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कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें

नैनीतल,  उत्तराखंड में आज कैंची धाम का 61वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। बता दें कि कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटे हुए हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सुबह पांच बजे से ही कैंची धाम में श्रद्धालुओं को मालपुए के प्रसाद बंटना शुरू हुआ था, जिसके बाद मेले की शुरूआत हुई। बता दें कि मेले में जाने के लिए श्रद्धालुओं की कतार दो किमी लंबी लगी हुई थी। इस दौरान श्रद्धालुओं को बारिश का सुहाना नजारा भी देखने को मिला। वहीं श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारों के साथ कैंची धाम पहुंचे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार श्रद्धालुओं के बीच बाबा के प्रति जोश ज्यादा देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु दिल्ली, नेपाल, हरियाणा, सूरत, मुंबई, देहरादून आदि बड़े शहरों से कैंची धाम पहुंचे हैं। 10 बजे तक चालीस हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच गए थे। कैंची धाम के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें कैंची धाम की स्थापना नीम करोली बाबा ने की थी, जिन्हें हनुमान जी का अवतार माना जाता है। यह धाम आस्था और भक्ति का प्रतीक है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरा करने के लिए आते हैं। नीम करोली बाबा ने 1962 में कैंची गांव का दौरा किया और वहां एक मंदिर की स्थापना की, जो आज कैंची धाम के नाम से प्रसिद्ध है। स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन हर साल कैंची धाम में स्थापना दिवस पर भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दौरान मंदिर में मालपुए के प्रसाद को भोग लगता है, जो श्रद्धालुओं में बहुत प्रसिद्ध है। वहीं इस साल भी ऐसा ही हुआ है। बता दें कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शटल सेवा की व्यवस्था की है, जो कैंची धाम तक पहुंचने में मदद करेगी। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिनमें पीए सिस्टम, ड्रोन और हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। कैंची धाम मेले को लेकर ट्रैफिक प्लान पार्किंग: प्रशासन ने 15 पार्किंग स्थल बनाए हैं, जहां श्रद्धालु अपने वाहन पार्क कर सकते हैं और शटल सेवा से कैंची धाम पहुंच सकते हैं। डायवर्जन: ट्रैफिक प्लान के अनुसार, कुछ मार्गों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा, इसलिए श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मार्ग की योजना पहले से बना लें।  

कोरोना वायरस की नई लहर में पहली बार एक दिन में तीन लोगों की मौत

नई दिल्ली देशभर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राजधानी दिल्ली में भी कोरोना का कहर जारी है। नई लहर में दिल्ली में कोरोना वायरस से पहली बार एक दिन में तीन लोगों की मौत हुई है। कोरोना से दिल्ली में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अब जिन तीन लोगों की मौत हुई है उनमें दो महिला और एक पुरुष शामिल है। 57 वर्षीय महिला को मधुमेह, फेफड़े की समस्या थी। 57 वर्षीय पुरुष को मधुमेह, फेफड़े की समस्या थी। वहीं, 83 वर्षीय महिला को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, फेफड़े की समस्या थी। विज्ञापन हालांकि, कोरोना के सक्रिय मरीजों में तीन दिन से गिरावट देखी गई है। शनिवार को सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 672 रह गई। कोई नया मामला भी दर्ज नहीं किया गया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविड डैशबोर्ड के अनुसार, 24 घंटे में 212 मरीजों ने कोरोना को मात दी। दिल्ली में एक जनवरी से अब तक 1960 कोरोना के मरीज सामने आए हैं जिनमें से 11 मरीजों की मौत हो गई। देश में दिल्ली कोरोना के कुल मामलों में दूसरे नंबर पर है। कितना खतरनाक है नया कोरोना स्ट्रेन? नए वैरिएंट्स आमतौर पर तेजी से फैलते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे पहले जितने घातक हों। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से बीमार व्यक्ति सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। हल्के लक्षणों से शुरू होकर गंभीर सांस की दिक्कत तक मामला जा सकता है। कोरोना के सामान्य लक्षण     बुखार या कंपकंपी     सूखी खांसी     गले में खराश     सिरदर्द और बदन दर्द     थकान और कमजोरी     सूंघने या स्वाद की क्षमता कम होना     सांस लेने में दिक्कत स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर घबराने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि सर्दी जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत से पीड़ित होने वाले मरीजों को डॉक्टर से मिलकर जांच कराना चाहिए। अधिकतर लोग घर पर रहकर ही ठीक हो जा रहे हैं, इसलिए संक्रमण की स्थिति में भी ज्यादा परेशान होने या अस्पताल भागने की जरूरत नहीं है।

पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर की बात- ईरान जंग में बनेंगे शांतिदूत!

रूस  मिडिल ईस्ट लंबे समय से जंग की आग में धधक रहा है. इजरायल और ईरान की जंग ने इसे और सुलगा दिया है. बीते 48 से ज्यादा घंटों से दोनों देश एक-दूसरे पर धड़ाधड़ मिसाइलें दाग रहे हैं. इस बीच मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर बात की.  रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के एक अधिकारी यूरी उशाकोव ने बताया कि पुतिन और ट्रंप के बीच 50 मिनट तक बातचीत हुई. दोनों नेताओं की यह बातचीत लाभप्रद रही. इस दौरान इजरायल और ईरान के बीच की मौजूदा जंग से मिडिल ईस्ट पर पड़ने वाले खतरनाक प्रभावों पर मंथन किया गया. उशाकोव ने बताया कि इस दौरान पुतिन ने इजरायल और ईरान के राष्ट्रप्रमुखों के साथ हुई बातचीत का ब्योरा भी ट्रंप को दिया. पुतिन ने ईरान के खिलाफ इजरायल के मिलिट्री ऑपरेशन की निंदा की और इस जंग से उपजे तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि इसका खामियाजा पूरे मिडिल ईस्ट को भुगतना पड़ेगा.   पुतिन ने इस जंग को बढ़ने से रोकने के महत्व और इसके लिए संभावित मध्यस्थता के प्रयासों में रूस के शामिल होने की इच्छा पर जोर दिया. उन्होंने यह जंग रोकने के लिए संभावित मध्यस्थता की इच्छा जताई. ट्रंप ने भी मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि ईरान को बातचीत की टेबल पर लौटना ही होगा. उन्होंने कहा कि इस बातचीत के लिए अमेरिका के वार्ताकारों की टीम तैयार है और वह ईरान के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करना चाहते हैं. बता दें कि ट्रंप के साथ इस बातचीत के दौरान पुतिन ने उन्हें दो जून को इंस्ताबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति पर भी जानकारी दी और 22 जून के बाद यूक्रेन के साथ बातचीत की इच्छा जताई. इजरायल और ईरान एक-दूसरे पर अपनी पूरी क्षमता के साथ हमला कर रहे हैं. इजरायली सेना आईडीएफ का कहना है कि ईरान ने रातभर में 80 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इनमें से लगभग 40 मिसाइलें उत्तरी इजरायल में दागी गई हैं. ईरान के हमले में अब तक 10 इजरायली नागरिकों की मौत की खबर है जबकि 200 घायल बताए जा रहे हैं. सात लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. वहीं, ईरान पर इजरायल के हमले में सेना के छह शीर्ष मिलिट्री जनरल की मौत का दावा किया गया है. इजरायल ने ईरानी नागरिकों से मिलिट्री इकाइयों और उनके आसपास के इलाकों को खाली करने को कहा है. इजरायली सेना ने पश्चिमी ईरान में मिसाइल स्टोरेज और लॉन्चर्स को निशाना बनाया है.   बीते 48 घंटों में ईरान पर इजरायल के हमलों में 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें नौ के आसपास न्यूक्लियर वैज्ञानिक और कई बड़े ईरानी कमांडर्स भी शामिल हैं. घायलों की तादाद भी 300 से ज्यादा बताई जा रही है. ईरान ने इजरायल के ताबड़तोड़ हमलों को देखते हुए कई राज्यों में अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है.   

अहमदाबाद में हुए विमान दुर्घटना में भगवान कृष्ण के बाल रूप की मूर्ति बच गई

अहमदाबाद अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने गुजरात ही नहीं पूरे देश को झकझोर दिया है। 12 जून की दोपहर एयर इंडिया की फ्लाइट उड़ी तो थी लंदन के लिए पर टेकऑफ के कुछ सेकेंड के भीतर ही सब तबाह हो गया। 241 जिंदगियों के साथ मेडिकल हॉस्टल के मेस में भोजन कर रहे छात्र और आसपास के लोग भी इस भयंकर हादसे में खुद को गंवा बैठे। इस बीच लोगों ने चमत्कार भी देखे। 242 लोगों में जिंदा बचकर निकले एकमात्र शख्स विश्वास कुमार रमेश तो थे ही,उनके अलावा हिंदुओं की पवित्र ग्रंथ गीता भी सुरक्षित मिली। अब एक और वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद भगवान कृष्ण के बाल रूप की एक मूरत भी बाल-बाल बच गई। वीडियो शेयर करने वाला खुद यह देखकर हैरान है। भगवान कृष्ण के बाल रूप की मूर्ति बच गई एक्स पर निखल सैनी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अहमदाबाद में हुए विमान दुर्घटना में भीषण आग की वजह से आस-पास की हर चीज पिघल गई, फिर भी भगवान कृष्ण की यह मूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित रही,यहां तक कि इस पर लगा कपड़ा भी जस का तस रहा। हम किसी अंधविश्वास को सही नहीं ठहरा रहे हैं,लेकिन इतने ज्यादा तापमान पर,इसका अछूता रहना वाकई हैरान करने वाला है। वीडियो में क्या है? वीडियो मात्र 9 सेकेंड का है। निखिल सैनी ने दावा किया है कि अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान के क्रैश होने के बाद भी भगवान कृष्ण के बाल रूप की यह छोटी सी मूर्ति बिल्कुल सुरक्षित है। ताज्जुब यह भी है कि इस वीडियो की शुरुआत में एक आईफोन भी दिख रहा है जो फुली डैमेज नहीं हुआ है। भगवान कृष्ण के पास कंगल के आकार का सोना भी दिख रहा है जो बिल्कुल भी नहीं गला है। हालांकि हम क्लियर कर दें कि हिंदुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।  

देश की फर्म एयर इंडिया बोइंग 787-8 के मेंटनेंस में शामिल नहीं है, विमान हादसे पर दी सफाई:तुर्किए

अंकारा अहमदाबाद प्लेन क्रैश को लेकर तुर्किए का बयान आया है। तुर्किए ने कहा है कि उसके देश की फर्म एयर इंडिया बोइंग 787-8 के मेंटनेंस में शामिल नहीं है। तुर्किए के संचार निदेशालय ने कहाकि यह दावा गलत है कि टर्कि टेक्निक ने बोइंग 787-8 यात्री विमान का रख-रखाव किया था। गौरतलब है कि यह विमान 12 जून को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्री मारे गए थे। वहीं, एक यात्री की जान बच गई थी। इसके अलावा जिस हॉस्पिटल के मेस पर विमान गिरा था, वहां पर भी कुछ डॉक्टर्स मारे गए थे। यह बयान भ्रम फैलाने जैसा एक्स पर जारी इस बयान के मुताबिक यह कहना कि तुर्किए की फर्म विमान का मेंटनेंस कर रही थी, दोनों देशों के रिश्तों को लेकर भ्रम फैलाने जैसा है। बयान में आगे कहा गया है कि 2024 और 2025 में एयर इंडिया और टर्किश टेक्निक के बीच हुए समझौतों के तहत, B777 विमानों के लिए विशेष रूप से रख-रखाव सेवाएं दी जाती हैं। दुर्घटना में शामिल बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर इस समझौते के दायरे में नहीं आता। आज तक, टर्किश टेक्निक ने इस प्रकार के एयर इंडिया के किसी विमान पर रख-रखाव नहीं किया है। साझा किया भारत का दर्द तुर्किए की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि उसे पता है कि किस कंपनी ने दुर्घटनाग्रस्त विमान का मेंटनेंस किया था। लेकिन इस बारे में कुछ भी कहना दायरे से बाहर जाना होगा। इससे और ज्यादा भ्रम फैलेगा। बयान के मुताबिक इस तरह के झूठ से निपटने के लिए उनके पास सिस्टम है। इस झूठ के खिलाफ कदम उठाया जाएगा। तुर्की के लोग भारत में हुए इस हादसे में भारत के दर्द के साझीदार हैं। ऐसे हुआ था तनाव गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्किए ने पाकिस्तान का पक्ष लिया था। इसके अलावा पाकिस्तान ने भारत पर तुर्की निर्मित ड्रोनों का इस्तेमाल किया था। वहीं, भारत के नौ प्रमुख हवाई अड्डों पर सेवाओं का प्रबंधन करने वाली तुर्की कंपनी को हटना पड़ा था। 15 मई को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया कि सेलिबी ग्राउंड हैंडलिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के लिए सुरक्षा मंजूरी राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई।  

जम्मू कश्मीर की राजनीति में बड़ी घटना- AAP के इकलौते विधायक ने क्यों छोड़ दी अब्दुल्ला सरकार

जम्मू कश्मीर  जम्मू कश्मीर की राजनीति में बड़ी घटना हुई। यहां के डोडा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के इकलौते विधायक मेहराज मलिक ने उमर अब्दुल्ला सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। समर्थन वापस लेते हुए मलिक ने अपने नेता अरविंद केजरीवाल की भी याद दिलाई। मेहराज के सरकार से समर्थन वापस लेने की सबसे बड़ी वजह भी सामने आई है। मलिक ने शनिवार को उमर अब्दुल्ला सरकार से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए समर्थन वापस लिया। इससे पहले शुक्रवार को मलिक यह फैसला लिया था, हालांकि, इसकी घोषणा उन्होंने शनिवार को की है। आइए जानते हैं मेहराज मलिक के समर्थन वापस लेने की सबसे बड़ी वजह। मलिक ने क्यों वापस लिया उमर सरकार से समर्थन मेहराज ने अब्दुल्ला सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के साथ ही अब गठबंधन वाली उमर अब्दुल्ला की सरकार में एक विधायक की संख्या कम हो गई है। सरकार से समर्थन वापस लेने वजह भी सामने आई है। खुद मलिक ने बताया कि उनके समर्थन वापस लेने की सबसे बड़ी वजह उमर अब्दुल्ला खुद हैं। क्योंकि इस सरकार ने आज से 9 महीने पहले जम्मू-कश्मीर के लोगों से जो वादा किया था, वो निभा नहीं पा रही है। मलिक ने कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार प्रदेश की जनता के लिए कुछ कर नहीं सकती ऐसा नहीं है, बल्कि वो कुछ करना ही नहीं चाहती है। अपने नेता की दिलाई याद शनिवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए मेहराज मलिक ने समर्थन वापस लेने का ऐलान किया और अपने नेता की भी याद दिलाई। अरविंद केजरीवाल की पहली सरकार की याद दिलाते हुए मेहराज ने कहा कि उनके नेता ने अपने हिसाब से सरकार ना चला पाने के कारण 49 दिन में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उमर अब्दुल्ला सरकार पिछले 9 महीने से सत्ता में है, लेकिन लोगों के लिए कुछ नहीं। मेहराज ने कहा- ऐसा नहीं है कि उमर अब्दुल्ला जनता के लिए कुछ कर नहीं सकते, बल्कि वो कुछ करना ही नहीं चाहते। मेहराज ने कहा कि सेवा के लिए बहाने नहीं, चाह की जरूरत होती है।  

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, इस कदर क्यों भड़क गए नेतन्याहू?

इजरायल  इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। इजरायल के कई शीर्ष अधिकारियों और राजनीतिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। वाल स्ट्रीट जनरल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा, “खामेनेई को निशाना बनाना से रोक नहीं है। यह युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक ईरान स्वेच्छा से अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म नहीं करता या हम उसे दोबारा शुरू करने लायक नहीं छोड़ते हैं।” इजरायल के प्रतिष्ठित समाचार चैनल Channel 12 ने भी एक राजनीतिक सूत्र के हवाले से लिखा, “यह विकल्प कि खामेनेई की हत्या हो सकती है, यह चर्चा से बाहर नहीं है। हालांकि यह कई स्थितियों पर निर्भर करता है।” इजरायल ने बीते सप्ताह ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नामक सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख, वायु सेना कमांडर और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख सहित कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इजरायली हमलों ने ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, कम से कम नौ परमाणु वैज्ञानिकों की मौत का दावा भी सामने आया है। सर्वोच्च नेता पर हमले की चेतावनी इजरायली बयानबाज़ी इस ओर संकेत कर रही है कि अब लक्ष्य केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “अब हमारी योजना ऐसी है कि ईरान अपने नेतृत्व और सैन्य ढांचे को पुनर्गठित न कर पाए।” आपको बता दें कि यह पहला अवसर है जब इजरायल की ओर से खामेनेई जैसे शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक नेता पर हमले की संभावना को खुलेआम सामने लाया गया है। ईरान बोला- भारी कीमत चुकानी पड़ेगी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने एक टीवी संबोधन में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हम इस दुस्साहसिक और घातक हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे। इजरायल को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” आपको बता दें कि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव और हाइफा जैसे इजरायली शहरों पर मिसाइलें दागी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तेल अवीव में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं। संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर? इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। राजनयिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि किसी देश के राजनीतिक नेतृत्व को सीधे निशाना बनाया गया, तो यह राज्य प्रायोजित हत्या की श्रेणी में आएगा। इससे व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक संकट पैदा हो सकता है।  

अहमदाबाद विमान हादसे में अब तक 31 सैंपल मैच हुए, विजय रूपाणी का DNA मैच

अहमदाबाद  अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले गुजरात के रुपाणी का डीएनए मैच हो गया है जिसके बाद अब उनका पार्थिव शरीर उनके परिवारवालों को सौंपा जाएगा और राजकोट में उनका अंतिम संस्कार होगा। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, “गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया दुर्घटना के दौरान निधन हो गया था आज सुबह करीब 11:10 बजे उनका डीएनए मैच हो गया है। अब उनके परिवारवालों को उनका पार्थिव शरीर सौंपा जाएगा। गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जाने वाला एयर इंडिया का विमान मेघानीनगर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस दौरान पायलट और क्रू मेंबर्स के साथ फ्लाइट में कुल 242 लोग मौजूद थे जिनमें से एक विजय रुपाणी भी थे। वह अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। अहमदाबाद म्युनिसिपल कमिश्नर बोले- ब्लैक बॉक्स का मिलना जरूरी था अहमदाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर बंछा निधि पानी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ब्लैक बॉक्स को निकालना बेहद जरूरी था। आमतौर पर ब्लैक बॉक्स या तो प्लेन के आगे वाले हिस्से में होता है या फिर पीछे। सौभाग्य से इस हादसे में प्लेन का पिछला हिस्सा पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ था, बल्कि वह पहली बिल्डिंग में फंसा हुआ था। AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम ने क्रेन, मजदूर और इंजीनियर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके। इसके बाद ब्लैक बॉक्स को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया।  

अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो अमेरिकी सैनिक पूरी ताकत से उस पर टूट पड़ेंगे: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन  इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान पर हुए ताजा इजरायली हमलों में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो अमेरिकी सैनिक पूरी ताकत से उस पर टूट पड़ेंगे। यह कार्रवाई ऐसी होगी, जिसके बारे में ईरान कभी सोचा नहीं होगा। ट्रंप ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर शेयर किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “आज रात ईरान पर हुए हमले में अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन अगर ईरान ने किसी भी रूप में अमेरिका पर हमला किया तो अमेरिका की पूरी सैन्य शक्ति उस पर गिरेगी। ईरान ने ऐसी कार्रवाई पहले कभी नहीं देखी होगी।” उन्होंने यह भी दावा किया कि वे ईरान और इजरायल के बीच युद्ध को रोक सकते हैं और इस खूनी संघर्ष को समाप्त कर सकते हैं। परमाणु वार्ता रद्द इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच होने रविवार को ओमान में परमाणु वार्ता होनी थी। इसे रद्द कर दी गई है। ट्रंप ने शुक्रवार को ही तेहरान से अपील की थी कि ईरान को अब सौदा करना ही होगा, इससे पहले कि उनके पास खोने को कुछ न बचे। इजरायल का दावा- तेहरान में रक्षा मंत्रालय पर हमला इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने रविवार सुबह घोषणा की कि उसने तेहरान में ईरान के रक्षा मंत्रालय और SPND परमाणु परियोजना पर व्यापक हवाई हमले किए हैं। IDF ने कहा कि उसने उस स्थान को भी निशाना बनाया जहां ईरान ने अपना परमाणु गुप्त अभिलेख (न्यूक्लियर आर्काइव) छिपा रखा था। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने के लिए किया गया और यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक खतरा पूरी तरह खत्म न हो जाए। उन्होंने दावा किया, “हमने ईरान के शीर्ष जनरलों, वैज्ञानिकों और परमाणु विशेषज्ञों को निशाना बनाकर उनके कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेल दिया है।” ईरान का जवाबी हमला, इजरायल में भी मौतें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा उन्होंने इजरायल के ऊर्जा ढांचे और फाइटर जेट ईंधन संयंत्रों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इजरायल के जेरूसलम और तेल अवीव में सायरन बजाए गए और कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक 10 वर्षीय बालक और एक 20 वर्षीय महिला शामिल हैं।  

भारत में ब्रिटेन के फाइटर जेट ने इमरजेंसी लैंडिंग की

तिरुवनंतपुरम ब्रिटेन के एक फाइटर जेट ने भारत में इमरजेंसी लैंडिंग की है। यह विमान तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुआ है। बताया जाता है कि इस फाइटर जेट में ईंधन काफी कम हो गया था। इसलिए किसी आपात स्थिति से बचने के लिए जेट को आनन-फानन में नीचे उतारना पड़ा। जानकारी के मुताबिक यह फाइटर जेट एफ 35 है, जिसे ब्रिटेश नेवी इस्तेमाल करती है। खबर लिखे जाने तक विमान तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर मौजूद था। एयरपोर्ट पर इमरजेंसी जानकारी के मुताबिक इस फाइटर जेट ने एक एयरक्राफ्ट करियर से उड़ान भरी थी। इसके बाद इसने शनिवार रात नौ बजकर 30 मिनट पर एयरपोर्ट पर सुरक्षित ढंग से लैंड किया। सूत्रों के मुताबिक फाइटर जेट की सुरक्षित और आसान लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट अधिकारियों ने वहां पर इमरजेंसी घोषित कर दी थी। सूत्र के मुताबिक फाइटर जेट के पायलट ने उड़ान के दौरान महसूस किया कि ईंधन कम हो रहा है। इसलिए उसने इमरजेंसी लैंडिंग की परमिशन मांगी थी। सबकुछ बेहद तेजी के साथ और प्रोफेशनल अंदाज में अंजाम दिया गया।  

राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में गर्मी, तटीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश के अलग-अलग हिस्सों में मॉनसून की आमद हो चुकी है। इसके साथ ही भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी भी जारी की है। आज तमिलनाडु, गोवा, केरल और महाराष्ट्र व कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। आईएमडी ने अन्य राज्यों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के लिए धूल के तूफान की चेतावनी, पंजाब और हरियाणा के लिए हीटवेव और बिहार के लिए उमसभरी गर्मी की चेतावनी है। कहां के लिए बारिश की चेतावनी आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक तमिलनाडु, पुडेचेरी और करैकल व कर्नाटक के तटीय इलाकों में अगले 24 घंटों में बेहद भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 16 जून के लिए ऐसी ही चेतावनी है। इसमें यह भी बताया गया है कि गोवा में आज और कल बहुत ज्यादा बरसात हो सकती है। गुजरात में 17 और 19 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मध्य प्रदेश में 20 जून तक, छत्तीसगढ़ में 18 से 20 जून तक, झारखंड में 17 और 18 जून और ओडिशा में अगले दो दिनों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। केरल में तबाही उधर केरल में भारी बारिश ने खूब तबाही मचाई है। इसके चलते कई पेड़ उखड़ गए हैं। गलिया और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई घरों की छतें तक उखड़ गई हैं। तेज हवाओं के साथ बौछारों ने उत्तरी जिलों के ऊंचे क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने और वेट्टुकाडु के तटीय गांव में स्थित घरों को नुकसान पहुंचाया। आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने 14 जून को कहाकि उत्तर-पश्चिम भारत और हिमालय में कई दिनों से गर्म हवा की स्थिति बनी हुई है… हमारे पूर्वानुमान के अनुसार, गर्म हवा की स्थिति में सुधार होने की संभावना है।  

अरुणाचल बारिश से बेहाल, देश के अन्य हिस्सों से पिछले आठ दिनों से पूरी तरह से कटा

 इटानग अरुणाचल प्रदेश में जोरदार बारिश का कहर देखने को मिला है। इसके चलते अरुणाचल प्रदेश का अंजाव जिला देश के अन्य हिस्सों से पिछले आठ दिनों से पूरी तरह से कटा हुआ है। भारत-चीन और भारत-म्यांमार सीमा को जोड़ने वाला नेशनल हाइवे-113 पर भी कई जगह कटाव और गड्ढे हो गए हैं। इसकी वजह से यह रास्ता भी इस्तेमाल के लायक नहीं है। इस हाइवे के अरोवा-खुपा-हायुलियांग के मोनपानी सेक्शन पर भी हालात ठीक नहीं है। इस वजह से स्थानीय लोगों तो परेशानी हो ही रही है। साथ ही रणनीतिक रूप से अहम चीनी सीमा से सटे इलाकों तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। सामान लाना भी हुआ मुश्किल रास्ता बंद होने के चलते दूर स्थित किबिथू और चगलगाम तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। चीन और म्यांमार की सीमा से जुड़े होने के चलते यह दोनों इलाके रणनीतिक रूप से बेहद अहम हैं। वहीं, कई इलाकों में स्थानीय समुदाय के लोग अलग-थलग पड़ गए हैं। खासतौर पर हायुलियांग, हवाई और आसपास के गांवों में चीजों की भारी किल्लत हो रही है। वाहनों का यातायात ठप होने के चलते तमाम स्थानीय लोग कई किलोमीटर पैदल चलकर जरूरी चीजें लाने के लिए विवश हैं। एडवाइजरी जारी स्थानीय अधिकारियों ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्थानीय निवासियों से रात में यात्रा करने से बचने और सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। इस बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री और इस क्षेत्र से विधायक दासांग्लू पुल ने जमीन पर हालात का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मोनापानी में काम चल रहा है। इसके लिए अधिकारी पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। इसके अलावा फंसे हुए लोगों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू की गई है। बनेगा अस्थायी रास्ता मंत्री पुल ने यह भी बताया कि अस्थायी तौर पर एक रास्ते की मंजूरी दी गई है, ताकि भविष्य में किसी तरह की दिक्कत होने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहाकि एक बार हालात सामान्य हो जाने के बाद इस नए रास्ते के लिए काम शुरू होगा। एनएच-113 कॉरिडोर के महत्व पर जोर देते हुए मंत्री ने कहाकि यह रास्ता हाइवे से बढ़कर है। यह लाइफलाइन है। मैं लोगों से अपील करती हूं कि शांति और सहयोग बनाए रखेंगे। लोगों की समस्या को हल करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।  

केदारनाथ में हेलिकॉप्टर क्रैश , पायलट समेत 7 लोगों की मौत

देहरादून उत्तराखंड में केदारनाथ के पास रविवार सुबह एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर ने रविवार सुबह 5:24 मिनट पर केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 6 लोग सवार थे। हादसे में सभी लोगोंं के मारे जाने की खबर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह खराब मौसम बताई जा रही है। हादसे की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गई हैं। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर दुख जताया है। भाषा के रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में केदारनाथ के पास रविवार को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार छह श्रद्धालुओं समेत 7 लोगों की मौत हो गई।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यह दुर्घटना गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हुई। इस दुर्घटना में मरने वालों में पायलट और एक शिशु भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी और अचानक यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एसडीआरएफ के हवाले से बताया गया है कि हेलिकॉप्टर हादसे में मरने वालों में कुल 7 लोग शामिल हैं। मृतकों की डिटेल  कैप्टन राजबीर सिंह चौहान – पायलट (जयपुर) विक्रम रावत, बीकेटीसी निवासी रासी ऊखीमठ विनोद देवी (उम्र 66) निवासी उत्तर प्रदेश तृष्टि सिंह (उम्र 19) उत्तर प्रदेश राजकुमार सुरेश जायसवाल (उम्र 41) निवासी गुजरात श्रद्धा राजकुमार जायसवाल, निवासी महाराष्ट्र काशी (उम्र 02 साल) निवासी महाराष्ट्र जानकारी के मुताबिक, यह हेलिकॉप्टर आज सुबह केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास लापता हो गया था। बता दें कि बीते मई से अब तक उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर क्रैश होने की यह चौथी घटना है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”जनपद रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं।” जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल हेलिकॉप्टर सेवा राहुल चौबे ने बताया कि आज सुबह एक हेलिकॉप्टर मिसिंग की जानकारी मिली थी। जानकारी मिलते ही इसकी जांच एवं खोजबीन की गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आर्यन एविएशन का एक हेलिकॉप्टर केदारनाथ धाम से यात्रियों को वापस अपने गुप्तकाशी बेस पर ला रहा था, घाटी में अचानक मौसम खराब हो गया। पायलट ने हेलिकॉप्टर को घाटी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर में पायलट के अलावा पांच यात्री एवं एक शिशु भी सवार था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल सहित सभी रेस्क्यू टीमें स्थानीय लोगों के सहयोग से खोज एवं रेस्क्यू कार्य में जुटे हुए हैं, पूरे मामले में जल्द अपडेट दिया जाएगा। हेलिकॉप्टर हादसे पर उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) ने एक बयान जारी कर कहा, ”आज सुबह करीब 5:20 बजे श्री केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली है। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत छह यात्री (5 वयस्क और 1 बच्चा) सवार थे। हेलिकॉप्टर में सवार यात्री उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के हैं। राहत और बचाव के मद्देनजर NDRF और SDRF की टीमें घटनास्थल पर भेज दी गई हैं। एएनआई के मुताबिक, उत्तराखंड एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा, ”गौरीकुंड में लापता हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में छह लोग सवार थे। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।” बीते दिनों हुए हेलिकॉप्टर हादसे इससे पहले 7 जून को भी उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के बाद उसकी रुद्रप्रयाग जिले में हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। इस घटना में हेलिकॉप्टर में सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए थे। अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने बड़ासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण इसे आपात स्थिति में सिरसी के निकट राजमार्ग पर उतारना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया था कि केस्ट्रेल एविएशन के हेलिकॉप्टर हाईवे के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। 17 मई को भी ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से आई एक हेली एंबुलेंस उत्तराखंड में केदारनाथ हेलीपैड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हालांकि उसमें सवार तीनों लोग -एक डॉक्टर, एक पायलट और एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच गए थे। इससे पहले, 8 मई को उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी ।  

20 जून तक देश के कई राज्यों में जमकर होगी बारिश, तपती गर्मी से मिलेगी निजात

नई दिल्ली देश इन दिनों दो अलग-अलग मौसम की स्थितियों का सामना कर रहा है। एक तरफ पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्से बारिश से तरबतर हो चुके हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, तो दूसरी ओर उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अब भी गर्मी का प्रचंड प्रकोप जारी है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोग झुलसते ताप में बेहाल हैं। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 15 जून से 20 जून तक देश के कई राज्यों में जमकर बारिश होने वाली है।  कहां होगी भारी बारिश? IMD के अनुसार, कुछ राज्यों में अगले 7 दिन भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं के साथ बीतेंगे। इन राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है:  दक्षिण भारत में: केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक (तटीय और आंतरिक हिस्से) में 14 से 20 जून के बीच मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई जगह 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।  पश्चिम भारत में: कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में 14 से 17 जून तक जोरदार बारिश हो सकती है। इन इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम बना रह सकता है।  पूर्व और मध्य भारत में: विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 19 जून के बीच बारिश का दौर चलेगा।  बिहार में 19 जून को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।  उत्तर भारत में: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 14 से 19 जून के बीच बारिश का सिलसिला चलेगा। इस दौरान कई जगह धूलभरी आंधी, तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।  कहां होगी हल्की से मध्यम बारिश? IMD ने कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी जताई है, जहां मौसम में थोड़ी राहत मिल सकती है: मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में 14-15 जून को गरज-चमक के साथ हल्की/मध्यम बारिश संभव है। मध्य प्रदेश में 14-17 जून के बीच कुछ स्थानों पर बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-17 जून को भी बारिश का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।  राजस्थान में गर्मी और धूलभरी हवाओं का दौर जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है, वहीं राजस्थान अब भी मानसून का इंतजार कर रहा है। IMD के मुताबिक:- अगले 6 दिनों तक राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। कुछ क्षेत्रों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। इसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है।  क्या बोले मौसम विशेषज्ञ? मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर-पश्चिम राज्यों में इसकी रफ्तार अपेक्षा से धीमी है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में इसका असर दिखना शुरू हो गया है, जिससे कुछ राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी हुई है।  सावधानी जरूरी IMD ने लोगों से अपील की है कि जो क्षेत्र बारिश और आंधी की चपेट में आने वाले हैं, वहां के लोग सतर्क रहें: बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में बाहर निकलने से बचें। तेज हवाओं के चलते पेड़ और खंभे गिरने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतें। जिन राज्यों में बाढ़ का खतरा है, वहां स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।  

भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को तीन स्तरों की मजबूती दे रहा, DRDO का प्रोजेक्ट भारत के लिए गेमचेंजर साबित होगा

नई दिल्ली  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान के मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया, उससे यह साबित हो गया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम कितना मजबूत है. लेकिन भारत अब और भी खतरनाक तरीके से इसकी ताकत बढ़ाने में लगा है. दरअसल, पाकिस्तान के साथ ही भारत को चीन से भी मुकाबला करना पड़ सकता है और इसीलिए उसे अपने एयर डिफेंस को इतना पावरफुल बनाना होगा, जिससे कि दुश्मनों की कोई भी मिसाइल हमारी सीमा में घुसते ही तबाह हो जाए. इस पर काम भी शुरू हो गया है.  भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख ने घोषणा की कि प्रोजेक्ट कुशा रूस के S-500 के बराबर है और ताकत में S-400 से आगे है. यह इसे भारत के एयर डिफेंस के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ के रूप में स्थापित करता है. इसे 80-90% इंटरसेप्शन सक्सेस रेट के साथ स्टील्थ जेट, ड्रोन, विमान और मैक 7 एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. प्रोजेक्ट कुशा डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही एक महत्वाकांक्षी स्वदेशी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) है. इसे विस्तारित रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (ERADS) या प्रेसिजन-गाइडेड लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (PGLRSAM) के रूप में भी जाना जाता है. प्रोजेक्ट कुशा 80 किलोमीटर एमआर-एसएएम और 400 किलोमीटर एस-400 के बीच की खाई को पाटता है, जो आकाश और बराक-8 जैसे सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड है. यह भारत की आत्मनिर्भरता पहल, ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. घरेलू समाधान का उद्देश्य क्षेत्रीय खतरों, विशेष रूप से पाकिस्तान और चीन से सुरक्षा को मजबूत करके भारत के हवाई क्षेत्र को हवाई खतरों से बचाना है. मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद इस प्रोजेक्ट ने सबका ध्यान खींचा है, जहां एयर डिफेंस सिस्टम ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ महत्वपूर्ण साबित हुई, जिसने कुशा जैसी स्वदेशी क्षमताओं की जरूरत को नोटिस में लाने का काम किया. यूरेशियन टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, अनुमान लगाया जा रहा है कि 2028-2029 तक यह डिफेंस सिस्टम तैयार हो जाएगा, जिसके बाद यह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा. सिस्टम स्पेसिफिकेशन: इंटरसेप्टर मिसाइल: प्रोजेक्ट कुशा की मुख्य ताकत इसके तीन-लेवल वाली इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम में छिपा है, जिसे अलग-अलग दूरी पर विभिन्न हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. M1 इंटरसेप्टर (150 किमी) मिसाइल कम दूरी पर लड़ाकू जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों जैसे खतरों को टारगेट करेगी. इसका कॉम्पैक्ट 250 मिमी व्यास वाला किल व्हीकल, दोहरे पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल से लैस है, जो हाई स्पीड और सटीकता को तय करता है, जो इसे जंग के हालात में और भी खतरनाक बना देता है. और ज्यादा रेंज वाली M2 इंटरसेप्टर (250 किमी) मिसाइल एडवांस टारगेट्स को शामिल कर सकती है, जिसमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&CS) और एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल (ASBM) शामिल हैं. यह M1 के 250 मिमी किल व्हीकल को साझा करता है, जो मध्यम दूरी के खतरों के खिलाफ चालाकी और सटीकता के लिए अनुकूल है. एम3 इंटरसेप्टर (350-400 किमी), सिस्टम में सबसे लंबी दूरी की मिसाइल है, जिसे बड़े विमानों और संभावित रूप से छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (एसआरबीएम और आईआरबीएम) का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसकी विस्तारित सीमा और बढ़ी हुई मारक क्षमता को हासिल करने के लिए इसमें 450 मिमी व्यास का बड़ा किलिंग व्हीकल हो सकता है. कैपेबिलिटी: इन इंटरसेप्टर में 85% की असरदार सिंगल-शॉट किल संभावना है, जो पांच सेकंड के अंतराल पर साल्वो मोड में दो मिसाइलों को लॉन्च करने पर 98.5% तक बढ़ जाती है. मिसाइलों में संभवतः हिट-टू-किल (HTK) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो विस्फोटक वारहेड्स के बजाय काइनेटिक एनर्जी पर निर्भर करती है, जो US THAAD या SM-3 जैसे एडवांस सिस्टम के समान है. रडार और इंफ्रारेड गाइडेंस को मिलाकर ड्यूअल-सीकर टेक्नोलॉजी, लो-रडार-सिग्नेचर टारगेट्स, जैसे कि स्टील्थ एयरक्राफ्ट और क्रूज मिसाइलों को ट्रैक करने और नष्ट करने की उनकी क्षमता को बढ़ाती है. एडवांस रडार सिस्टम: प्रोजेक्ट कुशा का असरदार होना इसकी स्टेट-ऑफ-द-आर्ट रडार सिस्टम्स, विशेष रूप से लॉन्ग रेंज बैटल मैनेजमेंट रडार (LRBMR), एक S-बैंड रडार पर निर्भर करती है, जिसकी डिटेक्शन रेंज 500 किमी से अधिक है. यह रडार दुश्मन के इलाके में 500-600 किमी तक स्कैन कर सकता है, जो स्टील्थ एयरक्राफ्ट, ड्रोन, सटीक-गाइडेड युद्ध सामग्री और बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ शुरुआती चेतावनी देता है. यह सिस्टम भारत के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम (IACCS) के साथ बड़ी आसानी से इंटीग्रेट होती है, जिससे आकाश, MRSAM और S-400 सहित अन्य एयर डिफेंस सिस्टम्स के साथ रियल टाइम तालमेल संभव होता है. इसी तरह से, भारतीय नौसेना अपने अगली पीढ़ी के विध्वंसक के लिए 6×6 मीटर का रडार विकसित कर रही है, जो विशाखापत्तनम कैटेगरी के विध्वंसक के रडार से चार गुना बड़ा है, ताकि 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तक मार करने वाली समुद्री मिसाइलों और ASBM का पता लगाया जा सके.

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