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ललित मोदी बुरे फंसे , बॉम्बे हाइकोर्ट ने ठोका भारी-भरकम फाइन, जानिए क्या है मामला

मुंबई IPL के संस्थापक ललित कुमार मोदी को अदालत से बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोदी की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने BCCI यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की तरफ से प्रवर्तन निदेशालय को करोड़ों रुपये दिए जाने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने मोदी की याचिका को मूर्खता पूर्ण करार दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, अदालत की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, ‘ यह याचिका मूर्खतापूर्ण है और इसलिए हम याचिका को खारिज करते हैं।’ बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह जुर्माना चार सप्ताह के अंदर टाटा मेमोरियल अस्पताल को देना पड़ेगा। इतना ही नहीं उन्हें इस भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी अदालत में दाखिल करने होंगे। कोर्ट ने कहा, ‘1 लाख रुपये टाटा मेमोरियल (खात संख्या 1002449683, IFS कोड CBIN0284241, बैंक का नाम- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया) को आज से चार सप्ताह के भीतर देय होगा। अदालत में भुगतान से जुड़े जरूरी सबूत भी पेश करने होंगे।’ ललित मोदी ने याचिका के जरिए मांग की थी कि हाईकोर्ट BCCI को ईडी को 10.65 करोड़ रुपये देने का आदेश जारी करे। उन्होंने याचिका में कहा था कि यह जुर्माना मई 2018 में उनके खिलाफ FEMA नियमों के तहत लगाया गया था।

ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम 2 टेस्ट के लिए किया स्क्वाड का ऐलान, 19 साल के खिलाड़ी को मिला मौका

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के अगले दो टेस्ट के ल‍िए ऑस्ट्रेल‍िया टीम में बड़ा फेरबदल हुआ है. मेलबर्न और स‍िडनी में होने वाले चौाथे और पांचवें टेस्ट मैच के लिए नाथन मैकस्वीनी को टीम से बाहर किया गया है. वहीं तेज गेंदबाज झाए रिचर्डसन की तीन साल से अधिक समय में पहली बार टेस्ट टीम में वापसी हुई है. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने 70 साल से अधिक समय में अपने सबसे युवा टेस्ट बल्लेबाज को डेब्यू करने की तैयारी कर ली है. 19 साल के  खिलाड़ी सैम कोंस्टास को भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के अंतिम दो मैचों के लिए 15 खिलाड़ियों की टीम में शामिल किया गया है. कोंस्टास को सलामी बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी की जगह शामिल किया गया है. वहीं तेज गेंदबाज झाए रिचर्डसन का भी कमबैक हुआ है. झाए इंजरी के बाद वापस टीम में आए हैं. वह द‍िसंबर 2021 में एशेज सीरीज के दौरान एड‍िलेड में खेले थे. उनकी कुल मिलाकर तीन साल बाद वापसी हुई है. वहीं उनके साथी तेज गेंदबाज सीन एबॉट की भी मेलबर्न और सिडनी में टेस्ट के लिए टीम में वापसी हुई है. इसके अलावा तस्मानिया के अनकैप्ड ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर की भी टीम में वापसी हुई है, जिन्हें एडिलेड में दूसरे टेस्ट से पहले शामिल किया गया था. मैकस्वीनी को उनके इंटरनेशनल करियर की खराब शुरुआत के बाद टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि जोश हेजलवुड को ब्रिसबेन में ड्रॉ हुए तीसरे टेस्ट के दौरान पिंडली में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह टेस्ट सत्र के शेष मैचों से बाहर हो गए हैं. मैकस्वीनी ने BGT सीरीज में डेब्यू किया, जहां उन्होंने शुरुआती 3 टेस्ट मैचों में महज 72 रन बनाए. 19 साल के कोंस्टांस को क्यों मिला मौका 19 साल के कोंस्टास की बात की जाए तो उन्होंने भारत के ख‍िलाफ केनबरा में प्राइम म‍िन‍िस्टर इलेवन की ओर से खेलते हुए 107 रनों की शानदार पारी खेली थी. वहीं 6 दिसंबर को फर्स्ट क्लास मैच में 88 तो 17 दिसंबर को टी20 मुकाबले में 56 रन बनाए थे. कौन हैं सैम कोंस्टांस कोंस्टास को अक्टूबर-नवंबर 2024 में भारत ए के खिलाफ सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ए के लिए चुना गया था.  दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में, उन्होंने दूसरी पारी में नाबाद 73 रन बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उनकी टीम को जीत हासिल करने में मदद मिली. इस समर सेशन में कोंस्टांस ने 736 रन बनाए थे, ज‍िस कारण उनकी कई लोगों ने तारीफ की. कोंस्टास की क्रिकेट कमेंटेटेर्स और कई दिग्गजों ने तारीफ की थी. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उन्हें टेस्ट टीम में शामिल किए जाने की वकालत की थी. कोंस्टास ने 11 फर्स्ट क्लस मैचों में 42.23 के एवरेज से 718 रन बनाकर अपनी प्रत‍िभा के सबूत दिए. वहीं एक टी20 में 56 रन बनाए हैं. कोंस्टांस रचेंगे ये इत‍िहास, टूटेगा कम‍िंस का रिकॉर्ड कोंस्टास के उस्मान ख्वाजा के साथ ओपन‍िंग करने की संभावना है. यदि बॉक्सिंग डे पर दाएं हाथ के सैम को बैगी ग्रीन कैप मिलती है तो वह मौजूदा कप्तान पैट कमिंस के बाद ऑस्ट्रेलिया के सबसे कम उम्र के टेस्ट डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे. कम‍िंस ने साल 2011 में जोहान‍िसर्ग में साउथ अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू के समय 18 वर्ष 193 दिन के थे. वहीं कोंस्टास ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी,  और सबसे कम उम्र के स्पेशल‍िस्ट बल्लेबाज भी बना जाएंगे. इससे पूर्व इयान क्रेग ने 1953 में एमसीजी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू किया था तब उनकी उम्र 17 वर्ष 239 दिन थी. मेलबर्न में होगा BGT का अगला टेस्ट बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) का भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अगला टेस्ट 26 दिसंबर (बॉक्स‍िंंग डे) से होगा. इससे पहले 18 द‍िसंबर को हुआ गाबा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हो हुआ था. ऑस्ट्रेल‍िया ने इस मैच में अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए. फ‍िर भारतीय टीम पहली पारी में 260 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. इसके बाद ऑस्ट्रेल‍िया ने अपनी दूसरी पारी 89 रनों पर घोष‍ित की थी. इस तरह भारतीय टीम को 275 रनों का स्कोर जीतने के ल‍िए म‍िला था. लेक‍िन जब भारत का स्कोर 8/0 हुआ तभी पांचवें द‍िन खराब रोशनी और बार‍िश के कारण मैच नहीं हो पााया, बाद में इसे ड्रॉ घोष‍ित कर द‍िया गया. आख‍िरी दो टेस्ट के लि‍ए ऑस्ट्रेलिया की टीम: पैट कमिंस (कप्तान), ट्रेविस हेड (उपकप्तान), स्टीव स्मिथ (उपकप्तान), सीन एबॉट, स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, जोश इंगलिस, उस्मान ख्वाजा, सैम कोंस्टास, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, म‍िचेल मार्श, झाए रिचर्डसन, म‍िचेल स्टार्क, ब्यू वेबस्टर भारतीय क्रिकेट टीम का स्क्ववॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उप-कप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, अभिमन्यु ईश्वरन, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, सरफराज खान, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज , आकाश दीप, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर

अश्विन का सीखने का जुनून अंत तक कम नहीं हुआ : मुरलीधरन

मुंबई क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल गेंदबाज, श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने बुधवार को भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की प्रशंसा की, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की और उन्हें महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बताया। अश्विन ने बुधवार को ब्रिस्बेन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी श्रृंखला के तीसरे टेस्ट के समापन के बाद 106 टेस्ट में 537 विकेट के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अश्विन ने अनिल कुंबले (619) के बाद भारत के लिए दूसरे सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में अपने करियर को अलविदा कह दिया और मुरली ने कहा कि यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। मुरलीधरन ने बुधवार को टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, “आपको याद होगा कि अश्विन ने अपने करियर की शुरुआत बल्लेबाज के तौर पर की थी, और पार्ट-टाइम विकल्प के तौर पर स्पिन में हाथ आजमाया था। उन्हें जल्द ही एहसास हो गया कि उनकी बल्लेबाजी की आकांक्षाओं पर विराम लग चुका है और उन्होंने अपना ध्यान गेंदबाजी पर केंद्रित कर लिया। इस साहसिक कदम को उठाने और जो हासिल किया है, उसके लिए उन्हें सलाम। 500 टेस्ट विकेट तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं है।” मुरलीधरन ने 133 मैचों में 800 विकेट लेकर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने अश्विन को उनके शुरुआती दिनों में देखा था और पाया था कि वह हमेशा सीखने के लिए उत्सुक एक चतुर युवा थे। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट ने मुरली के हवाले से कहा, “जब वह मैदान में आए, तब मैं अपने करियर के अंतिम चरण में था, लेकिन मुझे लगा कि वह सीखने के लिए उत्सुक एक चतुर युवा थे। उन्होंने सलाह मांगी, सोच-समझकर सवाल पूछे और खुद को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनकी यही लगन और भूख उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।” 537 टेस्ट विकेट के साथ अश्विन टेस्ट इतिहास में सातवें सबसे सफल गेंदबाज हैं और मुरली के बाद दूसरे सबसे सफल ऑफ स्पिनर हैं। मुरली ने कहा, “टेस्ट में भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में संन्यास लेना एक बड़ी उपलब्धि है। अश्विन ने खुद को, तमिलनाडु क्रिकेट को और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। मैं उनकी दूसरी पारी में उनकी सफलता की कामना करता हूं।” मुरली को इस बात ने प्रभावित किया कि अश्विन का सीखने का जुनून हमेशा मजबूत रहा। श्रीलंकाई दिग्गज ने कहा, “जबकि उनका करियर खत्म हो रहा था, सीखने का उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने जो विविधताएं विकसित कीं, उन्हें देखें – यह इस बात का सबूत है कि वह अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं थे। वह हमेशा आगे बढ़ते रहे।”  

‘सीएसके के लिए खेलने जा रहा हूं, मुझे नहीं लगता कि मैं क्रिकेटर के तौर पर खत्म हो गया हूं : अश्विन

चेन्नई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के एक दिन बाद, भारत के अनुभवी स्पिन-गेंदबाजी ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने जोर देकर कहा कि उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया है, लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर संन्यास नहीं लिया है, उन्होंने कहा, “अगर मैं जितना हो सके उतना लंबे समय तक खेलने की कोशिश करता हूं तो हैरान मत होइए”। बुधवार को ब्रिस्बेन में तीसरा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट ड्रॉ होने के तुरंत बाद, अश्विन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तुरंत प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले की घोषणा की, जिससे भारत के लिए सभी प्रारूपों में खेलने का उनका 14 साल का करियर खत्म हो गया। अब, अश्विन आगामी आईपीएल 2025 सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) में वापसी करने के लिए तैयार हैं। उन्हें पिछले महीने मेगा नीलामी में 9.75 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। अश्विन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही सीरीज में दो टेस्ट मैच शेष रहते चेन्नई के लिए रवाना हो गए। अश्विन ने गुरुवार को अपने गृहनगर पहुंचने के बाद संवाददाताओं से कहा, “मैं सीएसके के लिए खेलने जा रहा हूं और अगर जितना हो सके मैं उतना लंबे समय तक खेलने की कोशिश करता हूं तो हैरान मत होइए। मुझे नहीं लगता कि अश्विन क्रिकेटर के तौर पर खत्म हो गए हैं, मुझे लगता है कि अश्विन भारतीय क्रिकेटर के तौर पर शायद अब समय आ गया है। बस इतना ही ” अपने रिटायरमेंट कॉल पर बात करते हुए, अश्विन ने खुलासा किया कि यह निर्णय “सहज” था और वह “राहत और संतुष्टि की भावना” महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह बहुत से लोगों के लिए भावनात्मक है। यह भावनात्मक होगा, शायद यह अंदर तक उतर जाए। लेकिन मेरे लिए, यह राहत और संतुष्टि की एक बड़ी भावना है…यह मेरे दिमाग में कुछ समय से चल रहा था लेकिन यह बहुत सहज था। मैंने इसे चौथे दिन महसूस किया और पांचवें दिन इसे खत्म कर दिया।” अश्विन ने 106 टेस्ट मैचों में 24 की औसत से 537 विकेट लेकर अपने करियर का अंत किया और दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने बल्ले से छह टेस्ट शतक और 14 अर्द्धशतक भी लगाए। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट था, जहां उन्होंने 1-53 विकेट लिए । स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर ने भारत के लिए 116 वनडे मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 156 विकेट लिए। अश्विन 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों के सदस्य थे। उन्होंने 65 टी20 मैच भी खेले और 72 विकेट लिए। 38 वर्षीय अश्विन को 2016 में आईसीसी मेन्स क्रिकेटर ऑफ द ईयर और मेन्स टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया था। उन्हें आईसीसी टेस्ट टीम ऑफ द डिकेड 2011-20 में भी नामित किया गया था।  

21 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के लिए सैमसन और पांडे को नहीं मिली जगह

विशाखापत्तनम 21 दिसंबर से शुरू होने वाली विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के लिए संजू सैमसन को केरला की टीम से बाहर कर दिया गया है। यह क़दम इस वजह से उठाया गया है क्यों कि केरल क्रिकेट संघ (केसीए) ने कैंप में शामिल खिलाड़‍ियों में से ही टीम चुनने को देखा, जिसकी वजह से सैमसन ने नाम वापस ले लिया। सैमसन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी 2024-25 में केरल का नेतृत्व किया था, जहां वह अपने छह मैचों में से चार जीतकर नॉकआउट के लिए क्वालिफ़ाई करने से चूक गए थे। सैमसन का नाम 30 सदस्यीय संभावित सूची में था, लेकिन उनको अब 19 सदस्यीशय टीम में नहीं चुना गया। ईएसपीएन क्रिकइंफो को पता चला है कि सैमसन ने शिविर के लिए अपनी अनुपलब्धता के बारे में एसोसिएशन को लिखा था, लेकिन केसीए ने अपने पहले के ही निर्णय पर कायम रहने का फै़सला किया है। सीनियर बल्लेबाज़ सचिन बेबी भी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी के दौरान लगी चोट के कारण अनुपलब्ध हैं, बल्लेबाज़ सलमान निज़ार को 50 ओवर के टूर्नामेंट का कप्तान बनाया गया है। सैमसन ने दक्षिण अफ़्रीका के दौरे पर दो टी20 शतक लगाए थे और वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी में केरल के लिए छह में से पांच मैच खेले थे जहां पर उन्होंथने 135 रन बनाए थे केरल टीम : सलमान निज़ार (कप्तान), रोहन कुन्नुनमल, शॉन रॉजर, मोहम्मुद अज़हरुद्दीन (विकेटकीपर), आनंद कृष्णेन, कृष्णाु प्रसाद, जलज सक्से ना, आदित्य् सरवटे, सिजोमॉन जोसेफ़, बासिल थंपी, बासिल एनपी, निधीश एमडी, ईडन एप्पणल टॉम, शरफ़ुद्दीन, अखिल सकारिया, विश्वेथश्व र सुरेश, वैशाक चंद्रन, अजनस एम (विकेटकीपर) मनीष पांडे से आगे बढ़ी कर्नाटक इस बीच, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की चयन समिति के अध्यक्ष जे अभिराम के अनुसार, कर्नाटक के कुछ खिलाड़‍ियों के साथ आगे बढ़ने का फ़ै‍सला लिया गया है। कई वरिष्ठ खिलाड़ी रीसेट करने की कोशिश में हैं। जिन लोगों पर विचार नहीं किया गया उनमें सीनियर बल्लेबाज़ मनीष पांडे भी शामिल हैं। कर्नाटक का मानना है कि इस समय पांडे का बाहर जाना पूरी तरह से उनकी फ़ॉर्म की वजह से है और वापसी की संभावना “कठिन” लगती है। पांडे पांच पारियों में केवल 117 रन ही बना सके क्योंकि कर्नाटक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफ़ी नॉकआउट में जगह बनाने में असफल रहा; वे आठ टीमों के पूल में बड़ौदा और सौराष्ट्र से हारकर चौथे स्थान पर रहे। एसोसिएशन ने यह भी कहा है रणजी ट्रॉफ़ी 2024-25 के पहले हिस्सेम में मयंक अग्रवाल के उप-कप्तान रहे पांडे पर आगे भी विचार नहीं किया जाएगा। पांडे छह पारियों में एकमात्र अर्धशतक बनाने में सफल रहे, जबकि कर्नाटक को नॉकआउट के लिए क्वालिफ़ाई करने के लिए किसी चमत्कार की ज़रूरत थी। अगर पांडे ने वास्तव में अपना आखिरी मैच खेला है, तो यह उनके शानदार करियर के अंत का प्रतीक है, जिसमें वह कई सफे़द गेंद चैंपियनशिप जीतने के अलावा, दो रणजी ट्रॉफ़ी विजेता टीमों (2013-14 और 2014-15) का हिस्सा थे। दिलचस्प बात यह है कि कर्नाटक ने उनके नेतृत्व में 2018-19 और 2019-20 में लगातार फ़ाइनल में प्रवेश किया। पांडे के नाम 118 प्रथम श्रेणी मैचों में 50.78 की औसत से 25 शतकों के साथ 7973 रन हैं। कुल मिलाकर, सफे़द गेंद के प्रारूपों में उनके नाम 13,000 से अधिक रन हैं। पिछले महीने उन्हें 2025 सीज़न से पहले मौजूदा आईपीएल चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा फिर से लिया गया था। ओपनर बल्लेबाज आर समर्थ सभी प्रारूपों में खेलने के लिए उत्तराखंड चले गए हैं, लेकिन कर्नाटक में वह ऐसा करने में सक्षम नहीं थे क्योंकि चयनकर्ता उन्हें लाल गेंद विशेषज्ञ के रूप में मानते थे। लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल एक सीज़न के लिए केरल चले गए थे, लेकिन तब से कर्नाटक में लौट आए हैं। कर्नाटक टीम : मयंक अग्रवाल (कप्तान), श्रेयस गोपाल (उप-कप्तान), एस निकिन जोस, केवी अनीश, आर स्मरण, केएल श्रीजीत, अभिनव मनोहर, हार्दिक राज, विशाक विजयकुमार, वासुकी कौशिक, विद्याधर पाटिल, किशन बेदारे, अभिलाष शेट्टी, मनोज भंडागे, प्रवीण दुबे, लवनित सिसौदिया।  

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में कैसे पहुंच सकता है भारत

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन में तीसरा टेस्टई ड्रॉ होने का मतलब है कि यहां से भारत को बॉर्डर-गावस्ककर ट्रॉफ़ी के बचे अपने दोनों मैच क्वाेलि‍फ़ाई करने के लिए जीतने होंगे, अगर वह दूसरे परिणामों पर निर्भर नहीं रहना चाहते हैं। भारत की दो जीत का मतलब है कि उनका जीत का प्रतिशत 60.53 हो जाएगा, जबकि ऑस्ट्रे लिया, श्रीलंका से 2-0 से सीरीज़ जीतने के बाद भी 57.02 प्रतिशत अंक ही ला पाएगा। दूसरी ओर अगर भारत एक टेस्टह जीतता है और एक ड्रॉ करता है तो उनके 57.02 प्रतिशत अंक होंगे और ऑस्ट्रेेलिया तभी उनसे आगे निकल सकता है जब वे श्रीलंका को 2-0 से हराए, तब ऑस्ट्रेरलिया के 58.77 प्रतिशत अंक हो जाएंगे। अगर भारत 2-1 से सीरीज़ जीत जाता है तो ऑस्ट्रे लिया को श्रीलंका को 1-0 से अधिक के अंतर से हराना होगा या दक्षिण अफ़्रीका पाकिस्ता न से कम से कम 0-1 से हार जाए। अगर सीरीज़ 2-2 से ड्रॉ हो : तब भारत 55.26 प्रतिशत पर अंत करेगा और तब ऑस्ट्रेतलिया को श्रीलंका से कम से कम 1-0 से हार झेलनी होगी या दक्षिण अफ़्रीका को पाकिस्तापन से 2-0 से हारना होगा। अगर सीरीज़ 1-1 से ड्रॉ पर रहे : तब भारत 53.51 जीत प्रतिशत पर समाप्त् करेगा, दक्षिण अफ़्रीका को तब दोनों टेस्ट़ हारने होंगे या ऑस्ट्रे लिया को श्रीलंका से सीरीज़ 1-0 से हारनी होगी या 0-0 से ड्रा करनी होगी। अगर दोनों सीरीज़ ड्रॉ होती हैं तो ऑस्रेे  लिया और भारत के 53.51 प्रतिशत अंक रह जाएंगे, लेकिन भारत इस चक्र में अधिक सीरीज़ जीतने की वजह से आगे बढ़ जाएगा, लेकिन श्रीलंका 2-0 से जीतता है तो वे भारत से आगे बढ़ जाएंगे। अगर भारत 1-2 से हारता है : तब भारत के 51.75 प्रतिशत जीत अंक होंगे और वह फ़ाइनल की रेस से बाहर हो जाएगा। तब ऑस्ट्रे लिया और दक्षिण अफ़्रीका फ़ाइनल में पहुंच जाएंगे, फ‍िर चाहे वे अपने अगले मैच हार जाएं, जहां श्रीलंका ऑस्ट्रे लिया को 2-0 से हराने के बावजूद केवल 53.85 प्रतिशत जीत अंक पर ही रह पायेगा।  

लेहमैन की आलोचना पर कमिंस ने मुख्य चयनकर्ता बेली का बचाव किया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट कप्तान पैट कमिंस ने मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली का बचाव किया है, जिसकी पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कोच डैरेन लेहमैन ने तीखी आलोचना की थी। लेहमैन ने उन पर टेस्ट टीम के बहुत करीब होने का आरोप लगाया था, ताकि वे कठिन फैसले न ले सकें। ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के निराशाजनक प्रदर्शन की तीखी आलोचना हुई है, जिसमें उस्मान ख्वाजा, नाथन मैकस्वीनी और मार्नस लाबुशेन का संयुक्त औसत 14.40 रहा, जो 1887/88 के बाद से घरेलू टेस्ट समर में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष तीन खिलाड़ियों का सबसे कम आंकड़ा है। नाथन मैकस्वीनी, विशेष रूप से खुद को कड़ी निगरानी में पाते हैं। लेहमैन ने मंगलवार को बॉर्डर-गावस्कर श्रृंखला के तीसरे टेस्ट के बारिश से ड्रॉ होने पर बेली पर निशाना साधा, जिससे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के टीम के साथ करीबी संबंधों पर संदेह पैदा हो गया। “मेरे ख़याल से, वह टीम के बहुत नज़दीक है। मैं चाहूंगा कि वह कहीं चयनकर्ताओं के बॉक्स में बैठकर देखे और अपने फ़ैसले खुद ले सके। लेहमैन ने एबीसी स्पोर्ट पर कहा था। हालांकि, कमिंस ने बेली का बचाव करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और ऐसे किसी भी सुझाव को खारिज़ कर दिया, जो उनके कठोर फ़ैसले लेने के फ़ैसले को प्रभावित करता हो। कमिंस ने बताया, “मुझे नहीं पता कि यह (आलोचना) कैसे सच हो सकती है। सिर्फ़ इंटरनेट पर नज़र डालने से कहीं ज़्यादा किसी टीम को चुनने में बहुत कुछ होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप निष्पक्ष रहें और मुझे लगता है कि चयन पैनल इस मामले में कमाल का है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों में उन्होंने सभी फ़ॉर्मेट में कुछ बहुत ही साहसिक फ़ैसले लिए हैं। शायद पिछले सालों में मैंने अन्य चयनकर्ताओं को जितना साहसिक फ़ैसला करते देखा है, उससे कहीं ज़्यादा साहसिक। वे कभी भी कठोर फ़ैसले लेने से पीछे नहीं हटे। जॉर्ज ने जो भूमिका निभाई है, वह कमाल की है और मुझे लगता है कि आप इसे सिर्फ़ टीम के खिलाड़ियों से ही नहीं, बल्कि राज्य के खिलाड़ियों से भी सुनेंगे।” कमिंस के समर्थन के बावजूद, अगर मेलबर्न में चौथे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किए गए तो बेली को कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है।  

केशव महाराज बाएं हाथ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पाकिस्तान के खिलाफ शेष वनडे सीरीज से हुए बाहर

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज बाएं हाथ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पाकिस्तान के खिलाफ शेष वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। महाराज को मंगलवार को पार्ल में पहले वनडे से पहले अभ्यास के दौरान चोट लगी थी। उनकी जगह दक्षिण अफ्रीका की एकादश में तेज गेंदबाज ऑलराउंडर एंडिले फेहलुकवायो को शामिल किया गया है। महाराज पुनर्वास के लिए डरबन लौटेंगे, जबकि ब्योर्न फोर्टुइन को पाकिस्तान के खिलाफ शेष दो वनडे मैचों के लिए उनके प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया है, जो क्रमशः केपटाउन और जोहान्सबर्ग में गुरुवार और रविवार को खेले जाने हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “केशव महाराज पाकिस्तान के खिलाफ शेष वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं, क्योंकि स्कैन में बाएं हाथ की मांसपेशियों में खिंचाव का पता चला है। वह पुनर्वास के लिए डरबन लौटेंगे और पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले उनकी स्थिति का फिर से आकलन किया जाएगा।” इसमें कहा गया है, “अंतिम दो वनडे के लिए ब्योर्न फोर्टुइन को उनके प्रतिस्थापन के रूप में नामित किया गया है।” महाराज की चोट दक्षिण अफ्रीका के अनुपलब्ध गेंदबाजों की बढ़ती सूची में जुड़ गई है। मेजबान टीम पहले से ही एनरिक नोर्टजे (पैर की अंगुली में फ्रैक्चर), गेराल्ड कोएट्जी (कमर में), लुंगी एनगिडी (कूल्हे), नांद्रे बर्गर (पीठ के निचले हिस्से) और वियान मुल्डर (उंगली में फ्रैक्चर) से वंचित है। हाल ही में, महाराज ने गकेबरहा में श्रीलंका के खिलाफ अंतिम दिन दक्षिण अफ्रीका की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उन्होंने 76 रन देकर 5 विकेट लिए थे जिससे बल्लेबाजी ढह गई थी। उनकी अनुपस्थिति में, दक्षिण अफ्रीका पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए स्पिन गेंदबाजी विकल्पों डेन पीट और सेनुरन मुथुसामी की ओर रुख कर सकता है। अन्य संभावित उम्मीदवारों में बल्लेबाजी ऑलराउंडर नील ब्रांड शामिल हैं, जो बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं और इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड का दौरा किया था; लेग स्पिनर शॉन वॉन बर्ग, जिन्होंने उसी दौरे पर पदार्पण किया था; और बाएं हाथ के स्पिनर तबरेज शम्सी, हालांकि उन्होंने आखिरी बार 2021 में प्रथम श्रेणी मैच खेला था। पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट 26 दिसंबर को सेंचुरियन में शुरू होगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में वर्तमान में नंबर 1 पर काबिज दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में जगह पक्की करने के लिए एक और जीत की जरूरत है।  

रविचंद्रन अश्विन आज लौटे स्वदेश, कहा- मैं अपने फैसले से संतुष्ट हूं और यह मेरे दिमाग में बहुत समय से चल रहा था

चेन्नई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने गुरुवार को स्वदेश लौटने पर कहा कि मैं अपने फैसले से संतुष्ट हूं और यह मेरे दिमाग में बहुत समय से चल रहा था। अश्विन आज सुबह चेन्नई वापस आ गए और परिवार और मित्रों ने बहुत धूमधाम से उनका स्वागत किया। अश्विन ने अपने आवास के पास एकत्रित भीड़ से कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि इतने सारे लोग यहां आएंगे। मैं बस एक शांत प्रवेश चाहता था और घर पर आराम करने के लिए उत्सुक था। लेकिन आपने मेरा दिन बना दिया। उन्होंने कहा मैंने इतने सालों तक टेस्ट क्रिकेट खेला है, लेकिन आखिरी बार मैंने ऐसा कुछ वर्ष 2011 विश्वकप के बाद देखा था।” उन्होंने कहा, “यह बहुत से लोगों के लिए भावनात्मक है और हो सकता है कि यह कुछ समय में समझ में आ जाए, लेकिन मेरे लिए, व्यक्तिगत रूप से, यह राहत और संतुष्टि की एक बड़ी भावना है। अश्विन ने संन्यास लेने के अपने फैसले के बारे में कहा कि यह बहुत सहज था और यह कुछ समय से मेरे दिमाग में चल रहा था। मैंने इसे चौथे दिन महसूस किया और मैंने इसे दिन का अंत मान लिया।” उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो हम सभी अपने करियर में बहुत कुछ सहन करते हैं, केवल क्रिकेटरों के लिए ही नहीं बल्कि आम तौर पर भी। सामान्यत: जब मैं सोने जाता हूं तो मुझे विकेट लेना, रन बनाना जैसी कई चीजें याद आती हैं, लेकिन पिछले दो सालों में वे यादें नहीं हैं। इसलिए यह एक स्पष्ट संकेत था कि हमें अब एक अलग रास्ता अपनाने की आवश्यकता है। मैंने कोई नया लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है, क्योंकि मैं अब बस आराम करना चाहता हूं। दरअसल, मेरे लिए निष्क्रिय रहना मुश्किल है, लेकिन मैं अब ऐसा करने का प्रयास करना चाहता हूं।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मेरे लिए वह हिस्सा अभी भी उज्ज्वल है। मैं चेन्नई सुपर किंग (सीएसके) के लिए खेलने जा रहा हूं और अगर मैं जितना हो सके उतना लंबे समय तक खेलने की इच्छा रखता हूं तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि अश्विन क्रिकेटर का खेल खत्म हो गया है, केवल भारतीय क्रिकेटर अश्विन का खेल समाप्त हुआ है। बस इतना ही।”  

पृथ्वी शॉ विजय हजारे ट्रॉफी टीम से बाहर किए जाने पर इस तरह निकाला गुस्सा

मुंबई पृथ्वी शॉ का खराब फार्म अब उनके लिए परेशानी बनता जा रहा है। दरअसल मुंबई ने अपने विजय हजारे ट्रॉफी स्कॉड से उन्हें बाहर कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही थी कि विजय हजारे ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ खेलते हुए दिखाई देंगे। लेकिन MCA ने स्क्वाड में उनका नाम नहीं दिया है। इसके बाद सवाल उठने लगे कि पृथ्वी शॉ का नाम विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल क्यों नहीं किया गया है। दरअसल पृथ्वी शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बावजूद इसके एमसीए की ओर से इस सीजन उनका नाम टीम में शामिल नहीं किया गया है। इस फैसले से नाराज पृथ्वी शॉ ने अपने सोशल मीडिया पर एक स्टोरी शेयर की थी, जिसमें उन्होंने भगवान की फोटो लगाकर सब कुछ भगवान पर छोड़ने की बात लिखी थी, इसके बाद पृथ्वी शॉ के फैंस ने उनका जमकर समर्थन किया। वहीं अब पृथ्वी शॉ को टीम में नहीं चुने जाने को लेकर MCA की ओर से सफाई जारी की गई है। दरअसल MCA ने जानकारी दी है कि पृथ्वी शॉ को फिटनेस के कारण टीम में शामिल नहीं किया गया है, इसके अलावा उन्होंने अपने प्रदर्शन से निराश किया है। जिसके चलते उन्हें टीम से बाहर किया गया है। बता दें कि पिछले कुछ समय से पृथ्वी शॉ अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में है। दरअसल खराब फिटनेस के चलते उन्हें कई बार प्लेइंग 11 से बाहर रखा गया है। एमसीए की ओर से पृथ्वी शॉ को अपनी फिटनेस पर ध्यान देने की बात कही गई है। बता दें कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ का प्रदर्शन में खास नहीं रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में फ्लॉप रहे पृथ्वी शॉ हालांकि इस फैसले से नाराज पृथ्वी शॉ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक स्टोरी लगाई, जिसमें उन्होंने अपने आंकड़े दर्शाए, इस आंकड़े में उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिलेक्शन ना होने पर नाराजगी जाहिर की और मैसेज दिया कि इतना करने के बाद भी यदि चांस नहीं दिया जा रहा है, तो सब कुछ भगवान पर छोड़ देना चाहिए। दरअसल पृथ्वी शॉ ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इतना खास प्रदर्शन नहीं दिखाया है। पृथ्वी शॉ ने 9 मैचों में कुल 21.88 की औसत से 197 रन बनाए हैं, जिसके चलते एमसीए ने पृथ्वी शॉ को विजय हजारे ट्रॉफी से बाहर कर दिया है।

इयान हीली ने भारत के खिलाफ 26 दिसंबर से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया को चेताया

मेलबर्न अपने जमाने के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज इयान हीली ने भारत के खिलाफ 26 दिसंबर से शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के टॉप ऑर्डर के तीन बल्लेबाजों की फॉर्म को गंभीर चिंता का विषय करार देते हुए उन्हें अपने ‘बेसिक्स’ पर ध्यान देने की सलाह दी। ऑस्ट्रेलिया ने बारिश से प्रभावित तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में ट्रैविस हेड और स्टीव स्मिथ के शतकों की मदद से 445 रन बनाए, लेकिन दूसरी पारी में उसके बल्लेबाज लड़खड़ा गए, जिसे उसने सात विकेट पर 89 रन बनाकर समाप्त घोषित किया था। यह मैच ड्रॉ रहा, जिससे पांच मैच की सीरीज अभी 1–1 से बराबरी पर है। हीली ने एसईएन एन रेडियो से कहा,‘‘मुझे नहीं लगता कि ऑस्ट्रेलिया मेलबर्न टेस्ट से पहले उन पर किसी तरह का दबाव बनाएगा लेकिन वे फॉर्म में नहीं है। वे गंभीर रूप से फॉर्म से बाहर हैं।’’ सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा और नाथन मैकस्वीनी के साथ तीसरे नंबर के बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हीली ने कहा,‘‘चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली से पूछा जाना चाहिए कि क्या यह तीनों बल्लेबाज फॉर्म में वापसी कर सकते हैं। क्या उन्हें विश्वास है कि हमारे शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाज फॉर्म में वापसी करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि मेलबर्न टेस्ट मैच फॉर्म में वापसी करने के लिए इन तीनों बल्लेबाजों के लिए सर्वश्रेष्ठ मौका होगा। हीली ने कहा,‘‘मेलबर्न के विकेट से बल्लेबाजों को भी मदद मिलती है और यहां उनके पास फॉर्म में वापसी करने का सर्वश्रेष्ठ मौका होगा। इसके लिए उन्हें अपने बेसिक्स पर ध्यान देना होगा।’’

विराट कोहली परिवार की प्राइवेसी पर आई बात तो हो गए आगबबूला, एयरपोर्ट पर रिपोर्टर से भिड़े

नई दिल्ली करियर की शुरुआत में विराट कोहली जितने एग्रेसिव थे, उतने आज के समय नहीं है। शादी होने और परिवार बढ़ने के बाद उनका गुस्सा और भी कम हो गया है। मगर कई बार ऐसा होता है जब विराट अपना गुस्सा कंट्रोल नहीं कर पाते। ऐसा ही कुछ तब हुआ जब बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए टीम इंडिया मेलबर्न एयरपोर्ट पहुंची। ऑस्ट्रेलिया मीडिया के अनुसार जब टीम इंडिया मेलबर्न एयरपोर्ट पहुंची तो कुछ रिपोर्ट्स और कैमरामैन विराट कोहली के परिवार की तस्वीरें खींच रहे थे। कई बार मना करने के बावजूद वह नहीं माने। विराट कोहली शुरुआत से ही साफ कर चुके हैं वह अपने बच्चों को लाइमलाइ में नहीं रखना चाहते। वह जब भारत में होते हैं तो मीडिया से पहले ही इसकी रिक्वेस्ट करते हैं और इंडिया की मीडिया खिलाड़ी की इस रिक्वेस्ट का सम्मान भी करती है। मगर ऑस्ट्रेलिया मीडिया के साथ ऐसा नहीं है। ऑस्ट्रेलिया मीडिया के अनुसार, रिपोर्टर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड से बात कर रहे थे, जो मेलबर्न में चोटिल जोश हेजलवुड की जगह खेल सकते हैं है, जब कोहली और उनके परिवार के सदस्य पास में ही देखे गए। भारतीय बल्लेबाज के भड़कने से पहले कैमरे कोहली की तस्वीर लेने के लिए मुड़े। कोहली पबल्कि प्लेस पर अपने परिवार के वीडियो को फिल्माए जाने पर आपत्ति जताते दिखे। कोहली ने चैनल नाइन के रिपोर्टर को मीडिया के अन्य सदस्यों के सामने तीखी बहस में डांटा। तनावपूर्ण बातचीत के बाद कोहली वहां से चले गए और फिर वापस मुड़कर कुछ और बातें कीं। बता दें, 5 मैच की यह बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज 3 मुकाबलों के बाद 1-1 की बराबरी पर है। पर्थ टेस्ट 295 रनों से जीतकर भारत ने शानदार शुरुआत की, वहीं एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट जीतकर मेजबानों ने जोरदार वापसी की। तीसरा टेस्ट ब्रिस्बेन में खेला गया, जो बारिश के चलते ड्रॉ हुआ। चौथा मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न में खेला जाना है। दोनों टीमों की नजरें इस मैच को जीतकर सीरीज में बढ़त बनाने के साथ हार को टालने पर होगी।

आर अश्विन का रिटायरमेंट बड़े बदलाव की पहल हो सकती हैं, अगले साल हो सकते हैं कई और रिटायरमेंट के ऐलान

नई दिल्ली आर अश्विन का रिटायरमेंट टीम इंडिया में एक बड़े बदलाव की पहल साबित हो सकते हैं। आने वाले दिनों में हमें कई और सीनियर प्लेयर्स क्रिकेट को अलविदा कहते हुए नजर आ सकते हैं, ताकि अगली पीढ़ी के लिए जगह बन सके। क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार इसकी शुरुआत अगले साल जून-जुलाई में होने वाले इंग्लैंड दौरे से पहले हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया में चल रही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी WTC चक्र की भारत की आखिरी सीरीज है और यह भारत की “ओजी पीढ़ी” के लिए आखिरी हो सकती है। अश्विन के साथ-साथ विराट कोहली, रोहित शर्मा अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रविंद्र जेडाज उस ग्रुप का हिस्सा थे, जिन्होंने 2012 और 2013 के बीच इसी तरह के बदलाव से गुजर रही टीम इंडिया में कोर खिलाड़ियों के रूप में अपनी जगह बनाई थी। उस दौरान सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी-अपनी जगह खाली की थी। कप्तान रोहित भले ही बार-बार सभी को यह याद दिलाने की कोशिश करें कि जो भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है उसके लिए “दरवाजे खुले हैं”, लेकिन यह पहले से तय था कि टीम इंडिया पुजारा और रहाणे से आगे बढ़ चुकी है। अश्विन को भी कुछ ऐसे ही संकेत मिले, क्योंकि न्यूजीलैंड सीरीज में अचाक वॉशिंगटन सुंदर की एंट्री हुई और बीजीटी में पर्थ टेस्ट में उन्हें ही जडेजा और अश्विन से ऊपर मौका दिया गया। क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार अश्विन का यह निर्णय कितना प्लान्ड था, यह निर्धारित करना कठिन है, लेकिन भारतीय टीम में जल्द ही बदलाव होने की उम्मीद है- संभवतः 2025 की गर्मियों में इंग्लैंड में उनकी अगली टेस्ट सीरीज की शुरुआत तक… यह असंभव है कि कोई भी खुले तौर पर स्वीकार करेगा कि यह एक संकेत था, लेकिन एक धारणा है कि यह घोषणा सिर्फ एक शुरुआत है, ठीक उसी तरह जैसे 2008 में हुआ था, जब कई वरिष्ठ खिलाड़ी जल्दी-जल्दी रिटायर हो गए थे।

भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा- संन्यास ले चुके रविचंद्रन अश्विन की विरासत सभी को प्रेरित करती रहेगी

नई दिल्ली भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा कि संन्यास ले चुके ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की विरासत सभी को प्रेरित करती रहेगी। साथ ही उन्होंने चेन्नई के इस क्रिकेटर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने खेल को मन और दिल से किस तरह से अपनाया। 38 वर्षीय अश्विन ने ब्रिस्बेन के गाबा में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की। इस मैच के लिए उन्हें नहीं चुना गया था। तेंदुलकर ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में लिखा, “अश्विन, मैं हमेशा से आपकी प्रशंसा करता रहा हूं कि आपने खेल को मन और दिल से किस तरह से अपनाया। कैरम बॉल को बेहतरीन तरीके से खेलने से लेकर महत्वपूर्ण रन बनाने तक, आपने हमेशा जीत का रास्ता निकाला।” “आपको एक होनहार प्रतिभा से भारत के बेहतरीन मैच विजेताओं में से एक बनते देखना अद्भुत रहा है। आपकी यात्रा से पता चलता है कि सच्ची महानता प्रयोग करने और विकसित होने से कभी नहीं डरने में निहित है। आपकी विरासत सभी को प्रेरित करेगी। आपको दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं।” अश्विन ने अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत 106 टेस्ट मैचों में 24 की औसत से 537 विकेट लेकर किया और दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे, जिसमें टेस्ट मैचों में 37 बार पांच विकेट लेने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड शामिल है, जो खेल के इतिहास में दूसरा सबसे ज़्यादा रिकॉर्ड है, साथ ही आठ बार दस विकेट लेने का रिकॉर्ड भी शामिल है। बीसीसीआई के अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने भी अश्विन के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर की तारीफ़ की। बिन्नी ने कहा, “अश्विन की प्रतिभा पिछले कई सालों में भारतीय क्रिकेट की सफलता की आधारशिला रही है। एक विलक्षण प्रतिभा से लेकर क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान ऑफ स्पिनरों में से एक बनने तक, उनकी उपलब्धियां बहुत गर्व का विषय हैं।” “उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को फिर से परिभाषित किया और हमेशा आगे रहने की कोशिश की। अश्विन युवा क्रिकेटरों के लिए एक आदर्श रोल मॉडल हैं। मैं भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं।” अश्विन ने बल्ले से छह टेस्ट शतक और 14 अर्द्धशतक भी लगाए। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट था, जहां उन्होंने अपने 18 ओवरों में 1-53 विकेट लिए और बल्ले से 29 रन बनाए, जिसमें भारत 10 विकेट से हार गया। अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 115 और इंग्लैंड के खिलाफ 114 टेस्ट विकेट लेकर संन्यास लिया। उल्लेखनीय रूप से, उन्होंने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 115 विकेट लिए, जो प्रतियोगिता के इतिहास में दूसरे सबसे अधिक हैं। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “अश्विन की यात्रा समर्पण और जुनून की ऊंचाइयों का प्रमाण है। खेल से आगे सोचने की उनकी क्षमता भारतीय क्रिकेट के लिए एक जबरदस्त संपत्ति रही है। अश्विन में, हमने एक ऐसे गेंदबाज को देखा है, जिसने न केवल विकेट लिए बल्कि बल्लेबाजी की रणनीतियों को ध्वस्त कर दिया। खेल के प्रति उनके दृष्टिकोण, उनके असाधारण कौशल के साथ, उन्हें अपनी पीढ़ी के सबसे सम्मानित क्रिकेटरों में से एक बना दिया है। मैं उन्हें उनके शानदार करियर के लिए बधाई देता हूं।” अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 156 विकेट लिए और 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों के सदस्य रहे। अश्विन ने 65 टी20 मैच भी खेले और 72 विकेट लिए। अश्विन टेस्ट में 3000 रन और 300 विकेट का डबल हासिल करने वाले 11 ऑलराउंडरों में से एक थे। उन्होंने रिकॉर्ड 11 प्लेयर-ऑफ-द-सीरीज़ पुरस्कार भी जीते, जो श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बराबर है। “अश्विन हर मायने में गेम-चेंजर रहे हैं। चाहे वह मैदान पर उनके जादुई स्पैल हों या मैदान के बाहर उनकी व्यावहारिक चर्चाएं , उन्होंने भारतीय क्रिकेट में कुछ खास लाया।” बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “खुद को फिर से तलाशने, गेंदबाजी में नए बदलाव लाने और लगातार उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता उन्हें एक सच्चा लीजेंड बनाती है। उनका असाधारण करियर क्रिकेटरों की भावी पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण है, जो निस्संदेह उन्हें एक आदर्श रोल मॉडल के रूप में देखेंगे।”

अश्विन, एक ऐसा नाम जो महारत, जादू, प्रतिभा और नवाचार का पर्याय है : बीसीसीआई

ब्रिस्बेन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने संन्यास लेने वाले ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका नाम खेल में महारत, जादू, प्रतिभा और नवाचार लाने का पर्याय रहेगा। बुधवार को ब्रिस्बेन में तीसरा टेस्ट ड्रॉ होने के तुरंत बाद, अश्विन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तुरंत संन्यास लेने की घोषणा की, जिससे भारत के लिए सभी प्रारूपों में खेलने का उनका 14 साल का लंबा करियर खत्म हो गया। बीसीसीआई ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “धन्यवाद अश्विन। एक ऐसा नाम जो महारत, जादू, प्रतिभा और नवाचार का पर्याय है। बेहतरीन स्पिनर और टीमइंडिया के अमूल्य ऑलराउंडर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। शानदार करियर के लिए बधाई, अश्विन के संन्यास की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अनुभवी स्पिनर को शुभकामनाएं देने वालों की बाढ़ आ गई है। भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आपको एक युवा गेंदबाज से आधुनिक क्रिकेट के दिग्गज के रूप में विकसित होते देखने का सौभाग्य कुछ ऐसा है जिसे मैं दुनिया के लिए भी नहीं बदलूंगा! मुझे पता है कि आने वाली पीढ़ियां गेंदबाजों को कहेंगी कि मैं अश्विन की वजह से गेंदबाज बना! तुम्हारी कमी खलेगी भाई!” अश्विन ने 106 टेस्ट मैचों में 24 की औसत से 537 विकेट लेकर अपने करियर का अंत किया और दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले के बाद भारत के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने बल्ले से छह टेस्ट शतक और 14 अर्द्धशतक भी लगाए। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट था, जहां उन्होंने 1-53 विकेट लिए थे। भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने टिप्पणी की, “शानदार क्रिकेट करियर के लिए अश्विन को बधाई। एक टेस्ट क्रिकेटर के रूप में आपकी महत्वाकांक्षा सराहनीय थी। एक दशक से भी ज़्यादा समय तक भारतीय स्पिन के ध्वजवाहक बने रहने के लिए बधाई। अपनी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है और उम्मीद है कि अब हम आपसे और भी ज़्यादा मिलेंगे।” भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफ़ान पठान ने लिखा, “एक बेहतरीन मैच विजेता, टेस्ट क्रिकेट में भारत के दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ के तौर पर संन्यास लेना किसी यादगार पल से कम नहीं है। इसे उनके अमूल्य बल्लेबाजी योगदान के साथ जोड़ दें, तो आपको खेल के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक मिल जाएगा। शाबाश, ऐश!” भारत के पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने लिखा, “एक महान खिलाड़ी ने संन्यास लिया। एक शानदार करियर के लिए शाबाश। आपके साथ खेलने पर गर्व है और निश्चित रूप से तमिलनाडु से खेलने वाले अब तक के सबसे महान खिलाड़ी। ढेर सारा प्यार और परिवार तथा दोस्तों के साथ कुछ आराम के पल बिताइए।” पूर्व क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन ने लिखा , “बहुत बढ़िया .. शानदार लंबे स्पैल को शालीनता और संयम के साथ समाप्त किया। आपकी यात्रा को देखने में मज़ा आया और सबसे महत्वपूर्ण बात, अपनी स्वतंत्र भावना को बाधित न करने के लिए आपको बधाई। आपकी भविष्य की यात्राओं के लिए शुभकामनाएं।” अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने 156 विकेट लिए और 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीमों के सदस्य रहे। अश्विन ने 65 टी20 मैच भी खेले और 72 विकेट लिए। टेस्ट में, अश्विन भारतीय टीम के 12 साल लंबे घरेलू वर्चस्व में केंद्रीय व्यक्तियों में से एक थे और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 2020/21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अश्विन टेस्ट में 3000 रन और 300 विकेट का डबल हासिल करने वाले 11 ऑलराउंडरों में से एक थे। उन्होंने मुथैया मुरलीधरन के बराबर रिकॉर्ड 11 प्लेयर-ऑफ-द-सीरीज़ पुरस्कार भी जीते।  

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