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किसी का धर्म नहीं बदल रहे… सारा अली खान के मामले में केदारनाथ मंदिर प्रशासन का बड़ा बयान

देहरादून बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान को केदारनाथ मंदिर में प्रवेश करने के लिए शपथ पत्र देना होगा। यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म के प्रति आस्था है। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह सभी गैर सनातनियों के लिए अनिवार्य किया जाएगा। हिन्दुस्तान से खास बातचीत में हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है। क्या शपथ पत्र किसी तरह का धर्मांतरण है? सवाल के जवाब में हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह किसी तरह का धर्मांतरण नहीं। मंदिर समिति का दायित्व मंदिरों की पवित्रतता बनाए रखना है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि हम शपथ पत्र को लेकर एसओपी पर कार्य कर रहे हैं। जल्द ही इसकी डिटेल सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि शपथ पत्र मंदिर से ही मिलेगा। यदि आप सनातनी नहीं, लेकिन सनातन धर्म पर आस्था रखते हैं तो फिर धाम में आप सहज ही दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए केवल बीकेटीसी के एक तय प्रारूप पर शपथ पत्र देना होगा। सारा अली खान पर क्या बोले हेमंत द्विवेदी हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सारा अली खान की माता हिंदू हैं। हम यह नहीं कह रहे कि उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। लेकिन उसके लिए उनकी सनातन के प्रति आस्था होनी जरूरी है। मंदिर कोई घूमने की जगह नहीं है। यह हिंदू आस्था का केंद्र है। धर्मांतरण से कितना अलग हेमंत द्विवेदी से सवाल किया गया कि लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति है कि क्या यह उनका धर्मांतरण है? जवाब में द्विवेदी ने कहा कि हम किसी तरह का धर्मांतरण नहीं कर रहे हैं। क्या हमने लोगों को घरों से उठाकर धर्मांतरण करा रहे हैं? क्या हम मंदिर आने के लिए बाध्य कर रहे हैं… नहीं। इसलिए इसे धर्मांतरण कहना ठीक नहीं है। क्या सिख और अन्य धर्मों के लिए भी यही नियम हेमंत द्विवेदी से सवाल किया गया कि क्या यह शपथ पत्र सभी गैर हिन्दुओं के लिए अनिवार्य है? जिसमें सिख, बौद्ध और जैन समेत अन्य धर्म भी आते हैं। उन्होंने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पर वे टिप्पणी नहीं करना चाहते। यह जरूर बताया कि जल्द ही मंदिर समिति की ओर से इस पर बातें स्पष्ट हो जाएंगी। पूजा के रेट में बढ़ोतरी बदरी केदार धाम में होने वाली पूजाओं के शुल्क में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। बोर्ड के इस फैसले के अनुरूप आगे जल्द शुल्क जारी कर दिए जाएंगे। अभी बदरीनाथ धाम में महाभिषेक पूजा 4700 रुपए, अभिषेक पूजा 4500 रुपए, पूरे दिन की पूजा 12 हजार, श्रीमद भागवत शप्थ पाठ 51 हजार रुपए, वेद पाठ 2500 रुपए लिया जाता है।

परंपरा, प्रकृति और प्रगति का संगम, नव संवत्सर 2083 पर CM मोहन यादव का बड़ा संदेश

भोपाल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाला भारतीय नववर्ष सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन पद्धति का प्रतीक है। विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ मध्यप्रदेश के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उज्जयिनी की धरती से ही इस गौरवशाली कालगणना की शुरुआत हुई थी। यह अवसर हमारी समृद्ध परंपरा को याद करने का है। इसके अलावा विकास, कृषि सशक्तिकरण और जल संरक्षण जैसे अहम क्षेत्रों में नए संकल्प लेने का भी है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश लिखा है…. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला नवसंवत्सर हमारी सांस्कृतिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टि और प्राकृतिक जीवन पद्धति का प्रतीक है। इस वर्ष विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हुआ है। यह मध्यप्रदेश के लिए गर्व और गौरव का विषय है कि भारतीय कालगणना की गौरवशाली परंपरा उज्जयिनी से प्रारंभ हुई है। सम्राट विक्रमादित्य के राज्याभिषेक से आरंभ हुआ विक्रम संवत् भारतीय संस्कृति की चेतना और राष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक है। सम्राट विक्रमादित्य न्यायप्रियता, पराक्रम, धैर्य, ज्ञानशीलता और सुशासन के आदर्श हैं। विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर उन्होंने राष्ट्र की रक्षा और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रतिष्ठित किया। उनके शासनकाल में सुशासन की आदर्श परंपराएं स्थापित हुईं। उन्होंने न्याय और नीति के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी शासन और प्रशासन के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विक्रमादित्य के सुशासन की परंपरा का उल्लेख ‘सिंहासन बत्तीसी’ की कथाओं में मिलता है। यह उस आदर्श शासन-व्यवस्था का प्रमाण है जिसमें योग्य मंत्रियों, विद्वानों और नीति-निपुण व्यक्तियों के सहयोग से राज्य संचालित किया जाता था। सम्राट विक्रमादित्य ने जिस तरह ज्ञान, संस्कृति और प्रशासनिक व्यवस्था को विकसित किया, वह भारतीय राज्य परंपरा की श्रेष्ठता का प्रतीक है। सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रदेश में ‘विक्रमोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 12 फरवरी 2026 से 30 जून 2026 तक चलने वाला यह 139 दिवसीय उत्सव दीर्घ आयोजन का कीर्तिमान स्थापित करेगा। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और बौद्धिक कार्यक्रमों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, उनके आदर्श और उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उज्जयिनी प्राचीन काल से ही भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक चेतना का केन्द्र रही है। बाबा महाकाल की पावन नगरी का संबंध कालगणना, खगोल विज्ञान और आध्यात्मिक साधना से रहा है। हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्ष पहले ग्रहों की गति और नक्षत्रों की स्थिति का गहन अध्ययन कर जो कालगणना पद्धति विकसित की, वह आज भी विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है। उज्जैन की वेधशाला और वैदिक कालगणना हमारी ज्ञान परंपरा का प्रमाण है। हमारे लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का पुनर्स्थापन किया गया। यह घड़ी भारतीय समय गणना की परंपरा को आधुनिक युग में पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। भारतीय नववर्ष प्रकृति के नवोदय का पर्व है। इस समय प्रकृति नवजीवन से समृद्ध होती है,पृथ्वी पर नवचेतना और नवसृजन का संचार होता है। देश भर में मनाए जाने वाले नवसंवत्सर के विभिन्न नाम हैं। कहीं इसे गुड़ी पड़वा, कहीं उगादि, कहीं चैती चांद और कहीं नवरोज के रूप में मनाया जाता है।इसी दिन से चैत्र नवरात्र का भी शुभारंभ होता है। नवरात्र के नौ दिन साधना, आत्मशुद्धि और शक्ति उपासना का अवसर है। भारतीय जीवन पद्धति में पर्व और परंपराएं व्यक्ति और समाज के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं। मध्यप्रदेश में नवसंवत्सर का आयोजन विकास और जनकल्याण के नए संकल्पों के साथ किया जा रहा है। नवसृजन के प्राकृतिक उत्सव अवसर पर मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश में यह वर्ष कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान अर्थव्यवस्था की आधारशिला है, इसलिए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। इस वर्ष हमने पहली कृषि कैबिनेट बैठक बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में की है। इसमें कृषि विकास और कल्याण के लिए 27 हजार 500 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत किया गया। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए प्रदेश में योजनाएं लागू की गई हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि-आधारित उद्योगों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करें और आत्मनिर्भर बनें। यशस्वी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम विरासत के साथ विकास मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। इसी अनुरूप प्रदेश में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास पर कार्य किया जा रहा है। ओंकारेश्वर, उज्जैन, मैहर और अन्य प्रमुख तीर्थस्थल आध्यात्मिक पर्यटन स्वरूप में विकसित हो रहे हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ पर्व के लिए होने वाली समस्त तैयारियां प्रगति पर हैं। इसके साथ ही श्रीराम वनगमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय जैसी योजनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को नई पीढ़ी से जोड़ा जा रहा है। भारतीय नववर्ष का आयोजन हमें प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देता है।हमारी परंपरा में गुड़ी पड़वा के दिन सूर्योदय से पहले स्वच्छ जल में स्नान करने और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। अर्घ्य देने की परंपरा में जल स्रोतों की पवित्रता और संरक्षण का संदेश है। जल संरक्षण के इसी भाव के साथ मध्यप्रदेश में आज से “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया जा रहा है। नववर्ष प्रतिपदा पर शिप्रा तट उज्जैन से प्रारंभ होने वालेइस तीसरे राज्य स्तरीय अभियान में जल संरक्षण की पारंपरिक पद्धतियों और नवीन तकनीकी, नवाचारों के साथ प्रदेश के जल स्रोतों को सुरक्षित किया जायेगा। मेरा प्रदेशवासियों से आग्रह है कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन बनाएं। प्रकृति के नवसृजन, अवसर पर आज हम विकसित मध्यप्रदेश निर्माण का संकल्प लें। नवचेतना, नवजागृति के साथ आइये हम सब मिलकर प्रदेश के नवकल्याण की ओर बढ़ें और विकसित भारत निर्माण में सहभागी बनें। मुझे विश्वास है कि नव संवत्सर मध्यप्रदेश की प्रगति, समृद्धि और नई उपलब्धियों का … Read more

नौ वर्षों में यूपी की बदली तस्वीर, कानून व्यवस्था और विकास में आया बड़ा सुधार- ब्रजेश पाठक

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने पर लोक भवन में “नव निर्माण के 9 वर्ष” पुस्तक के विमोचन अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास की नई मिसाल कायम हुई है। प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को समझ चुकी है और भ्रम फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। वर्ष 2016-17 का दौर प्रदेश के लोगों को आज भी याद है, जब उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और प्रदेश की पहचान गुंडागर्दी और माफियाओं के प्रभाव से जुड़ गई थी। उस समय निवेशक भी प्रदेश में आने से कतराते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में समाज के हर वर्ग के साथ अन्याय हुआ और विकास की रफ्तार थम गई थी। उन्होंने जनता से अपील की कि समाजवादी पार्टी के पीडीए की धज्जियां उड़ा दें। 2047 तक भी समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाली है। 2047 तक विकसित देश बनेगा और विकसित प्रदेश भी बनेगा।  उप मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि वर्ष 2017 में भाजपा और उसके सहयोगियों ने 325 सीटें जीतकर जो इतिहास रचा था, उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में और बड़े बहुमत के साथ दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग दलितों और पिछड़ों की बात कर रहे हैं, वे समय के साथ अपना रुख बदलते रहे हैं। उन्होंने योगी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों को करीब 99 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में दिए गए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता मिली है। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद पर प्रभावी रोक लगाई गई है। समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की पहचान खराब कानून व्यवस्था और जर्जर बुनियादी ढांचे से होती थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश बेहतर सड़कों, एक्सप्रेसवे, निवेश और मजबूत कानून व्यवस्था के कारण देश में नई पहचान बना रहा है। पहले प्रदेश में सड़कों की हालत खराब थी और बिजली आपूर्ति भी बेहद सीमित थी। कई इलाकों में बिजली की स्थिति ऐसी थी कि लोगों को दिन या रात में बिजली मिलती थी। शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित थी और कई जगह नकल माफिया सक्रिय थे। इंटर कॉलेजों में 5 से 10 हजार रुपये लेकर डिग्री दिलाने तक की शिकायतें सामने आती थीं। भाजपा सरकार बनने के बाद नकल विहीन परीक्षा व्यवस्था लागू की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए गए। यूनिवर्सिटी लगभग दोगुनी हो गई हैं। बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में भी व्यापक सुधार हुआ है और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का तेजी से विस्तार किया गया है। वर्ष 2017 से पहले जहां सीमित संख्या में मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। एमबीबीएस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 81 मेडिकल कॉलेज बन गए हैं। एमबीबीएस की सीटों में ढाई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि यह ध्यान रखें कि जिन लोगों ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को गुंडा स्टेट बनाने का काम किया था, उनको कभी सत्ता में नहीं आने दें। हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश को नंबर एक पर लाने का काम करेंगे।

समय के साथ चेकअप जरूरी है सेहत के लिए

अच्छा स्वास्थ्य सबकी चाहत होती है। बहुत से लोग स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए योगा, सैर, जिम, व्यायाम, तैराकी आदि नियमित रूप से करते रहते हैं। बहुत कम लोग ऐसे हैं जो अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक न हों। अच्छी सेहत बहुत बड़ी देन है। भगवान की इस देन को आगे बरकरार रखने के लिए हमें समय-समय पर डाक्टरों से सलाह लेते रहना चाहिए और उनके परामर्शानुसार अपनी जांच आदि करवाते रहना चाहिए ताकि बीमारी को अधिक पनपने से रोका जा सके। यदि जांच के दौरान शुरुआती लक्षण दिखायी दें और उनका समय रहते इलाज किया जाए ताकि आसानी से उस पर काबू पाया जा सके। इसलिए हम सबके लिए जरूरी है कि हम समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहें। यह जांच नवजात शिशु के संसार में आते ही प्रारम्भ हो जाती है। बड़े नर्सिंग होम में तो बाल विशेषज्ञ होते हैं। जब भी डिलीवरी होती है तो वे बच्चे के शुरुआती लक्षणों से जांच लेते हैं कि सब ठीक ठाक है। डिलीवरी के समय बाल विशेषज्ञ उपलब्ध न हो तो बच्चे के पैदा होने के 2-3 दिन के भीतर बच्चे को डाक्टर के पास ले जायें। इस प्रकार महीना खत्म होने से पहले, फिर दूसरे, चैथे, छठे, नौवें और बारहवें महीने में बच्चे को बार विशेषज्ञ को दिखाने ले जाते रहें ताकि बच्चे की वृध्दि, टीकाकरण पर पूरा ध्यान रहे। कुछ असामान्य पर पूरा ध्यान रहे। कुछ असामान्य लक्षण होने पर समय रहते ध्यान दिया जा सके। दूसरे, तीसरे, चैथे साल में भी बच्चे को डाक्टर के पास ले जाते रहें। जब बच्चा थोड़ा और बड़ा होना शुरू होता है तब भी बच्चे को कम से कम साल में एक बार फिजिकल एग्जामिनेशन के लिए डाक्टर के पास ले जाएं ताकि बच्चों की लम्बाई व वजन आदि उम्र के हिसाब से ठीक है या नहीं और कुछ जरूरी टीकाकरण यदि आवश्यक हों तो लगवा लें। बच्चों की दांत, आंख, कान, प्लस व हार्ट रेट, ब्लडप्रेशर, मधुमेह और श्वास प्रक्रिया की जांच करवाएं, बच्चों का शारीरिक विकास उम्र के मुताबिक कम हो तो डाक्टर से सलाह लें। उम्र बढ़ाने के साथ-साथ शरीर में कई बदलाव आते रहते हैं जैसे किशोरावस्था में हार्मोनल चेंजेंस आदि। इस अवस्था में बच्चे में कई बदलाव आते हैं। इन मानसिक और शारीरिक बदलावों को डाक्टर बच्चे और माता-पिता को बताकर गलतफहमी को दूर करने में मदद करते हैं। जब शरीर का पूरा विकास हो जाता है तब भी कई समस्याएं आती हैं। छोटी-छोटी मुश्किलें तो शरीर आसानी से सह लेता है पर बिल्कुल नजरअंदाज करने पर छोटी मुश्किलें बड़ी हो जाती हैं। 40 वर्ष पश्चात् तो साल में एक बार कुछ चेकअप करवाते रहना चाहिए जैसे ब्लडप्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्राल, यूरिन अनालिसस, वजन, हीमोग्लोबिन, लीवर प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, चेस्ट एक्सरे, ईसीजी आदि करवाते रहना चाहिए। यदि कोई समस्या की शुरुआत हो तो समय पर इलाज परहेज कर उस पर काबू पाना आसान होता है। महिलाओं को 40 वर्ष बाद पेप स्मीअर, बोन डेंसिटी टेस्ट करवाने चाहिए। अल्ट्रासाउंड वगैरह आवश्यकता होने पर करवा लेना चाहिए। 60 वर्ष पश्चात् अपने स्वास्थ्य का पूरी तरह ध्यान रखना चाहिए। कोई भी तकलीफ महसूस होने पर डाक्टर से सलाह लें और लगकर इलाज करवायें। बड़ी आयु में व्यायाम भी डाक्टर की सलाह अनुसार करें। इस आयु में अपना लाइफस्टाइल एक्टिव रखें। आलस्य को दूर रखें। अपने काम स्वयं करें। योगाभ्यास और मेडिटेशन से तनावों पर काबू पायें।  

मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज ड्रॉप आउट रेट जीरो पर पहुंच गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गरीब का बच्चा भी अब वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर से युक्त विद्यालय में पढ़ सकता है। शिक्षा क्षेत्र में सुधारों, ऑपरेशन कायाकल्प और संस्कृत के प्रोत्साहन से यूपी में समृद्धि का नया अध्याय शुरू हुआ है। इसके साथ ही संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के लिए लॉजिंग-फूडिंग की नई स्कीम से प्रदेश और समृद्ध होगा। ये बातें बुधवार को लोकभवन में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालय इस नई व्यवस्था के मॉडल हैं और इसी तर्ज पर हर जनपद में सीएम कंपोजिट विद्यालयों का विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में दो-दो विद्यालय गत वर्ष दिए गए थे और इस वर्ष भी दो-दो विद्यालय दिए जाने की तैयारी है। सीएम योगी ने शिक्षा को सुशासन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि आज जो बदलाव दिखाई दे रहा है, वह योजनाबद्ध तरीके से ठोस क्रियान्वयन का परिणाम है।  सीएम योगी ने कहा कि एक समय बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बेटियां नंगे पैर जाती थीं, फटे कपड़ों में पढ़ाई करती थीं और सरकारी यूनिफॉर्म भी मजाक का विषय बन जाती थी। अब स्थिति बदल चुकी है और प्रदेश सरकार 1 करोड़ 60 लाख से अधिक बच्चों को दो-दो यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें, जूते- मोजे और स्वेटर उपलब्ध करा रही है।  1,36,000 से अधिक विद्यालयों को संसाधनों से युक्त किया गया सीएम योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से 1,36,000 से अधिक विद्यालयों को संसाधनों से युक्त किया गया है। सर्वे और आईटी टूल के इस्तेमाल से यह स्पष्ट हुआ कि बेटियां केवल दूरी की वजह से स्कूल नहीं छोड़तीं, बल्कि शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह होती है। इसी आधार पर विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की गई। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज ड्रॉप आउट रेट जीरो पर पहुंच गया है।  पुराने शिक्षण संस्थानों के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी निभाई मुख्यमंत्री ने नकलविहीन शिक्षा और प्रोजेक्ट अलंकार के जरिए माध्यमिक शिक्षा में भव्य विद्यालय भवनों के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम भी किसी इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। आज हमारा भी तो दायित्व है कि उसका पुनरुद्धार करें। सरकार ने पुराने शिक्षण संस्थानों के पुनरुद्धार की जिम्मेदारी निभाई है और शिक्षा व्यवस्था को सम्मान के साथ पुनर्गठित किया है।  संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के रहने-खाने की समुचित व्यवस्था होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों के लिए छात्रवृत्ति लागू की गई है। चाहे विद्यार्थी छठी कक्षा में हो, पूर्व मध्यमा में हो या आचार्य कक्षा में, हर बच्चे को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। संस्कृत पढ़ने वाले बच्चों की लॉजिंग-फूडिंग के लिए नई स्कीम लाई जा रही है, ताकि उनके रहने और खाने की समुचित व्यवस्था हो सके। संस्कृत के माध्यम से प्रदेश समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है, इसलिए सरकार इस दिशा में नई पहल कर रही है।

निलंबन के साए में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, आईसीसी से बातचीत कर हल निकालेंगे अमीनुल हक

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी से सस्पेंड होने का खतरा मंडरा रहा है। वजह है बीसीबी के चुनाव में कथित अनियमितता की हो रही जांच। बांग्लादेश की नई सरकार ने चुनाव में कथित हेरफेर, धांधली और अनियमितता की जांच के आदेश दिए हैं। आईसीसी को अगर ये बीसीबी के कामकाज में सरकार के दखल के रूप में लगा तो वह बोर्ड को सस्पेंड कर सकती है क्योंकि उसके हिसाब से क्रिकेट बोर्ड सरकार के दखल से मुक्त होने चाहिए। इस बीच अब नई सरकार ने इस मसले पर आईसीसी से चर्चा करने का फैसला किया है ताकि बीसीबी के निलंबन की गुंजाइश खत्म न रहे। बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक बीसीबी के भविष्य पर अंतिम फ़ैसला लेने से पहले आईसीसी से सलाह करेंगे। साथ ही उन्होंने एक दूसरी समिति बनाने का भी ऐलान किया है, जो यह जांच करेगी कि इस साल भारत और श्रीलंका में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में बांग्लादेश क्यों हिस्सा नहीं ले पाया। बीसीबी पर क्यों लटकी आईसीसी से सस्पेंड होने की तलवार? 11 मार्च को खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों में कथित अनियमितताओं, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति बनाई थी। बीसीबी ने सोमवार को इसका जवाब देते हुए कहा कि इस समिति का गठन, बांग्लादेश सरकार की ओर से बोर्ड के मामलों में दखल के बराबर है। बंगलादेश के पूर्व फुटबॉल कप्तान हक ने मंगलवार को कहा कि पांच सदस्यीय समिति जब अपनी रिपोर्ट 15 कार्य दिवसों के भीतर सौंप देगी, तब वह इस मामले पर आईसीसी से चर्चा करेंगे। ‘बीसीबी चुनाव में था मोहम्मद यूनुस सरकार का सीधा हस्तक्षेप’ उन्होंने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार का सीधा हस्तक्षेप था। मैंने कई बार इस बारे में बात की है। ढाका के क्लबों और जिलों से मिले आरोपों के बाद हमने जांच समिति बनाई है। मैं उनकी रिपोर्ट पढ़ूंगा, लेकिन अगला क़दम आईसीसी से बात करने के बाद ही उठाऊंगा।’ तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने बीसीबी चुनाव में हेरफेर के लगाए थे आरोप बीसीबी चुनाव के समय दिग्गज पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल और ढाका के कई क्लब अधिकारियों ने हेरफेर के आरोप लगाए थे। चुनाव से पहले ही बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी हस्तक्षेप के आरोप लगे थे। चुनाव से कुछ सप्ताह पहले भेजे गए एक हस्ताक्षरित पत्र में अमीनुल ने खेल मंत्रालय से कुछ ज़िलों के काउंसिलरों को बदलने का अनुरोध किया था। तमीम ने यह भी आरोप लगाया था कि बीसीबी ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख दो बार बढ़ाई थी। तमीम इकबाल ने भी चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा था लेकिन 1 अक्टूबर को उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। अमीनुल इस्लाम ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया, जो कि मतदान से एक दिन पहले था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ICC से करेंगे चर्चा: खेल मंत्री बाग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि जांचकर्ता यह भी देखेंगे कि चुनाव से पहले जिला प्रशासकों ने अपने नामांकन कैसे बदले। उन्होंने कहा, ‘जांच समिति बीसीबी के चुनाव आयुक्तों, मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष, बीसीबी निदेशकों और सीईओ से बात करेगी। यह उन जिला प्रशासकों से भी संपर्क करेगी जिन्होंने बीसीबी काउंसिलरों का नामांकन किया था। आरोप है कि कई जिला प्रशासकों ने एक काउंसिलर का नाम भेजने के बाद, एक पत्र मिलने पर नया नाम भेज दिया था। मेरा मानना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’ टी20 विश्व कप के मामले में बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत जाने से इनकार कर दिया था, तब आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को विश्व कप के लिए शामिल कर लिया था। हक ने कहा, ‘हम यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि हम विश्व कप में क्यों नहीं गए। हमें समझना होगा कि हमारी खेल कूटनीति कहां कमजोर पड़ी। इस विषय पर ईद के बाद एक जांच समिति बनाई जाएगी। हमें अपनी खेल कूटनीति को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में यह ग़लती दोबारा न हो।’

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप पर टिकीं नीलम सिरोही की उम्मीदें

नई दिल्ली जाग्रेब ओपन 2026 में रजत पदक जीतने वाली महिला पहलवान नीलम सिरोही ने कहा कि वह किर्गिस्तान के बिश्केके में होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (सीनियर) के लिए जोरदार तैयारी कर रही है। ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के दौरान रविवार को यूनीवार्ता से बातचीत में नीलम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह बेहद प्रतिस्पर्धी एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी (ट्रायल्स में चुने जाने के बाद), क्योंकि उन्हें लगता है कि यह स्पर्धा एशियन गेम्स की तैयारी के लिए एक अहम कदम होगा। नीलम, जिन्हें ‘टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप’ (टीएजीजी) के जरिए सरकारी मदद मिल रही है, अभी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में चल रहे भारतीय शिविर का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “अभी मैं भारतीय शिविर का हिस्सा हूं। कुछ ही दिनों में एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल्स होंगे, मुझे उम्मीद है कि अगले महीने मैं चैंपियनशिप में हिस्सा ले पाऊंगी। एशियन गेम्स में हमारे मुख्य प्रतिद्वंद्वियों का आकलन करने के लिए यह एक अहम टूर्नामेंट होगा।” नीलम ने जापान की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता यूई सुसाकी सराहना करते हुए कहा, “वह मेरी पसंदीदा खिलाड़ी हैं, उनकी तकनीकी क्षमताएं बहुत अच्छी हैं, और वह बहुत तेज गति से तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे उनके दांव बहुत असरदार हो जाते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं पहलवानों के परिवार से आती हूं, मेरे पिता, चाचा और दादा, सभी पहलवान थे। मैं बहुत कम उम्र से ही पहलवान बनना चाहती थी, मेरे पिता ने मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझसे पूछा नहीं, बल्कि सबको बताया कि मैं एक पहलवान बनूंगी।” आईजी स्टेडियम में चल रहे प्रशिक्षण शिविर की देखरेख कर रहीं भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की कोच भारती ने कहा कि उन्हें कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में ढेर सारे पदक जीतने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम अपने पहलवानों की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारे पास एक मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि वे सभी पदक जीतेंगे, जिनमें से अधिक स्वर्ण पदक होंगे।”  

रोजगार का मेगा इंजन, हर पार्क में 3 लाख तक रोजगार, युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक और टेक्सटाइल केंद्र के रूप में उभर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्‍सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) योजना के अंतर्गत लखनऊ में विकसित हो रहा मेगा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई गति देने वाला साबित हो रहा है। लखनऊ में स्थापित किए जा रहे इस पीएम मित्र पार्क के लिए 1,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। यहां कोर और बाहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 990.71 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। यह प्रदेश सरकार की उद्योगोन्मुखी नीति और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को प्रदर्शित करता है। टेक्सटाइल वैल्यू चेन का इंटीग्रेटेड मॉडल यह पार्क ‘फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैब्रिक और फैब्रिक टू फैशन’ की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही स्थान पर विकसित करेगा। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में आएगा। निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों के चलते पीएम मित्र पार्क निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। देशभर के 7 पार्कों में कुल 63,177 करोड़ रुपये का निवेश इन्ट्रेस्ट प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही प्रत्येक पार्क में लगभग 3 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर योगी सरकार लखनऊ पीएम मित्र पार्क को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। सड़क, बिजली, जलापूर्ति और लॉजिस्टिक्स के मजबूत नेटवर्क से यह पार्क निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में बड़ा कदम यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला राज्य’ बनाने के विजन को मजबूती देती है। पीएम मित्र पार्क के जरिए टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क के रूप में लखनऊ में विकसित हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो आने वाले वर्षों में निवेश, रोजगार और निर्यात के नए आयाम स्थापित करेगा।

बस्तर की सरपंच जयंती कश्यप दिल्ली में सम्मानित, क्षेत्र का बढ़ाया मान

रायपुर जयंती के सशक्त नेतृत्व से बदली गांव की तस्वीर बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत आड़ावाल की सरपंच जयंती कश्यप आज ग्रामीण नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों, स्वच्छता जागरूकता और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। गत 11 मार्च 2026 को सशक्त पंचायत नेत्री अभियान के तहत यूनिसेफ द्वारा उन्हें दिल्ली आमंत्रित किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मंत्रालय में उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 12 सरपंच उपस्थित थे, लेकिन बस्तर की जमीनी स्तर पर सक्रिय और कर्मठ नेतृत्व के लिए जयंती कश्यप को विशेष रूप से सराहा गया।         जयंती कश्यप ने अपने गांव में विकास की नई दिशा तय की है। वे पेयजल प्रबंधन, स्वच्छता और साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही हैं। इसके साथ ही निर्धन परिवारों को आवास उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों को सामाजिक सहायता योजनाओं से जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।         जल संरक्षण के क्षेत्र में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं। “पानी बचाओ” अभियान के तहत वे ग्रामीणों को जल के समुचित उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। घरों के वेस्ट पानी का उपयोग किचन गार्डन में करना, वर्षा जल संचयन के लिए तालाब और डबरी निर्माण तथा भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोखता गड्ढा बनाने जैसे कार्यों को वे गांव-गांव तक पहुंचा रही हैं।          जयंती कश्यप का मानना है कि जल संरक्षण केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। उनके नेतृत्व में गांव के लोग न सिर्फ जागरूक हो रहे हैं, बल्कि सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं।         आज जयंती कश्यप की यह उपलब्धि न केवल उनके गांव, बल्कि पूरे बस्तर के लिए गर्व का विषय है। उनका समर्पण और कार्यशैली यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ा परिवर्तन संभव है। जयंती कश्यप जैसी सशक्त पंचायत नेत्रियां ग्रामीण भारत के विकास की असली ताकत हैं, जो अपने प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं।

संसद में हल्की-फुल्की नोकझोंक: खरगे ने सांसद पर कसा तंज, मोदी की हंसी ने बढ़ाया माहौल

नई दिल्ली हंगामों से भरपूर सदन में बुधवार को तब जमकर ठहाके लगे, जब राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसद एचडी देवगौड़ा का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा कि देवगौड़ा ने शादी मोदी जी के साथ कर ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवगौड़ा के साथ खरगे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की जमकर तारीफ की। क्या हुआ खरगे ने कहा, ‘मैं देवगौड़ा को बहुत दिन से, 54 सालों से जानता हूं। उनके साथ ही मैं काम किया, लेकिन क्या मुझे मालूम नहीं। वह तो प्रेम हमारे साथ किए, लेकिन शादी मोदी साहब के साथ कर लिए। ये हाल ही में हुए। तो आप कैसे माने ये मुझे मालूम नहीं है।’ उनकी इस टिप्पणी के बाद सदन में जमकर ठहाके लगे और पीएम मोदी भी हंसते हुए नजर आए। पीएम मोदी ने की तारीफ देवगौड़ा, खरगे और पवार की पीएम मोदी ने खास तौर पर सराहना की और उन्हें ऐसे स्तंभ बताया जिन्होंने अपने जीवन का आधे से अधिक समय संसदीय कार्यवाहियों में बिताया। उन्होंने कहा ‘जिस तरह वे नियमित रूप से सदन आते हैं, कार्रवाई में इतनी निष्ठा के साथ भाग लेते हैं, वह वास्तव में अनुकरणीय है। यह एक ऐसी भावना है जिससे सभी नए सांसदों को सीख लेनी चाहिए।’ पीएम मोदी ने राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदाई देते हुए संसद को ‘एक खुला विश्वविद्यालय’ करार दिया। प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों से राष्ट्रीय जीवन में योगदान जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा ‘राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता।’ उन्होंने कहा, ‘भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है, और आपका अनुभव हमेशा हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा रहेगा।’ उन्होंने हल्के फुल्के अंदाज में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘हमारे अठावले जी वास्तव में सदाबहार हैं। वह जा रहे हैं, फिर भी मुझे विश्वास है कि कोई खालीपन महसूस नहीं करेगा, वह लगातार सेवाएं देते रहेंगे।’  

रामकृष्ण हॉस्पिटल में दर्दनाक घटना, तीन सफाई कर्मियों की मौत; भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग

रायपुर राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में गटर की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर किसी व्यक्ति की मौत हो जाए यह छोटी घटना नहीं है। चाहे अस्पताल प्रबंधन हो या काम कराने वाली एजेंसी, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी मीटिंग के लिए भूपेश बघेल दिल्ली रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने असम में कांग्रेस उपाध्यक्ष नव ज्योति तालुकदार के इस्तीफे पर कहा, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। बीजेपी कांग्रेस नेताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही। हिमंता शर्मा डराने धमकाने ओर लालच देने का काम कर रहे। भूपेन बोरा ने भी कुछ समय पहले इस्तीफा दिया था, उस वक्त भी कुछ नहीं हुआ। किसी के आने-जाने से फर्क नहीं पड़ता। नक्सल आत्मसमर्पण को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा, आत्मसमर्पण करने वालों को सामान्य जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। मेनस्ट्रीम में आने के बाद उनको वही माहौल मिलना चाहिए, जो एक सामान्य व्यक्ति को मिलता है। बघेल ने कहा, आज 18 मार्च है, 31 मार्च में कुछ दिन बचे हैं, अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अब वो समय नजदीक आ रहा है, बता दें कि मंगलवार को रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल  में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान अंदर उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस से झूमाझटकी भी हुई, जो देर रात तक जारी रही। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मजदूर कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के थे। मामले की जांच जारी है।

सीएम ने कहा, हमारी सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया, कृषि क्षेत्र में यूपी की विकास दर 8.5 से बढ़कर 18 फीसदी पहुंची

लखनऊ ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में किसानों को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहला निर्णय ही किसानों के लिए लिया था। ऋण माफी से किसान सम्मान निधि तक की यात्रा में यूपी की कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 फीसदी हो गई है। देश में यूपी कृषि विकास में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला राज्य है। अब यहां किसान आत्महत्या नहीं करता है।  सरकार ने 3.16 लाख करोड़ से अधिक किया गन्ना भुगतान  गन्ना किसानों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी में आए परिवर्तन से भी सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के मध्य कुल 95,000 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। जबकि, हमने 2017 से अब तक 9 वर्ष में 3,16,800 करोड़ का भुगतान किया। 2017 में किसानों को 300 रुपये प्रति कुंतल गन्ने का दाम मिलता था, आज 400 रुपये मिल रहा है। घटलौती बंद और पर्ची की समस्या का समाधान भी हो गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान, गेहूं, सरसों, तिलहन, दलहन, मिलेट्स, बाजरा, मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। हमने किसानों से यह भी कहा है कि बाजार में अच्छा दाम मिले तो वहां अपनी फसल बेचें, लेकिन कम दाम मिले तो अपने उत्पाद क्रय केंद्रों पर बेचें। हमारी सरकार ने किसानों को राहत भी दी,  पिछली सरकार में किसानों से मंडी शुल्क ढाई से तीन फीसदी लिया जाता था, जो अब महज एक फीसदी लिया जा रहा है। सपा-बसपा व कांग्रेस सरकारों ने किसानों को बनाया कर्जदार, डबल इंजन सरकार ने फिर उसे उत्पादक की श्रेणी में खड़ा किया सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 99 हजार करोड़ रुपये भेजे हैं। कांग्रेस व सपा-बसपा सरकारों ने किसानों को कर्जदार बना दिया था, डबल इंजन सरकार ने उसे कर्ज से उबारकर फिर से उत्पादक की श्रेणी में लाकर खुशहाली की ओर बढ़ाया है। अब हमारा किसान तीन-तीन फसलें ले रहा है। प्रदेश में 56 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा हुई है। सरकार पहली बार प्राइवेट ट्यूबवेल में फ्री बिजली की सुविधा दे रही है। अभी 23 लाख ट्यूबवेल डीजल से संचालित हो रहे हैं, किसानों को सोलर पैनल देकर उन्हें इससे भी मुक्त कराएंगे। इसके लिए बजट में पैसा भी दिया गया है। सरकार अन्नदाता किसान को खुशहाल करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाती रहेगी।

अब घर बैठे जमीन खरीदें! धार के मेगा मित्र पार्क में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू

धार धार जिले के बदनावर स्थित पीएम मेगा मित्र पार्क परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर है। निवेशकों के भूखंडों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जमीन का स्वामित्व मिलते ही उद्योग स्थापना की तैयारियां तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे निवेशकों को धार आए बिना ही जमीन पर अधिकार मिल रहा है। प्रमुख समूहों का बड़ा निवेश प्रस्ताव परियोजना के पहले चरण में 25 निवेशकों ने कुल 14,099 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इनमें वर्धमान टेक्सटाइल समूह करीब 2,000 करोड़ और जैन कार्ड इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड कंपनी लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा कई छोटे-बड़े उद्योग समूह भी इस परियोजना से जुड़ने की तैयारी में हैं। टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित होगी परियोजना पीएम मेगा मित्र पार्क का उद्देश्य कपास से लेकर फैब्रिक और तैयार वस्त्र तक की पूरी औद्योगिक श्रृंखला को एक ही स्थान पर विकसित करना है। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और मालवा-निमाड़ क्षेत्र में टेक्सटाइल उद्योग को नई पहचान मिलेगी। अंतिम चरण में बुनियादी ढांचा और रोजगार की उम्मीद परियोजना क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का काम भी तेज गति से चल रहा है। पानी की पाइपलाइन, सड़क और बाउंड्रीवाल सहित अन्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जमीन पर अधिकार मिलने के बाद निवेशक जल्द ही उद्योग निर्माण शुरू करेंगे, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और धार जिले की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बेरूत में मिसाइल अटैक से हड़कंप, इमारत जमींदोज, 6 लोगों की गई जान

बेरूत इजरायल ने अपने पड़ोसी देश लेबनान पर भीषण हमला किया है। बुधवार को उसने बिना किसी पूर्व सूचना के मिसाइल दाग दी, जिसमें एक बड़ी इमारत देखते ही देखते जमींदोज हो गई। इसका वीडियो भी दुनिया भर में तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना में 6 लोगों के मारे जाने की जानकारी मिली है। यही नहीं इजरायल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान में हमला करने की तैयारी में था, लेकिन बेरुत में मिसाइल लॉन्च हो गई। ईरान से जारी जंग के बीच लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमले किए थे। 2 मार्च को हुई इस घटना के बाद लेबनान भी जंग में शामिल हो गया और इजरायल ने उस पर लगातार हमले किए हैं।  

जापान, सिंगापुर व जर्मनी के मंत्री व निवेशक कहते हैं कि यूपी में है जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीतिः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक के विमोचन पर अपने संबोधन में कहा कि यूपी अब इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश बना है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। सर्वाधिक सात शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मेट्रो चल रही है। देश की पहली रैपिड रेल मेरठ से दिल्ली के बीच प्रारंभ हो चुकी है। देश का पहला रोपवे वाराणसी में बन रहा है। देश में पहला इनलैंड वाटर वे यूपी (वाराणसी से हल्दिया) में बना है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। यूपी का पांचवां अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जेवर में तैयार है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। हमने 28 मार्च को इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है, उन्हें आमंत्रित किया है। जेवर एयरपोर्ट से अर्थव्यस्था में ग्रोथ होगी और उप्र सरकार को एक लाख करोड़ रुपये की आय होगी।  इसी महीने पूरा हो रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य  सीएम योगी ने 2017 के पहले राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर की दुर्दशा का जिक्र किया, फिर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी महीने पूरा हो रहा है। इसके पश्चात यूपी का शेयर 60 फीसदी हो जाएगा। यूपी ने इंटरस्टेट, इंटरनेशनल, फोरलेन कनेक्टिविटी को बेहतर किया है। मैत्रीद्वार बनाए गए हैं। सीएम ने यूपी में आए परिवर्तनों को भी इंगित किया और कहा कि हर जिला मुख्यालय फोरलेन, ब्लॉक-तहसील मुख्यालय टू लेन-फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ा है।  सिंगापुर, जापान व जर्मनी से बड़े पैमाने पर आने वाले हैं निवेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी हम लोग जापान और सिंगापुर की यात्रा पर गए थे। मेरे साथ वित्त व औद्योगिक विकास मंत्री भी थे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी मंत्री जर्मनी की यात्रा पर गए थे। उन देशों में सभी वरिष्ठ मंत्री व इंडस्ट्री लीडर्स कहते थे कि हम यूपी में इसलिए आ रहे हैं, क्योंकि वहां जीरो टॉलरेंस व जीरो करप्शन की नीति है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। सिंगापुर, जापान और जर्मनी से बड़े निवेशक यूपी आने वाले हैं। अभी से पत्र आने प्रारंभ हो गए हैं। सरकार ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है। जिस प्रदेश में कोई निवेशक नहीं आता था, वहां अब तक 15 लाख करोड़ के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी हैं। छह लाख करोड़ रुपये का निवेश ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के लिए तैयार है। हर जिले में निवेश हो रहा है। हमारे पास व्यापक लैंडबैंक है। 34 सेक्टोरल पॉलिसीज, निवेश मित्र व निवेश सारथी जैसी उद्यम सर्मथित व्यवस्थाएं है। प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ा है।  सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत नहीं होने से 2017 के पहले नहीं आते थे निवेशक सीएम योगी ने कहा कि यूपी में 2017 से पहले निवेशक नहीं आता था, क्योंकि यहां सुरक्षा, पॉलिसी, लैंडबैंक और सरकार की नीयत भी नहीं थी। 1947 से 2017 तक बमुश्किल 14 हजार से कम उद्योग थे, आज राज्य में अब तक 31 हजार बड़े उद्योग लग चुके हैं। यूपी में 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं, जिसमें 3.11 करोड़ लोग कार्यरत हैं। 31 हजार से अधिक उद्योगों में 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। निवेश तब आता है, जब सरकार की नीयत अच्छी होती है।  नोएडा जाने के अपशकुन को हमने उखाड़ फेंका सीएम ने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे। उन्हें लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी चली जाएगी। मुझे दायित्व मिला तो मैंने कहा कि नोएडा जाएंगे। लोगों ने कहा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा जाते हैं, उनकी कुर्सी चली जाती है। मैंने कहा कि कुर्सी आज चली जाए, लेकिन प्रदेश का भला होगा तो नोएडा जाएंगे और विकास पर लगे बैरियर को हटाएंगे। नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। यदि हम लोग नोएडा नहीं जाते तो देश में 55 फीसदी मोबाइल की मैन्युफेक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 फीसदी निर्माण यूपी में नहीं हो पाता। नोएडा जाना यूपी के लिए अपशकुन बना दिया गया था, तब के मुख्यमंत्री उसका माध्यम बने थे। हमने कहा कि अपशकुन को उखाड़ फेकेंगे और इसे विकास में बाधा नहीं बनने देंगे।

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