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बिलासपुर स्टेशन में हंगामा: दूरंतो में यात्रियों को परोसा बासी भोजन, यात्री हुए फूड पाइजनिंग के शिकार

रायपुर रेल यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा का दावा करने वाली भारतीय रेलवे के लिए ट्रेनों में गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध कराना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण का खाना आज भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ट्रेनों में घटिया परोसे जाने का ताजा मामला दूरंतो एक्सप्रेस में सामने आया है। दरअसल, घटिया खाना परोसने को लेकर गुरुवार को मुंबई से हावड़ा जा रही 12261 दूरंतों एक्सप्रेस में सवार यात्रियों ने जमकर हंगामा मचाया। यात्रियों का आरोप था कि पैंट्री ऑपरेटर यात्रियों के खान-पान का पूरा ख्याल नहीं रखा। घटिया खाना परोसने के साथ पीने के पानी का समुचित प्रबंध भी नहीं किया गया था। दरअसल खाने को लेकर हंगामा उस वक्त हुआ जब पैंट्री कर्मी जब यात्रियों को दोपहर का खाना बांट रहा था। एक्सप्रेस के बी-वन कोच में कोलकाता के रहने वाले आदित्य सरकार और उनके दोस्त सफर कर रहे थे। उन्होंने घटिया भोजन देने की शिकायत पहले पैंट्री कार ऑपरेटर से की। मुसाफिरों का आरोप था कि उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। उल्टे पैंट्री संचालक ने उनके साथ बदस्लूकी की। बाद में कई और मुसाफिरों ने संचालक को खरी-खोटी सुनाई तो उसने अपना सूर बदल लिया। काफी हंगामे के बाद अंतत: संचालक ने अपनी गलती स्वीकारते हुए बिलासपुर पहुंचने पर भोजन प्रबंधन करने का भरोसा दिया। हालांकि बिलासपुर से ट्रेन रवाना होने के काफी समय बाद भी भोजन ना पहुंचने की शिकायत यात्रियों ने की है। फिलहाल यात्रियों के द्वारा आईआरसीटीसी के जरिए पूरे रेलवे को ऑनलाइन मामले की षिकायत करने की बात कही गई है।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया, नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी के जरिए भेजेगी.

रायपुर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में  भ्रष्टाचार को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है.छतीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि व्यय राशि 50000 रुपये को लेकर व्यय मापदंड में एक बड़ा फेरबदल किया है. सरकार से मिलने वाली इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे नवविवाहिता के खाते में 35000 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर)के जरिए भेजेगी.   शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार गरीब परिवार की बेटियों की शादी करवाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पास आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं. इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियों के लिए एक अच्छी खबर है कि उनके खातों में 35000 रुपये भेजे जाएंगे. सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा दरअसल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में आर्थिक अनियमितता का आरोप अधिकारियों पर लगता था. इन आरोपों को दूर करने के लिए सरकार ने पूरे मापदंडों को ही बदल दिया है. हालांकि अधिकारी यह भी कह रहे हैं, सरकार ने इसका प्रारूप बदला है इससे सीधा लाभ कन्या को ही मिलेगा. अब खरीद फरोख्त में न तो कोई आरोप लगेगा और न ही घटिया सामग्री की खरीदी की कोई जगह बची है. इस तरह से खर्च होगी राशि विवाह आयोजन व्यवस्था और परिवहन पर कुल व्यय 8 हजार रुपए होगा. इसमें पंडाल और भवन किराया और प्रति जोड़ा के 20 अतिथि के भोजन और नाश्ता पर खर्च किया जाए. साथ ही बैठक व्यवस्था और विवाह का फोटो और प्रमाण पत्र आकस्मिक व्यय और परिवहन पर खर्च होगा. शेष 7000 रुपए को वर-वधु के कपड़े, श्रृंगार सामग्री, जूते-चप्पल,चुनरी,साफा मंगलसूत्र और इन सामानों के अलावा क्रय समिति जो उचित समझे उसे खरीद सकती है. इस प्रारूप से बाहर जाकर अधिकारी अपनी मनमानी नहीं कर सकते हैं. योजना में व्यय राशि का एक बड़ा हिस्सा विवाहित जोड़े के खाते में डीबीटी किया जाएगा. इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन आ रहे हैं. मार्च के पहले सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया जाएगा. 2024-25 से मिलेगा लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग छग शासन ने यह आदेश 15 मार्च 2024 को सभी जिलों के लिए जारी कर दिया था.  इस आदेश को 2024-25 से प्रभावी रूप सभी जिलों के  जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लागू करना होगा. इस तरह व्यय मापदंड में संशोधन करने से बीपीएल परिवार से जुडे नव विवाहित जोड़े को बड़ा लाभ मिलेगा. दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में रह रही युवतियां जो इस योजना से जुड़ेंगी उन्हें विवाह के बाद ये आर्थिक मदद गृहस्थ जीवन को और बेहतर करेगी.

MP उपचुनाव बुधनी विधानसभा का पहले आएगा रिजल्ट, विजयपुर में करना होगा इंतजार

भोपाल मध्य प्रदेश की विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना के लिए अब तैयारियां पूरी हो चुकी है. सबकी नजरें दोनों सीटों के नतीजों पर टिकी हैं. निर्वाचन आयोग ने दोनों जिलों का दौरा कर यहां की तैयारियों का जायजा लिया है. बताया जा रहा है कि राउंडवार गणना के आधार पर बुधनी विधानसभा सीट का नतीजा सबसे पहले आएगा, वहीं विजयपुर के नतीजे के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. 23 नवंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना की तैयारियां शुरू हो जाएगी. बुधनी में 14 और विजयपुर में 16 टेबल लगेगी विजयपुर विधानसभा सीट की मतगणना के लिए 16 टेबल लगाई जाएगी जबकि बुधनी विधानसभा सीट के लिए 14 टेबल्स लगेगी. दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर 327 मतदान केंद्रों की मतगणना होगी जो 21 राउंड में पूरी की जाएगी. वहीं बुधनी विधानसभा सीट पर शासकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय सीहोर में मतगणना की जाएगी. यहां के 363 मतदान केंद्रों में 14-14 टेबल लगाई जाएंगी. इस तरह दोनों राउंड की मतगणना यहां पर पूरी होगी. सुरक्षा व्यवस्था पूरी विजयपुर विधानसभा सीट पर वोटिंग के दौरान उपद्रव की खबरें भी सामने आई थी. ऐसे में दोनों सीटों पर मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से टाइट रहेगी. मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा होगी. जबकि किसी भी तरह के व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं रहेगी. इसके अलावा मतगणना कर्मियों का तीन लेवल पर रेंडमाईजेशन होगा. हर राउंड के बाद केवल माइक्रो ऑर्ब्जवर जानकारी देगा. मतगणना एजेंट को भी टेबल के पास कुछ भी अंदर नहीं ले जाने की अनुमति रहेगी. बीजेपी कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर दरअसल, दोनों विधानसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत लगाई है. क्योंकि दोनों सीटों पर बीजेपी कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर है. विजयपुर में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते रामनिवास रावत बीजेपी में चले गए थे, वह बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़े हैं, रावत मोहन सरकार में मंत्री भी हैं. ऐसे में बीजेपी ने यहां पूरा जोर लगाया है. वहीं विजयपुर में कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को उतारा था, बुधनी में पूर्व सीएम के सांसद बनने के बाद यहां बीजेपी ने पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को चुनाव लड़ाया था. कांग्रेस ने उनके सामने पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल को चुनाव लड़वाया था. जिससे यहां भी मुकाबला दिलचस्प दिखा है.   वहीं रिजल्ट से पहले कांग्रेस एक बार फिर से चुनाव आयोग पहुंची है. पार्टी ने बीजेपी की शिकायत करते हुए 11 सूत्रीय मांगों का पत्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा है. कांग्रेस का आरोप है कि मतगणना के दौरान बीजेपी असामाजिक तत्वों को काउंटिंग स्थल ले जाएगी और कांग्रेस के एजेंट्स पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का काम करती है. जबकि मौके पर मौजूद अधिकारी भी बीजेपी का पक्ष लेते नजर आते हैं, ऐसे में चुनाव आयोग को तुरंत ही इस तरह की स्थिति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. कांग्रेस प्रत्याशियों को दिखाया जाए स्ट्रांग रूम कांग्रेस के चुनाव आयोग प्रदेश प्रभारी जेपी धनोपिया ने चुनाव आयोग ने पूरे मामले की शिकायत की है. उन्होंने बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर मतगणना के दौरान गड़बड़ी करने की आशंका भी जताई है. कांग्रेस का कहना है कि मतगणना से पहले कांग्रेस के प्रत्याशियों को स्ट्रांग रूम से लेकर ईवीएम काउंटिंग तक की पूरी व्यवस्था को दिखाया जाना चाहिए. जबकि कांग्रेस प्रत्याशियों को पूरी स्थिति का जायजा लिया जाने देना चाहिए. जबकि ईवीएम ले जाने की पूरी प्रक्रिया को भी दिखाया जाए और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जानी चाहिए. ताकि मतगणना पूरी तरह से निष्पक्ष हो सके. हर राउंड के बाद प्रमाण पत्र मिले कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि हर राउंड की काउंटिंग के बाद प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र मिलना चाहिए. जब तक दोनों तरफ से प्रमाण पत्र पर सहमति न हो तब तक दूसरे राउंड की काउंटिंग शुरू नहीं होनी चाहिए. ईवीएम काउंटिंग में आने वाली वीवीपैट स्लिप की काउंटिंग भी हर हाल में कराई जानी चाहिए. जबकि मतगणना स्थल पर इंटरनेट का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंध रहना चाहिए. कांग्रेस ने ऐसी ही कुछ 11 मांगों का पत्र चुनाव आयोग को सौंपा है. इससे पहले भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग में लगातार बीजेपी की शिकायतें की हैं. 23 नवंबर को आएंगे नतीजे बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस विजयपुर और बुधनी उपचुनाव से पहले एक दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं. दोनों विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर यानि कल आने वाले हैं. बुधनी में बीजेपी ने रमाकांत भार्गव तो कांग्रेस ने राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया था. वहीं विजयपुर में बीजेपी ने रामनिवास रावत तो कांग्रेस ने मुकेश मल्होत्रा को प्रत्याशी बनाया था.

सुकमा जिले में आज सुबह सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई में 10 नक्सलियों को मार गिराया

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बस्तर में शांति , विकास और प्रगति का दौर लौट आया है। उन्होंने सुरक्षा बलों को उनके अदम्य साहस और समर्पण के लिए बधाई  देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलियों का सफाया निश्चित है । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के सफ़ाये के लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में हम सुनियोजित तरीक़े से आगे बढ़ रहे है ।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के होटल अंब्रेसिया में छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन  द्वारा आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आप सभी ने बहुत सुंदर आयोजन किया है। आप सभी अपने परिवार जनों के साथ आए हैं, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मुख्यमंत्री श्री साय ने द साबरमती रिपोर्ट फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस फिल्म को हमने टैक्स फ्री कर दिया है और अभी मैंने मंत्री गणों और विधायकों के साथ इस फिल्म को देखा है। इस फिल्म में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में हुई घटना को बहुत सुंदर ढंग से फिल्माया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे इस फिल्म को जरूर देखें। साथ ही इस फिल्म के संदर्भ में कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।        मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहा है। सीमेंट के सुचारू परिवहन से अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। अधोसंरचनाओं का निर्माण हम समय पर पूरा कर पाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी गण और उनके परिजन उपस्थित थे।

जाबो कार्यक्रम के तहत् नगरीय निकाय के लोगों को किया जा रहा जागरूक

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नगरीय निकाय एवं पंचायत आम चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले में कलेक्टर के निर्देशन में जाबो (जागव वोटर) कार्यक्रम अंतर्गत व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से चुनाव के लिए गांव-गांव में मतदाता जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जमीनी स्तर पर ग्रामीणों, आमनागरिकों, नवमतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में अभियान चला कर लोगों को मतदान के लिए सब काम छोड़ मतदान करो की सीख दी जा रही है। इसी तारतम्य में कार्यालयीन कर्मचारी एवं सफाई कर्मचारियो के द्वारा रैली के माध्यम से मतदाताओं को निरंतर जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं हमर स्वस्थ लईका समुदाय आधारित पोषण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं हमर स्वस्थ लईका समुदाय आधारित पोषण कार्यक्रम (सी मैम) के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कलेक्टर डी. राहुल वेंकट और महिला एवं बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल उपस्थित थे। इस कार्यशाला में विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों और योजनाओं की गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वहीं कलेक्टर ने सभी सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से बच्चों का वजन कराने के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए भी कहा। आगे उन्होंने पोषण ट्रेकर के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर की सही निगरानी रखने की बात कही। जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके साथ ही जर्जर आंगनबाड़ी केन्द्रों की लिस्ट भेजने के निर्देश दिये। वही महिला बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल ने जानकारी दी कि जिले में इस बार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत होने वाले विवाह का फॉर्म 01 दिसम्बर से 31 दिसंबर तक भरे जाने है इसके साथ ही आगे उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से इस बार लगभग 120 जोड़ो को का विवाह जनवरी या फरवरी में होना है, वही सभी आवेदनों को वेरिफाई करने के लिए सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने जिले में पालना केंद्र (क्रेच) को सही से खोलने के लिए निर्देश दिए, जिससे कामकाजी माताओं के बच्चों की देखभाल में अच्छे से सहूलियत मिल सके। इस बैठक में शुभम बंसल ने जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की जानकारी को इंफ्रा पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है उसको अपडेट करने की निर्देश दिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक केंद्र की भौतिक और तकनीकी जानकारी समय पर पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विभाग को हर केंद्र की वास्तविक स्थिति का सही अंदाजा हो सके और जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। आगे शुभम बंसल ने बताया कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 5 नए बोरवेल खनन होना था वह नहीं हुआ है, उनकी सूची तैयार करने कहा है। उन्होंने संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। इस बैठक में शुभम बंसल ने कहा कि इस बार बाल विवाह रोकने हेतु सभी सुपरवाइजर और ग्राम पंचायत के सचिवों को बाल विकास परीक्षक अधिकारी बनाया जायेगा, वही पुलिस विभाग और तहसीलदार से सहयोग मांगने के लिए कहा, इसके साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना के लिए स्कूलों से सहयोग मांगने के लिए कहा, साथ ही (सी सैम) डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पोषण अभियान और आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी करने और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल आधारित ऐप के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित डेटा एकत्र करने, ट्रैक करने और योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए है। साथ ही अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण ट्रेकर में अपडेड करने के लिए कहा उन्होंने आगे बताया कि एनआरसी के माध्यम से गंभीर कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को चिकित्सा सहायता, उचित आहार और पोषण संबंधी परामर्श प्रदान करने लिए कहा। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ-साथ उनकी माताओं को भी पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल के बारे में जागरूक करने के लिए निर्देशित किया है। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बौनापन, दुर्बलता और कमवजन बच्चों का वजन और ऊंचाई को लेकर अपडेट करने के निर्देश दिए है । साथ ही “टीएचआर“ को कोई लेने नहीं आ रहा है तो टीएचआर को उनके घर छोड़ने के लिए निर्देशित किया है। इसके साथ ही महिला बाल विकास अधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी खाद्य मेन्यू को सही से देने को निर्देश दिए, साथ ही कुपोषण चौपाल को सही से करने, आधार अपडेट, मोबाइल नम्बर अपडेट, आंगनबाड़ी केंद्रों का हैंडओवर नहीं हुआ है जानकारी भेजने के लिए कहा, इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल व्यवस्था, पोताई कार्य, सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रति केन्द्र में 5 खाता खोलने के लिए सभी सुपरवाइजरों को निर्देश दिए। इसके साथ छत्तीसगढ़ महिला कोष से जितने स्व सहायता समूह ने ऋण लिया है, उसकी  ऋण वसुली करने के निर्देश दिए और सभी परियोजना अधिकारियों को दिशा दर्शन योजना का लिस्ट भेजने के लिए निर्देशित किया। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ योजना में आधार अपडेट करने के लिए भी निर्देश दिये। महिला एवं बाल विकास अधिकारी शुभम बंसल ने आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतरी और उनकी सुचारु गतिविधियों को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस बैठक में जिले के सभी सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सुकमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में10 नक्सली को किया ढेर, मुख्यमंत्री ने की सराहना

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई की है। कोन्टा थाना क्षेत्र के भेज्जी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ। साथ ही, कई हथियार भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल, सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बस्तर क्षेत्र में विकास, शांति और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।” खबरों के अनुसार, मुठभेड़ में 10नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीन ऑटोमैटिक राइफल्स समेत कई अन्य हथियार बरामद किए। मुठभेड़ सुबह के समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल ने नक्सलियों की घेराबंदी की। दोनों ओर से सैकड़ों राउंड गोलीबारी की गई। नक्सलियों के पास से अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। डीआरजी की टीम के साथ मुठभेड़ खबर के मुताबिक डीआरजी की टीम नक्सलियों की घेराबंदी के लिए निकली थी। सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगल में प्रवेश किए हैं। इसके बाद ही टीम घेराबंदी के लिए गई थी। डीआरजी जवानों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मुठभेड़ में शामिल। वहीं, बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने की मुठभेड़ की पुष्टि की है। मारे गए नक्सलियों की संख्या और हथियारों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। सुकमा एसपी ने नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि कर दी है। कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम, भंडारपदर के जंगल-पहाड़ी में यह मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी हुई। DRGऔर CRPFकी टीम की संयुक्त कार्रवाई DRG(डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF(केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की टीम ने नक्सलियों की घेराबंदी के लिए संयुक्त कार्रवाई की। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि ओडिशा से नक्सली छत्तीसगढ़ के जंगलों में घुस आए हैं। इसके बाद, सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी की योजना बनाई थी। IGऔर SPने मुठभेड़ की पुष्टि की बस्तर के IGपी सुंदरराज ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बरामद हथियारों की आधिकारिक जानकारी जल्द जारी की जाएगी। सुकमा के SPने भी नक्सलियों के शव मिलने की पुष्टि की है। मुठभेड़ कोराजुगुड़ा, दंतेसपुरम, नागाराम और भंडारपदर के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने किया हमला यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाबल इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया, जिससे दोनों ओर से लंबी गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। सुकमा के SP किरण चव्हाण ने कहा है कि यह बड़ी सफलता है. जवान मौके पर ही हैं. लौटेंगे तो ज्यादा जानकारी मिलेगी. सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि भेज्जी के जंगल में नक्सलियों का जमावड़ा है. जवानों ने इस इलाके को घेर लिया और ऑपरेशन चलाया. सुरक्षाबलों को जानकारी मिली थी कि बड़ी संख्या में नक्सली ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ में घुसे हैं.   पांच दिन पहले छत्तीसगढ़ के कांकेर में जवानों और नक्सलियों के बीच रविवार को मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान पुलिस ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया था. इनमें 2 महिलाएं शामिल थीं. इस साल 1 जनवरी से 22 नवंबर तक 207 नक्सली मारे गए हैं. इससे पूर्व 16 नवंबर को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराया था.

मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म देखने राजधानी के मैग्नेटो मॉल पहुंचे। इस फिल्म में 22 साल पहले गुजरात के गोधरा में हुए ट्रेन हादसे की कहानी की सच्चाई को दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की डायरेक्टर सुएकता कपूर और फिल्म की नायिका सुरिद्धि डोगरा भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने  ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह फिल्म इसलिए भी देखी जानी चाहिए क्योंकि अतीत का अध्ययन ही हमें वर्तमान और भविष्य के बारे में बेहतर मार्गदर्शन दे सकता है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इतिहास के उस भयावह सत्य को उजागर करने का अत्यंत सराहनीय और प्रभावशाली प्रयास है जिसे निहित स्वार्थ के लिए छुपाने का प्रयास किया गया था। यह फिल्म तात्कालिक सिस्टम की उस सच्चाई को उजागर करती है, जो झूठे नरेटिव फैलाकर सत्य को दबाने का निंदित प्रयास करती थी। फिल्म दर्दनाक घटना को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय ने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी उनके साथ फिल्म देखने पहुंचे थे।

भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल

भारत मंडपम में दूर से खड़े खड़े कार्यक्रम देख रहे थे एक बुजुर्ग, मुख्यमंत्री ने पास बुलाया और अपने साथ बैठने का किया आग्रह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता छू गई दिल वालों की नगरी दिल्ली के लोगों को भी भारत मंडपम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आत्मीयता ने जीता सबका दिल मुख्यमंत्री साय ने किया सियान का सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया। यह दृश्य था राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में, जहां छत्तीसगढ़ दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन चल रहा था। छत्तीसगढ़ की परंपरा और कला की शानदार प्रस्तुतियां मंच पर हो रही थीं, और दर्शक तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री साय की नजर दर्शकों के बीच एक वृद्ध व्यक्ति पर पड़ी, जो खड़े होकर कार्यक्रम देख रहे थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने सहायक से कहा कि उस बुजुर्ग को पास बुलाएं। कुछ ही पल में वह बुजुर्ग व्यक्ति मुख्यमंत्री के पास पहुंचे। साय ने बड़े ही आत्मीय भाव से उनका स्वागत किया और उन्हें अपने पास बैठने का आग्रह किया। कार्यक्रम देखकर बाहर आये   बुजुर्ग रामावतार तिवारी ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा लगा जब मुख्यमंत्री ने मुझे सम्मान दिया, अपने पास बैठाया और मेरा हालचाल पूछा। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा ओहदा हासिल करने के बाद भी अपनी विनम्रता और संस्कार को नहीं छोड़ा। रामावतार तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और सीधे सरल लोगों के बारे में सुनते आये हैं। वहां के मुख्यमंत्री से मिलकर लगा कि सीधे और सरल लोगों के मुखिया भी सीधे और सरल स्वभाव के हैं। मुख्यमंत्री साय का हृदय  संवेदनशीलता से परिपूर्ण है। हम एक दूसरे से अपरिचित भले ही हो सकते हों लेकिन संवेदनशील हृदय के द्वारा हम एक दूसरे की भावनाओं को प्रगाढ़ता से महसूस कर सकते हैं।

आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं

रायपुर आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है।सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।              मुख्यमंत्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल  के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।             मुख्यमंत्री साय को  बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।         जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

गोंगपा का बड़ा प्रदर्शन,भ्रष्टाचार दूर करने की मांग किसानों, ग्रामीणों ने दिया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. इसमें कई गंभीर मुद्दों पर त्वरित कार्यवाही की मांग की गई है. ज्ञापन में किसानों के धान खरीदी की पूर्व की राशि और क्षमता को बनाए रखने या इसे बढ़ाने की मांग की गई है. साथ ही बारदानों और पल्लेदारी में आने वाली शिकायतों को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने को कहा है. भूमाफिया पर कार्रवाई की मांग शहरी क्षेत्रों से लगे ग्रामीण इलाकों में भूमाफिया गरीब लोगों की जमीन हड़पने में लगे हैं. पार्टी ने ऐसे मामलों पर कठोर कार्यवाही करने और गरीबों को न्याय दिलाने की अपील की। राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और लचर कानून व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने प्रशासन पर निशाना साधा. आम जनता को न्याय पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. सिंह ग्राम साल्ही में हुए जानलेवा हमले की जांच अब तक ना होने पर नाराजगी जताई गई और तुरंत कार्रवाई की मांग की गई.ग्राम सभा की अनदेखी पर आपत्ति ग्राम पंचायत साल्ही में बिना ग्राम सभा की अनुमति के 18वीं बटालियन चैनपुर के लिए कृषि भूमि आवंटित करने को नियमों का उल्लंघन बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई. ग्राम पंचायत डंगौरा के आश्रित ग्राम बिछली में सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार पर पक्षपात का आरोप लगाया गया. ज्ञापन में कहा गया कि आधे किसानों की जमीन दबाई जा रही है और बाकी की बचाई जा रही है.इसे तुरंत सुधारे जाने की अपील की गई.इस दौरान गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष केवल सिंह मरकाम ने बताया कि हमारी मांगें किसानों, गरीबों और आदिवासियों के हक से जुड़ी हैं. सरकार को इन पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जिले में व्याप्त समस्याओं को लेकर रैली निकाली थी.रैली निकालने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है.जिसमें कई तरह की परेशानियों का उल्लेख हैं.इनकी सारी समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया जाएगा – यागवेंद्र ,तहसीलदार इसके अलावा भी मनेंद्रगढ़ के एन एच,पर स्थित शराब दुकान को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हटाने गोंडवाना तंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा एमसीबी और कोरिया कार्रवाई की मांग की गई है।

जल जीवन मिशन से फूल बाई बैगा हुई लाभान्वित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले विकासखण्ड मनेंद्रगढ़ के पाराडोल के छोटे से गांव बैगापारा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन में क्रांतिकारी बदलाव किया है। वर्षों से स्वच्छ पेयजल की कमी से जूझ रहे इस गांव के लोग आज जल जीवन मिशन द्वारा नल-जल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ और सुगम पेयजल का लाभ उठा रहे हैं। इस परिवर्तन की धुरी बनी हैं बैगापारा की निवासी फूल बाई बैगा, जिनकी कहानी इस मिशन की सफलता का प्रतीक बन गई है। गांव में वर्षों तक रही पानी की समस्या बैगापारा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय तक स्वच्छ पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और छोटे मोटे कुओं पर निर्भर थे। इन स्रोतों की स्वच्छता और उपलब्धता अक्सर अनियमित रहती थी, जिससे जल जनित बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आम थी। महिलाओं और बच्चों को पानी भरने के लिए घंटों लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी शिक्षा और दैनिक जीवन भी प्रभावित होता था। जल जीवन मिशन का शुभारंभ और बदलाव का सफर 01 अप्रैल 2024 को जल जीवन मिशन के तहत बैगापारा में नल-जल आपूर्ति के प्रयास शुरू किए गए। सरकार ने गांव के हर घर को 100 प्रतिशत एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) से जोड़ने का लक्ष्य रखा। 18 नवंबर 2024 तक बैगापारा के प्रत्येक घर को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी परिवारों को निजी स्रोतों के जरिए स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति हो। स्वच्छ पानी ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी जल जीवन मिशन के प्रभाव ने बैगापारा के लोगों के जीवन में अभूतपूर्व बदलाव लाया है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। महिलाओं और बच्चों का समय और श्रम बचत होती है, वे लोग अपना समय अब शिक्षा, खेती और अन्य उत्पादक कार्यों में लगा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल ने जल जनित बीमारियों की घटनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। फूलबाई बैगा ने इस योजना का व्यक्तिगत रूप से लाभ उठाया और इसे ग्रामीणों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा यह पहल हमारे जैसे गांवों को आत्मनिर्भर और स्वस्थ बना रही है। अब हमारा जीवन पहले से कहीं ज्यादा सरल और सुरक्षित हो गया है। प्रेरणा का स्रोत बना बैगापारा बैगापारा की सफलता अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई है। जल जीवन मिशन ने साबित किया है कि सही दिशा में किए गए ठोस प्रयासों से ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वस्थ बनाया जा सकता है। यह कहानी केवल सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की नहीं, बल्कि गांववासियों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए एक बड़े कदम की मिसाल है। बैगापारा अब पूरे क्षेत्र में एक मॉडल गांव के रूप में उभर रहा है।

जल्द ही शहर की सड़कों में दौड़ेगी ई-बस

बिलासपुर संभवत आने वाले एक से दो महिने के भीतर यह सेवा शुरू हो जाएगी। इसके लिए कलेक्टर ने बिजली सब स्टेशन और चार्जिंग पाइंट बनाने और सेवा शुरू करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। जानकारी के अनुसार जल्द ही सीटी बस भी शहर पहुंच जाएगी। जानकारी के अनुसार ई चार्जिंग प्वाइंट और बसों को चार्ज करने के लिए 2500 किलोवाट के विद्युत सब स्टेशन की स्थापना की जा रही है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से फंड उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में कोनी स्थित सिटी बस डिपो में भी जरुरी बदलाव किया जा रहा है। कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने भी साफ किया है इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और कार्य तेज गति से पूरा होना चाहिए, क्योंकि जल्द ही ई-बस पहुंचने वाली है, ऐसे में इन्हें सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए है। साफ है कि जल्द ही यह बड़ी सौगात शहरवासियों को मिलने वाली है। ई-बस के आने से होने वाली फायदे     इलेक्ट्रिक बसों का किराया सामान्य बस से कम रहेगा।     इलेक्ट्रिक बसों से सफ़र करने में यात्रियों को शुद्ध वातावरण मिलता है।     इलेक्ट्रिक बस चलने में कम शोर करेगी।     इलेक्ट्रिक बसों से सफ़र सार्वजनिक परिवहन का आकर्षक विकल्प बनेगा।     इलेक्ट्रिक बसों से ध्वनि और वायु प्रदूषण कम होगा।     इलेक्ट्रिक बसों से कार्बन उत्सर्जन कम मात्रा में होगा। इलेक्ट्रिक बसों की यह भी खास बात इलेक्ट्रिक बसों में अतिरिक्त पुर्ज़े नहीं होते, इसलिए इनमें टेस्टिंग, इंजन फ़िल्टर में बदलाव, इंजन आयल में बदलाव, काइल और स्पार्क प्लग बदलने, और ट्रांसमिशन मेंटेनेंस की ज़रूरत नहीं होगी। खेप में आएगी बसें पीएम ई बस योजना के तहत बिलासुपर में 50 बस चलेगी, लेकिन इन्हें एक साथ नहीं भेजा जाएगा, इसे कई खेप में भेजा जाएगा और धीरे-धीरे 50 बस की संख्या पूरी की जाएगी।बसे आने और चलाने की तिथि निर्धारण के बाद ही रूट तय किया जाएगा। हालाकि पहले जिन रूटों में सिटी बस चली है, उन्हीं रूट में इन्हें चलाया जाएगा। साथ ही कुछ नए रूट भी इसमे शामिल होंगे।

रायपुर दक्षिण उपचुनाव मतगणना कल , 19 राउंड में होगी काउंटिंग

रायपुर  रायपुर दक्षिण के उपचुनाव के लिए मतगणना की तैयारियां की जा रही हैं। कल सेजबहार स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाली मतगणना के लिए कुल 15 टेबल लगाए जाएंगे। जिनमें से एक टेबल पोस्टल बैलेट के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि अन्य 14 टेबलों पर मशीनों से गिनती की जाएगी। पूरी मतगणना 19 राउंडों में होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट से गिनती की शुरुआत सुबह आठ बजे से होगी। इसके बाद 8.30 बजे से ईवीएम मशीनों से गिनती शुरू की जाएगी। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच सौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें प्रत्येक टेबल पर चार कर्मचारियों के हिसाब से 60 कर्मचारियों की ड्यूटी मतगणना स्थल के अंदर रहेगी, जबकि सुरक्षाकर्मी सहित अन्य स्टाफ मतगणना हाल के बाहर मोर्चा संभालेंगे। 19 राउंडों में होने वाली इस मतगणना में शाम पांच से छह बजे तक नतीजे आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पूर्व मंगलवार को सभी मतगणना दलों को प्रशिक्षण दिया गया और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से लेकर अन्य प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मतगणना के लिए तैयारी     500 कर्मचारियों की मतगणना स्थल पर लगाई ड्यूटी।     15 टेबलों पर वोटों की गिनती की जाएगी।     14 टेबलों पर ईवीएम से होगी वोटों की गिनती।     1 टेबल पर पोस्टल बैलेट की गिनती होगी।     4 कर्मचारी हर मतगणा टेबल पर रहेंगे मौजूद। हर राउंड के बाद टेबुलेशन चार्ट पर एजेंटों के हस्ताक्षर : कलेक्टर मंगलवार को मतगणना को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा गौरव सिंह ने कहा कि हर राउंड के बाद राजनैतिक अभिकर्ता के टेबुलेशन चार्ट पर अवश्य हस्ताक्षर लें। मतगणना कार्य संवेदनशील है और बहुत ही सावधानीपूर्वक इस कार्य का क्रियान्वित करें। संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी पीएस ध्रुव ने कहा कि सभी कर्मचारी बेहतर तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करें। साथ ही मतगणना का कार्य कुशलतापूर्वक किया जाए। प्रशिक्षण की बारिकियों को समझा जाए और उसी के अनुरूप कार्य किया जाए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, रिटर्निंग आफिसर पुष्पेंद्र शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमाशंकर बंदे समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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