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भोपाल की शहरी सीमा में घूम रहा बाघ, शिकार करते लोगों ने बनाया वीडियो

भोपाल। राजधानी की शहरी सीमा में पिछले कुछ दिन से बाघ का मूवमेंट बढ़ा है। एक बाघ द्वारा मवेशी के शिकार का वीडियो सामने भी आया है। ये वीडियो 3 दिन पुराना और कलियासोत-केरवा डैम के बीच का बताया जा रहा है। जिसे गुजर रहे लोगों ने मोबाइल में बना लिया। कलियासोत और केरवा डैम के आसपास समेत चंदनपुरा, मेंडोरा, मेंडोरी, समसगढ़ आदि इलाकों में बाघों की संख्या बढ़ रही है। पहले भी जंगलों से सटे गांवों में बाघों की चहल-कदमी और शिकार की बातें सामने आती रही है। वहीं अब वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। जिसमें बाघ मवेशी का शिकार करते हुए देखा जा रहा है। शिकार की शिकायत नहीं फिलहाल शिकार से जुड़ी कोई भी शिकायत वन विभाग के पास नहीं पहुंची है। अफसरों का कहना है कि शिकायत होने के बाद साफ हो सकेगा कि वीडियो किस क्षेत्र का है। बाघों का कुनबा भी बढ़ रहा भोपाल के जंगलों में बाघों का मूवमेंट रहता है। उनका कुनबा भी लगातार बढ़ रहा है। इससे संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। फिलहाल 18 चिंह्नित है।

MP : 10 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट, एक सप्ताह तक होगी तेज बारिश

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बारिश का एक और दौर फिर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि पहले जो कमजोर सिस्टम था वो मजबूत हो गया है. इसके मजबूत होने से मानसूनी (Monsoon) गतिविधियां तेज होंगी. प्रदेश में आने वाले एक सप्ताह तक तेज बारिश (Heavy Rain) का दौर जारी रहेगा. विभाग ने प्रदेश के 10 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में रीवा में 73.4 मिमी, सागर में 55.4 मिमी, इंदौर में 43.4 मिमी, नोगांव में 38.8 मिमी, रायसेन में 38.4 मिमी, मंडला में 38 मिमी, सिवनी में 30.6 मिमी, होशंगाबाद में 25.2 मिमी, श्योपुर मे 24 मिमी, दतिया में 19.4 मिमी, सतना में 16.8 मिमी, खजुराहो में 11.3 मिमी, टीकमगढ़ में 7 मिमी, धार में 6 मिमी,खण्डवा में 6 मिमी, सीधी में 5.6 मिमी, छिंदवाड़ा में 5.2 मिमी, रतलाम में 5 मिमी, ग्वालियर में 5 मिमी, जबलपुर में 1.9 मिमी, भोपाल में 1.7 मिमी, भोपाल सिटी में 1.8 मिमी, उज्जैन में 3.6 मिमी, मलाजखंड में 3.4 मिमी, नरसिंहपुर में 3 मिमी, बैतूल में 1.2 मिमी, गुना में 0.6 मिमी, शाजापुर में 0.2 मिमी बारिश हुई मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में भारी बारिश की संभावना है. प्रदेश के 10 संभाग जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है. सीहोर, देवास, शाजापुर, आगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, राजगढ़, गुना, श्योपुरकलां, जबलपुर, अनूपपुर, बालाघाट, सिवनी, धार, शिवपुरी, मुरैना जिलों में भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश में यह सिस्टम कराएंगे बारिश राजस्थान की सीमा पर पहुंचे कम दबाव के क्षेत्र को अरब सागर से नमी मिलने लगी है.नमी मिलने से अब एक बार फिर इस सिस्टम से प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. द्रोणिका लाइन अरब सागर से गुजरात होते हुए पूर्वी राजस्थान में बने सिस्टम से गुजरकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है.द्रोणिका लाइन अरब सागर से मध्य प्रदेश में नमी ला रही है.बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर को बनने जा रहा कम दबाव का क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवात के रूप में मध्य प्रदेश में आ चुका है. इस सिस्टम के सक्रिय होने से भी बारिश का दौर मप्र में शुरू होगा.एक और द्रोणिका लाइन पूर्वी राजस्थान में बने सिस्टम से टीकमगढ़ से लेकर पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रही है.

गुजरात के CM विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले छोड़ा पद

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने चुनाव से एक साल पहले अचानक इस्तीफा दे दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में समय के साथ दायित्व बदलते रहते हैं। भाजपा में यह स्वभाविक प्रक्रिया है। मुझे 5 साल के लिए मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली, जो मैंने पूरी की है। रुपाणी ने कहा कि जेपी नड्डा जी का भी मार्गदर्शन मेरे लिए अभूतपूर्व रहा है। अब मुझे जो भी जिम्मेदारी मिलेगी मैं उसका निर्वहन करूंगा। हम पद नहीं जिम्मेदारी कहते हैं। मुझे जो जिम्मेदारी मिली थी वह मैंने पूरी की है। हम प्रदेश के चुनाव नरेंद्र मोदी जी की अगुवाई में लड़ते हैं और 2022 का चुनाव भी उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाएगा। बता दें रुपाणी ने 26 दिसंबर 2017 को दूसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा ने गुजरात में 182 सीटों में से 99 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। विधानमंडल दल की बैठक में रुपाणी को विधायक दल का नेता और नितिन पटेल को उपनेता चुना गया था। नए मुख्यमंत्री की रेस में 4 नाम शामिल रुपाणी के इस्तीफे के बाद ये अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि अब अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री पुरषोत्तम रुपाला, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल और गुजरात भाजपा के अध्यक्ष सीआर पाटिल के नाम आगे हैं। बीते कुछ दिनों से चल रही थीं नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बीते कुछ दिनों से गुजरात सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लग रही थीं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार रात करीब 8 बजे अचानक अहमदाबाद पहुंचे थे। उनके गुजरात आने का कोई तय शेड्यूल नहीं था। एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने राज्य गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, मेयर किरीट परमार और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन हितेश बारोट पहुंचे थे। हालांकि गुरुवात रात को अमित शाह अपनी बहन के घर पहुंचे थे तो लगा कि पारिवारिक काम से आए होंगे, लेकिन अब लग रहा है कि शायद सत्ता में बदलाव के सिलसिले में ही वे गुजरात पहुंचे होंगे। हार्दिक पटेल बोले- जनता को गुमराह कर रही भाजपा रूपाणी के इस्तीफे पर पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। कोरोना में अव्यवस्था और नाकामी की वजह से लोगों में नाराजगी थी। ऐसे में भाजपा सीएम बदलकर लोगों को गुमराह कर रही है। उसने उत्तराखंड में भी यही किया है।

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BBC खुलासा : मोदी सरकार ने विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए

– BBC की रिपोर्ट – साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं  – इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे  नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना (पीएमजेएवाई) के प्रचार पर जितना ख़र्च किया उससे कहीं अधिक ख़र्च नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे विवादित क़ानूनों से जुड़े विज्ञापनों पर किया। भारत में बेहतर इलाज के लिए ग़रीबों को आर्थिक मदद देने के लिए आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हुई थी। साल 2020 में कोविड-19 महामारी का असर झेल रहे लोगों के लिए इसके दायरे को बढ़ाया गया था। बीबीसी ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) का इस्तेमाल करते हुए कोरोना महामारी के दौर में विज्ञापन के ख़र्च में मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक़ अप्रैल 2020 से लेकर जनवरी 2021 के बीच मोदी सरकार ने विज्ञापनों पर कुल 212 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें से केवल 0.01 फ़ीसदी यानी 2 लाख 49 हज़ार रुपए सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना के विज्ञापन पर खर्च किए गए हैं। इस डेटा में आउटडोर मीडिया विज्ञापनों (सड़कों और बाहर लगने वाले पोस्टर वगैरह) पर ख़र्च का हिसाब शामिल नहीं है। भारत सरकार के ताज़ा आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार देश में केवल 3.76 फ़ीसदी लोग की स्वास्थ्य बीमा लेते हैं जबकि वैश्विक स्तर पर क़रीब 7.23 फ़ीसदी लोग स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठाते हैं। तो सरकार ने खर्च कहां किया? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर अक्सर विज्ञापनों में ज़रूरत से अधिक ख़र्च करने के आरोप लगते रहे हैं। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से सरकार ने जनवरी 2021 तक विज्ञापनों में कुल 5,749 करोड़ रुपए ख़र्च किए हैं। इससे पहले की यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में विज्ञापनों पर 3,582 करोड़ रुपए ख़र्च किए थे। बीबीसी यह पड़ताल करना चाहती थी कि मौजूदा सरकार किस मद में अधिक ख़र्च कर रही है।  इसके लिए सूचना के अधिकार के तहत भारत सरकार के ‘ब्यूरो ऑफ़ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ को सूचना के अधिकार के तहत अर्ज़ी भेजी गई। यह विभाग सरकार के दिए जाने वाले विज्ञापनों का लेखा-जोखा रखता है। आरटीआई के जवाब में ब्यूरो ने 2,000 पन्नों के दस्तावेज़ भेजे जिनमें मई 2004 से लेकर जनवरी 2021 के बीच प्रिंट मीडिया, टेलीविज़न, डिजिटल और आउटडोर प्लेटफ़ॉर्म पर सरकारी विज्ञापनों पर किए ख़र्च का हिसाब था। इन आंकड़ों को समझने पर सामने आया कि जिस वक्त कोरोना महामारी देश में क़हर बरपा रही थी, उस वक्त सरकार अपने कार्यकाल में लाए कुछ विवादित क़ानूनों के बचाव और उनके बारे में अधिक जागरूकता फैलाने के लिए विज्ञापन दे रही थी। इन क़ानूनों में नागरिकता संशोधन क़ानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और कृषि क़ानूनों जैसे क़ानून शामिल थे जिन्हें लेकर हाल के महीनों में काफ़ी विवाद हुआ है। योजना के फ़ायदे के बारे में किसे कितनी जानकारी? साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 हज़ार रुपए से कम प्रति माह की आय वाले भारतीय परिवारों के लिए ये स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की थी। मोदी समर्थकों ने इस योजना को ‘मोदीकेयर’ कहा था और दावा किया कि ये योजना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा लांच की गई जानी मानी ‘ओबामाकेयर’ की तर्ज पर है। कोविड महामारी की पहली लहर के दौरान संक्रमण के मामले बढ़े तो इसका दवाब देश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ा जो मरीज़ों की बढ़ती संख्या के कारण चरमराने की अवस्था तक पहुंच गई। इस दौरान हज़ारों लोगों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख़ किया और कई परिवारों के लिए ज़रूरी पैसों की व्यवस्था करना बड़ी समस्या बन गया। ऐसे में सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया और कइयों के लिए ये सरकारी बीमा योजना बेहद अहम साबित हुई। अप्रैल 2020 में सरकार ने कहा कि निजी और सरकार के साथ जुड़े सार्वजनिक अस्पतालों में कोरोना वायरस की टेस्टिंग और कोविड-19 के इलाज का ख़र्च इस बीमा योजना के तहत कवर होगा। इसी साल 18 अगस्त को घोषणा की गई थी कि आयुष्मान योजना के तहत 2 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई हैं . इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने की सूरत में लाभार्थियों को कैशलेस इलाज मिलता है और साल में एक परिवार के सदस्यों के इलाज पर 5 लाख तक के ख़र्च को कवर किया जाता है। आरटीआई के ज़रिए हमें पता चला कि 2018 के आख़िर से लेकर 2020 की शुरुआत तक सरकार ने आयुष्मान योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 करोड़ रुपयों से अधिक के विज्ञापन दिए हैं। मगर कोरोना महामारी के दौरान ये ख़र्च काफ़ी हद तक कम कर दिया गया और सरकार की सकारात्मक छवि दिखाने वाले अभियानों पर अधिक ख़र्च किया गया। इनमें सरकार का ‘मुमकिन है’ अभियान शामिल है जिसके केंद्र में पीएम मोदी की छवि थी। बीबीसी ने स्वास्थ्य योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले विज्ञापनों पर ख़र्च बनाम विवादित क़ानूनों के बारे में विज्ञापन के संबंध में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्र सरकार के आयुष्मान योजना में पंजीकरण कराने के बावजूद राजस्थान के सीकर में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद को अस्पताल का बिल देना पड़ा। राजेंद्र के भाई सुभाष चंद के पास प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड है। इस साल मई में कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। राजेंद्र ने बीबीसी संवाददाता सरोज सिंह को बताया था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इस सरकारी योजना के तहत कौन से अस्पताल सूचीबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘अस्पताल के डॉक्टर ने आयुष्मान भारत येजना कार्ड को स्वीकार करने से मना कर दिया और मेरे भाई का इलाज करने से इनकार कर दिया। अब मुझे लगता है कि इस कार्ड के होने का हमारे लिए कोई फ़ायदा नहीं है।’ हालांकि राजस्थान राज्य स्वास्थ्य योजना की कार्यकारी अधिकारी अरुणा राजोरिया का कहना है कि आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को एसएमएस के ज़रिए एक … Read more

सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म

महिला ने बताया कि, मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. MP : रुढ़िवादी सोच तोड़ सिंगल मदर बनीं भोपाल की संयुक्ता, स्पर्म डोनेशन के जरिए दिया बेटे को जन्म बिना पति के मां बना एक औरत के लिए आज के समय में भी बहुत बड़ा चैलेंज है. समाज ऐसी महिलाओं को स्वीकार नहीं करता है. इन जैसी और भी कई बातों और रुढ़िवादी सोच को तोड़कर भोपाल (Bhopal) की 37 साल की संयुक्ता बनर्जी ने अपने लिए कुछ अलग चुना है. हालांकि ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था, लेकिन परिवार और दोस्तों से मिले सपोर्ट के बाद उसके लिए मुश्किले और आसान हो गई. संयुक्ता बनर्जी ने काफी सोचने के बाद बिना पार्टनर के ही मां (single mother) बनने का फैसला लिया और स्पर्म डोनेशन (sperm donation) के जरिए अगस्त में एक बेटे को जन्म दिया है संयुक्ता का आज अपने इस फैसले पर गर्व है. संयुक्ता का कहना है कि उनके परिवार और दोस्तों ने मानसिक और भावनात्मक बहुत सहयोग किया जिसकी वजह से उन्हें ये फैसला लेने में कोई मुश्किल नहीं आई. बच्चा गोद लेने का भी कोशिश की थी लेकिन गोद नहीं मिला उन्होंने बताया कि तीन बार बच्चा गोद लेने की कोशिश की थी, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद एक फैमिली डॉक्टर ने उन्हें आईसीआई तकनीक के बारे में बताया. जिसके बाद उनका मां बनने का सपना पूरा हो गया. सरोगेसी से मां बनना बहुत मंहगा प्रोसेस है संयुक्ता ने बताया कि उनकी शादी 20 अप्रैल 2008 में हुई थी. पति को बच्चा नहीं चाहिए था लेकिन मुझे मातृत्व का सुख लेना था. 2014 में दोनों की राहें अलग हो गईं और 2017 में तलाक हो गया. फिर मैंने नए सिरे से जिंदगी शुरू की. चूंकि मैं मां बनना चाहती थी, इसलिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण से बच्चा गोद लेने के लिए दो बार रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन बच्चा गोद नहीं मिल पाया. इसके बाद मेरे फैमिली डॉक्टर ने सेरोगेसी, आईवीएफ, आईसीआई और आईयूआई जैसी तकनीक के बारे में बताया. इसमें बिना पार्टनर के भी मां बना जा सकता है. 24 अगस्त को दिया बेटे को जन्म उन्होंने कहा कि, मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया. इसमें बिना किसी के संपर्क में आए केवल स्पर्म डोनेशन लेना होता है. इसमें डोनर की पहचान गोपनीय रहती है. फरवरी में मुझे पता चला मैंने कंसीव कर लिया है. डॉक्टर की देखरेख में मैंने 24 अगस्त को बेटे को जन्म दिया. पहले मैंने सरोगेसी से बच्चा पैदा करने के बारे में सोचा था लेकिन यह तकनीक बहुत महंगी है. इसमें काफी रुपया खर्च होने के बाद भी सक्सेस रेट बहुत कम है. इसके बाद टेस्ट ट्यूब बेबी पर भी विचार किया लेकिन उसमें भी बात नहीं बनी. तब मैंने आईसीआई तकनीक को अपनाया. ‘मैं पापी हो गई हूं. मेरा पाप सामने आ गया’ संयुक्ता कहती हैं, अगर आप शादी के बंधन में हैं तो मां बने बिना एक महिला अस्तित्व ही न पूरा कर पाए. लेकिन अगर शादीनुमा संस्थान से या तो निकल गए हो या शादी ही नहीं की है तो एक महिला का मां बनना पाप माना जाता है. इस तरह से अब इस समाज की नजरों में मेरा एक पाप सामने आ चुका है और मैं पापी हो गई हूं वह कहती हैं कि मेरी मां 70 साल की उम्र में साये की तरह मेरे साथ खड़ी रहीं. कुछ दोस्तों ने भी हर मोड़ पर मेरा साथ दिया जिससे राह आसान हो गई.

MP : बीजेपी प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने बताया नेताओं को नालायक

मंत्री न बनाए जाने से नाराज नेताओं को प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने नसीहत दी भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी (Madhya Pradesh Bjp) के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव (muralidhar rao) ने गुरुवारो को पार्टी से नाखुश विधायक-सांसदों को सख्त लहजे में नसीहत देते हुए कहा है कि जो लगातार तीन-तीन, चार-चार बार से विधायक-सांसद बन रहे हैं, पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ऐसे नेताओं के पास कहने को कुछ और नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर ऐसे नेता फिर भी ये कहते हैं कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई और नहीं है. उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. दरअसल, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने पार्टी के उन नेताओं पर निशाना साधा, जो लगातार पदों पर बन रहने की मांग करते हैं. मुरलीधर राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. ‘सब होने के बाद रोने वालों को नहीं मिलना चाहिए कुछ’ दरअसल मुरलीधर राव गुरूवार को भोपाल स्थित संत रविदास मंदिर में अनुसूचित जाति मोर्चा के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान राव ने कहा कि लगातार 4 बार 5 बार से सांसद, विधायक बनना, लगातार प्रतिनिधित्व करना, यह जनता का दिया हुआ वरदाना होता है. इसके बाद रोने के लिए कुछ नहीं होना चाहिए, ऐसे नेता अगर कहे कि उन्हें मौका नहीं मिला तो उनसे बड़ा नालायक कोई नहीं, मुरलीधर राव ने कहा कि उन्हें मौका मिलना भी नहीं चाहिए. सीनियर नेताओं को बड़ी नसीहत दी है राव ने मुरलीधर राव की दो टूक लाइन के बाद‌ साफ है कि आने वाले दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं का पत्ता कट सकता है और नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. दरअसल इस बार मंत्रिमंडल में बीजेपी के कई सीनियर नेताओं को स्थान नहीं मिला था. ऐसे में ये नेता अपने तीखे बयानों के जरिए पद की मांग करते रहते हैं. इन्ही सब बातों को देखते हुए मंत्री न बनाए जाने की नाराजगी को लेकर ही प्रदेश प्रभारी ने सीनियर नेताओं को नसीहत दी है. इन नेताओं के लिए मुरलीधर राव का यह बयान बड़ा संदेश माना जा रहा है. राव अपने बयानों को लेकर मध्य प्रदेश में इन दिनों बहुत चर्चाओं में है. एक दिन पहले ही उन्होंने राजगढ़ में बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि संगठन के नेता दौरे करें. जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद करें वरना उनकी छुट्टी कर दी जाएगी.

MP : कोरोना पर CM शिवराज अलर्ट, आपात बैठक बुलाई

नागपुर, मुंबई में केस बढ़े हैं, मप्र में  दो हफ्ते से फिर केस मिलने लगे जबलपुर कलेक्टर का आदेश- कोई भी बिना मास्क न दिखे राजगढ़/जबलपुर.  कोरोना एक बार फिर से चिंता बढ़ा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को कोरोना से अलर्ट किया है। सीएम ने कहा- ‘केरल की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। हमारे पड़ोसी राज्यों में भी लगातार केस बढ़ रहे हैं। मप्र में भी पिछले दो सप्ताह में केस में उछाल देखा गया है। हमें सतर्क रहने की जरूरत है।’ मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कोरोना के बढ़ते केस को लेकर आपात बैठक बुलाई है। यह बैठक एक घंटे चलेगी। इसमें कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा सकता है। इधर, जबलपुर में लगातार मिले नए संक्रमितों ने चिंता बढ़ा दी है। कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति बगैर मास्क के घूमता नजर नहीं आना चाहिए। इसका सख्ती से पालन किया जाए। राजगढ़ में सीएम शिवराज ने कहा- सरकार का टारगेट है कि सितंबर अंत तक वैक्सीन का पहला डोज सभी पात्रों को लग जाए। केंद्र सरकार हमें नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवा रही है। पहले डोज के साथ हमें दूसरे डोज की भी चिंता करना पड़ेगी। इसलिए पहला डोज लगवा चुके, पात्र दूसरा डोज भी लगवा लें। प्रदेश के कई जिलों में कोविड केस की संख्या फिर से बढ़ने लगी है। हमारे पड़ोसी राज्यों में, खासकर दक्षिण के राज्यों में लगातार केसों की संख्या बढ़ रही हैै। केरल की स्थिति सब जानते हैं। महाराष्ट्र में नागपुर, मुंबई, पुणे में फिर से केस बढ़ने लगे हैं। हमारी कोशिश तीसरी लहर नहीं आए सीएम ने कहा- सरकार अभियान चला ही रही है। जनता के सहयोग से जिले, ब्लॉक और पंचायत की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पहली प्राथमिकता सबको वैक्सीन का डोज लगाना, जिन्हें पहला लगा, उन्हें दूसरा लगाना। दूसरा, कोविड नियम का पालन करना। संक्रमण फैले ऐसा कोई भी काम नहीं करें। तीसरा -तीसरी लहर आई तो उससे निपटने के लिए हमने सारी व्यवस्थाएं बना ली हैं। ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, बच्चा वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट लगाना। हमारी कोशिश यह है कि तीसरी लहर प्रदेश में नहीं आए। मप्र में 7 सितंबर की स्थिति पिछले 24 घंटे में जबलपुर में 12, भोपाल में 2, इंदौर में 1, राजगढ़ में 1 केस सामने आए है। मप्र में अभी 137 एक्टिव केस हैं। बुधवार को इनमें से 6 लोग ठीक होकर घर लौट गए। अभी पॉजिटिविटी रेट 0.02 है। वहीं, मृत्युदर 00 फीसदी है।

MP के 3 नेता-कारोबारी ने किया नाबालिग से रेप, गिरफ्तार

भोपाल के दो होटलों में BJP-JDU नेताओं और पेट्रोल पंप संचालक पकड़े गए भोपाल. हरियाणा के पलवल से भाग कर आई एक नाबालिग से भोपाल के दो होटल और एक फ्लैट में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। एमपी नगर के होटल से गैंगरेप करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने डिंडौरी जिले से पकड़ा है। गैंगरेप में शामिल एक भाजपा का पदाधिकारी है, जबकि दूसरा आरोपी जेडीयू डिंडौरी का जिला अध्यक्ष है। तीसरा आरोपी कारोबारी है। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को पूर्व में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक डिंडौरी भाजपा जिला कार्यालय मंत्री मनीष नायक, जेडीयू का जिलाध्यक्ष दिनेश अवधिया और पेट्रोल पंप संचालक अमित सोनी को हिरासत में लिया गया है। इन पर किशोरी से दुष्कर्म करने का आरोप है। बता दें, नाबालिग अशोका गार्डन निवासी पारूल को बस में मिली थी। अशोका गार्डन थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। वह उसे काम दिलाने के लिए भोपाल लेकर आई थी। यहां अशोका गार्डन के अस्सी फीट रोड स्थित अमन होटल में रुकवाया था। पारूल के जानने वाले सैफ ने नाबालिग को पास के फ्लैट में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके अगले दिन पारुल उसे एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गई, जहां दो लोगों ने दुष्कर्म किया। तीसरे दिन फिर उसके साथ एक अन्य होटल में दुष्कर्म किया। इस मामले में पीड़िता ने अशोका गार्डन थाने में सीमा, पारूल और सैफ समेत अन्य तीन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। दोनों होटलों में दुष्कर्म करने वाले डिंडौरी के नेता और व्यापारी को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में लिया है। होटल से मिली तीनों आरोपियों की जानकारी पीड़िता इन तीनों आरोपियों के नाम नहीं जानती थी। पुलिस ने होटल से जानकारी निकाली गई, जिसमें पता चला कि डिंडौरी निवासी मनीष नायक, दिनेश अवधिया, अमित सोनी नाम के व्यक्ति होटल में 18 अगस्त की रात ठहरे हुए थे। सोमवार को पुलिस डिंडौरी पहुंची, जहां से तीनों आरोपियों को लेकर भोपाल पहुंची। देह व्यापार में धकेली गई पीड़िता का दर्द मेरी उम्र 17 साल 8 महीने है। मैं, जिला पलवल, हरियाणा के एक गांव की रहने वाली हूं। घर से 13 अगस्त को भागकर मुंबई जाने के लिए मथुरा आई थी। वहां से मुझे किसी ने बताया कि इंदौर होते हुए तुम्हें मुंबई के लिए बस मिल जाएगी। तो मैं इंदौर की बस में बैठकर आ रही थी। मुझे बस में एक लड़की मिली। जिसने अपना नाम पारुल राठौर बताया था। उसके बाद पारुल ने मुझे बताया कि वह भोपाल में अकेली रहती है। उसने कहा कि तुम मेरे साथ भोपाल चलो। मैं तुम्हें काम धंधा दिला दूंगी। उसकी बात मानकर मैं भोपाल आ गई। मुझे उसने अशोका गार्डन के अमन होटल में अपनी आईडी लगाकर रुकवाया। इसके बाद पारुल ने मुझे कहा कि तुम मेरे साथ गलत काम करने लगोगी तो तुम्हें कुछ पैसे कमा लोगी। उसके बाद पारुल ने मुझे कहा कि तुम मेरे साथ चला करो। 16 अगस्त को पारुल अमन होटल के पास ही एक फ्लैट पर लेकर मुझे गई। जहां, सैफ नाम के व्यक्ति ने मेरे साथ पहली बार दुष्कर्म किया। पारुल ने सैफ से 1500 रुपए लिए। अगले दिन पारुल ने सीमा नाम की अपनी सहेली को फोन किया। पारुल मुझे लेकर एमपी नगर स्थित एक होटल में ले गई। जहां दो लोगों ने गलत काम किया। पारुल ने दोनों लोगों से 6 हजार रुपए लिया था। इसके अगले दिन मुझे फिर एक होटल में ले जाया, जहां एक व्यक्ति ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। अगले रोज पारुल मुझे फिर एक होटल में भेज रही थी। तब मैंने मना कर दिया। इसपर मुझे पारुल ने कहा कि तुम काम नहीं करोगी तो जान से हमारे लोग मार देंगे। होटल में उसके आदमी तैनात रहते थे, जो मुझपर हर पल नजर रखते थे। 19 अगस्त को मैं मौका पाकर होटल से भाग थाने पहुंची। जहां, अशोका गार्डन थाने में पुलिस को आप बीती बताई।

भारत बंद की तैयारियां तेज:संयुक्त किसान मोर्चा ने तय किया राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम

गाजियाबाद. कृषि कानूनों के खिलाफ 27 सितंबर को प्रस्तावित भारत बंद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्यवार बैठकों का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य एवं भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता युद्धवीर सिंह के अनुसार, किसान संगठन 11 सितंबर को पटना में एक सम्मेलन करेंगे। मध्यप्रदेश के सभी जिलों में तैयारी बैठकें 10 सितंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। उत्तर प्रदेश में एसकेएम के “मिशन यूपी’ की अहम बैठक 9 सितंबर को लखनऊ में होगी। 15 सितंबर को राजस्थान के जयपुर में किसान संसद होगी। युद्धवीर सिंह ने कहा कि ये सभी बैठकें कहीं न कहीं 27 सितंबर के प्रस्तावित भारत बंद की तैयारियों से जुड़ी हैं। अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार बैठकें-पंचायत करके सभी किसान-मजदूर संगठनों का समर्थन लिया जा रहा है। इन बैठकों के बाद ये संगठन अपने-अपने राज्य में बंदी के लिए जनसंपर्क करके जनसमर्थन हासिल करेंगे। महापंचायत पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार पांच सितंबर को यूपी के मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत पर किसान संगठनों ने एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनवाई है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट करके बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म 17 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के सभी अधिकारिक प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम की जाएगी। चुनाव नजदीक देख किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर जैसे-जैसे यूपी-उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह किसान आंदोलन फिर से जोर पकड़ रहा है। पांच सितंबर की मुजफ्फरनगर महापचंायत और सात सितंबर की करनाल महापंचायत इसी का नतीजा है। करनाल में खुद राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपनी टीम को लेकर डटे हुए हैं। इधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने कह दिया है कि सभी राज्यों में एसकेएम की समितियां बनाई जाएं। साफ है कि किसान संगठन अब इस आंदोलन को दिल्ली बॉर्डर के साथ-साथ गांव-गांव, जिले-जिले तक ले जाना चाहते हैं।

37 करोड़ रुपए का इनामी अफगानिस्तान का गृहमंत्री; 13 साल पहले भारत को जख्म दिया था

काबुल. 20 साल बाद अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान छोड़ा। 20 साल बाद ही एक बार फिर तालिबान ने हुकूमत का औपचारिक ऐलान कर दिया। तालिबान घोषित आतंकी संगठन है और जाहिर सी बात है कि उसकी सरकार में दहशतर्दों को ही जगह मिलनी थी, और मिली भी। एक नाम और उसका ओहदा या कहें पोर्टफोलियो, अमेरिका और दुनिया को चौंका रहा है। ये नाम है सिराजुद्दीन हक्कानी। वो कितना खूंखार आतंकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने उस पर 50 लाख डॉलर (इंडियन करेंसी के मुताबिक करीब 37 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित कर रखा है। सिराजुद्दीन और उसके पिता ने 2008 में काबुल के भारतीय दूतावास पर भी हमला कराया था। इसमें 58 लोग मारे गए थे। 2011 में अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ रहे जनरल माइक मुलेन ने हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का दायां हाथ और एजेंट बताया था। फिदायीन हमले इसके दिमाग की उपज फिदायीन हमलों का इतिहास कई दशक पुराना है। माना जाता है कि श्रीलंका में सिविल वॉर के वक्त इनकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अफगानिस्तान में फिदायीन या आत्मघाती हमले शुरू करने वाला हक्कानी नेटवर्क और खास तौर पर यही सिराजुद्दीन हक्कानी माना जाता है। अफगानिस्तान में इन हमलों में अब तक हजारों बेकसूर मारे जा चुके हैं। सिराजुद्दीन ने अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई की हत्या की साजिश भी इन्हीं हमलों के तहत रची थी। ये नाकाम रही। कहा जाता है कि सिराजुद्दीन का बाप और हक्कानी नेटवर्क की स्थापना करने वाला जलालुद्दीन हक्कानी 2013 या 2015 के बीच मारा गया, लेकिन सिराजुद्दीन 2001 के बाद से ही हक्कानी नेटवर्क का सरगना बना हुआ है। सिराजुद्दीन पाकिस्तान के वजीरिस्तान में ही रहता है। हक्कानी नेटवर्क को जानना जरूरी इसको संक्षिप्त में समझ लेते हैं। 1980 के आसपास सोवियत सेना ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। अमेरिका ने इसे अपनी तौहीन समझा। पाकिस्तान के साथ मिलकर स्थानीय कबीलों को हथियार और पैसा दिया। इनमें हक्कानी नेटवर्क भी शामिल था। इसके बाद तालिबान बना और अमेरिका ने इन गुटों से दूरी बनानी शुरू कर दी, लेकिन पाकिस्तान इन्हें पालता-पोसता रहा। ISI ने हक्कानी नेटवर्क का इस्तेमाल अफगानिस्तान और अमेरिका दोनों के खिलाफ किया। ये एजेंसी पैसे भी लेती और हमले भी कराती। अमेरिका की ये नाकामी ही कही जाएगी कि वो पाकिस्तान पर दबाव डालकर हक्कानी नेटवर्क को खत्म नहीं करा सका। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क: कितने पास, कितने दूर शायद कम लोगों को पता होगा कि तालिबान किसी एक संगठन का नाम नहीं है। इसमें कई गुट, कई कबीले और कई धड़े हैं। हक्कानी नेटवर्क को आप इनमें से एक मान सकते हैं। अफगान तालिबान अलग है और पाकिस्तान तालिबान अलग। बस एक चीज कॉमन है। ये सभी कट्टरपंथी और आतंकी संगठन हैं जो शरीयत के हिसाब से हुकूमत चलाना चाहते हैं। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क अपनी सुविधा के हिसाब से एक-दूसरे का इस्तेमाल करते हैं। अफगान तालिबान को सत्ता में आने के लिए हक्कानी नेटवर्क ने दिल-ओ-जान से मदद की। नतीजा सामने है। उसका सरगना अब अफगानिस्तान का होम मिनिस्टर होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो तालिबान और हक्कानी नेटवर्क एक होकर भी अलग हैं, और अलग होकर भी एक हैं। हक्कानी नेटवर्क का खूनी खेल 2001: सिराजुद्दीन हक्कानी नेटवर्क का चीफ बना 2008 : में भारतीय दूतावास पर हमला, 58 की मौत 2012 : में अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क को बैन किया 2014 : में पेशावर स्कूल पर हमला, 200 बच्चे मारे गए 2017 : काबुल में हमला, 150 से ज्यादा लोगों की मौत

रात में अफसर को VIDEO कॉल और ब्लेकमेलिंग: बात करते-करते न्यूड हो गई

ग्वालियर। ग्वालियर में राजस्व विभाग के अफसर को हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। यहां आरोपी महिला ने पहले तो अफसर को वीडियो कॉल किया। इसके बाद खुद के कपड़े उतारकर ये कॉल रिकॉर्ड कर ली। बाद में यही वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की मांग की गई। इस पर अफसर ने रुपए देने से इनकार कर दिया। इस घटना का जिक्र रात को ही अफसर ने अपने फेसबुक पर किया है। सहायक भू-अभिलेख अधिकारी (एएसएलआर) रविनंदन तिवारी ने अपने फेसबुक एकाउंट पर शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे एक पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में रविनंदन तिवारी ने लिखा है कि शुक्रवार रात 10.45 बजे उनको 9670425088 नंबर से वीडियो कॉल आया था। कॉल पर दूसरी तरफ महिला ने कुछ देर बात की फिर अश्लील प्रदर्शन करने लगी। इसके बाद रविनंदर ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। करीब 11.10 बजे फिर वीडियो कॉल आया। लेकिन इस बार भी रविनंदन ने कोई बात नहीं। 20 मिनट बाद आया एडिट वीडियो रविनंदन तिवारी ने आगे बताया, दूसरा कॉल डिस्कनेक्ट करने के करीब 20 मिनट बाद उनके वॉटसऐप पर एक वीडियो आया। इसमें वही लड़की थी पहले वीडियो कॉल कर रही थी। यह एक अश्लील वीडियो था। जिसमें, रविनंदर का चेहरा भी लगाया गया था। साथ ही इस वीडियो के साथ एक मैसेज आया जिसमें लिखा था, ‘ अगर चाहते हो कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल न हो तो उसे 50 हजार रुपए दे दे। ऐसा न करने पर वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगे। इसके बाद ब्लैक मेकर ने चैट से वह वीडियो डिलीट कर दिया। इसके बाद रविनंदन तिवारी का कहना है कि प्रतिष्ठा बनाने में जीवन लग जाता है, लेकिन कोई आपका सम्मान इस तरीके से भी बर्बाद करने के तरीके ढूंढ़ सकता है। सोच भी नहीं सकता था। रात भर नींद नहीं आई।

CM योगी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर हाउस अरेस्ट

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव (2022 uttar pradesh assembly election) होने हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aadityanath) के खिलाफ इस बार विधानसभा चुनाव, चर्चित रिटायर आईपीएस अमिताभ ठाकुर (ips amitabh thakur)ने लड़ने का एलान किया है. सीएम के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने के बाद से अमिताभ ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. अमिताभ ठाकुर को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है. इस बात की जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट के जारिए दी है. वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें केवल गोरखपुर जाने से रोका गया है. अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि उन्हें गोरखपुर जाने से रोका गया है. पुलिस घेरे में रखा गया है. उनकी पुलिस से बातचीत चल रही है. अमिताभ पर है रेप आरोपी का साथ देना का आरोप पुलिस का कहना है कि उन पर रेप आरोपी का साथ देने का आरोप है. अभी उन पर लगे आरोपों की जांच चल रही है. कमेटी ने इन आरोप की जांच के लिए इन्हें तलब किया है. कमेटी के सामने इन्हें पेश होना है. इसलिए ही उन्हे लखनऊ से बाहर जाने से रोका गया है. बावजूद इसके इन्होंने प्रतिबंध का उलंघन किया है. एक हफ्ते पहले ही चुनाव लड़ने की घोषणा की बता दें कि अमिताभ ने एक हफ्ते पहले सीएम योगी के खिलाफ यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का घोषणा की थी. वो सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनावी जनसंपर्क के लिए गोरखपुर जा रहे थे. इस बीच उन्हें एसीपी गोमतीनगर ने घर के बाहर ही रोक दिया. अमिताभ ठाकुर फिलहाल आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थे. उन्हे जबरन रिटायर किया गया था. अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस हैं.

राजधानी की बदहाल सड़कों पर भड़के CM शिवराज, CPA तत्काल प्रभाव से खत्म

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल की खराब सड़कों पर नाराजगी जताई। CM ने भोपाल के कमिश्नर-कलेक्टर और एजेंसियों के साथ बैठक में अफसरों को फटकार लगा दी। उन्होंने कहा कि मुझे कोई बहाना नहीं चाहिए, किसी भी तरह गड्ढे खत्म करें। भोपाल की सड़कों की जिम्मेदारी 1 या 2 एजेंसी के पास होनी चाहिए। ढेर सारी एजेंसियों की कोई जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से राजधानी परियोजना प्रशासन (CPA) समाप्त होनी चाहिए। इसकी जरूरत नहीं है। MP की राजधानी और झीलों की नगरी भोपाल की 50% सड़कें बारिश के कारण बदहाल हो गई हैं। ऐसी कोई सड़क नहीं है, जो गड्‌ढों से न पटी हो या फिर उन पर धूल के गुबार न उड़ रहे हों। हालत ये है कि बारिश होते ही सड़कों पर कीचड़ फैला जाता है। भोपाल की बदहाल सड़कों पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए थे। पूर्व CM दिग्विजय सिंह और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सड़कों के मुद‌्दे पर सरकार को घेर चुके हैं। पूर्व प्रोटेम स्पीकर और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी तीन दिन पहले हुई कार्यशाला में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह के सामने नाराजगी व्यक्त की थी। वहीं, जिम्मेदारों को कठघरे में खड़ा किया था। अफसरों ने गिनाएं तो CM बोले- मुझे कोई बहाना मत गिनाएं भोपाल की बदहाल सड़कों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समीक्षा बैठक में सड़क निर्माण से जुड़े अफसरों को जम कर फटकार लगाई। दरअसल, वे राजधानी की खराब सड़कों को लेकर नाराज थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आखिर यह नौबत ही क्यों आई। अभी तक आप लोग क्या कर रहे थे? जब अधिकारियों ने सड़कों के सुधार कार्य की स्थिति बतानी चाहिए तो उन्होंने टोकते हुए कहा कि बहाना नहीं चाहिए। पहले काम कराने का क्यों नहीं सोचा? इतनी सारी एजेंसियां आखिर करती क्या हैं? जब यह बताया गया कि राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) भी सड़कों का काम देखता है तो उन्होंने कहा कि इसे तत्काल खत्म करो। इसकी कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा- आप लोग कुछ करते हैं या नहीं? कोई तालमेल है कि नहीं है? कौन सी एजेंसी कहां काम कर रही है। यह नौबत क्यों कि रोज गड्ढे गिनो। इस पर डिवीजनल कमिश्नर कवींद्र कियावत ने जवाब दिया-भोपाल में पिछले दिनों सीवेज और वाटर लाइन के साथ-साथ मेट्रो का काम भी चला। वे इसके आगे कुछ बोलते, मुख्यमंत्री टोकते हुए कहा- कोई बहाना मत गिनाएं। यह तो बहुत अच्छा तरीका है कि यह हो गया या वो हो गया और खेल खत्म। हालांकि कियावत ने अफसरों के बचाव में फिर कहा- मेंटनेंस का काम अब हम शुरू कर रहे हैं… इस पर सीएम ने कहा- यह पहले क्यों नहीं सोचा कि उन कामों के साथ-साथ करें। इन सड़कों की हालत सबसे ज्यादा खराब कोलार गेस्ट हाउस से लेकर चिचली बैरागढ़ तक करीब 10 किमी सड़क का PWD ने 3 साल पहले रिन्युवल कराया था। इसके बाद सड़क की सुध नहीं ली। बारिश में जब सड़क जर्जर होती है, तो ठीक करा दिया जाता है। लेकिन, पिछले एक साल में सीवेज और कोलार लाइन बिछाने के लिए पूरी सड़क खोद दी गई। मंदाकिनी चौराहे से ललितानगर, नयापुरा, गेहूंखेड़ा में तो पूरी तरह से उखड़ी हुई है। होशंगाबाद रोड भी उखड़ चुका है। MP नगर से हबीबगंज रेलवे स्टेशन तक सड़क की हालत ठीक नहीं है। वीर सावरकर ब्रिज से मिसरोद तक की सर्विस लेन गैस लाइन बिछाने के लिए खोदी गई थी, जिसकी सही ढंग से मरम्मत नहीं की गई है। इस कारण होशंगाबाद रोड से जुड़ी करीब 200 कॉलोनी के लोग परेशान हो रहे हैं। मिसरोद के पास सड़क पर गड्‌ढे काफी गहरे हो चुके हैं। कई जगह डामर उखड़ चुका है। जिस पर गिट्‌टी डाल दी गई है। पुराने शहर की सड़कें भी ठीक नहीं है। भोपाल टॉकीज के सामने जर्जर सड़क का फोटो कांग्रेस नेताओं ने ट्वीट किया था। इसके बाद निगम ने सड़क के गड्‌ढों पर मिट्‌टी भर दी थी। बावजूद राहगीरों की समस्या दूर नहीं हुई है। थोड़ी बारिश होते ही मिट्‌टी कीचड़ में बदल जाती है। अल्पना टॉकीज के पास भी यही स्थिति है। घोड़ा नक्कास, नवबहार सब्जी मंडी में भी सड़क उखड़ चुकी है। बिट्‌ठन मार्केट, कमला पार्क के पास, एम्स क्षेत्र, बाग सेवनिया, अवधपुरी, गेहूंखेड़ा, रायसेन रोड, करोंद, डीआईजी बंगला क्षेत्र आदि इलाकों में भी सड़कें गड्‌ढों में गायब हो चुकी हैं। कमिश्नर से पहले सीएम ने बुला ली बैठक सड़कों की जर्जर हालत के चलते भोपाल कमिश्नर कवींद्र कियावत ने एक स्पेशल टीम भी बनाई थी, जिसे 20 अगस्त को रिपोर्ट सौंपना था। कमिश्नर आज बैठक लेने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मीटिंग बुला ली। मीटिंग में सीएस, पीएस पीडब्ल्यूडी, सीपीए, भोपाल कलेक्टर, नगर निगम के अधिकारी उपस्थित हैं।

इंदौर में पुलिस पर पथराव, हवाई फायर: आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल

इंदौर। बड़गोंदा में बुधवार को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। एक पक्ष के लोगों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। यहां डायल-100 पर पथराव भी किया गया, जिसमें कांच फूट गए। इस दौरान SDOP, TI व बल पर भी पत्थर बरसाए गए। इसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। काबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायर भी करना पड़े। मामला दोपहर महू तहसील मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर मेढ़ के समीप आदिवासी बाहुल्य मार्ग रसानिया माल मोगरा घाटी का है। यहां ग्रामीण जितेंद्र कटारे और छोटेलाल भील के परिवार आमने-सामने हो गए। सूचना के बाद बड़गोंदा थाना क्षेत्र की डायल 100 मौके पर पहुंची। पुलिस वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी कुछ समझते, उसके पूर्व ही डायल 100 पर एक पक्ष ने पथराव कर दिया। पायलेट ने समझदारी दिखाते हुए वाहन को रिवर्स मोड़ लिया। बावजूद, पथराव से ना सिर्फ डायल 100 के कांच फूट गए, बल्कि ASI व 3 जवानों को भी चोटें आईं। इसके बाद SDOP विनोद शर्मा, किशनगंज थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया व एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे। इस दौरान 300 से अधिक लोग यहां इकट्‌ठा हो गए। इन लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई के दौरान पथराव कर दिया। इसके बाद किशनगंज TI ने हवाई फायर किए, जबकि मौजूद पुलिसकर्मी भागे। बाद में यहां ASP पुनीत गेहलोत, SDOP विनोद शर्मा सहित अन्य थाना प्रभारी व भारी पुलिस बल पहुंचा, तब कहीं स्थिति को काबू किया गया। इन पर हुई कार्रवाई रीना बाई पति जितेंद्र की रिपोर्ट पर करण पिता सुखराम, मेघु पिता सुखराम, विजय पिता सुखराम और राजू बाई सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है, जबकि राजू बाई पति छोटेलाल भील की रिपोर्ट पर जिरावर, ईश्वर, जितेद्र, जादूसिंह आदि पर केस दर्ज किया गया है। ये पुलिसकर्मी घायल हुए घटना में ASI ओमप्रकाश स्वामी, प्रधान आरक्षक सुरेश परमार, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक विजय चौहान व 100 डायल पायलेट विपिन पारवे सहित अन्य पुलिसकर्मी। हालांकि सभी कही स्थिति ठीक बताई जा रही है। विवाद का कारण सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों में पिछले कई दिनों से जमीन विवाद को लेकर चला आ रहा है। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ बड़गोंदा थाना में लिखित शिकायतें की है। बताया जाता है कि उक्त गांव में आदिवासियों ने करीब 75 बीघा वन भूमि पर कब्जा किया है।

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