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राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति

राज्य में गोधन संरक्षण को नई दिशा : गोमाता की पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ग्राम लाखासार में गौधाम का किया शुभारंभ गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री  साय पशुपालकों से संवाद कर सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे : मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी लाखासार को सौगात : महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरव पथ का होगा निर्माण लाखासार गौधाम के लिए 25 लाख का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस मिलेगी बिलासपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री ने गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।     मुख्यमंत्री  साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लाखासार में गौधाम 25 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें 19 एकड़ में जानवरों को खिलाने के लिए हरा चारा की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जाता है। मुख्यमंत्री ने चारागाह का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।     इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक तखतपुर  धर्मजीत सिंह, विधायक बिलासपुर  अमर अग्रवाल, विधायक बिल्हा  धरमलाल कौशिक, विधायक बेलतरा  सुशांत शुक्ला तथा छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की बात कही। उन्होंने सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बहुत सौभाग्य का दिन है कि लाखासार की पावन भूमि से गौधाम योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” कहलाएंगे।     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाखासार क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।     तखतपुर विधायक  धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। विधायक  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर कमिश्नर बिलासपुर  सुनील जैन, आईजी  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा  चंद्रकांत वर्मा, संयुक्त संचालक पशु पालन विभाग  जी एस तंवर, गौ सेवा आयोग के जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष  धीरेन्द्र दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।   

जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर का कोई जवाब नहीं, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का बड़ा बयान

नई दिल्ली हाल ही में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने जसप्रीत बुमराह की असाधारण गेंदबाजी की जमकर सराहना की है। क्लार्क ने बुमराह को एक असाधारण खिलाड़ी बताते हुए कहा कि वह वर्तमान में दुनिया के सबसे घातक गेंदबाज हैं। क्लार्क का मानना है कि बुमराह की सबसे बड़ी ताकत बड़े मैचों में दबाव को झेलने और टीम को जीत दिलाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, “बुमराह गेंद के साथ बहुत शानदार हैं। वे एक फ्रीक हैं।” फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 रन देकर 4 विकेट लेने का उनका प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह क्यों मैच विनर माने जाते हैं। बुमराह के बारे में मोस्ट अंडररेटेड चीज उनकी स्किल है बुमराह की गेंदबाजी की बारीकियों पर चर्चा करते हुए क्लार्क ने उनके कौशल और सटीकता पर जोर दिया। क्लार्क के अनुसार, बुमराह के पास गेंदबाजी के इतने विकल्प हैं जो बहुत कम तेज गेंदबाजों के पास होते हैं। उन्होंने कहा, “बुमराह के बारे में सबसे कम आंकी जाने वाली बात उनके पास मौजूद कौशल के विकल्प हैं। उनका एग्जिक्यूशन 100 में से 99 बार बिल्कुल सटीक होता है।” क्लार्क ने बताया कि बुमराह परिस्थितियों को भांपने में माहिर हैं। उन्होंने फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि बुमराह ने पिच का आकलन किया और तय किया कि उस सतह पर धीमी गेंदें उनका मुख्य हथियार होंगी, जिसका परिणाम सबके सामने था। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यॉर्कर बुमराह के पास क्लार्क ने बुमराह की तुलना पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे ऑस्ट्रेलियाई जीनियस गेंदबाजों से करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जहा ये तीनों गेंदबाज महान हैं, वहीं बुमराह जैसी विविधता उनके पास भी नहीं है। क्लार्क ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आप याद कर सकते हैं कि पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क या जोश हेजलवुड ने कभी धीमी गेंदों के दम पर किसी भी प्रारूप में तीन या चार विकेट लिए हों?” उन्होंने बुमराह की धीमी गेंद को बेसबॉल की कर्वबॉल जैसा बताया, जो हवा में ही अपना रास्ता बदल लेती है। क्लार्क के अनुसार, 145 किमी प्रति घंटा की रफ्तार, नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यॉर्कर का मेल बुमराह को अद्वितीय बनाता है। लसिथ मलिंगा की तरह खतरनाक हैं बुमराह क्लार्क ने बुमराह को दिग्गज लसिथ मलिंगा के सबसे करीब बताया। उन्होंने कहा कि बुमराह का अनोखा गेंदबाजी एक्शन और गति उन्हें मलिंगा जैसा खतरनाक बनाती है, जिन्हें समझना किसी भी बल्लेबाज के लिए बहुत कठिन है। क्लार्क ने कहा, “स्किल लेवल के मामले में बुमराह इस समय एक अलग ही श्रेणी में हैं।” उनके अनुसार, चाहे नई गेंद हो या डेथ ओवर, बुमराह का सटीक नियंत्रण उन्हें विश्व क्रिकेट का वर्तमान नंबर वन गेंदबाज बनाता है, जिसके पास हर परिस्थिति के लिए एक नई योजना तैयार रहती है।

कोरिया की नई पहचान के लिए जल संरक्षण में योगदान दें जनप्रतिनिधि – कलेक्टर चंदन त्रिपाठी

जनप्रतिनिधि जल संरक्षण में दें योगदान ताकि कोरिया को मिले नई पहचान – कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए-सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी जनभागीदारी से जलसंचय पर केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की कार्यशाला सम्पन्न कोरिया कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की उपस्थिति में जनभागीदारी से जलसंचय अभियान पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। वैज्ञानिकों ने बताया जल संरक्षण का महत्व कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड से आए वैज्ञानिकों ने जिले के जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और सरल संरचनाओं के माध्यम से जल संचय को बढ़ाने के उपाय बताए। कार्यशाला में केंद्रीय भूमिजल बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि जल संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण कार्य रिचार्ज जोन की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि जमीन के भीतर चट्टानों के बीच बने गैप में पानी का संग्रह आसानी से किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर को तेजी से बढ़ाया जा सकता है। कोरिया जिले में जल संचय की असीम संभावनाएं केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की विशेषज्ञ महिमा अवस्थी और शिप्रा ने बताया कि कोरिया जिले का अधिकांश क्षेत्र रिचार्ज जोन में आता है। जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण की संरचनाएं बनाकर भूजल संसाधनों को मजबूत किया जा सकता है। इस अभियान के सफल होने से जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। जनप्रतिनिधियों को निभानी होगी जिम्मेदारी कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि जल संरक्षण को तेजी से आगे बढ़ाकर जन आंदोलन बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के लिए प्रयास नहीं किए गए तो आने वाला भविष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को इस अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की। पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा आज पानी की किल्लत एक वैश्विक समस्या बन रही है। ऐसे में हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी के एक-एक बूंद को संरक्षित किया जाए। बारिश की पानी को बेवजह बहने की बजाय धरती के अंदर समाहित की जाए ताकि भूजल स्तर बढ़ सके। कैसे होता है भूमिगत जल रिचार्ज वैज्ञानिकों ने बताया कि जमीन के नीचे चट्टानों की परतों के आधार पर रिचार्ज और डिस्चार्ज जोन बनते हैं। जहां पानी जमीन के अंदर समा जाता है उसे रिचार्ज जोन कहा जाता है, जबकि जहां पानी बाहर निकल जाता है उसे डिस्चार्ज जोन कहा जाता है। जनप्रतिनिधियों ने जताई प्रतिबद्धता कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे, शिवपुर अध्यक्ष श्री अरुण जायसवाल, पटना नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में एसडीएम बैकुंठपुर सहित जल संसाधन, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी तथा राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारी शामिल हुए।

छात्रावास में 11वीं के छात्र ने की आत्महत्या, कारण अज्ञात

कोरिया  जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत कटगोड़ी पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 11वीं कक्षा में अध्ययनरत एक रहवासी छात्र ने आत्महत्या कर ली।  प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र का नाम सुरेश बताया जा रहा है, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत था। सुरेश ने बीती रात छात्रावास के भीतर ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही सोनहत प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया। सोनहत एसडीएम अंशुल वर्मा, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम तत्काल कटगोड़ी छात्रावास पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और मृतक छात्र के साथियों व छात्रावास प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फिलहाल छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहनता से आगे की जांच में जुटी हुई है, उम्मीद है कि जल्द ही आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

PM मोदी पर टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद, कांग्रेस नेता विनोद तिवारी गिरफ्तार

रायपुर/नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पीसीसी संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने उन्हें उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार विनोद तिवारी कौशांबी में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट से जुड़े मामले में की गई है। सूत्रों के मुताबिक उक्त पोस्ट को लेकर पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के बाद पुलिस टीम ने कौशांबी पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने विनोद तिवारी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

CM साय ने की घोषणा, राजनांदगांव को विकसित करेंगे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी

राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री  गजेंद्र यादव, सांसद  संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर  मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

लद्दाख हिंसा पर सरकार का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक जेल से रिहा, NSA केस हटाया

नई दिल्ली लद्दाख में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. सोनम वांगचुक को लद्दाख में कुछ महीनों पहले हुई हिंसा के आरोपों के बाद हिरासत में लिया गया था और वे पिछले कई महीनों से पुलिस की निगरानी में थे. सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत संभव हो सके. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है. सरकार ने यह भी दोहराया कि लद्दाख की सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे। सोनम वांगचुक को क्यों किया गया था गिरफ्तार? दरअसल, सोनम वांगचुक को लद्दाख में कुछ महीने पहले हुई हिंसक घटनाओं के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था. आरोप था कि एक प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी. इसी मामले में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया था। कौन हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. उन्होंने लद्दाख में शिक्षा सुधार और स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अभियान चलाए हैं. फिल्म थ्री इडियट्स आमिर खान का कैरेक्टर फुनसुक वांगडू इन्हीं सोनम वांगचुक से प्रेरित था. पिछले कुछ समय से वे लद्दाख से जुड़े राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों को लेकर भी मुखर रहे हैं. खास तौर पर लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर उन्होंने कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए थे. सरकार का कहना है कि वर्तमान समय में क्षेत्र में शांति और संवाद का माहौल बनाना जरूरी है. इसी वजह से सरकार ने यह फैसला लिया है कि सोनम वांगचुक की हिरासत को समाप्त किया जाए और आगे की प्रक्रिया सामान्य कानूनी ढांचे के तहत चलती रहे. केंद्र सरकार ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि लद्दाख की सुरक्षा और स्थिरता सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की सुरक्षा, विकास और लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाते रहेंगे.

ईरान-इजरायल जंग के बीच अलर्ट हुए पड़ोसी देशों, उत्तर कोरिया ने दागी मिसाइल, THAAD हटाएगा अमेरिका

फियोंगयांग ईरान वॉर अभी तक समाप्‍त नहीं हुआ है, पर एक और क्षेत्र में तनाव की आहट ने खलबली मचा दी है. कोरियाई प्रायद्वीप से बड़ी खबर सामने आ रही है. दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्‍तर कोरिया ने मिसाइल दागी है. उत्‍तर और दक्षिण केारिया के बीच तनाव नई बात नहीं है. दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से तल्‍ख हैं. उत्‍तर कोरिया को चीन और रूस का करीबी माना जाता है, जब‍कि साउथ कोरिया अमेरिका का करीबी सहयोगी है. दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैन्‍य बेस भी स्थित है. किम जॉन्‍ग उन के देश की तरफ से ऐसे समय में मिसाइल दागी गई है, जब अमेरिका दक्षिण कोरिया से अपने कुछ THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम को हटाने पर विचार कर रहा है. ऐसे में उत्‍तर कोरिया के कदम से दक्षिण कोरिया की चिंता बढ़ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने समंदर की तरफ मिसाइल दागी है. उत्‍तर कोरिया की तरफ से अक्‍सर ही समंदर का रुख कर मिसाइल परीक्षण किए जाते रहे हैं. यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किम जोंग उन के देश की तरफ से इस तरह की कार्रवाई की गई है. हालांकि, इस बार की टाइमिंग काफी अहम है. पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही खराब है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्‍त रूप से ईरान पर अटैक कर दिया है. तेहरान की तरफ किए गए पलटवार से माहौल पहले ही तनावपूर्ण और गंभीर हो चुके हैं. ऐसे में उत्‍तर कोरिया की ओर से मिसाइल दागने से एशिया के एक और जोन में हालात तनावपूर्ण होने की आशंका बढ़ गई है. चीन की आक्रामक नीतियों की वजह से इस क्षेत्र में ऐसे ही तनाव का आलम है. जापान सतर्क उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है. जापान के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. ‘निक्‍केई एशिया’ के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि यह मिसाइल संभवतः जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर जाकर गिरी. इस प्रक्षेपण के कारण किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है. वहीं, दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उत्तर कोरिया ने पूर्व दिशा की ओर कम से कम एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र यानी प्रोजेक्‍टाइल दागा. इससे पहले उत्तर कोरिया ने 27 जनवरी को जापान सागर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनके बारे में भी आकलन किया गया था कि वे जापान के ईईजेड के बाहर गिरी थीं. बढ़ा तनाव, क्या खुलेगा जंग का तीसरा मोर्चा या होगी World WAR 3? दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, शनिवार को उत्तर कोरिया ने जापान सागर की ओर एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल दागी। इससे पूर्वी एशिया में नया तनाव पैदा हो गया है, जबकि दुनिया के अन्य हिस्सों में चल रहे संघर्ष अभी भी वैश्विक सुरक्षा चिंताओं का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया से उसके पूर्वी जलक्षेत्र की ओर दागी गई थी, जिसे आमतौर पर जापान सागर (पूर्वी सागर) के नाम से जाना जाता है। अधिकारियों ने शुरू में इस हथियार को अज्ञात मिसाइल बताया था, लेकिन माना जा रहा है कि यह एक बैलिस्टिक मिसाइल ही थी। अमेरिका- दक्षिण कोरिया कर रहे सैन्य अभ्यास बता दें कि यह मिसाइल तब दागी गई जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया मिलकर अपना सालाना स्प्रिंगटाइम संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे थे, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ भी एक बढ़ता हुआ युद्ध लड़ रहा है। हाल ही में इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था, जो कि युद्ध हर दिन के साथ बढ़ा और हर जगह तबाही मची हुई है। इसमें ईरान से लेकर इजयारल और अमेरिका तक को नुकसान हो रहा है, क्योंकि ईरान खाड़ी देश में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। उत्तर कोरिया ने क्यों की होगी मिसाइल लॉन्च? उत्तरी कोरिया लंबे समय से सहयोगी देशों के सैन्य अभ्यासों को ‘आक्रमण का पूर्वाभ्यास’ बताता रहा है, और अक्सर इनका इस्तेमाल अपने सैन्य प्रदर्शनों या हथियारों के परीक्षण को तेज करने के बहाने के तौर पर करता है। यह मिसाइल लॉन्च, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन द्वारा मंगलवार को वॉशिंगटन और सियोल की आलोचना किए जाने के कुछ ही दिनों बाद हुआ। उन्होंने वैश्विक सुरक्षा के लिए एक खतरनाक मोड़ पर अपने सैन्य अभ्यास जारी रखने के लिए इन दोनों देशों की आलोचना की थी, और चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया की सुरक्षा को दी गई कोई भी चुनौती भयानक परिणामों को जन्म देगी। बता दें कि 11-दिवसीय ‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास, जो 19 मार्च तक चलेगा, यह संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेनाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले दो वार्षिक कमांड पोस्ट अभ्यासों में से एक है।

चांदी और सोने की कीमतों में 43,000 और 12,000 रुपये की गिरावट, युद्ध के बावजूद गोल्ड क्यों टूटा?

इंदौर  सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से काफी गिरावट आई है। अब सवाल यह है कि जब दुनियाभर में युद्ध का माहौल है, शेयर बाजारों में जबरदस्त गिरावट है, क्रूड ऑयल के दाम आसमान पर हैं, सप्लाई चेन्स बाधित हो रही हैं, महंगाई बढ़ रही है और ग्लोबल इकॉनोमी पर काले बादल छाए हुए हैं, उस स्थिति में सोना बढ़ क्यों नहीं रहा? क्योंकि जब भी दुनिया में अस्थिरता होती है, निवेशक सुरक्षित निवेश गोल्ड खरीदते हैं, जिससे इसका दाम बढ़ता है। लेकिन इस बार सोना कुछ अलग ही चाल चल रहा है। दरअसल, इक्विटी बाजारों में आई जबरदस्त गिरावट ने निवेशकों को तोड़ कर रख दिया है। उन्हें मार्केट में तगड़ा नुकसान हुआ है। अब वे इस नुकसान की भरपाई करना चाहते हैं। इसके लिए वे सोने में मुनाफावसूली कर रहे हैं और लिक्विडिटी की चिंताओं को दूर कर रहे हैं। यही कारण है कि सोने में गिरावट देखी जा रही है। 12 दिन में 12000 रुपये टूटा सोना एमसीएक्स एक्सचेंज पर 2 मार्च को सोने का वायदा भाव कारोबारी सत्र के दौरान 1,69,880 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। वहीं, इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 13 मार्च को सोने का भाव कारोबारी सत्र के दौरान न्यूनतम 1,57,540 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गया। इस तरह पिछले 12 दिन में सोने में 12,340 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखने को मिली है। चांदी में 43,000 रुपये की गिरावट चांदी में भी पिछले कुछ दिनों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर 2 मार्च को चांदी का वायदा भाव कारोबारी सत्र के दौरान अधिकतम 2,97,799 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। वहीं, इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 13 मार्च को कारोबारी सत्र के दौरान चांदी का भाव 2,54,474 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया था। इस तरह पिछले 12 दिनों में चांदी की कीमत में 43,325 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को भी टूटे भाव सोने-चांदी की वैश्विक कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कॉमेक्स पर सोना 1.25 फीसदी या 64.10 डॉलर की गिरावट के साथ 5,061.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, गोल्ड स्पॉट 1.18 फीसदी या 59.72 डॉलर की गिरावट के साथ 5,019.49 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। उधर चांदी कॉमेक्स पर 4.44 फीसदी या 3.77 डॉलर की गिरावट के साथ 81.34 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। वहीं, सिल्वर स्पॉट 3.88 फीसदी या 3.25 डॉलर की गिरावट के साथ 80.59 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।

बड़े बकायेदारों के परिसर किए सील, संपत्तिकर नहीं चुकाने वालों पर निगम सख्त

रायपुर. नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक-8 में संपत्तिकर (टैक्स) के बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। आयुक्त, अपर आयुक्त, उपायुक्त और जोन आयुक्त के निर्देश पर शुक्रवार 13 मार्च को कई वर्षों से टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यावसायिक परिसरों को सील किया गया। निगम की ओर से पहले डिमांड बिल, डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई करते हुए परिसरों में ताला लगाकर सीलबंद किया गया। निगम प्रशासन के अनुसार इस कार्रवाई में वीर सावरकर नगर वार्ड-01 और पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 क्षेत्र के कई संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें प्रीतम सिंह पिता जीत सिंह पर 5,29,434 रुपये, अशोक कुमार, विजय कुमार और विनोद कुमार (पिता टेकचंद नवानी) पर 2,25,857 रुपये, हरवंश सिंह, महेंद्र सिंह और सुरजीत कौर पर 4,52,317 रुपये, राहुल धारीवाल पिता राजेंद्र धारीवाल पर 1,83,697 रुपये, सुरेंद्र सिंह और गुरविंदर सिंह पिता प्रीतम सिंह पर 1,17,410 रुपये, आदिल खान पर 1,41,022 रुपये और संतोषी देवी पति रामनिवास पर 8,36,874 रुपये का बकाया होने के कारण उनकी व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा पं. जवाहर लाल नेहरू वार्ड-02 में हैदर रज़ा के भवन पर भी कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार भवन स्वामी द्वारा अब तक संपत्ति का टैक्स अधिरोपित नहीं कराया गया था, जिसके कारण परिसर को ताला लगाकर सील कर दिया गया। नगर निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन संपत्ति मालिकों ने अब तक बकाया संपत्तिकर जमा नहीं किया है, वे जल्द से जल्द राशि जमा करें, अन्यथा इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Instagram की प्राइवेसी पर संकट, Meta ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटाने का किया ऐलान

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. यानी इस तारीख के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) में यह सुरक्षा फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। यह जानकारी खुद इंस्टाग्राम के आधिकारिक हेल्प पेज पर दी गई है, जहां साफ कहा गया है कि 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा। अगर किसी यूजर की चैट इस फीचर के तहत है, तो उन्हें पहले से नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपने चैट डेटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। क्या होता है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ नहीं सकता। यहां तक कि प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी भी उन मैसेज को नहीं देख सकती. इस तकनीक में मैसेज भेजते समय वह एक कोड में बदल जाता है और केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है। इसी वजह से इसे डिजिटल दुनिया में सबसे मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा माना जाता है. Signal और WhatsApp जैसे कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूजर्स की बातचीत पूरी तरह निजी रह सके। इंस्टाग्राम में कब आया था यह फीचर? इंस्टाग्राम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर को 2023 के आसपास अपने मैसेजिंग सिस्टम में जोड़ना शुरू किया था. शुरुआत में यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट नहीं था बल्कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करना पड़ता था। इस फीचर को ऑन करने के बाद बातचीत एक अलग एन्क्रिप्टेड चैट में होती थी और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी मिलते थे.  लेकिन अब कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है। मेटा ने क्यों लिया यह फैसला? इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे. इसलिए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी यूजर्स को पहले से नोटिफिकेशन भी भेज रही है ताकि वे चाहें तो अपने एन्क्रिप्टेड चैट्स और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें। क्या इंस्टाग्राम यूज़र्स के मैसेज डेटा से Meta AI होगा ट्रेन? आधिकारिक तौर पर भले ही मेटा ने इस फैसले को कम इस्तेमाल से जोड़ा है. लेकिन टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो सकता है।  एंड टू एंड एन्क्रिप्शन होने पर प्लेटफॉर्म खुद यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, इसलिए उस डेटा का इस्तेमाल किसी भी तरह के विश्लेषण या AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए करना संभव नहीं होता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने के बाद तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म के पास मैसेज स्कैन करने और डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे कंपनियां मैसेजिंग सिस्टम को बेहतर बनाने, कंटेंट मॉडरेशन करने या AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म को मैसेज स्कैन करने और संदिग्ध या अवैध कंटेंट का पता लगाने में आसानी होती है। प्राइवेसी को लेकर पहले भी घिर चुकी है Meta प्राइवेसी को लेकर मेटा पहले भी विवादों में घिर चुकी है. हाल ही में कंपनी के RayBan Meta AI Glasses को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड हुई वीडियो और फोटो का इस्तेमाल एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था और इसके लिए ह्यूमन रिव्यूअर्स भी फुटेज देखते थे। एक जांच में सामने आया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स उन वीडियो को देखते थे जिनमें बेहद निजी पल भी शामिल थे।  रिपोर्ट्स के अनुसार इन फुटेज में लोगों के घर के अंदर के फुटेज, बाथरूम में रिकॉर्ड हुए पल या अन्य सेंसिटिव मोमेंट्स भी शामिल थीं। इन डेटा का इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठे। इतना ही नहीं, इन स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद कैमरों को लेकर यह भी चिंता जताई गई कि लोग अनजाने में रिकॉर्ड हो सकते हैं, क्योंकि यह सामान्य चश्मे की तरह दिखते हैं और आसानी से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे भविष्य के लिए एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बताया है।  यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे. यानी तकनीकी रूप से यह मैसेज प्लेटफॉर्म के सर्वर पर प्रोसेस होंगे. हालांकि कंपनियां आमतौर पर दावा करती हैं कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है। फिर भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटने से प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि यह फीचर मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बनाता है। क्या WhatsApp पर भी खत्म होगा एन्क्रिप्शन? इंस्टाग्राम के इस फैसले के बाद कई यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेटा अपने दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा ही कदम उठाएगा. फिलहाल ऐसा नहीं है। मेटा के दूसरे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और यह वहां डिफॉल्ट रूप से लागू है। 8 मई से पहले क्या करें यूजर्स? अगर आप इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करते हैं तो 8 मई 2026 से पहले अपने चैट का बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं. इंस्टाग्राम इसके लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन और डाउनलोड का विकल्प देगा। इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा और मॉडरेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, जिसकी वजह से ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

LPG संकट की संभावना, IRCTC ने ट्रेनों में इंडक्शन व रेडी-टू-ईट फूड की वैकल्पिक व्यवस्था की, WCR में 25 क्लस्टर किचन शुरू

भोपाल  इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. देश के कई हिस्सों में एलपीजी की कमी की आशंका के चलते गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. इसी संकट को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (आईआरसीटीसी) ने भी रेलवे स्टेशनों पर संचालित किचन के लिए नया निर्देश जारी किया है. आईआरसीटीसी ने कहा है कि रेल यात्रियों के लिए पकाए जाने वाले खाने को अब एलपीजी की जगह माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन चूल्हों पर तैयार किया जाए, ताकि गैस पर निर्भरता कम की जा सके. शहर में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।  25 क्लस्टर किचन से हो रही सप्लाई एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यात्रियों को सामान्य रूप से मिल रहा भोजन सिंह के अनुसार हाल ही में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेन में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि कैटरिंग व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एलपीजी संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार IRCTC के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में प्रवक्ता के मुताबिक वर्तमान में गैस सप्लाई का सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल WCR क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।

बिकिनी पहनकर नताशा स्टानकोविक ने किया अपने फिगर का प्रदर्शन, वेकेशन पर बेटे संग मना रही हैं खुशी के पल

मुंबई हार्दिक पंड्या की एक्स वाइफ नताशा स्टेनकोविक तलाक के बाद लाइफ में मूव ऑन कर चुकी हैं. वो खुलकर अपनी जिंदगी जी रही हैं. नताशा बीते कई दिनों से अपने बेटे अगस्त्य संग वेकेशन पर हैं. वो लगातार वेकेशन की तस्वीरें पोस्ट करके फैंस को भी ट्रीट दे रही हैं।   बिकिनी में नताशा का स्वैग नताशा ने अब वेकेशन से अपनी और बेटे की कुछ नई तस्वीरें शेयर की हैं. फोटो में नताशा येलो कलर की बिकिनी में दिखाई दे रही हैं. नताशा ने बालों में स्लीक बन बनाया हुआ है. सनग्लासेस पहनकर अपना बिकिनी लुक कंप्लीट किया. वो अपना फिगर फ्लॉन्ट करती हुई नजर आ रही हैं. फैंस उनपर दिल हार रहे हैं।  नताशा बैठकर बिकिनी में पोज देती नजर आईं. उनके चेहरे की स्माइल उनकी खुशी को जगजाहिर कर रही है. नताशा वेकेशन के लिए कहां गई हैं, उन्होंने अपनी लोकेशन तो रिवील नहीं की, लेकिन उनकी फोटो के बैकग्राउंड में दिख रहा नजारा बेहद खूबसूरत है. चारों तरफ हरियाली, आसमान में छाए बादल उनकी आउटिंग लोकेशन को और भी ज्यादा खूबसूरत बना रहे हैं।   नताशा ने बेटे अगस्त्य की भी एक तस्वीर शेयर की है. उनका बेटा बीच पर खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाते हुए चिल करता हुआ दिखाई दे रहा है. बेटे संग नताशा अपने हर पल को यादगार बना रही हैं. बेटे संग उनका स्ट्रॉन्ग बॉन्ड तस्वीरों में साफ दिखाई देता है।  नताशा इससे पहले भी कई बार वेकेशन से तस्वीरें शेयर करके फैंस को खुश कर चुकी हैं. फैंस भी उन्हें हमेशा ऐसे ही हंसते-चहकते रहने की दुआएं दे रहे हैं।  माहिका के प्यार में डूबे हार्दिक वहीं, दूसरी ओर नताशा के एक्स हसबैंड और क्रिकेटर हार्दिक पंड्या भी तलाक के बाद लाइफ में आगे बढ़ चुके हैं. वो मॉडल माहिका शर्मा संग रिश्ते में हैं. हार्दिक ने वर्ल्ड कप की जीत का जश्न भी माहिका संग मनाया. फिर दोनों ने रोमांटिक आउटिंग के मजे भी लिए. फैंस को अब उनकी शादी का इंतजार है। 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, अधिक टोल वसूली पर होंगे टोल शुल्क निरस्त

गुना सुप्रीम कोर्ट ने लेबड़-जावरा, जावरा-नयागांव टोल रोड पर लागत से कई गुना वसूली संबंधी याचिका को इंदौर हाईकोर्ट के खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया। फिर सुनवाई कर 3 माह में निर्णय करने का आदेश दिया। सभी पक्षों को 18 मार्च को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। सीजेआइ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या की खंडपीठ ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर ये निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने देवास-भोपाल टोल रोड को भी शामिल करने व जनवरी 2026 तक के टोल संग्रहण, दुर्घटना के आंकड़े, अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति का अनुरोध किया। नोएडा ब्रिज पर टोल वसूली रद्द करने के 20 दिसंबर 2024 के आदेश व मंदसौर ब्रिज पर टोल वसूली पर आदेश के प्रकाश में याचिका पर आदेश देने का अनुरोध किया गया। देवास-भोपाल रोड की लागत 345 करोड़, टोल वसूली 2056 करोड़ सकलेचा ने याचिका में कहा, स जनवरी 2026 तक जावरा नयागांव टोल रोड पर लागत 426 करोड़ के स्थान पर 2635 करोड़, लेबड़-जावरा पर 589 करोड़ के स्थान पर 2376 करोड़, देवास-भोपाल टोल पर 345 करोड के स्थान पर 2056 करोड़ टोल वसूला गया है। कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने रखरखाव खर्च और ब्याज को फिजिकल रिपोर्ट में खर्च से कई गुना बढ़ाकर बताया। तीनों रोड पर जनवरी 2026 तक 10691 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 8.314 घायल व 3821 लोगों की मौत हुई। वास्तविक वसूली के अनुसार 2016-17 तक तीनों कंपनियों को लागत रखरखाव ब्याज के बाद 140 करोड़ से 320 करोड़ तक लाभ हो रहा है। फिर भी लेबड़-जावरा रोड पर दिसंबर 2038 तक व जावरा-नयागांव, देवास-भोपाल रोड पर दिसंबर 2033 तक टोल और वसूला जाएगा। टोल रोड के निवेशकों को बनाएं पार्टी शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया, सकलेचा द्वारा इंदौर हाईकोर्ट में अप्रेल 2022 में दाखिल याचिका को फिर सुनकर 3 माह में निर्णय दें। याची से कहा कि वह हाईकोर्ट में 15 दिन में नया आवेदन दाखिल करें। टोल रोड के निवेशकों व जिनके हित प्रभावित हो रहे. उन्हें पार्टी बनाएं। सकलेचा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा आदि तो शासन से एजी प्रशांत सिंह व अन्य पेश हुए।

5वीं-8वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारी पूरी, गोपनीय सामग्री बस से लाकर थाने में जमा

दुर्ग. सत्र 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा आयोजित की जाएगी। पांचवी की परीक्षा 16 मार्च ( सुबह 9 से 11 बजे ) तथा आठवीं की परीक्षा 17 मार्च ( सुबह 9 से 12 बजे ) से शुरू होंगे। इन परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्रियों का वितरण सेजस जेआरडी दुर्ग से किया गया। धमधा तथा पाटन ब्लॉक के विद्यालयों के संकुल प्राचार्यों को प्रश्न पत्र के सील बंद पैकेट वितरित किए गए। संकुल प्राचार्यों ने पेटी में को गोपनीय सामग्रियों को रखकर सील किया, जिसे स्कूल बस के जरिए निकट के थाने में जमा कराया गया। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा द्वारा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पांचवीं की परीक्षा में 23151 तथा आठवीं में 22700 विद्यार्थी शामिल होंगे। पांचवीं की परीक्षा के लिए 1077 तथा आठवीं के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए है। गोपनीय सामग्री वितरण के दौरान सहायक संचालक सीमा नायक व समृद्धि जोशी, एबीईओ संध्या ढीढी, आकांक्षा अग्रवाल व संगीता देवांगन तथा परीक्षा कक्ष प्रभारी नवनीत मौजूद थे। पांचवी-आठवीं की समय सारणी इस प्रकार :  पांचवी गणित 16 मार्च, अंग्रेजी 19 मार्च, हिंदी 23 मार्च, पर्यावरण 25 मार्च | आठवीं गणित 17 मार्च, हिंदी 20 मार्च, अंग्रेजी 24 मार्च, सामाजिक विज्ञान 30 मार्च, विज्ञान 2 अप्रैल तथा संस्कृत/ उर्दू 6 अप्रैल।

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