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भारतीय मौसम विभाग ने बताया- आज से अगले तीन दिनों के लिए राजधानी में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी

नई दिल्ली दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत मिलने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं। ऑरेंज अलर्ट के बाद, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को अगले तीन दिनों के लिए राजधानी में हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया है। राजधानी के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार दूसरे बार पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में तापमान 43.4 डिग्री, पालम में 44.3 डिग्री, लोधी रोड पर 43.3 डिग्री, रिज इलाके में 44.9 डिग्री और सबसे अधिक तापमान अया नगर में 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये तापमान रविवार की तुलना में 1 से 2 डिग्री ज्यादा हैं। मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि गुरुवार तक तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। साथ ही, शाम के समय भी गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी गई है। वीकेंड में दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश हालांकि, राहत की खबर यह है कि सप्ताहांत (वीकेंड) में दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। सावधानी बरतें: दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें पर्याप्त पानी पीते रहें और हाइड्रेटेड रहें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें हीटवेव के इस दौर में मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है, ताकि आप और आपके परिवार की सेहत सुरक्षित रह सके।

गाजा जाने वाले जहाज को किया सीज, इस पर ग्रेटा थनबर्ग सवार थीं, इजरायल ने हिरासत में लेकर वापस भेजा

तेल अवीव ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को इजरायल से वापस भेजा जा रहा है। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसके अलावा मिनिस्ट्री का कहना है कि गाजा जाने वाले जहाज को सीज भी कर लिया गया है। इसी जहाज पर ग्रेटा थनबर्ग सवार थीं। उनके साथ कुछ और ऐक्टिविस्ट थे और गाजा के लिए राहत सामग्री भी थी। इसके अलावा इजरायली विदेश मंत्रालय ने एक प्लेन की तस्वीर भी साझा की है। मंत्रालय का कहना है कि इसी प्लेन पर सवार होकर ग्रेटा थनबर्ग फ्रांस जा रही हैं। गाजा में लोगों के लिए मदद से लदे हुए जहाज में सवार होकर ग्रेटा थनबर्ग आई थीं। उस जहाज में थनबर्ग के अलावा 12 यात्री और सवार थे। इजरायल का कहना है कि हमने इस जहाज को सीज कर लिया है क्योंकि वह बिना मंजूरी के गाजा में जा रहा है। इजरायल का कहना है कि किसी भी जहाज को यह अनुमति नहीं है कि वह गाजा की सीमा में प्रवेश करे। स्वीडन की ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग का अब फ्रांस के लिए रवाना हो गई हैं। उन्हें इजरायली प्रशासन ने हिरासत में ले लिया और फिर तेल अवीव स्थित एयरपोर्ट ले जाया गया। थनबर्ग को तेल अवीव से डिपोर्ट कर दिया गया है। अब खबर है कि वह फ्रांस के लिए रवाना हुई हैं। इसके अलावा उस जहाज को सीज कर लिया गया है, जिसमें सवार होकर वह आई थीं। इस बीच इजरायल ने सोमवार को गाजा में फिर से ऐक्शन लिया है। उसके इस ऐक्शन में लोगों की मौत हो गई है। इजरायल के हमले में 14 लोग अमेरिका की मदद से चलने वाले गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन से भी जुड़े थे। यह सहायता केंद्र दक्षिणी राफा में चलता है। बता दें कि इजरायल ने पहले ही ग्रेटा थनबर्ग को चेतावनी दी थी और कहा था कि यदि वह आती हैं तो फिर हम भी कुछ करने के लिए स्वतंत्र हैं। इजरायल लगातार यह कहता रहा है कि गाजा को मदद करना एक तरह से हमास की ताकत में इजाफा करना है। ग्रेटा थनबर्ग मदलीन नाम के जहाज पर सवार होकर आई थीं। इस जहाज में अल जजीरा के एक पत्रकार उमर फयाद भी सवार थे। ग्रेटा समेत सभी 12 लोगों को इजरायल ने डिपोर्ट किया है।  

उत्‍तराखंड पहुंचे इतने सैलानी, देहरादून में शहर से लेकर हाईवे तक जाम, पूरा उत्तराखंड भीषण जाम से जूझ रहा

देहरादून  उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अब गढ़वाल और कुमाऊं के सभी शहर पूरी तरह से जाम हो गए हैं. सड़कों पर लगी गाड़ियों की लंबी लाइनों की वजह से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है. भीषण गर्मी के बीच घंटों तक गाड़ियों में बैठे रहने की वजह से लोगों की तबीयत खराब हो रही है. चारधाम यात्रा और गर्मी के सीजन में पर्यटक ऋषिकेश, हरिद्वार, नैनीताल, मसूरी और कैंची धाम की तरफ रुख कर रहे हैं. लेकिन जाम में फंसने की वजह से लोगों की जान भी जा रही है. उत्तराखंड के दोनों एंट्री प्वाइंट पर गाड़ियों की कतार: अगर आप उत्तराखंड आ रहे हैं तो ध्यान रखें कि आपका सामना सड़कों पर रेंगती हुई गाड़ियों से हो सकता है. उत्तराखंड में दाखिल होने का एक रास्ता हरिद्वार जिले से होकर गुजरता है. आप जैसे ही रुड़की पार कर हरिद्वार में पहुंचेंगे तो आपको शहर में दाखिल होते ही जाम का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा नहीं है कि यह जाम सिर्फ वीकेंड पर लग रहा है. स्कूलों की छुट्टी होने और चारधाम यात्रा में अत्यधिक भीड़ आने की वजह से हफ्ते के सातों दिन यही हालत हैं. हालांकि, हरिद्वार पुलिस ने बाहर से आने वाली गाड़ियों की संख्या को देखते हुए कुछ प्लान तैयार किए हैं. जैसे शहर में दाखिल होने वाली गाड़ियों को बैरागी कैंप या पार्किंग की तरफ भेजा जा रहा है. लेकिन इसके बावजूद भ देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर जाम लग रहा है. ऋषिकेश और चारधाम मार्ग का बुरा हाल: देहरादून से मसूरी या ऋषिकेश की तरफ जाते हुए भी लोगों को रायवाला के रास्ते से घूमकर ऋषिकेश भेजा जा रहा है. क्योंकि ऋषिकेश शहर के हालात कुछ ऐसे हैं कि हर चौक चौराहा पूरी तरह से जाम की शक्ल ले चुका है. ऋषिकेश से शिवपुरी तक एक तरफ लंबी-लंबी गाड़ियों की लाइन लगी हुई है. आप जाम का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि ऋषिकेश में 10 किलोमीटर का सफर लगभग 3 घंटे में तय हो रहा है. हालांकि देहरादून पुलिस ने ऋषिकेश को जाम से मुक्त करने के लिए कुछ इंतजाम किए हैं. देहरादून एसएसपी अजय सिंह की मानें तो चारधाम यात्रा में जाने वाली गाड़ियों को नेपाली फार्म से घूमते हुए ऋषिकेश या गंगोत्री-यमुनोत्री को जाने वाली गाड़ियों को देहरादून शहर से सेलाकुई और चकराता होते हुए भेजा जा रहा है. ताकि चारधाम यात्रा मार्ग पर अत्यधिक जाम के हालात न बने. कुमाऊं में हालात खराब: इसी तरह कुमाऊं के भी हालत बेहद खराब हैं. कुमाऊं में रामनगर, नैनीताल और कैंची धाम में भयानक जाम से पर्यटक जूझ रहे हैं. दरअसल सीजन के साथ-साथ 7 जून को कैंची धाम में वार्षिक मेला लगता है और इस वार्षिक मेले में रोजाना लाखों श्रद्धालु कैंची धाम पहुंच रहे हैं. हालांकि, मेले के शुरू होने से पहले पुलिस ने जाम से निपटने के कई तरह के प्लान बनाए थे. लेकिन अत्यधिक भीड़ आने की वजह से पुलिस के भी प्लान धरे के धरे रह गए. आलम ये है कि हल्द्वानी, रामनगर और नैनीताल की तरफ आने और जाने वाली सड़कों पर लोग पांच-पांच घंटे से एक ही जगह खड़े हुए हैं. नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा की मानें तो पुलिस के जवान 24- 24 घंटे जाम खुलवाने और पर्यटकों को किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो, इस ड्यूटी में लगे हुए हैं. शनिवार और रविवार को मौजूदा सीजन में अत्यधिक लोग आने की वजह से जाम के हालात बन जाते हैं. इसके साथ ही कैंची धाम में लगने वाला मेला भी भीड़ की वजह बना है. हम कोशिश कर रहे हैं कि जहां पर अधिक समय के लिए जाम लग रहा है, उसको जल्दी से क्लियर करवाया जाए. इसके साथ ही आने वाले पर्यटकों से नैनीताल पुलिस लगातार अपील कर रही है कि अपनी गाड़ी लेकर शहर में दाखिल होने की कोशिश या कहीं भी गाड़ी खड़ी करने की न सोचें. इससे स्थानीय पुलिस और स्थानीय लोगों के साथ-साथ आने वाले पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जाम में गई लोगों की जान: उत्तराखंड में लगने वाला जाम, झगड़े और मौत की वजह भी बन रहा है. ऐसा ही एक मामला 6 जून को मसूरी क्षेत्र में सामने आया. जब दिल्ली के एक पर्यटक जिनकी उम्र 62 साल की थी, उनकी अचानक जाम में लगातार खड़े रहने की वजह से तबीयत खराब हो गई. 62 साल के किशोर टंडन की हालत इतनी खराब हो गई कि उनके परिवार उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचता है. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. मौत के बाद उनके परिजनों ने यातायात व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े किए थे. कैंची धाम में हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ नैनीताल का भी यही हाल है। यहां से 18 किलोमीटर की दूरी पर कैंची धाम है। यहां लोग नीम करोरी महाराज के आश्रम में उमड़ रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों के साथ ही स्‍थानीय लोगों को भी जमकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए नैनीताल पुलिस की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कैंची धाम और नैनीताल में आने वाले पर्यटकों के लिए रूट प्‍लान जारी किया गया है। 35 किमी तय करने में लग गए 4 घंटे बीते रविवार को तो देहरादून और हरिद्वार में सुबह से लेकर देर रात जाम लग गया। महज 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन से चार घंटे लग गए। देहरादून-दिल्‍ली मार्ग पर 20 किमी की दूरी तीन घंटे में तय हुई। मसूरी जाने वाले रास्‍ते का तो बहुत बुरी हाल हुआ। पर्यटकों का आरोप है कि जाम की सूचना लोग पुलिस कंट्रोल रूम में देते रहे पर जरूरी कार्रवाई नहीं की गई। जाम में फंसे सैलानी पुलिस को कोसते रहे। चार धाम यात्रा आए 80 लोगों की हो चुकी है मौत उत्‍तराखंड में 2 मई से चार धाम यात्रा चल ही रही है। हर दिन बाहरी राज्‍यों और विदेशों से लाखों श्रद्धालु उत्‍तराखंड आ रहे हैं। चार धाम यात्रा मार्गों पर वाहनों की इतनी भीड़ हो गई है कि पांव रखने की जगह नहीं है। अब तक 80 से ज्‍यादा श्रद्धालुओं … Read more

ED ने रॉबर्ट वाड्रा को भेजा समन, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय ने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है. रॉबर्ट वाड्रा को ईडी ने आज पूछताछ के लिए दफ्तर बुलाया है. लेकिन रॉबर्ट वाडरा अभी तक ईडी दफ्तर नहीं पहुंचे हैं. वाड्रा को हरियाणा जमीन घोटाले में PMLA के तहत समन किया गया है. इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा से ईडी पहले भी पूछताछ कर चुकी है. पहले ही पूछताछ में वाड्रा ने आरोपों से और किसी भी तरह की गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार कर दिया था. रॉबर्ट वाड्रा पर क्या है आरोप? संजय भंडारी के मामले में रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप है. भंडारी साल 2016 में भारत से भाग गया था और फिलहाल वो यूनाइटेड किंगडम में रहता है, कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा का करीबी सहयोगी है. ईडी के आरोप के मुताबिक, संजय भंडारी के पास करोड़ो की अघोषित विदेशी आय और संपत्तियां हैं, जिनमें नंबर 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर, लंदन और 6 ग्रोसवेनर हिल कोर्ट, लंदन की संपत्तियां शामिल हैं. ईडी ने आरोप लगाया, पीएमएलए के प्रावधानों के अनुसार ये संपत्तियां काली कमाई से अर्जित हैं और सीसी थंपी और सुमित चड्ढा को इनको छिपाने और उपयोग करने में शामिल पाया गया है. जांच में पाया गया कि थंपी रॉबर्ट वाड्रा का करीबी सहयोगी है. रॉबर्ट वाड्रा ने न सिर्फ सुमित चड्ढा के जरिए से लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में उपरोक्त संपत्ति का रेनोवेशन किया, बल्कि उसी में रहे भी. ED ने पहले भी की पूछताछ ईडी ने दावा किया, रॉबर्ट वाड्रा और थंपी ने फरीदाबाद में जमीन का एक बड़ा हिस्सा खरीदा और एक-दूसरे के साथ वित्तीय लेनदेन किया. इस मामले में वाड्रा से ईडी पहले भी पूछताछ कर चुकी है और उन्होंने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है. ED इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, लेकिन उसमें वाड्रा बतौर आरोपी नहीं हैं. “10 घंटे तक पूछताछ की गई” इससे पहले भी अप्रैल के महीने में इसी केस में वाड्रा को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था. इस दौरान वाड्रा पत्नी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के साथ पहुंचे थे. इस दौरान वाड्रा ने पूछताछ को लेकर कहा था कि, मैं एजेंसी के दूसरे समन को देखकर हैरान था क्योंकि मैं पहले ही इसी मामले के संबंध में एजेंसी के सामने 15 बार पेश हो चुका हूं. मुझसे 10 घंटे तक पूछताछ की गई और मैंने 23,000 दस्तावेज दिए. मैंने एजेंसी को 2019 के अपने बयान दिखाए और आप वही सवाल पूछ रहे हैं जिनका मैंने 2019 में जवाब दिया था और एजेंसी के लोग भी हैरान थे. मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर का इनाम, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को मिला प्रमोशन

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ पिछले महीने हुए संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी देने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को प्रमोशन दिया गया है. जनरन घई ऑपरेशन सिंदूर के बारे में प्रेस ब्रीफिंग से चर्चा में आए थे. पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष में वो सेना का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उनके प्रमोशन को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का इनाम के तौर पर देखा जा रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस ब्रीफिंग कर चर्चा में आए लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को प्रमोशन मिला है. उन्हें डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के पद पर पदोन्नत किया गया है. भारतीय सेना के सभी ऑपरेशनल वर्टिकल डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सुरक्षा) को रिपोर्ट करेंगे. लेफ्टिनेंट जनरल घई सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) का कार्यभार संभालते रहेंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किया था प्रेस कॉन्फ्रेंस लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाकिस्तान के साथ जारी संघर्ष पर जानकारी देते थे. उन्होंने सीजफायर के बाद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था और बताया था कि पाकिस्तानी डीजीएमओ के साथ उनकी बात हुई थी. जिसमें पाकिस्तान की ओर से युद्ध विराम के बारे में गुहार लगाई गई थी. तब भारत ने अपनी शर्तों के आधार पर सीजफायर के लिए तैयार हुआ. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम) से हुए सम्मानित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 4 जून को सशस्त्र बलों के कई शीर्ष अधिकारियों और भारतीय तटरक्षक बल तथा सीमा सड़क संगठन के अन्य कर्मियों को असाधारण सेवा प्रदान करने के लिए विशिष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया था. सम्मान पाने वालों में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई भी शामिल थे. सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम) से सम्मानित किया गया.  

देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस, एक्टिव मामलों की संख्या 6815 के पार, नए XFG वैरिएंट ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली  देशभर में कोराना संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या मंगलवार सुबह तक 6815 पहुंच गयी और पिछले 24 घंटों के दौरान इसके संक्रमण से तीन और मरीजों की मौत होने से मृतकों की संख्या 68 पहुंच गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार आज सुबह आठ बजे तक 324 नए संक्रमण के मामले सामने आए, जिससे कुल सक्रिय मामलों की संख्या 6,815 हो गई और इस बीमारी के संक्रमण से 7644 मरीज स्वस्थ हो गये हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से तीन और मरीजों की जान जाने से मृतकों की संख्या 68 हो गयी है। इस अवधि में राष्ट्रीय राजधानी, केरल और झारखंड से एक-एक मरीज की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मामले केरल में दर्ज किए गए हैं। देश में 30 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में कोरोना सक्रिय मामलों में वृद्धि हुई है। जिनमें से केरल, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य कोरोना संक्रमण के मामले में केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य है, जहां आज सुबह तक 96 सक्रिय मामले बढ़ने के साथ इसका आंकड़ा दो हजार पार कर 2053 तक पहुंच गया और दिल्ली में लगभग 37 मामलों के घटने से संक्रमितों की कुल संख्या 691 रह गई। इसके अलावा गुजरात में 1109, पश्चिम बंगाल में 747, महाराष्ट्र में 613, कर्नाटक में 559, तमिलनाडु में 207, उत्तर प्रदेश में 225, राजस्थान में 124, हरियाणा में 108, आंध्र प्रदेश में 86, पुड्डुचेरी में नाै, सिक्किम में 36, मध्य प्रदेश में 52, छत्तीसगढ में 44, बिहार में 48, ओडिशा में 39, पंजाब मेें 30, जम्मू-कश्मीर में नौ, झारखंड में छह, असम में तीन, गोवा में पांच, तेलंगाना में 10, उत्तराखंड में छह, हिमाचल प्रदेश तीन, चंड़ीगढ़ में दो और त्रिपुरा में एक सक्रिय मामले हैं। मिजोरम और अरुणाचल कोरोना का कोई मामला नहीं मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण को कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में कोविड मामलों में मौजूदा उछाल ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट जैसे कि जेएन.1, एनबी.1.8.1, एलएफ.7 और एक्सएफसी के कारण है। इनमें संक्रमण की संभावना अधिक है, लेकिन इनमें लक्षण हल्के हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन्हें वर्तमान में निगरानी में रखे गए वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है – अभी तक चिंता का विषय नहीं है, लेकिन सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस बीच, कोरान के लिए जिम्मेदार वायरस सार्स-सीओवी-2 खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह अब अप्रत्याशित आपातकाल की तरह व्यवहार नहीं करता है – बल्कि, यह फ्लू की तरह बीमारियों के आवर्ती चक्र का हिस्सा बन गया है। कोरोना के मामलों में वृद्धि के जवाब में, केंद्र सरकार ने अस्पतालों की तैयारी और ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न राज्यों में मॉक ड्रिल शुरू की है। XFG वैरिएंट क्या है? द लैंसेट जर्नल के अनुसार, XFG वैरिएंट ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट का वंशज है, जिसे सबसे पहले कनाडा में पाया गया था. LF.7 और LP.8.1.2 से उत्पन्न हुआ XFG वैरिएंट में चार मुख्य स्पाइक म्यूटेशन (His445Arg, Asn487Asp, Gln493Glu, और Thr572Ile) हैं. रिसर्च में कहा गया है कि यह तेजी से विश्व भर में फैल गया है. XFG वैरिएंट में मजबूत इम्यूनिटी से भी बचने की क्षमता है जो वायरस को जिंदा रहने और फैलने का रास्ता देती है क्योंकि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब हो सकता है. भारत में XFG कहां पाया गया है? INSACOG के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार: महाराष्ट्र में सबसे अधिक XFG मामले (89) दर्ज किए गए हैं, इसके बाद तमिलनाडु (16), केरल (15), गुजरात (11), तथा आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल (6-6) मामले हैं. इनमें से अधिकांश मामले (159) मई 2024 में सामने आए, जबकि अप्रैल और जून में 2-2 मामले सामने आए. XFG वैरिएंट पिछले वेरिएंट्स से कैसे अलग है? भारतीय वैज्ञानिक XFG पर करीबी नजर रख रहे हैं क्योंकि इसके स्पाइक प्रोटीन में कुछ म्यूटेशन हुए हैं. यह वायरस का वह भाग है जो इसे मानव कोशिकाओं से जुड़ने और उनमें प्रवेश करने में मदद करता है. ये म्यूटेशन इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि वायरस कितनी आसानी से मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कितनी तेजी से फैलता है. जबकि कुछ म्यूटेशन वायरस की मानव कोशिकाओं से जुड़ने की क्षमता को कम कर देते हैं (जिसे विशेषज्ञ ACE2 रिसेप्टर बाइंडिंग में कमी कहते हैं), अन्य म्यूटेशन इसे इम्यून रिस्पांस से बचने में मदद करते हैं, जिसका अर्थ है कि यह शरीर के नेचुरल डिफेंस सिस्टाम या वैक्सीन से बच सकता है. इस कॉम्बिनेशन का मतलब यह है कि XFG पहले के वैरिएंट्स जितना संक्रामक तो नहीं है लेकिन फिर भी इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता शरीर को संक्रमण से बचने की ताकत को कठिन बना देती है. खासकर उम्रदराज, पुरानी बीमारी से पीड़ित और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में. कितनी जोखिम हो सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जो दिखाए कि XFG के कारण अधिक गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति बन रही है. हालांकि इस XYG में इम्यूनिटी को चकमा देकर चुपचाप फैलने की इसकी क्षमता यदि और बढ़ती है तो चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि यदि इन वैरिएंट पर अभी बारीकी से नजर नहीं रखी गई तो ये आगे चलकर जोखिम पैदा कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जितने भी वैरिएंट सामने आ रहे हैं ये सभी ओमिक्रॉन वैरिएंट और सब-वैरिएंट हैं. भारत में इनकी वृद्धि कम है और मृत्यु दर भी काफी कम है. इन वैरिएंट से जुड़ा कोई बड़ा खतरा नहीं है. हालांकि अभी देश में डबल सीजन (गर्मी) की वजह से मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़ गए हैं और इस कारण भी मरीजों की संख्या बढ़ी है. वहीं फ्लू और कोविड दोनों के लक्षण भी लगभग समान ही हैं इसलिए लोग अधिक परेशान हो रहे हैं. लेकिन फिलहाल डरने की कोई जरूरत नहीं है.

पाकिस्तान में आज बजट पेश होगा पाकिस्तान की सरकार अपने रक्षा बजट में 18 फीसदी का इजाफा कर सकती

कराची पाकिस्तान में आज बजट पेश होने वाला है। चर्चा है कि पाकिस्तान की सरकार अपने रक्षा बजट में 18 फीसदी का इजाफा कर सकती है। यह फैसला उसकी ओर से तब लिया जा रहा है, जबकि देश की हालत कर्ज के बोझ से पतली है। पाकिस्तान का रक्षा बजट 2,500 अरब रुपये का हो सकता है। यह इजाफा पाकिस्तान की जनता के लिए चिंताजनक है, जहां बड़ी आबादी मूल सुविधाओं की किल्लत से गुजर रही है। वहां देश की सेना पर खर्च में 18 पर्सेंट का इजाफा हो सकता है। इससे देश में सेना की ताकत में और इजाफा हो जाएगा। पाकिस्तान की आर्थिक सेहत चिंता का विषय रही है। पाकिस्तान में सोमवार को जो आर्थिक समीक्षा पेश की गई, उसके अनुसार देश पर कर्ज का बोझ तेजी से बढ़ते हुए 76,007 अरब रुपये हो गया है। यह आंकड़ा बीते 4 सालों में ही बढ़ते हुए दोगुना हो गया है। 5 साल पहले ही पाकिस्तान का कुल कर्ज 39,860 अरब रुपये था। वहीं एक दशक पहले यह 17,380 अरब रुपये था। इस तरह बीते एक दशक में ही पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ 5 गुना बढ़ गया है। पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ बाहरी होने के साथ ही घरेलू भी है। पाकिस्तान पर घरेलू कर्ज कुल 51,518 अरब रुपये है, इसके अलावा बाहरी कर्ज 24,489 अरब रुपये है। आर्थिक सर्वे में साफ किया गया है कि कर्ज का तेजी से बढ़ता बोझ देश में आर्थिक संकट बढ़ा सकता है। देश पर कर्ज के ब्याज का भी बोझ बढ़ सकता है। इसके अलावा देश की आर्थिक स्थिरता पर भी खतरा होगा। सर्वे में स्पष्ट किया गया है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो फिर पाकिस्तान लंबे समय में आर्थिक अस्थिरता के दौर में जा सकता है। इससे सामाजिक कल्याण की योजनाओं से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पर असर होगा। फिर भी सेना पर खर्च में इजाफे से साफ है कि पाकिस्तान की प्राथमिकता जनता के कल्याण और विकास से ज्यादा युद्धोन्माद पर है। बता दें कि पाकिस्तान में करीब 45 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। वर्ल्ड बैंक के अनुसार पाकिस्तान में गरीबी रेखा से नीचे गुजर करने वाले लोगों की संख्या में कमी आने की बजाय इजाफा ही हुआ है।

US हिंसा-ट्रम्प ने लॉस एंजिलिस 2000 नेशनल गार्ड्स और भेजे, बिगड़े हालात पर सरकार का बड़ा एक्शन

लॉस एंजेलिस  कैलिफोर्निया में इमिग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के कदमों के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन ने लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड को तैनात किया। हालांकि, ट्रंप  के इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है। वहीं, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कैलिफोर्निया में नेशनल गार्ड की तैनाती करके ‘बहुत बढ़िया फैसला’ लिया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में कहा, अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो लॉस एंजिल्स पूरी तरह से नष्ट हो गया होता। ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि वह कैलिफोर्निया के गवर्नर की गिरफ्तारी का समर्थन करेंगे। इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने एलान किया है कि अमेरिकी सेना अस्थायी रूप से लॉस एंजिल्स में लगभग 700 मरीन तैनात करेगी, जब तक कि अधिक संख्या में नेशनल गार्ड सैनिक वहां नहीं पहुंच जाते।  नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि जब तक नेशनल गार्ड के और सैनिक घटनास्थल पर नहीं पहुंच जाते, तब तक एक बटालियन को अस्थायी ड्यूटी पर भेजा जाएगा। पिछले चार दिनों से प्रदर्शनकारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को निर्वासित करने की नीतियों के खिलाफ इस प्रदर्शन को डेमोक्रेट्स पार्टी का भी साथ मिल रहा है। ट्रंप पर दर्ज होगा मुकदमा:  गैविन न्यूसम इसी बीच राज्य के नेशनल गार्ड का नियंत्रण अपने हाथ में लेने और उसे लॉस एंजिल्स की सड़कों पर तैनात करने के ट्रंप के फैसले को कैलिफोर्निया के अधिकारी अदालत में चुनौती देंगे। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट किया,”यह बिल्कुल वही है जो ट्रंप चाहते थे। उन्होंने आग भड़काई और अवैध रूप से नेशनल गार्ड को संघीय बनाने का काम किया। हम उन पर मुकदमा करने जा रहे हैं।” ट्रंप सरकार ने उतारे आर्मी के लगभग 700 मरीन वहीं, लॉस एंजेलिस में स्टोर की लूट तस्वीर बताती है कि हालात कितने खराब हैं। अब सिर्फ नेशनल गार्ड्स से काम नहीं चल रहा है। लिहाजा ट्रंप सरकार ने अब यूएस आर्मी के लगभग 700 मरीन को लॉस एंजेलिस की सड़कों पर उतार दिए हैं। ये मरीन कैलिफोर्निया के मरीन कॉर्प्स एयर ग्राउंड कॉम्बैट सेंटर के दस्ते से हैं। ट्रंप द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन पर डेमोक्रेट्स द्वारा उनका राजनीतिक विरोध हो रहा है, जो मरीन बटालियन की तैनाती से और ज्यादा बढ़ेगा। ये मरीन, नेशनल गार्ड्स के साथ मिलकर काम करेंगे। गवर्नर ने ट्रंप के फैसले को लेकर कड़ी निंदा की लॉस एंजिल्स में हो रहे विरोध प्रदर्शन का यह चौथा दिन था। यहां माइग्रेंट्स को कैद में रखे जाने वाले एक डिटेंशन सेंटर के सामने कई लोगों का जमावड़ा हो गया। कई लोगों ने आग लगाकर कई गाड़ियों को उसके हवाले कर दिया। शहर के हाइवे को भी जाम कर दिया। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, इन सबके बीच कैलिफोर्निया राज्य ने नेशनल गार्ड और मरीन की तैनाती के खिलाफ ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है। इससे पहले कैलिफोर्निया के गवर्नर ने बताया था कि अब नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात किया जा रहा है। ट्रंप के इस फैसले की गवर्नर ने कड़ी निंदा की है।  

स्‍टारलिंक को भारत में कुछ नियमों का करना होगा पालन, नहीं तो कैंसल हो सकता है लाइसेंस

नई दिल्ली एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक को भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ ही कंपनी को कुछ नियमों का पालन भी करना होगा। अब अगर उसने किसी मामले में ढीला रवैया अपनाया तो लाइसेंस कैंसल हो सकता है। अबतक एलन मस्‍क की कंपनी भारत सरकार के साथ कुछ मामलों में सहयोग नहीं कर रही थी। अब ऐसा किया तो उसे महंगा पड़ सकता है। एयरटेल की वनवेब और रिलायंस जियो के बाद स्‍टारलिंक भारत में तीसरी कंपनी बनी है, जिसे सर्विस शुरू करने का मौका मिला है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वह भारत सरकार से अब तक कौन सी बात छुपा रही थी। ईटी टेलिकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, बीते कुछ महीनों में नॉर्थ-ईस्‍ट के इलाकों में स्‍टारलिंक की सैटेलाइट किट पकड़ने की जानकारी सामने आया था। सुरक्षा एजेंसियों ने इशारा किया था कि दूरदराज के इलाकों में स्‍टारलिंक उपकरणों का गलत इस्‍तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्‍क की कंपनी इससे जुड़ी डिटेल नहीं दे रही थी। लाइसेंस मिलने के बाद अब स्‍टारलिंक को देश में जब्‍त की गईं सैटेलाइट किट और यूजर्स की डिटेल शेयर करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर कंपनी से सवाल किया जा सकता है और लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। क्‍या-क्‍या होता है स्‍टारलिंक किट में स्‍टारलिंक की किट में 4 मेन चीजें होती हैं। स्‍टारलिंक डिश, वाई-फाई राउटर, पावर सप्‍लाई करने वाली केबल और माउंटिंग ट्रायपॉड। इन्‍हें जोड़ने के बाद ही सैटेलाइट इंटरनेट चलता है। मेन डिश को छत पर या पोल पर लगाया जाता है। यह वैसी ही होती है, जैसे डीटीएच की छतरी। डिश पर अंतरिक्ष से सिग्‍नल बीम होते हैं। वो सिग्‍नल राउटर पर पहुंचते हैं और फ‍िर राउटर के कवरेज एरिया में वाई-फाई की मदद से इंटरनेट चलता है। भारत में कहां मिली थी स्‍टार‍लिंक किट ईटी टेलिकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में मणिपुर में स्‍टारलिंक के उपकरण बरामद किए गए थे। अंडमान निकोबार से भी एक अवैध किट बरामद हुई थी। ऐसे मामलों में सरकार के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उपकरणों की मदद से इंटरनेट कौन चला रहा था। कंपनी जानकारी शेयर ना करे तो परेशानी आती है। लेकिन अब स्‍टारलिंक ऐसा नहीं कर पाएगी। साथ ही उसे भारत में कंट्रोल और मॉनिटरिंग सेंटर भी स्‍थापित करना होगा। स्‍टारलिंक की सेवाएं भारत में कबतक शुरू होंगी, अभी जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि पहले ट्रायल स्‍टार्ट किए जाएंगे।

सोनम का भाई गोविंद इंदौर से गाजीपुर के वन स्टाप सेंटर पर बहन से मिलने पहुंचा, कहा-बहन दोषी हो तो फांसी दे दो

मेघालय  देश भर में चर्चा का विषय बना मेघालय में गायब हो गए इंदौर के हनीमून कपल का मामला सोमवार की सुबह उस समय नए मोड़ पर पहुंच गया जब लापता युवती सोनम यूपी के गाजीपुर में मिल गई। उसने खुद परिवार वालों को फोन कर अपने गाजीपुर में एक चाय की दुकान पर होने की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने पुलिस वालों को बताया और पुलिस ने सोनम को गाजीपुर के वन स्टाप सेंटर पर पहुंचाया है। पूरा मामला मेघालय से जुड़ा होने के कारण वहां की पुलिस को जानकारी दे दी गई है। मेघालय से पुलिस के आने पर सोनम उनके हवाले कर दी जाएगी। इससे पहले सोनम का भाई गोविंद इंदौर से गाजीपुर के वन स्टाप सेंटर पर बहन से मिलने पहुंचा। उसके पहुंचते ही मीडिया ने उसके ऊपर सवालों की बौछार कर दी। पिता के ही बयान को आगे बढ़ाते हुए भाई ने साफ किया कि बहन बेकसूर है। हालांकि यह भी कहा कि अगर बहन दोषी है तो फांसी पर चढ़ा दी जाए। भाई ने कहा कि जो भी दोषी हो उसे सख्त सजा मिले। कहा कि उसे नहीं मालूम कि बहन गाजीपुर कैसे पहुंची। उन्होंने निवेदन किया कि उसे पहले अपनी बहन से मिलने दें। कहा कि सोनम पर जो आरोप लग रहा है उसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। कहा कि मीडिया ही आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि वह यात्रा करके आ रहे हैं उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगर सोनम की गलती हो तो उसे फांसी दे दी जाए। फिलहाल वह सबसे पहले सोनम से मिलना चाहते हैं। वहीं, सोनम की मां ने कहा कि बेटी मिलने के बाद कोई बहुत बड़ी खुशी तो हम लोगों को हो नहीं रही है। दामाद की मौत की खबर से हम लोग पहले से दुखी हैं। अब बेटी मिली है तो क्या सच्चाई है वह सामने आ सकेगी। अभी हम लोग क्या बता सकते हैं कि क्या हुआ था। कोई अभी तक बेटी से नहीं मिला है। अभी तो जो पुलिस कह रही है, वहीं हम लोग सुन रहे हैं। बेटी से बात होने पर ही पूरी बात पता चल सकेगी। फिलहाल गाजीपुर पुलिस को मेघालय पुलिस का इंतजार है। उसके आते ही सोनम को उनके हवाले कर दिया जाएगा। गाजीपुर पुलिस ने फिलहाल अपनी तरफ से सोनम से पूछताछ तो नहीं की है लेकिन सूत्रों की मानें तो सोनम में बातचीत में खुद को बेगुनाह बताया है। वह रट लगा रही है कि उसका अपहरण किया गया था। वह गाजीपुर तक कैसे पहुंची यह भी नहीं बता रही है।  

ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई की पदोन्नति, बने उप सेना प्रमुख (रणनीति)

नई दिल्ली  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सफल भूमिका निभाने वाले भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को पदोन्नति दी गई है। सोमवार को उनकी पदोन्नति की जानकारी सामने आई। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को अब भारतीय सेना का उप सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। बतौर उप सेना प्रमुख वह रणनीति मामलों को देखेंगे। उप सेना प्रमुख बनने के बावजूद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई पूर्व की भांति फिलहाल डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन यानी डीजीएमओ का कार्यभार भी संभालते रहेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, उप सेना प्रमुख (रणनीति) के पद पर पदोन्नत किए गए हैं। दरअसल, भारतीय सेना में यह एक महत्वपूर्ण पद है। सेना के सभी ऑपरेशनल कार्यक्षेत्र, उप सेना प्रमुख (रणनीति) के कार्यालय को रिपोर्ट करते हैं। वहीं, भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य स्तर पर होने वाली बातचीत का नेतृत्व डीजीएमओ द्वारा किया जाता है। 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान में और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित विभिन्न आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने हमला किया था, जिसमें सौ से अधिक आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने इसके जवाब में भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए, जिसका मुंह तोड़ जवाब भारतीय सेना ने दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस व एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए। इसके बाद पाकिस्तान ने युद्ध विराम की मांग की। पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया। दोनों के बीच यह वार्ता हॉटलाइन पर हुई थी। बीते महीने हुई इस वार्ता में पाकिस्तान ने कहा था कि वह सीमा पार से एक भी गोली नहीं चलाएगा। वार्ता में कहा गया कि दोनों पक्षों को एक भी गोली नहीं चलानी चाहिए। एक-दूसरे के खिलाफ कोई आक्रामक और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई शुरू नहीं करनी चाहिए। सेना के मुताबिक, इस बात पर सहमति हुई कि दोनों पक्ष यानी भारत और पाकिस्तान सीमाओं और अग्रिम क्षेत्रों से सैनिकों की संख्या में कमी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपायों पर विचार करें। भारत व पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच हुई अन्य बातचीत की पूरी जानकारी रक्षा मंत्री को दी गई थी। इससे स्पष्ट है कि भारतीय सेना में डीजीएमओ एक बेहद अहम पद है। वर्तमान में भारतीय सेना के डीजीएमओ यानी लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई इस पद पर बने रहेंगे। वह महत्वपूर्ण विषयों पर थलसेना प्रमुख को सीधे रिपोर्ट करते हैं। इसके साथ ही, डीजीएमओ सेना, नौसेना तथा वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। 

आर्थिक सर्वे में खुलासा- कर्ज के पहाड़ तले दबा PAK, अब तक के सर्वोच्च स्तर पर ऋण, जाने कुल कितना कर्ज

इस्लामाबाद भारत से पंगा लेने वाला पड़ोसी देश पाकिस्तान कर्ज के बोझ तले दबकर कराह रहा है। सोमवार को जारी पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से पता चला है कि उसका कर्ज अब तक के सबसे ऊंचे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले से ही खस्ताहाल पाकिस्तान की माली हालत और बद से बदतर हो गई है। आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक कर्ज (मार्च 2025 तक) 76,007 अरब पाकिस्तानी रुपये (76 ट्रिलियन) तक पहुंच गया है, जो देश के इतिहास में अब तक का रिकॉर्ड सर्वोच्च ऋण है। इसका मतलब है कि भारतीय रुपये में यह कर्ज 23 लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान का यह सार्वजनिक ऋण पिछले चार सालों में बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है, क्योंकि यह 2020-21 में कर्ज का यह आंकड़ा 39,860 अरब रुपये का था। दस साल पहले, पाकिस्तान का सार्वजनिक ऋण 17,380 अरब रुपये था। इस तरह से देखें तो पिछले एक दशक में पाकिस्तान के सार्वजनिक ऋण में लगभग पांच गुना का इजाफा हुआ है। 10 जून को पाकिस्तान का आम बजट बता दें कि पाकिस्तान मंगलवार (10 जून) को अपना वार्षिक बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है। उससे पहले शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के माध्यम से सोमवार को देश का आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2024-25 जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 76,007 अरब रुपए के कर्ज वाले इस आंकड़े में 51,518 अरब रुपए का घरेलू कर्ज है, जबकि 24,489 अरब रुपए का बाहरी कर्ज शामिल है। आर्थिक सर्वे में बड़ी चेतावनी पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि अत्यधिक या खराब तरीके से प्रबंधित कर्ज गंभीर कमजोरियाँ पैदा कर सकता है। सर्वे रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर ब्याज का बोझ इसी तरह बढ़ता रहा और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह दीर्घकालिक राजकोषीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा को खोखला कर सकता है।आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है, “वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों के दौरान सार्वजनिक ऋण में वृद्धि 6.7 प्रतिशत थी।” बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान को आईएमएफ की विस्तारित निधि सुविधा के तहत 1.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता मिली है। युवा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मंगलवार को पेश होने जा रहे बजट का उद्देश्य पाकिस्तानी लोगों की भलाई और बेहतरी नहीं बल्कि IMF को खुश करना है क्योंकि पाकिस्तान की आर्थिक दिशा सार्वजनिक हित से नहीं बल्कि कर्जादाता की शर्तों से तय हो रही है। IMF की छाप पाकिस्तान के राजकोषीय ढांचे पर साफ झलक रही है, चाहे वह जबरन खर्च कटौती का हो या निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदम हों। पाकिस्तान में आज भी लोगों को ईंधन, भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि युवा बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।  

देश में 6400 से अधिक, 163 केस अकेले XFG वैरिएंट के

नई दिल्ली पिछले करीब  20 दिनों से भारत में कोरोना की एक नई लहर देखी जा रही है। हर दिन के साथ संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है। 22 मई को जहां कुल एक्टिव मामले 257 थे, वो 9 जून (सोमवार) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा किए गए रिपोर्ट के अनुसार बढ़कर 6491 हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में ही संक्रमण के 358 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 624 लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। देश में मुख्यरूप से ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स NB.1.8.1 को प्रमुख माना जा रहा है। इसके अलावा कई स्थानों पर XFG वैरिएंट के भी केस रिपोर्ट किए जा रहे हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक देश में नए उभरते कोविड-19 वैरिएंट XFG के अब तक 163 मामले पाए गए हैं। XFG के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में इस नए कोविड वैरिएंट के 163 से मामले सामने आ चुके हैं। इसके  सबसे अधिक 89 केस महाराष्ट्र में, उसके बाद तमिलनाडु (16), केरल (15), गुजरात (11) और आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल (छह-छह) केस सामने आए हैं। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, रीकॉम्बिनेंट XFG वैरिएंट में चार नए म्यूटेशन हैं, जो इसे तेजी से फैलने और लोगों को संक्रमित करने में मदद कर रहे हैं। सबसे पहले कनाडा में इसकी शुरुआती पहचान की गई थी तब से ये तेजी से वैश्विक स्तर पर फैल रहा है। बढ़ रहे हैं नए वैरिएंट के मामले इससे पहले मई में इस वैरिएंट के कुल 159 केस सामने आए थे, जबकि अप्रैल में दो केस देखे गए थे। अब तक जून में भी इसके दो सैंपल में इस वैरिएंट की पुष्टि की गई है। सोमवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या करीब 6500 होने वाली है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सतर्क रहने और कोरोना से बचाव को लेकर गंभीरता से ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।  

2050 तक रूसी नौसेना के विकास के लिए पुतिन ने दीर्घकालिक रणनीति को दी मंजूरी

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2050 तक रूसी नौसेना के विकास के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति को मंजूरी दी है। राष्ट्रपति के सहयोगी निकोलाई पेत्रुशेव ने सोमवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में ये सूचना दी। रूसी समाचार आउटलेट आर्ग्युमेंट्स एंड फैक्ट्स ने पेत्रुशेव के हवाले से कहा, “इस रणनीति में, विशेष सैन्य अभियान के दौरान प्राप्त परिचालन अनुभव के आलोक में नौसेना की वर्तमान स्थिति और क्षमताओं का आकलन किया गया है।” निकोलाई पेत्रुशेव मेरीटाइम बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। मीडिया के मुताबिक, पेत्रुशेव ने इस बात पर जोर दिया कि, “वैश्विक समुद्री वातावरण, सैन्य खतरों के विकास और स्पष्ट रूप से परिभाषित राष्ट्रीय लक्ष्यों की समझ के बिना एक शक्तिशाली और आधुनिक नौसेना विकसित नहीं की जा सकती।” रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 30 मई को जिस दस्तावेज़ को मंजूरी दी थी, उसमें अंतरराष्ट्रीय सैन्य-राजनीतिक स्थिति, सशस्त्र संघर्षों के संभावित परिदृश्य और प्रमुख शक्तियों की नौसैनिक क्षमताओं का विश्लेषण शामिल है। इसमें शांति और युद्ध दोनों समय में रूस की नौसेना बलों के लिए रणनीतिक उद्देश्य और बेड़े की भविष्य की संरचना और आधुनिकीकरण के लिए प्रमुख मापदंड निर्धारित किए गए हैं। पेत्रुशेव ने कहा, “एक शब्द में कहें तो यह एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक दस्तावेज़ है जो इस प्रश्न का उत्तर देता है कि विश्व महासागर में अपने हितों की प्रभावी रक्षा के लिए रूस की नौसैनिक शक्ति कैसी होनी चाहिए।” पेत्रुशेव ने इससे अधिक जानकारी नहीं दी। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रैंकिंग के अनुसार, रूस के पास चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली नौसेना है। हालांकि, यूक्रेन के साथ जारी युद्ध में रूसी नौसेना को कई उल्लेखनीय असफलताओं का सामना करना पड़ा है। रूस ने अपने रक्षा और सुरक्षा खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी के संदर्भ में शीत युद्ध युग के बराबर स्तर पर पहुंच गया है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस का अनुमान है कि रूस के पास 79 पनडुब्बियों का बेड़ा है, जिसमें 14 परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां और 222 युद्धपोत शामिल हैं। इसकी नौसैनिक शक्ति का मुख्य भाग उत्तरी बेड़े में केंद्रित है, जो बैरेंट्स सागर के किनारे सेवेरोमोर्स्क में स्थित है। इससे पहले 11 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वह अगले दशक में अपनी नौसेना को उन्नत बनाने के लिए 8.4 ट्रिलियन रूबल (लगभग 100.5 बिलियन डॉलर) आवंटित करेंगे। नौसेना के विकास पर आयोजित एक बैठक में पुतिन ने कहा था कि बदलती वैश्विक स्थिति, उभरती चुनौतियों, समुद्री खतरों और तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति के कारण ‘नौसेना की एक नई छवि’ के निर्माण की आवश्यकता है। पुतिन ने कहा, “रूसी नौसेना के सामरिक परमाणु बलों में आधुनिक हथियारों और उपकरणों की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत है। भविष्य में इस आंकड़े को बनाए रखना होगा। नौसेना ने देश की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने और विश्व के महासागरों में रूस के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

पीएम मोदी और अमित शाह की पार्टी की विचारधारा भाजपा को तमिलनाडु में पैर नहीं जमाने देगी:वरिष्ठ नेता ए राजा

नई दिल्ली  द्रमुक के वरिष्ठ नेता ए राजा ने सोमवार को यहां कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे ‘साधारण लोगों’ से नहीं डरती और उनकी पार्टी की विचारधारा भाजपा को तमिलनाडु में पैर नहीं जमाने देगी। रविवार को मदुरै में सत्तारूढ़ द्रमुक की अमित शाह द्वारा की गई आलोचना के जवाब में यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजा ने दावा किया कि विभिन्न मुद्दों पर भाजपा नेता की टिप्पणियां ‘सरासर झूठ, घृणित और विभाजनकारी’ हैं। लोकसभा सदस्य ने कहा कि भाजपा दिल्ली या महाराष्ट्र के विपरीत तमिलनाडु में पैर नहीं जमा सकती, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, क्योंकि द्रविड़ विचारधारा भगवा विचारधारा की विरोधी है। उन्होंने द्रविड़ दर्शन का हवाला देते हुए कहा, ‘‘(आप प्रमुख) अरविंद केजरीवाल (दिल्ली में) सत्ता में कैसे आए – उन्होंने केवल भ्रष्टाचार का विरोध किया, क्या उनके पास कोई विचारधारा थी, क्या उनके पीछे कोई नेता थे। हम अमित शाह और मोदी से नहीं डरते। आखिरकार, वे साधारण लोग हैं। उनके पीछे की राजनीतिक विचारधारा हर जगह आक्रमण कर रही है और जीत रही है, लेकिन वह यहां क्यों नहीं जीत पा रही है। क्योंकि हमारे पास उस विचारधारा का विकल्प है।” उन्होंने कहा, ‘‘जब तक द्रविड़ विचारधारा है, वे तमिलनाडु में पैर नहीं जमा सकते। हम दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा नहीं हैं। हम तमिलनाडु हैं, हम द्रविड़ हैं, (भाजपा) यहां नहीं आ सकती।” शाह ने रविवार को कहा कि राजग अगले साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगा और उन्होंने 4,600 करोड़ रुपये के रेत खनन घोटाले सहित भ्रष्टाचार के नए आरोप लगाकर राज्य में द्रमुक सरकार पर निशाना साधा। भाजपा तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है। राजा ने कहा कि मदुरै में शाह ने जो कहा, द्रमुक उनके एक-एक शब्द को गलत साबित कर सकती है और तमिलनाडु के लोग भाजपा नेता की ऐसी बातों को स्वीकार नहीं करेंगे। राजा ने दावा किया, ‘‘उनकी टिप्पणियां केंद्रीय गृह मंत्री के पद को शोभा नहीं देतीं। संक्षेप में कहें तो उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह सरासर झूठ, घृणित और विभाजनकारी था।” उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के खिलाफ ‘निराधार आरोप’ लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कानून और व्यवस्था कायम रखी है और कई मौकों पर केंद्रीय निधि उपलब्ध नहीं होने के बावजूद, राज्य निधि से विकास योजनाओं को त्वरित लागू किया है और इस बात को पचा नहीं पाने के कारण केंद्र और भाजपा शाह को तमिलनाडु ले आए।” उन्होंने प्रस्तावित जाति जनगणना और परिसीमन सहित मुद्दों पर भी केंद्र पर निशाना साधा।  

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