LATEST NEWS

मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी, अब हुआ नया खुलासा

मेरठ यूपी के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत मर्डर केस ने सभी को झकझोर दिया है। रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी। यहां तक कि आठ दिन पहले ही उसने दो चाकू भी खरीद लिए थे। इनकी कीमत 800 रुपये थी। इन चाकुओं को कैसे शरीर में घोंपा जाता है, उसकी प्रैक्टिस भी करती थी। मुस्कान ने लंदन में नेवी मर्चेंट अफसर रहे सौरभ राजपूत को बेहोशी की दवा देकर उसके शरीर के टुकड़े कर दिए थे। प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इसके बाद सौरभ के सिर को धड़ से अलग कर दिया। मीडिय के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ की बॉडी के टुकड़े आठ दिन पहले खरीदे गए चाकू से ही किए थे। उसने इसी से पति का सिर धड़ से अलग कर दिया था। जांच में सामने आया है कि मुस्कान और साहिल ड्रग्स लेने के आदी थे और दोनों को डर था कि सौरभ को पता चल गया तो वे ड्रग्स नहीं ले पाएंगे। सौरभ भी मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पहले से जानता था और वह अपनी छह साल की बेटी को लंदन ले जाना चाहता था। वह बेटी के बर्थडे पर ही लंदन से मेरठ आया था, जिस दौरान उसे मुस्कान और साहिल ने मौत के घाट उतार दिया। बेटी को लंदन ले जाना चाहता था सौरभ जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ का लंदन का वीजा जल्द ही खत्म भी होने वाला था। वह इसे रिन्यू करवाने की सोच रहा था। पहले सौरभ मुस्कान और बेटी दोनों को ही लंदन ले जाना चाहता था और इस बारे में पत्नी से बात भी की थी। लेकिन मुस्कान जाने को तैयार नहीं थी। वह मेरठ में ही रहना चाहती थी। इसके बाद सौरभ ने मन बना लिया कि वह बेटी को अपने साथ ही लंदन लेकर चला जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया था। मुस्कान ने तीन मार्च की रात सौरभ को नींद की गोलियां खिला दी थीं। सोते ही उसने तीन बार चाकू से उस पर वार किया और फिर गला रेत दिया। साहिल ने इसके बाद उसके सिर को धड़ से अलग किया और बाद में दोनों ने इसके 15 टुकड़े कर दिए और ड्रम में उन्हें भरकर सीमेंट डाल दी। घर वालों के खिलाफ जाकर मुस्कान-सौरभ ने की थी शादी पुलिस को जानकारी मुस्कान के माता-पिता ने दी थी, जिसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। मुस्कान और राजपूत ने 2016 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। दोनों की छह साल की एक बेटी भी है। पुलिस ने बताया कि मुस्कान और साहिल एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और 2019 में एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए फिर से जुड़े थे। इस बीच, प्रेमी की मदद से पति की हत्या करने वाली मुस्कान ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर अपना मुकदमा लड़ने के लिए सरकारी वकील की मांग की है। मुस्कान का कहना है कि इस घटना के बाद से ही “मेरे माता-पिता मुझसे नाराज हैं, कोई भी मेरा मुकदमा लड़ने नहीं आएगा। इसलिए मुझे सरकारी वकील चाहिए जो अदालत में मेरा मुकदमा लड़ सके।”

अगर मेरी 52 जुमा और होली एक बार आती है, वाली बात गलत थी तो कोर्ट जाते मुझे सजा करवाते: अनुज चौधरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में सीओ अनुज चौधरी एक और बड़ा बयान आया है. उन्होंने अपने 52 जुमे और एक होली वाले बयान को दोहराते हुए पूछा कि इसमें गलत क्या है. यदि इसमें कुछ भी गलत था तो आप कोर्ट जा सकते थे. उन्होंने इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ईद की सेवइयां खिलानी हैं तो आपको भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मन में कड़वाहट लेकर आप भाईचारे की बात नहीं कर सकते. सीओ अनुज चौधरी बुधवार को संभल में आयोजित पीस कमेटी की मीटिंग में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाईचारे की बात तो तभी हो सकती है, जब दोनों ओर से मुंह मीठा हो. ऐसा नहीं है कि मन में कड़वाहट भरा हो और ऊपर से भाईचारे की बात हो जाए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाते हुए कहा कि यदि आप हमें ईद की सेवइयां खिलाना चाहते हैं तो आप को भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. इसी से भाईचारा मजबूत होगा. इस मौके पर उन्होंने अपना होली वाला बयान फिर से दोहराया. कहा कि हिंदुओं की होली साल में एक बार आती है और आपका जुमा हर हफ्ते आता है. इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है. भाईचारा के लिए सभी दिखाएं बड़ा दिल यदि किसी को गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकता है और इसके लिए उन्हें सजा भी करा सकता है. सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि देश में और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को बड़ा दिल दिखाना होगा. एसडीएम सदर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एएसपी श्रीचंद भी मौजूद रहे. बैठक में एसडीएम ने साफ तौर पर कहा कि ईद और अलविदा जुमा की नमाज किसी हाल में सड़क पर नहीं होगी. इसके अलावा मकान की छतों पर भी नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसकी वजह भी बताई. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति नहीं पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा, सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। सीओ ने बिना किसी का नाम लिए सवाल किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से बात कही थी. ये विवाद होली से कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि होली एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज 52 बार होती है. जो कोई भी होली के रंगों से असहज महसूस करता है, उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमारा हमेशा से उद्देश्य रहा है कि हम जहां भी रहें, शांति भंग न हो.” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देना था. अनुज चौधरी ने आपसी सम्मान और एक-दूसरे के उत्सवों में भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई पर लगे आरोपों के बारे में भी बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इसके साथ ही मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया. बताते चलें कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद से ही तनाव व्याप्त है. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसवाले जख्मी हुए थे. ये हिंसा कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी. लोगों ने इस सर्वे का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद इलाके में लंबे समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था. करीब सात दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.   इसके बाद 25 मार्च को संभल के शाहवाजपुर सूरा नगला गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक नेजा मेले पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को दरगाह पर तैनात किया गया था. किसी को भी वहां आने-जाने की अनुमति नहीं थी. इसे लेकर भी मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को मेला स्थल पर कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. एएसपी ने कहा था, “यह मेला ऐतिहासिक रूप से एक लुटेरे, आक्रमणकारी और हत्यारे की याद में आयोजित किया जाता था. लोगों ने इस प्रथा की अनुपयुक्तता को समझ कर छोड़ दिया है.” संभल के अधिकारियों ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी के भतीजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित होने वाले ‘नेजा मेले’ के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि देश को लूटने आए किसी व्यक्ति की स्मृति का महिमामंडन करना सही नहीं है. 

फिर बॉयफ्रेंड से करा दी उसकी शादी, पति ने पत्नी से कहा- ‘तुम जाओ, बच्चों को मैं पाल लूंगा, दिखी अनोखी शादी

संत कबीरनगर उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अजीब घटना घटी, जहां एक महिला ने अपने पति और 2 बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी से शादी कर ली। यह शादी महिला के पति ने ही कराई और खुद अपनी पत्नी को उसके प्रेमी को सौंप दिया। पति ने मंदिर में कराई पत्नी की शादी मिली जानकारी के मुताबिक, मामला उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां महिला ने अपने प्रेमी से शादी की, और यह शादी उसके पति ने ही कराई। पहले पति ने पत्नी के साथ कोर्ट से नोटरी बनवाई और फिर एक मंदिर में पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ कर दी। इस घटना के बाद यह मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया। 9 साल की शादी तोड़ी, बच्चों को भी छोड़ा बताया जा रहा है कि महिला की शादी 2017 में हुई थी और उसके 2 बच्चे भी हैं। इसी दौरान महिला की मुलाकात गांव के एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। यह रिश्ता धीरे-धीरे गांव में चर्चा में आने लगा। जब महिला के पति को इसकी जानकारी मिली, तो उसने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई, तो पति ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा देगा। जिसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि बच्चों को मैं खुद पाल लूंगा, तुम अपने प्रेमी के साथ जाओ। पत्नी भी इस फैसले के लिए राजी हो गई। इसके बाद समाज के सामने दोनों की शादी का आयोजन हुआ और पति इस सब का साक्षी बना रहा। पति ने बच्चों के साथ की नई शुरुआत महिला का पति बबलू, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए अक्सर घर से बाहर रहता था, इस दौरान उसकी पत्नी राधिका का संबंध गांव के एक युवक से बन गया। जब परिवार को इस बारे में जानकारी मिली, तो बबलू ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा देगा और बच्चों के साथ नया जीवन शुरू करेगा। इसके बाद बबलू ने समाज के सामने अपनी पत्नी की शादी कराई और बच्चों को साथ लेकर नए जीवन की ओर बढ़ गया।   समाज के लिए एक संदेश यह घटना जहां एक तरफ समाज में आमतौर पर ऐसे मामलों में हिंसा और नफरत का कारण बनती है, वहीं बबलू ने एक मिसाल कायम की। उसने समाज को यह संदेश दिया कि दो प्यार करने वाले लोगों को अपनी जिंदगी साथ बिताने का हक है। यह घटना उन मासूम बच्चों के लिए एक दुखद स्थिति बन गई, जिनके जीवन से ‘मां’ शब्द इतनी दूर चला गया। इस अजीब घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या बच्चों को इस तरह की स्थिति में छोड़ना सही है?  

योगी आदित्यनाथ के विमान में तकनीकी खराबी की वजह से उड़ान में बाधा, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

आगरा आगरा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. तकनीकी खराबी के चलते उड़ान के बाद विमान वापस लौट आया. दिल्ली से दूसरा विमान सीएम योगी के लिए बुलाया गया और फिर वह उस विमान से रवाना हुए. बता दें कि सीएम आज आगरा के दौरे पर थे. प्राप्त जानकारी के अनुसारआगरा में टेकऑफ के बाद सीएम योगी के चार्टर्ड प्लेन में तकनीकी खराबी आ गई. उस वक्त उनका प्लेन आसमान में था. पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग खेरिया एयरपोर्ट पर कराई. सीएम योगी का आगरा में कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनके राजकीय प्लेन ने बुधवार दोपहर 3.40 बजे उड़ान भरी थी. 20 मिनट बाद प्लेन वापस लौट आया. इसके बाद दिल्ली से शाम 5.42 बजे दूसरा चार्टर प्लेन आया. आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे सीएम फिर सीएम लखनऊ के लिए रवाना हुए. लगभग 1.50 घंटे मुख्यमंत्री आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे. स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस आयुक्त (सीपी) और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बता दें कि आगरा के कार्यक्रम के बाद सीएम को लखनऊ लौटना था. लखनऊ के लिए उड़ान भरने के बाद सीएम के विमान में खराब आई थी. दूसरे विमान से रवाना हुए सीएम योगी सीएम की यात्रा के लिए दिल्ली से दूसरा विमान भेजा गया. पूरी सुरक्षा जांच के बाद सीएम योगी दूसरे विमान से लखनऊ के लिए रवाना हुए.विलंब के कारण लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. सीएम योगी पहले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आगरा से लखनऊ जा रहे थे.

राणा सांगा पर टिप्पणी करने वाले सपा सांसद के घर करणी सेना का हमला, पुलिस के साथ झड़प, मची भगदड़, लाठियां भांजी

लखनऊ राणा सांगा पर विवादित बयान को लेकर सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के घर करणी सेना ने बवाल मचा दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी झड़प हुई। लाठियां भांजी गईं, तो भगदड़ मच गई। इस दौरान पथराव हो गया। अचानक हुए पथराव से पुलिस के पसीने छूट गए। पथराव में इंस्पेक्टर के साथ कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। सूचना मिलते ही अतरिक्त पुलिसबल मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर बवालियों को खदेड़ा। राणा सांगा पर विवादित बयान देने वाले सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर करणी सेना घेराव करने पहुंची थी। यहां पर पहले ही पुलिस तैनात थी। करणी सेना के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आवास के मुख्य द्वार से प्रवेश करने लगे। इस दौरान पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया, तो वे उग्र हो गए। पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। इस दौरान वहां रखीं कुर्सियां फेंकी गईं। डंडों के साथ तोड़फोड़ कर दी गई। हमले में इंस्पेक्टर घायल हो गए।   सुबह से चल रही थी तैयारी सूचना मिलते ही थाना हरीपर्वत से अतिरिक्त पुलिसबल आ गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों को लाठियां फटकारते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। बता दें सांसद से घर पर घेराव की तैयारी सुबह से ही की जा रही थी। एत्मादपुर में करणी सेना से पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए थे। वहां भी पुलिस के द्वारा इन्हें रोका गया था। इस बीच दोपहर को बड़ी संख्या में ये लोग सपा सांसद के हरीपर्वत क्षेत्र स्थित आवास तक पहुंच गए। दिल्ला हाईवे कर दिया जाम राणा सांगा पर सपा के राज्यसभा सांसद द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर आगरा में हंगामा मचा हुआ है। एक तरफ सांसद के आवास पर हमला बोल दिया गया, तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली हाईवे पर करणी सेना ने जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस के साथ यहां जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने बमुश्किल स्थिति पर काबू पाया।     जानें क्या है पूरा मामल रामजीलाल सुमन ने संसद में कहा था कि अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदू गद्दार राणा सांगा के वंशज होने चाहिए। हम बाबर की आलोचना करते हैं। लेकिन, हम राणा सांगा की आलोचना क्यों नहीं करते? रामजीलाल के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा कि भाजपा के लोगों का तकिया कलाम हो गया है कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है। आखिर, बाबर को लाया कौन। इब्राहिम लोधी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा हिंदुस्तान में लाया था। अगर मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो फिर तुम गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। सुमन शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा पर बोल रहे थे। हंगामे के बाद सुमन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सूर्यवंशी राजपूतों के सिसोदिया वंश के राणा सांगा 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे। हर कोई इतिहास के पन्नों को पलट रहा है। भाजपा नेताओं से पूछिए कि वे कौन से पन्ने पलट रहे हैं। वे किस बारे में बहस कर रहे हैं? वे औरंगजेब के बारे में बात करना चाहते हैं।  

बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा – मुसलमान कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे, हम भारत के हैं और भारत हमारा है

मेरठ क्रांतिधरा मेरठ पर बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री के द्वारा 5 दिवसीय हनुमंत कथा की जा रही है। जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री से हनुमंत कथा सुनने के लिए पहुंचे हुए हैं। इस कथा के दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ऐलान किया है कि आगामी दिनों में दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकालने वाले हैं। खास बात ये रही कि इस दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कटाक्ष भी किया है। जहां उन्होंने कहा है कि कुछ लोग कहते थे कि 15 मिनट को पुलिस हटा लो तो… जिस पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा ठठरी के बरे न कटा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अलख जगाएंगे धीरेंद्र शास्त्री इस दौरान उन्होंने कहा कि ये देश संविधान से चलेगा, ये देश हनुमान से चलेगा। उन्होंने कहा कि इस देश में संतों के एक हाथ में संविधान हो और एक हाथ में पुराण हो। इसीलिए हमने सोचा है कि हिंदू मिट न जाए, हिंदुओं पर धावा ना बोला जाए, बाबर या अकबर महान ना बताया जाए और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए। इसीलिए अब उन्होंने प्रण लिया है कि वो दिल्ली, मेरठ, बृजवासियों के घर-घर जाएंगे और उन्हें शपथ दिलाएंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की अलख जगाएंगे। इस दौरान बागेश्वर धाम पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि हम जितने दिन के हैं सो हैं लेकिन हम सुधरने वाले तो है नहीं। ‘अब भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमें ना तो नेता बनना है ना किसी पार्टी को वोट दिलवाना है, हम भारत के हैं और भारत हमारा है। उन्होंने कहा कि वो चाहते हैं कि अब तुम्हारी बहन बेटियों के ऊपर अत्याचार ना हो, अब रामायण को फिर से ना जलाया जाए, अब संतो को पीटा ना जाए और जब मजहब के नाम पर 1947 में देश आजाद हो गया और एक नया टुकड़ा कट गया था भारत का, तो अब भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाए। मुस्लिम कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे… इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वो मुसलमान के विरोधी नहीं है बल्कि इस देश को आजाद कराने में मुसलमान ने भी सहयोग दिया है, पर कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज सबको उनकी बात अच्छी नहीं लग रही होगी लेकिन कल जब तुम्हारे मकान जलाए जाएंगे, तुम्हारी बहन बेटियों की इज्जत लूटी जाएगी और बांग्लादेशी हिंदुओं जैसा हाल किया जाएगा तब तुम्हें हमारी याद आएगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज बांग्लादेशी हिंदुओं से पूछ लो कुछ नहीं बचा, कश्मीरी पंडितों से पूछ लो कुछ नहीं बचा इसलिए देर ना करो। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वो उनके लिए प्रार्थना करें कि वो निरोगी रहें ताकि आने वाले दिनों में भारत को हिंदू राष्ट्र बनता हुआ देख सकें।  

झांसी में 40 के करीब पहुंचा तापमान, प्रदेश में बढ़ रही गर्मी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के लोगों को अब भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी. धूप की तीखी किरणों से गर्मी का अहसास होने लगा है. दिन में तापमान चढ़ रहा है. वहीं इस बीच मौसम विभाग ने तेज हवा चलने की संभावना जताई है. विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों में प्रदेश में तेज हवाएं चल सकती है. ये सिलसिला 72 घंटे तक जारी रह सकता है. विभाग के मुताबिक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है. हालांकि इस दौरान मौसम साफ रहने की संभावना है. वहीं 28 मार्च को भी मौसम शुष्क रहने के साथ ही तेज हवा चलने के आसार हैं. इस दौरान दोनों हिस्सों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. 29 मार्च को भी प्रदेश में तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है. तो वहीं 30 और 31 मार्च को प्रदेश में मौसम सामान्य रह सकता है. झांसी में सबसे ज्यादा तापमान तापमान की बात करें तो राजधानी लखनऊ में 17℃ न्यूनतम और 35.1℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है. झांसी में सबसे ज्यादा 39.5℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है.

सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते.

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों की सुरक्षा पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान यूपी में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में सीएम योगी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं. अगर हिंदू सुरक्षित हैं, तो मुसलमान भी सुरक्षित हैं. पॉडकास्ट में सीएम योगी से सवाल किया गया था कि क्या आपके राज्य में मुसलमान सुरक्षित हैं.? सीएम योगी ने कहा कि क्या 100 मुस्लिम परिवारों में 1 हिंदू, 1 हिंदू छोड़िए 50 हिंदू परिवार सुरक्षित नहीं रह सकते. लेकिन 100 हिंदू घरों के बीच एक मुस्लिम परिवार सुरक्षित रहता है. वो आराम से अपना धर्म फॉलो कर सकता है. इतिहास में कोई उदाहरण नहीं बता सकता कि किसी हिंदू राजा ने किसी देश पर कब्जा किया हो. ‘क्या मोहर्रम के झंडे की परछाई हिंदू घरों पर नहीं पड़ती?’ संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों के बारे में पूछे जाने पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर आप रंगों से खेल रहे हैं, तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है, लेकिन इससे किसी की पहचान खराब नहीं होती है. मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं. क्या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्त निर्देश हैं, जो इससे सहमत नहीं है. क्या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं, लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है, तो आप समस्या पैदा करते हैं, दोहरे मापदंड क्यों? एक दूसरे से गले मिलें. कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है.” ‘होली खेलने से पहचान खराब होती है क्‍या?’ मुख्‍यमंत्री ने होली के दौरान संभल में तिरपाल से ढकी मस्जिदों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अपनी बात रखी। योगी ने कहा कि अगर आप रंगों से खेल रहे हैं तो यह संभव है कि यह किसी पर भी डाला जा सकता है। लेकिन इससे किसी की पहचान खराब होती है क्‍या? मुहर्रम के दौरान जुलूस निकलते हैं। क्‍या उनके झंडे की छाया किसी हिंदू घर या हिंदू मंदिर के पास नहीं पड़ती है? क्‍या इससे घर अपवित्र हो जाता है? किसी को भी रंग न डालने के सख्‍त निर्देश हैं जो इससे सहमत नहीं हैं। क्‍या वे रंगीन कपड़े नहीं पहनते हैं? आप रंगीन कपड़े पहनते हैं लेकिन अगर आप पर रंग डाला जाता है तो आप समस्‍या पैदा करते हैं। ये दोहरे मापदंड क्‍यों। एक दूसरे से गले मिलें। कई मुसलमानों ने हमारे साथ होली खेली है। राहुल पर सीएम योगी का बड़ा हमला सीएम योगी ने राहुल गांधी के सवाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल जैसे कुछ नमूने रहने चाहिए. देश इनके इरादों को समझ चुका है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अयोध्या में विवाद को जीवित रखना चाहती है. एएनआई को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दस दशकों में कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए. संभल की खुदाई पर बोले सीएम योगी आदित्यनाथ संभल से लेकर वाराणसी तक नए-नए मंदिरों को खोजे जाने की बात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम जितने भी होंगे, हम सब खोजेंगे. प्रशासन ने अबतक 54 धार्मिक स्थानों की पहचान की है. कुछ और के लिए भी प्रयास चल रहे हैं. संभल में 54 तीर्थस्थलों की पहचान की गई है. जितने भी हैं, हम उन्हें खोजकर दुनिया को बताएंगे कि संभल में क्या हुआ था. संभल सच है. इस्लाम कहता है कि अगर आप हिंदू मंदिर या हिंदू घर को तोड़कर कोई पूजा स्थल बनाते हैं, तो उसे सर्वशक्तिमान स्वीकार नहीं करता है. महाकुंभ में मुसलमानों की एंट्री पर सीएम योगी महाकुंभ में मुसलमानों की भागीदारी पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कुंभ उन सभी के लिए है जो खुद को भारतीय मानते हैं. मैंने कहा कि जो भारतीय के रूप में आएगा उसका स्वागत खुशी के साथ किया जाएगा. लेकिन अगर कोई नकारात्मक सोच के साथ आता है, तो यह स्वीकार्य नहीं है.” ईद और रामनवमी के जुलूस पर सीएम योगी ईद और रामनवमी के जुलूसों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हम समय-समय पर प्रशासन के साथ बैठते हैं और हमने इसके लिए एक एसओपी भी तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार धार्मिक स्थलों के परिसर से निकलने वाली आवाज को नियंत्रित किया है. अगर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में हम ऐसा कर सकते हैं तो पश्चिम बंगाल में ऐसा क्यों नहीं कर सकते?” ईदगाह मस्जिद-कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर बोले सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की ईदगाह मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम तो मथुरा को लेकर कोर्ट के आदेश का ही पालन कर रहे हैं, वरना अबतक वहां बहुत कुछ हो गया होता. साथ ही उन्होंने वक्फ पर बिल का बचाव करते हुए कहा कि आजतक के इतिहास में वक्फ बोर्ड ने कौन सा कल्याणकारी काम किया है. कोई एक काम भी ऐसा नहीं है, जिसे गिनाया जा सके. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड तो जहां भी दावा कर देता है, उस जगह की उसकी संपत्ति मान लिया जाता है. ऐसा कैसे चलेगा? क्या तीसरे टर्म की तैयारी में सीएम योगी? जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया गया कि क्या वो तीसरे टर्म की तैयारी कर रहे हैं? क्या वो तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे? इस सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि मैं कोशिश नहीं करूंगा, मेरी पार्टी कोशिश करेगी, मैं क्यों बनूंगा, कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता बन सकता है. वहीं राणा सांगा विवाद के सवाल पर जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इतिहास यही लोग जानते हैं, जो जिन्ना का महिमामंडन करते हैं. बुलडोजर एक्शन पर बोले सीएम योगी सीएम योगी ने संभल से लेकर मथुरा तक के मामलों के सवालों का जवाब दिया. वहीं बुलडोजर एक्शन पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जो जैसे समझेगा, उसको उसी भाषा में समझाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने डबल इंजन की … Read more

भटगांव में जमीन अधिग्रहण घोटाला : आईएएस अभिषेक प्रकाश समेत 16 अधिकारी दोषी

लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर के लिए लखनऊ के भटगांव में जमीन अधिग्रहण घोटाले में आईएएस अभिषेक प्रकाश और तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमर पाल सिंह समेत 16 अधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया है। राजस्व परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष रजनीश दुबे की रिपोर्ट को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। तत्कालीन डीएम अभिषेक प्रकाश घूस मांगने के आरोप में पिछले सप्ताह ही निलंबित किए जा चुके हैं। बाकी सभी सेवारत कर्मियों का निलंबन भी तय माना जा रहा है। भटगांव में वर्ष 2021 में 1985 की फर्जी पट्टा पत्रावली के आधार पर कथित आवंटियों व उनके वारिसों और उनसे जमीन खरीदने वालों के मुआवजे के दावे स्वीकार किए गए। आरक्षित श्रेणी की सरकारी जमीन भी घपलेबाजों के नाम कर दी गई। 36-37 साल पहले की फर्जी पट्टा पत्रावली के आधार पर आवंटियों के नाम अंसक्रमणीय और संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज किए गए। इतना ही नहीं अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की भूमि बिक्री की अनुमति अवैध रूप से दी गई। तमाम मामलों में खतौनी में नाम दर्ज नहीं था, फिर भी सिर्फ रजिस्ट्री के आधार पर मुआवजे का भुगतान कर दिया गया। मामले की जांच राजस्व परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. रजनीश दुबे और कानपुर के तत्कालीन मंडलायुक्त अमित गुप्ता की कमेटी ने की। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि क्रय समिति के अध्यक्ष के रूप में लखनऊ के जिलाधिकारी और सदस्य सचिव के रूप में सरोजनीनगर के तहसीलदार ने अपने दायित्यों का पालन नहीं किया, जिससे अनियमित भुगतान हुआ और शासकीय धन की हानि हुई। घपले के समय लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश थे। दुबे कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में तत्कालीन एसडीएम संतोष कुमार, शंभु शरण, आनंद कुमार व देवेंद्र कुमार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह, विजय कुमार सिंह, उमेश कुमार व मनीष त्रिपाठी, नायब तहसीलदार कविता ठाकुर, राजस्व निरीक्षक राधेश्याम, जितेंद्र कुमार सिंह व नैन्सी शुक्ला और लेखपाल हरिश्चंद्र व ज्ञान प्रकाश अवस्थी को दोषी ठहराया गया है। राजस्व विभाग ने कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट नियुक्ति विभाग, राजस्व परिषद, लखनऊ के डीएम और कमिश्नर को भेज दी है। आगे की कार्रवाई संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी करेंगे।   मुआवजा राशि की वसूली भी होगी भटगांव के 79 फर्जी आवंटियों के नाम राजस्व रिकॉर्ड से निरस्त किए जाएंगे। जमीन पहले की तरह ग्राम समाज के खाते में दर्ज होगी। जो भी खरीद-फरोख्त हुई है, उसे शून्य माना जाएगा। अवैध रूप से यूपीडा को जमीन बेचकर जिन लोगों ने मुआवजा लिया है, उनसे धनराशि की नियमानुसार वसूली होगी। उनके खिलाफ समुचित कार्रवाई भी की जाएगी। उपनिबंधक सरोजनीनगर के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ भी सक्षम स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। जिन भी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मामले में पहले से विभागीय कार्यवाही चल रही है, उसे शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा।  

लखीमपुर खीरी में सड़क हादसा, एक बाइक पर पांच सवार, चार लोगों की मौत, जिन्दा बची एक मासूम

लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में मंगलवार शाम को दर्दनाक हादसा हुआ। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि मंजर देखकर लोगों का कलेजा कांप गया। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में मंगलवार को हादसे ने एक झटके में पूरा परिवार खत्म कर दिया। मां की अंत्येष्टि में शामिल होकर ससुराल लौट रही महिला, उसके पति, पुत्र और ससुर की ऋषिकेश डिपो की बस से कुचलकर मौत हो गई। हादसे में मृतका की पांच वर्षीय पुत्री घायल हुई है। ये सभी एक ही बाइक पर सवार थे। वहीं तीन रिश्तेदार और बाइक सवार एक राहगीर भी घायल हुआ है। शाम चार बजे गोला-खुटार राष्ट्रीय राजमार्ग पर टेड़वा पुल के निकट तेज गति से आ रही ऋषिकेश डिपो की रोडवेज बस ने उनकी बाइक को रौंद दिया। पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला भिजवाया। वहां डॉक्टर ने राधा, शिव कुमार, रामौतार और शिवांश को मृत घोषित कर दिया। हादसे में शिवि बाइक से दूर जा गिरी, उसे हल्की चोटें आई। हादसे ने खत्म किया परिवार खुटार मार्ग पर हुए भीषण हादसे में पलक झपकते ही पूरा परिवार खत्म हो गया। मृतक शिवकुमार और राधा के दो बच्चों में आठ वर्षीय शिवांश की भी मौत हो गई। इस भीषण हादसे में मासूम शिवि अनाथ हो गई। घटनास्थल पर रोती बिलखती शिवि को देखकर हर किसी की आंखें छलक आई। हादसे की सूचना मिलते ही संसारपुर चौकी इंचार्ज मोहित पुंडीर और लाल्हापुर गुरुद्वारे की सेवादार जोगा सिंह मौके पर पहुंचे। मोहित पुंडीर एक निजी वाहन और जोगा सिंह अपने कारसेवा वाहन से सभी को लेकर गोला सीएचसी पहुंचे, लेकिन हादसा इतना भीषण था कि किसी की जान नहीं बचाई जा सकी।

यूपी में मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा रहे लोग, निजी नलकूपों को 10 घंटे बिजली मुफ्त देने का प्रावधान, सरकार दे रही छूट

इटावा जनपद में 9,177 नलकूप उपभोक्ता हैं, जिनमें से 7026 उपभोक्ता सरकार की मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि शेष 2151 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके द्वारा इस योजना का लाभ नहीं लिया गया। आंकड़ों के अनुसार 76.6 प्रतिशत नलकूप उपभोक्ता मुफ्त बिजली से अपने खेतों की सिंचाई कर फसलों को हरा-भरा रख रहे हैं। सरकार के द्वारा इन नलकूप के लिए 10 घंटे मुफ्त बिजली देने का प्रावधान है। वैसे तो यहां जनपद में अभी किसी भी नलकूप उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इन उपभोक्ताओं के बिलों की जांच की जाएगी। बिजली बिल में 100 प्रतिशत छूट की व्यवस्था एक जनवरी 2022 से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर निजी नलकूप वाले किसानों के बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी। इसके बाद फरवरी 2023-24 के बजट में सरकार ने इन किसानों के बिजली बिल में 100 प्रतिशत छूट की व्यवस्था की थी। जिसके बाद एक अप्रैल 2024 से योजना लागू हुई। इस योजन में उन निजी नलकूप उपभोक्ताओं को शामिल किया गया था जिनका वर्ष 2023 तक का पूरा बकाया बिल जमा था। इसके बाद योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा पंजीयन करना शुरू कर दिए गए थे। जनपद में 7026 उपभोक्ता सरकार की मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि शेष 2151 उपभोक्ता ऐसे जो अभी इस योजना में शामिल नहीं हुए हैं। जिसकी मुख्य वजह यह है कि इन उपभोक्ताओं का वर्ष 2023 तक का बकाया बिजली बिल जमा नहीं था।   हालांकि विभाग के द्वारा लगातार योजना का लाभ लेने के लिए शेष बचे निजी नलकूप उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बकाया का भुगतान कर पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खास बात तो यह है कि जो उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले रहे हैं उनके द्वारा अभी तक किसी भी तरह की बिल संबंधी शिकायत विभाग में नहीं की गई है। फिर भी विभाग के द्वारा मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इन उपभोक्ताओं के बिल की जांच विभाग के द्वारा की जाएगी।

शराब के शौकीनों के लिए बड़ी सौगात, ठेकों पर लगी लम्बी-लम्बी कतार

नोएडा नोएडा में मंगलवार को शराब की दुकानों पर शराब प्रेमियों की भीड़ टूट पड़ी। देखते ही देखते कई दुकानों से शराब का स्टॉक खत्म हो गया। एक पेटी पर एक पेटी फ्री का ऑफर लेने के लिए दुकानों पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। शराब विक्रेताओं को 31 मार्च तक पुराना स्टॉक खत्म करना है, इसलिए शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। नोएडा के सेक्टर 18 में शराब की दुकानों पर छूट की सूचना मिलते ही लोग की भीड़ उमड़ रही है। कुछ लोग लाइन में लगे हैं और कुछ लोग अपनी बारी न आने पर आपस में बहस करते नजर आ रहे हैं। तभी एक शख्स की मानो लाटरी लग गई है। वह पेटी के साथ दारू ले जाता दिखाई दिया। जानकारी के अनुसार यह खबर यूपी के नोएडा से सामने आयी है। बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग का वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। ऐसे में जिन दुकानदारों के पास अभी कोटा बचा हुआ है वह आफर के साथ उसे बेचकर खत्म करने की जुगत लगा रहे हैं। इसीलिए नोएडा में कुछ चुनिंदा दुकानों ने अपना स्टॉक खत्म करने के लिए एक के साथ एक बोतल ​फ्री का आफर निकाला है। सस्ते में शराब खरीदने की होड़ के चलते कई ठेकों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। ग्राहक पूरी पेटी ही खरीद कर ले जा रहे हैं। शराब के ठेकों पर लगी भीड़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नोएडा में शराब की दुकानों पर भारी भीड़। इस भीड़ और मारामारी का कारण यह है कि पिछले दिनों ई-लाटरी से दुकानों का आवंटन किया गया है। जिसके चलते काफी पुराने शराब की दुकानें के संचालकों की ई-लाटरी में दुकानें नहीं मिल सकी। पुराने दुकानों पर 31 मार्च तक स्टॉक खत्म करना जरूरी है। जिसके चलते कई दुकानों ने शराब की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक की छूट दी है। नोएडा में शराब की दुकानों के बाहर कुछ वैसी ही भीड़ नजर आ रही है जिस तरह कुछ साल पहले दिल्ली में नई शराब नीति लागू होने के बाद एक पर एक बोतल मुफ्त वाली ऑफर के बाद दिखी थी।

विपक्ष के नेताओं ने 2024 के चुनाव में न सिर्फ दुष्‍प्रचार किया बल्कि विदेशी पैसे का भी इस्‍तेमाल हुआ: CM योगी

लखनऊ सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस का नाम लेते हुए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन में शामिल उसके सहयोगी दलों पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं ने 2024 के चुनाव में न सिर्फ दुष्‍प्रचार किया बल्कि इन चुनावों में विदेशी पैसे का भी बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल हुआ। सीएम योगी ने एएनआई के एक पॉडकास्‍ट में सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं। उन्‍होंने कहा कि ये लोग (विपक्षी दलों के कई नेता) चुनाव में विदेशी पैसों के इस्‍तेमाल में प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष ढंग से शामिल रहे। 2024 में चुनाव में क्‍या गलत हुआ? इस सवाल के जवाब में सीएम योगी ने कहा कि दुष्प्रचार किया गया था। दुष्‍प्रचार ही नहीं किया था बल्कि विदेशी पैसे भी इसमें इंवॉल्व (शामिल) था। जार्ज सोरोस ने तो बहुत पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। क्‍या सोरास के पैसे यूपी में भी लगे थे? इस सवाल पर सीएम योगी ने कहा- ‘मैं कह रहा हूं कि पूरे देश में विदेशी पैसा इंवॉल्व था लोकसभा चुनाव के दौरान जिसमें कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने, जो भी इंडी गठबंधन से जुड़े हुए दल थे ये लोग धड़ल्‍ले से डायरेक्‍ट-इन डायरेक्‍ट (प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष) ढंग से उसमें लिप्‍त थे। उसी के माध्‍यम से इन्‍होंने पूरे चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया।’ सीएम योगी ने कहा कि यह कृत्‍य देशद्रोह की श्रेणी में आता है। बता दें कि बीजेपी अमेरिकी उद्योगपति जार्ज सोरोस के नाम पर कांग्रेस को घेरती रही है। पिछले साल दिसम्‍बर में बीजेपी के राज्‍यसभा सदस्‍य सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि ‘फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसिफक’ से कांग्रेस की वरिष्‍ठ नेता सोनिया गांधी के संबंध हैं। बीजेपी का आरोप है कि इस फोरम में भारत विरोधी और पाकिस्‍तान समर्थित बातें हो रही हैं और इसकी फंडिंग जार्ज सोरोस के फाउंडेशन से की जाती है। तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने बीजेपी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खंडन किया था।

मायावती ने आज विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया, चुनाव के लिए नया दांव चला

लखनऊ यूपी की राजनीति में लगातार पिछड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नया दांव चल दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने 2007 की तरह 2027 के लिए भाईचारा कमेटियों का ऐलान करते हुए बड़े स्तर पर आयोजनों की तैयारी शुरू कर दी है। मायावती ने 2007 में भाईचारा कमेटियों के जरिए ही दलितों के साथ ब्राह्णण समाज को जोड़ते हुए बसपा की बहुमत वाली सरकार बनाई थी। इस बार मायावती की नजर पिछड़े यानी ओबीसी समाज पर है। मायावती ने मंगलवार को पिछड़े समाज की विशेष बैठक बुलायी और भाईचारा कमेटी का ऐलान भी कर दिया। बसपा ने 2007 में इसी तरह से भाईचारा कमिटियां बनाकर पहली बार बिना किसी सहयोग अपनी सरकार बनाई थी। अगले चुनाव में सपा से हारने के बाद भाईचारा कमेटियों का कार्यकाल खत्म हो गया और दोबारा नहीं बन सकीं। इसके बाद लगातार लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बसपा की ताकत घटती चली गई। लोकसभा में बसपा शून्य हो चुकी है और विधानसभा में केवल एक विधायक रह गया है।   बहुजन समाज के सभी अंग को संगठित करेंगे मंगलवार को आयोजित पिछड़ा समाज के भाईचारा कमेटी के ऐलान पर मायावती ने कहा कि दलितों की तरह ही अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के प्रति केन्द्र व राज्य सरकारों के जातिवादी द्वेषपूर्ण, हीन व संकीर्ण रवैये के कारण उनकी हर स्तर पर उपेक्षा, शोषण, तिरस्कार आदि का अपमान झेलते रहने से मुक्ति के लिए डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के संघर्ष के अनुरूप ’बहुजन समाज’ के सभी अंग को आपसी भाईचारा के आधार पर संगठित राजनीतिक शक्ति बनकर वोटों की ताकत से सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करेगी। पार्टी मुख्यालय में पिछड़ी जातियों की विशेष बैठक में मायावती ने कहा कि और अधिक ऊर्जा, तीव्रता से सार्थक बनाने हेतु नया ज़ोरदार अभियान शुरू करने की जरुरत है। इस अभियान के दौरान गांव-गांव में लोगों को खासकर कांग्रेस, भाजपा एवं सपा आदि इन पार्टियों के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे के साथ-साथ इनके द्वारा लगातार किए जा रहे छल, छलावा तथा इन बहुजनों को उनके हक व न्याय से वंचित रखे जाने के कारण इन लोगों का जीवन लगातार खराब व बदहाल बने रहने के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा। बसपा सरकार में पिछड़ों के लिए किए गए कार्य वैसे भी अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने से लेकर पार्टी में आगे बढ़ाने तथा उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार द्वारा इन वर्गों के हित व कल्याण के लिए तथा इनके महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि को पूरा-पूरा आदर-सम्मान देने के लिए जो अनेकों ठोस बुनियादी ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं वे बेमिसाल हैं, जिनमें से कुछ ख़ास का यहां उल्लेख भी किया गया है। पिछड़ों का हित बसपा में ही सुरक्षित बैठक में आमजन की इस धारणा को स्वीकार किया गया कि गांधीवादी कांग्रेस, आरएसएसवादी भाजपा एवं सपा व इनकी पीडीए में जिसे लोग परिवार डेवल्पमेन्ट अथारिटी भी कहते है इसमें बहुजन समाज में से ख़ासकर अन्य पिछड़े वर्गों के करोड़ों बहुजनों का हित कभी भी ना सुरक्षित था और ना ही आगे सुरक्षित रह सकता है। ​इसीलिए मायावती के नेतृत्व तले भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि इन सभी जातिवादी पार्टियों को परास्त करके राजनीतिक सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना ही बहुजनों के सामने अपने ’अच्छे दिन’ लाने का एकमात्र बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही अगले माह 14 अप्रैल को इन वर्गों के एकमात्र मसीहा डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की जयंती परम्परागत तौर पर पूरी मिशनरी भावना से मनाने का निर्देश दिया। किसे कहां की जिम्मेदारी बैठक के बाद बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के तमाम नेताओं को राज्य के अलग-अलग मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी। प्रयागराज मंडल के बीएसपी भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी अवधेश कुमार गौतम और अनिल सिंह पटेल को दी गई है। महाकुंभ मेला भाईचारा संगठन की जिम्मेदारी प्रवीण गौतम और विकास पाल को दी गई है। फतेहपुर भाईचारा संगठन के संयोजक की जिम्मेदारी रिंकू गौतम और रामशरन पाल को दी गई है। इसके अलावा प्रतापगढ़ में शोभनाथ गौतम और बाके लाल पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कौशांबी में मनीष गौतम और पप्पू निषाद, अयोध्या मंडल में रोहित गौतम और विजय वर्मा, अंबेडकरनगर में कृष्णकांत अंबेडकर उर्फ पंकज और मनोज कुमार वर्मा, सुल्तानपुर में दीपक भारती और नन्हेलाल निषाद, मिर्जापुर मंडल में संतोष कुमार और संतोष कुमार पाल के अलावा सोनभद्र में परमेश्वर और रमेश कुमार कुशवाहा को जिम्मेदारी दी गई है। भदोही में रामसनेही गौतम और वंशीधर मौर्य, अमेठी में विद्या प्रसाद गौतम और रमेश कुमार मौर्या के अलावा बाराबंकी में प्रदीप कुमार गौतम और माधव सिंह पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाध्यक्षों की बात करें तो अयोध्या में कृष्ण कुमार पासी, अंबेडकरनगर में सुनील सावंत गौतम, सुल्तानपुर में सुरेश कुमार गौतम और अमेठी में दिलीप कुमार कोरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बाराबंकी में कृष्ण कुमार रावत, प्रयागराज में पंकज कुमार गौतम, महाकुंभ मेला में सतीश जाटव, फतेहपुर में डॉ. दीप गौतम, प्रतापगढ़ में सुशील कुमार गौतम और कौशांबी में राकेश कुमार गौतम को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।

कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए अपना अधिकार मान लिया: सीएम योगी

लखनऊ स्‍टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा महाराष्‍ट्र के उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर की गई विवादित टिप्‍पणी को लेकर सियासत गर्म है। इस बीच उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इस बारे में पहली प्रतिक्रिया दी है। इंटरव्‍यू में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कुछ लोग ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है।’ बता दें कि स्‍टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने उप मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे पर नाम लिए बगैर विवादित टिप्‍पणी की थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद से कामरा की मुश्किलें बढ़ती चली जा रही रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने इस मामले में कुणाल कामरा को समन भेजा है। उधर, कामरा की विवादित टिप्‍पणी वाला वीडियो सामने आने के बाद नाराज शिवसैनिकों ने रविवार को मुंबई के खार इलाके में स्थित स्‍टूडियो और एक होटल में तोड़फोड़ की थी। ऐसा कहा जा रहा था कि वीडियो यहीं पर शूट हुआ था। कामरा के खिलाफ मुंबई में शिवसेना नेताओं ने केस भी दर्ज कराया है। शिवसेना (शिंदे) ने कामरा से माफी मांगने की मांग की थी। साथ ही यह चेतावनी भी दी थी कि कामरा यदि माफी नहीं मांगते हैं तो शिवसेना अपने ढंग से जवाब देगी। इस बीच एएनआई के इंटरव्‍यू में सीएम योगी आदित्‍यनाथ से जब बताया गया कि महाराष्‍ट्र में कॉमेडियन ने संविधान को दिखाकर कहा है कि इससे (संविधान से) मुझे अभिव्‍यक्ति की आजादी मिलती है। इस पर सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आपकी अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता दूसरे पर व्‍यक्तिगत प्रहार करने के लिए नहीं हो सकती है। दुर्भाग्‍य है कि कुछ लोगों ने देश का चीर हरण करना, विभाजन की खाई को और चौड़ी करने के लिए इस अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता को अपना जन्‍मसिद्ध अधिकार मान लिया है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet