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लोकप्रिय राजनेता व कुशल प्रशासक थे हेमवती नंदन बहुगुणाः मुख्यमंत्री

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।  समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

क्रिकेट में हासिल किए ऊंचे प्रतिशत, सूर्या बोले- पढ़ाई में 50-60% से आगे कभी नहीं बढ़ा

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव को भले ही पढ़ाई में बहुत अधिक सफलता नहीं मिली लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने आखिरकार 80 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं। सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने हाल में टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत का भरपूर आनंद ले रहे सूर्यकुमार का भारतीय कप्तान के रूप में जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है। मुंबई के रहने वाले सूर्यकुमार स्वाभाविक रूप से अपने इन आंकड़ों से बेहद खुश थे, क्योंकि शिक्षा ग्रहण करते समय वह कभी इतने अधिक नंबर लेकर नहीं आए थे। ‘मैं 50-60 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया’ सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 कप्तान का पद संभालने के बाद लगातार सफलता हासिल की। उनकी अगुवाई में भारत ने अभी तक जो 52 मैच खेले हैं उनमें से 42 मैच में उसे जीत मिली है। सूर्यकुमार ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ”मुझे लगता है कि स्कूल और कॉलेज में मैंने जो प्रतिशत हासिल करने की कोशिश की वह अब मुझे क्रिकेट में मिल रही है।” उन्होंने कहा, ”वहां (स्कूल या कॉलेज में) मैं कभी 50-60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। लेकिन यह (जीत की दर 80 प्रतिशत) सुनकर वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं वैसे आंकड़ों पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करता हूं लेकिन किसी को भी किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं होता और मुझे भी जीतना पसंद है।” सूर्यकुमार के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे सूर्यकुमार के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। लेकिन सूर्यकुमार का कभी पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगा और उनके परिवार ने क्रिकेट में उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा, ”मेरे परिवार ने मुझे पढ़ाई में अच्छा करने के लिए बहुत प्रेरित किया लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें समझ में आ गया कि इस लड़के को पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह लड़का उनके हाथ नहीं आएगा।” ‘अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर हम…’ सूर्यकुमार ने कहा, ”लेकिन उन्होंने खेल में मेरा हमेशा समर्थन किया क्योंकि उन्होंने पाया कि इसमें मुझे पूरा आनंद आ रहा है और मुझे खेलना पसंद है। इसलिए उन्होंने कहा, ‘ठीक है, जाओ खेलो। अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर ख्याल रखने के लिए हम तो हैं ही।” हमेशा मुस्कुराते रहने वाले इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालांकि ऐसी नौबत नहीं आने दी जिससे कि उन्हें ‘प्लान बी’ का सहारा लेना पड़े।

धान के बजाय मक्का से बढ़ा मुनाफा : किसान मालती मोहन बने उन्नत खेती की मिसाल किसान मालती मोहन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम काडरो के किसान श्री मालती मोहन के रूप में सामने आया है। पूर्व में ग्रीष्मकालीन धान की खेती करने वाले कृषक श्री मालती मोहन ने इस बार कृषि विभाग के मार्गदर्शन में बदलाव करते हुए 2 एकड़ भूमि में मक्का फसल की खेती की। इस नवाचार से उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ 88 हजार 200 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। किसान ने बताया कि मक्का की खेती में कुल 11 हजार 800 रुपये का खर्च आया, जिसमें बीज, खाद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। मक्का की बिक्री से उन्हें लगभग 1 लाख रुपये की आय हुई, जिससे अच्छी-खासी शुद्ध कमाई संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि धान की तुलना में मक्का की खेती में कम पानी और कम लागत लगती है, जबकि लाभ अधिक प्राप्त होता है। श्री मालती मोहन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान की खेती में अधिक पानी की आवश्यकता होती है और लागत भी ज्यादा आती है, जबकि मक्का एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। इस बदलाव से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। किसान ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उनकी यह सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो अब धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

“भूतो न भविष्यति” अद्वितीय होगा सिहंस्थ-2028 का वैभव गीता भवन, विक्रम नगर आरओबी का हुआ भूमि-पूजन

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में 662 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित नगर विकास योजनाएँ, सिंहस्थ-2028 संबंधी कार्य एवं गीता भवन का भूमि-पूजन शामिल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि उज्जैन विकास की 662 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का भूमि-पूजन केवल अवसंरचनाओं का निर्माण मात्र नहीं है। यह उज्जैन के गौरवशाली भविष्य और सांस्कृतिक एवं अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने त्रिवेणी विहार में इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर ‘गीता भवन’ निर्माण के निर्णय के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार को बधाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में भूमि-पूजन और विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन किया गया। शुरूआत में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से बनने वाले ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढाँचे नहीं होंगे, बल्कि उज्जैन के नये ‘स्वर्ण युग’ की आधारशिला हैं, जो दुनिया के सामने सुनियोजित विकास के प्रतीक बनेंगे। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाखों लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल एवं विद्युत संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाओं की उपलब्धता के द्वारा उज्जैन की आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान बनाने में उज्जैनवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि गीता भवन निर्माण हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और सनातन ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्य बोध और मानव कल्याण का सर्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है। फल की इच्छा किए बिना कार्य करने वाले जीवन में सफल होते है। ‘भगवद् गीता’ के दर्शन का यह ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा। प्रदेश में सनातन परंपरा पुनउर्त्थान के सशक्त केंद्र के रूप में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने के माध्यम बनेंगे। ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का होगा वैश्विक-समागम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का वैश्विक-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को गरिमापूर्वक सुविधाजनक दर्शन करने के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार “भूतो न भविष्यति” को साकार करते हुए अद्वितीय होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की स्वीकृति दी है। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ-2028 को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ-2028 महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। वर्ष 2026-27 के बजट में सिहंस्थ के लिए 3060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा गया है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के साथ आधुनिकतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज और 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को नवीन माता यशोदा योजना अंतर्गत स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज 30वाँ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान कृष्ण … Read more

युवा बनें ई-कॉमर्स के हीरो: 100 अरब डॉलर की इंडस्ट्री में अवसर ही अवसर

ई-कॉमर्स किसी व्यवसायिक संगठन का अपने ग्राहकों और आपूर्तिकर्त्ताओं के साथ टेक्नोलॉजी आधारित लेनदेन है। इसे सरल भाषा में कहें तो ई-कॉमर्स का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों के जरिए व्यवसाय को संचालित करना। ई-कॉमर्स से समय या दूरी की बाधाओं के बगैर कारोबार करने का अवसर मिलता है। इससे कारोबार की लागत न्यूनतम होती है। बिजनेस चलाने का यह सबसे सस्ता मार्ग है। इससे डिलीवरी समय, श्रम तथा अन्य अप्रत्यक्ष लागतों में कमी होती है। अप्रैल 2015 में वैश्विक सलाहकार सेवा संगठन एटी कियर्नी ने ई-कॉमर्स का वैश्विक परिदृश्य बताने वाली जो सूची प्रकाशित की, उसमें कहा गया है कि गत वर्ष भारत में 3.8 अरब डॉलर का ई-कॉमर्स हुआ है। चाहे अभी ई-कॉमर्स की दृष्टि से भारत विकसित देशों की तुलना में पीछे है, लेकिन भारत में ई-कॉमर्स बढ़ाने के रणनीतिक प्रयासों से ई-कॉमर्स के ऊंचाई पर पहुंचने की व्यापक संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की नई रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष 2020 तक देश का संगठित रिटेल सेक्टर सात गुना बढ़ते हुए तथा ई-रिटेल सेक्टर 26 गुना बढ़ते हुए दिखाई दे सकता है। भारत का ई-कॉमर्स बाजार 2020 तक 100 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच जाएगा। 24 घंटे व्यवसाय… किसी पारंपरिक 9 बजे से 5 बजे तक काम करने वाली कंपनी के विपरीत ई-कॉमर्स साइट 24 घंटे चालू रहती है। यह जटिल वितरण नेटवर्क से किनारा करते हुए, जिसके तहत उत्पादक, थोक विक्रेता, वितरक, खुदरा व्यापारी तथा ग्राहक आते हैं, ग्राहकों को सीधे तौर पर ज्यादा संख्या में संगठन से जोड़ सकती है। पर्सनल कम्प्यूटर की कम कीमत, इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग तथा इंटरनेट सेवा प्रदाता बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से दिन-प्रतिदन ई-कॉमर्स के विकास में मदद मिल रही है। भारत में ई-कॉमर्स को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने इंटरनेट सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए गए लेनदेन को कानूनी मान्यता प्रदान करने के लिए पहले ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम को पारित कर दिया है। इस अधिनियम से इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का किसी व्यक्ति द्वारा प्रयोग किए जाने को इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के रूप में प्रमाणीकरण मान्य करना होगा। निस्संदेह दुनिया की तरह भारत में भी ई-कॉमर्स ग्राहकों और विक्रेताओं की सोच को नई दिशा दे रहा है। यह रोजगार के अवसरों को बढ़ाता हुआ देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग बनता जा रहा है। देश के लोग ऑनलाइन खरीददारी के जरिये मोबाइल फोन, किराना सामान, रेडिमेड व और अन्य वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद में जोरदार रुचि दिखा रहे हैं। हर दिन करीब पांच लाख ऑनलाइन लेन-देन हो रहे हैं। ई-कॉमर्स के तहत कंपनी कारोबार के परंपरागत रास्ते को छोड़कर निर्माताओं और थोक कारोबारियों को सीधे ही उपभोक्ताओं से मिला देती है। ऑफलाइन यानी परंपरागत कारोबारी तरीके में लगने वाले समय और खर्च को ई-कॉमर्स कम कर देता है, जिसकी वजह से छोटे निर्यातकों और आयातकों के लिए बाजार का विस्तार हो जाता है। ई-रिटेल में सबसे ज्यादा बचत इसलिए होती है क्योंकि इसमें किसी शोरूम की जरूरत नहीं होती है। इसी तरह घर बैठे शॉपिंग करने से ग्राहक को ईंधन, पार्किंग इत्यादि पर होने वाले खर्च और समय की बचत होती है। कौन-से कोर्स? ई-कॉमर्स के क्षेत्र में करियर बनाने की शुरूआत बारहवीं के बाद ही की जा सकती है। बारहवीं के उपरांत ई-कॉमर्स में प्रमाणपत्र, वेब और ई-कॉमर्स प्रौद्योगिकी में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम बैचलर ऑफ ई-कॉमर्स, बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन ई-कॉमर्स आदि उपलध हैं। इसके अलावा स्नातकोत्तर स्तर के भी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैंः एमबीए इन ई-कॉमर्स, मास्टर इन ई-कॉमर्स, मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग इन ई-कॉमर्स, मास्टर ऑफ साइंस इन ई-कॉमर्स एप्लीकेशंस, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ई-कॉमर्स एप्लीकेशंस, पीजी डिप्लोमा इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट इन ई-कॉमर्स, एडवांस डिप्लोमा इन वेब एंड ई-कॉमर्स टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स एप्लीकेशन प्रोग्रामर, ई-कॉमर्स विजुअल एप्लीकेशन डेवलपर आदि। इन पाठ्यक्रमों के अलावा अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई ओपनसोर्स इंक, अमेरिका के सहयोग से उन विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा ई-कॉमर्स प्रोग्राम चलाता है, जो पहले ही एमई,एमसीए, एमबीए, एमकॉम या एमएससी उत्तीर्ण कर चुके हैं। कहां है मांग? आज विज्ञापन, शिक्षा, इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन ट्रेडिंग, ई-बिजनेस, स्टॉक विश्लेषण आदि क्षेत्रों में ई-कॉमर्स का अधिकतम उपयोग हो रहा है। नेशनल कमोडिटी एक्सचेंज, मुंबई शेयर बाजार एवं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में ई-कॉमर्स दक्ष युवाओं की भारी मांग है। भारत में ई-कॉमर्स के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं तथा ऐसी आशा की जाती है कि आने वाले वर्षों में ई-कॉमर्स का तेजी से विकास होगा। विश्व बाजार में ई-कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाला समय ई-कॉमर्स का ही होगा तथा ई-कॉमर्स के जानकारों के लिए हजारों की संख्या में रोजगार के उम्दा अवसर उपलध होंगे। प्रमुख संस्थान… -इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर -इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज एंड रिसर्च, नई दिल्ली -गुरू गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली -अखिल भारतीय एसोसिएशन, सेंटर फॉर मैनेजमेंट एजुकेशन, नई दिल्ली -एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई -ई-कॉमर्स सेंटर, अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नाई -कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र -उत्तरप्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, इलाहाबाद।  

मंगल दोष से मुक्ति के लिए मंगलवार को अपनाएं ये खास उपाय, बदल जाएगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में मंगल एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं. मंगल के गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ता है. ज्योतिष में मंगल को ग्रहों सेनापति माना जाता है. मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, छोटे भाई-बहन और रक्त का मुख्य कारक माना गया है. जब कुंडली में मंगल कमजोर या अशुभ हो जाता है, तो जीवन में परेशानियां बढ़ाता है. कुंडली में मंगल दोष मंगल के कमजोर होने की वजह से लगता है. यह गुस्सा, झगड़े, चोट या कठिनाइयों का कारण बन सकता है. मंगल दोष से निवारण के लिए शास्त्रों में मंगलवार के दिन किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों के बारे में बताया गया है. धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है कि अगर मंगलवार के दिन ये उपाय किए जाते हैं, तो मंगल दोष से छुटकारा मिल सकता है. मंगल दोष के उपाय हनुमान जी की पूजा: मंगल दोष को शांत करने के लिए सबसे प्रभावी उपाय हनुमान जी की पूजा करना माना गया है. मंगलवार के दिन प्रातःकाल स्नान करके हनुमान जी के मंदिर जाकरउन्हें लाल फूल, सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढाएं. ॐ हनुमंते नमः मंत्र का जाप करें. इससे मंगल ग्रह के दोष शांत होते हैं. मंगल के मंत्र का जाप: मंगल ग्रह के विशेष मंत्र का जाप करना भी मंगल दोष से छुटकारा पाने का एक उपाय है. मंगलवार के दिन 108 बार ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः मंत्र का जाप करें. लाल रंग की चीजों का दान: मंगलवार के दिन लाल रंग से जुड़ी वस्तुओं का दान करना शुभ होता है. लाल वस्त्र, मसूर की दाल, गुड़, तांबे का बर्तन और लाल चंदन दान करें. इससे मंगल दोष शांत होता है. मंगलवार व्रत: मंगलवार का व्रत रखने से भी मंगल ग्रह संतुलित रहता है. इस दिन व्रत अवश्य करें. मंगल यंत्र की स्थापना: मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगल यंत्र की स्थापना करें. मंगलवार के दिन शुभ मुहूर्त में घर के पूजा स्थान में मंगल यंत्र स्थापित करें. फिर रोज उसकी पूजा करें.

LPG किल्लत पर Akshay Kumar ने बताया घरेलू जुगाड़, बोले- बीवी ने ऑर्डर किए 2 इंडक्शन

मुंबई पिछले कुछ दिनों से एलपीजी सिलेंडर को लेकर जो किल्लत हो रही है उसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। अब अक्षय कुमार ने भी इस पर अपना रिएक्शन दिया है। दरअसल, अक्षय हाल ही में बीएमसी के हेडक्वार्टर में गए और इस दौरान उन्होंने मुंबई क्लीन लीग की अनाउंसमेंट की। अक्षय ने क्या कहा एलपीजी सिलेंडर को लेकर मीडिया से बात करते हुए अक्षय से एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अभी तक तो नहीं है कोई दिक्कत। मेरी पत्नी ने कल ही 2 इंडक्शन ऑर्डर किए हैं। वो घर पर पहुंचे हैं नहीं अब तक, वो मुझे नहीं पता।’ अक्षय अब प्रियदर्शन की हॉरर कॉमेडी फिल्म में नजर आने वाले हैं जिसका नाम है भूत बंगला। वह बोले, ‘मैं शूटिंग से ब्रेक लेकर यहां आया हूं क्योंकि ये मुद्दा काफी जरूरी है। हमें आगे बढ़ने के लिए पॉजिटिव माइंडसेट रखना चाहिए।’ धुरंधर की तारीफ की थी बता दें कि अक्षय ने कुछ दिनों पहले धुरंधर की तारीफ भी की थी। वह बोले थे, ‘धुरंधर एक फुल एक्शन फिल्म है। लोगों को बहुत पसंद आई है और सबने काफी एंजॉय किया। वहीं फिर इसमें रणवीर सिंह हैं जिन्होंने इन्टेंस एक्शन सीन किए हैं और उनकी एनर्जी काफी हाई थी। उन्होंने एंग्री यंग मैन की पूरी इमेज बनाए रखी। तो सब बदलता रहता है। अब हॉरर कॉमेडी का टाइम चल रहा है। लोगों को हॉरर कॉमेडी पसंद आई थी। स्त्री बड़ी हिट थी। सब बदलता रहता है और हम नहीं जानते दर्शकों को अब आगे क्या पसंद आएगा।’ अक्षय के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स बता दें कि अक्षय अब भूत बंगला के अलावा रोहित शेट्टी वेलकम टू द जंगल, हैवान, हेरा फेरी 3 और गोलमाल 5 में नजर आएंगे। वेलकम टू द जंगल में अक्षय के साथ सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, रवीना टंडन, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस समेत कई स्टार्स हैं। हेरा फेरी 3 में वह सुनील और परेश रावल के साथ नजर आएंगे। वहीं हैवान में सैफ अली खान और अक्षय कुमार लीड रोल में हैं। गोलमाल 5 में वह पूरी कास्ट अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर, कुणाल खेमू के साथ नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैवान और गोलमाल 5 में वह नेगेटिव किरदार में नजर आएंगे। भूत बंगला रिलीज डेट भूत बंगला अब 10 अप्रैल को रिलीज होने वाली है। फिल्म में अक्षय के साथ वामिका गब्बी, तब्बू, परेश रावल और राजपाल यादव अहम किरदार में हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है।  

Bengal Polls 2026: TMC का बड़ा फैसला, ममता बनर्जी नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी चुनाव

कोलकाता बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी भाजपा द्वारा पहली सूची जारी करने के अगले दिन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से दोपहर में राज्य की कुल 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से पिछली बार की ही तरह तीन सीटें दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की सहयोगी पार्टी (जीटीए प्रमुख अनित थापा) के लिए छोड़ी गई है, इसलिए उन पर टीएमसी ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। भवानीपुर में कड़ी टक्कर उम्मीदवारों की सूची जारी करने के मौके पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार अपनी पारंपरिक सीट कोलकाता के भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी। भवानीपुर में ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से होगा। भाजपा ने सुवेंदु को इस बार दो विधानसभा सीटों- नंदीग्राम के अलावा भवानीपुर से उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने इस बार नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ पवित्र कर को टिकट दिया है। बताते चलें कि ममता 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में भवानीपुर से नहीं लड़कर नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ी थीं, जहां बेहद करीबी मुकाबले में उन्हें सुवेंदु से 1956 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। युवा चेहरों को मिला मौका ममता ने 2021 में अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया था। नंदीग्राम में हार के पश्चात ममता बाद में भवानीपुर से उपचुनाव में जीत दर्ज की थीं। इधर, पार्टी द्वारा जारी सूची में सामाजिक संतुलन पर जोर दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में इस बार 52 महिलाएं, 78 अनुसूचित जाति, 17 अनुसूचित जनजाति और 47 मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवार शामिल हैं। टीएमसी ने इस बार कई नए और युवा चेहरों को मौका देते हुए कई मौजूदा विधायकों व कई मंत्रियों के टिकट भी काटे हैं। साथ ही कई विधायकों का सीट भी बदल दिया गया है। बताते चलें कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 2011 से लगातार बंगाल की सत्ता पर काबिज है। क्रिकेटर व मंत्री मनोज तिवारी का टिकट कटा है।  

समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं स्वयंसेवक: मंत्री परमार ने दिए अहम संदेश

रायपुर बस्तर के वनांचलों में डिजिटल क्रांति वह मंजर आज भी बस्तर के वनांचलों की यादों में एक कसक पैदा कर देता है, जब एक लाचार बुजुर्ग को अपनी चंद रूपए की पेंशन के लिए तपती धूप में मीलों पैदल चलना पड़ता था। कभी शारीरिक अक्षमता तो कभी तंगहाली के कारण बैंक तक न पहुँच पाने का वह दर्द और थक-हारकर सूनी आँखों से लौट आने की वह बेबसी ग्रामीण जीवन का एक कड़वा सच थी। लेकिन वक्त बदला और बस्तर की इन पथरीली राहों पर ममता और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बीसी सखियों ने उस करुणा को शक्ति में बदल दिया है। आज वही बुजुर्ग अपनी देहरी पर बैठी बैंक सखी को देख मुस्करा उठता है, क्योंकि अब बैंक चलकर उसके घर तक आता है।         ग्रामीण बैंकिंग के इस मानवीय चेहरे का सबसे जीवंत उदाहरण छिदगांव में देखने को मिलता है, जहाँ के वृद्ध हितग्राही रतन राम बघेल वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में बीसी सखी दशोमती कश्यप हर माह उनके घर जाकर पेंशन की राशि उनके हाथों में सौंपती हैं। अपनी इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए रतन राम बघेल कहते हैं कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण मेरे लिए बैंक तक जाना अब संभव नहीं रह गया था, पेंशन के पैसों के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब दशोमती बेटी हर महीने घर आकर पैसे दे जाती है, जिससे मुझे बहुत सहारा मिला है।           बैंक और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरीं जिले की इन 144 बीसी सखियों ने फरवरी महीने में 4 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को अवसर और तकनीक मिले, तो वे पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं। इन बैंक सखियों ने न केवल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। विशेष रूप से मातृत्व वंदना योजना के तहत 67 लाख रुपये से अधिक की राशि गर्भवती और धात्री माताओं तक पहुँचाकर इन सखियों ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी बड़ा योगदान दिया है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन और नरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी अब इन्हीं बैंक सखियों के माध्यम से गाँव में ही सुरक्षित तरीके से हो रहा है।         महिला सशक्तिकरण का सबसे सुंदर उदाहरण दरभा और बस्तर जैसे ब्लॉकों में देखने को मिला, जहाँ इन बैंक सखियों ने दिन-रात मेहनत कर हजारों ट्रांजैक्शन किए। लोहंडीगुड़ा और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में भी सखियों ने बड़ी कुशलता के साथ लाखों रुपयों का प्रबंधन किया। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन 144 महिला शक्तियों के आत्मविश्वास की कहानी है जो अब खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने गाँव के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बस्तर की इन बेटियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया का असली चेहरा गाँवों की ये सशक्त बीसी सखियाँ ही हैं।  

निवाड़ी के डायल 112 हीरोज: सतर्कता और समझाइशदेकर आत्‍महत्‍या के उद्देश्‍य से रेलवे पटरी पर बैठी महिला को सुरक्षित बचाया

भोपाल निवाड़ी जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र मेंडायल-112 जवानों की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाईसे आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठी एक महिला की जान बचाई गई। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक संभावित गंभीर घटना को टाल दिया गया। दिनांक 16 मार्च को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई किनिवाड़ी रेलवे स्टेशनपर एक महिला आत्महत्या के उद्देश्य से रेलवे पटरी पर बैठ गई है। तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकरआरक्षक  नरेंद्र गौतम एवं पायलट  आनंद कुमारने पाया कि पारिवारिक विवाद के चलते अवसादग्रस्त 21 वर्षीय महिलारेलवे पटरी पर बैठी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को समझाइश देकर सुरक्षित पटरी से हटाया।इसके पश्चात महिला पहचान एवं सत्यापन उपरांत उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। डायल 112 हीरोजश्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशीलता के साथ लोगों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित भी करती है।  

मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव: इजरायल ने ईरान के बड़े सैन्य चेहरों को किया ढेर, खलबली मची

ईरान ईरान युद्ध का आज (मंगलवार, 17 मार्च को) 18वां दिन है। इस बीच इजरायली सुरक्षा बल (IDF) ने बड़ा दावा किया है। IDF ने कहा है कि बीती रात ईरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ यानी सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी को निशाना बनाया गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि लारीजानी इस हमले में मारे गए हैं या घायल हुए हैं। इसके अलावा इजरायली सेना ने यह भी दावा किया है कि उसने रात के हमले में IRGC की बासिज फ़ोर्स के टॉप कमांडर घोलमरेज़ा सोलेमानी को मार गिराया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने इससे भी आगे बढ़कर दावा किया है कि IDF के हमले में लारीजानी की मौत हो गई है। इजरायल के इस दावे ने ईरान में खलबली मचा दी है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। IDF ने कहा है कि सोलेमानी की कथित हत्या ईरान के “कमांड-एंड-कंट्रोल ढांचे” के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले दिनों अली खामेनेई और ईरान के बाकी बड़े नेतृत्व के मारे जाने के बाद अली लारीजानी को ही सबसे ताकतवर शख्स माना जा रहा था, जो इस युद्ध में ईरान की अगुवाई कर रहे हैं। अली लारीजानी को कथित तौर पर आखिरी बार 13 मार्च को कुद्स डे पर देखा गया था। पहले परमाणु वार्ताकार रहे हैं लारीजानी लारीजानी, जो पहले परमाणु वार्ताकार रह चुके हैं और वर्तमान में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें ईरान की सत्ता संरचना में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है। अगर उनकी मौत की पुष्टि होती है, तो लारीजानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद मारे जाने वाले ईरान के सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। तेहरान, शिराज और तबरीज़ में हमले बता दें कि अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 10 व्यक्तियों की सूची में, लारीजानी सहित वरिष्ठ ईरानी सैन्य और खुफिया अधिकारियों के बारे में जानकारी देने पर 1 करोड़ डॉलर तक का इनाम देने की घोषणा की थी। IDF का कहना है कि उसने सोमवार की रात तेहरान, शिराज और तबरीज़ में ईरान के कई अहम ठिकानों और आधारभूत संरचनाओं पर हमले किए हैं। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों में तेहरान में कमांड सेंटर, लॉन्च साइट और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है जबकि शिराज में, आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड सेंटर और एक बैलिस्टिक मिसाइल साइट पर हमला किया गया है। IDF का ये भी दावा है कि तबरीज़ में हुए हमलों ने ईरान के अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम को खत्म कर दिया है।  

समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं स्वयंसेवक: मंत्री परमार ने दिए अहम संदेश

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्प विकसित भारत@2047 का ध्येय, राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के निमित्त सभी को एक दिशा की ओर जोड़ना है। स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को शिक्षा, समाज, अर्थव्यवस्था सहित हर क्षेत्र में विश्वमंच पर अग्रणी बनाने के लिए व्यापक मंथन का दौर चल रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि शिक्षा के मंदिरों से समाज एवं राष्ट्र के प्रश्नों का समाधान करने वाले श्रेष्ठ नागरिक सृजित हों। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान के निनाद सभागृह में, राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026” के समापन सत्र में सहभागिता कर कही। मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के संकल्प की सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वयंसेवक, अपने आचरण से समाज के लिए अभिप्रेरक बनेंगे। इसके लिए स्वयंसेवकों को शैक्षणिक परिसरों में स्वयं स्वच्छता का परिवेश निर्मित कर, अन्य लोगों के लिए प्रेरक बनना होगा। स्वयंसेवकों के द्वारा किए जा रहे कार्यों का, समाज में सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव दिखना चाहिए। मंत्री  परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के दर्शन वसुधैव कुटुंबकम् से भारत पुनः विश्वमंच पर अग्रणी बनेगा और विश्व कल्याण के भाव से मार्ग प्रशस्त करेगा। पूर्वजों के इस दर्शन को आगे बढ़ाने से ही शिक्षा का उद्देश्य पूरा होगा। मंत्री  परमार ने क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन की सराहना करते हुए, इसे प्रदेश के युवाओं के लिए मील का पत्थर बताया। मंत्री  परमार ने सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य “संवाद से समाधान” पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा अपनाया गया ‘संवाद से समाधान’ का मार्ग अत्यंत सराहनीय और समसामयिक है। मंत्री  परमार ने कहा कि जब युवा समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हैं, तो वे न केवल समस्याओं को समझते हैं बल्कि उनके व्यवहारिक समाधान भी खोज निकालते हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि यह पहल, प्रदेश की राष्ट्रीय सेवा योजना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक अनुशासन, सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति हैं और राज्य सरकार उनके माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मंत्री  परमार ने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत प्रदेश भर की गतिविधियों के मासिक संग्रह – डिजिटल न्यूज़लेटर “सेवापथ” का लोकार्पण भी किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक (मप्र-छग) डॉ. अशोक कुमार श्रोती ने स्वागत उद्बोधन में, सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए इसे युवाओं के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन-2026 न केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच बना, बल्कि युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में भी सफल रहा। कार्यक्रम में माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार शर्मा, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत सक्सेना एवं डॉ. भरत व्यास सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के विभिन्न पदाधिकारीगण एवं स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. शुभम सिंह चौहान एवं आभार प्रदर्शन डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया।  

राहुल गांधी पर बढ़ा दबाव: पूर्व नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों ने लिखी खुली चिट्ठी, माफी की मांग

नई दिल्ली संसद भवन परिसर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के हालिया विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। 204 सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, पूर्व नौकरशाहों, पूर्व राजनयिकों और वकीलों ने राहुल गांधी से उनके आचरण के लिए देश से माफी मांगने की मांग की है। मंगलवार को पूर्व अधिकारियों ने राहुल गांधी के नाम लिखी एक खुली चिट्ठी जारी की जिसमें कहा गया है कि 12 मार्च को संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी और अन्य सांसदों का व्यवहार संसदीय मर्यादा और संस्थागत गरिमा के खिलाफ था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देश के बावजूद संसद परिसर में प्रदर्शन किया गया, जो “अध्यक्ष के आदेश की अवहेलना” और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है। चिट्ठी में राहुल गांधी के व्यवहार को मर्यादा और संस्थागत गरिमा का उल्लंघन बताया गया है। खुले पत्र में, हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि 12 मार्च को संसद भवन परिसर के भीतर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी के कार्यों को ‘पीठ’ (Chair) की जानबूझकर अवहेलना माना जा सकता है, और यह संसदीय अधिकार के प्रति उपेक्षा को दर्शाता है। “राजनीतिक नाटक का मंच नहीं संसद” पत्र में कहा गया है, “संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, इसे राजनीतिक नाटक का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए।” हस्ताक्षरकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सांसदों का संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय-बिस्किट खाना और प्रदर्शन करना “जनप्रतिनिधियों के आचरण के अनुरूप नहीं” है। खुले पत्र में कहा गया कि इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय प्रक्रियाओं को कमजोर करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाता है। माफी और आत्ममंथन की मांग उन्होंने लिखा है, “संसद के हर हिस्से, सीढ़ियां, गलियारे और लॉबी की समान गरिमा है। जनप्रतिनिधियों का आचरण इन स्थानों पर भी उसी स्तर का होना चाहिए।” पत्र में यह भी कहा गया है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक संवाद के स्तर को गिराती हैं। पूर्व अधिकारियों ने नेता प्रतिपक्ष से अपील की है कि वे देश से माफी मांगें और अपने व्यवहार पर आत्ममंथन करें, ताकि संसद की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे। पत्र में कहा गया है, “एक संवैधानिक संस्था के संरक्षक के रूप में, जो एक अरब से अधिक लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का प्रतीक है, सांसदों को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि उनके कार्यों का प्रतीकात्मक और संस्थागत महत्व होता है।” पत्र का नेतृत्व इस पत्र का समन्वय जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने किया। हस्ताक्षरकर्ताओं में 100 से अधिक पूर्व सैन्य अधिकारी, कई पूर्व नौकरशाह, राजनयिक और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से संसदीय आचरण और लोकतांत्रिक परंपराओं पर एक नई बहस छिड़ सकती है।  

क्राइम पर कड़ा प्रहार: MP पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ छेड़ा अभियान

भोपाल  प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त तथा उनके उपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सतत एवं सघन कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में 42 अवैध हथियार जप्त किए गए हैं। प्रमुख कार्यवाहियां इंदौर जिले में थाना द्वारकापुरी एवं भंवरकुआ पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। आरोपी के कब्जे से 6 देशी पिस्टल जप्त की है। पूछताछ में आरोपी द्वारा प्रदेश स्तर पर नेटवर्क संचालित करने की बात सामने आई है, जिसके संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त भंवरकुआ पुलिस द्वारा भी एक अन्य आरोपी को अवैध पिस्टल सहित गिरफ्तार किया गया। उक्त कार्यवाहियों में कुल 07 अवैध पिस्टल जप्त किए गए। दतिया जिले के थाना सिविल लाइन, बड़ौनी, देहात, इंदरगढ़, कोतवाली एवं उनाव पुलिस द्वारा अलग-अलग दिनों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 11 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, लूट एवं फायरिंग जैसी घटनाओं में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुरैना जिले में थाना पहाड़गढ़, सिविल लाइन, सिहोनिया, बानमोर एवं रिठौरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 06 अवैध हथियार जप्त किए गए है। ग्वालियर जिले के थाना गिजोर्रा, थाटीपुर एवं पिछोर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 04 अवैध हथियार जप्त किए गए। इनमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर प्रकरणों में फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जबलपुर जिले के थाना घमापुर, गोरखपुर, शहपुरा तथा क्राइम ब्रांच की कार्यवाहियों में कुल 03 अवैध हथियार जप्त किए गए। शिवपुरी, छतरपुर एवं पन्‍ना शिवपुरी जिले के थाना सतनवाड़ा एवं करैरा पुलिस, छतरपुर की थाना कोतवाली पुलिस एवं पन्‍ना जिले की कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही कर 02-02 अवैध हथियार जब्‍त किए है। इसी प्रकार सागर, विदिशा, खरगोन, सतना एवं निवाड़ी जिलों में भी पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए प्रत्येक जिले से 01-01 अवैध हथियार जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त एवं निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन में सुरक्षा का भाव स्थापित करने के लिए पुलिस पूर्णतः प्रतिबद्ध है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में दिवंगत गुरकीरत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में  गुरजीत सिंह के पार्श्वनाथ कॉलोनी स्थित निवास पहुंचकर उनके पुत्र दिवंगत गुरकीरत मनोचा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत गुरकीरत के परिजनों से चर्चा कर कनाडा में हुई असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरकीरत मनोचा के साथ कनाडा में हुई घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में दिवंगत गुरकीरत के परिवार के साथ मेरी और प्रदेशवासियों की संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. गुरकीरत के पार्थिव देह को लाने और उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में होने वाला सम्पूर्ण राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।  

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