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इजरायल ने कहा- हिजबुल्ला को टारगेट करके ये हमले दक्षिण बेरूत और आसपास के इलाकों में किए गए, 52 की मौत

नई दिल्ली इजरायल ने लेबनान में भीषण हमले किए हैं। इन हमलों में गुरुवार को ही 52 लोगों की मौत हो गई। इजरायल का कहना है कि हिजबुल्ला को टारगेट करके ये हमले दक्षिण बेरूत और आसपास के इलाकों में किए गए हैं। हिजबुल्ला का कहना है कि बीते कई सालों में ऐसा पहली बार है, जब इजरायल की सेना ने इतने अंदर तक घुसकर हमला किया है। गाजा में छिड़े संघर्ष के बाद हिजबुल्ला ने भी इजरायल को टारगेट किया था और तब से ही इजरायल लेबनान को भी निशाना बना रहा है। हिजबुल्ला और इजरायल के बीच करीब 11 महीनों से जंग जारी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया है, ‘इजरायल की सेना ने बालबेक जिले को निशाना बनाया है, यह पूर्वी इलाके में स्थित है। इस हमले में 40 लोग मारे गए हैं, जबकि 52 बुरी तरह जख्मी हैं।’ इजरायल ने कुल 10 ठिकानों को टारगेट किया है। इन हमलों में एक परिवार बुरी तरह टारगेट हुआ है। कपल मारा गया है और उसके 4 बच्चे भी इजरायल के हमले में मारे गए हैं। इसके अलावा नाभा के पास एक इलाके में भी एक कपल की हमले में मौत हुई है और उनकी छोटी बेटी भी मारी गई है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को एक ही दिन में इजरायल ने लेबनान पर 12 स्ट्राइक कीं और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। इस बीच इजरायल को गाजा में नुकसान हुआ है। हमास की सैन्य शाखा अल-क़स्साम ब्रिगेड ने कहा है कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी गाजा के बेत लाहिया शहर में 15 इज़रायली सैनिकों को करीब से मार गिराया है। अल-क़स्साम ब्रिगेड गुरुवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने 15 सैनिकों की एक इज़रायली पैदल सेना इकाई से मुठभेड़ की और उन्हें करीब से मार गिराया। एक अलग बयान में, अल-क़स्साम ब्रिगेड ने घोषणा की कि उसने उत्तरी गाजा में जबालिया कैंप के पश्चिम में सफ़तवी क्षेत्र के पास एक इज़रायली मर्कवा टैंक को टेंडम शेल से निशाना बनाया है। इस बीच, इस्लामिक जिहाद आंदोलन की सशस्त्र शाखा अल-कुद्स ब्रिगेड ने कहा कि उसने मानक 60 मिमी मोर्टार शेल का उपयोग करके केंद्रीय जबालिया कैंप में जबालिया सर्विसेज क्लब के पास इज़रायली सैनिकों और वाहनों के जमावड़े को निशाना बनाया है। इज़रायली सेना ने इन हमलों के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। उधर, गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,07 अक्टूबर, 2023 से, इज़रायल ने गाजा में हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़ा है, जिसके कारण 44,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है और घरों तथा बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।

लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम का मंत्र, मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया

जॉर्जटाउन/नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुयाना को मौजूदा विश्व में आगे बढ़ने के लिये “लोकतंत्र प्रथम-मानवता प्रथम” का मंत्र देते हुए कहा कि इससे सबको साथ लेकर सबका विकास करते हुए मानवता का हित करना संभव होता है। श्री मोदी गुयाना की संसद के एक विशेष अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह मंत्र दिया। इस मौके पर संसद के अध्यक्ष मंजूर नादिर, उप राष्ट्रपति भरत जगदेव, प्रधानमंत्री मार्क एंथनी फिलिप्स, नेता प्रतिपक्ष, चांसलर ऑफ द ज्यूडिशियरी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के प्रयासों के बीच, हमें आज वैश्विक परिस्थितियों पर भी लगातार नजर ऱखनी है। जब भारत और गयाना आजाद हुए थे, तो दुनिया के सामने अलग तरह की चुनौतियां थीं। आज 21वीं सदी की दुनिया के सामने, अलग तरह की चुनौतियां हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्थाएं और संस्थाएं,ध्वस्त हो रही हैं, कोरोना के बाद जहां एक नई वैश्विक व्यवस्था की तरफ बढ़ना था, दुनिया दूसरी ही चीजों में उलझ गई, इन परिस्थितियों में,आज विश्व के सामने, आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है-“लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम”। “लोकतंत्र प्रथम” की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो,सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। “मानवता प्रथम” की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है, जब हम मानवता प्रथम को अपने निर्णयों का आधार बनाते हैं, तो नतीजे भी मानवता का हित करने वाले होते हैं। श्री मोदी ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक मूल्य इतने मजबूत हैं कि विकास के रास्ते पर चलते हुए हर उतार-चढ़ाव में हमारा संबल बनती हैं। एक समावेशी समाज के निर्माण में लोकतंत्र से बड़ा कोई माध्यम नहीं। नागरिकों का कोई भी मत-पंथ हो, उसका कोई भी बैकग्राउंड हो, लोकतंत्र हर नागरिक को उसके अधिकारों की रक्षा की,उसके उज्जवल भविष्य की गारंटी देती है। और हम दोनों देशों ने मिलकर दिखाया है कि लोकतंत्र सिर्फ एक कानून नहीं है,सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, हमने दिखाया है कि लोकतंत्र हमारे डीएनए में है, हमारे विजन में है, हमारे आचार-व्यवहार में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी मानव केन्द्रित कार्यशैली,हमें सिखाती है कि हर देश के नागरिक उतने ही अहम हैं, इसलिए, जब विश्व को एकजुट करने की बात आई, तब भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का मंत्र दिया। जब कोरोना का संकट आया, पूरी मानवता के सामने चुनौती आई, तब भारत ने ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य’ का संदेश दिया। जब जलवायु से जुड़ी चुनौतियों में हर देश के प्रयासों को जोड़ना था, तब भारत ने वन वर्ल्ड, वन सन, वन ग्रिड का विजन रखा, जब दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हुए, तब भारत ने सीडीआरआई यानि कोएलिशन फॉर डिज़ास्टर रेज़ीलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की पहल शुरू की। जब दुनिया में पृथ्वी प्रेमी लोगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करना था, तब भारत ने मिशन लाइफ जैसा एक वैश्विक आंदोलन शुरु किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र प्रथम—मानवता प्रथम” की इसी भावना पर चलते हुए, आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम फर्स्ट रिस्पॉन्डर बनकर वहां पहुंचे। आपने कोरोना का वो दौर देखा है, जब हर देश अपने-अपने बचाव में ही जुटा था। तब भारत ने दुनिया के डेढ़ सौ से अधिक देशों के साथ दवाएं और वैक्सीन्स शेयर कीं। मुझे संतोष है कि भारत, उस मुश्किल दौर में गयाना की जनता को भी मदद पहुंचा सका।” श्री मोदी ने कहा कि दुनिया में जहां-जहां युद्ध की स्थिति आई,भारत राहत और बचाव के लिए आगे आया। श्रीलंका हो, मालदीव हो, जिन भी देशों में संकट आया, भारत ने आगे बढ़कर बिना स्वार्थ के मदद की, नेपाल से लेकर तुर्की और सीरिया तक, जहां-जहां भूकंप आए, भारत सबसे पहले पहुंचा है। यही तो हमारे संस्कार हैं, हम कभी भी स्वार्थ के साथ आगे नहीं बढ़े, हम कभी भी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम संसाधनों पर कब्जे की, संसाधनों को हड़पने की भावना से हमेशा दूर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं, अंतरिक्ष हो, समुद्र हो, ये सार्वभौमिक टकराव के नहीं बल्कि सार्वभौमिक सहयोग के विषय होने चाहिए। दुनिया के लिए भी ये समय, टकराव का नहीं है, ये समय, टकराव पैदा करने वाले कारणों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर अपराध, ऐसी कितनी ही चुनौतियां हैं, जिनसे मुकाबला करके ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवार पाएंगे। और ये तभी संभव है, जब हम लोकतंत्र प्रथम मानवता प्रथम को केन्द्रीय स्थान देंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा सिद्धांतों के आधार पर, भरोसे और पारदर्शिता के आधार पर ही अपनी बात की है। एक भी देश, एक भी क्षेत्र पीछे रह गया, तो हमारे वैश्विक लक्ष्य कभी हासिल नहीं हो पाएंगे। तभी भारत कहता है – हर देश महत्वपूर्ण है! इसलिए भारत, द्वीपीय देशों को छोटे द्वीपीय देश नहीं बल्कि बड़े महासागरीय देश मानता है। इसी भाव के तहत हमने हिन्द महासागर से जुड़े द्वीपीय देशों के लिए सागर प्लेटफॉर्म बनाया। हमने प्रशांत महासागर के देशों को जोड़ने के लिए भी विशेष फोरम बनाया है। इसी नेक नीयत से भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल कराकर अपना कर्तव्य निभाया।

सुप्रीम कोर्ट ने काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में नोटिस जारी किया

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी किया गया है। हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा, “हिंदू पक्ष द्वारा यह मामला सुप्रीम कोर्ट में ले जाया गया है। वजू खाना में शिवलिंग का अभी-भी पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण नहीं हुआ है। इससे यह साफ हो सके कि यह शिवलिंग है या फव्वारा। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह फव्वारा है। एएसआई का सर्वे हुआ, जिसमें ज्ञानवापी के 12 तहखानों में से 8 तहखानों की एएसआई सर्वे नहीं हो पाया। इसके साथ ही मुख्य गुंबद के नीचे जो ज्योतिर्लिंग है, उसका भी सर्वे नहीं हो पाया है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी। इसमें मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। मुस्लिम पक्ष को स्पष्ट कहा गया है कि वो दो सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करें। हम आशा करते हैं कि वो जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेंगे।” अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा, “हमने 16 मई 2022 को दावा किया था कि तथाकथित वजू खाना में एक शिवलिंग पाया गया है। हालांकि, अंजुमन इंतजामिया ने इसका खंडन किया और कहा कि यह एक फव्वारा है। इसी को देखते हुए हमने इसका एएसआई सर्वेक्षण कराने की मांग की थी। हमने अब इस मामले में मुस्लिम पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, मुस्लिम पक्ष को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है। ऐसे में देखना होगा कि मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाब में क्या कुछ कहा जाता है।” दावा किया जा रहा है कि वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में शिवलिंग पाया गया था। इसी को देखते हुए यह मामला कोर्ट में पहुंचा। अदालत ने वजू खाना सीलबंद क्षेत्र में एएसआई सर्वेक्षण के लिए नोटिस दिया है।  

मामा ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि खेल-खेल में दुर्घटनावश बच्ची की मौत, लगा आरोप

ठाणे महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक मामा पर अपनी तीन साल की भांजी की हत्या का आरोप है। मामा ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि खेल-खेल में दुर्घटनावश बच्ची की मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, 18 नवंबर को बच्ची अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद 20 नवंबर को उसका अधजला शव घर से दूर एक सुनसान जगह पर मिला। शव की पहचान करने पर पता चला कि यह बच्ची वही लापता लड़की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मामा का कहना है कि उसने जानबूझकर हत्या नहीं की थी। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच से यह संकेत मिलता है कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। मामा ने अपनी भांजी के शव को जलाने के बाद उसे एक सुनसान जगह पर फेंक दिया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। आरोपी मामा के बयान के मुताबिक वह बच्ची  के साथ रसोई में खेल रहा था। खेल-खेल में उसने बच्ची  को थप्पड़ मारा था। थप्पड़ मारने से बच्चीे का संतुलन बिगड़ गया, जिससे उसका सिर स्लैीब से टकरा गया। सिर स्लैाब से टकराने के कारण बच्चीक की मौत हो गई। इसके बाद वह काफी डर गया था और उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। जिसके बाद उसने बच्चीक के शव को ठिकाने लगाने के लिए जलाकर दफना दिया। मामा का कहना है कि भांजी की हत्या उसने जानबूझकर नहीं की है। पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच करने में जुट गई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। घटना ने स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया है।  

जापान और फिलिपींस के रक्षा मंत्रियों के साथ राजनाथ ने की बैठक

नई दिल्ली आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए लाओस गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापान और फिलिपींस के रक्षा मंत्रियों के साथ बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की है। श्री सिंह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “वियनतियाने लाओस में जापान के रक्षा मंत्री जनरल निकतानी के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। मुझे विश्वास है कि हमारी साझेदारी स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित इंडो पैसिफिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” उन्होंने फिलिपींस के रक्षा मंत्री के साथ भी बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने पोस्ट किया , “ फिलिपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टेओडोरो के साथ अच्छी बैठक हुई। फिलिपींस हमारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। भारत फिलिपींस के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने और विस्तारित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।“  

आसाराम बापू की मेडिकल आधार पर जमानत की मांग वाली याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 86 वर्षीय स्वयंभू बाबा आसाराम बापू की मेडिकल आधार पर जमानत की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया और तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि चूंकि यह पोक्सो का मामला है, इसलिए यह अदालत मेडिकल आधार पर जमानत की इस याचिका पर विचार करेगी। पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दामा शेषाद्रि नायडू ने दलील दी कि वह (आसाराम) ‘ब्लॉकेज’ सहित कई बीमारियों से पीड़ित हैं। इस मामले में आसाराम ने सजा के निलंबन और जमानत की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया है कि वह ‘मीडिया ट्रायल’ और अपने ‘आश्रम’ पर नियंत्रण हासिल करने के उद्देश्य से की जा रही साजिशों के शिकार हैं। उन्होंने अधिवक्ता राजेश इनामदार और शाश्वत आनंद के माध्यम से दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनकी सजा विसंगतियों से भरी हुई है। वह केवल शिकायतकर्ता की अपुष्ट गवाही पर आधारित है। याचिका में कहा गया है कि आरोपों के पक्ष में कोई चिकित्सीय या स्वतंत्र सबूत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और उन्हें उनके आश्रम से बाहर निकालने के लिए झूठा फंसाया गया है। याचिका में कई दिल के दौरे और गंभीर बीमारी सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए आसाराम ने तर्क दिया कि उनका लगातार कारावास संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में यह भी दावा किया गया है, “जेल में हर बीतता दिन उनके स्वास्थ्य और गरिमा को कम कर रहा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वह पहले ही 11 साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं और हो सकता है कि वह अपनी लंबित अपील की सुनवाई तक जीवित न रहें। आसाराम को दो दशकों से भी अधिक पुराने आरोपों के आधार पर जनवरी 2023 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376(2)(सी), 377 और अन्य के तहत संगीन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। गुजरात उच्च न्यायालय ने अगस्त 2024 में आसाराम की सजा को निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उनके पिछले आपराधिक मामलों और अन्य लंबित मामलों का हवाला दिया गया था हालांकि, आसाराम ने तर्क दिया कि इन असंबंधित कार्यवाहियों का इस मामले में जमानत के उनके अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ता है। उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि “नैतिक पूर्वाग्रह” या अप्रासंगिक विचारों के आधार पर न्याय से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।  

केरल में नर्सिंग छात्रा ने हॉस्टल से कूदकर दी जान, 3 लड़कियों पर उकसाने का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

केरल केरल के पथनमथिट्टा जिले में पिछले सप्ताह नर्सिंग की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को तीन छात्राओं को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, चुट्टीपारा स्थित एसएमई नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग की अंतिम वर्ष की छात्रा अम्मू सजीव (22) की सहपाठी रही 3 छात्राओं को गिरफ्तार किया गया है। घटना 15 नवंबर की रात को पथनमथिट्टा जिले के चुट्टीपारा स्थित एसएमई नर्सिंग कॉलेज में हुई। मूल रूप से तिरुवनंतपुरम की निवासी अम्मू सजीव ने छात्रावास भवन की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आत्महत्या से पहले सजीव ने अपनी डायरी में लिखा था, ‘मैंने हार मान ली है।’ लड़की के पिता सजीव ने पूर्व में कॉलेज प्रधानाचार्य से शिकायत की थी कि उनकी बेटी को उसके सहपाठी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उसकी जान को खतरा है। पुलिस ने बताया कि शिकायत में नामित छात्राओं को गुरुवार को हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से 2 मूल रूप से कोट्टायम की निवासी हैं जबकि एक कोल्लम की रहने वाली है। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप सूत्रों ने बताया, ‘छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।’ राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने भी केरल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को घटना की जांच करने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, केरल हाई कोर्ट ने 2 साल पहले 14 वर्षीय स्कूली छात्रा से बलात्कार करने के आरोपी पुलिस अधिकारी को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति के. बाबू ने अधिकारी को राहत देने से इनकार कर दिया, जो पीड़िता के स्कूल में छात्र पुलिस कैडेट प्रशिक्षक था। अदालत ने कहा कि उसने जघन्य अपराध किया है और वह जमानत पर रिहा होने का हकदार नहीं है। अदालत संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अभियुक्त के मौलिक अधिकार की अनदेखी नहीं कर सकती, लेकिन वह किए गए अपराध की जघन्य प्रकृति से भी पूरी तरह से अपनी आंखें नहीं मूंद सकती।

पाक सरकार ने नए नियम लागू करते हुए कहा- सऊदी अरब जाने वाले लोगों को लिखकर देना होगा कि वे वहां भीख नहीं मांगेंगे

इस्लामाबाद सऊदी अरब के शहरों में पाकिस्तानी भिखारी इतने ज्यादा हो गए कि सरकार के एक्शन लेना पड़ा। बीते दिनों बड़ी संख्या में पाकिस्तानी भिखारियों को देश से निकाल दिया गया। इसके बाद पाकिस्तानी सरकार भी गंभीर हुई है। अब पाकिस्तान की सरकार ने नए नियम लागू करते हुए कहा है कि सऊदी अरब जाने वाले लोगों को लिखकर देना होगा कि वे वहां भीख नहीं मांगेंगे। सऊदी के पवित्र शहरों में उमराह की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पाकिस्तानी भीख मांगते पाए गए थे। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में कहा था कि उमराह और हज के वीजा पर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सऊदी अरब जाते हैं और वहा्ं भीख मांगते हैं। ऐसे में इन लोगों पर शिकंजा कसा जाए नहीं तो सऊदी अरब प्रशसन को कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा। सऊदी अरब ने इस्लामाबाद के धार्मिक मामलों के मंत्रालय को जानकारी दी थी कि सऊदी अरब की यात्रा करने वाले लोगों पर खास नजर रखी जाए। सऊदी अरब ने जानकारी दी थी कि कम से कम 4300 भिखारियों की लिस्ट तैयार की गई है जिन्हें भगाने की तैयारी की जा रही है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक अब शहबाज शरीफ की सरकार ने यात्रियों के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। एक नियम यह है कि सऊदी अरब की यात्रा से पहले लोगों को एक हलफनामा देना होगा। इसमें शपथ दिलाई जाएगी कि वे वहां भीख नहीं मांगेंगे। इसके अलावा यात्रियों को समूह में यात्रा करनी होगी। पाकिस्तानी सरकार का मानना है कि जब लोग ग्रुप में होंगे तो वे भीख नहीं मांगेंगे। इसके अलावा टूर ऑपरेटर की भी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्लाइंट से एफिडेविट लें। अगर कोई एजेंसी ऐसा नहीं करती तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की जांच एजेंसियों ने अवैध रूप से उमराह का वीजा दिलवाने वाली एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक कई ऐजी एजेंसियां हैं जो कि उमराह के वीजा पर लोगों को भीख मांगने के लिए सऊदी अरब भेजती हैं।

नथाली जी ड्रोइन ने एक बयान में कहा-मोदी और जयशंकर का तो नाम ही नहीं लिया, भारत से फटकार पर बदले जस्टिन ट्रूडो

कनाडा कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को कनाडा में किसी भी आपराधिक गतिविधि से जोड़ने से साफ इनकार किया है। कनाडा के प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया सलाहकार नथाली जी ड्रोइन ने एक बयान में कहा, “कनाडा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी, मंत्री जयशंकर या एनएसए डोभाल को कनाडा के भीतर गंभीर आपराधिक गतिविधि से जोड़ने का कोई सबूत नहीं दिया है और न ही उसे इसकी जानकारी है।” यह बयान उस समय आया है जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी दलों ने इन भारतीय नेताओं के नाम को कनाडा में आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की थी। कनाडा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन आरोपों को लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं और उन्होंने ऐसे आरोपों से बचने का आह्वान किया है जो द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर सकते हैं। भारत ने लगाई थी फटकार इससे पहले भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की कथित साजिश के बारे में जानकारी होने का दावा करने वाली कनाडाई मीडिया की खबर को बुधवार को बदनाम करने वाला अभियान करार देते हुए इसकी कड़ी भर्त्सना की। एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से दी गई इस खबर का जिक्र करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसे ‘हास्यास्पद बयानों’ को उसी तरह से खारिज किया जाना चाहिए जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम आम तौर पर मीडिया की खबर पर टिप्पणी नहीं करते हैं। हालांकि, कनाडा सरकार के एक सूत्र द्वारा कथित तौर पर किसी अख़बार को दिए गए ऐसे हास्यास्पद बयानों को खारिज किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के बदनाम करने वाले अभियान हमारे पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और नुकसान पहुंचाते हैं।’’ वह कनाडाई अबखार ‘द ग्लोब एंड मेल’ की खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। खबर में अखबार ने एक वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी का हवाला दिया है। खबर में दावा किया गया है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं विदेश मंत्री को भी इस साजिश की जानकारी थी। निज्जर की पिछले साल गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। भारत इस मामले में कनाडा द्वारा लगाये गये सभी आरोपों को खारिज कर चुका है।

कश्मीर में मौसम में घुली ठंडक, सर्द हवाओं से छूटी कंपकपी, कश्मीर में -16 डिग्री तक गिरा तापमान

जम्मू कश्मीर मौसम तेजी से करवट ले रहा है। उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में ठंड बढ़ती जा रही है। हल्की ठंडी हवाएं तो अब सुबह और शाम के वक्त कंपकंपी छुड़ाने लगी हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शुक्रवार सुबह धुंध छाई रही और न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया। दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से 9 में एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, ये केंद्र आनंद विहार, बवाना, जहांगीरपुरी, मुंडका, नेहरू नगर, शादीपुर, सोनिया विहार, विवेक विहार और वजीरपुर हैं। 400 या इससे अधिक एक्यूआई को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है और इससे स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता रविवार को पहली बार ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी को पार कर गई, जिसके बाद सोमवार सुबह ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत चरण चार के प्रतिबंध लागू किए गए। राजस्थान में भी सर्दी ने धीरे-धीरे असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ठंडी हवाएं चल रही हैं जिससे लोगों की कंपकंपी छूटने लगी है। माउंट आबू का तापमान में तेजी से गिरा है जहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान 5.0 सेल्सिसय दर्ज किया गया। यह इस बार का अब तक का सबसे कम तापमान है। सीकर और फतेहपुर में भी काफी ठंड पड़ रही है। फतेहपुर का तापमान भी 6.7 डिग्री सेल्सियस और सीकर का तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा, ‘अगले 4-5 दिन में सर्द हवाएं और तेज चल सकती हैं। जाहिर है कि इससे सर्दी का असर और ज्यादा बढ़ जाएगा।’ कश्मीर में कई जगह तापमान शून्य से नीचे कश्मीर में अधिकतर स्थानों पर रात का तापमान शून्य से नीचे चला गया। ऊंचाई वाले इलाकों में हाल ही में हुई हिमपात के कारण घाटी में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर और कश्मीर के अन्य स्थानों पर लगातार दूसरी रात न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे रहा और पारा हिमांक बिंदु से नीचे चला गया। पिछले सप्ताह कश्मीर के ऊंचाई वाले कई इलाकों में हिमपात हुआ जिसके कारण पूरी घाटी में ठंड बढ़ गई। जम्मू-कश्मीर में आज न्यूनतम तापमान -10.92°C दर्ज हुआ। शुक्रवार का न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः -16.06 डिग्री सेल्सियस और -8.79 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। सापेक्ष आर्द्रता 44% है और हवा की गति 44 किमी/घंटा रहेगी। मौसम विभाग ने कहा कि मौसम की यह स्थिति 23 नवंबर तक जारी रहेगी। इस महीने की 24 तारीख को बादल छाए रहने और कश्मीर के कुछ स्थानों में हल्की वर्षा/हिमपात की संभावना है।

युद्ध के कारण लेबनान में 880,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए..

संयुक्त राष्ट्र लेबनान में घरों और कार्यालयों को छोड़ने के आदेश और हवाई हमलों के कारण 880,000 से अधिक लोगों को अपने घरों से पलायन करना पड़ा है, जिनमें से 5,00,000 से अधिक लोग सीरिया भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय संगठनों ने  यह जानकारी दी। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संरा कार्यालय (ओसीएचए) ने कहा कि लेबनान में बचे लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने बताया कि देश में 880,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें 20,000 से अधिक प्रवासी शामिल हैं, जिन्हें अपने घरों और कार्यस्थलों दोनों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बताया कि 500,000 से अधिक लोग लेबनान छोड़कर सीरिया चले गए हैं और इनमें से आधे से अधिक बच्चे थे। यूएनएचसीआर अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करके विस्थापन के आघात और भावनात्मक प्रभाव से निपटने में मदद कर रहा है। ओसीएचए ने कहा कि नागरिकों को उनके घरों में रहने या भागने के विकल्प के बावजूद संरक्षित किया जाना चाहिए। कार्यालय ने कहा कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने चेतावनी दी है कि लेबनान में खाद्य सुरक्षा की स्थिति और खराब होने की आशंका है। डब्ल्यूएफपी और एफएओ ने कहा,सि “सितंबर 2024 से संघर्ष में लगातार वृद्धि ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को बुरी तरह से बाधित किया है और खाद्य असुरक्षा को गहरा किया है। इसके कारण अब 12 लाख से अधिक लोग को प्रभावित हो रहे हैं।” ओसीएचए ने कहा, “लेबनान की लगभग एक चौथाई आबादी पहले से ही अपर्याप्त खाद्य उपभोग (भुखमरी) से पीड़ित है। खाद्य पदार्थों की कीमतों के उच्च बने रहने के कारण स्थिति और भी खराब होने वाली है।” चुनौतीपूर्ण खाद्य सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर डब्ल्यूएफपी ने इस साल सितंबर से 65,000 से अधिक लोगों को भोजन पहुंचाने के लिए 12 काफिलों का इस्तेमाल किया, जिनमें से ज्यादातर दक्षिण और बालबेक-हर्मेल गवर्नरेट में पहुंचाए गए हैं।

इंटरनेट मीडिया तक बच्चों की पहुंच रोकने वाला बिल संसद में पेश, अब बच्चों ने किया इस्तेमाल तो लगेगा जुर्माना

मेलबर्न इंटरनेट मीडिया के गलत प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में एक बिल पेश किया गया। दुनिया में अपने तरह का पहला यह बिल 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इंटरनेट मीडिया से प्रतिबंधित कर देगा। बच्चों के अकाउंट बनाने पर लगेगा जुर्माना ऑस्ट्रेलिया की संचार मंत्री मिशेल रोलैंड ने कहा कि अगर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म टिकटाक, फेसबुक, स्नैपचैट, रेडिट, एक्स और इंस्टाग्राम छोटे बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकने में विफल होंगे, तो उनपर 33 मिलियन डालर (2,787,498,714 रुपये) तक का जुर्माना लगेगा। बिल को व्यापक राजनीतिक समर्थन प्राप्त है। इसके कानून बनने के बाद आयु प्रतिबंध को लागू करने के लिए प्लेटफार्मों को एक वर्ष का समय मिलेगा। हिंसक सामग्री देख खुद को हानि पहुंचा रहे बच्चे संचार मंत्री ने कहा कि 14 से 17 वर्ष के लगभग दो-तिहाई किशोरों ने हिंसक सामग्री सहित खुद को हानि पहुंचाने वाले कंटेंट देखे हैं। सरकार की ओर से कराए गए शोध में 95 प्रतिशत अभिभावक आनलाइन सुरक्षा को सबसे कठिन चुनौतियों में से एक मानते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया की एक सामाजिक जिम्मेदारी है और वह अपने प्लेटफार्म पर होने वाले नुकसान को दूर करने में बेहतर काम कर सकता है।

बंगाल की खाड़ी में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में ‘फेंजल’ नामक चक्रवात के बनने की संभावना जताई

कोलकाता बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय स्थिति बन चुकी है, जिससे मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में ‘फेंजल’ नामक चक्रवात के बनने की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार रात को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान और निकोबार के पास बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय दबाव क्षेत्र बन चुका है। इसके प्रभाव से आस-पास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जो धीरे-धीरे तेज होकर ‘गहरे दबाव’ और फिर चक्रवात का रूप ले सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने गुरुवार को कहा है कि चक्रवातीय दबाव अगले 24 घंटे में और मजबूत हो सकता है। समुद्री परिस्थितियों और हवाओं की गति के चलते यह चक्रवातीय दबाव शनिवार या रविवार को मुख्य भारतीय भूभाग के तटीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। इसके चलते तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में इसका असर पड़ सकता है। श्रीलंका के उत्तरी तटीय इलाकों में भी इसके प्रभाव की आशंका जताई गई है। अगर यह चक्रवात पूर्ण रूप लेता है, तो इसे ‘फेंजल’ नाम दिया जाएगा। यह नामकरण सऊदी अरब द्वारा किया गया है। इससे पहले अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में इसी क्षेत्र में बने ‘दाना’ चक्रवात ने भारी प्रभाव डाला था, जिसका नाम कतर द्वारा दिया गया था। हालांकि, आईएमडी ने अब तक इस संभावित चक्रवात की सटीक दिशा, तीव्रता या उससे होने वाले नुकसान के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी ऐहतियाती कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। समुद्र में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।  

स्टूडेंट से महिला टीचर ने बनाया यौन संबंध, ऐसे खुला राज, अब कोर्ट ने सुनाई सजा

मैरीलैंड  अमेरिका की एक पूर्व महिला टीचर को स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के साथ यौन संबंध बनाने के मामले में दोषी पाया गया है। उसे 30 साल जेल की सजा सुनाई गई है। मामला मैरीलैंड का है। 32 साल की मेलिसा कर्टिस को तीसरे दर्जे के यौन अपराध के मामले में ये सजा मिली है। उसने 14 साल के लड़के के साथ 20 से अधिक बार सेक्स किया था। मेलिसा कर्टिस को तीन मामलों में रिहा किया गया। उन्हें तीन दशक तक जेल में रहना होगा। इसमें से 12 महीने को छोड़कर बाकी सभी सजाएं निलंबित रहेंगी। महिला को पांच साल तक निगरानी में रहना होगा। रिहा होने के बाद कर्टिस को 25 साल के लिए यौन अपराधी के रूप में रजिस्टर्ड कराना होगा। निगरानी के शर्त के अनुसार उसे अपने बच्चों के अलावा अन्य नाबालिगों के साथ बिना निगरानी के संपर्क रखने की अनुमति नहीं होगी। उसे कम उम्र के बच्चों से दूर रहने के लिए कहा गया है। आठवीं क्लास के छात्र के साथ 20 अधिक बार बनाए यौन संबंध कर्टिस ने 7 नवंबर 2023 को पुलिस के सामने सरेंडर किया था। उसपर नाबालिग के यौन शोषण और तीसरे और चौथे दर्जे के यौन उत्पीड़न के कई मामलों में आरोप लगाए गए थे। कर्टिस ने जनवरी और मई 2015 के बीच बच्चों के साथ संबंध बनाए थे। उसने आठवीं कक्षा के छात्र को शराब और मारिजुआना दिया था। उसके साथ 20 से अधिक बार यौन संबंध बनाए थे। कर्टिस लगभग दो साल तक टीचर रही थीं। उन्होंने लेकलैंड्स पार्क मिडिल स्कूल में भी पढ़ाया था। कर्टिस आफ्टर-स्कूल कार्यक्रम चलाती थीं। वह इसमें आने वाले छात्रों के साथ संबंध बनाती थीं। पुलिस ने अक्टूबर 2023 में जांच शुरू की। पीड़ित छात्रों ने महिला पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

जब रिश्ता शादी तक नहीं पहुंचता, तो पार्टियों के बीच सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता : SC

नई दिल्ली शादी का झांसा देकर बलात्कार के आरोपों का सामना कर रहे एक युवक को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी है। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि सहमति के साथ संबंध में रह रहे जोड़े के बीच सिर्फ ब्रेकअप हो जाने के कारण पुरुष के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चला सकते हैं। शिकायतर्ता महिला ने आरोपी के खिलाफ 2019 में रेप केस दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच कर रही थी। बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा, ‘सहमति से रिश्ते में रह रहे कपल के बीच सिर्फ ब्रेकअप के कारण आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। जब रिश्ता शादी तक नहीं पहुंचता, तो पार्टियों के बीच शुरुआत चरणों में सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता।’ कोर्ट ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता का एड्रेस पता कर लिया था और जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। बेंच ने कहा कि अगर शिकायतकर्ता की तरफ से खुद ही पते की जानकारी नहीं दी जाती, तो आरोपी उसका एड्रेस हासिल नहीं कर सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, ‘यह बात समझ से बाहर है कि शिकायतकर्ता अपनी सहमति के बगैर अपीलकर्ता से मिलना जारी रखेगी या लंबे समय तक संपर्क बनाए रखेगी या शारीरिक संबंध बनाएगी।’ क्या था मामला साल 2019 में FIR दर्ज कराई गई थी कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न किया है। महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि आरोपी ने उसे यौन संबंध बनाने और ऐसा नहीं कर पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। महिला की शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि पार्टियों के बीच संबंध मधुर और सहमति से बने थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अभियोजन पक्ष की बात को मान भी लिया जाए तो यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शिकायतकर्ता सिर्फ शादी के किसी वादे के चलते यौन संबंधों में शामिल रही थी। यह देखते हुए कि दोनों अब अब शादिशुदा हैं और अपने-अपने जीवन में खुश है, तो कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया।

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