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खुलासा: चीन अपनी विस्तारवाद की नीति से बाज नहीं आ रहा, पैंगोंग झील के पास करने लगा खुदाई

नई दिल्ली चीन अपनी विस्तारवाद की नीति से बाज नहीं आ रहा है। एक तरफ भारत के विदेश मंत्री के साथ चीनी विदेश मंत्री वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी गतिरोध का समाधान निकालने के लिए बैठक करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के पास फिर अपनी हरकतें बढ़ा दी हैं। चीनी सेना यहां लंबे समय तक रहने के लिए खुदाई कर रही है। उसने यहां हथियार और ईंधन के भंडारण के लिए भूमिगत बंकर बनाए हैं। वहीं, अपने बख्तरबंद वाहनों को सुरक्षित रखने के लिए कठोर आश्रयों का निर्माण किया है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ है। पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर पहाड़ों के बीच बसा सिरजाप में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का बेस है। यह झील के आसपास तैनात चीनी सैनिकों का मुख्यालय है। इसे भारत द्वारा दावा किए गए क्षेत्र में बनाया गया है। यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगभग 5 किमी दूर स्थित है। मई 2020 में एलएसी पर गतिरोध शुरू होने तक इस क्षेत्र में कोई नहीं रहता था। ब्लैकस्काई द्वारा प्रदान की गई तस्वीरों के अनुसार, 2021-22 के दौरान बनाए गए बेस में भूमिगत बंकर हैं। इनका उपयोग हथियार, ईंधन या अन्य आपूर्ति को स्टोर करने के लिए किया जा सकता है। इसी साल 30 मई को ली गई एक तस्वीर में एक बड़े अंडरग्राउंड बंकर के आठ प्रवेश द्वार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एक और छोटा बंकर है, जिसमें पांच प्रवेश द्वार हैं। दोनों आसपास ही स्थित है। ब्लैकस्काई के एक विश्लेषक ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, “बेस में बख्तरबंद वाहनों की पार्किंग की सुविधा, परीक्षण रेंज, ईंधन और गोला-बारूद भंडारण की व्यवस्था है।” विश्लेषक ने कहा कि बेस को सड़कों और खाइयों के एक व्यापक नेटवर्क से जोड़ा गया है। यह बेस गलवान घाटी से 120 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। जहां जून 2020 में एक क्रूर झड़प हुई थी। इसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।  कम से कम चार चीनी सैनिक मारे गए थे। तस्वीरों पर भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पैंगोंग झील के आसपास के क्षेत्र में तैनात एक पूर्व भारतीय सेना कमांडर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि चीन द्वारा भूमिगत बंकरों के निर्माण में वृद्धि सैन्य दृष्टि से बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा, “आज के युद्ध के मैदान में उपग्रहों या हवाई निगरानी प्लेटफार्मों का उपयोग करके सब कुछ सटीक रूप से देखा जा सकता है। हमारे पास ऐसा कोई भूमिगत आश्रय नहीं है। बेहतर सुरक्षा बनाने के लिए सुरंग बनाना ही एकमात्र तरीका है।” मामले से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भारत ने 2020 में गतिरोध शुरू होने के बाद से सैन्य गतिशीलता बढ़ाई है। रसद सहायता के लिए अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में विभिन्न सड़कें, पुल, सुरंगें, हवाई क्षेत्र और हेलीपैड बनाए हैं।  

भूस्खलन से दो श्रद्धालुओं की मौत, भारी बारिश के कारण फंसे तीर्थयात्री, अमरनाथ के बाद चारधाम यात्रा स्थगित

नई दिल्ली जुलाई में मानसून देश के कई हिस्सों में मेहरबान है। साथ ही कुछ हिस्सों में आफत बन चुका है। पहाड़ी क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब है, जहां भूस्खलन के कारण राजमार्ग बंद हो गए हैं। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात भी बन गए हैं। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो से तीन दिन तक उत्तर पश्चिम भारत और उत्तर पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश जारी रहेगी। चारधाम यात्रा पर संकट उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। मौसम विभाग ने राज्य में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। अधिकारियें ने ऋषिकेश और विकासनगर प्रशासन को तीर्थ यात्रियों को चारधाम यात्रा के लिए रवाना न करने के लिए कहा है। दो लोगों की मौत भारी बारिश के बीच उत्तराखंड में भारी भूस्खलन की घटनाएं भी देखने को मिली है। चमोली में शनिवार को बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, केदारनाथ मार्ग पर रुद्रप्रयाग में डोलिया देवी के समीप 20 घंटे तक 3,000 तीर्थयात्री फंस गए। भूस्खलन के कारण 300 से अधिक गांवों से संपर्क कट गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण ऐसे हैं हाल भूस्खलन के कारण गंगोत्री राजमार्ग बंद यमुनोत्री राजमार्ग भी घंटो रहा बाधित भूस्खलन के बाद फंसे 1000 तीर्थयात्री रुद्रप्रयाग में बढ़ा नदियों का जलस्तर अलकनंदा व मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर अमरनाथ यात्रा भी स्थगित गौरतलब है कि इससे पहले भारी बारिश के कारण पहलगाम व बालटाल मार्ग से जाने वाली अमरनाथ यात्रा को भी स्थगित कर दिया गया था। मौसम साफ होने के बाद ही श्रद्धालुओं को रवाना किया जाएगा। यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश मौसम विभाग के अनुसार आज आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र,उड़ीसा के कुछ क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। जबकि, असम और मेघालय में 9 और 10 जुलाई को, अरुणाचल प्रदेश में 10 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

झमाझम बारिश ने चारों-तरफ पानी-पानी, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, रेस्क्यू कर निकाले लोग, अनेक शहरों से कटा संपर्क

श्योपुर, बड़ौदा, सोंईकलां जिले में दो दिन तक हुई झमाझम बारिश ने चारों-तरफ पानी-पानी कर दिया। बड़ौदा में तो बाढ़ जैसे हालात हो गए। पूरा बड़ौदा टापू बन गया। अस्पताल, थाना परिसर से लेकर लोगों के घरों में 4 फीट तक पानी भर गया। ऐसे हालातों में लाेगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। बड़ौदा में 40 करीब छात्र-छात्राएं ऐसे थे जिनकी कॉलेज परीक्षा थी। उन्‍हें एसडीआरएफ टीम व जनप्रतिनिधियों ने रेस्क्यू कर निकाला और परीक्षा देने काॅलेज पहुंचाया। कलेक्‍टर के साथ पहुंचे अन्‍य अधिकारी मानपुर में अस्पताल अस्पताल के रास्ते पर पानी भरने से तीन गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू कर निकाला गया। पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से खातौली पुलिया से चार फीट से ऊपर पानी जा रहा था, जिस वजह से श्योपुर का कोटा से दिनभर संर्पक कटा रहा। बड़ौदा में बारिश से हालात बिगड़ने की जानकारी मिलते ही कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी अभिषेक आनंद मौके पर पहुंच गए और पल-पल का अपडेट लेकर हालातों पर नजर रखे रहे। पांच घंटे में चारों-तरफ पानी ही पानी बता दें कि गुरुवार रात 9 बजे से शहर में शहर में झमाझम बारिश हो रही थी। शनिवार की रात 10 बजे से इतनी तेज बारिश शुरू हुई कि पांच घंटे में चारों-तरफ पानी ही पानी हो गया। शहर में अमराल नदी में अचानक पानी बढ़ने से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा करने गए मंदिर के पुजारी बाढ़ में फंस गए। एसडीआरएफ टीम ने सड़क पर नाव चलाकर रेस्क्यू कर पुजारी को सुरक्षित बाहर निकाला। बड़ौदा में सबसे ज्‍यादा हालत खराब बारिश से सबसे ज्यादा बाढ़ के हालात बड़ौदा में हुए। यहां 24 में घंटे हुई बारिश से सड़कों, घरों, स्कूलों, थाना और अस्पताल में पानी भर गया। 3 अगस्त 2021 को आई बाढ़ त्रासदी का याद कर लोग डर के मारे रातभर घरों की छतों पर बैठे रहे। बड़ौदा के बाजार में चार फीट तक पानी भर गया है। इससे दुकानों रखा सामान भीग गया। सामान हटाने का समय ही नहीं मिला दुकानदारों को सामान खाली करने का समय भी नहीं मिला। घरों में पानी भरने से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बड़ौदा में बड़ौदा-बारां हाइवे पर थाने के सामने पानी के बहाव से रोड कट जाने की वजह से आवागमन बाधित रहा। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को बस स्टैंड होकर गुजरना पड़ा। लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू सुमन, नायब तहसीलदार मनीषा मिश्रा, आरआइ दिव्यराज धाकड़, पटवारी विनोद भूषण सहित स्थानीय लोगों ने काफी मेहनत की। 38 छात्र-छात्राओं को रेस्क्यू कर पहुंचाया परीक्षा देने पिछले दो दिन से हो रही बारिश के कारण बड़ौदा नगर में चारो तरफ पानी भर गया। चारों तरफ से निकलने के रास्ते बंद हो गए। ऐसे में 38 छात्र-छात्राएं ऐसे थे, जिनका आज सुबह 9 बजे से काॅलेज का पेपर था। चारों तरफ पानी भरने से छात्र-छात्राएं फंस गए। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। इसके अलावा नगरपरिषद अध्यक्ष जनप्रनिधि सहित स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से रेस्क्यू आपरेशन चलाकर छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए काॅलेज पहुंचाया। रेस्क्यू कर कुल 38 छात्र-छात्राओं काे बाहर निकाला गया।  

इजरायल के सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी, भड़के

तेल अवीव इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कट्टरपंथी यहूदी भड़के हुए हैं और वे सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी सामान्य यहूदियों की तरह सेना में अनिवार्य सेवा देनी होगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से मिलने वाली विशेष सुविधाएं उन्हें नहीं दी जाएंगी। अब तक कट्टर यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि युवा हरेदी पुरुषों को भी सेना में भर्ती किया जाना चाहिए। अब येशिवा में पढ़ने वाले युवा इस फैसले के खिलाफ उतर आए हैं। उनका कहना है कि इससे उनके धार्मिक जीवन पर असर पड़ेगा और वे धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि उनका आध्यात्मिक जीवन और पूजा-पाठ इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी है। रिपोर्ट की मानें तो युवाओं को इस बात पर ऐतराज है कि अगर उन्हें सेना में जाना पड़ा तो उनको धार्मिक भक्ति के रास्ते से हटना पड़ेगा। ऐसे में उनकी आस्था कमजोर हो जाएगी जो कि देश के लिए भी खतरनाक साबित होगी। उनका कहना है कि इजरायली सेना को भी उनकी कोई जरूरत नहीं है। कट्टर यहूदी मानते हैं कि उनके धर्म को बचाए रखने के लिए जरूरी है कि वे लोग धर्म का पालन करें और अन्य कामों में ज्यादा समय ना गवाएं। इजरायल में अति-रूढ़िवादी लोगों की संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यानी यह इजरायल की जनसंख्या के 12 फीसदी के करीब है। अति रूढ़िवादी दलों का सत्ता में भी दखल रहता है। लंबे समय से ये दल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का साथ दे रहे हैं। कट्टर यहूदियों को टैक्स में भी छूट मिलती है। वहीं सामान्य यहूदी सेना में अनिवार्य सेवा भी देते हैं और टैक्स का भी भुगतान करते हैं। पहले भी इजरायल की संसद में एक विधेयक पारित हुआ था जिसके मुताबिक हरेदी युवाओं को आंशिक रूप से सेना में भर्ती किया जाना था। हालांकि यह कानून अब तक लागू नहीं हो पाया। इस कानून का हरेदी नेता विरोध करते हैं। येशिवा छात्रों को मिलती है छूट येशिवा छात्र वे होते हैं जो कि टोरा का अध्ययन करते हैं और यहूदी धर्म के नियमों का कट्टरता से पालन करते हैं। इन्हें सेना में जाने से छूट है। वहीं यह समूह हमेशा से ही बदलाव के खिलाफ रहा है। वहीं कट्टरपंथी यहूदियों का प्रदर्शन कई जगहों पर उग्र हो रहा है। कई  इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ भी हुई है। अब सवाल है कि बेंजामिन नेतन्याहू सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के सपोर्ट में कदम उठाएंगे या फिर राजनीतिक फायदे के लिए कोई और रास्ता निकालेंगे।  

14 साल PM रहे, पद छोड़ा तो नए PM से हाथ मिलाया, वहां पर रखी अपनी साइकिल उठाई और चल दिए घर, हो रही तारीफ

एम्सटर्डम आमतौर पर सत्ताधारी लोग बड़े तामझाम से रहते हैं। यहां तक कि सत्ता छोड़ने के बाद भी उनकी ठसक कम नहीं होती। लेकिन नीदरलैंड से एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। यहां पर 14 साल तक प्रधानमंत्री रह चुके मार्क रुटे ने जिस तरह से ऑफिस छोड़ा है, उसकी खूब तारीफ हो रही है। मार्क रुटे ने बेहद सादगी भरे अंदाज में प्रधानमंत्री कार्यालय को अलविदा कहा। विदाई समारोह खत्म होने के बाद वह अकेले ही बाहर निकले। नए प्रधानमंत्री से हाथ मिलाया। वहां पर रखी अपनी साइकिल उठाई और चल दिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। ऑफिस से बाहर निकलने के बाद मार्क रुटे नए प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हैं। इसके बाद वह अपनी साइकिल के पास पहुंचकर ताला खोलते हैं और उस पर सवार होते हैं। तभी पीछे से एक आवाज आती है। इसके बाद मार्क फिर साइकिल से उतरते हैं और आवाज देने वाले शख्स से मुलाकात करते हैं। इसके बाद वह साइकिल पर सवार होकर निकल जाते हैं। इस दौरान वहां मौजूद स्टाफ तालियां बजा रहा होता है और खुशी का इजहार कर रहा होता है। मार्क रुटे बीते 14 साल से नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रहे हैं। अब उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन करते हुए डिक स्कूफ को पद सौंप दिया है। डिक स्कूफ पूर्व इंटेलीजेंस चीफ हैं। उन्होंने किंग विलियम एलेक्जेंडर की मौजूदगी में हुए समारोह के दौरान पद संभाला। हालांकि शीर्ष पद के लिए 67 साल के इस शख्स का चयन हैरान करने वाला रहा। मार्क रूटे अब नाटो में बड़ी भूमिका निभाएंगे। वह नाटो के सेक्रेटरी जनरल का पद संभालेंगे। वहीं, नए प्रधानमंत्री डिक स्कूफ ने संसद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नई सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाया। स्कूफ ने खासतौर पर इमिग्रेशन कम करने पर जोर दिया।  

राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे

रूस रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बुलावे पर पीएम मोदी अपने दो दिवसीय रूस दौरे पर जाएंगे। 8 और 9 जुलाई को होने वाले इस दौरे के दौरान पीएम मोदी 22वे वार्षिक भारत- रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और राष्ट्रपति पुतिन से भारत और रूस को संबंधों को और भी ज्यादा कैसे मजबूत किया जाए, उस पर चर्चा करेंगे। दरअसल, पीएम मोदी हाल ही में SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए नहीं गए थे, इसलिए यह पीएम का यह रूस दौरा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। 2019 में आखिरी बार रूस गए थे पीएम मोदी मीडिया से बात करते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मॉस्को की यह यात्रा भारत और रूस के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इससे संबंध और मजबूत होंगे।”  अपने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पेसकोव ने कहा की मॉस्को में पीएम मोदी का कार्यक्रम व्यापक होगा, दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत भी कर सकेंगे, भारत- रूस संबंध रणनितिक साझेदारी के स्तर पर हैं। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन में आमने-सामने प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा होगी। मीडिया एजेंसी ने पेसकोव के हवाले से लिखा कि करीब पांच साल में यह पीएम मोदी की पहली रूस यात्रा होगी। रूस की उनकी आखिरी यात्रा 2019 में हुई थी जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक में एक इकॉनॉमिक सम्मेलन में भाग लिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि दोनों नेता दोनों देशों के बीच बहुमुखी संबंधों की समीक्षा करेंगे, आपसी हित की हालिया घटनाओं और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। दरअसल, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पीएम मोदी की यह पहली रूस यात्रा है, हाल ही में हुए SCO सम्मेलन में पीएम मोदी का न जाना रूस को खटका होगा, अब पीएम मोदी के रूस दौरे पर पश्चिमी देशों की कड़ी नजर होगी।

ताहिया लेकर पहुंचे राघवदास मठ के पुजारी, भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में पहांडी रस्म शुरू

पुरी/नई दिल्ली. पुरी के अलावा गुजरात के अहमदाबाद, पूर्वोत्तर में त्रिपुरा, झारखंड की राजधानी रांची, वाराणसी और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत कई अन्य राज्यों में भी रथयात्राएं निकाली जाती हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ने देशवासियों को रथ यात्रा शुरूआत की शुभकामनाएं दी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी को शुभकामनाएं दीं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में भाग लेंगी। अहमदाबाद की डीसीपी कोमल व्यास ने जगन्नाथ रथयात्रा आयोजन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा, ‘अहमदाबाद स्मार्ट सिटी के कैमरे शहर में पहले से ही लगे हुए हैं, और रथ यात्रा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें समायोजित और ज़ूम किया गया है। जब एक जगह पर बड़ी भीड़ इकट्ठा होती है और अपने मोबाइल नेटवर्क का उपयोग करती है, तो कनेक्टिविटी प्रभावित होती है। ऐसे में पुलिस का काम बिना किसी बाधा के हो, इसके लिए हम अपने वीएचएफ सेट का उपयोग करते हैं। हम बंधे हुए हीलियम गुब्बारों का भी उपयोग कर रहे हैं। हमने जुलूस का विहंगम दृश्य प्राप्त करने के लिए हीलियम गुब्बारे पर एक कैमरा लगाया है। हमने सभी पुलिस वाहनों में जीपीएस लगाया है। अहमदाबाद की मुख्य रथ यात्रा के अलावा, शहर में 7 और रथ यात्राओं की योजना बनाई गई है। रथ यात्रा के अलावा, हमने राज्य में आयोजित की जा रही 4 विभिन्न प्रकार की भर्ती परीक्षाओं का भी प्रबंधन और सुचारू संचालन सुनिश्चित किया है। रथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए 24000 कर्मियों की भर्ती की गई है।’ पहांडी रस्म शुरू– महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए पहांडी रस्म शुरू हो गई है। इसके साथ ही महाप्रभु को परंपरा के अनुसार, राघवदास मठ द्वारा तैयार किया गया ताहिया पहनाया जाएगा। ताहिया फूलों का बना मुकुट होता है, जिसे रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ को पहनाया जाता है। ‘पहांडी’ परंपरा के अनुसार, सबसे पहले श्री चक्रराज सुदर्शन को रथ पर चढ़ाया जाता है। उनके बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथ पर चढ़ाया जाता है। नृत्य हॉल से सात सीढ़ियों वाले उत्तरी निकास पर, तीनों देवता एकत्रित होते हैं और फिर रथयात्रा शुरू होगी। पुरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुरी के एसपी पिनाक मिश्रा ने कहा, ‘आज हम भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा मना रहे हैं। जैसा कि हमने अनुमान लगाया था, इस रथ यात्रा में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पुरी आएंगे। हमने व्यापक पुलिस व्यवस्था की है। हमने पुलिस व्यवस्था को कई महत्वपूर्ण खंडों में विभाजित किया है। भीड़ नियंत्रण और विनियमन के लिए व्यवस्था की गई है। यातायात और पार्किंग से संबंधित मामलों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भारत की राष्ट्रपति पुरी का दौरा करेंगी। इसलिए राष्ट्रपति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, कई अन्य गणमान्य व्यक्ति पुरी का दौरा करेंगे। हम कई एजेंसियों के संपर्क में हैं और हम उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम तटरक्षक बल, तटीय सुरक्षा, रेलवे सुरक्षा के साथ समन्वय में हैं।’

दिल्ली में हुई जोरदार बारिश के बाद दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे, अगले 5 दिन कैसा रहेगा हाल

नई दिल्ली दिल्ली में मॉनसून का आगाज भले ही जोरदार रहा हो और एक ही दिन में बारिश के कई रिकॉर्ड टूट गए हों, लेकिन अब अच्छी बारिश की कमी बनी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक सामान्य से 61 फीसदी कम बादल बरसे।राजधानी में 28 जून को मॉनसून का आगमन हुआ था और मानक वेधशाला सफदरजंग में 24 घंटे के भीतर 228 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद से ही दिल्लीवाले अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं। कुछ हिस्सों में हल्की बारिश तो होती रही है, लेकिन इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के पहले छह दिन में सामान्य तौर पर 27 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जो अब तक सिर्फ 10.4 मिलीमीटर हुई है। यानी यह आंकड़ा सामान्य से 61 फीसदी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिन भी हल्की बूंदाबांदी ही होने के आसार हैं। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी ने उमस बढ़ाई दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। सुबह के समय सफदरजंग, पालम, लोधी रोड आदि इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 27.1 डिग्री रहा। संतोषजनक श्रेणी में हवा हल्की बारिश और तेज हवा के चलते दिल्ली में साफ हवा का स्तर बना हुआ है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। यह लगातार तीसरा दिन है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से नीचे बना हुआ है। बता दें कि, शून्य और 50 के बीच एक AQI को “अच्छा”, 51 और 100 के बीच “संतोषजनक”, 101 और 200 के बीच “मध्यम”, 201 और 300 के बीच “खराब”, 301 और 400 के बीच “बहुत खराब” और 401 और 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।

जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G

नई दिल्ली  Xiaomi ने Redmi Pad Pro टैबलेट के 5G वर्जन को चीन में एक महीने पहले मार्केट में उतार दिया था। उसके बाद ग्लोबल मार्केट को इसका बेसब्री से इंतजार था। अब लगता है जल्द ही यह दूसरे देशों के कस्टमर्स के हाथों में होगा। दरअसल, Xiaomi की ग्लोबल वेबसाइट पर इसको लिस्ट कर दिया है, जिससे यह पता चलता है कि यह जल्द लॉन्च होने वाला है। लॉन्च की तैयारी हुई पूरी POCO Pad टैबलेट का 5G वेरिएंट भी भारत में लॉन्च होने वाला है। Xiaomi ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। आपको बता दें कि POCO Pad और Redmi Pad 5G दोनों ही Xiaomi के ही ब्रांड हैं। Redmi Pad Pro 5G की खासियत Redmi Pad Pro 5G में डुअल सिम है। यह दोनों ही सिम 5G को सपोर्ट कर सकती हैं। इसकी स्क्रीन की लंबाई 12.1 इंच है। इसमें 2.5 LCD स्क्रीन है, जिसका रेजोल्यूशन 2560 × 1600 पिक्सल, 120Hz रिफ्रेश रेट और 180Hz टच सैंपलिंग रेट है। इसकी ब्राइटनेस 600 निट्स तक पहुंच सकेगी। यह डॉल्बी विजन को सपोर्ट करता है। इसकी स्क्रीन में गोरिल्ला ग्लास 3 का प्रोटेक्शन है। इसमें 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड वाला ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 7s जेन 2 प्रोसेसर है। इसको एड्रेनो 710 GPU का सपोर्ट मिलता है। इसमें आपको 6GB या 8GB LPDDR4X RAM और 128GB या 256GB UFS 2.2 स्टोरेज का विकल्प भी मिलता है। इसको 1.5TB तक बढ़ा भी सकते हैं। इसमें Android 14-आधारित HyperOS का ऑपरेटिंग सिस्टम है। कैमरा फीचर्स कैमरा फीचर्स की बात करें, तो 8MP का रियर कैमरा और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर, इंफ्रारेड सेंसर मौजूद हैं।

7 करोड़ की रिश्वत का आरोप, सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो बीईएल के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी

 नई दिल्ली जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता सत्येन्द्र जैन के लिए एक और परेशानी खड़ी हो गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक और मामले की जांच की सिफारिश की गई है। पिछले साल जनवरी में एसीबी ने जैन के खिलाफ जांच शुरू की थी। मई 2022 में ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के एक अलग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। अभी वह तिहाड़ जेल में बंद है। मीडिया के मुताबिक, लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने पूर्व मंत्री के खिलाफ 7 करोड़ रिश्वत लेने के आरोप में जांच की अनुमति दे दी। उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जांच की मंजूरी के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1998 की धारा 17 ए के तहत मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने के सतर्कता विभाग के प्रस्ताव पर सहमति दे दी। । उप राज्यपाल की सहमति पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली की मंत्री और आप नेता आतिशी ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी को एक और फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। आतिशी ने कहा कि भाजपा दिन-रात दिल्ली सरकार के खिलाफ साजिश में लगी हुई है। 10 साल में आप नेताओं पर 200 से ज्यादा केस दर्ज किए गए, लेकिन आज तक भ्रष्टाचार का एक भी रुपया कहीं से बरामद नहीं हुआ। भाजपा दिल्ली सरकार को पंगु बनाना चाहती है। क्या है 7 करोड़ रिश्वत मामला आरोप है कि जब सत्येंद्र जैन मंत्री थे तो भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अधिकारियों ने उन्हें रिश्वत दी थी। दरअसल, बीईएल 2018-2019 में राष्ट्रीय राजधानी में सीसीटीवी कैमरे लगा रही थी, जो 571 करोड़ रुपये की परियोजना थी। एसीबी ने बीईएल के पूर्व कर्मचारी मनमोहन पांडे की शिकायत पर जांच शुरू की थी। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार पांडे ने उन्हें सितंबर 2019 में बताया कि सीसीटीवी परियोजना के प्रभारी ने कहा था कि जैन ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। हालांकि बीईएल ने पांडो पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया, क्योंकि उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।  

एमजीएम मेडिकल कॉलेज की सामान्य परिषद की बैठक में शामिल हुए

भोपाल उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर की स्वशासी संस्था की सामान्य परिषद की बैठक संपन्न हुई। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सा महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में आगंतुक मरीज़ों की संख्या, प्रदाय चिकित्सकीय सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्री शुक्ल ने कहा कि इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमवाय अस्पताल सहित इससे जुड़े अन्य अस्पतालों के जीर्णोद्धार, विस्तार, विकास एवं इन्हें अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से युक्त करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा। एमवाय अस्पताल में 100 बेड का नया ट्रामा सेंटर भी बनाया जाएगा। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नई सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। एमवाय अस्पताल के विभिन्न विभागों की बेड संख्या भी बढ़ाई जाएगी। कैंसर अस्पताल को विस्तारित किया जाएगा। मरीज़ों के बेहतर उपचार के लिए सुविधाओं का विस्तार ज़रूरी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि एमवाय अस्पताल मालवा सहित पूरे मध्य भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है। अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और बेहतर से बेहतर ईलाज मिले इसके लिए सुविधाओं का विस्तार अत्यंत जरूरी है। रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के लिए भी उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए चर्चानुसार 7 दिन में मास्टर प्लान तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से एमवाय अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कैंसर हॉस्पिटल, एमटीएच अस्पताल, क्षय रोग निदान अस्पताल सहित अन्य अस्पताल संबद्ध हैं। प्रस्तावित विकास कार्यों पर 900 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। मैमोग्राफी डिजिटल मशीन का लोकार्पण उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एमवाय हॉस्पिटल में मैमोग्राफी केंद्र एवं मैमोग्राफी डिजिटल मशीन का लोकार्पण किया। मैमोग्राफी एक एक्स-रे इमेजिंग विधि है, जिसका उपयोग कैंसर और अन्य स्तन रोगों का शीघ्र पता लगाने के लिए किया जाता है। यह केन्द्र स्थापित होने से स्तन रोगों और स्तन कैंसर की समय से जाँच कर मरीजों का उपचार किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री महेंद्र हार्डिया और श्री गोलू शुक्ला, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण कुमार पिथोड़े, अपर आयुक्त चिकित्सा शिक्षा डॉ. पंकज जैन, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में एक पेड़ मां के नाम अभियान का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार किसानों को गेहूं ,चने आदि अलग-अलग फसलों के लिए बोनस दिया जा रहा है, उसी प्रकार अब दूध खरीदने पर भी बोनस दिया जाएगा ताकि लोग घर-घर गौ-माता को पालने के लिए प्रोत्साहित हो सकें। वहीं दुर्घटनाग्रस्त व दिव्यांग गौ-माताओं को गौ-शाला में रखा जायेगा। दूध का व्यवसाय भी हमारे लोगों का जीवन बदलने में सहायक हो इसका प्रशिक्षण भी शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हमारी देशी गौ-माता सर्वश्रेष्ठ हैं। हमारी देशी गौ-माता के संवर्धन के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन के ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौ-शाला के संवर्धन और “एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-शाला में पौध-रोपण कर संपूर्ण जिले में अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कपिला गौ-शाला का भ्रमण कर अवलोकन किया। उन्होंने गौ-शाला में गौ-माता का पुष्पमाला पहनाकर, तिलक लगाकर पूजन किया और आरती उतारी। उन्होंने नन्हे बछड़ों को पशु चारा खिलाकर दुलार भी किया। उन्होंने गौ-शाला में उपलब्ध आधुनिक पशु चारा मशीन सहित अन्य उपकरणों का अवलोकन किया। कपिला गौ-शाला के श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-शाला में किए गए नवाचार के साथ गौ-शाला संवर्धन के मास्टर प्लान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पौध-रोपण और उसके संरक्षण की संकल्प लेने वाले विभिन्न संस्थाओं को पौधे भेंट किया। कार्यक्रम में कपिला गौ-शाला की विकास कार्ययोजना पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।  कार्यक्रम का संचालन स्वामी मुस्कुराके ने किया। गायक श्री अमित शर्मा द्वारा देशभक्ति और पर्यावरण केंद्रित सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, श्री विवेक जोशी, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा संभागायुक्त उज्जैन श्री संजय गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, एसपी श्री प्रदीप शर्मा, निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें। गाय चराचर जगत की माता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि 10 पुत्रों की बजाय अगर एक गौ-माता हो तो उसका महत्व 10 पुत्रों से बढ़कर होता है। हमारे यहां कहा गया है “गावो विश्वस्य मातरः” यानी गाय चराचर जगत की माता हैं। गौ-माता की सेवा से योगीराज श्रीकृष्ण, गौ-पालक गोपाल कृष्ण के रूप में विख्यात हुए। हमारी गौमाता भारतीय सनातन संस्कृति की प्राण हैं। गंगा, गीता, गायत्री, गोवर्धन और गोविंद की तरह ही परम पूज्य हैं हमारी गौमाता। सर्वदेवमयी हि गौः गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौ-माता की सेवा से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल मिल जाता है। गौ-माता भगवान शंकर और विष्णु की प्रतीक हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्म पुराण में कहा गया है कि गौ-माता के मुख में चारों वेदों का वास है। गाय की सींग में ही भगवान शंकर और विष्णु का वास है। इस विशेष पहचान से गौ माता हमारी प्रकृति में अद्वितीय छटा बिखेरती हैं। सच्चे अर्थों में गौ माता हमारे जीवन को चरितार्थ करते हुए स्पंदन देने का काम करती है। द्वापर युग में जब भगवान कृष्ण धरती पर आए तो उन्हें जन्म देने वाली माता देवकी थीं, पालने-पोसने वाली यशोदा और उन्हें गोपाल बनाने वाली हमारी गौ-माता हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण के जन्म और लालन-पालन में माता यशोदा और नंद बाबा के पराक्रम और पुरुषार्थ का भी उल्लेख किया।   कान्हा का जीवन गायों के बिना है अधूरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता की महिमा देखिए कि भगवान भोलेनाथ शिव और हमारे गोपाल कृष्ण ने गौ-वंश को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है। भोलेनाथ ने नंदी को अपना वाहन बनाया तो हमारे कान्हा का जीवन ही गायों के बिना अधूरा है। सच्चे अर्थों में भगवान कृष्ण के साथ गौ-माता के जोड़ने से ही वे योगीराज श्री कृष्ण गोपाल कहलाएं। जो भगवान कृष्ण को भी आनंद से भर देता है। हमेशा उन्होंने अपनी पहचान गौ-माता से बनाकर रखी। गोपाल से गाय माता का जोड़ने का अर्थ यह है कि प्रकृति से प्रेम, मूक प्राणियों के प्रति प्रेम और 33 करोड़ देवी देवताओं की छत्र छाया है। कपिल गौ-शाला के संवर्धन के कामों को सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काल के प्रवाह में हमारी गौ-माता पर भी संकट आया है। सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ गौ-माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी कृत-संकल्पित है। गौ-शालाओं को संवारने का काम किया जा रहा हैं। उन्होंने कपिला गौ-शाला के संवर्धन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले श्री अच्युतानंद जी महाराज का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री अच्युतानंद जी महाराज गौ-वंश में संरक्षण के दिशा में महती भूमिका निभा रहे हैं, जो हम सभी के  लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने पहले भी ग्वालियर में 5000 से अधिक गौ-वंश के पालन-पोषण का उल्लेखनीय काम किया हैं। उन्होंने कपिल गौ-शाला में निर्मित भगवान शिव गणेश की सुंदर प्रतिमाओं की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कपिला गौ-शाला में न केवल पशुओं का अच्छे से पालन-पोषण किया जा रहा है, बल्कि यह आधुनिक यंत्रों से भी सुसज्जित है। यहाँ चंद मिनटों में 1000 से अधिक पशुओं का आहार बनाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन, भोपाल, इंदौर देवास आदि के प्रमुख मार्गो पर निराश्रित पाए जाने वाले गौ-वंश को गौ-शाला में रखने का काम किया जा रहा है। 

महाराष्ट्र सरकार ने पेश किया एंटी पेपर लीक बिल… अधिकतम 10 साल की सजा, 1 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली पेपर लीक की खबरों के बीच महाराष्ट्र सरकार एक बेहद अहम बिल लाने जा रही है। इसके जरिए पेपर लीक के साथ परीक्षा में गलत साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी है। यह बिल खासतौर पर नौकरी वाली परीक्षाओं के लिए प्रभावी होगा। बता दें कि महाराष्ट्र में रेवेन्यू अधिकारी पद के लिए हुई परीक्षा में पेपर लीक का आरोप लगा था। इस परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों ने फुल मार्क्स से ज्यादा नंबर हासिल किए थे। महाराष्ट्र कांपटीटिव एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) बिल, 2024 में तीन से पांच साल की जेल और  10 लाख जुर्माने का प्रावधान है। महाराष्ट्र के इस बिल में प्रदेश सरकार द्वारा कराए जाने वाले सभी कांपटिटिव एग्जाम्स को कवर किया गया है। इसमें एमपीएससी और टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट भी शामिल है। बिल के तहत सभी जुर्म गैर-जमानती होंगे। परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने में संलिप्त पाए जाने पर संस्थान प्रमुखों को 3 से 10 साल की जेल हो सकती है। इसके अलावा उनके ऊपर एक करोड़ रुपए का जुर्माना भी लग सकता है। सर्विस प्रोवाइडर के दोषी पाए जाने पर उसे चार साल तक कांपटिटिव एग्जाम कराने से डिबार किया जा सकता है। इसके अलावा उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है। शुक्रवार को पेश किए गए इस बिल में सभी तरह के अनुचित साधनों पर रोक के प्रावधान किए गए हैं। इसमें आंसर-की का लीक होना, कॉपी करना, आंसर शीट से छेड़छाड़, कंप्यूटर नेटवर्क से छेड़छाड़, फेक एग्जाम कराना और सीटिंग अरेंजमेंट को मैनिपुलेट करना शामिल है। साथ ही साथ एग्जाम सेंटर पर सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स से छेड़खानी या परीक्षा करा रहे लोगों को धमकी देना भी अपराध की श्रेणी में आएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस बिल की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में पेपर लीक की समस्या से रोकने के लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।  

NHRC ने की भीख मांगने वालों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की सिफारिश

नई दिल्ली. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने शुक्रवार को एक परामर्श जारी कर भीख मांगने वाले व्यक्तियों का संरक्षण करने और उनका पुनर्वास कराने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने और राष्ट्रव्यापी ‘डाटाबेस’ तैयार करने समेत कई सिफारिशें की हैं। आयोग ने एक बयान में कहा कि यह परामर्श केंद्र और राज्य सरकारों को भीख मांगने वाले लोगों के जीवन में सुधार करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अनेक पहलों और कल्याणकारी कार्यक्रमों को शुरू करने के बावजूद देशभर में लोगों का भीख मांगना जारी है। बयान में कहा गया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में भीख मांगने वाले और खानाबदोश लोगों की संख्या 4,13,000 (4.13 लाख) से अधिक थी। एनएचआरसी ने अधिकारियों से भीख मांगने वाले व्यक्तियों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए एक राष्ट्रीय नीति तैयार करने की सिफारिश की है। एनएचआरसी ने कहा कि भीख मांगने वालों को लक्षित वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रोजगार के अवसरों मुहैया कराया जाए और इन पर अमल के लिए लगातार निगरानी की जाए। मानवाधिकार आयोग ने जबरन भीख मंगवाने वाले किसी भी गिरोह पर अंकुश लगाने के लिए मानव तस्करी विरोधी कानून बनाने के उद्देश्य से समाजशास्त्रीय और आर्थिक प्रभाव का आकलन करने की भी सिफारिश की। आयोग ने कहा कि इस कानून में भीख मांगने को मानव तस्करी के मूल कारणों में से एक माना जाना चाहिए तथा अपराधियों के खिलाफ दंडनीय अपराध का प्रावधान होना चाहिए।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कपल से लूट, डीएमई की सुरक्षा को लेकर सवाल

गाजियाबाद. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमई) पर शुक्रवार देर रात एक लूट की घटना ने इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह एक्सप्रेस-वे, जो 24 घंटे यात्रा के लिए सुरक्षित माना जाता था और सीसीटीवी कैमरों से लैस है। इस वारदात ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इस वारदात को देखते हुए यह एक्सप्रेसवे अब उतना सुरक्षित है, जितना आम आदमी सोचते हैं। दिल्ली के उत्तम नगर निवासी सन्नी और उनकी मंगेतर आशिका शुक्रवार रात अपनी स्विफ्ट कार में हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। मेरठ पहुंचने से पहले ही खराब मौसम के कारण उन्होंने अपनी यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया और मेरठ के परतापुर टोल प्लाजा से वापस दिल्ली की ओर मुड़ गए। वापसी यात्रा के दौरान कुशलिया गांव के निकट एक पुल पर उन्होंने शौचालय के लिए अपनी कार रोकी। इसी दौरान चार अज्ञात बदमाश पैदल ही उनकी ओर आए और सन्नी की कनपटी पर पिस्टल तान दी। बदमाशों ने सन्नी के गले से सोने की चेन और आशिका का पर्स छीन लिया, जिसमें 80,000 रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। घटना के तुरंत बाद पीड़ितों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ितों का बयान दर्ज किया। मसूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है। मसूरी के एसीपी नरेश कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना ने डीएमई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीपी ने आम जनता से अपील की है कि वे रात्रि यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने सलाह दी कि लोग केवल सुरक्षित स्थानों पर ही वाहन रोकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों को सतर्क रहने और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह एक्सप्रेस-वे पर गश्त बढ़ाए और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।  

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