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मिडिल ईस्ट संकट गहराया, भारतीय मिशनों की एडवाइजरी जारी—अनावश्यक यात्रा से करें परहेज

बेरूत मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के मद्देनजर लेबनान में स्थित भारतीय दूतावास, बेरूत ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा व आपातकालीन निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। रविवार को जारी एडवाइजरी में दूतावास ने कहा, “क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए लेबनान में रह रहे सभी भारतीय नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें, सतर्क रहें और स्थानीय स्तर पर जारी सुरक्षा एवं आपातकालीन दिशानिर्देशों का पालन करें।” दूतावास ने आपात स्थिति में भारतीय नागरिकों को मोबाइल नंबर +96176860128 या ईमेल के जरिए संपर्क करने को कहा है। इससे पहले भारत सरकार ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्ष संयम बरतें, हालात को और न बिगाड़ें और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीयों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने ईरान में रह रहे भारतीयों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और संभव हो तो घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास, दोहा ने कतर में भारतीयों से स्थानीय प्रशासन और दूतावास द्वारा जारी सूचनाओं का पालन करने को कहा है। भारतीय दूतावास, अबू धाबी और दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास ने भी संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। कतर में जारी एडवाइजरी में विशेष रूप से कहा गया है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास न जाएं और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अधिकतम समय तक घरों के भीतर ही रहें। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

त्योहार में आसान सफर: MP के कई स्टेशनों पर रुकेगीं वडोदरा-खातीपुरा व बांद्रा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेनें

रतलाम होली के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा मंडल से होकर वडोदरा से खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 09103 वडोदरा -खातीपुरा स्पेशल प्रत्येक रविवार को वडोदरा से रात 9.35 बजे प्रस्थान कर दाहोद (12.26/12.28), रतलाम (2.05/2.10), मंदसौर (3.33/3.35), नीमच (4.43/4.48), चित्तौड़गढ़ (6.05/6.10) होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। यह ट्रेन वडोदरा से एक से 29 मार्च तक चलेगी। इसी तरह 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल प्रत्येक सोमवार को खातीपुरा से रात 8.55 बजे प्रस्थान कर चित्तौड़गढ़ (3.25/3.30), नीमच (4.18/4.20), मंदसौर (5.00/5.02), रतलाम (7.10/7.20) व दाहोद (8.43/8.45) होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यह ट्रेन खातीपुरा से दो से 30 मार्च तक चलेगी।   ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनामी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच होंगे। 09019 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल एक मार्च को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 8.35 बजे रविवार को प्रस्थान कर दाहोद (6.02/6.04), रतलाम (8.10/8.20), नागदा (9.46/9.48), उज्जैन (10.48/10.50), मक्सी (11.26/11.28), शुजालपुर (12.28/12.30), सीहोर (12.57/12.59) होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। बुधवार सुबह होगी रवाना इसी तरह 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल दो मार्च को गोरखपुर से 11.35 बजे प्रस्थान कर सीहोर (5.43/5.45), शुजालपुर (6.19/6.21), मक्सी (7.32/7.34), उज्जैन (8.15/8.17), नागदा (9.02/9.04), रतलाम (9.52/10.02) व दाहोद (11.22/11.24) होते हुए बुधवार को सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती व खलीलाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेनों के ठहराव, समय व संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन करने के साथ ही रेलवन एप पर भी जानकारी ले सकते हैं।

जंगल में संकट की चेतावनी! भूख से बाघ की मौत ने खड़े किए सवाल

पीलीभीत दो कुंतल के वजन वाले भारी-भरकम बाघ की भूख से मौत हो गई। शनिवार रात को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की माला रेंज में उसका शव मिला। रविवार को बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) में उसके पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हो गया कि उस पर हमला या किसी से संघर्ष नहीं हुआ था। वह बीमारी अथवा किसी अन्य कारण से जूझते हुए झाड़ियों में लेटा था, वहीं उसकी मौत हो गई। उसका पेट खाली पाया गया, जोकि संकेत कर रहा कि आठ दिन से उसे शिकार नहीं मिला था। शनिवार देर रात गश्त पर निकले वनकर्मियों ने धमेला वाच टावर के पास उसका शव देखा था। इसकी सूचना पर फील्ड डायरेक्टर पीटीआर पीपी सिंह, डीएफओ भरत कुमार डीके व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाघ के शव का निरीक्षण किया गया ताकि हमले या संघर्ष की स्थिति का आकलन किया जा सके। डीएफओ ने बताया कि बाघ के शरीर पर किसी प्रकार की चोट नहीं थी। उसका शव पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम करने वाली टीम के विज्ञानी ने फोन पर बताया कि बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, इसलिए विसरा सुरक्षित रखा है। विसरा की जांच में कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं। पोस्टमार्टम के समय देखा गया कि बाघ का पेट खाली था, यानी उसे एक सप्ताह से शिकार नहीं मिला। उसके अंदरुनी हिस्से प्रभावित थे, जो संक्रमण का संकेत कर रहे थे। संक्रमण का कारण क्या रहा होगा, इस पर विज्ञानी ने कहा कि संभव है कि वह किसी बीमारी से पीड़ित हो। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि उसने किसी ऐसे पशु का शिकार कर लिया, जिसका मांस जहरयुक्त हो। इसके पीछे आशंका जताई जा सकती है कि जहरीला पदार्थ खाने वाला वन्यजीव जंगल में बाघ के सामने आ गया हो। बाघ ने उसका शिकार कर लिया। ऐसे में उस वन्यजीव का जहरीला मांस बाघ के पेट में पहुंचने पर भी संक्रमण हो सकता है। यह सिर्फ अनुमान या आशंका ही है। वास्तविक कारण विसरा की जांच में सामने आ सकेगा। यह तय है कि संक्रमण के बाद बाघ शिकार नहीं कर सका, इसी कारण उसका पेट पूरी तरह खाली था। उसका उम्र सात वर्ष थी। टाइगर रिजर्व में हैं 80 से अधिक बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पांचों रेंज में 80 से अधिक बाघ हैं। माला और बराही रेंज में बाघों की गतिविधियां अधिक दिखती हैं। टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों को भी बराही रेंज में ही मुख्य रूप से घुमाया जाता है।  

होली कार्यक्रम बना अफरा-तफरी: मधुमक्खियों के अटैक से मची भगदड़

शहडोल पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय में विद्यार्थी होली का उत्सव मना रहे थे, उसी दौरान अफरा-तफरी मच गई। रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए छात्र परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं बीच किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट भी आपस में भिड़ गए। होली के उत्सव बीच हंगामे और भगदड़ का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कई छात्र-छात्राएं घबराकर जमीन पर गिरते-पड़ते भी दिखे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।   मामला यहीं नहीं थमा, होली खेलने के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दखल के बाद स्थिति को संभाला गया। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर खड़े हो रहे सवाल     गौरतलब है कि हाल ही में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी चर्चा में रहा था। अब होली जश्न के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसारित वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग प्रशासनिक लापरवाही पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस की सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।

साइबर गैंग का बड़ा खेल बेनकाब, पुलिस ने राजधानी से दबोचे आरोपी

ग्वालियर भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त चिकित्सक 89 वर्षीय नारायण महादेव टिकेकर को 24 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने के नाम पर 2.52 करोड़ रुपये ठगने के मामले में ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने इनके बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। आरोपितों ने एटीएम कार्ड के जरिए राशि निकालकर बिचौलिये को सौंपी और इसके बदले 1.70 लाख रुपये कमीशन लिया। एक आरोपित का भाई दिल्ली पुलिस में दारोगा है। वह ग्वालियर पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसका भाई ही साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराता था। पुलिस की जांच में क्या पता चला पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, असम और बंगाल सहित अन्य राज्यों के करीब 500 बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। क्राइम ब्रांच ने मोहित मिश्रा (बी-40, चाणक्य पैलेस-1, स्ट्रीट नंबर 48, जनकपुरी, नई दिल्ली), राहुल प्रजापति (राजद-150, धरमपुर प्रथम, नजफगढ़, नई दिल्ली), हरीश यादव (हाउस नंबर 49, ब्लॉक धरमपुरा एक्सटेंशन, नजफगढ़, नई दिल्ली) और साहिल फिरोज खान (ए-5/175, एक्सटेंशन पार्ट वन, मोहन गार्डन, उत्तम नगर, नई दिल्ली) को दिल्ली से गिरफ्तार किया। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, इस मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग भी की गई। यूएसडीटी के जरिए ठग रकम को क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेज देते थे। आरोपित टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे, जहां से म्यूल खाते उपलब्ध कराने का नेटवर्क संचालित होता था।  

त्याग और साहस की परंपरा को नमन, मुख्यमंत्री ने किया सिख गुरुओं का स्मरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज शाम राजधानी रायपुर स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास की। इस अवसर पर उन्होंने सिख संगत द्वारा आयोजित होला मोहल्ला यात्रा के लिए निःशुल्क बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सिख संगत द्वारा आयोजित इस यात्रा में लगभग 1200 श्रद्धालु 17 बसों, 2 ट्रकों एवं अन्य वाहनों के साथ  हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) तथा गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब, बीदर (कर्नाटक) के लिए रवाना हुए। यह यात्रा सिख समाज की आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री  साय ने संगत को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिख गुरुओं का त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा का संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़े पवित्र स्थलों पर आयोजित होला मोहल्ला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत परंपरा का प्रतीक है। सिख गुरुओं द्वारा स्थापित शौर्य और समर्पण की विरासत सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि सिख संगत द्वारा लगातार 25वें वर्ष इस भव्य आयोजन का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने इस उत्कृष्ट आयोजन के लिए सिख समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष  सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

वन विभाग में बड़ा बदलाव: सुभरंजन सेन नए प्रमुख नियुक्त, 2028 तक रहेंगे पद पर

भोपाल भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुभरंजन सेन मध्य प्रदेश के नए वन बल प्रमुख नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठता में 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी एचएयू खान और 1990 बैच के बिभाष ठाकुर को पीछे छोड़ 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी सेन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद बन गए, सेन अभी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक हैं। वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति के एक सप्ताह पहले से नए वन बल प्रमुख की तलाश की जा रही थी। इनमें खान, ठाकुर और सेन इन तीन नामों का पैनल बनाकर वन विभाग ने मुख्यमंत्री को स्वीकृति के लिए भेजा था। इससे पहले मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में नए वन बल प्रमुख के चयन के लिए बैठक की गई थी।   नजरअंदाज कर जूनियर को सौंपी कमान वन विभाग में वन बल प्रमुख सबसे वरिष्ठतम अधिकारी को ही बनाया जाता है। इस हिसाब से वन विकास निगम के प्रबंध संचालक एचयू खान और उनके बाद पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार बिभाष कुमार ठाकुर वन बल प्रमुख बनने की वरिष्ठता रखते हैं। लेकिन पहली बार वरिष्ठता को नजरअंदाज कर खान और ठाकुर से जूनियर सेन को वन बल प्रमुख की कमान सौंपी है। अब चूंकि सेन की नियुक्त हो गई है तो ठाकुर की वर्तमान पदस्थापना में बदलाव किया जा सकता है, उन्हें पीसीसीएफ अनुसंधान और विस्तार से हटाना पड़ेगा। वरिष्ठता के कारण उन्हें लघु वनोपज संघ या वन विकास निगम के प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है। समीता राजौरा बनाई जा सकती हैं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक वरिष्ठता के आधार पर 1992 बैच की आईएफएस अधिकारी समीता राजौरा मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाई जा सकती हैं। वह वन्यप्राणी शाखा में काम करने की इच्छुक भी हैं। वर्तमान में वह मप्र राज्य लघुवनोपज संघ की प्रबंध संचालक हैं। इधर, राज्य वन विकास निगम की प्रबंध संचालक एवं एसपीसीसीएफ अर्चना शुक्ला को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत कर दिया गया है।

गलत चालान भरने की जरूरत नहीं! मिनटों में ऑनलाइन कैंसिल कराने का तरीका

नई दिल्ली क्या आपका भी गलत चालान कटा है? कई बार ऐसा होता है कि ऑनलाइन गलत चालान काटकर आपको भेज दिया जाता है, लेकिन असल में आपकी गलती कुछ नहीं होती। इस तरह के चालान के पीछे अक्सर तकनीकी गड़बड़ी या पहचान की गलती वजह होती है। यही वजह है कि सरकार ने गलत चालान रद्द करवाने की व्यवस्था भी की है। ऐसे में चालान के आते ही उसे भरने की जल्दबाजी न करें। आप चंद स्टेप्स को फॉलो करके अपनी बेगुनाही का सबूत दे सकते हैं और बहुत ही आसानी से चालान रद्द भी करवा सकते हैं। स्टेप 1: सबसे पहले चेक करें चालान गलत चालान को रद्द करवाने के लिए सबसे पहले echallan.parivahan.gov.in पर जाकर चेक करें कि आपका चालान असली है भी या नहीं। यहां आपको चालान और वाहन की डिटेल्स दर्ज कर देखना होगा कि आपके नाम पर आया चालान असल में मौजूद है या नहीं। स्टेरप 2: Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं अगर चालान मौजूद होता है, तो उसी वेबसाइट पर Complaint/Grievance सेक्शन पर जाएं। यह सरकार तक शिकायत पहुंचाने का ऑफिशियल जरिया है। स्टेप 3: जानकारी दर्ज करें इसके बाद अपनी जानकारी दर्ज करें जैसे कि नाम, मोबाइल और चालान नंबर, क्यों चालान गलत है और आपकी बात साबित करने वाली फोटो या वीडियो। टिकट और टिकट का स्टेटस अगर आपके राज्य का पोर्टल अलग है, तो आप अपने राज्य के परिवहन पोर्टल पर जाकर इन्हीं स्टेप्स को वहां फॉलो कर सकते हैं। इसके बाद पोर्टल पर आपकी शिकायत की एक टिकट बन जाएगी। इस टिकट के जरिए आप शिकायत का स्टेटस भी चेक कर पाएंगे कि उस पर क्या निर्णय लिया गया।

चुनाव 2028 की तैयारी: सोशल मीडिया के जरिए जनता तक मुद्दे पहुंचाने की कांग्रेस की बड़ी योजना

भोपाल संगठन सृजन अभियान के साथ ही जन-जन तक पहुंच बढ़ाने के लिए कांग्रेस नए-नए प्रयोग कर रही है। इसमें तकनीक के बदलते दौर की दृष्टि से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति है। इसके लिए बड़ा प्रयास यह कि पार्टी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों का सहयोग लेने जा रही है। इनकी संख्या हजारों में होगी। शुरुआत में लगभग 250 को चिह्नित भी कर लिया गया है। यह ऐसे लोग हैं जिनके सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में फालोअर्स हैं। लेखन अच्छा है, कांग्रेस विचारधारा की ओर झुकाव है। ये इंफ्लूएंसर अपने वाल, हैंडल आदि पर लिखेंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, बड़े आयोजन, चुनाव, पार्टी की रीति नीति, त्वरित मुद्दों पर लिखेंगे। पार्टी ने ऐसे लोगों को खोजने के लिए कई महीने तक उनके सोशल मीडिया पोस्ट देखे। इसमें सामने आया कि उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं आती हैं। हर जिले में रहेगी इंफ्लूएंसरों की टीम समसामयिक विषयों और राजनीति की समझ भी अच्छी है। यह भी पता चला कि उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ है, ऐसा नहीं है तो भी भाजपा विरोधी हैं। इसके बाद पार्टी ने इन लोगों से संपर्क किया और तैयार किया। हर जिले के लिए पांच से 10 इंफ्लूएंसरों की टीम रहेगी। विधानसभा चुनाव के पहले तक इनकी संख्या बढ़ाने का भी लगातार प्रयास किया जाएगा। प्रदेश संगठन इनके सतत संपर्क में रहेगा। कोशिश की जाएगी की सभी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात पोस्ट करें। कांग्रेस में पहली बार इस तरह का प्रयोग हो रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया का नेटवर्क तैयार कर रही है। 25 सदस्यों वाली पंचायत समितियां में एक व्यक्ति सोशल मीडिया के लिए भी काम करेगा। उसके पास बूथ स्तर तक सभी मतदाताओं का डाटा रहेगा। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्तर तक भी सोशल मीडिया का प्रभारी बनाया जाएगा। भाजपा भी इंफ्लुएंसरों को जोड़ रही भाजपा भी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को अपने साथ जोड़ रही है। हाल ही में भोपाल में पार्टी के सभी विधायकों के सोशल मीडिया हैंडलर्स का प्रशिक्षण हुआ था। इसमें उन्हें कहा गया था कि विधानसभा क्षेत्र, तहसील, मंडल से लेकर गांव-गांव तक जो छोटे-छोटे इंफ्लुएंसर हैं उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाए, जिससे पार्टी की गतिविधियां निचले स्तर तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त पार्टी के आइटी विभाग का अपना अलग नेटवर्क है।

हाईस्कोरिंग मुकाबला: भारत को जीत के लिए बनाने होंगे 196 रन

ईडन गार्डन्स वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए हैं। पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने पर वेस्टइंडीज के लिए रोस्टन चेस (40) और शाई होप (32) ने 68 रन की पहले विकेट की साझेदारी की। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 36 रन देकर दो विकेट लिए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज को रोस्टन चेज और शाई होप ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 53 गेंद में 68 रन की साझेदारी हुई। होप 33 गेंद में 32 रन बनाकर वरुण चक्रवर्ती का शिकार बने। बुमराह ने शिमरन हेटमायर (27) और रोस्टन चेज (40) को एक ही ओवर में पवेलियन का रास्ता दिखाया। हार्दिक पांड्या ने रदरफोर्ड को आउट किया। इसके बाद पॉवेल और होल्डर के बीच पांचवें विकेट के लिए 35 गेंद में 76 रन की साझेदारी हुई। रोवमैन पॉवेल ने 19 गेंद में 34 और जेसन होल्डर ने 22 गेंद में 37 रन बनाे। भारत के लिए बुमराह ने तीन, हार्दिक और वरुण को एक एक सफलता मिली।  दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन भारत (प्लेइंग XI): संजू सैमसन (विकेट कीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह वेस्टइंडीज (प्लेइंग इलेवन): शाई होप (विकेट कीपर), रोस्टन चेस, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, अकील होसेन, गुडाकेश मोटी, शमर जोसेफ

ड्रोन कैमरों और डिजिटल गणना तंत्र के जरिए सटीक पुष्टि के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने नए रिकॉर्ड की घोषणा की

वाराणसी/लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में काशी ने विश्व के पर्यावरण मानचित्र पर रविवार को एक नया इतिहास दर्ज कर दिया। वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे की समयावधि में काशीवासियों ने 2,51,446 पौधों का रोपण कर चीन के आठ साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। मौके पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा। महापौर ने कहा कि यह महान उपलब्धि पीएम मोदी से प्रेरणा लेकर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन से संभव हो सकी। इस ऐतिहासिक पल को दर्ज करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम सुबह से ही डोमरी में मौजूद रही। नगर निगम और विभिन्न सामाजिक व सरकारी संस्थाओं के समन्वय से सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित किए गए इस आधुनिक ‘शहरी वन’ ने आज विश्व पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है । चीन का रिकॉर्ड ध्वस्त, भारत ने अपने नाम किया रिकॉर्ड  10 मार्च 2018 को 1,53,981 पौधों का रोपण कर चीन की हेनान प्रांतीय समिति और हेनान शिफांगे ग्रीनिंग इंजीनियरिंग कंपनी ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था। रविवार को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक ऋषि नाथ और विश्व रिकॉर्ड रणनीतिकार निश्चल बारोट ने मौके पर मौजूद रहकर प्रत्येक गतिविधि की निगरानी की। ड्रोन कैमरों और आधुनिक डिजिटल गणना तंत्र के जरिए हुई सटीक पुष्टि के बाद ऋषि नाथ ने आधिकारिक रूप से इस नए रिकॉर्ड की घोषणा की। 60 गंगा घाटों की प्रतिकृति बना ‘शहरी वन’ इस ‘शहरी वन’ की सबसे अनूठी विशेषता इसकी बनावट और वैचारिक पृष्ठभूमि है। पूरे वन क्षेत्र को 60 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का नाम काशी के प्रसिद्ध गंगा घाटों जैसे -दशाश्वमेध, ललिता घाट, नया घाट, मणिकर्णिका घाट, केदार घाट, चौसट्टी घाट, मान मंदिर घाट और शीतला घाट के नाम पर रखा गया है। यह बनावट ऐसी है कि भविष्य में जब ये पौधे वृक्ष बनेंगे, तो गंगा किनारे एक हरा-भरा ‘मिनी काशी’ का स्वरूप नजर आएगा। प्रत्येक सेक्टर में लगभग 4,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इनमें शीशम, अर्जुन, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार वृक्षों और अश्वगंधा, शतावरी व गिलोय जैसी औषधियों को प्राथमिकता दी गई है। यह परियोजना न केवल पर्यावरण को सुधारेगी, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम के लिए आय का एक बड़ा स्रोत भी बनेगी। पौधरोपण के लिए जनभागीदारी का महाकुंभ इस विश्व रिकॉर्ड को बनाने के पीछे महीनों की  तैयारी और हजारों हाथों का सामूहिक श्रम शामिल है। रविवार की सुबह से ही डोमरी में भारी उत्साह का माहौल रहा। इस महाभियान में बड़ी संख्या में स्कूल-कालेजों के अलावा कई संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस एवं सैन्य बल रहा तैनात  भारतीय सेना के 39 जीटीसी, 34 जीटीसी, 39 जीआर, और 137 सीएफटीएफ (टीए) के जवानों ने अनुशासन की मिसाल पेश की। वहीं एनडीआरएफ, सीआरपीएफ, नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) और उत्तर प्रदेश पुलिस की 36वीं व 39वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने पूरी ऊर्जा के साथ पौधरोपण किया। छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा  नमामि गंगे, उत्तर प्रदेश वन विभाग, कृषि विभाग, डूडा और नगर निगम की टीमों ने तकनीकी प्रबंधन और सिंचाई की व्यवस्था संभाली। काशी विद्यापीठ, यूपी कालेज, देहरादून पब्लिक स्कूल, मुकुलारेंडम स्कूल के हजारों छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम को एक जन-आंदोलन में बदल दिया। सिंचाई की स्मार्ट तकनीक  इन पौधों को जीवित रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वन क्षेत्र में 10,827 मीटर लंबी अत्याधुनिक पाइपलाइन बिछाई गई है। 10 बोरवेल और 360 ‘रेन गन’ सिस्टम के जरिए सिंचाई की ऐसी व्यवस्था की गई है कि पानी की बर्बादी न हो। मियावाकी तकनीक के कारण ये पौधे सामान्य की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ेंगे और मात्र दो से तीन वर्षों में यह क्षेत्र एक सघन ‘ऑक्सीजन बैंक’ का रूप ले लेगा। जापानी वनस्पति शास्त्री अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक कम जगह में घना जंगल उगाने के लिए विश्व प्रसिद्ध है। आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ यह परियोजना केवल हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम के लिए आय का बड़ा स्रोत भी बनेगी। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के तहत तीसरे वर्ष से ही निगम को दो करोड़ रुपये की आय होने लगेगी, जो सातवें वर्ष तक सात करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुँच सकती है। पौधरोपण के दौरान मौजूद गणमान्य कार्यक्रम के दौरान बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी , महापौर अशोक कुमार तिवारी, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र राय, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, अश्वनी त्यागी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व श्याम भूषण शर्मा उपस्थित रहे। महापौर ने कहा कि यह आध्यात्मिक शांति और आधुनिक अर्थशास्त्र का एक अनूठा उदाहरण है। प्रशासन की टीमें स्थल पर डटी रहीं और अंततः काशी ने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि काशी न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोए हुए है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। ढाई लाख पौधों की यह नई सौगात काशी के माथे पर एक और गौरवपूर्ण तिलक है।

सोते शहर में सनसनी, बदमाशों ने मचाया तांडव; इलाके में दहशत

भोपाल प्रियदर्शिनी नगर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पंचशील नगर के बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। पुरानी रंजिश को लेकर बदमाशों ने घरों पर पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। डंडों से हमला और जान से मारने की धमकी टीटीनगर पुलिस के अनुसार, नर्मदा भवन के पास रहने वाले 24 वर्षीय प्रियांश खिल्लारे ने शिकायत में बताया कि 27 फरवरी की रात करीब 2:30 बजे कुछ युवक उनके घर की खिड़की पर डंडों से हमला करने लगे। बाहर निकलकर देखने पर दीपांशु सेन, छोटू उर्फ यश, बब्बू, रानू सहित अन्य युवक वाहनों में तोड़फोड़ करते दिखे और उसे जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग जागे तो आरोपित भाग निकले।  

विदाई मैच बना यादगार, एलिसा हीली ने ठोका सेंचुरी; पति मिचेल स्टार्क का रिएक्शन सोशल मीडिया पर छाया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने भारत के खिलाफ होबार्ट में जारी तीसरे वनडे मैच में शतक जड़ अपने फेयरवेल मैच को खास बनाया। बता दें, हीली इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट कर चुकी है, भारत के खिलाफ जारी यह मल्टी फॉर्मेट सीरीज उनके करियर की आखिरी सीरीज है। सीरीज के पहले दो मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया पहले ही 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। अब तीसरे और आखिरी मैच में कप्तान हीली ने शतक जड़ ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। हीली ने भारत के खिलाफ 79 गेंदों पर शतक जड़ा, वहीं 95 गेंदों पर 150 रन का आंकड़ा पार किया। एलिसा हीली की आखिरी वनडे पारी का अंत 158 के निजी स्कोर पर हुआ। स्नेह राणा की गेंद पर रिवर्स स्वीप लगाने के चक्कर में वह क्लीन बोल्ड हो गई। हीली ने अपनी पारी में 98 गेंदों का सामना किया जिसमें 27 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के लगाए। एलिसा हीली के शतक पर मिचेल स्टार्क का रिएक्शन एलिसा हीली के इस फेयरवेल मैच के दौरान उनके पति मिचेल स्टार्क कमेंट्री कर रहे हैं। स्टार्क असर पत्नि हीली के मैच के दौरान मैदान पर नजर आते हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने जैसे ही चौके के साथ अपना शतक पूरा किया, वैसे ही स्टार्क के चहरे पर अलग ही मुस्कान नजर आई। हीली के शतक पर स्टार्क का ये रिएक्शन खूब वायरल हो रहा है। टीम इंडिया ने एलिसा हीली को दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ तीन मैच की इस सीरीज के पहले दो मैच हारकर सीरीज गंवा चुकी टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। भारतीय टीम जब मैदान पर उतरी तो उन्होंने दो लाइन में खड़े होकर एलिसा हीली को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। भारतीय टीम के इस जेस्चर की तारीफ हर जगह हो रही है। एलिसा हीली ने जनवरी में ही सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था, भारत के खिलाफ जारी यह मल्टी फॉर्मेट सीरीज उनके करियर की आखिरी सीरीज है। वनडे के बाद हीली 6 मार्च को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले एकमात्र डे नाइट टेस्ट के दौरान आखिरी बार पीली जर्सी में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैदान पर दिखेगी। एलिसा हीली ने फरवरी 2010 में 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू किया था और ODI में 3500 से ज्यादा रन बनाए हैं। T20I में उनके नाम 25.45 की औसत से 3054 रन दर्ज है, इस दौरान उनका हाईस्ट स्कोर 148 नॉट आउट का है, जो फुल मेंबर टीमों में सबसे ज्यादा निजी स्कोर है। उन्होंने 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में विमेंस T20 वर्ल्ड कप और 2013 और 2022 में ODI वर्ल्ड कप जीता। हीली 2018 और 2019 में ICC की T20I क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर भी थीं।

एयरस्पेस क्लोजर का असर: भारत से और भारत के लिए 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द

नई दिल्ली अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों के बाद ईरान समेत 11 देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे भारत में 850 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड दिए गए है. इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. रविवार को 444 उड़ाने रद्द की गई हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं थी। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान और कई मध्य पूर्वी देशों में हवाई क्षेत्र बंद हैं। जिसको देखते हुए डीजीसीए ने 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई है। डीजीसीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि संभावित मार्ग परिवर्तन को प्रबंधित करने और यात्रियों की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे परिचालन अलर्ट पर हैं। आपको बता दें कि 28 फरवरी को एयरसेवा को 216 शिकायतें दर्ज की गईं थी और इसी अवधि के दौरान 105 शिकायतों का समाधान किया गया, जिससे प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता सुनिश्चित हुई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार मध्य पूर्व में लागू हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के मद्देनजर, एयरलाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे वैश्विक सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्थापित आकस्मिक योजना प्रक्रियाओं के अनुसार, जहां भी आवश्यक हो, उड़ानों का समय पर पुनर्निर्देशन या मार्ग परिवर्तन सुनिश्चित करें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान के अनुसार यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोपरि है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय सुरक्षित, सुचारू और कुशल हवाई संचालन सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहा है। स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार आगे की जानकारी दी जाएगी। भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों को सलाह दी गई है कि वे ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग स्थल, यात्री सुविधाओं, चालक दल की व्यवस्था और आव्रजन सहायता के लिए आवश्यकतानुसार एयरलाइंस के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर करें. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों को रीशेड्यूलिंग या रिफंड के विकल्प दिए हैं.

घड़ियालों से गुलजार होगा कूनो, जंगल सफारी में जुड़ा नया आकर्षण

भोपाल. कूनो नेशनल पार्क में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा। कार्यक्रम कूनो नेशनल पार्क के भीतर पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी तट पर आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सिर्फ पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। कूनो जैसे संरक्षित क्षेत्र वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय रोजगार और पर्यटन अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित किया गया। छोड़े गए 53 घड़ियाल गेवेलियस गैंगेटिक्स प्रजाति के हैं, जिनमें 28 नर और 25 मादा शामिल हैं। वहीं 25 कछुए थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ टर्टल प्रजाति के हैं। सभी जीवों को वैज्ञानिक निगरानी और तय मानकों के अनुसार नदी में छोड़ा गया। विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के लिए काम मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त हो रहे जीवों के संरक्षण के संकल्प के साथ राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कूनो में चल रहे चीता प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ था। हाल ही में बोत्सवाना से आए 9 चीतों को छोड़ा गया है, जिससे कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है।  

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