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महाठग की महा दीवानगी .. जैकलीन से किया 500 करोड़ की सुपरहीरो फिल्म बनाने का वादा

मुंबई। 200 करोड़ की महाठगी करने वाले कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडीज को लाखों-करोड़ों के तोहफे ही नहीं वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म का लालच भी दिया था। सुकेश ने जैकलीन से कहा था कि वह उसके लिए 500 करोड़ के बजट की तीन पार्ट्स फिल्म का प्रोडक्शन करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वादा भी जैकलीन को लुभाने की प्लानिंग में से एक था। केस से जुड़े एक सूत्र ने खुलासा किया कि सुकेश अच्छी तरह से जानता था कि जैकलीन बॉलीवुड में काम की तलाश में हैं। वह बहुत ज्यादा फिल्में साइन नहीं कर रही थी, इसलिए सुकेश ने जैकलीन से फिल्म बनाने का वादा किया था जिसमें ए-लिस्ट प्रोड्यूसर्स के नाम हटा दिया गया था। फिल्म में हॉलीवुड वीएफएक्स कलाकार शामिल होने और इसे वर्ल्डवाइड शूट करने का झांसा भी दिया था। उसने जैकलीन से यह भी कहा था कि वह हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जोली से मिलती-जुलती हैं और वह अपने इर्द-गिर्द बनी एक सुपरहीरो सीरीज की हकदार हैं। सुकेश के वादे पर भरोसा कर चुकी थीं जैकलीन जैकलीन ने भले ही पूरी सावधानी बरती लेकिन फिर भी वह सुकेश के इस वादे से आश्वस्त थी कि वह वास्तव में उसके लिए बड़े बजट की यह फिल्म प्रोड्यूस करेगा। सूत्र ने आगे खुलासा किया कि सुकेश ने फिल्म बजट, प्रोडक्शन पर पर्याप्त होमवर्क और रिसर्च किया था अपनी हर बातचीत के दौरान इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े नामों को शामिल किया था। 4 साल से सुकेश के संपर्क में थीं जैकलीन चार्जशीट में जैकलीन ने चंद्रशेखर के साथ अपनी मुलाकात के बारे में भी खुलासा किया है। उन्होंने कहा था, ‘मैं फरवरी 2017 से सुकेश से बात कर रही हूं। अगस्त 2021 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद मैं उनसे कभी नहीं मिली। उन्होंने मुझे बताया था कि वे सन टीवी के मालिक हैं और जयललिता के राजनीतिक परिवार से हैं।’ जैकलीन के अलावा नोरा फतेही के भी चंद्रशेखर से महंगे तोहफे लेने की खबर हैं। कथित तौर पर नोरा को सुकेश ने एक महंगी BMW दी थी। कौन है सुकेश चंद्रशेखर? सुकेश चंद्रशेखर कर्नाटक के बेंगलुरु का रहने वाला है। कहा जाता है कि उसने लैविश लाइफस्टाइल जीने के लिए 17 साल की उम्र से ही लोगों को ठगना शुरू कर दिया था। बेंगलुरु में ठगी करने के बाद उसने चेन्नई और दूसरे शहरों में भी लोगों को निशाना बनाया। सुकेश हाई-प्रोफाइल लोगों को फोन कर खुद को बड़ा सरकारी अफसर बताता था। 2007 में उसने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताते हुए बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी में काम कराने के बदले 100 से ज्यादा लोगों को ठगा था। इस मामले में सुकेश की गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटने के बाद सुकेश ने दोबारा लोगों को ठगने का काम जारी रखा। सुकेश के ऊपर 30 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं। कहा जाता है कि तमिलनाडु में वो खुद को पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का बेटा बताता था। वो खुद को आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वायएसआर रेड्डी का भतीजा बताकर भी कई लोगों से ठगी कर चुका है।

ED के शिकंजे में बच्चन परिवार, सवालों की बौछार, ऐश्वर्या के होश उड़े

नई दिल्ली। पनामा पेपर लीक मामले में सोमवार को ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 7 घंटे पूछताछ की। ऐश्वर्या से उनकी कंपनियों और बैंक अकाउंट्स के बारे में सवाल हुए। भास्कर को सूत्रों ने बताया कि ED ने ऐश्वर्या से पूछा कि उन्होंने 50 हजार डॉलर में खरीदी कंपनी महज 1500 डॉलर्स में क्यों बेच दी। अमिताभ बच्चन की बहू बनने के बाद कंपनियों को बंद क्यों कर दिया गया? ED ने सोमवार को उनसे दिल्ली के लोकनायक भवन में पूछताछ की। ED के अधिकारी ऐश्वर्या के लिए सवालों की लिस्ट पहले ही तैयार कर चुके थे। वे शाम 7:30 बजे ED ऑफिस से रवाना हुईं। सूत्रों के मुताबिक ऐश्वर्या ED दफ्तर के पिछले दरवाजे से निकलीं। उन्होंने ED के सामने केस से जुड़े कुछ दस्तावेज भी सब्मिट किए हैं। ऐश्वर्या से ED ने पूछे 5 सवाल 1. आप किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर रही हैं? 2. अमिताभ बच्चन जिन कंपनियों में डायरेक्टर थे, बाद में उनके शेयर क्यों बेच दिए गए? 3. 2008 के बाद कंपनियों को क्यों बंद कर दिया गया? 4. क्या आपकी कंपनी ने RBI वित्तीय लेन-देन की मंजूरी ली थी? 5. 50 हजार डॉलर की कंपनी को महज 1500 डॉलर में क्यों बेच दिया? पनामा पेपर्स में 500 बड़े नाम दरअसल, पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम हैं। इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है, जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी है। पनामा पेपर्स मामले की लंबे समय से जांच चल रही है। ED के अधिकारी देश की कई बड़ी हस्तियों को जांच में शामिल कर चुके हैं। इसी कड़ी में एक महीने पहले अभिषेक बच्चन भी ED कार्यालय में पहुंचे थे। वे कुछ दस्तावेज भी ED अधिकारियों को सौंपे चुके हैं। ED सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में उनके पिता अमिताभ बच्चन को भी ED नोटिस देकर बुलाने वाली है। बच्चन परिवार का नाम क्यों? साल 2016 में ब्रिटेन में पनामा की लॉ फर्म के 1.15 करोड़ टैक्स डॉक्युमेंट लीक हुए थे। इसमें दुनियाभर के बड़े नेताओं, कारोबारियों और बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए थे। भारत की बात करें तो करीब 500 लोगों के नाम सामने आए थे। इसमें बच्चन परिवार का नाम भी शामिल है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनियां उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा उनके पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। यह कंपनी 2005 में बनाई गई थी। तीन साल बाद यानी 2008 में कंपनी बंद हो गई थी।

महाठग ने बॉलीवुड की 15 से ज्यादा हीरोइनों पर पानी की तरह बहाये करोड़ों रुपये

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड जांच एजेंसियों की रडार पर है। आए दिन किसी न किसी फिल्मी कलाकार से पूछताछ हो रही है। फिलहाल सुकेश चंद्रशेखर नाम का ठग सुर्खियों में है। इस नटवरलाल की काली कमाई से बड़े-बड़े गिफ्ट लेने वाली और हवाई सफर करने वाली करीब 15 एक्ट्रेस जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। उनसे पूछताछ के लिए ED जल्द ही समन भेजने वाली है। ED के सूत्रों की मानें तो सच का पता लगाने के लिए वह इन एक्ट्रेस और सुकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। ED के बड़े अधिकारी भी इस केस में जांच कर रहे हैं। सुकेश ने रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर को जेल से बाहर निकालने का झांसा देकर उनके परिवार से 200 करोड़ रुपए की ठगी की है। कहा जा रहा है कि यही पैसा वह फिल्मी कलाकारों पर लुटा रहा था। फिलहाल सुकेश दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बॉलीवुड अभिनेत्रियों का क्या है तिहाड़ से कनेक्शन सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से ही फोन पर कई एक्ट्रेस से कॉन्टैक्ट किया और खुद को बहुत बड़ा आदमी बताकर इन्हें अपने जाल में फंसाया। उन्हें महंगे तोहफे दिए। इनमें महंगी गाड़ी, ज्वेलरी और हवाई यात्रा का खर्च भी शामिल है। दावा है कि इस लालच में चाहत खन्ना, नेहा कपूर और नोरा फतेही ने सुकेश से तिहाड़ में कई बार मुलाकात की। ED सूत्रों के अनुसार, अब इन सभी को जल्द पूछताछ के लिए नोटिस भेजा जाएगा। जैकलीन फर्नांडीज का नाम आ चुका है सामने कुछ दिन पहले ही एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज को ED के अधिकारियों ने विदेश जाते समय हवाई अड्डे पर रोक दिया था। उनसे कहा गया कि वे देश नहीं छोड़ सकतीं, क्योंकि वे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अहम गवाह हैं। इसके बाद ED ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। जैकलीन पर सुकेश से महंगे तोहफे लेने और उसके पैसे से कई हवाई यात्राएं करने का भी खुलासा हुआ है। जेल सूत्रों की मानें तो सुकेश जैकलीन को एक चॉपर भी बतौर गिप्ट देना चाहता था। इस मामले में नाम सामने आने से जैकलीन की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। दोनों की कई फोटो भी सामने आई हैं। ED कर रही है हर एंगल से मामले में जांच ED इस मामले को बेहद गंभीर तरीके से देख रही है, क्योंकि इस मामले में सुकेश ने गृह मंत्रालय के अधिकारी बनकर और प्रधानमंत्री कार्यालय की पहुंच दिखाकर अनेकों फोन कॉल रैनबैक्सी के मालिक की पत्नी को किए हैं। ऐसे में ED अधिकारी इस मामले में यह भी देख रहे हैं कि क्या कोई अधिकारी वास्तव में सुकेश या किसी के सम्पर्क में रहा है। अब तक की जांच में पता चला है कि सुकेश एक साल से रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर की पत्नी से फोन के जरिए सम्पर्क कर रहा था। उनके पति को जेल से बाहर निकालने का झांसा देकर उसने 200 करोड़ रुपए ठग लिए। तिहाड़ जेल में भी कर रहा था मौज-मस्ती सुकेश ने न केवल फिल्म एक्ट्रेस को अपने जाल में फंसाया, बल्कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों को भी अपने झांसे में लिया। उनकी मदद से वह जेल में ऐशोआराम की जिंदगी गुजारता रहा। ED सूत्रों की मानें तो जो अभिनेत्रियां सुकेश से तिहाड़ में मिलने आयी थीं, उन्होंने पूछताछ में बताया कि जेल के कमरे में TV, फ्रिज, AC, मोबाइल फोन और आराम के सभी सामान मौजूद थे। यह जेल नियमों के खिलाफ है। ED अब तिहाड़ के जेल अधिकारियों से भी पूछताछ की तैयारी भी कर रही है। ED के पास इन फिल्मी सितारों के फोन कॉल की डीटेल के अलावा वॉट्सऐप पर हुई चैट का ब्यौरा मौजूद है। उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर सुकेश को सामने बैठा कर भी पुछताछ की जा सके। इजराइल के नंबर से करता था बात सुकेश का दिमाग कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि उसने फिल्मी सितारों से लेकर रैनबैक्सी के पूर्व फाउंडर के परिवार से सम्पर्क करने के लिए इजराइल के नंबर का इस्तेमाल किया। ऐसा करने के पीछे क्या कारण हैं और जेल के अंदर उसे वह नंबर कहां से मिला, इस पर भी दिल्ली पुलिस अलग से जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि जेल में ऐशोआराम बदले सुकेश से जेल अधिकारियों ने 20 करोड़ रुपए की मोटी रकम ली थी।

MP : मांग भरकर लड़की का 3 साल तक करता रहा रेप, ABVP का पूर्व महानगर मंत्री गिरफ्तार

जबलपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में छात्रा के बलात्कार-शोषण के आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व महानगर मंत्री शुभांग गोटिया को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. गोटिया पिछले 3 महीने से फरार था. महिला पुलिस का दावा है कि गोटिया को उसने खुद गिरफ्तार किया. जबकि, गोटिया ने कई वकीलों के साथ महिला थाने में खुद सरेंडर किया. पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. शोषण के आरोपी शुभांग गोटिया की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थी. सीएसपी दीपक मिश्रा ने बताया कि गोटिया पर एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसने तीन सालों तक उसका शोषण किया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ जारी है. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने जबलपुर सहित नागपुर में फरारी काटी है. महिला थाना पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर ले सकती है. इधर, थाने पहुंचे दस वकीलों की निगरानी में उसे कोर्ट पेशी की तैयारी की जा रही है. पुलिस की पूरी कार्रवाई के दौरान वकीलों की मौजूदगी महिला थाने में बनी रही. 21 मई युवती ने की थी शिकायत मामला इसी साल 21 जून का है. जबलपुर की एक लड़की पिता के साथ महिला थाने पहुंची. 23 साल की इस लड़की ने शुभांग के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया. उसने बताया कि 2018 में कैंट स्थित कॉलेज में जब वह पढ़ाई कर रही थी, तब उसकी मुलाकात राइट टाउन निवासी 25 साल के शुभांग गोटिया से हुई. उस दौरान वह ABVP की मेंबरशिप ले रही थी. उस वक्त शुभांग महानगर मंत्री पद पर था. मांग में सिंदूर भरकर लिया झांसे में लड़की ने पुलिस को बताया कि शुरुआती दोस्ती के बाद मामला प्यार में बदल गया. शुभांग उसे कई जगह घुमाने ले गया. एक दिन उसने मांग में सिंदूर भरते हुए कहा कि अब वह उसकी पत्नी है. उसके बाद कई बार शारीरिक संबंध बनाए. इस साल की शुरुआत में जब उसने गोटिया से शादी की बात की तो वह मुकर गया. उसने लड़की से कहा कि यह सब ढोंग था. इसके बाद लड़की ने उस पर रेप का केस दर्ज किया. केस दर्ज होते ही गोटिया फरार हो गया. पुलिस ने उस पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया था.

देवर करता रहा भाभी का बलात्कार, बेटी हुई तो पति बोला- शादी करा देते हैं

मुरैना. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले से शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां एक देवर ने भाभी का रेप किया, तो पति ने जिंदगी खराब की धमकी दी. देवर के दुष्कर्म से महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया है. पति अब महिला की शादी देवर से कराने की बात कर रहा है. घरेलू अत्याचार से तंग आकर महिला अब शिकायत लेकर पुलिस के पास आई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. महिला थाना प्रभारी मोनिका मिश्रा ने बताया कि साल 2018 में 6 मार्च को उसकी शादी मुरैना की आदर्श कॉलोनी में रहने वाले शख्स से हुई थी. शादी के बाद से ही पति ने उससे किसी तरह के संबंध नहीं रखे. घर में वह अलग कमरे में ही रहती थी. उसी साल 13 सितंबर की रात को उसका देवर उसके कमरे में घुस आया. उसने बलात्कार की कोशिश की तो महिला ने शोर मचाया. शोर सुनकर पति कमरे में आया और चुप रहने के लिए कहा. पति ने महिला से कहा कि अगर शोर मचाओगी तो तुम्हारा जीवन बर्बाद कर देंगे. पति करा रहा देवर से शादी महिला के मुताबिक, उस दिन के बाद से यह करीब-करीब रोज की बात हो गई. देवर लगातार बलात्कार करता रहा. देवर ने उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो भी खींच लिए तथा उनका डर दिखाकर घटना को अंजाम देता रहा. इस दुष्कर्म के कुछ महीनों बाद महिला ने एक बेटी को जन्म दिया. अब पति महिला से उसकी शादी छोटे भाई से करने के लिए कह रहा है. इस पर पीड़िता थाने पहुंची और उसने पुलिस को पूरी आपबीती बताई. महिला थाना पुलिस ने महिला के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है.

सिद्धू को मनाने के मूड में नहीं हाईकमान,CM चन्नी को भी मिलने से रोका

जालंधर। नवजोत सिद्धू का रवैया देख कांग्रेस हाईकमान भी अड़ गया है। सिद्धू को साफ संदेश भेज दिया गया है कि उनकी हर जिद अब पूरी नहीं होगी। इसी वजह से सिद्धू के इस्तीफे के 2 दिन बीतने के बाद भी हाईकमान ने उनसे बात नहीं की। यह देख अब पंजाब में सिद्धू के प्रधान बनने से जोश में दिख रहे विधायक और नेता भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं। कैप्टन का तख्तापलट करते वक्त सिद्धू के साथ 40 विधायक थे, अब वे अकेले पड़ गए हैं। उनके समर्थन में सिर्फ रजिया सुल्ताना ने ही मंत्रीपद छोड़ा। उनके करीबी परगट सिंह डटकर सरकार के साथ खड़े हैं। बुधवार रात मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी चंडीगढ़ से पटियाला जाने की तैयारी में थे। ऐन वक्त पर यह दौरा टल गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें इनकार कर दिया। चुनाव की घोषणा में सिर्फ 3 महीने बचे हैं। ऐसे में उन्हें सरकार के काम पर फोकस करने को कहा गया है। हाईकमान सिर्फ परिणाम चाहता है ताकि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की बन सके। सिद्धू को मनाने के लिए हाईकमान के कहने पर CM चरणजीत चन्नी ने नवजोत के ही करीबी मंत्री परगट सिंह और अमरिंदर राजा वडिंग की कमेटी बना दी है। वे पहले 2 बार सिद्धू से मिल चुके हैं, लेकिन आगे कोई बात नहीं हुई है। सिद्धू की शर्तें मानी तो सुपर-CM पर लगेगी हाईकमान की मुहर कांग्रेस ने पंजाब में पहला अनुसूचित जाति का CM बनाया है। पंजाब में 32% अनुसूचित जाति का वोट बैंक है। इसी को निशाना बना चन्नी सीएम बन गए। अगर सिद्धू की शर्तें मान ली तो DGP और AG को हटाना पड़ेगा। ऐसा हुआ तो सरकार कमजोर पड़ जाएगी। हाईकमान ने ऐसा करवा दिया तो सिद्धू के सुपर CM बनने पर मुहर लग जाएगी। ऐसे में चन्नी को लेकर विरोधी मुद्दा बनाकर कांग्रेस का यह दांव फेल कर देंगे। इसी वजह से सिद्धू के बिना बात किए अचानक इस्तीफा देने पर कांग्रेस हाईकमान ने उनसे दूरी बना ली है। हाईकमान ने नया प्रधान ढूंढने को कहा सिद्धू के अड़ियल रवैए को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने अब पंजाब में नए प्रधान के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी बुधवार सुबह ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने कुछ नेताओं से मुलाकात और बातचीत की। चर्चा यही है कि सिद्धू के इस्तीफा वापस न लेने की सूरत में नया प्रधान बना दिया जाए। मंत्री पद पाने से आखिरी समय में चूके कुलजीत नागरा इसके बड़े दावेदार हैं। चर्चा पूर्व CM बेअंत सिंह के परिवार से जुड़े सांसद रवनीत बिट्‌टू की भी है। यह भी संभव है कि सुनील जाखड़ को वापस प्रधान बना दिया जाए ताकि उनकी भी नाराजगी दूर हो सके। सिद्धू की मनमानी नहीं आ रही रास सिद्धू भले ही मुद्दों की बात कर रहे हों, लेकिन उनके तरीके को लेकर कांग्रेस के भीतर ही नाराजगी है। सिद्धू ने इस्तीफा तब दिया, जब मंत्री चार्ज संभाल रहे थे। यह टाइमिंग सबको नागवार गुजरी। पहले इसके बारे में किसी से बात नहीं की। सीधे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जब सब पूछते रहे कि नाराजगी की वजह क्या है तो सोशल मीडिया पर फिर वीडियो पोस्ट कर दिया। CM चन्नी ने भी इस ओर इशारा किया कि वे पार्टी प्रधान हैं, परिवार में बैठकर बात करते। सिद्धू का यह रवैया किसी को रास नहीं आ रहा। जाे अब तक साथ थे, वो अलग होते चले गए कैप्टन अमरिंदर के विरोध के बावजूद सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रधान बने। इसमें अहम रोल मौजूदा डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा का रहा। नई सरकार बनी तो अब वे सिद्धू का साथ छोड़ गए। परगट सिंह सिद्धू के करीबी थे, उन्होंने भी सिद्धू के समर्थन में इस्तीफा न देकर किनारा कर लिया। अमरिंदर राजा वडिंग को मंत्री बनाने में सिद्धू ने खूब लॉबिंग की, वे मंत्री बन गए तो अब सिद्धू का सपोर्ट करके नहीं, बल्कि मध्यस्थ बनकर काम कर रहे हैं। इसी बड़ी वजह सिद्धू के अचानक लिए जाने वाले फैसले हैं। पहले कैप्टन और अब सिद्धू के चक्कर में टिकट न कटे, इसलिए विधायक और नेता कूदकर सरकार के पाले में चले गए हैं। इस बार अपने स्टाइल से खुद झटका खा गए सिद्धू नवजोत सिद्धू के अचानक फैसले लेने का स्टाइल समर्थकों को खूब रास आता रहा है। उनके बयान से लेकर हर बात पर अड़ जाने की खूब चर्चा रही। सिद्धू की जिद के आगे हाईकमान को कैप्टन को हटाना पड़ा। चरणजीत चन्नी का नाम भी सिद्धू ने ही आगे किया था। चन्नी सीएम बने तो अब सिद्धू की सुनवाई नहीं हो रही। संगठन प्रधान होने के बावजूद वे खुद उसकी सीमा लांघ गए। सब कुछ सार्वजनिक तरीके से कर रहे है। सीएम चन्नी ने भी यही बात कही थी कि अगर उन्हें कोई एतराज है तो वे बैठकर बात कर सकते हैं। वे जिद्दी नहीं हैं, फैसला बदला जा सकता है। हालांकि, सिद्धू चर्चा नहीं बल्कि सीधे मनमाफिक फैसला चाहते हैं, जिसे हाईकमान मानने को तैयार नहीं है।

MP : 90 साल की दादी मां तेज रफ्तार से दौड़ाती हैं कार

भोपाल. मध्य प्रदेश के देवास से एक ऐसा वीडियो (Dewas Old Women Driving Video) सामने आया है, जिसे देखकर कहा जा सकता है कि एज इज जस्ट अ नंबर…दरअसल एक 90 साल की बुजुर्ग महिला का कार चलाने का वीडियो सामने आया है. बुजुर्ग रेशमी बाई तंवर इस उम्र में गाड़ी चलाकर दूसरे बुजुर्गों को सीखते रहने का संदेश दे रही हैं. दरअसल 90 की उम्र आते-आते ज्यादातर बुजुर्ग (90 Year Old Women) सोचने लगते हैं कि वह कुछ नया नहीं सीख सकते. लेकिन रेशमी बाई तंबर ने इस सोच को काफी पीछे छोड़ दिया है. रेशम बाई तंवर का कहना है कि उनकी उम्र भले ही 90 साल है. लेकिन फिर भी उन्हें गाड़ी चलाना (Car Driving) बहुत अच्छा लगता है. उनका कहना है कि वह पहले भी बहुत बार गाड़ी चला चुकी हैं. इतना ही नहीं वह पहले ट्रैक्टर भी चला चुकी हैं. रेशमी बाई को गाड़ी चालाना बहुत ही पसंद है. 90 साल की उम्र में बुजुर्ग ने चलाई कार 90 साल की बुजुर्ग इस तरह से सदे हुए हाथों से ड्राइविंग कर रही हैं कि उन्हें देखकर लग रहा है कि वह ड्राइविंग में एक्सपर्ट हैं. गाड़ी चलाते हुए वह बहुत ही खुश दिख रही हैं. वेशभूषा से काफी साधारण दिखने वाली रेशमी बाई तंबर का ये वीडियो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इसके साथ ही इस उम्र में सीखते रहने के उनके जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं. ‘रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं’ 90 साल की दादी का ये वीडियो देखकर सीएम शिवराज सिंह चौहान भी काफी खुश हैं. उनका कहना है कि दादी मां ने सभी को प्रेरणा दी है कि अपनी रुचि पूरी करने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता है. चाहे कितनी भी उम्र हो इंसान के भीतर जीवन जीने का जज्बा होना चाहिए. दादी मां रेशमी बाई के परिवार ने अब उनके लाइसेंस के लिए भी एप्लाई किया है.

महाराष्ट्र : खड़से ने दी बीजेपी को करारी चोट, जलगांव में BJP को बड़ा झटका

मुंबई। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ज़बर्दस्त झटका लगा है. जलगांव में बीजेपी में पार्टी के अंदर का असंतोष खुल कर सामने आ गया है. जिले के मुक्ताईनगर और बोधवड नगरपालिका से जुड़े 11 नगरसेवक (Corporators) आज (24 सितंबर, शुक्रवार) शिवसेना (Shiv Sena) में शामिल हो रहे हैं. ये सभी के सभी कॉर्पोरेटर्स मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) की मौजूदगी में शिवबंधन बांधेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जलगांव जिले के 11 नगरसेवकों ने बीजेपी को छोड़ने का फ़ैसला किया है. जलगांव जिले के ये सारे नगरसेवक एकनाथ खडसे (Eknath Khadse) के समर्थक बताए जाते हैं. याद दिला दें कि एकनाथ खडसे पहले बीजेपी में ही थे. जब राज्य में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की सरकार बनी थी, तब वे नाराज हो गए थे. वे अपने आप को मुख्यमंत्री के पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार समझ रहे थे, क्योंकि वे फडणवीस सरकार बनने से पहले नेता प्रतिपक्ष भी थे. बाद में बीजेपी छोड़कर वे एनसीपी (NCP) में चले गए. जब से वे एनसीपी में गए हैं तब से बीजेपी को किसी ना किसी तरह से नुकसान पहुंचाते आ रहे हैं. फिलहाल उनके खिलाफ जमीन घोटाले के मामले में ईडी की जांच शुरू है. एकनाथ खडसे बीजेपी को पहुंचा रहे हैं नुकसान, ईडी की कार्रवाई का बदला? महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री रहे एकनाथ खडसे पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है. ईडी ने पुणे के जमीन घोटाले से जुड़े मामले में उन पर कार्रवाई करते हुए उनकी 5.73 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है. उनका एक बैंक अकाउंट भी सील किया गया है. उस खाते में कुल 86 लाख रुपए डिपॉजिट थे. इसके अलावा ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका लोनावाला का एक बंगला, जलगांव में तीन फ्लैट और जमीन भी जब्त कर लिए हैं. ये सारी प्रॉपर्टी एकनाथ खडसे, उनकी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी के नाम पर है. एकनाथ खडसे ने जब बीजेपी को छोड़ कर एनसीपी ज्वाइन किया था तब कहा था कि अगर मेरे पीछे ईडी लगाई गई तो मैं सीडी निकालूंगा (बीजेपी से जुड़े लोगों के भ्रष्टाचार का खुलासा करूंगा). लेकिन ईडी की जांच शुरू भी हो गई, लोग खडसे की सीडी का इंतजार ही कर रहे हैं. खडसे सीडी तो नहीं ला पाए, लेकिन बीजेपी को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं. 11 नगरसेवकों की बीजेपी से छुट्टी करवा कर शिवसेना में शामिल करवाना खडसे के बदले की ही एक मिसाल है.

UP में चार साल में 42 साधु-संतों की हत्या ….संपत्ति का लालच मुख्य वजह

कांग्रेस ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया लखनऊ। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि की असमय मौत पर उत्तर प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है। चार साल के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 42 साधु-संतों की हत्या हुई है। कहीं संपत्ति का विवाद था तो कहीं वर्चस्व और गद्दी को लेकर हत्या की बाते सामने आईं। 2019 में श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के सचिव महंत आशीष गिरि की संदिग्ध हालात में मौत का राज अभी भी खुल नहीं सका है। इसी तरह 2018 में देवरिया में साधु सज्जाराम, हरभजन और चेले की हत्या, रायबरेली में पुजारी प्रेमदास की हत्या भी चर्चा में रही। 2019 में रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का मंदिर के गेट पर लटका मिला था। खास बात यह है उस समय रायबरेली के डीएम संजय खत्री थे, वही अब वर्तमान में प्रयागराज के डीएम हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने पिछले दो साल में 20 साधुओं की हत्या का दावा करते हुए डाटा जारी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो जारी किया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के नक्शे पर जिलावार आंकड़ा जारी किया गया है। लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश में हत्याओं का अंबार है, यह कैसा रामराज्य है। प्रयागराज में आशीष गिरि सुसाइड केस: निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत आशीष गिरि की 17 नवंबर 2019 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस ने रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या करने की बात कही थी। वह पिथौरागढ़ के रहने वाले थे और घटना के वक्त पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के आश्रम दारागंज में रहते थे। औरैया का ट्रिपल मर्डर: 14 अगस्त 2018 को औरेया बिधूना कोतवाली के भयानक नाथ मंदिर में बदमाशों ने चारपाई में हाथ पैर बांधकर साधु लज्जाराम, हरभजन और सेवक की जीभ काटकर हत्या कर दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल किया, जिसमें आगजनी और पथराव में कई लोग घायल हुए थे। बुलंदशहर में गला रेता गया: बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2020 को मंदिर में सो रहे साधु गरीबदास उर्फ जगनदास व शेर सिंह उर्फ सेवादास की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी की हत्या: लखनऊ में कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास की उन्हीं के शिष्य ने साथियों के साथ मिलकर 24 अगस्त 2020 को हत्या कर दी। हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया था। 32 तारीखों में 42 हत्याएं 07 अप्रैल 2017: गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मनोहर दास (50) की बेरहमी से हत्या। पुजारी के सर, पेट, सीना व गुप्तांग पर वार किया गया था। 20 जून 2017: कुशीनगर पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बेतिया गाँव में स्थित शिव मंदिर के पुजारी जय प्रकाश व उनकी पत्नी की गला काटकर हत्या। 14 जुलाई 2018: मेरठ के भगवानपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर में साधु क्रांति प्रसाद की पीट-पीटकर हत्या की गई। 18 जुलाई 2018: पीलीभीत में बाबा लाल गिरी की हत्या हुई। 19 अगस्त 2018: मेरठ में पुजारी विनोद व सेवादार सुल्तान की हत्या। 31 अगस्त 2018: पीलीभीत जिला स्थित ग्राम भूड़ कोनी दीनारपुर स्थित शिव मंदिर के पुजारी रामेश्वर दयाल (65) की गला रेत कर हत्या। 31 अगस्त 2018: बाराबंकी के रामनगर थाना क्षेत्र में थालकला गांव के बाहर काले पहाड़ बाबा मंदिर के पुजारी शमशेर सिंह (65) की धारदार हथियार से हत्या। 13 अगस्त 2018: सुल्तानपुर के पयागीपुर में स्थित पहलवान वीर बाबा मंदिर के पुजारी श्यामलाल (75) की मंदिर परिसर में पीट-पीटकर हत्या। 12 अगस्त 2018: अलीगढ़ जिला के शेखूपुर सटकना में शिव मंदिर के महंत कालिदास, मंदिर में पुजारी सोनपाल और महेंद्र उर्फ बड़ेल की हत्या। 02 जनवरी 2019: रायबरेली के ऊंचाहार में राम जानकी मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदास का शव मंदिर के बाहर फांसी पर लटका मिला। 14 जून 2019: मथुरा में एक साधु की हत्या । 28 अक्टूबर 2019: मुरादाबाद में साधु राजेंद्र गिरि की हत्या। 18 जनवरी 2020: चित्रकूट में महंत अर्जुनदास की हत्या। 25 फरवरी 2020: पीलीभीत में पुजारी विष्णु सहाय की हत्या। 25 अप्रैल 2020: गोरखपुर के बुजारी कोईल दास की हत्या। 14 जुलाई 2020: मेरठ में सेवादार की हत्या। 01 सितंबर 2020: हदरोई में साधु हीरादास, साध्वी मीरा दास व उनके बेटे चेतराम की हत्या। 06 सितंबर 2020: कन्नौज में साधु शालिग्राम की हत्या। 24 सितंबर 2020: बागपत टीकरी में साधु की हत्या। 24 सितंबर 2020: मेरठ की सरधना गंग नहर में साधु वेशभूषा वाले युवक का शव मिला। 09 सितंबर 2020: बिजनौर के ग्राम पहाड़पुर खुर्द में मंदिर परिसर में सो रहे योगानंद महाराज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत। 05 अक्टूबर 2020: मथुरा में साधु कैलाश नाथ की हत्या। 10 अक्टूबर 2020: गोंडा में इटियाथोक में रामजानकी मंदिर के महंत सम्राट दास की गोली मारकर हत्या। 11 अक्टूबर 2020: गोंडा में रामजानकी मंदिर के पुजारी बाबा सम्राट दास की गोलीमारकर हत्या। 09 अक्टूबर 2020: बागपत में यमुना नदी में साधु वेशभूषा वाले अधेड़ शव मिला। 05 दिसंबर 2020: गोरखपुर के हरपुर बुदहट में साधु ललई की गला रेतकर हत्या। 04 अप्रैल 2021: गोरखपुर के चौरीचौरा में साधु परोरा की सिर कुचलकर हत्या। 26 जून 2021: बिजनौर में गांव उमरी में मां काली मंदिर के पुजारी दयानंद गिरि की पीटपीट कर हत्या। 29 जून 2021: मेरठ के मुंडाली के बढ़ला गांव में साधु चंद्रपाल की ईंट से कुचलकर हत्या। 15 जुलाई 2021: बुलंदशहर के बुगरासी चौकी के गांव बुकलाना में चामुड़ा मंदिर की साध्‍वी की गला दबाकर हत्‍या। 24 जुलाई 2021: गोरखपुर के मकरहट स्थित रामजानकी मंदिर के साधु राजेंद्र बाबा की संदिग्ध हालात में मौत।

प्रेमिका की नृशंस हत्या, युवती की शादी दूसरे युवक संग तय होने से प्रेमी  बना जल्लाद

तीन लोग गिरफ्तार, प्रेमी ने क्लिनिक पर मिलने बुलाया, कंपाउंडर दोस्त ने दिया बेहोशी का इंजेक्शन, फिर गला दबाकर मार डाला अयोध्या। अयोध्या में 10 दिन पहले संदिग्ध हालात में 21 साल की युवती की मौत के मामले में गुरुवार को बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने युवती के प्रेमी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि युवती की हत्या प्रेम प्रसंग में की गई थी। पहले प्रेमी ने युवती को मिलने एक क्लिनिक में बुलाया। वहां प्रेमी ने अपने कंपाउंडर दोस्त से बेहोशी का इंजेक्शन लगवाया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दुर्गा पूजा स्थल के पास फेंक दिया। बताया जा रहा है कि युवती की शादी उड़ीसा में दूसरे युवक संग तय होने से प्रेमी नाराज था। इसके बाद उसने दोस्तों संग मिलकर हत्याकांड का खाका खींच डाला। मामला कोतवाली रुदौली के मोहल्ला मलिकजादा के मालिक पुरवा का है। यहां की रहने वाली गायत्री लोधी (21) पुत्री शिवराज बहरैची 13 सितंबर की दोपहर लगभग 1 बजे घर से बैंक के लिए निकली थी। संदिग्ध परिस्थितियों में 14 सितंबर की देर शाम युवती का शव का स्थान मोहल्ला स्थित दुर्गा पूजा स्थल के पास पड़ा मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती की शिनाख्त कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, परिजनों का कहना था कि युवती बैंक जाने की बात कहकर घर से निकली थी। पुलिस से सूचना मिली कि गायत्री बेहोशी की हालत में मिली है। आनन-फानन में वे मौके पर पहुंचे तो बेटी मृत अवस्था में थी। युवती की प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी हत्या एसएसपी शैलेश पांडे के मुताबिक, छानबीन में प्रेम प्रसंग में युवती की गला दबाकर हत्या की बात सामने आई। आरोपी प्रेमी अनस समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि युवती के प्रेमी ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की थी। बताया चला कि युवती की शादी उसके परिवार ने उड़ीसा के युवक से तय कर दी। इस बात से प्रेमी काफी नाराज था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्रेमी ने युवती को फोन करके एक क्लिनिक पर बुलाया। जहां युवती का प्रेमी अनस अपने साथी मोहम्मद हफीज और कंपाउंडर मुकेश यादव पहले से मौजूद थे। पहले कंपाउंडर मुकेश यादव ने युवती को बेहोशी का इंजेक्शन दिया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी के निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जो घटनास्थल से गायब था।  

युवक ने शादी का झांसा देकर सौ से ज्यादा लड़कियों को ठगा

पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित पिम्परी चिंचवाड़ पुलिस ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जिसने अब तक 100 से ज्यादा लड़कियों को शादी का झांसा देकर लाखो रुपये ऐंठे है। जानकारी के मुताबित आरोपी ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की फ़िल्म ‘लेडीज वर्सेस रिकी बहल ‘ देख हाईप्रोफाल लड़कियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबित गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान प्रेमराज थेवराज के रूप में हुई हैं , प्रेम शादी की वेबसाइट मेट्रोमोनियल पर नौकरी पेशा , कारोबारी महिला, तलाकशुदा , और विधवा हुई महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। आरोपी प्रेम मेट्रोमोनियल वेबसाइट से उनकी पर्सनल जानकारी निकाल कर उन्हें अपना  निशाना बनाया करता था। पिम्परी – चिंचवाड़ के अंतर्गत आनेवाले निगड़ी पुलिस के वरिस्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड़ के मुताबित आरोपी प्रेमराज ने पिम्परी – चिंचवाड़ की कई महिलाओं को अपना निशाना बनाया था, जिसमे से शिकार हुई महिला की फर्याद उनके पास आई थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछा कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आरोपी प्रेमराज को धर दबोचा । पुलिस के मुताबित आरोपी ने शहर के रहने वाली एक लड़की को रेलवे का ठेकेदार बन कर मिला था। फिर उससे 12 लाख रुपये ऐंठ कर वह वहाँ से फरार हो गया । शिकायतकर्ता महिला के अनुसार आरोपी ने उन्हें चेन्नई बुलाकर फेक शादी भी की थी। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते हुए पीड़ित महिला के द्वारा आरोपी को पैसे देने के बहाने पुणे बुलाया । आरोपी मंगवालर के दिन जैसे ही पुणे ऐयरपोर्ट पर पहुँचा, वहा पुलिस ने उसे घर दबोचा। पुलिस के अनुसार आरोपी ने इससे पहले चेन्नई में एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए 98 लाख रुपये का चूना लगाया था। पुलिस को आरोपी के पास से 13 अलग – अलग कंपनी के सिमकार्ड , 7 मोबाइल फ़ोन , 4 एटीएम कार्ड , 2 आधार कार्ड , पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले है। फिलहाल पुलिस आरोपी प्रेमराज को गिरफ्तार कर आगे की कार्यवाई कर रही है  

BHOPAL : बेरोजगार युवक ने जिगोलो बनने के गंवाई जमा पूंजी

भोपाल। भोपाल के बजरिया इलाके में रहने वाला बेरोजगार प्ले बॉय (जिगोलो) बनने के चक्कर में जमा पूंजी गंवा बैठा। जालसाजों ने उसे प्ले बॉय की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 43 हजार 800 रुपए ठग लिए। युवक की लाॅकडाउन के दौरान आइसक्रीम फैक्ट्री से नौकरी चली गई थी। कोशिशों के बावजूद जब नौकरी नहीं मिली तो वाॅट्सएप में जॉब के लिए आए विज्ञापन में लिखे मोबाइल नंबर में संपर्क किया। जालसाजों ने उसे मस्ती के साथ मोटी कमाई का लालच दिया। इसके बाद गिरोह ने अलग-अलग चार्ज का झांसा देकर उससे रकम ऐंठ ली। बजरिया पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक सांई राम कॉलोनी सेमरा निवासी 42 वर्षीय बेरोजगार है। उसने पुलिस को बताया कि वह आइसक्रीम फैक्ट्री में काम करता था। लाॅकडाउन के दौरान पिछले साल नौकरी चली गई। मुझे नौकरी की तलाश थी। 5 सितंबर को वाट्सऐप पर कंपनी के जाॅब का मैसेज आया। इसमें मोबाइल नंबर 8583026204 पर फोन करने का लिखा था। मैंने उस नंबर पर फोन लगाया, तो मुझे जाॅब के बारे में जानकारी दी गई। नौकरी प्ले बाॅय की थी। मुझे लगा कि नौकरी अच्छी होगी। फिर मैंने इस नौकरी के बारे में जानकारी मांगी, तो 500 रुपए रजिस्ट्रेशन चार्ज बताया गया। मुझे पेटीएम नंबर-7523012531 दिया गया, जो कि अरविंद सिंह के नाम पर है। मैंने इस नंबर पर 500 रुपए जमा कर दिए। फिर मुझे कंपनी का मेंबर कार्ड बनवाने के लिए 2800 रुपए जमा करवाए गए। इसके बाद कंपनी के लोग किसी न किसी नाम पर पैसे मांगते रहे, जिसे मैं जमा करता रहा। पैसे वापस मांगे, तो कंपनी के लोगों ने रिफंड के नाम पर 8500 रुपए जमा करवा लिए। इसके बाद जीएसटी चार्ज के नाम पर 6798 रुपए जमा करवा लिए। बाद में कंपनी के लोगों ने कहा कि टीडीएस चार्ज 13776 रुपए जमा कीजिए नहीं, तो उसके बगैर पैसा रिटर्न नहीं होगा। मैंने जब बताया कि अब और पैसा नहीं दे सकता, मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। तब कंपनी के लोगों ने फोन रिसीव करना बंद कर दिया। कंपनी के लोगों ने मुझसे 43,880 रुपए की धोखाधड़ी की है। 20 हजार रुपए उधार लिए पीड़ित युवक ने बताया कि बेरोजगारी की वजह से उसके पास अधिक जमा-पूंजी नहीं थी। बस खर्च के लिए 23 हजार रुपए रखे थे। 20 हजार रुपए दोस्तों से उधारी लेकर कंपनी में जमा किया था। मुझे नहीं पता था कि इस तरह से भी ठगी की जाती है। हर रात काम मिलेगा, किसी को नहीं बताना गिरोह ने युवक को हर रोज 5 हजार रुपए तक की कमाई होने का लालच दिया था। युवक का फोटो देखकर कहा था कि आप तंदुरुस्त हो, हर रात काम मिलेगा। ऐसी महिलाओं के पास जाना होगा, जो अकेली रहती हैं। बहुत कमाई होगी। इस बारे में किसी को बताना नहीं। अगर, किसी को बताओगे, तो कंपनी से हटा दिया जाएगा। सदस्यता खत्म हो जाएगी।

टीम इंडिया के लिए एक और तूफानी गेंदबाज दे रहा है दस्तक

दुबई। IPL-2021 फेज-2 में मंगलवार को राजस्थान और पंजाब के बीच एक बहुत ही रोमांचक मुकाबला खेला गया। मैच के अंतिम ओवर में पंजाब किंग्स को 4 रनों की जरूरत थी, लेकिन टीम सिर्फ 1 ही रन बना सकी और मुकाबला 2 रन से हार गई। मैच में 20 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी हीरो बनकर सामने आए। आखिरी ओवर में उन्होंने RR को करिश्माई गेंदबाजी करते हुए यादगार जीत दिलाई। मैच का लाइव स्कोर देखने के लिए यहां क्लिक करें अंतिम ओवर का पूरा रोमांच अंतिम ओवर में पंजाब को सिर्फ चार रनों की दरकार थी और टीम के पास 8 विकेट बचे हुए थे। टीम के लिए एडेन मार्कराम और निकोलस पूरन बैटिंग कर रहे थे और गेंदबाजी का जिम्मा 20 साल के कार्तिक त्यागी के कंधों पर था। पहली गेंद- डॉट बॉल कार्तिक त्यागी की पहली गेंद पर एडेन मार्कराम एक भी रन नहीं बना सके। दूसरी गेंद- एक रन अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर एडेन मार्कराम ने एक सिंगल निकाला। अब पंजाब को चार गेंदों पर 3 रनों की जरूरत थी। तीसरी गेंद- पूरन आउट ओवर की तीसरी गेंद पर कार्तिक त्यागी ने निकोलस पूरन (32) को आउट कर RR को तीसरी सफलता दिलाई। अब पंजाब को तीन गेंदों पर 3 रनों की जरूरत थी। चौथी गेंद- डॉट बॉल ओवर की चौथी गेंद फिर से डॉट बॉल रही। अब मुकाबला काफी रोमांचक हो चुका था और पंजाब को दो गेंदों पर 3 रनों की जरूरत थी। पांचवीं गेंद- हुड्डा आउट ओवर की 5वीं गेंद पर त्यागी ने दीपक हुड्डा को शून्य पर आउट कर पंजाब के खेमे में खलबली मचा दी। अब पंजाब को आखिरी गेंद पर 3 रन बनाने थे।​​​​​​​ छठी गेंद- डॉट बॉल मैदान पर सन्नाटा छाया हुआ था और सभी की निगाहें मुकाबले के परिणाम पर थी। अंतिम गेंद खेलने के लिए फैबियन एलन आए, लेकिन कार्तिक त्यागी ने एक और डॉट बॉल डालकर RR को एक बहुत ही रोमांचक जीत दिला दी। ​​​​ पंजाब के सामने था 186 का टारगेट मैच में RR ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 185 रन बनाए थे और पंजाब के सामने 186 रनों का टारगेट रखा था। पंजाब ने जिस तरह से टारगेट का पीछा किया था उसको देखते हुए टीम की आसान जीत तय मानी जी रही थी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला और टीम अंतिम ओवर में हार गई। राहुल के 3 हजार रन पूरे पंजाब किंग्स के कप्तान केएल राहुल IPL में सबसे तेज 3 हजार रन बनाने वाले दूसरे और भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 80 पारियों में यह रिकॉर्ड अपने नाम किया। राहुल से पहले क्रिस गेल का नाम आता है जिन्होंने 75 पारियों में 3 हजार रन बनाए थे। पहली बार IPL में बना यह रिकॉर्ड राहुल 33 गेंदों पर 49 रन बनाकर आउट हुए। उनका विकेट चेतन सकारिया के खाते में गया। इससे पहले RR ने पंजाब के कप्तान के 3 आसान कैच छोड़े थे। इसी मैच में RR के ओपनर यशस्वी जायसवाल भी 49 पर आउट हुए थे। IPL में ऐसा पहली बार हुआ जब दो खिलाड़ी 49 के स्कोर पर पवेलियन लौटे हों। लोकेश राहुल के विकेट के बाद मयंक अग्रवाल भी अपनी पारी को आगे नहीं बढ़ा सके और 43 गेंदों पर 67 रन बनाकर आउट हुए। आउट होने से पहले मयंक ने IPL में अपने दो हजार रन पूरे किए। अर्शदीप को मिले 5 विकेट RR ने 20 ओवर के खेल में 185 रन बनाए। एक समय टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन अंतिम चार ओवर में टीम सिर्फ 21 रन बना सकी और ऑल-आउट हो गई। पंजाब किंग्स के युवा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने 32 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। PBKS के लिए एक मैच में पांच विकेट लेने वाले वह तीसरे गेंदबाज बने। लोमरोर की तूफानी पारी महिपाल लोमरोर ने RR की पारी के 16वें ओवर में दीपक हुड्डा के खिलाफ दो छक्के और दो चौके की मदद से विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 24 रन बनाए। लोमरोर की पारी पर ब्रेक अर्शदीप सिंह ने लगाया और वह सिर्फ 17 गेंदों पर 43 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 252.94 के स्ट्राइक रेट के साथ बैटिंग करने वाले लोमरोर ने दो चौके और चार छक्के लगाए। लेविस के रूप में गिरा था RR का पहला विकेट मैच के चौथे ओवर में एविन लेविस ने ईशान पोरेल के खिलाफ एक के बाद एक चार चौके लगाए। वह आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे थे, लेकिन अर्शदीप सिंह ने उनको आउट कर पंजाब को पहली सफलता दिलाई। RR को दूसरा झटका कप्तान संजू सैमसन (4) के रूप में लगा। उनकी विकेट डेब्यू कर रहे ईशान पोरेल के खाते में आया। इसके बाद जायसवाल और लियाम लिविंगस्टोन ने तीसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। इस पार्टनरशिप को अर्शदीप सिंह ने तोड़ा और लिविंगस्टोन 25 पर पवेलियन लौटे। बॉउंड्री लाइन फैबियन एलन ने लिविंगस्टोन का शानदार कैच पकड़ा।

क्या मठ की अथाह संपत्ति बनी महंत नरेंद्र गिरि की मौत की वजह?

महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उनका शव उनके कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला था. उनके कमरे से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी बरामद हुआ है. वहीं महंत की आत्‍महत्या को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी की मौत को बाघंबरी गद्दी मठ (Baghambari Math) और निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) की अकूत धन-संपदा और वैभव को लेकर भी जोड़ा जा रहा है. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े से जुड़े लोग हत्‍या की भी आशंका जता रहे हैं. बाघंबरी गद्दी मठ और निरंजनी अखाड़े की अकूत धन-संपदा (Property Dispute) को लेकर विवादों का रिश्ता पुराना रहा है. मीडिया में आई तमाम रिपोर्ट के मुताबिक, मठ और अखाड़े की सैकड़ों बीघे जमीनें बेचने, सेवादारों और उनके परिवारीजनों के नाम मकान, जमीन खरीदने को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके करीबी शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद लंबे समय से रहा है. मंहत नरेंद्र गिरि के अधीन संपत्तियां: बाघंबरी मठ: प्रयागराज के अल्लापुर इलाके में बाघंबरी गद्दी और मठ है, जो करीब 5 से 6 बीघे जमीन में है. यहां निरंजनी अखाड़े के नाम एक स्कूल और गौशाला भी है. दारागंज में भी अखाड़े की जमीन है. प्रयागराज में हनुमान मंदिर जिसे संगम तट पर लेटे हुए हनुमान जी के नाम से जाना जाता है, वो भी इसी बाघंबरी मठ का ही मंदिर है. जहां प्रयागराज और संगम आने वाले सभी श्रद्धालु मत्था जरूर टेकते हैं. मांडा (प्रयागराज) में 100 बीघा और मिर्जापुर के महुआरी में भी 400 बीघे से ज्यादा की जमीन बाघंबरी मठ के नाम है. मिर्जापुर के नैडी में 70 और सिगड़ा में 70 बीघा जमीन अखाड़े की है. प्रयागराज और आसपास के इलाकों में निरंजनी अखाड़े के मठ, मंदिर और जमीन की कीमत 300 करोड़ से ज्यादा की है, जबकि हरिद्वार और दूसरे राज्यों में संपत्ति की कीमत जोड़े तो वो हजार करोड़ के पार है. निरंजनी अखाड़े की कुंभ नगरी उज्जैन और ओंकारेश्वर में 250 बीघा जमीन, आधा दर्जन मठ और दर्जनभर आश्रम हैं. कुंभ नगरी नासिक में 100 बीघा से अधिक जमीन, दर्जनभर आश्रम और मंदिर हैं. बड़ोदरा, जयपुर, माउंटआबू में भी करीब 125 बीघा जमीन, दर्जन भर मंदिर और आश्रम हैं. हरिद्वार स्थित मुख्यालय के अधीन दर्जनभर मठ-मंदिर हैं. नोएडा में मंदिर और जमीन है तो वहीं वाराणसी में मंदिर और आश्रम के साथ करोड़ों की जमीन है.

घोर कलियुग …. वृद्धाश्रम में जीते जी चार बुजुर्ग कर रहे खुद का श्राद्ध और पिंडदान

भोपाल। जिन बच्चों के लिए जिंदगी में कमरतोड़ मेहनत की। उनके सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया। उनकी उम्मीदों को ही अपना भविष्य मान बैठे।…. और जब वो बच्चे बड़े होकर आगे बढ़े, पद मिला, पैसा मिला…लेकिन उस ‘परछाई’ को भूल गए जो ताउम्र उनके लिए ही जीती रही। यह हकीकत उन बुजुर्गों की है, जो शहर के विभिन्न वृद्धाश्रमों में रह रहे हैं। अपने ही बच्चों से धोखा खा चुके ये बुजुर्ग इस पितृपक्ष में खुद ही अपना पिंडदान कर रहे हैं। अपना घर के ही चार बुजुर्ग खुद ही अपना श्राद्ध और पिंडदान कर रहे हैं। वहीं, आसरा और आनंदधाम वृद्धाश्रम में ही अपनी देह त्याग चुके बुजुर्गों का पिंडदान करने अमावस्या के दिन तर्पण संस्कार आयोजित किया जाएगा। जिस बेटे पर ताउम्र गर्व करता रहा… उसने ही कर दिया तिरस्कार अपना घर वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्ग प्रेम नारायण सोनी(78), अजय गौड़(80), सुधीर मोहलकर(65), किशन बत्रा(85) खुद ही अपना श्राद्ध और पिंडदान कर रहे हैं। प्रेमनारायण सोनी बताते हैं कि जिस बेटे पर गर्व करता था, उसने ही तिरस्कार कर दिया। शादी के बाद उसके तेवर बदल गए। मुझसे मेरे ही एटीएम कार्ड तक छीन लिए। उसकी इन आदतों ने मुझे घर से निकलने के लिए मजबूर कर दिया इसलिए वृद्धाश्रम में रहने का निर्णय लिया। यही वजह है कि मैं जीते जी अपना श्राद्ध और पिंडदान कर रहा हूं, ताकि उसके ऊपर यह बोझ भी न रहे। अजय गौड़ बताते हैं कि जब खुद के बारे में सोचते हैं तो एक ही सवाल बार-बार सामने आता था कि हमारे मरने के बाद श्राद्ध और पिंडदान कौन करेगा। यही सोच कर जीते जी अपना श्राद्ध और पिंडदान कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही दर्द किशन बत्रा और सुधीर मोहलकर का भी है। अब वृद्धाश्रम ही परिवार…हर बुजुर्ग की भावना की करते हैं कद्र अपना घर संचालक माधुरी मिश्रा ने बताया कि हमारे यहां जिन बुजुर्गों की पहले मौत हो चुकी है और उनके बच्चे अंतिम संस्कार तक में नहीं आए। वे वृद्धाश्रम में परिवार की तरह रह रहे। उनके लिए श्राद्ध और पिंडदान किया जाएगा। हमारे यहां पर 4 बुजुर्ग खुद का श्राद्ध और पिंडदान कर रहे हैं। उनके लिए आश्रम में व्यवस्था की हैं। आसरा वृद्धाश्रम की राधा चौबे ने बताया कि वृद्धाश्रम में जिन बुजुर्गों की पहले मौत हो चुकी है, उनका अमावस्या पर श्राद्ध किया जाएगा। आनंद वृद्धाश्रम के सचिव आरआर सुरंगे ने बताया कि मृत बुजुर्गों का अमावस्या पर पिंडदान और श्राद्ध किया जाएगा।

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