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गुस्साए ग्रामीणों ने मक्का प्लांट में घुसकर की तोड़-फोड़, कोंडागांव में अपशिष्ट से फसल हुई खराब

कोंडागांव. जिले के कोकोड़ी गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में देर रात ग्रामीणों ने घुसकर जमकर हंगामा किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने प्लांट परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी. घटना में प्रारंभिक तौर पर 10 से 20 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. कोंडागांव के एसपी, एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. हालांकि गांव में अभी भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. अपशिष्ट जल से फसल खराब होने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि मक्का प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं. किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रशासन को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्लांट का घेराव कर दिया. बताया जा रहा है कि रातभर गांव के लोगों ने प्लांट को चारों ओर से घेर रखा. बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई. एक वाहन चालक को जान बचाने के लिए रातभर जंगल में छिपकर रहना पड़ा. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ समय के लिए पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा. प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल ग्रामीणों ने प्लांट के एमडी विनोद खन्ना पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही और नियमित निगरानी के अभाव में समस्या बढ़ती गई. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्लांट प्रबंधन समय रहते शिकायतों पर ध्यान देता तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते. हालांकि, प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. जांच और शांति की अपील प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रदूषण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी. अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है. फिलहाल, कोकोड़ी गांव में हालात तनावपूर्ण हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

सैलरी से ज्यादा कमाई वाले IPS अफसर, मध्य प्रदेश में करोड़ों की संपत्ति का पर्दाफाश

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के कई आईपीएस अधिकारी अपनी सैलरी से ज्यादा कमाई किराए और संपत्तियों से कर रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण (Annual Property Return) से हुआ है। नियम के मुताबिक सभी आईपीएस अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। ताजा आंकड़ों में सामने आया है कि प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और हर साल लाखों-करोड़ों रुपए किराए से कमा रहे हैं। अजय शर्मा के पास 11.65 करोड़ की संपत्ति पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के पास करीब 11 करोड़ 65 लाख रुपए की संपत्ति दर्ज है। उन्हें हर महीने लगभग 3 लाख 80 हजार रुपए किराया प्राप्त होता है। भोपाल और दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी उनकी अचल संपत्तियां बताई गई हैं। उपेंद्र जैन और वरुण कपूर भी करोड़पति आईपीएस उपेंद्र जैन के पास 8 करोड़ 39 लाख रुपए की संपत्ति है। इंदौर, बड़वाह और भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में उनकी संपत्तियां दर्ज हैं। जेल डीजी वरुण कपूर के पास 8 करोड़ 43 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उन्हें हर साल करीब 5 लाख 12 हजार रुपए किराए से आय होती है। जयदीप प्रसाद और अनिल कुमार की भी बड़ी संपत्ति एडीजी, एससीआरबी जयदीप प्रसाद के पास 5 करोड़ 32 लाख रुपए की चल संपत्ति दर्ज है। रांची, हजारीबाग, भोपाल, सीहोर और गुड़गांव में उनकी संपत्तियां हैं। उन्हें हर साल करीब 74 लाख रुपए की आय इन संपत्तियों से होती है। महिला शाखा के स्पेशल डीजी अनिल कुमार के पास 4 करोड़ 81 लाख रुपए की संपत्ति बताई गई है। नियम क्या कहते हैं? केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के नियमों के अनुसार हर आईपीएस अधिकारी को अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत यह जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में आई है।मध्यप्रदेश में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और नियमित वेतन के अलावा किराए से भी बड़ी आय अर्जित कर रहे हैं। संपत्ति विवरण के खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

नगर परिषद भरोसा के कर्मचारियों को भुगतान न मिलने से हो रही परेशानी

इंदौर नगर परिषद भोरासा जिला देवास मध्य प्रदेश यहां के कर्मचारी संघ के कर्मचारी गण ने बताया कि 6 महीने से अधिक समय हो गया है ! अभी तक हमारी तनख्वा आप प्राप्त है कर्मचारियों ने पूछा कि हमारी तनक अभी तक क्यों नहीं मिल पा रही है? तो जवाब में आया कि अभी तक ऊपर से तनख्वाह नहीं आई तो हम आपको कहां से दें ? यह भी प्राप्त हुआ कि उनमें से एक कर्मचारी बहुत ज्यादा परेशान होकर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से विनती कर रहा है कि हमारे बच्चों को स्कूल से निकाला जा रहा है और परीक्षा नजदीक आ रही है ऐसे में हमारे हमारे बच्चों का भविष्य भी अंधकार में होगा अगर हम लोगों ने स्कूल की फीस भरने में असमर्थ हैं? और इतना ही नहीं हमारे घर में किराने का सामान नहीं है कुछ कर्मचारी है बोल रहे कि इस स्थिति में हम जहर खा लेंगे उसके बाद भी तो हमें आप पैसा दोगे अगर हमें पैसा नहीं दिया तो अगला कदम वही होगा जो हमने बोला है? उसके बाद हम मरे या जिए इस से कोइ फरक नही पड़ रहा है !सुनील ठाकुर कर्मचारी नगर परिषद ने कहा कि समय रहते भुगतान करें ताकि हमारे साथ-साथ हमारे परिवार का भी भविष्य उज्जवल में हो सके कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि नगर परिषद भरोसा के कर्मचारियों का भुगतान अति शीघ्र कराया जाए।

कोलंबो में सजेगा क्रिकेट का महासंग्राम, भारत-पाक मैच देखने जाएंगे बीसीबी प्रमुख

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के प्रमुख अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले टी20 विश्व कप मैच देखने के लिए कोलंबो में जाएंगे और उन्हें उम्मीद है कि पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ उनके संबंध सुधरेंगे। इस्लाम ने बांग्लादेश के अखबार ‘प्रथम आलो’ से कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मैच के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की तरफ से निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी ने एक फैसला लिया है। आईसीसी के प्रमुख हितधारक ये पांच एशियाई देश हैं तथा वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने मैच के लिए सभी पांच एशियाई देशों के प्रतिनिधि एक साथ स्टेडियम में मौजूद रहें, मैच देखें और एक-दूसरे से बात करें।’’ भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान एशिया के आईसीसी में महत्वपूर्ण सदस्य हैं। इस्लाम से पूछा गया कि क्या इस बैठक से बीसीसीआई के साथ उसके तनावपूर्ण संबंध खत्म करने में मदद मिलेगी, उन्होंने कहा, ‘‘‘आप इसे कुछ इसी तरह मान सकते हैं।’’ बीसीसीआई और बीसीबी के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बोर्ड ने कुछ अज्ञात परिस्थितियों के चलते बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स के आईपीएल अनुबंध से बाहर करने का आदेश दिया। ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह कदम बांग्लादेश में हुई राजनीतिक हिंसा से प्रेरित था जिसमें हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मैचों के लिए भारत आने से इनकार कर दिया। बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी ने बांग्लादेश की चिंताओं को खारिज कर दिया था। बांग्लादेश हालांकि अपने रुख पर कायम रहा इसके बाद उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को दे दी गई। इस्लाम ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन तैयार करेगा जिससे आईसीसी की तरफ से उन्हें मिले आश्वासनों को अंतिम रूप दे दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक समझौता भी करेंगे। यह एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) जैसा दस्तावेज होगा, ताकि कोई अनिश्चितता न रहे। आईसीसी के साथ (समझौता ज्ञापन तैयार करने के संबंध में) चर्चा लगभग अंतिम पड़ाव पर है।’’  

रेल का महाशिवरात्रि तोहफा, महाकाल मंदिर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान, भीड़ कम होगी

उज्जैन  महाशिवरात्रि महापर्व पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और सीहोर (कुबेरेश्वर धाम) जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर के मध्य तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें (Special Mela Trains) चलाने का निर्णय लिया है। मंडल रेल प्रवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि ये ट्रेनें 13 से 23 फरवरी तक संचालित की जाएंगी। ट्रेनों का शेड्यूल -1. उज्जैन संत हिरदाराम नगर उज्जैन (09305/09306) संचालनः 13 से 22 फरवरी तक प्रतिदिन । समयः उज्जैन से सुबह 09:00 बजे चलकर दोपहर 13:30 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में वहां से दोपहर 14:30 बजे चलकर शाम 19:30 बजे उज्जैन आएगी। स्टॉपेजः तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर।     उज्जैन भोपाल उज्जैन (09307/09308) संचालनः 13 से 23 फरवरी तक प्रतिदिन। समयः उज्जैन से रात 21:00 बजे चलकर रात 02:10 बजे भोपाल पहुंचेगी। वापसी में भोपाल से सुबह 03:10 बजे चलकर सुबह 08:00 बजे उज्जैन आएगी। स्टॉपेजः उपरोक्त स्टेशनों के साथ संत हिरदाराम नगर पर भी ठहराव।     उज्जैन संत हिरदाराम नगर उज्जैन (09313/09314) – संचालनः 13-22 फरवरी तक रोज समयः उज्जैन से शाम 16:00 बजे चलकर रात 21:40 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में रात 22:30 बजे चलकर अगले दिन रात 2 बजे उज्जैन पहुंचेगी। स्टॉपेजः तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर। कोच और सुविधा रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन मेला स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए सामान्य और स्लीपर श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे। इससे कम बजट में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी। 

बायोमेट्रिक लेकर भी हितग्राहियों को नहीं दिया राशन, सेल्समैन का बड़ा कारनामा

रायपुर/आरंग. शासन की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत योजनाओं को जमीनी स्तर पर कैसे पलीता लगाया जाता है, इसकी एक तस्वीर ग्राम पंचायत नारा में देखने को मिली है. ग्रामीणों की माने तो यहां के शासकीय उचित मूल्य की दुकान के सेल्समैन रामलाल रात्रे ने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि लगभग 300 गरीब परिवारों के मुंह से निवाला छीनकर एक बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है. ग्रामीणों ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि सेल्समैन ने चालाकी से सभी हितग्राहियों के बायोमेट्रिक (अंगूठा) मशीन पर ले लिए, ताकि रिकॉर्ड में वितरण ‘सफल’ दिखाई दे. लेकिन जब राशन देने की बारी आई, तो हितग्राहियों को खाली झोला लेकर घर लौटना पड़ा. पिछले 3 महीनों से यही खेल चल रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि सेल्समेन रामलाल रात्रे बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवा लेने के बाद कहते थे कि ऊपर से राशन नहीं आया है, जब आएगा तब देंगे, लेकिन महीना बीत जाने के बाद भी राशन नहीं मिलता था. ऑडिट में फूटा ‘घोटाले का फोड़ा’ ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जब फूड इंस्पेक्टर ने दुकान का औचक निरीक्षण और स्टॉक ऑडिट किया, तो भ्रष्टाचार की परतें उखड़ती चली गईं. जांच के दौरान सेल्समैन रामलाल रात्रे डर के मारे फरार रहा, जो स्वयं उसके गुनाह की पुष्टि करता है. राशन दुकान के ताले को कटर मशीन से तोड़ा गया फिर जांच कार्यवाही शुरू हो सकी. सूत्रों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी माह के लिए नागरिक आपूर्ति निगम ने जो आबंटन भेजा था, वह कागजों में तो बंट गया, लेकिन भौतिक रूप से गायब है. शासकीय उचित मूल्य की दुकान संख्या 442003103 में 495.94 क्विंटल चावल, 16.39 क्विंटल शक्कर और 16.22 क्विंटल नमक का आबंटन हुआ है. लेकिन हितग्राहियों को अभी तक राशन का वितरण नहीं हो पाया है. निरीक्षण के दौरान राशन दुकान में चावल ही नहीं मिला है. प्रशासन की चुप्पी और ग्रामीणों का आक्रोश हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में राशन का गबन बिना किसी ऊंचे संरक्षण के संभव नहीं है. ग्रामीण पिछले कई महीनों से दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपी सेल्समैन की गिरफ्तारी नहीं होना प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल खड़े करता है. खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, सेल्समैन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और गबन की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. दुकान की जांच में सामने आई गड़बड़ियां निरीक्षण करने पहुंची खाद्य निरीक्षक पुष्पा चौधरी ने बताया कि हितग्राहियों की शिकायत पर ग्राम पंचायत नारा स्थित शासकीय उचित मूल्य का निरीक्षण किया गया है, जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आई है. मौके पर कुछ हितग्राही आए थे जिनका बायोमेट्रिक लेकर उन्हें अभी तक राशन नहीं दिया गया है. अन्य हितग्राहियों की जानकारी लेते हुए बीते महीनों में राशन दुकान को आबंटित चावल, शक्कर और नमक की मात्रा का आंकलन किया जा रहा है. जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगी, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

रेल प्रोजेक्ट के लिए बड़े पैमाने पर वन कटान, मध्य प्रदेश में केंद्र से अंतिम स्वीकृति की मांग

इंदौर मध्यप्रदेश में महत्वाकांक्षी महू-खंडवा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत घने जंगलों में निर्माण शुरू करने के लिए रेलवे ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम स्वीकृति मांगी है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद दो जिलों में फैले घने जंगलों में बड़ी रेल लाइन के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। दरअसल, भारतीय रेलवे ने मध्य प्रदेश में महू-खंडवा लाइन का गेज बदलने का काम शुरू करने के लिए केंद्र से आखिरी मंजूरी मांगी है। इस काम में 1.24 लाख से ज्यादा पेड़ों को काटा जाएगा। एक बार केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मंजूरी मिल जाने के बाद, दो जिलों के जंगलों में ब्रॉड गेज लाइन के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 156 km की ब्रॉड-गेज लाइन, आज़ादी से पहले रियासतों के समय बिछाए गए 118 km के नैरो-गेज ट्रैक की जगह लेगी.गेज बदलने का काम चल रहा है और अगले दो साल में पूरा होने की उम्मीद है.एक बयान में वेस्टर्न रेलवे के रतलाम डिवीजन के PRO मुकेश कुमार ने कहा, लगभग 90 km के महू (डॉ. अंबेडकर नगर)-ओंकारेश्वर रोड सेक्शन के बाकी गेज बदलने के काम के लिए केंद्रीय मंत्रालय से आखिरी मंज़ूरी की जरूरत है.उन्होंने कहा, “महू और मुख्त्यारा-बलवाड़ा के बीच करीब 454 हेक्टेयर जंगल की जमीन पर कंस्ट्रक्शन होगा. जमीन खरीदने के लिए, रेलवे ने पहले ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में 100.08 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं और मिनिस्ट्री से इन-प्रिंसिपल मंजूरी ले ली है.” दो साल में पूरा होगा काम अधिकारियों ने बताया कि 156 किमी की ब्रॉड-गेज लाइन, आजादी से पहले रियासतों के समय बिछाए गए 118 किमी के नैरो-गेज ट्रैक की जगह लेगी। गेज बदलने का काम चल रहा है और अगले दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। वन विभाग को मिले 100.08 करोड़ एक बयान में वेस्टर्न रेलवे के रतलाम डिवीजन के पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा कि लगभग 90 किमी के महू (डॉ. अंबेडकर नगर)-ओंकारेश्वर रोड सेक्शन के बाकी गेज बदलने के काम के लिए केंद्रीय मंत्रालय से आखिरी मंजूरी की जरूरत है। महू और मुख्त्यारा-बलवाड़ा के बीच 454 हेक्टेयर जंगल की जमीन पर कंस्ट्रक्शन होगा। जमीन खरीदने के लिए, रेलवे ने पहले ही वन विभाग में 100.08 करोड़ रुपए जमा कर दिए हैं और मिनिस्ट्री से इन-प्रिंसिपल मंजूरी ले ली है। मुआवजे के तौर पर लगाएंगे डबल पौधे रेलवे अधिकारियों ने कहा कि महू-खंडवा गेज कन्वर्जन से उत्तरी और दक्षिणी भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे पैसेंजर सर्विस और माल ढुलाई दोनों में सुधार होगा। वहीं वन विभाग के एक अधिकारी ने अनुमान लगाया कि इंदौर और पड़ोसी खरगोन जिलों में बाकी कंस्ट्रक्शन के लिए 1.24 लाख पेड़ काटने पड़ सकते हैं। डिपार्टमेंट ने पर्यावरण पर असर कम करने और बड़ी संख्या में पेड़ों को बचाने के लिए एक डिटेल्ड प्लान तैयार किया है। एनवायरनमेंटल नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित एरिया से दोगुने एरिया में मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाए जाएंगे।

सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी कमी, निवेशकों के लिए राहत, 22K गोल्ड के दाम 8 हजार कम

इंदौर  13 फरवरी 2026 को सोना और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, गुरुवार शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,42,575 प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को घटकर ₹1,33,920 प्रति 10 ग्राम आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति किलो) के रेट में भी शुक्रवार को 17 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.सोने चांदी का भाव में आज यानि 13 फरवरी 2026 को बड़ी गिरावट रिकॉर्ड हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होते ही गोल्ड और सिल्वर रेट में बड़ी गिरावट देखने, को मिली है। एमसीएक्स पर भी कल यानि 12 फरवरी को मार्केट क्लोज होने तक चांदी के भाव में 9% से ज्यादा की गिरावट रिकॉर्ड हुई थी। सोने का भाव भी 4% से ज्यादा गिर गए। मार्केट के जानकारों का कहना है कि भू राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की नीतियों और महंगाई के आंकड़ों से सोने चांदी की चाल तय होगी। इसके अलावा डॉलर की स्थिति भी कमोडिटी मार्केट को प्रभावित कर रही है। Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                               शुद्धता               गुरुवार शाम का रेट     शुक्रवार सुबह का रेट     जानें कितना सस्ता हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     155650                         152751                     ₹2899 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     155027                         152139                     ₹2888 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     142575                         133920                     ₹8655 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     116738                         114563                     ₹2175 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     91055                           89359                       ₹1696 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    259133                         241945                      ₹17188 सस्ता IBJA रेट (गुरुवार, 12 फरवरी 2026) गुरुवार को सोने का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹156147 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹155650 प्रति 10 ग्राम गुरुवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹260614 प्रति किलो शाम का रेट: ₹259133 प्रति किलो कॉमेक्स पर कैसा है सोना चांदी का हाल कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होने के बाद सोने का भाव $4,953.00 प्रति औन्स से नीचे आ गया। कल गोल्ड रेट $5,081.50 प्रति औन्स और सिल्वर रेट $82.515 प्रति औन्स के साथ ओपन हुए थे, लेकिन उसके बाद भी गिरावट जारी रही। आज सिल्वर रेट गिरावट के साथ $74.865 प्रति औन्स पर ओपन हुआ है। घरेलू कमोडिटी मार्केट का हाल MCX पर गुरुवार को 02 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना एक दिन में 4.07% की गिरावट के बाद 1,52,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर क्लोज हुआ था। इसके अलावा 05 मार्च 2025 डिलीवरी वाली चांदी MCX पर एक दिन में 9.84% की बड़ी गिरावट के बाद 2,37,136 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी मार्केट में जारी है उठापटक इस महीने की शुरुआत से ही सोने, चांदी, तांबे जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में वोलैटिलिटी बनी हुई है। निवेशकों के साथ ही आम जनता भी स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। फेड रिजर्व बैंक की पॉलिसी, भू राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर की कीमतों में उतार चढ़ाव से मार्केट काफी प्रभावित होता है इसीलिए बाजार के जानकारों द्वारा निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि ऐसे वोलेटाइल मार्केट में निवेश करने से पहले हर छोटी बड़ी अपडेट पर नजर बनाकर रखें। इस समय सतर्क रुख अपनाना जरूरी है।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

अत्यंत दुर्लभ मामला: 13 साल की बच्ची के अबॉर्शन पर हाई कोर्ट ने समय सीमा के बावजूद दी हरी झंडी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 24 हफ्ते की सीमा पार हो जाने के बाद भी 13 साल की एक रेप पीड़िता को अबॉर्शन कराने की इजाजत दी है। बच्ची 28 सप्ताह की प्रेग्नेंट है। पीड़िता और उसके परिवार की इच्छा को तरजीह देते हुए अदालत ने डॉक्टरों को सुरक्षित तरीके से अबॉर्शन करने को कहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि कानून 24 सप्ताह के बाद मेडिकल टर्मिनेशन (MTP) को बाधित करता है, पर गर्भ को जारी रखने का फैसला गर्भवती पर निर्भर है। इस केस में नाबालिग बच्ची और उसके माता-पिता ने साफ तौर पर कहा है कि वे गर्भ को जारी नहीं रखना चाहते हैं। इस मामले को सागर जिले के खुराई स्थित एक अदालत ने हाई कोर्ट के सामने पेश किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने रेखांकित किया कि गर्भ को जारी रखने और जन्म देने के लिए गर्भवती की सहमति सबसे ऊपर है, नाबालिग के मामले में भी। अदालत ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड के विचार का भी संज्ञान लिया जिसमें कहा गया है कि चिकित्सकीय गर्भपात संभव है। हालांकि, कुछ जोखिम जरूर है। अदालत ने मेडिकल बोर्ड से कहा है कि बच्ची और उसके परिजनों को जोखिमों के बार में बताया जाए और एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम के द्वारा गर्भपात कराया जाए।

सरेराह पुलिसकर्मी पर हमला, जबलपुर में विवादित घटना का वीडियो वायरल; नागरिकों में गुस्सा

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में सरेराह वर्दीधारी पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में दो युवक एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और चप्पल से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के दौरान सड़क पर चलते राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस बीच कुछ लोगों ने बीच-बचाव का भी प्रयास किया। हालांकि विवाद की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। बताया जा रहा जिस वर्दीधारी पुलिसकर्मी से मारपीट की गई वह कोर्ट में तैनात है। वहीं पिटाई करने वाले दोनों युवक कोर्ट में ही काम करने वाली एक महिला के परिजन बताए जा रहे है। पुलिस इस मामले में जांच-पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाकर की पूछताछ जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र के सिविक सेंटर में गुरुवार उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी की दो युवकों ने सरेराह कथित तौर पर पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, विवाद अचानक बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई, आसपास मौजूद लोगों ने बीच बचाव का प्रयास किया और मामले की सूचना पुलिस की दी गई। सूचना मिलते ही अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और संबंधित पक्षों को ओमती थाने ले जाया गया। हालांकि पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संबंधित पुलिसकर्मी किस थाने या यूनिट में पदस्थ है और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। ओमती थाना के एसआई श्रीराम सनोदिया ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। घटना पर क्या बोले पुलिस अधिकारी सीएसपी रितेश कुमार शिव ने बताया कि कॉन्स्टेबल का नाम रंजीत कौरव है, जो कोर्ट में तैनात है। वहीं, मारपीट के आरोपी कोर्ट में काम करने वाली एक महिला के परिजन हैं। महिला और कॉन्स्टेबल किसी काम के सिलसिले में एक ही जगह पर मौजूद थे। इसी बात को लेकर महिला के परिजन और कॉन्स्टेबल के बीच विवाद हुआ। मारपीट करने वाले दोनों युवक सिवनी जिले के रहने वाले हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फरार जोड़ी पर पुलिस ने किया छापा, मादक पदार्थ और 2 लाख रुपये का सामान जब्त

पांच साल से फरार महिला और युवक मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार   एमडी ड्रग्स, मोबाइल और दोपहिया वाहन समेत 2 लाख का माल बरामद  भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच ने संगीन अपराध में पांच साल से फरार चल रही एक महिला और उसके साथी युवक को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास से एमडी ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और दोपहिया वाहन समेत करीब 2 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत पुलिस उपायुक्त क्राइम ब्रांच अखिल पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने विशेष टीम बनाकर तस्करों की तलाश में लगाया था। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भीमनगर स्थित झरनेश्वर मंदिर के पास एक महिला और एक युवक दोपहिया वाहन सहित खड़े हैं और मादक पदार्थ की बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। इस सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद दोनों संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर 35 वर्षीय महिला निवासी अयोध्या नगर और युवक ने अपना नाम उजेर उर्फ माहिर खान (21) निवासी जहांगीराबाद बताया। तलाशी में मिली एमडी ड्रग्स पुलिस टीम संदेहियों की स्कूटर की डिग्गी की तलाशी ली तो पन्नी के अंदर क्रिस्टलनुमा ब्राउन रंग का पदार्थ रखा मिला, जिसकी पहचान एमडी ड्रग्स के रूप में हुई। वजन करने पर 5.91 ग्राम ड्रग्स पाया गया, जिसकी कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही दोनों के पास दो मोबाइल फोन और स्कूटर भी जब्त किया गया है। जब्त हुए मादक पदार्थ और स्कूटर समेत कुल माल की कीमत दो लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है। पांच साल से फरार चल रही थी महिला पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थ की तस्करी में गिरफ्तार हुई महिला पिछले पांच साल से एक संगीन अपराध में फरार चल रही थी। इसके अलावा वह एक अन्य मामले में भी फरार चल रही थी। पुलिस से बचने के लिए वह अपना ठिकाना बदल-बदल कर रह रही थी। दूसरे आरोपी उजेर के खिलाफ हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट का केस पहले से दर्ज है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में एसआई जसवंत सिंह, हेड कांस्टेबल कुंवर बहादुर, कुशलपाल, आरक्षक बृजमोहन व्यास, जावेद खान, अमन पटेल, घनश्याम चंद्रावत और महिला आरक्षक पूजा अग्रवाल की सराहनीय भूमिका रही है।

नशे के सौदागरों पर क्राइम ब्रांच का प्रहार, दो तस्करों से भारी मात्रा में चरस और नकद बरामद

क्राइम ब्रांच ने नशे के सौदागरों पर किया प्रहार,दो गिरफ्तार  मादक पदार्थ तस्करों से डेढ़ लाख रुपए की 500 ग्राम चरस बरामद  भोपाल  राजधानी की क्राइम ब्रांच द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी पुलिस ने मादक पदार्थ चरस की तस्करी करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास करीब 500 ग्राम चरस और मोबाइल फोन समेत डेढ़ लाख रुपए का माल बरामद किया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली कि टीआईटी मैदान गोविंदपुरा के पास दो व्यक्ति बैठे हुए मादक पदार्थ बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से एक व्यक्ति ने नीली जैकेट और काली टीशर्ट पहनी है, जबकि दूसरे व्यक्ति ने नीले काले रंग की स्वेटर पहन रखा है। मुखबिर ने यह भी बताया कि दोनों को जल्द ही नहीं पकड़ा गया तो वह गायब हो सकते हैं। यह सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम बनाकर घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताए गए हुलिए के दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम शेख आरिफ (44) निवासी कोठी बाजार बैतूल और राजा मियां (51) निवासी बाग फरतअफ्जा ऐशबाग बताया। पुलिस ने उनके पास मौजूद थैले की तलाशी ली तो प्लास्टिक की पन्नी में करीब 500 ग्राम चरस रखी मिली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।इसके साथ ही दोनों आरोपियों से उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।  पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले  गिरफ्तार आरोपी शेख आरिफ के खिलाफ ग्वालियर के पड़ाव, भोपाल के एमपी नगर और ऐशबाग थाने में पूर्व से चोरी, छेड़छाड़ और एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हैं, जबकि आरोपी राजा के खिलाफ क्राइम ब्रांच और ऐशबाग थाने में एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज बताए गए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में एसआई कलीमुद्दीन, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, बीरबल रजक, आरक्षक सैयद महमूद, मनीष कौरव और महिला आरक्षक पूजा यादव की सराहनीय भूमिका रही है।

चार व्यावसायिक परिसर सील, संपत्ति कर नहीं भरने पर निगम का बड़ा एक्शन

रायपुर. रायपुर नगर निगम ने वर्षों का बकाया संपत्ति कर वसूलने में सख्ती दिखाई है. वर्षों से संपत्ति कर नहीं पटाने वाले चार बड़े बकायेदारों की 6 व्यावसायिक परिसरों को निगम ने सील कर दिया है. निगम की इस कार्यवाही से बकायादारों में हड़कंप मचा हुआ है. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त आईएएस कुमार विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त राजस्व जागृति साहू जोन 10 जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये उनके सम्बंधित 6 व्यावसायिक परिसरों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद की कार्यवाही की गई है. नगर निगम जोन 10 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन सहायक राजस्व अधिकारी गौरीशंकर साहू के मार्ग निर्देशन में नगर निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50, बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 और लेफ्टिनेंट अरविन्द दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 क्षेत्र अंतर्गत विगत कई वर्षों से रायपुर नगर निगम राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नही करने वाले सम्बंधित 4 भिन्न बड़े बकायादारों को डिमांड बिल, डिमांड नोटिस एवं अंतिम नोटिस जारी करने के उपरांत भी सम्पतिकर (टैक्स) जोन कार्यालय में जमा नहीं करने के कारण सख्ती से कार्यवाही करते हुये उनके सम्बंधित 6 व्यावसायिक परिसरों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद की कार्यवाही की गई है. रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50 अंतर्गत 7923831 रू. के बड़े बकायादार ज्योति केशवानी / केवलराम केशवानी बाबू जगजीवन राम वार्ड कमाक 53 अंतर्गत 107056 रू. के बड़े बकायादार भरत कुमार प्रिथवानी 111195 रू, 3994684 रू., 266768 रू. के बड़े बकायेदार किशोर कुमार प्रिथवानी, लेफ्टिनेंट अरविन्द दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 अंतर्गत 91890 रू. के बड़े बकायादार रेखा लाल / एल. के. लाल द्वारा नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 राजस्व विभाग को बकाया राशि अदा नहीं किये जाने पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 राजस्व विभाग द्वारा सम्बंधित स्थलों पर पहुंचकर भिन्न 4 बड़े बकायादारों से सम्बंधित उनके विभिन्न 6 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्यवाही की गयी.

एसडीएम के कथित व्यवहार के खिलाफ वकीलों का खुला मोर्चा, सुसनेर में बहिष्कार और हड़ताल

Lawyers open front against alleged behaviour of SDM, boycott and strike in Susner  संवाददाता चंदा कुशवाह सुसनेर। सुसनेर अधिवक्ता संघ ने एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ सर्वसम्मति से बहिष्कार प्रस्ताव पारित करते हुए उनकी अदालत में लंबित किसी भी प्रकरण में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि यह कदम सम्मानजनक कार्य वातावरण और न्यायिक गरिमा की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसडीएम का व्यवहार लंबे समय से वकीलों के प्रति अनुचित रहा है तथा कई अवसरों पर विवाद की स्थिति बनी। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते सामूहिक बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा एवं  एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताते हैं, जिससे अधिवक्ताओं के बीच प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर असंतोष पैदा हुआ। अधिवक्ता संघ के अनुसार, इस निर्णय को नलखेड़ा, सोयत, आगर मालवा और बड़ौद के अधिवक्ता संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। संघ का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। अधिवक्ता प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर समाज और न्याय व्यवस्था में वकीलों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि अधिवक्ता केवल मुकदमों की पैरवी करने वाले पेशेवर नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की रक्षा, विधिक जागरूकता और न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। न्यायालय और जनता के बीच सेतु के रूप में अधिवक्ता व्यवस्था की पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के सम्मान और स्वतंत्र कार्य वातावरण को बनाए रखना पूरे न्याय तंत्र के हित में बताया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल यह मुद्दा स्थानीय न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कर्ज में डूबा किसान: मप्र के हर किसान परिवार पर 74,420 रुपए का कर्ज उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल

Farmers in debt: Every farmer family in Madhya Pradesh has a debt of Rs 74,420. Umang Singhar questions government भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज और किसानों की घटती आय को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा है। Umang Singhar questions government ने कहा कि संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, फिर भी आज एमपी का किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि किसानों का कर्ज़ घटाने के लिए क्या ठोस योजना है, किसानों को फसल का सही मूल्य कब मिलेगा और किसान आत्मनिर्भर कब बनेगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं हैं बल्कि देश के अन्नदाता हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए। उमंग सिंघार ने कर्ज के मुद्दे पर सरकार को घेराUmang Singhar questions government मध्य प्रदेश के किसान परिवारों पर बढ़ते कर्ज़ को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसद में पेश किए गए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के हर किसान परिवार पर औसतन 74,420 का कर्ज़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के तमाम वादों और दावों के बावजूद किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई बल्कि उनपर कर्ज बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या यही ह्लडबल इंजन सरकारह्व की किसान नीति है। उन्होंने पूछा कि जब देश के कृषि मंत्री भी मध्यप्रदेश से आते हैं, तब भी राज्य के किसान देश के सबसे अधिक कर्ज वाले राज्यों में क्यों शामिल हैं। मुख्यमंत्री से किए सवालनेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं कि उनके पास कर्ज घटाने की क्या ठोस योजना है। उन्होंने पूछा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम कब मिलेगा और आत्मनिर्भर किसान कब बनेगा। उमंग सिंघार ने कहा कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का अन्नदाता है और लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। बता दें कि एमपी सरकार ने प्रदेश के बजट सत्र से ठीक पहले 5,000 करोड़ का नया कर्ज लिया है, जो पिछले एक हफ्ते में दूसरी बार लिया गया बड़ा कर्ज है। चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 36 बार कर्ज लिया जा चुका है, और इसकी कुल राशि 67,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

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