। इसी बीच टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भारत लौट चुके हैं। उन्हें 16 मार्च की रात मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अब जब विराट कोहली भारत लौट आए हैं, तो उनकी नजर आईपीएल में दूसरी ट्रॉफी जीतने पर होगी। 2025 में आरसीबी ने 17 साल का इंतजार खत्म करते हुए खिताब जीता था। ऐसे में इस सीजन में टीम अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। तैयारी में जुटे कोहली, वीडियो हुआ वायरल आईपीएल शुरू होने से पहले ही विराट कोहली ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हाल ही में उन्होंने एक ट्रेनिंग वीडियो शेयर किया था, जिसमें उनकी बल्लेबाजी की झलक देखने को मिली। यह वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया और करीब 15 मिलियन लाइक्स पार कर गया। इससे साफ है कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कोहली का क्रेज फैंस के बीच चरम पर है। विराट कोहली के IPL रिकॉर्ड्स विराट कोहली आईपीएल इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उन्होंने 260 से ज्यादा मैचों में 8600 से अधिक रन बनाए हैं और वह इस लीग के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उनका सबसे यादगार सीजन 2016 रहा, जब उन्होंने 973 रन बनाए थे, जो आज भी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। उस सीजन में उन्होंने चार शतक भी जड़े थे, जो किसी एक संस्करण में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा हैं। कोहली के नाम आईपीएल में कुल 8 शतक दर्ज हैं, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा शतक हैं। इसके अलावा उन्होंने 63 अर्धशतक भी लगाए हैं, जिससे वह सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। RCB का शुरुआती शेड्यूल 28 मार्च: बनाम सनराइजर्स हैदराबाद- एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु 5 अप्रैल: बनाम चेन्नई सुपर किंग्स- बेंगलुरु 10 अप्रैल: बनाम राजस्थान रॉयल्स- गुवाहाटी 12 अप्रैल: बनाम मुंबई इंडियंस- मुंबई  

सस्ती यात्रा की दिशा में बड़ा कदम: भारतीय रेलवे ने बढ़ाए नॉन-एसी कोच, 45% तक छूट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए नॉन-एसी जनरल और स्लीपर कोच की संख्या बढ़ा रहा है। सरकार के अनुसार, किराए को कम रखने के लिए प्रति यात्री औसतन करीब 45 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, कुल कोचों में करीब 70 प्रतिशत जनरल और स्लीपर क्लास के हैं। इसके अलावा, 2024-25 में लगभग 1,250 नए जनरल कोच जोड़े गए हैं और 2025-26 में करीब 860 और कोच जोड़े जाने की योजना है। रेलवे हर साल यात्रियों को करीब 60,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी देता है। वहीं, मुंबई जैसे उपनगरीय इलाकों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि माल ढुलाई (फ्रेट) में भी बड़ा इजाफा हुआ है। यह 2013-14 के 1,055 मिलियन टन से बढ़कर अब लगभग 1,650 मिलियन टन हो गया है, जिससे भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फ्रेट कैरियर बन गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे का विद्युतीकरण तेजी से बढ़ा है और अब लगभग 47,000 किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई हो चुका है, यानी नेटवर्क का 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बिजली से चल रहा है। ट्रैक निर्माण में भी तेजी आई है। पहले जहां करीब 15,000 किलोमीटर ट्रैक बनाए गए थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 35,000 किलोमीटर हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से भी रेलवे ने बड़ा काम किया है। रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) की संख्या करीब 4,000 से बढ़कर 14,000 हो गई है। वहीं, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग 1,500 किलोमीटर से बढ़कर 4,000 किलोमीटर से ज्यादा हो गई है। रेल मंत्री ने बताया कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके तहत ट्रैक और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) की मेंटेनेंस, नई तकनीक और कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएचबी कोच (ज्यादा सुरक्षित कोच) की संख्या तेजी से बढ़ी है और हाल के वर्षों में करीब 48,000 कोच जोड़े गए हैं। इसके अलावा, लोकोमोटिव (इंजन) की संख्या करीब 12,000 तक पहुंच गई है और वैगन (माल ढुलाई डिब्बे) की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है। सरकार ने परियोजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत सिस्टम बनाया है। रेल मंत्री ने बताया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) में भी तेजी से काम हुआ है। अब तक करीब 2,800 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार हो चुका है, जहां रोजाना लगभग 480 मालगाड़ियां चल रही हैं।

‘भयमुक्त प्रदेश बना यूपी’— 9 साल पूरे होने पर Yogi Adityanath ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं। उन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था। सीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में खुलेंगी कृषि यंत्र की दुकानें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हरदा जिले ने विकास के हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है। हरदा जिले में शत-प्रतिशत कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा विकसित हो चुकी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने जन कल्याण के लिए 4 विशेष श्रेणियां – गरीब, किसान, युवा और नारी कल्याण तय की हैं। राज्य सरकार इन सभी श्रेणियों सहित प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी ध्यान में रखकर काम कर रही है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से युवाओं को रोजगार दिलाने वाला राज्य है। दूसरी ओर लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की सौगात दी जा रही है। अगर बहनें रोजगार आधारित उद्योग में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिलाये जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का अपना अलग सम्मान है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सांदीपनि विद्यालय स्थापित कर रही है। हरदा को तीन सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। बच्चों को नि:शुल्क किताबें, साइकिल और दूध के पैकेट बांटे जा रहे हैं। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हमारी सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के संकल्प से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हरदा में कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केन्द्रित राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा जिले के लिए करीब 232 करोड़ रुपए के 41 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 199 करोड़ रुपए लागत के 36 कार्यों का लोकार्पण एवं 32 करोड़ रुपए लागत के 5 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से उन्नत कृषि यंत्रों से खेती कर उत्पादन बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्र की दुकाने (कस्टम हायरिंग सेन्टर) खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की बहनों को चेक, किसानों को ड्रिप सिंचाई किट, नरवाई प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण के लिए हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हलधर भगवान बलराम प्रदेश के किसान भाइयों के आदर्श हैं। राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष मनाने की शुरुआत की है। खेती के साथ, बागवानी और पशुपालन के प्रोत्साहन पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। हरदा के किसानों के पास अब केज कल्चर से मत्स्य उत्पादन से लाभ कमाने का भी अवसर है। राज्य सरकार किसानों को गेहूं का उचित दाम दिलवाने के लिए संकल्पित है। इस वर्ष 40 रुपए का बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। बहुत जल्द हम प्रदेश के किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नरवाई का समुचित प्रबंधन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसान भाई इससे जुड़ें। किसान नरवाई न जलाएं, इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता प्रभावित होने लगती है। प्राकृतिक खेती के उत्पादों को मंडी में बेचने के लिए विशेष प्रबंधन किए जा रहे हैं। लघु किसानों को उन्नत कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए दुकानें खोलने का निर्णय लिया है। किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसान सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरवाई प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार करते हुए हमने गौशालाओं को नरवाई से भूसा तैयार करने के लिए यंत्र उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 रुपए प्रति गौमाता से बढ़ाकर 40 रुपए किया है। प्रदेश में गौशाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। आज प्रदेश के 11 शासकीय विश्वविद्यालय और 20 अन्य कॉलेजों में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के कोर्स शुरू किए गए हैं। इसकी शुरुआत उज्जैन से की गई है। हरदा के कृषक भी बड़े पैमाने पर कृषि उद्योग लगाने के लिए आगे आएं। खेत से लेकर कारखाने तक सभी निर्माण कार्य और सुविधाएं देने के लिए सरकार तैयार है। किसान भाइयों को इसके लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। पीकेसी परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में 55 लाख से अधिक सिंचाई का रकबा हो चुका है। पिछले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ा है। आगामी 5 साल में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। नील गाय जैसे जानवरों से फसल को बचाने के लिए वन विभाग समुचित प्रबंधन कर रहा है। उन्होंने कहा कि श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्वास के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर अब आगामी 25 मार्च को जंगली भैंसे भी हमारे वनों की शोभा बढ़ाने वाले हैं। खेल एवं सहकारिता मंत्री तथा हरदा जिले के प्रभारी मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हर क्षेत्र में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए 17 विभागों को एक साथ जोड़ा है। कृषक कल्याण वर्ष में किसान भाइयों को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। हमारा लक्ष्य खेती से अधिक से अधिक लाभ दिलवाना है। किसानों की फसलों को उचित मूल्य देने के लिए समर्थन मूल्य और भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारा प्रदेश स्वर्णिम बनने की दिशा में अग्रसर है। सरकार खेत और किसान को मजबूती प्रदान कर रही है। हमने सहकारिता विभाग में 75 पदों पर नए सहकारिता निरीक्षकों की भर्ती की है।   पूर्व मंत्री  कमल पटेल ने कहा कि प्रदेश के लाड़ले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। हरदा जिले की कृषि मंडी एक आदर्श मंडी है, जिले … Read more

टीम इंडिया में बदलाव की आहट? रोहित-विराट की रिटायरमेंट पर अश्विन का खुलासा

नई दिल्ली भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने रिटायरमेंट और टीम मैनेजमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोच गौतम गंभीर को लगता है कि सीनियर खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए, तो यह टीम के हित में सही फैसला हो सकता है। अश्विन का यह बयान उनके करियर के अंत और टीम में बदलाव को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। अचानक रिटायरमेंट ने चौंकाया रविचंद्रन अश्विन ने दिसंबर 2024 में भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज के दौरान अचानक संन्यास का ऐलान किया था।ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद उनका यह फैसला पूरे क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला था। वह उस समय शानदार फॉर्म में थे और कई रिकॉर्ड्स तोड़ने के करीब भी थे। फिर भी उन्होंने अपने करियर को अपने फैसले के अनुसार खत्म करने का निर्णय लिया। खुद लिया फैसला, कोई पछतावा नहीं अश्विन ने कहा कि निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम कॉम्बिनेशन में लगातार बदलाव और मौका न मिलना इस फैसले की बड़ी वजह थी। उनके मुताबिक, जब उन्हें लगा कि अब टीम में उनकी जगह स्थायी नहीं है, तो उन्होंने पीछे हटना बेहतर समझा। उन्होंने यह भी कहा कि वह वापसी के लिए इंतजार करने वालों में से नहीं हैं। कोच के फैसले पर खुलकर बोले रविचंद्रन अश्विन ने कोच गौतम गंभीर का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोच का काम टीम के लिए सही फैसले लेना होता है, चाहे उसमें बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना ही क्यों न शामिल हो। अश्विन ने साफ कहा कि अगर गंभीर को लगा कि उन्हें, विराट कोहली या रोहित शर्मा को आगे बढ़ना चाहिए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। यह टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला हो सकता है। ‘ईगो छोड़ना जरूरी’ अश्विन ने अपने बयान में ईगो (अहम) को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने माना कि क्रिकेट में मिलने वाली लोकप्रियता कभी-कभी खिलाड़ियों को खुद को अजेय समझने पर मजबूर कर देती है। लेकिन अगर खिलाड़ी अपने अहम को अलग रखे, तो चीजें साफ नजर आती हैं। अश्विन के मुताबिक, वह खुद भी लगातार अपने ईगो को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।  

हर घर जल के लक्ष्य पर उइके का बयान, सामुदायिक जिम्मेदारी से मिलेगी सफलता

भोपाल लोक स्वास्थय यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, अब आवश्यक इसकी वास्तविक सफलता योजनाओं के नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक संचालन में निहित है। सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जब मिशन प्रारंभ हुआ था तब प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी, वर्तमान 74 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुँच चुका है। शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्रदेश में 27 हजार 990 से अधिक योजनाएँ स्वीकृत हुईं और अधिकांश योजनाएँ पूर्णता की अवस्था में हैं। मंत्री  उइके ने बुधवार को जल भवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय “जल-मंथन – पानी से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” कार्यशाला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ उसके दीर्घकालिक संचालन एवं संधारण पर अपने विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रशासनिक, तकनीकी तथा सामुदायिक स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंत्री  उइके ने कहा कि संचालन एवं संधारण केवल विभागीय दायित्व नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत, जल समिति और समुदाय की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण व्यवस्थित नहीं होगा, विद्युत देयक समय पर जमा नहीं होंगे, मोटर-पंप और पाइपलाइन का रखरखाव नियमित नहीं होगा, तो निर्मित संरचना टिकाऊ नहीं रह पाएगी। मंत्री  उइके ने कहा जल जीवन मिशन के संचालन संधारण का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते हुए ग्रामीणों को सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जन-जन को इससे जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन-2.0 में मध्यप्रदेश को 19 हजार करोड़ केन्द्र सरकार से मिलेंगे, जिससे जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण किया जायेगा। हर घर नल से जल की आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों के समय की बचत हुई है, जिससे उनका समय अन्य सकारात्मक कार्यों में लगने से गाँव में प्रगति हुई है। साथ ही बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं। प्रदेश के जल महोत्सव की पूरे देश में प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने जल गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में फील्ड टेस्ट किट का उपयोग नियमित रूप से किया जाए। प्रयोगशाला परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ हो। मंत्री  उइके ने कहा कि सुरक्षित जल आपूर्ति ही मिशन की आत्मा है। स्रोत स्थिरता को अगले चरण की केंद्रीय प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएँ आने वाले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टिकाऊ रूप में संचालित करने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, समूह एवं एकल ग्राम नलजल योजनाएँ और गुणवत्ता निगरानी तंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि संचालन एवं संधारण की संस्थागत मजबूती से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, जिला स्तरीय समीक्षा, तकनीकी निरीक्षण, वित्तीय अनुशासन और शिकायत निवारण तंत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण और जल समितियों की क्षमता वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है।  उइके ने कहा कि तकनीकी दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी से ही योजनाएँ दीर्घकाल तक सफल रह सकती हैं। खरगोन कलेक्टर सु भव्या मित्तल ने जल जीवन मिशन के सुचारू संचालन एवं संधारण का व्यवहारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद की चुनौतियाँ अधिक जटिल होती हैं। प्रमाणन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, परंतु उसकी निरंतरता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सामने लाना और ग्रामीणों से चर्चा और जागरूकता से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत स्पष्टता, नियमित राजस्व संग्रहण, पारदर्शी लेखा प्रणाली और सतत तकनीकी निगरानी से हर घर नल से जल आपूर्ति निर्बाध रूप से होती है।। मंत्री  उइके ने राज्य स्तरीय “जल सेवा रत्न” सम्मान समारोह में एकल ग्राम एवं समूह ग्राम नलजल योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, पंप ऑपरेटरों और ग्राम प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यशाला में “नलजल योजना में युवा नेतृत्व एवं नवाचार” विषय पर युवा हैकाथॉन आयोजित हुआ, जिसमें भोपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की चयनित टीमों ने भाग लिया। पंचायत प्रतिनिधि संवाद में योजना प्रबंधन, जल शुल्क निर्धारण, स्रोत संरक्षण और ग्राम स्तरीय निगरानी व्यवस्था पर विचार रखे गए। महिला प्रतिनिधियों ने संचालन, राजस्व प्रबंधन और गुणवत्ता परीक्षण में अपनी भूमिका और अनुभव साझा किये। “जल-वाणी” विषयक पैनल चर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय बोलियों में जल साक्षरता के प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम के राज्य स्तरीय अधिकारी, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री, गुणवत्ता मॉनिटरिंग अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य, सरपंच, पंप ऑपरेटर, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंत्री  उइके ने कार्यशाला में उपस्थित जन समूह को सुरक्षित, नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।  

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