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प्रयागराज संगम स्टेशन 14 फरवरी की मध्य रात्रि तक यात्रा आवागमन के लिये बंद रहेगा: रेलवे

महाकुंभ नगर रेल प्रशासन ने सूचित किया है कि प्रयाग जिला प्रशासन के आदेश अनुसार उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का प्रयाग राज संगम स्टेशन आज से 14 फरवरी की मध्य रात्रि तक यात्रा आवागमन के लिये बंद रहेगा। रेल विभाग के सूत्रों ने बताया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह प्रचारित किया जा रहा है कि प्रयागराज जंक्शन को बंद कर दिया गया है। इस संबंध में यह अवगत कराना है कि प्रयाग जिला प्रशासन के आदेशानुसार प्रयाग राज संगम स्टेशन नौ फरवरी को अपरान्हे डेढ़ बजेसे 14 फरवरी की रात 12 बजे तक यात्री आवागमन के लिए बंद रहेगा। उन्होने बताया कि महाकुंभ क्षेत्र में आने वाले अन्य आठ स्टेशनों प्रयागराज छिवकी, नैनी, प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, प्रयाग, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग एवं झूसी से नियमित और स्पेशल ट्रेनों का परिचालन नियमित रूप से चल रहा है।  

भारत में इतिहास का सबसे लंबा जाम, 20 Km पैदल चलने का बूता है तो आइए महाकुंभ, 300 किमी रूट पर भारी Traffic

प्रयागराज महाकुंभ मेला अब अपने अंतिम चरण में है, और लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने वाहनों से पहुंच रहे हैं, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। महाकुंभ नगर से लेकर शहर के प्रमुख इलाकों तक लंबी-लंबी गाड़ियों की कतारें लग चुकी हैं, और श्रद्धालुओं को 20 किलोमीटर तक पैदल चलने की स्थिति बन गई है। धूमनगंज, चौफटका, रेलवे स्टेशन सिटी साइड, दारागंज और बक्शी बांध जैसे प्रमुख इलाकों में जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। यहाँ तक कि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को भी अदालतों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इसके बावजूद, संगम की रेती पर चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। लाखों श्रद्धालु प्रतापगढ़ से होकर प्रयागराज पहुंच रहे हैं, और उनके यात्रा मार्गों पर भी भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भदोही हाइवे पर कुछ राहत मिली है, वहीं वाराणसी-प्रयागराज NH 19 पर सुबह के समय जाम की स्थिति सामान्य है, लेकिन दोपहर बाद यहां वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।   6 घंटे का रास्ता 24 घंटे में हो रहा पूरा मध्य प्रदेश के जबलपुर से लेकर प्रयागराज तक के 350 किमी के रूट पर भारी जाम की स्थिति बन गई है। नेशनल हाईवे-30 पर लाखों वाहन फंसे हुए हैं, और श्रद्धालु रेंगते हुए महाकुंभ पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। जबलपुर से प्रयागराज का रास्ता पहले 5 से 6 घंटे में तय हो जाता था, लेकिन अब यह समय बढ़कर 24 घंटे से ज्यादा हो चुका है। जाम की सबसे खराब स्थिति रीवा के आसपास देखी जा रही है, जहां वाहनों की लंबी कतारें और ट्रैफिक की भारी भीड़ बनी हुई है। प्रशासन द्वारा रास्ते को साफ करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जाम की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलने की भी स्थिति आ रही है। महाकुंभ के इस अंतिम चरण में श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है, लेकिन यातायात की समस्या निश्चित रूप से उनके यात्रा अनुभव को प्रभावित कर रही है। काशी और अयोध्या में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ महाकुंभ के कारण काशी में भी भीड़ का दृश्य देखने को मिल रहा है। काशी आने वाली हर सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं, और यहां तक कि एक मिनट में 40 नाव घाट से निकल रही हैं। 3 से 9 फरवरी तक, 35 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी पहुंचे। अयोध्या में भी महाकुंभ के बाद रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। प्रयागराज में 43 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई महाकुंभ के 29वें दिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम तट पर उमड़ी। 9 फरवरी तक, कुल 43 करोड़ 57 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई, जिसमें 10 लाख कल्पवासी और 53 लाख 75 हजार श्रद्धालु शामिल हैं। प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो रहा है। प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में प्रवेश करने से पहले 10 से 15 किलोमीटर पहले कूलिंग ऑफ एरिया बनाए हैं, ताकि शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन की कड़ी मेहनत के बावजूद, श्रद्धालुओं का उत्साह थमा नहीं है, और वे अपने आस्थावान उद्देश्य की ओर बढ़ रहे हैं।  

ट्रैफिक व्यवस्था पर भड़के सांसद, कहा-दूल्हा अपनी बारात को लेकर शादी तक नहीं पहुंच पा रहा है,

प्रयागराज प्रयागराज और आसपास के जिलों में ट्रैफिक जाम की स्थिति को लेकर कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रयागराज के जाम से ना सिर्फ बाहर से आए लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता को भी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि दूल्हा अपनी बारात को लेकर शादी स्थल तक नहीं पहुंच पा रहा. श्रद्धालु घाट तक नहीं पहुंच पा रहे. शहर से लेकर गांव तक की पब्लिक को जद्दोजहद करनी पड़ रही है और सरकार फेल होती दिख रही है. दिल्ली में संसद भवन के बाहर बात करते हुए प्रयागराज से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने दावा किया था कि महाकुंभ से पहले गंगा एक्सप्रेसवे पूरी तरह से चालू हो जाएगा, शहर में मेट्रो भी चालू कर देंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. सिक्स लेन ब्रिज आधे-अधूरे पड़े हैं, फाफामऊ के पास. लखनऊ-रायबरेली-प्रयागराज हाइवे पर जगह-जगह निर्माण कार्य चल रहा है. इनर रिंग रोड का कोई अता-पता नहीं. अगर ये सब काम हो गए होते तो प्रयागराज आज अच्छी स्थिति में होता. भारी भीड़ का दबाव झेल लेता. सांसद उज्ज्वल रमण ने मांग की महाकुंभ के बजट में जो पैसा खर्च हुआ है उसके लिए सरकार को व्हाइट पेपर लाना चाहिए. ताकि, पता चल सके कि पैसा कहां-कहां खर्च हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे की बर्बादी हुई है. ना ढंग की सड़कें बनी, ना ढंग का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा हुआ, प्रयागराजवासी आज भी उसी हाल में हैं. इससे पहले संसद में बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा था- “मुझे एक बार भी महाकुंभ की किसी आधिकारिक योजना बैठक में नहीं बुलाया गया, जहां मैं अपनी राय साझा कर सकता था. सब कुछ अंतिम क्षण के लिए छोड़ दिया गया, जिससे अव्यवस्थित और विनाशकारी क्रियान्वयन हुआ.” महाकुंभ भगदड़ पर बोलते हुए उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने पहले से ही चेतावनियों पर ध्यान दिया होता, तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी. उन्होंने दावा किया कि वे एक साल से अधिक समय से अधिकारियों को आगाह कर रहे थे और मीडिया के माध्यम से अपर्याप्त तैयारियों के बारे में चेतावनी दे रहे थे, लेकिन कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई.

कुंभ में लगे ट्रैफिक से प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे: अखिलेश

प्रयागराज कुंभ में लगे ट्रैफिक के लंबे जाम पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने कहा कि सरकार को सारे इंतजाम करने चाहिए थे. अगर ऐसा हुआ होता तो जनता को परेशानी नहीं होती. अखिलेश ने कहा, मुख्यमंत्री ने कहा था कि हमने 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया है. लोग गाड़ियों में हैं, बसों में हैं, जाम में हैं. व्यवस्थाएं जो बनानी चाहिए थी वह इस सरकार ने बिगाड़ दी. मुख्यमंत्री ने खुद बिगाड़ी है, क्योंकि मुख्यमंत्री जी खुद इंजीनियर बन जाते हैं. मुख्यमंत्री खुद पुलिस अफसर बन जाते हैं. खुद डॉक्टर बन जाते हैं. खुद ट्रैफिक ऑफिसर बन जाते हैं. जब जिम्मेदार अधिकारियों को मौका नहीं देंगे तो यही परिस्थितियां होंगी. ‘आंदोलन रोकना हो तो पुलिस फोर्स है’ अखिलेश ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ना IAS की कमी है, ना IPS की कमी है, ना अच्छे अधिकारियों की कमी है, आखिर वह अधिकारी कर क्या रहे हैं? आपको मस्जिद गिरानी हो, आपको किसी विपक्षी नेता के खिलाफ कार्रवाई करनी हो, विपक्ष के लोगों का आंदोलन रोकना हो इनके पास पुलिस फोर्स है. इन्होंने अभी मिल्कीपुर फोर्स और अधिकारियों के दम पर लूट लिया. अगर इतनी ही बुद्धिमानी आप कुंभ में दिखाएंगे तो जो लोग आए उनको सुविधा मिलेगी. वो स्नान करके पुण्य कमाकर जाएंगे. आज तक खोने वालों की सूची, मरने वालों की सूची, रास्ते में जो लोग मर गए उनकी सूची जारी नहीं की गई. ‘डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है’ सपा अध्यक्ष ने कहा कि आप डिजिटल की बात कर रहे हैं तो वह डिजिटल कहां है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं? वहां ना पानी है, ना खाना है ना सुविधा दे पा रहे हैं. अब तो सुनने में आ रहा है कि डीजल-पेट्रोल खत्म हो रहा है, यह तो आने वालों की तकलीफ है. प्रयागराज में जो लोग हैं उनकी तकलीफ ज्यादा है. लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. हमने कई तरह के कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन प्रयागराज के लोग पहली बार ऐसे कार्यक्रम में हाउस अरेस्ट हो रहे हैं. यह सरकार अपने आप को चमका रही है, यह सरकार खुद को चमकाने के चक्कर में सबको डूबाना चाहती है. ‘भारतीय जनता पार्टी लूटती है’ अखिलेश ने मिल्कीपुर चुनाव पर कहा, एक केस स्टडी है, कैसे भारतीय जनता पार्टी लूटती है, कैसे मैनेजमेंट करती है. यह लोकतंत्र के जांबाज लोग हैं, इनको लोकतंत्र के जांबाज का अवार्ड मिलना चाहिए. पुलिस वाले, पीठासीन अधिकारी, शिक्षा विभाग के दो अधिकारी, इनको लोकतंत्र का जांबाज वाला अवार्ड मिलना चाहिए. सरकार उनके अवार्ड की व्यवस्था करें, क्योंकि लोकतंत्र में किसी भी दल के लिए इतना बेहतरीन मैनेजमेंट नहीं किया जा सकता. यह मैनेजमेंट दूसरे दल के लोगों के लिए सीखने का है. दिल्ली के चुनाव नतीजे पर अखिलेश ने कहा कि यह चुनाव में होता है. हार जीत होती है, हमें उम्मीद है आप पार्टी भविष्य में अच्छा करेगी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित हो रहे बेतिया स्टेशन के 3डी मॉडल का किया अवलोकन

हाजीपुर बेतिया में समपार सं. 02 पर नवनिर्मित सड़क ऊपरी पुल (आर.ओ.बी.) का राष्ट्र को समर्पण हेतु आयोजित समारोह में अश्विनी वैष्णव, माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार द्वारा नारी शक्तिस्वरूप महिलाओं के माध्यम से आरओबी का राष्ट्र को समर्पित कराया गया । इस दौरान उपस्थित माननीय सांसदगण एवं जनसमूह द्वारा बेतिया के रास्ते गोरखपुर और पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की भारी मांग पर उन्होंने विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि जल्द ही पूरे भारत में कई वंदे भारत ट्रेनें चलायी जाएगीं । माननीय रेल मंत्री जी द्वारा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किये जा रहे बेतिया स्टेशन के 3डी मॉडल का भी अवलोकन किया गया । इस अवसर पर बेतिया में आयोजित समारोह में माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री सतीश चंद्र दुबे, माननीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल, माननीय सांसद श्री सुनील कुमार, माननीय सांसद श्री गोपालजी ठाकुर एवं माननीय विधायकगण सहित कई अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह एवं समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री विनय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। समारोह के उपरांत बेतिया स्टेशन पर आयोजित प्रेस वार्ता में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच बिहार में रेलवे के विकास के लिए प्रतिवर्ष औसतन 1,132 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया जाता था, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस साल के बजट में बिहार को रेलवे के लिए रिकॉर्ड 10 हजार 66 करोड़ रूपये का बजट दिया है । यानी पिछली सरकार की तुलना में करीब-करीब नौ गुना अधिक बजट आवंटित किया है। इसी रिकॉर्ड बजट का परिणाम है कि बिहार में नई रेल लाइनों के निर्माण, विद्युतीकरण, नई ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का विकास, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के कार्य रिकॉर्ड स्तर पर किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे के समग्र विकास हेतु 95 हजार 566 करोड़ रूपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है जिससे अगले 05 वर्षों में बिहार में रेलवे का नेटवर्क का कम्पलीट ट्रांसफॉर्मेशन होने वाला है । उन्होंने कहा कि बिहार में चल रहे प्रोजेक्ट के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी बिहार में 2009 से 2014 के मध्य जहां औसतन प्रतिवर्ष 64 किमी नई लाइन का निर्माण होता था वहीं 2014 से 2025 के मध्य प्रतिवर्ष औसतन 167 किमी नई लाइन का निर्माण हुआ है, जो लगभग 2.6 गुणा ज्यादा है । आपके बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार में 2014 से अब तक 1832 किमी नई रेल लाईन का निर्माण किया जा चुका है जो मलेशिया के कुल रेल नेटवर्क के बराबर है । इसके साथ ही बिहार में 2014 से 3020 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया है । इसी का परिणाम है कि आज बिहार में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है । उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन के तहत चम्पारण के आसपास के प्रमुख स्टेशनों जैसे – बेतिया, बापूधाम मोतिहारी, नरकटियागंज, रक्सौल आदि सहित बिहार में कुल  98 स्टेशनों का पुर्नविकास किया जा रहा है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रेलवे अवसंरचना के विकास हेतु नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड के दोहरीकरण कार्य की कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गयी है । वर्तमान में वाल्मीकिनगर-सगौली एवं सगौली-मुजफ्फरपुर रेलखंड का दोहरीकरण कार्य चल रहा है। इसके पूर्ण हो जाने से इस क्षेत्र में और कई ट्रेनों का परिचालन संभव हो पाएगा । इससे पहले आज सुबह माननीय रेल मंत्री जी द्वारा गोरखपुर से स्पेशल ट्रेन द्वारा गोरखपुर-वाल्मीकिनगर-बगहा-बेतिया रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया गया । इस दौरान माननीय रेल मंत्री महोदय का वाल्मीकिनगर, बगहा एवं नरकटियागंज रेलवे स्टेशनों पर उपस्थित जनसमूह द्वारा फूलमाला से स्वागत किया गया । विदित हो कि बेतिया शहर में ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 103 करोड़ रुपए की लागत से बेतिया और कुमारबाग स्टेशन के मध्य बेतिया (छावनी) के निकट समपार सं. 02 पर सड़क ऊपरी पुल (आर.ओ.बी.) के निर्माण की मंजूरी दी गयी थी । इस परियोजना के तहत आरओबी के साथ ही रेलवे लाईन के एक तरफ बेतिया-लौरिया लेन तथा दूसरी तरफ मैनाटांड एवं नरकटियागंज लेन का निर्माण किया जाना था। पिछले वर्ष मार्च, 2024 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा इस आरओबी के बेतिया-लौरिया लेन का उद्घाटन किया गया था। इस आरओबी के मैनाटांड लेन तथा नरकटियागंज लेन भी पिछले वर्ष मई, 2024 में चालू कर दिए गए थे। इस परियोजना का शेष बचा भाग सड़क उपरि पुल का निर्माण कार्य पिछले माह जनवरी 2025 में पूरा कर लिया गया था जिसका माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया । इस आरओबी के चालू होने के बाद बेतिया शहरवासियों को एक ओर जहां ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी वहीं यातायात की आवाजाही आसान और तेज़ होगी। साथ ही, ट्रेनों की परिचालन की संरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। बेतिया में आरओबी का राष्ट्र को समर्पण के उपरांत माननीय रेल मंत्री महोदय स्पेशल ट्रेन द्वारा मुजफ्फरपुर पहुंचे जहां उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किये जा रहे मुजफ्फरपुर जं. के 3डी मॉडल का भी अवलोकन किया । उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर वासियों के लिए हर्ष की बात है कि 442 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर जं. का वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकास किया जा रहा है। इस अवसर पर उपस्थित प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में रेलवे के विकास के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं और इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए फंड की किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी । उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी के लिए 100 अमृत भारत ट्रेनें तथा कम दूरी के लिए 50 नमो भारत ट्रेनें बनाने की योजना है । उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा 95 हजार युवाओं की भर्ती हेतु प्रक्रिया चल रही है । पिछले वर्ष भारतीय रेलवे द्वारा पारदर्शी तरीके से 1.51 लाख से ज्यादा भर्तियां की गयी हैं ।     

महाकुंभ: नेशनल हाईवे से लेकर प्रयागराज शहर में भी गाड़ियां रेंग रही हैं, कई किलोमीटर तक भीषण जाम

प्रयागराज देश के कोने-कोने से लोग प्रयागराज महाकुंभ आ रहे हैं। भीड़ का दबाव इतना कि संगम जाने वाली हर सड़क जाम हो गई है। नेशनल हाईवे से लेकर प्रयागराज शहर में भी गाड़ियां रेंग रही हैं। कई किलोमीटर तक भीषण जाम है। शहर से जुड़े हर मार्ग पर जाम के कारण मेला पहुंचने के लिए लोगों को 20-25 किमी तक पैदल तक चलना पड़ रहा है। प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों का रेला प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गों वाराणसी, जौनपुर, मिर्जापुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, रीवां व कानपुर मार्ग पर सिर्फ वाहनों का लंबा रेला दिख रहा है। वाहनों में फंसे श्रद्धालुओं को मेला तक पहुंचने के लिए तमाम दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है। बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं तक घंटों भूख-प्यास का सामना कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से शहर के बाहर हाईवे किनारे अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। हालांकि अधिकांश पार्किंग स्थल फुल हो जाने से सड़कों पर ही वाहन फंसे हुए हैं। भीषण जाम को छुड़ाने में सिविल व यातायात पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों तक को तैनात कर दिया गया है। इधर, शहर के बालसन चौराहा, छोटा बघाड़ा, बांगड़ धर्मशाला चौराहा, जानसनगंज चौराहा आदि प्रमुख स्थानों पर पैदल चलना तक दुश्वार हो गया है। अखिलेश ने पोस्ट कर लिखा कि श्रद्धालुओं का पुरसाहाल कोई है क्या? वहीं इस जाम पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। अखिलेश ने पोस्ट कर लिखा कि श्रद्धालुओं का पुरसाहाल कोई है क्या? अखिलेश यादव ने लिखा कि जाम में फंसे लोग अपने वाहनों में क़ैद घंटों से क़ैद हैं। दैनंदिनी ज़रूरतों के लिए महिलाओं तक के लिए कोई स्थान नहीं है। जो लोग रास्तों में बेसुध हो रहे हैं, उनकी देखभाल का कोई इंतजाम नहीं है। श्रद्धालुओं के मोबाइल फ़ोन की बैटरी ख़त्म हो गयी है, जिससे उनका अपने लोगों से संपर्क टूट गया है। संपर्क और सूचना के अभाव में लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। हालातों पर क़ाबू पाने के लिए कोई ज़िम्मेदार मंत्री या व्यक्ति नहीं दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री तो पूरी तरह से नाकाम साबित हो ही चुके हैं साथ ही प्रयागराज से संबंधित उपमुख्यमंत्री और कई जानेमाने मंत्रीगण नदारद हैं। जिन्हें जनता के बीच होना चाहिए था वो घरों में बैठे हैं। जो सिपाही, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या सफ़ाईकर्मी दिनरात निष्ठापूर्वक भूखे-प्यासे डटे हैं, उनके भोजन पानी की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। अधिकारी कमरों में बैठकर आदेश तो दे रहे हैं लेकिन ज़मीन पर नहीं उतर रहे हैं। प्रयागराज के नगरवासियों को गंदगी, जाम और महंगाई के सिवा कुछ भी नहीं मिला है। सुनने में आया है कि अब भाजपाई श्रद्धालुओं पर ही ये आरोप लगा रहे हैं कि जब पता है कि हर तरफ़ बद इंतज़ामी फैल गयी है कि तो श्रद्धालु आ ही क्यों रहे हैं। कोई प्रदेश में हादसे के मारे लोगों को अपने हाल पर छोड़कर दूसरे प्रदेश में समारोह में शामिल हो रहा है कोई विदेश चला जा रहा है, श्रद्धालुओं का पुरसाहाल कोई है क्या?

महाकुंभ की वजह से प्रयागराज ही नहीं इसके आस-पास के जिलों में भी जाम, सब हो रहे परेशान

  प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। संगम में स्नान के लिए श्रद्धालु हजारों की संख्या में आ रहे हैं। आज सुबह तीन बजे से ही स्नान जारी है। जिसके चलते प्रयागराज आने और जाने वाले रास्तों पर जाम देखा जा रहा है। सड़कों पर वाहनों और पैदल चलने वाले यात्रियों को मिनटों की दूरी घंटों में तय करनी पड़ रही है। श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। माघ पूर्णिमा से पहले महाकुंभ में महाजाम की स्थिति देखी जा रही है। प्रयागराज में कहां-कहां हैं जाम प्रयागराज पहुंचने में श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत हो रही है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रयागराज में चारों तरफ से श्रद्धालु आ रहे हैं। फाफामऊ, झूंसी, नैनी, वाराणसी-प्रयागराज रोड यानी जीटी रोड (सुलेम सराय) में जगह जगह जाम लगा हुआ है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। तो वहीं सड़कों पर चलने वाले यात्री घंटों में घाटों तक पहुंच रहे हैं। प्रयागराज में उमड़ा जनसैलाब वसंत पंचमी के बाद शनिवार को लगातार पांचवें दिन शहरी व श्रद्धालु भीषण जाम से कराहते रहे। शहर से लेकर जनपदीय इंट्री प्वाइंटों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मुख्य मार्ग चोक होने पर शहरों में गलियां भी पट गई। सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में सुबह से रात तक 10-10 किमी तक एक के पीछे एक वाहन लगे रहे। श्रद्धालु ने सुनाई सफर की कहानी नागवासुकि मार्ग पर सुबह 10 बजे के करीब फैजाबाद से आए पीतांबर शुक्ला मिले। उन्होंने बताया कि फैजाबाद से शनिवार शाम पांच बजे चले थे। पांच घंटे का रास्ता तय करने में 17 घंटे का वक्त लग गया। यहां भी भीषण जाम लगा है और पता नहीं संगम पहुंचने में और कितनी देर लगेगी। इसी तरह गीता निकेतन सोहबतियाबाग के पास मिले अखिलेश्वर प्रसाद ने बताया कि वह कानपुर से आए हैं। कानपुर से शनिवार दोपहर में चले थे। बालसन से गीता निकेतन तक पहुंचने में ही एक घंटे का वक्त लग गया। इसी तरह नोएडा से आए अजय कुमार शनिवार सुबह छह बजे निकले और झुंसी स्थित घर तक पहुंचने में उन्हें रविवार के सुबह छह बज गए। शहर का हाल यह रहा कि मेले की ओर जाने वाले सभी रास्ते तो चोक रहे ही, पुराने शहर के सभी इलाकों में भी भीषण जाम से राहगीर व शहरी जूझते नजर आए। सुबह से देर रात तक यही स्थिति बनी रही। एक किमी का सफर दो से तीन घंटे में हुआ तय, गाड़ियों में लगी आग एक किमी की दूरी तय करने में रविवार को लोगों को दो से तीन घंटे लगे। 12 घंटे के भीतर तीन गाड़ियां ओवरहीट होने की वजह से जल गई। लखनऊ रूट पर बेला कछार इलाके में अलग-अलग स्थानों पर ये घटनाएं हुई। फायर कर्मियों ने तो एक गाड़ी का शीशा तोड़कर कार सवारों को बाहर निकाला। इस दौरान दो लोग बुरी तरह से झुलस गए। पांच किमी तक लगीं कतारें जनपदीय सीमा पर स्थित सभी सात प्रमुख मार्गों पर भी जाम से श्रद्धालु दिन भर कराहते रहे। कहां क्या स्थिति रही। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर श्रृंग्वेरपुर धाम से मलाक हरहर का 23 किलोमीटर का सफर तय करने में चार घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। इस पर लखनऊ हाईवे के साथ कानपुर से कोखराज हंडिया बाईपास पर आने वाले वाहनों की भीड़ नो इंट्री प्वाइंट पर जमा होने से हालात और गंभीर हो गए। सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में भी 10-10 किमी तक जाम इसी तरह प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर करछना से जाम की स्थिति रही। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडीशा, गुजरात, महाराष्ट आदि से आने वाले वाहनों को करछना की ओर डायवर्ट करने से यह स्थिति हुई। वाराणसी, जौनपुरी, कानपुर, रीवा-बांदा, अयोध्या-प्रतापगढ़ मार्ग पर भी 10-10 किमी तक वाहन सुबह से लेकर रात तक रेंगते रहे। श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा तो हांफने लगी व्यवस्था वसंत पंचमी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। उससे ट्रैफिक को लेकर की जा रही सभी कवायदें नाकाफी साबित हो रही हैं। चौखंडी निवासी अधिवक्ता शांतनु सिंह कहते हैं कि मुख्य स्नान पर्वो पर यातायात को लेकर दिक्कत की बात समझी जा सकती थी। आम दिनों में भी उसी तरह जाम लग रहा है। इसी तरह बैरहना निवासी संजय सिंह कहते हैं कि शहर के साथ ही जिले की सीमाओं पर भी वाहनों का तांता लगा हुआ है।  

द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में लगाई डुबकी, मां गंगा को चढ़ाया फूल, सूर्य को दिया अर्ध्य

प्रयागराज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह 11 बजे दिल्ली से विशेष विमान से प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंची। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से अरैल स्थित डीपीएस हेलीपैड पर उतरी। जिसके बाद राष्ट्रपति कार में सवार होकर अरैल घाट पहुंची और पूरे विधि विधान के साथ संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनके साथ मौजूद रही। संगम में स्नान के बाद राष्ट्रपति गंगा आरती कर रही है। इसके बाद वे डिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का अवलोकन करेंगी। शाम चार बजे के करीब दिल्ली के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं, जो महाकुंभ में संगम स्नान करेंगी। इससे पहले 1954 में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने महाकुंभ में पावन स्नान किया था। राष्ट्रपति के महाकुंभ दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है। वीवीआईपी घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किए गए है। इन नेताओं ने संगम में लगाई डुबकी महाकुंभ में अब तक पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में डुबकी लगा चुके है। 41 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्नान महाकुंभ की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। सात समंदर पार के लोग कुंभ की दिव्यता और भव्यता को देखने के लिए आ रहे है। भारत की प्राचीन परंपरा और यहां की सनातन संस्कृति विदेशी लोगों के मन को भा रही है। आज सुबह 8 बजे तक 46 लाख लोगों ने संगम में स्नान कर लिया। महाकुंभ में अब तक 41 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगा ली है। बसंती पंचमी के मौके पर डेढ़ करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने त्रिवेणी संगम में शाही स्नान किया और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकुंभ में कल्पवास कर रहे है।

यूपी का बजट सत्र 18 फरवरी से होगा प्रारंभ, अधिसूचना जारी, 8 लाख करोड़ का हो सकता है प्रदेश का बजट

लखनऊ यूपी का बजट सत्र 18 फरवरी से प्रारंभ होगा। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रदेश का बजट 19 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस बार प्रदेश का बजट आठ लाख करोड़ का हो सकता है। जो कि अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। यह सत्र करीब एक सप्ताह चलेगा जिसमें सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगा, वहीं विपक्ष महाकुंभ हादसे के अलावा किसानों, महिलाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश करेगा। सत्र को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।  

कुंभ की भव्यता की साइबेरियाई पक्षियों ने बढ़ाई खूबसूरती, हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे संगम

प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के बाद फिर से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है। संगम के किनारे जहां नावों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, वहीं घाटों पर बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंच रहे हैं। इस बीच, साइबेरियाई पक्षी गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम के पास अपनी खूबसूरती से इन नदियों के दृश्य में चार चांद लगा रहे हैं। इन पक्षियों ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। कहां से आते हैं ये साइबेरियाई पक्षी? साइबेरियाई पक्षी, जिन्हें “Migratory Birds” भी कहा जाता है, सर्दियों के मौसम में साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की यात्रा करके भारत आते हैं। ये पक्षी अक्टूबर के आखिरी दिनों से भारत पहुंचना शुरू होते हैं और ठंड के मौसम तक यहां रहते हैं। प्रयागराज में इनका अधिकांश जमावड़ा संगम के आस-पास देखा जाता है। इन पक्षियों का झुंड दिनभर भोजन करता है और अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इनकी तंत्रिकाएं मनुष्यों के मुकाबले अधिक सक्रिय और सटीक होती हैं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या महाकुंभ के दौरान संगम में पवित्र स्नान करने वालों की संख्या अब 40 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 7 फरवरी को 48 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम पर डुबकी लगाई। यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नेताओं और हस्तियों ने भी लगाई डुबकी महाकुंभ में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख नेता और हस्तियां भी स्नान करने के लिए संगम पहुंची हैं। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं। इसके अलावा, अभिनेत्री हेमा मालिनी, अभिनेता अनुपम खेर, ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा जैसी जानी-मानी हस्तियां भी महाकुंभ में डुबकी लगा चुकी हैं।

श्रद्धालुओं को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित यात्रा जैसी तमाम सेवाओं में अनंत अंबानी ने दिया महत्वपूर्ण योगदान

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आने वाले तमाम श्रद्धालुओं की चुनौतियों को समझते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने ‘तीर्थ यात्री सेवा’ नामक एक विशेष पहल शुरू की है, जिसे श्रद्धालुओं की यात्रा को सहज और सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। रिलायंस अपनी ‘वी केयर’ (हम परवाह करते हैं) की भावना के साथ इस पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पौष्टिक भोजन, जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित यात्रा और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी तमाम सेवाएं दे रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा, “कहते हैं कि जब हम तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं, तो हमें भी आशीर्वाद मिलता है। हमारी सेवाएं उन तीर्थयात्रियों के लिए हैं, जो इस हजार साल में एक बार होने वाले आयोजन के दौरान आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। हमारा लक्ष्य उनमें से सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों की जरूरतों को पूरा करना है। अनंत अंबानी ने आगे कहा, “महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक समागम है। यह हमारे लिए लाखों तीर्थयात्रियों की सेवा, स्वास्थ्य, कल्याण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का अवसर है, ताकि उनकी यात्रा और भी सरल, सुगम व सुरक्षित बन सके।” रिलायंस फाउंडेशन ने कुंभ मेला में तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए आठ विशेष पहल शुरू की हैं। ‘अन्न सेवा’ के तहत हर दिन हजारों श्रद्धालुओं को गर्म और पौष्टिक भोजन व साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में 24×7 मेडिकल सुविधा, ओपीडी, डेंटल केयर और महिलाओं के लिए मुफ्त सेनेटरी नैपकिन शामिल है, ताकि सभी यात्रियों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहे। यात्रा को आसान बनाने के लिए तीर्थयात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन और गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, प्रयागराज से संगम तक विशेष परिवहन सेवा भी दी जा रही है। पवित्र जल (नदी) में सेफ्टी के लिए लाइफ जैकेट और नावों की सुरक्षा को बेहतर किया गया है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने कैंपा आश्रम स्थापित किए हैं, जहां तीर्थयात्रियों आराम और शांति से कुछ समय बिता सकते हैं। जियो ने प्रयागराज में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नए 4G और 5G BTS स्थापित किए हैं, और मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करने के साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर ट्रांसपोर्टेबल टावर व स्मॉल सेल सॉल्यूशन स्थापित किए हैं। इसके साथ ही नए ऑप्टिकल फाइबर बिछाए गए हैं ताकि संचार सुचारू रूप से चल सके। पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए रिलायंस ने उनकी सहायता के लिए पुलिस बूथों पर पानी की आपूर्ति की है और सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैरिकेड्स और वॉच टावर लगाए हैं। रिलायंस कई धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। इनमें शारदा पीठ मठ ट्रस्ट द्वारका, श्री शंकराचार्य उत्सव सेवालय फाउंडेशन और निरंजनी अखाड़ा जैसे संगठन शामिल हैं। इससे रिलायंस के प्रयासों को और ताकत मिल रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ‘तीर्थ यात्री सेवा’ के जरिए समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से साबित कर रही है। कंपनी चाहती है कि 2025 के महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा का अनुभव मिले।

आज प्रयागराज पहुंच महकूम में डुबकी लगाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

महाकुंभ नगर प्रयागराज महाकुंभ में देश और दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। आज गुजरात के सीएम भूपेंद्र भाई पटेल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला संगम नगरी पधार रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि 10 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रयागराज जाएंगी। इस दौरान राष्ट्रपति महाकुंभ मेला का भ्रमण करेंगी और त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी। गुजरात सीएम आज लगाएंगे संगम में डुबकी बताया जा रहा है कि गंगा स्नान करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अक्षयवट और बड़े हनुमान जी के दर्शन करेंगी। सुबह 11 बजे राष्ट्रपति प्रयागराज पहुंचेगी और उसके बाद मेला क्षेत्र के लिए रवाना होंगी। महाकुंभ में अब तक पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अखिलेश यादव, रवि किशन, सीएम योगी और उनका पूरा मंत्रिमंडल, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, सीएम नायब सिंह सैनी, मणिपुर सीएम, कवि कुमार विश्वास, 73 देशों के प्रतिनिधिमंडल, भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक समेत कई बड़ी हस्तियां संगम में स्नान कर चुकी हैं। पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिन घमासान युद्ध हुआ। अमृत को पाने की लड़ाई के बीच कलश से अमृत की कुछ बूंदें धरती के चार स्थानों पर गिरी थीं। ये जगह हैं प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक। इन्हीं चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है। जब गुरु वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं तब कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, तब कुंभ मेला नासिक में आयोजित होता है। गुरु के सिंह राशि और सूर्य के मेष राशि में होने पर कुंभ मेला उज्जैन में आयोजित होता है। सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।

प्रयागराज रेलवे ने एकल दिशा प्लान को महाकुंभ में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बढ़ाया

महाकुंभ नगर महाकुंभ 2025 में अमृत स्नान पर्वों के बाद भी संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ भारी संख्या में प्रयागराज पहुंच रही है। महाकुंभ की शुरुआत हुए 26 दिन हो चुके हैं, अब तक महाकुंभ में 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं। इसके बाद भी प्रतिदिन महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। महाकुंंभ में भीड़ की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रयागराज रेलवे ने एकल दिशा प्लान को अगले आदेश तक लागू रखने की योजना बनाई है। सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों के स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों का निर्धारण किया है। विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। महाकुंभ के अमृत स्नान पर्वों के बीत जाने के बाद भी पवित्र त्रिवेणी में स्नान करने वालों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने अगले आदेश तक एकल दिशा प्लान लागू रखने का एलान किया है। रेल मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। मुख्य स्नान पर्वों की तरह ही प्रयागराज जंक्शन स्टेशन परिसर में यात्रियों का प्रवेश केवल सिटी साइड प्लेटफार्म नं. 1 से कराया जाएगा, जबकि निकास स्टेशन के सिविल लाइंस साइड, प्लेटफार्म नं. 6 और 10 की ओर से ही होगा। पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि स्टेशन परिसर में तीर्थयात्रियों को प्लेटफार्म तक कलर कोडेड टिकट और आश्रय स्थल के माध्यम से ही पहुंचाया जाएगा। कलर कोडेड आश्रय स्थल दिशावार यात्रियों के गंतव्य स्टेशनों के मुताबिक बनाए गए हैं, जिनमें अस्थाई टिकट घर, शौचालय और यात्रियों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि आरक्षित यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश गेट संख्या 5 से दिया जाएगा। साथ ही प्रयागराज रेलवे ने तीर्थयात्रियों से सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए ट्रेनों के निर्धारित समय से अतिरिक्त समय लेकर आने का अनुरोध किया है। इसके अलावा सिविल पुलिस के सहयोग से शहर में चलने वाले टैक्सी, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अनुरोध किया गया है कि वे भी तीर्थयात्रियों को रेलवे स्टेशन एकल दिशा प्लान के मुताबिक ही लाएं, ताकि शहर में जाम और स्टेशन परिसर में भगदड़ की स्थिति से बचा जा सके।  

महाकुंभ में सिस्टम हुआ फेल, भीड़ हुई बेकाबू, संगम पहुंचने वाले सभी मार्गों पर लम्बा जाम, अखिलेश बोले- उप्र सरकार हो चुकी है असफल

प्रयागराज महाकुंभ में हर रोज लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. लेकिन व्यवस्थाओं का अभाव देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि शहर और कुंभ मेला क्षेत्र के सभी एंट्री प्वाइंट बंद कर दिए गए हैं. लाखों श्रद्धालु जहां हैं, वहीं थम गए हैं. भयंकर भीड़ की वजह बदइंतजामी को माना जा रहा है. 20-20 किमी पैदल चलने के बाद भी कुंभ क्षेत्र में एंट्री नहीं हो रही. सबसे बड़ी बात तो ये है कि शासन स्तर पर कोई मॉनिटरिंग नहीं होने से पूरी मेला व्यवस्था ध्वस्त पड़ गया है. जाम को लेकर अखिलेश यादव ने भी पोस्ट करते हुए कई सवाल खड़े किए हैं. बता दें कि शासन और प्रशासन ने महाकुंभ को लेकर कई बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन जमीनी हकीकत तो इसके बिल्कुल उलट है. कुंभ में तैनात दो IPS अधिकारियों ने पूरी व्यवस्था को अपनी निजी जागीर बना ली है. जिसकी वजह से सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है. बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे थककर बेहाल हो गए हैं. लोग पानी पीने के लिए तरस रहे हैं, जिसकी कोई व्यवस्था नहीं है. महाकुंभ क्षेत्र में पहुंचने से पहले आलम ये है कि श्रद्धालुओं को जानकारी देने वाला कोई नहीं है. किसी के पास कोई जानकारी नहीं कि कौन सा रास्ता खुलेगा और कब तक बंद रहेगा. एंट्री प्वाइंट पर दरोगा सिपाही लेवल के पुलिस वाले तैनात हैं, जो केवल पुलिस अधिकारियों के प्रोटोकॉल युक्त वालों परिजनों को डायरेक्ट एंट्री दे रहे हैं. बाकी आम आदमी के लिए सब बंद है.     संगम नगरी प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भीषण जाम की समस्या ने श्रद्धालुओं की परीक्षा ली। संगम तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर 10 से 15 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते जगह-जगह गाड़ियां फंसी हैं, जिससे पूरे शहर में यातायात बाधित हो गया… ऐसी नौबत क्यों आई? माइक से ऐलान हो रहा है, जहां जो घाट दिखे वहीं स्नान करो और लौट जाओ. सबसे खराब स्थिति नागवासुकी मंदिर के पास है. वहां बदइंतजामी सबसे चरम पर है. आम आदमी के लिए कुंभ क्षेत्र में घुसना किसी सपने से कम नहीं है. ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर जब 45 करोड़ लोगों के आने का अनुमान था और सरकार और प्रशासन की ओर से इससे ज्यादा लोगों के लिए व्यवस्था की गई तो ऐसी नौबत क्यों आई कि लोगों को पेरशानियों का सामना करना पड़ रह है. आखिर किसकी लापरवाही की वजह से ऐसी परिस्थितियां निर्मित हुई? अखिलेश यादव ने (X) पर पोस्ट करते हुए कहा, महाकुंभ में फंसे करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए तुरंत आपातकालीन व्यवस्था की जाए. हर तरफ़ से जाम में भूखे, प्यासे, बेहाल और थके तीर्थयात्रियों को मानवीय दृष्टि से देखा जाए. आम श्रद्धालु क्या इंसान नहीं है? अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि प्रयागराज में प्रवेश के लिए लखनऊ की तरफ़ 30 किमी पहले से ही नवाबगंज में जाम, रीवा रोड की तरफ़ से गौहनिया में 16 किमी पहले से जाम और वाराणसी की तरफ़ से 12 से 15 किमी के जाम के व ट्रेन के इंजन तक में भीड़ के प्रवेश कर जाने के समाचार हर जगह प्रकाशित हो रहे हैं. आम जन जीवन दूभर हो गया है. उप्र सरकार असफल हो चुकी है. वो अहंकार से भरे झूठे विज्ञापन में ही दिख रही है, लेकिन सच में ज़मीन पर नदारद है.

दिल्ली के लोगों ने ‘मोदी की गारंटी’ को अपनाया है, जबकि केजरीवाल की ‘झूठी गारंटी’ को खारिज कर दिया: अनुराग ठाकुर

लखनऊ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने रविवार को कहा कि दिल्ली के लोगों ने ‘मोदी की गारंटी’ को अपनाया है, जबकि ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ‘झूठी गारंटी’ को खारिज कर दिया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें हासिल कर निर्णायक जीत हासिल की, जबकि आप 22 सीटों पर सिमट गई। अनुराग ठाकुर ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए आईएएनएस से कहा, “मैं दिल्ली के लोगों को भाजपा को चुनने, ‘मोदी की गारंटी’ को स्वीकार करने और केजरीवाल के झूठे वादों को खारिज करने के लिए धन्यवाद देता हूं। लोगों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केजरीवाल दिल्ली में सत्ता में वापस नहीं आएंगे।” ‘आप’ प्रमुख पर कटाक्ष करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि केजरीवाल को अब जेल जाने की तैयारी कर लेनी चाहिए। उन्होंने केजरीवाल की इस टिप्पणी का हवाला दिया कि जनता के जनादेश का मतलब उन्हें जेल हो सकता है। उन्होंने कहा, “दिल्ली के लोग जानते हैं कि ‘मोदी है तो मुमकिन है।’ उन्होंने छल-कपट और कुशासन के खिलाफ वोट दिया है, जिससे यह पुख्ता होता है कि ‘मोदी की गारंटी’ ही सब कुछ है।” केजरीवाल के राजनीतिक सफर की तीखी आलोचना करते हुए ठाकुर ने कहा, “उनकी राजनीति अन्ना हजारे के चेहरे का इस्तेमाल करके शुरू हुई, लेकिन बाद में उन्हें किनारे कर दिया गया। उन्होंने एक पार्टी बनाई और उसके संस्थापक सदस्यों को निकाल दिया। सरकार बनाने के बाद उन्होंने अपने ही मंत्रियों को हटा दिया।” उन्होंने कहा, “उन्हें आतिशी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना था, लेकिन बाद में उन्होंने प्रचार के दौरान उन्हें किनारे करने की कोशिश की। दूसरों को हटाने की कोशिश में केजरीवाल आखिरकार खुद ही विफल हो गए।” भाजपा ने उत्तर प्रदेश में मिल्कीपुर उपचुनाव में भी जीत हासिल की, जहां उसके उम्मीदवार चंद्रभानु पासवान ने समाजवादी पार्टी के अजीत प्रसाद को 60 हजार से अधिक मतों से हराया। जीत पर टिप्पणी करते हुए ठाकुर ने कहा, “कुछ लोग जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश दिया था, वे अब खुद को अयोध्या का राजा बताने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या का असली राजा कौन है।”

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