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छत्तीसगढ़ को झारखंड जोड़ेने 312 मीटर लंबा पुल बनाया जा रहा

रायपुर छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच बहने वाली कन्हर नदी पर 312 मीटर लंबा नया पुल बनाया जा रहा है, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी. क्योंकि इस पुल के बनने से 20 गांव के लोगों आने-जाने में आसानी होगी. बताया जा रहा है कि पुल का 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है, जबकि 50 प्रतिशत काम बचा हुआ है. जिसके अगले चार महीने में पूरे होने की उम्मीद की जा रही है. छत्तीसगढ़ के यह 20 गांव झारखंड की सीमा पर बने हुए हैं, ऐसे में यहां के लोगों को झारखंड जाना पड़ता है, यही वजह है कि लंबे समय से यहां पुल की मांग की जा रही थी. ऐसे में पुल बनने से यहां के लोगों की राह आसान होगी. छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ेगा यह पुल कन्हर नदी पर बनने वाला पुल छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा को जोड़ेगा, क्योंकि नदी दोनों राज्यों में बहती है, ऐसे में अब तक इन 20 गांव के लोगों को झारखंड जाने के लिए 100 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन पुल के बन जाने से यह सफर कम हो जाएगा, क्योंकि 55 किलोमीटर की दूरी घट जाएगी. अभी सभी लोग सड़क मार्ग के जरिए धौली से गढ़वा जाते थे, लेकिन पुल बन जाने के बाद यह रास्ता सीधा हो जाएगा, जिससे सफर आसान हो जाएगा. वहीं सनावल क्षेत्र के लोगों को भी उटारी जाने के लिए 70 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन पुल के बाद यह दूरी घटकर महज 35 किलोमीटर हो जाएगी. बता दें कि झारखंड की सीमा पर बसे छत्तीसगढ़ के 20 गांव के करीब 40 लाख लोगों को इलाज, खरीददारी और जरूरी कामों के लिए झारखंड जाना आसान होता था, लेकिन कन्हर नदी पर पुल नहीं होने की वजह से परेशानी होती थी, लेकिन अब यह समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाएगी, बता दें कि इस पुल को बनाने में 15.20 करोड़ रुपए की लागत आ रही है. दोनों राज्यों के बीच बन रहे इस पुल की सीमा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में आएगा, जबकि झारखंड के गढ़वा जिले में आएगा. 8.4 मीटर चौड़े पुल में 5 पियर और 1 अबटमेंट बन चुका है, जबकि सात पियर और एक अबटमेंट का काम चल रहा है, जैसे ही इसका काम पूरा होगा तो फिर इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा. जो आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

एनआरडीए ने दी 142 एकड़ जमीन, छत्तीसगढ़-नवा रायपुर में बनेगा पहला फार्मास्युटिकल पार्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेंट्रल इंडिया का नया फार्मास्युटिकल हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। फार्मास्युटिकल पार्क से नए अनुसंधान, विकास और अंतर्राष्ट्रीय निवेश में वृद्धि के लिये नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) की ओर से सेक्टर 22 ग्राम तूता में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना के लिए 141.84 एकड़ भूमि आबंटित की गई है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ ही फार्मास्युटिकल क्षेत्र को भी बढ़ावा दे रही है। राज्य में चिकित्सा क्षेत्र में प्रभावी इको सिस्टम तैयार करने की लगातार पहल की जा रही है। छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाना है तो स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ और जनोन्मुख बनाना जरूरी है। फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना इसी की एक कड़ी है। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति में भी फार्मास्युटिकल क्षेत्र के उद्योगों को कई अनेक सुविधाएं और रियायतें दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेश में वृद्धि होने के साथ ही फार्मास्युटिकल क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होने के साथ ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। फार्मास्युटिकल पार्क की स्थापना से घरेलू एवं वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवा उत्पादों की बढ़ती मांग को हम आसानी से पूराकर पाएँगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से राज्य के 77 लाख 20 हजार परिवारों को 5 लाख रूपए तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है जिसे आने वाले समय में 10 लाख रूपए तक किए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत विशेष स्थितियों में इलाज के लिए 25 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वित्त मंत्री ओपी धरी ने बताया कि फार्मास्युटिकल पार्क में आयुष उत्पादों में विशेषज्ञता वाली फार्मास्युटिकल इकाइयों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पार्क फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स और एक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) सहित आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होगा। अनुसंधान और विकास केंद्र और परीक्षण प्रयोगशाला जैसी आवश्यक सेवाएं भी इसमें शामिल रहेंगी। बता दें कि राज्य में फार्मास्युटिकल सेक्टर में वृहद उद्यम के लिये परियोजना में स्थायी पूंजी निवेश की मदों पर निवेश होने वाली राशि के 100 प्रतिशत तक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। फार्मास्युटिकल इकाईयों को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से लेकर 12 वर्ष तक भुगतान किये गए नेट एसजीएसटी अधिकतम स्थायी पूंजी निवेश के 100 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति किए जाने अथवा स्थायी पूंजी निवेश अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। 50 करोड़ से अधिक किन्तु 200 करोड़ रूपए से कम पूंजी निवेश पर अनुदान की अधिकतम राशि 60 करोड़ रूपए, 200 करोड़ से अधिक किन्तु 500 करोड़ रूपए से कम के पूंजी निवेश 150 करोड़ रूपए का अनुदार तथा 500 करोड़ रूपए से अधिक पूंजी निवेश अधिकतम 300 करोड़ रूपए का अनुदान दिए जाने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। फार्मास्युटिकल ईकाईयों को 12 वर्ष तक विद्युत शुल्क में छुट, स्टाम्प शुल्क से छुट, पंजीयन शुल्क एवं नवीन विद्युत कनेक्शन पर देय शुल्क में 50 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति सहित अन्य कई रियायतें दिए जाने का प्रावधान छत्तीसगढ़ सरकार की नवीन औद्योगिक नीति में किया गया है।

सीआरपीएफ कैम्प में हमला समेत कई घटनाओं में शामिल, छत्तीसगढ़-बीजापुर में एक लाख के इनामी सहित तीन नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर। बीजापुर में पामेड़ थाना व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी ने हत्या ,अपहरण, लूट व सीआरपीएफ कैम्प में हमला करने की घटना शामिल एक लाख के ईनामी डीकेएमएस अध्यक्ष सहित तीन नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में संचालित नक्सल विरोधी अभियान के तहत पामेड़ थाना व सीआरपीएफ 151 बटालियन की टीम धर्मारम व जीडपल्ली की ओर निकली थी। अभियान के दौरान टीम ने जिड़पल्ली से एक लाख के ईनामी डीकेएमएस अध्यक्ष रामबाबू पुनेम पिता समैया उम्र 25 निवासी धरमारम , मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर लखमा मड़कामी पिता मंगरु उम्र 35 निवासी जिड़पल्ली व मिलिशिया कमाण्डर हड़मा माड़वी पिता भुसका उम्र 37 निवासी इंकाल थाना पामेड़ को पकड़ा है। पकड़े गए नक्सली सात अगस्त 2024 को ग्राम बड़शनपाल के ग्रामीण के अपहरण हत्या व लूट की घटना व चिंतावागु सीआरपीएफ कैम्प पर हमले की घटना में शामिल थे। पकड़े गए नक्सलियों के विरुद्ध पामेड़ थाना में वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायिक रिमांड पर जेएमएफसी न्ययालय के समक्ष पेश किया गया है।

मंच और यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत कराने देंगे 5 लाख रुपए, छत्तीसगढ़-डिप्टी सीएम साव ने चौपाल निपटाईं ग्रामीणों की समस्याएं

रायपुर/लोरमी। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के वनांचल के गांवों में जन चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान भी किया। इस दौरान अचानकमार में ग्रामीणों की मांग पर दुर्गा मंच और यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने सर्दी में ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों को शॉल भी बांटे। उप मुख्यमंत्री साव ने अचानकमार के पूर्व माध्यमिक शाला में लगाई गई चौपाल में अचानकमार के साथ ही आश्रित गांवों सारसडोर, दावनखोर और सिवनखार के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। उन्होंने छपरवा और बिंदावल में भी चौपाल लगाकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी ली। ग्रामीणों से मुलाकात के दौरान कहा कि मैं आपके परिवार का सदस्य हूं और आपके पास सुख-दुःख बांटने आया हूं। आप लोगों की समस्या मेरी समस्या है, और उन्हें हल करना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विगत 25 नवम्बर को जकरबांधा में मैंने अपने हजारों परिवारजनों के बीच अपना जन्मदिन मनाया था। इस दौरान लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए थे। उप मुख्यमंत्री ने दावा करते हुए ग्रामीणों से कहा कि विष्णुदेव साय सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की सभी प्रमुख गारंटी पूरी की है। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को 10 किस्त में 10 हजार रुपए दे दिए हैं। इस राशि का उपयोग परिवार के कल्याण के लिए करना है। उन्होंने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए राशि का सदुपयोग करने को कहा ताकि वे पढ़ लिखकर तरक्की कर सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए में खरीद रही है। तेंदूपत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए में खरीद रही है। उनके लिए चरण पादुका योजना फिर से शुरू कर रही है।

निकाय चुनाव सहित योजनाओं पर मंत्रियों से करेंगे चर्चा, छत्तीसगढ़-विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय आज सोमवार को कैबिनेट की बैठक लेंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसंबर को दोपहर साढ़े तीन बजे से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई है। इसमें छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव 2025 समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही सीएम साय अपने मंत्रियों के साथ कई अहम मुद्दों और भावी योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इससे पूर्व पिछली कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के नगर पालिक निगमों के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बैठक में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 (संशोधन) अध्यादेश, 2024 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 (संशोधन) अध्यादेश 2024 (प्रत्यक्ष निर्वाचन एवं आरक्षण संबंधित प्रावधान) की विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने के संबंध में अध्यादेश 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पिछली कैबिनेट बैठक के अहम फैसले- अविभाजित मध्य प्रदेश राज्य में 1999 के पूर्व नगर पालिक निगमों में महापौर तथा नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होता था। भूपेश सरकार ने नगरीय निकायों के महापौर और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन को अप्रत्यक्ष रीति से कराए जाने का निर्णय लिया था, जिसकी अधिसूचना का प्रकाशन राजपत्र में 12 दिसम्बर 2019 को किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्संख्यक विभाग द्वारा मंत्रालय की ओर से त्रिस्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर अन्य पिछड़ा वर्ग की संख्या के अनुपात में 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिकतम सीमा तक आरक्षण के प्रावधान की स्वीकृति   पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के प्रतिवेदन में प्राप्त अनुशंसा के अनुसार दी गई है।  1. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण संबंधी प्रावधानों में संशोधन किए जाने के लिये विभिन्न धाराओं में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया। 2.  मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वितरण के लिये नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक चना उपार्जन, छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत राज्य के सभी अनुसूचित विकासखण्डों एवं मॉडा पैकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय तथा प्राथमिकता वाले राशन कार्डधारियों को प्रतिमाह 5 रूपए किलो की दर से 2 किलो चना प्रदाय किया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चना वितरण योजना के तहत 30 लाख 22 हजार परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। राज्य को चना वितरण के लिए प्रति माह 6046 टन तथा प्रति वर्ष 72 हजार 52 टन चना की जरूरत होती है। चना का उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की चना वितरण योजना के माध्यम से हितग्राहियों को उच्च क्वालिटी का चना प्रदाय किया जा सके, इसके लिए मंत्रिपरिषद ने नागरिक आपूर्ति निगम को छमडस् ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाने की अनुमति दी गई। 3. पर्यटन को उद्योग का दर्जा – बैठक में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा  और  योजनाबद्ध विकास के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत पर्यटन, मनोरंजन एवं अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर में शामिल के अलावा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में पर्यटन परियोजनाओं हेतु निर्धारित न्यूनतम स्थायी पूंजी निवेश किए जाने पर सामान्य उद्योगों की भांति अनुदान/छूट/रियायत का प्रावधान किया गया है। 4. पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से प्रदेश में साहसिक, जल पर्यटन, मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म, पर्यटन की इकाईयों, लैंड बैंक में निजी निवेश को आकर्षित एवं प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इससे स्टेक होल्डर प्रोत्साहित होंगे। पर्यटन संबंधी अधोसंरचना का विकास होगा। पर्यटन से संबंधित पूंजी निवेश बढ़ेगा। राज्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के अनुकूल सुख-सुविधाओं का विकास होगा। राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे।

बैरक में पड़ी थी लाश, छत्तीसगढ़-रायपुर में PHQ की बटालियन के कंपनी कमांडर ने खुद को मारी गोली

रायपुर। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ( पीएचक्यू ) में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि इंस्पेक्टर बटालियन का अफसर था और पीएचक्यू में ड्यूटी कर रहा था। घटना नवा रायपुर के राखी थाना क्षेत्र की है। बताया जाता है कि ऑफिसर कंपनी कमांडर के पद पर 22वीं बटालियन में पदस्थ था। घटना की सूचना पर पुलिस महकमे के ऑफिसर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। फिलहाल,कंपनी कमांडर ने खुद को गोली मारकर सुसाइड क्यों की ?, इसके बारे में अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। मृतक इंस्पेक्टर अनिल सिंह दुर्ग जिले का निवासी था और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 14वीं बटालियन में कंपनी कमांडर के पद पर पदस्थ था। पीएचक्यू के गेट नं-3 में सुरक्षा में उसकी ड्यूटी लगी थी। उन्होंने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। आवाज सुनते ही आसपास के पुलिसकर्मी पहुंचे। मौके पर आला अधिकारी भी पहुंचे। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

मुनाफे के लालच में फंसे लोग: सैनलुकर कंपनी ने हजारों को ठगी का शिकार बनाया, अब एसपी से कार्रवाई की कर रहे मांग

बैकुंठपुर/कोरिया कोरिया जिले में सैनलुकर कंपनी द्वारा सैकड़ों लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। यह कंपनी लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऐप के माध्यम से पैसे निवेश करवाती थी। शुरुआत में कंपनी निवेशकों को उनके पैसे लौटाती रही, जिससे लोग कंपनी पर भरोसा करते गए और बड़े पैमाने पर निवेश किया। कंपनी की कथित मालिक कैथरीन ने कुछ दिन पहले अचानक कंपनी और उसका ऐप बंद कर दिया। इसके बाद से निवेशक परेशान हैं और अपने डूबे हुए पैसे वापस पाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ितों ने बैकुंठपुर थाने और एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कंपनी और उसकी मालिक कैथरीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में कंपनी ने उनके द्वारा लगाए गए पैसे वापस किए, जिससे उनमें विश्वास बढ़ा। इसके बाद लोगों ने कंपनी के ऐप में दिए गए बारकोड के माध्यम से लगातार पैसे जमा किए। लेकिन बीते 15 दिन पहले कंपनी और उसका ऐप बंद हो गए, जिससे हजारों निवेशकों का पैसा फंस गया। ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि कंपनी ने एक सुनियोजित तरीके से यह जाल बिछाया। पहले उन्हें नियमित रूप से पैसे लौटाए गए, फिर अचानक कंपनी गायब हो गई। अब लोग अपने पैसे की वापसी के लिए बैकुंठपुर थाने और एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन से पीड़ितों की मांग है कि जल्द से जल्द कंपनी की मालिक कैथरीन को गिरफ्तार किया जाए और उनके डूबे हुए पैसे वापस दिलाए जाएं। इस मामले ने जिले में सनसनी फैला दी है, और ठगी के शिकार लोग न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप, चिकित्सक किरन वर्मा करेंगी बॉडी स्कैनिंग टेस्ट

मनेद्रगढ़/एमसीबी स्वस्थ जीवन शैली एवं नियमित दिनचर्या से लंबे समय तक स्वस्थ शरीर एवं प्रफुल्लित मन प्राप्त किया जा सकता है। इसी पृष्ठभूमि पर आधारित स्वस्थ जीवन शैली के लिए निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर योग प्रांगण में नए वर्ष के उपलक्ष में 1 जनवरी को प्रातः 6:30 बजे से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से स्वस्थ जीवन शैली के लिए समर्पित सुप्रसिद्ध चिकित्सक किरण वर्मा द्वारा पतंजलि योग समिति के माध्यम से निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में बॉडी कंपोजिशन के अतिरिक्त प्रोटीन ,बॉडी फैट,पानी ,विशरल फैट , आदि की जांच स्क्रीनिंग मशीन के माध्यम से की जाएगी निशुल्क चिकित्सा के बाद संबंधित मरीज को बॉडी हिस्ट्री के तहत रिपोर्ट भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक नेत्राधिकारी आर डी दीवान एवं पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय से संपर्क किया जा सकता है।

रोड और नाली निर्माण की बड़ी समस्या से मिलेगी निजात

रायपुर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से कोरबा शहर के तीन वार्ड क्रमांक 30, 53 और 16 के कुल आठ विकास कार्यों के लिए कुल एक करोड़ की स्वीकृति मिली है।    कोरबा शहर के विकास कार्यों के लिए  वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन द्वारा बीते एक साल में 300 करोड़ की स्वीकृति दिलाई जा चुकी है। यही वजह है कि शहर के विकास कार्यों में तेज़ी आई है। लगातार भूमिपूजन कर कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है। मंत्री देवांगन ने वार्ड क्रमांक 30 मानिकपुर और वार्ड क्रमांक 53 के विभिन्न स्थानों पर सड़क और नाली निर्माण के लिए मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्रस्ताव भेजा था। शनिवार को इसकी स्वीकृति आदेश भी जारी हो गई।    हर मद के कार्य हो रहे प्रारंभ  मंत्री देवांगन के प्रयासों से सभी मद से विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। अधोसंरचना मद से कुल 77 कार्य, 14 वित से 27 कार्य, जिला खनिज न्यास से 153 कार्य, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से 7, प्रभारी मंत्री मद से 15, विधायक मद से 25, सीएसआर से 9 कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं। इसके अलावा आरईएस के माध्यम से भी कार्य शुरू हो चुके हैं।    इन कार्यों को मिली स्वीकृति  वार्ड क्रमांक 30 मीना लहरे गली में सीसी रोड एवम् नाली निर्माण लागत 26 लाख, सुरेश चौरसिया घर से मंदिर के पीछे गली में सीसी रोड, नाली निर्माण, लागत 18 .70 लाख, सत्यम शुक्ला घर के आगे आर सीसी रोड एवम् नाली निर्माण 10. 30 लाख। वार्ड क्रमांक 53 श्रम नगर डॉ कश्यप घर से भूषण मेहर घर तक आरसीसी रोड एवम् नाली निर्माण लागत 11.50 लाख, योगेश बरेठ से रमेश नवरंग घर तक आरसीसी रोड एवम् नाली निर्माण 11.80 लाख , तारंग घर से प्रभु सतनामी घर तक 9. 50 लाख, पप्पू घर से प्रजापति घर तक आरसीसी रोड एवं नाली निर्माण लागत 7. 20 लाख, वार्ड क्रमांक 16 में मंच निर्माण 5 लाख की लागत की स्वीकृति मिली है।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  शाम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शौंडिक समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधि मण्डल ने राजधानी रायपुर में 11 जनवरी 2025 को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय शौंडिक सामाजिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर शिवरतन प्रसाद गुप्ता, श्याम किशोर गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता और सुरेश प्रसाद गुप्ता सहित शौंडिक समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की ‘मन की बात’ में  बस्तर ओलंपिक आयोजन की प्रशंसा बस्तर ओलंपिक एक ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का हो रहा संगम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से जताया आभार मुख्यमंत्री ने कहा – बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 117वीं कड़ी में देश को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित बस्तर ओलंपिक-2024 की प्रशंसा की। मोदी ने कहा पहली बार हुए बस्तर ओलंपिक से बस्तर में नई क्रांति जन्म ले रही है। मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलंपिक का सपना साकार हुआ है। यह ओलंपिक उस क्षेत्र में हो रहा है जो जगह कभी माओवादी हिंसा का गवाह रहा है। मोदी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का शुभंकर है वनभैंसा और पहाड़ी मैना – इसमें बस्तर की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखती है। इस बस्तर खेल महाकुंभ का मूलमंत्र है, ‘करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर’ यानी खेलेगा बस्तर, जीतेगा बस्तर।   प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक-2024 की सराहना करते हुए कहा कि पहली ही बार में बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के 7 जिलो के एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं युवाओं के संकल्प की गौरव गाथा है। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो और बॉलीवॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों के उत्साह का भी जिक्र किया। उन्होंने बस्तर की कारी कश्यप का जिक्र करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है, वे कहती हैं बस्तर ओलंपिक ने हमें खेल का मैदान नहीं जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुकमा की पायल कवासी जी की बात भी कम प्रेरणादायक नही है, जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर के दोरनापाल में रहने वाले पुनेम सन्ना की कहानी को नए भारत की प्रेरक कथा बताते हुए कहा कि एक समय नक्सलियों के प्रभाव में आए पुनेम जी आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं, उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। कोंडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी जी को बस्तर यूथ आइकॉन चुना गया है, उनका मानना है बस्तर ओलंपिक दूरदराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दे रहा है। बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल आयोजन नहीं यह ऐसा मंच है जहां विकास और खेल का संगम हो रहा है, जहां हमारे युवा अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं और एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर ओलंपिक के आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसे खेल आयोजन को प्रोत्साहित करें और स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दें। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि यह खेल भावना के विकास के द्वारा समाज को जोड़ने का भी एक सशक्त एवं प्रभावकारी माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लाने दृढ़संकल्पित है। बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक लोगों का प्रतिभागी होना ओलंपिक की सफलता को दर्शाता है। बस्तर में अब बंदूक की आवाज नहीं, खेलों का शोर सुनाई देता है, हंसते-खेलते लोगों के चेहरे दिखाई देते हैं। निश्चित ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस प्रोत्साहन और विश्वास से हमारी सरकार को बस्तर की प्रगति के लिए कार्य करने की नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही बस्तरवासियों का मनोबल बढ़ेगा। लोगों के उत्साह ,ऊर्जा और सहभागिता ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह आयोजन भविष्य में भी खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के विकास की संभावनाओं को और मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन यह सिद्ध करता है कि शांति, विकास और सामूहिक प्रयासों से प्रत्येक चुनौती का सामना किया जा सकता है।

रायपुर : मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसम्बर को

 रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 30 दिसम्बर को अपरान्ह 3.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी।

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर लगाया आरोप, डीएमएफ फंड से हुआ करीब 10 हजार करोड़ का घोटाला, सीबीआई जांच की मांग

रायपुर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने छत्तीसगढ़ में करीब 10 हजार करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप लगाया है. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर अक्सर अपनी सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों और आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीएमएफ फंड से हुए करीब 10 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है. ननकीराम कंवर ने कलेक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कोरबा कलेक्टर पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगते हुए जांच के दायरे में लाने की माँग की है. पूर्व मंत्री ने अपने आरोप में कहा है कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत ने फ्लोरा मैक्स कंपनी को फायदा दिलाने के पक्ष में काम किया है. पूर्व मंत्री कंवर ने इस मामले में एसपी पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के अलावा सीबीआई को की गई शिकायत में दावा किया है कि केंद्र सरकार बिहान योजना के तहत महिलाओं को लोन देती है. केंद्र की इस योजना में यह घोटाला किया है और इस घोटाले से 40 हजार से अधिक महिलाएं केवल कोरबा में प्रभावित हुई हैं. ननकीराम कंवर का दावा है कि उक्त योजना के तहत रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा समेत प्रदेश के अन्य जिलों की महिलाएं भी शामिल हैं.

ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की, 10 मिनट में घर पहुंचेगा राशन

 रायपुर  ब्लिंकिट ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपनी सेवाओं की शुरुआत की है. यह ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म अब शहरवासियों को 10 मिनट में जरूरी सामान की डिलीवरी का वादा करता है. ब्लिंकिट के इस कदम से रायपुर में रहने वाले लोग अब अपने घरों के आराम से किराना, ताजे फल-सब्जियां, स्नैक्स, दवाइयां, और अन्य जरूरी सामान महज कुछ मिनटों में मंगा सकेंगे. ब्लिंकिट पहला स्टोर कुछ दिन पहले आदर्श नगर में खुला. यह स्टोर आसपास के क्षेत्रों जैसे देवेंद्र नगर, शंकर नगर, VIP कॉलोनी, अवंती विहार, LIC कॉलोनी, भावना नगर और अन्य स्थानों में डिलीवरी प्रदान करेगा. एक और स्टोर अगले कुछ दिनों में खुलने जा रहा है, जो सिविल लाइन्स समेत अन्य क्षेत्रों को कवर करेगा. किराना और अन्य सामान की त्वरित डिलीवरी की सुविधा ब्लिंकिट के माध्यम से रायपुर के निवासी अब अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं. कंपनी ने दावा किया है कि उसके गोदाम शहर में रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं, जिससे डिलीवरी का समय कम से कम किया जा सके. रायपुर के विभिन्न इलाकों में इसके गोदामों के चलते ग्राहकों को त्वरित सेवा मिलेगी. रायपुर में रोजगार के नए अवसर ब्लिंकिट की रायपुर में शुरुआत से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. कंपनी ने अपनी योजना में बताया कि इसके संचालन के लिए स्थानीय कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. कोरोना महामारी के बाद बढ़ी डिलीवरी सेवाओं की मांग ब्लिंकिट का मानना है कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की मांग में लगातार वृद्धि हुई है. यह सेवा महामारी के दौरान लोगों के लिए और अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि यह उन्हें घर से बाहर बिना निकले अपनी जरूरतों को पूरा करने की सुविधा देती है. कंपनी का विस्तार और भविष्य की योजनाएं ब्लिंकिट ने रायपुर में अपनी शुरुआत के साथ यह भी घोषणा की कि अगले कुछ महीनों में कंपनी पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं का विस्तार करने का विचार कर रही है. इसके अलावा, ग्राहकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी समय-समय पर नए ऑफर्स और योजनाओं की पेशकश भी करेगी. रायपुरवासियों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया रायपुर के निवासियों का कहना है कि ब्लिंकिट की इस सेवा से उनकी खरीदारी का तरीका और भी सरल हो जाएगा. लोग अब घर बैठे आराम से अपने जरूरी सामान मंगा सकेंगे, जो कोरोना काल में एक बड़ी राहत है. ब्लिंकिट की इस पहल से रायपुर में ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी सेवाओं का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा.

अनवर ढेबर की जमानत याचिका की खारिज, हाईकोर्ट बोला- आरोपी को नहीं दिया जा सकता जमानत का लाभ

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के कथित 2000 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कठोर टिप्पणी भी की है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए आदेश में कहा, कि सर्वोच्च न्यायालय का मानना है कि भ्रष्टाचार केवल एक मामला नहीं है, यह दंडनीय अपराध है. यह अप्रत्यक्ष रूप से मानवाधिकारों को भी कमजोर करता है. व्यवस्थित भ्रष्ट्राचार आर्थिक अपराधों को जन्म देता है. आर्थिक अपराध गंभीर अपराध है. जिसका पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है. कोर्ट ने कहा, कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है. इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी की जमानत आवेदन को खारिज किया है. बता दें, कि कारोबारी अनवर ढेबर के खिलाफ ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने 11 जुलाई 2023 को सह अभियुक्त अनिल टुटेजा, अरूणपति त्रिपाठी एमडी सीएसएमसीएल, विकास अग्रवाल, संजय दीवान एवं अन्य आबकारी अधिकारियों से सेंडिकेट बनाकर प्रदेश में शराब बिक्री से अवैध कमिशन वसूली के मामले में धारा 420, 468, 471 एवं 120 बी के तहत अपराध दर्ज कर अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया. इस मामले में ईडी ने नवंबर 2024 को अलग से अपराध दर्ज किया है. इसके अलावा आयकर विभाग ने भी उसके अलग अलग परिसर में छापामार कार्रवाई की है. जेल में बंद अनवर ढ़ेबर ने हाईकोर्ट में जमानत हेतु आवेदन पेश किया था. जिस पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि विभिन्न व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए जिन पर आरोप हैं. छत्तीसगढ़ राज्य में शराब सिंडिकेट का एक हिस्सा है. आरोप लगाया कि शराब के व्यापार रिश्वत राशि का भुगतान प्राप्त किया गया है. डिस्टिलर्स, होलोग्राम निर्माताओं, बोतल निर्माताओं की सक्रिय भागीदारी, ट्रांसपोर्टर, जनशक्ति प्रबंधन और जिला उत्पाद शुल्क अधिकारी शामिल हैं. डिस्टिलर्स को काम करने की अनुमति देने के लिए वार्षिक कमीशन का भुगतान किया गया. सिंडिकेट द्बारा साजिश को अंजाम दिया गया. राज्य में शराब की बिक्री से अलग-अलग तरीकों से पैसा लिया गया. सिडिकेट अवैध वसूली करता था. शराब से लिया गया अवैध कमीशन और ऑफ-द-रिकॉर्ड बेहिसाब देशी शराब की बिक्री राज्य द्बारा संचालित दुकानों से किया गया.

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