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अलीगढ़ में हिंदू लड़की-मुस्लिम लड़का की शादी पर जमकर बवाल, रद्द किया गया आशीर्वाद समारोह

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ जिले में हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के की शादी के बाद होने वाला आशीर्वाद समारोह विरोध के बीच रद्द कर दिया गया है। दरअसल, समारोह का डिजिटल कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया। कार्ड में युवती के साथ गैर समुदाय के युवक का नाम देखा तो तमाम हिंदू संगठनों से जुड़े लोग इसके विरोध में आ गए। पुलिस के अनुसार, शहर के एक हिन्दू कारोबारी परिवार की युवती ने मुस्लिम लड़के से मार्च माह में शादी कर ली है। चूंकि दोनों विदेश में साथ रहते हैं और वहीं जॉब करते हैं। अब दोनों परिवार इस शादी के बाद आशीर्वाद समारोह करने जा रहे थे। जिसे लेकर लड़की पक्ष ने 21 दिसंबर को होटल में कार्यक्रम तय कर निमंत्रण वितरण शुरू कर दिया। कार्ड बंटने के साथ जब युवती के साथ मुस्लिम लड़के का नाम देखा तो तमाम हिंदू संगठनों से जुड़े लोग इसके विरोध में आ गए। सोशल मीडिया पर कार्ड के साथ विरोध संबंधी पोस्ट वायरल होने लगीं। सीधी चेतावनी दी गई कि शहर में सार्वजनिक तौर पर इस तरह का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। आयोजन स्थल पर पहुंचकर विरोध करने तक की चेतावनी दी गई। पुलिस को पता चला कि दोनों बचपन से साथ पढ़े और दोनों में रिश्तों के बाद बात अब शादी तक पहुंची है। मार्च निकालकर दिया ज्ञापन, नहीं होने देंगे आयोजन हिंदू संगठन के तमाम पदाधिकारियों ने जवाहर पार्क से मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा। कलेक्ट्रेटमें ज्ञापन देने के दौरान पूर्व महापौर शकुंतला भारती ने कहा कि यह प्रोग्राम किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि हिंदू संगठनों की ओर से दिए गए ज्ञापन को संज्ञान लिया जा रहा है। हर स्थिति पर नजर रखते हुए जानकारी जुटाई जा रही है। ई कार्ड भेजकर दी जा रही अतिथियों को जानकारी शुक्रवार को युवती परिवार की ओर से आयोजन स्थगित किए जाने संबंधी एक ई-कार्ड अपने परिचितों को भेजा जाने लगा। जो दोपहर तक वायरल हो गया। सीओ द्वितीय संजीव तौमर के अनुसार इस मामले में बृहस्पतिवार से ही नजर रखी जा रही है। यह बात सही है कि सोशल मीडिया के जरिये ही अब आयोजन स्थगित किए जाने संबंधी जानकारी मिली है। फिर भी ध्यान रखा जा रहा है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, उनसे भी वार्ता जारी है। अब ये जारी हुआ संदेश हमें आपको यह बताते हुए खेद है कि 21 दिसंबर 2024 को जीटी रोड के होटल में हमारा कार्यक्रम अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण रद्द कर दिया गया है। हम किसी भी असुविधा के लिए अपनी गहरी माफी मांगते हैं।

कनावनी में बसी अवैध झुग्गियों में अचानक आग लगी, कई सिलेंडर हुए ब्लास्ट, फायर ब्रिगेड काबू पाने में जुटी

गाजियाबाद गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में कनावनी पुलिया के पास झुग्गियों में शनिवार को भीषण आग लग गई। इसके बाद वहां एक के बाद एक कई सिलेंडर ब्लास्ट हुए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आग पर लगातार काबू पाने में जुटी हुई है। इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई भी जानकारी नहीं मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के ग्राम कनावनी में बसी अवैध झुग्गियों में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है पहले यह आग एक झुग्गी में लगी और उसके बाद धीरे-धीरे यह सभी झुग्गियों में तेजी से फैलने लगी। आसपास में रह रहे झुग्गियों के लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। फायर विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद है और आसपास के लोगों से उस जगह को खाली करा लिया गया है। आग काफी भीषण थी। झुग्गियों में रह रहे लोग अपना सामान किसी तरह से झुग्गियों से बाहर निकल कर भागते दिखाई दिए। आग लगने के दौरान झुग्गियों में रखे सिलेंडर में हो रहे ब्लास्ट से आसपास के इलाकों में आवाज पहुंचने से लोग में दहशत का माहौल बन गया है। फायर विभाग के अधिकारियों ने आसपास के अन्य फायर स्टेशनों से भी दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया है। सूचना मिलने ही मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए हैं। अग्निशमन विभाग के द्वारा आग बुझाने की कवायद तेजी से की जा रही है। दमकल विभाग की तरफ से मौके पर पहुंची कई गाड़ियां आग को चारों तरफ से घेर कर उस पर काबू पाने में जुटी हुई हैं। कोशिश यह की जा रही है कि आग आगे न फैल सके। आग बुझाने के बाद स्थानीय पुलिस के जरिए आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।  

मेरठ एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में बदमाश सोनू मटका ढेर, दिल्ली डबल मर्डर केस में था वांटेड

 मेरठ मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां मेरठ एसटीएफ और दिल्ली स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डबल मर्डर में वांटेड अनिल उर्फ सोनू मटका को मुठभेड़ में मार गिराया है। अधिकारी ने बताया कि शनिवार तड़के सुबह एसटीएफ टीम की सोनू के साथ मुठभेड़ हो गई। इसमें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी शामिल थी। गोलीबारी के दौरान एक गोली सोनू को लग गई। पुलिस घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। बता दें कि सोनू मटका पर 50 हजार रुपये का इनाम था। दिल्ली में डबल मर्डर की वारदात को दिया था अंजाम सोनू मटका ने दिवाली के दिन दिल्ली के शाहदरा में रहने वाले एक कारोबारी परिवार के चाचा और भतीजे की हत्या की थी। वारदात के बाद से आरोपी फरार था और दिल्ली पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय की तलाश के बाद शुक्रवार रात उसकी लोकेशन मेरठ में मिली। उसकी लोकेशन के आधार पर दिल्ली स्पेशल सेल ने मेरठ एसटीएफ के साथ मिलकर ये ऑपरेशन प्लान किया। सोनू मटका के पास से STF को एक पिस्टल 30 बोर, एक पिस्टल 32 बोर, 10 जिंदा कारतूस, बाइक बरामद हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनू हाशिम बाबा गैंग का शूटर था। उस पर करीब 12 हत्या और डकैती के मुकदमे दिल्ली और यूपी में दर्ज थे। सोनू पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम भी रखा था। नाम बदलकर रह रहा था आरोपी दिल्ली पुलिस 29 नवंबर को सोनू की तलाश में मेरठ पहुंची थी। पता चला था कि वह अपेक्स सिटी में दीपक जाट के नाम से रह रहा था। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह फरार हो गया था। एसटीएफ मेरठ के एसपी बृजेश सिंह ने बताया कि दिल्ली का कुख्यात गैंगेस्टर सोनू मटका था। दिल्ली की स्पेशल टीम इसके पीछे पड़ी थी। एक सूचना पर दिल्ली की स्पेशल टीम ने मेरठ एसटीएफ से संपर्क किया। शनिवार सुबह पौने 8 बजे मुठभेड़ हुई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।

महाकुंभ की नई ड्रेस में नजर आएंगे यूपी रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर, सबके खाते में आए इतने रुपये, परिवहन निगम ने भेजी राशि

आजमगढ़ प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम भी जोर शोर से जुटा हुआ है। महाकुंभ में इस बार रोडवेज के चालक और परिचालक नए ड्रेस में नजर आएंगे। निगम की ओर से चालकों और परिचालकों के खाते में ड्रेस की राशि भेज दी गई है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात बस डिपो के करीब 1, 237 चालक और परिचालक के खाते में 1,800 रुपये प्रति दर से 22 लाख,26 हजार 600 रुपये भेज दिया गया है गई है। सभी चालकों को कुंभ से पहले नई ड्रेस सिलवा लेना है। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार ड्रेस में नाम और मोबाइल नंबर की प्लेट भी लगेगी। चालक खाकी और परिचालक स्लेटी रंग के ड्रेस में नजर आएंगे। 1237 कर्मियों में से 121 निगम के चालक 129 परिचालक हैं। इसके अलावा संविदा पर 508 चालक, 479 परिचालक शामिल हैं जिन्हें ड्रेस सिलाने की राशि भेजी गई है। महाकुंभ में मुख्यालय से मिलेंगी और 114 नई बसें महाकुंभ में इस बार पर्यावरण प्रदूषण को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है। आजमगढ़ परिक्षेत्र के सात डिपो से महाकुंभ तक जाने वाली बसें बीएस-6 मॉडल की होंंगी। इसके अलावा इसमें कई तरह की यात्री सुविधाएं होंगी, जिसमें व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस), महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और हर सीट पर मोबाइल चार्जर सॉकेट होगा। परिवहन मुख्यालय से 114 नई बीएस-6 मॉडल की बसें दिसंबर के आखिरी सप्ताह या जनवरी फर्स्ट वीक में आजमगढ़ परिक्षेत्र में पहुंच जाएंगी, जबकि परिक्षेत्र में इस मॉडल की 155 बसें पहले से ही उपलब्ध हैं। कुल 270 बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाना है। श्रद्धालुओं को प्रयागराज आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल निगम की ओर से रखा जा रहा है। इन डिपो से होगा बसों का संचालन आजमगढ़ क्षेत्र परिक्षेत्र में कुल सात डिपो आते हैं, जिसमें आजमगढ़ डिपो, डाॅ. अंबेडकर डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा डिपो, दोहरीघाट डिपो, मऊ डिपो व व शाहगंज डिपो शामिल है।

भाजपा नेता ताबिश असगर ने हिन्दू लड़की से विशाल बनकर शादी की थी, लगा था लव जिहाद का आरोप, पार्टी से निकाला

अमरोहा भाजपा ने 6 मुस्लिम नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। हालही में भाजपा नेता ताबिश असगर पर लव जिहाद करने का आरोप लगा था। नोएडा में हिन्दू लड़की से विशाल बनकर शादी की थी। जिसके बाद भाजपा ने पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप लगाकर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।  आपको बता दें कि अमरोहा जिले में भाजपा नेता ही लव जिहाद का परचम लहराता दिखाई दिया था। दरअसल, यहां पर एक भारतीय जनता पार्टी का मुस्लिम नेता नाम बदलकर एक हिंदू लड़की से शादी कर लिया। जब लड़की के सामने उसके पति की असलियत सामने आई तो वह लड़की का धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बनाने लगा। आरोप है कि लड़की के गर्भवती होने के बाद जबरन गर्भपात भी कराया और उसे पहाड़ से धक्का देकर जान से मारने की कोशिश भी की। आरोपी मुस्लिम भाजपा नेता ताबिश अल्पसंख्यक मोर्चा का सदस्य है। पूर्व जिला संयोजक और नामित सभासद भी रह चुका है। फिलहाल लड़की की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने भाजपा नेता ताबिश असरार को 4 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसका खुलासा पुलिस ने रविवार शाम को किया। जानिए क्या कैसे फेंका था प्यार का जाल? इस मामले को लेकर पीड़ित लड़की ने बताया कि आरोपी तबिश से उसकी जान पहचान 4 साल पहले हुई थी। फेसबुक प्रोफाइल पर उसका नाम विशाल राणा था। पहले चैट पर बातचीत हुई। उसने बताया कि वह अमरोहा का रहने वाला है और राजपूत जाति से आता है। मैं भी उसकी बातों में आ गई। फिर हम मिलने लगे। धीरे-धीरे हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे। शादी का प्लान बना लिया। 20 दिसंबर, 2021 को मेरी और विशाल की सगाई हुई। इसके बाद हम दोनों नोएडा में साथ रहने लगे। मुस्लिम होने के बाद भी हिंदू रीति-रिवाज से किया शादी पीड़िता के अनुसार, तबिश ने मुस्लिम होने के बाद भी 22 फरवरी, 2023 को गाजियाबाद के एक मैरिज हॉल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की।  शादी के 3 महीने बाद विशाल ने मुझसे कोर्ट मैरिज करने लिए कहा। मैं विशाल के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट गई। वहां डॉक्यूमेंट पर सिग्नेचर करने के दौरान मुझे पता चला कि विशाल का असली नाम ताबिश असरार है, जो कि अमरोहा के गुला तालाब मोहल्ले का रहने वाला है। यह देखकर मैं हैरान रह गई। थोड़ी देर चुप रही। इसके बाद ताबिश से इसे बारे में पूछा, तो उसने डांटकर मुझे चुप करा दिया। मुझे पर इस्लाम कबूल करने के दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर जान से मारने की धमकी भी देने लगा। जबरन कराया था गर्भपात फरवरी, 2024 में मैं प्रेग्नेंट हुई तो ताबिश ने जबरन गर्भपात भी करवा दिया। इससे परेशान होकर मैं मायके में रहने लगी। थोड़े दिन बाद ताबिश मायके आया। मिन्नतें कर मुझे वापस नोएडा ले आया। फिलहाल इस मामले में  पुलिस ने ताबिश के खिलाफ धारा 323, 313, 506 और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है।

अखिलेश यादव ने कहा- किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता

नई दिल्ली अखिलेश यादव ने लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान अतीक अहमद के पुलिस सुरक्षा में मारे जाने का सवाल उठाया तो मस्जिद, मंदिर और जाति जनगणना के मुद्दों पर भी बात की। अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन और दैहिक स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता। यह मौलिक अधिकार है, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो यही छीना जा रहा है। फर्जी मुठभेड़ों में कत्ल हो रहा है और पुलिस की अभिरक्षा में लोग मारे जा रहे हैं। यूपी में ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे गए। यूपी में हर दिन ऐसा हो रहा है। टीवी पर चलते हुए जान ले ली गई। हमारा प्रदेश हिरासत में मौतों के मामले में सबसे आगे जा रहा है। यूपी के पूर्व सीएम ने कहा कि ईडी का ऐसा कानून है कि बिना किसी नोटिस के ही लोग गिरफ्तार हो रहे हैं। इसके अलावा जाति जनगणना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि जाति जनगणना कराना चाहें तो करा लें। मैं तो कहता हूं कि आप चाहें तो करा लें, वरना हमें जब भी मौका मिलेगा तो हम कराएंगे। आउटसोर्सिंग से नौकरियां दी जा रही हैं। आरक्षण खत्म हो रहा है। कुलपति और प्रोफेसर नियुक्त करने में NFS लिख दिया जाता है यानी कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला। यदि सारे वीसी, प्रोफेसर की सूची जारी कर दी जाए तो बात साफ हो जाएगी कि 10 फीसदी लोगों का ही ख्याल रखा जा रहा है। 90 फीसदी लोगों की कोई चिंता नहीं हो रही है। जाति जनगणना से भेदभाव नहीं बढ़ेगा बल्कि जातियों के बीच दूरियां कम होंगी। ऐसे लोगों को न्याय और सम्मान मिलेगा, जो अब तक इससे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि देश में 2014 के बाद से असमानता तेजी से बढ़ी है। 140 करोड़ लोगों में से 82 करोड़ तो सरकारी राशन से जिंदा हैं। सरकार कहती है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है तो मेरा सवाल है कि कैसे 82 करोड़ सरकारी राशन पर जिंदा हैं और कैसे कुछ लोगों के पास इतनी बड़ी दौलत है। यदि आपकी अर्थव्यवस्था ऊंचाई पर जा रही है तो हमारे जो 60 फीसदी गरीब लोग हैं, उनकी प्रति व्यक्ति क्या है। इसके आंकड़े भी तो सरकार को देने चाहिए। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि 5 फीसदी लोगों के पास कितनी कमाई है। राज्य की निगाह में सभी धर्म समान हैं। हमारा सेकुलरिज्म समानता की बात करता है, लेकिन क्या सरकार इस पर अमल कर रही है। देश के 20 करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यकों और खासतौर पर मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है। उनके घर तोड़े जा रहे हैं और हत्याएं की जा रही हैं। प्रशासन की मदद से उनके धर्मस्थलों को कब्जा किया जा रहा है। हमने देखा है कि यूपी में इस तरह की घटनाएं जानबूझकर की गईं। मुझे याद है कि जब उत्तर प्रदेश में चुनाव चल रहा था को बहुत से लोगों को वोट के अधिकार से रोका गया। ऐसे इंतजाम किए गए थे कि लोग वोट डालने के लिए बूथ तक न पहुंच जाएं। पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे यूपी में एक अधिकारी पिस्तौल दिखाकर महिलाओं को वोट डालने से रोकता है। क्या यही लोकतांत्रिक गणराज्य है। अखिलेश यादव ने कहा कि हिटलर ने भी तो लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने के बाद संविधान बदला था और तानाशाही लागू कर दी थी। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक, आर्थिक न्याय दिलाने की बात है। लेकिन ऐसा क्या है। आर्थिक न्याय के बिना कुछ भी संभव नहीं है। धन्नासेठों की सरकार बड़े पैमाने पर पैसे खर्च करके सत्ता में आ जाती है। इससे राजनीतिक न्याय भी छिन जा रहा है। आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ देशद्रोह है। आज उपासना में भी दिक्कत है क्योंकि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजा जा रहा है। आज एक ही कानून कुछ लोगों के लिए अलग है। यदि सत्ता पक्ष का आदमी गेरूआ गमछा पहनकर गाली दे तो जी हुजूरी। दूसरा व्यक्ति न्याय मांगने जाए तो लाठी मिलती है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को नए साल का तोहफा, 31 दिसंबर से शुरू होंगे म्यूचुअल ट्रांसफर

  लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को नए साल का तोहफा दिया है! छह महीने में दूसरी बार म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. बेसिक शिक्षा परिषद ने सर्दी की छुट्टियों में एक से दूसरे जिले में पारस्परिक स्थानान्तरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं. यह छह महीने में दूसरी बार होगा जब शिक्षकों को अंतरजनपदीय म्यूचुअल ट्रांसफर का अवसर मिलेगा. 31 दिसंबर से शुरू होगा म्यूचुअल ट्रांसफर शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार, गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में तबादले का प्रावधान है. इस बार भी जिले से जिले की बजाय स्कूल से स्कूल में स्थानान्तरण की योजना है. यह प्रक्रिया 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश में पूरी की जाएगी. जून में हुआ था 2700 से ज्यादा शिक्षकों का ट्रांसफर इससे पहले इसी साल गर्मी की छुट्टियों में 19 जून को 2796 परिषदीय शिक्षकों (1398 जोड़े) का तबादला हुआ था. हालांकि, तबादले का शासनादेश दो जून 2023 को जारी हुआ था, लेकिन कानूनी अड़चन के कारण शिक्षकों को सालभर इंतजार करना पड़ा था. परिषद ने शासन को भेजा प्रस्ताव स्थानान्तरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद से बड़ी संख्या में शिक्षक फिर से तबादला करने का अनुरोध कर रहे हैं. बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है. सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी का कहना है कि शासन से अनुमति मिलने पर सर्दी की छुट्टियों में अंतरजनपदीय पारस्परिक तबादले की प्रक्रिया की जाएगी.  

झांसी में मुफ्ती खालिद पूछताछ के बाद छोड़ा, टीम पर हमला करने वाले 110 लोगों पर ऐक्शन

झांसी झांसी में एनआईए व एटीएस की संयुक्त कार्यवाही के दौरान पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए मुफ्ती मोहमद खालिद को एनआईए ने छोड़ा दिया। वहीं घर में छापेमारी और पूछताछ के लिए हिरासत में ले जाने पर समर्थकों द्वारा धक्का मुक्की कर मुफ्ती को छुड़ाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस सभी टीम पर हमला करने का आरोप है। विदेशी फंडिंग के मामले में मुफ्ती मोहम्मद खालिद के घर गुरुवार तड़के सुबह एनआईए व एटीएस ने छापामारी की थी। पूछताछ कर जांच में मिले दस्तावेज जब्त कर जांच एजेंसियां खालिद को हिरासत में लेकर जा रही थी। इसी दौरान मोहल्ले वासियों के साथ समर्थकों ने जांच एजेंसी को घेरकर धक्का मुक्की कर खालिद को छुड़ाकर मस्जिद के अंदर ले गई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिलाओं सहित 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि महिलाओं सहित 110 लोगों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

प्रयागराज पहुंचे पीएम मोदी, सीएम योगी ने किया अभिनंदन

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ से पहले पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यहां पहुंचे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। सीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरा पर प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन है। सीएम ने लिखा कि महाकुंभ भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है। महाकुंभ-2025 के लिए मिल रही आपकी सौगातों से प्रदेश की विकास एवं समृद्धि की यात्रा को और गति मिलेगी। लिखा कि आपके नेतृत्व में स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और डिजिटल महाकुंभ 2025 के भव्य-दिव्य आयोजन हेतु हम संकल्पित हैं। दरअसल प्रयागराज पहुंचने पर पीएम मोगी ने एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि  आस्था के महाकुंभ को दिव्य-भव्य बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं को हर सुविधा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। प्रयागराज में दर्शन-पूजन के बाद महाकुंभ से जुड़े विकास कार्यों का जायजा लूंगा। इस दौरान कई प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण का भी सौभाग्य मिलेगा। इसे सीएम योगी ने रीपोस्ट करते हुए पीएम का आभारर जताया।     महाकुम्भ भारत की समेकित आस्था, सर्वसमावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है। नि:संदेह, महाकुम्भ-2025, प्रयागराज के पावन अवसर पर मिल रही इन सौगातों से आपके मार्गदर्शन में जारी प्रदेश की विकास एवं समृद्धि की यात्रा को और गति प्राप्त होगी।

पूजा स्थल अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस, नए निर्देश का क्या पड़ेगा असर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मस्जिदों के खिलाफ ताबड़तोड़ दर्ज हो रहे अदालती मुकदमों पर सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है। इसके बाद संभल की जामा मस्जिद, जौनपुर की अटाला मस्जिद और बदायूं की शम्सी जामा मस्जिद केस पर बड़ा असर पड़ने वाला है। इन सभी मामलों में निचली अदालतें सर्वे के आदेश समेत कोई भी अंतरिम फैसला नहीं दे पाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही किसी अन्य मस्जिद या धर्मस्थल को लेकर सर्वोच्च अदालत के अगले आदेश तक कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया जाएगा। क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने देश की सुप्रीम अदालत साल 1991 के पूजा स्थल अधिनियम की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रही थी। यह अधिनियम 15 अगस्त 1947 से पूजा स्थलों के धार्मिक चरित्र के रूपांतरण को प्रतिबंधित करता है। यानी कि जो भी धार्मिक स्थल 15 अगस्त 1947 से पहले जिस हालत में थे, वह वैसे ही रहेंगे। इस याचिका पर सुनवाी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस कानून की संवैधानिक वैधता, इसकी रूपरेखा और दायरे का विश्लेषण कर रहे हैं, इसलिए उन्हें देशभर में लंबित मुकदमों की सुनवाई पर रोक लगानी होगी। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की स्पेशल बेंच ने आदेश दिया कि पूजा स्थल अधिनियम से संबंधित केस कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में हम यह निर्देश देना उचित समझते हैं कि न्यायालय के अगले आदेश तक पूजा स्थलों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा और कार्यवाही नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि हम यह भी निर्देश देते हैं कि लंबित मुकदमों में अदालतें सर्वेक्षण के आदेशों समेत कोई प्रभावी अंतरिम आदेश या अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगी। यूपी के मुकदमों पर क्या होगा असर हाल ही में संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान बवाल मच गया था। 19 नवंबर 2024 को स्थानीय अदालत के जज ने एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त कर मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। इस मस्जिद का दो बार सर्वे किया जा चुका है लेकिन रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की जा सकी है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अदालत में रिपोर्ट पेश करने की राह में तो कोई अड़चन नहीं आएगी लेकिन जज साहब इस रिपोर्ट के आधार पर मस्जिद को लेकर कोई फैसला नहीं सुना सकेंगे। अटाला मस्जिद का सर्वे रुकेगा? जौनपुर की अटाला मस्जिद को लेकर भी विवाद पुराना है। दावा किया जा रहा है कि मस्जिद के स्थान पर अटाला देवी का मंदिर था। मामला अदालत में गया तो लोकल कोर्ट ने जुलाई 2024 में अमीन सर्वे का आदेश दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों के विरोध के बाद सर्वे हो नहीं पाया। अब सर्वे का मामला हाई कोर्ट में है। वहीं, हिंदू पक्ष सर्वे को लेकर एक बार फिर स्थानीय अदालत में पहुंच गया है। हिंदू पक्ष ने अमीन को विवादित स्थल का निरीक्षण, उनकी रिपोर्ट और नक्शा तैयार करने के लिए सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में पुलिस अधीक्षक को निर्देशित करने को लेकर कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि नियत की है। अब 16 दिसबंर को मामले को लेकर सुनवाई तो होगी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अटाला मस्जिद का सर्वे नहीं किया जा सकेगा। बदायूं मस्जिद पर क्या होगा? बदायूं में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल ने साल 2022 में कोर्ट में वाद दायर कर दावा किया था कि नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर जामा मस्जिद बनाई गई है। इस केस में सरकारी अधिवक्ता की बहस पूरी हो चुकी है। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट भी आ चुकी है। 30 नवंबर से इंतजामिया कमेटी की तरफ से बहस शुरू की गई थी। 3 दिसंबर को इस पर सुनवाई भी हुई थी।अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 10 दिसंबर की तारीख तय की थी और मंगलवार को मुस्लिम पक्ष को इस पर बहस करनी थी, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में सुनवाई 17 दिसंबर को होनी है। हालांकि, इस केस में मुकदमा सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने से पहले का है। ऐसे में, इस पर भी 17 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई तो हो सकेगी लेकिन अदालत कोई भी अंतरिम या अंतिम फैसला नहीं सुना सकेगी। कुल मिलाकर इन तीनों मस्जिदों को लेकर कोर्ट में चल रहा मामला पूरी तरह से पूजा स्थल अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर निर्भर हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के जज इस अधिनियम का विश्लेषण कर जो फैसला सुनाएंगे, उसके आधार पर ही इन मामलों में स्थानीय अदालतें आगे की कार्रवाई कर पाएंगी। ऐसे में माना जा रहा है कि यूपी में कुछ दिनों तक मंदिर-मस्जिद को लेकर लगातार उठ रहे सनसनीखेज मामले थमेंगे। यूपी कॉलेज मजार विवाद वहीं, इस बीच वाराणसी में यूपी कॉलेज में मजार को लेकर विवाद भी गरमाया है। कॉलेज के छात्रनेताओं ने इसके खिलाफ न सिर्फ विरोध प्रदर्शन किया बल्कि कॉलेज में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। कई छात्र इस दौरान गिरफ्तार किए गए। कॉलेज में बाहरी लोगों के प्रवेश पर बैन लगा दिया गया। ताजा अपडेट के अनुसार मजार के गेट पर दो ताले जड़ दिए गए हैं। दूसरे ताले के बारे में पुलिस प्रशासन को भी जानकारी नहीं है। हालांकि, यह केस अभी कोर्ट में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इसमें भी केस दर्ज नहीं किया जा सकेगा।

कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया

 लखनऊ/महाकुंभनगर  योगी सरकार महाकुंभ 2025 में ‘हर घर जल गांव’ बसाएगी। पेयजल का समाधान, मेरे गांव की पहचान थीम पर यह ‘गांव’ 40 हजार स्क्वायर फिट एरिया में बसेगा। इसमें एक तरफ जहां ‘जल जीवन मिशन’ बुंदेलखंड में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की कहानी सुनाई जाएगी, वहीं दूसरी तरफ महाकुंभ में नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के नए गांवों की सफलता की दास्तां से भी श्रद्धालु, पर्यटक व कल्पवासी परिचित होंगे। योगी सरकार के मार्गदर्शन में ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग महाकुंभ में इसकी तैयारी कर रहा है। कभी प्यासे रहे बुंदेलखंड में योगी सरकार के प्रयास से पेयजल की समस्या का समाधान हो गया है। सफलता की इस कहानी को लेकर ‘पेयजल का समाधान, मेरे गांव की नई पहचान’ थीम पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 5 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। 51 दिन तक चलने वाली प्रदर्शनी में अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। प्रदर्शनी में बुंदेलखंड के ग्रामीण महिलाओं को मंच मुहैया कराया जाएगा, जिसमें वे बुंदेलखंड में बदलाव की कहानी बयां करेंगी। बांदा, झांसी, चित्रकूट के जिन गांवों में पानी न होने के कारण शादी नहीं हो पाती थी, वहां भी योगी सरकार ने ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पहुंचाया। ललितपुर व महोबा के उन गांवों की महिलाएं, पानी ढोने के कारण जिनके सिर से बाल गायब हो गए थे। वे भी डबल इंजन सरकार के अतुलनीय कार्य को महाकुंभ में शुद्ध पानी से जीवन में आए बदलाव की कहानी को बयां करेंगी। ललितपुर से सटे मध्य प्रदेश के बॉर्डर के ‘बाल विहट’ गांव में एक ही कुआं था। इसमें सांप रहते थे, इसके बावजूद यहां के लोग कभी उसी कुएं का पानी पीते थे। मोदी-योगी सरकार ने इस गांव के लोगों को भी शुद्ध पेयजल पहुंचाया। यहां के ग्रामीण भी बदलाव की गाथा बयां करेंगे। महाकुंभ में देश के विभिन्न राज्यों व हिस्सों से श्रद्धालु, पर्यटक आएंगे। इसलिए प्रदर्शनी में हर जानकारी बहुआयामी भाषाओं में मिलेगी। यहां हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलगू और मराठी में लोग जल जीवन मिशन के माध्यम से बदले यूपी के बारे में अवगत हो सकेंगे। प्रदर्शनी में जल जीवन मिशन से विंध्य-बुंदेलखंड में आए बदलाव को लेकर सफलता की कहानी का भी संकलन पुस्तक के माध्यम से प्रदर्शित होगा। ग्रामीण जलापूर्ति व नमामि गंगे विभाग की तरफ से महाकुंभ में ‘जल मंदिर’ भी बनाया जाएगा। ‘जल मंदिर’ में भगवान शिव की जटा से गंगा धरती पर आएंगी। इसके जरिए संदेश दिया जाएगा कि जल प्रसाद है। जल जीवनदायी है। इसे बर्बाद न करें, बल्कि इसका संरक्षण करें। ‘जल मंदिर’ में सुबह-शाम जल आरती भी होगी। इस आरती में जल जीवन मिशन की गाथा, जल संरक्षण का संदेश भी होगा।

औषधि वितरण एवं स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर, बिहार-मुख्यमंत्री नितीश ने 109 मुफ्त औषधि वाहनों को किया रवाना

पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज 01 अणे मार्ग से स्वास्थ्यविभाग के मुफ्त औषधि वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनांे के माध्यम से निःशुल्क औषधि वितरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में और बेहतरी आयेगी। कुल 109 मुफ्त औषधिवाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री को विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्यसचिव श्री प्रत्यय अमृत ने हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्ग तक पहुँचानेके उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल करते हुए औषधि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत एवंव्यवस्थित करने हेतु ‘‘मुफ्त औषधि वाहन’’ का शुभारंभ किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्यके सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, विशेष रूप से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालोंएवं स्वास्थ्य केंद्रों तक औषधियों की ससमय उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भीनागरिक औषधि की अनुपलब्धता के कारण स्वास्थ्य लाभ से वंचित न रहे। सरकार का यहप्रयास हर नागरिक, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग, को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करानेकी दिशा में एक सशक्त कदम है।आम नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में सभी आवश्यक औषधियाँ समय पर औरनिःशुल्क मिल रही हैं। अब ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आकस्मिक और आपात स्थिति में भीदवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे गरीब परिवारों को ससमय बेहतरइलाज मिल सकेगा। राज्य के सुदूरवर्ती गाँवों में आवश्यक औषधियाँ ससमय और सुगमता सेउपलब्ध कराने के लिए जी0पी0एस0 सिस्टम से लैस औषधि वाहनों की सेवा शुरू की गई है,जिससे दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और समय पर आपूर्ति संभव हो सकेगी।यह योजना ‘स्वस्थ बिहार’ मिशन का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें समाज के सबसेकमजोर वर्गाे के जीवन स्तर मे सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार कीयह योजना बिहार के लिए एक समावेशी एवं रोजगारोन्मुखी पहल है। इसके माध्यम से राज्यकी स्वास्थ्य सेवाओं को अत्यधिक सुदृढ़, सुलभ एवं उत्तरदायी बनाने का प्रयास किया जा रहाहै।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा,जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डे,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपरमुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री कुमार रवि, राज्य स्वास्थ्य समिति केकार्यपालक निदेषक श्री सुहर्ष भगत सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

‘वारदात को याद कर सिहर जाता है परिवार’, उत्तरप्रदेश-मेरठ के कॉमेडियन सुनील पाल अपहरण मामले में पत्नी का ऑडियो पर खुलासा

मेरठ. अभिनेता सुनील पाल की पत्नी सरिता पाल ने कहा कि पुलिस की जांच भटकाने को अपहरणकर्ताओं ने उनके पति की एडिट और अधूरी ऑडियो वायरल की। व्हाट्सएप पर कॉल करके उन्हें डराया गया। बाकी हिस्सा आरोपियों ने निकाल दिया था। हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है। जांच में पूरा सच सामने आ जाएगा। अभिनेता सुनील पाल की पत्नी सरिता पाल ने बुधवार को मेरठ में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से मिलने के बाद लालकुर्ती थाने में पति के अपहरण केस में कार्रवाई की जानकारी ली। सीओ कैंट के यहां बयान दर्ज कराए। सरिता पाल ने कहा कि हमने मुंबई के सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। मुंबई पुलिस ने ये पूरा मामला मेरठ के लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर कराया गया। सुनील पाल को बंधक बनाकर बदमाशों ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उनका मोबाइल नंबर बंद था, लेकिन वाईफाई के जरिए व्हाट्सएप चल रहा था। व्हाट्सएप से ही उन्होंने कॉल करके दोस्तों से ऑनलाइन रुपये मंगाए। अपहरण का पता चलने पर पूरा परिवार दहशत में आ गया था। अपहरणकर्ता ने उन्हें काफी टॉर्चर किया। वह धमकी दे रहे थे और कुछ भी कर सकते थे। अपहरणकर्ता जो कुछ भी उनसे बुलवाना चाह रहे थे, वह बोल रहे थे। मेरठ पुलिस से शिकायत न करने की वजह पूछी गई तो कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद उन्हें पहले घर पहुंचने के अलावा कुछ और नहीं सूझा। भगवान के आशीर्वाद और फैंस की दुआओं के चलते सुनील सुरक्षित घर पहुंचे। इस सदमे से उबरने में उन्हें अभी कुछ वक्त और लगेगा। स्वस्थ होने के बाद वह खुद लोगों के सामने आएंगे। मुंबई और मेरठ पुलिस का हमें पूरा सहयोग मिला है। सुनील पाल के न आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पहले किडनैपर्स ने उन्हें बंदी बना रखा था, अब मैंने बना लिया है। रेडिसन ब्लू होटल में प्रस्तुति देने के लिए किया आमंत्रित सरिता पाल के मुताबिक इस खौफनाक घटना को याद करके उनके पति ही नहीं पूरा परिवार बार-बार सिहर उठता है। वह 24 घंटे, जब सुनील पाल अपहरणकर्ताओं के चंगुल में थे, काफी बुरा समय था। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में किसी अमित नाम के व्यक्ति की कॉल सुनील के पास आई थी। उसने खुद को इवेंट मैनेजर बताते हुए दो दिसंबर की रात हरिद्वार के रेडिसन ब्लू होटल में एक बर्थडे पार्टी में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया था।

बच्चों का अन्नप्राशन तथा महिलाओं की हुई गोदभराई, उत्तरप्रदेश-गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने 70 वर्ष के बुजुर्गाें को बांटे आयुष्मान कार्ड

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में महन्तदिग्विजय नाथ पार्क, रामगढ़ताल में 70 वर्ष आयु के बुजुर्गाें को प्रधानमंत्री आयुष्मानभारत-जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत आयुष्मान वय वन्दना कार्ड का वितरण किया।उन्होंने विभिन्न योजनाओं के 06 लाभार्थियांे से वार्ता की, जिनमंे आयुष्मान कार्ड कीलाभार्थी सुश्री इसावती देवी, सुश्री शारदा देवी, दीन दयाल उपाध्याय कैशलेस योजना कीलाभार्थी सुश्री सन्ध्या राय, श्री आशुुतोष शर्मा तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायताप्राप्त करने वाले श्री सुधीर कुमार सिंह तथा सुश्री भूरी देवी शामिल हैं। इस अवसर परउन्हांेने स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाये गये आयुष्मान कैम्प का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री जी2ने इस अवसर पर प्रदर्शनी का अवलोकन, बच्चों का अन्नप्राशन तथा महिलाओं कीगोदभराई की।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहाकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन बुजुर्गों के लिए, जो एक उम्र के बाद असहाय होजाते हैं तथा महंगी चिकित्सा वहन करने में असमर्थ होते हैं, उन सभी का ख्याल रखतेेहुए 70 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना की शुरुआतकी है। यह योजना किसी भी जाति, क्षेत्र तथा धर्म से जुड़े सभी लोगों के लिए है। आजइस योजना के अन्तर्गत अकेले उत्तर प्रदेश में लाखों लोगों ने लाभ लेकर इसे सफलताकी नई उंचाइयों पर पहुंचाया है। जनपद गोरखपुर में 70 वर्ष से ऊपर के 8,300 से ज्यादाबुजुर्गाें को योजना से जोड़ा गया है, जिन्हें 05 लाख रुपये के मुफ्त इलाज की सुविधाप्राप्त होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान भारत योजना सितम्बर, 2018में लागू की थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके अन्तर्गत हरवर्ष परिवार के लोग 05 लाख रुपये की मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा जनपद, प्रदेश या देश केकिसी भी सम्बद्ध हॉस्पिटलों में प्राप्त कर सकते हैं। जनपद गोरखपुर में 280 चिकित्सालयइस योजना से आच्छादित हैं, जिसमें 191 सरकारी और शेष निजी क्षेत्र के अस्पताल हैं।इनमें इलाज की सुविधा का लाभ लाभार्थी ले सकता है। बुजुर्गों के लिए यह योजनालाभकारी हो, इसके प्रति जन जागरूकता हेतु जनपद गोरखपुर में यह कार्यक्रम आयोजितहो रहा है। इन बुजुर्गों के श्रम व साधना पर आज हम सभी आगे बढ़ रहे हैं। हम इनबुजुर्गों के त्याग से ही खुशहाल भी हैं। हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि इनकी देखभालकरें। इसीलिए प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों को इस योजना से जोड़ने का कार्य किया है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब तक प्रदेश में 05 करोड़ 25 लाख लाभार्थियों केगोल्डेन कार्ड बने हैं। यह संख्या देश में सर्वाधिक है। प्रदेश मंे लाभार्थियों की संख्या 09करोड़ से अधिक है। यह आयुष्मान कार्ड से माध्यम से प्रतिवर्ष 05 लाख रुपये की स्वास्थ्यबीमा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। वह जरूरतमन्द, किन्हीं कारणों से जिनका नाम आयुष्मानभारत योजना की सूची में नहीं आ पाया है, इसके लिए सरकार ने व्यापक परिवर्तन कियेहैं। उन्हंे मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत जोड़ने का काम सरकार कर रही है।साथ ही, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी बड़े पैमाने पर लाभार्थियों को सहायता देने का कार्यहुआ है। जनपद गोरखपुर में मुख्यमंत्री राहत कोष से अब तक 7,437 लाभार्थियों को 123करोड़ 16 लाख रुपये प्रदान किये गये हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना बहुत अच्छी योजना है। इसकेअन्तर्गत गोरखपुर जनपद में अब तक इलाज करने के लिए सरकार ने 320 करोड़ रुपयेअस्पतालांे को उपलब्ध कराए हैं। प्रदेश सरकार लोगों को लाभान्वित करने का निरन्तरप्रयास कर रही है। पहले गोरखपुर में इन्सेफेलाइटिस से हजारों बच्चों की मृत्यु हो जाती3थी। आज डबल इंजन सरकार के सकारात्मक प्रयासों से इस बीमारी का पूरी तरह सेउन्मूलन किया जा चुका है। वर्ष 2017 से पहले गोरखपुर में एक बी0आर0डी0 मेडिकलकॉलेज था, जिसमंे सुविधाआंे का अभाव था। आज यह मेडिकल कॉलेज विश्व स्तरीयसुविधाओं के साथ इलाज कर रहा है। आज गोरखपुर में एम्स भी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक के 70 वर्षाें में पूरे प्रदेश मेंमात्र 12 मेडिकल कॉलेज थे, परन्तु आज सभी 75 जनपदों में से 65 जनपदों में ‘एकजनपद एक मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहाहै। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने 16 मेडिकल कॉलेज प्रारम्भ किये हैं। यह दिखाता है किडबल इंजन सरकार की सकारात्मकता के कारण ही स्वास्थ्य के प्रति बेहतरीन कार्य सम्भवहो सका है। पहले देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, बलरामपुर, गोण्डा तथा बहराइचजनपदों में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं था। आज इन सभी जनपदों में मेडिकल कॉलेजोंका संचालन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हर जनपद में आई0सी0यू0, डायलिसिसयूनिट, एम0आर0आई0, ब्लड बैंक, ब्लड कम्पोनेन्ट यूनिट तथा अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धीसुविधाओं का लाभ दे रही है। जिस प्रकार प्रदेश सरकार ने एक टीम वर्क के रूप मेंकोविड-19 महामारी से निपटने का कार्य करके दिखाया, यह एक सराहनीय कार्य था।स्वास्थ्य के साथ ही, हर व्यक्ति की जरूरत पूरी हो तथा उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरालाभ प्राप्त हो, इसके लिए आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय कर्मचारी कैशलेश योजना, आयुष्मान वय वंदना योजना तथा मुख्यमंत्रीराहत कोष से लोगों को उपचार की सुविधा दी जा रही है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि सशक्त भारत के लिएनागरिक स्वस्थ हो। जब स्वस्थ नागरिक होंगे, तभी सशक्त भारत होगा।

राजस्व में तेजी लाने के अधिकारियों को दिए निर्देश, उत्तरप्रदेश-मुख्यमंत्री योगी ने की भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की समीक्षा

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने सरकारी आवासपर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यकनिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग को अब तक 2407.20करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई है। राजस्व में तेजी से वृद्धि के निर्देश देते हुएउन्होंने कहा कि इसके लिए विभागीय व जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रभावी प्रयासकिये जाएं। राजस्व में अपेक्षित वृद्धि न करने वाले जनपदों के जिलाधिकारी व जिलाखनन अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद सोनभद्र, बांदा, कौशाम्बी तथा महोबा में खननके दृष्टिगत राजस्व वृद्धि की असीम संभावनाएं हैं। कम राजस्व प्राप्त करने वाले जनपदोंमें भी राजस्व बढ़ोत्तरी के उपाय सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने कहा कि शासन, विभागव जनपद स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों पर शीघ्रता से निर्णय लेकर कार्यवाही आगेबढ़ायी जाए। राजस्व बढ़ाने के अन्य उपायों पर भी विचार किया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदी के कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार की अवैधखनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तकनीक का उपयोग करते2हुए इसे सख्ती से रोकने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री जी ने स्वीकृत खनन क्षेत्र के अन्दरखनन कर रहे वाहनों पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वी0टी0एस0) लगाये जाने के भीनिर्देश देते हुए कहा कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि खनन स्वीकृत क्षेत्रमें ही हो रहा है या नहीं। इससे परिवहनकर्ता को भी सहूलियत होगी।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपदों में अवैध खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्सद्वारा समय-समय पर छापेमारी की जाए। छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियोंसहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित हो। इसकी नियमितवीडियोग्राफी भी कराई जाए। विभागीय स्तर पर लम्बित मामलों का समय से निस्तारणकिये जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जून से अगस्त माह के मध्य ही वर्षभरकी कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। कार्ययोजना समय से तैयार होने से सभी कार्यसरलतापूर्वक सम्पन्न होंगे।मुख्यमंत्री जी ने बैठक में उपस्थित परिवहन विभाग के अधिकारियों को मार्गदुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा किसड़कों के किनारे ओवरलोड वाहन कतई न खड़े किए जाएं। कर अपवंचन तथाओवरलोडिंग रोकने के लिए जनपदों में 55 चेक गेट्स स्थापित किए गए हैं। इन परशीघ्र ही ‘वे इन मोशन संयन्त्र’ लगाए जाएं। ओवरलोडिंग हर हाल में जीरो प्वॉइंट परही रोकी जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा स्टेट माइनिंगरेडिनेस इंडेक्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागोंके समन्वय से आवश्यक सूचनाओं की समय से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नदियोंके किनारे की मिट्टी-बालू तथा सिल्ट का प्रयोग ईंट बनाने में किया जाए। यहपर्यावरण को बचाने में कारगर होगा। उपजाऊ जमीन की मिट्टी का प्रयोग ईंट भट्ठोंमें न किया जाए।

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