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Bengal Polls 2026: TMC का बड़ा फैसला, ममता बनर्जी नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी चुनाव

कोलकाता बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी भाजपा द्वारा पहली सूची जारी करने के अगले दिन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से दोपहर में राज्य की कुल 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से पिछली बार की ही तरह तीन सीटें दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की सहयोगी पार्टी (जीटीए प्रमुख अनित थापा) के लिए छोड़ी गई है, इसलिए उन पर टीएमसी ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। भवानीपुर में कड़ी टक्कर उम्मीदवारों की सूची जारी करने के मौके पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार अपनी पारंपरिक सीट कोलकाता के भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी। भवानीपुर में ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से होगा। भाजपा ने सुवेंदु को इस बार दो विधानसभा सीटों- नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने इस बार नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पवित्र कर को टिकट दिया है। बताते चलें कि ममता 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से नहीं लड़कर नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ी थीं, जहां बेहद करीबी मुकाबले में उन्हें सुवेंदु से 1956 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। युवा चेहरों को मिला मौका ममता ने 2021 में अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया था। नंदीग्राम में हार के पश्चात ममता बाद में भवानीपुर से उपचुनाव में जीत दर्ज की थीं। इधर, पार्टी द्वारा जारी सूची में सामाजिक संतुलन पर जोर दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में इस बार 52 महिलाएं, 78 अनुसूचित जाति, 17 अनुसूचित जनजाति और 47 मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवार शामिल हैं। टीएमसी ने इस बार कई नए और युवा चेहरों को मौका देते हुए कई मौजूदा विधायकों व कई मंत्रियों के टिकट भी काटे हैं। साथ ही कई विधायकों का सीट भी बदल दिया गया है। बताते चलें कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 2011 से लगातार बंगाल की सत्ता पर काबिज है। क्रिकेटर व मंत्री मनोज तिवारी का टिकट कटा है।  

समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं स्वयंसेवक: मंत्री परमार ने दिए अहम संदेश

रायपुर बस्तर के वनांचलों में डिजिटल क्रांति वह मंजर आज भी बस्तर के वनांचलों की यादों में एक कसक पैदा कर देता है, जब एक लाचार बुजुर्ग को अपनी चंद रूपए की पेंशन के लिए तपती धूप में मीलों पैदल चलना पड़ता था। कभी शारीरिक अक्षमता तो कभी तंगहाली के कारण बैंक तक न पहुँच पाने का वह दर्द और थक-हारकर सूनी आँखों से लौट आने की वह बेबसी ग्रामीण जीवन का एक कड़वा सच थी। लेकिन वक्त बदला और बस्तर की इन पथरीली राहों पर ममता और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बीसी सखियों ने उस करुणा को शक्ति में बदल दिया है। आज वही बुजुर्ग अपनी देहरी पर बैठी बैंक सखी को देख मुस्करा उठता है, क्योंकि अब बैंक चलकर उसके घर तक आता है।         ग्रामीण बैंकिंग के इस मानवीय चेहरे का सबसे जीवंत उदाहरण छिदगांव में देखने को मिलता है, जहाँ के वृद्ध हितग्राही रतन राम बघेल वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में बीसी सखी दशोमती कश्यप हर माह उनके घर जाकर पेंशन की राशि उनके हाथों में सौंपती हैं। अपनी इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए रतन राम बघेल कहते हैं कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण मेरे लिए बैंक तक जाना अब संभव नहीं रह गया था, पेंशन के पैसों के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब दशोमती बेटी हर महीने घर आकर पैसे दे जाती है, जिससे मुझे बहुत सहारा मिला है।           बैंक और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरीं जिले की इन 144 बीसी सखियों ने फरवरी महीने में 4 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को अवसर और तकनीक मिले, तो वे पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं। इन बैंक सखियों ने न केवल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। विशेष रूप से मातृत्व वंदना योजना के तहत 67 लाख रुपये से अधिक की राशि गर्भवती और धात्री माताओं तक पहुँचाकर इन सखियों ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी बड़ा योगदान दिया है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन और नरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी अब इन्हीं बैंक सखियों के माध्यम से गाँव में ही सुरक्षित तरीके से हो रहा है।         महिला सशक्तिकरण का सबसे सुंदर उदाहरण दरभा और बस्तर जैसे ब्लॉकों में देखने को मिला, जहाँ इन बैंक सखियों ने दिन-रात मेहनत कर हजारों ट्रांजैक्शन किए। लोहंडीगुड़ा और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में भी सखियों ने बड़ी कुशलता के साथ लाखों रुपयों का प्रबंधन किया। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन 144 महिला शक्तियों के आत्मविश्वास की कहानी है जो अब खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने गाँव के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बस्तर की इन बेटियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया का असली चेहरा गाँवों की ये सशक्त बीसी सखियाँ ही हैं।  

निवाड़ी के डायल 112 हीरोज: सतर्कता और समझाइशदेकर आत्‍महत्‍या के उद्देश्‍य से रेलवे पटरी पर बैठी महिला को सुरक्षित बचाया

भोपाल निवाड़ी जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाईसे आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठी एक महिला की जान बचाई गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया गया। दिनांक 16 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई किनिवाड़ी रेलवे स्टेशनपर एक महिला आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठ गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  नरेंद्र गौतम एवं पायलट  आनंद कुमारने पाया कि पारिवारिक विवाद के चलते अवसादग्रस्त 21 वर्षीय महिलारेलवे पटरी पर बैठी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाइश देकर सुरक्षित पटरी से हटाया।इसके पश्चात महिला पहचान एवं सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशीलता के साथ लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।  

मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव: इजरायल ने ईरान के बड़े सैन्य चेहरों को किया ढेर, खलबली मची

ईरान ईरान युद्ध का आज (मंगलवार, 17 मार्च को) 18वां दिन है। इस बीच इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने बड़ा दावा किया है। IDF ने कहा है कि बीती रात ईरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ यानी सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को निशाना बनाया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि लारीजानी इस हमले में मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायली सेना ने यह भी दावा किया है कि उसने रात के हमले में IRGC की बासिज फ़ोर्स के टॉप कमांडर घोलमरेज़ा सोलेमानी को मार गिराया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने इससे भी आगे बढ़कर दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई है। इजरायल के इस दावे ने ईरान में खलबली मचा दी है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। IDF ने कहा है कि सोलेमानी की कथित हत्या ईरान के “कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे” के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले दिनों अली खामेनेई और ईरान के बाकी बड़े नेतृत्व के मारे जाने के बाद अली लारीजानी को ही सबसे ताकतवर शख्स माना जा रहा था, जो इस युद्ध में ईरान की अगुवाई कर रहे हैं। अली लारीजानी को कथित तौर पर आखिरी बार 13 मार्च को कुद्स डे पर देखा गया था। पहले परमाणु वार्ताकार रहे हैं लारीजानी लारीजानी, जो पहले परमाणु वार्ताकार रह चुके हैं और वर्तमान में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें ईरान की सत्ता संरचना में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है। अगर उनकी मौत की पुष्टि होती है, तो लारीजानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तेहरान, शिराज और तबरीज़ में हमले बता दें कि अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 10 व्यक्तियों की सूची में, लारीजानी सहित वरिष्ठ ईरानी सैन्य और खुफिया अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी। IDF का कहना है कि उसने सोमवार की रात तेहरान, शिराज और तबरीज़ में ईरान के कई अहम ठिकानों और आधारभूत संरचनाओं पर हमले किए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में तेहरान में कमांड सेंटर, लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है जबकि शिराज में, आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर हमला किया गया है। IDF का ये भी दावा है कि तबरीज़ में हुए हमलों ने ईरान के अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म कर दिया है।  

समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं स्वयंसेवक: मंत्री परमार ने दिए अहम संदेश

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प विकसित भारत@2047 का ध्येय, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के निमित्त सभी को एक दिशा की ओर जोड़ना है। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को शिक्षा, समाज, अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी बनाने के लिए व्यापक मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के मंदिरों से समाज एवं राष्ट्र के प्रश्नों का समाधान करने वाले श्रेष्ठ नागरिक सृजित हों। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के निनाद सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026” के समापन सत्र में सहभागिता कर कही। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के संकल्प की सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वयंसेवक, अपने आचरण से समाज के लिए अभिप्रेरक बनेंगे। इसके लिए स्वयंसेवकों को शैक्षणिक परिसरों में स्वयं स्वच्छता का परिवेश निर्मित कर, अन्य लोगों के लिए प्रेरक बनना होगा। स्वयंसेवकों के द्वारा किए जा रहे कार्यों का, समाज में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव दिखना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के दर्शन वसुधैव कुटुंबकम् से भारत पुनः विश्वमंच पर अग्रणी बनेगा और विश्व कल्याण के भाव से मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्वजों के इस दर्शन को आगे बढ़ाने से ही शिक्षा का उद्देश्य पूरा होगा। मंत्री  परमार ने क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, इसे प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। मंत्री  परमार ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य “संवाद से समाधान” पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपनाया गया ‘संवाद से समाधान’ का मार्ग अत्यंत सराहनीय और समसामयिक है। मंत्री  परमार ने कहा कि जब युवा समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को समझते हैं बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान भी खोज निकालते हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि यह पहल, प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं और राज्य सरकार उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत प्रदेश भर की गतिविधियों के मासिक संग्रह – डिजिटल न्यूज़लेटर “सेवापथ” का लोकार्पण भी किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (मप्र-छग) डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने स्वागत उद्बोधन में, सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026 न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम में माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत सक्सेना एवं डॉ. भरत व्यास सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. शुभम सिंह चौहान एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया।  

राहुल गांधी पर बढ़ा दबाव: पूर्व नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों ने लिखी खुली चिट्ठी, माफी की मांग

नई दिल्ली संसद भवन परिसर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। 204 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, पूर्व नौकरशाहों, पूर्व राजनयिकों और वकीलों ने राहुल गांधी से उनके आचरण के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है। मंगलवार को पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के नाम लिखी एक खुली चिट्ठी जारी की जिसमें कहा गया है कि 12 मार्च को संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी और अन्य सांसदों का व्यवहार संसदीय मर्यादा और संस्थागत गरिमा के खिलाफ था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संसद परिसर में प्रदर्शन किया गया, जो “अध्यक्ष के आदेश की अवहेलना” और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है। चिट्ठी में राहुल गांधी के व्यवहार को मर्यादा और संस्थागत गरिमा का उल्लंघन बताया गया है। खुले पत्र में, हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि 12 मार्च को संसद भवन परिसर के भीतर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी के कार्यों को ‘पीठ’ (Chair) की जानबूझकर अवहेलना माना जा सकता है, और यह संसदीय अधिकार के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है। “राजनीतिक नाटक का मंच नहीं संसद” पत्र में कहा गया है, “संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, इसे राजनीतिक नाटक का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।” हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों का संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाना और प्रदर्शन करना “जनप्रतिनिधियों के आचरण के अनुरूप नहीं” है। खुले पत्र में कहा गया कि इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय प्रक्रियाओं को कमजोर करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। माफी और आत्ममंथन की मांग उन्होंने लिखा है, “संसद के हर हिस्से, सीढ़ियां, गलियारे और लॉबी की समान गरिमा है। जनप्रतिनिधियों का आचरण इन स्थानों पर भी उसी स्तर का होना चाहिए।” पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराती हैं। पूर्व अधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष से अपील की है कि वे देश से माफी मांगें और अपने व्यवहार पर आत्ममंथन करें, ताकि संसद की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे। पत्र में कहा गया है, “एक संवैधानिक संस्था के संरक्षक के रूप में, जो एक अरब से अधिक लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का प्रतीक है, सांसदों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि उनके कार्यों का प्रतीकात्मक और संस्थागत महत्व होता है।” पत्र का नेतृत्व इस पत्र का समन्वय जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने किया। हस्ताक्षरकर्ताओं में 100 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारी, कई पूर्व नौकरशाह, राजनयिक और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से संसदीय आचरण और लोकतांत्रिक परंपराओं पर एक नई बहस छिड़ सकती है।  

क्राइम पर कड़ा प्रहार: MP पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ छेड़ा अभियान

भोपाल  प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा उनके उपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत एवं सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में 42 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। प्रमुख कार्यवाहियां इंदौर जिले में थाना द्वारकापुरी एवं भंवरकुआ पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से 6 देशी पिस्टल जप्त की है। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रदेश स्तर पर नेटवर्क संचालित करने की बात सामने आई है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआ पुलिस द्वारा भी एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्यवाहियों में कुल 07 अवैध पिस्टल जप्त किए गए। दतिया जिले के थाना सिविल लाइन, बड़ौनी, देहात, इंदरगढ़, कोतवाली एवं उनाव पुलिस द्वारा अलग-अलग दिनों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लूट एवं फायरिंग जैसी घटनाओं में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुरैना जिले में थाना पहाड़गढ़, सिविल लाइन, सिहोनिया, बानमोर एवं रिठौरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 06 अवैध हथियार जप्त किए गए है। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा, थाटीपुर एवं पिछोर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 04 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरणों में फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जबलपुर जिले के थाना घमापुर, गोरखपुर, शहपुरा तथा क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों में कुल 03 अवैध हथियार जप्त किए गए। शिवपुरी, छतरपुर एवं पन्‍ना शिवपुरी जिले के थाना सतनवाड़ा एवं करैरा पुलिस, छतरपुर की थाना कोतवाली पुलिस एवं पन्‍ना जिले की कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही कर 02-02 अवैध हथियार जब्‍त किए है। इसी प्रकार सागर, विदिशा, खरगोन, सतना एवं निवाड़ी जिलों में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रत्येक जिले से 01-01 अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन में सुरक्षा का भाव स्थापित करने के लिए पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में दिवंगत गुरकीरत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में  गुरजीत सिंह के पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित निवास पहुंचकर उनके पुत्र दिवंगत गुरकीरत मनोचा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत गुरकीरत के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरकीरत मनोचा के साथ कनाडा में हुई घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में दिवंगत गुरकीरत के परिवार के साथ मेरी और प्रदेशवासियों की संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गुरकीरत के पार्थिव देह को लाने और उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में होने वाला सम्पूर्ण राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

UP Mystery Death Case: महिला और पुरुष की अलग-अलग जगह मिली लाशें, क्या जुड़ा है दोनों का राज?

सीतापुर   उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महोली के एक गांव में तीन बच्चों की मां की लाश खेत में मिली। पुलिस अभी जांच-पड़ताल कर ही रही थी कि पता चला कि एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटक रहा है। एक ही दिन दो-दो मौतों से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया। इन मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। उधर, पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बारे में महिला के परिवार वालों का आरोप है कि मरने वाले पुरुष ने पहले महिला की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी थ्योरी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस, दोनों की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिशों में जुटी हे। मारी गई 40 वर्षीय महिला की 20 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। काफी समय से वह अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक गांव के ही 41 वर्षीय शख्स और महिला के बीच नजदीकियां थीं। हालांकि वह शख्स भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। महिला के परिवार वालों के मुताबिक वह सोमवार की शाम को घर से निकली थी। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। महिला का शव मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में पड़ा मिला। उसकी आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। सूचना पर कुछ ही देर में महोली सीओ नागेन्द्र चौबे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम जांच पड़ताल कर ही रही थी कि तभी गांव में ही एक दूसरी मौत की खबर आई। महिला के करीब रहे एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच बीते चार साल से नजदीकियां थीं। सीओ नागेन्द्र चौबे के मुताबिक महिला के परिवारवालों का आरोप है कि मरने वाले शख्स ने पहले महिला की हत्या की इसके बाद घर आकर फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। सीओ के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

योजना के अंतर्गत राज्य सरकार को लगभग 19 हजार करोड़ रूपये की केंद्रीय सहायता

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री-मंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और इसे जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में पुनर्गठित कर लागू करने को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के साथ सेवा आधारित, टिकाऊ और पारदर्शी प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मिशन के लिए कुल व्यय बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी। जल जीवन मिशन 2.0 योजना के पहले ही दिन मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्रीय जल शक्ति और पेयजल मंत्रालय से इस संबंध में एमओयू किया, जिसके तहत केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय पेयजल योजना के लिए पाइपलाइन बिछाने से लेकर पूरी अधोसंरचना का निर्माण करना जिससे पेयजल हर ग्रामीण तक पहुंच सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत की साझेदारी से जलापूर्ति और जल संचयन छोटे-छोटे गांव तक पहुँचाना है। जल शक्ति मंत्रालय में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी,आर पाटील , जल शक्ति राज्यमंत्री  वी. सोमन्ना और मध्य प्रदेश की ओर से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपत्तिया उइके, प्रमुख सचिव  पी. नरहरि सहित केंद्र और राज्य के आला अधिकारी एमओयू के दौरान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के अनुमोदन के लिए वे प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी ग्रामीण नल-जल योजनाओं का गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी के साथ “हर घर जल प्रमाणित” ग्राम पंचायतों में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विभिन्न घटकों का निरीक्षण कर “जल आकलन” किया जा रहा है, जिससे योजनाओं की गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में पूर्ण हुई योजनाओं का हस्तांतरण निर्वाचित प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से “जल अर्पण” उत्सव के रूप में किया जा रहा है। देश का पहला “जल अर्पण” उत्सव 23 दिसंबर 2025 को राजगढ़ जिले के कुंडीबेय गांव में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 8 मार्च से 22 मार्च तक “जल महोत्सव” के अंतर्गत जल संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य मंत्रि-परिषद ने “मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति), 2026” को मंजूरी देकर ग्राम पंचायतों को योजनाओं के संचालन और रखरखाव में सशक्त बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी आर पाटिल के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार दिसंबर 2028 तक जल जीवन मिशन के सभी कार्य पूर्ण कर प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह मिशन ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह एमओयू प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने, सेवा गुणवत्ता में सुधार, समयबद्ध लक्ष्यों की प्राप्ति, डिजिटल निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को केवल अवसंरचना विस्तार तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण, पंचायतों की भागीदारी और सेवा की निरंतरता पर समान रूप से बल देगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके के नेतृत्व में विभाग सेवा गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना पर आगे बढ़ रहा है।  

फेल या अनुपस्थित छात्रों के लिए मौका: MP में 9वीं-11वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी

भोपाल मध्य प्रदेश के हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए कक्षा 9वीं और 11वीं की द्वितीय वार्षिक परीक्षा (Second Annual Exam) का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है जो मुख्य वार्षिक परीक्षा में अनुपस्थित रहे थे या अनुत्तीर्ण हो गए थे।  किन छात्रों को मिलेगा मौका? यह परीक्षा खास तौर पर उन छात्रों के लिए है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए या फेल हो गए थे। ऐसे विद्यार्थियों को अब अपने प्रदर्शन को सुधारने और अगली कक्षा में जाने का एक और अवसर मिलेगा।  प्रश्नपत्र कहां तैयार होंगे? द्वितीय वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद और जिला स्तर पर तैयार किए जाएंगे। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।  दिव्यांग छात्रों के लिए खास निर्देश दिव्यांग श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का संचालन और मूल्यांकन अलग से निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।  परीक्षा संचालन और मूल्यांकन प्रक्रिया परीक्षा का आयोजन और मूल्यांकन पहले से तय गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा, जिससे सभी छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।  छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षा? फेल या अनुपस्थित छात्रों को दूसरा मौका अगली कक्षा में प्रमोशन का अवसर साल बर्बाद होने से बचाव आत्मविश्वास बढ़ाने का मौका

सोशल मीडिया पर ‘आयुष्मान खुराना एरा’ का जादू, ‘साड़ी गली’ के नए वर्ज़न ने जीता दिल

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता-गायक आयुष्मान खुराना ने अपने सुपरहिट गाना ‘साड़ी गली’ का नया वर्ज़न सोशल मीडिया पर साझा किया है। आयुष्मान खुराना के संगीत को हमेशा से दर्शकों के दिलों में खास जगह मिली है। उनकी पहली फिल्म विकी डोनर के गीत ‘पानी दा रंग’ से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर ‘मिट्टी दी खुशबू’, ‘इक वारी’, ‘साड़ी गली’ जैसे कई लोकप्रिय गीतों तक पहुंचा। पिछले कुछ हफ्तों से इंस्टाग्राम पर एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां फैंस आयुष्मान के पुराने गानों को दोबारा सुनते और शेयर करते हुए “आयुष्मान खुराना एरा” को सेलिब्रेट कर रहे हैं। कई पोस्ट्स में कैप्शन लिखा जा रहा है।“अनुव जैन से पहले हमारे पास आयुष्मान खुराना थे।” इन पोस्ट्स के जरिए यह बताया जा रहा है कि कैसे आयुष्मान के संगीत ने मेनस्ट्रीम में भावनात्मक और एकॉस्टिक स्टोरीटेलिंग की जगह बनाई। फैंस के इस ऑर्गेनिक ट्रेंड को देखते हुए आयुष्मान खुराना ने अब अपने सोशल मीडिया पर ‘साड़ी गली’ का एक नया वर्ज़न साझा किया है। इस वीडियो के जरिए वह अपने संगीत के सफर का जश्न मनाते हुए उस सिंगर-सॉन्गराइटर को फिर से सामने लाते हैं, जिसने पहली बार दर्शकों का दिल जीता था। ‘साड़ी गली’ का यह नया वर्ज़न उनके शुरुआती हिट गानों से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा करता है और यह भी साबित करता है कि सोशल मीडिया के दौर में भी उनके संगीत का श्रोताओं से गहरा जुड़ाव बना हुआ है।  

ब्राजील को झटका: नेमार नहीं खेलेंगे वर्ल्ड कप वॉर्मअप मैच, फिटनेस पर सवाल

रियो डी जनेरियो दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक नेमार को सोमवार को फ्रांस और क्रोएशिया के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबलों के लिए ब्राजील की टीम में जगह नहीं दी गई। यह मैनेजर कार्लो एंसेलोटी के लिए इस साल के फीफा वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम को फाइनल करने से पहले खिलाड़ियों को परखने का आखिरी मौका है। नेमार रविवार को अपनी हालिया चोट से उबरने के बाद मैदान पर लौटे। वह ब्राजील के सीरी ए में 90 मिनट तक मैदान पर खेले और उन्होंने कोरिंथियंस के साथ सैंटोस के 1-1 के घरेलू ड्रॉ में एक असिस्ट भी किया। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 27 लोगों की लिस्ट में नेमार के न होने के बावजूद एंसेलोटी ने 34 साल के खिलाड़ी के संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले वर्ल्ड कप में खेलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। एंसेलोटी ने कहा, “मैंने इस बार उन्हें टीम में क्यों नहीं रखा, क्योंकि वह 100 प्रतिशत फिट नहीं है और हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो 100 प्रतिशत फिट हों। नेमार अगर पूरी तरह से फिट हो जाते हैं, तो वह अभी वर्ल्ड कप की टीम में शामिल हो सकते हैं।” ब्राजील 26 मार्च को बोस्टन में फ्रांस से और पांच दिन बाद ऑरलैंडो में क्रोएशिया से खेलेगा। साउथ अमेरिकन टीम अपना वर्ल्ड कप कैंपेन 13 जून को मोरक्को के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 19 जून को हैती और 24 जून को ग्रुप सी में स्कॉटलैंड से ब्राजील का सामना होगा। एंसेलोटी ने कहा कि नेमार को तकनीकी स्तर पर कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। नेमार को बाहर रखने का फैसला उनके बैकरूम स्टाफ के साथ मिलकर लिया गया था। रियल मैड्रिड के पूर्व बॉस ने कहा, “यह एक शारीरिक मूल्यांकन है, तकनीकी नहीं। बॉल के साथ वह बहुत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें शारीरिक तौर पर सुधार करने की जरूरत है, क्योंकि कोचिंग स्टाफ और मेरे लिए वह अपनी काबिलियत के हिसाब से 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं। यही वजह है कि उन्हें अपनी क्षमता के 100 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए काम करना होगा। यह मेरी और स्टाफ में हर उस व्यक्ति की राय है जो उनके गेम देखते हैं।” ब्राजील की टीम में फ्लैमेंगो के सेंटर-बैक लियो परेरा, गैलाटसराय के मिडफील्डर गैब्रियल सारा, ब्रेंटफोर्ड के स्ट्राइकर इगोर थियागो और बोर्नमाउथ के फॉरवर्ड रेयान के रूप में 4 नए खिलाड़ियों को जगह दी गई है। ल्योन की तरफ से खेलते हुए शानदार फॉर्म में चल रहे युवा खिलाड़ी एंड्रिक को भी टीम में रखा गया है। ब्राजील टीम का स्क्वॉड गोलकीपर: एलिसन (लिवरपूल), बेंटो (अल-नासर), एडरसन (फेनरबाचे) डिफेंडर: वेस्ली (एएस रोमा), एलेक्स सैंड्रो (फ्लेमेंगो), डगलस सैंटोस (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), मार्क्विनहोस (पेरिस सेंट जर्मेन), गेब्रियल मैगलहेस (आर्सेनल), ब्रेमर (जुवेंटस), डैनिलो (फ्लेमेंगो), इबानेज (अल-अहली), लियो परेरा (फ्लेमेंगो) मिडफील्डर: एंड्री सैंटोस (चेल्सी), कैसेमिरो (मैनचेस्टर यूनाइटेड), डैनिलो (बोटाफोगो), फैबिन्हो (अल-इत्तिहाद), गेब्रियल सारा (गैलाटासराय) फॉरवर्ड: एंड्रिक (ओलंपिक लियोनिस), इगोर थियागो (ब्रेंटफोर्ड), लुइज हेनरिक (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), रेयान (बोर्नमाउथ), जोआओ पेड्रो (चेल्सी), गेब्रियल मार्टिनेली (आर्सेनल), माथियस कुन्हा (मैनचेस्टर यूनाइटेड), राफिन्हा (बार्सिलोना), विनीसियस जूनियर (रियल मैड्रिड)।  

दो दिवसीय आयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे शामिल

रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर (IIIT-NR) में आयोजित 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवाईएससी–2026) का शुभारंभ आज उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपलआईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।       उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के विकास में विज्ञान, नवाचार और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अपने छात्र जीवन और विज्ञान अध्ययन की यादें साझा करते हुए कहा कि विज्ञान पढ़ने से पहले मुझे अंग्रेजी पढ़नी पड़ती थी जिसके कारण कई लेक्चर मैंने छोड़ दिए पर धीरे धीरे सब सिख गया, आज जो रिसर्च पेपर आए हैं सभी अंग्रेजी में है और शायद परंपरागत शायद अंग्रेजी में ही होते हैं पर हमें अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता है ताकि एक ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति भी ज्ञान अर्जित कर सके इस पर ध्यान देना चाहिए।      उन्होंने भारत में विज्ञान के उद्भव पर चिंतन करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों पर भारत के मनीषियों एवं ऋषियों ने उस समय कितने चिंतन कर लिए थे जो आज भी चिंतन का विषय है। किसी एक विषय को समझने के लिए आप प्रायोगिक तरीकों से भी जा सकते हैं और वैचारिक तरीकों से भी जा सकते हैं पर आपको उस विषय को समझना है तो प्रायोगिक के साथ वैचारिक तरीकों का समावेश आवश्यक है। आर्यभट्ट जी ने जो किताब लिखी तो चार भागों में उसमें तीन सूत्र दिए जिनमें न्यूटन के तीन नियमों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो जाती है।        उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के यंग साइंटिस्ट के द्वारा प्रस्तुत किए गए 194 पेपर्स को जांचने के लिए देश भर से जो हमारे 45 परीक्षक आए हैं मैं उनका हृदय से आभार करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए शोधकर्ताओं को भारत के विज्ञान तीर्थों का दर्शन कराने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना शुरू की जा रही है। जिसमें विज्ञान के विद्यार्थी सीवी रमन, शांति स्वरूप भटनागर, बीरबल साहनी, जगदीश चंद्र बोस, डॉ. होमी जहांगीर भाभा, विक्रम सारा भाई, सत्येंद्रनाथ बोस, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, अबुल कलाम आजाद जैसे भारत के महान वैज्ञानिकों के कार्यस्थल को जाकर देख सकेंगें और विज्ञान के अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।         प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने अपने संबोधन में कहा कि ने छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा समर्थित विभिन्न योजनाओं और शोध परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन किस प्रकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान अनुदान और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।         इस अवसर पर प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रिपल आईटी नया रायपुर में इस सम्मेलन का आयोजन संस्थान की शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बदलते स्वरूप और ‘इंटरडिसिप्लिनरी’ सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वर्तमान में युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में 20 विषय श्रेणियाँ निर्धारित हैं। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरविषयी अनुप्रयोग’ को 21वीं श्रेणी के रूप में जोड़ा जाए, ताकि उभरती डिजिटल तकनीकों में युवा प्रतिभाओं को विशेष मंच मिल सके।”        छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक  पी. कवीश्वर ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। प्रो. एस. के. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की भूमिका वैज्ञानिक सोच विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद  पी. कवीश्वर, पूर्व कुलपति पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रो. एस. के. पांडेय तथा कुलपति एवं निदेशक ट्रिपल आई टी नया रायपुर प्रो. ओम प्रकाश व्यास  उपस्थित रहे।       इस सम्मेलन में ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से कुल 194 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जो देश भर के युवा शोधकर्ताओं ने अपने शोध-पत्र 20 विविध वैज्ञानिक विषयों में प्रस्तुत किए हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान स्वीकृत शोध-पत्रों को उनके संबंधित विषय-क्षेत्र में विशेषज्ञों के पैनल के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे शोधार्थियों को अपने कार्य पर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ और सुझाव प्राप्त होंगे। निर्णायकगण विभिन्न विषय-धाराओं में प्रस्तुत शोध-पत्रों का मूल्यांकन कर प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र का चयन करेंगे। इसके माध्यम से उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे के मार्गदर्शन, परामर्श और शोध के अवसरों के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।        सम्मेलन के समापन समारोह में 18 मार्च को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे। इस अवसर पर वे विभिन्न विषय-धाराओं में चयनित सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित करेंगे और उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस समारोह में इटली की प्रतिष्ठित कंपनी स्मार्ट मी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एंजेलो ज़ाइया भी शामिल होंगे।

पत्नी नहीं, मेरी सबसे बड़ी सपोर्ट सिस्टम – सूर्यकुमार यादव ने देविशा को दिया खास सम्मान

नई दिल्ली टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जिंदगी और करियर में पत्नी देविशा शेट्टी की भूमिका पर खुलकर बात की है। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे करीब 8 साल पहले पत्नी से एक बहुत ही छोटी सी बातचीत ने उनकी जिंदगी बदल दी, करियर को लेकर नजरिया बदल दिया। उनकी पत्नी के सीधे सरल सवाल ने ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने को प्रेरित किया और अब जबकि सूर्यकुमार यादव विश्व कप विजेता कप्तान बन चुके हैं, तो वे अपनी ‘बेहद निश्छल’ पत्नी देविशा की जितनी भी प्रशंसा करें वह कम है क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह साल 2018 की बात है जब देविशा शेट्टी ने सूर्यकुमार से एक सरल सवाल पूछा, ‘अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है?’ उस ‘बेहद सादगीपूर्ण बातचीत’ के आठ साल बाद सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने टी20 विश्व कप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। सूर्यकुमार ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक पॉडकास्ट साक्षात्कार के दौरान उस बातचीत को याद करते हुए कहा, ‘हमारी शादी 2016 में हुई थी जब मैं केकेआर के लिए खेल रहा था। सब कुछ बहुत सहजता से आगे बढ़ रहा था। मैं अच्छा खेल रहा था, खेल का आनंद ले रहा था। जब मैं 2018 में मुंबई इंडियंस में शामिल हुआ तो वह तब तक के मेरे सफर और दिनचर्या को देखती रही। मुझे लगता है कि इसके बाद हमने चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू कर दिया था।’ उन्होंने कहा, ‘उसने (सूर्यकुमार की पत्नी) मुझसे कहा कि आपके साथ आयु वर्ग में खेलने वाले सभी खिलाड़ी अब भारत के लिए खेल रहे हैं। आपके मन में क्या है? मैंने कहा, ‘मुझे भी भारत के लिए खेलना है।’ उसने पूछा, ‘कैसे खेलोगे?’ इस 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पत्नी के साथ उनके करियर को बदलने वाली बातचीत के बारे में कहा, ‘वह संक्षिप्त सी बातचीत थी। वह किसी तरह की बहस नहीं बल्कि संक्षिप्त चर्चा थी। लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बारे में चर्चा थी कि आप अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। अगर मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और भारत को जीत दिलाना चाहता हूं, तो मैं यह कैसे कर सकता हूं?’ एक बार जब अंतिम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास करने का फैसला कर लिया गया तो उनकी जिंदगी में कुछ चुनौतियां भी सामने आई लेकिन सूर्यकुमार और देविशा ने एक जोड़े के रूप में उस रास्ते पर चलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें कई चीजों में कटौती करनी पड़ी। इनमें खान-पान से लेकर सप्ताहांत में दोस्तों से मिलना, शनिवार-रविवार को आराम, सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यक्रम शामिल थे। हमने इस तरह से शुरुआत की और 2018 में आईपीएल में मेरा प्रदर्शन (512 रन) बहुत अच्छा रहा। मैंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया।’ सूर्यकुमार ने कहा, ‘उस साल मुझे मुंबई इंडियंस की तरफ से पारी की शुरुआत करने का भी मौका मिला और मैंने रन भी बनाए। हमने 2019 और 2020 में भी यही सिलसिला जारी रखा और मैं एक अलग ही मूड में था। उसने देखा कि वह चीजों का अधिक आनंद लेने लगा है। मेरे लिए 2020 (आईपीएल में फिनिशर के तौर पर 480 रन) और भी बेहतर रहा और फिर 2021 में मुझे भारतीय टीम में चुना गया।’ बेहद मिलनसार कप्तान ने कहा कि देविशा पर्दे के पीछे रहकर उनकी ताकत बनी रहीं। उन्होंने कहा, ‘उसने सच्ची बातें बताकर नेपथ्य में रहते हुए मुझ पर बहुत प्रभाव डाला है। अगर वह आपकी अर्धांगिनी है तो वह हमेशा आपके प्रति ईमानदार रहेगी क्योंकि वह सिर्फ आपकी तरक्की चाहती हैं। अगर आप साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके बीच बातचीत में निश्छलता होना जरूरी है।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘कई बार ऐसा करना मुश्किल भी रहा लेकिन कुल मिलाकर यह अच्छा रहा। अगर आज मैं इस मुकाम पर खड़ा हूं तो इसमें उन बातचीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।’ देविशा ने कभी भी उनकी क्रिकेट को लेकर हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि वह उनका क्षेत्र नहीं था, लेकिन उन्होंने उन्हें क्रिकेट से परे जीवन के बारे में सलाह दी। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं उसे इसका पूरा श्रेय देता हूं क्योंकि उसने मुझे सिर्फ क्रिकेट में मेरे करियर को लेकर सलाह ही नहीं दी, बल्कि जीवन से जुड़ी कई बातें बताईं। मुझे क्या करना चाहिए? किसी खास परिस्थिति से कैसे निपटना चाहिए? मुझे खुद को कैसे पेश करना चाहिए?’ और सबसे महत्वपूर्ण उन्होंने घर में प्रवेश करने से पहले क्रिकेट को दरवाजे पर छोड़ने के लिए कहा। घर पर वह सुपरस्टार सूर्यकुमार यादव नहीं बल्कि सिर्फ सूर्या हैं। उन्होंने कहा, ‘उसने मुझसे कहा कि क्रिकेट को घर के अंदर लेकर मत आना। यह सब महत्वपूर्ण बातें थी जो मैंने सीखी। आपको अपनी उपलब्धियों के बावजूद विनम्र और जमीन से जुड़े रहना चाहिए। घर पर आप सूर्यकुमार यादव नहीं हैं इसलिए सहज व्यवहार करें। खाना खाने के बाद प्लेट को बर्तन धोने वाले स्थान पर रख दें। यह छोटी-छोटी बातें आपके जीवन में बहुत महत्व रखती हैं।’  

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