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बुमराह को लेकर कोंस्टास कुछ ज्यादा नहीं सोच रहे

मेलबर्न युवा बल्लेबाज सैम कोंस्टास इस समय अपने ऊपर जसप्रीत बुमराह के वीडियो देखकर दबाव नहीं बनाना चाह रहे। 26 दिसंबर से मेलबर्न में होने वाले बॉक्सिंड डे टेस्ट में कोंस्टास का बतौर ओपनर डेब्यू तय दिख रहा है और वह भारतीय पेसर के ख़िलाफ़ तैयार हैं। तीन हफ़्ते पहले अभ्यास मैच में भारत के ख़िलाफ़ कोंस्टास ने 97 गेंदों में 107 रन की पारी खेली थी। कैनबरा में खेले गए मैच में भारतीय दल के आकाश दीप, मोहम्मद सिराज और रवींद्र जडेजा शामिल थे। लेकिन उस मैच में जो एक खिलाड़ी नहीं था वह थे बुमराह, वह शख़्स जिसने ऑस्ट्रेलिया को सबसे ज़्यादा परेशान कर रखा है। कोंस्टास जिनके लिए ये घरेलू सीज़न बेहतरीन जा रहा है, उनके सामने बुमराह की चुनौती सबसे घातक होने वाली है। बुमराह के नाम ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर अब किसी भी विदेशी गेंदबाज़ द्वारा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी औसत हो चुकी है, जिनके नाम ऑस्ट्रेलिया में 50 से ज़्यादा विकेट हैं। बुमराह ने अब तक अपने तीनों ऑस्ट्रेलियाई दौरे को मिलाकर 17.15 की औसत से 53 विकेट झटके हैं। जिसका मतलब है कि कोंस्टास के सामने अपने पहले ही टेस्ट मैच में सबसे कठिन गेंदबाज़ की चुनौती होगी। वह भी तब जब मेलबर्न की पिच पर तेज़ गेंदबाज़ों को खासी मदद मिलने की उम्मीद है, लेकिन 19 वर्षीय इस खिलाड़ी को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। कोंस्टास ने कहा, “मैं बुमराह के वीडियो बहुत ज़्यादा नहीं देखूंगा। मैंने उन्हें काफ़ी देख लिया है, और मैं उनकी चुनौती स्वीकार करने के लिए उत्साहित हूं। हमारे विश्लेषक हमें गेंदबाज़ों के हिसाब से फ़ीडबैक देते हैं, हो सकता है मैं उसपर ध्यान दूं।” कोंस्टास ने कहा कि वह प्रधानमंत्री एकादश की ओर से खेलते हुए भारत के ख़िलाफ़ शतक बनाकर अपने आत्मविश्वास को काफ़ी बढ़ा चुका है। उन्होंने कहा, “मैं आत्मविश्वास से लबरेज़ हूं, अपने कौशल पर मुझे भरोसा है। मैंने काफ़ी मेहनत की है और ये बस एक और मुक़ाबला है। मैं कोशिश करूंगा कि चीज़ों को सिंपल रखूं। बचपन से ही मैंने हमेशा इस पल को एक सपने की तरह देखा है, और आपको वह बैगी ग्रीन मिले ये बेहद कम ही होता है। लिहाज़ा अगर मुझे मौक़ा मिलता है तो ये मेरे लिए गर्व की बात होगी।” शुक्रवार को मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने बताया था कि कोंस्टास टीम का हिस्सा होंगे। कोंस्टास को ये बात पैट कमिंस और एंड्र्यू मैक्डोनाल्ड ने शनिवार को बताई। कोंस्टास को सबसे पहले बधाई देने वालों में नैथन मैकस्वीनी और न्यू साउथ वेल्स के उनके टीम साथी स्टीव स्मिथ शामिल थे। कोंस्टास ने कहा, “ये मेरे लिए उम्मीद से परे था, लेकिन साथ ही एक बड़ा मौक़ा भी। मैंने इसका जश्न परिवार के साथ डिनर करते हुए मनाया, ये एक भावुक क्षण था। मेरी मां रोने लगीं थीं, लग रहा था मानो सबकुछ तेज़ी से हो रहा है। माता, पिता और मेरे भाई उन सभी का बलिदान इसमें छिपा है। जो मुझे अभ्यास के लिए ले जाते थे, मेरे इस सफ़र में सभी साथ हैं। मेलबर्न में मुझे बेसब्री से इंतज़ार रहेगा कि वे सभी वहां मौजूद रहें और मेरा समर्थन करें।”    

भारतीय मीडिया ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद के बाद पहले से तय मैच का बहिष्कार किया

मेलबर्न भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के बीच निर्धारित प्रेस मैच को रद्द कर दिया गया, क्योंकि कथित तौर पर भारतीय मीडिया ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद के बाद पहले से तय मैच का बहिष्कार किया। रिपोर्ट में कई स्रोतों के हवाले से बताया गया कि मेलबर्न के जंक्शन ओवल में रविवार को होने वाला टी20 मैच रद्द कर दिया गया, क्योंकि भारतीय टीम के मीडिया मैनेजर ने इसमें भाग नहीं लेने का फैसला किया। इस फैसले के कारण यात्रा करने वाले मीडिया दल के कई सदस्यों ने भी नाम वापस ले लिया, जिससे औपचारिक मैच आयोजित करना असंभव हो गया। इस घटना के बाद शनिवार को जडेजा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें स्पिनर ने हिंदी में सवालों के जवाब दिए। भारत द्वारा मैदान पर प्रशिक्षण सत्र पूरा करने के बाद निर्धारित मीडिया उपस्थिति में आधे घंटे की देरी के बाद, जडेजा ने भारतीय पत्रकारों के सवाल लेने शुरू किए। हिंदी में नौ मिनट की चर्चा के बाद, प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त हो गई क्योंकि टीम बस को रवाना होना था। इसलिए, भारत के मीडिया मैनेजर के अनुसार, खिलाड़ी अधिक समय तक नहीं रुक सका। हालांकि, कुछ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया दावा कर रहे हैं कि जडेजा ने अंग्रेजी में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया है। चैनल 7 ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “ऑस्ट्रेलियाई मीडिया हैरान और भ्रमित था जब स्टार ऑलराउंडर ने अंग्रेजी में सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। यह स्पष्ट रूप से उन पत्रकारों के लिए एक कष्टप्रद स्थिति थी, जिन्होंने वहां पहुंचने का प्रयास किया।” वास्तव में, जडेजा ने कभी भी अंग्रेजी में सवालों के जवाब देने से इनकार नहीं किया। उन्होंने मुख्य रूप से हिंदी में जवाब दिया क्योंकि भारतीय पत्रकारों ने अपने सवाल विशेष रूप से उसी भाषा में पूछे थे। गुरुवार को मेलबर्न पहुंचने पर भारतीय टीम और स्थानीय मीडिया के बीच संबंधों में खटास आ गई। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक पत्रकार के साथ तीखी बहस में उलझ गए, क्योंकि वे अपने परिवार पर कैमरों की मौजूदगी से परेशान दिखाई दिए। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का चौथा टेस्ट गुरुवार को एमसीजी में शुरू हो रहा है, जिसमें सीरीज 1-1 से बराबर है।  

भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या विजय हजारे ट्रॉफी में करेंगे एंट्री, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले फॉर्म और फिटनेस पर नजरें

नई दिल्ली भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या विजय हजारे ट्रॉफी के नॉकआउट मैचों के लिए बड़ौदा की टीम में वापसी करेंगे। उन्हें टूर्नामेंट के पहले कुछ राउंड के लिए टीम में नहीं चुना गया था। बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने पुष्टि की है कि पांड्या मौजूदा 50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट के नॉकआउट चरणों के दौरान टीम में शामिल होंगे, बशर्ते टीम क्वालीफाई कर ले। क्रिकबज ने बीसीए की क्रिकेट सुधार समिति (सीआईसी) के सदस्य किरण मोरे के हवाले से कहा, “वह नॉकआउट से खेलेंगे; उन्होंने हमें सूचित कर दिया है।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय चयन समिति ने इस बात पर जोर दिया है कि खिलाड़ियों को घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए, जब तक कि उन्हें स्पष्ट रूप से छूट न दी जाए। पांड्या ने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (एसएमएटी) में भाग लिया, जहां बड़ौदा सेमीफाइनल में पहुंचा। उन्होंने इस टूर्नामेंट में खेले 7 मैचों में 246 रन बनाए और छह विकेट लिए। पांड्या 14 महीनों से अधिक समय से कोई गैर-टी20 मैच नहीं खेला है, उन्होंने आखिरी बार पिछले साल 19 अक्टूबर को पुणे में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप के दौरान खेला था। उस मैच में उन्हें टखने में चोट लग गई थी, जिसके कारण वे लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे और तब से उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट पूरी तरह से बंद कर दिया है। हार्दिक पांड्या का विजय हजारे टूर्नामेंट में खेलना आगामी चैंपियंस ट्रॉफी को देखते हुए उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर जब नीतीश कुमार रेड्डी जैसे युवा खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा से हर किसी का ध्यान खींचा हो। मौजूदा बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में नीतीश रेड्डी ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर हर किसी को प्रभावित किया है। चोट के बाद से पांड्या ने इंटरनेशनल, आईपीएल और डोमेस्टिक टूर्नामेंट में 38 टी20 मैच खेले हैं, लेकिन इस दौरान उन्होंने कोई और फॉर्मेट नहीं खेले हैं। इससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह केवल टी20 क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

भारत ने बांग्लादेश को फाइनल में किया चारो खाने चित, जीता पहला वुमेंस U19 एशिया कप का खिताब

नई दिल्ली गोंगाडी त्रिशा के शानदार अर्धशतक के दम पर भारत ने बांग्लादेश को हराकर अंडर-19 वुमेंस एशिया कप के उद्घाटन संस्करण का खिताब अपने नाम किया। कुआलालंपुर के बायुएमास ओवल में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 117 रन बोर्ड पर लगाए थे, इस स्कोर का पीछा करते हुए बांग्लादेश की टीम 76 रनों पर ही ढेर हो गई और भारत ने 41 रनों से इस मुकाबले को अपने नाम किया। गोंगाडी त्रिशा को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया के लिए गोंगाडी त्रिशा ही एकमात्र ऐसी बैटर रही जिन्होंने 20 रन का आंकड़ा पार किया। इस सलामी बैटर ने 47 गेंदों पर 5 चौकों और 2 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 52 रनों की शानदार पारी खेली। टीम की 5 बैटर दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाई। बांग्लादेश के लिए फरजाना इस्मिन ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए। 118 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम की शुरुआत से ही लड़खड़ाती दिखी। टीम की बैटिंग परफॉर्मेंस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जुएरिया फिरदौस 22 रनों के साथ हाईएस्ट स्कोरर रही और उनके आलावा सिर्फ फहमीदा चोया (18) ने दहाई का आंकड़ा छुआ। बांग्लादेश की टीम की 9 बैटर सिंगल डिजीट स्कोर ही कर सकी। भारत के लिए आयुषी शुक्ला गेंदबाजी में चमकीं जिन्होंने 3 विकेट चटकाए। भारत के लिए यह टूर्नामेंट काफी शानदार रहा। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रौंदा, वहीं नेपाल के खिलाफ मैच बारिश की भेंट चढ़ा। इसके बाद सुपर-4 में भारत ने बांग्लादेश और श्रीलंका को हराकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बनाई।

प्रक्टिस सेशन के दौरान पहले केएल राहुल चोटिल हुए तो अब रोहित शर्मा के चोटिल होने की खबर आ रही, बढ़ीं मुश्किलें

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मेलबर्न में 26 दिसंबर में खेला जाना है। हालांकि इस मैच से पहले टीम इंडिया की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। पहले केएल राहुल चोटिल हुए तो अब रविवार को प्रक्टिस सेशन के दौरान कप्तान रोहित शर्मा के चोटिल होने की खबर आ रही है। पता चला है कि प्रैक्टिस के दौरान रोहित के बाएं घुटने में चोट लगी है। उन्हें अपनी चोट पर आईसपैक भी लगाते हुए देखा गया। हिटमैन इस दौरान दर्द से कहराते हुए नजर आए। चोटिल होने के बाद भारतीय कप्तान ने अपना गियर उतार और कुर्सी पर बैठ गए और फिजियो ने आइस पैक निकाला। पैक लगाने पर रोहित के चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था और बाद में फिजियो ने रोहित को आरामदायक स्थिति में लाने के लिए बाएं पैर को कुर्सी पर रखा। चोट इतनी गंभीर नहीं लग रही थी और फिजियो यह सुनिश्चित करने के लिए एहतियात बरत रहे हैं कि सूजन, अगर कोई है तो, कम हो जाए। बॉक्सिंग डे टेस्ट शुरू होने में अभी कुछ समय बाकी है और रोहित को उम्मीद है कि दर्द दूर हो जाएगा। रोहित शर्मा का प्रदर्शन इस बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में अभी तक निराशाजनक रहा है। दूसरे बच्चे के जन्म के चलते रोहित पर्थ टेस्ट में हिस्सा नहीं ले पाए थे, उनकी जगह जसप्रीत बुमराह ने टीम की अगुवाई की थी। एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में वह टीम के साथ जुड़ी, उन्होंने अपने बैटिंग ऑर्डर का बलिदान देते हुए मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करने का फैसला किया। हालांकि अभी तक पिछले दोनों मुकाबलों में वह मिडिल ऑर्डर में कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। पिछले दो मैचों में उनके बल्ले से क्रमश: 3,6 और 10 रन निकले। गाबा टेस्ट बारिश के चलते ड्रॉ रहा जिस वजह से उन्हें दूसरी पारी में बैटिंग करने का मौका नहीं मिला। अगर रोहित शर्मा मेलबर्न टेस्ट से बाहर होते हैं तो उनकी जगह मिडिल ऑर्डर में ध्रुव जुरेल या वॉशिंगटन सुंदर को जगह मिल सकती है। वहीं अगर राहुल बाहर होते हैं तो उनको अभिमन्यु रिप्लेस कर सकते हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी का शेड्यूल हो सकता है कुछ ऐसा, जानिए भारत की पाकिस्तान से कब हो सकती है भिड़ंत

नई दिल्ली. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन हाइब्रिड मॉडल पर होने वाला है, जहां भारत को छोड़कर सभी टीमें पाकिस्तान में अपने-अपने मुकाबले खेलेंगी। चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले पाकिस्तान में लाहौर, कराची और इस्लामाबाद में खेले जाएंगे, हालांकि भारत अपने मुकाबले किस जगह पर खेलेगा, इसको लेकर अभी संशय बरकरार है। इस बीच चैंपियंस ट्रॉफी के शेड्यूल को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का पहला मुकाबला बांग्लादेश से हो सकता है। रेवस्पोर्ट्स के मुताबिक चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबले के साथ होगी। भारत टूर्नामेंट के दूसरे दिन अपना पहला मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ खेल सकते हैं। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी के हाईवोल्टेज मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। ये मुकाबला 23 फरवरी को न्यूट्रल वेन्यू पर खेला जाएगा। भारत का अगला मुकाबला 2 मार्च को न्यूजीलैंड से होगा। टूर्नामेंट में आठ टीमें होंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा जाएगा। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। पहले ग्रुप में पाकिस्तान, भारत, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टीम हो सकती है, जबकि दूसरे ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हो सकती हैं। भारत ने सुरक्षा चिंताओं के कारण फरवरी-मार्च में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला है, जिसमें 150 लोग मारे गए थे। दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय टूर्नामेंट 2012 में हुआ था। आईसीसी के अनुसार, ‘‘आईसीसी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है कि 2024 से 2027 तक मौजूदा चक्र (जो भारत या पाकिस्तान में आयोजित किए जाने हैं) के दौरान आईसीसी टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले सभी मैच टूर्नामेंट के मेजबान द्वारा प्रस्तावित तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे। ’’

टीम इंडिया ने नेट सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने फेंकी आग उगलती गेंदें

मेलवर्न बॉक्सिंग डे टेस्ट नजदीक आते ही भारतीय गेंदबाज नेट सेशन में सक्रिय हो गए हैं। टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर चल रही है। ऐसे में चौथे टेस्ट में जीतने वाली टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मे आगे बढ़ सकती है। ऐसे में टीम इंडिया के गेंदबाज मौका भुनाने के लिए कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते। शनिवार को टीम इंडिया की एमसीजी में प्रैक्टिस करते की वीडियो सामने आई जिसमें जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और आकाशदीप आग उगलती गेंदें फेंकते नजर आए। बीसीसीआई ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। पर्दे के पीछे का अथक प्रयास मैदान पर सफलता में तब्दील होता है। जैसे ही हम बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए तैयार हो रहे हैं, भारतीय गेंदबाज हर बॉक्स पर टिक कर रहे हैं। मुकाबले में कोहली की भूमिका भी प्रमुख होने जा रही है। इस पर पूर्व कोच संजय बांगड़ ने कहा कि कोहली को अपने फ्रंट पैड के करीब गेंदों को खेलने पर ध्यान देने की जरूरत है, एक ऐसा तरीका जो उन्हें लय और प्रवाह हासिल करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि जितनी संभव हो उतनी गेंदें अपने फ्रंट पैड के करीब खेलें। ऐसे में रन बनेंगे। उन्होंने कहा कि इस हाई-स्टेक मुकाबले में विराट की भूमिका अंतर पैदा करने वाली हो सकती है। उन्होंने एमसीजी में पहले भी ऐसा किया है और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह दोबारा ऐसा नहीं कर सकें। वहीं, ऑलराऊंडर जडेजा ने भी भारतीय टॉप क्रम से ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की अपील की है। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि भारत के बाहर खेलने पर शीर्षक्रम के रन काफी महत्वपूर्ण है खासकर आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में। जब शीर्षक्रम रन नहीं बनाता है तो निचले क्रम पर दबाव बन जाता है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस टेस्ट में शीर्षक्रम और मध्यक्रम अच्छे रन बनाएगा। हमें शीर्षक्रम से अच्छे प्रदर्शन की जरूरत है। अगर बल्लेबाजों में सभी योगदान देंगे तो टीम का प्रदर्शन बेहतर होगा। ब्रिसबेन में केएल राहुल (84) को छोड़कर भारत के शीर्षक्रम के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके थे। भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का पूरा शेड्यूल पहला टेस्ट: 22-26 नवंबर, पर्थ क्रिकेट स्टेडियम, पर्थ (भारत 295 रन से जीता) दूसरा टेस्ट: 6-10 दिसंबर, एडिलेड ओवल, एडिलेड (ऑस्ट्रेलिया 10 विकेट से जीती) तीसरा टेस्ट: 14-18 दिसंबर, गाबा स्टेडियम, ब्रिस्बेन (ड्रॉ) चौथा टेस्ट: 26-30 दिसंबर, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, मेलबर्न (भारत में सुबह 5:00) पांचवां टेस्ट: 3-7 जनवरी (2025), सिडनी क्रिकेट ग्राउंड, सिडनी (भारत में सुबह 5:00)

आईसीसी रैंकिंग में अश्विन की बादशाहत पर जसप्रीत बुमराह की नजर, क्या MCG में रचा जाएगा इतिहास?

 नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट गाउंड में खेला जाना है। गाबा टेस्ट के बाद दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी अहम है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। भारत के लिए पिछले तीनों मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह पर एक बार फिर हर किसी की निगाहें रहेगी, वहीं बुमराह की नजरें आर अश्विन के आईसीसी रिकॉर्ड पर होगी। यह रिकॉर्ड है आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल करने का। फिलहाल जसप्रीत बुमराह 890 की रेटिंग्स के साथ पहले पायदान पर बने हैं। वहीं आर अश्विन के नाम बतौर भारतीय आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग लेने का रिकॉर्ड है। अश्विन 2016 में सर्वाधिक 904 रेटिंग हासिल कर चुके हैं। अश्विन और बुमराह में सिर्फ 14 ही रेटिंग का अंतर है, अगर बुमराह एमसीजी में अपनी पिछले प्रदर्शन को दोहराते हैं तो जरूर वह अश्विन के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के नाम मौजूदा BGT में सर्वाधिक 21 विकेट हैं। उन्होंने यह विकेट मात्र 10.90 के औसत और 25.14 के स्ट्राइक रेट से लिए हैं। इस सीरीज में उनका कोई सानी नहीं है। वहीं बुमराह अगर एमसीजी में 9 विकेट चटकाने में कामयाब रहते हैं तो वह बीजीटी की एक सीरीज में 30 विकेट चटकाने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन जाएंगे। वहीं बीजीटी की एक सीरीज में सर्वाधिक विकेट चटकाने का रिकॉर्ड हरभजन सिंह के नाम है, उन्होंने 2000-01 में 32 विकेट चटकाए थे। बुमराह अगर ऐसा ही प्रदर्शन करते रहे तो बचे दो मैचों में वह भज्जी से आगे निकल सकते हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की एस सीरीज में 30 विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बनने के लिए MCG में नौ विकेट की जरूरत है। कुल मिलाकर, हरभजन सिंह के पास 2000-2001 की श्रृंखला में 32 विकेट के साथ श्रृंखला के एक संस्करण में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड है, और बुमराह के पास इस सूची में उनसे आगे निकलने की बहुत संभावना है। बुमराह को प्रतिष्ठित MCG पर 20 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने के लिए चौथे टेस्ट में पांच विकेट की भी जरूरत है। तेज गेंदबाज के पास MCG में 15 विकेट हैं और चौथे टेस्ट में एक विकेट उन्हें अनिल कुंबले को पछाड़कर इस स्थल पर सबसे अधिक विकेट लेने वाले भारतीय बनने में मदद करेगा। बात एमसीजी में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले भारतीय गेंदबाजों की करें तो इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह 15 विकेट के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं। उनके अलावा लीजेंड स्पिनर अनिल कुंबले ने भी इस मैदान पर इतने ही विकेट चटकाए हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट में बुमराह एक विकेट लेते ही कुंबले को भी पछाड़ देंगे।

लाखों की धोखाधड़ी मामले में आया क्रिकेटर उथप्पा का नाम, जारी हुआ अरेस्ट वारंट

मुंबई टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा मुश्किलों में हैं. उथप्पा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. उथप्पा को कथित तौर पर भविष्य निधि (PF) में धोखाधड़ी के लिए ये वारंट जारी किया गया है. दरअसल उथप्पा सेंचुरीज लाइफस्टाइल ब्रांड प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाते हैं. यह कंपनी कर्मचारियों के वेतन से काटे गए रुपये उनके पीएफ खातों में जमा करने में विफल रही, जिसके कारण लगभग 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई. …नहीं तो अरेस्ट होंगे रॉबिन उथप्पा अब रॉबिन उथप्पा को लगभग 24 लाख रुपये का बकाया चुकाने के लिए 27 दिसंबर तक का समय दिया गया है. अन्यथा उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है. वारंट पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त शदाक्षरी गोपाल रेड्डी ने जारी किया है. यह वारंट, पुलकेशीनगर पुलिस को उचित कार्रवाई करने का निर्देश देती है. 4 दिसंबर को लिखे एक पत्र में रेड्डी ने पुलिस को वारंट पर अमल करने का निर्देश दिया. हालांकि, इसे पीएफ कार्यालय को वापस कर दिया गया क्योंकि उथप्पा कथित तौर पर अब अपने पिछले पते पर नहीं रहते हैं. अधिकारी अब जांच को आगे बढ़ाने और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उथप्पा के ठिकाने का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं. ऐसा है रॉबिन उथप्पा का क्रिकेट करियर 39 साल के रॉबिन उथप्पा ने भारत के लिए 46 वनडे और 13 टी20 इंटरनेशनल में क्रमश: 934 और 249 रन बनाए. उन्होंने इसके साथ ही प्रथम श्रेणी में 9446 और लिस्ट ए में 6534 रन बनाए. टीम इंडिया ने जब टी20 वर्ल्ड कप का पहला यानी 2007 सीजन जीता था, तब उथप्पा टीम के स्टार ओपनर रहे थे. उथप्पा के नाम इंडियन प्रीमियर लीग की दो (2014 और 2021) ट्रॉफी है. वह 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स टीम के सदस्य थे. उथप्पा ने आईपीएल के शुरुआती 15 सीजन खेले. टूर्नामेंट में उथप्पा ने 6 टीमों के साथ क्रिकेट खेली. यह टीमें चेन्नई, कोलकाता के अलावा मुंबई इंडियंस, पुणे वॉरियर्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स हैं. उथप्पा ने आईपीएल में 205 मैच खेले, जिसमें 4952 रन बनाए. उथप्पा क्रीज से आगे बढ़कर अटैकिंग गेम खेलने के लिए पहचाने जाते थे.  

‘वह अविश्वसनीय है’: हसी ने बुमराह के दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक बनने की सराहना की

नई दिल्ली पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइकल हसी ने 2014 में मुंबई इंडियंस के साथ अपने संक्षिप्त कार्यकाल के दौरान पहली बार युवा जसप्रीत बुमराह का सामना करने के अपने अनुभव को साझा किया और हसी ने खुलासा किया कि वह इस तेज गेंदबाज के इतने तेजी से उभरने की कल्पना नहीं कर सकते थे, लेकिन वह पूरी तरह से हैरान भी नहीं थे। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने बुमराह के साथ अपने शुरुआती मुकाबले, उनकी अपरंपरागत गेंदबाजी शैली को लेकर संदेह और अपने करियर की शुरुआत में युवा तेज गेंदबाज को दी गई कड़ी सलाह पर विचार किया। हसी ने विलो टॉक से कहा, “जब मैं मुंबई इंडियंस के साथ था, तब मैंने आईपीएल में उनके साथ एक साल खेला था।वह अभी-अभी उभरने वाला एक छोटा बच्चा था। मुझे याद है कि मैं नेट्स में उनका सामना कर रहा था और सचमुच गेंद पर बल्ला नहीं लगा पा रहा था। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं टूथपिक का इस्तेमाल कर रहा हूं।” ऑस्ट्रेलियाई महान खिलाड़ी बुमराह के अनोखे एक्शन और तेज गति से अचंभित रह गए। “मैं गेंद को देख भी नहीं पाया, उसके हाथ से निकलती गेंद को पहचानना तो दूर की बात है। उसका एक्शन इतना अलग, इतना भ्रामक है। मेरा पहला प्रभाव? मुझे ईमानदारी से नहीं लगा कि वह क्रीज तक भी पहुंच पाएगा। उसका रन-अप लड़खड़ाता हुआ और अजीब था। मुझे याद है कि मैं सोच रहा था, ‘यह आदमी कौन है?’ और फिर अचानक, वूफ- गेंद 145 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से मेरी भौंहों के पास से गुज़री!” उस समय, बुमराह को टेस्ट क्रिकेट के लिए सीमित क्षमता वाले व्हाइट-बॉल विशेषज्ञ के रूप में देखा जाता था। हसी ने उस समय भारतीय क्रिकेट हलकों में घूम रही बातचीत को याद किया। हसी ने कहा, “भारत में, बहुत संदेह था। लोगों ने कहा कि उसका एक्शन और रन-अप उसके शरीर के लिए बहुत कठिन होगा, कि वह टेस्ट क्रिकेट में टिक नहीं पाएगा।” “उन्हें लगा कि वह केवल व्हाइट-बॉल क्रिकेट के लिए बना है। लेकिन तब भी, मैं उसके कौशल और क्षमता को देख सकता था। मुझे पता था कि अगर उनमें टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा है, तो वे सफल हो सकते हैं। हसी खेल के सबसे लंबे प्रारूप में बुमराह की उपलब्धियों की प्रशंसा करते नहीं थकते। “क्या वह इस समय बहुत अच्छा नहीं कर रहे हैं? यह देखना अद्भुत है कि वे कैसे आगे बढ़ रहे हैं।” हसी ने बुमराह के आईपीएल करियर के शुरुआती दौर में एक खेल-बदलने वाले पल के बारे में भी बताया। यह 2014 में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच एक मैच था, जब बुमराह ने दिग्गज एबी डिविलियर्स को आउट किया था। हसी ने याद करते हुए कहा, “वह आईपीएल में छा गए और शानदार गेंदबाजी की। मुझे एक गेम याद है, जिसमें उन्होंने एबी डिविलियर्स को आउट किया था। जाहिर है, एबी महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं और बुमराह ने उन्हें शानदार विदाई दी थी। एबी खुश नहीं थे।” हसी को भी विदाई अच्छी नहीं लगी। गेम के बाद, अनुभवी खिलाड़ी ने युवा गेंदबाज को सलाह देने के लिए एक तरफ ले गए। “मैंने उनसे कहा, ‘दोस्त, आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आपके पास बहुत कौशल और प्रतिभा है। सिर्फ़ विकेट लेना ही सबसे बड़ा बयान है जो आप दे सकते हैं। अगर आप खेल में और अपने साथियों से सम्मान चाहते हैं, तो आपको विदाई की ज़रूरत नहीं है।” हसी ने माना कि यह बुमराह के लिए एक असामान्य क्षण था, जिन्हें उन्होंने अपने अब तक मिले सबसे विनम्र और ज़मीन से जुड़े क्रिकेटरों में से एक बताया। “वह बहुत बढ़िया इंसान है। विदाई उसके स्वभाव से अलग थी। वह हमेशा मुस्कुराता रहता है, हमेशा शांत रहता है और अपने व्यवहार में निरंतरता रखता है। वह बहुत ज़्यादा भावुक नहीं होता। यही वजह है कि वह इतना शानदार गेंदबाज़ है और उसे खेलते देखना बहुत अच्छा लगता है।” पीछे मुड़कर देखें तो हसी इस बात पर हैरान हैं कि बुमराह उन शुरुआती दिनों से कितनी दूर आ गए हैं। “वह अविश्वसनीय है। उसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ों में से एक बनते देखना अविश्वसनीय है। नेट्स में खेलने वाले एक बच्चे से लेकर दुनिया के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में से एक तक, यह देखना बहुत खुशी की बात है।”  

अश्विन के संन्यास पर जडेजा ने कहा: ‘आखिरी क्षण में पता चला’

मेलबर्न भारत के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने खुलासा किया कि कैसे रविचंद्रन अश्विन के अचानक संन्यास ने प्रशंसकों और टीम के साथियों को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सार्वजनिक घोषणा से कुछ क्षण पहले ही इसके बारे में पता चला। जडेजा ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में संवाददाताओं से कहा, “मुझे आखिरी क्षण में संन्यास के बारे में पता चला। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पांच मिनट पहले। यह चौंकाने वाला था।” उन्होंने कहा, “हमने पूरा दिन साथ बिताया, और उसने मुझे संकेत भी नहीं दिया। हम सभी जानते हैं कि अश्विन का दिमाग कैसे काम करता है (हंसते हुए)।” अश्विन और जडेजा एक दशक से अधिक समय से टेस्ट क्रिकेट में भारत के गेंदबाजी आक्रमण की आधारशिला रहे हैं। एक साथ 58 टेस्ट खेलते हुए, उन्होंने एक शानदार स्पिन जोड़ी बनाई, जिसके बीच 587 विकेट लिए। उनकी साझेदारी ने अनिल कुंबले और हरभजन सिंह की दिग्गज जोड़ी को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 501 विकेट लिए थे। अश्विन का संन्यास चौंकाने वाला है, लेकिन भारतीय क्रिकेट में बदलाव का संकेत भी है। जडेजा ने अपने गेंदबाजी साथी के जाने से पैदा हुए खालीपन को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए खुलने वाले अवसरों के बारे में आशावादी विचार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हम इतने सालों से गेंदबाजी साथी रहे हैं। हम एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। हम बल्लेबाजों के खिलाफ योजना बनाते थे। मुझे बहुत सी चीजें याद आएंगी।” हालांकि, उन्होंने जल्दी ही भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर लिया। “उम्मीद है कि कोई बेहतर स्पिनर और ऑलराउंडर अश्विन की जगह लेगा। भारत में हमेशा अच्छी प्रतिभा होती है और कोई भी अपूरणीय नहीं है। यह किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए मौका भुनाने और अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा अवसर है।” जडेजा की टिप्पणी गाबा में 77 रनों की पारी के बाद भी आई, एक ऐसी पारी जिसने भारत को श्रृंखला में वापसी करने में मदद की, जो वर्तमान में 1-1 से बराबर है। अपने प्रदर्शन पर विचार करते हुए, उन्होंने कहा कि इस पारी ने उन्हें बहुत आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने कहा, “जब टीम मुश्किल स्थिति में हो, तो बाहर स्कोर करना आपको आत्मविश्वास देता है। मानसिकता वही रहेगी। आपको मैच की स्थिति के अनुसार खेलना होगा और मैं टीम की भूमिका के अनुसार खेलूंगा।” जडेजा की पारी ने न केवल मैच बचाया बल्कि क्रिकेट जगत को एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी अपार उपयोगिता की याद भी दिलाई। दिलचस्प बात यह है कि जडेजा पर्थ और एडिलेड में सीरीज के पहले दो टेस्ट में नहीं खेले। हालांकि कुछ लोग इसे एक चूके हुए अवसर के रूप में देख सकते हैं, जडेजा का मानना है कि यह उनके लिए फायदेमंद रहा। उन्होंने कहा, “मैंने पहले दो मैच नहीं खेले, इससे मुझे अधिक अभ्यास करने में मदद मिली और मैं परिस्थितियों के अनुकूल हो गया। नेट्स में की गई कड़ी मेहनत ने मुझे मैच में मदद की।” सीरीज 1-1 से बराबर होने के साथ, भारत के पास ऑस्ट्रेलिया में लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने का मौका है। जडेजा इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि यह दांव पर है और इससे मिलने वाला अवसर भी। जडेजा ने कहा, “हम अच्छी स्थिति में हैं, तीन मैचों के बाद भी यह 1-1 की बराबरी पर है। यह दिलचस्प होने वाला है। अगर हम अगले दो में से एक मैच भी जीत जाते हैं, तो भी हम सीरीज बरकरार रखेंगे, क्योंकि हमने पिछले दो मैच यहीं जीते हैं। यह खुद को आगे बढ़ाने और मेलबर्न में अच्छा प्रदर्शन करने का अच्छा मौका है। हां, हम आखिरी मैच के बारे में बाद में सोचेंगे, अभी हमारा ध्यान बॉक्सिंग डे टेस्ट पर है। यह हमारे लिए अहम मैच है।” भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट 26 दिसंबर को एमसीजी में शुरू होगा।  

ज्योफ लॉसन ने कहा- वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोंस्टास की पारी ने मुझे यकीन दिलाया कि वह टेस्ट के लिए तैयार हैं

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ज्योफ लॉसन ने कहा कि इस साल के शेफील्ड शील्ड में सिडनी की हरी-भरी पिच पर बादलों से घिरे आसमान के बीच वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सैम कोंस्टास की 88 रनों की पारी ने उन्हें यकीन दिलाया कि युवा सलामी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेलने के लिए तैयार है। कोंस्टास को नाथन मैकस्वीनी की जगह भारत के खिलाफ चौथे और पांचवें टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में शामिल किया गया। कोंस्टास ने शेफील्ड शील्ड के शुरुआती दौर में साउथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो शतक जड़कर सुर्खियां बटोरीं। इन दोनों शतकों ने उन्हें शेफील्ड शील्ड में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले किशोर होने का गौरव भी दिलाया, इससे पहले 1993 में महान रिकी पोंटिंग ने ऐसा किया था। 88 रन की पारी से पहले, कोंस्टास ने कैनबरा में गुलाबी गेंद के अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ शतक भी लगाया, इसके अलावा मेलबर्न में भारत ए के खिलाफ नाबाद 73 रन भी बनाए। “जब कोंस्टास और ब्लेक निकितारस की युवा ग्रीक ओपनिंग जोड़ी क्रीज पर पहुंची, तो एससीजी में लाइट की जरूरत थी और मॉरिस ने अपने बॉलिंग मार्क को छुआ, पैडिंगटन छोर पर अपने पैर की उंगलियों को छुआ और कुछ रॉकेट लॉन्च करने के लिए तैयार हो गए।” “कोंस्टास ने चकमा दिया, गेंद को आगे बढ़ते देखा और फिर ग्रेग चैपल क्लास का कवर ड्राइव बनाया। बैक-फुट ड्राइव, फ्रंट-फुट ड्राइव, सभी टाइमिंग और प्लेसमेंट इतने सारे समकालीन बल्लेबाजों की शारीरिक ताकत के बिना। यह तब तक जारी रहा जब तक अंपायरों ने एनएसडब्ल्यू के बिना कोई विकेट गिरने के कारण खेल को रोक नहीं दिया।” लॉसन ने शनिवार को सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड में अपने कॉलम में लिखा, “हां, कुछ झटके लगे, कुछ मौके चूके और अगली सुबह – 88 रन बनाने के दौरान – ऑफ स्टंप के बाहर 150 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही अच्छी लेंथ की गेंद पर रिवर्स रैंप के प्रयास ने कोच ग्रेग शिपर्ड को सदमे में डाल दिया, लेकिन एससीजी में मॉरिस की कच्ची आग से जगमगाती शाम की लड़ाई ने मुझे आश्वस्त किया कि यह किशोर बड़े समय के लिए तैयार है – अभी।” यदि 26 दिसंबर से मेलबर्न में शुरू होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए कोंस्टास का चयन होता है, तो वह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में चौथे सबसे कम उम्र के पुरुष टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे और मौजूदा कप्तान पैट कमिंस के 2011 में डेब्यू करने के बाद से लंबे प्रारूप में प्रवेश करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। लॉसन ने यह भी बताया कि कैसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट सर्किट ने कोंस्टास को देखने लायक खिलाड़ी के रूप में चिह्नित किया युवा कंधों पर एक बूढ़ा सिर जो गुणवत्ता वाली गेंदबाजी के खिलाफ अपनी मानसिक लड़ाई जारी रखता है।” “2023 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के इंग्लैंड दौरे के समापन पर, सहायक कोच डैन क्रिश्चियन ने मेरा रास्ता पार किया और बहुत स्पष्ट रूप से कहा (क्योंकि मैं अभी-अभी एनएसडब्ल्यू का चयनकर्ता बना था), “यह बच्चा कोंस्टास, वह 17 साल का है, लेकिन उसे शील्ड टीम में डाल दो और वहीं छोड़ दो। वह बहुत अच्छा होने वाला है!” उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “उस टीम के मुख्य कोच, एंथनी क्लार्क ने सैम को एनएसडब्ल्यू पाथवे सिस्टम के माध्यम से आते देखा था और पहले से ही इसी तरह की टिप्पणी की थी कि वह ‘विशेष लोगों में से एक’ था।”  

बॉक्सिंग डे टेस्ट विराट कोहली के लिए खुद को साबित करने और खुद को फिर से स्थापित करने का एक बेहतरीन मौका: संजय बांगरल

नई दिल्ली भारत के पूर्व मुख्य कोच संजय बांगर का मानना है कि मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में होने वाला बॉक्सिंग डे टेस्ट विराट कोहली के लिए इस अवसर पर खुद को साबित करने और खुद को भारत की बल्लेबाजी लाइनअप की धुरी के रूप में फिर से स्थापित करने का एक बेहतरीन मौका है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 1-1 से बराबर होने के साथ, यह मैच भारत की श्रृंखला जीतने और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को मजबूत करने की उम्मीदों के लिए महत्वपूर्ण है। कोहली का मौजूदा श्रृंखला में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। पर्थ में उनके शतक ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई, लेकिन अन्य मैचों में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। छह पारियों में 30 की औसत से केवल 126 रन बनाने के साथ, कोहली निरंतरता बनाए रखने में विफल रहे हैं। पर्थ में अपने शतक को छोड़कर, उन्होंने पांच पारियों में केवल 26 रन बनाए हैं। स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए, बांगर ने कोहली के सामने आने वाली तकनीकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला, खासकर ऑफ-स्टंप के बाहर की गेंदों पर। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने इस कमजोरी को प्रभावी ढंग से लक्षित किया है, जिससे कोहली को गलतियां करने पर मजबूर होना पड़ा है। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने जोर देकर कहा कि क्रीज पर धैर्य और शांत दृष्टिकोण कोहली के इन संघर्षों का इलाज हो सकता है। बांगर ने कहा, “कभी-कभी आपको बल्लेबाज के रूप में अपनी स्थिति को थोड़ा नियंत्रण में रखने की आवश्यकता होती है। जब आप खेल के लिए थोड़ा आत्मसमर्पण करते हैं, थोड़ा समय बिताते हैं, कुछ समय के लिए बीच में आराम करते हैं, गेंदबाज के आपके पास आने का इंतजार करते हैं, और खुद गेंदबाज की ओर नहीं बढ़ते हैं, तो यह एक बड़े खिलाड़ी की निशानी है।” एमसीजी कोहली को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जो अतीत में उनके लिए अच्छा रहा है। इस मैदान पर 52.66 की औसत से 316 रन बनाने वाले कोहली के पास कई यादगार पल हैं, जिसमें 2014 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में खेली गई 169 रनों की शानदार पारी भी शामिल है। मेलबर्न की परिस्थितियां – जो उछाल और कैरी के लिए मशहूर हैं – कोहली की ताकत के अनुरूप हैं, जिससे यह मैच उनके लिए अपनी फॉर्म को फिर से हासिल करने का सुनहरा मौका बन गया है। बांगर ने कहा कि कोहली को अपने फ्रंट पैड के करीब की गेंदों को खेलने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, यह एक ऐसा तरीका है जो उन्हें लय और प्रवाह हासिल करने में मदद कर सकता है। “जितनी संभव हो उतनी गेंदों को अपने फ्रंट पैड के करीब से खेलो और फिर रन बनेंगे। ऐसा नहीं है कि उन्होंने रन नहीं बनाए हैं; उन्होंने तीन पारियों पहले शतक बनाया था। बांगर ने कहा, “इस हाई-स्टेक मुकाबले में विराट की भूमिका अंतर पैदा करने वाली हो सकती है। उन्होंने एमसीजी में पहले भी ऐसा किया है, और ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह इसे फिर से न कर सकें।” गाबा टेस्ट में ड्रॉ ने भारत की दृढ़ता को दर्शाया, लेकिन इसने कोहली और कप्तान रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की बल्लेबाजी की कमज़ोरी को भी उजागर किया। सीरीज में बराबरी की स्थिति में, मेलबर्न में एक मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन महत्वपूर्ण है। कोहली को, विशेष रूप से, मेलबर्न में बाकी लाइनअप के लिए टोन सेट करने के लिए आगे से नेतृत्व करने की आवश्यकता होगी।  

भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने कहा- अतीत में पोंटिंग के साथ मेरी अच्छी दोस्ती रही है

नई दिल्ली भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने कहा कि वह आईपीएल 2025 के लिए पंजाब किंग्स की टीम में एक बार फिर रिकी पोंटिंग के साथ विचार-विमर्श करने के लिए उत्सुक हैं, और याद किया कि कैसे उन्होंने टूर्नामेंट में पहले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज कप्तान के साथ अच्छी दोस्ती की थी। पोंटिंग और अय्यर तीन सत्रों तक दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच और कप्तान थे, जहां टीम 2020 में एक बार उपविजेता रही थी। लेकिन इस साल की शुरुआत में पोंटिंग को पंजाब का मुख्य कोच नामित किया गया और पिछले महीने जेद्दा में नीलामी में फ्रैंचाइज़ी ने अय्यर को 26.75 करोड़ रुपये में हासिल किया, जिससे उनका फिर से साथ आना लगभग तय हो गया। “मैं समझ सकता हूँ कि प्रशंसकों के बीच क्या भावनाएं होंगी। रिकी के आने से, हमने अतीत से एक बेहतरीन दोस्ती साझा की है। हम कई पहलुओं पर अपनी सोच को आगे बढ़ाएंगे और विचार-विमर्श करेंगे। उम्मीद है कि हम पहले मैच से ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे।” शनिवार को फ्रेंचाइजी के बयान में अय्यर ने कहा, “पंजाब किंग्स का हिस्सा बनने के लिए बेहद उत्साहित हूं। मैं पंजाब किंग्स परिवार में शामिल होने का इंतज़ार नहीं कर सकता। चार ट्रॉफी जीतना मेरे लिए एक शानदार साल रहा है। मेरा मुख्य लक्ष्य पंजाब के लिए आईपीएल ट्रॉफी जीतना है।” अय्यर आईपीएल 2024 खिताब जीतने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करने और हाल ही में बेंगलुरु में मुंबई को अपना दूसरा सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी खिताब दिलाने के बाद पंजाब सेट-अप में शामिल हुए हैं। मुंबई के विजयी अभियान में, अय्यर ने नौ पारियों में 345 रन बनाए, जिसमें एक शतक और अर्धशतक शामिल है। अय्यर ने कहा, “सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने के बाद एक अद्भुत एहसास हुआ। पर्दे के पीछे बहुत मेहनत की गई। लड़कों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। अब हम इस हिस्से से निपट चुके हैं।” उनका अगला काम अब अहमदाबाद में शनिवार से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी लीग मैचों में मुंबई के लिए खेलना है।  

बुमराह की नजरें आर अश्विन के आईसीसी रिकॉर्ड पर होगी, यह रिकॉर्ड है आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग का

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट गाउंड में खेला जाना है। गाबा टेस्ट के बाद दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी अहम है। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। भारत के लिए पिछले तीनों मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाले जसप्रीत बुमराह पर एक बार फिर हर किसी की निगाहें रहेगी, वहीं बुमराह की नजरें आर अश्विन के आईसीसी रिकॉर्ड पर होगी। यह रिकॉर्ड है आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग हासिल करने का। फिलहाल जसप्रीत बुमराह 890 की रेटिंग्स के साथ पहले पायदान पर बने हैं। वहीं आर अश्विन के नाम बतौर भारतीय आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में सबसे ज्यादा रेटिंग लेने का रिकॉर्ड है। अश्विन 2016 में सर्वाधिक 904 रेटिंग हासिल कर चुके हैं। अश्विन और बुमराह में सिर्फ 14 ही रेटिंग का अंतर है, अगर बुमराह एमसीजी में अपनी पिछले प्रदर्शन को दोहराते हैं तो जरूर वह अश्विन के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के नाम मौजूदा BGT में सर्वाधिक 21 विकेट हैं। उन्होंने यह विकेट मात्र 10.90 के औसत और 25.14 के स्ट्राइक रेट से लिए हैं। इस सीरीज में उनका कोई सानी नहीं है। वहीं बुमराह अगर एमसीजी में 9 विकेट चटकाने में कामयाब रहते हैं तो वह बीजीटी की एक सीरीज में 30 विकेट चटकाने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन जाएंगे। वहीं बीजीटी की एक सीरीज में सर्वाधिक विकेट चटकाने का रिकॉर्ड हरभजन सिंह के नाम है, उन्होंने 2000-01 में 32 विकेट चटकाए थे। बुमराह अगर ऐसा ही प्रदर्शन करते रहे तो बचे दो मैचों में वह भज्जी से आगे निकल सकते हैं। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की एस सीरीज में 30 विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बनने के लिए MCG में नौ विकेट की जरूरत है। कुल मिलाकर, हरभजन सिंह के पास 2000-2001 की श्रृंखला में 32 विकेट के साथ श्रृंखला के एक संस्करण में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड है, और बुमराह के पास इस सूची में उनसे आगे निकलने की बहुत संभावना है। बुमराह को प्रतिष्ठित MCG पर 20 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बनने के लिए चौथे टेस्ट में पांच विकेट की भी जरूरत है। तेज गेंदबाज के पास MCG में 15 विकेट हैं और चौथे टेस्ट में एक विकेट उन्हें अनिल कुंबले को पछाड़कर इस स्थल पर सबसे अधिक विकेट लेने वाले भारतीय बनने में मदद करेगा। बात एमसीजी में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले भारतीय गेंदबाजों की करें तो इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह 15 विकेट के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं। उनके अलावा लीजेंड स्पिनर अनिल कुंबले ने भी इस मैदान पर इतने ही विकेट चटकाए हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट में बुमराह एक विकेट लेते ही कुंबले को भी पछाड़ देंगे।

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