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39 साल बाद सेमीफाइनल भिड़ंत: भारत-इंग्लैंड, पिछली बार टीम इंडिया की जीत और कप्तान कौन था?

मुंबई  मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि यादों और जज्बातों का सबसे बड़ा रंगमंच है. यही वह जगह है जहां कभी विश्व कप की सबसे बड़ी खुशी मिली, तो कभी दिल तोड़ देने वाली हार भी. अब एक बार फिर वही स्टेडियम इतिहास के नए मोड़ का गवाह बनने जा रहा है. टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे. मुकाबला सिर्फ फाइनल की टिकट का नहीं है, बल्कि इतिहास के अधूरे हिसाब को बराबर करने का भी है। लगभग चार दशक पहले इसी वानखेड़े में इंग्लैंड ने भारत को विश्व कप से बाहर कर दिया था. अब उसी मैदान पर भारतीय टीम के पास उस पुरानी टीस को मिटाने का मौका है. अगर भारत यह मैच जीतता है तो फाइनल में उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। वानखेड़े: जहां जश्न भी मिला, दर्द भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में वानखेड़े स्टेडियम का एक अलग ही स्थान है. 2011 के वनडे विश्व कप का वह ऐतिहासिक पल आज भी हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के दिल में बसता है, जब महेंद्र सिंह धोनी ने छक्का लगाकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया था और गौतम गंभीर की 97 रन की जुझारू पारी ने जीत की नींव रखी थी. लेकिन यही मैदान दर्द की कहानियों से भी भरा हुआ है. 1987 के विश्व कप सेमीफाइनल में कपिल देव की टीम यहां इंग्लैंड से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इसके बाद 2016 के टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में भारत को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसलिए जब भी भारत वानखेड़े में बड़ा मुकाबला खेलता है, तो यह सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि भावनाओं की लड़ाई भी बन जाती है। क्‍या 2022 की हार ने बदला भारतीय टी20 क्रिकेट? भारत और इंग्लैंड की टी20 विश्व कप में भिड़ंत कोई नई बात नहीं है. लेकिन 2022 का सेमीफाइनल भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे दर्दनाक यादों में से एक बन गया. उस मैच में भारत ने 168 रन बनाए थे, लेकिन इंग्लैंड ने बिना कोई विकेट गंवाए लक्ष्य हासिल कर लिया था. जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की ओपनिंग जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजी को पूरी तरह बेअसर कर दिया था. उस हार ने भारतीय टीम को झकझोर दिया. इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने यह महसूस किया कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलेगा. खेल का तरीका बदलना पड़ेगा। क्‍या काम आएगी भारत की आक्रामक रणनीति? 2022 के बाद भारतीय टीम ने अपनी टी20 रणनीति पूरी तरह बदल दी. अब बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक खेलने लगे. रन गति बढ़ाने पर जोर दिया गया और जोखिम लेने से डरना बंद किया गया. आज 2026 में यही रणनीति भारत की पहचान बन चुकी है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने आक्रामक और निडर क्रिकेट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. अगर भारत इस सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराता है तो यह सिर्फ जीत नहीं होगी, बल्कि उस नई सोच की भी जीत होगी जिसने भारतीय टी20 क्रिकेट को बदल दिया। भारत बनाम इंग्लैंड: क्‍या कहते हैं आंकड़े? टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 29 मैच खेले गए हैं. इनमें भारत ने 17 मुकाबले जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 12 बार जीत दर्ज की है. टी20 विश्व कप की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक पांच मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने तीन बार जीत हासिल की है. वानखेड़े में भी दोनों टीमें दो बार भिड़ चुकी हैं. फरवरी 2025 में खेले गए मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 150 रन से करारी शिकस्त दी थी. उस मैच में युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 54 गेंदों में 135 रन की तूफानी पारी खेली थी। कैसी है दोनों टीमों की फॉर्म? भारत ने सुपर 8 चरण में उतार-चढ़ाव भरा सफर तय किया. अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम दबाव में आ गई थी. लेकिन इसके बाद भारत ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया. दूसरी ओर इंग्लैंड ने सुपर 8 में शानदार प्रदर्शन किया. श्रीलंका में खेले गए मुकाबलों में उन्होंने एक भी मैच नहीं गंवाया. कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई में टीम ने धीमी पिचों पर भी शानदार संतुलन दिखाया। इस बार कैसी रहेगी वानखेड़े की पिच? इस टूर्नामेंट में वानखेड़े की पिच ने थोड़ा अलग व्यवहार किया है. पारंपरिक रूप से यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन इस बार यहां बल्लेबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिली है. भारत और अमेरिका के बीच खेले गए पहले मैच में भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था. शुरुआती विकेट गिरने के बाद सूर्यकुमार यादव की आक्रामक पारी की बदौलत भारत 161 रन तक पहुंच सका और 29 रन से मैच जीत लिया. मैदान की पिच पर हल्की घास भी छोड़ी गई है ताकि गेंद को अतिरिक्त उछाल मिल सके। क्या ओस बनेगी मैच का बड़ा फैक्टर? वानखेड़े में रात के मैचों में ओस हमेशा एक अहम भूमिका निभाती है. हालांकि इस टूर्नामेंट में अब तक सात मैचों में से चार में टीमों ने स्कोर का सफल बचाव किया है. लेकिन मुंबई की बढ़ती गर्मी को देखते हुए संभावना है कि सेमीफाइनल में ओस अहम भूमिका निभा सकती है. ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है। कौन जीतेगा सेमीफाइनल? दोनों टीमों के पास मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की बल्लेबाजी गहरी है और उनकी रणनीति बेहद आक्रामक रहती है. लेकिन भारत के पक्ष में कई फैक्‍टर हैं – घरेलू मैदान, दर्शकों का समर्थन और आक्रामक क्रिकेट का नया आत्मविश्वास. अगर भारतीय टीम दबाव में संयम बनाए रखती है तो उसके पास फाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका है।

नए टेस्ट कोच की तलाश में PCB, सरफराज अहमद बन सकते हैं टीम का अगला बड़ा नेता

 इस्लामाबाद पाकिस्तानी मेन्स क्रिकेट टीम को जल्द ही नया टेस्ट कोच मिलने जा रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चाहता है कि अगली टेस्ट सीरीज से पहले स्थायी कोच की नियुक्ति कर दिया जाए, ताकि लंबे समय की योजना पर काम शुरू हो सके. पीसीबी ने हेड कोच पद के लिए पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को औपचारिक प्रस्ताव दिया है. पीसीबी उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। सरफराज अहमद इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, तो वह ऐसे समय में कमान संभालेंगे जब पाकिस्तानी टीम निरंतर बदलाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है. पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के टेस्ट कोचिंग सेटअप में स्थिरता की कमी रही है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में पाकिस्तानी टीम को स्पष्ट रणनीति, सही सेलेक्शन प्रोसेस और मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। सरफराज अहमद की सबसे बड़ी ताकत उनकी नेतृत्व शैली मानी जाती है. उन्हें एक ऐसे कप्तान के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम में ऊर्जा और एकजुटता बनाए रखी. पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर प्रतिभा की कमी नहीं होती, लेकिन निरंतरता और संरचना की चुनौती रहती है. पीसीबी को उम्मीद है कि 38 साल के सरफराज इन दोनों पहलुओं में संतुलन ला सकते हैं। राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद भी सरफराज अहमद सिस्टम से जुड़े रहे. उन्होंने पाकिस्तान शाहीन्स और अंडर-19 स्तर पर मेंटर की भूमिका निभाई है. वह खिलाड़ियों की मानसिकता और टीम के प्रेशर पॉइंट्स को करीब से जानते हैं. अगर सरफराज प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो उनकी कोचिंग इनिंग्स की शुरुआत मई में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से हो सकती है. बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियां स्पिनर्स के मुफीद मानी जाती है. ऐसे में नए कोच के सामने शुरुआत से ही बड़ी चुनौती होगी। …जब पाकिस्तानी टीम ने जीती चैम्पियंस ट्रॉफी सरफराज अहमद ने पाकिस्तानी टीम के लिए तीन फॉर्मेट को मिलाकर कुल 232 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 34.24 के एवरेज से 6164 रन बनाए. सरफराज ने अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 का खिताब दिलाया था। अब देखना यह होगा कि क्या वह अपनी कोचिंग में टेस्ट टीम को सफलता दिला पाते हैं या नहीं. फिलहाल सबकी नजर सरफराज के फैसले पर टिकी हैं. यदि वह हां कहते हैं, तो पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जाएगी।

संजू सैमसन बैन ट्रेंड: नियम क्या कहते हैं और इंग्लैंड मैच में उनके खेलने की संभावना

कलकत्ता  ‘Sanju Samson ban’ शब्द सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा है, खासकर आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल से पहले. भारत और इंग्लैंड की टीमें इस मुकाबले में आमने-सामने होंगी. सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर 8 में मैच जिताऊ पारी के बाद जश्न मनाने के कारण इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) संजू सैमसन पर बैन लगा सकती है, जिससे फैंस काफी परेशान हैं। आखिर हुआ क्या था? कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को विजयी चौका लगाने के बाद संजू सैमसन ने हेलमेट उतारकर जमीन पर फेंक दिया और घुटनों के बल बैठकर भगवान का धन्यवाद किया. कुछ लोगों का मानना है कि हेलमेट ‘फेंकने’ का यह एक्शन ICC के ‘क्रिकेट उपकरण के दुरुपयोग’ वाले नियम के तहत आ सकता है। फिलहाल, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि ICC संजू सैमसन के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है. हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा है कि अगर सैमसन दोषी पाए गए तो उन्हें एक मैच के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. ICC का नियम क्या कहता है? ICC के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 के तहत, खिलाड़ियों को क्रिकेट उपकरण का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. इसमें हेलमेट, बैट, स्टंप या किसी भी अन्य उपकरण को फेंकना या मारना शामिल है. अगर यह काम गुस्से में नहीं, बल्कि भावनाओं में किया गया हो, तब भी इसकी समीक्षा की जा सकती है और कार्रवाई हो सकती है। नियम में यह भी कहा गया है कि अगर किसी भी एक्शन से उपकरण या स्टेडियम की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसे नियम का उल्लंघन माना जाएगा. हाल ही में, स्कॉटलैंड के क्रिकेटर जॉर्ज मंसी को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक मैच में आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर एक डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था. यानी ऐसे मामलों में कार्रवाई संभव है। क्या सैमसन सस्पेंड हो सकते हैं? तकनीकी रूप से, अगर मैच अधिकारियों को लगता है कि सैमसन ने हेलमेट फेंका है, तो उन्हें सजा मिल सकती है. आमतौर पर, ऐसे मामलों को लेवल 1 अपराध माना जाता है. लेवल 1 के उल्लंघन पर अधिकतम 50% मैच फीस का जुर्माना और दो डिमेरिट प्वाइंट दिए जा सकते हैं। अक्सर, खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में बैन नहीं किया जाता, सिर्फ डिमेरिट प्वाइंट मिलते हैं. मैच रेफरी भी देखते हैं कि यह एक्शन किस संदर्भ में किया गया. जश्न के दौरान किए गए ऐसे एक्शन को आमतौर पर गुस्से में किए गए कामों की तुलना में हल्के में लिया जाता है. इसलिए, सैमसन पर बैन लगना संभव नहीं लगता।

10 चौके, 8 छक्के और 33 गेंद में शतक… फिन एलन ने मचाई तबाही, न्यूजीलैंड से हार पर मार्करम मायूस

 कोलकाता  ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में एक बार फिर साउथ अफ्रीका की कहानी नॉकआउट में आकर बिखर गई. अफ्रीकी टीम बुधवार (4 मार्च) को एक बार फ‍िर चोकर्स साब‍ित हुई। ईडन गार्डन्स में दबाव, मौका और मंच, तीनों ने प्रोट‍ियाज टीम का साथ नहीं द‍िया. दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने बड़े मैच की समझदारी और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए 9 विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटा लिया. इसके साथ ही इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड भी बने। कीवी टीम अब 2021 में जो खिताब जीत नहीं पाई थी, उस इरादे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में 8 मार्च को उतरेगी. जहां उसका मुकाबला आज (5 मार्च) को भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे सेमीफाइनल के व‍िजेता से होगा। मैच लगभग 20 दिन पहले हुए ग्रुप स्टेज मुकाबले का उल्टा रूप था. तब साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को एकतरफा हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में कीवी टीम ने पूरा हिसाब बराबर कर दिया। चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है ……. ‘यह एक बड़ा… चेहरे पर थप्पड़ तो नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है, हमें और मजबूत होकर आगे बढ़ना होगा और एक टीम के तौर पर बेहतर बनना होगा। ये जज्बात साउथ अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम के पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूजीलैंड से टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में हार के बाद थे। न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को कोलकाता के ऐत‍िहास‍िक ईडन गार्डन्स में 9 विकेट से हराया और 8 मार्च को अहमदाबाद में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप फाइनल का टिकट कटवा दिया। साउथ अफ्रीका ने पहले खेलते हुए 169 का स्कोर बनाया था. जवाब में न्यूजीलैंड ने इस टारगेट को महज 12.5 ओवर्स में 173/1 का स्कोर बनाकर चेज कर लिया.  न्यूजीलैंड की टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो फ‍िन एलन रहे. ज‍िन्होंने नाबाद 33 गेंदों पर 100 रन जड़कर टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक जड़ा। टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराया. इससे पहले रिकॉर्ड 0-5 था. लेकिन इस बार कहानी पलट गई. टूर्नामेंट में अजेय चल रही साउथ अफ्रीका की टीम दबाव में ढह गई और न्यूजीलैंड ने फाइनल का टिकट कटाया। आख‍िर कोलकाता में साउथ अफ्रीकी टीम की हार की वजह क्या रही? इसे लेकर एडेन मार्करम ने हार की परतें खोलकर रख दीं. साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्करम ने हार की वजह साफ शब्दों में बताई- शुरुआत में गेंद ठीक से बैट पर नहीं आ रही थी. कुछ गेंदें रुक रही थीं, कुछ नीचे रह रही थीं. न्यूजीलैंड ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की और दबाव बना दिया. उसी दबाव में हमने विकेट गंवाए। मार्करम ने माना कि 170 तक पहुंचना ‘अच्छा प्रयास’ था और हाफ टाइम तक टीम को मुकाबले में वापसी की उम्मीद थी. लेकिन पावरप्ले में जो हुआ, उसने मैच छीन लिया. न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज फ‍िन एलन ने 33 गेंदों में शतक जड़कर मैच को एकतरफा बना दिया। मार्करम ने खुद स्वीकार किया- कोई बल्लेबाज ऐसी पारी खेल दे, तो फील्डिंग टीम के तौर पर आप अक्सर सही नतीजे की उम्मीद नहीं कर सकते. पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तूफानी शुरुआत मिली और उसके बाद मैच पूरी तरह उनकी पकड़ में चला गया. ट‍िम स‍िफर्ट ने भी तेज पारी (33 गेंद 58 रन) खेलकर अफ्रीका की उम्मीदें खत्म कर दीं। क्या गलत पढ़ी गई पिच? मार्करम ने मानी गलती  मार्करम ने माना कि टीम ने विकेट को गलत आंका. उन्होंने कहा-हमें लगा था कि पिच अच्छी खेलेगी. शायद हमें जल्दी एडजस्ट करना चाहिए था. थोड़ा पुराना तरीका अपनाकर 190 तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए थी. अहमदाबाद में अनुकूल परिस्थितियों में खेलने वाली साउथ अफ्रीका इस स्टॉपी पिच पर तालमेल नहीं बैठा सकी. बल्लेबाजी में लय नहीं बनी और गेंदबाजी में कोई जवाब नहीं मिला। हार के बाद मार्करम ने कहा कि पहले खिलाड़ियों को इमोशनली शांत करने का समय दिया जाएगा, फिर टीम मिलकर विश्लेषण करेगी. यह हार थप्पड़ तो नहीं लेकिन वैसा ही महसूस हो रहा है. लेकिन हमें इससे मजबूत बनकर लौटना होगा। दूसरी ओर न्यूजीलैंड के कप्तान म‍िचेल ने कहा कि उनकी टीम ने ‘क्रंच गेम’ में परफेक्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने माना कि 170 का स्कोर चुनौतीपूर्ण हो सकता था, लेकिन पावरप्ले की साझेदारी ने रास्ता आसान कर दिया. अब न्यूजीलैंड के पास अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने का मौका होगा। टॉस से ही बना दबाव कप्तान म‍िचेल सेंटनर ने सही टॉस कॉल किया और हल्की सूखी पिच पर गेंदबाजों ने तुरंत असर दिखाया. कोल मैककॉन्ची ने अपने इकलौते ओवर में लगातार गेंदों पर क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन को आउट कर साउथ अफ्रीका को 12/2 पर झटका दे दिया। एडेन मार्करम को एक जीवनदान जरूर मिला जब रचिन रवींद्र ने मिड-विकेट पर कैच छोड़ा, लेकिन ज्यादा देर नहीं. रवींद्र ने ही बाद में मार्करम को फंसाया और डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन पर शानदार कैच लपका। डेविड मिलर को भी ग्लेन फिलिप्स ने जीवनदान दिया, पर वह भी उसी ओवर में रवींद्र की धीमी गेंद पर आउट हो गए. ब्रेविस के विकेट के बाद स्कोर 77/5 हो चुका था। जानसेन-स्टब्स ने सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया  मार्को जानसेन और ट्रिस्टन स्टब्स ने 16 ओवर तक टीम को 113/5 तक पहुंचाया. दोनों ने मैट हेनरी और जेम्स नीशाम पर बड़े शॉट्स लगाए. जानसेन ने 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा, लेकिन आखिरी ओवर में सिर्फ एक ही गेंद खेल पाए. साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 169/8 तक पहुंच सका। एलन-स‍िफर्ट का पावरप्ले धमाका टारगेट 170 का था, लेकिन न्यूजीलैंड की शुरुआत तूफानी रही. फ‍िन एलन और ट‍िम स‍िफर्ट ने पावरप्ले में ही 84 रन जोड़कर मैच लगभग खत्म कर दिया। स‍िफर्ट ने 28 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि एलन ने उससे 9 गेंद पहले पचासा जड़ा. दोनों के बीच 117 रन की साझेदारी टूटी जरूर, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. एलन ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद 100 रन ठोके. इसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे. यह T20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक रहा, जिसने क्रिस गेल का का पुराना रिकॉर्ड 14 गेंद पहले तोड़ दिया. न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 173/1 बनाकर 7.1 ओवर शेष रहते … Read more

हॉकी को मिलेगा बढ़ावा: एमपी के इस शहर में बनेगा मॉडर्न सिंथेटिक टर्फ स्टेडियम, ढाई साल में तैयार होगा

रायसेन औद्योगिक शहर मंडीदीप सहित सम्पूर्ण रायसेन जिले के हॉकी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंडीदीप के हॉकी फीडर सेंटर की उपलब्धियों को देखते हुए 13.71 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। यहां एक आधुनिक सिंथेटिक टर्फ वाला हॉकी स्टेडियम बनाया जाएगा, जो ढाई साल में तैयार होगा। हॉकी की नर्सरी माना जाता है मंडीदीप मंडीदीप को “हॉकी की नर्सरी” के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ी वर्षों से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार मांग पर अब यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास संभव हो सकेगा। इस योजना के साथ प्रदेश में सिंथेटिक टर्फ की कुल संख्या 17 हो जाएगी।   अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताएं अब केवल सिंथेटिक टर्फ पर ही खेली जाती है। फिलहाल मंडीदीप के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भोपाल, नर्मदापुरम या ग्वालियर जाना पड़ता है। नए स्टेडियम के बनने से शहर में ही बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन और बेहतर होगा। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ढाई साल में बनकर होगा तैयार सरकार द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद अगले दो महीनों में निर्माण एजेंसी तय कर टेंडर निकाले जाएंगे। टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ महीना लगेगा। इसी माह में विभिन्न टीमों की ओर से स्टेडियम के लिए जरूरी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। इस प्रकार कुल ढाई साल में स्टेडियम तैयार हो जाएगा।   उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं मंडीदीप के नयापुरा गांव में सिंथेटिक टर्फ का लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। इसके साथ ही टर्फ पर वाटरिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। शुरुआत में 300 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा (स्टैंड) बनेगी, बाद में इसे और बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां खिलाड़ियों के लिए 5 ड्रेसिंग रूम, एक बड़ा स्टोर और हॉल, जिसमें फिटनेस सेंटर होगा। वहीं एक इलेक्ट्रिक रूम भी बनाया जाएगा। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के करीब मंडीदीप हॉकी फीडर सेंटर के कई खिलाड़ी, खासकर लड़कियां, राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लगभग 10 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में मदद करेगी।

क्रिकेट का महा मुकाबला, पुरुष T20 2026 के विजेताओं के लिए घोषित इनाम राशि

नई दिल्ली  टी20 विश्‍व कप 2026 का आधे से अधिक सफर हुआ पूरा  20 टीमों के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्‍त रूप से कर रहा है। विश्‍व कप का फाइनल 8 मार्च को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में सभी टीम खिताब अपने नाम करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देंगी। भारतीय टीम ने 2024 में खेले गए टी20 विश्‍व कप का खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में टीम इंडिया की नजर ट्रॉफी का बचाव करने पर होगी। टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कोई भी टीम लगातार 2 बार विश्‍व कप नहीं जीती है। ऐसे में भारतीय कप्‍तान सूर्यकुमार यादव के पास इतिहास रचने का भी मौका है। फैंस के मन में उठ रहा सवाल विश्‍व कप की शुरुआत से पहले फैंस के मन में सवाल उठने लगा है कि आखिर जीतने वाली टीम को कितनी प्राइज मनी मिलेगी? तो आपको बता दें कि जीतने वाली टीम पर तो छप्‍परफाड़ पैसा बरसेगा। साथ ही हारने वाली टीम की भी चांदी होने वाली है। आइए जानते हैं कि विश्‍व कप की प्राइस मनी क्‍या है। 100 करोड़ से ज्‍यादा प्राइज मनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबकि, टी20 विश्‍व कप 2026 में प्राइज मनी करीब 120 करोड़ रुपये (13.5 मिलियन डॉलर्स) होगी। यह विजेता, उपविजेता, सेमीफाइनल में हारने वाली और विश्‍व कप में हिस्‍सा लेने वाली टीमों को मिलती है। 2024 का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम को 20 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार प्राइज मनी में इजाफा होगा। टी20 विश्‍व कप 2026 जीतने वाली टीम को 27.48 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। वहीं, फाइनल में हारने वाली टीम को 14.65 करोड़ मिल सकते हैं। इसके अलावा सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली टीम को 7.24 करोड़ रुपये, 5 से 12 नंबर तक रहने वाली टीमों को 3.48 करोड़ रुपये और 13 से 20 नंबर तक आने वाली टीमों को 2.29 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।  

IND vs ENG: करो या मरो की जंग में टीम इंडिया के 5 मैच विनर, अंग्रेजों को चटा सकते हैं धूल

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इंग्लैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाना चाहेगी। भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में ये लगातार तीसरा सेमीफाइनल होने वाला है। 2022 में इंग्लैंड ने बाजी मारी, तो 2024 में टीम इंडिया ने जीत हासिल की थी। अब मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमें टकराने वाली हैं। इस मुकाबले में भारत के 5 ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अकेले अपने दम पर टीम को मैच में जीत दिला सकते हैं। इसमें संजू सैमसन से लेकर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तक का नाम शामिल है। भारत को अपने दम पर जीत दिला सकते हैं ये खिलाड़ी- 1. जसप्रीत बुमराह भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के लिए बड़ा सिरदर्द हो सकते हैं। बुमराह नई और पुरानी गेंद के साथ बेहतरीन गेंदबाजी करते हैं। वे बहुत ही कंजूसी के साथ रन भी खर्च करते हैं। बुमराह ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 6 मैच खेले हैं और 9 विकेट अपने नाम किए हैं। उन्होंने मात्र 6.30 की इकोनॉमी से रन दिए हैं, जिससे बुमराह अपने दम पर मैच में जीत दिला सकते हैं। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन फॉर्म में वापसी कर चुके हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में नाबाद 97 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। सैमसन ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अगर पिच पर टिक गए, तो इंग्लिश गेंदबाजों की खैर नहीं होगी। वे अपने दम पर भारत को मैच जिता सकते हैं और इसका ताजा उदाहरण विंडीज के खिलाफ खेला गया मैच है। 3. वरुण चक्रवर्ती वरुण चक्रवर्ती पिछले कुछ मैचों में अपनी लय में नहीं दिखे हैं। उनके खिलाफ बल्लेबाजों ने रन बनाए हैं लेकिन चक्रवर्ती अपनी गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। वे टी20 की रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं और भारत को मुश्किल समय में विकेट दिलाते रहे हैं। ऐसे में मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल मैच में भी वे भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। 4. ईशान किशन ईशान किशन का पिछले दो मैचों में बल्ला नहीं चला है लेकिन वे शानदर फॉर्म में चल रहे हैं। किशन ने पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किल पिच पर मैच विनिंग पारी खेली थी। वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं। ऐसे में वानखेड़े स्टेडियम का उन्हें अच्छे से अंदाजा है। किशन अपने दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं और इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। 5. हार्दिक पांड्या हार्दिक पांड्या बल्ले के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। पांड्या अब तक दो फिफ्टी लगा चुके हैं। वे बल्ले से अंत के ओवरों में तेजी से रन बनाते हैं और मैच का रुख कुछ ही गेंदों में बदल देते हैं। इसके अलावा गेंदबाजी से भी पांड्या टीम इंडिया को सफलता दिलाते हैं। ऐसे में वे इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं।  

इंडियन ओपन स्क्वैश 2026: 18 मार्च से शुरू होंगे मुकाबले, ब्रेबोर्न स्टेडियम तैयार

मुंबई इंडियन ओपन 18 से 22 मार्च के बीच सीसीआई ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेला जाएगा। यह एक पीएसए कॉपर इवेंट है, जिसकी टिकट अब लाइव हैं। प्रोफेशनल स्क्वैश एसोसिएशन (पीएसए) से मान्यता प्राप्त, यह टूर्नामेंट अपने 2025 एडिशन की सफलता को आगे बढ़ा रहा है, जिसे साल के टॉप 10 आइकॉनिक पीएसए इवेंट्स में से एक चुना गया था। 2026 एडिशन में डिफेंडिंग महिला चैंपियन अनाहत सिंह इवेंट में नजर आएंगी। लाइनअप में भारत के टॉप खिलाड़ी भी शामिल हैं, जैसे रमित टंडन, अभय सिंह, वीर चोटरानी, ​​वेलावन सेंथिलकुमार और जोशना चिनप्पा। इनके साथ याह्या एलनवासनी, हाना मोआताज और माजेन हेशाम जैसे इंटरनेशनल कंटेंडर भी शामिल हैं। इस प्रतियोगिता के साथ वर्ल्ड-क्लास स्क्वैश का एक बहुत प्रतिस्पर्धी हफ्ता शुरू होगा। टूर्नामेंट में पुरुषों और महिलाओं दोनों के इवेंट्स के लिए 44,500 यूएस डॉलर प्राइज मनी होगी। स्क्वैश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल साइरस पोंचा ने कहा, “इंडियन ओपन तेजी से पीएसए कैलेंडर का एक अहम पड़ाव बन गया है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास कॉम्पिटिशन का अनुभव मिलता है और साथ ही स्क्वैश की प्रोफाइल देश भर में बढ़ती है। 2026 के लिए, हम टूर्नामेंट की इंटरनेशनल अहमियत को बढ़ाते रहने और फैंस को हाई-लेवल मैच लाइव देखने के लिए उत्साहित हैं, जिससे भारत में इस खेल के लंबे समय के विकास में मदद मिलेगी।” इस प्रतियोगिता के क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल ग्लास कोर्ट पर होंगे, जिससे एक एरीना-स्टाइल स्क्वैश वेन्यू बनेगा जो एनर्जेटिक, क्लोज-अप व्यूइंग के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। एक बड़े स्टेज पर समान प्राइज मनी और टॉप इंडियन और इंटरनेशनल प्लेयर्स के लाइनअप के साथ, 2026 इंडियन ओपन ग्लोबल स्क्वैश में भारत की जगह को मजबूत करेगा।

वर्ल्ड कप क्वालीफायर से पहले इंग्लैंड महिला हॉकी टीम ने हैदराबाद में डाला डेरा

हैदराबाद इंग्लैंड की महिला टीम एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफायर के लिए हैदराबाद पहुंच गई है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 8 से 14 मार्च तक तेलंगाना की राजधानी में आयोजित किया जाएगा, जहां आठ देशों की टीमें विश्व कप में जगह बनाने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। इंग्लैंड की टीम समृद्ध इतिहास के साथ इस प्रतियोगिता में उतर रही है। टीम अब तक 11 एफआईएच वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी है और इस बार उसका लक्ष्य बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले विश्व कप के लिए टिकट हासिल करना है। इंग्लैंड का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 संस्करण में रहा था, जब टीम ने कांस्य पदक जीता था। इस बार टीम उस उपलब्धि से आगे बढ़ने की कोशिश करेगी। टीम की कप्तान फ्लोरा पील ने हैदराबाद पहुंचने के बाद आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में उनका प्रशिक्षण शिविर काफी सफल रहा और उससे पहले चीन में प्रो लीग के दौरान टीम ने कई प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेले। उनके अनुसार टीम फिलहाल शानदार लय में है और टूर्नामेंट की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रही है। भारतीय परिस्थितियों को लेकर भी टीम उत्साहित नजर आई। खिलाड़ी लिली वॉकर ने कहा कि टीम के कई सदस्य पहले भारत आ चुके हैं और यहां के दर्शकों और माहौल को लेकर उत्साह है। गर्म मौसम से तालमेल बिठाने के लिए टीम ने विशेष तैयारी की है, जिसमें सॉना सेशन शामिल हैं, ताकि खिलाड़ी यहां की जलवायु के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। इंग्लैंड को विश्व कप के तीन उपलब्ध स्थानों में से एक हासिल करने के लिए पूल-ए में मजबूत प्रदर्शन करना होगा। टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को इटली के खिलाफ करेगी, 9 मार्च को कोरिया गणराज्य से भिड़ेगी और 11 मार्च को ऑस्ट्रिया के खिलाफ ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला खेलेगी।  

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी, 28 मार्च से शुरू होगा आईपीएल, 31 मई को खिताबी जंग

मुंबई आईपीएल ने पिछली नीलामी से एक दिन पहले, 15 दिसंबर 2025 को फ्रेंचाइजी को बताया था कि 2026 एडिशन 26 मार्च से शुरू होगा, लेकिन ईएसपीएन क्रिकइंफो को पता चला है कि आईपीएल ने अंदरूनी तौर पर शुरू होने की तारीख बदलकर 28 मार्च करने और फाइनल 31 मई को कराने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि आईपीएल गवर्निंग काउंसिल अगले हफ्ते शेड्यूल जारी करने के प्लान को फाइनल करने के लिए मीटिंग करेगी, जिसमें देरी हुई है क्योंकि असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। कोलकाता (पश्चिम बंगाल में) और चेन्नई (तमिलनाडु में) क्रमशः कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के होम बेस हैं, जबकि असम की राजधानी गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स (आरआर) का दूसरा वेन्यू है। जब से आईपीएल 2008 में शुरू हुआ है, जब देश में आम चुनाव हुए हैं – 2009, 2014, 2019 और 2024 में – या किसी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए हैं, शेड्यूल दो हिस्सों में अनाउंस किया गया है। उम्मीद है कि जीसी यह तय करेगा कि इस बार भी वही प्लान रखा जाए, या पहले तीन राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा करने के लिए इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया का इंतज़ार किया जाए। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल इस बात पर भी चर्चा कर सकती है कि टूर्नामेंट का ओपनिंग मैच कहाँ खेला जाएगा, क्योंकि इसमें डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) शामिल होगी। पिछले जून में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आरसीबी के जीत के जश्न के दौरान भगदड़ मचने के बाद, जिसमें 11 फैंस की मौत हो गई थी, आरसीबी कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के साथ इस बात पर चर्चा कर रहा है कि टीम के सात होम मैच उसी जगह पर खेले जाएंगे या कहीं और शिफ्ट किए जाएंगे। आरसीबी ने नवी मुंबई, रायपुर और पुणे सहित कुछ दूसरे वेन्यू शॉर्टलिस्ट किए थे।  

12 मार्च को लगेगी खिलाड़ियों की बोली, 63 पाकिस्तानी प्लेयर्स की किस्मत का होगा फैसला

नई दिल्ली इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड की नीलामी के लिए पाकिस्तान के 63 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है। इसमें टी20 के कप्तान सलमान अली आगा के साथ ही शाहीन अफरीदी, सैम अयूब और उस्मान तारिक जैसे नाम शामिल हैं। लीग के ऑक्शन में 710 खिलाड़ी शामिल होंगे। भारत को छोड़कर अन्य सभी देशों के खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए अपना नाम दिया है। पाकिस्तानी खिलाड़ी को इग्नोर करेंगी 6 फ्रेंचाइजी द हंड्रेड की 8 में से 6 फ्रेंचाइजी के मालिकों का कनेक्शन भारत से है। इसमें लंदन स्पिरिट, एमआई ओवल, मैनचेस्टर सुपरजायंट्स, सदर्न ब्रेव, सनराइजर्स लीड्स और वेल्श फायर शामिल हैं। इंग्लिश मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत से कनेक्शन वाले फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली नहीं लगाएंगे। बीबीसी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है- अगले महीने होने वाली हंड्रेड नीलामी के लिए भारत से मालिक पाकिस्तानी क्रिकेटरों को लेने पर विचार नहीं कर रही है। शाहीन अफरीदी, सैम अयूब, सलमान आगा और उस्मान खान के साथ ही ऑक्शन में रजिस्टर करने वाले टॉप खिलाड़ियों में शादाब खान, हारिस रऊफ, मुहम्मद नवाज, नसीम शाह शामिल हैं। इनके बेस प्राइस 1,00,000 पाउंड स्टर्लिंग यानी करीब 1.22 करोड़ रुपये हैं। अबरार अहमद, मुहम्मद आमिर, जमान खान, उस्मान तारिक ने अपने बेस प्राइस 75 हजार पाउंट स्टर्लिंग रखी है। फहीम अशरफ, शाहिबजादा फरहान, उसामा मीर, इमाद वसीम, अब्बास अफरीदी, अफाक अफरीदी और आसिफ अफरीदी 50 हजार पाउंड स्टर्लिंग कैटेगरी में हैं। 12 मार्च को होगा ऑक्शन का आयोजन द हंड्रेड के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 12 मार्च को होनी है। पुरुष द हंड्रेड में एक फ्रेंचाइजी 16 से 18 खिलाड़ी रख सकती है। वहीं महिलाओं की टूर्नामेंट में 15 खिलाड़ी एक फ्रेंचाइजी रख सकती है। द हंड्रेड अपने तरह का एक फॉर्मेट है। इसमें एक टीम को 100 गेंद खेलने के लिए ही मिलती हैं। 2021 में इसकी शुरुआत हुई थी। पिछले सीजन पाकिस्तान के तीन ही खिलाड़ियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।

ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका: 3 टेस्ट और 3 वनडे मैचों की रोमांचक सीरीज का ऐलान

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट मैच और इतने ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए इस साल सितंबर अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा। पिछले साल जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के बाद दोनों टीम पहली बार टेस्ट मैच खेलेंगी। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतकर 37 वर्षों में पहली बार कोई बड़ी ट्रॉफी जीती थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को बताया कि एकदिवसीय मैच 24 सितंबर को डरबन में, 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेले जाएंगे। इसके बाद 3-4 अक्टूबर को पोटचेफस्ट्रूम में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर को डरबन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट मैच 18 अक्टूबर से गकेबरहा (पूर्व में पोर्ट एलिजाबेथ) में तथा तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 अक्टूबर से केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।  

लवलीना बोर्गोहेन और निकहत जरीन संभालेंगी कमान, एशियाई चैंपियनशिप में भारत का दमखम

नई दिल्ली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में होने वाली एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की 20 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है। जनवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बाद संभावित खिलाड़ियों को पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया था। चयन नीति के अनुसार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चुना जाएगा। इससे इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का महत्व बढ़ गया है। स्पेन में हाल ही में बॉक्सम एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना (75 किग्रा) महिला टीम की अगुवाई करेंगी। स्पेन में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य खिलाड़ियों प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया (60 किग्रा) को भी टीम में शामिल किया गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मीन (57 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। महिला वर्ग में अन्य खिलाड़ियों में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता निकहत ज़रीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह दी गई है। पुरुषों के वर्ग में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल और बॉक्सम चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सचिन (60 किग्रा) टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ आकाश (75 किग्रा) भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पेन में स्वर्ण पदक जीता था। स्पेन में रजत पदक जीतने वाले दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) तथा स्पेन में कांस्य पदक विजेता और विश्व मुक्केबाजी फाइनल के रजत पदक विजेता जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा) भी टीम का हिस्सा हैं। विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप में हमेशा आपके कौशल और निरंतरता की अच्छी परीक्षा होती है। हमारा ध्यान ऐसे मुक्केबाजों के चयन पर रहा है जिन्होंने अच्छी फॉर्म, अनुशासन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। हमें विश्वास है कि यह टीम एशिया चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी।’’ खिलाड़ियों का मूल्यांकन मुख्य कोच सैंटियागो नीवा (महिला) और सीए कुट्टप्पा (पुरुष) की देखरेख में किया गया। भारतीय टीम ने स्पेन में बॉक्सम एलीट में नौ स्वर्ण पदक जीते थे। एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम: पुरुष: विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)। महिला: मिनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 से अधिक किग्रा)।  

फीफा वर्ल्ड कप से पहले नेमार का बड़ा बयान, संन्यास पर कही ये अहम बात

सैंटोस (ब्राज़ील) ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर Neymar ने संकेत दिया है कि वह 2026 के अंत में प्रोफेशनल फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि उनका पूरा फोकस इस साल होने वाले FIFA World Cup 2026 में ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व करने पर है। लगातार चोटों से जूझ रहे 34 वर्षीय नेमार फिलहाल फिटनेस हासिल करने की जद्दोजहद में हैं और एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सैंटोस में वापसी के बाद फिर से मिला आत्मविश्वास Santos FC के साथ अपने करियर की नई शुरुआत कर रहे नेमार ने दिसंबर 2025 में घुटने की सर्जरी करवाई थी। इससे पहले वह एसीएल (ACL) चोट के कारण पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे। FC Barcelona और Paris Saint-Germain के साथ सफल कार्यकाल के बाद नेमार ने अपने पुराने क्लब सैंटोस में वापसी की है। उनका कॉन्ट्रैक्ट कैलेंडर वर्ष के अंत तक बढ़ा दिया गया है। नेमार ने कहा, ‘मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा। संभव है कि दिसंबर में मैं संन्यास लेने का फैसला करूं। मैं दिन-प्रतिदिन जी रहा हूं। यह साल मेरे लिए, सैंटोस के लिए और ब्राज़ीलियन नेशनल टीम के लिए बेहद अहम है।’ फिटनेस पर पूरा ध्यान, आलोचनाओं का दिया जवाब नेमार ने बताया कि वह इस सीजन 100 प्रतिशत फिट होकर लौटना चाहते थे, इसलिए कुछ मैचों में आराम किया। उन्होंने कहा कि लोग बाहरी बातें करते हैं, लेकिन वह अपनी फिटनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं। ‘मैं बिना दर्द और बिना डर के, पूरी तरह फिट होकर लौटना चाहता था। आखिरी मैच में मेरी वापसी अच्छी रही। मैं धीरे-धीरे अपनी लय में आ रहा हूं।’ वर्ल्ड कप में वापसी बड़ी प्राथमिकता ब्राज़ील के लिए 128 मैचों में 79 गोल कर चुके नेमार अक्टूबर 2023 के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राज़ील के कोच Carlo Ancelotti उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए हैं। ब्राज़ील को FIFA World Cup 2026 में ग्रुप C में रखा गया है। टीम 13 जून को Morocco national football team के खिलाफ MetLife Stadium में अपना अभियान शुरू करेगी। इसके बाद हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे। फिलहाल नेमार का पूरा ध्यान फिटनेस और प्रदर्शन पर है, जबकि उनके करियर का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।    

5-0 के रिकॉर्ड के साथ T20 वर्ल्ड कप में दबदबा, क्या सेमीफाइनल में बनेगा नया इतिहास?

 कोलकाता T20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में बुधवार (4 मार्च) को है, जहां साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे | मुकाबला सिर्फ फाइनल के टिकट का नहीं, बल्कि कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का भी है. वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में भारत और इंग्लैंड के बीच होना है |  साउथ अफ्रीकी टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है. वहीं न्यूजीलैंड ने सुपर 8 में नेट रन रेट के आधार पर पाकिस्तान को पछाड़कर सेमीफाइनल में जगह बनाई | कीवी टीम के कप्तान म‍िचेल सेंटनर के सामने बड़ी चुनौती है, और यह चुनौती है इत‍िहास बदलने की. क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में न्यूजीलैंड टीम  कभी भी साउथ अफ्रीका को नहीं हरा पाई है । यह हारों का सिलसिला इतना लंबा है कि न्यूजीलैंड के लिए यह सेमीफाइनल सिर्फ मैच नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक बदला लेने का मौका बन गया है. ब्लैक कैप्स के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो इस बार चोक का टैग तोड़ने की कोशिश करेंगे. लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम इस टूर्नामेंट में मजबूत फॉर्म में दिख रही है. वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड उन्हें फेवरेट बनाता है. प्रोटियाज इस एडिशन में एक भी मैच ना हारने वाली इकलौती टीम भी है। 2007 से 2026 तक, हर बार मिली जीत साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत साल 2007 में हुई थी. उस मैच में साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से बाजी मारी थी. इसके बाद दोनों टीमें 2009 टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने आईं थीं, तब साउथ अफ्रीका सिर्फ 1 रन से जीता था. 2010 में भी कीवी टीम को 13 रनों से हार मिली थी. इसके बाद 2014 टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए मैच को भी साउथ अफ्रीका ने 2 रन से अपने नाम किया था. वहीं, 2026 टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भी ये टीमें टकराई थीं. इस बार भी अफ्रीका ने 7 विकेट से मैच जीता. अब सेमीफाइनल में ये टीमें भिड़ने के लिए तैयार हैं। टी20 वर्ल्ड कप में 5 बार SA vs NZ का आमना-सामना 2007 से 2026 तक दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पांच मुकाबले खेले गए हैं और हर बार जीत साउथ अफ्रीका को मिली है |      2007: साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से जीत दर्ज की.     2009: कीवी टीम 1 रन से हार गई.     2010: प्रोटियाज ने 13 रन से मुकाबला जीता.     2014: 2 रन से रोमांचक जीत साउथ अफ्रीका के नाम रही.     2026 (ग्रुप मैच, चेन्नई): 176 रन का लक्ष्य साउथ अफ्रीका ने 17.1 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया |  चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि मौजूदा टूर्नामेंट में भी साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है|  SA vs NZ ओवरऑल टी20I हेड टू हेड टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच कुल 19 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 12 मैच साउथ अफ्रीका ने जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले न्यूजीलैंड के खाते में गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि अफ्रीकी टीम पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है|  एडेन मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका पिछले टी20 वर्ल्ड कप से ही शानदार प्रदर्शन कर रहा है. 2024 में टीम फाइनल तक पहुंची थी और इस बार फिर से खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है.वहीं मिचेल सेंटनर की अगुवाई में न्यूजीलैंड को फाइनल में जगह बनाने के लिए 19 साल का सिलसिला तोड़ना होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि ईडन गार्डन्स की पिच पर आंकड़े हावी रहते हैं या कीवी टीम नया इतिहास रचती है | यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी स्पोर्ट्स पर किया जाएगा, जबकि जियोहॉटस्टार पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होगी। सेमीफाइनल-1: साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड (4 मार्च, कोलकाता) ऑन-फील्ड अंपायर: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ थर्ड अंपायर: नितिन मेनन फोर्थ अंपायर: रॉड टकर मैच रेफरी: जवागल श्रीनाथ मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। इस मैच में न्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी और साउथ अफ्रीका के अल्लाउद्दीन पलेकर फील्ड अंपायर होंगे। क्रिस गैफनी इससे पहले भी बड़े ICC मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। पलेकर ने भी मौजूदा टूर्नामेंट में इंग्लैंड और भारत के मैचों में जिम्मेदारी निभाई है। एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी की भूमिका में होंगे। सेमीफाइनल-2: भारत बनाम इंग्लैंड (5 मार्च, मुंबई)     ऑन-फील्ड अंपायर: क्रिस गैफनी और अल्लाउद्दीन पलेकर     थर्ड अंपायर: एड्रियन होल्डस्टॉक     फोर्थ अंपायर: पॉल रिेफेल     मैच रेफरी: एंडी पाइक्रॉफ्ट सेमीफाइनल में दिखेगा जबरदस्त रोमांच T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अंपायरों और रेफरी की भूमिका बेहद अहम होती है। नॉकआउट मुकाबलों में हर फैसला मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में ICC ने अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि मुकाबले निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। अब फैंस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। मुंबई और कोलकाता में होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों के बाद ही तय होगा कि फाइनल में कौन सी दो टीमें भिड़ेंगी।    

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