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29 करोड़ साल पुराने समुद्री जीवाश्मों का अनोखा संग्रह, जुरासिक रॉक गार्डन का मंत्री जयसवाल ने किया उद्घाटन

मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ अपने ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां एक ऐसा स्थान भी है जो करोड़ों साल पहले के पृथ्वी के इतिहास को दर्शाता है। यह स्थान है गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क, जो मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्थित है। आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने इस अनूठे फॉसिल पार्क में जुरासिक रॉक गार्डन का उद्घाटन किया। यह पार्क छत्तीसगढ़ का पहला जुरासिक रॉक गार्डन है और एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म पार्क है। गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क जिस स्थान पर है वहां करीब 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्म मिले हैं। भारत में ऐसे जीवाश्म केवल चार अन्य स्थानों – सुबांसुरी (अरुणाचल प्रदेश), राजहरा (झारखंड), दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) और खेमगांव (सिक्किम) में पाए जाते हैं। गोंडवाना फॉसिल पार्क इन सभी में सबसे बड़ा और पुराना है। हसदेव नदी के किनारे लगभग 1 किमी के क्षेत्र में जीवों के जीवाश्म फैले हुए हैं। इसे राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा भी प्राप्त है। इस स्थान की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एसके घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क से द्विपटली (बायवेल्व) जीव, गैस्ट्रोपॉड, ब्रैकियोपॉड, क्रिनॉइड और ब्रायोजोआ जैसे प्राचीन समुद्री जीवों के जीवाश्म मिले हैं। इसके चलते यह देशभर के शोधार्थी और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है। इसकी पुष्टि 2015 में बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलेंटोलॉजी, लखनऊ द्वारा की गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह क्षेत्र पर्मियन युग के समय समुद्र में डूबा हुआ था, और बाद में समुद्र का जलस्तर घटने से जीवाश्मों के रूप में परिवर्तित हो गए। 5 साल पहले वन विभाग ने की संरक्षण की पहल गौरतलब है कि 5 साल पहले तक यह क्षेत्र बिना संरक्षण के खाली पड़ा हुआ था। वन विभाग ने इसके संरक्षण की पहल की। मनेंद्रगढ़ डीएफओ मनीष कश्यप (आईएफएस 2015 बैच) ने इस क्षेत्र को पर्यटन के दृष्टिकोण से विशेष रूप से विकसित किया है। यह क्षेत्र गुजरात और झारखंड के डायनासोर फॉसिल पार्क की तर्ज पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। हसदेव नदी के किनारे प्राकृतिक हार्ड ग्रेनाइट रॉक्स को काटकर प्राचीन जीवजंतुओं की कला कृतियाँ बनाई गई हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क में बनाई गई है 35 प्राचीन जानवरों की मूर्तियाँ इस पार्क में अब तक 35 प्राचीन जानवरों की मूर्तियाँ बनाई जा चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि पृथ्वी में पहले किस तरह के विशालकाय जानवर रहते थे। इसके अलावा, एक इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाया गया है, जहाँ पर्यटक फॉसिल की प्रक्रिया और पृथ्वी के 450 करोड़ साल के बदलावों को जान सकते हैं। पार्क में कैक्टस गार्डन, बम्बू सेट और बम्बू राफ्टिंग जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जा रही हैं। वन विभाग की यह अभिनव पहल गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क को छत्तीसगढ़ के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने वन विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह पार्क छत्तीसगढ़ का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल होगा।

छत्तीसगढ़ में लिखा जा रहा है ग्रामीण आवास क्रांति का नया इतिहास

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में इन दोनों ग्रामीण विकास एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार एक अभिनव अभियान मोर दुवार- साय सरकार के माध्यम से गरीब ,वंचित और आवासहीन परिवारों के यहां दस्तक देकर उन्हें सम्मान के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर का अधिकार देने में जुटी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने  बीते दिनों जगदलपुर प्रवास के दौरान घाटपदमपुर ग्राम से इस अभियान की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री आवास योजना का तेजी से और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है । इस बात को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री का पद संभालने के दूसरे दिन ही कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख परिवारों को आवास की स्वीकृति प्रदान कर स्पष्ट कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार  इस अभियान के माध्यम से  प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास देने के अपने संकल्प को पूरा कर रही है। छत्तीसगढ़ में चल रही ग्रामीण आवास क्रांति का ही यह परिणाम है कि अब  गांवों में विशेषकर पिछड़े और गरीब तबके की बस्तियों में मिट्टी के जीर्णशीर्ण घरों और बांस- बल्ली के सहारे टिकी घास-फूंस की झोपड़ी की जगह अब साफ-सुथरे पक्के मकान बने हुए अथवा बनते दिखाई देने लगे हैं। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर वनांचल का कोई ऐसा गांव अथवा मजरा- टोला नहीं, जहां 8-10  पक्के घर,  प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए हाल- फिलहाल में न बने हों। यह योजना न केवल लाखों गरीब परिवारों को छत दे रही है, बल्कि रोजगार, व्यापार और उद्योगों को भी गति प्रदान कर रही है। इससे सीमेंट, ईट, सरिया और निर्माण सामग्री से जुड़े व्यवसाय में तेजी आयी है। यह जनकल्याण और आर्थिक विकास का एक संतुलित मॉडल है। छत्तीसगढ़ राज्य को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए कुल 11,50,315 ग्रामीण आवासों का लक्ष्य प्रदान किया गया है, जिसमें से अब तक 9,41,595 आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है।  केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ प्रवास  दौरान राज्य को अतिरिक्त 3 लाख आवासों की स्वीकृति देने से यह प्रयास और भी व्यापक हो गया है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी ग्रामीण आवासीय पहल है। राज्य सरकार समाज के सभी वर्ग के पात्र परिवारों के साथ-साथ बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, अबूझमाड़िया एवं बिरहोर विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध करा रही है। महासमुंद जिले के धनसुली गांव की कमार बस्ती में 15 से अधिक कमार परिवारों को पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। इससे इन जनजातीय परिवारों के जीवन में स्थायित्व आया है और वे शासन की अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार का मोर दुवार- साय सरकार अभियान 30 अप्रैल तक तीन चरणों में संचालित है, जिसमें पात्र हितग्राहियों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना और ग्राम सभाओं के माध्यम से सूची का वाचन और शत-प्रतिशत पात्र परिवारों का कवरेज सुनिश्चित करने के साथ ही सर्वेक्षण पूर्ण करने वाले कर्मियों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय  द्वारा गांव में जाकर सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ करना और हितग्राहियों से उनके बारे में जानकारी लेना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और संकल्पित है। इस अभियान को जन अभियान का स्वरूप देने के लिए जनप्रतिनिधियों, जनसेवियों और स्थानीय कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पीएम आवास पंचायत एम्बेसडर के रूप में नामित व्यक्तियों द्वारा भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। गृह पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता एवं जानकारी की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अतिरिक्त, राज्य में जरूरत मंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत 47,090 आवासों के निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 38,632 आवास स्वीकृत किए गए हैं। राज्य सरकार की विशष पहल पर आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ितों परिवारों के लिए 15,000 विशेष आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनका निर्माण कराया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए 42,326 आवास के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब तक 27,778 आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसमें से 6,482 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। नियद-नेल्ला-नार योजना के अंतर्गत अब तक 477 आवास पूर्ण कराए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बिलासपुर से 3 लाख हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराना इस योजना की सफलता है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा 18 लाख पात्र हितग्राहियों को आवास से वंचित रखा गया।  छत्तीसगढ़ सरकार अब हर हितग्राही को उसका अधिकार दिलाने की दिशा में काम कर रही है। मोर दुवार- साय सरकार महाअभियान शासन की संवेदनशीलता, नीति की पारदर्शिता और जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह अभियान केवल योजना की सफलता नहीं, बल्कि एक मजबूत, सशक्त और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।                                                                                                                                    नसीम अहमद खान, उपसंचालक जनसंपर्क

मौसम का मिजाज बदला, आंधी-तूफान के साथ बारिश के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में रविवार की शाम अगर आप घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको तेज आंधी-तूफान के साथ बिजली और बारिश का सामना भी करना पड़ सकता है. वैसे तो शनिवार रात से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा के साथ कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. आज सुबह से भी बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा. लेकिन मौसम विभाग ने अभी-अभी अगले 3 घंटों के लिए प्रदेश के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है. इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट मौसम विभाग ने शाम 6 बजे तक के लिए 4 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरिया, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, सूरजपुर जिले शामिल है. मौसम विभाग के अनुसार इन 4 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली, तेज हवा और बारिश के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं छत्तीसगढ़ के 4 जिले- बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, सरगुजा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है.

तीन दिवसीय हाईक जलकी में संपन्न, राज्य भर के 79 गाइडर ने लिया भाग

बिलासपुर, भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ.सोमनाथ यादव के नेतृत्व व निर्देशन एवं राज्य सचिव कैलाश सोनी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य संघ के तत्वाधान में स्काउटिंग को और बेहतर बनाने की दिशा में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं जिसके फलस्वरुप छत्तीसगढ़ राज्य संघ नित नए-नए आयाम को छू रहा है ।  इसी कड़ी में ग्राम जलकी ,सिरपुर महासमुंद में 22 से 24 अप्रैल तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय एडवेंचर हाईक व्यक्तित्व विकास एवं प्राकृतिक अध्ययन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 2 राज्य प्रभारियों सहित छत्तीसगढ़ राज्य भर के विभिन्न जिलों के 79 गाइडरों ने भाग लिया। जिसमें उन्होंने ग्राम जलकी के सुरम्य प्राकृतिक वातावरण में न केवल विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों का अध्ययन किया बल्कि विभिन्न रोमांचक साहसिक कार्यो जैसे जिप लाइन ,जॉइंट स्विंग ,रोपब्रिज ,मंकी ब्रिज, टायर वॉल क्लाइंबिंग आदि उत्साह पूर्वक में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का भी विकास किया।     हाईक में  इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ (दक्षिण कौशल ) की प्राचीन राजधानी सिरपुर (श्रीपुर) के पुरातात्विक एवं इतिहास  स्थलों जैसे लक्ष्मण मंदिर ,गंधेश्वर मंदिर सुरंग टीला सहित विभिन्न प्राचीन स्थलों का अवलोकन भी करने का अवसर प्राप्त हुआ । जिला संघ बिलासपुर के जिला मुख्य आयुक्त चन्द्र प्रकाश बाजपेयी एवं पदेन जिला आयुक्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.अनिल कुमार तिवारी एवं राज्य संगठन आयुक्त स्काउट विजय यादव ने सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है । साथ ही जिला संघ बिलासपुर के सभी पदाधिकारियों एवं सक्रिय स्काउटर एवं गाइडर में हर्ष व्याप्त है। जिला संघ बिलासपुर की 18 गाइडर के रूप में  कल्पना सिंह,अपर्णा सारखेल, रागिनी चौधरी , रत्ना कश्यप, डॉ.पूनम सिंह, संध्या तिवारी, रेवती साहू,आरती राय, ममता यादव,निधि कश्यप, निशा साहू,रश्मि गुप्ता, कौशल्या साहू, चेतना सिंह,उषा रानी नेताम, शकुन चौहान, अनीता दान, संगीता सिंह भाग  लिया।

साइबर ठगी की रकम विदेश भेजने वाले सीए समेत तीन गिरफ्तार

रायपुर  साइबर क्राइम से से ठगे गए 11 लाख रुपये को थाईलैंड और चाइना भेजने के मामले में रायपुर पुलिस ने चार्टड अकाउंटेंड, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले के साथ ही मुख्य सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर, मोबाइल आदि बरामद किया है। आईजी अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना को साइबर अपराधों मे शामिल मुख्य आरोपितों के विरुद्ध तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रखने को कहा है। पुलिस के मुताबिक शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा का झांसे देकर डॉ.प्रकाश गुप्ता से 11 लाख रुपये की ठगी हुई थी। साइबर थाने को सौंपी गई जांच शिकायत पर आमानाका पुलिस थाने में केस दर्ज किया। इसकी जांच रेंज साइबर थाना को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान पूर्व में दिल्ली निवासी आरोपित पवन सिंह, गगनदीप शर्मा, राजवीर सिंह, संदीप रात्रा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दिल्ली में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापे इसके बाद ऑपरेशन साइबर शील्ड अंतर्गत कार्रवाई करते हुए टीम ने तकनीकी विश्लेषण कर मुख्य आरोपितों की पहचान की। साथ ही टीम को दिल्ली रवाना किया। पुलिस ने दिल्ली में तीन अलग-अलग स्थानों में छापे की कार्रवाई की। इस दौरान प्रकरण से संबंधित दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर के साथ साइबर अपराध से अर्जित की गई रकम से खरीदे गए मकान, फ्लैट की जानकारी मिली। पुलिस की गिरफ्त में आए 11/07 शालीमार बाग, थाना शालीमार बाग वेस्ट दिल्ली के 29 वर्षीय हिमांशु तनेजा,बी-01,वेस्ट दिल्ली, वर्तमान पता मकान नंबर आरजेडबी 153, डाबरी एक्सटेशन ईस्ट दिल्ली के 37 वर्षीय गणेश कुमार और हाउस नंबर 57, डेयरी वसंत कुंज, मसुदपुर, साउथ वेस्ट दिल्ली निवासी 26 वर्षीय अंकुश कुमार से पूछताछ में कई राज खुले। फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता आरोपित फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता खोलकर कर फारेक्स ट्रेडिंग के माध्यम से रकम विदेश भेजते थे। बाद में रकम को वापस प्राप्त कर लेते थे। आरोपितों से जब्त रकम से क्रय की गई संपत्ति के दस्तावेज प्राप्त करके अटैच करने की कार्रवाई की जा रही है।  

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ को जनजागरण और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का अद्वितीय मंच है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विचार और संदेश आज पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों, सामाजिक पहलों और सकारात्मक परिवर्तनों की जानकारी आमजन तक पहुँचती है, जिससे पूरे समाज में जागरूकता और ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रेरणा देता है, बल्कि समाज में सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक परिवर्तन को भी प्रोत्साहित करता है। मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने इस बार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि आज भारत के युवा तेजी से साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इलाके, जो कभी पिछड़ेपन और हिंसा के लिए पहचाने जाते थे, अब नवाचार के केन्द्र बन रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थापित विज्ञान केन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि जहाँ कभी हिंसा और अशांति का साया था, वहाँ आज बच्चे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र आज पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जहाँ बच्चों को थ्री-डी प्रिंटर, रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। बच्चों का तकनीक के प्रति यह जुड़ाव भारत के उज्ज्वल भविष्य की दिशा को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विज्ञान और नवाचार के प्रति देश के युवाओं में बढ़ता आकर्षण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा का विज्ञान केन्द्र अब वैज्ञानिक चेतना और नवाचार का केन्द्र बन रहा है, जो विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरक माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों से संवाद करते हैं और देश भर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को साझा कर एक प्रेरक वातावरण तैयार करते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यकम में दंतेवाड़ा विज्ञान केन्द्र की प्रशंसा छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र, जो कभी हिंसा के लिए जाने जाते थे, आज विज्ञान और नवाचार के प्रतीक बन रहे हैं। प्रधानमंत्री जी की सराहना से प्रदेश के बच्चों और युवाओं को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। यह छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया पर्व ‘अक्ती’ के नाम से प्रसिद्ध

रायपुर छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया पर्व ‘अक्ती’ के नाम से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि महामुहूर्त यानी अक्षय तृतीया के दिन परिवार में मांगलिक कार्य अवश्य करना चाहिए। जिन परिवारों में विवाह योग्य बेटे-बेटी होते हैं, उनके लिए अच्छा रिश्ता ढूंढकर अक्षय तृतीया के दिन विवाह कराया जाता है। यदि किसी का रिश्ता तय न हो तो भी उस परिवार में नकली दूल्हा-दुल्हन रूपी गुड्डा-गुड़िया का ब्याह रचाने की परंपरा निभाई जाती है। छोटे बच्चे बाजार से गुड्डा-गुड़िया खरीदकर लाते हैं और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर नकली विवाह रचाने का खेल खेलते हैं। भगवान श्री गणेश, विष्णु की पूजा करके परिवार में मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जाती है। चार सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक हिंदू पंचांग में पूरे वर्ष में चार ऐसे मुहूर्त हैं, जिनमें पंचांग देखे बिना शुभ संस्कार संपन्न किया जा सकता है। इनमें माघ माह में वसंत पंचमी, कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी और भड़ली नवमी तथा वैशाख माह में अक्षय तृतीया को विशेष महत्व दिया गया है। विवाह के रीति-रिवाजों की सीख     अक्षय तृतीया के दिन विवाह रचाने का उद्देश्य परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न करना होता है। साथ ही परिवार के बच्चों को विवाह में निभाई जाने वाली रस्मों के बारे में सिखाया जाता है।     विवाह से पूर्व देवी-देवताओं का आह्वान करके घर में स्थापित करना, देवी-देवता की मूर्ति बनाने के लिए तालाब से मिट्टी लाने की रस्म निभाई जाती है। इसे चूलमाटी की रस्म निभाना कहते हैं।     इसके अलावा अनेक रस्म निभाई जाती है, जिनमें दुल्हा-दुल्हन को उबटन, तेल, हल्दी लगाने, मौर-मुकुट बांधने, अग्नि के फेरे लेने, दुल्हन की बिदाई और ससुराल में दुल्हन का स्वागत करने की रस्मों की जानकारी दी जाती है। चार धाम यात्रा का शुभारंभ वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन से उत्तराखंड के प्रमुख चार धाम की यात्रा का शुभारंभ होता है। उत्तराखंड के चार धामों में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री शामिल हैं। शीतकाल में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होते हैं। अक्षय तृतीया के दिन पूजा-अर्चना करके मंदिर के पट खोले जाते हैं। सतयुग-त्रेतायुग का शुभारंभ ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही सतयुग और त्रेतायुग का शुभारंभ हुआ था। इसलिए इसे युगादि तिथि कहा जाता है। भगवान परशुराम का अवतरण : यह भी मान्यता है कि भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में अवतार लिया था। परशुराम ने अत्याचारियों का संहार करके पृथ्वी को पापियों से मुक्त कराया। जैन तीर्थंकर ने किया था व्रत का पारणा जैन धर्म में अक्षय तृतीया को विशेष महत्व दिया गया है। जैन तीर्थंकर ने 12 वर्ष तक व्रत किया और अक्षय तृतीया के दिन इक्षु रस यानी गन्ना रस का सेवन कर व्रत का पारणा किया। जैन धर्म के लोग अक्षय तृतीया को आखातीज के रूप में मनाते हैं। घर-घर में गेहूं, मूंग को कूटकर बनाई गई खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। इस दिन किए जाने वाले शुभ संस्कार अक्षय तृतीया पर सगाई, विवाह, जनेऊ, बच्चों का मुंडन, गृह प्रवेश, भूमि पूजन आदि संस्कार संपन्न करना शुभ माना जाता है। इस दिन व्यवसाय प्रारंभ करने से प्रगति हाेती है। जिस परिवार में किसी और तिथि में विवाह तय हुआ हो, वे भी विवाह में उपयोग में आने वाली सामग्री पर्रा, सूपा, टोकनी, साफा, पगड़ी, तोरण, कटार, पूजन सामग्री की खरीदारी अक्षय तृतीया के दिन ही करना शुभ मानते हैं। शुभ अक्षय तृतीया के दिन स्वर्ण, रजत, कांस्य, तांबा, पीतल आदि धातुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। चूंकि, अक्षय का अर्थ है, जिसका कभी क्षय न हो, इसलिए ऐसी धातु खरीदी जाती है, जो हमेशा अक्षय रहे। स्वर्ण धातु खरीदने से परिवार में समृद्धि बढ़ती है।

महिलाओं के लिए मिसाल बनी अनीता गंधर्व

बिलासपुर, कोटा ब्लॉक के मिट्ठू नवागांव गांव में एक अलग दृश्य दिखाई पड़ता है, जहां गांव में रहने वाली अनीता गंधर्व राज मिस्त्री का काम करते हुए दिखती है। अपने काम में पारंगत अनीता आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बन गई है, वो एक ऐसा कार्य कर रही हैं,जिसमें अब तक पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है। राज मिस्त्री का काम कर अपने परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ ही बिहान योजना की अन्य आजीविका गतिविधियों के जरिए अनीता अब लखपति दीदी भी बन चुकी है।            स्व सहायता समूह में जुड़ने से पहले अनीता के घर की अर्थिक स्थिति बहुत कमजोर थी। सन् 2019 में अनीता राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना की वंदना महिला स्व सहायता समूह मे जुडी जहां उन्हें छोटे बड़े खर्च के लिए ऋण मिल जाया करता था, जिससे अनीता ने अपने घर के कई जरूरी काम करवाए।  बिहान योजना के तहत  ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण केंद्र (कोनी) में अनीता ने निः शुल्क राज  मिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अनीता ने ये काम शुरू करने का विचार किया। लेकिन ये आसान नहीं था,काम के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लोगों के लिए ये स्वीकार करना मुश्किल था कि कोई महिला ये काम बेहतर ढंग से कर पाएगी। अनीता बताती हैं कि जब वे काम की तलाश में जाती तो लोग मजाक बनाते कि एक महिला राज मिस्त्री का काम क्या कर सकेगी। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के तहत जब ग्राम में शौचालय बनवाने का काम आया तो समूह की दीदियों और बिहान टीम ने  उनका उत्साह वर्धन किया ,साथ ही ग्राम के सरपंच ने भरोसा करते हुए काम करने का मौका दिया। अनीता खुश होकर बताती है कि “मैने गांव में शौचालय निर्माण का काम सफलतापूर्वक पूरा किया ,इसके बाद नल जल योजना के साथ साथ ग्राम में  15 आवास का भी निर्माण किया।       अनीता कहती है कि बिहान योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी समूह से CIF और बैंक लोन के सहायता से अब होटल और गुपचुप चाट का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है, जिससे होने वाली आजीविका ने उन्हे लखपति दीदी की श्रेणी में ला दिया है। अनीता ने बताया कि अपने घर का निर्माण भी उन्होंने खुद ही किया जिससे पैसे की काफी बचत हुई।अब वह अपने अपने परिवार का पालन पोषण बेहतर तरीके से कर पा रही है। अब गांव की महिलाएं भी ये कार्य सीखना चाहती हैं। अनीता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहती है कि बिहान योजना ने उनका जीवन संवार दिया है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की इस योजना ने उन जैसी महिलाओं को बड़ा सहारा दिया है।

बड़े स्तर पर की जा रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में घपलेबाजी

एमसीबी एमसीबी जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनाई जा रही मेंड्राडोल से भर्रीडांड तक की सड़क में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। योजना के तहत निर्माणाधीन इस सड़क में कुल 08 पुलियों का निर्माण होना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा मात्र 05 पुलिया ही बनाई गईं। शेष 03 पुलियों को दिखाने के लिए ग्राम पंचायत की पुरानी जर्जर पुलियों की मरम्मत कर उन्हें ‘नई’ पुलिया बता दिया गया है। यह सरासर घोटाला और जनता के पैसों की लूट है। बोर्ड पर भी साफ तौर पर 08 पुलियों के निर्माण का उल्लेख है, जिससे इस गड़बड़ी की पुष्टि होती है। स्थानीय गाँव वाले जब निर्माण स्थल पर कार्य देख रहे थे उन्हों ने बताया कि इस सड़क पर पहले से दो पुलिया ग्राम पंचायत द्वारा पहले से बनवाई हुई थी। वही एक व्यक्ति से पूछताछ करने पर, जो खुद को इस प्रोजेक्ट का सुपरवाइजर बताता है, तो उसने बेहद गैरजिम्मेदाराना जवाब दिया: “आप ठेकेदार से मिलिए या विभागीय अधिकारी से बात कीजिए। मैं कुछ नहीं बता सकता कि 08 की जगह 05 पुलिया क्यों बनीं।”       वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी न तो कार्यालय में मिलते हैं, न ही उनका मोबाइल उठाया जाता है। इससे साफ है कि पूरे मामले को दबाने और लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।        ठेकेदार का इतिहास भी सवालों के घेरे में है। एमसीबी जिले में इससे पहले भी उसके द्वारा निर्मित एक सड़क को लेकर कलेक्टर को शिकायत की जा चुकी है। अब इस पुलिया घोटाले ने एक बार फिर विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।       जनता की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्या विभाग सोई हुई नींद से जागेगा या ये पुलियों का घोटाला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह सिर्फ एक सड़क का नहीं, व्यवस्था की नीयत का मामला है।

मुख्यमंत्री साय ने उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की

कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ में विकसित होंगे राष्ट्रीय मॉडल कॉलेज, खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय को मिलेगा वैश्विक आयाम रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को गुणवत्ता के आधार पर देश के टॉप 100 शैक्षणिक संस्थानों की रैंकिंग में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया गया तो अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ को वरीयता देंगे, जिससे प्रदेश की शैक्षणिक छवि राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने निर्देशित किया कि कोरबा, दंतेवाड़ा और रायगढ़ जैसे जिलों में, जहां पर्याप्त डीएमएफ (जिला खनिज निधि) की राशि उपलब्ध है, वहां कुछ महाविद्यालयों को चिन्हित कर, विषय विशेष के राष्ट्रीय स्तर के मॉडल महाविद्यालयों के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे महाविद्यालय न केवल प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए, बल्कि देश-विदेश के विद्यार्थियों के लिए भी अध्ययन का केंद्र बन सकते हैं। साय ने नवीन शिक्षा नीति के अनुरूप ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ की नीति को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के ख्यातिलब्ध विषय विशेषज्ञों को शिक्षण से जोड़ने से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और समसामयिक जानकारियों का सीधा लाभ मिलेगा। इसी क्रम में उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ को और अधिक उन्नत बनाने हेतु विशेष रणनीति और प्रयास किए जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. भारतीदासन ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत बस्तर विश्वविद्यालय को मेरु योजना (बहु विषयक शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय) के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने अवगत कराया कि शिक्षा सत्र 2024-25 से प्रदेश के 7 शासकीय तथा 17 निजी विश्वविद्यालयों, 335 शासकीय और 321 निजी महाविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर दिया गया है। उन्होंने इस नीति के विभिन्न प्रावधानों तथा चल रही प्रमुख गतिविधियों की भी जानकारी दी। उच्च शिक्षा सचिव डॉ. भारतीदासन ने रुसा 1.0 और 2.0 के तहत हुए कार्यों की प्रगति, प्राध्यापकों की विभागीय पदोन्नति, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग एवं व्यापमं द्वारा विभिन्न पदों पर भर्तियों की स्थिति तथा आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में भी अवगत कराया। आगामी कार्ययोजनाओं में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’, कौशल उन्नयन, रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना तथा कौशल आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना प्रमुख हैं। इस बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अरुण साव बोले- गंभीरता और सक्रियता से काम करें अधिकारी, कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

  बिलासपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने एक दिवसीय बालोद प्रवास के दौरान जिले में नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालोद कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मौजूदा ग्रीष्म ऋतु में लोगों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की समस्या से जूझना न पडे़, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूर्वानुमान लगाकर समय पूर्व समस्या के निराकरण की व्यवस्था करने को कहा। सांसद श्री भोजराज नाग भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बालोद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों तथा लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्वीकृत एवं प्रगतिरत् निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में पेयजल की व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और अटल परिसरों के निर्माण की प्रगति की सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। श्री साव ने बालोद नगर पालिका के व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बालोद शहर में जिला मुख्यालय के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा शहरवासियों को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सिटी डेव्हलपमेंट प्लान की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह नगर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। श्री साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का संपादन करने को कहा। श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान लोगों को पेयजल संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए समय पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिन गांवों में हैण्डपंप खराब हैं वहां पानी की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में बताया कि बालोद जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए 70 नए ट्यूबवेल की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने तथा शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए शासन-प्रशासन की अच्छी छवि बनाने तथा नागरिकों में विश्वास का भाव जागृत करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित बालोद जिला प्रशासन,  के वरिष्ठ अधिकारी, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक दिवसीय कार्यशाला-सह-परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राजवाड़े ने कहा,  है। बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। संबंधित विभाग समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लें ताकि जो बच्चे बाल सुधार गृह तथा अन्य स्थानों पर हैं वह पुनः अपराध न करें। श्रीमती राजवाड़े ने सभी को बाल विवाह रोकने शपथ भी दिलाई और बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बाल विवाह में गिरावट आ रही है जिसे सबके सहयोग से हमें शून्य तक ले जाना है। कार्यशाला की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की। डॉ. शर्मा ने कहा कि हर बच्चा एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण का हकदार है। हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, नियमों एवं संवेदनशील मामलों के कुशल प्रबंधन के विषय में विस्तृत जानकारी देना और उन्हें बाल अधिकारों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना था। तकनीकी सत्रों में प्रशिक्षकों श्री विपीन ठाकुर एवं श्री शरवत हुसैन नकवी ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी ने विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण संस्थाओं के कार्यों की जानकारी साझा की। कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सामाजिक कार्यकर्ता, विभागीय कर्मचारी तथा बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के लगभग 170 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के अंतर्गत विधि से संघर्षरत बच्चों एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा संबंधी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम, 2012 के तहत बालकों के प्रति अपराधों की रोकथाम और दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बाल शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल विवाह की रोकथाम, बाल संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुधार किया लागू

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कामकाज में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए एक और महत्वपूर्ण सुधार लागू किया है। राज्य के प्रमुख विभागों की 13 सेवाओं को पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत लाया गया है, ताकि नागरिकों और व्यवसायियों को समय पर सेवाएं मिलें। इन विभागों में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, सीईसीबी, वाणिज्य और उद्योग, विधिक माप विज्ञान, नगर तथा ग्राम निवेश और जल संसाधन विभाग शामिल हैं। इस कदम से मंजूरी और अनुमति की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी होगी, जिससे पारदर्शिता, कार्यक्षमता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत, इन 13 सेवाओं के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई विभाग समय पर सेवा प्रदान करने में विफल रहता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। यह प्रणाली न केवल सरकारी कामकाज को गति देगी, बल्कि नागरिकों और व्यवसायियों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को भी मजबूत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में हर नागरिक और व्यवसायी को सरकारी सेवाएं तेजी से और पारदर्शी तरीके से मिलें। पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत 13 महत्वपूर्ण सेवाओं को शामिल करना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुधार न केवल जवाबदेही सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य में निवेश और विकास को भी नई गति देगा। किन सेवाओं को मिलेगा लाभ इस नई व्यवस्था में पर्यावरण मंजूरी, औद्योगिक लाइसेंस, माप-तौल प्रमाणन, टाउन प्लानिंग अनुमोदन और जल संसाधन से संबंधित अनुमतियां जैसी सेवाएं शामिल हैं। पहले इन सेवाओं में देरी के कारण व्यवसायियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब तय समयसीमा के साथ यह सुनिश्चित होगा कि आवेदनों का निपटारा जल्द से जल्द हो। रायपुर अवन्ति बाई चौक के युवा व्यवसायी नान्हू अग्रवाल ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा, पहले मंजूरी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब समयसीमा तय होने से हमारे कारोबार को गति मिलेगी। यह व्यवसायियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत लाई गई यह व्यवस्था सरकारी कामकाज में जवाबदेही को बढ़ावा देगी।  इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुगम होंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा। यह कदम छोटे और मझोले उद्यमों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जो समयबद्ध सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का यह सुधार डिजिटलीकरण और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक और मील का पत्थर है। सरकार की योजना है कि भविष्य में और सेवाओं को इस एक्ट के दायरे में लाया जाए, ताकि राज्य में हर क्षेत्र में विकास को गति मिले। इस पहल से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ नए भारत के निर्माण में अपनी मजबूत भूमिका निभाएगा।  

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन, पीएचई और पीडब्ल्यूडी के कार्यों की समीक्षा की

सभी लोगों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था के दिए निर्देश, निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूरा करने कहा रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने एक दिवसीय बालोद प्रवास के दौरान जिले में नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बालोद कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को मौजूदा ग्रीष्म ऋतु में लोगों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी की समस्या से जूझना न पडे़, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के पुख्ता उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल समस्या के निराकरण के लिए पूर्वानुमान लगाकर समय पूर्व समस्या के निराकरण की व्यवस्था करने को कहा। सांसद श्री भोजराज नाग भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बालोद जिले के विभिन्न नगरीय निकायों तथा लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्वीकृत एवं प्रगतिरत् निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में अच्छी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी नगरीय निकायों में पेयजल की व्यवस्था, 15वें वित्त आयोग के कार्यों, नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और अटल परिसरों के निर्माण की प्रगति की सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। श्री साव ने बालोद नगर पालिका के व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को बालोद शहर में जिला मुख्यालय के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा शहरवासियों को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान सिटी डेव्हलपमेंट प्लान की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरवासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सिटी डेव्हलपमेंट प्लान बनाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सुबह नगर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा। श्री साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों का संपादन करने को कहा। श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान लोगों को पेयजल संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए समय पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिन गांवों में हैण्डपंप खराब हैं वहां पानी की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में बताया कि बालोद जिले में पेयजल आपूर्ति के लिए 70 नए ट्यूबवेल की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने तथा शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए शासन-प्रशासन की अच्छी छवि बनाने तथा नागरिकों में विश्वास का भाव जागृत करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल सहित बालोद जिला प्रशासन,  के वरिष्ठ अधिकारी, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

जमीन का कब्जा दिलाने पहुंचे कोर्ट कर्मी पर हमला, पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 6 आरोपियों को भेजा जेल

गरियाबंद ज़िले के अमलीपदर थाना क्षेत्र में न्यायालय के आदेश पर ज़मीन का कब्जा दिलाने मूढ़गेलमाल के माहुलपारा पहुंचे कोर्ट कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 24 अप्रैल 2025 की है, जब आदेशिका वाहक रामराव सोलंके ज़मीन कब्जा से संबंधित न्यायालयीन कार्यवाही के तहत मौके पर पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, कब्जा दिलाने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और रामराव सोलंके पर लात, घूंसे, लाठी से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने बैग छीनकर दस्तावेज़ को फाड़ने की भी कोशिश की। मारपीट से कर्मी के शरीर में कई चोटें आई हैं। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि अब इस मामले में पीड़ित रामराव सोलंके द्वारा थाना अमलीपदर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। उनके अनुसार, यह हमला न्यायिक कार्य में बाधा उत्पन्न करने की नीयत से किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों में राजस्व विभाग के अधिकारी, कोटवार, पटवारी और ग्रामीण भी शामिल थे, जिन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया। थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि रिपोर्ट पर आरोपी मेघनाथ यादव, चूलेश्वर यादव, दिलेश्वरी यादव, चयमनी यादव, गौमनी यादव, खमयबाई यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 126(2), 221, 121(1), 132, 296, 351(2), और 191(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया है।

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