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AI से लिखी जा रही ‘काल्पनिक’ पैरवी! सुप्रीम कोर्ट में भड़के CJI सूर्यकांत, दिया कड़ा संदेश

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत समेत शीर्ष न्यायालय के कई जजों ने कहा है कि कई वकील ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एआई की मदद ले रहे हैं। इस दौरान न्यायाधीशों ने कहा कि ड्राफ्ट में ऐसे उदाहरण दिए जा रहे हैं, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। जानकारों का कहना है कि एआई जजों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि सहायक की भूमिका निभा सकता है। बार एंड बेंच के अनुसार, याचिकाएं तैयार करने के लिए AI के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘हमें हैरान करने वाले बात बताई गई है कि कुछ वकीलों ने ड्राफ्टिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।’ जस्टिस बीवी नागरत्न ने कहा, ‘एक केस था मर्सी बनाम मैनकाइंड, जो वजूद में ही नहीं था।’ सीजेआई ने कहा, ‘जस्टिस दीपांकर दत्ता के साथ भी ऐसा कुछ हुआ है। बताए गए सभी उदारहण कभी थे ही नहीं।’ जस्टिस नागरत्न ने कहा, ‘कुछ सुप्रीम कोर्ट के असली केसों के हवाला दे रहे थे, लेकिन उनके कुछ बताए गए हिस्से फैसले में थे ही नहीं।’ एआई जज की जगह नहीं ले सकता, पूर्व जज बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने हाल ही में कहा कि AI न्यायिक प्रणाली में जज की जगह नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि एआई सिर्फ न्याय प्रणाली में सहायक की भूमिका निभा सकता है। जस्टिस माहेश्वरी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘भारतीय न्याय प्रणाली को बदलने के लिए एआई का इस्तेमाल’ परिचर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्ञान को बढ़ाने और काम में मदद करने का एक सहायक उपकरण है, लेकिन यह इंसानी समझ की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई में स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता नहीं होती और न ही इसमें मानवीय संवेदना या परिस्थितियों की भावनात्मक समझ है, जो न्याय के लिए जरूरी है। एआई सिर्फ सहायक टूल के तौर पर काम करे परिचर्चा के अंत में वक्ताओं ने माना कि मुकदमों के बोझ कम करने और मामलों के त्वरित निपटारे में एआई के इस्तेमाल के तरीकों पर जोर दिया। साथ ही न्यायिक आजादी और कानून के राज में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए। बातचीत में यह आम सहमति दिखी कि एआई को न्यायिक तर्क के विकल्प के बजाय एक सहायक टूल के तौर पर काम करना चाहिए।

AI की वैश्विक दौड़ में भारत आगे: पीएम मोदी के साथ ‘Sarvam Kaze’ की एंट्री

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में एक शानदार चश्मा पहने हुए देखा गया। यह साधारण नहीं बल्कि AI डिवाइस है। इस वियरेबल का नाम sarvam kaze है। एआई ग्लासेस को देश के AI स्टार्टअप सर्वम AI ने बनाया है। एआई समिट 2026 में जियो ने भी अपने एआई ग्लासेस पेश किए हैं। ऐसे में पीएम मोदी द्वारा स्वदेशी एआई ग्लासेस को पहनना कोई आम बात नहीं है। ये एआई ग्लासेस कई दमदार फीचर्स के साथ लाए जाएंगे। पीएम मोदी ने टेस्ट किए एआई ग्लासेस 16 फरवरी से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में Sarvam Kaze पेश किए गए हैं। यह एक AI वियरेबल है। इसकी मदद से अन्य स्मार्ट ग्लासेस की तरह ही यूजर रियल समय में देखी जाने वाली चीजों के बारे में सुन सकते हैं। यह एआई ग्लासेस आपकी बातों का जवाब देता है और इसके जरिए आप कुछ भी कैप्चर कर सकते हैं। भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में वॉक फेंक के दौरान पीएम मोदी ने यह चश्मा पहना था। सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार द्वारा शेयर की गई फोटोज में प्रधानमंत्री एग्जीबिशन फ्लोर पर इसके रियल-टाइम रिस्पॉन्स को टेस्ट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चैट फीचर लाने की योजना में कंपनी कंपनी इस हफ्ते एक चैट फीचर भी लॉन्च करने की योजना बना रही है। इस डिवाइस को आवाज और विजुअल इंटरैक्शन के जरिए असल दुनिया में इंटेलिजेंस लाने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के मुताबिक, यूजर्स सर्वम प्लेटफॉर्म पर जाकर कस्टम एक्सपीरियंस भी पा सकते हैं। इस एआई डिवाइस को भारत में डिजाइन और बनाया गया है। कंपनी इसे पूरी तरह से देसी AI प्रोडक्ट के तौर पर पेश कर रही है। कंपनी के अनुसार इस डिवाइस को मई में भारतीय बाजार में लॉन्च किया जा सकता है। बिना इंटरनेट वाला एआई भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने हाल ही में Sarvam Edge लॉन्च किया है। इसकी खासियत है कि यह बिना इंटरनेट के चल रहा है। इसकी मदद से आप अपने फोन या लैपटॉप पर बिना इंटरनेट के भी AI का इस्तेमाल कर पाएंगे। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, Sarvam AI ने बताया है कि यह एक ऐसा ऑन डिवाइस AI प्लेटफॉर्म होगा, जिसे चलाने के लिए ना तो क्लाउड सर्वर की जरूरत है और ना ही इंटरनेट कनेक्शन की। Sarvam Edge उन लोगों तक भी AI को पहुंचाएंगा, जो महंगे इंटरनेट प्लान का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं और जिनके क्षेत्र में नेटवर्क नहीं आते हैं। Sarvam Edge की खासियत होगी कि यह आपके डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करेगा और इंटरनेट से जुड़ा ना होने की वजह से 100% सुरक्षित भी रहेगा। इससे देखकर लग रहा है कि अब भारतीय कंपनियों ने भी एआई के क्षेत्र में देश को टॉप पर पहुंचाने के लिए अपनी कमर कस ली है।

स्पीड, स्टंट और सोशल मीडिया का खुमार: दिल्ली स्कॉर्पियो कांड ने छीनी मासूम की जान, मां ने लगाई न्याय की पुकार

नई दिल्ली दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए दर्दनाक हादसे से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई। दिल्ली के द्वारका इलाके में पिछले दिनों हुए स्कॉर्पियों कांड से हर कोई सन्न है। एक नाबालिग के रील बनाने का जुनून 23 साल के साहिल की जान पर भारी पड़ गया। घटना उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार एसयूवी एक टैक्सी और बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर मौजूद साहिल धनेश्वा की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में अब खुलासे हो रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक जिस एसयूवी से इतना बड़ा हादसा हुआ, वो एक 17 साल का नाबालिग चला रहा था। उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था और गाड़ी पर पहले से ही ओवरस्पीडिंग के कई चालान थे। जानकारी के मुताबिक आरोपी अपनी बहन के साथ मौजूद था और हादसे के वक्त रील बना रहा था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें हादसे के वक्त आरोपी अपनी बहन के साथ रील बनाते नजर आ रहा है। मां का क्या आरोप? अब इस मामले में मृक की मां इन्ना माकन ने न्याय की गुहार लगाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि आरोपी स्टंट मारते हुए गाड़ी चला रहा था। उसे गाड़ी चलानी भी नहीं आती थी और ना ही उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस था। उन्होंने बताया कि आरोपी अपनी बहन के साथ स्कॉर्पियो में रील बनाने निकला था और गलत लेन में स्टंट कर रहा था। इस दौरान वह बस के सामने आ गया। उन्होंने आगे कहा कि टक्कर के बाद भी एसयूवी ड्राइवर ने ब्रेक नहीं लगाए। इस हादसे में बस और पास में खड़ी टैक्सी को भारी नुकसान हुआ। इन्ना माकन ने कहा कि रील बनाने के जुनून और रईस मां-बाप की शह ने उनके बेटे की जान ले ली। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार चालान कटने के बावजूद पिता ने नाबालिग को गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका। उन्होंने कहा कि यह उस मानसिकता का परिणाम है जहां अमीर लोग समझते हैं कि वे पैसे के दम पर कानून को अपनी जेब में रख सकते हैं। वीडियो में मां ने कहा कि आरोपी स्टंट बनाने के लिए घर से निकला और मेरे बेटे को उड़ा दिया। उन्होंने ये भी बताया कि वह एक सिंगल मदर हैं और उन्होंने 23 साल से अपने बेटे को अकेले ही पाला है। विदेश जाने वाला था साहित साहिल की मां ने कहा, मेरा बेटा बीबीए का छात्र था, लास्ट ईयर में था और उसका आखिरी सेमेस्टर चल रहा था। कुछ ही महीनों में उसे विदेश जाना था। उसका कॉल लेटर आ चुका था और वह खूब मेहनत कर रहा था। मैंने मीडिया को सब कुछ बता दिया है। मैं इस कानून को स्वीकार नहीं करती और न ही कभी करूंगी। चाहे जो भी हो, इसे हम पर थोपा नहीं जा सकता। कानून व्यवस्था जनता के लिए है। इसे जनता पर थोपा नहीं जा सकता। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कानूनी कार्रवाई की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी नाबालिग को घटना स्थल से ही पकड़ लिया गया था और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे प्रेक्षण गृह भेज दिया गया। हालांकि, 10 फरवरी 2026 को बोर्ड ने उसकी 10वीं की परीक्षाओं को आधार मानते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल तीनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच जारी है। कैसे हुआ हादसा घटना 3 फरवरी की है। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के द्वारका इलाके में मंदो कारों और एक बाइक की टक्कर में 23 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि एक टैक्सी ड्राइवर घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया था कि शुरुआती जांच के अनुसार, एसयूवी गुरुद्वारे की दिशा से आ रही थी, जबकि मोटरसाइकिल विपरीत दिशा से आ रही थी। एसयूवी और मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद, एसयूवी सड़क किनारे खड़ी टैक्सी से टकरा गई।

आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल के तनिष्क सिंघल बने भोपाल टॉपर

भोपाल  एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड  (AESL) के भोपाल के छात्रों ने एक बार फिर जेईई मेन (सेशन 1) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने क्षेत्र में संस्थान के मजबूत शैक्षणिक कार्यक्रम को साबित किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 16 फरवरी को जारी परिणामों के अनुसार, जेईई मेन 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट, भोपाल के 11 छात्रों ने 98 परसेंटाइल से अधिक प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन दिया। जेईई मेन  2026 में, आकाश इंस्टीट्यूट भोपाल शाखा के छात्रों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तनीष्क सिंगल ने 99.925 परसेंटाइल प्राप्त कर भोपाल सिटी रैंक 1 हासिल किया। यह पिछले 3 वर्षों में दूसरी बार है जब भोपाल सिटी टॉपर Aakash Institute की भोपाल शाखा का छात्र बना है। उनके बाद अर्श गिरी ने 99.56 परसेंटाइल और कृष्णा वर्मा ने 99.55 परसेंटाइल के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अंशिका धाकड़ और अनुज सिंह दोनों ने 99.48 परसेंटाइल हासिल किए, निहारिका मीणा ने 99.17, सालेहा अंसारी ने 98.79, आराध्य रैकवार ने 98.75, वेदांत पचौरी ने 98.50, मोहम्मद अज़लान सिद्दीकी ने 98.31 तथा वैभव रंजन ने 98.12 परसेंटाइल प्राप्त किए। यह प्रदर्शन भोपाल शहर में सर्वश्रेष्ठ चयन प्रतिशत में से एक माना जा रहा है। छात्रों की उपलब्धियों पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. एच.आर. राव, चीफ़ ऑफ़ एकेडेमिक्स एवं बिज़नेस हेड, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने कहा: “भोपाल के छात्रों का उत्कृष्ट परिणाम उनके समर्पण और आकाश के मजबूत शैक्षणिक तंत्र का प्रमाण है। हमें उनकी मेहनत पर गर्व है और हम उन्हें दिल से बधाई देते हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।” कई छात्रों ने बताया कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास, कठोर प्रशिक्षण, समय पर मार्गदर्शन और नियमित मूल्यांकन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, योग्य शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित मॉक टेस्ट के अवसरों ने उन्हें अपनी कमजोरियों को जल्दी पहचानने और लगातार सुधार करने में सहायता की। जेईई मेन, जो वर्ष में दो बार आयोजित होता है, छात्रों को अपने पिछले स्कोर में सुधार का अवसर देता है और इसके आधार पर छात्र एनआईटी, आईआईआईटी एवं अन्य सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। यह परीक्षा जेईई एडवांस्ड  के लिए भी क्वालिफाई करने का माध्यम है, जो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी ) में प्रवेश हेतु आयोजित की जाती है।

यूपी बोर्ड हाईस्कूल–इंटरमीडिएट परीक्षा कल से: समय, जरूरी दस्तावेज, वर्जित वस्तुएं और 10 नियम

लखनऊ यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षा कल 18 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही है। पहले दिन दोनों कक्षाओं की हिन्दी की परीक्षा होगी। यूपी बोर्ड 10वीं हाईस्कूल की हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी की परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 को प्रथम पाली में और 12वीं इंटरमीडिएट की हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षाएं 18 फरवरी को द्वितीय पाली में आयोजित की जाएंगी। पहली पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना चाहिए। डीआईओएस ने बताया कि सुबह 8.30 से शुरू होने वाली परीक्षा से आधे घंटे पहले केंद्र के गेट बंद हो जाएंगे। परीक्षार्थी समय से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। बोर्ड ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए विशेष व्यवस्था की है और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थी इनका रखें खास ख्याल 1- अपने साथ एडमिट कार्ड और स्कूल का परिचय पत्र जरूर रखें। 2- परीक्षा के समय से एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचे ताकि जांच और कक्ष खोजने में दिक्कत न हो 3- अपने बैग, कपड़े और बॉक्स अच्छी तरह जांच लें कि कोई अवांछित कागज या नोट्स न रह जांए 4- परीक्षा केंद्र पर कोई भी इलेक्ट्रानिक गैजेट, मोबाइल, स्मार्ट वॉच, कैल्कुलेटर आदि न लेकर जाएं 5- सीट पर बैठने से पहले आसपास अच्छी तरह जांच लें, कागज के अवांछित टुकड़े न रहने दें 6- पेपर से पहले शुरुआती 15 मिनट कॉपी पर अपना नाम, रोल नंबर आदि भरने के साथ इसे पुन: जांच लें 7- कॉपी के पन्ने अगर फटे हों तो कक्ष निरीक्षक को सूचना देकर इसे तत्काल बदल लें 8- प्रश्नपत्र में पहले आसान और फिर बड़े उत्तर वाले प्रश्नों को हल करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। पेपर की आखिरी घंटी बजने के बाद बी और सी कॉपी (यदि ली है) तो उसे सबसे पहले नत्थी जरूर कर लें। 9- बालिका परीक्षार्थियों की तलाशी किसी भी स्थिति में पुरुष कक्ष निरीक्षक या अधिकारी द्वारा नहीं ली जाएगी। 10- उत्तर पुस्तिकाओं के मुख्य पृष्ठ पर यूनिक कोड (केंद्र कोड) की मुहर लगाना अनिवार्य होगा। केंद्र व्यवस्थापक के हस्ताक्षर और पदनाम की मुहर नहीं लगाई जाएगी। 52 लाख से ज्यादा छात्रों ने कराया पंजीकरण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, कुल 52,30,297 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। कक्षा 10 कुल विद्यार्थी: 27,50,945 लड़के: 14,38,682 लड़कियां: 13,12,263 कक्षा 12 कुल विद्यार्थी: 24,79,352 लड़के: 13,03,012 लड़कियां: 11,76,340 यूपी बोर्ड 10वीं की डेटशीट बुधवार – 18 फरवरी 2026 प्रातः 8:30 – 11:45 — हिंदी, प्रारम्भिक हिंदी सांय 2:00 – 5:15 — 19 फरवरी 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — कंप्यूटर सांय 2:00 – 5:15 — सिलाई 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — सामाजिक विज्ञान सांय 2:00 – 5:15 — — 21 फरवरी 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — गृह-विज्ञान (बालिकाओं हेतु) गृह-विज्ञान (छात्र/वे छात्राएं जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया) सांय 2:00 – 5:15 — 23 फरवरी 2026 (सोमवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — अंग्रेज़ी सांय 2:00 – 5:15 — इलेक्ट्रीशियन, हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल, प्लम्बर, सुरक्षा, आईटी/आईटीईएस, मोबाइल रिपेयर, आपदा प्रबंधन, रिटेल ट्रेडिंग 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — एनसीसी सांय 2:00 – 5:15 — मानव विज्ञान 25 फरवरी 2026 (बुधवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — विज्ञान सांय 2:00 – 5:15 — 26 फरवरी 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असमिया, उड़िया, कन्नड़, कश्मीरी, सिंधी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली सांय 2:00 – 5:15 — 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — सांय 2:00 – 5:15 — गणित 28 फरवरी 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — संस्कृत सांय 2:00 – 5:15 — संगीत वादन 7 मार्च 2026 (शनिवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — वाणिज्य सांय 2:00 – 5:15 — 9 मार्च 2026 (सोमवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — उर्दू 10 मार्च 2026 (मंगलवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — चित्रकला, रंजनकला 11 मार्च 2026 (बुधवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — संगीत गायन सांय 2:00 – 5:15 — पाली, अरबी, फारसी 12 मार्च 2026 (गुरुवार) प्रातः 8:30 – 11:45 — कृषि सांय 2:00 – 5:15 — यूपी बोर्ड 12वीं की डेटशीट बुधवार 18 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे —– सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक- हिंदी सामान्य, हिन्दी बृहस्पतिवार 19 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे तक काष्ठ शिल्य, ग्रन्थ शिल्प, सिलाई शिल्प, फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिशु प्रबन्ध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक सहित, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्खी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीटपालन, बीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण, विपणन तथा विक्रय कला, सचिवीय पद्धति, बीमा, सहकारिता, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण,कुलाल विज्ञान, कृत्रिम अंग एवं अवयव तकनीक, इम्ब्राइडरी, हैण्ड ब्लाक प्रिंटिंग एवं वेजिटेबुल डाइंग, धातु शिल्प (मेटल क्राफ्ट), कम्प्यूटर तकनीक एवं मेन्टेनेन्स (डाटा एन्ट्री प्रासेस) घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत एवं रख-रखाव, खुदरा ध्यापार, सुरक्षा, मोबाइल रिपेयरिंग, पर्यटन एवं आतिथ्य, आई०टी० /आईटी० ई०एस०, हेल्थ केयरस्वास्थ्य देखमाल) प्रथम प्रश्नपत्र (केवल व्यावसायिक शिक्षा वर्ग आई के लिये) सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक – नागरिक शास्त्र शुक्रवार 20 फरवरी 2026 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे- कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी)- प्रथम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1 के लिये) कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी -)षष्टम् प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2 के लिये) सायं 2 बजे से 5-15 बजे तक- अंग्रेजी शनिवार 21 फरवरी 2025 प्रातः 8-30 बजे से 11-45 बजे- फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र (कुकरी), परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई तथा रंगाई, बेकिंग तथा कन्फेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण का प्रशिक्षण एवं शिशु प्रबन्ध, पुस्तकालय विज्ञान, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्मिक मेडिकल लेबोरेटरी तकनीक सहित, रंगीन फोटोग्राफी, रेडियो एवं रंगीन टेलीविजन, आटोमोबाइल्स, मधुमक्खी पालन, डेरी प्रौद्योगिकी, रेशम कीट पालन, वीजोत्पादन प्रौद्योगिकी, फसल सुरक्षा सेवा, पौधशाला, भूमि संरक्षण, एकाउन्टेन्सी एवं अंकेक्षण, बैंकिंग, आशुलिपि एवं टंकण, विपणन तथा विक्रय कला, सचिवीय पद्धति, बीमा, सहकारिता, टंकण हिन्दी एवं अंग्रेजी, मुद्रण,कुलाल विज्ञान, … Read more

बंगाल में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना पर सियासत तेज, हिमंत सरमा का तंज—‘पुतले से क्या होगा?’

मिर्जापुर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर के पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान पर तंज कसा है। प्रस्तावित मस्जिद के बारे में पूछे जाने पर, सरमा ने सोमवार को मिर्जापुर में रिपोर्टर्स से कहा, “यह बाबरी मस्जिद का ‘पुतला’ (डमी) है, असली (मस्जिद) नहीं। जब असली मस्जिद ही नहीं रही, तो ‘पुतला’ क्या करेगा?” पिछले बुधवार को, कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तरह बनी बहुत चर्चित मस्जिद का कंस्ट्रक्शन शुरू किया। कबीर, जिन्होंने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से निकाले जाने के बाद जनता उन्नयन पार्टी (JUP) बनाई है, ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में मस्जिद दो साल में बनकर तैयार हो जाएगी और इस पर लगभग 50-55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। निर्माण कार्य में भागीदारी दर्शाने के लिए कई समर्थक अपने सिर पर ईंटें ढोते हुए देखे गए। जेयूपी प्रमुख कबीर ने कहा, “विरोध करने वालों से मैं कहना चाहूंगा कि वे हट जाएं। लोगों को अपने-अपने धर्मों का पालन करने तथा मंदिर, गिरजाघर या जो चाहें बनाने की पूरी आजादी है। मैं इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करूंगा। मेरा उद्देश्य अल्लाह को प्रसन्न करना और अपनी धार्मिक आस्था को निभाना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं।” उन्होंने कहा,”इस मस्जिद के निर्माण को रोकने वाली धरती पर कोई ताकत नहीं है। अल्लाह की कृपा से हम दो साल के भीतर इसका निर्माण पूरा कर लेंगे। इसे बनाने में 50-55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।” कबीर ने घोषणा की कि बोर्ड परीक्षाएं होने के चलते वह फिलहाल निर्धारित ‘बाबरी यात्रा’ – नादिया के पलाशी से उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार तक 235 किलोमीटर की रैली – को स्थगित रखेंगे। 11 एकड़ की जमीन पर बन रही मस्जिद मस्जिद 11 एकड़ की जमीन पर बन रही है और इसमें लगभग 12,000 लोग नमाज पढ़ सकेंगे। कबीर की घोषणा के बाद, एक दक्षिणपंथी ग्रुप, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश के लोगों से मुर्शिदाबाद तक मार्च करने की अपील की थी। 6 दिसंबर 1992 को कार सेवकों के एक बड़े ग्रुप ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिरा दी थी। सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर 2019 के फैसले ने इस मामले को सुलझा दिया, जिसमें विवादित जगह पर एक ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर बनाने का फैसला सुनाया गया और मस्जिद के लिए पांच एकड़ की दूसरी जगह दी गई। इस आदेश के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए दी गयी पांच एकड़ जमीन पर अभी कोई काम शुरू नहीं हुआ है।  

नेपाल A को हराकर भारत का विजयी अभियान जारी, सेमीफाइनल में पाकिस्तान से भिड़ंत के आसार

नई दिल्ली सीनियर टीम की गेंदबाज तनुजा कंवर और मिन्नू मणि के शानदार प्रदर्शन की मदद से भारत ए ने मंगलवार को थाईलैंड के बैंकॉक के टेर्डथाई क्रिकेट ग्राउंड में नेपाल को सात विकेट से हराकर महिला एशिया कप राइजिंग स्टार्स क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। बाएं हाथ की स्पिनर तनुजा ने 12 रन देकर चार विकेट लिए जबकि मिन्नू ने आठ रन देकर तीन विकेट हासिल किये। इन दोनों स्पिनरों की शानदार गेंदबाजी से भारत ने नेपाल को 18 ओवर में केवल 78 रन पर आउट कर दिया। दिनेश वृंदा की 18 गेंदों पर नाबाद 39 रन की शानदार पारी से भारत ए ने महज 7.5 ओवर में तीन विकेट पर 82 रन बनाकर दो अंक हासिल किए। भारतीय टीम अब चार अंकों के साथ ग्रुप ए में शीर्ष पर पहुंच गई है। इस ग्रुप से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम का फैसला यूएई और पाकिस्तान ए के बीच होने वाले मैच के बाद होगा। यूएई के चार अंक हैं, लेकिन पाकिस्तान के जीत हासिल करने पर दोनों टीम के चार-चार अंक हो जाएंगे जिसके बाद नेट रन रेट के आधार पर यह तय होगा कि कौन सी टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी। अगर यूएई जीत जाता है तो वह छह अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच जाएगा, जिससे भारत दूसरे स्थान पर खिसक जाएगा। भारत ने नेपाल के खिलाफ सभी विभागों में दबदबा बनाया। नेपाल की सलामी बल्लेबाज बिंदू रावल (11) और समजना खड़का (28) ने थोड़ी देर के लिए चुनौती पेश की लेकिन उनके आउट होने के बाद नेपाल की पारी सिमटने में देर नहीं लगी। भारत की तरफ से बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव ने भी 17 रन देकर दो विकेट हासिल किए। भारत के लिए लक्ष्य हासिल करना आसान था। दिनेश वृंदा ने नौ चौके लगाए जिससे भारत ने लगभग 12 ओवर शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर दिया। इस जीत से डिफेंडिंग चैंपियन तीन मैचों में चार पॉइंट्स और प्लस 3.042 के नेट रन रेट के साथ ग्रुप ए में टॉप पर पहुंच गई। अपने पहले मैच में यूएई से हैरान करने वाली हार के बाद, कप्तान राधा यादव की टीम ने पाकिस्तान ए और नेपाल पर लगातार जीत के साथ जोरदार वापसी करते हुए नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर ली।  

राष्ट्र निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से लें प्रेरणा : राज्यपाल

भोपाल. राज्यपाल एवं कुलाधिपति  मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर राजनीतिक शुचिता, महिला सशक्तिकरण और सेवा की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने अनेक कल्याणकारी सेवा कार्य किए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने गुजरात के जूनागढ़ के 60 परिवारों को इंदौर में बसाया। लोकमाता का व्यक्तित्व और कृतित्व लगभग 300 वर्षों के बाद आज भी प्रेरणादायक है। विद्यार्थी, लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर निरंतर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। राज्यपाल  पटेल मंगलवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि और पदक प्रदान करने के साथ बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि दीक्षांत उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज उपाधियां प्राप्तकर्ताओं में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या अधिक है। यह “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों का आहवान किया कि हमेशा सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना के साथ गरीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद करें। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 में भारत को विकसित बनाने में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होगा। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करें विद्यार्थी राज्यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमेशा अडिग रहे। ईमानदार रहे। सच्चाई के रास्ते पर चलें। कभी असत्य नहीं बोलें। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम राम के जीवन में भी अनेक कठिनाईयां आई थी। इसके बाद भी उन्होंने अपनी मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा कभी नहीं छोड़ी। माता-पिता ने भगवान  राम को जो आदेश दिया, उसका उन्होंने अक्षरश: पालन किया। विद्यार्थियों को रामायण के हर पात्र से शिक्षा ग्रहण करना चाहिए। दीक्षांत समारोह में स्थानीय सांसद  शंकर लालवानी ने भारत को विकसित बनाने में योगदान देने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का आहवान किया। पद्म से सम्मानित  नारायण व्यास ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य बनाए और उसे पूरा करने के लिये परिश्रम करें। उत्कृष्ट पढ़ाई करें जिससे कि उन्हें रोजगार के समुचित अवसर मिल सके। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के उन्मुखीकरण और गुणवत्तापूर्ण मूल्य संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। समारोह में कुल सचिव, प्राचार्य, प्रोफेसर्स, विद्यार्थी, उनके परिजन तथा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य उपस्थित थे।  

सुरक्षा में बड़ी चूक: बिशुनपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी से 15 अपचारी बालक फरार, कई पर गंभीर अपराधों के आरोप

अंबिकापुर अंबिकापुर के गांधी नगर थाना क्षेत्र के बिशुनपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी से बुधवार रात 15 अपचारी बालक फरार हो गए. फरार होने से पहले किशोरों ने ड्यूटी पर मौजूद एक गार्ड पर हमला किया और परिसर की दीवार लांघकर भाग निकले. सूचना मिलते ही गांधी नगर पुलिस ने देर रात सर्च ऑपरेशन शुरू किया. अब तक पांच अपचारी बालकों को पकड़ा जा चुका है, जबकि 10 अन्य की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. क्षमता से अधिक निरुद्ध थे किशोर जानकारी के मुताबिक, गंभीर अपराधों में निरुद्ध किशोरों के लिए बिशुनपुर में 25 क्षमता वाला प्लेस ऑफ सेफ्टी संचालित है. घटना के समय यहां 26 अपचारी बालक रखे गए थे, यानी क्षमता से एक अधिक. बुधवार रात लगभग 9 बजे भोजन के बाद जब किशोरों को उनके कक्षों में ले जाया जा रहा था, तभी अचानक स्थिति बिगड़ गई और कुछ बालकों ने गार्ड पर हमला कर दिया. तीन गार्ड तैनात, एक पर हमला प्लेस ऑफ सेफ्टी के हाउस फादर (प्रभारी) भानू प्रताप के अनुसार, रात में तीन सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर थे. हमला कर 15 किशोर आहता पार कर फरार हो गए. अन्य दो गार्ड जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक वे परिसर से बाहर निकल चुके थे. घटना की जानकारी तत्काल प्लेस ऑफ सेफ्टी के अधीक्षक द्वारा गांधीनगर पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीमों ने आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. तीन पकड़े गए, दो स्वयं लौटे पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए तीन फरार किशोरों को पकड़ लिया. वहीं दो अपचारी बालक खुद ही वापस प्लेस ऑफ सेफ्टी लौट आए. बाकी 10 की तलाश जारी है. फरार किशोर कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं. गंभीर अपराधों में निरुद्ध किशोर प्लेस ऑफ सेफ्टी में 14 से 18 वर्ष से कम आयु के वे किशोर रखे जाते हैं, जो हत्या, चोरी, दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हों. 18 वर्ष पूर्ण होने पर इन्हें सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया जाता है. इससे पहले बाल संरक्षण गृह से किशोरों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्लेस ऑफ सेफ्टी से सामूहिक रूप से इस तरह भागने की यह पहली घटना मानी जा रही है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बाकी फरार किशोरों की तलाश में जुटी हैं.

सत्ता से पहले ही तारिक रहमान का संदेश, संविधान में बदलाव से किया इंकार

ढाका पड़ोसी देश बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में आज (मंगलवार, 17 फरवरी को) नई सरकार शपथ लेने जा रही है। उससे पहले तारिक रहमान और उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNS) ने संविधान बदलने से इनकार कर दिया है और मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें कहा गया था कि सभी सांसदों को नई “कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल” के सदस्य के तौर पर एक शपथ पत्र पर दस्तखत करने हैं। सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में ही मोहम्मद यूनुस के इस मनमानीपूर्ण फैसले को BNP ने खारिज कर दिया। BNP नेता सलाउद्दीन अहमद ने तारिक रहमान की मौजूदगी में कहा कि पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के निर्देशों के बाद सभी नवनिर्वाचित BNP सांसदों से कहा गया है कि वे कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल फॉर्म पर साइन न करें, क्योंकि वे काउंसिल के सदस्य के तौर पर नहीं चुने गए हैं। BNP के इस कदम से यूनुस की उन कोशिशों को बड़ा झटका लगा है, जिसके तहत वह संविधान को बदलना चाह रहे थे। बता दें कि इस काउंसिल का मकसद पार्लियामेंट चुनावों के साथ हुए रेफरेंडम के हिसाब से बांग्लादेश के संविधान को बदलना है। कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल संविधान में शामिल नहीं डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सलाउद्दीन अहमद ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल संविधान में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि काउंसिल को पहले रेफरेंडम के नतीजों के हिसाब से संविधान में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उसमें कई जरूरी नियमों की भी जरूरत है, जिसमें यह भी शामिल है कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के सदस्यों को शपथ कौन दिलाएगा। BNP MPs ने सिर्फ बांग्लादेश संसद के सदस्य के तौर पर शपथ ली इसके बाद BNP के सांसदों ने सिर्फ बांग्लादेश संसद के सदस्य के तौर पर शपथ ली। BNP का कहना है कि कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के नियम अभी मौजूदा संविधान का हिस्सा नहीं हैं और इस पर संसद में विचार-विमर्श की जरूरत है। बतौर सांसद शपथ लेने तारिक रहमान अपनी बेगम जुबैदा रहमान और बेटी ज़ाइमा रहमान के साथ करीब 10:28 बजे शपथ लेने वाले कमरे में दाखिल हुए। इसके बाद चीफ इलेक्शन कमिश्नर AMM नासिर उद्दीन ने 12 फरवरी को हुए 13वें पार्लियामेंट्री इलेक्शन में चुने गए सांसदों को शपथ दिलाई। ढाका पहुंचे ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मंगलवार को ढाका पहुंच चुके हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अन्य अधिकारियों के साथ ढाका पहुंचने के बाद, बिरला ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण क्षण है जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच जन-संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा। बिरला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”तारिक रहमान के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए ढाका में उपस्थित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह एक महत्वपूर्ण क्षण है जो हमारे दोनों देशों के बीच जन-संबंधों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा।”  

मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26:सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 11.14 प्रतिशत वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ अत्यंत गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और दूरदर्शी नीतियों के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश विधान सभा में मंगलवार को प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध रूप से संतुलित और परिणामोन्मुखी है। प्रमुख बिंदु 1. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित मूल्यों पर ₹16,69,750 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹7,23,724 करोड़ की तुलना में 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। 3. वित्तीय वर्ष 2011-12 से वित्तीय वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय प्रचलित मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹1,69,050 हो गई तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर ₹38,497 से बढ़कर ₹76,971 हो गई, जो वास्तविक आय स्तर में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। 4. वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) की क्षेत्रीय संरचना प्रचलित मूल्यों पर इस प्रकार रही—प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत। 5. स्थिर (2011-12) मूल्यों पर इनकी हिस्सेदारी क्रमशः प्राथमिक क्षेत्र 33.54 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र 26.18 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र 40.28 प्रतिशत रही। 6. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 43.09 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 33.54 प्रतिशत रही। प्रचलित मूल्यों पर इस क्षेत्र का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹6,33,532 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹6,79,817 करोड़ हो गया, जो 7.31 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 7. वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत फसलों का सर्वाधिक योगदान 30.17 प्रतिशत रहा, इसके बाद पशुधन 7.22 प्रतिशत, वानिकी 2.13 प्रतिशत, मत्स्यपालन एवं जलीय कृषि 0.61 प्रतिशत तथा खनन एवं उत्खनन 2.96 प्रतिशत रहा। 8. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 19.79 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 26.18 प्रतिशत रही। द्वितीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹2,84,125 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹3,12,350 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 9.93 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 6.87 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 9. वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत निर्माण क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान 9.22 प्रतिशत रहा, इसके बाद विनिर्माण का 7.22 प्रतिशत तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का 3.35 प्रतिशत योगदान रहा। 10. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र की GSVA में हिस्सेदारी प्रचलित मूल्यों पर 37.12 प्रतिशत तथा स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 40.28 प्रतिशत रही। तृतीयक क्षेत्र का कुल GSVA वित्तीय वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) के ₹5,05,679 करोड़ से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 (अग्रिम अनुमान) में ₹5,85,588 करोड़ हो गया, जो प्रचलित मूल्यों पर 15.80 प्रतिशत तथा स्थिर मूल्यों पर 12.07 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। 11. वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट का सर्वाधिक योगदान 10.35 प्रतिशत रहा। इसके पश्चात अन्य सेवाएँ 7.80 प्रतिशत, अचल संपत्ति, आवास स्वामित्व एवं व्यावसायिक सेवाएँ 4.98 प्रतिशत, लोक प्रशासन 4.96 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएँ 3.73 प्रतिशत, परिवहन एवं भंडारण 2.80 प्रतिशत, संचार एवं प्रसारण संबंधी सेवाएँ 1.68 प्रतिशत तथा रेलवे का 0.82 प्रतिशत योगदान रहा। अन्य क्षेत्रों में प्रमुख उपलब्धियाँ लोक वित्त, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹2,618 करोड़ के राजस्व आधिक्य का अनुमान है। राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि राजस्व प्राप्तियाँ GSDP के 17.16 प्रतिशत के बराबर आंकी गई हैं। कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित है तथा ऋण–GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि एवं ग्रामीण विकास वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 7.66 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उद्यानिकी क्षेत्र 28.39 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 425.68 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। कुल 72,975 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए। औद्योगिक विकास, एमएसएमई एवं अधोसंरचना द्वितीयक क्षेत्र में 9.93 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र में 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिनमें ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश से लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता ₹22,162 करोड़ रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप तथा 103 इनक्यूबेशन केंद्र संचालित हैं। सीएसआर व्यय ₹2,600.47 करोड़ रहा तथा पर्यटन आगमन 13.18 करोड़ रहा। नगरीय विकास अमृत 2.0 के अंतर्गत ₹24,065 करोड़ का आवंटन किया गया, जिसमें 1,134 परियोजनाएँ स्वीकृत हुईं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण किए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को आठ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य लेखा (NHA) 2021-22 के अनुसार कुल स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ रहा, जो GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गया। शिक्षा एवं कौशल विकास वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.00 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है, जबकि कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को SWAYAM पोर्टल पर मॉडल राज्य घोषित किया गया। तकनीकी संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। मुख्यमंत्री मेधावी योजना के अंतर्गत 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन

रायपुर. प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है। जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं। उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

कृषि को मजबूती देने सहकारिता आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहन

भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने सोमवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य महासंघ (सहकारी) मर्यादित के सभागार में विभाग की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, प्रदेश में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्य योजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार आगामी 2 वर्षों में प्रदेश में मत्स्य उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। राज्यमंत्री  पंवार ने कहा कि “किसान कल्याण वर्ष” में मत्स्य पालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले मछुआरों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला स्तर पर मत्स्य महासंघ के माध्यम से मछुआरों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा रोजगार के नवीन अवसर सृजित किए जाएं। राज्यमंत्री  पंवार ने मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर को प्रोत्साहित करने के लिये “फार्म पॉन्ड मॉडल” की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। साथ ही सहकारिता के माध्यम से मछली पालन के साथ सिंघाड़ा, कमलगट्टा एवं मखाना जैसी पूरक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे मत्स्य पालकों की आय में बहुआयामी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। राज्यमंत्री  पंवार ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न वर्गों की 2645 मछुआ समितियां पंजीकृत हैं, जिनकी कुल सदस्य संख्या 1,00,197 है। प्रदेश में 4.42 लाख हैक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें से 99 प्रतिशत क्षेत्र को मत्स्य पालन के अंतर्गत लाया जा चुका है। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। मंत्री  पंवार ने कहा कि जिन तालाबों में 6 से 9 महीने तक पानी रहता है, वहां बोनसाई सीड के जरिए मत्स्य उत्पादन किया जाए। मत्स्य समितियों की जांच कर फर्जी और निष्क्रिय सदस्यों को हटाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि असली मछुआरों को लाभ मिल सके। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव  स्वतंत्र कुमार सिंह, एमडी  अनुराग चौधरी, डायरेक्टर  मनोज कुमार पथरोलिया उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।  

आरडीएसएस अंतर्गत पश्चिम मप्र में 7500 नए ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली वितरण क्षमता बढ़ाई

भोपाल. शासन की महत्वपूर्ण योजना रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पश्चिम मप्र यानि मालवा निमाड़ में अब तक 7500 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इन नए ट्रांसफार्मरों से औद्य़ोगिक क्षेत्र, व्यापारिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, आबादी क्षेत्र की बिजली वितरण क्षमता का विस्तार किया गया हैं। लाखों उपभोक्ताओं की बिजली वितरण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार किया गया है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि आरडीएसएस के तहत 100 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर कंपनी क्षेत्र के इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर, शाजापुर में स्थापित कर उपभोक्ताओं की सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की गई है। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में 900 से ज्यादा ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। उज्जैन जिले में 1200, देवास जिले में 940, रतलाम 540, खरगोन 496, धार 490, खंडवा 485, झाबुआ 400, आलीराजपुर 381, मंदसौर 403, शाजापुर 333, नीमच 290, बुरहानपुर 289 में, बड़वानी में 229 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाकर वितरण क्षमता विस्तार किया गया है। इसी तरह अन्य जिलों में भी ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं।  

‘कैलासा’ पर सुप्रीम कोर्ट का तंज! असली देश को लेकर उठे सवाल, जज ने ली मजेदार चुटकी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका के दौरान अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब जस्टिस संदीप मेहता ने वानुअतु देश के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए उसकी तुलना भगोड़े नित्यानंद के ‘कैलासा’ से कर दी। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों खारिज हुई आरोपी की जमानत। मंगलवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक वास्तविक देश वानुअतु के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 406 (विश्वासघात) के तहत आरोपी एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका से जुड़ा था। आरोपी खुद को वानुअतु का नागरिक बता रहा था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जब आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल वानुअतु का रहने वाला है, तो जस्टिस मेहता ने आश्चर्य जताते हुए उनसे पूछा कि क्या वह कभी वहां गए हैं? कैलासा से की गई तुलना जस्टिस मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा- क्या आप वहां कभी गए हैं? ऐसा कोई देश नहीं है… यह देश ‘कैलासा’ जैसा है। गौरतलब है कि ‘कैलासा’ एक स्वयंभू हिंदू राष्ट्र है जिसे भगोड़े भारतीय गुरु नित्यानंद ने 2019 में बसाने का दावा किया था। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। वहीं, इसके विपरीत वानुअतु एक वास्तविक संप्रभु राष्ट्र है, जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और कॉमनवेल्थ का सदस्य है। भौगोलिक भ्रम और कोर्ट की टिप्पणी बहस के दौरान जब वकील सिद्धार्थ दवे से पूछा गया कि यह देश कहां है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह कैरिबियन में कहीं है। हालांकि, भौगोलिक रूप से यह जानकारी भी गलत थी, क्योंकि वानुअतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित है, न कि कैरिबियन में। कोर्ट को जब यह जानकारी दी गई कि आरोपी ने अलग-अलग समय पर कई पहचानों का इस्तेमाल किया है, तो जस्टिस मेहता ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- हमें इस व्यक्ति पर शोध करने पर विचार करना चाहिए। अंततः आरोपी की जमानत याचिका पर कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए इसे वापस ले लिया गया और कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया।  

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