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समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी

पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को प्रदान की नई ऊंचाइयां: सीएम योगी  लोकप्रिय राजनेता व कुशल प्रशासक थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री  समाज के हर तबके व देश की समृद्धि के लिए अनेक कार्य किए बहुगुणा जी ने: सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।  समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

जीवन की कठिनाइयाँ, रिश्तों की कसौटी और बदलता समाज

जीवन की कठिनाइयाँ, रिश्तों की कसौटी और बदलता समाज मनुष्य की यात्रा का एक गहरा सच मनुष्य का जीवन एक लंबी और जटिल यात्रा है। इस यात्रा में कभी उजाले के दिन आते हैं तो कभी अंधेरी रातें। कभी लगता है कि संसार हमारे साथ खड़ा है, और कभी ऐसा भी समय आता है जब भीड़ के बीच भी मनुष्य स्वयं को अकेला महसूस करता है। यही जीवन का स्वभाव है, यही उसका सत्य है। जब एक मनुष्य जन्म लेता है, तब उसके पास कोई पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति नहीं होती। उसके पास केवल संबंध होते हैं। मां का स्नेह, पिता का संरक्षण, परिवार का साथ और समाज की गोद। यही वे आधार होते हैं जिन पर मनुष्य का व्यक्तित्व धीरे धीरे आकार लेता है। समय के साथ जीवन आगे बढ़ता है। बचपन से युवावस्था, युवावस्था से परिपक्वता और फिर वृद्धावस्था तक का सफर अनेक अनुभवों से भरा होता है। इस यात्रा में मनुष्य कई लोगों से मिलता है। कुछ लोग क्षणिक रूप से जीवन में आते हैं और चले जाते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो मन की गहराइयों में अपनी स्थायी जगह बना लेते हैं। जीवन के शुरुआती वर्षों में मनुष्य सपनों से भरा होता है। उसके मन में भविष्य को लेकर उत्साह होता है। उसे लगता है कि दुनिया उसके लिए खुली हुई है और हर रास्ता उसके लिए संभावनाओं से भरा हुआ है। इस समय उसके आसपास मित्रों की भीड़ होती है। रिश्तेदारों का स्नेह मिलता है। समाज भी उसे आशा की दृष्टि से देखता है। धीरे धीरे जीवन का वास्तविक स्वरूप सामने आने लगता है। जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। संघर्ष बढ़ते हैं। जीवन की राहें उतनी सरल नहीं रह जातीं जितनी बचपन में प्रतीत होती थीं। यही वह समय होता है जब मनुष्य को समझ में आता है कि जीवन केवल उत्सव नहीं है, यह एक परीक्षा भी है। जीवन में ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब मनुष्य को सफलता मिलती है। जब उसकी मेहनत रंग लाती है। जब लोग उसकी प्रशंसा करते हैं। जब समाज उसे सम्मान की दृष्टि से देखता है। ऐसे समय में मनुष्य के आसपास लोगों की संख्या भी बढ़ जाती है। मित्रों का दायरा बड़ा हो जाता है। कई लोग उसके साथ जुड़ना चाहते हैं। लेकिन जीवन का पहिया हमेशा एक दिशा में नहीं घूमता। समय बदलता है और परिस्थितियां भी बदल जाती हैं। कभी व्यापार में कठिनाई आ जाती है, कभी आर्थिक संकट सामने खड़ा हो जाता है, कभी स्वास्थ्य साथ नहीं देता और कभी समाज की परिस्थितियां भी मनुष्य के लिए चुनौती बन जाती हैं। ऐसे समय में मनुष्य को एक अलग ही अनुभव होता है। वह देखता है कि जो लोग कभी उसके बहुत करीब दिखाई देते थे, उनमें से कई धीरे धीरे दूर होने लगते हैं। जिन लोगों के साथ कभी हर दिन बातचीत होती थी, वे अचानक व्यस्त हो जाते हैं। जिनके साथ कभी घंटों बैठकर बातें होती थीं, वे मिलने से बचने लगते हैं। कभी कभी तो यह स्थिति इतनी गहरी हो जाती है कि लगता है जैसे लोग किसी की शक्ल तक देखना नहीं चाहते। यही वह क्षण होता है जब मनुष्य को जीवन का सबसे कठोर सत्य समझ में आता है। रिश्तों की वास्तविकता अक्सर कठिन समय में ही सामने आती है। जब सब कुछ ठीक होता है, तब रिश्ते बहुत सहज और मजबूत दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही परिस्थितियां बदलती हैं, वैसे ही कई रिश्तों की परतें भी खुलने लगती हैं। यह कहना उचित होगा कि जीवन में हर रिश्ता एक समान नहीं होता। कुछ रिश्ते केवल सुविधा पर आधारित होते हैं। कुछ रिश्ते परिस्थिति पर आधारित होते हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं जो समय और कठिनाइयों की कसौटी पर भी टिके रहते हैं। ऐसे रिश्ते बहुत कम होते हैं, लेकिन वही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति बन जाते हैं। समाज की संरचना भी इसी प्रकार के संबंधों पर आधारित होती है। जब समाज में विश्वास, सहयोग और संवेदनशीलता का भाव मजबूत होता है, तब समाज स्थिर और मजबूत बनता है। लेकिन जब रिश्तों में स्वार्थ बढ़ने लगता है और संवेदनशीलता कम होने लगती है, तब समाज के ताने बाने में भी दरारें आने लगती हैं। आज का समय बहुत तेज गति से बदल रहा है। तकनीक ने जीवन को सरल भी बनाया है और जटिल भी। संचार के साधन बढ़ गए हैं, लेकिन संवाद की गहराई कहीं न कहीं कम होती जा रही है। लोग एक दूसरे से जुड़े तो दिखाई देते हैं, लेकिन उनके बीच भावनात्मक दूरी भी बढ़ती जा रही है। आज के समाज में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने की दौड़ में लगा हुआ है। इस दौड़ में कई बार मनुष्य अपने आसपास के लोगों की भावनाओं को समझने का समय नहीं निकाल पाता। यही कारण है कि आज रिश्तों में वह सहजता और स्थायित्व कम दिखाई देता है जो पहले हुआ करता था। पहले समाज में यह परंपरा थी कि सुख हो या दुख, लोग एक दूसरे के साथ खड़े रहते थे। एक व्यक्ति की परेशानी पूरे समाज की चिंता बन जाती थी। लेकिन आज परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। लोग अधिक आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं। यह परिवर्तन केवल समाज की संरचना का परिणाम नहीं है, बल्कि जीवन की बदलती प्राथमिकताओं का भी परिणाम है। फिर भी यह कहना गलत होगा कि आज के समय में रिश्तों का महत्व समाप्त हो गया है। वास्तव में आज भी मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता संबंधों की ही होती है। चाहे वह परिवार हो, मित्र हों या समाज, मनुष्य अकेले जीवन नहीं जी सकता। कठिन समय मनुष्य को बहुत कुछ सिखाता है। यह उसे यह समझने में मदद करता है कि वास्तव में उसके जीवन में कौन लोग महत्वपूर्ण हैं। जो लोग कठिन समय में भी साथ खड़े रहते हैं, वही जीवन के सच्चे साथी होते हैं। ऐसे लोग बहुत अधिक नहीं होते, लेकिन वही जीवन की असली पूंजी होते हैं। जीवन की कठिनाइयां मनुष्य को मजबूत भी बनाती हैं। जब मनुष्य संघर्ष से गुजरता है, तब वह अपने भीतर की शक्ति को पहचानता है। वह समझता है कि जीवन केवल बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं … Read more

सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में

कालाबाजारी पर मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई, 5813 जगहों पर पड़े छापे कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों एवं 74 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कार्रवाई के दौरान 11 गिरफ्तार एवं 85 व्यक्तियों के खिलाफ हुई अभियोजन की कार्रवाई सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में खाद्यायुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित लखनऊ  प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 से 17 मार्च तक पूरे प्रदेश में 5813 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 74 एफआईआर दर्ज हुई हैं। कार्रवाई के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। यह अभियान लगातार जारी है और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में है। प्रदेश के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां बुकिंग के सापेक्ष उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भारत सरकार द्वारा कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति भी दी गई है, जिससे बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है और सामने आ रही समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर उन्हें सक्रिय रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति न बनने पाए और उपभोक्ताओं को समय से आवश्यक ईंधन उपलब्ध होता रहे। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह सतत निगरानी प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

रंगों में बसी एकता की भावना, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने होली मिलन समारोह में की शिरकत

रंगों में घुला समरसता का संदेश: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होली मिलन समारोह में हुए शामिल रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने   कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री  खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक  किरण देव,  मोतीलाल साहू,  अनुज शर्मा, रायपुर महापौर मती मीनल चौबे, धमतरी महापौर  रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा: रींवा-रायपुर हवाई मार्ग से तेज होगा विकास

रींवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ेगी विकास की रफ्तार: उपमुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल रींवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ी नजदीकियां उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल का छत्तीसगढ़ दौरा रायपुर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल दो दिवसीय प्रवास पर आज शाम रायपुर पहुंचें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल अपने प्रवास के यहां कई धार्मिक, सामाजिक और शिष्टाचार भेंट कार्यक्रमों में शामिल होंगे।       आज शाम रायपुर पहुंचने के बाद उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात वे क्वींस क्लब में विंध्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।     उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए शुरू हुई हवाई सेवा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों और रेल सेवाओं का बेहतर होना जरूरी है। इससे पहले रीवा से दिल्ली और इंदौर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रीवा से दुर्ग तक ट्रेन सेवा जल्द शुरू करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का भरोसा दिलाया।      कार्यक्रम में विंध्याचल कल्याण सर्व समाज द्वारा  शुक्ल का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। विधायक  किरण सिंहदेव ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू होना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आवागमन आसान हो गया है।      ज्ञात हो कि उपमुख्यमंत्री  शुक्ल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को वे सुबह 11.15 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके निवास (स्पीकर हाउस) में सौजन्य भेंट करेंगे। इसके पहले वे नालंदा परिसर का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 12.05 बजे पहुंना गेस्ट हाउस में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों से मुलाकात कर क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।       कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, रीवा के पूर्व विधायक  के.पी. त्रिपाठी, समाज के संरक्षक  शंकर सिंह गहरवार, अध्यक्ष  कल्याण प्रसाद पांडेय, डॉ. व्यास मुनि द्विवेदी,  मधुकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रातों-रात इंदौर में हुआ भयावह हादसा, आग में जलकर 8 की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इंदौर  इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र के छोटा राजवाड़ा के पास प्रीति नगर में एक घर में भीषण आग लई। इस हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में आग लगने के बाद वह फैलते हुए पूरे घर को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर से अभी तक 8 लाशें निकाली गई हैं। एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जानकारी दी है। इंदौर शहर के छोटा राजवाड़ा क्षेत्र स्थित प्रीति नगर में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तिलक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस हादसे में एक कार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। कार में लगी आग तेजी से फैलती हुई पूरे घर तक पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में मकान धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। कैसे लगी आग दरअसल, पुगलिया परिवार में यह लाशें बिछी हैं. इस परिवार ने घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया था. मंगलवार रात से ईवी की चार्जिंग चल रही थी. चार्ज में लगाकर सभी सो गए थे. अचानक बुधवार तड़के तीन-चार बजे के आसपास चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया. इलेक्ट्रिक कार तुरंत आग का गोला बन गई. आग तेजी से घर की ओर फैल गई और घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद जो धमाके हुए, उसका शोर पूरे इंदौर शहर में सुनाई दिया। कैसे धमाकों से दहला इंदौर जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे। 8 लोग जिंदा जलकर मरे बहरहाल, इस हादसे में अब तक 8  लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है। प्रशासन मौके पर मौजूद इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर का विस्फोट मुख्य कारण लग रहा है. इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में भी आग लगने की आशंका जताई जा रही है. पूरे मामले की जांच चल रही है. इंदौर के लोग इस हादसे से काफी सदमे में हैं।

चाय और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का डर, LPG की किल्लत से महंगे हो सकते हैं दाम

नई दिल्ली ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत देखने को मिल रही है. कई जगह लोगों को लंबी लाइनों में लगकर महंगे दाम पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. एलपीजी की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों तक पहुंच गया है. चाय बेचने वालों ने भी चाय की कीमत 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये कर दी है. यह संकट सिर्फ रेस्टोरेंट और होटल तक सीमित नहीं है, बल्कि दूध के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। पहले गल्फ देशों से 85-90 प्रतिशत एलपीजी आती थी, लेकिन अब आयात पर संकट आ गया है. जिससे घरेलू गैस के साथ-साथ इंडस्ट्रीज को भी मार पड़ रही है. रेस्टोरेंट, होटल पहले से परेशान थे और अब डेयरी वाले भी इसकी मार खा रहे हैं. डेयरी उद्योग में एलपीजी का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. दूध को पाश्चराइजेशन (खास तापमान पर गर्म करके बैक्टीरिया मारना) के लिए बड़ी मात्रा में गैस चाहिए. बिना नियमित गैस के दूध जल्दी खराब हो सकता है. छोटे-मध्यम डेयरी प्लांट्स को यह समस्या सबसे ज्यादा झेलनी पड़ रही है. महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कई डेयरी मालिकों ने बताया कि गैस न मिलने से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काम में रुकावट आ रही है. इससे दूध की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। मुश्किल में पड़ी दूध की पैकेजिंग इस इंडस्ट्री में सबसे बड़ी समस्या पैकेजिंग की है. दूध के प्लास्टिक पैकेट और कार्टन बनाने वाली फैक्टरियां भी एलपीजी पर निर्भर हैं. इन फैक्टरियों को पर्याप्त गैस नहीं मिल रही, इसलिए प्रोडक्शन धीमा हो गया है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गोवर्धन डेयरी के फाउंडर देवेंद्र शाह ने कहा, “हमारे पास अभी सिर्फ 10 दिन का पैकेजिंग मटेरियल स्टॉक बचा है. अगर सप्लाई जल्द नॉर्मल नहीं हुई तो दूध सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा.” चेंबूर के सुरेश डेयरी के मैनेजर शरीब शेख ने भी चेतावनी दी, “अगले 10 दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री बड़े संकट में फंस सकती है। दूध स्टोर करने की क्षमता कम इसके अलावा मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके सिंह के अनुसार, हाल ही में भैंस के दूध के तीन बड़े ऑर्डर रद्द हुए. छोटी डेयरियों के पास दूध स्टोर करने की क्षमता नहीं है. इसलिए वे गाय और भैंस का दूध कम कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं. यह संकट सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है. देश के कई हिस्सों में डेयरी ऑपरेटर्स इसी तरह की शिकायतें कर रहे हैं. होटल और रेस्टोरेंट पहले से दूध के ऑर्डर कम कर रहे हैं. अगर पैकेजिंग रुक गई तो दुकानों पर दूध के पैकेट कम मिलेंगे. इससे आम लोग प्रभावित होंगे, खासकर शहरों में जहां लोग पैकेज्ड मिल्क पर निर्भर हैं. गांवों में जहां ढीला दूध बिकता है, वहां भी प्रोसेसिंग प्रभावित हो सकती है। डेयरी मालिकों की मांग क्या है? डेयरी मालिकों की मांग है कि कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्राथमिकता से बढ़ाई जाए. उनका कहना है कि दूध एक जरूरी चीज है, इसे संकट में नहीं छोड़ना चाहिए. अगर 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो दूध की कीमतें बढ़ सकती हैं या उपलब्धता कम हो सकती है. कुछ जगहों पर किसान बायोगैस जैसे विकल्प अपना रहे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर यह मुश्किल है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और 60% एलपीजी आयात करता है. पहले भारत का बड़ा हिस्सा तेल, गैस और एलपीजी सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था. लेकिन ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है. हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से तेल खरीदकर कच्चे तेल की सप्लाई कुछ हद तक संभाली है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों के लिए गैस की सप्लाई कम कर दी गई है और होटल-रेस्तरां जैसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए एलपीजी में भी कटौती की गई है। यह संकट अस्थायी है, लेकिन इसका असर आम आदमी तक पहुंच रहा है. पहले रेस्टोरेंट में एक्स्ट्रा चार्ज लगे, अब दूध पर खतरा मंडरा रहा है. सरकार को जल्द कदम उठाने होंगे ताकि दूध जैसी बेसिक चीज प्रभावित न हो।

सोसाइटी लिफ्ट में महिला का प्राइवेट वीडियो हुआ वायरल, हिडेन कैमरा पहचानने के तरीके

मुंबई मुंबई के अंधेरी में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. एक 36 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि की लिफ्ट में लगे CCTV का एक निजी वीडियो अचानक वायरल हो गया।  रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला लिफ्ट में एक व्यक्ति के साथ थी और दोनों को यह पता नहीं था कि कैमरा उनकी रिकॉर्डिंग कर रहा है. बाद में यह वीडियो किसी ने CCTV बैकअप सिस्टम से निकालकर सोसाइटी और सोशल मीडिया में फैलाना शुरू कर दिया, जिसके बाद महिला को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।  पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि CCTV सिस्टम तक पहुंच रखने वाले व्यक्ति ने ही बैकअप से वीडियो निकाला और उसे शेयर किया. इस मामले में IT एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. CCTV की सिक्योरिटी पर सवाल यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं है. यह एक बड़ा सवाल भी उठाती है कि आज के समय में जब हर जगह कैमरे लगे हैं, तो हमारी प्राइवेसी कितनी सुरक्षित है. CCTV या कैमरा सिस्टम सुरक्षित तरीके से मैनेज नहीं किया जाए तो उसका गलत इस्तेमाल बहुत आसानी से हो सकता है. कई बार छोटी गलती जैसे सॉफ्टवेयर अपडेट ना करने की वजह से भी कैमरा हैक हो सकता है.  होटल और ट्रायल रूम में हिडेन कैमरा का खतरा आजकल होटल, ट्रायल रूम, चेंजिंग रूम और रेंटल अपार्टमेंट में छिपे कैमरों की खबरें भी सामने आती रहती हैं. टेक्नोलॉजी छोटी और सस्ती होने की वजह से ऐसे स्पाई कैमरे बनाना आसान हो गया है जिन्हें स्मोक डिटेक्टर, चार्जर, घड़ी, एयर वेंट या दीवार के छोटे छेद में छिपाया जा सकता है. कई बार लोग सोचते हैं कि चेंजिंग रूम या ट्रायल रूम पूरी तरह सुरक्षित जगह है. लेकिन अगर समय समय पर ट्रायल रूम और होटल के लीक्ड फुटेज की खबरें आती रहती हैं. कैसे पता लगाएं हिडेन कैमरा कहां है?  ऐसे में सबसे पहला सवाल यही है कि किसी कमरे में छिपा कैमरा है या नहीं, यह कैसे पहचाना जाए?  कमरे में घुसते ही सबसे पहले आसपास की चीजों को ध्यान से देखना जरूरी है. अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अजीब जगह लगा हुआ है या किसी चीज में छोटा गोल छेद दिखाई देता है तो उस पर ध्यान देना चाहिए. स्पाई कैमरे अक्सर ऐसी जगहों पर लगाए जाते हैं जहां से पूरा कमरा दिखाई दे सके, जैसे दीवार के कोने, छत के पास लगे डिवाइस या स्मोक डिटेक्टर. मोबाइल फोन से पता करें मोबाइल फोन भी छिपे कैमरे पहचानने में मदद कर सकता है. अगर कमरे की लाइट बंद करके मोबाइल की टॉर्च दीवारों और उपकरणों पर डाली जाए तो कैमरे का लेंस अक्सर रोशनी को रिफ्लेक्ट करता है. अगर कहीं छोटा सा चमकता हुआ बिंदु दिखाई दे तो वहां कैमरा हो सकता है. कुछ स्पाई कैमरे इन्फ्रारेड लाइट का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे कम रोशनी में भी रिकॉर्डिंग कर सकें. यह रोशनी इंसानी आंख से दिखाई नहीं देती लेकिन मोबाइल कैमरा उसे पकड़ सकता है. अगर मोबाइल कैमरे से कमरे को स्कैन किया जाए और स्क्रीन पर कहीं छोटी चमकती रोशनी दिखे तो वहां कैमरा हो सकता है. WiFI स्कैनिंग से भी जान सकते हैं इसके अलावा कई कैमरे इंटरनेट से जुड़े होते हैं. ऐसे में अगर आप कमरे के WiFi नेटवर्क से जुड़े हैं तो नेटवर्क स्कैनिंग ऐप से यह देखा जा सकता है कि कितने डिवाइस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. अगर कोई संदिग्ध डिवाइस दिखाई दे तो सावधान रहने की जरूरत होती है. एक और तरीका है कमरे के शीशों की जांच करना. कई बार टू-वे मिरर का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें एक तरफ से आईना दिखाई देता है लेकिन दूसरी तरफ से कमरे के अंदर देखा जा सकता है. ऐसे शीशे की पहचान करने के लिए लोग उंगली टेस्ट भी करते हैं. सिक्योरिटी बेहद जरूरी हालांकि सिर्फ छिपे कैमरे ही खतरा नहीं हैं. कई बार कैमरे तो सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं लेकिन बाद में उनकी रिकॉर्डिंग का गलत इस्तेमाल किया जाता है. अंधेरी का मामला इसी बात का उदाहरण है जहां एक निजी पल CCTV में रिकॉर्ड हुआ और फिर सिस्टम से निकालकर वायरल कर दिया गया. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि CCTV सिस्टम को ठीक से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. अगर बैकअप सर्वर या रिकॉर्डिंग सिस्टम तक बहुत ज्यादा लोगों की पहुंच हो तो फुटेज चोरी या लीक होने का खतरा बढ़ जाता है. स्पाई कैम का खतरा होने पर तुरंत रिकॉर्ड कर लें अगर किसी जगह आपको स्पाई कैमरा होने का शक हो तो उसे तुरंत छेड़ना नहीं चाहिए. पहले उसकी फोटो या वीडियो रिकॉर्ड कर लें ताकि सबूत सुरक्षित रहे. इसके बाद होटल मैनेजमेंट, स्टोर स्टाफ या संबंधित लोगों को जानकारी दें. जरूरत पड़े तो पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है. आज के डिजिटल दौर में कैमरे सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, लेकिन अगर उनका गलत इस्तेमाल हो जाए तो वही कैमरे किसी की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. इसलिए चाहे होटल का कमरा हो, ट्रायल रूम हो या चेंजिंग रूम, कुछ मिनट का सावधानी भरा चेक कई बार आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकता है.

एमपी के 40 IAS अधिकारी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तैनात, आयोग ने भेजे ऑब्जर्वर

भोपाल  देश के विभिन्न राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश कैडर के 40 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को चुनाव आयोग द्वारा अलग-अलग राज्यों में प्रेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में तैनात किया गया है। इससे प्रदेश सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के कई वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस अधिकारियों को चुनावी प्रक्रिया की निगरानी के लिए तैनात किया गया है। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा करना, निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर नजर रखना होगी।  जिन राज्यों में इन अधिकारियों को प्रेक्षक बनाया गया है, उनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, केरला, पुडुचेंरी और आसाम शामिल हैं। इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है। मध्य प्रदेश से जिन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से प्रमुख सचिव संदीप यादव, जॉन किंग्सले, श्रीमन शुक्ला, स्वतंत्र कुमार सिंह, शिल्पा गुप्ता, सिबी चक्रवर्ती, अजय कटसेरिया, निधि निवेदिता, रोहित सिंह और अनुराग वर्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा राहुल फटिंग हरिदास, दीपक आर्य, हरहिका सिंह, आशीष भार्गव, अभिजीत अग्रवाल, दिलीप कुमार, वंदना वैद्य, सपना निगम, केवीएस चौधरी, मनीष सिंह, प्रबल सिपाहा, सौरव सुमन, अवि प्रसाद, सतेंद्र सिंह और बुद्धेश वैद्य सहित अन्य अधिकारी भी चुनाव ड्यूटी पर भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार सूची जारी होने के बाद कुछ अधिकारियों ने अपनी चुनावी ड्यूटी निरस्त कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। हालांकि अंतिम निर्णय चुनाव आयोग के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं, यह भी चर्चा है कि इनमें कई अधिकारी राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके चुनावी ड्यूटी पर जाने से विभागीय कामकाज की गति कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है।   

LPG सिलेंडर बुक करें घर बैठे, WhatsApp, ऐप और कॉल से होगी प्रक्रिया आसान, लंबी लाइन से मिलेगी राहत

नई दिल्ली अगर आपके घर में LPG सिलेंडर खत्म होने वाला है तो उसे बुक करने के लिए अब सिर्फ गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है. आजकल Indane, HP Gas और Bharat Gas तीनों कंपनियां कॉल, SMS, WhatsApp और मोबाइल ऐप जैसे कई तरीकों से सिलेंडर बुक करने की सुविधा देती हैं।  हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में LPG बुकिंग सिस्टम पर लोड बढ़ने की खबरें भी आई हैं, जिसकी वजह से ऐप और कॉल सर्विस में दिक्कतें भी देखी गईं.  ऐसे में अगर कॉल से बुकिंग नहीं हो पा रही है तो आप दूसरे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कॉल करके ऐसे करें LPG सिलेंडर बुक अगर आपके पास HP Gas कनेक्शन है तो आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से IVRS नंबर 88888 23456 पर कॉल करके सिलेंडर बुक कर सकते हैं. इसके अलावा 94936 02222 पर मिस्ड कॉल देकर भी बुकिंग की जा सकती है.  Bharat Gas के कस्टमर्स 77150 12345 या 77180 12345 नंबर पर कॉल करके LPG रिफिल बुक कर सकते हैं. वहीं Indane Gas यूजर्स 7718955555 नंबर पर कॉल या SMS के जरिए सिलेंडर बुक कर सकते हैं.  WhatsApp से भी हो जाती है LPG बुकिंग अब गैस सिलेंडर WhatsApp से भी आसानी से बुक किया जा सकता है. इसके लिए आपको अपनी गैस कंपनी का नंबर फोन में सेव करना होगा. लीडिंग कंपनियों के बुकिंग नंबर्स ये हैं:      Indane Gas WhatsApp: 75888 88824     HP Gas WhatsApp: 92222 01122     Bharat Gas WhatsApp: 1800 22 4344 WhatsApp पर इन नंबरों पर Hi या REFILL लिखकर मैसेज भेजना होता है. इसके बाद स्क्रीन पर आने वाले स्टेप्स को फॉलो करके सिलेंडर बुक किया जा सकता है.  मोबाइल ऐप से भी कर सकते हैं बुकिंग तीनों गैस कंपनियों की अपनी मोबाइल ऐप भी हैं.     Indane: IndianOil ONE ऐप     HP Gas: HP Gas ऐप     Bharat Gas: Hello BPCL ऐप इन ऐप्स में लॉगिन करने के बाद आप सिलेंडर बुकिंग, पेमेंट और डिलीवरी स्टेटस भी देख सकते हैं. ये ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. डाउनलोड करने के बाद लॉग LPG बुकिंग के नियम में भी हुआ बदलाव हाल ही में सरकार ने LPG सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा एक नियम भी बदला है. अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, पहले यह समय 21 दिन था. सरकार का कहना है कि यह फैसला सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बराबर पहुंचाने के लिए लिया गया है. ग्रामीण इलाकों में यह गैप और ज्यादा हो सकता है, जहां कुछ जगहों पर इसे 45 दिन तक बढ़ाया गया है.

महाकाल मंदिर के शिखर पर ब्रह्म ध्वज फहरेगा गुड़ी पड़वा पर, 2000 साल पुरानी परंपरा का पुनरुद्धार

उज्जैन  चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और गुड़ी पड़वा के अवसर पर 19 मार्च को श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर ब्रह्म ध्वज का आरोहण किया जाएगा। यह आयोजन लगातार दूसरे वर्ष किया जा रहा है। यह केवल ध्वजारोहण नहीं, बल्कि लगभग 2000 वर्ष पुरानी उस गौरवशाली परंपरा का पुनरुद्धार है, जिसकी शुरुआत सम्राट विक्रमादित्य के काल में हुई थी।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इस परंपरा को फिर से भव्य रूप दिया जा रहा है। विक्रमादित्य द्वारा प्रारंभ किया गया विक्रम संवत और ब्रह्म ध्वज की परंपरा भारत की सांस्कृतिक श्रेष्ठता और गौरव का प्रतीक मानी जाती है। ब्रह्म ध्वज की विशेषता विक्रमादित्य शोध संस्थान के निदेशक राम तिवारी के अनुसार ब्रह्म ध्वज शक्ति, साहस और चतुर्दिक विजय का प्रतीक है। केसरिया रंग के इस ध्वज की बनावट भी विशेष होती है। इसमें दो पताकाएं होती हैं, जो ध्वज के दोनों छोर पर स्थित रहती हैं। ध्वज के मध्य में सूर्य का चिन्ह अंकित होता है, जो तेज, ऊर्जा और विश्व विजय का प्रतीक माना जाता है। महिदपुर स्थित अश्विनी शोध संस्थान में आज भी वे प्राचीन मुद्राएं सुरक्षित हैं, जिन्हें सम्राट विक्रमादित्य ने इसी ब्रह्म ध्वज परंपरा को अमर बनाने के लिए जारी किया था। सम्राट विक्रमादित्य के काल में उज्जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता था। उस समय की मुद्राओं पर बने चिह्न बताते हैं कि उज्जैन को पृथ्वी का मध्य बिंदु माना जाता था। इन सिक्कों के एक पक्ष पर भगवान शिव सूर्यदंड लिए दिखाई देते हैं, जबकि दूसरे पक्ष पर प्लस (+) का चिन्ह बना होता है, जिसकी चारों भुजाओं पर गोले बने रहते हैं। यह प्रतीक दर्शाता है कि उज्जैन जल, थल और नभ तीनों मार्गों से विश्व से जुड़ा हुआ था। 65 वर्षों तक सुरक्षित रखा गया था ध्वज शोधपीठ के निदेशक राम तिवारी ने बताया कि विक्रम संवत ज्ञान, संस्कृति, विज्ञान और अनुसंधान का महापर्व है। विक्रम संवत के अवसर पर ब्रह्म ध्वज विभिन्न स्थानों पर फहराया जाएगा। मध्यप्रदेश में मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों और निजी स्थानों पर भी लोग स्वप्रेरणा से इस ध्वज को फहरा सकेंगे। उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर पर स्थापित यह ध्वज लंबे समय तक पंडित सूर्यनारायण व्यास के परिवार ने अपने पूजा स्थल पर लगभग 65 वर्ष तक सुरक्षित रखा था। उसी ध्वज से प्रेरणा लेकर वर्तमान ब्रह्म ध्वज का निर्माण किया गया है। 

Shani Gochar 2026: 21 मार्च को शनि के परिवर्तन से इन 3 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

 वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है. यह सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है, जो एक राशि में करीब ढाई साल तक रहता है. इसी वजह से इसका प्रभाव लंबे समय तक सभी 12 राशियों और दुनिया पर देखने को मिलता है. वर्तमान में शनि गुरु की राशि मीन में स्थित हैं और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं. अब 21 मार्च 2026, शनिवार को शाम 4 बजे शनि इसी नक्षत्र के तीसरे पद में प्रवेश करने जा रहे हैं. इस दौरान शनि अस्त अवस्था में रहेंगे, जिससे कुछ राशियों पर इसका असर खास तौर पर दिखाई दे सकता है. ज्योतिष के अनुसार, शनि का नक्षत्र पद परिवर्तन हर राशि के जीवन में बदलाव लाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन पर साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा चल रही हो. इस बार शनि की स्थिति बदलने से कुछ राशियों के जीवन में राहत और तरक्की के संकेत मिल रहे हैं. आइए जानते हैं किन राशियों को फायदा हो सकता है- मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शनि बारहवें भाव में मौजूद हैं और साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. ऐसे में शनि के नक्षत्र बदलने और अस्त होने से स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों में कमी आ सकती है. जो समस्याएं लंबे समय से चल रही थीं, उनमें सुधार देखने को मिल सकता है. साथ ही धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और किस्मत भी कुछ मामलों में साथ दे सकती है. कर्ज से राहत मिलने के संकेत भी नजर आ रहे हैं. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए शनि अष्टम भाव में स्थित हैं. यह भाव अचानक घटनाओं और उतार-चढ़ाव से जुड़ा होता है. लेकिन शनि के इस बदलाव से अब स्थिति बेहतर हो सकती है. नौकरी और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है. लंबे समय से चली आ रही चिंताएं कम हो सकती हैं और परिवार, खासकर संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है. नई नौकरी के मौके भी सामने आ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. धनु राशि धनु राशि के लिए शनि चौथे भाव में अस्त अवस्था में हैं और इस समय ढैय्या चल रही है. ऐसे में शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन से जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. व्यापार में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं और मानसिक तनाव कम हो सकता है. माता के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं. नौकरी करने वालों को फायदा मिल सकता है और मनचाही जगह ट्रांसफर होने के योग भी बन रहे हैं. साथ ही विरोधियों पर जीत हासिल करने में सफलता मिल सकती है.

गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम में, अन्य संभागों में 7 अप्रैल से शुरू होगी: खाद्य मंत्री राजपूत

इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल तथा शेष संभागों में 7 अप्रैल से होगी गेहूँ खरीदी : खाद्य मंत्री  राजपूत गेहूँ उपार्जन के लिये 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से तथा शेष संभागों में 7 अप्रैल से की जाएगी। गेहूँ की खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 से रात 8 बजे तक की जाएगी। उन्होंने बताया है कि सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये अतिरिक्त बोनस देने का भी फैसला लिया है। अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है। गत् वर्ष 15 लाख 44 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था। जिला इंदौर में 71713, झाबुआ में 7120, धार में 44466, अलीराजपुर में 476, खण्डवा में 35104, बुरहानपुर में 523, बड़वानी में 4724, खरगोन में 27557, शाजापुर में 73878, नीमच में 19445, उज्जैन में 123281, आगर-मालवा में 42446, मंदसौर में 65195, देवास में 76442, रतलाम, 45912, अशोक नगर में 16454, दतिया में 19118, शिवपुरी में 21312, ग्वालियर में 13763, गुना में 22914, भिण्ड में 12788, मुरैना में 10893, श्योपुर में 17617, डिण्डौरी में 4478, मण्डला में 19611, जबलपुर में 49642, कटनी में 52126, सिवनी में 53288, नरसिंहपुर में 38416, छिन्दवाड़ा में 29163, बालाघाट में 4383, पांढुर्णा में 863, नर्मदापुर में 71831, बैतूल में 18686, हरदा में 40273, भोपाल में 37129, रायसेन में 76264, विदिशा में 86479, सीहोर में 101793, राजगढ़ 98537, सीधी में 12813, सिंगरौली में 10970, महूगंज में 8018, सतना में 56376, मैहर में 19787, रीवा में 46923, अनुपपुर में 882, शहडोल में 9479, उमरिया में 13445, टीकमगढ़ में 15552, निवाड़ी में 4116, सागर में 75791, पन्ना में 30052, दमोह में 39938 और जिला छतपुर में 34378 किसानों ने पंजीयन कराया है।  

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के तीन दशक बाद भी यूनियन कार्बाइड संयंत्र का जहरीला कचरा कानूनी और पर्यावरणीय विवादों के केंद्र में है। सुप्रीम कोर्ट ने  इस कचरे को जलाने के बाद बची राख से पारे के संभावित रिसाव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता संगठन भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति को राहत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट की 20 साल पुरानी निगरानी का हवाला मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह संवेदनशील मामला पिछले दो दशकों से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में चल रहा है। बेंच ने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों और नई सामग्री के साथ हाईकोर्ट में आवेदन करना अधिक व्यावहारिक और उचित होगा। याचिका में दावा किया गया था कि कचरे के अवशेषों में भारी मात्रा में पारा हो सकता है, जो आसपास के भूजल और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। क्या है विशेषज्ञों की राय? सुनवाई के दौरान अदालत ने तकनीकी बारीकियों पर टिप्पणी करने से परहेज किया। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि जब विशेषज्ञ समितियों और निजी विशेषज्ञों की राय अलग-अलग हो, तो कोर्ट सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। याचिकाकर्ताओं ने डॉ. आसिफ कुरैशी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्रायल रन की पद्धति पर सवाल उठाए थे। यदि भविष्य में पारे के रिसाव से संबंधित कोई नई सामग्री या तकनीकी आपत्ति सामने आती है, तो याचिकाकर्ता हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि हाईकोर्ट इस मुद्दे पर जल्द विचार करेगा। क्या है पूरा मामला? यह मामला पीथमपुर (धार) स्थित ट्रीटमेंट प्लांट और भोपाल के यूनियन कार्बाइड परिसर से जुड़ा है। दिसंबर 2024 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक नोटिस ने खलबली मचा दी थी, जिसमें दावा किया गया था कि जहरीले तत्व भूजल में रिस रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि कंक्रीट की पेटियों में बंद राख की दोबारा जांच हो, जिसे फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है।

BenQ का नया मॉडर्न मीटिंग सॉल्यूशन, बिना सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए करें आसान स्क्रीन शेयरिंग

 नई दिल्ली मीटिंग से पहले अक्सर HDMI केबल लगाना, अलग-अलग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना और सेटअप करना पड़ता था. इस परेशानी को दूर करने के लिए ताइवान की कंपनी BenQ ने भारतीय मार्केट में अपना नेक्स्ट-जेनरेशन InstaShow लाइनअप  WDC20 और WDC15 स्क्रीन मिररिंग डिवाइस लॉन्च किए हैं. इन डिवाइस की मदद से यूजर्स सिर्फ प्लग-एंड-प्ले के जरिए आसानी से स्क्रीन शेयर कर सकते हैं। WDC20 हाइब्रिड कॉन्फ्रेंसिंग का पावरहाउस इस प्रोडक्ट को खास तौर पर मॉडर्न हाइब्रिड मीटिंग्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसका सबसे बड़ा फीचर BYOM (Bring Your Own Meeting) सपोर्ट है. यह एक प्लग-एंड-प्ले डिवाइस है, जिसमें किसी भी अतिरिक्त सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होती। इसके Wireless Media Bridge फीचर की मदद से आप अपने मीटिंग रूम के कैमरा, माइक्रोफोन और स्पीकर्स को मल्टीमीडिया हब से कनेक्ट कर सकते हैं. इसके बाद इन डिवाइस को Microsoft Teams या Zoom मीटिंग में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है, बिना बार-बार अलग-अलग डिवाइस प्लग करने की जरूरत के। परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें Wi-Fi 6 सपोर्ट मिलता है, जिससे 4K 60FPS तक का हाई-क्वालिटी प्लेबैक संभव है. इस डिवाइस की मदद से एक साथ 4 प्रेजेंटर स्क्रीन शेयर कर सकते हैं. साथ ही Talkback फीचर की मदद से लैपटॉप से इंटरैक्टिव डिस्प्ले को कंट्रोल भी किया जा सकता है। कीमत की बात करें तो यह डिवाइस लगभग ₹1,75,000 में उपलब्ध है और इसके साथ 3 साल की वारंटी मिलती है। । यह प्रोडक्ट BenQ के पॉपुलर वायरलेस प्रेजेंटेशन सिस्टम का एक रिफ्रेश्ड वर्जन है. यह खास तौर पर छोटे मीटिंग रूम्स के लिए परफेक्ट माना जाता है। इसमें भी प्लग-एंड-प्ले फीचर मिलता है. यूजर्स को बस डिवाइस को अपने लैपटॉप में प्लग करना है और तुरंत स्क्रीन शेयरिंग शुरू हो जाती है. इसमें किसी भी एक्सटर्नल सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह एक सिक्योर और स्टेबल डिवाइस है, जो बजट सेगमेंट में होने के बावजूद एंटरप्राइज-ग्रेड सिक्योरिटी के साथ आता है. इसमें WPA3 और CVSS 4.0 जैसे सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन मिलते हैं। इसके साथ स्विचेबल प्लग्स (HDMI + USB + USB-C) मिलते हैं, जिससे इसे पुराने और नए दोनों तरह के लैपटॉप्स के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी कीमत लगभग ₹75,000 रखी गई है और इसके साथ 1 साल की वारंटी मिलती है । कुल मिलाकर, BenQ के ये नए InstaShow डिवाइस मीटिंग से पहले होने वाली तकनीकी परेशानियों को काफी हद तक खत्म कर सकते हैं. अब यूजर्स सिर्फ प्लग-एंड-प्ले के जरिए आसानी से अपनी मीटिंग शुरू कर सकते हैं।

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