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छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन की दिशा में अभिनव पहल, मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नवाचार और प्रभावी नीतियों पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है। योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करेगी। फेलो को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख पहल है जिसकी घोषणा नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पेशेवरों को शासन और नीति कार्यान्वयन में योगदान देना, प्रशासनिक दक्षता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए आकर्षित करना है। इसके माध्यम से शासन की कार्यप्रणाली में दक्षता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही युवाओं को शासन, एनजीओ, थिंक टैंक एवं निजी क्षेत्र के साथ समन्वय में कार्य कर गवर्नेंस सुधार की दिशा में योगदान देने का अवसर प्राप्त होगा। आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी, अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष,न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। बैंक खाता और आधार मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। प्रवेश के लिए कैट परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार इस पाठ्यक्रम की संपूर्ण फीस वहन करेगी, साथ ही प्रत्येक नामांकित छात्र को प्रतिमाह 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण आईआईएम रायपुर परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के शासन-प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चयनित अभ्यर्थी डेटा-आधारित नीतियों के डिजाइन और मूल्यांकन में सहयोग, प्रशासनिक कुशलता के लिए सरकारी विभागों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित, संसाधनों का बेहतर उपयोग और ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करने के साथ ही जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का विश्लेषण कर नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाने में मदद करेंगे। इस फेलोशिप के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक कुशल और पारदर्शी होंगी, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा। यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों को नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर देगा, जिससे सुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और नागरिकों का सरकार पर भरोसा बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप न केवल युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करती है, बल्कि राज्य के सुशासन के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह पहल छत्तीसगढ़ को समृद्ध, समावेशी और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए चयनित फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज में लोक नीति और सुशासन में विशेषज्ञता के साथ प्रशासनिक नीतियों के डिजाइन, विश्लेषण और कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। वे डेटा-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देकर योजनाओं की प्रभावशीलता को भी बेहतर बनाएंगे। फेलोशिप धारक विभिन्न सरकारी विभागों में कार्य करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। फेलो नागरिकों की जरूरतों को समझकर योजनाओं और सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में योगदान देंगे। वे जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन कर सरकार को फीडबैक प्रदान करेंगे, जिससे नीतियां अधिक लक्षित और प्रभावी बनेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फेलोशिप कार्यक्रम सुशासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चयनित अभ्यर्थी न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रगतिशील और समावेशी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर द्वारा लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित हैं। इसके लिए अभ्यर्थी के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक या समतुल्य सीजीपीए) होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022, 2023, या 2024 का वैध कैट स्कोर कार्ड भी आवश्यक है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ की आरक्षण नीति के अनुसार लाभ मिलेगा। विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए आईआईएम रायपुर की वेबसाइट https://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ का अवलोकन किया जा सकता है। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0771-2474612 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है।

राज्यपाल डेका से सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त महानिदेशक ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में टेकवांग नामग्याल अतिरिक्त महानिदेशक, एंटी नक्सल ऑपरेशन सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया। इस अवसर पर एंटी नक्सल (ऑपरेशन) सीमा सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ केे डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल संजय यादव भी उपस्थित थे।

आदिम जाति कल्याण विभाग के नवनियुक्त आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने संभाला कार्यभार

रायपुर, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के नवनियुक्त आयुक्त डॉ.सारांश मित्तर ने सोमवार को आयुक्त कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने उनका अभिवादन किया। कार्यभार ग्रहण के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं – छात्रवृत्ति, प्राधिकरण, वन अधिकार अधिनियम, पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, निर्माण शाखा एवं अन्य योजनाओं की संक्षेप में जानकारी प्राप्त की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।     इस अवसर पर अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस.भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त एल.आर.कुर्रे एवं मेनका चंद्राकर एवं कार्यपालन अभियंता त्रिदीप चक्रवर्ती उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका से मध्य प्रदेश के केबिनेट मंत्री विजयवर्गीय ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य विभाग के केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सौजन्य भेंट की।

अशोक गहलोत ने कहा- गांधी परिवार के खिलाफ षड्यंत्र रच रही केंद्र सरकार, केंद्रीय एजैंसियों का कर रहे दुरुपयोग

शिमला देश की आजादी की लड़ाई लड़ने वाले गांधी परिवार के खिलाफ केंद्र की भाजपा सरकार लगातार षड्यंत्र रच रही है। केंद्रीय एजैंसियों ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित अन्य नेता मौजूद रहे। अशोक गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नैशनल हैराल्ड अखबार की भी आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका रही है और अखबार को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस ने प्रयास किया। ईडी द्वारा सोनिया और राहुल गांधी को नैशनल हैराल्ड मामले में 11 साल बाद चार्जशीट करना दुर्भाग्यपूर्ण है और विपक्षी पार्टी को भाजपा दुश्मन की तरह देख रही है जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस ने देश में विरासत को बचाने का काम किया अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। देश आज किस दिशा में जा रहा है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी और सीबीआई का प्रयोग कर झूठे मामले बनाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने देश में विरासत को बचाने का काम किया है। गांधी परिवार का देश की आजादी में योगदान रहा है, ऐसे में नैशनल हैराल्ड मामले में 5 हजार करोड़ के घोटाले के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। नैशनल हैराल्ड में कोई हितधारक एक रुपए का फायदा भी नहीं उठा सकता है। इलैक्ट्रॉल बॉन्ड मामले में भी यही हुआ था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ यह भाजपा को भूलना नहीं चाहिए। भाजपा की वाॅशिंग मशीन में धुलकर साफ हो जाते हैं भ्रष्टचारी नेता अशोक गहलोत ने कहा कि जितना भी भ्रष्टचारी नेता हो अगर भाजपा में शामिल हो जाए तो वह भाजपा की वाॅशिंग मशीन में धुल कर साफ हो जाते हैं। लोकतंत्र में कोई स्थायी नहीं है मोदी भी परमानैंट नहीं हैं, सता आती है और जाती है, लेकिन इस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति का राष्ट्रीय मंच से होगा प्रस्तुतिकरण: मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 और 24 अप्रैल को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित वस्त्र एवं इस्पात उद्योग के दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इन अवसरों पर राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश की संभावनाएँ और अधोसंरचना विकास के विजन को देशभर के उद्योगपतियों एवं नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। ये आयोजन मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में होंगे। पहला दिन: टेक्सटाइल सेक्टर के निवेशकों से संवाद – 23 अप्रैल मुख्यमंत्री श्री साय 23 अप्रैल को CMAI Fab Show में भाग लेंगे, जिसे क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) द्वारा आयोजित किया गया है। यह शो देश के वस्त्र उद्योग से जुड़े दिग्गजों का प्रमुख प्लेटफॉर्म है, जहाँ उत्पादन, निर्यात और ब्रांडिंग से जुड़े प्रतिष्ठित प्रतिनिधि शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री इस मंच से छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं, प्रोत्साहनों और निवेश के अवसरों की जानकारी साझा करेंगे। इस दौरान कुछ प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर की भी संभावना है। दूसरा दिन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होगा छत्तीसगढ़ का प्रस्तुतीकरण – 24 अप्रैल  मुख्यमंत्री श्री साय 24 अप्रैल को इंडिया स्टील 2025 के उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत इस्पात उद्योग के लिए विकसित अधोसंरचना, नवाचार, और दीर्घकालिक योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे। इसी दिन छत्तीसगढ़ राउंड टेबल मीटिंग का आयोजन भी होगा, जिसमें मुख्यमंत्री संभावित निवेशकों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इस बैठक में औद्योगिक क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, और अनुकूल श्रमिक नीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राज्य पवेलियन में झलकेगा नया छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री साय छत्तीसगढ़ स्टेट पवेलियन का भी भ्रमण करेंगे, जहाँ राज्य की औद्योगिक अधोसंरचना, नीतिगत प्रोत्साहन, और निवेश के बहुआयामी अवसरों की जानकारी मिलेगी। यह पवेलियन निवेशकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मीडिया से संवाद – बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में मुख्यमंत्री श्री साय 23 और 24 अप्रैल को दोपहर 1 बजे बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में मीडिया से संवाद करेंगे। वे इस दौरे के प्रमुख उद्देश्यों, राज्य की नई औद्योगिक नीति की विशेषताओं और निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे।

कानन पेंडारी जू के सफेद बाघ आकाश को आया हार्ट अटैक… मां की आंखों सामने तोड़ा दम

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी चिड़ियाघर के लोकप्रिय सफेद बाघ ‘आकाश’ की  सुबह अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टहलते समय आकाश को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, सुबह जब ज़ू कीपर पिंजड़े की सफाई के लिए पहुंचा और पानी डाला, तो उसने देखा कि आकाश के शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन मौके पर पहुंचे और जांच के बाद बाघ को मृत घोषित किया। मौत के कारणों की पुष्टि के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना मौत की वजह पाई गई। इसके बाद बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सफेद बाघ ‘आकाश’ चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र था। उसकी असमय मौत से वन्य प्रेमियों और चिड़ियाघर स्टाफ में शोक का माहौल है। आकाश की मौत के बाद अब कानन पेंडारी चिड़ियाघर में सफेद बाघों की संख्या तीन रह गई है। हाल ही में ग्वालियर चिड़ियाघर से एक नया सफेद बाघ लाया गया था, जिससे इनकी संख्या चार हुई थी, लेकिन अब आकाश की मौत से संख्या फिर घट गई है। कानन पेंडारी चिड़ियाघर लगभग 114.636 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां 70 से अधिक प्रजातियों के वन्यजीवों को देखा जा सकता है। इनमें सफेद बाघ, रॉयल बंगाल टाइगर, शेर, तेंदुआ, दरियाई घोड़ा, गैंडा, भालू, हिरण, इमू, शाही, विभिन्न पक्षी, मछलियां और सर्प शामिल हैं।

गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल

रायपुर : नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़ – विष्णु देव साय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आपराधिक कानूनों पर समीक्षा बैठक गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर दिया बल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की तैयारियों की दी जानकारी बैठक में  बस्तर के विकास और नक्सल उन्मूलन पर भी हुई चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, श्रीमती नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की छत्तीसगढ़ कानूनों को जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने:मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और DSP स्तर के अधिकारी गंभीर अपराध के मामलों में NATGRID का उपयोग करें:मंत्री अमित शाह रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय गृह सचिव, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़, महानिदेशक, BPR&D, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ और निदेशक, NCRB सहित गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के छत्तीसगढ़ में पूर्ण क्रियान्वयन के लिए टॉप  प्रायरिटी एजेंडा बनाकर इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लक्ष्य भारतीय न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाना है और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य को इसकी और ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ तीन नए आपराधिक कानूनों के संपूर्ण क्रियान्वयन को एक चुनौती के रूप में लेकर इन्हे जल्द लागू कर एक आदर्श राज्य बने। अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को 60 और 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक (DSP)स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग से लेकर पूरे ट्रायल तक की प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संभव है जिससे मैनपावर की काफी बचत होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर पुलिस थाने और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को गंभीरअपराध के मामलों में NATGRID के उपयोग की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सप्ताह में एक बार, राज्य के गृह मंत्री हर 15 दिन और मुख्यमंत्री महीने में एक बार राज्य में नए आपराधिक कानूनों के अमल की प्रगति की समीक्षा करें।

रायपुर : प्रत्येक नागरिक बने प्रकृति का प्रहरी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : प्रत्येक नागरिक बने प्रकृति का प्रहरी – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए धरती के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए जन-सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक विविधता से भरपूर प्रदेश है। यहाँ की संस्कृति, आजीविका और जीवनशैली सीधे तौर पर प्रकृति से जुड़ी है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार वृक्षारोपण, जल-संरक्षण, नदी-नालों का पुनर्जीवन, सामुदायिक वन प्रबंधन और पर्यावरणीय रूप से संतुलित औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं में पर्यावरण संरक्षण को एक केन्द्रीय तत्व बनाया गया है, ताकि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाते हुए आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित किया जा सके। स्थानीय समुदायों को भी इन प्रयासों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर सुधरे और प्राकृतिक धरोहरें भी सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति एक वृक्ष लगाए, उसकी देखभाल करे और अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प ले। जल और ऊर्जा जैसे संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें तथा हरसंभव अक्षय ऊर्जा का प्रयोग कर पृथ्वी को प्रदूषण-मुक्त बनाने में योगदान दें।

कलेक्टर ने की सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की समीक्षा

कलेक्टर ने की सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की समीक्षा अब तक 15 हजार से ज्यादा मामलों का निराकरण एक एक आवेदन का हो सार्थक समाधान टीएल बैठक में प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा खाद बीज का अग्रिम उठाव करने किसानों  से अपील पेयजल समस्या का करें त्वरित समाधान  बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने आज साप्ताहिक टीएल बैठक में सुशासन तिहार में मिले आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। अब तक लगभग 15 हजार से ज्यादा आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने दिन रात काम कर आवेदनों के परिणाम मूलक समाधान के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों को अधिकारी स्वयं पढ़ें, समझें और समाधान निकालें। कंप्यूटर ऑपरेटर अथवा बाबू के भरोसे न छोड़ें। गलती से यदि दूसरे विभागों के आवेदन आपकी आईडी में आ गए हैं, तो इसे संबंधित विभागों को तत्काल फॉरवर्ड कर दें। ताकि उनको समाधान के लिए समय मिल सके।        कलेक्टर ने बताया कि आगामी 5 मई से 31 मई तक समाधान शिविर लगेंगे। प्रत्येक 10 पंचायत के बीच एक शिविर आयोजित होगा। नगर निगम क्षेत्रों में भी 5/6 वार्डों के बीच समाधान शिविर लगेंगे। इन शिविरों में आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी दी जाएगी। श्री शरण ने कहा कि शिकायतों के निराकरण में आवेदक को भी बुलाया जाए अथवा फोन पर उनसे चर्चा की जाए। कलेक्टर ने कहा कि पोर्टल के संबंध में यदि कोई दिक्कत आती है तो ग्रामीण क्षेत्र क्षेत्र के लिए जिला पंचायत सीईओ और नगरी क्षेत्र के लिए नगर निगम आयुक्त से संपर्क कर उसका निदान कराएं। कलेक्टर ने बैठक में आवेदनों के तेजी से निदान पर बल दिया। उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल और निस्तारी में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि जलस्रोत नीचे हो रहा तो नलकूप। में राइजिंग पाइप बढ़ाए। मूलभूत अथवा 15 वाँ वित्त आयोग मद का उपयोग किया जा सकता है। किसी भी हालत में लोगों को पेयजल की समस्या नहीं आनी चाहिए। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद बीज की उपलब्धता की समीक्षा भी की। किसानों से खाद बीज का अग्रिम उठाव करने की अपील की। उन्हें अतिरिक्त ब्याज नहीं देना होगा। कृषि विभाग को उठाव के बारे में किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने टीएल में दर्ज एक एक प्रकरण की समीक्षा की।  तथा और तेजी के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त  अमितकुमार, डीएफओ सत्यदेव शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास 2.0: अब तक 1 लाख से ज्यादा परिवारों का हुआ सर्वे

मोर दुआर साय सरकार महाअभियान प्रधानमंत्री आवास 2.0: अब तक 1 लाख से ज्यादा परिवारों का हुआ सर्वे 30 अप्रैल तक चलेगा अभियान बिलासपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से हितग्राहियो को लाभान्वित करने के उद्देश्य से मोर दुआर साय सरकार अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत पूरे जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के ग्राम पंचायतों में घर-घर जाकर सर्वेक्षको के द्वारा आवास सर्वेक्षण को शत् प्रतिशत पूर्ण कराने के लिए पात्र हितग्राहियों के सर्वे का कार्य किया जा रहा है। जिसमें अब तक 1 लाख 13 हजार 764 परिवारों का सर्वे किया जा चुका है।        इसी क्रम में आज जिले के ग्राम पंचायत बहतराई मिठ्ठू नवागांव, नवागांव सलका, करगीकला, सोनपुरी, चपौरा, चुरेली. दारसागर, पंडरापथरा पुरूवार घुटकू, निगारबद, रेल्हा, लमेर बेलटुकरी, विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा अन्तर्गत रैली दिवार लेखन, रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से सर्वे के लिये जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा सर्वे में नाम जुड़वाने के लिये आवास प्लस सर्वे 2.0 एप के विषय में आम लोगों को जानकारी दी गयी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा लोगो को प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत आयोजित विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा के चरणबद्ध कार्यक्रम की जानकारी दी जा रही है एवं सभी पात्र परिवारो को 30 अप्रैल 2025 के पूर्व अपना नाम सर्वे में शामिल कराने के लिये अवगत कराया जा रहा है। मोर दुआर साय सरकार महाअभियान कार्यक्रम का दूसरा चरण – 20 अप्रैल 2025 से 28 अप्रैल 2025 तक कार्यक्रम का दूसरा चरण जारी है। जिसमें ग्राम नोडल अधिकारी एवं सर्वेक्षक द्वारा प्रत्येक ग्राम में ग्राम सभा आयोजित कर सर्वेक्षण की प्रक्रिया का प्रस्तुतिकरण करना है। सर्वेक्षक द्वारा अपने प्रभार क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार का संतृप्ता के आधार पर शत प्रतिशत सर्वेक्षण करना है एवं सर्वेक्षित परिवारों के विवरण का ग्राम सभा में पठन एवं वाचन किया जाना है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के समस्त विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में स्वसर्वे एवं सर्वेयर के माध्यम से पात्र परिवारों का सर्वेक्षण कार्य जारी है।        ग्राम चपौरा की श्रीमती सीमा बाई करपे, ग्राम कर्रा की लता, ग्राम सारधा निवासी संतोषी ने पक्के मकान का सपना साकार करने अपना नाम भविष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत आवास लाभ प्राप्त करने के लिये दर्ज कराया। आवास प्लस सर्वेक्षण 2.0 में सर्वेक्षक के द्वारा इनका सर्वे का कार्य किया गया। सर्व में नाम शामिल होने पर इनके द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गयी।

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं

बिलासपुर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आये लोगों की समस्याएं सुनी। कलेक्टर ने सभी की समस्याओं को इत्मीनान से सुना और निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन भेजते हुए जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।        साप्ताहिक जनदर्शन में आज तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत खजुरीनवागांव के सरपंच एवं ग्रामवासियों द्वारा गांव में मीडिल स्कूल संचालन कराने संबंधी आवेदन दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से गांव में स्कूल भवन बना पड़ा है लेकिन अब तक मीडिल स्कूल संचालित नहीं हुआ है। स्कूली बच्चे प्राथमिक शाला की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए नेशनल हाईवे रोड से पैदल 6 किलोमीटर देवरी, सकरी जाते हैं कलेक्टर ने आवेदन डीईओ बिलासपुर को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत घुटकु के सरपंच एवं ग्रामवासियों ने पानी की समस्या दूर करने कलेक्टर को आवेदन सौंपा। कलेक्टर ने आवेदन पीएचई विभाग के ईई को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।        विकासखंड मस्तूरी के ग्राम लोहर्सी निवासी श्री ईश्वर डहरिया ने आवास निर्माण के समय बिजली खम्भा से होने वाली परेशानी से संबंधी आवेदन कलेक्टर को दिए। उन्होंने बताया कि बिजली का तार उनके घर के ऊपर से ही गुजर रहा है खम्भा गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है। इस मामले को बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण देखेंगे। विकासखंड बिल्हा के भैसबोड़ निवासी श्री वेदराम बंजारे द्वारा उनकी 0.20 डिसमील जमीन को ऑनलाईन चढ़ाने संबंधी आवेदन कलेक्टर के समक्ष दिया गया है। इस मामले को एसडीएम बिल्हा देखेंगे।          27 खोली निवासी श्री बिजेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अपने दिव्यांग बच्चे का स्वामी आत्मानंद अंग्रजी माध्यम स्कूल में कक्षा यूकेजी में एडमिशन कराने कलेक्टर को आवेदन दिया। इस मामले को जिला शिक्षा अधिकारी देखेंगे। विकासखंड तखतपुर के ग्राम पंचायत कुरेली निवासी श्रीमती रामेश्वरी यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने कलेक्टर को आवेदन दिया गया। इस मामले को जिला पंचायत सीईओ देखेंगे। मोपका निवासी श्री बिक्रम साय पैकरा द्वारा घर के नक्शा का नियमितिकरण कराने कलेक्टर को आवेदन दिया गया।

बिना पियाऊ के बैनरबाज़ी: मनेंद्रगढ़ नगर पालिका की दिखावटी व्यवस्था उजागर

मनेंद्रगढ़ शहर में गर्मी का पारा चढ़ रहा है, लेकिन आमजन की प्यास बुझाने की कोई ठोस व्यवस्था नगर पालिका की ओर से नहीं दिख रही है। वहीं दूसरी ओर, नगर पालिका द्वारा पियाऊ की व्यवस्था के नाम पर लगाए गए बैनर सिर्फ दिखावे का हिस्सा बनकर रह गए हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि शहर के कई मुख्य स्थानों पर पियाऊ की सुविधा का दावा करते हुए बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिनमें कुछ जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें भी हैं। लेकिन मौके पर न तो कोई पानी की टंकी है, न ही किसी प्रकार की पेयजल व्यवस्था।       शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोग गर्मी में बेहाल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता सिर्फ प्रचार तक सीमित दिखाई देती है।        स्थानीय निवासी आशा करते हैं कि नगर पालिका जल्द से जल्द वास्तविक पियाऊ की व्यवस्था करे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और इस प्रकार की दिखावटी व्यवस्था पर विराम लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री साय बोले- नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित नॉर्थ ब्लॉक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।  शाह की अध्यक्षता आयोजित बैठक में राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को लेकर समीक्षा की गई। इसके साथ ही  नक्सलवाद के उन्मूलन, बस्तर के समग्र विकास और राज्य में सुरक्षा व न्याय तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा सहित केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई। इसके साथ ही पुलिस, जेल, अदालतों, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश तैयार कर लागू किए गए हैं। इसके साथ ही लगभग 37,385 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। न्यायालयों, पुलिस थानों और जेलों को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस किया गया है। राज्य में अब तक 53,981 एफआईआर नए कानूनों के तहत दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से लगभग 50% मामलों में चालान प्रस्तुत हो चुके हैं। बैठक में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार वर्ष 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है और बस्तर को भारत के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अब तक किए गए कार्यों की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने शीघ्र नए क़ानूनों को राज्य में शत प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और अधिक जनोन्मुखी बनाना है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिरीक्षक सुशील द्विवेदी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, प्रमुख सचिव विधि रजनीश श्रीवास्तव, सचिव गृह, नेहा चंपावत सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

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