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स्विफ्ट डिजायर ने हासिल किया माइलस्टोन, 30 लाख से ज्यादा यूनिट का प्रोडक्शन, 16 साल से भारत की नंबर-1 सेडान कार

मुंबई मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हाल ही में अपनी लोकप्रिय सेडान डिजायर के साथ एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है मारुति डिजायर ने 30 लाख यूनिट्स के संचयी उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल 17 सालों से कम समय में हासिल हुई है, जो इस सेडान की लोकप्रियता और भारत में सबसे पसंदीदा सेडान के रूप में इसकी स्थिति को दर्शाती है। मार्च 2008 में लॉन्च हुई डिजायर ने लगातार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर खुद को अपडेट किया है। मारुति सुजुकी की सेडान कैटेगिरी में मजबूती से अपनी जगह बनाई है। मारुति डिजायर का सफर मारुति डिजायर ने अपना पहला 10 लाख यूनिट का आंकड़ा अप्रैल 2015 में पार किया था। इसके बाद 20 लाख यूनिट का आंकड़ा जून 2019 में और 30 लाख यूनिट का आंकड़ा दिसंबर 2024 में हासिल किया है। सालों से इस सेडान ने चार जेन के रूप में अपडेट मिले हैं। 2008: पहली जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2012: दूसरी जेनरेशन का आगमन। 2017: तीसरी जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2024: चौथी जेनरेशन की डिजायर का डेब्यू, जिसमें प्रोग्रेसिव डिजाइन, दो-टोन इंटीरियर्स और कई नए फीचर्स हैं। सेडान सेगमेंट में लीडर मारुति डिजायर लॉन्चिंग के बाद से ही कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में मार्केट लीडर बनी हुई है। लगातार पिछले 16 सालों से भारत की नंबर 1 सेडान का खिताब अपने नाम किए हुए है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2008 के बाद से हर दूसरी कॉम्पैक्ट सेडान जो भारत में बेची गई है, वह डिजायर है। यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी है, जो इसे हर सेगमेंट के ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती है। ग्लोबल मार्केट में सफलता और निर्यात मारुति डिजायर ने भारतीय सीमाओं के बाहर भी अपना प्रभाव छोड़ा है। अक्टूबर 2008 से 48 देशों में इसका निर्यात किया जा रहा है। अब तक, 2.6 लाख यूनिट्स लैटिन अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व जैसे देशों में भेजी जा चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में डिजायर मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला मॉडल बना। प्रबंध निदेशक ने क्या कहा? मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी टकेउची ने कहा कि हम अपने ग्राहकों के आभारी हैं, जिनके विश्वास और समर्थन के कारण डिजायर ने 30 लाख उत्पादन का यह माइलस्टोन हासिल किया है। उनका फीडबैक हमें हमेशा बेहतर और इनोवेशन बनाने के लिए प्रेरित करता है। नई डिजायर एडवांस डिजाइन, एडवांस फीचर्स और शानदार माइलेज के साथ नए मानक स्थापित करती है। डिजायर ने हमारे लिए सेडान सेगमेंट में 16 सालों तक लगातार नेतृत्व बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। 2024 में लॉन्च हुई नई डिजायर ने 5-स्टार भारत NCAP सुरक्षा रेटिंग हासिल की है, जो इसे अब और भी बड़े सेल्स टारगेट की ओर बढ़ा रहा है। डिजायर की विश्वसनीयता और प्राइस इसे भारतीय ग्राहकों के लिए हमेशा की पहली पसंद बनाए रखते हैं।

PF के 5 बड़े नियम नए साल में बदलने वाले हैं, लाखों कर्मचारियों पर होगा सीधा असर!

नई दिल्‍ली अगर आप भी एक प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी हैं और हर महीने आपका पैसा पीएफ अकाउंट में जमा होता है तो नए साल यानी 2025 में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) साल 2025 में कई महत्‍वपूर्ण बदलावों से गुजरने वाला है, जिसका असर पूरे भारत में लाखों सैलरीड कर्मचारियों पर पड़ेगा. इन बदलावों का लक्ष्‍य अनुभव को बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सुव्‍यवस्‍थ‍ित करना और एम्‍प्‍लाई-एम्‍प्‍लॉयर ट्रांसपैरेंसी में सुधार करना है. इन बदलावों से लाखों भारतीय कर्मचारियों के फाइनेंशियल सेफ्टी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्‍मीद है. जिससे फ्यूचर के लिए ज्‍यादा मजबूत और सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित होगी. यहां कुछ ऐसे बदलाव के बारे में जानकारी दी जा रही है, जो साल 2025 में लागू हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में एक-एक जरूरी बात. एटीएम से पीएफ का पैसा रिपोर्ट के अनुसार, EPFO एक ATM कार्ड जारी करेगा, जिससे सदस्य चौबीसों घंटे पैसे निकाल सकेंगे. यह सदस्यों के लिए सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है. यह अनुमान है कि एटीएम निकासी की यह सेवा अगले वित्तीय वर्ष के दौरान लागू की जाएगी. कर्मचारी की कंट्रीब्‍यूशन लिमिट रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के EPF कंट्रीब्‍यूशन की लिम‍िट खत्‍म कर दी जाएगी. फिलहाल, कर्मचारी हर महीने अपने मूल वेतन का 12% ईपीएफ खाते में जमा करते हैं. हालांकि EPFO द्वारा तय 15,000 रुपये का उपयोग करने के बजाय, सरकार कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन के अनुसार कंट्रीब्‍यूट करने देने पर विचार कर रही है. इक्विटी लिमिट बढ़ाना कुछ रिपोर्टों के अनुसार, रिटर्न को बढ़ाने के लिए EPFO ईटीएफ इनकम के एक हिस्‍से को शेयरों और अन्‍य असेट में फिर से निवेश करने के लिए बारे विचार कर रहा है. इसे नए वित्त वर्ष के दौरान कभी भी लागू किया जा सकता है. किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन सितंबर 2024 में लेबल मिनिस्‍टर मनसुख मंडाविया ने सेंट्रलाइज पेंशन पेमेंट सिस्‍टम (CPPS) को अप्रूव किया था. जिसके तहत 7.8 मिलियन सदस्‍य किसी भी बैंक ब्रांच से कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन पर सकते हैं. यह नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. हायर पेंशन डेडलाइन कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को 31 जनवरी, 2025 तक कर्मचारियों का सैलरी डिटेल अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है. इसके अलावा, नियोक्ताओं को उच्च पेंशन आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए 15 जनवरी, 2025 तक ईपीएफओ द्वारा अनुरोधित स्पष्टीकरण प्रदान करना आवश्यक है. 

सरकार दे रही है बिज़नेस शुरू करने लिए 20 लाख का लोन, सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चलाई जाती है

नई दिल्ली भारत सरकार देश के लोगों के लिए बहुत सी योजनाएं चलाती है. जिनका अलग-अलग लोगों को लाभ मिलता है. सरकार देश के अलग-अलग लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इन योजनाएं लाती हैं. अगर आप शुरू करना चाहते हैं खुदका बिजनेस या फिर उसे बढ़ाना चाहतें है. और आपके पास पैसे नहीं है. तो इसके लिए भारत सरकार आपकी मदद करती है. भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चलाई जाती है. इस योजना के तहत सरकार बिजनेस शुरू करने के लिए लोन देती है. इसमें सरकार की ओर से तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. किस तरह कर सकते हैं इस योजना में लोन के लिए आवेदन चलिए आपको बताते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया. पीएम मुद्रा योजना में मिलता है 20 लाख का लोन भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही पीएम मुद्रा योजना में सरकार नॉन एग्रीकल्चर सेक्टर के छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को आर्थिक सहायता देती है. इस योजना के तहत सरकार छोटे कारोबारियों को और जो अपना नया कारोबार शुरू कर रहे हैं. उन युवा उद्यमियों को लोन मुहैया करवाती है. पहले प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन देती थी. जिसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक का कर दिया गया है.   योजना में तीन तरह के लोन मिलते हैं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत भारत सरकार तीन तरह के लोन देती है. जिनमें शिशु श्रेणी, किशोर श्रेणी और  तरुण श्रेणी शामिल होती है. शिशु श्रेणी में बात की जाए तो सरकार की ओर से 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है. तो वहीं किशोर श्रेणी के लिए  50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. इसके अलावा तरुण कैटेगरी के तहत 5 लाख से लेकर10 लाख तक लोन मिलता है. बता दें तरुण कैटेगरी में 20 लाख रुपये तक का लोन उनको मिलता है. जिन्होंने पहले लोन लेकर चुका दिया होता है.   ऐसे कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से किया जा सकता है. मुद्रा योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ऑफिशियल पोर्टल www.udyamimitra.in पर जाना होगा. तो वहीं ऑफलाइन आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी या एमएफआई की किसी भी ब्रांच जाकर अप्लाई किया जा सकता है .

गुवाहाटी हवाई अड्डे पर 2024 में यात्रियों, विमानों की आवाजाही बढ़ी

गुवाहाटी. गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआईए) ने अदाणी समूह द्वारा वाणिज्यिक परिचालन संभालने के बाद इस साल ‘अब तक का सबसे अधिक’ अंतरराष्ट्रीय यात्री और विमान आवागमन दर्ज किया। कंपनी ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। अदाणी समूह ने अक्टूबर, 2021 से एलजीबीआईए का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया था। बयान में कहा गया है कि इस हवाई अड्डे ने वर्ष के दौरान घरेलू यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की और नए घरेलू गंतव्यों को जोड़ा। इस सुविधा ने 62.6 लाख घरेलू और 85,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का प्रबंधन किया। घरेलू यात्रियों में से 30.9 लाख आगमन और 31.7 लाख प्रस्थान करने वाले थे। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में 47,578 ने आगमन और 38,528 ने प्रस्थान किया। एलजीबीआईए की तीन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों – पारो, मलेशिया और सिंगापुर के लिए सीधी उड़ानें हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या और हवाई यातायात संचलन (एटीएम) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष के दौरान हवाई अड्डे पर 44,746 घरेलू और 970 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन हुआ।

अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर में दो साल में 57.8 प्रतिशत की तेजी संभव : वेंचुरा सिक्योरिटीज

मुंबई. अग्रणी ब्रोकरेज कंपनी वेंचुरा सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अगले दो साल में अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों के लिए 3,801 रुपये के बाजार मूल्य का लक्ष्य रखा है जो मौजूदा स्तर से 57.8 प्रतिशत का उछाल होगा। अदाणी समूह की सबसे बड़ी कंपनी के शेयर का भाव फिलहाल 2,409 रुपये प्रति शेयर पर है। ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा है कि बहुत अच्छा करने की स्थिति में इसके भाव 138.6 प्रतिशत बढ़कर 5,748 रुपये प्रति शेयर पर भी पहुंच सकते हैं। नोट में कहा गया है, “हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 से 2026-27 के दौरान 20 प्रतिशत औसत वार्षिक वृद्धि (सीएजीआर) की दर से कंपनी का राजस्व 1,66,615 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। इस अवधि में उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 20 प्रतिशत और एंटरप्राइज वैल्यू (ईवी) बनाम ईबीआईटीडीए अनुपात 23.4 रहेगा। इससे शेयर की कीमत 5,748 रुपये पर पहुंच जाएगी। वेंचुरा के नोट की मानें तो अदाणी एंटरप्राइजेज तेजी से विकास कर रहा है। वित्त वर्ष 2024 से 2027 तक 17.5 प्रतिशत के सीएजीआर से कंपनी का समेकित राजस्व 1.56 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। वेंचुरा ने कहा है, “ईबीआईटीडीए और शुद्ध मार्जिन में क्रमशः 6.47 प्रतिशत से 18.3 प्रतिशत और 2.55 प्रतिशत से 5.9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। रिटर्न रेशियो – आरओई और आरओआईसी- में भी क्रमशः 5.63 प्रतिशत से 14.5 प्रतिशत और 0.99 प्रतिशत से 11.3 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है।” नोट में कहा गया है कि इस विकास में मुख्य योगदान एयरपोर्ट, सोलर और विंड टर्बाइन कारोबार में कंपनी के विस्तार और कॉपर कारोबार से प्राप्त राजस्व का योगदान होगा। वेंचुरा ने कहा कि अदाणी समूह की सर्वप्रमुख कंपनी ने अगले एक दशक में 6.5 लाख करोड़ से सात लाख करोड़ के पूंजी निवेश का लक्ष्य रखा है। इसमें एयरपोर्ट, डाटा सेंटर, कॉपर और ग्रीन हाइड्रोजन पर सबसे ज्यादा फोकस होगा। उसने कहा, “इस विस्तार के लिए पूंजी डेट के माध्यम से जुटाई जाएगी जिससे अगले कुछ वर्षों में डेट बनाम इक्विटी और डेट बनाम ईबीआईटीडीए का अनुपात बढ़ सकता है।”  

अब नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं

मुंबई शेयरों की ऑनरशिप पैटर्न को लेकर सेबी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। दरअसल अब नजदीकी रिश्तेदारों में शेयर ट्रांसफर को ऑनरशिप चेंज या मैनेजमेंट कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं माना जाएगा। नजदीकी रिश्तेदार जिसमें भाई-बहन, माता-पिता या पत्नी और संतान आते हैं। इन्हें ट्रांसफर करने पर इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। दरअसल इन नजदीकी रिश्तेदारों को विरासत या शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मैनेजमेंट चेंज या ऑनरशिप ट्रांसफर होने के कारण सेबी को अलग से सूचना देने की अब जरूरत नहीं होगी। शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई दरअसल बिचौलिया फर्मों को शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन इस गाइडलाइन में असमंजस की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल उठ रहा था कि क्या नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना भी ऑनरशिप चेंज माना जाएगा। लेकिन अब सेबी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि नजदीकी रिश्तेदारों को जिनमें पत्नी, माता-पिता, संतान और भाई-बहन शामिल है, को ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। लेकिन उनके सिवा रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना ओनरशिप चेंज माना जाएगा। इसके साथ ही अब शेयर ट्रांसफर करने की सूचना इन्वेस्टर एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट या इनसे जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियों को सेबी को देना होगी। सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया दरअसल सेबी को जानकारी देने वाली इन कंपनियों को मध्यस्थ या बिचौलिया फर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। दरअसल निवेशकों के हित की रक्षा के लिए सेबी द्वारा यह गाइडलाइन स्पष्ट की गई है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिसिस तो फर्म कंपनी के साथ संबंधों का कानूनी स्वरूप भी अब तय हो चुका है। आसान भाषा में समझा जाए तो, अगर पिता की मौत हो जाती है और उसका पुत्र मैनेजमेंट संभालता है, तो इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। यह प्रोपराइटरी पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया है।

देश में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी , साल 2024 में लग्जरी कारों का नया रेकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  क्या सस्ती कारों के दिन लदने वाले हैं? साल 2024 में लग्जरी कारों की डिमांड कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल हर घंटे ऐसी 6 लग्जरी कारों की बिक्री हुई जिनकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा थी। यानी हर 10 मिनट में एक लग्जरी कार बिक्री है। इन कारों में ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसे बड़े ब्रांड की कार शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक 5 साल पहले हर घंटे लग्जरी कारों की बिक्री की संख्या मात्र दो थी। ऐसे में इन 5 वर्षों में इसमें तीन गुना की तेजी आई है। इससे पता चलता है कि संपन्न वर्ग का विस्तार हो रहा है। इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार साल 2025 में लग्जरी कार निर्माता दो दर्जन से ज्यादा नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। कैसा होगा साल 2025? इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री 50 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह डिलियन ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि 2025 में इंडस्ट्री 8 से 10% की दर से बढ़ेगी।’ वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, ‘साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।’ साल 2024 में कैसी रही स्थिति? इस साल भी लग्जरी कारों की बिक्री में काफी तेजी आई है। मर्सिडीज-बेंज कारों की बिक्री की संख्या साल 2024 में 20 हजार हो जाएगी। कंपनी ने सितंबर तक नौ महीनों में बिक्री में 13% की वृद्धि दर्ज की जो 14,379 यूनिट थी। वहीं जनवरी से सितंबर के दौरान BMW इंडिया की बिक्री करीब 5% बढ़कर रेकॉर्ड 10,556 वाहन हो गई। ऑडी इंडिया ने कहा कि वह अगले साल बिक्री को फिर से बढ़ाने के लिए तैयार है। क्यों बढ़ रही लग्जरी कारों की बिक्री? देश में अरबपतियों की संख्या में तेज आ रही है। नाइट फ्रैंक की ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2024’ के अनुसार अल्ट्रा-रिच भारतीयों की संख्या 2023 में 13263 से 2028 में 50% बढ़कर 19908 हो जाने की उम्मीद है। भारत के बाद चीन (47%), तुर्की (42.9%) और मलेशिया (35%) का स्थान होगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ने से लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आई है।

भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी का 1.2 से 1.5 प्रतिशत तक रहेगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद के 1.2-1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की रिपोर्ट के अनुसार, सेवा निर्यात में तेजी और मजबूत रेमिटेंस (श्रमिक या प्रवासी हस्तांतरण) के सपोर्ट से उच्च व्यापार घाटे के बावजूद, देश का सीएडी वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद के 1.2 प्रतिशत पर सिमट गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के प्रवाह के कारण पूंजी खाता अधिशेष में वृद्धि हुई, जबकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश फ्लो (एफडीआई) अधिक दर्ज किया गया। जिसकी वजह से भुगतान संतुलन (बीओपी) अधिशेष वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के 2.5 बिलियन डॉलर की तुलना में 18.6 बिलियन डॉलर अधिक दर्ज किया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री अदिति गुप्ता ने कहा, “पिछले कुछ महीनों में भारत के एक्सटर्नल सेक्टर आउटलुक में कोई खास बदलाव नहीं आया है। नवंबर 2024 में व्यापार घाटे में तेज उछाल ने कुछ चिंताएं पैदा की हैं, लेकिन यह एक बार की बात हो सकती है, क्योंकि घाटा लगभग पूरी तरह से सोने के आयात में उछाल के कारण हुआ है।” कुल मिलाकर, भारत के भुगतान संतुलन को एफपीआई, ईसीबी और एनआरआई डिपोजिट्स से मजबूत प्रवाह का समर्थन मिला। इसके अलावा, व्यापारिक आयात में वृद्धि माल निर्यात में वृद्धि से आगे निकल रही है, जिसके कारण वित्त वर्ष 2014-15 के आधार पर व्यापार घाटा बढ़ गया है। गुप्ता ने कहा, “सकारात्मक पक्ष यह है कि सेवा निर्यात लचीला रहा है।” उन्होंने कहा, “तेल की कम कीमतों के बावजूद रेमिटेंस भी लचीला रहा है। आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लागू की जा रही संरक्षणवादी व्यापार नीति के बढ़ते खतरे एक्सटर्नल सेक्टर आउटलुक के लिए एक प्रमुख खतरा होंगे।” रिपोर्ट में कहा गया है कि, “हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 1.2-1.5 प्रतिशत के प्रबंधकीय दायरे में रहेगा।”

रिलायंस की 27 कंपनियों के मार्केट कैप में $1 अरब से ज्यादा गिरावट दर्ज

मुंबई  रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई दिग्गज कंपनियों के निवेशकों के लिए यह साल निराशाजनक रहा। भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न ओर बढ़ रही है। इस साल बीएसई 500 में शामिल कम से कम 27 कंपनियों के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर यानी करीब 8,500 करोड़ रुपये से अधिक गिरावट आई है। इनमें रिलायंस के अलावा एशियन पेंट्स, एचयूएल, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी ग्रीन एनर्जी और डीमार्ट शामिल हैं। वैल्यू के हिसाब से एशियन पेंट्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। परसेंटेज के हिसाब से सबसे ज्यादा नुकसान में जी एंटरटेनमेंट रही। इसके शेयरों में इस साल 54% गिरावट आई है। इस कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा मार्केट कैप गिरावट एशियन पेंट्स में रही। देश की सबसे बड़ी डेकोरेटिव पेंट्स कंपनी के शेयरों में इस दौरान अब तक लगभग 33% की गिरावट आई है। उसका मार्केट कैप में 1.07 लाख करोड़ रुपये गिरा है। कंपनी कमजोर मांग और मार्जिन दबाव से जूझ रही है। साथ ही उसे JSW तथा बिड़ला ग्रुप से भी तीव्र प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। रिलायंस का नुकसान भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न की ओर बढ़ रही है। रिलायंस के शेयरों में इस साल 5 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 93,000 करोड़ रुपये से अधिक घटकर लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि मार्केट कैप के हिसाब से यह अब भी भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। अडानी ग्रीन एनर्जी (89,648 करोड़ रुपये), एचयूएल (76,843 करोड़ रुपये), इंडसइंड बैंक (51,475 करोड़ रुपये) और अडानी एंटरप्राइजेज (50,951 करोड़ रुपये) मार्केट कैप के लिहाज से सबसे बड़े नुकसान में शामिल हैं। इसके अलावा नेस्ले इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, बर्जर पेंट्स, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एलटीआईमाइंडट्री, जी एंटरटेनमेंट, बंधन बैंक, टाटा एलेक्सी, टाटा कंज्यूमर और टाटा टेक्नोलॉजीज के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर से ज्यादा गिरावट आई है।

भारत में दूरसंचार और पे-टीवी सर्विस का रेवेन्यू 2029 में 50.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

नई दिल्ली मोबाइल डेटा और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट की बदौलत भारत में दूरसंचार और पे-टीवी सर्विस का रेवेन्यू 2024 में 44.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2029 में 50.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ग्लोबल डाटा की ‘इंडिया टेलीकॉम ऑपरेटर्स कंट्री इंटेलिजेंस रिपोर्ट’ के अनुसार, मोबाइल वॉयस सर्विस एआरपीयू में लगातार कमी के कारण पूर्वानुमान अवधि के दौरान मोबाइल वॉयस सर्विस रेवेन्यू में गिरावट आएगी, क्योंकि यूजर्स तेजी से ओटीटी कम्युनिकेशन प्लेटफार्मों की ओर रुख कर रहे हैं। ग्लोबल डाटा के दूरसंचार विश्लेषक श्रीकांत वैद्य ने कहा, “भारत में ग्राहक आधार के हिसाब से 4जी सबसे लीडिंग मोबाइल टेक्नोलॉजी है, जो 2024 में रजिस्टर्ड कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 68.9 प्रतिशत है। हालांकि, 2029 में यह हिस्सा घटकर 32.1 प्रतिशत रह जाने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण हाई-स्पीड 5जी सर्विस की ओर ग्राहकों का पलायन है।” दूसरी ओर, मोबाइल डेटा सर्विस रेवेन्यू पूर्वानुमान अवधि में 5.5 प्रतिशत की सीएजीआर पर बढ़ना जारी रखेगा, जो स्मार्टफोन अपनाने में निरंतर वृद्धि, मोबाइल इंटरनेट सब्सक्रिप्शन में वृद्धि और मोबाइल डेटा सर्विस की बढ़ती खपत से जुड़ा होगा। दूसरी ओर, वैद्य के अनुसार, 5डी सेवाओं का 2024 में कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन में 15 प्रतिशत हिस्सा होगा, जो 2029 में बढ़कर 61.8 प्रतिशत हो जाएगा, जो मोबाइल ऑपरेटरों द्वारा चल रहे 5जी नेटवर्क विस्तार से जुड़ा है। उदाहरण के लिए, एयरटेल का 5जी नेटवर्क सितंबर 2024 तक 140,000 गांवों तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सर्विस रेवेन्यू 2024-29 की अवधि में 6.2 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है, जो कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन में लगातार वृद्धि के अनुरूप है, खासकर एफटीटीएच/बी एक्सेस लाइनों पर। वैद्य ने कहा, “देश भर में फाइबर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के सरकार के प्रयासों के पीछे हाईर स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग और बढ़ती उपलब्धता पूर्वानुमानित अवधि में फाइबर ब्रॉडबैंड सर्विस को अपनाने को बढ़ावा देगी।” उदाहरण के लिए, देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 650 बिलियन रुपये (7.8 बिलियन डॉलर) की लागत वाले भारतनेट के तीसरे चरण की शुरुआत निकट भविष्य में होने की उम्मीद है।  

देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा

नई दिल्ली घरेलू सर्राफा बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। सोना आज 250 से 280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। सोने के भाव में तेजी आने की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये से लेकर 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 71,400 रुपये से लेकर 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आज मामूली तेजी आई है। इस तेजी के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में इसकी कीमत 91,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 77,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 71,300 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 77,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 71,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में तेजी आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना आज 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।    

ब्राजील की एंब्रेयर कंपनी ले रही बोइंग और एयरबस से लोहा

लंदन अजरबैजान एयरलाइंस का एक विमान कजाखस्तान में हादसे का शिकार हुआ। इसमें 38 यात्रियों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हो गए। यह विमान बाकू से रूस के ग्रोज्नी जा रहा था। विमान में कुल 62 यात्री और पांच क्रू मेंबर चालक दल के सदस्य थे। विमान के पक्षियों के झुंड के टकराने के कारण पायलट को एमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा। इस दौरान विमान में आग लग गई और वह दो टुकड़ों में टूट गया। विमान से दो बच्चों सहित 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कजाखस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ अजरबैजान एयरलाइंस का विमान एंब्रेयर कंपनी का था। यह कंपनी का ईआरजे-190 विमान था जो 11 साल पुराना था। जब भी एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनियों की चर्चा होती हैं, तब सबके जेहन में बोइंग और एयरबस का नाम आता है। बोइंग अमेरिका की कंपनी है, जबकि एयरबस यूरोपीय। लेकिन हाल के वर्षों में ब्राजील की एक कंपनी ने बोइंग और एयरबस से लोहा ले रही है। इस कंपनी का नाम एंब्रेयर है। हाल के वर्षों में बोइंग के विमानों के साथ कई तरह की समस्याएं आई हैं। इस कारण एंब्रेयर को अपना मार्केट बढ़ाने का मौका मिला है। बताया जा रहा हैं कि जल्दी ही यह बोइंग को पछाड़कर दुनिया की दूसरी बड़ी एयरक्राफ्ट मेकर कंपनी बनेगी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका की कई बड़ी एयरलाइन कंपनियां भी अब एंब्रेयर के विमान खरीद रही है। इतना ही नहीं सिंगापुर एयरलाइन सहित दुनियाभर की कई एयरलाइंस भी एंब्रेयर के विमानों पर दांव लगा रही हैं। भारतीय वायु सेना को मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की आपूर्ति के लिए एंब्रेयर ने इस साल फरवरी में महिंद्रा से हाथ मिलाया था। अभी भारतीय एयरलाइन कंपनियों, चार्टर्ड कंपनियों और डिफेंस फोर्सेज के पास 44 एंब्रेयर विमान हैं। कंपनी भारत में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए मोदी सरकार और दिग्गज कंपनियों से बातचीत कर रही है। इसकी वजह यह है कि देश में अगले कुछ वर्षों में विमानों को मांग में काफी तेजी आने की उम्मीद है।    

Osamu Suzuki: भारत में ‘मारुति 800’ की कहानी लिखने वाले ओसामू सुजुकी का निधन

टोक्यो ओसामु सुजुकी (Osamu Suzuki) जापान की प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन और लंबे समय तक इसके हेड रहे हैं. उन्होंने सुजुकी मोटर को एक ग्लोबल ऑटोमोबाइल ब्रांड के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनका 27 दिसंबर 2024 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. भारत में ‘मारुति 800’ की कहानी लिखने वाले- साल 1980 के दशक में, भारत में सस्ती और टिकाऊ कारों की कमी थी.ओसामु सुजुकी ने इस अवसर को पहचाना और भारतीय सरकार के साथ मिलकर काम करना शुरू किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- भारत में पहली कार, मारुति 800, 1983 में लॉन्च हुई. इसकी कीमत लगभग ₹47,500 थी, जो मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बेस्ट थी. ओसामु सुजुकी खुद इस प्रोजेक्ट में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे. उन्होंने भारतीय सड़कों की परिस्थितियों और कंज्यूर की जरूरतों को समझने के लिए भारत के गांवों का दौरा किया. यह कार भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की सबसे सफल कार बन गई और “लोगों की कार” कही जाने लगी. ओसामु सुजुकी का जीवन– ओसामु सुजुकी का जन्म 30 जनवरी 1930 को जापान के गिफु में हुआ था. उनकी शुरुआत शिक्षा काफी साधारण थी. लेकिन बाद में उन्होंने सोफिया यूनिवर्सिटी (Sophia University), जापान से पढ़ाई की. करियर की शुरुआत और सुजुकी मोटर से जुड़े-1958 में, ओसामु सुजुकी ने कंपनी जॉइन की. उन्होंने कंपनी के मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक पहलुओं में बड़ी भूमिका निभाई. साल 1978 में वे सुजुकी मोटर के अध्यक्ष बने. 2000 में वे कंपनी के चेयरमैन बने. भारक के साथ रिश्ता- ओसामु सुजुकी ने भारत में मारुति सुजुकी के साथ साझेदारी की स्थापना की. 1982 में, सुजुकी मोटर ने भारतीय सरकार के साथ साझेदारी की, और इसके बाद मारुति सुजुकी की स्थापना हुई. मारुति सुजुकी भारत में सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी बनी. सुजुकी को ग्लोबल ब्रैंड बनाया-ओसामु सुजुकी के नेतृत्व में, सुजुकी मोटर ने छोटे और सस्ते कार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई. कंपनी ने जापान, भारत, यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में अपने प्रोडक्ट  का विस्तार किया. भारत में ऑटोमोबाइल क्रांति-मारुति 800 जैसी कारों के माध्यम से, उन्होंने भारत में मिडल क्लास के लिए किफायती वाहन उपलब्ध कराए.  भारत में मारुति सुजुकी की सफलता को “ऑटोमोबाइल क्रांति” कहा जाता है. ओसामु सुजुकी ने 2021 में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट लिया.

देश में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से अक्टूबर में जुड़े 13.41 लाख सदस्य

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अक्टूबर में 13.41 लाख सदस्य जुड़े हैं। यह दिखाता है कि देश में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। यह बयान केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा बुधवार को दिया गया। अक्टूबर में ईपीएफओ से करीब 7.50 लाख नए सदस्य जुड़े हैं, जिनमें से 58.49 प्रतिशत 18-25 आयु वर्ग के थे। इस युवा आयु वर्ग की कुल संख्या 5.43 लाख है। मंत्रालय ने बताया है कि यह आंकड़ा पहले के रुझान के अनुरूप है, जो दर्शाता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं, जिसमें मुख्य रूप से पहली बार नौकरी की तलाश करने वाले लोग शामिल हैं। यह अर्थव्यवस्था में रोजगार के बढ़ते अवसरों का संकेत देता है। पेरोल डेटा से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 12.90 लाख सदस्य ईपीएफओ से बाहर निकल गए और फिर से इसमें शामिल हो गए हैं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2023 की तुलना में सालाना आधार पर 16.23 प्रतिशत अधिक है। इन ईपीएफओ सदस्यों ने अपनी नौकरी बदली और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले कंपनियों में फिर से शामिल हो गए। इन सदस्यों ने अंतिम निपटान के लिए आवेदन करने के बजाय अपने संचयित धन को स्थानांतरित करने का विकल्प चुना और इस प्रकार अपनी सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा का विस्तार किया। पेरोल डेटा का लिंग-वार विश्लेषण करने पर पता चलता है कि महीने के दौरान जोड़े गए नए सदस्यों में से लगभग 2.09 लाख नई महिला सदस्य हैं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2023 की तुलना में सालाना आधार पर 2.12 प्रतिशत अधिक है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि समीक्षा अवधि के दौरान कुल महिला सदस्यों की संख्या में वृद्धि करीब 2.79 लाख रही। महिला सदस्यों की संख्या में वृद्धि अधिक समावेशी और विविधतापूर्ण कार्यबल की ओर व्यापक बदलाव का संकेत देता है। पेरोल डेटा का राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि ईपीएफओ से जुड़े कुल सदस्यों में शीर्ष पांच और केंद्र शासित प्रदेशों की हिस्सेदारी 61.32 प्रतिशत की रही है।

सालभर धार्मिक स्थलों पर खूब गए लोग, Oyo की रिपोर्ट ने बताया किन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा बुकिंग

नईदिल्ली  साल 2024 में पुरी, वाराणसी, हरिद्वार अग्रणी धार्मिक गंतव्य रहे. ओयो रूम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में पुरी, वाराणसी और हरिद्वार सबसे अधिक यात्रा किए जाने वाले आध्यात्मिक गंतव्य रहे हैं जबकि हैदराबाद के लिए सबसे अधिक बुकिंग दर्ज की गई है.   यात्रा प्रौद्योगिकी मंच ओयो की ‘ट्रैवलपीडिया-2024’ रिपोर्ट जारी की गई, जिसे पूरे साल में ओयो के प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस साल धार्मिक पर्यटन पर विशेष जोर रहा जिसमें पुरी, वाराणसी और हरिद्वार शहरों के लिए सर्वाधिक बुकिंग दर्ज की गई.  इनके अलावा देवघर, पलानी और गोवर्धन में भी पर्याप्त वृद्धि देखी गई. सबसे ज्यादा बुकिंग ओयो की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर बुकिंग के मामले में शीर्ष स्थान पर रहे जबकि उत्तर प्रदेश ने यात्रा के लिए सबसे लोकप्रिय राज्य के रूप में अपना स्थान बनाए रखा. महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक यात्रा परिदृश्य में प्रमुख योगदानकर्ता बने हुए हैं. पटना, राजमुंदरी और हुबली जैसे छोटे शहरों के लिए बुकिंग में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. ओयो ने कहा,  इस साल छुट्टियों के दौरान यात्रा गतिविधियों में भी उछाल देखा गया. जयपुर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसके बाद गोवा, पुदुचेरी और मैसूर जैसे सदाबहार पसंदीदा स्थान हैं. हालांकि, मुंबई में बुकिंग में गिरावट देखी गई . ओयो के वैश्विक मुख्य सेवा अधिकारी श्रीरंग गोडबोले ने कहा,  2024 वैश्विक यात्रा परिदृश्य में बदलाव का साल रहा है. हमने देखा है कि यात्री व्यवसाय या अवकाश के लिए किस तरह लचीलेपन और अनुकूलनशीलता को अपना रहे हैं. 

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