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“T20 टीम से ड्रॉप होने के बाद BCCI का तोहफा, क्रिकेटर को मिलेगा अवॉर्ड, राहुल द्रविड़ का भी सम्मान”

 नई दिल्ली भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली थी. टी20 टीम से बाहर किए जाने के बावजूद शुभमन को भारतीय क्रिकेट का बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार शुभमन को 15 मार्च को होने वाले भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के वार्षिक ‘नमन अवॉर्ड्स’ में ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। शुभमन गिल को यह सम्मान उनके 2025 में शानदार प्रदर्शन के लिए दिया जा रहा है. टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन टेस्ट और वनडे क्रिकेट में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की. वहीं टीम इंडिया के पूर्व कोच और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। इंग्लैंड दौरे पर किया अविस्मरणीय प्रदर्शन 2025 में शुभमन गिल ने टेस्ट क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाया. उन्होंने कुल 9 टेस्ट मैचों में 70.21 की औसत से 983 रन बनाए. इनमें से ज्यादातर रन इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में आए, जहां शुभमन ने 4 शतकों की मदद से 754 रन बनाए. इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बना दिया। साल 2025 में वनडे क्रिकेट में भी शुभमन गिल का बल्ला खूब चला. उन्होंने 11 ओडीआई मैचों में 49.00 की औसत से 490 रन बनाए. इसमें आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने के अभियान में बनाए गए 188 रन भी शामिल थे, जहां उन्होंने टीम इंडिया की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि टी20 इंटरनेशनल में शुभमन गिल को संघर्ष करना पड़ा. एशिया कप के दौरान उन्हें टीम में वापस बुलाया गया और उप-कप्तान भी बनाया गया, लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके. पिछले साल 15 टी20 इंटरनेशनल मैचों में शुभमन ने 291 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 24.25 और स्ट्राइक रेट 137.26 रहा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा और तीन मैचों में वह सिर्फ 32 रन ही बना सके। तीनों फॉर्मेट को मिलाकर शुभमन गिल ने साल 2025 में कुल 35 इंटरनेशनल मैचों में 1,764 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. इस दौरान उनका औसत 49.00 रहा. फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी शुभमन का प्रदर्शन शानदार रहा. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2025 में गुजरात टाइटन्स (GT) की ओर से खेलते हुए उन्होंने 50 की औसत से 650 रन बनाए। शुभमन गिल को टी20 टीम से ड्रॉप करने का फैसला अंततः भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ. संजू सैमसन और ईशान किशन हालिया टी20 वर्ल्ड कप में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष दो बल्लेबाज रहे. दोनों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया. अब शुभमन गिल की नजरें आईपीएल 2026 पर होंगी, जहां वह एक बार फिर गुजरात टाइटन्स की कप्तानी करते नजर आएंगे. गुजरात टाइटन्स अपना पहला मैच 31 मार्च को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलेगी. यह मुकाबला शुभमन के लिए टी20 फॉर्मेट में खुद को फिर से साबित करने का बड़ा मौका होगा।

भोपाल में 6 प्राइवेट हॉस्पिटल पर खतरा, 1 अप्रैल से बंद होने का अलर्ट, सीएमएचओ ने नोटिस भेजा

भोपाल   राजधानी में लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराने वाले आधा दर्जन निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने ऐसे 6 अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 के बाद बिना नवीनीकरण के उनका संचालन नहीं किया जा सकेगा. वहीं तय समय में आवेदन नहीं करने पर अब इन अस्पतालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. अस्पतालों के संचालन के लिए यह नियम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा शहर के 6 निजी अस्पतालों को लाइसेंस नवीनीकरण का आवेदन नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया है. इन अस्पतालों ने निर्धारित समय सीमा के अंदर अपने अस्पताल के लाइसेंस और पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था. मध्यप्रदेश उपचारगृह व रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (पंजीयन व अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 व नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत निजी स्वास्थ्य संस्थानों का पंजीयन अनिवार्य है. इस अधिनियम की धारा 3 के अनुसार बिना पंजीयन के किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन नहीं किया जा सकता. इन अस्पतालों को जारी किया गया नोटिस सीएमएचओ कार्यालय के अनुसार लालघाटी चौराहा स्थित जहरा अस्पताल, मोतिया तालाब रोड स्थित सरदार पटेल अस्पताल, कैपिटल पेट्रोल पंप के पास राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बीडीए कॉलोनी गोदरमऊ गांधीनगर स्थित हेल्थ केयर हॉस्पिटल, दानिश कुंज कोलार रोड स्थित भगवती गौतम अस्पताल व सोनागिरी पिपलानी पेट्रोल पंप के पास स्थित सचिन ममता अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है. ढाई महीने का समय देने के बाद भी नहीं कराया रिन्यू सीएमएचओ कार्यालय से अस्पताल संचालन के लिए पंजीयन और लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है, जो हर तीन वर्ष के लिए जारी किया जाता है. इस वर्ष निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को एनएचएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का समय दिया गया था, लेकिन इन छह अस्पतालों ने निर्धारित अवधि में नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया. 31 मार्च के बाद होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया, ” नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत रिन्यूअल आवेदन जमा नहीं करने पर इन अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है. यदि 31 मार्च के बाद भी ये अस्पताल संचालित पाए गए तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.” डॉ. शर्मा ने बताया कि इसके साथ अन्या अस्पतालों का अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है. यदि कोई कमी सामने आती है, तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

सेक्स रैकेट चलाने वाली दो बहनों का खुलासा, भोपाल सिंडिकेट की सच्चाई सामने आई

 भोपाल भोपाल के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित धर्मांतरण और दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार सगी बहनें अमरीन और आफरीन इस समय जेल में हैं. इस मामले में जांच के दौरान लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं. पुलिस पूरे प्रकरण की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि दोनों बहनों के परिवार का संबंध भोपाल के ईरानी डेरे से जुड़ा बताया जा रहा है. यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इस दिशा में भी पड़ताल शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जब दोनों बहनें अपने परिवार के साथ अब्बास नगर की झुग्गियों में रहती थीं, उसी दौरान उनके परिवार की ईरानी डेरे से नजदीकियां बढ़ी थीं. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वहां के आपराधिक छवि वाले लोगों से उनका कोई संपर्क था या नहीं। ब्यूटी पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों बहनों ने ब्यूटी पार्लर की आड़ में अपना नेटवर्क तैयार किया था. अधिकारियों को शक है कि इसी माध्यम से कई युवतियों को जाल में फंसाया गया हो सकता है. इसलिए पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी लड़कियां इस पूरे मामले से प्रभावित हुई हैं। एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी के मुताबिक पुलिस इस मामले की हर दिशा से जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि ईरानी डेरे से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है, हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी रहेगी। परिवार में चार बहनें और दो भाई अमरीन और आफरीन के परिवार में कुल चार बहनें और दो भाई हैं. इनमें से दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि भाइयों में से एक मानसिक रूप से बीमार बताया जाता है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बिलाल नाम का युवक, जो उनका मौसेरा भाई है, इस पूरे मामले में उनका सहयोगी माना जा रहा है. बिलाल मूल रूप से मुंबई का रहने वाला है, लेकिन वह भोपाल आकर अब्बास नगर स्थित घर में दोनों बहनों के साथ रहने लगा था. फिलहाल पुलिस को जानकारी मिली है कि वह मुंबई में मौजूद है। पीड़िताओं ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि अमरीन और आफरीन का गिरोह एमडी ड्रग्स की तस्करी से भी जुड़ा हुआ है। चंदन यादव अमरीन और आफरीन के साथ रहता था एफआईआर के अनुसार, चंदन यादव नाम का युवक सागर रॉयल विला में अमरीन और आफरीन के साथ रहता था. बताया गया है कि दोनों बहनों के संपर्क में आने के बाद उसने इस्लाम धर्म अपना लिया था. पीड़िताओं का कहना है कि अमरीन और आफरीन उन्हें गुजरात और मुंबई भी लेकर गई थीं, जहां उन्हें अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया. इतना ही नहीं, दोनों बहनें उन्हें शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं। कई लड़कियों को देह व्यापार में धकेला एफआईआर दर्ज कराने वाली दोनों पीड़िताओं का आरोप है कि आरोपी बहनें अब तक करीब पांच से सात लड़कियों को देह व्यापार में धकेल चुकी हैं. उनका तरीका भी लगभग एक जैसा होता था. सबसे पहले वे लड़कियों को बच्चे की देखभाल के नाम पर अपने घर में नौकरी पर रखती थीं. इसके बाद उन्हें अपने साथ घुमाने-फिराने ले जातीं और महंगी पार्टियों में भी शामिल कराती थीं. मौका मिलने पर चंदन, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा उनके साथ दुष्कर्म करते थे। पीड़िताओं का कहना है कि जब लड़कियां विरोध करतीं या शिकायत की बात करतीं तो उन्हें बदनामी का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता था. बाद में काम दिलाने के बहाने उन्हें अहमदाबाद भेज दिया जाता था, जहां यासिर नाम का व्यक्ति उन्हें स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। आफरीन फोन को लेकर भटका रही मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया है. तीनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया. जांच के दौरान पुलिस ने अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए, लेकिन आफरीन का फोन बरामद नहीं हो सका. वह फोन के बारे में पुलिस को लगातार भटकाती रही. आखिरकार रिमांड अवधि खत्म होने के बाद 26 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया. पुलिस की दो अलग-अलग टीमें फरार आरोपी यासिर, बिलाल और चानू की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।  

सीजन की पहली हीट वेव: MP में रतलाम, नर्मदापुरम और धार में लू, 14-15 मार्च को बारिश का अलर्ट

भोपाल  र्मी के इस सीजन में पहली बार मध्य प्रदेश में  हीट वेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रतलाम, धार और नर्मदापुरम में हीट वेव चलने की बात कही है। शुक्रवार को भी इन्हीं जिलों में लू चलेगी। बुधवार को सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री पर पहुंचा। रतलाम सबसे गर्म रहा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्मी ने तेवर दिखाए। तेज गर्मी के बीच 14 और 15 मार्च को प्रदेश में बारिश, बादल और गरज-चमक वाला मौसम भी रह सकता है। मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से दो दिन तक अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ी। 5 बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, ग्वालियर-उज्जैन में 37.7 डिग्री, भोपाल में 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री रहा। वहीं, रतलाम में पारा 40 डिग्री रहा। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में तापमान 37 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इस मार्च में पहली बार अधिकतम तापमान रहा। दूसरे सप्ताह से गर्मी के तेवर तीखे प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते से ही गर्मी के तेवर तीखे हैं। सबसे गर्म ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहर है। आने वाले दिनों में यही पर गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। 2 दिन इन जिलों में बदलेगा मौसम     14 मार्च– ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड।     15 मार्च– ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल। मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों‎ की मानें तो मार्च का यही मौसम ‎सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी‎ और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। ‎सुबह और देर रात ठंडी हवा से ‎बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और ‎बुजुर्गों को।‎ मार्च के दूसरे सप्ताह में पड़ती है गर्मी प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।

सेमीकंडक्टर मिशन को नई दिशा देगी आइसर की स्वदेशी तकनीक, फोटोमास्क और हार्ड मास्क का निर्माण होगा आसान

भोपाल भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) भोपाल के वैज्ञानिकों ने कम लागत और कम कार्बन उत्सर्जन वाली स्वदेशी माइक्रोफैब्रिकेशन तकनीक विकसित की है। यह तकनीक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण की जटिल और महंगी प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नवाचार से भारत में सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उत्पादन को नई गति मिल सकती है। साथ ही यह तकनीक बड़े उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स के लिए भी चिप निर्माण अनुसंधान को सुलभ बनाएगी। आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि     आइसर भोपाल के विद्युत अभियांत्रिकी और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. शांतनु तालुकदार और उनकी टीम ने कई वर्षों के शोध के बाद यह स्वदेशी तकनीक विकसित की है। उनकी टीम में डॉ. स्वप्नेंदु घोष और देबजीत डे सरकार भी शामिल रहे।     वैज्ञानिकों ने माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले फोटोमास्क और हार्ड मास्क के निर्माण के लिए नई विधि विकसित की है। इस शोध का प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय जर्नल “माइक्रो एंड नैनो इंजीनियरिंग” में भी किया गया है, जिससे इसकी वैश्विक स्तर पर भी सराहना हो रही है। माइक्रोफैब्रिकेशन प्रक्रिया होगी आसान     आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में फोटोमास्क और हार्ड मास्क की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इनकी सहायता से नैनोमीटर से लेकर माइक्रोन स्तर तक के सूक्ष्म पैटर्न चिप के सब्सट्रेट पर स्थानांतरित किए जाते हैं।     पारंपरिक तकनीक में इन मास्क को तैयार करने के लिए अत्यंत महंगे उपकरण, अत्याधुनिक लिथोग्राफी मशीनें, विशेष क्लीनरूम और कई प्रकार के खतरनाक रसायनों की आवश्यकता होती है।     यही कारण है कि भारत के कई शैक्षणिक और शोध संस्थानों के लिए इस क्षेत्र में कार्य करना चुनौतीपूर्ण रहा है। नई स्वदेशी तकनीक इन जटिलताओं को कम करते हुए कम संसाधनों में माइक्रोफैब्रिकेशन को संभव बना सकती है। क्रोमियम परत से बनाए जाते हैं सूक्ष्म पैटर्न     नई तकनीक में नैनोमीटर मोटाई की क्रोमियम धातु की परत का उपयोग किया जाता है। वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत नुकीले धातु प्रोब की सहायता से इलेक्ट्रोकेमिकल ऑक्सीकरण अभिक्रिया को बेहद सीमित क्षेत्र में नियंत्रित करने की विधि विकसित की है। इस प्रक्रिया में क्रोमियम की सतह पर सीधे पैटर्न बनाए जाते हैं।     वैज्ञानिक इसे इस तरह समझाते हैं जैसे कागज पर पेन से लिखकर आकृति बनाई जाती है। इसी सिद्धांत पर अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर चिप के लिए जरूरी डिजाइन तैयार किए जा सकते हैं। इस नवाचार से फोटोमास्क और हार्ड मास्क का निर्माण अपेक्षाकृत सरल और सस्ता हो जाता है। पर्यावरण के लिए भी लाभकारी तकनीक     इस नई विधि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अतिरिक्त रेजिस्ट परत, महंगे लिथोग्राफी उपकरण या खतरनाक रसायनों की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय जोखिम भी कम हो जाते हैं।     इसके अलावा यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन की दो प्रमुख प्रक्रियाओं—लिथोग्राफी और एचिंग—का एक साथ समाधान प्रस्तुत करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मौजूदा सेमीकंडक्टर निर्माण प्रणालियों के साथ भी आसानी से एकीकृत की जा सकती है। स्टार्टअप और संस्थानों के लिए नए अवसर     विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक माइक्रोफैब्रिकेशन अनुसंधान को बड़े उद्योगों और सीमित प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स तक पहुंचाने में सहायक होगी। इससे नवाचार की गति तेज होगी और भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत आधार मिलेगा। आइसर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास के अनुसार यह तकनीक उद्योगों के साथ साझा की जाएगी, ताकि बड़े पैमाने पर कम लागत में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण को बढ़ावा दिया जा सके। क्या होते हैं फोटोमास्क और हार्ड मास्क     फोटोमास्क एक पारदर्शी प्लेट होती है, जो आमतौर पर कांच या क्वार्ट्ज से बनाई जाती है। इसमें बहुत छोटे-छोटे पैटर्न बनाए जाते हैं, जिनकी मदद से फोटोलिथोग्राफी प्रक्रिया के दौरान चिप पर डिजाइन तैयार किया जाता है।     वहीं हार्ड मास्क एक मजबूत परत होती है, जो सिलिकॉन, ऑक्साइड या नाइट्राइड जैसे पदार्थों से बनाई जाती है। इसका उपयोग माइक्रोफैब्रिकेशन में संरचना को सुरक्षित रखते हुए पैटर्न ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। दोनों तकनीकों का उपयोग सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है। सेमीकंडक्टर का बढ़ता महत्व     सेमीकंडक्टर ऐसी सामग्री होती है जिसकी विद्युत चालकता धातुओं और इंसुलेटर के बीच होती है। यही विशेषता इसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर प्रोसेसर, मेमोरी चिप, ट्रांजिस्टर, डायोड, एलईडी और सोलर सेल जैसे उपकरणों में इसका व्यापक उपयोग होता है।     इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सेंसर, एयरबैग सिस्टम, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक में भी सेमीकंडक्टर का महत्वपूर्ण योगदान है। 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक प्रौद्योगिकी प्रकल्प भी इसी पर निर्भर हैं। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम     विशेषज्ञों के अनुसार आइसर भोपाल के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग शुरू होता है तो देश में चिप निर्माण की लागत कम हो सकती है और अनुसंधान संस्थानों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। इससे न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज करा सकेगा।  

मध्य प्रदेश में लौह अयस्क का बड़ा भंडार मिला, नीलामी शुरू, सरकार का खजाना होगा भरपूर

जबलपुर   मध्य प्रदेश के करीब 15 जिलों में छोटे-बड़े स्तर पर आरयन ओर (लौह अयस्क) के ब्लॉक के बीच जबलपुर से अच्छी खबर है। यहां तीन तहसील मझौली, सिहोरा और पनागर में चार जगह आयरन ओर का बड़ा ब्लॉक मिला है। इसका रकबा 1081 हेक्टेयर है। सबसे बड़ा 936 हेक्टेयर का ब्लॉक मझौली के दर्शनी में मिला है। यह पहला मौका है, जब इतने बड़े क्षेत्र में लौह अयस्क मिला है। जबलपुर व कटनी की वर्तमान खदानें 20 से 35 हेक्टेयर की हैं। यहां से चीन तक लौह अयस्क भेजा जा चुका है। अब नए ब्लॉक मिलने के बाद प्रदेश का राजकोष और मजबूत होगा। संचालक को भेजी गई रिपोर्ट आयरन ओर व मैग्नीज का रकबा मझौली, सिहोरा, पनागर तहसील के 14 गांवों में है। सिहोरा के झीटी और कोड़ामुकुर में 86 हेक्टेयर का ब्लॉक है। मझौली के खुड़ावल में आयरन ओर, लैटराइट व मैग्नीज का रकबा 11, पनागर के कटैया में दोनों खनिज 49 हेक्टेयर में फैले हैं। तीनों का रकबा 1000 हेक्टेयर है। नीलामी प्रक्रिया प्रशासन ने शुरू की है। फैक्ट फाइल – प्रदेश में जबलपुर आयरन ओर का सबसे बड़ा उत्पादक। – 03 साल पहले भी सिहोरा और पनागर में कुछ ब्लॉक मिले थे।  – इनमें 10 लाख टन से अधिक आयरन ओर होने का अनुमान। – अभी 42 छोटी-बड़ी खदानें, इनमें 35 आयरन ओर की हैं। मुख्यालय भेजी है रिपोर्ट जिले में 4 जगह आयरन ओर, मैग्नीज, लैटराइट का ब्लॉक मिला है। रकबा 1081 हेक्टेयर है। ब्लॉक क्षेत्र की भूमि सीमांकन किया जा रहा है। रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। -एके राय, खनिज अधिकारी जबलपुर

80 किमी लंबी हाईस्पीड सड़क से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा MP का शहर, योजना को मिली मंजूरी

उज्जैन मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन को जल्द ही देश के सबसे बड़े हाईस्पीड रोड नेटवर्क से सीधा कनेक्शन मिलने वाला है। केंद्र सरकार ने उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे जोड़ने के लिए नई सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 80.45 किमी लंबी सड़क बनने से महाकाल की नगरी तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3839 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ मेले से पहले इस कनेक्टिविटी को तैयार कर लिया जाए, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। 2025 में बना नेशनल हाईवे, अब तेजी से आगे बढ़ेगा काम इस मार्ग को मई 2025 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया था। इसके बाद 6 महीने में ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। अब भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक 17 मार्च तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। जबकि अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। परियोजना को 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी संकरी सड़क, एक्सप्रेस वे बनने पर होगी तेज रफ्तार फिलहाल जिस मार्ग से यह कनेक्टिविटी बनेगी, वहां कई हिस्सों में मार्ग की चौड़ाई करीब 5.5 मीटर है। यहां वाहन की रफ्तार 20-25 किमी प्रतिघंटा ही है। लेकिन नई सड़क 4 लेन होगी, इसके बनने के बाद वाहनों की रफ्तार 80-100 किमी प्रतिघंटा होगी। गुजरात, महाराष्ट्र से उज्जैन का सफर होगा आसान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जुड़ने के बाद गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन आने का रास्ता काफी छोटा हो जाएगा। वर्तमान में यहां के यात्रियों को उज्जैन आने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ता है। नई सड़क बनने के बाद श्रद्धालुओं, पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा होगा। उद्योगों को भी मिलेगा लाभ इस परियोजना से इंदौर, देवास, उज्जैन के साथ ही पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा होगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल परिवहन तेज होगा और लॉजिस्टिक लागत कम होने की उम्मीद भी नजर आ रही है।

13 मार्च को किसानों को मिलेगा 22वीं किस्त का भुगतान, यह किसान नहीं होंगे पात्र, जानें लेटेस्ट अपडेट

नई दिल्ली  देशभर के करोड़ों किसान जिस किस्त का इंतजार कर रहे थे, उसका समय अब करीब आ गया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों को मिलने वाली अगली राशि जल्द उनके खातों में पहुंचने वाली है. दरअसल पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल आर्थिक मदद दी जाती है। जिससे खेती से जुड़े छोटे खर्चों में राहत मिल सके. कई दिनों से यह चर्चा चल रही थी कि अगली किस्त कब जारी होगी. अब इस पर तस्वीर साफ हो गई है. सरकार के मुताबिक पात्र किसानों के बैंक खातों में 13 मार्च को 22वीं किस्त भेजी जाएगी. हालांकि हर बार की तरह इस बार भी कुछ किसान ऐसे होंगे जिनके खाते में पैसे नहीं पहुंचेंगे। कब खाते में आएंगे 2 हजार रुपये? काफी समय से किसानों के बीच यह सवाल चल रहा था कि अगली किस्त कब जारी होगी. पहले माना जा रहा था कि फरवरी के आखिर तक पैसे आ सकते हैं. फिर यह चर्चा भी हुई कि होली से पहले किस्त जारी हो सकती है. अब सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि 13 मार्च को किसानों के खातों में 2000 रुपये भेजे जाएंगे. यह पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है, इसलिए किसानों को कहीं जाने की जरूरत नहीं होती। किसान योजना में ऐसे मिलता है फायदा     हर साल किसानों को कुल 6000 रुपये की मदद मिलती है.     यह रकम तीन किस्तों में दी जाती है.     हर चार महीने में 2,000 रुपये खाते में भेजे जाते हैं.     अब तक किसानों को 21 किस्तें मिल चुकी हैं.     अब 22वीं किस्त जारी होने के बाद लाखों किसानों को एक बार फिर सीधी आर्थिक मदद मिलने वाली है. इन किसानों को नहीं मिलेंगे पैसे हालांकि सभी किसानों को इस बार किस्त का फायदा नहीं मिलेगा. कुछ जरूरी नियम पूरे न होने पर किस्त अटक सकती है. सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रक्रियाएं पूरी करना जरूरी है। अगर ये काम पूरे नहीं हैं तो पैसे रुक सकते हैं:     ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है.     फार्मर आईडी नहीं बनवाई है.     बैंक खाते की जानकारी गलत है.     आधार और बैंक अकाउंट लिंक नहीं है. इन कारणों से कई किसानों की किस्त रुक जाती है. इसलिए जिन किसानों ने अभी तक ये काम पूरे नहीं किए हैं. उन्हें जल्द से जल्द अपडेट कर लेना चाहिए। आपके खाते में पैसे आएंगे या नहीं किसानों के लिए यह जानना भी आसान है कि उनके खाते में किस्त आएगी या नहीं. इसके लिए ऑनलाइन स्टेटस चेक किया जा सकता है.स्टेटस चेक करने के लिए ये आसान तरीका अपनाएं। ऐसे चेक करें स्टेटस     पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.     Farmers Corner में Know Your Status ऑप्शन पर क्लिक करें.     अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा भरें.     इसके बाद स्क्रीन पर पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी. यहां से किसान यह भी देख सकते हैं कि उनका ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार बैंक सीडिंग पूरा है या नहीं. अगर पहले किसी वजह से किस्त रुक गई थी और अब सभी जरूरी काम पूरे कर दिए गए हैं. तो आगे आने वाली किस्त फिर से मिल सकती है।

“आज का राशिफल (13 मार्च 2026): किस राशि का चमकेगा सितारा, किसे रहें सतर्क रहने की सलाह

मेष मेष राशि वालों के मन में कोई नया और अलग काम करने का विचार आ सकता है। आप तुरंत उसपर काम करना चाहेंगे, लेकिन जल्दबाजी ना करें,बल्कि थोड़ा रुक जाएं। देखें कि जो कदम उठाने जा रहे हैं, वो भविष्य के लिए सही है या नहीं। कामकाज ठीक रहेगा। कोई भी काम ईमानदारी और अनुशासन से करेंगे तो आपको लंबे समय में बेहतर सफलता मिलेगी। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। वृषभ कामकाज के मामले में वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा दिन रहेगा। नई शुरुआत कर सकते हैं, लेकिन आपकी पुरानी आदतें आपको रोक सकती हैं। ऐसे में रिलैक्स वाले मूड से बाहर निकलें और कुछ नया करने की ट्राई करें। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। आज एक छोटा कदम भी आपको आगे बड़ी सफलता की ओर ले जा सकता है। सेहत का ध्यान रखें। पानी का सेवन खूब कर मिथुन मिथुन राशि वालों की जिम्मेदारी और काम दोनों बढ़ सकती है। हालांकि ज्यादा काम लेने से परेशानी हो सकती है। ऐसे में हर किसी को ‘हां’ कहने से बचें। एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें, इससे काम अच्छा होगा और तनाव भी कम रहेगा। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें। हल्की वॉक करें और खानपान का ध्यान रखें। फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। कर्क कर्क राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रहेगा। कामकाज में बढ़ोतरी हो सकती है। अचानक से धन की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि आज कोई पुराना सपना या लक्ष्य फिर से याद आ सकता है। उसमें धीरे-धीरे फिर से काम शुरू करें। छोटे कदम उठाने से धीरे-धीरे आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। निवेश करने से पहले पूरी जानकारी हासिल कर लें। सिंह सिंह राशि वाले आज जल्दी परिणाम पाने की इच्छा को थोड़ा रोकें। धैर्य और अनुशासन से काम करेंगे, तो आगे अच्छा फायदा मिलेगा। बड़ी सोच रखें और सही समय का इंतजार करें। सेहत सामान्य रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी बात हो, उसे खुलकर कहें। कन्या कन्या राशि वाले हर काम को बिल्कुल परफेक्ट बनाने की चिंता न करें। पहले काम पूरा करें, बाद में सुधार किया जा सकता है। काम को सरल तरीके से करेंगे तो ज्यादा काम कर पाएंगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि हो सकती है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले उसके बारे में अच्छी तरीके से जान लें। सेहत से कोई लापरवाही ना करें। तुला तुला राशि वालों को साफ और मजबूत फैसला लेना होगा। हर बात में बीच का रास्ता न अपनाएं। आपकी स्पष्ट बात और आत्मविश्वास से लोग आपका सम्मान करेंगे। परिवार से राय लेने में कोई हर्ज नहीं है। पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। धन के मामले में जल्दबाजी ना करें। धनु धनु राशि वाले नई सोच के साथ नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आप उस काम या पढ़ाई को फिर से शुरू कर सकते हैं, जिसे आपने बीच में ही छोड़ दिया था। खर्चों पर ध्यान दें। थोड़ी-थोड़ी बचत भविष्य में काम काएंगी। कामकाज के मामलों में आपकी तारीफ होगी। शुभ समाचार मिल सकता है। हालांकि सेहत का ध्यान रखें। हल्की वॉक या मेडिटेशन से दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों को हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। कई बार चुप रहकर स्थिति को समझना बेहतर होता है। ध्यान से सुनेंगे तो सही फैसला ले पाएंगे। रिलेशनशिप की बात करें, तो पार्टनर के सामने अपनी बातें खुलकर रखें और उनकी भी सुनें। उन्हें थोड़ा समय दें। इससे रिश्ता और भी मजबूत होता है। सेहत का ध्यान रखें। काम के बीच में ब्रेक लेते रहें, वरना तनाव हो सकता है। रात में मोबाइल देर तर ना चलाएं। मकर मकर राशि वाले जातकों के लिए कुछ अचानक बदलाव हो सकते हैं, इसलिए अपने प्लान में थोड़ा लचीलापन रखें। अगर आप परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालेंगे तो दिन आसानी से निकल जाएगा। कुंभ कुंभ राशि वालों को कुछ चीजें स्पष्ट कर लेना ही उचित है। क्योंकि सिर्फ नए आइडिया सोचने से काम नहीं चलेगा, उन्हें पूरा करना भी जरूरी है। अपने विचारों को काम में बदलने की कोशिश करें। मेहनत से ही अच्छे परिणाम मिलेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। सेहत का ख्याल रखें। मीन मीन राशि वालों को आज काम से बचने की कोशिश करने से परेशानी बढ़ सकती है। बेहतर है कि अपने जरूरी काम समय पर पूरे कर लें। इससे बाद में आप आराम से अपना समय बिता पाएंगे। शाम में हल्की सैर करें और समय पर खाना खाएं। बाहर के खाने को अवॉइड करें।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा : अवनीश अवस्थी

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से आज लखनऊ में नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इसमें सरकार, उद्योग, बैंकिंग, शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। समिट में भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कार्यबल को तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिट में विशिष्ट अतिथि के  रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केंद्रों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक मंडल में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों तथा बैंकरों की एक समिति गठित करने का सुझाव दिया गया, जो प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपने सिंगापुर और जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा है। साथ ही उन्होंने सभी कौशल केंद्रों की जानकारी, पाठ्यक्रम, छात्रों की संख्या, प्रमाणपत्र और रोजगार की संभावनाओं से संबंधित विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की सलाह भी दी। समिट के दौरान प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में लागू करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को राज्य कौशल योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण भागीदारों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है और एक डिजिटल लर्निंग पोर्टल भी विकसित किया गया है, जहां युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 30 से अधिक क्षेत्रों और लगभग 500 जॉब रोल में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। समिट के दौरान उद्योग, शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी कौशल विकास, रोजगार सृजन और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डिजिटल लर्निंग पत्रिका के नए संस्करण का विमोचन भी किया गया।

राहुल गांधी ने संसद में उठाया LPG-तेल संकट, एपस्टीन का नाम लेते ही सदन में हंगामा

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से पैदा हुए तेल और एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह तो बस अभी शुरुआत है। इसका बहुत बुरा असर होगा। राहुल गांधी ने एपस्टीन का भी जिक्र किया, जिसके बाद हंगामा मच गया। राहुल गांधी ने कहा, ”मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान जंग में हैं। इस जंग के बहुत बड़े नतीजे होंगे। सेंट्रल रास्ता, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल बहता है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, बंद हो गया है। इसका बहुत बुरा असर होगा, खासकर हम पर, क्योंकि हमारे तेल और नैचुरल गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आता है। दर्द तो अभी शुरू हुआ है। रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर बहुत ज़्यादा पैनिक है…यह तो बस शुरुआत है।”  

ग्वालियर के शबरी माता मंदिर घाटीगाँव में होगा लाड़ली बहना सम्मेलन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर घाटीगाँव में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। यह राशि योजना की 34वीं किश्त के रूप में बहनों को प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे अंतरित की गई है। प्रदेश सरकार अब योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इन कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन व लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण और लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया जायेगा उनमें लगभग 40 करोड़ की लागत से सांदिपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ की लागत से डाडा खिरक तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर नव निर्मित उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्र बन्हेरी तथा ग्वालियर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में नव निर्मित सड़कें शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिन कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे उनमें आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ की लागत से बनने जा रहे 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह एवं 12.16 करोड़ की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न सड़कें, आयुर्वेदिक महाविद्यालय में एनाटॉमी विभाग के लिए बनने जा रहे हॉल, छात्रावास व भितरवार में लगभग 4 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नवीन शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण शामिल है।  

‘बुमराह को किसी भी टीम में रख दो, ट्रॉफी पक्की’ – मेसी-रोनाल्डो से तुलना कर वॉन ने की बड़ी तारीफ

नई दिल्ली इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर स्टार जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाजों को देखा है, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। वॉन ने बुमराह की तुलना महान फुटबॉलरों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो से की है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप के सुपर स्टार जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाजों को देखा है, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। उन्हें वर्ल्ड कप की किसी भी टीम में रख दीजिए, वह उसे अकेले चैंपियन बना सकते हैं। वॉन ने बुमराह की तुलना महान फुटबॉलरों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानों रोनाल्डो से की है। जसप्रीत बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ कभी न भूला पाने वाला प्रदर्शन किया। वह टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट में 4 विकेट हॉल लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बन गए हैं और वो भी सिर्फ 5.66 की इकॉनमी रेट के साथ। फाइनल के वह प्लेयर ऑफ द मैच रहे, लेकिन सेमीफाइनल में भी उन्होंने कसी गेंदबाजी की। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में बुमराह के आखिरी दो ओवर निर्णायक साबित हुए थे। माइकल वॉन ने स्वीकार किया कि उन्होंने अब तक जितने भी गेंदबाज देखे हैं, उनमें बुमराह बेस्ट हैं। वॉन ने कहा, ‘जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड की टीम में रख दीजिए, वह इसे जिता देंगे।’ उनके साथ बैठे इंग्लैंड के क्रिकेटर मार्क बुचर ने भी इस पर सहमति जताई। बुचर ने कहा, ‘हां, आप उन्हें किसी भी टीम रख दीजिए, वह आपको जिता देंगे।’ इस पर वॉन ने कहा, ‘बिलकुल। वह शायद लियोनेल मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह के खिलाड़ी हैं।’ इस दौरान डेविड लॉयड ने वॉन को टोकते हुए पूछा, ‘क्या आप ये कह रहे हैं कि आपने अब तक जितने भी गेंदबाज देखे, उनमें वह बेस्ट है?’ इस पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने अपनी बात दोहराते हुए फिर कहा, ‘हां, वह है। मैंने 1985 से क्रिकेट देखना और समझना शुरू किया और तब से मैंने जिनको भी देखा उनमें वह बेस्ट हैं।’ हालांकि इंग्लैंड के ही एक और पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कूक इस बात पर सहमत नहीं नजर आए कि बुमराह सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं। कूक ने ये तो माना कि बुमराह हर फॉर्मेट में मौजूदा पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं लेकिन इस पर सवालिया निशान लगाया कि क्या उन्होंने वाकई टेस्ट क्रिकेट में कोई निर्णायक और मैच विजेता स्पेल फेंका है। एलेस्टेयर कूक ने सवाल उठाया, ‘क्या वह टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले स्पेल फेंकने के लिहाज से बेस्ट हैं? बिना किसी शक-सुबहा के वह फिलहाल हर फॉर्मेट के बेस्ट बोलर हैं, मैं मानता हूं। आप मोटे तौर पर यह कह सकते हैं। लेकिन क्या वह किसी टेस्ट में 15 रन देकर 8 विकेट जैसे स्पेल फेंके हैं या वह उस तरह के गेंदबाज हैं?’ इस पर वॉन ने जवाब दिया, ‘मैंने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में ऐसा करते देखा है। कुछ स्पेल अलग रहे हैं और वो भी सपाच पिचों पर।’  

मुख्यमंत्री का निर्देश, खाद्य एवं रसद विभाग बनाये कंट्रोल रूम, हर जिले की हो 24×7 मॉनीटरिंग

तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, रसोई गैस आपूर्ति-वितरण की समीक्षा की घबराहट न फैलने दें और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करें: मुख्यमंत्री प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित,  विकल्प के रूप में जरूरत पर होगा वितरण एलपीजी वितरक सेंटरों पर होगी पुलिसकर्मियों की तैनाती, व्यवस्था बनाये रखने में करेंगे सहयोग लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रसोई गैस (एलपीजी) की निर्बाध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बनने दी जाए तथा आमजन को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की वर्तमान मांग और आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए तथा जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना कि अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसे विकल्प के रूप में रखा जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, होटलों तथा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले की स्थिति की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के स्थानीय प्रतिनिधि आपसी समन्वय से एलपीजी की समुचित आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करायें।

‘जो कर्ज देगा, पाकिस्तान उसका?’ संकट के बीच सऊदी अरब पहुंचे शहबाज शरीफ

इस्लामाबाद पाकिस्तान अकसर इस्लामिक एकता की बातें करता है। अब जबकि ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमले किए हैं तो इस संघर्ष में सऊदी अरब भी अमेरिकी पाले में है। ऐसे हालात में पाकिस्तान ने इस्लामिक एकता की कोई दुहाई नहीं दी है और सीधे तौर पर सऊदी अरब के साथ दिख रहा है। यहां उसने ना तो सऊदी अरब को इस्लामिक एकता की सीख दी और ना ही ईरान से समझौते की अपील की। उसने सीधे तौर पर सऊदी अरब का साथ दिया है और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ खुद ही इस्लामिक मुल्क पहुंच गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा चिंता पर बात की थी। उसके इस रुख को लेकर माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने सिर्फ अपने कर्ज के हित को देखते हुए सऊदी अरब का साथ दिया है। इसके अलावा शिया और सुन्नी वाला विवाद भी अहम है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि वह शिया मुल्क ईरान के साथ बहुत ज्यादा दिखे, जबकि सुन्नी देश सऊदी अरब के साथ रहना आंतरिक राजनीति में भी फायदा देगा। फिर सऊदी अरब से मोटा कर्ज पाकिस्तान को मिलता रहा है और बदहाली के दौर में ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी भी उसे मिलती रही है। बदले में पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों की धौंस दिखाते हुए सऊदी अरब को सुरक्षा की गारंटी देने के प्रयास किए हैं। बीते साल दोनों देशों का एक डिफेंस समझौता भी हुआ था। इसमें सऊदी अरब और पाकिस्तान ने तय किया था कि किसी एक मुल्क पर हमला दोनों पर माना जाएगा और मिलकर लड़ेंगे। अब मुश्किल यह है कि सऊदी अरब पर वह ईरान हमले कर रहा है, जो खुद एक इस्लामिक देश है। पाकिस्तान के लिए मुसीबत यह है कि फंड उसे सऊदी अरब से मिलता है, जबकि पड़ोस में ईरान है। यदि पाकिस्तान ने सऊदी अरब से ज्यादा नजदीकी बढ़ाई तो फिर बलूचिस्तान में ईरान भी मुश्किलें बढ़ा सकता है। बलूचिस्तान एक सांस्कृतिक इकाई है, जिसका एक बड़ा हिस्सा ईरान में भी लगता है। ऐसे में यहां के पेच हमेशा उसके पास रहे हैं और वह कभी भी पाकिस्तान की परेशानी बढ़ा सकता है। पाक पीएम के प्रवक्ता ने कहा- हम सऊदी अरब के साथ बता दें कि एक दिन पहले ही पाकिस्तानी पीएम के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा था कि सऊदी अरब को जहां भी जरूरत होगी, हम खड़े मिलेंगे। इस बीच शहबाज शरीफ खुद ही सऊदी अरब निकले हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि वह मोहम्मद बिन सलमान के निमंत्रण पर पहुंचे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय अशांति, अस्थिरता और ईरान के रुख को लेकर बात हो सकती है। शहबाज शरीफ सिर्फ एक दिन की विजिट पर ही सऊदी अरब पहुंचे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि शायद कोई अहम बात करने के लिए वह निकले हैं।  

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