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नारायणपुर से ओरछा जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

नारायणपुर ओरछा मार्ग पर यात्री बस पलटने से कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई है. यह घटना ग्राम गड़बेंगाल पुल के समीप की है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया. बताया जा रहा कि बस नारायणपुर से ओरछा जा रही थी. यह बस बस्तर ट्रैवल्स कम्पनी की है, जिसमें क्षमता से अधिक सवारी बैठाए गए थे. बता दें कि कुछ दिन पहले ही इसी कंपनी की बस ने कोंडागांव में ट्रैफिक सिंग्नल में खड़े बाइक सवारों को टक्कर मारी थी, जिसमें 2 बाइक सवारों की मौत हुई थी.

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के लिए की बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है. हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। ये बातें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मंत्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ग्राम गबोद अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित, महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ

रायपुर हर घर जल योजना के तहत् महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, में तस्वीर बदल गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम गबोद हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है। जल जीवन मिशन के द्वारा हर घर नल हर घर जल योजना से हुए सफलता पूर्वक कार्यों के कारण अब गबोद एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है। यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है। गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लग सकती है मुहर

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में शुरू हो गई है. बैठक में सहायक शिक्षक पद से बर्खास्त किए गए हजारों शिक्षकों को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. इसके साथ ही जल संकट और नए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास को लेकर भी चर्चा संभव है. कैबिनेट की बैठक के बाद लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी.

कलेक्टर ने दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाई के लिए दिया मोबाईल

बिलासपुर  कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक अवनीश कुमार शरण ने जिले की तीन दृष्टिबाधित स्कूली बच्चों को मोबाइल फोन, की बोर्ड और ओटीजी केबल प्रदान किए। समग्र शिक्षा की समावेशी शिक्षा योजना के तहत उन्हें ये सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए। लाभान्वित दृष्टिबाधित बच्चों में शुभम सूर्यवंशी, पूर्व माध्यमिक शाला मंगला, शहरी स्त्रोत केन्द्र बिलासपुर, कु. अनुष्का पूर्व माध्यमिक शाला हरदीकला विकासखण्ड बिल्हा, कु. निशा मरावी, प्राथमिक शाला खरगहनी विकासखण्ड कोटा शामिल हैं।        हितग्राही बच्चों एवं उनके रिसोर्स पर्सन को दिनांक 24 अप्रैल से 26 अप्रैल 2025 तक रायपुर में शैक्षिक आवश्यकता पूर्ति हेतु मोबाईल के अनुप्रयोग का प्रशिक्षण दिया जावेगा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग) हेतु समावेशी शिक्षा योजना संचालित है। जिसके अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का चिन्हांकन, शिक्षक एवं पालकों का उन्नमुखीकरण कार्यक्रम तथा बच्चों की आवश्यकता अनुसार उन्हें सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाता है। कलेक्टर ने लाभान्वित बच्चों से उनके शैक्षिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा की तथा संबंधित शिक्षकों, बीआरपी एवं स्पेशल एजुकेटर को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर श्री ओम पाण्डेय, जिला मिशन समन्वयक, डॉ. अखिलेश तिवारी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, श्रीमती पूर्णिमा खोब्रागढे, बीआरपी, सुश्री सुष्मिता दिवाकर, श्री उत्तम भारद्वाज, श्री भूपेन्द्र चंद्राकर स्पेशल एजुकेटर, शिक्षक श्री पुष्पेन्द्र गुप्ता एवं पालक उपस्थित थे।

नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते

 छत्तीसगढ़ में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते व्यवसायियों को मिली राहत रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है। नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है। यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को   राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार – प्रसार के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन

सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार – प्रसार के लिए संभागीय कार्यशाला का आयोजन बिलासपुर संभाग के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी हुए शामिल बिलासपुर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के व्यापक प्रचार- प्रसार एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संभाग स्तर पर प्रार्थना सभा भवन में संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बिलासपुर संभाग एवं नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ भिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी शामिल हुए।         कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कमिश्नर श्री महादेव कावरे ने कहा कि आपके मन में जो भी प्रश्न है उन सब का इस जवाब कार्यशाला में मिलेगा। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में आपको आने वाली दिक्कतों को दूर करना है। हालांकि इस अधिनियम को लागू हुए काफी समय हो चुका है लेकिन फिर भी कुछ नए नियम जुड़ते हैं, जिसकी जानकारी आपको होनी चाहिए। कमिश्नर श्री कावरे ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटलाइजेशन का है ऐसे में डिजिटल जानकारी को सूचना के अधिकार के तहत उपलब्ध कराना है या नहीं,  यदि कराना है तो उसके क्या प्रावधान है ऐसी कई बातें हैं जिनको लेकर आपके मन में प्रश्न होंगे जिनका उत्तर कार्यशाला में मिलेगा, उन्होंने  ससभी से कार्यशाला में सक्रिय रूप से सहभागिता की अपील की।         कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीता दीवान एवं श्री अतुल वर्मा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देते हुए ऑन लाइन आवेदन से संबंधित प्रक्रिया और उसके निराकरण के विषय में जानकारी दी।अतुल वर्मा ने कहा कि अधिनियम की  धारा 2 से लेकर 11 तक की धारा जन सूचना अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण है जिसका गहनता से अध्ययन  सभी कर लें, इससे काम करने में आसानी होगी। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान भी किया।         कार्यशाला में हाउसिंग बोर्ड के एडिशनल कमिश्नर श्री अजीत पटेल, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री अरुण कुमार साय, राज्य सूचना आयोग से श्री प्रदीप गौर उपस्थित थे, कार्यशाला  में प्रतिभागी के रूप में बिलासपुर संभाग के  विभिन्न कार्यालयों के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी सहित नवगठित जिला शक्ति और सारंगढ़ बिलाईगढ़ के जन सूचना अधिकारी/ प्रथम अपीलीय अधिकारी संभागीय कार्यालय बिलासपुर से उपायुक्त(रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी, उपायुक्त (वि.) श्री संतोष सिंह ठाकुर,लेखाधिकारी श्री मूलधर प्रसाद जायसवाल उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन उपायुक्त (रा.)श्रीमती डॉ.स्मृति तिवारी ने किया।

बंगाल हिंसा, ममता जी, इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा: सीएम साय

रायपुर वक्फ संशोधन बिल के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में हिन्दुओं को निशाना बनाए जाने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निंदा की है. इसके लिए उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता जी, इतिहास आपको ऐसी निर्ममता के लिए कभी माफ नहीं करेगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून की आड़ में आततायियों की भीड़ द्वारा हिंदुओं की हत्या, लूटपाट, मंदिरों को ध्वस्त करने जैसे कृत्य की जितनी निंदा की जाए, वह कम है. पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मुस्लिम वोट बैंक की लिप्सा में दंगाइयों का तुष्टीकरण दुःखद है. ममता जी, इतिहास आपको ऐसी निर्ममता के लिए कभी माफ नहीं करेगा. आप बंगाल के आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों की रक्षा करने में विफल तो रही ही हैं, संदेशखाली समेत हर मामले में आपने हमेशा जाने-अनजाने यह संदेश देने की कोशिश की है कि आपकी सरकार इन दंगों को प्रश्रय दे रही है. कृपया अपनी संवैधानिक शपथ की चिंता कर लीजिए. आप केवल एक समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की मुखिया हैं. पश्चिम बंगाल के सभी निवासियों की सुरक्षा आपका प्राथमिक दायित्व है. राजनीतिक लाभ-हानि की दृष्टि से ऐसे मामले को देखना छोड़ दीजिए. कृपया, जनता की रक्षा कीजिए.     पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून की आड़ में आततायियों की भीड़ द्वारा हिंदुओं की हत्या, लूटपाट, मंदिरों को ध्वस्त करने जैसे कृत्य की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मुस्लिम वोट बैंक की लिप्सा में दंगाइयों का तुष्टीकरण दुःखद है।

महासमुंद : सखी वन स्टॉप सेंटर हेतु विभिन्न पदां पर महिला अभ्यर्थियों से 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित

महासमुंद, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर महासमुंद में नवीन वित्तीय मापदण्ड एवं मानव संसाधन की स्वीकृति के अनुसार सेवा प्रदाताओं की भर्ती की जा रही है। केंद्र का संचालन नवीन मार्गदर्शिका 2022 के तहत किया जाएगा। सखी वन स्टॉप सेंटर, जो कि महिलाओं से संबंधित सहायता संस्था है, जिसमें दैनिक कार्यों के संचालन हेतु निम्न पदों के लिए केवल महिला अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें साइको-सोशल काउंसलर, केस वर्कर एवं कार्यालय सहायक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के एक-एक पद शामिल है। इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र 30 अप्रैल 2025 तक प्रातः 10ः00 बजे से सायं 5ः30 बजे के बीच पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट/कोरियर के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, महासमुंद, पिन कोड 493445 के पते पर प्रेषित कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद के सूचना पटल का अवलोकन कर सकते हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की जाती हैं, इसलिए सभी पदों पर केवल महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए: मंत्री जायसवाल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में मंत्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने  कहा कि अस्पताल में  विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुकिरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी केन्द्रों में सुपोषण चौपाल आयोजित, नन्ही बालिकाओं को कराया अन्नप्राशन

महासमुंद पोषण पखवाड़ा अंतर्गत महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाना है। पोषण पखवाड़ा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक आयोजित होगा। इसी क्रम में महासमुंद शहरी परियोजना अंतर्गत गुरु नानक वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित सुपोषण चौपाल में नन्ही बालिका अमायरा का अन्नप्राशन संस्कार विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। वहीं, डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र में बालिका सिमरन भोई और नर्गिस देवांगन का भी अन्नप्राशन संस्कार किया गया। इस दौरान पोषक आहार से संबंधित खाद्य पदार्थों को टेबल पर सजाया गया था तथा इन पौष्टिक पदार्थां के महत्व को भी बताया गया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद धनेंद्र चंद्राकर, समाजसेवी श्रीमती निरंजना चंद्राकर, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान एवं कुंती यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, और क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। आयोजन के दौरान गर्भवती महिलाओ और शिशुवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और शिशु देखभाल के विषय में जानकारी भी दी गई, जिससे वे अपने बच्चों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान ने बताया कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि इस समय शरीर को उचित मात्रा में पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। पोषक आहार ना खाने से माता और शिशु कुपोषण का शिकार हो सकते हैं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए सुपोषण चौपाल अभियान एक सार्थक पहल है।

मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत

एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधित प्रावधान के अनुसार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ग्राम एकता नगर गोदरीपारा तहसील चिरमिरी में मनीष कुमार पाण्डेय की मृत्यु तालाब में डूबने के कारण हो गया था। जिससे उनके पिता दिरेन्द्र पाण्डेय को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, गणेश मौर्य आ0 शुद्दू मौर्य निवासी ग्राम भरतपुर तहसील भरतपुर की मृत्यु आकाशीय बिजली गिरने के कारण हो गया था जिससे मृतक की पत्नी कलावती मौर्य को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार केल्हारी तहसील के ग्राम पेण्ड्री निवासी मायावती की जहरीले सर्प के काटने से हुई मृत्यु हो जाने पर उनकी माता गोलैन्दी एवं उनके पिता फग्गू बैगा को 2-2 लाख कुल 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उपरोक्त स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।

एमसीबी : मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता राशि स्वीकृत

एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधित प्रावधान के अनुसार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत वार्ड नं0 33 बी0आईप गोदरीपारा तहसील चिरमिरी में माला सिंह की मृत्यु मधुमक्खियों के काटने के कारण हो गया था। जिससे उनके पति कमलेश सिंह को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, आकाश सिंह आ0 राय सिंह निवासी ग्राम दुग्गी तहसील खड़गवां की मृत्यु डबरी के पानी में डूबने के कारण हो गया था जिससे मृतक के पिता राय सिंह को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार खड़गवां तहसील के ग्राम मंगोरा निवासी भूषणराम की जहरीले सर्प के काटने से हुई मृत्यु हो जाने पर उनकी पत्नी राजन बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। उपरोक्त स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा। 

गौरेला पेंड्रा मरवाही : बांधामुड़ा गौरेला में भवन खरीदने का सुनहरा अवसर किफायती दर पर भवन उपलब्ध

गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आम नागरिकों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है। मंडल द्वारा गौरेला के बांधामुड़ा क्षेत्र में विकसित की जा रही सामान्य आवासीय कॉलोनी में एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप) एवं एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) वर्ग के लिए भवन खरीदने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह योजना विभिन्न आय वर्गों के लोगों को रियायती दर पर पक्के मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई गई है।          छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल प्रक्षेत्र कोरबा के संपदा अधिकारी ने बताया कि बांधामुड़ा गौरेला में नगर पंचायत कार्यालय गौरेला, रेलवे स्टेशन एवं अनूपपुर रोड के समीप स्व वित्तीय आधार पर नगर पंचायत को हस्तांतरित कालोनी में एचआईजी (हाई इनकम ग्रुप) एवं एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) भवन निर्माण कार्य किया गया है। इच्छुक आवेदक https://cghb.gov.in/ वेबसाइट पर या मंडल कार्यालय में संपर्क कर भवन खरीद सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर +91-96694-52316, +91-99814-35332, +91-77250-67027 या +91-99072-85405 पर संपर्क किया जा सकता है।

रायपुर : बेटी अनुष्का की छठी में महतारी वंदन योजना बनी खुशियों की वजह

 रायपुर जंगलों से घिरे कोरबा जिले के लेमरू ब्लॉक के घोंघीबहरा गांव की श्रीमती दिलेशरी मंझुवार के घर हाल ही में खुशियों की लहर दौड़ गई। बेटी अनुष्का की छठी का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। लेकिन इन खुशियों के पीछे एक मजबूत सहारा बनी छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना, जिसके तहत श्रीमती दिलेशरी को हर महीने एक हजार की आर्थिक मदद मिल रही है।     गर्भावस्था के दौरान श्रीमती दिलेशरी को कई तरह की चिंताएं सताती थीं। घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि बच्चे के जन्म के बाद कोई खास आयोजन कर सकें। लेकिन जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की शुरुआत की गई, तो श्रीमती दिलेशरी ने भी आवेदन किया। योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ और गर्भावस्था के दौरान यह राशि उनके लिए राहत बन गई।     बेटी अनुष्का के जन्म के बाद जब छठी का समय आया, तो खाते में जमा योजना की राशि ने उनकी सारी चिंता दूर कर दी। श्रीमती दिलेशरी ने खुशी-खुशी छठी का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए किसी से उधार नहीं लेना पड़ा, न ही किसी से मदद मांगनी पड़ी। मजदूरी पर आधारित आय वाले इस परिवार के लिए यह योजना अब केवल एक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया कदम है। श्रीमती दिलेशरी अब घर से लगे जमीन को समतल कर खेत बनाना चाहती हैं और इसके लिए भी योजना की राशि बचा रही हैं।     महतारी वंदन योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए जीवन की सबसे बड़ी ताकत बनकर आई है, श्रीमती दिलेशरी कहती हैं। यह योजना हमें आत्मसम्मान के साथ जीने का हक देती है। जरूरत के समय अब हमें किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। राज्य सरकार की यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम बन रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी जगा रही है।

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