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विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली ने कहा- भविष्य में कभी भी पुलवामा और पहलगाम जैसी घटना न हो सकें

शामली आखिर 15 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इससे पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी। भारतीय सेना को आतंकवाद के खिलाफ लगातार ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे भविष्य में कभी भी पुलवामा और पहलगाम जैसी घटना न हो सकें। ये कहना है पहलगाम हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली का। 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में मारे गए करनाल निवासी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की रिश्तेदारी शामली के मुहल्ला काका नगर में भी है। यहां उनकी बुआ रहती हैं। मंगलवार रात भारतीय सेना ने पहलगाम की घटना का बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक की। इस पर लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली का कहना कि देश की सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कार्रवाई की है, वह हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन सरकार को लगातार आतंकवादियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए, जिससे भविष्य में कभी भी पाकिस्तान हमला करने की तो दूर कभी सपने में भी भारत की ओर न देखे। उन्होंने कहा कि भाई के अलावा पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन लोगों ने अपनों को खोया है, वह तो कभी वापस नहीं आ सकते, लेकिन सरकार को ऐसा सख्त कदम उठाए की भविष्य में कभी कोई ऐसी घटना न हो। उन्होंने भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के बाद अपने मामा और उनके परिवार से भी बातचीत की।

हमला बिल्कुल भी स्वीकार करने लायक नहीं है और अब जो भी परिणाम होंगे, उसकी जिम्मेदारी भारत की होगी: पाकिस्तान

इस्लामाबाद भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया है और थर-थर कांप रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से कई आतंकियों के ढेर होने के बाद पाकिस्तान ने आनन-फानन में बैठकें बुला ली हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर समेत तमाम अन्य लोगों के चेहरे उतरे हुए दिखाई दिए। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान गीदड़भभकी देने से बाज नहीं आ रहा। उसने कहा है कि यह हमला बिल्कुल भी स्वीकार करने लायक नहीं है और अब जो भी परिणाम होंगे, उसकी जिम्मेदारी भारत की होगी। पाकिस्तान के एनएससी की बैठक में भारत के हमलों में मारे गए आतंकियों की आत्मा की शांति के लिए फातेहा पेश की गई। बयान में बताया गया, ”6/7 मई 2025 की रात को, भारतीय सशस्त्र बलों ने पंजाब के सियालकोट, शकरगढ़, मुरीदके और बहावलपुर, पीओके के कोटली और मुजफ्फाराबाद सहित कई स्थानों पर मिसाइल, हवाई और ड्रोन हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मौत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।” हालांकि, भारत ने साफ किया है कि सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है, नाकि आम नागरिकों को। शहबाज शरीफ के नेतृत्व में हुई पाक एनएससी की बैठक के बाद कहा गया कि भारत की कार्रवाई ने भाईचारे वाले खाड़ी देशों से संबंधित वाणिज्यिक एयरलाइनों को भी गंभीर खतरा पहुंचाया, जिससे हजारों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई। इसके अलावा, नीलम-झेलम जलविद्युत परियोजना को भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर निशाना बनाया गया। पाकिस्तान ने कहा, ”संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के अनुसार, पाकिस्तान को आत्मरक्षा में, अपने चुने हुए समय, स्थान और तरीके से जवाब देने का अधिकार है, ताकि पाकिस्तानी लोगों की जान जाने और अपनी संप्रभुता के घोर उल्लंघन का बदला लिया जा सके। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए विधिवत अधिकृत किया गया है। पाकिस्तान किसी भी अन्य आक्रमण का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्पित और दृढ़ है।” पाकिस्तान ने आगे कहा, ”यह भी याद रखना चाहिए कि 22 अप्रैल 2025 के तुरंत बाद, पाकिस्तान ने एक पारदर्शी और तटस्थ जांच के लिए एक ईमानदार प्रस्ताव दिया, जिसे दुर्भाग्य से स्वीकार नहीं किया गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर्मियों ने 6 मई 2025 को इन शिविरों का दौरा किया था, और 7 मई 2025 के लिए और दौरे की योजना बनाई गई थी। हालांकि, उससे पहले ही भारत की ओर से हमला कर दिया गया।” भारत को गीदड़भभकी देते हुए पाकिस्तान ने कहा कि यह हमला न तो बर्दाश्त करने योग्य है और न ही स्वीकार्य करने लायक। आने वाले परिणामों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से भारत की होगी।

खानपुर डैम में डेड लेवल से 25 फीट ही ज्यादा पानी बचा है, मात्र 35 दिन का पानी बचा, अब सूखे गला

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी शहर को पानी पिलाने वाले खानपुर डैम में अब मात्र 35 दिन का पानी बचा है। इसी डैम से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को खेतों की सिंचाई के लिए भी पानी जाता है। इस्लामाबाद से लगभग 100 किलोमीटर आगे सिंधु नदी पर बने गाजी बरोठा डैम में सिंधु में गिरने वाली हारो नदी पर बना खानपुर डैम इस्लामाबाद के पास है। खानपुर डैम के कैचमेंट एरिया (जिस इलाके से बारिश का पानी आता है) में बढ़िया बारिश हो नहीं रही जिस कारण डैम में इस समय रोजाना औसत 82 क्यूसेक पानी आ रहा है जबकि आपूर्ति बनाए रखने के लिए 235 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ रहा है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक खानपुर डैम में डेड लेवल से 25 फीट ही ज्यादा पानी बचा है। हारो नदी पर बने खानपुर डैम में इस्लामाबाद की मरगला हिल्स और गल्यात पहाड़ी इलाके से पानी आता है। बरसात ठीक से नहीं हो रही है, जिसकी वजह से जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। डैम प्रबंधन ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर हालत में सुधार नहीं हुआ तो पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा को सिंचाई के लिए पानी की सप्लाई रोकनी होगी जबकि इस्लामाबाद और रावलपिंडी को पीने के पानी की आपूर्ति में कटौती करनी होगी। खानपुर डैम से अभी इस्लामाबाद को 90 क्यूसेक, खैबर पख्तूनख्वा को 48 क्यूसेक और पंजाब को 42 क्यूसेक पानी भेजा जा रहा है। डैम प्रबंधन की योजना है कि अगर एक सप्ताह में बारिश नहीं हुई और जलस्तर नहीं बढ़ा तो पानी की राशनिंग की जाएगी। मतलब, जो पानी है, उसी से इस्लामाबाद और रावलपिंडी को पेयजल की आपूर्ति होगी। सिंचाई के पानी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। इस्लामाबाद और रावलपिंडी जुड़वां शहर हैं, जिनको पीने के पानी की आपूर्ति खानपुर डैम के अलावा सिमली डैम, गाजी बरोठा डैम और रावल झील से भी होती है।

244 शहरों में ब्लैक आउट की भी रिहर्सल, आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी

जयपुर पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावित आतंकी हमलों को लेकर गृह मंत्रालय ने बुधवार को पूरे देश में मॉक ड्रिल (अभ्यास) आयोजित करने का आदेश जारी किया, जिसके तहत जयपुर से लेकर हैदराबाद और मुंबई तक सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर नजर आईं। देश के 244 शहरों में ब्लैकआउट की रिहर्सल होना बाकी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सिविल डिफेंस की टीम ने मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास किया। इसी तरह जोधपुर और रावतभाटा में भी अभ्यास किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाबलों ने भाग लिया। महाराष्ट्र में मुंबई के क्रॉस मैदान पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहां फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें पूरे समन्वय के साथ नजर आईं। वहीं पुणे के काउंसिल हॉल में भी व्यापक नागरिक सुरक्षा अभ्यास हुआ, जिसमें आमजन को भी शामिल किया गया। दक्षिण भारत में भी इस ड्रिल को गंभीरता से लिया गया। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सिविल डिफेंस की ओर से मॉक ड्रिल की गई, जहां प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर अभ्यास किया गया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक करना है कि संकट की स्थिति में उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। देश में सेना की कार्रवाई को लेकर नागरिकों में गर्व का माहौल है, लेकिन साथ ही सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाक में खलबली, CM मरियम नवाज ने किया इमरजेंसी का ऐलान

कराची भारतीय सेना द्वारा बुधवार तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है. इस बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. भारत का यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था. उस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी. आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई भारतीय स्ट्राइक में अब तक 26 लोगों की मौत और 46 से अधिक घायल होने की पुष्टि पाकिस्तानी सेना ने की है. भारत ने ये स्ट्राइक पंजाब प्रांत और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में की. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रांत में आपातकाल (Emergency) की घोषणा कर दी है. सरकारी बयान के अनुसार, सभी शैक्षणिक संस्थानों को बुधवार के लिए बंद कर दिया गया है. पंजाब में हाई अलर्ट बयान में कहा गया है कि पंजाब पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सभी जिलों की प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क कर दिया गया है. साथ ही, सभी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है. सिविल डिफेंस समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तलब किया गया है ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई कमी न रहे. हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया था, जिसे अब आंशिक रूप से खोला जा रहा है. भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जिन नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें से अधिकतर वही थे जहां से भारत में आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी.   भारत ने किए नौ सटीक हमले आपको बता दें कि देर रात भारतीय सशस्त्र बलों ने नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ पंजाब का बहावलपुर भी शामिल है.एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि ‘भारत की कार्रवाई केंद्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है.’ उन्होंने कहा कि पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण था. इस दौरान कर्नल सोफ़िया कुरैशी ने बताया कि भारत के सशस्त्र बलों ने 6-7 मई 2025 की रात 1 बजकर 5 मिनट से 1.30 बजे के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया. उन्होंने बताया, “ये ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकवादी हमले के शिकार मासूम नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए लॉन्च किया गया था. इस कार्रवाई में ना तो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और ना ही आम लोगों को. नौ आतंकवादी शिविरों को टारगेट किया गया और पूरी तरह से इन्हें तबाह कर दिया गया.”  

भारतीय सेना ने मार गिराया पाकिस्तान का फाइटर जेट JF-17, बठिंडा में भी पाकिस्तानी जेट क्रैश

कश्मीर भारत की एयर डिफेंस ने कश्मीर में पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया है, जो कि चीनी JF-17 लड़ाकू विमान है. यह एक हल्का, एकल इंजन वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है. JF-17 थंडर का पहला प्रोटोटाइप 2003 में उड़ान भर चुका है और यह पाकिस्तान एयर फोर्स का मुख्य लड़ाकू विमान माना जाता है. क्या है इस विमान की खासियत JF-17 की कुल लंबाई लगभग 14.9 मीटर, पंखों की चौड़ाई 9.45 मीटर और ऊँचाई लगभग 4.77 मीटर है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 12,474 किलोग्राम तक पहुँच सकता है. यह विमान रूसी Klimov RD-93 या चीनी Guizhou WS-13 टर्बोफैन इंजन से सुसज्जित है, जो इसे लगभग Mach 1.6 (लगभग 1,910 किमी/घंटा) की अधिकतम गति प्रदान करता है. यह विमान 7 हार्डपॉइंट्स पर 1,500 किलोग्राम तक के विभिन्न प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है, जिसमें एयर-टू-एयर मिसाइलें, एयर-टू-ग्राउंड बम, और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल हैं. इसके शस्त्रागार में चीनी PL-5, PL-12, PL-15 मिसाइलें और GPS गाइडेड बम शामिल हैं, जो इसे वायु और सतह दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर प्रभावी ढंग से हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं. JF-17 में अत्याधुनिक एवियोनिक्स, कंप्यूटराइज्ड फ्लाइट कंट्रोल, हेड-अप डिस्प्ले, डेटा लिंक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल हैं, जो इसे उच्च युद्ध क्षमता प्रदान करते हैं. यह विमान मध्यम से कम ऊंचाई पर बेहतर मुकाबला करने में सक्षम है और इसकी रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है, जिससे यह लंबी दूरी की लड़ाइयों के लिए उपयुक्त बनता है. भारत की एयर डिफेंस की सफलता और बढ़ता तनाव भारत की एयर डिफेंस प्रणाली द्वारा पाकिस्तान के JF-17 थंडर फाइटर जेट को गिराने की घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य संकट और भी गहरा हो सकता है. यह न केवल भारतीय वायुसेना की क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संकेत भी है कि भारत किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को गंभीरता से लेगा. इस महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय वायुसेना की ताकत तकनीकी रूप से उन्नत विमानों को भी नाकाम कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और जटिल हो गई है. रात्रि में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 7 मई को लगभग एक बजे ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ किया गया. पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई इस एयर स्ट्राइक में आतंकियों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया गया. पाकिस्तानी सेना ने 6-7 मई की रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें 10 भारतीय नागरिकों की जान चली गई. इस हमले में एक महिला और दो बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा, 38 लोग घायल हुए हैं, जो इस अंधाधुंध शेलिंग का शिकार बने.

श्रीलंका में चल रही महिला त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत की जेमिमा रोड्रिग्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा

नई दिल्ली श्रीलंका में चल रही महिला त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत की जेमिमा रोड्रिग्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा है। सीरीज के पांचवें मैच में बुधवार को उन्होंने 89 गेंदों में शतक जड़ा जो भारत की किसी भी महिला बल्लेबाज का तीसरा सबसे तेज शतक है। जेमिमा रोड्रिग्स की 101 गेंदों में 123 रन की पारी की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट पर 337 रन का स्कोर खड़ा किया। रोड्रिग्स ने अपनी पारी में 15 चौके जड़े और एक छक्का लगाया। दीप्ति शर्मा ने 93 और स्मृति मंधाना ने 51 रन की पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स का अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में यह दूसरा शतक है। 123 रन की उनकी पारी किसी भी भारतीय महिला क्रिकेटर की तरफ से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी पारी है। इतना ही नहीं, यह भारत की किसी भी महिला क्रिकेटर की तरफ से वनडे इंटरनेशनल में तीसरा सबसे तेज शतक भी है। महिला क्रिकेट की बात करें तो वनडे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की तरफ से सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड स्मृति मंधाना के नाम है। उन्होंने 2018 में किंबरली में 136 रन की पारी खेली थी। भारत की तरफ से महिला क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी मंधाना के नाम है। उन्होंने इसी साल आयरलैंड के खिलाफ 70 गेंद में शतक पूरा किया था। दूसरा सबसे तेज शतक हरमनप्रीत कौर का है जिन्होंने 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 87 गेंद में सेंचुरी जड़ी थी। अब जेमिमा रोड्रिग्स ने 89 गेंद में शतक ठोककर भारत की तरफ से तीसरी सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड बना दिया है।

पीएम मोदी ने दिया था ऑपरेशन सिंदूर नाम, पहलगाम की पीड़ित महिलाओं को दिलाया इंसाफ

नई दिल्ली 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को तड़के 1:44 बजे “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के संयुक्त प्रयासों से अंजाम दिया गया, जिसकी निगरानी स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस कार्रवाई के बाद पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और पीड़ितों के परिजनों ने भारतीय सेना की बहादुरी की सराहना की और पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले संतोष जगदाले की बेटी, अस्वरी जगदाले, जब इस ऑपरेशन की खबर से रूबरू हुईं, तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। एएनआई से बात करते हुए असवरी ने कहा, “हम खुशी से रो पड़े। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने बदला लिया है और जिस तरह से इस ऑपरेशन का नाम रखा गया – ‘सिंदूर’, उससे हमारी आंखों से आंसू रुक ही नहीं रहे। जिन बहनों का सिंदूर आतंकियों ने छीन लिया था, आज भारत ने उनका जवाब 9 जगहों पर दिया है। ये भाव अलग हैं, और हमारी आंखों से खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।” “सरकार पर विश्वास जगा” हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता, संजय द्विवेदी, ने कहा कि इस ऑपरेशन से देश की सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “मैं लगातार खबरें देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने देश के लोगों के दर्द को सुना। मैं सेना का आभार प्रकट करता हूं जिन्होंने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया। ये खबर सुनकर हमारे पूरे परिवार का दिल हल्का हो गया है।” “ये असली श्रद्धांजलि है” शुभम द्विवेदी के एक अन्य रिश्तेदार मनोज द्विवेदी ने कहा, “22 अप्रैल को जब हमारा बच्चा शहीद हुआ, हमने कहा था कि हमारे देश में अब एक क्रांति आने वाली है। हमें पूरा विश्वास था कि पीएम मोदी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबसे सख्त कदम उठाएंगे। आज सेना ने हमारे बेटे को असली श्रद्धांजलि दी है, इसके लिए हम तहेदिल से शुक्रगुजार हैं।” पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाली महिलाओं और परिजनों ने ऑपरेशन सिंदूर को अपने दुख का बदला लेने वाला कदम बताया। उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं ने पूरे देश को छू लिया। शुभम द्विवेदी की विधवा ने कहा, “आज मेरे पति का बदला पूरा हुआ। मैं भारतीय सेना को सलाम करती हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देती हूं। आज मेरे पति की आत्मा को शांति मिलेगी।” महाराष्ट्र के कौस्तुभ गणबोते भी हमले में शहीद हुए थे। उनकी विधवा संगीता गणबोते ने कहा, “सेना का यह कदम सराहनीय है। ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर मैं भावुक हो गई। यह महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है। पीएम मोदी ने आतंकियों को करारा जवाब दिया। आतंक का खात्मा हो!” शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता का रिएक्शन पहलगाम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने इस कार्रवाई की सराहना की है। अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जब भी मीडिया ने मुझसे पूछा कि मैं भारत सरकार से क्या चाहता हूं, तो मैंने उनसे कहा कि मुझे उन पर भरोसा है और वे अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “और अब वह दिन आ गया है, जब काम पूरा हो गया है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, वे उन्हें वापस नहीं पा सके, लेकिन हम ऐसी कार्रवाई चाहते थे, जो एक बड़ा संदेश दे। मुझे लगता है कि वे (पाकिस्तान) इस कार्रवाई को कभी नहीं भूलेंगे।” नरवाल ने ऑपरेशन “सिंदूर” की भी सराहना की और कहा कि इससे 26 महिलाओं को निश्चित रूप से सांत्वना मिलेगी, जिन्होंने अपने पुरुषों को खो दिया है। उन्होंने सशस्त्र बलों को धन्यवाद दिया और कहा कि हमें हमेशा उनका सम्मान करना चाहिए, इससे उनका मनोबल बना रहता है। “बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया” पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मां आशा नरवाल ने कहा, “मेरा पूरा परिवार मोदी साहब के साथ है, जिन्होंने आज बदला लिया है। मैं सशस्त्र बलों के जवानों से कहना चाहती हूं कि वे आगे बढ़ते रहें। आज उन सभी को श्रद्धांजलि दी गई है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।” पहलगाम आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले कर्नाटक निवासी मंजूनाथ राव की मां सुमति ने कहा, “मेरे बेटे का बलिदान व्यर्थ नहीं गया… हमें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी उचित कार्रवाई करेंगे और उन्होंने ऐसा किया।” जम्मू में गूंजे ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ के नारे इस ऑपरेशन के बाद जम्मू में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर ‘भारतीय सेना जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। लोगों ने खुले दिल से सेना और सरकार की सराहना की। एक स्थानीय निवासी ने एएनआई से कहा, “पाकिस्तान की ओर से हुए हमले का जवाब देना बेहद जरूरी था। हम सरकार और भारतीय सेना के आभारी हैं कि उन्होंने सटीक और प्रभावी कार्रवाई की।” ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ करारा जवाब भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन को “नॉन-एस्केलेटरी” और “कैलिब्रेटेड” बताया गया, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया। भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, “न्याय हुआ। जय हिंद!” इस ऑपरेशन को पहलगाम हमले के जवाब में एक मजबूत कदम माना गया, जिसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टॉलरेंस नीति को भी दिखाया है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की रातभर निगरानी की। रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जाती थी।” इस ऑपरेशन की सफलता ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित … Read more

रक्षा मंत्रालय के एमईएस के नए महानिदेशक के रूप में पदभार पी.सी. मीणा ने ग्रहण किया

नई दिल्ली रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) के नए महानिदेशक (कार्मिक) के रूप में पदभार पी.सी. मीणा ने ग्रहण किया । पी.सी. मीणा, भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (आईडीएसई) संवर्ग के अधिकारी हैं और एमईएस में कार्यरत हैं, जो रक्षा मंत्रालय के लिए निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण करता है। पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए, मीणा ने पोस्टिंग और स्थानांतरण में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “अधिकारियों की नियुक्ति उनकी उपयुक्तता के आधार पर की जाएगी।” उन्होंने समय पर पदोन्नति के महत्व पर बल देते हुए कहा, “अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति एक अनुकूल वातावरण में होनी चाहिए।” एमईएस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, मीणा ने कहा, “एमईएस भारत की अग्रणी निर्माण संगठनों में से एक है, जो सशस्त्र बलों के लिए रनवे, हैंगर और जटिल संरचनाओं का निर्माण करता है। भविष्य में, ये परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित होंगी और भारतीय सेनाओं के मानकों के अनुरूप निष्पादित की जाएंगी।” मीणा ने इससे पहले चेन्नई में अतिरिक्त महानिदेशक (परियोजनाएं), मुंबई में मुख्य अभियंता (नौसेना), अहमदाबाद में कमांडर वर्क्स इंजीनियर, और नई दिल्ली तथा बेलगाम में गैरीसन इंजीनियर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। मुंबई में मुख्य अभियंता के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, एमईएस ने सरकारी क्षेत्र में सबसे ऊंची इमारत, एक जी+62 भवन, के निर्माण की शुरुआत की थी। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के फुलवारा (पाइपेट) गांव के मूल निवासी, मीणा ने 1989 में कोटा इंजीनियरिंग कॉलेज, कोटा से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। उसी वर्ष, उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित भारतीय अभियंता सेवा परीक्षा के माध्यम से एमईएस के लिए चयन प्राप्त किया और 1989 बैच के अधिकारी के रूप में सेवा में शामिल हुए।

रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा पाकिस्तान इसका जवाब अपने चुने गए समय और स्थान पर देगा

लाहौर भारत ने पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किए. ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई भारत की सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय समेत नौ आतंकी ठिकाने तबाह हो गए हैं. भारतीय सैन्यबलों के इस हमले में 90 आतंकी मारे गए हैं. परमाणु हमले और जोरदार जवाबी कार्रवाई की गीदड़भभकी की धमकी देता आया पाकिस्तान अब बैकफुट पर आ गया है. भारत के इस हमले को दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था. पाकिस्तान ने युद्ध शुरू होने से पहले ही युद्धविराम का ऐलान कर दिया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि हम अपनी रक्षा करेंगे. पाकिस्तानी क्षेत्र में भारत के हमले के बाद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा है कि हम भी कुछ नहीं करेंगे अगर भारत और कोई कार्रवाई नहीं करता है. गौरतलब है कि भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत ने पाकिस्तानी इलाकों में ये हमला अपने हवाई क्षेत्र से किए हैं. ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा था कि हम इसका माकूल जवाब देंगे. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की माकूल जवाब देने वाली हेकड़ी कुछ ही घंटों के भीतर निकल गई. अब वह भारत की ओर से कोई अन्य कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में कुछ भी नहीं करने की बात कहने लगे हैं. ऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत कवरेज देखने के लिए यहां क्लिक करें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दो कदम आगे बढ़कर यह कह दिया था कि भारत की ओर से थोपे गए युद्ध का जोरदार तरीके से जवाब देने का अधिकार पाकिस्तान के पास है. पाकिस्तान की सेना ने भी एक बयान में भारत की कार्रवाई का जवाब देने की बात कही थी. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारतीय हमले की पुष्टि करते हुए कहा था कि बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में एयरस्ट्राइक हुई है. इस उकसावे का जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान इसका जवाब अपने चुने गए समय और स्थान पर देगा.  

बौखलाए पाक ने LoC पर की गोलीबारी, 10 निर्दोषों की मौत और 48 घायल; भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

श्रीनगर/जम्मू  पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के ठीक 15वें दिन मंगलवार रात करीब 1:44 बजे भारत ने पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमला कर दिया, जिससे पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान ने अपनी बौखलाहट दूर करने के लिए जम्मू-कश्मीर में निंयत्रण रेखा पर रातभर गोलीबारी की है। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई भारी गोलीबारी में 10 नागरिकों की मौत हो गई। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद पाकिस्तानी सेना द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना भी गोलाबारी का बराबर जवाब दे रही है। पाकिस्तान की गोलीबारी में 10 निर्दोष की गई जान सूत्रों ने बताया कि 6 और 7 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के सामने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकियों से तोपखाने से गोलाबारी समेत मनमाने तरीके से गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से की गई अंधाधुंध गोलीबारी और गोलाबारी में 10 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में एक महिला भी शामिल है, जिसका घर पुंछ जिले के मनकोट इलाके में मोर्टार शेल की चपेट में आ गया था। उसकी 13 वर्षीय बेटी घायल हो गई। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी में पुंछ के विभिन्न सेक्टरों में लगभग 48 अन्य नागरिक भी घायल हुए हैं। पुंछ जिले में गोलाबारी में हताहत लोग 1. मोहम्मद आदिल पुत्र शाईन नूर, निवासी सगरा, थाना मेंढर, पुंछ। 2. सलीम हुसैन पुत्र अल्ताफ हुसैन, निवासी बालाकोट, थाना मेंढर, पुंछ। 3. रूबी कौर पत्नी शल्लू सिंह, मोहल्ला सरदारन, मनकोटे, थाना मेंढर, पुंछ। 4. एक मोहम्मद ज़ैन (10 वर्ष) पुत्र रमीज खान निवासी गांव कलानी थाना मंडी ए/पी क्राइस्ट स्कूल पुंछ के पास। 5. मोहम्मद अकरम (55 वर्ष) पुत्र अब्दुल सुभान वार्ड नंबर 01, मोहल्ला सुक्का कथा, थाना पुंछ। 6. अमरीक सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी मोहल्ला सैंडीगेट, थाना पुंछ। 7. रणजीत सिंह पुत्र जोगा सिंह निवासी सैंडीगेट। 8. जोया खान (12 वर्ष पुत्री रमीज खान निवासी गांव कलानी थाना मंडी ए/पी क्राइस्ट स्कूल पुंछ के पास)। 9. मोहम्मद रफी (36) पुत्र मोहम्मद दीन निवासी गांव कोजरा, बांदीचेचियां थाना पुंछ। 10. मोहम्मद इकबाल (45) पुत्र पीर बख्श निवासी ग्राम बैला, वार्ड नंबर 02, थाना पुंछ। स्कूल-कॉलेज बंद करने के दिए गए आदेश अधिकारियों ने आदेश दिया है कि जम्मू क्षेत्र के पांच सीमावर्ती जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बुधवार को बंद रहेंगे। संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने एक्स को बताया, ‘मौजूदा स्थिति को देखते हुए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ में सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहेंगे।’ बता दें कि मनकोट के अलावा पुंछ में कृष्णा घाटी और शाहपुर सेक्टर, जम्मू क्षेत्र में राजौरी जिले में लाम, मंजाकोट और गंभीर ब्राह्मणा और उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुल्ला जिलों में करनाह और उरी सेक्टरों में सीमा पार से भारी गोलाबारी की खबर है। लोगों को बंकरों में लेनी पड़ी शरण अधिकारियों ने बताया कि सीमा की रखवाली कर रहे भारतीय सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों पक्षों के बीच सीमा पार से गोलाबारी जारी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी गोलाबारी के कारण लोगों को भूमिगत बंकरों में शरण लेनी पड़ी। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर में सीमा पर बिना उकसावे के गोलीबारी की यह लगातार 13वीं रात थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस भीषण नरसंहार के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें बहावलपुर भी शामिल है, जो जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन का एक प्रमुख अड्डा है। भारतीय सेना ने रात 1:44 बजे जारी एक बयान में कहा कि सैन्य हमले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत किए गए। भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (ADGPI) ने X पर लिखा, ‘पाकिस्तान ने पुंछ-राजौरी क्षेत्र में भीमबेर गली में तोपखाने से गोलीबारी करके एक बार फिर संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया है। भारतीय सेना उचित तरीके से जवाब दे रही है।’ सिंधु जल संधि निलंबन के बाद लगातार गोलीबारी कर रहा था पाक 25 फरवरी, 2021 को भारत और पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम समझौते को नवीनीकृत करने के बाद नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) पर संघर्ष विराम उल्लंघन बहुत कम हुआ है। 24 अप्रैल की रात से, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तानी सैनिक कश्मीर घाटी से शुरू होकर जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर विभिन्न स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामुल्ला जिलों में नियंत्रण रेखा पर कई चौकियों पर बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू करने के बाद, पाकिस्तान ने तेजी से पुंछ सेक्टर और उसके बाद जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में अपने संघर्ष विराम उल्लंघन का विस्तार किया। इसके बाद राजौरी जिले के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास कई चौकियों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई।  

भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, 90 से ज्यादा आतंकी ढेर

 बहावलपुर पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख अड्डे मरकज सुब्हान अल्लाह पर भारतीय सेना द्वारा किए गए स्ट्राइक में मसूद अजहर की पत्नी, बेटा और बड़ी बहन सहति उसके पूरे परिवार के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इस हमले में मौलाना काशिफ और उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रऊफ की बड़ी बेटी, पोते और चार बच्चों के साथ-साथ अप्पा सऊदी और उसके परिवार के भी मारे जाने की पुष्टि हुई है। सूत्रों का कहना है कि ये सभी लोग उस समय मरकज परिसर में मौजूद थे जब भारत ने आतंकवादी ठिकानों को लक्षित कर हमला किया। इसे जैश का प्रमुख प्रशिक्षण और संचालन मुख्यालय माना जाता है, जहां पुलवामा जैसे हमलों की साजिश रची जाती रही है। ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य लक्ष्य जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और लश्कर-ए-तैयबा के जिहादी ढांचों को तबाह करना था, जो पिछले तीन दशकों में भारतीय धरती पर बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार दो आतंकवादी संगठन हैं। पाकिस्तान का 12वां सबसे बड़ा शहर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का घर है। लाहौर से लगभग 400 किमी दूर स्थित, यह जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह परिसर में समूह के संचालन का आधार है, जिसे उस्मान-ओ-अली परिसर के रूप में भी जाना जाता है। जामिया मस्जिद भारत द्वारा लक्षित स्थलों में से एक थी। कहा जाता है कि यह परिसर 18 एकड़ में फैला हुआ है और यह भर्ती, धन उगाहने और विचारधारा के लिए जैश के केंद्र के रूप में कार्य करता है। जेईएम के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का जन्म बहावलपुर में हुआ था और वह वहां एक भारी सुरक्षा वाले परिसर में रहता है। जैश-ए-मोहम्मद पर आधिकारिक तौर पर 2002 में प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन दंडात्मक उपाय केवल कागज़ों पर ही लागू किया गया था, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद को अपने शिविर चलाने की पूरी आजादी दी गई थी। सेना ने 25 मिनट और 9 ठिकानों पर हमला, 90 से ज्यादा आतंकी ढेर आखिरकार भारत ने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर ही दी। इंडियन एयरफोर्स ने मंगलवार आधी रात 1:05 बजे पाकिस्तान और पीओके, यानी पाक अधिकृत कश्मीर के भीतर एयर स्ट्राइक की। इस हमले में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के हाई वैल्यू टारगेट (HVT) हाफिज अब्दुल मलिक भी शामिल हैं। मलिक मुरिदके स्थित मरकज तैयबा एयर स्ट्राइक में मारा गया।  रिपोर्ट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने कहा है कि सुभान अल्लाह मस्जिद पर किए गए हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं। भारत की ये जवाबी कार्रवाई पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई है और इसका नाम दिया है ‘ऑपरेशन सिंदूर’। ये नाम उन महिलाओं को समर्पित है, जिनके पतियों की पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हत्या कर दी थी। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हिफाजत कर सकता है। लेकिन भारत रुक जाता है तो हम भी रुक जाएंगे। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डॉयरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, भारत ने 24 मिसाइलें दागी हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर को पूरी रात मॉनिटर करते रहे।

गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पहली प्रतिक्रिया कहा, ‘हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व

नई दिल्ली  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पहली प्रतिक्रिया दी है। शाह ने कहा, ‘हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम में हमारे निर्दोष भाइयों की नृशंस हत्या का भारत का जवाब है। मोदी सरकार भारत और उसके लोगों पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।’ उधर पूरे देश में खुशी की लहर है। भारतीय सेना को आज पूरा देश सलाम कर रहा है। भारतीय सेना इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया ब्रीफिंग के जरिए देगी। भारत ने आज आधी रात के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘आपरेशन सिंदूर’ चलाया। भारतीय सेना ने बताया कि भारत ने उन आतंकी ढांचों को निशाना बनाया जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई गई और उन्हें अंजाम दिया गया। इसमें कहा गया है कि कुल मिलाकर नौ स्थलों को निशाना बनाया गया है। भारतीय सेना ने कहा, ‘‘हमारी कार्रवाई केन्द्रित, नपी-तुली और गैर-बढ़ावा देने वाली रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्यों के चयन और निष्पादन के तरीके में काफी संयम दिखाया है।’’ बयान में कहा गया, ‘ये कदम पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के मद्देनजर उठाए गए हैं जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी। हम इस प्रतिबद्धता पर खरे उतर रहे हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।’

Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है?

 25 मिनट में 9 कैंप तबाह… कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताई ऑपरेशन सिंदूर की एक-एक डिटेल गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द; भारत-पाक में चरम पर तनाव Indian Army की मार झेलने के बाद दहशत में पाकिस्तानी, गूगल पर सर्च कर रहे- ये सिंदूर होता क्या है? नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में करीब 90 आतंकियों को मारा गया है. भारत ने इस कार्रवाई को ‘सिंदूर ऑपरेशन’ कहा है. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ”इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था.” वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक को ‘कायराना’ बताया है. पीड़ितों और परिजनों को न्याय दिलाने के लिए किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’: कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग में एयरस्ट्राइक की जानकारी दी. भारतीय सेना की प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरेशी ने कहा, “मासूम पर्यटकों और उनके परिवारों को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से टेटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और PoK दोनों में फैले हैं.” कर्नल सोफिया ने कहा, “9 आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया और ध्वस्त किया गया. पिछले तीन दशकों से पाकिस्तान ने व्यवस्थित तरीके से आतंकी ढांचे का निर्माण किया, जो आतंकी कैंपों और लॉन्चपैड्स के लिए पनाहगाह रहा है. उत्तर में सवाई नाला और दक्षिण में बहावलपुर में स्थित मशहूर प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया.” भारत का एक्शन नपा-तुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है: विक्रम मिसरी प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “भारत ने सीमा पार हमलों का जवाब देने, रोकने और प्रतिरोध करने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है. भारत का एक्शन नपातुला, जिम्मेदारी भरा और गैर-उकसावे वाला है. आयोजकों और फाइनेंसरों को जवाबदेह ठहराने का प्रयास था. भारत की कार्रवाई को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.”  विंग कमांडर व्योमिका सिंह   18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं विंग कमांडर व्योमिका सिंह को मौजूदा वक्त की सबसे बेहतरीन विंग कमांडर में से एक माना जाता है. जिनके पास लड़ाकू हेलिकॉप्टर्स उड़ाने का एक बेहतरीन अनुभव है और चीता, चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारथ भी हासिल है. व्योमिका सिंह को वायुसेना में शामिल होने के 13 साल बाद विंग कमांडर का पद मिला और 18 दिसंबर 2017 में जाकर वो विंग कमांडर बनीं.   विंग कमांडर व्योमिका सिंह के पास इस समय हज़ारों घंटे फ्लाइंग ऑवर्स का अनुभव है, जो उन्हें सबसे सक्षम बनाता है. व्योमिका सिंह ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया है कि जब वो क्लास 6 में थीं, तभी उनके मन में ख़याल आ गया था कि वो एयरफोर्स का हिस्सा बनेंगी, क्यूंकि इसके पीछे एक कहानी है और वो उनके नाम से जुड़ी हुई है. व्योमिका सिंह ने बताया कि हमारी क्लास में एक बहस चल रही थी, जो नाम पर थी. जब मैंने अपना नाम बताया, जिसका मतलब ये था कि जो आसमान को मुट्ठी में रखे. तभी मैंने सोच लिया कि अब आसमां मेरा होगा.     विंग कमांडर व्योमिका सिंह के मुताबिक, जब उनकी पढ़ाई पूरी हुई उस दौर तक महिलाएं काफी कम एयरफोर्स में आती थीं, जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई और मैंने यूएपएससी के जरिए एयरफोर्स में एंट्री ली और फिर हेलिकॉप्टर पायलट बन गईं. व्योमिका सिंह ने बताया कि हेलिकॉप्टर पायलट होने के नाते आपको कई मुश्किल और कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, और इन्हीं फैसलों ने हमें मज़बूती दी है. बता दें कि विंग कमांडर व्योमिका सिंह ना सिर्फ लड़ाकू हेलिकॉप्टर को चलाने में सक्षम हैं, बल्कि साल 2021 में वायुसेना की जिस महिला विंग ने माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी, वो उसका भी हिस्सा रह चुकी हैं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं. # कर्नल सोफिया कुरैशी   प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिन्दी में पूरी जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों की एक-एक जानकारी दुनिया के सामने रखी. सोफिया कुरैशी कॉर्प्स ऑफ सिग्नल से जुड़ी हुई अधिकारी हैं. 35 साल की सोफिया कुरैशी इस वक्त पहली महिला ऑफिसर हैं, जिन्होंने इंडियन आर्मी के पूरे कॉन्टिजेंट को एक कई देशों की सैन्य एक्सरसाइज़ में लीड किया है.   साल 2016 में वो एक्सरसाइज़ फोर्स 18 मिलिट्री ड्रिल का हिस्सा बन चुकी हैं और उसे लीड भी कर चुकी हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी सैन्य परिवार से ही आती हैं और बायोकेमेस्ट्री में डिग्री भी रखती हैं. करीब 6 साल के लिए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में भारत की तरफ से योगदान दिया है और कोंगो में मिशन को पूरा किया है. गृह मंत्रालय अलर्ट, अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां रद्द ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की सटीक और जबरदस्त स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच गृह मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सभी अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश दिया है कि BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF जैसे सभी प्रमुख अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहें। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट भारत के ऐक्शन से पाकिस्तान में बौखलाहट है और वह जवाबी हमले की गीदड़भभकी दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय किसी भी जवाबी कार्रवाई या आतंकी साजिश को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। … Read more

भारत ने पाकल दुल प्रोजेक्ट तेजी से पूरा करने का नोटिफिकेशन जारी किया

नई दिल्ली भारत सरकार ने पाक‍िस्‍तान की बर्बादी का नोट‍िफ‍िकेशन जारी कर द‍िया है. सरकार ने पाकल दुल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट (PDP) को तेजी से पूरा करने के ल‍िए नोटिफ‍िक‍केशन जारी क‍िया है. यह प्रोजेक्‍ट पाक‍िस्‍तान की ओर जाने वाली एक-एक बूंद को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा. पाकल दुल सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्‍ट इसल‍िए भी है, क्‍योंक‍ि यह पाकिस्तान में बहने वाली पश्चिमी नदियों पर बना पहला डैम है. यह भारत का सबसे ऊंचा डैम भी होगा. इसके अगले साल बनकर तैयार होने की उम्मीद है. इसके पूरा हो जाने से पाक‍िस्‍तान के सिंध और पंजाब इलाके में भूखमरी आना तय मान‍िए. पहले जान‍िए ये प्रेजेक्‍ट है क्‍या? पाकल दुल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी की सहायक मारुसुदर नदी पर बन रहा है. यह एक रन-ऑफ-रिवर योजना है जिसमें पानी को स्टोर करने की भी कैपेसिटी है. इसका मकसद बिजली उत्पादन के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है. लेकिन पाक‍िस्‍तान के साथ तनाव के बाद अब इसका मकसद बदल गया है. यह डैम लगभग 167 मीटर ऊंचा होगा और पूरी तरह कंक्रीट फेस रॉकफिल से बना होगा. प्रोजेक्‍ट की खास बातें 1. इसे 2018 में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी. उसी साल काम भी शुरू हो गया. लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में सुरंगें और स्ट्रक्चर बनाने में तकनीकी समस्याएं आईं. इसी बीच लॉकडाउन हो गया, जिससे द‍िक्‍कतें हुईं. 2. इस प्रोजेक्‍ट को अब चंद महीनों में पूरा करने के ल‍िए कहा गया है. वैसे तो इस प्रोजेक्‍ट से 1000 मेगावाट बिजली पैदा होगी, जिससे जम्‍मू कश्मीर के लोगों को फायदा होगा. लेक‍िन अब मकसद कुछ और है. 3. एक्‍सपर्ट के मुताबिक, यहां इतना ऊंचा डैम बन गया तो इस नदी में पानी स्‍टोर करने की क्षमता लगभग 108 मिलियन घन मीटर हो जाएगी. 86 मिलियन घन मीटर पानी तो यह लाइव स्‍टोर कर सकती है. पाक‍िस्‍तान पर कैसे होगा असर पाकिस्तान चेनाब नदी के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है. वह बार-बार इस प्रोजेक्‍ट पर सवाल उठाता है, लेकिन अब भारत ठान चुका है क‍ि इसे बनाकर रहेंगे. पाकिस्तान का 80% कृषि सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है. पाकिस्तान को डर है कि भारत ने इस पानी को ज्‍यादा समय के लिए रोका तो सर्दियों में पानी की कमी होगी, इससे बुवाई नहीं हो पाएगी. एक और बात अगर भारत सर्दियों में पानी स्टोर करे और गर्मियों में छोड़े तो पाकिस्तान की फसलें तबाह हो जाएंगी.  

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