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देश में जरूरी स्थानों पर लगे हैं भारतीय Iron डोम एक्टिव- रक्षा अधिकारी

नई दिल्ली भारत ने पाकिस्तान में बड़ी एयर स्ट्राइक की है. भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान और पीओके के 9 लोकेशंस पर हवाई हमला किया है. इन हमलों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इस स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की तरफ से किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए भारत पूरी तरह तैयार है. रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सभी एयर डिफेंस यूनिट्स एक्टिवेट कर दिए गए हैं. वायु सेना की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि भारत ने तीन लोकेशन पर स्ट्राइक किया है, और उसने बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में हमले की बात स्वीकार की है. भारत की स्ट्राइक को लेकर DG ISPR की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान इसका जवाब देगा. हालांकि, भारत ने इसकी पूरी तैयारी कर रखी है. एयर स्ट्राइक पर क्या बोले शहबाज शरीफ? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि भारत ने पांच जगहों पर हमले किए हैं. उनका कहना है, “भारत द्वारा थोपे गए इस युद्ध का पाकिस्तान को जोरदार तरीके से जवाब देने का पूरा अधिकार है और जोरदार जवाब दिया जा रहा है. पाकिस्तानी राष्ट्र और पाकिस्तानी सशस्त्र बल जानते हैं कि दुश्मन से कैसे निपटना है.” एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में कैसा है माहौल? वायु सेना की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने लाहौर और सियालकोट में अपना एयरपोर्ट बंद कर दिया है. इन एयरपोर्ट्स पर उड़ानें 48 घंटे के लिए बंद की गई हैं. पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस भी बंद कर दिया है और सभी उड़ानों को कराची के लिए डाइवर्ट किया गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, वायु सेना की स्ट्राइक में तीन लोग मारे गए हैं और 12 घायल हुए हैं. मारे गए लोगों के बारे में अभी स्पष्ट नहीं है कि वह आम नागरिक थे या आतंकी गतिविधियों में शामिल थे.  

ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मुरिदके शहर स्थित लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर नेस्तनाबूद

 मुरिदके भारतीय सैन्यबलों ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाक के कब्जे वाले कश्मीर समेत पाकिस्तान स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया. सेना ने पीओके के मुजफ्फराबाद को निशाना बनाया ही, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरिदके को भी सैन्य एक्शन की जद में लिया. सेना ने मुरीदके के मरकज तैयबा कैंप को नेस्तनाबूद कर दिया. यह वही मरकज है, जहां 26/11 के गुनहगार अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली की ट्रेनिंग हुई थी. भारतीय हमले के बाद पाकिस्तान से कई वीडियो सामने आए, जो तबाही के निशान समेटे हुए थे. पाकिस्तान के मुरीदके से अब एक नया वीडियो सामने आया है. ताजा वीडियो लश्कर के मुख्यालय मरकज तैयबा का बताया जा रहा है. करीब 82 एकड़ जमीन में फैले इस परिसर के वीडियो में रेस्क्यू की गाड़ियां, एम्बुलेंस खड़ी नजर आ रही हैं. हाफिफ सईद के टेरर कैंप की ध्वस्त इमारतों का बिखरा मलबा भारतीय हमले में हुई तबाही का मंजर बयान कर रहे हैं. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इमारतों की छतें फर्श में तब्दील हो गई हैं. इमारत के अंदर भी दीवारों ने जो बोझ उठा भी रखा है, उसमें भी बस सरिया ही नजर आ रहा है. इमारतों की दीवारों पर लकड़ियों के फ्रेम तो हैं, लेकिन वह भी ऐसे नहीं जो अंदर देखने से रोक पाएं. इमारतों में रखे फर्नीचर तक तबाह हो गए हैं. लश्कर के आतंकी जिस मरकज परिसर में पहुंचकर ट्रेनिंग लेते थे, भारत में आतंकी गतिविधियों के दौरान दिशानिर्देश लेते थे, आका का फरमान पाते थे, उस परिसर में हर तरफ मलबा ही मलबा बिखरा नजर आ रहा है. ताजा तस्वीर यह है कि जिसे पाकिस्तान में आतंकियों की सबसे बड़ी नर्सरी कहा जाता था, वहां बस तबाही ही तबाही नजर आ रही है. ध्वस्त इमारतों के इर्द-गिर्द पाकिस्तान की ओर से लगाया गया सील का लेबल तबाही की कहानी खुद ही बयान कर रहा है. गौरतलब है कि इस मरकज की स्थापना 25 साल पहले हुई थी. तल्‍हा सईद मारा गया या नहीं? यह हमला पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में हुआ, जहां से तल्‍हा सईद ऑपरेशन चल रहा था. हमले में कैंप की दीवारें खून से सन गईं. चारों ओर लाशें ही लाशें बिखरी नजर आईं. सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में तल्‍हा सईद के पांच टॉप कमांडर मारे गए हैं, कहा जा रहा है क‍ि इसमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान भी शामिल था. कैंप में रखे गए सारे हथियार और गोला बारूद जमींदोज हो गए हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि ताल्हा सईद स्ट्राइक के वक्त वहां पर मौजूद था या नहीं. तल्हा सईद कैसे चला रहा था कैंप? तल्हा सईद लश्कर-ए-तैयबा का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर है और संगठन की वित्तीय गतिविधियों को संभालता है. 2023 में हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाद तल्हा ने मुजफ्फराबाद कैंप की कमान संभाली थी. कैंप में 18-25 साल के युवाओं को भर्ती कर उन्हें हथियार चलाने, बम बनाने और गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग दी जाती थी. पहलगाम हमले के लिए आतंकियों को इसी कैंप में प्रशिक्षित किया गया था. तल्हा ने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से फंडिंग जुटाई, जिसका इस्तेमाल हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया. उसने जिहाद के नाम पर ऑनलाइन डोनेशन कैंपेन भी चलाए.  

Operation Sindoor पर झूठ फैला रहा था ग्लोबल टाइम्स, भारत ने कायदे से समझा दिया!

बीजिंग  भारतीय सेना के पाकिस्तान और पीओके के अंदर घुसकर आतंकियों को मारने से पाकिस्तान के दोस्त चीन को दर्द हुआ है। चीन का सरकारी न्यूज ऑउटलेट ग्लोबल टाइम्स तो हमले के बाद से ही पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा मशीनरी के रूप में काम करने लगा था। ग्लोबल टाइम्स ने पाकिस्तान की फेक न्यूज फैक्ट्री खबरों को तेजी से फैलाने का काम शुरू कर दिया था। चीन के इस सरकारी भोंपू को भारत ने करारा जवाब दिया और झूठ की फैक्ट्री को बंद करने को कह दिया। पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा बना ग्लोबल टाइम्स भारत के हमले के बाद पाकिस्तानी सेना ने अपनी इज्जत बचाने के लिए भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा फैलाना शुरू किया और भारतीय लड़ाकू विमानों का दावा कर डाला। पाकिस्तान के इस एजेंडे में चीनी ग्लोबल टाइम्स भी शामिल हो गया। ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर अपनी एक रिपोर्ट शेयर की जिसमें कहा कि पाकिस्तानी सेना के सूत्रों के हवाले से दावा किया उसने हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए एक और भारतीय फाइटर जेट मार गिराया। भारत ने दिया करारा जवाब इसी पोस्ट में आगे कहा गया कि यह तीसरा फाइटर जेट था, जिसे पाकिस्तानी वायुसेना ने मार गिराया गया। ग्लोबल टाइम्स के इस झूठे दावे का बीजिंग में मौजूद भारतीय दूतावास ने खंडन करते हुए करारा जवाब दिया। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के एक्स हैंडल से कहा पोस्ट की रीट्वीट करते हुए कहा गया, ‘प्रिय ग्लोबलटाइम्स हम आपको सलाह देंगे कि इस तरह की गलत सूचना को आगे बढ़ाने से पहले अपने तथ्यों की पुष्टि कर लें और अपने स्रोतों की जांच कर लें।’ चीन ने संयम बरतने की दी सलाह इस बीच भारत और पाकिस्तान में तनाव को लेकर चीन ने बयान दिया है। हमले के बाद बुधवार को चीन ने भारत और पाकिस्तान से क्षेत्र में ‘शांति व स्थिरता के व्यापक हित’ को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने का बुधवार को आह्वान किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना शामिल है। भारत ने इस सैन्य कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है। भारत की कार्रवाई के बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘हम मौजूदा स्थिति को लेकर चिंतित हैं। भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं और हमेशा रहेंगे। वे दोनों चीन के पड़ोसी भी हैं। पहलगाम आतंकवादी हमले का स्पष्ट संदर्भ देते हुए उसने कहा, ‘चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है।’ भारत की कार्रवाई से दुखी हुआ चीन इसमें कहा गया, ‘हम दोनों पक्षों से शांति व स्थिरता के व्यापक हित के लिए काम करने, शांति कायम रखने, संयम बरतने और ऐसी कार्रवाई करने से बचने का आग्रह करते हैं जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।’ बयान में कहा गया, ‘आज सुबह भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई चीन की नजरों में खेदजनक है।’ पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के ‘मित्र’ चीन ने इसकी निंदा करते हुए हमले की निष्पक्ष व त्वरित जांच करने का आह्वान किया था। पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों ने कूटनीतिक संपर्क भी बढ़ाया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने 27 अप्रैल को चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से फोन पर बात की थी। इसके अलावा पाकिस्तान में चीनी राजदूत जियांग जेडोंग ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात भी की। गौरलतब है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग बुधवार को चार दिवसीय यात्रा पर रूस के लिए रवाना होने वाले हैं। शी के रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच बातचीत भी निर्धारित है।

भारत के जवाब के बाद कारगिल युद्ध का हीरो होवित्जर फिर से मोर्चे पर जुट गया

नई दिल्ली  भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के दो सप्ताह बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है। भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई ‘केंद्रित, नपी-तुली रही है तथा यह ध्यान रखा गया है कि यह और न बढ़े। भारत के जवाब के बाद कारगिल युद्ध का हीरो होवित्जर फिर से मोर्चे पर जुट गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद एलओसी पर पाकिस्तान गोलीबारी कर रहा है। बोफोर्स ने दिखाई थी ताकत बोफोर्स तोप ने कारगिल युद्ध में अपनी ताकत साबित की। ऑपरेशन विजय में कारगिल ने पाकिस्तान को घुटने पर लाने में अहम भूमिका अदा की थी। कारगिल युद्ध में भारत की सफलता का श्रेय तोपखाने के प्रभावी उपयोग को जाता है। बोफोर्स FH-77B हॉवित्जर, एक 155 मिमी की तोप, ने अपनी उल्लेखनीय सटीकता और रेंज के कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह तोप दुश्मन के बंकरों को कमजोर करने और उनकी सप्लाई लाइनों को बाधित करने में सहायक थी। इससे यह युद्ध के सबसे बेहतरीन हथियारों में से एक बन गई। दो लाख से अधिक दागे थे गोले, बम कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय तोपखाने ने 2,50,000 से अधिक गोले, बम और रॉकेट दागे। 300 तोपों, मोर्टार और एमबीआरएल से प्रतिदिन लगभग 5,000 गोले, मोर्टार बम और रॉकेट दागे गए, जबकि टाइगर हिल पर कब्जा करने के दिन 9,000 गोले दागे गए। हमलों की चरम अवधि के दौरान, औसतन, प्रत्येक आर्टिलरी बैटरी ने 17 दिनों तक लगातार प्रति मिनट एक राउंड से अधिक फायर किए थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दुनिया में कहीं भी लंबे समय तक इतनी ज़्यादा फायरिंग नहीं देखी गई थी।

अभी 100 KM तक घुसे , 300 KM तक जाना बाकी , हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे

नईदिल्ली भारतीय सेना की ओर से पाकिस्‍तान और पीओके में की गई कार्रवाई को लेकर जम्मू में स्‍वागत किया जा रहा है. जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. इस दौरान स्‍थानीय लोगो में काफी ज्यादा उत्साह दिखाई दिया. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा था, वह कर दिखाया. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. उत्साहित लोग बोले, “हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फैलाएंगे.” पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा, भारत ने जताई खुशी स्थानीय लोगों ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल को बधाई देते हैं. पूरे देश की मांग थी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम किया जाए. मंगलवार की रात लोग सोए रहे और भारत पाकिस्तान में तबाही मचाता रहा. सुबह पता चला कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है. इस दौरान सैन्य कार्रवाई में आतंकियों के नौ ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए. अबकी पार 300 पार स्थानीय लोगों ने कहा कि आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान को धराशायी करने का काम भारतीय सेना ने किया. वहीं, पुंछ के अंदर हमारी थल सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है. हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे. अब विश्व के नक्शे में पाकिस्तान नहीं होगा. पाकिस्तान देता रहा गीदड़ भभकी, भारत ने मचा दिया कोहराम पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों का जवाब भारतीय सेना ने दे दिया है. गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है. पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी थी. अभी भारत मौजूदा रुख? ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने ‘सटीक, संयमित और गैर-उत्तेजक’ बताया है, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान से और हमले की साजिश थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को जीरो टॉलरेंस दिखाना होगा. हमले के तुरंत बाद भारत ने G20, UN, और अमेरिका जैसे देशों को हमले की जानकारी दी, जिससे वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश की गई है. अब भारत का संभावित आगे का कदम क्या हो सकता है? हाई अलर्ट पर सेना ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान लगातार LoC पर गोलाबारी कर रहा है, जिसमें मासूम नागरिकों की जान जाने की खबर है. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सीमा पर रेड अलर्ट जारी कर दिया है. उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, और पंजाब में हाई अलर्ट है. भारतीय वायुसेना 7-8 मई को बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास कर रही है, जिसमें राफेल, सुखोई-30, और जगुआर विमान शामिल हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को बंकरों में भेजने का आदेश दिया है. कूटनीतिक दबाव भारत ने UN, अमेरिका, UAE, और सऊदी अरब को सबूतों के साथ बताया कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बात की. भारत अब UNSC में पाकिस्तान को घेरने की कोशिश करेगा, जैसा कि 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाकर किया था. आतंकी नेताओं पर नकेल: ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने नष्ट हुए है. सूत्रों के मुताबिक, यह पहला चरण था, और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के आधार पर और कार्रवाइयां हो सकती हैं. मसूद अजहर और लश्कर नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश जारी रह सकती है. अगला टारगेट इन्हीं लोगों को बनाया जा सकता है. देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत करना भारत ने 1971 के बाद पहला मॉक ड्रिल आज करवा रहा है, जो देश के कई राज्यों में है. अब सरकार देशा में किसी अनहोनी से बचने की पूरी कोशिश करेगी. अब पाकिस्तान के रवैया भी आगे तय करेगा भारत ने हमला करके पाकिस्तान को उसकी औकात बता दी है. अब पाकिस्तान को देखना है कि वह आतंकियों के ठिकाने जो नष्ट हुए उस पर क्या जवाब भारत को देगा. यह अलग बात है जैसे ही पाकिस्तान को इस हमले की सूचना मिली वह बौखला गया. सीमा पर गोली बारी करने लगा. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और रक्षा मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी, लेकिन साथ में यह भी कहा कि अगर इस तनाव पर भारत अब अपना कदम पीछे खींच लेता है तो वह अब कोई जवाब नहीं देने वाला. लेकिन पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या करेगा, उस पर भी भारत का जवाब तय होगा.

Moody’s ने 2025 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान में किया फेरबदल, जानें कितनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा

नई दिल्ली ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कही ये बात मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, “वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।” रेटिंग एजेंसी ने पहले 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का लगाया था अनुमान रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की जताई संभावना व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना इसमें कहा गया है, “निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।” मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा मूडीज ने कहा, “उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।” आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को करेगा बाधित आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में कहा, “सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है।

एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम, 10 नई परियोजनाओं पर विचार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पनबिजली परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी में है। पहलगाम हमले को देखते हुए सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को फिलहाल स्थगित किया गया है। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है। पिछले हफ्ते हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को समय सीमा कम करने के लिए कहा गया है। सरकार इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। लगभग 10 नई परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है। पांच को मंजूरी मिल चुकी है। 240 मेगावाट की उरी-1 स्टेज-II पनबिजली परियोजना के लिए टेंडर इस हफ्ते जारी होने की उम्मीद है। समय से पहले प्रोजेक्ट पूरा करने की तैयारी ET की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार उन पनबिजली परियोजनाओं के काम में तेजी लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी विचार कर रही है जो अभी शुरू नहीं हुई हैं। सरकार चाहती है कि ये परियोजनाएं आर्थिक रूप से फायदेमंद हों और इनकी कीमतें भी प्रतिस्पर्धी हों। अधिकारियों का कहना है कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के समय में 3-4 महीने कम किए जाएंगे। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) और अन्य एजेंसियां मिलकर उन पनबिजली परियोजनाओं की सूची बना रही हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जा सकता है। उरी-1 स्टेज II झेलम नदी पर बन रही मौजूदा परियोजना का विस्तार है। इसका उद्देश्य किशनगंगा नदी से आने वाले पानी का इस्तेमाल करना है। इस परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय से दो महीने पहले मंजूरी मिल गई थी। अब इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। किन प्रोजेक्ट को मिल चुकी CEA से मंजूरी CEA से मंजूरी पाने वाली अन्य परियोजनाएं हैं: सिंध नाला पर न्यू गांदरबल परियोजना, चिनाब नदी पर किश्तवाड़ में किर्थई-II, रामबन और उधमपुर जिलों में सावलकोट। अधिकारियों का कहना है कि उरी-1, स्टेज II के साथ ये चारों परियोजनाएं मिलकर 3,100 मेगावाट बिजली पैदा करेंगी। हालांकि, इन परियोजनाओं को अभी केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार से कई तरह की मंजूरी लेनी बाकी है। इसलिए, सभी मंत्रालयों और जम्मू-कश्मीर के विभागों को इन मंजूरियों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। 10 नई परियोजनाओं पर विचार बैठक में परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी विचार किया गया। मुश्किल इलाके और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। सरकार नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन और जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियों को धन देने, आसान ऋण देने, जल कर माफ करने और निर्माण के दौरान मुफ्त बिजली देने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है। CEA को नई परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा गया है। CEA की शॉर्टलिस्ट में लगभग 10 ऐसी परियोजनाएं हैं। इनमें डोडा में बिचलारी और बारिनियम/शौस, अनंतनाग में चंदनवारी लारीपुरा, किश्तवाड़ में लोअर कलनई और वार्डवान बर्सर, रियासी में अंस-1, गांदरबल में गंगबल और बांदीपोरा में किशनगंगा-II शामिल हैं। इनसे लगभग 1,000 मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर,लद्दाख में बिजली आपूर्ति बढ़ाने पर जोर केंद्र सरकार ने एजेंसियों से चिनाब नदी से रावी नदी में पानी मोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी कहा है। इसके लिए एक स्टडी शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि पाकल दुल, किरू, परनई और क्वार परियोजनाओं में 3-4 महीने की कमी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली की आपूर्ति बढ़ाई जाए। एक दशक की तैयारी, दिख रहा है परिणाम कई एक्सपर्ट पहले बता चुके हैं कि सिंधु जल समझौता अगर पूरी तरह से रद्द हो जाता है और भारत इसके पानी को अपनी जरूरतों के इस्तेमाल करने के लिए जमा रखने लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लेता है, तो केंद्र शासित प्रदेश में बिजली की कमी तो नहीं ही रहेगी, देश के कई राज्यों में पानी की कोई कमी नहीं रह जाएगी। दरअसल भारत, सिंधु जल संधि पर जितनी जल्दी पाकिस्तान की नकेल कसने में कामयाब होता दिख रहा है, वह इसलिए संभव हो रहा है, क्योंकि इसकी तैयारी वर्षों से चल रही है।

CBI के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल अब एक साल के लिए बढ़ा, केंद्र सरकार ने बढ़ाया कार्यकाल

नई दिल्ली केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल केंद्र सरकार ने एक साल के लिए बढ़ा दिया है। यह विस्तार 24 मई 2025 से प्रभावी होगा, जब उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा था। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना बुधवार को जारी की गई। प्रवीण सूद को मई 2023 में देश की शीर्ष जांच एजेंसी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह कर्नाटक के डीजीपी रह चुके हैं और एक सख्त, ईमानदार और सधे हुए अफसर की छवि रखते हैं। कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा लिया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि शामिल थे।

दिल्ली और पटना से लेकर आंध्र प्रदेश तक कई जगहों पर ब्लैकआउट, PAK से टेंशन के बीच देशभर में मॉक ड्रिल

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बुधवार को देश के कई राज्यों में मॉक ड्रिल की शुरुआत हो गई है। दिल्ली और पटना से लेकर आंध्र प्रदेश तक कई जगहों पर ब्लैकआउट की स्थिति बनाई गई है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश में 244 जिलों में इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसे ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन अभ्यास’ नाम दिया गया है। मॉक ड्रिल के दौरान कई इलाकों में सायरन की तेज आवाज भी सुनी गई है। सरकार के आदेशों का पालन करते हुए दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों में अभ्यास किए गए हैं। इन राज्यों के अलावा असम में सभी 14 जिलों, उड़ीसा के सभी 12 जिलों, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और मिजोरम के आइजोल में मॉक ड्रिल की गई और आपात स्थिति में किसी भी हालात से निपटने में आने वाली चुनौतियों के लिए अभ्यास किया गया। इस दौरान हवाई हमलों, आग लगने की आपात स्थितियों और खोज एवं बचाव कार्यों जैसे कई प्रतिकूल परिदृश्यों का अनुकरण किया गया। अधिकारियों ने बताया है कि हरियाणा के सभी 11 जिलों में ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत ‘मॉक ड्रिल’ की गई। राज्य के गुरुग्राम, पंचकूला, अंबाला और रोहतक में व्यस्त शॉपिंग मॉल, बाजारों और अन्य प्रतिष्ठानों में अभ्यास किया गया। महाराष्ट्र के मुंबई में छत्रपति शिवाजा महाराज टर्मिनल और दक्षिण मुंबई के क्रॉस मैदान में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। बता दें कि छत्रपति शिवाजा महाराज टर्मिनल पर 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने हमला किया था। टर्मिनल पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कर्मियों ने अलग-अलग और संयुक्त सुरक्षा अभ्यास भी किया। मुंबई पुलिस ने बताया कि जीआरपी और रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रूट मार्च, गश्त और जांच की। यह अभ्यास अपराह्न करीब तीन बजे शुरू हुआ और करीब एक घंटे तक जारी रहा। वहीं दक्षिण मुंबई के क्रॉस मैदान में शाम चार बजे सायरन बजा, जिसके बाद ‘मॉक ड्रिल’ के हिस्से के रूप में हवाई हमले के दौरान नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन दल और चिकित्सकों की टीम ‘घायलों’ को बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। अभ्यास की शुरुआत एक नकली विस्फोट के बाद आग लगने से हुई। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने सबसे पहले प्रतिक्रिया दी और तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। जल्द ही, आग बुझाने के लिए दमकल कर्मी पहुंचे और उसके बाद चिकित्सा कर्मियों ने ‘घायलों’ को देखभाल के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया। कर्नाटक के बेंगलुरु में विभिन्न स्थानों पर ‘ऑपरेशन अभ्यास’ के तहत बड़े पैमाने पर ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर दोपहर तीन बजकर 48 मिनट पर सायरन बजने के तुरंत बाद नागरिक सुरक्षा कर्मी, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवा कर्मी हरकत में आ गए। ‘ड्रिल’ में आग लगने की स्थिति में बचाव अभियान, मलबे के नीचे से लोगों को निकालना, ऊंची इमारतों से लोगों को निकालना और चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं शामिल थीं। अभ्यास करीब आधे घंटे तक जारी रहा। तेलंगाना के हैदराबाद में चार स्थानों पर पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रतिक्रिया बलों की भागीदारी में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी। यह अभ्यास सिकंदराबाद, गोलकुंडा, कंचन बाग और नचाराम एनएफसी क्षेत्र में किया गया। अभ्यास की शुरुआत का संकेत देने के लिए आउटर रिंग रोड (ओआरआर) पर शाम चार बजे सायरन बजाए गए। नागरिकों को घर के अंदर रहने, आश्रय लेने और छिपने का निर्देश दिया गया था। बचाव कर्मियों ने रस्सियों का उपयोग करके इमारतों से लोगों को निकाला, चिकित्सा सहायता प्रदान की और ऑपरेशन के दौरान ‘घायलों’ को स्थानांतरित किया। शाम साढ़े चार बजे फिर से सायरन बजे और ‘मॉक ड्रिल’ समाप्त हुई। वहीं तमिलनाडु के दो प्रमुख प्रतिष्ठानों में ‘मॉक ड्रिल’ की गयी ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया जा सके। कलपक्कम में मद्रास परमाणु ऊर्जा केंद्र और चेन्नई बंदरगाह के परिसर में अभ्यास किया गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर और घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए जल्दी से जल्दी ले जाने का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने पहले ही बताया था कि इन दो महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए गतिविधियां की जाएंगी।

ओवैसी ने एक्स पर वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए नजर आए

नई दिल्ली एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर रक्षा बलों द्वारा किए गए लक्षित हमलों का स्वागत किया और कहा कि पड़ोसी देश में आतंकी ढांचे को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वे पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए नजर आए। इससे पहले, ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”पाकिस्तान के ‘डीप स्टेट’ को ऐसा कड़ा सबक सिखाया जाना चाहिए कि फिर कभी पहलगाम जैसी घटना न होने पाए। पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाना चाहिए। जय हिंद!” पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 नागरिकों के नरसंहार की घटना के दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये मिसाइल हमले किए गए। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद मंगलवार को कहा था कि भारत को इस हमले का माकूल जवाब देना चाहिए। ओवैसी ने पहलगाम की घटना के संबंध में संवाददाताओं से कहा था कि यह एक आतंकी हमला था, एक कायराना हमला। हम इसकी जितनी निंदा करें, उतनी कम है। हमने देखा है कि कैसे पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या की। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को अलग करके तथा पुरुषों से उनके धर्म के बारे में पूछकर जिस तरह उनकी हत्या की गई, वह भयानक और अमानवीय था। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता ने कहा, ”जो लोग कलमा नहीं पढ़ सके, उन्हें गोली मार दी गई। यह बर्बरता है।” ओवैसी ने कहा कि कश्मीर के स्थानीय निवासी इस हमले का खामियाजा भुगत रहे हैं क्योंकि पर्यटन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, ”यहां से बड़ी संख्या में पर्यटक चले गए हैं। हम चाहते हैं कि हमारी सरकार इस पर माकूल जवाब दे। हमने सर्वदलीय बैठक में भी यही कहा।”

पाक ने फिर गलती की तो भारत का अगला वार हो 10 गुना ज्यादा मजबूत: रिटायर्ड जनरल केजेएस ढिल्लों

नई दिल्ली पहलगाम हमले में 26 निर्दोष लोगों को बर्बरता से मौत के घाट उतारने वाले आतंकियों को भारत ने घर में घुस कर जवाब दे दिया है। मंगलवार देर रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर आतंकियों की नींदें उड़ा दी। भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकियों के कई ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया है और दर्जनों आतंकियों को जहन्नुम पहुंचा दिया है। वहीं पाकिस्तान अब भी आतंकियों को शह देने की बात कबूलने की बजाय एक बार फिर धमकियों पर उतर आया है। इस बीच सैन्य रणनीति के विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने कहा है कि पाकिस्तान आगे अगर कोई भी गलती करता है तो भारत का अगला वार 10 गुना ज्यादा मजबूत होगा चाहिए। बता दें कि केजेएस ढिल्लों श्रीनगर स्थित 15 कोर के पूर्व कमांडर रह चुके हैं। उन्होंने फरवरी 2019 में पुलवामा हमले में शामिल आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन का नेतृत्व किया था। ढिल्लों को कश्मीर में आतंकवाद से निपटने का सालों का अनुभव भी है। एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में सवालों का जवाब देते हुए रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा, “आतंकियों के खिलाफ किसी भी एक्शन को, सोच समझ कर, पूरी तैयारी और सटीकता के साथ अंजाम दिया जाएगा। भारत सरकार और भारतीय सेना ऐसे ही काम करती है। और अगर पाकिस्तान भारत पर कोई भी जवाबी कार्रवाई करता है तो अगला वार 10 गुना ज्यादा मजबूत होना चाहिए। पाक के मत्रिंयों का IQ… जनरल ढ़िल्लों यह भी कहते हैं कि पूरी दुनिया में कहीं भी कोई आतंकी हमला होता है तो उसके तार पाकिस्तान से जुड़े होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि पाकिस्तान जैसे गैरजिम्मेदार देश के पास किसी भी हाल ही परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। केजेएस ढिल्लों ने कहा, “पाकिस्तान के एक मंत्री शेख रशीद ने यह बयान दिया था कि उनके पास ढाई सौ ग्राम के न्यूक्लियर बम है। पाव भर के परमाणु बम। उसने यह भी कहा था कि हम न्यूक्लियर बम को ऐसी जगह गिराएंगे जहां सिर्फ हिंदू मरेंगे और मुसलमान नहीं। अगर यह उनकी बुद्धि का स्तर है तो फिर उनसे बात ना करना ही उचित होगा।” ऑपरेशन सिंदूर से पाक में हलचल जनरल ढ़िल्लों ने आने वाले दिनों में भारतीय नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील भी की है। उन्होंने कहा, “मैं सभी लोगों को यह सलाह देना चाहूंगा अगर आपको कोई भी संदिग्ध शख्स या संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो जल्द से जल्द सरकार को इसकी सूचना दें।” बता दें कि पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हमले के बाद भारत ने पाक में छिपे आतंकियों पर करारा प्रहार कर दिया है। इसके बाद अब पाकिस्तान ने भी जवाब देने की धमकी दी है।

S-400 चार तरह की मिसाइलों से लैस है, ये महज 5 मिनट में तैयार हो जाता है, भारत का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा पाक

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए अपना बदला पूरा कर लिया लिया है। भारतीय सेना ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक मिसाइल हमले किए हैं। जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने 70 से ज्यादा आतंकवादियों को जहन्नुम पहुंचा दिया है। रातों-रात हुई इस कार्रवाई से पस्त पाकिस्तान अब गीदड़भभकी का सहारा ले रहा है। पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत के इन हमलों का जवाब देगा। हालांकि पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। आशंका है कि पाकिस्तान चीनी मिसाइलें भेज कर भारत की शांति को भंग करने की कोशिश कर सकता है। ऐसी किसी भी स्थिति के लिए भारत विश्व के सबसे बेहतरीन वायु रक्षा प्रणाली S-400 के साथ तैयार है। भारत के प्रमुख रक्षा सहयोगी रूस द्वारा निर्मित S-400 दुनिया की सबसे धांसू वायु रक्षा प्रणालियों में से एक है जो दुश्मन के किसी भी हमले को मात देने के लिए महज पांच मिनट में तैयार हो सकता है। भारत के पास कितने S-400 ट्रायम्फ? S-400 ट्रायम्फ सर्फेस टू एयर मोबाइल डिफेंस सिस्टम है। इसे रूस ने सबसे पहले 2007 में तैयार किया था। भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे 5 S-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम रेजिमेंट का कॉन्ट्रैक्ट किया था। इस सौदे की अनुमानित कीमत लगभग 5.43 बिलियन डॉलर है। बता दों कि इनमें से 3 रेजिमेंट भारत के पास पहुंच गए हैं और बाकी 2 रेजिमेंट अगस्त 2026 तक भारत में तैनात कर दिए जाएंगे। क्यों खास है S-400? S-400 चार तरह की मिसाइलों से लैस है। इनमें 40N6E (400 किमी रेंज), 48N6E3 (250 किमी), 9M96E2 (120 किमी) और 9M96E (40 किमी) मिसाइल शामिल हैं। S-400 मिसाइल सिस्टम 400 किलोमीटर की दूरी और 30 किलोमीटर की ऊंचाई तक किसी भी विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे लक्ष्यों को सटीकता से ट्रैक कर उसे हवा में ही ध्वस्त कर सकता है। इतना ही नहीं यह करीब 300 टारगेट्स को एक साथ ट्रैक कर सकता है।

राजनाथ सिंह ने कहा- हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था

नई दिल्ली भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया है। पीओके और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर बीती रात ताबड़तोड़ मिसाइल हमले हुए, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना को बधाई दी और हनुमान जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने सटीक ऑपरेशन किया है। हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ”भारतीय सेनाओं ने अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। सेना ने सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है। हमने जो लक्ष्य तय किए थे, उसे सटीकता से धवस्त किया और किसी भी नागरिक ठिकाने को बिल्कुल भी प्रभावित न होने देने की संवेदनशीलता भी दिखाई। हमने हनुमान जी के उस आदर्श का पालन किया है, जो उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ते हुए किया था- जिन्ह मोहि मारा तिन मैं मारे। हमने केवल उन्हीं को मारा, जिन्होंने हमारे मासूमों को मारा था।” राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पहले की तरह ही इस बार भी आतंकियों को ट्रेनिंग देने वाले कैंप को तबाह करके करारा जवाब दिया है। भारत ने राइट टू रिस्पॉन्ड का इस्तेमाल किया है और यह कार्रवाई काफी सोच-समझकर की गई है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमले किए। पाकिस्तान ने कहा कि वह अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा, ”पिछले 3 दशकों में, पाकिस्तान ने व्यवस्थित रूप से एक आतंकवादी बुनियादी ढांचा बनाया है। यह भर्ती और प्रशिक्षण केंद्रों, प्रारंभिक और पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण क्षेत्रों और हैंडलर के लिए लॉन्चपैड का एक जटिल जाल है। ये शिविर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) दोनों क्षेत्रों में स्थित हैं।” वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए आनुपातिक और जिम्मेदार तरीके से हमला किया ताकि आगे किसी भी आतंकवादी हमले को रोका जा सके।

आतंकियों की मौत पर पाकिस्तानी सेना का मातम, जनाजे में उमड़े फौजी, भारत के खिलाफ नारेबाजी

इस्लामाबाद भारत ने हमला भले ही पाकिस्तान में आतंकवादियों पर किया हो, लेकिन मातम पड़ोसी मुल्क की सेना मना रही है। भारत के खिलाफ आतंकवादियों का इस्तेमाल करता रहा पाकिस्तान बुधवार को एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में मारे गए आतंकवादियों के जनाजों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और आईएसआई के अफसर भी मातम मनाते नजर आए। इस दौरान भारत के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर मंगलवार देर रात मिसाइलों की बारिश कर दी। इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना है। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने एयरस्पेस में रहते हुए पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके में भी मिसाइल दागे। इन मिसाइलों को बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों पर फटने के लिए गाइड किया गया था। जैश के अलावा लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े दहशतगर्दों के चीथड़े उड़ गए। हमले के बाद जहां पाकिस्तान की सरकार हाथ मलते हुए गीदड़-भभकी देने में जुटी थी तो आतंकियों के परिवारों में रोना-धोना मचा था। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमें ताबूतों के सामने पाक सेना के अफसर सिर झुकाए खड़े हैं। पाकिस्तान में आतंकियों की मौत पर सेना का मातम मीडिया ने भी कुछ तस्वीरें जारी की हैं। इनके कैप्शन में कहा गया है कि मुरीदके में हुए भारत के हमलों में मरे लोगों के जनाजे में पाकिस्तानी सैनिक भी शामिल हुए। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि फौजी अफसरों के अलावा पुलिस और आईएसआई के कई आला अधिकारी भी मातम मनाने पहुंचे थे। कुछ वीडियो ऐसे भी सामने आए हैं जिनमें लोग भारत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सुने जा सकते हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तानी में सेना और आतंकियों के बीच बहुत करीबी रिश्ता है। या यूं कहें कि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में भारत के इस प्रहार से सेना को भी दर्द होना लाजिमी है।

ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित, नहीं मिलेगी टैरिफ में छूट

नई दिल्ली भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत हीरा, चांदी, स्मार्टफोन और ऑप्टिकल फाइबर जैसे कई संवेदनशील औद्योगिक उत्पादों पर ब्रिटेन की कंपनियों को कोई शुल्क रियायत नहीं देगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन से पेट्रोल और डीजल इंजन वाहन के आयात पर शुल्क रियायत पूर्व-निर्धारित कोटा तक सीमित है। इसी तरह, सीमा शुल्क की रियायती दर पर ब्रिटिश इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के आयात का कोटा केवल कुछ हजार तक सीमित है। प्लास्टिक, हीरा, चांदी, बेस स्टेशन, स्मार्टफोन, टेलीविजन कैमरा ट्यूब, आप्टिकल फाइबर, आप्टिकल फाइबर बंडल और केबल जैसे संवेदनशील औद्योगिक सामान को एफटीए की सूची से बाहर रखा गया है। निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना भारत, ब्रिटेन को इन वस्तुओं पर कोई आयात शुल्क लाभ नहीं देता है। वाहन क्षेत्र को खोलने के बारे में अधिकारी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चौथे सबसे बड़े वाहन मैन्युफैक्चरर्स के तौर पर भारत के पास वाहन मूल्य श्रृंखला में वैश्विक अगुआ के रूप में उभरने की रणनीतिक क्षमता है। भारत के मजबूत विनिर्माण आधार के बावजूद, वैश्विक वाहन बाजार में इसकी हिस्सेदारी कम बनी हुई है, जो विस्तार की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है। आईसीई (आंतरिक दहन इंजन) यानी परंपरागत ईंधन के वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार तक पहुंच से देश के वाहन और वाहन कलपुर्जों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है। ईवी के लिए भी हुआ फैसला अधिकारी ने कहा, ‘ईवी के लिए कोटा से बाहर शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है। ईवी से जुड़ी संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है। आईसीई वाहनों पर कोटा से बाहर शुल्क को लंबे समय में धीरे-धीरे कम किया जाएगा, जिससे हमारे उद्योगों को ब्रिटेन से बढ़ने वाले आयात का मुकाबला करने के लिए वक्त मिल सके।’ ब्रिटेन सरकार ने 2027 से अपना ‘कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म’ (सीबीएएम) लागू करने का निर्णय दिसंबर 2023 में लिया था।  

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