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पंडो जनजाति के उत्थान हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष प्रयास

मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजन सूरजपुर छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों में पंडो जनजाति का नाम प्रमुखता से आता है। यह जनजाति राज्य के दूर-दराज इलाकों में निवास करती है, जहां मूलभूत सुविधाओं का आभाव और शासन की योजनाओं तक पहुंच की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पंडो जनजाति को मूलभूत सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन संपूर्णता अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है, जो कि उनकी विकास यात्रा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।     इन शिविरों के आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समर्पण और दृष्टिकोण को देखा जा सकता है। वे सदैव समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उनकी यह मान्यता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी भौगोलिक स्थिति में क्यों न हो। इसी आधार पर  उनके द्वारा पंडो जनजाति जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए उनके द्वारा समर्पित प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि इन समुदायों का समुचित विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।  इसी क्रम में पंडो जनजाति के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि पंडो जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का संपूर्ण लाभ पहुंचाया जा सके।     इन विशेष शिविरों का आयोजन इनके विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। विशेष शिविरों के द्वारा इस जनजाति के प्रत्येक परिवार को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 18 दिसंबर 2024 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार का सर्वेक्षण कर पंडो परिवार की जानकारी एकत्रित कर उनकी आवश्यकता और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन के बाद, संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।      इन पंडो परिवारों को मूलभूत सुविधाओं और योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के लिए शिविरों का रोस्टर और कार्ययोजना बनाई गई है। रोस्टर के अनुसार, प्रत्येक गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा हैै। इसमें तिथियों का निर्धारण कर जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए, कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अद्यतन जानकारी परियोजना प्रशासक व एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सूरजपुर को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ग के विकास के लिए जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, और आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारी समन्वय में कार्य कर रहे हैं। हर विभाग के अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।     इस पहल से इस आदिवासी वर्ग के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। शिविरों के आयोजन से पंडो जनजाति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता की योजनाओं का लाभ विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों में जिन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, उनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत पंडो जनजाति के परिवारों को पक्के मकान, स्वास्थ्य बीमा, मुफ्त गैस कनेक्शन, शौचालय निर्माण और सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।     शासन एवं प्रशासन के इस प्रयास की सराहना पंडो जनजाति और स्थानीय समुदाय के लोगों द्वारा निरंतर की जा रही है। पहले जहां इन जनजातियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी और योजनाओं से वंचित रहने की शिकायत थी, वहीं अब इन शिविरों के माध्यम से उन्हें उनका हक मिल रहा है। कई पंडो परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे इन योजनाओं के कारण उनके जीवन में बदलाव आया है।     इस योजना के संबध्ंा में एक स्थानीय पंडो निवासी, रामेश्वर पंडो, ने बताया, पहले हमें शासन की योजनाओं के बारे में बेहतर रूप में जानकारी नहीं मिल पाती थी, और न ही हमंे पूरी तरह से उनका लाभ मिल पाता था। लेकिन अब विशेष शिविरों के माध्यम से हमें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारे परिवार को आवास योजना का लाभ मिला है, और हमें स्वास्थ्य बीमा भी मिला है। इससे हमारे जीवन में काफी सुधार हुआ है।     गौरतलब है कि इस संपूर्णता अभियान अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों सूरजपुर, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान, ओडगी और प्रतापपुर के ग्रामों में निवासरत विषेष पिछड़ी जनजाति पंडो को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने एवं संतृप्तिकरण प्राप्त करने की दिशा में निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार के मुखिया आधारित योजनाओं को देखा जाए तो विभिन्न ग्राम पंचायतों में 124 शिविर का अयोंजन कर 82 घरों में विद्युतीकरण, 184 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, 72 शौचालय, 118 का मनरेगा जॉब कार्ड, 209 को उज्जवला गैस कनेक्षन, 389 को किसान क्रेडिट कार्ड, 250 को पीएम किसान सम्मान निधि एवं 73 घरेां में हर घर नल से जल की सुविधा प्रदान की गई।     इसके अलावा व्यक्तिगत आधारित योजनाएं को देखा जाए तो 191 हितग्राहियों का जाति प्रमाण पत्र, 322 का आधार कार्ड, 393 का राषन कार्ड, 99 को वोटर कार्ड, 116 को पेंषन, 243 स्व सहायता समूह गठन, 16 हितग्राहियों को वनधन केंद्र आजीविका, 44 का कौषल विकास, 583 हितग्राहियों का श्रम विभाग में पंजीकरण, 347 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 113 को प्रधानमंत्री पोषण योजना, 278 को सुकन्या समुद्धि योजना से लाभन्वित किया गया। 291 हितग्राहियेां का आंगनबाड़ी में पंजीयन, 496 का आयुष्मान कार्ड निर्माण, 107 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ, 1558 का सिकल सेल एनीमिया जांच, 140 हितग्राहियों का टीकाकरण, 94़9 हितग्राहियों का टीवी उन्मूलन जांच,  1166 लेागों का कुष्ठ रोग जांच, 33 … Read more

दिल्ली दौरे पर सीएम साय शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार पर कर सकते हैं चर्चा

रायपुर विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा होने की संभावना है। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अरुण साव भी हैं। सीएम के दिल्ली से लौटने के बाद नए मंत्री बनाए जा सकते है। विगत सोमवार को मुख्यमंत्री साय कैबिनेट की बैठक से पहले राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात करने पहुंचे थे। दो नेता बन सकता हैं कैबिनेट मंत्री राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच करीब 30 मिनट तक चर्चा हुई थी। हालांकि, इसे सौजन्य मुलाकात बताया गया था। इसके बावजूद अटकलें लगाई जा रही थी कि मुख्यमंत्री और राज्यापाल के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। प्रदेश में अभी दो नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के पास है। मंत्री पद की दौड़ में विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, रेणुका सिंह, अमर अग्रवाल, रेणुका सिंह आगे बताई जा रही हैं। निकाय चुनाव तक करना पड़ेगा इंतजार प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव भी कराया जाना है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 11 दिसंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 16 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू हो जाएगा, जो 20 तक चलेगा। सत्र के समापन के साथ ही निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लग सकती है। बताया जाता है कि निकाय चुनाव को देखते हुए भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार को टाल सकती है। निकाय चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गृहमंत्री शाह को दी नक्सलवाद की जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में मुलाकात कर राज्य में नक्सलवाद से संबंधित जानकारी दी है। सीएम साय ने बताया कि राज्य के बस्तर और कोंडागांव जिले जो कभी नक्सल प्रभावित थे, अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुके हैं। अन्य क्षेत्रों से भी नक्सलियों को खत्म करने के लिए अभियान जारी है। साय ने ये जानकारी गृह मंत्री से बुधवार की रात उनकी मुलाकात के दौरान साझा की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने शाह को बताया कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सल नेटवर्क को खत्म कर दिया गया है। लंबे समय से नहीं हुई कोई नक्सली घटना इन जिलों में नक्सल नेटवर्क और उनकी विभिन्न शाखाओं के खत्म होने से नक्सल मुक्त क्षेत्रों में लंबे समय से कोई नक्सल संबंधित घटना नहीं हुई है। यह सफलता सुरक्षा बलों के सतत अभियानों और यहां सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार जैसी विकास परियोजनाओं की वजह से संभव हुई है। इन पहलों ने स्थानीय समुदायों का विश्वास जीतने और नक्सलवाद के प्रभाव को कमजोर करने में मदद की है। साय ने कहा कि अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में अभियान जारी हैं, जिनका लक्ष्य जल्द ही उन्हें नक्सल मुक्त बनाना है। ”बस्तर ओलिंपिक” के लिए दिया आमंत्रण राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को ”बस्तर ओलिंपिक” और पुलिस पुरस्कार वितरण समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे गृह मंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। साय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए 15,000 घरों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना की और इसे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में एक “महत्वपूर्ण कदम” बताया।

सुकमा और बीजापुर में सुरक्षाबल ने नक्सलियों पर जमकर की फायरिंग

बीजापुर, सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले की सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षाबल में देर रात मुठभेड़ हो गई। सुरक्षाबल ने नक्सलियों पर जमकर फायरिंग की, इसके बाद वो जंगल की ओर भाग गए। इसके बाद इलाके में सर्चिंग की, जिसमें बड़ी मात्रा में उनका सामान बरामद हुआ है। फायरिंग में नक्सलियों को बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षाबलों को फायरिंग में भारी पड़ता देख नक्स‍ली जान बचाकर भाग निकले। जानकारी के मुताबिक नक्सली यहां ठहरे हुए थे। प्रदेश में नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज होते ही नक्सलियों ने एक बार फिर से बस्तर में भाजपा नेताओं व पूर्व जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाना प्रारंभ कर दिया है। 24 घंटे के भीतर दो पूर्व सरपंचों की हत्या की गई है। बीजापुर के बिरियाभूमि में बुधवार रात भाजपा नेता व पूर्व सरपंच सुकलु फरसा की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई है। उसका शव सड़क पर मिला है। समीप ही नक्सलियों की भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने पर्चा छोड़कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। पर्चे में लिखा गया है कि पूर्व सरपंच को चेतावनी देने के बाद भी वह भाजपा का काम करता रहा, जिस कारण हत्या की गई है। बुधवार को सुकलु की बेटी दिव्यानी ने वीडियो संदेश जारी कर पिता को छोड़ने की मार्मिक अपील भी की थी। इधर, मुखबिरी के शक में ही बीजापुर जिले के कडेर पूर्व सरपंच सुखराम अवलम की भी नक्सलियों ने बुधवार को हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि सुखराम ने विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए प्रचार किया था। नक्सलियों को दिया मुंहतोड़ जवाब बस्तर में वर्ष 2023 में विधानसभा व लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा नेता लगातार नक्सली निशाने पर रहे। भाजपा से जुड़े दस से अधिक नेताओं की नक्सलियों ने बेदर्दी से हत्या की थी। इधर सत्ता परिवर्तन के बाद डबल इंजन की सरकार में नक्सलियों के विरुद्ध लगातार आक्रामक अभियान चलाया गया है। इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक बस्तर में 207 नक्सलियों को मार गिराकर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। वहीं नक्सलियों ने इस साल अब तक बस्तर में 55 लोगों की हत्याएं की हैं।

हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद

नारी शक्ति का हुआ सम्मान महतारी वंदन ने बढ़ाया मान महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पित विष्णु देव सरकार हितग्राही महिलाओं को अब तक 6530.41 करोड़ रूपए की मदद रायपुर छत्तीसगढ़ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण को बढ़ावा के उद्देश्य से विष्णु देव सरकार द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना से हितग्राही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महिलाएं इस मदद की राशि से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही अतिरिक्त आय उपार्जन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने लगी है। श्रीमती बिंदिया प्रजापति को जब से महतारी वंदन योजना के तहत हर महिने एक-एक हजार रूपए मिल रहे है, उनके चेहरे में खुशी की चमक देखते ही बन रही है। मरवाही विकासखण्ड के ग्राम धरहर की श्रीमती प्रजापति महतारी वंदन की राशि का उपयोग अपने ईंट व्यवसाय के कारोबार को बढ़ाने में कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर बिंदिया बाई को पहले ईंट बनाने के लिए मिट्टी, पकाने के लिए भूंसी-लकड़ी आदि के लिए उधारी लेना पड़ता था, अब उन्हें दूसरों के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। बलौदा बाजार जिला के वनांचल ग्राम बल्दा कछार की निवासी श्रीमती ममता परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है, जिसमें बचत कर वो अपनी बेटियों को शिक्षित कर रही हैं। कोरिया जिले के ग्राम जमड़ी की निवासी श्रीमती सुनीता साहू के जीवन में महतारी वंदन योजना ने बदलाव लाया। तीन बच्चों की मां श्रीमती साहू ने योजना से मिली राशि को बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए निवेश करना शुरू कर दिया है। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक मुख्यालय की निवासी लाभार्थी श्रीमती चंद्रमणि और उनके परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर 6 सदस्यीय परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करते हैं। राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना अब उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रही है। जिससे चंद्रमणि को एक हजार रूपए तथा उसकी सास रुकनी को महतारी वंदन योजना से 500 रुपए एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत 500 रूपए मिल रही है, जो इस गरीब परिवार के लिए बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन उपयोगी साबित हो रही है। इसी तरह कई महिलाएं हैं जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की बदौलत आर्थिक रूप से सशक्त बन रही है। सरकार का यह कदम उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मार्च से लेकर दिसम्बर तक हितग्राही महिलाओं को 10 मासिक किश्तों में 6530 करोड़ 41 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री देवेंद्र फडणवीस को दी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर श्री देवेंद्र फडणवीस को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री द्वय श्री एकनाथ शिंदे और श्री अजीत पवार के दूरदर्शी नेतृत्व में महाराष्ट्र की विकास यात्रा अनवरत जारी रहेगी। डबल इंजन की सरकार दोगुनी ऊर्जा से महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊंचाई पर ले कर जाएगी।

किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी

समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की व्यवस्था पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी किसानों को टोकन आवेदन के लिए दोहरी सुविधा समिति में ऑपरेटर के माध्यम से भी टोकन आवेदन कर सकते हैं किसान किसानों से क्रय धान के भुगतान के लिए 6728 करोड़ रूपए जारी विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और प्रति बारदाना 25 रूपए का भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किसानों को टोकन जारी करने से लेकर बारदाना की व्यवस्था, धान का उपार्जन एवं भुगतान, केन्द्रों में खरीदे गए धान का उठाव पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसानों को धान विक्रय हेतु टोकन आवेदन करने के लिए समिति माड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप की सुविधा दी गई है। टोकन आवेदन करने में दिक्कत होने पर किसान समिति में ऑपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रों में धान उपार्जन के लिए 72,194 गठान बारदाने उपलब्ध है। विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और 25 रूपया प्रति नग बारदाना भुगतान के लिए अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रूपए भी दे दिए गए हैं।   किसानों को भुगतान के लिए अब तक 6728 करोड़ रूपए जारी गौरतलब है कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। 5 दिसम्बर तक 2739 उपार्जन केन्द्रों में कुल 29.22 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 27.78 लाख कृषकों में से अब तक  6 लाख 15 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान का विक्रय किया है। उपार्जित धान की राशि संबंधित कृषकों के खाते में नियमित रूप से अंतरित की जा रही है। विपणन संघ द्वारा 6727 करोड़ 93 लाख रूपए अपेक्स बैंक को उपार्जित धान के समर्थन मूल्य के रूप में अंतरित की जा चुकी है। किसानों की सुविधा की दृष्टिकोण से उपार्जन केन्द्रों में अपेक्स बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम की व्यवस्था भी की गई है। समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है। धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध  समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है। कस्टम मिलिंग पंजीयन के लिए 865 आवेदन      खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं मिलिंग का काम भी समांतर रूप से किया जा रहा है। जिन उपार्जन केन्द्रों में बफर से अधिक धान भण्डारित होने की स्थिति निर्मित हो रही है, वहाँ परिवहन आदेश जारी कर धान का परिवहन निकटतम सग्रहण केन्द्र में किया जा रहा है। अब तक 2.5 लाख टन धान का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है। मिलरों से पंजीयन हेतु 865 आवेदन प्राप्त हुए है। 252 राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। मिलरों को 1296 टन का डीओ जारी किया जा चुका है।  अब तक 33,054 क्विंटल धान जब्त प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं अफरा-तफरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में अवैध धान के 3305 प्रकरण बनाये गये है एवं 33,054 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में रिसाईकलिंग रोके जाने हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेक पोस्ट की स्थापना धान के अवैध परिहन के मामलों पर कार्यवाही की जा रही है।

81 हजार से अधिक छात्रों की दक्षताओं का हुआ समग्र मूल्यांकन

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर केन्द्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर में एक साथ राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 में कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी की 3409 स्कूल से 81 हजार 179 विद्यार्थियों की दक्षताओं का समग्र मूल्यांकन किया गया।  इस परख सर्वेक्षण का उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ शिक्षकों, स्कूलों और पूरी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन करना है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप छात्रों की बुनियादी और मध्य स्तर की क्षमताओं का आकलन करता है। प्राप्त परिणामों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता की रैंकिंग की जाएगी।     छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वेक्षण में कक्षा तीसरी के 1199 स्कूलों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुल 24 हजार 379 विद्यार्थी शामिल हुए। इसी प्रकार कक्षा छठवीं के 1065 स्कूल से 25 हजार 665 विद्यार्थी और कक्षा नवमी के 1145 स्कूल से 31 हजार 135 विद्यार्थी शामिल हुए। इस प्रकार कुल 3409 स्कूलों से कुल 81 हजार 179 विद्यार्थी परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में शामिल हुए।     गौरतलब है कि इस बार परख (PARAKH- प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा एवं समग्र विकास के लिए ज्ञान का विश्लेषण) नाम दिया गया। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य बच्चों के समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के मूल्यांकन से संबंधित मापदंड स्थापित करना है। इस बार सर्वेक्षण कक्षा तीसरी, छठवीं और नवमी के छात्रों पर केंद्रित रहा, जो उनके पिछले कक्षाओं में अर्जित दक्षताओं पर आधारित था। परीक्षा में प्रश्न ओएमआर शीट के माध्यम से बहुविकल्पीय प्रारूप में रखा गया था।

राजभवन में ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ सहित 05 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया

रायपुर राजभवन में ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ कार्यक्रम के तहत आज छत्तीसगढ़ सहित 05 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है।     राजभवन में राज्यपाल डेका के मुख्य आतिथ्य में भारत के राज्यों क्रमशः छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत”  कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक-दूसरे राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले इन राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।     कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। यह कार्यक्रम हमारे देश के विभिन्न राज्यों में बसे निवासियों को एक सूत्र में पिरोने का अद्भुत प्रयास है, जिससे भारत की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होगी।     डेका ने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस उस राज्य के इतिहास में और विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन, हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है।     डेका ने सभी राज्यों की विशिष्टताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक वातावरण और भौगलिक स्थिति अदभुत है। यहां पर्यटन की बहुत संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ राज्य के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जायेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के चावल की भी प्रशंसा की। आजादी की लड़ाई में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, वहां के वीर सेनानियों को याद किया। पंजाब राज्य के लोगों की दान शीलता का जिक्र किया। पंजाब का इतिहास बलिदानों से भरा हुआ जिस पर हर देशवासी को गर्व है। पंजाब और हरियाणा राज्य ने हरित क्रांति के माध्यम से देश को एक नई ऊर्जा दी।    डेका ने कहा कि इन सभी राज्यों ने भारत के विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। चाहे वह कृषि का क्षेत्र हो, उद्योग, कला खेलकूद, शिक्षा या पर्यटन का क्षेत्र हो, सभी क्षेत्रों में, इन राज्यों का योगदान सराहनीय है। हम सब को मिलकर अपने राज्यों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का भी ध्यान रखना है।     कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ का लोक-नृत्य सुआ, सरहुल नृत्य, गेड़ी नृत्य, नाचा, पंजाब का भांगडा, गिद्धा, हरियाणा का घूमर तथा मध्यप्रदेश की जनजातियों के राई नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया।     विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पंजाब के प्रतिनिधियों ने डेका को सरोपा भेंट किया।     छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में पद्मअनुज शर्मा, मध्यप्रदेश के आकाश दीप गुप्ता, पंजाब के प्रतिनिधि दलजीत चावला, हरियाणा के प्रतिनिधि अमित अग्रवाल को राज्यपाल ने सम्मानित किया।     कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव यशंवत कुमार, विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं इन सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा विधि एवं विधाई कार्य मंत्री अरुण साव 6 दिसम्बर को मुंगेली में अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वे 6 दिसम्बर को दोपहर तीन बजे बिलासपुर से सड़क मार्ग से मुंगेली के लिए रवाना होंगे। वे शाम चार बजे मुंगेली के करही स्थित जिला न्यायालय में अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वे शाम पांच बजे मुंगेली से बिलासपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। साव शाम छह बजे वापस बिलासपुर पहुंचेंगे।

नपं झगराखाण्ड के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने फूंक दिया बिगुल, 8 दिसंबर से शुरू होगा जन आंदोलन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नगर पंचायत झगराखांड में पिछले जुलाई (5 महीने से) पीएचई का पानी सप्लाई बंद है, लोग पानी के एक-एक बूंद को तरसने को मजबूर हैं। किसी ने कोई सूध नहीं ली, इस पर क्या कार्यवाही हुई? हज़ारों लोगों को रोज पानी के लिए क्यों तरसाया जा रहा है? आम आदमी पार्टी द्वारा बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी सुधार ना होने के विरोध में जन आंदोलन एवं आमरण अनशन रखा गया हैं। आगामी 08 दिसंबर 2024. से मांगे पूरी होने तक निरंतर आम आदमी पार्टी जिला इकाई द्वारा मुख्य बाजार चौक, आटो स्टैण्ड के पास नार्थ झगराखाण्ड में आमरण अनशन रखा जायेगा।     आम आदमी पार्टी जिला इकाई ने समस्त क्षेत्रवासियों से अनुरोध किया है कि, अपने अधिकार की लड़ाई में शामिल होकर इस जनआंदोलन को सफल बनाने में पूर्ण योगदान दें।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओ के खिलाफ क्रूरता हिंसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओ के खिलाफ क्रूरता हिंसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है राष्ट्रीय मुस्लिम मंच कल बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर करेगा विरोध रायपुर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओ के खिलाफ निरंतर जारी संगठित हिंसा क्रूरता अत्यंत दुःखद दूर्भाग्यपूर्ण है और मानव अधिकारों का खुला उलंघन है बताते हुए राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रान्त संयोजक यूनुस कुरैशी एवं प्रान्त सह संयोजक रिज़वान पटवा ने कहा की बांग्लादेश में रह रहें अल्पसंख्यक हिंदु भी बांग्लादेश के नागरिक है और उनके भी मौलिक अधिकार है और उनके अधिकारों का संरक्षण करना बांग्लादेश सरकार का नैतिक दायित्व है  परन्तु बांग्लादेश में तख्ता पलट के बाद आई नई सरकार के आते ही वहां हिंदुवो को निशाना बनाया जा रहा है मंदिरो पर हमले हो रहें है साधु संतो धार्मिक गुरुओ पर हिंसक हमले हो रहें है और हिन्दुओ को संगठित कर अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए आवाज उठाने पर इसकान मंदिर के प्रमुख चिन्मय कृष्णनद महराज को गिरफ्तर करके राजद्रोह का मामला दर्ज कर जेल में डाल दिया गया जो बांग्लादेश में अराजगता की बानगी को दर्शाता है भारत देश का मुस्लिम समाज बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दूओ के साथ खड़ा है और एकजुट होकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ पुरजोर विरोध दर्ज कराएगा इस प्रकार की घटनाए न केवल निंदनीय है बल्कि मानव अधिकारों का हनन भी है. उन्होंने आगे कहा की बांग्लादेश में हिन्दुओ के खिलाफ हो रहें अन्याय अत्याचार और हिंसा क्रूरता के खिलाफ कल 4 दिसंबर को शाम 5बजे राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जायेगा उन्होंने रायपुर के जागरूक नागरिकों से उक्त विरोध प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है

रेलवे का बड़ा फैसला! एक साथ9 ट्रेनें फिर हुई रद्द, सफर करने से पहले देख लें लिस्‍ट

रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर-बिलासपुर और कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन के साथ कुल 9 लोकल ट्रेनों को किया रद्द कर दिया है. 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन को कैंसिल करने के पीछे वजह रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन का जारी विकास कार्य बताया जा रहा है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रायपुर रेल मंडल के हथबंध-तिल्दा नेवरा सेक्शन में चल रहे विकास कार्यो के चलते 9 लोकल ट्रेन के परिचालन को रद्द करने का निर्णय लिया है. सूचना के मुताबिक आगामी 6 दिसंबर से 9 दिसंबर तक सभी 9 लोकल ट्रेनों का परिचालन नहीं होगा. दो मेमू ट्रेन भी प्रभावित होगा. 4 दिन रद्द रहेगा रायपुर-बिलासपुर, कोरबा-जूनागढ़ मेमू ट्रेन का परिचालन रिपोर्ट के मुताबिक आगामी 6, 7 और 9 दिसंबर को ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक होगा और 6, 7, 8 और 9 दिसंबर की ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. इस दौरान रायपुर से बिलासपुर, कोरबा और जूनागढ़ जाने वाली मेमू रद्द रहेंगी. जारी विकास कार्य के चलते अलग-अलग तारीखों में ट्रेन के परिचालन पर असर पड़ सकता है.

कोरिया के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया ‘ गेंदा ‘, प्रयोग सफल रहा तो किसान लाखों रुपये कमाएंगे

कोरिया छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में गेंदा के फूलों की खेती करने का प्रयोग किया जा रहा है. पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना के तहत 17 किसानों ने इस नई पहल को अपनाया और 10 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती की शुरुआत की. प्रति हेक्टेयर करीब 5,330 पौधे लगाए गए हैं, जो 65-70 दिनों में तैयार हो जाएंगे. अगर सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक़ रहा तो जिले के किसान लाखों रुपये कमाएंगे. कोरिया जिले में पहली बार गेंदा फूल की खेती का प्रयोग किया गया है, जो किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. गेंदा फूल की खेती में प्रति हेक्टेयर करीब 50,000 रुपए की लागत आई है. विशेषज्ञों के अनुसार अच्छी पैदावार के बाद प्रति हेक्टेयर 2 से 2.5 लाख रुपए तक का मुनाफा होने की संभावना है. झरनापारा के किसान संजय पैकरा बताते हैं कि पहले धान और दलहन की खेती से मुश्किल से 25-30 हजार रुपए की आमदनी हो पाती थी. अब गेंदे की खेती और ड्रिप एरिगेशन तकनीक अपनाने के बाद 150-200 क्विंटल फूल उत्पादन की संभावना है, जिससे उनकी आय में काफी बढ़ोतरी होगी. फसल चक्र में बदलाव से बढ़ेगी आय ग्राम बुड़ार के किसान उदराज ने बताया कि पहले धान की खेती से मात्र 10-20 हजार रुपए तक का मुनाफा होता था. लेकिन अब ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल से वह 100-120 क्विंंटल फूल उत्पादन कर 50 हजार से 1.5 लाख रुपए तक कमा सकते हैं. इसी तरह, ग्राम रनई की आशा देवी ने कहा कि पहले धान, दलहन और तिलहन की खेती से 20 हजार रुपए से ज्यादा की आमदनी नहीं हो पाती थी. अब गेंदा फूल की खेती से उनकी आय में 2 से 2.5 लाख रुपए तक की वृद्धि होने की उम्मीद है. ड्रिप एरिगेशन से बेहतर उत्पादन ड्रिप एरिगेशन तकनीक के इस्तेमाल ने न केवल पानी की खपत को नियंत्रित किया है, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि की है. यह तकनीक पानी की बचत के साथ-साथ मेहनत को भी सार्थक बना रही है. उद्यानिकी विशेषज्ञों का कहना है कि गेंदे की खेती का यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनेगा. किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद धान, दलहन और तिलहन जैसी पारंपरिक फसलों से सीमित आय प्राप्त करने वाले किसान अब गेंदा फूल की खेती को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. इस पहल ने फसल चक्र में बदलाव और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का एक सफल उदाहरण पेश किया है.    

कई मामलों में हुई कार्रवाई, छत्तीसगढ़-मुंगेली में महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की जनसुनवाई

मुंगेली. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, मनियारी, मुंगेली में जनसुनवाई की. उनके साथ सदस्य सरला कोसरिया और लक्ष्मी वर्मा भी मौजूद रहीं. जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न से संबंधित 11 मामलों पर सुनवाई की गई. बता दें, डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर यह 292वीं और मुंगेली जिले में चौथी जनसुनवाई थी. सुनवाई के दौरान कुछ मामलों को नस्तीबद्ध किया गया, तो कुछ मामलों में आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. इन मामलों में हुई सुनवाई —————— बकाया राशि की वसूली के लिए निर्देश: एक मामले में आवेदिका ने अनावेदक पर बकाया राशि का दावा किया. पिछले सुनवाई में अनावेदक ने वॉयस रिकॉर्डिंग में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की थी. आयोग ने आवेदिका को अपने दस्तावेजों के आधार पर दीवानी न्यायालय में मामला दर्ज करने का सुझाव देते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया. सुसाइड नोट मामले में एसपी दुर्ग से मांगी गई रिपोर्ट: एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उसके पति सौरभ सोनी ने आत्महत्या कर ली थी. उनके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में अनावेदिका को जिम्मेदार ठहराया गया था. आयोग ने इस मामले में जीआरपी थाना दुर्ग से अब तक हुई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा. रायपुर में इस प्रकरण की सुनवाई की जाएगी. जमीन और संपत्ति विवाद सुलझा: एक मामले में आवेदिका और अनावेदक (ससुर) के बीच संपत्ति विवाद को सहमति से सुलझा लिया गया. आवेदिका को खेती की जमीन में 1/4 हिस्सा और लोरमी स्थित मकान में हिस्सेदारी देने पर दोनों पक्ष सहमत हुए. मामला नस्तीबद्ध किया गया. वन विभाग के मामले में होगी जांच एक प्रकरण में आवेदिका ने वन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. आयोग ने इस मामले में डीएफओ मुंगेली को पत्र भेजकर जांच कराने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. रिपोर्ट मिलने के बाद अगली सुनवाई रायपुर में होगी. अनुपस्थित आवेदिका के मामले नस्तीबद्ध एक अन्य मामले में आवेदिका की लगातार अनुपस्थिति के कारण प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया. महिला आयोग ने जनसुनवाई में आए मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने उम्मीद जताई है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सामने आएंगी और उनके लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.

छात्रा से छेड़छाड़ पर किया गया गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में आत्मानंद स्कूल का लैब अटेंडेंट बर्खास्त

बिलासपुर। छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले आत्मानंद स्कूल के लैब अंटेंडेट को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. जांच में दोषी पाए जाने के बाद लैब अटेंडेंट एमडी शहजाद के खिलाफ कलेक्टर ने सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश दिया है. स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, पचपेड़ी में पढ़ने वाली छात्रा से लैब अटेंडेंट एमडी शहजाद ने छेड़छाड़ की थी. मामले में एफआईआर के बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था. वहीं दो सदस्यीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई. जिसकी जांच रिपोर्ट मस्तूरी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कलेक्टर को पेश किया. जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, कक्षा सातवीं की एक छात्रा को सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला एमडी शहजाद द्वारा गलत नियत से बेड टच को अंजाम दिया गया, जो जांच प्रतिवेदन, बयानों के अनुसार प्रमाणित पाया गया. इसके बाद उक्त संबंध में शहजाद से जवाब मांगा गया था. उनका जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया. आरोपी के जवाब के आधार पर कलेक्टर अवनीश शरण ने सहायक शिक्षक एमडी शहजाद के कृत्य को बेड टच का दोषी पाते हुए घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी के साथ ही सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होने के कारण संविदा नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया.

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