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मालामाल हुए निवेशक, सेंसेक्स 1436 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के ऊपर हुआ बंद, हरे निशान में रहा सभी सेक्टर

मुंबई  बाजार में नए साल के साथ ही रौनक लौट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज 2 जनवरी को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक उछलकर कारोबार कर रहे हैं। दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ निफ्टी वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोश देखने को मिला और सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी रही जबकि BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में खरीदारी रही। वहीं ऑटो , IT शेयरों में अच्छी तेजी रही जबकि बैंकिंग, PSE, तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुआ। मेटल, रियल्टी इंडेक्स में तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1436.30 अंक यानी 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ 79,943.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 445.75 अंक यानी 1.88 फीसदी की बढ़त के साथ 24,188.65 के स्तर पर बंद हुआ। Bajaj Finserv, Eicher Motors, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Shriram Finance निफ्टी का टॉप गेनर रहा। वहीं Britannia Industries, Sun Pharma निफ्टी का टॉप लूजर रहा। वहीं बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर देखें तो सभी सेकटर हरे निशान में बंद हुआ। आईटी इंडेक्स 2 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 3.5 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ।  मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें शेयर बाजार की इस शानदार तेजी के पीछे कई 4 बड़ी वजहें रहीं- 1. शानदार GST कलेक्शन दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, “मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।” निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, “23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।” उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है। 3. अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे।मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 4: आईटी सेक्टर की उछाल पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपये में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, “कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।”

मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ा

मुंबई स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की निरंतर मांग और ग्रामीण बाजारों में कारों की बिक्री बढ़ने से साल 2024 में रिकॉर्ड 43 लाख वाहन बिके। इसके साथ ही, वाहन उद्योग ने 2023 में बिके 41.1 लाख गाड़ियों की बिक्री के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। बीते साल मारुति सुजुकी, ह्यूंडई, टाटा मोटर्स, टोयोटा किर्लोस्कर और किआ जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची सालाना बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी इंडिया लि. के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा, 2023 में 41,09,000 लाख वाहन बिके थे। इस आधार पर 2024 में 4.5 से 4.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। मारुति ने छह साल बाद तोड़ा रिकॉर्ड मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कंपनी ने इससे पहले 2018 में रिकॉर्ड 17,51,919 वाहन बेचे थे।  ह्यूंडई मोटर इंडिया ने भी 2024 में रिकॉर्ड 6,05,433 वाहन बेचे। टाटा मोटर्स के लिए बिक्री के लिहाज से यह लगातार चौथा सबसे बेहतर साल रहा। इस दौरान कंपनी ने 5.65 लाख गाड़ियां बेचीं।  टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 3,26,329 इकाई के साथ अपनी अबतक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की। किआ इंडिया ने भी छह बिक्री वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 2,55,038 वाहन बेचे। मारुति सुजुकी की टॉप सेलिंग कार 2024 नं मॉडल यूनिट 1 वैगनआर 1.98 लाख 2 अर्टिगा 1.90 लाख 3 ब्रेजा 1.88 लाख 4 स्विफ्ट 1.73 लाख 5 बलेनो 1.72 लाख 6 डिजायर 1.68 लाख 7 फ्रोंक्स 1.56 लाख   लग्जरी वाहनों में गिरावट लग्जरी सेगमेंट में जर्मन कंपनी ऑडी की कारों की खुदरा बिक्री 2024 में पूरे साल के दौरान एक साल पहले की तुलना में 26.6 फीसदी घटकर 5,816 इकाई रह गई। कंपनी ने 2023 में कुल 7,931 वाहन बेचे थे। दोपहिया-वाणिज्यिक वाहनों में भी उछाल दिसंबर, 2024 में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी तेजी दर्ज की गई। सुजुकी मोटरसाइकिल के दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 फीसदी बढ़कर 96,804 इकाई पहुंच गई। बजाज ऑटो ने दोपहिया व वाणिज्यिक समेत 3,23,125 वाहन बेचे। वीई कमर्शियल व्हीकल लि. ने 8,324 वाणिज्यिक वाहन बेचे। दिसंबर, 2023 में यह आंकड़ा 8,026 था।

Stock Market: शेयर बाजार में बहार… सेंसेक्स-निफ्टी भागे, लवे स्टॉक ने लगाई दौड़

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल 2025 की शुरुआत शानदार रही. पहले दिन 1 जनवरी को सेंसेक्स-निफ्टी तेजी के साथ हरे निशान पर क्लोज हुए, तो गुरुवार को भी ये रफ्तार जारी रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) बीते कारोबारी दिन 368 अंक उछलकर क्लोज हुआ था, जबकि आज ये 700 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) में भी हरियाली देखने को मिल रही है. बाजार में तेजी के बीच Bajaj Finance से लेकर Railtel तक के शेयर छलांग लगाते नजर आए. 250 अंक से ज्यादा उछला सेंसेक्स शेयर बाजार (Share Market) में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत ग्रीन जोन में हुई. सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,507.41 की तुलना में बढ़कर 78,657.52 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ देर बाद ही ये 350 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 78,893.18 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. Sensex की तरह Nifty भी छलांग लगाता हुआ नजर आया. एनएसई के इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,742.90 के लेवल से उछलकर 23,783 पर कारोबार शुरू किया और मिनटों में ये रफ्तार पकड़ते हुए 110 अंक की तेजी के साथ 23, 868 के लेवल पर पहुंच गया. कल भी भागा था शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन बुधवार को भी शुरुआती सुस्ती के बाद अचानक शेयर बाजार की रफ्तार तेज हो गई थी और मार्केट क्लोज होते-होते Sensex-Nifty जोरदार तेजी लेकर बंद हुए थे. BSE Sensex ने 78,265.07 के स्तर पर खुलने के बाद 368.40 अंक की तेजी लेकर 78,507.41 पर कारोबार खत्म किया था. तो वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी 23,637.65 पर ओपन होने के बाद अंत में 98.10 अंक चढ़कर 23,742.90 पर क्लोजिंग की थी. सबसे ज्यादा भागे ये 10 शेयर सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों में Bajaj Finance Share सबसे आगे रहा और ये करीब 3 फीसदी की उछाल के साथ 7,143.15 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. इसके बाद लार्ज कैप में शामिल Bajaj Finserv Share (2.50%), Infy Share (1.90%), Kotat Bank Share (1.60%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में Railtel Share (6.43%), Policy Bazar Share (2.90%), IGL Share (2.38%), चढ़कर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में Rico Auto Share सबसे तेज 13.72% उछल गया. इसके साथ ही DYCL Share भी करीब 7% के आस-पास उछलकर कारोबार कर रहा था.

महिंद्रा एंड महिंद्रा दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल कंपनी बनी: चेयरमैन आनंद महिंद्रा

मुंबई महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बुधवार को कहा कि कंपनी दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी बन गई है और इसने कई प्रतिस्पर्धियों और पूर्व टेक्नोलॉजी सहयोगियों को पीछे छोड़ दिया है। महिंद्रा समूह के कर्मचारियों को नववर्ष के अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2002 से निफ्टी 50 का हिस्सा रहीं कंपनियों में एमएंडएम के शेयर में मूल्य वृद्धि दर अब तक सबसे अधिक रही है और पिछले वर्ष ही इसने निवेशकों को 77 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। आनंद महिंद्रा ने लिखा कि “हम लगातार चौथे साल डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में शामिल हुए हैं। वर्ल्ड इंडेक्स में सबसे ऊंची रैंकिंग पाने वाले ऑटोमोटिव ओईएम है।” अन्य कारोबारों में सबसे बेहतर बात यह है कि महिंद्रा सस्टेन ने अपनी योजना से अधिक आगे का लक्ष्य हासिल किया है। इसकी संचयी प्रोजेक्ट पाइपलाइन 3.3 जीडब्ल्यूपी की हो गई है, जो इसकी टारगेट क्षमता से 60 प्रतिशत अधिक थी। महिंद्रा और महिंद्रा के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय तिपहिया वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन में हम लीडरशीप पॉजिशन में है। महिंद्रा फाइनेंस की लोन बुक बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी रक्षा करने से कहीं अधिक करने की स्थिति में है। महिंद्रा के अनुसार, भारत अब समुद्र तट पर 99 पाउंड का हल्का वजन वाला देश नहीं रह गया है। यह सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर सकता है। देश राजनीतिक रूप से स्थिर है, जो इसके मजबूत लोकतंत्र पर आधारित है और यह केंद्रीय चुनावों में पूरी तरह से प्रदर्शित हुआ, जब एक अरब से अधिक लोगों के देश ने निर्बाध, शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से मतदान किया। आनंद महिंद्रा ने कर्मचारियों से कहा, “हम कई अन्य देशों की तुलना में अस्थिर वैश्विक स्थितियों से कम प्रभावित होंगे। ऐसी स्थिति में हमारे समूह के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के विकास के अवसरों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।”

नए साल की पार्टी डिस्पोजल्स और ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री, कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड

नई दिल्ली 31 दिसंबर 2024 की रात पूरी दुनिया ने नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया. भारत में भी जश्न का माहौल जबरदस्त रहा. घर-घर में पार्टी का खुमार छाया रहा और इसकी झलक ऑनलाइन ऑर्डर प्लेटफॉर्म्स पर साफ नजर आई. नए साल की पार्टी में भारतीयों का अंदाज जानने के लिए Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स ने दिलचस्प आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर की रात पार्टी के मूड में लोगों ने क्या-क्या ऑर्डर किया. स्नैक्स, ठंडे पेय और पार्टी से जुड़े सामानों की डिमांड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए. Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आलू भुजिया से लेकर बर्फ के पैकेट्स तक, हर चीज के ऑर्डर की बाढ़ आ गई. घर की पार्टियों के इस अंदाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत में जश्न मनाने का अंदाज सबसे खास है. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के पोस्ट शेयर करके हाल बताया. आलू भुजिया बनी पार्टी स्टार रात 8 बजे तक Blinkit ने 2.3 लाख पैकेट आलू भुजिया डिलीवर किए. उधर, Swiggy Instamart पर 7:30 बजे प्रति मिनट 853 ऑर्डर चिप्स के लिए किए गए.Swiggy Instamart पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉप 5 आइटम्स में दूध, चॉकलेट, अंगूर, पनीर और चिप्स शामिल थे. Swiggy Instamart के को फाउंडर फणी किशन ने भी इसको लेकर एक पोस्ट किया. बर्फ के पैकेट्स की डिमांड आसमान पर Blinkit पर रात 8 बजे तक 6,834 पैकेट बर्फ के लिए ऑर्डर हुए, जबकि BigBasket पर बर्फ के ऑर्डर में 1290% का इजाफा देखा गया. Swiggy Instamart के फाउंडर फानी किशन ने ट्वीट किया, ‘रात 7:41 पर 119 किलो बर्फ हर मिनट डिलीवर हो रही थी.’ पार्टी डिस्पोजल्स और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री BigBasket ने बताया कि डिस्पोजेबल कप-प्लेट की बिक्री में 325% और नॉन-अल्कोहलिक पेय पदार्थों में 552% की वृद्धि हुई. कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड 31 दिसंबर की दोपहर तक Swiggy Instamart ने 4,779 पैकेट कंडोम डिलीवर किए. रात होते-होते Blinkit ने 1.2 लाख पैकेट्स कंडोम डिलीवर किए, जिनमें चॉकलेट फ्लेवर सबसे ज्यादा (39%) पसंद किया गया. इसके बाद स्ट्रॉबेरी (31%) और बबलगम (19%) का नंबर आया. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर नए साल की रात के दिलचस्प आंकड़े शेयर किए. अनचाहे ऑर्डर: ब्लाइंडफोल्ड और अंडरवियर Swiggy Instamart पर एक ग्राहक ने ब्लाइंडफोल्ड( आंखों पर बांधने वाली काली पट्टी) और हैंडकफ्स ऑर्डर किए, जबकि Blinkit पर पुरुषों के अंडरवियर की भी डिमांड देखी गई.नए साल की इस रात ने साफ कर दिया कि भारत में पार्टी मूड ऑन था!  

साल के पहले दिन 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला

मुंबई साल के पहले दिन 1 जनवरी को सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की चमक बढ़ गई है। आज यानी बुधवार को 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला। वहीं, चांदी के भाव में आज 117 रुपये की गिरावट है। आज चांदी 85900 रुपये के औसत रेट पर खुली। यह रेट आईबीए ने जारी किया है, जिसमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। सोना अपने ऑलटाइम हाई से 3147 और चांदी 12440 रुपये सस्ती हो गई है। 23 कैरेट गोल्ड का औसत भाव आज 371 रुपये महंगा होकर 76228 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 22 कैरेट गोल्ड का भाव भी 341 रुपये चढ़कर 70105 रुपये पर है। 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 279 रुपये बढ़कर 57401 रुपये पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड की कीमत भी 217 रुपये तेज होकर 44772 रुपये पर पहुंच गई है। Gold खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें 1. कीमत की जांच कर लें : जिन दिन खरीदना चाहते हैं, उस दिन का भाव इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (https://www.ibja.co/) पर जाकर जरूर पता कर लें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 2. वजन जरूर चेक करें : गहने के वजन का खास ध्यान रखें। इसमें जरा सा भी अंतर होने पर कीमत में बड़ा अंतर आ सकता है। इससे बचने के लिए ज्वेलर्स से सर्टिफिकेट भी मांग सकते हैं। 3. पक्का बिल ही लें : हॉलमार्क वाला सोना लेने के साथ खरीद का प्रामाणिक बिल प्राप्त करें। बिल में प्रत्येक वस्तु का विवरण, कीमती धातु का शुद्ध वजन, कैरेट में शुद्धता और हॉलमार्किंग शुल्क की आवश्यकता होनी चाहिए। 4. मेकिंग चार्ज पर करें मोल-भाव : इस शुल्क पर कोई सरकारी दिशा-निर्देश नहीं है और इसलिए ज्वेलर्स अपनी लागत के हिसाब से 2 फीसदी से 20 फीसदी तक वसलूते हैं। इसलिए मेकिंग चार्ज को लेकर मोल-भाव जरूर करें। ऐसा करने पर ज्वेलर इसमें थोड़ी बहुत छूट देते हैं।

नए साल पर Whatsapp के 50 करोड़ यूजर्स के लिए आई गुड न्यूज, आसानी से कर पाएंगे पेमेंट

नई दिल्ली  Whatsapp यूज करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए गुड न्यूज है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने Whatsapp Pay पर लगी यूपीआई यूजर्स की लिमिट तत्काल प्रभाव से हटा दी है। एनपीसीआई ने एक बयान में कहा कि इस सीमा को हटाए जाने के साथ ही Whatsapp Pay अब भारत में अपने सभी यूजर्स तक यूपीआई सर्विसेज का विस्तार कर सकता है। इससे पहले, एनपीसीआई ने Whatsapp Pay को चरणबद्ध तरीके से अपने यूपीआई यूजर बेस का विस्तार करने की अनुमति दी थी। पहले यह सीमा 10 करोड़ यूजर्स तक थी जिसे एनपीसीआई ने अब हटा दिया है। इस अधिसूचना के साथ एनपीसीआई ने Whatsapp Pay पर यूजर्स को जोड़ने की सीमा पर लगी पाबंदी हटा दी है। हालांकि Whatsapp Pay इस समय थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स पर लागू सभी यूपीआई दिशानिर्देशों और परिपत्रों का पालन करना जारी रखेगा। एनपीसीआई भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस स्ट्रक्चर को कंट्रोल करता है। यह देश में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली (आईबीए) के संचालन की मूल इकाई है। Whatsapp के भारत में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इसके लिए आपके स्मार्टफोन पर WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन होना चाहिए। WhatsApp खोलिए और Payments सेक्शन में जाइए। ऐड पेमेंट मेथड सेलेक्ट कीजिए। अपना बैंक चूज कीजिए और इससे जुड़ा फोन नंबर एंटर कीजिए। WhatsApp को एसएमएस भेजने और रिसीव करने की अनुमति दीजिए। इसके बाद अपना अकाउंट वेरिफाई करने के लिए UPI PIN डालिए। एक बार आपका अकाउंट वेरिफाई होने के बाद आप किसी को भी पैसा भेज सकते हैं।

नए साल की शुरुआत राहतभरी खबर से, 6 महीने बाद सस्ता हुआ LPG सिलेंडर! जानिए नए दाम

मुंबई नए साल (New Year 2025) की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एक राहत भरी खबर आई है. दरअसल, 1 जनवरी 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दाम में कटौती की है. गैस सिलेंडर के दाम दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक कम किए गए हैं. हालांकि, ये कटौती कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में की है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14 किलोग्राम वाले) की कीमतें नए साल की शुरुआत में भी स्थिर बनी हुई हैं, यानी इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इतना सस्ता हुआ LPG सिलेंडर 1 January 2025 यानी साल के पहले दिन 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी की गई हैं. IOCL की वेबसाइट पर अपडेट किए गए दाम के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 1 जनवरी से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर अब 1804 रुपये का हो गया है, जो कि बीते 1 दिसंबर को 1818.50 रुपये का था. यानी एक सिलेंडर का दाम 14.50 रुपये घट गया है. दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अन्य महानगरों में भी इसकी कीमतें बदली हैं. जानें इन शहरों में LPG सिलेंडर की नई कीमत बिहार की राजधानी पटना में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 2095.5 रुपये देने होंगे. जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1925 रुपये और नोएडा यानी गौतम बुद्ध नगर में 1802.50 रुपने देने होंगे. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 1 जनवरी 2025 से 2073 रुपये और झारखंड की राजधानी रांची में 1962.50 रुपये चुकाने होंगे. क्या होगा असर अब आपके लिए होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने का बिल जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. साथ ही ऑनलाइन फूड आर्डर करने पर भी आपको राहत मिल सकती है. 19 किलो वाला सिलेंडर होटल और ढाबा वाले ही इस्तेमाल करते हैं. इन्हें 14 किलो वाले सिलेंडर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. पिछले कई महीनों में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो रहा था जिसपर नए साल के पहले महीने में फिलहाल ब्रेक लग गया है. मुंबई-कोलकाता में ये है नया रेट राजधानी दिल्ली के अलावा कोलकाता में पहली जनवरी से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1927 रुपये से घटकर 1911 रुपये हो गई है. यहां एक सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price In Kolkata) में 16 रुपये की कटौती की गई है. इसके साथ ही मुंबई में सिलेंडर के दाम (Mumbai LPG Price) भी 15 रुपये कम हुए हैं और दिसंबर में 1771 रुपये में मिलने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम घटकर 1756 रुपये का रह गया है. चेन्नई की अगर बात करें, तो यहां 1980.50 रुपये वाला 19Kg Cylinder अब 1 जनवरी 2025 से 1966 रुपये का मिलेगा. दिसंबर के पहले दिन हुआ था महंगा इससे पहले बीते महीने दिसंबर की पहली तारीख को महंगाई का तगड़ा झटका लगा था और 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये 1 अगस्त के दाम पर ही मिल रहा है. 1 जनवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये दिल्ली में 803 रुपये का मिल रहा है. इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.

दुनियाभर की ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर, बढ़ती ऑयल की मांग

नई दिल्ली  दुनियाभर की कई ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर है। कारण है भारत में बढ़ती ऑयल की मांग। इस मामले में साल 2024 में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, अगले साल 2025 में भी चीन तेल की मांग के मामले में भारत के आसपास भी नहीं रहेगा। यह बात एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स ने कही है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के अनुसार ईंधन खपत मामले में भारत दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण भारत में रिफाइनरी में विस्तार हो रहा है। साथ ही क्रूड ऑयल की सोर्सिंग को भी बढ़ा रही है। भारत चूंकि तेल खपत में चीन को पीछे छोड़ चुका है। इसके चलते दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपनी संभावनाएं तलाश रही हैं। भारत होगा दुनिया में आगे एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स में मैक्रो और ऑयल डिमांड रिसर्च के ग्लोबल हेड कांग वू ने कहा कि भारत में आगे वाले समय में ऑयल की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऑयल मांग के मामले में भारत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के कई देशों को पीछे छोड़ सकता है। भारत चीन से कितना आगे?  वू ने कहा कि साल 2025 में भारत में तेल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी रहने का अनुमान है। वहीं चीन में यह तेजी 1.7 फीसदी रह सकती है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के पहले 10 महीनों में चीन की तेल मांग में 1,48,000 बैरल प्रतिदिन या 0.9 फीसदी की तेजी आई है। वहीं भारत में यह मांग 1,80,000 बैरल प्रतिदिन रही। ऐसे में भारत में ऑयल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी आई तो चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस वजह से माना जा रहा है कि भारत में साल 2025 में रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि होगी। भारत कहां से करता है आयात? भारत मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और साउथ-ईस्ट एशिया के देशों सहित कई देशों से तेल और गैस आयात करता है। भारत अपनी कच्चे तेल की 80 फीसदी से अधिक जरूरत के लिए आयात पर निर्भर करता है। घरेलू कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने और आयात में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। रूस के साथ कम हुई निर्भरता भारत अपने तेल की जरूरत रूस से भी पूरी करता है। हालांकि रूस से आने वाले तेल की हिस्सेदारी काफी कम है। डेटा के मुताबिक नवंबर में भारत ने रूस से अक्टूबर के मुताबिक 13 फीसदी कम तेल खरीदा। वहीं भारत ने मिडिल ईस्ट के साथ तेल खरीदने की क्षमता बढ़ा दी है। चीन में क्यों आई कमी? चीन में तेल की मांग में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि चीन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि चीन में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट की मांग में कमी बेहद कम रहेगी। ऐसे में चीन में तेल की मांग आंशिक रूप से कम रहेगी।

साल 2025 में देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल…

नई दिल्ली वर्ष 2024 आईपीओ का वर्ष था। इस दौरान हुंडई मोटर्स इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, स्विगी, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों ने बाजार से पैसा जुटाया। इस सप्ताह 8 आईपीओ खुलने के साथ ही भारतीय कंपनियों ने इस साल आईपीओ, योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और राइट्स इश्यू से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 2021 में 1.88 लाख करोड़ रुपये के पिछले रेकॉर्ड से 64% अधिक है। बैंकरों का कहना है कि यह ट्रेंड 2025 में भी जारी रहने की संभावना है। अगले साल देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल… आईआईएफएल कैपिटल में कॉरपोरेट फाइनेंस के प्रमुख पिनाक भट्टाचार्य ने कहा, ‘2024 में भारतीय कंपनियों द्वारा जुटाई गई महत्वपूर्ण राशि का श्रेय अनुकूल व्यापक आर्थिक माहौल, मजबूत इक्विटी बाजार और स्थिर नीतियों और विकास से प्रेरित निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिया जा सकता है। www.primedatabase.com के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 90 कंपनियों ने 1.62 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं या इसकी घोषणा की है। यह पिछले साल के 49,436 करोड़ रुपये से 2.2 गुना अधिक है। जारी रहेगा आईपीओ बूम? भारत का आईपीओ बूम 2025 तक जारी रहने की संभावना है। अगले साल एलजी इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक एलजी अपनी भारतीय यूनिट की वैल्यूएशन बढ़ाकर $15 अरब करने पर विचार कर रही है। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म फ्लिपकार्ट भी अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी में है। कंपनी की वैल्यूएशन 36 अरब डॉलर है। यह देश के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फर्म ने सिंगापुर से भारत में अपना एड्रेस स्थानांतरित करने के लिए आंतरिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। इसे IPO की ओर पहला कदम माना जाता है। साथ ही कई दिग्गज कंपनियां भी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग की योजना बना रही हैं। इसमें HDFC बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, केनरा बैंक और ग्रीव्स कॉटन शामिल हैं। दो सप्ताह पहले, ग्रीव्स कॉटन के बोर्ड ने अपनी सहायक कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए IPO को मंजूरी दी। इससे पहले, HDFC बैंक की NBFC आर्म HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने 12,500 करोड़ रुपये के IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। यह भारत की सबसे बड़ी NBFC पेशकश है। सबसे बड़ा आईपीओ 31 अक्टूबर को, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्रिगेड होटल वेंचर्स ने 900 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया। अगस्त में, हीरो मोटोकॉर्प की वित्तीय सेवा शाखा, हीरो फिनकॉर्प ने 2,100 करोड़ रुपये के शेयरों के नए निर्गम और 1,568 करोड़ रुपये के OFS वाले IPO के लिए अपना DRHP दाखिल किया। केनरा बैंक के बोर्ड ने पब्लिक ऑफर के जरिए अपनी म्यूचुअल फंड शाखा, केनरा रोबेको में 13% हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दी है। बैंकिंग स्रोतों के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स भी अपनी सहायक कंपनियों, रिलायंस जियो और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए आईपीओ की योजना बना रहे हैं। साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ भारत के प्राथमिक बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन था। वर्ष 2025 में ऐसा आईपीओ आ सकता है जो हुंडई मोटर इंडिया के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी इस साल अपने टेलीकॉम बिजनस जियो की लिस्टिंग कर सकते हैं। इसकी वैल्यू $100 अरब से अधिक है। रिलायंस की रिटेल कंपनी का आईपीओ भी बाद में लॉन्च किया जा सकता है। अंबानी ने 2019 में घोषणा की थी कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल को 5 साल में भीतर लिस्ट किया जाएगा लेकिन उसके बाद उन्होंने इस पर कोई अपडेट नहीं दिया है। कितनी है वैल्यूएशन हाल के वर्षों में अंबानी ने केकेआर, जनरल अटलांटिक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी कंपनियों से डिजिटल, टेलीकॉम और रिटेल व्यवसायों के लिए करीब $25 अरब जुटाए हैं। इससे जियो और रिलायंस रिटेल की वैल्यूएशन $100 अरब से अधिक हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस ने अब 2025 में रिलायंस जियो का आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाई है। उसे लगता है कि यह अब एक स्थिर व्यवसाय बन गया है और इसने रेवेन्यू फ्लो हासिल कर लिया है। हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया कि समयसीमा बदल सकती है। रिलायंस का लक्ष्य 2025 का जियो आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाना है।

घरेलू बेंचमार्क सूचकांक को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद

मुंबई घरेलू बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद हुए। 2024 का अंतिम दिन मामूली नुकसान के साथ समाप्त हुआ, हालांकि दिन के निचले स्तर से रिकवरी हुई। नुकसान मुख्य रूप से आईटी और रियलिटी शेयरों में हुआ, जबकि अन्य क्षेत्रों में बढ़त देखी गई। सेंसेक्स 109.12 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,139.01 पर बंद हुआ और निफ्टी 13.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,658 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 65.75 अंक या 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,887 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 36.30 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के बाद 57,153.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 123.35 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,763.30 पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजे और आम बजट को ध्यान में रखते हुए बाजार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर, 2,321 शेयर हरे और 1,648 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 110 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी, फाइनेंशियल सर्विस और रियलिटी टॉप लूजर्स रहे। जबकि, पीएसई, ऑयल एंड गैस, ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा और कमोडिटीज सेक्टर टॉप गेनर्स रहे। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, जोमैटो, टीसीएस, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर टॉप लूजर्स रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्रा टेक सीमेंट, टाटा स्टील, एसबीआई, टाटा मोटर्स और एलएंडटी टॉप गेनर्स रहे। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे के अनुसार, “कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने दिन के दौरान तेजी से सुधार किया। हालांकि, तकनीकी सेटअप में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि सूचकांक किसी भी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज को तोड़ने में विफल रहा। इसके बावजूद, पूरे सत्र के दौरान सेटिंमेंट में सुधार हुआ।” रुपया 0.12 रुपये की गिरावट के साथ 85.68 पर कारोबार कर रहा था, क्योंकि डॉलर इंडेक्स की हाल की 7 प्रतिशत की तेजी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव डालना जारी रखा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा, “रुपये के लिए तत्काल सीमा 85.55 और 85.80 के बीच होने की उम्मीद है क्योंकि बाजार नए ग्लोबल ट्रिगर्स का इंतजार कर रहे हैं।” विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 30 दिसंबर को 1,893.16 करोड़ रुपये की इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी दिन 2,173.86 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदे।

गलत खाते में फंड ट्रांसफर पर लगेगी लगाम, RTGS-NEFT में बड़ा बदलाव, RBI के इस कदम से कैसे होगा फायदा?

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए कदम उठाया है। इसके तहत केंद्रीय बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से एक ऐसी सुविधा विकसित करने को कहा है जिससे आरटीजीएस और एनईएफटी का उपयोग करने वाले ग्राहकों को उस बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की अनुमति मिल सके जिसमें पैसा भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2025 से प्रभाव में आएगी। रिजर्व बैंक ने सोमवार को एक सर्कुलर में कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) यानी वास्तविक समय पर भुगतान से जुड़ी प्रणाली और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण (NEFT) प्रणाली से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे एक अप्रैल, 2025 से पहले यह सुविधा प्रदान करें। अभी यूपीआई और आईएमपीएस व्यवस्था के तहत पैसा भेजने वालों को प्रक्रिया शुरू करने से पहले लाभार्थी के नाम को सत्यापित करने की सुविधा है। आरबीआई ने एक ऐसी ही सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे आरटीजीएस या एनईएफटी प्रणाली का उपयोग करके लेनदेन शुरू करने से पहले पैसा भेजने वाले को लाभार्थी के बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी। आरबीआई ने एनपीसीआई को यह सुविधा विकसित करने और सभी बैंकों को इसमें शामिल करने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि जो बैंक आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के भागीदार हैं, वे अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। धोखाधड़ी पर लगाम यह सुविधा लेनदेन करने के लिए बैंक शाखाओं में आने वाले व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय बैंक के सर्कुलर में कहा गया है कि इस पहल का मकसद आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली का उपयोग कर पैसा भेजने वालों के लिए गड़बड़ी और धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। इस व्यवस्था के तहत पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले उस बैंक खाते का नाम सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी, जिसमें पैसा स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे गलतियों और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। इस सुविधा के जरिये पैसा भेजने वालों की तरफ से दर्ज लाभार्थी की खाता संख्या और आईएफएससी के आधार पर बैंक के ‘कोर बैंकिंग सॉल्यूशन’ (सीबीएस) से लाभार्थी के खाते का नाम प्राप्त किया जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘लाभार्थी बैंक के जरिये प्रदान किया गया लाभार्थी खाता नाम प्रेषक को दिखाया जाएगा। यदि किसी कारण से लाभार्थी का नाम प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है, तो प्रेषक अपने विवेक से पैसा भेजने को लेकर कदम उठा सकता है।’ कैसे होगा समाधान आरबीआई ने कहा कि एनपीसीआई इस सुविधा से संबंधित कोई भी आंकड़ा नहीं रखेगा। विवाद की स्थिति में, पैसा भेजने वाला बैंक और लाभार्थी बैंक लुकअप संदर्भ संख्या और संबंधित लॉग के आधार पर मामले का समाधान करेंगे। ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के लाभार्थी खाता नाम देखने की सुविधा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।

सेंसेक्स और निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन को गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर की शुरुआत खराब रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE SENSEX) खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. बाजार में गिरावट के बीच बीएसई के 30 में से 26 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन मंगलवार को BSE का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,248.13 के लेवल से गिरकर 77,982.57 के लेवल पर ओपन हुआ था. शुरुआती कारोबार में ही ये 450 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,779.99 के स्तर तक आ गया. दूसरी ओर Sensex की तरह ही NSE के निफ्टी 50 में भी गिरावट देखने को मिली और ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,644.90 के लेवल से टूटकर 23,560 के स्तर पर ओपन हुआ. इसके बाद ये गिरावट और बढ़ी, जिसके चलते Nifty 100 अंक से ज्यादा गिरकर 23,527.85 के लेवल पर आ गया. Zomato से TCS तक ये 10 शेयर धराशायी शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के दौरान गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पोर्ट्स से लेकर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस और टाटा ग्रुप की टीसीएस तक के शेयर टूटे. लेकिन सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स के बारे में बात करें, तो लार्ज कैप में शामिल Tech Mahindra Share (2.27%), Infy Share (1.94%), TCS Share (1.83%) और Zomato Share (1.70%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से AWL Share (7.28%), Godrej India Share (4.70%), AU Bank Share (4.46%), Bharti Hexa Share (2.78%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर Ease My Trip का रहा जो 9.44% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, इसके अलावा IXIGO Share 3.74% टूटकर ट्रेड कर रहा था. सोमवार को भी टूटा था मार्केट इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई थी. हालांकि लंबी गिरावट के बाद पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार (Stock Market) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. लेकिन सप्ताह के पहले दिन बाजार में आई गिरावट के बीच मार्केट क्लोज होने पर निफ्टी50 करीब 168 अंक गिरकर 23644 पर क्‍लो‍ज हुआ था, तो वहीं सेंसेक्‍स 450 अंक फिसलकर बंद हुआ था. निफ्टी बैंक में भी 335 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी.

RBI ने साल 2024 में इन बैंकों का किया लाइसेंस रद्द, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

मुंबई  ग्राहकों के हित में और नियमों का उल्लंघन होने पर भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा सख्त कदम उठाता है। इस साल आरबीआई ने 11 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया है। ये बैंक हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। जमा राशि स्वीकार करने और लेनदेन पर भी रोक लग चुकी है। आरबीआई ने एक नोटिस जारी करते हुए इन सभी बैंकों का चालू रहना जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक बताया था। इनके पास  प्राप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थी। ऐसे में बैंकिंग में अधिनियम 1949 के कई प्रावधानों का उल्लंघन होता है। यह बैंक अपने वित्तस्थित के साथ जमा कर्ताओं को पुनर्भुगतान करने में भी असमर्थ थे। इसलिए सार्वजनिक हित को देखते हुए इन सभी बैंकों का लाइसेंस रद्द किया था। साल 2024 में इन बैंकों का लाइसेंस रद्द हुआ     दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश     श्री महालक्ष्मी मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दाभोई, गुजरात     द हिरीयुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हिरीयुर, कर्नाटक     जय प्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, बसमथनगर, महाराष्ट्र     सुमेरपुर मर्केंटाइल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सुमेरपुर, पाली राजस्थान     पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गाजीपुर, यूपी     द सिटी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र     बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वाराणसी     शिम्शा सहकारी बैंक नियमित, मद्दूर, मंडया, कर्नाटक     उरावकोंडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश     द महाभैरब को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तेजपुर, असम क्या ग्राहकों को मिले पैसे? जानें नियम (RBI Rules) DICGC अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत जब भी किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है। तब प्रत्येक ग्राहक जमा बीमा और गारंटी निगम से 5 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होता है।

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