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छत्तीसगढ़ में पुष्पा-2 के इस किरदार का विरोध, रीराम सेना के अध्यक्ष ने गृह मंत्री को लिखा पत्र, जाने क्या है मामला

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। फिल्म के रिलीज होने के बाद इसमें दिखाए गए कई दृश्यों, शब्दों और किरदारों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। इस बीच अब छत्तीसगढ़ में फिल्म में दिखाए गए एक सीन को लेकर श्रीराम सेना के अध्यक्ष महर्षि गौतम ने आपत्ति जताते हुए इसे पुलिस का अपमान बताया है और गृह मंत्री अमित शाह से सेंसर बोर्ड, फिल्म डायरेक्टर और अभिनेता अल्लू अर्जुन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन पत्र सौंपा है। बता दें कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रहने वाले श्रीराम सेना के अध्यक्ष महर्षि गौतम ने गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि फिल्म पुष्पा-2 में एक IPS अधिकारी को बहुत ही गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो कि IPS जैसे पद की गरिमा और उनकी छवि को धूमिल कर रहा है। यही नहीं, फिल्म में IPS अधिकारी को स्विमिंग पूल में गिराकर उसमें पेशाब करने जैसे दृश्यों का इस्तेमाल किया गया है, जो कि बेहद आपत्तिजनक है। श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने दी ये चेतावनी गृह मंत्री से शिकायत करते हुए श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने मांग की है कि सेंसर बोर्ड और फिल्म के हीरो व डायरेक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस संबंध में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत आवेदन दिया गया है और फिल्म के हीरो, डायरेक्टर और सेंसर बोर्ड के खिलाफ पेंड्रा थाने में तत्काल अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। श्रीराम सेना के अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी सेंसर बोर्ड को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि फिल्म के डायरेक्टर, हीरो और सेंसर बोर्ड के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया गया, तो वह न्यायालय की शरण में जाएंगे। हैदराबाद भगदड़ मामले में अल्लू की हो चुकी है गिरफ्तारी गौरतलब है कि 4 दिसंबर को वे हैदराबाद में पुष्पा-2 के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में बिना बताए पहुंचे थे। इससे वहां भीड़ जमा हुई और भगदड़ मच गई थी। एक महिला की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में अल्लू करीब 18 घंटे तक पुलिस की कस्टडी में रहे थे, जिसके बाद उन्हें रिहाई दी गई। हालांकि, इसके बावजुद अल्लू और फिल्म कास्ट को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा रहा है।

साल 2024 की अंतिम कैबिनेट बैठक कल, कई प्रस्तावों पर लिए जा सकते हैं अहम फैसले

रायपुर साय सरकार सोमवार को इस साल (2024) की आखिरी कैबिनेट बैठक करने जा रही है. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होगी, जिसमें सरकार कई अहम फैसलों पर निर्णय ले सकती है. बैठक 30 दिसंबर को दोपहर 3:30 बजे मंत्रालय में होगी. साय सरकार इस मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई प्रस्तावों पर अहम फैसला ले सकती है. मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय बता दें, 11 दिसंबर को छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो राज्य की विकासात्मक गतिविधियों और प्रशासनिक सुधारों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे. इनमें से कुछ प्रमुख निर्णयों पर नजर डालते हैं:     छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024     मंत्रिपरिषद ने द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक का प्रारूप विधानसभा में पेश करने को मंजूरी दी है.     पुलिस भर्ती में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए छूट     प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में ऊंचाई और सीने के मानकों में एक बार की छूट देने का निर्णय लिया गया है. यह छूट 2024 में होने वाली सूबेदार, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर की भर्ती प्रक्रिया में लागू होगी.     विधानसभा सदस्य वेतन और पेंशन में संशोधन     मंत्रिपरिषद ने विधानसभा सदस्य वेतन और पेंशन में संशोधन के लिए एक विधेयक 2024 के प्रारूप को मंजूरी दी, जिससे सदस्यों के वेतन, भत्तों और पेंशन में बदलाव किया जाएगा.     डेयरी उद्योग को बढ़ावा     राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए. इसका उद्देश्य दुग्ध संकलन और प्रसंस्करण में सुधार लाना है.     भू-राजस्व संहिता में संशोधन     छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जो भूमि से जुड़े कानूनों में आवश्यक बदलाव करेगा.     अनधिकृत विकास का नियमितीकरण     राज्य में अनधिकृत विकास को नियमित करने के लिए छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 को अनुमोदित किया गया.     ऑटो एक्सपो में रोड टैक्स में छूट     रायपुर में आयोजित होने वाले ऑटो एक्सपो (15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक) के दौरान वाहनों पर लाइफटाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया.     क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना     खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत कार्ययोजना को मंजूरी दी गई. इसके तहत खेल क्लबों को प्रोत्साहन, खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी.     धान खरीदी और कस्टम मिलिंग     2024-25 के खरीफ विपणन वर्ष में धान के निराकरण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इसमें अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई और कस्टम मिलिंग के लिए फोर्टिफाइड चावल की व्यवस्था की गई.     प्रोत्साहन राशि     2023-24 के लिए राइस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की पहली किश्त जारी करने का निर्णय लिया गया.     पंचायत राज और नगर पालिका में संशोधन     छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, नगर पालिक निगम अधिनियम, नगर पालिक अधिनियम और माल एवं सेवा कर (GST) के संशोधन विधेयकों के प्रारूपों को मंजूरी दी गई.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की ‘मन की बात’ में बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा

बस्तर ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का हो रहा संगम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से जताया आभार कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। श्री मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना – इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।   प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं। निश्चित ही प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

गरियाबंद में एक बड़ा हादसा टला, पैरावट में लगी आग, दमकल की तत्परता से पाया काबू

 गरियाबंद जिले के नगर पंचायत कोपरा पैरी नगर में रविवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया. किराना व्यवसायी महेश साहू के घर के बाड़ी में रखे पैरावट में अचानक आग लग गई. आग की लपटें इतनी तेज थी कि आसपास के घरों तक पहुंचने का खतरा था. हालांकि, समाजसेवी की सूझबूझ और पुलिस-दमकल विभाग की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. घटना की जानकारी सबसे पहले समाजसेवी गोरेलाल सिन्हा ने गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक राखेचा को दी. सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित थाना, फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दलों को मौके पर भेजा. दमकल की त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दो दमकल वाहन तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया. फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरी मेहनत और तत्परता के साथ स्थिति को नियंत्रित किया. नगरवासियों ने पुलिस अधीक्षक और दमकल कर्मियों की सराहना की, जिनकी तत्परता से बड़ा हादसा टल गया. नगर पंचायत की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल घटना के दौरान नगर पंचायत कोपरा के सीएमओ से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद था. बाद में पता चला कि वे नगर से बाहर थे और किसी को जानकारी दिए बिना चले गए थे. नगर में ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए किसी स्थायी या अस्थायी व्यवस्था का न होना बड़ी समस्या बन गया. नाराज नगरवासी नगरवासियों ने सीएमओ की गैरजिम्मेदारी पर नाराजगी व्यक्त की. उनका कहना है कि नगर पंचायत में आपातकालीन स्थितियों के लिए कोई तैयारी नहीं है. यह घटना नगर पंचायत की व्यवस्थाओं की पोल खोलती है. यह घटना पुलिस और फायर ब्रिगेड की सक्रियता और जनता की सूझबूझ का उदाहरण है, लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे सकती है. नगरवासियों ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की मांग की है.

दल से भटके हाथी ने गांव में जमकर मचाया उत्पात, घरों में की तोड़फोड़, धान भी किया चट

रायगढ़ जिले के होर्रोगुडा और लिबरा गांव में गजराज का आतंक देखने को मिला है. दल से भटके हाथी ने गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया है. जहां होर्रोगुडा गांव में दो घर में तोड़फोड़ करने के बाद छातासराई गांव में भी 4 घर में नुकसान पहुंचाया है. ग्रामीणों में हाथी के आतंक से ग्रामीणों ने डर में रात गुजारी है. वहीं घरों को तोड़ने के बाद हाथी लिबरा गांव के धान मंडी में भी पहुंचा. जहां गजराज ने धान के बोरों को भी चट कर दिया, साथ ही मंडी में बड़ा नुकसान पहुंचाया है. घटना लैलूंगा रेंज के धरमजयगढ़ वनमंडल की है. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है.

आरंग क्षेत्र में चूना पत्थर खदान के अपशिष्ट से महानदी को पाटने की तैयारी

आरंग आरंग क्षेत्र में अपार खनिज संपदा है. यहां रेत, मुरूम और पत्थर जैसे बहुउपयोगी खदान है. लेकिन इस समय इन खनिज संपदाओं का लगातार दोहन पर्यावरण के लिए हानिकारक हो गया है. छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी महानदी में NGT के नियमों की धज्जियां उड़ाते अवैध रेत उत्खनन के बाद अब आरंग क्षेत्र के चूना पत्थर खदान भी इसी तरह चल रहे है. ग्राम पंचायत निसदा के अंतर्गत संचालित हो रहे 15 चूना पत्थर खदान में पिछले 2 साल से पर्यावरण विभाग की बिना स्वीकृति के खदान संचालित होने की शिकायत पर्यावरण प्रेमी ग्रामीणों द्वारा की गई है. ग्रामीणों द्वारा 05 माह पूर्व इसकी शिकायत रायपुर कलेक्टर, खनिज विभाग सहित संबंधित विभागों में की गई थी लेकिन खनिज विभाग द्वारा खदान संचालकों पर जुर्माना लगाकर सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई की गई. आपको बता दे कि ग्राम निसदा में महानदी पर बैराज बना हुआ है, जिससे महासमुंद जिले और आरंग रायपुर जिले में जल आपूर्ति होती है. इसके अलावा निसदा में बड़ी संख्या में चूना पत्थर खदान और पॉलिश कारखाना है. ग्रामीणों ने बताया कि निसदा में 15 चूना पत्थर खदान है लेकिन पिछले 02 साल से बिना पर्यावरण स्वीकृति के खदान अवैध रूप से संचालित हो रहे है. खदानों के अपशिष्टों को महानदी के तट पर भंडारण किया जा रहा है. रोजाना सैकड़ों वाहन कटिंग पत्थर से महानदी को पाट रहे है जिससे ग्राम निसदा में महानदी की चौड़ाई सिमट गई है. ग्रामीणों ने कहना है कि पहले गांव में बने बैराज के सभी गेट आसानी देखा जा सकता था लेकिन लगातार चूना पत्थर खदान के मलबे से महानदी के तट को पाटने के कारण अब सिर्फ एक तरफ का गेट ही दिखाई देता है. ग्रामीणों को आशंका है कि भविष्य में इसको गंभीरता से नहीं लिया गया तो गांव में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाएगी. सभी जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत लेकिन नहीं हो रही सुनवाई गांव के पर्यावरण प्रेमी और शिकायतकर्ता ओमप्रकाश सेन ने बताया है ग्रामीणों ने महानदी की स्थिति और चूना पत्थर खदान के अवैध संचालन को लेकर तमाम जिम्मेदारों के अलावा  रायपुर संभाग आयुक्त, कलेक्टर, खनिज विभाग के संचालक सहित लगभग सभी जिम्मेदार अधिकारियों से लिखित में शिकायत की गई है. लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है. जिम्मेदार अधिकारियों के रवैए से ग्रामीणों में खासी नाराजगी है. उनकी शिकायत है कि पत्थर खदान के लिए स्वीकृत क्षेत्र से 05 गुना अधिक की जमीन पर अवैध खुदाई हो रही है जिससे गांव में पेड़ो की अंधाधुंध कटाई हुई है.जानवरों के लिए चारागाह की जमीन भी नहीं है जिससे भविष्य में संकट उत्पन्न हो सकती है.  

वित्त मंत्री ने रायगढ़ में अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक

रायपुर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि अधोसंरचना विकास को लेकर जो भी प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं उनका प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करें। सड़क, पुल पुलिया, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्कूल कॉलेज तथा अन्य दूसरे विभागों से जुड़े के कामों की रूपरेखा आने वाले 20 सालों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएं। ये प्रोजेक्ट ऐसे हों जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएं। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने शनिवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम काज की गहन समीक्षा की।        वित्त मंत्री ओपी चौधरी विभागीय अधिकारियों से उनके विभाग अंतर्गत चल रहे कार्यों और आगे की कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, सेतु, पीएमजीएसवाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन, नगर निगम, केलो परियोजना, ग्रामीण यांत्रिकी विभागों के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को प्रारंभ करने और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ इन विभागों में आगे के प्रस्तावित कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर विभाग प्रमुखों को भेजें। जिससे इन्हें बजट में शामिल किया जा सके। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए। जितने भी निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं अधिकारी इनका नियमित निरीक्षण करें। क्वालिटी मॉनिटरिंग पर सभी का फोकस होना चाहिए। समय-सीमा में काम पूरा हो इसका ध्यान रखें।  बैठक में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव, डीएफओ स्टाइलो मंडावी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

5 तस्कर चढ़े उड़नदस्ता टीम के हत्थे, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में तेंदुए-भालू के खाल और हाथी दांत की तस्करी

बलरामपुर. बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तेंदुआ और भालू के खाल और मांस की अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों को उड़ानदस्ता टीम ने गिरफ्तार किया है. इसके अलावा वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के अनुसार, बलरामपुर वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से वन्य प्राणियों के खाल और हाथी दांत की तस्करी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. इसके बाद सरगुजा उड़नदस्ता टीम ने क्षेत्र में दबिश दी और वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो हाथी दांत की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे थे. वहीं रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में भी उड़नदस्ता टीम ने तेंदुआ और भालू के चमड़े और मांस की अवैध बिक्री में लिप्त दो आरोपियों को पल्सर और स्कूटी वाहनों के साथ पकड़ा. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार (रहवासी बभनी, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) और रामबचन (रहवासी पुरानीडीह, रामानुजगंज) के रूप में हुई है. उड़नदस्ता टीम ने आरोपी तस्कर अनिल कुमार से पल्सर वाहन क्रमांक UP 64 AD 0806 और रामबचन से स्कूटी क्रमांक CG 30 E 1027 को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान : 80 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से 65 का एक्स-रे किया गया

महासमुंद, समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की गंभीर बीमारियों की पहचान और उनका उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महासमुंद जिले में ‘निक्षय निरामय छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह 100 दिवसीय अभियान 7 दिसंबर 2024 से शुरू होकर 24 मार्च 2025 तक चार चरणों में संचालित किया जाएगा।   अभियान का उद्देश्य टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग और वृद्धजनों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करना और उनका समुचित इलाज सुनिश्चित करना है। अभियान का संचालन कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. कुदेशिया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को अभियान के तहत जिला जेल महासमुंद में विचाराधीन बंदियों का टीबी स्क्रीनिंग किया गया। इस दौरान कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई अत्याधुनिक मशीन का उपयोग किया गया। कुल 80 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 65 का एक्स-रे किया गया।   इस अभियान के तहत महासमुंद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर और जरूरतमंद तबकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि समुदाय के हर वर्ग को इस अभियान से लाभान्वित किया जाए। निक्षय निरामय छत्तीसगढ़’ अभियान छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और समाज के हर व्यक्ति को स्वस्थ जीवन का अधिकार प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

पांच हादसों में 6 की मौत, छत्तीसगढ़-30 यात्रियों से भरी बस खड़े ट्रक से टकराई और ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंदा

रायपुर. रविवार की शुरूआत छत्तीसगढ़ में हादसों से भरा रहा. अलग-अलग सड़क हादसों में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई. ये हादसे रायगढ़-जशपुर के बीच, बिलासपुर, बालोद और दुर्ग में हुए है. जशपुर जिले में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है. दरअसल, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को रौंद दिया. इस दुर्घटना में पति की मौत हो गई. वहीं पत्नी घायल हुई है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. हादसे के बाद घायल महिला को कुनकुरी अस्पलात ले जाया गया है. घटना नारायणपुर थाने के मटासी गांव की है. रायगढ़ से जशपुर जा रही यात्री बस हादसे का शिकार – इधर रायगढ़ से जशपुर जा रही यात्री बस हादसे का शिकार हो गई. आज सुबह 8 बजे के करीब यात्रियों को लेकर जा रही बस खड़े ट्रक से टकरा गई. महिला यात्री की बस के चक्के के चपेट में आने से मौत हो गई. वहीं कई यात्री घायल हुए हैं. मौके पर पहुंची पूंजीपथरा थाना पुलिस ने बस को जप्त कर लिया है. चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे. अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को कुचला – न्यायधानी बिलासपुर में अज्ञात वाहन ने स्कूटी सवार महिला को कुचला दिया. हादसे में महिला की  मौके पर ही मौत हो गई. घटना तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदन की है. पुलिस जांच में जुट गई है. ट्रैक्टर-ट्रॉली में दबकर चालक की मौत – बालोद जिले के मुड़गहन गांव में एक व्यक्ति की ट्रैक्टर-ट्रॉली में दबने से मौत हो गई. लकड़ी ठेकेदार के पास लकड़ी काटने का काम करने वाला हेमलाल साहू मुड़गहन से सालहेभाट की ओर जा रहा था. इस दौरान चालक ट्रैक्टर इंजन से गिर पड़ा और पहिए के नीचे दबने से उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मर्ग कायम कर ट्रैक्टर वाहन को जप्त कर कार्रवाई में जुट गई है. पेड़ से कार टकराने के बाद जलकर खाक – दुर्ग जिले के मेडेसरा पॉवर ग्रिड के पास एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई. बताया जा रहा है कि चार लोग कार में सवार होकर दुर्ग से धमधा की तरफ जा रहे थे. इस दौरान कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई. आसपास मौजूद लोगों ने कार के अंदर से चारों लोगों को बाहर निकाला. जिसके बाद डायल 112 को इसकी सूचना दी गई. सभी घायलों को दुर्ग जिला अस्पताल पहुंचाया गया. जहां कार चालक अमित ताम्रकार (30 साल) और उसके बगल बैठे आदित्य कसेर (33 साल) की मौत हो गई. वहीं उसके साथी अनीश ताम्रकार और सुधांशु ताम्रकार को गंभीर हालत के चलते भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य हॉस्पिटल रेफर किया गया. दोनों  की हालत गंभीर बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 11:25 बजे तेज रफ्तार कार क्रमांक CG 07 BK 7387 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. जिससे कार आग लगने से खाक हो गई. आग इतनी भीषण थी कि पेड़ भी जलकर खाक हो गई।

एक की मौत और दूसरा घायल, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को मारी टक्कर

जगदलपुर। परपा थाना क्षेत्र के ग्राम कोरपाल हाइवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस जाम को खुलाने में जुट गई, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस की बातों को भी मानने से इनकार कर दिए। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात को बाइक सवार कोरपाल हाइवे से जा रहे थे, लेकिन अचानक विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक चालक ने बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में जहां एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तत्काल बाद ही ग्रामीणों ने हाइवे में जाम लगा दिया।ग्रामीण की मौत की खबर लगते ही परपा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। पुलिस की समझाइश के बाद भी ग्रामीण अपनी बातों में अड़े रहे। घायल को जहां डायल 112 की मदद से मेकाज ले जाया गया। देर रात शव को भी मेकाज के पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। वहीं, मृतक व घायल की शिनाख्त नही हो पाई है। पुलिस इस मामले में आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए युवकों की शिनाख्त में जुट गई है।

कवासी लखमा को हर महीने मिलते थे 50 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-ED की ECIR में किया दावा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हुआ शराब घोटाला काफी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों पर है. इस मामले में शनिवार को भी पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई अन्य के खिलाफ ईडी ने दबिश देकर कार्रवाई की. सूत्रों से खबर है कि ईडी ने अपनी ECIR में दावा किया है कि घोटाले में बतौर कमीशन हर महीने 50 लाख रुपए पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी मिलते थे. हालांकि, कवासी लखमा ने हर महीने कमीशन मिलने की बात से इनकार किया है. इस घोटाले में अन्य नेताओं और अफसरों का भी नाम सामने आया है. आपको बता दें कि ईडी ने अब तक इस मामले में करीब 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. वहीं कवासी लखमा ने अब खुद अपने आप को अनपढ़ बता दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्व के लिहाज से सबसे अहम आबकारी विभाग से जुड़े तमाम काम क्या कवासी लखमा खुद या उनकी आड़ में कोई और करते थे ?

दो लोगों की मौके पर मौत और दो गंभीर, छत्तीसगढ़-दुर्ग में तेज रफ्तार कार के पेड़ से टकराने से लगी आग

दुर्ग। दुर्ग के नंदिनी थाना क्षेत्र के ग्राम मेडेसरा पॉवर ग्रिड के पास एक तेज रफ्तार कार अचानक सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। इस घटना में मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई वहीं दो लोग हालत गंभीर बताई जा रही है। पेड़ से टकराने के बाद कार में आग लग गई और आग से कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि कार दुर्ग से धमधा की ओर जा रहा था इसी दौरान मेडेसरा के पास सड़क किनारे पेड़ से टकराई। जिसके मौके पर दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, पीछे बैठे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  कार में चार लोग दुर्ग से धमधा की तरफ जा रहे थे। मेडेसरा के पास बने पावर ग्रिड के पास कार पहुंची कि अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। कार काफी तेज रफ्तार में थी और जैसे ही पेड़ से टकराई उसमें आग लग गई। कार टकराने से कार चालक अमित ताम्रकार (30 साल) निवासी वार्ड 12 तमेरपारा दुर्ग और आदित्य कसेर (33 साल) निवासी वार्ड 13 धमधा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार के पीछे बैठे उनके साथी अनीश ताम्रकार और सुधांशु ताम्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर कार के अंदर से चारों लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस सभी लोगों को दुर्ग अस्पताल लेकर आई। जहां डॉक्टरों ने अमित और आदित्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं,  उसके साथी अनीश और सुधांशु को गंभीर हालत के चलते भिलाई निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार में आग इतनी भीषण लगी थी कि उससे कार तो पूरी तरह से जल ही गई साथ ही पूरा का पूरा पेड़ भी जलकर खाक हो गया। पुलिस ने इस मामले की जांच में जुट गई है।

अंडर ब्रिज की मांग के लिए वन परिक्षेत्राधिकारी का घेराव, छत्तीसगढ़-कोरबा में ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

कोरबा। कोरबा चांपा निर्माणाधीन नेशनल हाईवे 149 में बरपाली चौक पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया है। बरपाली गांव के महिलाओं ने हाथ में रस्सी लेकर सड़क पर खड़ी हो गई है। नेशनल हाइव के नीचे से अंडर ब्रिज मार्ग की मांग कर रहे है। सैकड़ों महिलाओं ने चक्काजाम किया है। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतार लग गई है इस जाम में  यात्री गाड़ी भारी वाहनों के अलावा चारपहिया और बाइक सवार फंसे हुए है। सड़क के दोनों तरफ भारी वाहनों की लंबी कथा लगने की वजह से लोग काफी परेशान है सुबह से ही महिलाएं आंदोलन पर है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें सड़क पार करने काफी दूरी तय करना पड़ेगा वहीं अंडर ब्रिज मार्ग नहीं होने से हादसे भी हो सकते हैं। पुष्पा भाई ने बताया कि बरपाली की निवासी है और इस नेशनल हाईवे के बनने के बाद से उन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा सड़क के उसे तरफ उसका घर है और नेशनल हाईवे बनने के बाद उसे स्टेशन बाजार और उप स्वास्थ्य केंद्र के अलावा निस्तार के लिए तालाब भी जाना होता है और अंडर ब्रिज का निर्माण नहीं होने के कारण उन्हें काफी लंबी दूरी तय कर जाना पड़ेगा जिससे भविष्य में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है इन बातों को लेकर आज वह सड़क पर उतरी हुई है। वहीं ग्रामीण भगवती यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे बनते समय उन्हें लगा कि एक नीचे से रास्ता होगा लेकिन नहीं होने के कारण उन्हें भविष्य में कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा इन सब बातों को लेकर गांव के सभी महिलाएं आज चक्का जाम कर अपनी मांग शासन प्रशासन के सामने रख रहे हैं। वहीं इसकी सूचना उरगा थाना पुलिस को दी गई जहां मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी यहां नहीं पहुंचेंगे और उनकी बातें अगर नहीं मानी गई तब तक वह चक्काजाम पर बैठे रहेंगे।

बिना नोटिस अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर लगे रोक, छत्तीसगढ़-बीजापुर में सर्व आदिवासी समाज की मांग

बीजापुर। बीजापुर में बिना नोटिस के आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासी विकास परियोजना प्रशासक और बीजापुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि बीते दिनों समाचार माध्यमों से ज्ञात हुआ है कि जिले के चिन्नाकोड़ेपाल और दुगईगुड़ा पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षकों को अव्यवस्थाओं के लिए दोषी मानते हुए एक तरफा कार्रवाई की गई है जोकि न्याय संगत नहीं है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों से बिना उनका पक्ष जाने और चेतावनी, नोटिस के बिना वेतन वृद्धि रोके जाने जैसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाते हुए ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि यहां के आम जन मानस के समस्याओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान में सहभागी बनेंगे। इसके साथ ही जिले में अधिकारी कर्मचारी निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जग्गूराम तेलामी ने कहा कि  बिना नोटिस आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर रोक नहीं लगने की स्थिति में सड़क की लड़ाई के लिए समाज मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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