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चारधाम जाने वालों के लिए नया नियम? रजिस्ट्रेशन शुल्क पर कमेटी करेगी निर्णय सिफारिश

देहरादून उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने पर विचार कर रही है. इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसले से पहले डिटेल्‍ड अध्ययन के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में बनी यह कमेटी अलग-अलग पक्षों से राय लेकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. कमेटी यह तय करेगी कि शुल्क लिया जाए या नहीं और अगर लिया जाए तो उसकी रकम कितनी हो. आखिरी फैसला राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा. स्टेकहोल्डर्स से हुई विस्तृत बातचीत दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इस विषय पर मंथन चल रहा था. चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स जैसे होटल व्यवसायी, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय व्यापारी और अन्य संबंधित पक्षों से अलग-अलग चरणों में बातचीत की गई. इन्हीं चर्चाओं के बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से हरी झंडी मिली है. क्या है शुल्क लगाने के पीछे तर्क? सरकार की ओर से जो तर्क सामने आया है उसके मुताबिक, यात्रा के दौरान अवांछित तत्वों पर निगरानी मजबूत की जा सके. केवल गंभीर और वास्तविक श्रद्धालु ही यात्रा के लिए पंजीकरण कराएं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को ज्‍यादा सुव्यवस्थित और जिम्मेदार बनाया जा सके. भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी किया जा सके. इस मकसद के साथ शुल्‍क लगाने के बारे में विचार किया जा रहा है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं. अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होने के बाद प्रशासन यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. कमेटी अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी. इसके बाद ही यह तय होगा कि रजिस्ट्रेशन शुल्क लागू किया जाएगा या नहीं और उसकी दर क्या होगी?

पीएचडी एडमिशन और प्रोसेस में पारदर्शिता, सभी यूनिवर्सिटी को अनिवार्य रूप से कैलेंडर जारी करने का निर्देश

भोपाल   अब हर विश्वविद्यालय को यूजी-पीजी की तरह पीएचडी कैलेंडर भी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा। इसका उद्देश्य है प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और छात्रों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना। अब तक स्थिति यह थी कि कई विश्वविद्यालय पीएचडी की तारीखें, सीटों की संख्या और पात्रता शर्तें सार्वजनिक नहीं करते थे। कई बार सीटें होते हुए भी यह बताया जाता था कि उम्मीदवार नहीं मिले। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यूजीपीजी की पीएचडी की जानकारी भी वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ विश्वविद्यालयों में पसंदीदा अभ्यर्थियों के लिए रास्ता आसान करने के आरोप भी लगते रहे हैं। जब प्रवेश प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा नहीं होती, तो इंटरव्यू, वेटेज और पात्रता के नियम भी मनमाने ढंग से लागू किए जाते थे। यही कारण है कि कई सरकारी विश्वविद्यालयों में पीएचडी सीटें खाली रह जाती हैं। कई विषयों में आधी से ज्यादा सीटें खाली बीयू में करीब 40 विषयों में पीएचडी की कुल 2,379 सीटें हैं। जुलाई में शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया के दौरान केवल नेट स्कोर को पात्र मानने की वजह से कई विषय में आधी से अधिक सीटें खाली रह गईं हैं। इसके लिए बीयू ने नवंबर में एक बार फिर अभ्यर्थियों को मौका दिया, लेकिन एंट्रेंस टेस्ट नहीं लिया। इस बार भी नेट क्वालिफाई को ही मौका दिया गया। स्थिति यह है कि किस विषय में कितनी सीटें खाली हैं स्थिति क्या है। यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पीएचडी में नहीं चलेगा AI से कॉपी-पेस्ट! पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स को जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों पहले यूनियन ग्रांट कमीशन (UGC) ने कई रिसर्च थीसिस को वापस किया है जिनमें AI से लिखा गया कंटेंट पाया गया। बिहार की एक यूनिवर्सिटी से दर्जनों छात्रों की पीएचडी थीसिस यूजीसी को भेजी थी, जिनमें ये गड़बड़ियां पाईं गई। यूनिवर्सिटी से भेजी गई रिसर्च थीसिस में यूजीसी के चेक करने पर 40 प्रतिशत से ज्यादा कंटेंट चोरी का पाया गया। यूजीसी ने इसको वापस कर दिया है। बताया गया है कि सबसे ज्यादा इंग्लिश भाषा में सबमिट हुई थीसिस में एआई कंटेंट पाया गया है। हिंदी में जमा की गईं थीसिस में ज्यादा गड़बड़ी नहीं पाई गईं हैं।

योगी आदित्यनाथ की तारीफ में ऋतेश्वर महाराज, कहा—प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई

सतना  प्रसिद्ध कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु संत ऋतेश्वर धारकुंडी आश्रम जाने से पूर्व सतना जिले की धर्मनगरी चित्रकूट पहुंचे है। उनके साथ भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी मौजूद रहे। चित्रकूट प्रवास के दौरान उन्होंने मीडिया से खुलकर बातचीत की और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था, संतों के बीच चल रहे वैचारिक मतभेदों और देश के सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। वे यहां से सतना जिले के धारकुंडी आश्रम के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने ब्रह्मलीन परमहंस स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। जमकर की CM योगी की तारीफ उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बोलते हुए ऋतेश्वर महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा योगी आदित्यनाथ एक संत-महंत भी हैं और एक कुशल प्रशासक भी। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को भयमुक्त वातावरण मिला है, इस सच से कोई इनकार नहीं कर सकता। एक सन्यासी जब सत्ता संभालता है, तो वह राजधर्म का पालन पूरी निष्ठा से करता है। ‘वादे वादे जायते बोध:’ हाल के दिनों में संतों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चल रही बयानबाजी और मतभिन्नता पर ऋतेश्वर महाराज ने बहुत ही संतुलित और शास्त्र सम्मत जवाब दिया। उन्होंने संस्कृत के सूत्र ‘वादे वादे जायते बोध:’ का उदाहरण देते हुए कहा कि मैं इसे विवाद के रूप में नहीं, बल्कि वाद के रूप में देखता हूं। संवाद और चर्चा से ही तत्व का बोध होता है। अगर संतों के बीच किसी बात को लेकर मतभिन्नता है, तो उस मंथन से सनातन धर्म के लिए सुखद और सकारात्मक परिणाम ही निकलेंगे। यूजीसी को क्या बोले संत रितेश्वर यूजीसी के संदर्भ में पूछे गए सवाल और सामाजिक कानूनों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश का बहुसंख्यक समाज शांतिप्रिय है और एक गांव की तरह मिलजुल कर रहना चाहता है। उन्होंने कहा कि मैंने देखा है कि अगर कोई गलत फैसला आता है, तो समाज सामूहिक रूप से उसका विरोध करता है। मुझे विश्वास है कि जो लोग नीति-निर्धारक हैं, वे पुनर्विचार करेंगे। देश में ऐसा कोई कानून नहीं बनना चाहिए, जिससे समाज में विद्वेष पैदा हो या आपसी भाईचारा खंडित हो। धारकुंडी पहुंचकर दी श्रद्धांजलि चित्रकूट में अल्प प्रवास और दर्शन-पूजन के बाद संत ऋतेश्वर महाराज और बृजभूषण शरण सिंह का काफिला सतना के धारकुंडी आश्रम के लिए रवाना हो गया। वहां वे आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज के अंतिम दर्शन कर उनकी समाधि स्थल पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।  

India-US डील के लिए बड़ी तैयारी, अगले हफ्ते अमेरिका रवाना होगी टीम

नई दिल्‍ली     भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते (India US Trade Deal) को अंतिम रूप देने के लिए भारत की टीम अमेरिका के लिए अगले हफ्ते रवाना होने वाली है.वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि इस दौरे के दौरान भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अगले सप्ताह वाशिंगटन में एक टीम को लीड करेंगे. यह यात्रा 23 फरवरी को शुरू होने की संभावना है और डील पर साइन मार्च में होने की संभावना है.  इसी महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते का ऐलान कर दिया था. अग्रवाल ने कहा कि संयुक्त बयान डील की रूपरेखा तय करता है. अब इस अंतरिम डील को कानूनी समझौते में बदला जाना बाकी है, जो दोनों पक्षों द्वारा साइन के बाद लागू हो जाएगा. अभी दोनों ही टीमों के बीच वर्चुअल तरीके से बातचीत चल रही है.  India-US Trade Deal व्यापार सौदा राजेश अग्रवाल ने कहा कि मार्च में समझौते को पूरा करने और हस्ताक्षर करने का प्रयास है. लेकिन इस पर कोई समय सीमा नहीं रखी है क्योंकि कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने में भी कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, जिसे दोनों पक्षों को सॉल्‍व करेंगे. जबकि वाशिंगटन ने पहले ही रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए भारत पर 25% दंडात्मक टैरिफ को समाप्त कर दिया है और भारतीय वस्‍तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ 25 फीसदी से कम करके 18 फीसदी कर दिया है.   रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि भारत कपास का बड़ा आयातक है और उसे इसकी ज्‍यादा आवश्‍यकता है, क्‍योंकि वह यूरोपीय संघ और अमेरिका के कपड़ों को के अधिक निर्यात पर नजर रखता है. कृषि, डिजिटल  व्यापार को लेकर  अधिकारी ने कहा कि  अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों ने भारत के कृषि क्षेत्र के लिए 400 अरब डॉलर का अवसर खोल दिया है.  दाल और डिजिटल टैक्‍स   अभी भारत का अमेरिका को कृषि निर्यात 2.8 बिलियन डॉलर है, जबकि आयात 1.5 बिलियन डॉलर है. कुल मिलाकर, भारत में कृषि वस्तुओं का आयात 35 अरब डॉलर का है, जबकि निर्यात का मूल्य 51-52 अरब डॉलर है. अधिकारी ने कहा कि संयुक्त बयान में दालें नहीं थीं.  अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों ने व्यापार सौदे की पहली किश्त में बातचीत में डिजिटल टैक्‍स, ईकॉमर्स या समकारी लेवी पर चर्चा नहीं की है.  गौरतलब है कि अभी भारत और अमेरिका के बीच फाइनल ट्रेड डील नहीं हुई है. यह सिर्फ अंतरिम समझौते का ऐलान किया गया है. भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है. वहीं बहुत से प्रोडक्‍ट्स पर टैरिफ शून्‍य लागू है. अमेरिका भी भारत को बड़े लेवल पर समान बेचने वाला है. हालांकि स्‍पष्‍ट और पूरी डिटेल डील पर साइन होने के बाद ही आ सकती है.

छत्तीसगढ़ सरकार का किसानों को तोहफा: 1.5 लाख रुपये तक की योजना, आवेदन का आसान तरीका

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना चला रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का जरिया मिल सके। योजना के अंतर्गत एक यूनिट में 13 बकरी और 2 बकरे दिए जाते हैं, जिसकी कुल लागत करीब 1.50 लाख रुपये तय की गई है। जांजगीर-चांपा जिले के पशु विकास विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना में पशु खरीद, बीमा और शुरुआती आहार तक का खर्च शामिल किया गया है, ताकि किसान शुरुआत से ही बकरी पालन का काम सही तरीके से कर सकें। योजना में क्या-क्या मिलेगा? योजना के तहत एक यूनिट में  कुल 15 पशु दिए जाते हैं। इसमें 13 बकरी (प्रति बकरी लगभग ₹7,500) ,2 बकरे (प्रति बकरा लगभग ₹12,000) ,पशुओं का बीमा – लगभग ₹7,500 तक शुरुआती चारा और देखभाल – ₹10,000 से ₹12,000 तक इस तरह पशु खरीद, बीमा और आहार मिलाकर पूरी यूनिट की लागत करीब ₹1.50 लाख बैठती है।  कितनी मिलेगी सब्सिडी? इस योजना में अनुदान (सब्सिडी) का भी प्रावधान है— सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के किसानों को 25% तक सब्सिडी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग को 33% तक सब्सिडी इस तरह किसान को अधिकतम करीब ₹50,000 तक की सरकारी सहायता मिल सकती है। कौन कर सकता है आवेदन? छत्तीसगढ़ का निवासी किसान पशुपालन में रुचि रखने वाले ग्रामीण युवा जिनके पास पशु रखने की जगह हो बैंक लोन लेने की पात्रता रखने वाले आवेदक कैसे करें आवेदन? जानिए पूरा प्रोसेस अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय / पशु विकास विभाग कार्यालय में संपर्क करें योजना से जुड़ा आवेदन फॉर्म प्राप्त करें जरूरी दस्तावेज जमा करें – आधार कार्ड ,निवास प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) बैंक पासबुक विभाग द्वारा सत्यापन के बाद योजना का लाभ मिलेगा क्यों फायदेमंद है बकरी पालन योजना? कम लागत में शुरू होने वाला व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बढ़िया साधन दूध और पशु बिक्री से नियमित आमदनी सरकार की सब्सिडी से शुरुआती बोझ कम अगर आप खेती के साथ-साथ अतिरिक्त कमाई का मजबूत जरिया ढूंढ रहे हैं, तो राज्य बकरी उद्यमिता विकास योजना आपके लिए शानदार मौका है।

यमुना का पानी संदिग्ध: रिपोर्ट में सामने आए 13 माइक्रोप्लास्टिक प्रकार, स्वास्थ्य पर चिंता

नई दिल्ली  जिसे आप पानी समझकर पी रहे हैं वह पानी नहीं प्लास्टिक है.हाल ही में आई द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) की एक रिसर्च काफी डराने वाली है. टेरी की ओर से एक साल तक किए गए वैज्ञानिक अध्ययन में दिल्ली से गुजरने वाली यमुना नदी, नलों से आने वाले भूजल, शहर के खुले नालों और बाढ़ क्षेत्र की मिट्टी में बड़ी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिले हैं. टेरी की स्टडी ऑन माइक्रोप्लास्टिक्स इन रिवर यमुना एंड ग्राउंडवॉटर इन दिल्ली (2024–25) बताती है कि शोधकर्ताओं ने दिल्ली के सभी 11 जिलों की विभिन्न जगहों से 88 नमूने लिए थे और उनकी जांच की थी, जिनमें से हर सैंपल में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा काफी ज्यादा मिली है. इस स्टडी को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने करवाया था. जिसके परिणाम काफी डराने वाले आए हैं. खबर के मुताबिक टेरी की ये रिपोर्ट पिछले साल के अंत में दिल्ली सरकार को सौंप दी गई थी. रिपोर्ट बताती है कि मौसम के अनुसार यमुना जल सहित बाकी जल स्त्रोतों में प्रदूषण का स्तर बदलता रहता है. जहां बारिश यानि मानसून से पहले यमुना नदी के पानी में बहाव और जल की आपूर्ति बढ़ने के कारण माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा ज्यादा देखी गई और मॉनसून के बाद यह कम हो जाती है क्योंकि यह गंदगी और प्लास्टिक आसपास की मिट्टी में फैल जाती है. माइक्रोप्लास्टिक क्या होती है? माइक्रोप्लास्टिक 5 मिलीमीटर से छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं जो पानी में मिले रहते हैं और दिखाई भी नहीं देते लेकिन अगर इस पानी को पीया जाता है तो यह कण अपने साथ जहरीले रसायनों को चिपका कर शरीर के अंदर ले जाते हैं और भारी नुकसान पहुंचाते हैं. माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा शरीर में पहुंचने के चलते काफी सारी गंभीर बीमारियां सामने आ सकती हैं. जांच में पाया गया कि करीब 95 फीसदी कण माइक्रोफाइबर (बहुत छोटे रेशे) थे. इससे अंदाजा लगाया गया कि घरों से निकलने वाला कपड़े धोने का पानी और कपड़ा उद्योग से निकलने वाला कचरा भी इस प्रदूषण का बड़ा कारण हो सकता है. सबसे खास बात है कि इस परीक्षण में पानी के अंदर 13 तरह के प्लास्टिक कण पाए गए, जिससे पता चलता है कि ये कण घरों के कचरे, फैक्ट्रियों के गंदे पानी और पैकेजिंग सामग्री जैसे कई स्रोतों से आकर मिल रहे हैं. मौसम के अनुसार बदला स्तर स्टडी कहती है कि मॉनसून में यानि मई–जून 2024 में यमुना के पानी में औसतन 6,375 माइक्रोप्लास्टिक कण प्रति घन मीटर मिले. जबकि दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 (मानसून के बाद) यह घटकर 3,080 कण प्रति घन मीटर रह गए. यानी लगभग 50 फीसदी की कमी देखी गई. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कमी प्लास्टिक कम बनने से नहीं, बल्कि बारिश के कारण पानी बढ़ने से कण बह जाने और पतले पड़ने (डायल्यूशन) की वजह से हुई. मानसून के दौरान तेज बहाव कणों को नीचे की ओर बहा देता है, लेकिन सबसे बड़ी बात है कि नदी किनारे की मिट्टी में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा चार गुना से ज्यादा बढ़ गई. मानसून से पहले औसतन 24.5 कण प्रति किलो मिट्टी थे, जो बाद में बढ़कर 104.45 कण प्रति किलो हो गए.

Indus Water Treaty पर सख्त कदम! भारत का फैसला, सरहद पार पानी पर लगेगी रोक?

नई दिल्ली बीते साल पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इसके साथ ही भारत ने सिंधु नदी तंत्र की नदियों के पानी को रोकने के लिए काम भी शुरू कर दिया था. इसके लिए भारत ने कई प्रोजेक्ट्स पर एक साथ काम शुरू किया था. इसी क्रम में रावी नदी पर बन रहे शाहपुर कांडी डैम का काम पूरा होने वाला है. इस डैम के बनने के बाद भारत से रावी नदी का अतिरिक्त पानी पाकिस्तान नहीं जाएगा. यह डैम पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के पास बन रहा है. काफी लंबे समय से यह प्रोजेक्ट चल रहा था. इससे पाकिस्तान की परेशान और बढ़ने वाली है.  एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने सोमवार को कहा कि इस साल 31 मार्च तक इस बांध का काम पूरा हो जाएगा. इस बांध के बनने के बाद सूखा प्रभावित कठुआ और सांबा जिले में सिंचाई की सुविधाएं विकसित हो सकेंगी. इस बांध के बनने के बाद पंजाब में पांच हजार हेक्टेयर और जम्मू क्षेत्र के कठुआ और सांबा में 32,172 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा विकसित होगी. इस सिंचाई परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 485 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. सिंधु जल संधि के दायरे में नहीं आती यह नदी राज्य के पूर्व सिंचाई मंत्री ताज मोहिदीन ने कहा कि यह बांध सिंधु जल संधि के दायरे में नहीं आता है, क्योंकि रावी नदी के पानी पर भारत का विशेष अधिकार है. हालांकि राणा ने कहा कि इस संधि को स्थगित किए जाने के बाद राज्य में बांध परियोजनाओं में तेजी आई है. 1960 के दशक में हुई इस संधि के तहत सतलुज, ब्यास और रावी नदी के पानी पर भारत को अधिकार मिला था, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का पानी पाकिस्तान को देने की बात कही गई थी. पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया था. संधि स्थगित होने बाद भारत नदियों के पानी को लेकर डेटा शेयर करना बंद कर दिया था. इसके साथ ही सिंधु तंत्र के पश्चिमी नदियों के पानी का इस्तेमाल बढ़ा देगा. मात्र 8 साल में बन गया बांध रिपोर्ट में कहा गया है कि रावी के पानी पर भारत का अधिकार है. बावजूद इसके बांध न होने से काफी पानी पाकिस्तान चला जाता था और पंजाब-जम्मू के इलाके सूखे रह जाते थे. इस बांध के बनने से बेकार होने वाले पानी का इस्तेमाल बढ़ेगा. इस प्रोजेक्ट को सबसे पहले नवंबर 2001 में मंजूरी मिली थी. लेकिन, दो राज्यों के बीच विवाद के कारण काम काफी दिनों तक रुका रहा. लंबी बातचीत के बाद सितंबर 2018 में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सहमति बनी और उसके बाद काम शुरू हो सका. उसी साल यानी 6 दिसंबर 2018 को केंद्रीय कैबिनेट इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी. इसके बाद करीब आठ सालों में इस बांध का काम पूरा हो गया.

गोरखपुर में धूमधाम से संपन्न हुई भव्य “शिव बारात”, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

The grand “Shiv Baraat” concluded with great pomp in Gorakhpur, thousands of devotees took blessings. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव / कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। गोरखपुर स्थित श्री शिव शक्ति महाकाल खाटू श्याम मंदिर में चार दिवसीय भव्य “शिव बारात” कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। 13 से 16 फरवरी 2026 तक चले इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत संगीत एवं ढोल-डीजे के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। 14 फरवरी को आयोजित हल्दी समारोह में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाग लिया। 15 फरवरी को शाम 6 बजे निकली शिव बारात मुख्य आकर्षण रही। भगवान शिव की आकर्षक झांकी, भव्य साज-सज्जा और भक्तों के जयकारों से पूरा गोरखपुर क्षेत्र गूंज उठा। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे चुनरी चढ़ाने की रस्म संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक भाग लिया। इसके बाद दोपहर 3 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक आयोजनों के सफल आयोजन का संकल्प दोहराया।

दैनिक भविष्यफल 18 फरवरी: जानें करियर, प्यार और धन के मामले में कैसा रहेगा दिन

मेष 18 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। एक प्रोडक्टिव प्रोफेशनल लाइफ जीने की कोशिश करें। सेहत से कोई समझौता न करें। धन की कमी नहीं होगी। वृषभ 18 फरवरी के दिन वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। मिथुन 18 फरवरी के दिन तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कर्क 18 फरवरी के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। सिंह 18 फरवरी का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। कन्या 18 फरवरी के दिन इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। इन परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। तुला 18 फरवरी के दिन एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। खर्च कम करें। वृश्चिक 18 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु 18 फरवरी के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। मकर 18 फरवरी के दिन खर्च को शाम के वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। कुंभ 18 फरवरी के दिन आप आलस भरा महसूस कर सकते हैं। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। मीन 18 फरवरी के दिन मीन राशि आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

राहुल गांधी की अगुवाई पर सवाल, रामदास आठवले ने कही बड़ी बात

मुंबई केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी, ऐसा अब उनकी पार्टी के नेताओं को भी लगने लगा है। मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मणिशंकर अय्यर का बयान सही है। कांग्रेस पार्टी जनता का नेतृत्व नहीं कर सकती और राहुल गांधी पार्टी को मजबूत या प्रतिष्ठित नहीं बना सकते। मणिशंकर अय्यर ने जो कहा, यही उसका सार है। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। मेरे साथ उनके संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। अय्यर बहुत नाराज चल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के नेता भाजपा में आ रहे हैं और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी। कांग्रेस पार्टी घोषणाबाजी और हंगामा करने का काम करती है। कांग्रेस पार्टी में कुछ दम नहीं है। जनता ने पीएम मोदी को तीन बार सत्ता की कुर्सी पर बैठाया है। जनता का भरोसा पीएम मोदी के साथ है। बांग्लादेश में तारिक रहमान की सरकार बनने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि बहुमत के साथ उनकी सरकार बनी है। भारत और बांग्लादेश के संबंध बहुत अच्छे रहे हैं। तारिक रहमान को भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की जरूरत है। बांग्लादेश की बेरोजगारी हटानी है तो भारत के साथ संबंध अच्छा बनाना चाहिए। चुनाव में उनकी जीत पर पीएम मोदी ने बधाई दी है। भविष्य में दोनों देशों के संबंध अच्छे होंगे। टीपू सुल्तान विवाद पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मालेगांव की डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की प्रतिमा रखने का निर्णय ठीक नहीं था। मुस्लिम समुदाय को विवाद वाली बात नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता को भी यह देखना चाहिए कि ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे विवाद पैदा हो। शिवाजी महाराज के साथ टीपू सुल्तान की तुलना नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस नेता की हर तरफ निंदा हो रही है। पीएम मोदी के मुंबई दौरे को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में हैं और उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति भी हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी व्यापार के संबंध पर चर्चा करेंगे, जिससे जरूर भारत और फ्रांस दोनों को लाभ होगा। वंदे मातरम का कांग्रेस नेता विरोध जताए जाने पर रामदास आठवले ने कहा कि हरि प्रसाद को यह अधिकार नहीं है। पहले वे बताएं कि नेता कांग्रेस के हैं या फिर पाकिस्तान के। अगर कांग्रेस के नेता हैं तो वंदे मातरम से उन्हें दिक्कत क्या है? यह हमारा राष्ट्रगीत है और इसका विरोध करना ठीक नहीं है।

जलवायु मुद्दों पर मुंबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अहम भूमिका

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन द्वारा 17 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में राज्य की सतत, स्केलेबल एवं निवेश-अनुकूल नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण संबंधी नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 18 फरवरी 2026 को सायं 6:30 बजे से 8:10 बजे तक मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित होटल सोफिटेल में विशेष आयोजन में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण रोडमैप पर केंद्रित प्रेजेंटेशंस का नेतृत्व करेंगे। ‘मुंबई क्लाइमेट वीक 2026’ का आयोजन भारत में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को गति देने के लिये एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप किया जा रहा है। इस मंच पर राज्यों की जलवायु संबंधी नवाचारों के प्रस्तुतिकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जलवायु संबंधी बेसिक इको सिस्टम पर हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया जायेगा। देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक एवं क्लाइमेट क्षेत्र से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग लेंगे। यह आयोजन राज्य को हरित ऊर्जा निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में म.प्र. सरकार के प्रेजेंटेशन से यह प्रदर्शित किया जायेगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के साथ सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।  

अब विदेश यात्रा होगी सस्ती और आसान, भारतीयों को 56 देशों में मिला Visa-Free एंट्री का फायदा

नई दिल्ली भारतीय पर्यटकों के लिए विदेश यात्रा अब और आसान होने वाली है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के अनुसार, भारत 10 पायदान ऊपर चढ़कर 75वें स्थान पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि भारतीय पासपोर्ट धारक अब 56 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल/ई-वीजा के यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश यात्रा की लंबी प्रक्रियाओं और झंझटों से निजात मिलेगी। वीजा-फ्री देशों में भारतीयों की आसानी इन 56 देशों में कुछ ऐसे हैं, जहां भारतीय पर्यटक सिर्फ पासपोर्ट लेकर एंट्री ले सकते हैं। एशिया में भूटान, कजाकिस्तान, मकाओ, मलेशिया और नेपाल शामिल हैं। अफ्रीका में अंगोला, मॉरीशस, रवांडा और सेनेगल, जबकि कैरिबियन द्वीप समूह में बारबाडोस, जमैका, डोमिनिका और ग्रेनाडा जैसे देश शामिल हैं। ओशिनिया में फिजी, कुक द्वीप और माइक्रोनेशिया जैसे देश भारतीय पर्यटकों के लिए खुल गए हैं। मध्य पूर्व में कतर भी इस श्रेणी में आता है। इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) से आसान यात्रा कई देशों में ऑनलाइन वीजा की सुविधा उपलब्ध है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) कहा जाता है। इससे भारतीय पर्यटक चंद घंटों में वीजा हासिल कर सकते हैं। केन्या, सेशेल्स और सेंट किट्स और नेविस जैसे देश इस श्रेणी में आते हैं। वीजा ऑन अराइवल की सुविधा कुछ देशों में भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट या सीमा पर ही वीजा मिल जाता है। इस सुविधा के तहत एशियाई देशों में कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मालदीव, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड और तिमोर-लेस्ते शामिल हैं। अफ्रीका में बुरुंडी, मेडागास्कर, मोजाम्बिक, जिम्बाब्वे, तंजानिया और अन्य देशों में भी वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा मार्शल द्वीप, पलाऊ, समोआ और तुवालू जैसे ओशिनियाई देश और जॉर्डन, सेंट लूसिया व मॉरिशस भी इसी सुविधा के तहत आते हैं। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स और वैश्विक रैंकिंग हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 199 पासपोर्ट और 227 देशों के आधार पर रैंकिंग करता है। यह सूचकांक यह बताता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक बिना वीजा कितने देशों की यात्रा कर सकता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स की शुरुआत 2000 के दशक के मध्य में हुई थी। लगातार सिंगापुर, जापान और जर्मनी शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में थोड़ी कमजोर हुई है। फरवरी 2026 की रैंकिंग के अनुसार, सिंगापुर सबसे मजबूत पासपोर्ट के साथ 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री प्रदान करता है। जापान और दक्षिण कोरिया 187 देशों के लिए वीजा-फ्री यात्रा की सुविधा के साथ दूसरे स्थान पर हैं। स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात 186 देशों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका 179 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश के साथ 10वें स्थान पर है। यूनाइटेड किंगडम 182 देशों के साथ सातवें स्थान पर और फ्रांस 185 देशों के साथ चौथे स्थान पर है। इस रैंकिंग के बाद भारतीय पर्यटकों के लिए विदेश यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक हो गई है। अब भारतीय बिना वीजा झंझट के 56 देशों की यात्रा कर सकते हैं और कई जगहों पर वीजा ऑन अराइवल या ई-वीजा जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

रसोई तक पहुंचा जहर: एमपी में मिलावटी मसालों का भंडाफोड़, ऐसे हो रहा है खिलवाड़

ग्वालियर आज के दौर में  खाद्य पदार्थों में जो मिलावटी जहर मिलाकर बेचा जा रहा है वो किसी से छिपा नहीं है।  मिटावटी चीजें खाने से ही लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है और कई तरह की बीमारियां भी लग रही हैं। मिलावट का ये धंधे थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जो खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है वो रौंगटे खड़े करने वाली है। साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया में भूसी (चौकर) और लकड़ी का बुरादा मिलाकर लोगो की सेहत के साथ मजाक किया जा रहा है। हॉस्पिटल रोड पर स्थित एक मसाला पिसाई चक्की पर टीम ने कार्रवाई की है मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले मे खाद्य विभाग ने मिलावट के संदेह पर बड़ी कार्रवाई की है। मसाला पिसाई केंद्र पर जांच के दौरान लकड़ी का बुरादा मिलने से हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग की टीम ने गरम मसाले और अन्य मसालों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं और मौके से करीब 30 हजार 700 रुपये कीमत का मसाला जब्त किया गया है। लोगो के स्वास्थ्य से किया जा रहा खिलवाड़ आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जांच में धनिया, हल्दी, लाल मिर्च और गरम मसाले के साथ चौकर और लकड़ी का बुरादा भी पाया गया, जिसे मिलावट के लिए इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। निरीक्षण के दौरान जो सामने आया, उसने टीम भी चौंक गई।  परिसर में ही साबुत हल्दी, साबुत लाल मिर्च, साबुत धनिया और तैयार धनिया पाउडर के साथ गरम मसाला पाउडर और भूसी (चौकर) और लकड़ी का बुरादा भी पाया गया है। जांच में सामने आया कि, भूसी और लकड़ी के बुरादे का इस्तेमा धनिया पाउडर में मिलावट के लिए किया जा रहा था। भूसी और लकड़ी का बुरादा मिलाकर यहां धनिया बेचा जा रहा था। चक्की को किया गया सील खाद्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित पिसाई केंद्र का पंजीयन निरस्त किया जाएगा और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद टीम ने तत्काल ही मसाला कारोबार बंद करा दिया है। साथ ही, पिसाई केंद्र को सील कर दिया।  

प्रगतिशील किसानों को हितलाभ करेंगे वितरित, उन्नत कृषि तकनीक पर लगेगी प्रदर्शनी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कृषक कल्याण वर्ष के पहले राज्य स्तरीय विशाल एवं भव्य किसान सम्मेलन 18 फरवरी बुधवार को ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ में शुभारंभ करेंगे। वे 87.86 करोड़ रुपए लागत के 41 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे। किसान सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सांसद भी भारत सिंह कुशवाह सहित अन्य अतिथिगण शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उन्नत खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों को हितलाभ वितरित करेंगे। कुलैथ में उन्नत कृषि तकनीक पर प्रदर्शनी भी लगेगी। प्रदर्शनी में उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती व पशु नस्ल सुधार को प्रमुखता से शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान सम्मेलन में लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस अवसर पर स्थानीय किसानों की पारंपरिक बैलगाड़ी-दौड़ होगी। साथ ही भगवान कृष्ण आधारित लोकगीतों की प्रस्तुति भी होगी।

शर्मनाक वारदात: पत्नी की निजता से खिलवाड़, पति ने खुद ही वीडियो कर दिया वायरल

नई दिल्ली डिजिटल दौर में फेम और व्यूज की भूख इंसान को किस हद तक गिरा सकती है इसकी एक भयावह मिसाल मध्य प्रदेश के रीवा से सामने आई है। यहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी की अस्मत को इंटरनेट पर नीलाम कर दिया। आरोपी ने अपनी पत्नी का 13 मिनट 14 सेकेंड का निजी वीडियो एक पोर्न साइट पर अपलोड कर दिया ताकि वह ऑनलाइन स्टार बन सके। भरोसे का कत्ल: पोर्न स्टार बनने की थी चाह पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाला है। आरोपी पति लंबे समय से अश्लील साइट्स देखने का आदी था और खुद को पोर्न इंडस्ट्री का स्टार समझने लगा था। इसी सनक में उसने पत्नी के साथ निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड किया। जब पत्नी ने वीडियो वायरल होने पर विरोध किया तो पति ने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह सब जानबूझकर किया है ताकि लोग उसे पहचानें और वह पॉपुलर हो जाए। दहेज विवाद और बदले की साजिश पीड़िता के परिवार का आरोप है कि इस घिनौनी करतूत के पीछे सिर्फ सनक नहीं बल्कि दहेज का लालच भी था। 10 मई को हुई शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 3 लाख रुपये की मांग कर रहा था। 1 लाख रुपये बकाया होने के कारण आरोपी अक्सर विवाद करता था। आरोप है कि दहेज की रकम न मिलने पर उसने अपनी पत्नी से बदला लेने के लिए उसका वीडियो सार्वजनिक कर दिया और उसे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा।   सोशल मीडिया पर आक्रोश: यह इंसान नहीं, दरिंदा है वीडियो वायरल होने के बाद जब रिश्तेदारों और गांव वालों तक यह बात पहुंची तो सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर दौड़ गई। यूजर्स ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने मेरी जिंदगी तबाह कर दी। वह वीडियो मेरे परिचितों को भी भेजता रहा। यूजर्स की प्रतिक्रिया: लोग इसे सिर्फ साइबर क्राइम नहीं बल्कि एक महिला की गरिमा की हत्या मान रहे हैं। मुंबई फरार हुआ आरोपी, पुलिस की दबिश जारी रीवा के समान थाना क्षेत्र में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली है। पता चला है कि वह मुंबई फरार हो गया है। सीएसपी राजीव पाठक के मुताबिक पुलिस की एक टीम मुंबई भेजी जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले में आईटी एक्ट और दुष्कर्म व धमकी की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।  

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