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इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति रद्द करने की मांग, राज्यपाल एवं कुलाधिपति को ABVP ने लिखा पत्र

रायपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति को पत्र लिखकर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के एकमात्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में प्रो. लवली शर्मा को कुलपति नियुक्त किया गया है. अभाविप ने पत्र में लिखा है कि पूर्व में प्रो. लवली शर्मा राजा मानसिंह तोमर संगीत और कला विश्वविद्यालय ग्वालियर मध्यप्रदेश के कुलपति के रूप में काम कर चुकी है. इस दौरान उनके ऊपर कई गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं. साथ ही इनके कार्यकाल में छात्राओं के यौन शोषण जैसे मामले प्रकाश में आए थे. जिस व्यक्ति के ऊपर कुलपति रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप और छात्राओं के यौन शोषण की घटनाएं उजागर हुए हैं. साथ ही इन्हीं मामलों को संज्ञान में लेकर मध्यप्रदेश शासन ने धारा 57 लगाकर कुलपति के कार्यकाल को समाप्त कर दिया था, परंतु छत्तीसगढ़ शासन ने उपरोक्त मामलों में दोषी पाए गए व्यक्ति को पुनः कुलपति के रूप में नियुक्ति किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह भी मानना है कि डॉ. लवली शर्मा ने कुलपति पद पर आवेदन करते समय इन तथ्यों को जानबूजकर छुपाया है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि संगीत विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए तत्काल प्रभाव से कुलपति की इस नियुक्ति को रद्द किया जाए.

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 : रैम्प योजना व ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर संभागस्तरीय कार्यशाला का आयोजन

अम्बिकापुर जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प योजना तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर जागरूकता और उद्योगपतियों से सीधा संवाद करना रहा। उद्योग नीति पर विशेषज्ञों की विस्तृत प्रस्तुति रायपुर से आए उपसंचालक, उद्योग श्री ऋतुराज ताम्रकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया। वहीं,  म्तदेज – ल्वनदह (म् – ल्)     की टीम द्वारा रैम्प योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं एमएसएमई उद्योगों को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। अधिक निवेश के लिए उद्योगपतियों को किया गया प्रेरित कार्यक्रम में उपस्थित अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक ने राज्य सरकार की मंशा और उद्योगों के लिए लाए गए नवीन प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए उद्योगपतियों से अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि एक सकारात्मक उद्योग इकोसिस्टम बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है और ठत्।च् (ठनेपदमेे त्मवितउ ।बजपवद च्संद) के तहत सकारात्मक फीडबैक देने का भी आह्वान किया। इस संभागस्तरीय कार्यशाला से उद्योग जगत को राज्य की नीतियों की स्पष्ट जानकारी मिली है और इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी ।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, सरगुजा लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री अरविन्द सिंघानियां, फेसिलिटेशन काउंसिल के सदस्य श्री कौन्तेय जायसवाल, एवं सरगुजा संभाग के सभी जिले सूरजपुर, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकगण और सरगुजा संभाग में कार्यरत उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) भी प्रतिभागी उपस्थित रहे।

कबीरधाम कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत कल प्रथम चरण के अंतिम दिन कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू बोड़ला विकासखंड के ग्राम खैरबनाकला में पहुंचकर स्वयं ग्रामवासियों से आवेदन लिये। उन्होंने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ग्रामवासियों से चर्चा कर उनकी शिकायत, समस्या और मांगों को सुनकर आवेदन लिया। उन्होंने सुशासन तिहार की अवधारणा, उद्देश्य एवं गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओं अजय कुमार त्रिपाठी, अपर कलेक्टर मुकेश रावटे, बोड़ला एसडीएम सुरूचि शार्दुल, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।         कलेक्टर वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने ज्यादातर आदेवन जॉब कार्ड, पीएम आवास, पेयजल, सड़क और राजस्व सहित विभिन्न प्रकार से सम्बन्धित आवदेन किए। सुशासन तिहार के चौथे दिन जिले में शहरी सहित ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचकर अपनी मांग, शिकायत और समस्याओं के निराकरण के लिए समाधान पेटी में आवेदन जमा किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन की स्थापना सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक स्तर पर शासकीय कामकाज में पारदर्शिता लाने एवं शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने सुशासन तिहार का आयोजन नगरीय एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में किया जा रहा है।         कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार का आयोजन प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस पहल के माध्यम से हम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे और शासन के कामकाज में पारदर्शिता लाएंगे। हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक सशक्त मंच मिले और प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करे। इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों और आवेदन का निराकरण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि नागरिकों को हर स्तर पर न्याय और सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में नागरिकों को पूरी तरह से सहभागी बनाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है और समाधान शिविरों के माध्यम से नागरिकों को उनके मामलों का समाधान शीघ्र मिलेगा।           जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का निराकरण प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकार की योजनाओं का सही और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों को उनका अधिकार समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में समाधान पेटी स्थापित की है, जिससे नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक आसान और सुलभ तरीका मिल सके। समाधान शिविरों का आयोजन भी इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों से प्राप्त सभी आवेदन की निगरानी की जाएगी और उनका निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा।        सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के चारों जनपद के ग्राम पंचायतों एवं 7 नगरीय निकायों में सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिले के नागरिक द्वारा अपनी समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन लेने की प्रक्रिया की आज अंतिम दिवस थी। पहले चरण में आम जनता से आवेदन प्राप्त किया गया। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 05 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक 08 से 15 पंचायतों के मध्य शिविर लगेंगे, जहां आवेदकों को उनके प्रकरणों की जानकारी दी जाएगी। शिविरों की तिथि की सूचना एसएमएस और पावती के माध्यम से दी जाएगी। जिन आवेदनों का निराकरण शिविर में संभव होगा, वहीं किया जाएगा। शेष आवेदनों को एक माह में हल कर जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के विकास में युवाओं की भागीदारी को लेकर की चर्चा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं के साथ आत्मीय संवाद कर छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य और विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप प्रमोशन और उद्योगों से जुड़ाव जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और राज्य के समग्र विकास में अपनी अहम भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम साँसें गिन रहा है और मार्च 2026 तक नक्सल का समूल नाश होगा। छत्तीसगढ़ की यह सुंदर धरती विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगी और शांत, सुरक्षित, खुशहाल और समृद्ध प्रदेश के रूप में इसे नई पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर में एएनआई द्वारा आयोजित विचार फॉर विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एएनआई की संपादक श्रीमती स्मिता प्रकाश के साथ पॉडकास्ट में अपने पारिवारिक, राजनीतिक जीवन और मुख्यमंत्री के रूप में अब तक के सफर और उपलब्धियों पर खुलकर बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने प्रदेशवासियों के हित में मोदी की गारंटी की बात कही थी और हमारी सरकार ने बड़े निर्णय लेते हुए इसे पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मोदी की गारंटी पूरी कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने पहले ही कैबिनेट में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मुहैया कराने का बड़ा फैसला लिया था। प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह ₹1000 की राशि प्रदान की जा रही है। पीएससी की परीक्षाओं में युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ सीबीआई जांच जैसे बड़े निर्णय हमारी सरकार ने लिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। इस नीति की सफलता का प्रमाण इस बात से मिलता है कि इसके लागू होने के बाद से सरकार को करोड़ों रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। हमारा उद्देश्य निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार देना भी है। साय ने कहा कि हमने विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्युमेंट तैयार किया है और विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में हर प्रदेशवासी की अहम भूमिका होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

हनुमान जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर  रेलवे स्टेशन के समीप स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भक्ति भाव से हनुमान चालीसा का पाठ किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामनाएँ कीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान हनुमान शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से हर संकट का समाधान संभव है।उन्होंने प्रदेशवासियों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएँ  दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज़ कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : बीजापुर में मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों की सर्च ऑपरेशन जारी

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के कोलनार इलाके में शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई CRPF की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाइयों, राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। CRPF के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी अब भी जारी है और ऑपरेशन को सतर्कता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में तलाशी अभियान जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।  गोलीबारी जारी, और शव बरामद होने की संभावना दरअसल, सीआरपीएफ की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर एक नक्सली को ढेर कर दिया है। सीआरपीएफ की 202 कोबरा और 210 कोबरा इकाई, छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष कार्य बल और जिला रिजर्व गार्ड की मौजूदगी में यह अभियान चल रहा है। किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है। रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है। इंद्रावती नदी कें जंगलों में मुठभेड़ पीटीआई की खबर में छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले से लिखा गया कि नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के इंद्रावती क्षेत्र के तहत आने वाले जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी क्षेत्र के अंतर्गत जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना किया गया था। नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान आज सुबह लगभग नौ बजे सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई और सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। उन्होंने बताया, “क्षेत्र में सुबह से रुक रुक कर गोलीबारी जारी है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान की संभावना है। क्षेत्र में खोजी अभियान जारी है।”  नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान यह मुठभेड़ ऐसे समय पर हुई है जब राज्य सरकार लगातार नक्सल विरोधी अभियान को तेज कर रही है। हाल ही में दंतेवाड़ा में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से तीन पर नकद इनाम भी घोषित था। आत्मसमर्पण की यह घटना DRG मुख्यालय में हुई थी और यह ‘लोन वर्राटू’ (घर लौटो) अभियान का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री का शांति और विकास का संदेश 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विश्नु देव साय ने मीडिया से बातचीत में शांति और विकास की राह पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। CM साय ने कहा, “हमने शुरुआत से ही नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण का रास्ता खुला रखा है। बार-बार हम यह अपील कर रहे हैं कि आप बंदूक और गोली की भाषा छोड़िए और विकास के रास्ते पर आइए। सरकार आपको न्याय देगी और रोजगार से जोड़ेगी।”

प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : प्रदेश में वन आधारित पर्यटन और जल आधारित पर्यटन को दिया जाए बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश की प्रमुख शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं की जाएं विकसित पर्यटन विभाग के साथ जल संसाधन और वन विभाग पर्यटन को बढ़ावा देने समन्वय के साथ करें कार्य- मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने तैयार किए जाएंगे टूरिज्म कॉरिडोर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन आधारित पर्यटन, महानदी, इन्द्रावती नदियों प्रदेश के प्रमुख बांधों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों में आस-पास के स्थलों को शामिल कर पर्यटन सर्किट और कारीडोर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से सहायता के लिए प्रदेश की पर्यटन परियोजनाओं के नये प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।     मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए। टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों का लिया जाए सहयोग     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कारीडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए। वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा     मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए। बस्तर, चम्पारण, मधेश्वर मयाली, भोरमदेव में पर्यटन कारीडोर होंगे विकसित     मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कारीडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कारीडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।     बैठक में स्वदेश दर्शन और प्रयाद योजना के तहत प्रदेश में संचालित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कारीडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है। इन क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए अनुदान का प्रावधान भी किया गया है, जिससे निवेशकों के सहयोग से पर्यटन अधोसंरचना का विकास हो सके। राष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों से संपर्क कर इन संभावनाओं का भी दोहन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सालाना 2 करोड़ पर्यटक पर्यटन स्थलों में आते हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य ये होम स्टे सहित छोटे-छोटे कुटीर उद्योग पर भी लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों के ग्रामीणों में होम स्टे व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित भी करना चाहिए।    बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बसवराजु एस., उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। एक पढ़े-लिखे व्यक्ति और अनपढ़ व्यक्ति के जीवन में जमीन आसमान का अंतर होता है। स्कूली बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में पाठ्य पुस्तक निगम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बातें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में कहीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करने पर राजा पांडेय को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम का दायित्व है की किताबें समय पर छपें और बच्चों को स्कूल में पुस्तकें समय पर उपलब्ध हों। मुझे पूरी उम्मीद है कि राजा पांडेय पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिहाज से पाठ्यपुस्तक निगम के पास एक बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति की शुरुआत की गई है, जिसे हमने छत्तीसगढ़ में लागू किया है। नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ-साथ रोजगार पर भी फोकस किया गया है। प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर हम बच्चों को 18 स्थानीय बोलियों में किताबें उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चे अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त कर पायेंगे। नई शिक्षा नीति का लाभ राज्य के बच्चों को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा में शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ स्कूल और ट्रिपल आईटी छत्तीसगढ़ में स्थापित हुए हैं। आज चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 14 मेडिकल कॉलेज हैं। एम्स जैसे राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान का लाभ लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। आज नवा रायपुर में हमने प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन किया है। ये सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश का दूसरा यूनिट है। 1143 करोड़ की लागत से इस संयंत्र की स्थापना हुई है। कम्पनी ने 10 हज़ार करोड़ के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव भी दिया है। इससे सेमीकंडक्टर चिप्स निर्माण में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी तरह नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में आज स्कवायर बिजनेस सर्विसेज को ऑफिस स्पेस आबंटित किया गया है। बिहान की बहनों को 40 बैटरी चालित ई-रिक्शा भी दिया गया है। साथ ही आज एल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट का भी हमने शुभारंभ किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की निवेशकों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। एनर्जी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में राज्य को निवेश प्राप्त हो रहा है। हम सभी को मिलकर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा समाजिक परिवर्तन की धुरी है। समाजिक परिवर्तन से आर्थिक परिवर्तन संभव है। आर्थिक परिवर्तन से ही सशक्त राष्ट्र की संकल्पनाओं को साकार किया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन को लेकर कार्य कर रही है। अभी गांवों से लेकर शहरों तक सुशासन तिहार मनाया जा रहा है। सुशासन के उद्देश्यों और आम जनमानस तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में सभी निगम-मंडल का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने इस अवसर पर नवनियुक्त राजा पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल,विधायक श्रीमती गोमती साय,विधायक मोतीलाल साहू, विधायक सुशांत शुक्ला,विधायक प्रबोध मिंज, विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा,पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल सहित निगम-मंडल-आयोग के अध्यक्षगण भूपेंद्र सवन्नी,रामप्रताप सिंह, संजय श्रीवास्तव, अनुराग सिंहदेव, लोकेश कांवड़िया, शशांक शर्मा, श्रीनिवास मद्दी , अमरजीत छाबड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा छ. ग. पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी-कर्मचारीगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की खनिज विभाग के कामकाज की समीक्षा की केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देश में एक बिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अग्रणी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने प्रदाय किया देश के पहले लिथियम ब्लॉक का कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध सामरिक महत्व के खनिजों के व्यापक अन्वेषण पर हुई सार्थक चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है। साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है। रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है। खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज को किया ऑफिस स्पेस आबंटित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सीबीडी स्थित कमर्शियल टॉवर (ब्लॉक-सी) के सातवें तल पर स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज को 33,000 वर्गफुट का पूरी तरह सुसज्जित ऑफिस स्पेस आबंटित किया। यह आधुनिक ऑफिस स्पेस 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नवा रायपुर को भारत का अगला प्रमुख आईटी हब बनाना है। आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को मिलेगा सशक्त मंच: 87% कर्मचारी गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों से संस्था में वर्तमान में 303 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 279 छत्तीसगढ़ से ही हैं। नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को भी सीधे अवसर मिला है। इनमें 161 पुरुष और 142 महिलाएं शामिल हैं। खास बात ये है कि इनमें से 87% कर्मचारी बीपीएल परिवारों से हैं और 83% आरक्षित वर्गों से आते हैं। यह कंपनी अपनी सेवाएं न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दे रही है। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त कर्मियों को सौंपे ज्वाइनिंग लेटर:नवा रायपुर से शुरू हो रही नई कार्य संस्कृति इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 नव-नियुक्त कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक ऑफिस स्पेस का आबंटन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की मजबूत शुरुआत है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भी मिला स्थान:75,000 वर्गफुट में होगी हाई-एंड आईटी गतिविधियों की स्थापना नवा रायपुर के सेक्टर-21 स्थित इसी कमर्शियल टॉवर में स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज के साथ-साथ हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी, टेलीपरफॉर्मेंस (मुंबई) और सीएसएम (भुवनेश्वर) को भी ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया गया है। इन तीनों कंपनियों को कुल मिलाकर 75,000 वर्गफुट का क्षेत्र आवंटित किया गया है, जिससे अनुमानित 1500 से 1800 रोजगार अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर: अब सिर्फ राजधानी नहीं, तकनीक का गढ़:रोजगार, समानता और प्रगति का नया त्रिकोण इस बहुआयामी पहल को नवा रायपुर को आधुनिक आईटी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह पहल राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने और तकनीकी उन्नति की दिशा में निर्णायक कदम है। इस कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद तथा एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि आईटी और सर्विस सेक्टर की कंपनियों के आने से छत्तीसगढ़ की पहचान बदल रही है। छत्तीसगढ़ अब  टेक्नोलॉजी, नवाचार और सेवा क्षेत्र का भी एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।

हाईकोर्ट ने कहा है सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती

रायपुर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार किसी कर्मचारी की पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट को बिना कानूनी प्रावधान के नहीं ले सकती। यह फैसला जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की बेंच ने दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार इसे ‘प्रशासनिक निर्देशों’ के नाम पर भी नहीं ले सकती। कोर्ट ने यह फैसला राजकुमार गोनेकर नाम के एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। पेंशन कोई दान नहीं जस्टिस गुरु ने अपने फैसले में कहा कि ग्रेच्युटी और पेंशन कोई दान नहीं हैं। कर्मचारी इन्हें अपनी लंबी, लगातार, वफादार और बेदाग सेवा से कमाता है। यह एक कर्मचारी का हक है और यह उसकी संपत्ति है। वहीं, जस्टिस गुरु ने संविधान के अनुच्छेद 300-A का हवाला देते हुए कहा कि संपत्ति के इस अधिकार को कानून के उचित प्रक्रिया के बिना नहीं छीना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का पेंशन, ग्रेच्युटी या लीव एनकैशमेंट का हिस्सा बिना किसी कानूनी प्रावधान के और प्रशासनिक निर्देश के तहत लेने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है। वसूली के आदेश को रद्द कर दिया इसके साथ ही कोर्ट ने यह फैसला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले राजकुमार गोनेकर के मामले में दिया। गोनेकर की पेंशन से 9.2 लाख रुपए की वसूली के आदेश को कोर्ट ने रद्द कर दिया। गोनेकर के वकील ने कोर्ट को बताया कि गोनेकर को 29 मार्च 1990 को सहायक निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में 2000 में उन्हें उप निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया। हालांकि, ग्रेडेशन लिस्ट में कुछ सुधारों के कारण, उन्हें सहायक निदेशक के पद पर पदावनत कर दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद, उन्होंने उप निदेशक के रूप में काम किया और 31 जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त हो गए। गबन का लगा था आरोप अपनी सेवा के दौरान, गोनेकर को गबन के आरोप का नोटिस मिला। उन्होंने अपने जवाब में आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कानून के अनुसार काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद, 13 दिसंबर 2018 को उन्हें एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 25 जनवरी 2019 को अपना जवाब दाखिल किया और फिर से आरोपों का खंडन किया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि गोनेकर की पेंशन से 9.23 लाख रुपए की वसूली का आदेश इन तथ्यों पर ठीक से विचार किए बिना और उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित किया गया था। राज्य ने इसका विरोध किया और कहा कि प्रक्रिया का पालन किया गया था। राज्य ने यह भी कहा कि गोनेकर का जवाब मिलने और सरकार द्वारा राशि वसूलने की अनुमति दिए जाने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। HC ने कहा कि मूल याचिकाकर्ता, गोनेकर की मृत्यु 20 जून 2024 को हो गई थी। इसके बाद उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को याचिका में शामिल किया गया। राज्यपाल के पास है अधिकार कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 9 का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि राज्यपाल के पास पेंशन रोकने या वापस लेने या सरकार को हुए नुकसान की वसूली का आदेश देने का अधिकार है। यह तब हो सकता है जब पेंशनर को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में गंभीर कदाचार या लापरवाही का दोषी पाया जाए। कोर्ट ने पहले के फैसलों का उल्लेख किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पेंशन में कटौती करने से पहले सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया था। यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करता है। HC ने निष्कर्ष निकाला कि नियम 9 के अनुसार, पेंशन से वसूली का आदेश तभी दिया जा सकता है जब कर्मचारी को विभागीय या न्यायिक कार्यवाही में दोषी पाया जाए। गोनेकर को दोषी पाए जाने का कोई सबूत नहीं था। केवल कारण बताओ नोटिस और उनके जवाब थे। इसलिए, वसूली के आदेश को सही नहीं ठहराया जा सकता। 45 दिनों के भीतर राशि लौटाने के निर्देश कोर्ट ने आदेश दिया कि गोनेकर की पेंशन से काटी गई राशि 45 दिनों के भीतर उनके कानूनी उत्तराधिकारियों को वापस कर दी जाए।

पूर्व मंत्री कवासी लखमा की 14 दिन की न्यायिक रिमांड बढ़ी, 25 अप्रैल तक रहेंगे जेल में

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को आज EOW की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. अब कवासी लखमा 25 अप्रैल तक जेल में रहेंगे. 21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनसे दो बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी. गिरफ्तारी के 7 दिन बाद कवासी लखमा को पहले ED ने 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी. उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी. क्या है शराब घोटाला? तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था. ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. ED ने कोर्ट में 3,841 पन्नों की चार्जशीट की पेश गौरतलब है कि 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया है.

केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है। श्री साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है। श्री रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है। खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा ईको टूरिज्म और जामुल में किन्नू गार्डन के प्रकल्प इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि खनिज विकास निधि से प्रदेश के खनिज बाहुल्य अंदरूनी क्षेत्रों में रेल पथ निर्माण हेतु 720 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं परिवहन ढांचे को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से 33 जिलों में 15 हजार करोड़ से अधिक की राशि से खनन प्रभावित क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने सौंपे लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर … Read more

‘झरिया’ एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर अटल नगर के पचेड़ा में ‘झरिया’ एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट का शुभारंभ किया। इस प्लांट का संचालन पचेड़ा, अभनपुर के शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने समूह की दीदियों से बातचीत की और एल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट संबंधी जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर प्लांट के एल्कलाइन पेयजल का स्वाद भी चखा और कहा कि एल्कलाइन जल शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर यूनिट के संचालन को मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने झरिया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल भी लॉन्च किया। यह ऐप लोगों को ऑनलाइन एल्कलाइन पेयजल की मांग करने की सुविधा देगा। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त सहयोग से इस प्लांट की स्थापना की गई है। इस प्लांट में समूह की दस महिलाएं प्लांट का संचालन कर रही हैं। बिहान टीम द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन एवं समन्वय स्थापित कर उन्हें आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह प्लांट पूर्णतः आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जिसमें प्रोसेसिंग से लेकर पैकेजिंग तक की सभी व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की गई हैं। संयंत्र में नवीनतम मशीनों से युक्त दो प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं, जो जल की शुद्धता और एल्कलाइन स्तर की निरंतर जांच एवं नियंत्रण सुनिश्चित करती हैं। इस संयंत्र से रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को उच्च गुणवत्ता युक्त एल्कलाइन जल की सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। इस प्लांट में बिहान की लगभग 10 महिलाएं सतत स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उन्हें ‘लखपती दीदी’ के लक्ष्य की ओर बढ़ने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा।  एल्कलाइन पानी के सेवन से शरीर का पीएच स्तर संतुलित रहता है।एल्कलाइन पानी से हाइड्रेशन बेहतर होता है, वजन नियंत्रित रहता है, हड्डियाँ मजबूत होती हैं और शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है। इसके साथ ही यह त्वचा की सेहत में सुधार लाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है। समूह की दीदियों ने बताया कि इस संयंत्र से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर 500 एमएल की काँच की बोतलों में आपूर्ति की जाएगी। काँच की बोतलों से ड्रिंकिंग वॉटर आपूर्ति से प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरणीय संतुलन बेहतर होगा और प्लास्टिक जनित दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, नवा रायपुर क्षेत्र को ‘नो प्लास्टिक जोन’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल होगी। यह पैकेज्ड ड्रिंकिंग पेयजल की आपूर्ति सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में माँग अनुसार की जाएगी। समूह की अध्यक्ष पूनम बारले ने मुख्यमंत्री साय को  बताया कि आज पहले दिन ही उन्हें भारतीय प्रबंध संस्थान नवा रायपुर से 200 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की माँग प्राप्त हुई है, जिसे समूह की महिलाएं स्वयं ई-रिक्शा के माध्यम से पहुँचा रही हैं। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, आरंग विधायक खुशवंत साहेब, उद्योग सचिव रजत कुमार, एनआरडीए सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल तथा सीईओ जिला पंचायत कुमार विश्वरंजन उपस्थित थे।

दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बस ने सिग्नल पर खड़ी बाइकों को मारी ठोकर, एक की मौत, तीन लोग घायल

कोंडागांव जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ब्रेक फेल होने से तेज रफ्तार बस ने कोंडागांव में ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी बाइकों और पैदल यात्रियों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक बाइक सवार युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और चालक ने ट्रैफिक सिग्नल की पूरी तरह अनदेखी की। हादसे के बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस शिनाख्ती में जुटी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक नियमों की कड़ी निगरानी हो और दोषी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।

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