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गृह मंत्री ने कहा कि रेणुकास्वामी हत्या मामले में पर्याप्त साक्ष्य जमा करने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा

बेंगलुरु  कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि रेणुकास्वामी हत्या मामले में पर्याप्त साक्ष्य जमा करने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। इस मामले में कन्नड अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, उनकी दोस्त पवित्रा गौड़ा और 15 अन्य आरोपी हैं। सभी आरोपी इस समय 18 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभिनेता के प्रशंसक रेणुकास्वामी (33) ने पवित्रा को अश्लील संदेश भेजे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए और कथित तौर पर रेणुकास्वामी की हत्या कर दी गई। उसका शव नौ जून को यहां सुमनहल्ली में एक अपार्टमेंट के पास एक बरसाती नाले से मिला था। परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जांच जारी है, सबूत जमा किए जा रहे हैं। इसके बाद आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। क्या केवल मीडिया के कहने की वजह से इसमें तेजी लाई जानी चाहिए?’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ प्रक्रियाएं होती हैं, पर्याप्त सबूत जमा करने के बाद आरोपपत्र दायर किया जाएगा। मैं पहले ही कह चुका हूं कि इस मामले में किसी को बचाने की जरूरत नहीं है और ऐसा नहीं किया जाएगा।’’ चित्रदुर्ग निवासी राघवेंद्र यहां आर आर नगर में रेणुकास्वामी को यह कहकर लाया था कि दर्शन उससे मिलना चाहते हैं। आठ जून को कथित तौर पर उसे प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गयी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार चित्रदुर्ग निवासी रेणुकास्वामी को किसी धारदार हथियार से कई बार चोट पहुंचाई गई और आघात लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने कहा कि पवित्रा, जो आरोपी नंबर एक है, रेणुकास्वामी की हत्या का ‘प्रमुख कारण’ थी। उन्होंने दावा किया कि जांच से यह साबित हो गया है कि उसने अन्य आरोपियों को उकसाया, उनके साथ साजिश रची और अपराध में भाग लिया। रेणुकास्वामी हत्याकांड क्या है रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 15 घाव पाए गए हैं। सिर, पेट, छाती और अन्य हिस्सों पर निशान पाए गए हैं। ये भी बताया गया है कि रेणुका स्वामी का सिर बेंगलुरु में एक शेड में खड़े मिनी ट्रक से टकराया था, जिसे अब पुलिस ने जब्त कर लिया है। दर्शन के फैन की मौत सदमे और रक्तस्राव (ब्लीडिंग) से हुई है। इससे पहले कर्नाटक पुलिस अधिकारियों ने भी दावा किया था कि Renuka Swamy को दर्शन और उनके साथियों ने डंडों से पीटा था। फिर कथित तौर पर उन्हें दीवार पर फेंक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। सूत्रों ने कहा, ‘पवित्रा गौड़ा (दर्शन की को-एक्ट्रेस और गर्लफ्रेंड) ने ही दर्शन को रेणुका स्वामी को सजा देने के लिए उकसाया था। इसी के अनुसार योजना बनाई गई थी।’ 8 जून को हुई थी रेणुका स्वामी का हत्या रेणुका स्वामी 8 जून 2024 को बेंगलुरु के सुमनहल्ली ब्रिज पर मृत पाए गए थे। वे कथित तौर पर चित्रदुर्ग में अपोलो फार्मेसी ब्रांच में काम करते थे। कहा जा रहा है कि वो दर्शन की दोस्त और कन्नड़ एक्ट्रेस पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक मैसेज भेजते थे। इससे नाराज होकर रेणुका की हत्या कर दी गई और कथित तौर पर उनके शव को दर्शन के सामने बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या में एक नहर में फेंक दिया गया। कथित तौर पर आठ आरोपियों ने रेणुका के हमले के दौरान दर्शन की मौजूदगी का दावा करते हुए उन्हें फंसाया है। डंडा, लोहे की छड़, रस्सी और कार बरामद दर्शन को बेंगलुरु पुलिस ने 11 जून को मैसूर से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। रेणुका स्वामी हत्याकांड से उनके संबंध की जांच की जा रही है। शुक्रवार को पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया कि लकड़ी के डंडे और लोहे की छड़ों सहित कई सबूत मिले हैं, जिनसे दर्शन और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर रेणुका पर हमला किया था। इसके अलावा एक रस्सी भी मिली है, जिसका इस्तेमाल रेणुका को बांधने के लिए किया गया था। चित्रदुर्ग से बेंगलुरू तक रेणुका को किडनैप करने के लिए इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया गया है। एक और कार बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल रेणुका का शव ले जाने के लिए किया गया था। अब तक हुई है 15 गिरफ्तारियां इस मामले में अब तक दर्शन और उनकी करीबी एक्ट्रेस-गर्लफ्रेंड पवित्रा सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में दर्शन के को-स्टार प्रदोष और करीबी सहयोगी नागराज को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि नागराज दर्शन के सभी कामों को देखता था। वह कथित तौर पर मैसूर में दर्शन के फार्महाउस की भी देखभाल करता था और इस हफ्ते की शुरुआत में पुलिस द्वारा एक्टर को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही फरार था। इस बीच हत्या के मामले में प्रदोष के संबंध के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।      

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण कोच मुनीश बाली ने उमा छेत्री की प्रशंसा

चेन्नई भारतीय महिला क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण कोच मुनीश बाली ने उमा छेत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह युवा विकेटकीपर ‘वास्तव में कड़ी मेहनत करने वाली क्रिकेटर है।’ इक्कीस वर्षीय छेत्री ने  यहां दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बारिश के कारण रद्द कर दिए गए दूसरे मैच में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने दीप्ति शर्मा की गेंद पर तेजमिन ब्रिट्स को स्टंप आउट किया। इससे पहले वह इसी बल्लेबाज को स्टंप के आगे से गेंद पकड़ने के कारण जीवनदान दे चुकी थी। बाली ने हालांकि छेत्री का बचाव किया और कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में शॉर्ट लेग पर जिस तरह से क्षेत्ररक्षण किया वह सराहनीय है। बाली ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘मुझे बहुत खुशी है कि उसे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला। टेस्ट मैच के दौरान उसने 70 से 80 ओवर तक फील्डिंग की थी। वह बहादुर लड़की है।’’ उन्होंने कहा,‘‘शॉर्ट लेग पर फील्डिंग करना आसान नहीं होता है। उसे तब चोट भी लगी थी लेकिन दर्द के बावजूद भी उसने वहां पर फील्डिंग की। उसका रवैया शानदार है और वह वास्तव में कड़ी मेहनत करने वाली क्रिकेटर है। मुझे बहुत खुशी है कि उसने ब्रिट्स को स्टंप आउट किया।’’ दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 177 रन बनाए लेकिन भारतीय पारी शुरू होने से पहले ही बारिश आ गई जिसके कारण मैच रद्द करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका पहला मैच जीत कर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे है। तीसरा और अंतिम मैच मंगलवार को खेला जाएगा।    

देश की सबसे बड़ी कार व निर्माता कंपनी मारुति ने 2023-24 में 4,47,750 इकाई की आपूर्ति रेलवे से की

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी अगले सात से आठ वर्षों में अपने कारखानों में बनाए जाने वाले 35 प्रतिशत वाहनों की आपूर्ति के लिए भारतीय रेलवे का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। रेलवे के जरिए वाहन आपूर्ति का हिस्सा 2014-15 में पांच प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 21.5 प्रतिशत हो गया। देश की सबसे बड़ी कार व निर्माता कंपनी ने 2014-15 में रेलवे के जरिए 65,700 इकाइयों की आपूर्ति की थी जो 2023-24 में बढ़कर 4,47,750 इकाई हो गई। ताकेउची ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2030-31 तक हमारी उत्पादन क्षमता करीब दोगुना होकर 20 लाख इकाई से 40 लाख इकाई हो जाएगी। हम अगले सात से आठ वर्षों करीब 35 प्रतिशत वाहनों की आपूर्ति रेलवे से करने की योजना बना रहे हैं।’’ मारुति सुजुकी ने अभी तक भारतीय रेलवे के जरिए 20 लाख से अधिक गाड़ियां भेजी हैं। वह रेलवे के जरिए 450 से अधिक शहरों में 20 जगहों पर गाड़ियां पहुंचाती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष की शुरुआत में पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के तहत मारुति सुजुकी की गुजरात सुविधा में देश की पहली ‘ऑटोमोबाइल इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ का उद्घाटन किया था।    

राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठकआज , नए विधायकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

जयपुर  कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को यहां आयोजित होगी जिसमें विधानसभा के बजट सत्र को लेकर चर्चा होगी तथा नवनिर्वाचित विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पार्टी के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नौ जुलाई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। पार्टी के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस एवं विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्कलूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) तथा भारत आदिवासी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों का स्वागत करेंगे। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि नौ जुलाई को यहां एक होटल में विधायक दल की बैठक शाम चार बजे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी तथा जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए रणनीति तैयार होगी। इस बैठक के बाद नवनिर्वाचित विधायकों के लिए प्रशिक्षण का आयोजन होगा। चतुर्वेदी ने बताया कि एक घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस तथा ‘इंडिया’ गठबंधन के नव निर्वाचित सांसदों का स्वागत किया जाएगा। राज्य विधानसभा का बजट सत्र इस समय चल रहा है और दस जुलाई को बजट पेश किया जाना है। राजस्थान में शैडो केबिनेट बनाने जा रही कांग्रेस  …. – प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार खींचतान चल रही है. एक तरफ विपक्ष लोकसभा चुनाव में जीत के बाद उत्साहित नजर आ रहा है, वहीं सत्ता पक्ष 10 जुलाई को बजट (Budget Session) पेश करने की तैयारी में है. ऐसे में सत्ता पक्ष जनकल्याणकारी योजनाओं और बेरोजगारों को रोजगार देकर आम आदमी को खुश करना चाहेगा. इसी कड़ी में भजनलाल सरकार (Bhajan Lal Government) को बजट सत्र में विपक्ष विधानसभा में आड़े हाथ लेने की कोशिश में जुटी हुई है. इसलिए विधानसभा में आमजन के मुद्दों को उठाने के साथ ही विपक्ष  शैडो केबिनेट (Shadow Cabinet) की भी तैयारी में है, जिसके लिए कल यानी मंगलवार को शाम नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में बजट सत्र पर भी चर्चा होगी. विपक्ष कर रहा है शैडो केबिनेट बनाने की तैयारी इसमें विपक्ष सरकार के हर फैसले के साथ हर मंत्री के विभाग की बारीकी से जांच करेगा. इसके लिए पार्टी में नए और ऊर्जावान विधायकों के साथ ही अनुभवी विधायकों के बीच जल्द ही विभागों का बंटवारा किया जाएगा. इसके लिए कांग्रेस मंगलवार को बैठक करेगी. इस मीटिंग में पार्टी विधायकों को उनके अनुभव के आधार पर काम सौंपेगी. साथ ही नवनिर्वाचित विधायकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. जिससे वे सही समय पर राज्य सरकार पर दबाव बना सकें. ये रहेंगे मौजूद इस बैठक में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत सभी विधायक मौजूद रहेंगे. क्या होती है शैडो कैबिनेट शैडो मंत्रिमंडल वरिष्ठ विपक्षी नेताओं का एक समूह है, जिन्हें सत्तारूढ़ मंत्रिमंडल के पदों को प्रतिबिंबित करने के लिए नियुक्त किया जाता है। छाया मंत्रिमंडल की अवधारणा भारत में उतनी प्रचलित नहीं है, जितनी अन्य देशों में है. जनता को उसके लोकतांत्रिक हक का इस्तेमाल करने दे भाजपा सरकार : गहलोत  राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार लोगों को जयपुर में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाए एवं जनता को उसके लोकतांत्रिक हक का इस्तेमाल करने दे। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ‘‘कई युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने मेरे कार्यालय में आकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वे बेरोजगारी भत्ता, रोजगार, राजीव गांधी युवा मित्र बहाली, भर्तियों की घोषणा जैसे मुद्दों पर जयपुर में धरना प्रदर्शन करना चाहते हैं परन्तु प्रशासन उन्हें सरकार के दबाव में अनुमति नहीं दे रहा है।’’ गहलोत ने कहा कि धरना प्रदर्शन के लिए आरक्षित शहीद स्मारक से भी उन्हें बार-बार बल-प्रयोग कर भगा दिया जाता है जो कि उचित नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में अपने हक के लिए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन जनता का अधिकार है। उनकी बात सुनना सरकार का कर्तव्य है। मैं सरकार एवं पुलिस प्रशासन से आग्रह करता हूं कि इस तरह की अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली ना अपनाएं एवं जनता को उनका लोकतांत्रिक हक इस्तेमाल करने दें।’’        

फ्रांस में राजनीतिक संकट गहराने के साथ ही त्रिशंकु संसद की आशंका बढ़ गई

पेरिस  फ्रांस में हुए संसदीय चुनाव में वामपंथी गठबंधन ने धुर-दक्षिणपंथी दलों को शिकस्त देते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। हालांकि, वह बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा, जिससे देश में राजनीतिक संकट गहराने के साथ ही त्रिशंकु संसद की आशंका बढ़ गई है। फ्रांस में राजनीतिक उथल-पुथल से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है और यूक्रेन में युद्ध, वैश्विक कूटनीति तथा यूरोप की आर्थिक स्थिरता पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है। फ्रांस की संसद का कार्यकाल 2027 में खत्म होना था, लेकिन यूरोपीय संघ में नौ जून को बड़ी हार मिलने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समय से पहले संसद भंग कर बड़ा दांव खेला था। उन्होंने कहा था कि एक बार फिर मतदाताओं के बीच जाने से स्थिति ‘स्पष्ट’ होगी। हालांकि, उनका यह दांव लगभग हर पड़ाव पर उल्टा पड़ता दिखा है।  जारी आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, संसदीय चुनाव में तीनों प्रमुख गठबंधन में से कोई भी 577 सदस्यीय नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए जरूरी 289 सीटों का जादुई आंकड़ा नहीं हासिल कर सका। नतीजों के अनुसार, वामपंथी गठबंधन ‘न्यू पॉपुलर फ्रंट’ 180 से अधिक सीटों पर जीत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि मैक्रों नीत मध्यमार्गी गठबंधन के खाते में 160 से ज्यादा सीटें गईं और वह दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, मरीन ले पेन के नेतृत्व वाली धुर-दक्षिणपंथी पार्टी ‘नेशनल रैली’ और उसके सहयोगी दलों को 140 से अधिक सीटों पर जीत के साथ तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। हालांकि, ‘नेशनल रैली’ का यह प्रदर्शन 2022 के उसके प्रदर्शन से कहीं बेहतर है, जब पार्टी को 89 सीटें हासिल हुई थीं। आधुनिक फ्रांस को अभी तक त्रिशंकु संसद का सामना नहीं करना पड़ा है। प्रधानमंत्री गैब्रियल अटल ने कहा, “हमारा देश एक अभूतपूर्व राजनीतिक स्थिति का सामना कर रहा है। वह अगले कुछ हफ्तों में दुनिया का स्वागत करने की तैयारियों में जुटा है।”  प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि पेरिस ओलंपिक के मद्देनजर वह ‘जब तक जरूरत है’, तब तक पद पर बने रहने के लिए तैयार हैं। वहीं, मैक्रों के राष्ट्रपति कार्यकाल के तीन साल बचे हुए हैं। फ्रांस के न्यू पॉपुलर फ्रंट ने जीता चुनाव  फ्रांस के गृह मंत्रालय ने कहा कि वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट गठबंधन ने फ्रांस में संसदीय चुनाव में जीत प्राप्त करते हुए 577 सदस्यीय नेशनल असेंबली में 182 सीटें हासिल की हैं। दूसरे स्थान पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मध्यमार्गी गठबंधन रही, जिसे 168 सीटें प्राप्त हुई। दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी ने संसदीय चुनावों में तीसरा स्थान प्राप्त किया और देश की संसद के निचले सदन में 143 सीटें हासिल कीं। रिपब्लिकन पार्टी ने 45 सीटें प्राप्त की, जबकि बाकी पार्टियों को कुल मिलाकर 39 सीटें प्राप्त हुईं।      

एक वर्षीय सेवा कालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिये आवेदन 15 जुलाई तक

एक वर्षीय सेवा कालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिये आवेदन 15 जुलाई तक राज्य शिक्षा केन्द्र ने इस संबंध में लिखा पत्र भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग में एक वर्षीय सेवा कालीन प्रशिक्षण (अग्रेंजी भाषा) प्रारंभ किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण राज्य शिक्षा केन्द्र के अंतर्गत संचालित आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (इंग्लिश लैंगवेज टीचिंग इन्स्टीट्यूट) में दिया जाएगा। यह पाठ्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से संबद्ध है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों से प्रशिक्षण के लिये आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन 15 जुलाई 2024 तक जमा कराये जा सकते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को पत्र लिखकर प्रत्येक जिले से कम से कम 2 पात्र आवेदकों के आवेदन rsk.mponline.gov.in के माध्यम से भेजने के निर्देश दिये गये हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम पाठ्यक्रम वर्ष 2024-25 के लिये आयोजित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम में प्रदेश के प्रत्येक जिले का प्रतिनिधित्व हो, यह सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। यह प्रशिक्षण अंग्रेजी भाषा के शिक्षकों के लिये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों में कौशल विकास किया जाता है।  

पाकिस्तान डिफॉल्ट होने की दहलीज पर पहुंचने का एक मात्र कारण चीन का कर्ज

वियनतियाने  चीन का एक और पड़ोसी देश कर्ज के भारी-भरकम बोझ से कराह रहा है। नौबत यहां तक आ गई है कि यह देश अब डिफॉल्ट होने जा रहा है। इस देश के डिफॉल्ट होने की दहलीज पर पहुंचने का एक मात्र कारण चीन का कर्ज है। चीन ने इस देश को भारी मात्रा में कर्ज दिया है। अब यह देश चीन के अलावा बाकी दुनिया से लिए गए कर्ज को लौटाने में सक्षम नहीं है और ऋण पुर्नगठन की मांग कर रहा है। हालांकि, चीन ने पहले की तरह अपना पल्ला झाड़ लिया है और कह रहा है कि वह मदद के लिए तैयार है। इससे पहले चीनी कर्ज से श्रीलंका डिफॉल्ट हो चुका है और पाकिस्तान उस दहलीज पर पहुंच कर बार-बार खुद को बचा रहा है। लाओस का कर्ज भुगतान दोगुना हुआ चीनी कर्ज से तबाह होने वाले इस देश का नाम लाओस है। लाओस चीन का पड़ोसी देश है। पिछले साल ही चीन ने लाओस तक रेल लाइन का उद्घाटन किया था। अब लाओस अपने चीन प्रेम की सजा भुगत रहा है। हालांकि, चीन का कहना है कि वह पड़ोसी लाओस को उसके भारी कर्ज के बोझ को कम करने में मदद कर रहा है। इस बीच लाओस ने खुलासा किया है कि उसका बाहरी पुनर्भुगतान लगभग दोगुना हो गया है। ऐसे में वह डिफॉल्ट को रोकने के लिए और अधिक ऋण स्थगन चाहता है। हालांकि, लाओस को कर्ज देने वाली पार्टियां इसके लिए तैयार नहीं हैं। लाओस के कर्ज पर चीन ने क्या कहा चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को सवालों के लिखित जवाब में कहा कि बीजिंग ने लाओस सहित विकासशील देशों के साथ “पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग” किया है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मजबूत समर्थन शामिल है। उन्होंने कहा, “साथ ही, वह संबंधित देशों को उनके कर्ज के बोझ को कम करने में मदद करने के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है।” लाओस पर चीन का सबसे ज्यादा कर्ज चीन अब तक लाओस का सबसे बड़ा लेनदार है, जो बाहरी सरकारी कर्ज में 10.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लगभग आधा हिस्सा वहन करता है। पिछले साल के अंत में इस छोटे से देश पर कुल सार्वजनिक और सार्वजनिक रूप से गारंटीकृत कर्ज 13.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो इसके सकल घरेलू उत्पाद का 108 प्रतिशत था। लाओस के कर्ज ने बढ़ाई छोटे देशों की चिंता कम्युनिस्ट शासित लाओस चीन के साथ हाई-स्पीड रेल लाइन शुरू करने के बाद चर्चा में आया है, जिसकी लागत इस चारों ओर से जमीन से घिरे देश को लगभग 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। कई लोग इस विकास को बुनियादी ढांचे में वृद्धि की शुरुआत के रूप में देखते हैं जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को सीधे दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ता है। हालांकि, इस विकास बाकी छोटे देशों के लिए ऋण में वृद्धि की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विश्व बैंक ने लाओस को दी चेतावनी पिछले साल लाओस का बाहरी ऋण भुगतान 950 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था, जिससे देश को मूलधन और ब्याज भुगतान में 670 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना पड़ा। विश्व बैंक ने पहले कहा है कि इस तरह के कदमों से हाल के वर्षों में अस्थायी राहत मिली है। देश के ऋण मुद्दे तब सामने आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन विकासशील देशों को चीन के आर्थिक प्रभाव का विस्तार करने के प्रयासों के लिए एक विकल्प प्रदान करना चाहता है। वाशिंगटन ने अक्सर बीजिंग के प्रयासों को “ऋण-जाल कूटनीति” के रूप में पेश किया है क्योंकि श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देश पुनर्भुगतान से जूझ रहे हैं।

भारतीय महिला टीम श्रृंखला का आखिरी मैच खेलने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगी

चेन्नई  भारतीय महिला टीम तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में मंगलवार को यहां आखिरी मैच में जब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान में उतरेगी तक उसके सामने जीत दर्ज कर इसे 1-1 से बराबर करने की चुनौती होगी। इसके लिए हालांकि भारतीय गेंदबाजों को अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा उठाना होगा जिसके खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने पहले मैच में नौ विकेट पर 189 रन बनाकर 12 रन से जीत दर्ज की। दूसरे मैच में बारिश के कारण भारत को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला लेकिन गेंदबाजों ने इस मुकाबले में भी छह विकेट पर 177 रन लुटाये थे। तीसरे टी20 में पर भी खराब मौसम का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि मंगलवार को भी बारिश की 30 से 40 प्रतिशत संभावना है। दोनों मैचों में दो-दो विकेट लेने वाली पूजा वस्त्राकर और स्पिनर दीप्ति शर्मा को छोड़कर, अधिकांश भारतीय गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे है। रेणुका सिंह के पहले मैच में असरहीन रहने के बाद दूसरे मुकाबले में सजीवन सजना को मौका मिला लेकिन इससे भी टीम को कोई फायदा नहीं हुआ। श्रेयंका पाटिल और राधा यादव ने रविवार को एक-एक विकेट लिया लेकिन यह दोनों गेंदबाज भी रन रोकने में नाकाम रहे। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर चाहेंगी कि श्रृंखला दांव पर होने के कारण उनके गेंदबाज कड़ी मेहनत करें। बल्लेबाजी के मोर्चे पर पहले मैच में भारतीयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जेमिमा रोड्रिग्स (नाबाद 53), स्मृति मंधाना (46), हरमनप्रीत (35), शेफाली वर्मा (18) और दयालन हेमलता (14) ने बल्ले से अच्छा योगदान दिया। टी20 में रविवार को पदार्पण करने वाली विकेटकीपर उमा छेत्री के टीम में बने रहने की संभावना है। टीम प्रबंधन बल्ले से उनके योगदान को देखना चाहेगा।   दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के लिए तजमिन ब्रिट्स ने लगातार दो अर्धशतक लगाकर शानदार लय में होने का सबूत दिया है। ब्रिट्स के अलावा, कप्तान लौरा वोल्वार्ट, मारिजान कप्प और एनेके बॉश ने भी तेजी से रन बनाये है।   दक्षिण अफ्रीका की एकमात्र चिंता चोट से वापसी करने वाली बल्लेबाज क्लो ट्रायोन हैं।  वह दोनों मैचों में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही है। बांग्लादेश में आगामी टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए, ट्रायोन खुद को साबित करने के लिए बेताब होगी। टीम इस प्रकार हैं:  भारत महिला: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), उमा छेत्री (विकेट कीपर), ऋचा घोष (विकेट कीपर), दयालन हेमलता, जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, अमनजोत कौर, श्रेयंका पाटिल, सजीवन सजाना, दीप्ति शर्मा, आशा शोभना, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, शबनम शकील, पूजा वस्त्रकार और राधा यादव। दक्षिण अफ्रीका महिला:  लौरा वोल्वार्ट (कप्तान), तजमिन ब्रिट्स, मीके डी रिडर (विकेट कीपर), सिनालो जाफ्ता (विकेट कीपर), एनेके बॉश, नादिन डी क्लार्क, एनेरी डर्कसेन, मारिजान कप्प, सुने लुस, क्लो ट्रायोन, अयाबोंगा खाका, मसाबाटा क्लास, एलिज़-मारी मार्क्स, नॉनकुलुलेको म्लाबा और तुमी सेखुखुने।   मैच भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।    

प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना से पक्का घर पाकर खुजरो बाई की खुशी का ठिकाना नहीं

पक्का हो घर अपना… अब नहीं रहा ये सपना प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना से पक्का घर पाकर खुजरो बाई की खुशी का ठिकाना नहीं भोपाल खुद के पक्के घर में निश्चिंत होकर कौन नहीं रहना चाहता। यह सभी का एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिये हर व्यक्ति जी जान से मेहनत करता है। खुजरो बाई भी पक्के घर का सपना दिल में लिये जी रहीं थीं। मण्डला जिले की ग्राम पंचायत जंतीपुर की खुजरो बाई बैगा की किस्मत रंग लाई और अब उसे प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना से खुद का पक्का घर मिल गया है। पक्का घर पाकर वे बेहद प्रसन्न हैं। इस योजना ने पक्के घर में रहने का उनका बरसों पुराना सपना साकार कर दिया है। खुजरो बाई बताती है कि वे बेहद गरीब परिवार से हैं और सालों से कच्चे मकान में रहती थीं। कच्चे मकान में रहने पर बारिश में उसे बड़ी परेशानी होती थी। बारिश की वजह से उसका घर-गृहस्थी का सामान भीगकर खराब हो जाता था। हर साल बारिश से पहले घर की मरम्मत में बहुत पैसा खर्च हो जाता था। वह मजदूरी करके अपना भरण-पोषण करती थीं। गरीबी के कारण वह अपना पक्का मकान नही बना पा रही थी। इसी दौर में ग्राम पंचायत जंतीपुर द्वारा उसे बताया गया कि 2023-24 में उसका नाम प्रधानमंत्री जन-मन योजना की आवास चयन सूची में आ गया है। योजना के तहत उसे तीन किश्तों में काम के आधार पर धनराशि सीधे उसके बैंक खाते में दी गई और उसे कुशल मजदूरी का भुगतान भी किया गया। खुजरो बाई ने बताया कि प्रधानमंत्री जन-मन योजना से उसका पक्का घर बन गया है और अब वह इसमें रहने भी लगी हैं। वे यह भी बताती है कि उन्हें सरकार की प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, विद्युत कनेक्शन, पक्का शौचालय, नल कनेक्शन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की इन सभी योजनाओं का लाभ पाकर खुजरो बाई के दिन अब बदल गये हैं। वे प्रधानमंत्री जन-मन योजना से उसे पक्का घर देने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार जताती हैं।  

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 28 जिलों की 23 लाख की आबादी प्रभावित, कई जिलों का सड़क संपर्क टूटा

ईटानगर अरुणाचल प्रदेश में बारिश के कारण हुए भूस्खलन से कई जिलों का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। अधिकारियों ने  यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को शि-योमी जिले में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के कारण अप्रैल से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसने बताया कि लोहित और अंजाव जिलों के मोमपानी क्षेत्र में तेजू-हयुलियांग सड़क बाधित है, जबकि क्रा दादी जिले में दरी-चंबांग से लांगडांग गांव पालिन-ताराक्लेंगडी जाने वाली सड़क भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी सियांग जिले के गेयिंग में राष्ट्रीय राजमार्ग-513 भी बाधित हो गया है। इस वर्ष अप्रैल से अब तक अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से 72,900 से अधिक लोग और 257 गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से सड़कों, पुलों, पुलियाओं, बिजली लाइनों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और जल आपूर्ति अवसरंचनाओं को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 160 सड़कें, 76 बिजली लाइनें, बिजली के 30 खंभे, तीन ट्रांसफार्मर, नौ पुल, 11 पुलिया और 147 जल आपूर्ति प्रणालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसमें बताया गया कि इसके अलावा 627 कच्चे और 51 पक्के घर तथा 155 झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के कारण राज्य की राजधानी ईटानगर में लोग गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत का काम जारी है, लेकिन इसमें कई दिन लगेंगे। इस सप्ताह लगातार बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण कुरुंग कुमेय जिले के अंतर्गत दमिन, पारसी पर्लो और पन्यासांग प्रशासनिक क्षेत्र का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से कथित तौर पर कट गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दमिन से पारसी पर्लो जाने वाली सड़क भी कई जगह अवरुद्ध हो गई है। ईटानगर को बंदरदेवा से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-415 पर करसिंगसा खंड के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसके कारण राजधानी ईटानगर प्रशासन को यात्रियों की सुरक्षा के लिए सड़क को बंद करना पड़ा। उपायुक्त श्वेता नागरकोटी मेहता द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद सड़क को बंद करने और यातायात को गुमटो के रास्ते मोड़ने का निर्णय लिया गया है।  असम में बाढ़ के कारण 28 जिलों में करीब 23 लाख लोग प्रभावित असम में बाढ़ की स्थिति भी गंभीर बनी रही और 28 जिलों की लगभग 23 लाख की आबादी इससे प्रभावित हुई। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। बुलेटिन के अनुसार, अधिकतर नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है। राज्य में इस वर्ष बाढ़, भूस्खलन और तूफान में 78 लोगों की मौत हुई जबकि इनमें से केवल बाढ़ के कारण 66 लोगों की मौत हुई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का  सिलचर पहुंचने और मणिपुर जाते समय कछार जिले के फुलेर्तल में बाढ़ राहत शिविर का दौरा करने का कार्यक्रम है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में सभी राहत शिविरों में पूरी व्यवस्था की गई है और स्थिति सामान्य होने तक आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार रखा गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत शिविरों की सुरक्षा और स्वच्छता सरकार की प्राथमिकता है और उनकी टीम वहां रह रहे लोगों के संपर्क में है। वर्तमान में, 28 जिलों में 3,446 गांवों के लगभग 23 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि बाढ़ की दूसरी लहर से 68,432.75 हेक्टेयर फसल भूमि जलमग्न हो गई है। धुबरी में सबसे अधिक 7,54,791 लोग प्रभावित हुए, इसके बाद कछार में 1,77,928 लोग और बारपेटा में 1,34,328 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। कुल 53,689 लोगों ने 269 राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि राहत शिविरों में नहीं रह रहे 3,15,520 लोगों को राहत सामग्री प्रदान की गई है। ब्रह्मपुत्र निमती घाट, तेजपुर और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खोवांग में बुरही दिहिंग, शिवसागर में दिखौ, नंगलमुराघाट में दिसांग, नुमालीगढ़ में धनसिरी, धरमतुल में कोपिली, बारपेटा में बेकी, गोलकगंज में संकोश, बीपी घाट में बराक और करीमगंज में कुशियारा नदियां खतरे से निशान से ऊपर हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन सहित कई एजेंसियां राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभिन्न हिस्सों में 171 नौकाओं को तैनात किया गया है। विभिन्न एजेंसियों ने पिछले 24 घंटे में कुल 70 लोगों और 459 मवेशियों को बचाया। राज्य भर से बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और मत्स्य पालन तालाबों को नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं।    

मुरैना में 70 लाख की वसूली के लिए 23 कनेक्शन काटे, चोरी के 16 केस बनाए

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन दिनों बकाया बिजली बिल वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुरैना में 70 लाख रुपए बकाया राशि की वसूली के लिए बिजली कंपनी की टीम ने गत दिनों बाल निकेतन रोड पर 23 घरों के कनेक्शन काट दिए और 16 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के केस बनाए। शहर में इन दिनों बिजली कंपनी का राजस्व वसूली अभियान चल रहा है। इसमें बिजली चोरी पर भी फोकस है। कलेक्टर मुरैना ने बिजली कंपनी को एक थानेदार, एक हवलदार व तीन सिपाही कोतवाली थाने से उपलब्ध कराए हैं। बिजली कंपनी की टीम ने गत दिनों गोपालपुरा बाल निकेतन रोड मुरैना पहुंचकर 23 बड़े बकायादारों के घर जाकर बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा, लेकिन बकायादारों ने बिजली बिल जमा नहीं किये। कंपनी के सहायक प्रबंधक अशोक शर्मा ने 70 लाख रुपए की वसूली के लिए 23 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की है। टीम में शामिल अन्य अधिकारियों प्रबंधक अभिषेक चौरसिया, सहायक यंत्री इंद्रेश्वर, हेमंत बाजौरिया, पंकज सोनी, उमाशंकर मित्तल व सद्दाम हुसैन ने बिजली चोरी के 16 केस बनाए। इस कार्रवाई के दौरान बिजली कंपनी की टीम जब आगे बढ़ी तो 14 घरों के लोग ताला डालकर घर से चले गए। बिजली कंपनी का वसूली अभियान लगातार जारी है।  

निठारी कांड की फाइल अब सुप्रीम कोर्ट में खुली, कोर्ट सुनवाई को सहमत

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने 2006 के सनसनीखेज निठारी हत्याकांड में सुरेंद्र कोली को बरी करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने उच्च न्यायालय के 16 अक्टूबर, 2023 के फैसले के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अलग-अलग याचिकाओं पर कोली से जवाब मांगा। शीर्ष अदालत ने मई में उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाले एक पीड़ित के पिता की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी। पीठ ने कहा कि सीबीआई की याचिकाएं उक्त याचिका के साथ सुनवाई के लिए आएंगी। राष्ट्रीय राजधानी से लगे नोएडा के निठारी में 29 दिसंबर, 2006 को एक घर के पीछे नाले से आठ बच्चों के कंकाल के अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई थी। घर के आसपास इलाके में नालों की और खुदाई तथा तलाशी में और कंकाल मिले। इनमें से अधिकतर कंकाल उन गरीब बच्चों और लड़कियों के थे जो इलाके से लापता थे। सीबीआई ने 10 दिन के अंदर मामले में जांच संभाली थी और उसकी तलाशी में और कंकाल बरामद हुए थे।   निठारी कांड क्या था नोएडा के निठारी गांव में साल 2006 में हुई एक वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली की वजह से नोएडा का छोटा सा गांव निठारी (Nithari Case) देशभर में पहचाना जाने लगा. वारदात के 18 साल बाद भी निठारी गांव का नाम सुनते ही लोग डर सहम से जाते हैं. निठारी कांड का नाम आते ही लोग इस वाकये को फिर से याद करने लगते हैं, जब न्यूज चैनलों और न्यूज पेपर्स में निठारी कांड हेडलाइन में छाया रहता था. आज इस कांड की चर्चा फिर से हो रही है और आखिर साल 2006 में निठारी में ऐसा क्या हुआ था जो आज भी लोगों के जहन से बाहर निकल नहीं पा रहा है? क्या है निठारी कांड? नोएडा के सेक्टर 31 की कोठी नंबर D-5 में  रहने वाले मोनिंदर सिंह पंढेर पर 2005 से लेकर 2006 तक बच्चों की हत्या का आरोप था. इस मामले का खुलासा पायल नाम की लड़की की हत्या की जांच से हुआ था. पहले 31 बच्चों की हत्या के आरोप पंढेर और उसके नौकर कोली पर लगे थे लेकिन जांच में 19 लोगों की हत्या ,यौन शोषण और सबूत मिटाने की बात सामने आई थी. इनमें 10 लड़कियां शामिल थीं. लेकिन इनमे से कुछ के डीएनए सैंपल मैच नहीं हुए और कुछ मामलों में आरोपी बरी हो गए. मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे नाले से पुलिस को 19 नरकंकाल मिले थे. ये कंकाल बच्चों और महिलाओं के थे. इस घटना के बाद मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को गिरफ्तार कर लिया था. सीबीआई को इंसानी हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 इस तरह के पैकेट मिले थे जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंका गया था. मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नोएडा पुलिस के 3 सीनियर अफसरों समेत कई पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए थे.     निठारी कांड के आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को आज यानी कि 16 अक्टूबर 2023 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी करने का आदेश दे दिया है. दोनों को मिली फांसी की सजा भी अदालत ने रद्द कर दी है.     सुरेंद्र कोली और पंढेर को पिंकी की हत्या और रेप की कोशिश में 24 जुलाई 2017 को सीबीआई कोर्ट ने दोषी ठहराया था. दोनों के खिलाफ हत्या के 16 में से आठवें मामले में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया था.     सीबीआई कोर्ट ने 22 जुलाई 2017 को मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराते हुए सजा के लिए  24 जुलाई की तारीख मुकर्रर की थी.     रिम्पा हलदर हत्या मामले में सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा को जनवरी 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्र क़ैद में तब्दील कर दिया था.     आरोपी सुरेंद्र कोली की फांसी पर पुनर्विचार याचिका अक्टूबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट से खारिज कर दी गई थी. रिम्पा की हत्या मामले में उसे मौत की सजा सुनाई गई थी. हालांकि अदालत ने सुरेंद्र कोली की फांसी की सज़ा पर अक्तूबर 29 तक के लिए रोक लगा दी थी.       सीबीआई की एक विशेष अदालत ने मई 2010 में सुरेंद्र कोली को सात साल की आरती की हत्या का दोषी करार दिया था. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट पंढेर को सितंबर में ही बरी कर चुका था, जबकि कोली की सजा को बरकरार रखा गया था.     सीबीआई ने मई 2007 में अपनी चार्जशीट में पढ़ेर को 15 साल की रिम्पा हलदर नाम की बच्ची के किडनैप,रेप और हत्या के  मामले में आरोपमुक्त कर दिया था. लेकिन कोर्ट की फटकार के बाद सीबीआई ने पंढेर को इस मामले में सह-अभियुक्त बनाया. पंढेर और कोली को दोषी क़रार देते हुए सजा-ए-मौत सुनाई गई थी.     निठारी हत्याकांड के आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को जनवरी 2007 में पुलिस नार्को टेस्ट के लिए गांधीनगर ले कर पहुंची थी. मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली से पूछताछ के बाद सीबीआई  कुछ ही दिनों में जांच करने के लिए नोएडा के निठारी गांव पहुंच गई. यहां से और भी हड्डियां बरामद की गईं थी. इसी महीने में दोनों को पेशी के लिए गाजियाबाद की एक कोर्ट में ले जाया गया था, जहां इनके साथ परिसर में ही मारपीट की गई थी. फरवरी से 20 अप्रैल के बीच दोनों आरोपियों को 14 दिन के लिए सीबीआई की कस्टडी में भेजा गया था. वहीं गुमशुदा लड़की के कंकाल की पहचान उसके कपड़ों से की गई थी.     12 नवंबर 2006 को एक लड़की कोठी में सफाई के लिए अपने घर से गई तो लेकिन वापस घर नहीं लौटी. परिवार के खूब तलाशने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला तो मामले की शिकायत वह पुलिस थाने में करने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की. वहीं मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे बने नाले में नई कंकाल पाए गए थे. इस मामले में पुलिस ने 19 केस दर्ज किए थे.  

जन और जनजातीय संस्कृति के विकास में अव्वल मध्यप्रदेश

जन और जनजातीय संस्कृति के विकास में अव्वल मध्यप्रदेश जनजातीय विरासत के लिये लगभग 41 हजार करोड़ रूपये का बजट आवंटित भोपाल जनजातीय वर्ग के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। इस वर्ग के लिये सरकार की संवेदनशीलता इसी तथ्य से परिलक्षित होती है कि सालाना बजट 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये बजट आवंटित किया गया है। यह बजट वर्ष 2023-24 से 3 हजार 856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनजातीय वर्ग के कल्याण और इन्हें समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर ही इस वर्ष जनजातीय कार्य विभाग को पहले से अधिक धनराशि आवंटित की गई है। जनजातीय बंधुओं और इनकी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण और विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान नियत किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। सरकार की अत्यंत सराहनीय पहल आकांक्षा योजना में जनजातीय वर्ग के 10वीं पास विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश सरकार नीट, क्लैट एवं जेईई की नि:शुल्क कोचिंग देने का कार्य कर रही है। नि:शुल्क कोचिंग के साथ-साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। साथ ही डेटा प्लान भी सरकार द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिये सरकार ने बजट में 10 करोड़ 42 लाख रूपये आरक्षित कर दिये हैं। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन) के तहत विशिष्टत: असुरक्षित जनजातीय समूहों (पीव्हीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्धता पूर्वक प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन योजना के तहत इन विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण कार्य कराये जायेंगे। सरकार ने जारी वित्त वर्ष के बजट में इन कामों के लिये 1 हजार 607 करोड़ रूपये प्रावधानित किये हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीव्हीटीजी) आहार अनुदान योजना के तहत इन जनजाति समूह बाहुल्य ग्रामों में जनजातीय परिवारों को 1 हजार 500 रूपये प्रति माह आहार अनुदान के रूप में सहायता राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। इस राशि से बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों को नि:शुल्क आहार अनुदान वितरित किया जाएगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिये सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। वहीं इसी योजना के अंतर्गत विशेष जनजातीय क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवनों का भी निर्माण किया जा रहा है। इन नये आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिये बजट 2024-25 में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत का विस्तार अर्थात पेसा एक्ट में पेसा नियम, नवम्बर, 2022 से मध्यप्रदेश में लागू है। यह नियम, प्रदेश की कुल 5 हजार 210 ग्राम पंचायतों तथा 11 हजार 783 गावों में प्रभावशील है। सरकार के प्रयासों से इन नियमों के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। इस पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग अपने क्षेत्र, अपनी परम्पराओं, अपनी संस्कृति और अपनी जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे।  

नाटो शिखर सम्मेलन आज से वाशिंगटन में शुरू, राष्ट्रपति बाइडन संगठन के नेताओं का स्वागत करेंगे

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी में इस सप्ताह आयोजित होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा यूक्रेन के प्रति मजबूत समर्थन प्रदर्शित करने की संभावना है। बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में यूक्रेन को सैन्य, राजनीतिक और वित्तीय सहायता देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जा सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सम्मेलन में यूरोपीय संघ और हिंद-प्रशांत साझेदारों के साथ अमेरिका के सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक बैठक भी आयोजित की जाएगी। संगठन सदस्य के रूप में स्वीडन के शामिल होने के बाद यह पहला नाटो शिखर सम्मेलन होगा। स्वीडन मार्च में आधिकारिक रूप से नाटो में शामिल हुआ था। यह ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक होगा। नाटो अब 32 देशों का एक मजबूत सैन्य गठबंधन है। शिखर सम्मेलन से पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह (नाटो) यूरो-अटलांटिक सुरक्षा के लिए वास्तव में अति आवश्यक रहा है और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों की रक्षा करता आया है।’’ अमेरिका की राजधानी में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बैठक के कुछ ही दिनों के भीतर हो रहा है। अधिकारियों ने कहा, ‘‘सम्मेलन के जरिये पुतिन को एक कड़ा संदेश जाएगा कि अगर उन्हें लगता है कि वह यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों के गठबंधन के सामने अधिक समय तक टिक सकते हैं तो यह उनकी गलतफहमी है।’’ नाम न उजागर करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, ‘‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने साझेदारों के साथ मिलकर हम बाकी देशों को भी एक महत्वपूर्ण संदेश देंगे कि हम एकजुट हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन के लिए साथ खड़े हैं।’’ नाटो शिखर सम्मेलन मंगलवार को वाशिंगटन में शुरू होगा, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन संगठन के नेताओं का स्वागत करेंगे।  

जमानत में ऐसी कोई शर्त नहीं हो सकती जो पुलिस को आरोपी की आवाजाही पर लगातार नज़र रखने में सक्षम बनाए- कोर्ट

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आरोपियों को जमानत देने के लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के वास्ते गूगल पिन का स्थान संबंधित जांच अधिकारियों से साझा करने की शर्त नहीं रखी जा सकती। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने नशीले पदार्थो की तस्करी के आरोपी नाइजीरिया के निवासी फ्रैंक विटस की दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर अपील पर यह फैसला सुनाया‌। पीठ ने कहा, “जमानत की शर्त जमानत के मूल उद्देश्य को विफल नहीं कर सकती। ऐसी कोई शर्त नहीं हो सकती जो पुलिस को आरोपी व्यक्तियों की आवाजाही पर लगातार नज़र रखने में सक्षम बनाए”। याचिकाकर्ता विटस ने दिल्ली उच्च न्यायालय की‌ ओर से जमानत के लिए मोबाइल लोकेशन पुलिस से साझा करने की शर्त की व्यवस्था के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि इससे उसके निजात के अधिकार का उल्लंघन होता है। शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि जमानत की शर्त के रूप में गूगल पिन स्थान साझा करने की शर्त भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत निजता के अधिकार पर आघात करती है। शीर्ष अदालत ने पहले यह भी कहा था कि जब एक बार किसी अभियुक्त को अदालतों द्वारा निर्धारित शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया जाता है तो उसके ठिकाने को जानना और उसका पता लगाना अनुचित हो सकता है। वजह यह कि इससे उसकी निजता के अधिकार में बाधा आ सकती है। उच्चतम न्यायालय ने तब कहा था, “यह जमानत की शर्त नहीं हो सकती। हम सहमत हैं कि ऐसे दो उदाहरण हैं जहां इस न्यायालय ने ऐसा किया है, लेकिन यह जमानत की शर्त नहीं हो सकती।” नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 2017 में अपने ऐतिहासिक फैसले में सर्वसम्मति से कहा था कि निजता का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है। प्रिम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत एक मामले में आरोपी नाइजीरियाई नागरिक को जमानत दी गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रिम कोर्ट ने कहा कि गूगल पिन साझा करने की शर्त संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपी के निजता अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है. याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रिम कोर्ट का रुख किया था. मई 2022 में, हाई कोर्ट ने दो सख्त शर्तें रखी थीं – एक, आरोपी को गूगल मैप पर एक पिन डालना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मामले के जांच अधिकारी को उनका स्थान उपलब्ध हो. और, दूसरी शर्त यह थी कि नाइजीरिया के उच्चायोग को यह आश्वासन देना होगा कि आरोपी देश छोड़कर नहीं जाएगा और जब भी आवश्यकता होगी, ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होगा. 29 अप्रैल को, सुप्रिम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि वह इस बात की जांच करेगी कि क्या दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों में से एक शर्त निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है, जिसमें एक आरोपी को जमानत पर रहते हुए जांचकर्ताओं को उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने मोबाइल फोन से ‘गूगल पिन डालने’ के लिए कहा गया है. एक ऐतिहासिक फैसले में, नौ जस्टिस की संविधान पीठ ने 24 अगस्त, 2017 को सर्वसम्मति से घोषणा की थी कि निजता का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है. हाई कोर्ट ने शर्त पर ध्यान दिया और कहा कि प्रथम दृष्टया यह जमानत पर रिहा आरोपी के निजता के अधिकार का उल्लंघन है.  

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