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एमपी-यूपी तपेंगे, कई राज्यों में बरसेंगे बादल: मौसम विभाग ने जारी किया डबल अलर्ट

देश  इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सर्दियों की विदाई के बाद बसंत की गुलाबी ठंड गायब रही और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। हालांकि, अब मौसम विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश को लू (Heatwave) और तूफानी बारिश के दोहरे वार का सामना करना पड़ेगा। भीषण लू की चेतावनी राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत को भट्टी बना दिया है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। 15 मार्च तक मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा और झारखंड में भीषण लू चलने की संभावना है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। हिमालयी क्षेत्रों में ‘पश्चिमी विक्षोभ’ का असर एक तरफ जहां मैदानी इलाके जल रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। 14 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च तक हल्की बर्फबारी होगी, जो 15 से 19 मार्च के बीच और तेज हो सकती है। 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है:अरुणाचल प्रदेश: 13 से 16 मार्च के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी। असम, मेघालय और सिक्किम: 13 से 15 मार्च के दौरान भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: 14-15 मार्च को छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश: 15 और 16 मार्च को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। कैसा रहेगा एमपी का मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, लेकिन 14 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे रात के तापमान में मामूली बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

स्वरोजगार की मिसाल बनीं भगवती: बिहान से मिली राह, ईंट और किराना कारोबार से लाखों की कमाई

रायपुर आजिविका की विभिन्न गतिविधियां ने भगवती को बनाया सफल उद्यमी छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना से ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गुमगरा खुर्द की रहने वाली  भगवती सिंह आज आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं। कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली भगवती आज न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज में ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। बिहान से मिला आत्मविश्वास का नया सवेरा  भगवती सिंह बताती हैं कि वर्ष 2014 में ‘रेखा महिला स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने से पहले वे काफी संकोच करती थीं और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क न के बराबर था। समूह का हिस्सा बनने के बाद उनमें न केवल आत्मविश्वास का संचार हुआ, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों और समाज को समझने का एक नया दृष्टिकोण मिला। सब्जी की खेती से ईंट निर्माण तक का सफर अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में भगवती ने पहला कदम समूह से मिली 15 हजार रुपये की आरएफ  राशि के साथ बढ़ाया, जिससे उन्होंने सब्जी की खेती शुरू की। इस प्रारंभिक सफलता के बाद उन्होंने 30 हजार रुपये की सीआईएफ राशि का निवेश ईंट निर्माण के कार्य में किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मेहनत कर 50 हजार ईंटें बनवाईं, जिससे प्राप्त लाभ ने उनके बच्चों की शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया। आज उनके दोनों पुत्र, विवेक और विक्की, अच्छे स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। व्यवसाय में विविधता और बढ़ती आय सफलता के इस क्रम को जारी रखते हुए भगवती ने समूह के माध्यम से 50 हजार रुपये का बैंक लोन लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही किराना और कपड़े की दुकान शुरू की। इन विविध आय स्रोतों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आया है। कच्चे मकान से पक्के घर का सपना साकार भगवती बड़े गर्व से कहतीं हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन बिहान योजना से जुड़कर बढ़ी आजीविका के दम पर उन्होंने अपना पक्का घर बनवा लिया है। आज उनके पति श्री भलेनाथ सिंह उरे और उनके बच्चे अत्यंत खुशहाल और गौरव महसूस करते हैं। अपनी उन्नति का श्रेय शासन की योजनाओं को देते हुए भगवती सिंह कहती हैं, “बिहान योजना की बदौलत आज हम ग्रामीण दीदियां अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सहृदय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने हम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है।  प्रशासन द्वारा ’बिहान’ के माध्यम से भगवती जैसी हजारों महिलाएं आज न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को धरातल पर साकार करने में अपना योगदान दे रही हैं।

आस्था की मिसाल बना देवपुर: महतारी वंदन की राशि से महिलाओं ने खड़ा किया शिव मंदिर

धमतरी महतारी वंदन की राशि से बना शिव मंदिर: देवपुर की महिलाओं ने दिखाई सामूहिकता और आस्था की मिसाल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रही है। धमतरी जिले के परियोजना सेक्टर खरेंगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम देवपुर की महिलाओं ने इस योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम देवपुर में लंबे समय से मंदिर नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव के लोग विशेष अवसरों पर दूसरे गांवों में जाकर पूजा करते थे। इस समस्या को देखते हुए गांव की निवासी मती निर्मला और उनकी साथी महिलाओं ने एक सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। निर्मला और गांव की अन्य महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही थी। उन्होंने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इस राशि का एक हिस्सा गांव के सामाजिक और धार्मिक कार्य के लिए उपयोग किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी महतारी वंदन की राशि को मिलाकर एक निधि तैयार की और उसी से गांव में शिव मंदिर के निर्माण की शुरुआत की। महिलाओं की इस पहल को गांव के अन्य लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला। सामूहिक प्रयासों से कुछ ही समय में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब गांव में भव्य शिव मंदिर स्थापित हो गया है। मंदिर बनने से न केवल ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को एक स्थान मिला है, बल्कि गांव में सामुदायिक एकता और सहयोग की भावना भी और मजबूत हुई है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी महिलाओं की इस पहल की सराहना की है। अब देवपुर में महाशिवरात्रि, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर सामूहिक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिससे गांव में उत्साह और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। देवपुर की महिलाओं द्वारा किया गया यह प्रयास दर्शाता है कि यदि महिलाएं संगठित होकर संकल्प लें तो वे अपने गांव और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग कर महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। देवपुर की यह पहल आज आसपास के गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से किसी भी समस्या का समाधान संभव है।

गरियाबंद में कलेक्टर का अनोखा संवाद: महिला समूह से आधा घंटा चर्चा, बारातियों से जोड़ा बदलाव का प्रमाण

गरियाबंद. कलेक्टर भगवान सिंह उईके देवभोग पहुंचे और समस्त विभागों में संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा ली। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और एसपी वेदव्रत सिर मौर्य भी साथ मौजूद रहे। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने सुपेबेड़ा गांव का भी दौरा किया और वहां सजी-धजी शादी विवाह की मंडपों को देखकर ग्रामीणों और महिला समूह से करीब आधा घंटे तक चर्चा की। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से उपलब्ध सुविधाओं, योजनाओं और गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। बारातियों को देख कलेक्टर बोले – बदल रहा है सुपेबेड़ा इस दौरान कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब सुपेबेड़ा बदल रहा है। सरकार यहां उन तमाम सुविधाओं को उपलब्ध करा रही है जिसकी मांग ग्रामीण कर रहे थे। दो साल पहले तक यहां खराब पानी और उससे होने वाली किडनी की बीमारी की वजह से शादी विवाह के कार्यक्रम नहीं होते थे, लेकिन इस साल गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ गई है। यह बदलती तस्वीर इस गांव की प्रगति का सच्चा प्रमाण है।” कलेक्टर के दौरे के दौरान गांव में शादी के बाराती रंगीन झांकी के साथ निकलते दिखाई दिए। ग्रामीण और महिला समूह ने कलेक्टर को गांव में हुई नई सुविधाओं और योजनाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह के बदलाव गांव की सामाजिक और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं और ऐसे उदाहरण पूरे जिले के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा हैं। सुपेबेड़ा में शादी विवाह कार्यक्रमों की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी सुधार हो रहा है। कलेक्टर ने लापरवाही पर जताई नाराजगी, आंगनबाड़ियों में भर्ती पर देरी पर थमाया शो कॉज नोटिस जनपद सभा कक्ष में बारी-बारी से सभी विभागों की बैठक शुरू हुई। आवास योजनाओं को पूर्ण करने और रोजगार गारंटी के कार्यों में विलंब को लेकर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की। सचिवों को फटकार और जनपद सीईओ को सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आंगनबाड़ियों में स्वीकृत 7 पदों के भर्ती में विलंब पर परियोजना अधिकारी को “कारण बताओ” नोटिस थमाया। किसानों से जुड़ी योजना, बैंकों में बोनस की राशि भुगतान, एलपीजी गैस की उपलब्धता, नोनी सुरक्षा योजना, टीकाकरण जैसे 30 से ज्यादा हितग्राही मूलक योजनाओं को बारीकी से समीक्षा किया गया। अफसरों ने चखा स्ट्रॉबेरी स्वाद उद्यानिकी विभाग द्वारा पाम ऑयल की खेती दिखाने करचिया के धनीराम की खेती दिखाने ले गए। 5 एकड़ में पाम की खेती कराया जा रहा है। बाड़ी में अफसरों ने स्ट्रॉबेरी की खेती देखकर चौक गए। किसान ने अफसरों को स्ट्रॉबेरी का स्वाद चखाया। किसान के सब्जी बाड़ी के नवाचार और कृषि उत्पाद के प्रति किसान परिवार के लगाव को देखकर अफसर गद गद हो गए। किसान ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी उन्नत खेती करने और कृषि सेक्टर में उच्च स्तर की पढ़ाई करने गई है। कलेक्टर ने ऐसे किसानों को योजनाओं के माध्यम से भरपूर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट में सरकार ने दी जानकारी, यूनियन कार्बाइड परिसर में बनेगा भोपाल गैस मेमोरियल

भोपाल  दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिनी जाने वाली भोपाल गैस त्रासदी को चार दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन इस हादसे से जुड़े कई मुद्दे आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल अब भी यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे और प्रदूषण को लेकर है। इसी मामले में अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से फैक्ट्री परिसर की सफाई और पर्यावरण सुधार की पूरी योजना पेश करने को कहा है। अदालत ने पूछा है कि यूनियन कार्बाइड साइट पर मौजूद जहरीले कचरे को हटाने और जमीन-पानी को साफ करने के लिए सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। बता दें कि भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से दो व तीन दिसंबर 1984 की रात में जहरीली गैस का रिसाव होने से बड़ी त्रासदी हुई थी। मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीली गैस के रिसाव से बड़ी संख्या में हुई मौतों के कारण हुई इसे दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक आपदा माना गया। इसका असर आज भी कैंसर, सांस और दिव्यांगता जैसी बीमारियों के रूप में जारी है। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को निर्देश दिया कि निर्धारित प्रक्रिया को जारी रखा जाए और कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए। जानें कब और किसने दायर की थी याचिका गौरतलब है कि वर्ष 2004 में आलोक प्रताप सिंह ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतः संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट में बताया गया था कि न्यायालय के आदेश के अनुसार यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे का निस्तारण पीथमपुर स्थित सुविधा केंद्र में सफलतापूर्वक कर दिया गया है। जहरीले कचरे से करीब 900 मीट्रिक टन राख और अवशेष एकत्रित हुए हैं। इस बीच हाईकोर्ट में दायर एक अन्य याचिका में कहा गया था कि जहरीले कचरे से निकली राख और अवशेषों में रेडियोएक्टिव तत्व सक्रिय हो सकते हैं, जो चिंता का विषय है। याचिका में यह भी कहा गया था कि राख में मरकरी मौजूद है, जिसे नष्ट करने की तकनीक फिलहाल केवल जापान और जर्मनी के पास है। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि आबादी वाले क्षेत्र से मात्र 500 मीटर की दूरी पर लैंडफिलिंग की जा रही है। हाईकोर्ट ने इस याचिका की सुनवाई मुख्य याचिका के साथ करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने 8 अक्टूबर 2025 को जारी अपने आदेश में आबादी से मात्र 500 मीटर दूर लैंडफिलिंग के लिए तय स्थान पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में सरकार के आवेदन पर अदालत ने यह आदेश वापस ले लिया था। पिछली सुनवाई में सरकार ने अदालत को बताया था कि जहरीले कचरे से निकली राख की लैंडफिलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी सरकार की ओर से इसी संबंध में विस्तृत जानकारी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई।  सरकार ने कोर्ट में पेश की एक्शन टेकन रिपोर्ट इस मामले में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के सामने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल की है। रिपोर्ट में बताया गया कि, 3 मार्च को अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (UCIL) के पुराने प्लांट की स्थिति, वहां मौजूद टॉक्सिक वेस्ट और फैक्ट्री परिसर की सफाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने अदालत को बताया कि, इस बैठक में अधिकारियों और विशेषज्ञों ने समयबद्ध रेमेडिएशन (Remediation) यानी प्रदूषित जमीन और पर्यावरण को साफ करने की योजना पर विचार किया। इसका उद्देश्य फैक्ट्री परिसर में मौजूद जहरीले कचरे को सुरक्षित तरीके से हटाना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। जहरीले कचरे को हटाने की योजना पर चर्चा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में कई जगहों पर अभी भी जहरीला औद्योगिक कचरा और प्रदूषित मिट्टी मौजूद है। यह कचरा लंबे समय से पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। इसलिए बैठक में यह तय किया गया कि फैक्ट्री परिसर से जहरीले कचरे को हटाने और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध योजना बनाई जाए। सरकार ने कोर्ट को बताया कि, इस दिशा में संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और जल्द ही पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हाईकोर्ट ने मांगी स्पष्ट समयसीमा हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से यह भी पूछा है कि, सफाई और पर्यावरण सुधार का काम कब तक पूरा किया जाएगा। अदालत का मानना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी अगर फैक्ट्री परिसर में जहरीला कचरा मौजूद है तो यह बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा करना जरूरी है, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह का स्वास्थ्य खतरा न रहे। 40 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ त्रासदी का असर दरअसल 2 और 3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) नाम की जहरीली गैस का रिसाव हो गया था। इस गैस के फैलने से हजारों लोगों की तत्काल मौत हो गई थी और लाखों लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। यह हादसा दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है। गैस के प्रभाव से प्रभावित लोगों में कई को आज भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में मौजूद रासायनिक कचरे को लेकर भी लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। पर्यावरण और भूजल प्रदूषण का खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में लंबे समय तक पड़े जहरीले रसायनों के कारण मिट्टी और भूजल प्रदूषण का खतरा बना रहता है। कई रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अगर इस कचरे का समय पर निपटान नहीं किया गया तो इसका असर आसपास … Read more

पीएम मोदी ने किया ऐलान, सरकार वैश्विक संघर्षों के असर से बचने के लिए कर रही है कदम

सिलचर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार दुनिया भर में हो रहे झगड़ों का लोगों पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस देश में पैनिक पैदा करने की कोशिश करके “गैर-जिम्मेदाराना” काम कर रही है।  प्रधानमंत्री ने यह बात असम के सिलचर शहर में विधानसभा चुनाव से पहले 23,550 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए कही.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थईस्ट को नजरअंदाज किया और आजादी के समय ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली की समुद्र तक पहुंच काट दी।  उन्होंने कहा, दुनिया युद्धों का सामना कर रही है, हमारी कोशिश है कि देश के लोगों पर उनका असर कम से कम हो।  उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस को एक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी की भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रही. वह लोगों में पैनिक पैदा करने की कोशिश कर रही है।  उन्होंने दावा किया, “उनके पास न तो असम के लिए और न ही देश के लिए कोई विजन है, बल्कि वे सिर्फ मोदी को गाली देना, लोगों को गुमराह करने के लिए अफवाहें और झूठ फैलाना जानते हैं.” मोदी ने कहा कि बराक घाटी कभी व्यापार और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र थी।  उन्होंने आरोप लगाया, जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया, वैसे ही बराक वैली को कमजोर करने में भी उसकी बड़ी भूमिका रही. जब भारत आजाद हुआ, तो कांग्रेस ने एक ऐसा बॉर्डर बनाने दिया जिससे बराक वैली का समुद्र तक संपर्क कट गया।  बराक घाटी, जो कभी एक औद्योगिक केंद्र के तौर पर जानी जाती थी, उसकी ताकत छीन ली गई. उन्होंने कहा, “आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस की सरकारें सत्ता में रही, फिर भी इस इलाके में बहुत कम विकास हुआ. आज, भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।  पीएम ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के रास्ते पर गुमराह किया, जबकि भाजपा ने यह पक्का किया है कि राज्य उनके लिए मौकों का सागर बन जाए।  उन्होंने कहा, जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं.” उन्होंने कहा कि भाजपा का मंत्र विकास में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता देना है। 

सदगुरु और बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की मुलाकात, 40 देशों के सदस्य भी बागेश्वर धाम पहुंचे

छतरपुर देश व दुनिया के दो प्रख्यात संतों का मिलन हुआ. दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धर्मगुरु सदगुरु वासुदेव जग्गी का छतरपुर आगमन हुआ. वे यहां बागेश्वर धाम पहुंचे जहां उन्होंने प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री से भेंट की इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी आए, जिन्होंने बागेश्वर धाम में आशीर्वाद लिया और धाम की महिमा जानी. सदगुरु ने इस दौरान बाबा बागेश्वर सरकार में हनुमान जी के दर्शन किए तो वहीं पंडित धीरेंद्र शास्त्री की माता जी ने भी सद्गुरु जग्गी वासुदेव का स्वागत किया।  धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन पर चर्चा दुनिया भर में सनातन और आध्यात्मिक एकता का केंद्र बने बागेश्वर धाम में उस समय लोगों का आनंद दोगुना हो गया जब उन्होंने बागेश्वर धाम पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ दक्षिण भारत के प्रख्यात आध्यात्मिक संत पद्म विभूषण सद्गुरु के दर्शन किए. इस दौरान धाम के पीठाधीश्वर ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया. बागेश्वर महाराज की माता जी ने भी सद्गुरु का आत्मीय स्वागत किया. दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  सदगुरु ने बागेश्वर बाबा को भेंट किए आदि योगी, बाबा ने भेंट किया राम दरबार बागेश्वर महाराज ने आध्यात्मिक गुरु वासुदेव जी को बालाजी के दर्शन कराए वहीं बागेश्वर महादेव भगवान और सन्यासी बाबा के भी दर्शन कराते हुए उनकी महिम और 300 साल पहले किए गए तप के बारे में बताया. इस दौरान सदगुरु के साथ 40 देशों के सदस्य भी मौजूद थे. सभी ने बाबा बागेश्वर से भेंट कर मंदिर के दर्शन किए. बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, ” ईशा फाउंडेशन कोयंबटूर के संस्थापक सद्गुरु ने बागेश्वर महाराज को आदि योगी की प्रतिमा भेंट की. तो वहीं बागेश्वर महाराज ने अपनी माता जी की उपस्थिति में श्री राम दरबार की प्रतिमा सदगुरु को भेंट की।  सदगुरु ने बताया इसे अद्भुत अनुभव बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया, ” इस मुलाकात को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सद्गुरु और बागेश्वर महाराज ने इस अवसर पर लोगों को आध्यात्मिकता, आत्म-चिंतन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया. सद्गुरु के साथ उनके साधक परिवारों के प्रतिनिधि भी पहुंचे, जिनमें लगभग 40 देशों से जुड़े अनुयायी शामिल थे।  इन साधकों ने भी बागेश्वर धाम में पहुंचकर श्रद्धा के साथ अर्जी लगाई और पूजा-अर्चना की. साधकों को एक थाली भेंट की गई, जिसमें हनुमान चालीसा, श्रीमद् भागवत गीता, लॉकेट सहित रुद्राक्ष माला, बालाजी का विग्रह और अंग्रेजी में लिखी ‘साधु जी सीताराम’ पुस्तक के साथ ही महा प्रसाद रखा गया. इस दौरान सदगुरु धाम की महिमा जानकर बेहद प्रसन्न नजर आए और उन्होंने इसे अद्भुत अनुभव बताया। ‘

विशेषज्ञ दल करेगा स्थल निरीक्षण, प्रतिवेदन के आधार पर संरक्षण व सुरक्षा के कार्य होंगे प्रारंभ

रायपुर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में प्राप्त प्राचीन पुरातात्विक अवशेषों के संबंध में त्वरित संज्ञान लिया है। मंत्री  अग्रवाल ने पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय को निर्देशित किया है कि नवागढ़ क्षेत्र में उपलब्ध प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का विशेषज्ञ दल के माध्यम से शीघ्र स्थल निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि नवागढ़ क्षेत्र में 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी से संबंधित प्राचीन प्रतिमाओं और अन्य अवशेषों की जानकारी सामने आने के बाद इस स्थल का वैज्ञानिक अध्ययन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विशेषज्ञ दल द्वारा क्षेत्र में उपलब्ध सभी प्रतिमाओं, स्थापत्य अवशेषों, शिल्प कलाकृतियों और संभावित पुरातात्विक स्थलों का सूक्ष्म अध्ययन किया जाए तथा उनका विस्तृत दस्तावेजीकरण भी किया जाए, ताकि इन धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व का समुचित आकलन किया जा सके। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि सर्वेक्षण और स्थल निरीक्षण से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यकतानुसार इन पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। यदि स्थल का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो उसे संरक्षित पुरातात्विक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन सभ्यताओं, स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिपूर्ण रही है। प्रदेश के अनेक अंचलों में ऐसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनका व्यवस्थित अध्ययन और संरक्षण किए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन धरोहरों की पहचान, संरक्षण और उनके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और आम नागरिकों की सहभागिता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों का संरक्षण केवल अतीत को सुरक्षित रखने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐतिहासिक स्थलों और पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षण के साथ-साथ अध्ययन, शोध और सांस्कृतिक पर्यटन के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जाए, जिससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सके।

कांशीराम के नाम पर आयोजन पर मायावती का बयान, कहा- कांग्रेस के कारण बसपा बनानी पड़ी

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस को दलितों के अपमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस पार्टी ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया, वह आज कांशीराम जी के नाम पर राजनीति करने का ढोंग कर रही है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस के कारण ही कांशीराम को बसपा बनानी पड़ी थी। अपने समर्थकों को आगाह किया कि वे कांग्रेस के इन ‘हथकंडों’ से सावधान रहें। कांग्रेस और सपा पर लगाया उपेक्षा का आरोप मायावती ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक केंद्र की सत्ता संभाली, लेकिन कभी भी बाबा साहेब अंबेडकर को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बाबा साहेब का आदर नहीं कर सकी, वह आज मान्यवर श्री कांशीराम जी को सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है? मायावती ने उस दौर को याद दिलाया जब कांशीराम जी का निधन हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार ने एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित करने की जहमत नहीं उठाई थी। मायावती के अनुसार, ये दोनों पार्टियां दलित महापुरुषों के प्रति हमेशा से संकुचित मानसिकता रखती आई हैं। दलित संगठनों और अन्य पार्टियों को दी चेतावनी बसपा प्रमुख ने न केवल कांग्रेस, बल्कि उन छोटे दलित संगठनों और पार्टियों पर भी निशाना साधा जो कांशीराम जी के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टियों के हाथों में खेल रहे ये संगठन मान्यवर के नाम को भुनाने की कोशिश में लगे हैं ताकि बसपा को कमजोर किया जा सके। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे किस्म-किस्म के हथकंडों से सचेत रहें, क्योंकि इन सबका एकमात्र उद्देश्य बसपा के आधार को हिलाना है। 15 मार्च को देशव्यापी कार्यक्रमों की अपील मायावती ने अपने ट्वीट के अंत में सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि कल, यानी 15 मार्च 2026 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आयोजित होने वाले पार्टी के कार्यक्रमों को भव्य और कामयाब बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो कांशीराम जी के सिद्धांतों पर अडिग है और दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों के हक की लड़ाई लड़ रही है।

मोजतबा खामेनेई का पता बताने पर US सिटीजनशिप और 92.47 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा

 मुंबई  अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 28 फरवरी की रात को युद्ध छेड़ दिया था। उसके हमले में इरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया। अब अमेरिका और इजरायल के टारगेट पर मोजतबा आ गए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो आयतुल्ला अली खामेनेई पर हुए हमले में मोजतबा भी गंभीर घायल हो गए थे। वह इस समय कोमा में हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वह मौजूदा लीडरशिप को भी खत्म कर देना चाहते हैं। ऐसे में अमेरिका ने एलान किया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़े कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का पुख्ता पता बताने वालों को 10 मिलियन डॉलर का इनाम मिलेगा। यह राशि भारतीय रुपयों में 92,47,48,000 रुपये तक की होती है। यह घोषणा अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका संचालन राजनयिक सुरक्षा सेवा करती है। अमेरिका में बसने का भी मिलेगा मौका     अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार ये लोग उन नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहे हैं। ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे नेटवर्क को कमजोर करना है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। कार्यक्रम के तहत सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षा प्रदान करने, स्थानांतरण सहायता देने और अमेरिका में बसने का अवसर भी दिया जा सकता है। ईरान के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना ईरानी ठिकानों पर और सख्त कार्रवाई कर सकती है।  

KKR को लगा बड़ा झटका, चोट के कारण हर्षित राणा का IPL से बाहर होना तय

नई दिल्ली  IPL 2026 की शुरुआत में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बड़ा झटका लगा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम के स्टार तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। हर्षित राणा को साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच के दौरान चोट लगी थी. वह रनअप पूरा नहीं कर पा रहे थे और एक ही ओवर में दो बार ऐसा देखने को मिला. इसके बाद उन्हें घुटने में दर्द महसूस हुआ और वह लड़खड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे. उन्होंने उस मैच में सिर्फ एक ओवर डाला, जिसमें 16 रन दिए थे। उस इंजरी के बाद वो लगातार मैदान से बाहर चल रहे हैं और फिलहाल उनकी रिकवरी में समय लग रहा है. इसी वजह से वह इस बार IPL में KKR के लिए खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।  रिपोर्ट के अनुसार, तीन बार की चैम्प‍ियन  KKR ने अभी तक हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट को लेकर कोई फैसला नहीं किया है. KKR के लिए अहम गेंदबाज रहे हैं राणा हर्षित राणा की चोट कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और पिछले कुछ सीजन में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है. राणा ने IPL 2024 में KKR को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उस सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे और टीम की गेंदबाजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. उनके इसी प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में उनके डेब्यू का रास्ता भी खुला और धीरे-धीरे उन्होंने नेशनल टीम में अपनी जगह मजबूत की. 4 करोड़ में किया गया था रिटेन IPL 2025 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने हर्षित राणा को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. उस सीजन में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मैचों में 15 विकेट अपने नाम किए थे. उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी के कारण टीम उन्हें भविष्य के मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में देख रही थी. डेथ ओवर्स में थी बड़ी जिम्मेदारी कोलकाता के लिए इस सीजन में हर्षित राणा से डेथ ओवर्स में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद थी. खासतौर पर आंद्रे रसेल के IPL से संन्यास के बाद टीम उनकी भूमिका में राणा को देख रही थी. लेकिन चोट के कारण उनके बाहर होने से टीम की गेंदबाजी रणनीति पर असर पड़ सकता है. पथिराना की फिटनेस पर भी सवाल KKR के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं. टीम के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना का खेलना भी संदिग्ध बताया जा रहा है. वह भी चोट के कारण T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए थे और फिलहाल रिकवरी कर रहे हैं. हालांकि KKR मैनेजमेंट की ओर से उनकी फिटनेस को लेकर अभी कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया है. मुजरबानी को किया गया शामिल इस बीच KKR ने शुक्रवार को जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी से करार करने की घोषणा की है. मुजरबानी ने IPL में खेलने के लिए पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से अपना नाम वापस ले लिया है. इससे पहले KKR ने पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था. 29 मार्च को पहला मैच BCCI द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार IPL 2026 में KKR अपना पहला मुकाबला 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी. ऐसे में टीम को टूर्नामेंट से पहले अपनी गेंदबाजी संयोजन को नए सिरे से तैयार करना पड़ सकता है. देखें 20 मैचों का पूरा शेड्यूल: तारीख दिन मुकाबला/ वेन्यू 28 मार्च 2026 शनिवार, शाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs हैदराबाद- बेंगलुरु   29 मार्च 2026 रविवार, शाम मुंबई इंडियंस vs कोलकाता नाइट राइडर्स- मुंबई 30 मार्च 2026 सोमवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स- गुवाहाटी 31 मार्च 2026 मंगलवार, शाम पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस- मुल्लांपुर 1 अप्रैल 2026 बुधवार, शाम लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स-लखनऊ 2 अप्रैल 2026 गुरुवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs हैदराबाद- कोलकाता 3 अप्रैल 2026 शुक्रवार, शाम चेन्नई सुपर किंग्स vs पंजाब किंग्स- चेन्नई 4 अप्रैल 2026 शनिवार,दोपहर दिल्ली कैपिटल्स vs मुंबई इंडियंस- दिल्ली 4 अप्रैल 2026 शनिवार, शाम गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स-अहमदाबाद 5 अप्रैल 2026 रविवार, दोपहर सनराइजर्स हैदराबाद vs लखनऊ जायंट्स- हैदराबाद 5 अप्रैल 2026 रविवार, शाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs चेन्नई सुपर किंग्स- बेंगलुरु 6 अप्रैल 2026 सोमवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs पंजाब किंग्स-कोलकाता 7 अप्रैल 2026 मंगलवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs मुंबई इंडियंस-गुवाहाटी 8 अप्रैल 2026 बुधवार, शाम दिल्ली कैपिटल्स vs गुजरात टाइटंस- दिल्ली 9 अप्रैल 2026 गुरुवार, शाम कोलकाता नाइट राइडर्स vs लखनऊ – कोलकाता 10अप्रैल2026 शुक्रवार, शाम राजस्थान रॉयल्स vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- गुवाहाटी 11 अप्रैल2026 शनिवार,दोपहर पंजाब किंग्स vs सनराइजर्स हैदराबाद- मुल्लांपुर 11 अप्रैल2026 शनिवार, शाम चेन्नई सुपर किंग्स vs दिल्ली कैपिटल्स- चेन्नई 12अप्रैल2026 रविवार, दोपहर लखनऊ सुपर जायंट्स vs गुजरात टाइटंस-लखनऊ 12अप्रैल2026 रविवार, शाम मुंबई इंडियंस vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- मुंबई

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना

रायपुर  प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से जिले के ग्रामीण परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम बंगुरकेला निवासी  ज्ञानु भगत को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ प्राप्त हुआ है।  ज्ञानु भगत ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ मिट्टी के छोटे से कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था तथा गर्मी के दिनों में दीवारें अत्यधिक तप जाती थीं। साथ ही जहरीले जीव-जंतुओं का भय बना रहता था। घर की बार-बार मरम्मत कराने से उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के आवास की स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त राशि में अपनी बचत जोड़कर वे अपने सपनों का घर बना रहे हैं। वर्तमान में मकान का आंतरिक कार्य प्रगति पर है। ज्ञानु भगत ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जिले के अनेक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

गैस सिलेंडर को लेकर फैली अफवाहों पर डिप्टी CM अरुण साव का बयान, जनता से धैर्य रखने की अपील

रायपुर. गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों में लगी लोगों की कतारों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अफवाह के कारण यह स्थिति बनी है. देश में पेट्रोल-गैस का कोई शॉर्टेज नहीं है. लोग थोड़ा धैर्य रखें और अफवाह पर ना जाएं. सरकार कालाबाजारी पर ठोस कार्रवाई कर रही है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव शनिवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने जी रामजी जी और अफीम की खेती पर कांग्रेस के विधानसभा के घेराव को लेकर कहा कि कांग्रेस के समय में ही अफीम की खेती शुरू हुई थी. कांग्रेस सरकार में जो नशे का कारोबार हुआ, यह उसी का नतीजा है. मुखबिर से सूचना मिली, उस पर सरकार ने त्वरित और कठोर कार्रवाई की है. किसी को भी नशे का कारोबार करने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में सर्वे के लिए कहा है, जहां गड़बड़ी मिलेगी कठोर कार्रवाई होगी. कांग्रेस इसमें राजनीतिक करने की कोशिश ना करे. प्रदेश में आज से गौधाम योजना की शुरुआत को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने गौठान की शुरुआत जनता के पैसे को लूटने के लिए किया था. गौ माता की सेवा करना उनकी फितरत में नहीं थी. हमारी सरकार आज से गौधाम योजना शुरू कर रही है. प्रदेश में 1460 गौधाम बनेंगे, जिनमें से 26 को स्वीकृति मिल चुकी है. चरवाहे को मानदेय, पशुओं को चारा, सब व्यवस्था की गई है. यह बहुत सफल योजना होने जा रही है.

बंगाल में हिंदुओं को अल्पसंख्यक बना रही है ममता सरकार’, पीएम मोदी ने किया कड़ा हमला

कोलकाता बंगाल की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता सरकार पर तीखा प्रहार क‍िया. कोलकाता में परिवर्तन संकल्प यात्रा को संबोध‍ित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पीएम मोदी ने कहा- बंगाल में ह‍िन्‍दुओं को अल्‍पसंख्‍य बनाया जा रहा है. अब बंगाल से निर्मम सरकार का अंत होकर रहेगा. अब बंगाल से महाजंगलराज का खात्मा होगा… कल TMC ने इस रैली में आने वाले आप सभी लोगों को ‘चोर’ कहकर गाली दी है, असली चोर कौन है यह बंगाल की प्रबुद्ध जनता जानती है. अपनी कुर्सी जाते हुए देखकर यहां की निर्मम सरकार बौखला गई है. वह केंद्र सरकार की योजनाएं रोक रही हैं. उन्‍हें एक पैसा नहीं देना है, फ‍िर भी नहीं चाहतीं क‍ि केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों को मिले. पीएम मोदी ने कहा, ये TMC सरकार अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से यहां आयुष्मान भारत योजना को भी लागू नहीं कर रही है. देश भर के करोड़ों लोग इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे हैं. ये लाभ आप सबको भी मिलना चाहिए. लेकिन बंगाल के परिवारों को इस योजना के अधिकार से भी TMC सरकार ने वंचित रखा है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा  पीएम मोदी ने कहा- आप सबने देश भर में प्रधानमंत्री आवास योजना की सफलता के बारे में सुना है. गरीब परिवारों को पक्का घर मिल रहा है. लेकिन यहां क्या हुआ? योजना का नाम बदल दिया गया, लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ की गई और जिन गरीबों को घर मिलना था वे आज भी इंतजार कर रहे हैं. केवल बिजली, पानी, सड़क, घर की बात नहीं है, TMC सरकार अपनी राजनीति की वजह से आयुष्मान योजना को भी लागू नहीं कर रही है. ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी इस विशाल सभा को रोकने के लिए निर्मम सरकार ने सारे हथियार निकाल लिए. आप लोगों को आने से रोकने के लिए ब्रिज बंद करवा दिए, गाड़ियां रुकवा दी, ट्रैफिक जाम करवाया, भाजपा के झंडे उखड़वा दिए, पोस्टर निकलवाए लेकिन निर्मम सरकार साफ-साफ देख लो- आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो. बंगाल में महाजंगलराज लाने वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. वह दिन दूर नहीं जब बंगाल में फिर से कानून का राज होगा. पीएम मोदी ने कहा अब बंगाल का विकास नेक नीयत से होगा, सही नीतियों से होगा, बंगाल में अभी हमारी सरकार नहीं है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार के ज़रिए भाजपा बंगाल के विकास में लगी है… अभी हमने 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया है… ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास याद द‍िलाया पीएम मोदी ने कहा- ब्रिगेड परेड ग्राउंड का इतिहास साक्षी है जब-जब बंगाल देश को दिशा देता है, यह ब्रिगेड मैदान बंगाल की आवाज बनता है. इस मैदान से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी आवाज हिंदुस्तान में क्रांति बन गई थी और उसका नतीजा क्या हुआ, अंग्रेजों के अत्याचार और लूट का खात्मा हुआ. आज यहां से नए बंगाल की क्रांति का बिगुल बज गया है. बंगाल में बदलाव अब दीवारों पर भी लिख चुका है और बंगाल के लोगों के दिलों में भी छप चुका है. निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यहां की निर्मम सरकार ने बंगाल के युवाओं को पलायन का अभिशाप दिया है. बंगाल के युवा प्रतिभा में सबसे आगे है, मेहनत में सबसे आगे है… लेकिन आज हालत क्या है? यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल रहा है… पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC, ये लोग एक के बाद एक आते रहे और अपनी जेबें भरते रहे और बंगाल में विकास कार्य ठप रहे. TMC सरकार में नौकरियां खुलेआम बेची जा रही हैं, भर्तियों में घोटाले हो रहे हैं. अब समय आ गया है कि हालात बदलें… जानें पीएम मोदी ने और क्‍या कहा… भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद: यहां की निर्मम सरकार चाहे अब जितना जोर लगा ले, परिवर्तन की इस आंधी को वो अब रोक नहीं पाएगी. भाजपा और NDA के साथ महिषासुर मर्दिनी का आशीर्वाद है. श्री रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, ऋषि बंकिमचंद्र, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, खुदीराम बोस, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी सभी महान विभूतियों ने जिस बंगाल की कल्पना की थी. भाजपा की सरकार उस बंगाल का निर्माण करेगी, नवनिर्माण करेगी. पलायन करना मजबूरी बना: एक समय बंगाल पूरे भारत को गति देता था, बंगाल व्यापार और उद्योगों में सबसे आगे था. लेकिन आज यहां का युवा न डिग्री ले पा रहा है और न ही उसे रोजगार मिल पा रहा है. आपके बेटे-बेटियों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे: पहले कांग्रेस, फिर कम्युनिस्ट और अब TMC… ये लोग एक के बाद एक आते रहे… अपनी जेबें भरते रहे… और बंगाल में विकास के काम ठप्प पड़े रहे. अब TMC सरकार का एक ही एजेंडा है. ये TMC वाले न खुद काम करेंगे, न करने देंगे. जब तक इनको अपना कटमनी नहीं मिल जाता, ये किसी भी योजना को गांव, गरीब तक नहीं पहुंचने देते. इसलिए TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर रखती है. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू के मुद्दा उठाया: पीएम मोदी ने कहा- राष्ट्रपति बंगाल आई थीं, लेकिन अहंकार में डूबी इस निर्मम सरकार ना सिर्फ कार्यक्रम का बहिष्कार किया जबकि बंदइंतजामी की. एक आदिवासी बेटी इतनी बड़े पद पर है ये इनसे देखा नहीं गया. टीएमसी वालों को ये याद रखना पड़ेगी कि उन्होनें सिर्फ द्रौपदी मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, देश के संविधान का अपमान किया है. इसका जवाब निर्मम सरकार को मिलने वाला है. यहां बिजली बिल जीरो क्‍यों नहीं आता: पीएम मोदी ने कहा- देशवासियों को मुफ्त बिजली देने के लिए हमने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है. केंद्र की भाजपा सरकार इसके लिए हर लाभार्थी को 75 से 80 हजार रुपये देती है. जो लाभार्थी इस योजना से जुड़ता है, उसके घर का बिजली बिल जीरो हो जाता है. … Read more

CM यादव ने शुजालपुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन में नव-दम्पत्तियों को VC से संबोधित कर दी बधाई और आशीर्वाद

शुजालपुर शुजालपुर में मुख्यमंत्री कन्यादान, निकाह सामूहिक सर्वधर्म विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 162 जोड़ों का विवाह और 38 निकाह संपन्न हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। मंत्री इंदर सिंह परमार ने मुस्लिम दूल्हा-दुल्हन और हिंदू सनातन जोड़ों को उपहार भेंट किए। इस अवसर पर जनपद पंचायत शुजालपुर अध्यक्ष सीता देवी रामचंद्र पाटोदिया के बेटे के विवाह की भी मंच से सराहना की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसौदिया, भाजपा प्रदेश मंत्री बबीता परमार, भाजपा जिला महामंत्री विजय बेस और कलेक्टर रिजु बाफना सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी और सांसद महेंद्र सोलंकी की अनुपस्थिति का उल्लेख किया, जो सदन में व्यस्त थे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने संबोधन में कहा कि समरसता, समानता और शोषण मुक्त भारत का सपना मोदी और मोहन यादव सरकार के कार्यकाल में साकार हो रहा है। मंच से अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन से पहले दूल्हों की सामूहिक बारात पुलिस चौकी चौराहा से लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर आयोजन स्थल कृषि उपज मंडी प्रांगण 3 तक पहुंची। बारात में मंत्री परमार के साथ भाजपा नेता और अधिकारी साफा बांधकर नाचते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसडीएम राजकुमार हलदर, एसडीओपी निमिष देशमुख, पुलिस थाना प्रभारी एसके यादव और प्रवीण पाठक अपने अमले के साथ तैनात थे।

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