LATEST NEWS

Gold-Silver Rates Crash: चांदी ₹1.63 लाख सस्ती, सोना भी 5500 रुपये तक गिरा

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें लगातार क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद बीते कुछ दिनों में रफ्तार पकड़ती हुई नजर आ रही थीं, लेकिन सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को ये फिर से बिखरी हुई नजर आ रही हैं. जी हां, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी की कीमत ओपनिंग के साथ ही करीब 5500 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो गई (Silver Price Fall), तो वहीं सोने की कीमत ने भी 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम का गोता लगा दिया. अपने हाई लेवल से दोनों कीमती धातुएं अब तक काफी सस्ती हो चुकी हैं. चांदी का वायदा भाव को 1.63 लाख रुपये तक कम हुआ है.  चांदी में तेजी पर अचानक ब्रेक  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमतों में बीते कुछ समय में आए क्रैश, तेजी और फिर गिरावट के बारे में, तो बीते 29 जनवरी को Silver Price रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए पहले बार ऐतिहासिक 4 लाख रुपये के स्तर के पार निकला था और 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई लेवल छू लिया था. इस स्तर को छूने के बाद ये कीमती धातु सिल्वर अगले ही दिन से क्रैश होनी शुरू हो गई, लेकिन बीते कुछ दिनों में ये ग्रीन जोन में भी नजर आई थी.  बात कमोडिटी मार्केट में कारोबार की करें, तो ओपन होने के साथ ही Silver Price अपने पिछले कारोबारी बंद के मुकाबले बुरी तरह टूट गया. सोमवार को ये एमसीएक्स पर 2,62,620 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही सस्ती होकर 2,56,864 रुपये तक फिसल गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 5,756 रुपये कम हो गया. वहीं हाई से ये 1,63,184 रुपये कम हो चुका है.  Gold रेट भी हो गया इतना कम  चांदी के बाद अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट (Gold Rate Fall) के बारे में, तो ये येलो मेटल सोमवार को एमसीएक्स पर तेजी के साथ कारोबार करते हुए 1,58,066 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था और मंगलवार को खुलने के साथ ही गिरकर 1,56,001 रुपये पर आ गया. ऐसे में 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold Rate 2,065 रुपये कम हो गया.  हाई से अब इतना सस्ता Gold सिल्वर प्राइस की तरह ही सोने ने भी बीते 29 जनवरी को ही अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था. इस लेवल पर पहुंचने के बाद Gold Rate Crash होना शुरू हो गया, लेकिन बीते हफ्ते इसमें फिर उछाल देखने को मिला था, तो सोमवार तक जारी रहा. अगर हाई  से गिरावट की बात करें, तो सोना 37,095 रुपये तक सस्ता हो चुका है.  विदेशी बाजार में भी हुआ सस्ता मंगलवार को सोने की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद अतंरराष्ट्रीय बाजार में ये 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर बना हुआ है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुाबिक, स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.7% गिरकर 5,029.49 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) हो गई. इससे पहले सोमवार को डॉलर के एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर कमजोर होने के कारण सोना 2% उछला था, जबकि 29 जनवरी को कॉमेक्स पर इसने 5,594.82 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड हाई टच किया था. गिरावट के पीछे की वजह देखें, तो निवेशक इस सप्ताह के अंत में जारी होने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों से पहले सतर्क मोड में है.

भारत में 2025 तक सस्ते 5G स्मार्टफोन का शिपमेंट होगा रिकॉर्ड 1,900% तक बढ़ा: रिपोर्ट

नई दिल्ली   साल 2025 में भारत में सस्ते 5जी स्मार्टफोन की शिपमेंट (डिलीवरी) में साल-दर-साल आधार पर 1,900 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें, एंट्री-लेवल 5जी चिपसेट की बेहतर उपलब्धता और देश भर में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार रहा। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच गया। इस दौरान सस्ते 5जी फोन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और महंगे (प्रीमियम) स्मार्टफोन की मांग भी बनी रही। सबसे बड़ा बदलाव 6,000 से 8,000 रुपए की कीमत वाले फोन सेगमेंट में देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया कि कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 5जी फोन की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही, जो सालाना आधार पर 12 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि 5जी अब सिर्फ महंगे फोन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। भारत में एप्पल ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और मार्केट शेयर 9 प्रतिशत तक पहुंच गया। आईफोन 16 सीरीज में बेस मॉडल आईफोन 16 की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि लोग प्रो या प्लस मॉडल के बजाय कम कीमत वाले मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी ने कहा, “2025 भारत के स्मार्टफोन बाजार के लिए गिरावट का नहीं, बल्कि दोबारा संतुलन बनाने का साल रहा। भले ही कुल बिक्री में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन सस्ते 5जी फोन की तेजी, महंगे फोन की स्थिर मांग और नए ब्रांड्स के उभरने से यह साफ है कि बाजार कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि बदल रहा है।” 2025 में 6.7 इंच या उससे बड़े डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जिससे साफ है कि अब ग्राहक बड़े स्क्रीन वाले फोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में मीडियाटेक 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में क्वालकॉम ने 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बनाए रखी। सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के एनालिस्ट पंकज जादली ने कहा कि 2026 में कंपोनेंट और मेमोरी की बढ़ी हुई लागत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसका असर यह होगा कि साल भर उपभोक्ताओं का खरीदारी व्यवहार ज्यादा सोच-समझकर और सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्मार्टफोन बाजार से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि वे अब ज्यादा चयनशील हो गए हैं। लोग अपने मौजूदा फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं और तभी अपग्रेड कर रहे हैं, जब उन्हें नए डिवाइस में वाकई बेहतर वैल्यू नजर आती है।

MSME को मिलेगा नया संबल, RBI के फैसले से 20 लाख तक आसान फाइनेंसिंग

मुंबई देश में अब सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) को 20 लाख रुपए तक का कोलैटरल फ्री लोन (बिना कुछ गिरवी रखकर लोन लेना) मिलेगा। यह जानकारी आरबीआई की ओर से सोमवार को जारी सर्कुलर में दी गई। आरबीआई द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी (संशोधन) निर्देश, 2026 जारी किए हैं। ये संशोधन निर्देश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी मुख्य दिशा-निर्देश (दिनांक 23 जुलाई, 2025 तक अपडेटेड) के कुछ प्रावधानों में बदलाव करते हैं। सर्कुलर में आगे कहा गया कि इस संशोधन के बाद सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) बिना कुछ गिरवी रखकर 20 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ नियामक बदलावों के अनुरूप कुछ संशोधनों को अलग से अधिसूचित किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बताया कि यह संशोधित निर्देश एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। आरबीआई ने आगे बताया कि इन निर्देशों का उद्देश्य सीमित परिसंपत्तियों वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए अंतिम छोर तक लोन वितरण को मजबूत करना है, जिससे वह आसानी से लोन ले पाएं। सरकार लगातार एमएसएमई उद्योगों को मदद करने के लिए कदम उठा रही है। बीते महीने सरकार ने डाक चैनल के माध्यम से होने वाले निर्यात को निर्यात लाभों से जोड़ दिया है। इससे उन छोटे उद्योगों को फायदा होगा, जो कि निर्यात करने के लिए डाक चैनलों का इस्तेमाल करते हैं। संचार मंत्रालय ने बयान में कहा, “डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचनाओं का पालन करते हुए डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभों को 15 जनवरी, 2025 से लागू कर दिया है।”

Gold-Silver Rate में बदलाव: चांदी के दाम में छलांग, सोने की कीमत में भी हुआ इज़ाफा, जानिए ताजा रेट

इंदौर  सोना-चांदी की कीमतों में हालिया भारी गिरावट के बाद अब एक बार फिर बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल रही है। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कारोबार शुरू होते ही चांदी करीब ₹15,000 प्रति किलो महंगी हो गई, जबकि सोने के दामों में एक झटके में ₹3,000 की तेजी आ गई। हालांकि, तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑल टाइम हाई से अब भी काफी सस्ती बनी हुई हैं। चांदी ने खुलते ही मचाया गदर MCX पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव पिछले बंद ₹2,49,892 प्रति किलो से उछलकर ₹2,64,885 प्रति किलो पहुंच गया। इस तरह 1 किलो चांदी की कीमत में ₹14,993 का उछाल देखने को मिला। हालांकि, अगर इसके लाइफ टाइम हाई से तुलना करें तो चांदी अब भी काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार ₹4 लाख के पार गई थी और ₹4,20,048 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी। इसके बाद तेज गिरावट के चलते भाव ₹2.25 लाख तक लुढ़क गए थे। मौजूदा तेजी के बावजूद चांदी अब भी अपने हाई से ₹1,55,163 सस्ती चल रही है। सोने ने भी पकड़ी रफ्तार चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी सोमवार को मजबूती देखने को मिली। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव शुक्रवार के बंद ₹1,55,451 से उछलकर ₹1,58,500 पहुंच गया। यानी सोना ₹3,049 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। इसके बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से अभी भी ₹34,596 सस्ता मिल रहा है। देश ही नहीं, विदेशों में भी टूटी थी चांदी चांदी में गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर में बड़ी टूट देखने को मिली। पिछले सप्ताह एक दिन में ही करीब 20% की गिरावट आई थी और अपने हाई से चांदी लगभग 40% तक फिसल चुकी थी। स्पॉट सिल्वर बीते महीने $120 प्रति औंस के स्तर से गिरकर $64 प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) तक आ गई थी। अब वैश्विक संकेतों के बीच इसमें फिर से मजबूती के संकेत मिल रहे हैं। क्रैश के बाद सोना-चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन कीमतें अभी भी रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह ग्लोबल ट्रेंड और डॉलर मूवमेंट पर निर्भर करेगी।

ट्रेड डील की तस्वीर साफ होते ही बाजार में उछाल, सेंसेक्स 84,000 के पार

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया.  ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे.  मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल  Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया.  ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था.  अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

अमेरिका के साथ समझौते से भारतीय शेयर बाजारों को मिल सकता है बढ़ावा

मुंबई पिछले सप्ताह रही तेजी के बाद आने वाले सप्ताह में अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का असर घरेलू शेयर बाजारों में देखा जायेगा। अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर दोनों देशों ने शनिवार को एक साझा बयान जारी किया जिसमें बताया गया है कि किन-किन वस्तुओं पर दोनों देशों में कितना-कितना आयात शुल्क और सीमा शुल्क घटाया जायेगा। इस समझौते से सेक्टर विशेष को लेकर निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी। पिछले सप्ताह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद व्यापार समझौता होने की घोषणा की गयी थी जिससे सेंसेक्स एक दिन में दो हजार अंक (ढाई प्रतिशत) से अधिक की तेजी के साथ बंद हुआ था। आने वाले सप्ताह में गुरुवार को आधार वर्ष 2024 की सीरीज पर पहली बार खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होंगे। निवेशकों की नजर इस पर भी होगी। वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़े भी इसी सप्ताह आने हैं। पिछले सप्ताह रविवार को आम बजट के दिन विशेष सत्र के कारण शेयर बाजारों में छह दिन कारोबार हुआ। यह पूरा सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। इस दौरान बीएसई का सेंसेक्स 1,310.62 अंक (1.59 प्रतिशत) की साप्ताहिक बढ़त में रहा। बजट के दिन रविवार को सेंसेक्स 1,547 अंक टूट गया। अगले ही दिन सोमवार को इसमें 944 अंक की तेजी देखी गयी। मंगलवार सुबह अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने की जानकारी आने के बाद सेंसेक्स 2,073 अंक उछल गया। बुधवार और शुक्रवार को भी सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुआ जबकि गुरुवार को गिरावट रही। सप्ताहांत पर यह 83,580.40 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 373.05 अंक यानी 1.47 प्रतिशत चढ़कर शुक्रवार को 25,693.70 अंक पर बंद हुआ। मझौली और छोटी कंपनियों में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक सप्ताह के दौरान 1.98 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.35 प्रतिशत मजबूत हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में पावरग्रिड के शेयर सबसे अधिक 14.26 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। ऊर्जा क्षेत्र की ही एनटीपीसी का शेयर 2.61 फीसदी चढ़ गया। एफएमसीजी कंपनी ट्रेंट में 8.80 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनीलिवर में 2.11 प्रतिशत और आईटीसी में 1.19 प्रतिशत की तेजी रही। वित्तीय एवं बैंकिंग कंपनियों में बजाज फाइनेंस का शेयर 5.49 फीसदी चढ़ गया। आईसीआईसीआई बैंक में 3.81 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व में 3.6 और एचडीएफसी बैंक में 1.27 प्रतिशत की तेजी रही। एक्सिस बैंक का शेयर 2.09 प्रतिशत और भारतीय स्टेट बैंक में 1.03 फीसदी की सप्ताहिक गिरावट रही। वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 2.24 फीसदी और मारुति सुजुकी का 2.74 फीसदी ऊपर रहा। बंदरगाह क्षेत्र की अडानी पोर्ट्स का शेयर 9.35 प्रतिशत, विमान सेवा कंपनी इंडिगो का 6.84 प्रतिशत और दवा कंपनी सनफार्मा का 6.25 प्रतिशत की बढ़त में रहा। विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3.94 प्रतिशत, दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल में 3.57 प्रतिशत और इटरनल में 3.56 प्रतिशत की तेजी रही। इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी एलएंडटी का शेयर 3.41 प्रतिशत, इस्पात कंपनी टाटा स्टील का 2.05 प्रतिशत और सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का 0.20 प्रतिशत चढ़ा। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां साप्ताहिक नुकसान में रहीं। इंफोसिस का शेयर 8.14 फीसदी, टेक महिंद्रा का 7.12, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 5.95 और टीसीएस का 5.88 प्रतिशत टूट गया। बीईएल में 4.33 फीसदी और एशियन पेंट्स में 1.07 फीसदी की गिरावट रही।  

भुगतान और कारोबार में तेजी, फोनपे ने IPO से पहले नए मंच की योजना बनाई

नई दिल्ली वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है। कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है। उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।  

करदाताओं की राय आमंत्रित, आयकर विभाग ने नए प्रपत्रों और नियमों पर मांगा फीडबैक

नई दिल्ली आयकर विभाग ने रविवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए आयकर कानून, 2025 के तहत कर नियमों और प्रपत्रों के मसौदे पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। विभाग ने एक बयान में जानकारी दी कि व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘प्रस्तावित आयकर नियम, 2026’ और संबंधित फॉर्म को अंतिम अधिसूचना से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने परामर्श प्रक्रिया के तहत हितधारकों से चार श्रेणियों में सुझाव मांगे हैं। इनमें भाषा का सरलीकरण, मुकदमों में कमी, अनुपालन बोझ को कम करना और अप्रासंगिक या पुराने हो चुके नियमों व प्रपत्रों की पहचान करना शामिल है। विभाग ने कहा, ‘हितधारकों को इन मसौदों का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अंतिम अधिसूचना से पूर्व इन सभी सुझावों को संकलित कर उन पर समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।’ सुझाव देने की सुविधा के लिए ‘ई-फाइलिंग’ पोर्टल पर एक लिंक जारी किया गया है, जो चार फरवरी, 2026 से सक्रिय है। हितधारक अपने नाम और मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित सत्यापन के बाद अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव देते समय संबंधित नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए। छह दशक पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के स्थान पर अब नया आयकर अधिनियम, 2025 आगामी एक अप्रैल से लागू होगा। वर्तमान आयकर नियम, 1962 में 511 नियम और 399 फॉर्म हैं, जबकि प्रस्तावित नए नियमों में इनकी संख्या घटाकर क्रमशः 333 नियम और 190 फॉर्म कर दी गई है।  

TESLA को बड़ा झटका: हाई-EV मार्केट में भी 88% फिसली बिक्री, जानें गिरावट की वजह

 नई दिल्ली     यूरोप में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात हो और टेस्ला का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है. लेकिन इस बार कहानी थोड़ी उलटी है. जिस नॉर्वे को टेस्ला अपना सबसे मजबूत किला मानती रही, वहीं अब उसके दरवाजे चरमराते दिख रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि नॉर्वे की सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारों की बाढ़ है, लेकिन EV की इस भीड़ में टेस्ला की नाव लड़खड़ा गई है. सवाल सिर्फ बिक्री घटने का नहीं है, सवाल यह है कि क्या यूरोप में टेस्ला का जादू सच में कमजोर पड़ने लगा है. बिक्री के मोर्चे पर आई सुस्ती का असर अब उन बाजारों में भी नजर आने लगा है, जिन्हें टेस्ला का गढ़ माना जाता था. नॉर्वे ऐसा ही एक देश है, जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों की जबरदस्त मांग रहती है, लेकिन अब यहां भी टेस्ला की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है. जनवरी 2026 के नए रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के अनुसार, नॉर्वे में Tesla Model Y की सिर्फ 62 यूनिट्स बिकीं. यह कुल नई कार बिक्री का केवल 2.8 प्रतिशत है. पूरी टेस्ला रेंज की बात करें तो कंपनी ने कुल 83 कारें बेचीं, जो पिछले साल जनवरी में बेचे गए कारों के मुकाबले 88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है.  वहीं दूसरी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं. फॉक्सवैगन ID.3 ने 299 यूनिट्स की बिक्री के साथ टॉप पोजिशन हासिल की, जो टेस्ला से लगभग पांच गुना ज्यादा है. नॉर्वे में टेस्ला के लिए जनवरी भले ही मुश्किल रहा, लेकिन इस देश में इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड बनी हुई है. पिछले महीने नॉर्वे में बिकने वाली नई गाड़ियों में से करीब 94 प्रतिशत इलेक्ट्रिक कारें थीं. डीजल गाड़ियों की सिर्फ 98 यूनिट्स बिकीं, जबकि पेट्रोल कारों का आंकड़ा केवल 7 पर सिमट गया. यह अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है. कुछ यूरोपीय देशों में टेस्ला की वापसी नॉर्वे में गिरावट के बावजूद टेस्ला को यूरोप के कुछ अन्य देशों में राहत मिली है. स्पेन में कंपनी की बिक्री 70 प्रतिशत बढ़कर 456 यूनिट्स तक पहुंच गई. इटली में 75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 713 कारें बिकीं. स्वीडन में बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 512 यूनिट्स रही, जबकि डेनमार्क में 3 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ आंकड़ा 458 यूनिट्स तक पहुंचा. इन देशों में आई तेजी का कारण टेस्ला की नई और किफायती स्टैंडर्ड मॉडल्स मानी जा रही हैं. कंपनी ने हाल ही में Model 3 और Model Y के किफायती वेरिएंट को लॉन्च किया है. जो काफी बजट फ्रेंडली है. जानकारों का मानना है कि, कम कीमत और बेहतर रेंज के चलते इन कारों को लोग प्राथमिकता दे रहे हैं. भारत में बिक्री बढ़ाने के लिए खास ऑफर भारतीय बाजार की बात करें तो यहां भी टेस्ला की हालत खराब ही है. बीते साल जुलाई में टेस्ला ने बड़े जोर-शोर के साथ इंडिया एंट्री का ऐलान किया था. कंपनी ने मुंबई के ब्रांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स (BKC) में अपना पहला शोरूम शुरू किया. जिसे बाद में दिल्ली और गुरुग्राम तक बढ़ा दिया गया है. टेस्ला ने भारत में अपनी पहली कार के तौर पर Model Y को लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 59.89 लाख रुपये से शुरू होकर टॉप मॉडल के लिए 73.89 लाख रुपये तक जाती है. दरअसल, हाई इंपोर्ट ड्यूटी के चलते टेस्ला की कार यहां काफी महंगी पड़ रही है. शुरुआत में ऐसी रिपोर्ट आई थी कि, कुछ ग्राहकों ने टेस्ला मॉडल वाई की बुकिंग कराई थी, लेकिन बाद में उन्होंने कैंसिल करा दी. खैर, टेस्ला भारत में भी बिक्री बढ़ाने की कोशिश कर रही है. कंपनी टेस्ला मॉडल Y पर खास स्कीम्स दे रही है. इसके तहत पेट्रोल या डीजल गाड़ी के बदले एक्सचेंज कराने पर ग्राहकों को 3 लाख रुपये तक का एक्सचेंज बोनस ऑफर किया जा रहा है.   

Airtel ने लॉन्च किया खास ऑफर: जितना चाहे उतना इंटरनेट इस्तेमाल करें, डेटा खत्म नहीं होगा

मुंबई  एयरटेल ने अपने दो पॉपुलर प्लान्स को अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स में कॉलिंग, डेटा और SMS तीनों ही बेनिफिट्स मिलते हैं. अब इन प्लान्स में यूजर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा बेनिफिट्स मिलेंगे. कंपनी इन प्लान्स में अनलिमिटेड डेटा ऑफर करेगी.हम बात कर रहे हैं Airtel के 399 रुपये और 449 रुपये के प्लान की, जिन्हें कंपनी ने अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स पॉपुलर हैं और अब इनमें आपको अनलिमिटेड डेटा मिलेगा. इन प्लान्स में कॉलिंग और SMS बेनिफिट्स भी मिलता है.         बात करें Airtel के 399 रुपये के प्लान की, तो इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा मिलता है. ये प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के लिए आता है. यहां अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा से मतलब 300GB तक के डेटा से है, जो 30 दिनों के लिए मिलेगा. यानी 30 दिनों के लिए 300GB डेटा की लिमिट होगी. कंपनी मार्केट के तहत इसे अनलिमिटेड कहती है. इसमें आपको Adobe Express Premium का एक साल का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलेगा. इसके अलावा कंपनी Airtel Xstream Play का फ्री एक्सेस और फ्री हैलो ट्यून दे रही है. वहीं दूसरा प्लान 449 रुपये का है. इसमें भी आपको 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है. ये प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G व 5G डेटा के साथ आता है. हालांकि, इसमें एडिशनल बेनिफिट्स ज्यादा हैं.  इस प्लान में Google One के तहत 30GB का स्टोरेज मिलता है. इसके अलावा JioHotstar Mobile का 28 दिनों का एक्सेस, Airtel Xstream play और ऐपल म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा. (Photo: Reuters)

सोने की कीमत में गिरावट, चांदी 9,000 रुपए से ज्यादा सस्ती, जानें ताजा दाम

नई दिल्ली  सोने की कीमत में  मामूली गिरावट देखने को मिली और चांदी का दाम 9,000 रुपए से अधिक कम हो गया है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।  चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है। जानकारों ने कहा कि सोने में सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फिलहाल कॉमेक्स पर यह 4,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिका के बेरोजगारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करेगी। -आईएएनएस

रुपये की शानदार बढ़त: 3 साल में बेहतरीन प्रदर्शन, India-US ट्रेड डील का असर साफ

 नई दिल्‍ली ,    शुक्रवार को डॉलर की संभावित निकासी और व्यापारियों द्वारा लॉन्ग पोजीशन कम करने के कारण भारतीय रुपया गिरावट पर बंद हुआ, लेकिन इस सप्‍ताह के दौरान भारतीय करेंसी ने शानदार तेजी दिखाई है. इस सप्‍ताह की तेजी ने 3 साल में सबसे तेज बढ़ोतरी को दर्ज किया है.  डॉलर की तुलना में रुपया शुक्रवार को 90.6550 पर बंद हुआ, जो दिन में 0.3% की गिरावट के साथ सप्ताह में 1.4% की तेजी को दिखाता है. जनवरी 2023 के बाद यह इसकी सबसे बड़ी वीकली ग्रोथ है. यह तेजी भारत और अमेरिका के बीच डील पर सहमति बनने के बाद आई है.  आरबीआई का बड़ा फैसला रुपया में तेज उछाल के साथ ही भारत के केंद्रीय बैंक (RBI) ने पॉजिटिव आर्थिक नजरिया, अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के बाद कम हुए दबावों से उत्साहित होकर रेपो दर को अपरिवर्तित रखा है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि हमारा मानना ​​है कि एमपीसी बदलती व्यापक आर्थिक स्थितियों और नई श्रृंखला के आंकड़ों पर आधारित नजरिए से मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा तय करेगी.  वहीं कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई रेपो रेट को कम रखकर बैंकों और लोन लेने वाले लोगों को सपोर्ट देना चाहता है. यह लोन लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी. वहीं व्‍यापारियों का कहना है कि रेपो रेट में अनचेंज रखने से रुपया के गिरावट में ज्‍यादा योगदान नहीं रहेगा.  मंगलवार को आई थी उछाल मंगलवार को अमेरिका और भारत द्वारा महीनों की बातचीत के बाद व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय करेंसी में बड़ी उछाल आई थी, लेकिन शुक्रवार को  इसमें थोड़ी कमी आई.  हालांकि व्यापारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इस व्यापारिक सफलता ने रुपये पर छाए संकट को दूर किया है. एक स्थायी तेजी विदेशी निवेश में उछाल पर निर्भर करेगी.  4 अरब डॉलर के शेयर बेचे गौरतलब है कि विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने 4 अरब डॉलर के स्थानीय शेयरों की नेट सेलिंग के बाद फरवरी में अब तक लगभग 1 अरब डॉलर के स्थानीय शेयर खरीदे हैं. वैश्विक बाजारों में, डॉलर सूचकांक थोड़ा नीचे 97.8 पर था, जबकि एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला असर देखने को मिला.  बता दें शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी पर बंद हुआ. निफ्टी 50 अंक ऊपर चढ़कर 25,693 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्‍स 266 अंक चढ़कर 83580 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक भी 56 अंक चढ़कर क्‍लोज हुआ. 

15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां, महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में

मुंबई  महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा. 1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी. इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, “महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा.” महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, “यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती, सोने के दाम में भी गिरावट – क्या कीमतें फिर रिकॉर्ड हाई पर जाएंगी?

इंदौर  सोना और चांदी के भाव में शुक्रवार को भी गिरावट देखी जा रही है. मल्‍टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम भरभराकर टूटे हैं. चांदी सुबह 11.30 बजे 5000 रुपये गिरकर 2.38 पर पहुंच गई थी, वहीं सोने के भाव में 1000 रुपये की गिरावट आई थी, जो 1.50 लाख रुपये के ऊपर थे. हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत 12000 रुपये टूट गई थी और सोना 1800 रुपये गिर गया था.  वहीं रिकॉर्ड हाई से देखें तो सोना और चांदी काफी सस्‍ते हो चुके हैं. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्‍या फिर कभी चांदी और गोल्‍ड वापस उस लेवल पर आएंगे? आइए जानते हैं सोने और चांदी के भाव में इतनी गिरावट क्‍यों आ रही है.  रिकॉर्ड हाई से चांदी 1.91 लाख रुपये सस्‍ती  29 जनवरी को चांदी का भाव 4.20 लाख रुपये पर थी, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है और आज चांदी 2.29 लाख रुपये पर आ गई थी. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के भाव में 1.91 लाख रुपये तक की गिरावट आई है. इसके अलावा, गोल्‍ड प्राइस में भी बिग फाल हुआ है. सोने की कीमत 29 जनवरी को 1.93 लाख रुपये पर थी, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 1.49 लाख रुपये पर आ गई. इसका  मतलब है कि सोने की कीमत में 44 हजार रुपये की गिरावट आई है.  गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ भी गिरा सोना और चांदी ईटीएफ प्राइस में शुक्रवार को 10 फीसदी तक की गिरावट आई. यह गिरावट ग्‍लोबल स्‍तर पर आईटी और टेक कंपनियों में बिकवाली हावी होने के बाद आई है, क्‍योंकि अमेरिकी इससे अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई. एआई घबराहट और अर्निंग को लेकर आईटी और टेक शेयरों में गिरावट आई.   कोटक सिल्वर ETF को सबसे ज्‍यादा नुकसान हुआ, यह 10% गिर गया, जबकि HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में से हर एक में लगभग 9% की गिरावट आई. बंधन सिल्वर ETF में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, यह लगभग 6% नीचे रहा. गोल्ड ETF में एंजेल वन गोल्ड ETF 8% गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5% की गिरावट आई. क्‍यों आ रही गोल्‍ड सिल्‍वर में गिरावट?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्‍ताह के दौरान सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई थी, जिससे अस्थिरता बनी हुई है. यह गिरावट केविन वॉर्श की नियुक्ति के बाद फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की उम्मीदों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और सीएमई द्वारा मार्जिन में की गई भारी बढ़ोतरी के कारण हुई है. इसके अलावा, सोने और चांदी की कीमत के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली आई है, जिससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी या गिरावट पर ज्‍यादा पार्टिसिपेट नहीं कर रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर सोने-चांदी का भाव  गुरुवार को इंटरनेशनल लेवल पर सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोना 4 फीसदी गिरा और चांदी के भाव में 9 फीसदी की गिरावट आई. सोना अभी 4,887 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है और चांदी की कीमत $78 प्रति औंस पर बनी हुई है.  क्‍या वापस रिकॉर्ड हाई पर जाएंगे सोने-चांदी के दाम?  एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अभी ग्‍लोबल अनिश्चितता बनी हुई है. ऐसे में सोने और चांदी की कीमातों में उछाल आ सकता है. Goldman Sachs जैसे बड़े बैंकों का कहना है कि सोने के $4,900 प्रति औंस तक 2026 में पहुंचने की संभावना है. वहीं चांदी के मामले में ब्रोकरेज और विश्लेषक मानते हैं कि इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्‍लोबल अनिश्चितता के कारण चांदी  एक बार फिर रिकॉर्ड हाई के करीब या इससे ऊपर जा सकती है.  Bank of America का कहना है कि चांदी 135 डॉलर के ऊपर भी जा सकती है, लेकिन इसके लिए सप्लाई और मांग बना रहना जरूरी है. ऐसे में अगर जियो -पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जारी रहती है तो  सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच सकती हैं. 

भारत में 3 मार्च को लॉन्च होगी नई Mercedes-Benz V-Class, जानें इसमें क्या हैं नए फीचर्स

मुंबई  लगभग तीन साल पहले लग्जरी कार निर्माता कंपनी Mercedes-Benz ने अपनी Mercedes-Benz V-Class की बिक्री भारतीय बाजार में बंद कर दी थी, जिसके बाद अब कंपनी आगामी 3 मार्च, 2026 को एक बार फिर से लॉन्च करने वाली है. कंपनी की इस बड़ी पैसेंजर कार का लेटेस्ट मॉडल 2024 में ग्लोबल मार्केट में बिक्री के लिए उतारा गया था और यह असल में V-Class का फेसलिफ्ट वर्जन है जो पहले भारत में बिकता था. Mercedes-Benz V-Class का डिजाइन फेसलिफ्ट अपडेट के साथ इस कार के डिज़ाइन में कुछ अपडेट किए गए, जिसमें एक बड़ी, ज़्यादा आकर्षक ग्रिल, नए हेडलैंप, बदले हुए बंपर और पीछे की तरफ़ नई टेल लाइट्स शामिल हैं, हालांकि केबिन में काफ़ी सुधार किया गया था. वहीं पुराने मॉडल के पुराने केबिन डिज़ाइन की जगह ज़्यादा मॉडर्न लुक दिया गया है, जो GLE जैसे मॉडलों में देखने को मिलता था, जिसमें डैशबोर्ड के ऊपर फ्री-स्टैंडिंग बेज़ल-लेस ट्विन स्क्रीन लगी थीं – यह पिछले V-क्लास के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और COMAND इंफोटेनमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था. भारत के लिए आने वाली यह वैन अपने स्ट्रेच्ड एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस ट्रिम में पेश की जाएगी, जिसे पीछे के दरवाज़े और पिछले पहिये के बीच ज़्यादा जगह से पहचाना जा सकता है. पूरी दुनिया में, खरीदार Mercedes-Benz V-Class को लॉन्ग व्हीलबेस और एक्स्ट्रा-लॉन्ग व्हीलबेस वर्ज़न में खरीद सकते हैं. Mercedes-Benz V-Class का इंटीरियर सीटिंग की बात करें तो, Mercedes-Benz V-Class तीन-रो कॉन्फ़िगरेशन में उपलब्ध होगी. कंपनी ने इस कार का टीज़र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हमें V-Class स्टैंडर्ड कम्फर्ट सीटों के साथ मिलती है, जो दूसरी रो में 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, हालांकि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि कंपनी इसके साथ एक ज़्यादा अपमार्केट वेरिएंट भी पेश कर सकती है. इस बीच, इस टॉप मॉडल में ज़्यादा शानदार फ़ीचर्स हो सकते हैं, जैसे कि दूसरी रो में ऑप्शनल (ग्लोबल मार्केट में) लग्ज़री सीटें जिनमें पावर एडजस्टमेंट, सीट वेंटिलेशन, मसाज फ़ंक्शन और भी बहुत कुछ शामिल है. Mercedes-Benz V-Class का इंजन इंजन की बात करें तो, दुनिया भर में Mercedes-Benz V-Class स्टैंडर्ड तौर पर 2.0-लीटर डीजल इंजन के साथ आती है, जो 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा होता है. संभावित खरीदार 250d और ज़्यादा पावरफुल 300d स्पेसिफिकेशन में से चुन सकते हैं, हालांकि यह देखना बाकी है कि भारत में कौन सा मॉडल लाया जाएगा. कीमत की बात करें तो इसे 1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) से ज़्यादा की कीमत पर उतारा जा सकता है.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet